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‘भारत ने ऐसा PM चुना जो पूरे अमेरिका-यूरोप को अनाज खिला सकता है’: विदेश मंत्री S जयशंकर ने गिनाए आँकड़े, मोदी सरकार के 9 साल के कामकाज

केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने मोदी सरकार के केंद्र में 9 वर्ष पूरा होने के अवसर पर देशवासियों के लिए किए गए कामकाज को गिनाया। केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना’ ने देश के 80 करोड़ लोगों को को भोजन दिया। उन्होंने बताया कि ये पूरे यूरोप और नॉर्थ अमेरिका की जनसंख्या के बराबर है। ऐसे ही, उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ का फायदा 40 करोड़ लोगों को मिला।

S जयशंकर ने बताया कि ‘पीएम जन धन योजना’ का फायदा उतने ही लोगों को मिला, जितनी यूरोप की पूरी जनसंख्या के बराबर है। फिर उन्होंने समझाया कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का लाभ 15 करोड़ लोगों को मिला, जो जापान की पूरी जनसंख्या के बराबर है। उन्होंने कहा कि इस देश ने ऐसा प्रधानमंत्री चुना है जिसने जो पूरे यूरोप और अमेरिका को अनाज देने की क्षमता रखता है, पूरे यूरोप को वित्तीय सपोर्ट दे सकता है और पूरे जापान को घर दे सकता है।

उन्होंने आगे आँकड़े गिनाते हुए समझाया कि प्रधानमंत्री ने उतनी जनसंख्या को गैस सिलिंडर की सुविधा दे दी, जितने लोग जर्मनी में रहते हैं। उन्होंने गिनाया कि ‘उज्ज्वला योजना’ का लाभ 9 करोड़ लोगों को मिला है। इसी तरह रूस की जितनी जनसंख्या है, उतने लोगों को बिजली का कनेक्शन दे दिया गया। उन्होंने बताया कि कैसे दुनिया भर में भारत को सम्मान मिल रहा है, क्योंकि यहाँ बहुत बड़ा परिवर्तन आ रहा है। विदेश मंत्री ने अमेरिका में भारत विरोधी नैरेटिव के लिए राहुल गाँधी पर भी निशाना साधा है।

‘इनलोगों ने किरदार को जिया नहीं है’: ‘आदिपुरुष’ की टीम पर रामानंद सागर वाली रामायण की ‘सीता’ ने साधा निशाना, कहा – सरेआम ऐसा नहीं करना चाहिए

फिल्म आदिपुरुष (Adipurush) के डायरेक्टर ओम राउत (Om Raut) द्वारा मंदिर परिसर में अभिनेत्री कृति सेनन (Kriti Sanon) को विदाई चुम्मा (Goodbye Kiss) देने पर विवाद हो गया है। रामायण सीरियल में सीता के चरित्र को जीवंत करने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने भी कहा कि इस हरकत की निंदा किया है।

दरअसल, तिरुपति में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किए जाने के बाद स्टारकास्ट ने 7 जून 2023 को वेंकटेश्वर मंदिर में दर्शन किए थे। दर्शन के बाद कृति सेनन वहाँ से निकलने लगीं तो ओम राउत उन्हें विदा करने आए और उन्हें गले लगाते हुए उनके गाल पर ‘गुडबाय किस’ किया। इस पर मंदिर के पुजारियों ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इन्हें ऐसी हरकत होटल में जाकर करनी चाहिए।

इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया यूजर ओम राउत और कृति सेनन को ट्रोल कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में स्टारकास्ट द्वारा की गई इस हरकत से उनकी धार्मिक भावना को ठेस पहुँची है।

सीता के किरदार को अमर कर देने वाली दीपिका ने आजतक से बातचीत में कहा कि आजकल के एक्टर्स के साथ यह बहुत बड़ी दिक्कत है कि वो न तो किरदार में घुसते हैं और न ही उसकी भावनाओं को समझ पाते हैं। उनके लिए रामायण महज एक फिल्म ही होगी। शायद ही उन्होंने अपनी आत्मा को इस फिल्म में झोंका होगा।

दीपिका ने कहा, “कृति आज की जनरेशन की एक्ट्रेस हैं। आज के दौर में किसी को किस या हग कर लेना एक स्वीट जेस्चर माना जाता है। उन्होंने खुद को कभी सीता जी समझा ही नहीं होगा। मैंने सीता के किरदार को जिया है। आज की अभिनेत्रियाँ उसे महज एक रोल समझकर निभाती हैं। फिल्म या प्रॉजेक्ट खत्म होने के बाद उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।”

दीपिका आगे कहती हैं, “हमारे समय में सेट पर किसी की मजाल नहीं थी कि वो हमारा नाम तक लेकर पुकारे। जब हम अपने किरदार पर होते थे तो सेट से ही कई लोग आकर हमारे पैर छूने लगते थे। वो दौर ही अलग था। उस समय हमें एक्टर समझा ही नहीं जाता था। हमें तो लोग भगवान ही समझ बैठे थे। हम तो किसी को गले तक नहीं लगा सकते थे, किस तो बहुत दूर की बात हो गई।”

अभिनेत्री दीपिका ने आगे कहा, “आदिपुरुष के रिलीज होने के बाद सभी एक्टर्स अपने दूसरे प्रॉजेक्ट्स में बिजी हो जाएँगे और किरदार को संभवत: भूल जाएँगे। हालाँकि, हमारे साथ ऐसा कभी हुआ ही नहीं। हमें तो ऐसा ट्रीट किया जाने लगा जैसे कि हम कहीं ऊपर से आए हुए भगवान हैं और इस दुनिया में रह रहे हैं। यही वजह है कि हमने भी कुछ ऐसा नहीं किया, जिससे लोगों की भावनाओं को चोट पहुँचे।”

हिजाब-धर्मांतरण वाले स्कूल के समर्थन में जुमे के दिन बड़े मजहबी जुलूस की साजिश, बच्चों का भी किया जा सकता है इस्तेमाल: बाल आयोग ने MP पुलिस को आगाह किया

मध्य प्रदेश के दमोह स्थित ‘गंगा जमुना स्कूल’ में हिन्दू छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए मजबूर किए जाने का मामला सामने आया था। जाँच हुई तो पता चला कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका समेत 3 शिक्षिकाओं ने भी इस्लामी धर्मांतरण कर रखा है। साथ ही जिले के कलक्टर पर भी स्कूल से मिलीभगत के आरोप लगे। DEO पर आक्रोशित लोगों के स्याही फेंकी। अब स्कूल के समर्थन में एक बड़े जुलूस के निकाले जाने की साजिश सामने आई है।

‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा, “मध्य प्रदेश के दमोह में बच्चों का इस्लाम में धर्मांतरण करने के लिए ग्रूमिंग करने वाले स्कूल के संचालकों द्वारा राज्य सरकार पर FIR वापस लेने व धर्मांतरण विरोधी अधिनियम के तहत कार्रवाई न करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से जुमे की नमाज़ के बाद एक बड़ा मजहबी जुलूस निकाले जाने की सूचना मिल रही है।”

उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि हाजी इदरीस बच्चों के अभिभावकों के छद्म आवरण में असामाजिक व अराजक तत्वों का भारी जमावड़ा कर सकता है एवं बच्चों इस्तेमाल भी कर सकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन को जानकारी दी जा रही है। बता दें कि हाजी इदरीस उक्त स्कूल का संचालक है। प्रशासन इतनी सुषुप्त अवस्था में था कि स्कूल में सालों से कट्टर इस्लामी खेल चल रहा था लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई तो दूर, इसकी कोशिश तक नहीं की।

दमोह के ‘गंगा जमुना हाई सेकेंडरी स्कूल’ की NIA से जाँच कराने के लिए भाजपा नेता सुरेंद्र शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। स्कूल के 1200 बच्चों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट करने की योजना सरकार ने बनाई है। स्कूल में भारत के नक़्शे से छेड़छाड़ की बात भी सामने आई है। बच्चों को प्रार्थना की जगह नमाज और दुआ पढ़ने को मजबूर किया जाता था। राज्य सरकार गंभीर हुई, तब जाकर इस मामले की जाँच शुरू हुई।

भाषण अरविंद केजरीवाल का, नारे मोदी-मोदी के… दिल्ली CM को हाथ जोड़ करनी पड़ गई विनती, वीडियो भी हो गया वायरल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार (8 जून 2023) को गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के ईस्ट दिल्ली कैंपस का उद्घाटन किया। इस दौरान जब वे लोगों को संबोधित करने लगे तो भीड़ ‘मोदी… मोदी…’ के नारे लगाने लगी। इससे सीएम केजरीवाल असहज हो गए और लोगों से कहा कि ‘ये सब बाद में कर लेना’।

मंच पर सीएम केजरीवाल के साथ उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना (VK Saxena) और भाजपा सांसद गौतम गंभीर भी बैठे थे। इस दौरान सीएम केजरीवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियों की बात कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने ‘मोदी… मोदी…’ के नारे लगाए।

इस दौरान मंच से हंगामा करने वालों को शांत कराने की कोशिश की गई, लेकिन ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंँजने लगे। इसके बाद सीएम केजरीवाल ने कहा, “काश, इन नारों से शिक्षा व्यवस्था अच्छी हो सकती तो 70 साल में बहुत हो गया होता। मुझे हाथ जोड़कर दोनों पार्टी (भाजपा और AAP) वालों से निवेदन है कि मेरी पाँच मिनट बातें सुन लो। अगर ना पसंद आए तो बाद में नारे लगा लेना।”

इस पर सीएम केजरीवाल ने लोगों के सामने हाथ भी जोड़े। उनके हाथ जोड़ने के बावजूद हंगामा होता रहा और लोग नारे लगाते रहे। इस दौरान अरविंद केजरीवाल माइक पकड़ चुपचाप खड़े रहे। इस बीच उनके समर्थक ‘अरविंद केजरीवाल जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे। कुछ देर बाद सब शांति हुई तो वे अपनी बात को आगे बढ़ाने लगे। इस बीच लोगों ने हंगामा कर दिया।

इस पर उन्होंने कहा, “अगर ऐसे डिस्टर्ब करेंगे तो हम बात ही नहीं कर सकते। हो सकता है कि आप लोगों को मेरे कुछ आयडियाज पसंद ना आएँ, हो सकता है कि आप लोगों को लगे कि केजरीवाल जो बोल रहा है वो सच नहीं है। ऐसा हो सकता है। आपसे विनती है कि मुझे कंप्लीट कर लेने दीजिए। किसी वक्ता के बीच में इस तरह बार-बार टिप्पणी करना, मुझे लगता है अच्छी बात नहीं है।”

सीएम केजरीवाल ने कहा कि इस देश में जनतंत्र है और बोलने का अधिकार सबको है। मैं किसी को गाली-गलौच नहीं कर रहा हूँ। मैं अच्छी बातें कर रहा हूँ। पसंद आए तो ठीक है, ना पसंद आए तो ना सही।” इसके बाद केजरीवाल जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इस पर उन्होंने भीड़ को चुप रहने का इशारा किया और अपनी बात को आगे बढ़ाई।

मध्य प्रदेश की सृष्टि और बिहार के रंजन – दोनों की मौत… ढाई साल की बच्ची का 50 तो 11 साल के बच्चे का 25 घंटे चला था रेस्क्यू ऑपरेशन

लगभग 3 दिनों तक चली जद्दोजहद के बाद मध्य प्रदेश के सीहोर में फँसी सृष्टि को निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। उधर बिहार के सासाराम में पिलर में फँसे बच्चे को भी निकाल लिया गया, लेकिन उसकी जान भी नहीं बचाई जा सकी। इन दोनों ही मासूमों को लेकर देश भर की निगाहें लग हुई थीं, लेकिन उनकी मौत की खबर सुन कर लोग स्तब्ध हैं। इन मासूमों को बचाने के लिए कई लोगों की टीम भी लगाई गई थी।

मध्य प्रदेश: सीहोर में सृष्टि की मौत, रेस्क्यू के बाद आई बुरी खबर

ये घटना मुंगावली की है, जहाँ मंगलवार (6 जून, 2023) को ढाई साल की सृष्टि 300 फ़ीट गहरे बोरवेल में घुस गई थी। उसे गुरुवार को रेस्क्यू तो कर लिया गया और इसके बाद तुरंत ही अस्पताल भी भेजा गया, लेकिन वहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सृष्टि को बचाने के लिए रोबोटिक्स टीम को लगाया गया था। रोबोटिक्स एक्सपर्ट्स की टीम गुरुवार की सुबह ही घटनास्थल पर पहुँची थी। भारतीय सेना, NDRF और SDRF के अलावा स्थानीय प्रशासन भी इसमें लगा हुआ था।

रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अचानक से मौसम खराब हो गया था और तेज आँधी के साथ-साथ बारिश भी शुरू हो गई थी। गुरुवार की शाम आखिरकार बच्ची को बाहर निकालने में सफलता मिली, लेकिन अब उसकी मौत हो गई है। सृष्टि खेलते-खेलते बोरवेल में गिरी थी। पहले वो 20 फ़ीट की गहराई में फँसी थी, जिसके बाद वो 100 फ़ीट की गहराई में फिसल गई। पथरीले इलाके में बोरवेल के सामानांतर खुदाई की गई। बचाव कार्य में लगी मशीनों के कंपन के कारण भी वो फिसल गई थी। उसके कपड़े भी फट गए थे।

बिहार: रोहतास में पिलर में फँसे 11 साल के बच्चे की मौत

इसी तरह बिहार के रोहतास फ़्लाइपवेर में एक 11 साल का बच्चा फँस गया था। रंजन को भी रेस्क्यू किए जाने के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई थी। यहाँ रेस्क्यू के लिए एप्रोच रोड के स्लैब को बुलडोजर से तोड़ना पड़ा था। डॉक्टरों ने जानकारी दी है कि 8-10 घंटे पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। रंजन मानसिक रूप से बीमार था। वो बुधवार को ही गायब हो गया था, ऐसे में उसकी खोजबीन चल रही थी।

एक महिला ने जब पुल के पास रोते हुए बच्चे की आवाज सुनी तो पुलिस को सूचित किया गया। उक्त मामला नासरीगंज पुलिस थाने के दाउदनगर स्थित सोनपुल का है। पिलर से बच्चे को निकालने के लिए NDRF को भी बुलाया गया था। साथ ही पुल से जुड़ी एक टीम भी वहाँ पर थी। पहले परिजनों ने ही बच्चे को निकालने की कोशिश की थी, लेकिन वो सफल नहीं हो पाए थे। पुल के पिलर नंबर 1 और स्लैब के बीच गहराई में बच्चा फँसा हुआ था। एनडीआरएफ की टीम ऑक्सीजन सिलिंडर लेकर पहुँची थी।

बलात्कार किया, सिर पर हथौड़ा मारा, फंदे पर लटका दिया… कई दिनों से 10वीं की छात्रा को परेशान कर रहा था शाहिद, घर में घुस कर दी हत्या

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बलात्कार और हत्या का एक मामला सामने आया है, जिससे सनसनी मच गई है। जिस लड़की की हत्या हुई है, वो नाबालिग है। उसकी उम्र मात्र 16 साल है। पुलिस ने इस मामले में शाहिद नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। पहले नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया गया, फिर उसकी हत्या कर के शव को फंदे से लटका दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर शव को फंदे से उतारा।

उक्त घटना इंदिरानगर के तकरोही इलाके की है। पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर के आगे की जाँच शुरू कर दी है। सीनियर अधिकारियों की ओर से तुरंत आरोपित को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश मिला। लड़की का शव उसी के घर में ही फंदे से लटका मिला, इसका मतलब है कि शाहिद ने उसके घर में घुस कर इस कृत्य को अंजाम दिया। इस घटना में और भी लोग शामिल थे या नहीं, इसका पता लगाया जा रहा है।

पिता ने अपनी शिकायत में बताया है कि शाहिद नाम का मुस्लिम युवक उनकी बेटी को काफी पहले से परेशान कर रहा था। जब ये घटना हुई, उस समय परिवार वाले बाजार गए हुए थे। तभी पिता को मोहल्ले के एक व्यक्ति ने फोन कर के जानकारी दी कि उनके घर से चीखने-चिल्लाने की आवाज आ रही है। जब तक परिवार वाले वहाँ पहुँचते, शाहिद भाग चुका था। पिता ने इससे पहले शाहिद को चेताया भी था कि वो उनकी बेटी को परेशान करना बंद करे।

इंदिरा नगर की पुलिस ने बताया है कि शाहिद से पूछताछ चल रही है। लड़की के शव के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि होगी। ये भी सामने आया है कि शाहिद ने लड़की के सिर पर हथौड़ा मारा था। ये घटना बुधवार (7 जून, 2023) को करीब साढ़े 4 की है। मृतका 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। जब परिजनों ने लड़की का शव देखा, उस समय उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे।

मुस्लिम युवकों से शादी करना चाहती थीं 2 हिन्दू बहनें, माँ ने मना किया तो कुएँ में कूद कर ली आत्महत्या

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (Tiruchirapalli) में अलग समुदाय के लड़के के साथ शादी की अनुमति नहीं देने पर दो सगी बहनों ने आत्महत्या कर ली है। दोनों बहनें मुस्लिम समुदाय के दो लड़कों से शादी करना चाहती थीं। दोनों लड़के भी आपस में सगे भाई हैं। हालाँकि, माता-पिता को अलग धर्म में बेटियों की शादी मंजूर नहीं थी।

तिरुचिरापल्ली पुलिस के अनुसार, 21 साल की विद्या और 23 साल की गायत्री का शव वलनाडु गाँव के एक कुएँ में मिला। इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि वह मामले की हर एंगल से जाँच कर रही है।

विद्या और गायत्री के पिता पिचाई और माँ अखिलंदेश्वरी दिहाड़ी मजदूर हैं। दोनों बहनें कोयंबटूर के पास कांगेयम के एक कपड़ा मिल में काम करती थीं। वहीं पर दो मुस्लिम भाई वहीं काम करते थे। कुछ साल पहले दोनों बहनों की उन दोनों लड़कों से दोस्ती हो गई। यह दोस्ती प्यार में बदल गईं।

दोनों बहनें अपने प्रेमियों से घंटों तक फोन पर बातें करती थीं। माँ ने देखा कि उनकी बेटियाँ फोन पर लंबे समय तक बातें करती हैं। इसके बाद दोनों बहनों की माँ ने उनसे इस बारे में पूछा। पूछताछ में दोनों बहनों ने बताया कि उनकी मील में ही काम करने वाले दो भाइयों से वे प्यार करती हैं।

जब दोनों बहनों ने बताया कि दोनों लड़के दूसरे धर्म के हैं तो माता-पिता शादी के लिए तैयार नहीं हुए। माता-पिता ने दोनों बहनों को इस संबंध में उन्हें खूब समझाया, लेकिन वे नहीं मानीं। कुछ देर बाद दोनों बहनें घर से निकल गईं और काफी देर तक नहीं लौटीं।

इसके बाद गाँव वालों ने कुएँ के पास ही दो मोबाइल फोन देखा। जब वे कुएँ में झाँक कर देखा तो दो लड़कियों की लाश तैर रही थी। इसके बाद गाँव वालों ने परिजनों और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँच गई।

थुवरनकुरिची थाने की पुलिस ने कुएँ से दोनों बहनों के शव निकाले। इस दौरान पता चला कि आत्‍महत्‍या से पहले लडकियों ने अपनी माँ को एक ऑडियो मैसेज भेजा था। वहीं, एक लड़की ने अपने हाथ में अपना नाम लिखा तो दूसरी युवती ने अपने छोटे भाई का मोबाइल नंबर लिखा था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि दोनों बहनें धार्मिक सीमाओं के पार जाकर प्यार और रिश्तों को लेकर दुविधा में थीं। दोनों बहनें रविवार (4 जून 2023) को अपने पैतृक गाँव में एक मंदिर उत्सव में भाग लेने के लिए घर आई थीं। मंगलवार (6 जून 2023) को यह घटना हो गई।

इंडोनेशिया में प्रेमी जोड़े को मिली कार में किस करने की सज़ा: लोगों के सामने दोनों पर बरसाए गए 21-21 कोड़े, दर्द से कराहती युवती जमीन पर गिर पड़ी

इंडोनेशिया में एक अविवाहित जोड़े को कार में एक-दूसरे को किस करना भारी पड़ा। लोगों के सामने उन पर खुलेआम कोड़े बरसाए गए। जब दोनों पर कोड़े बरसाए जा रहे थे, तब लोग इनकी तस्वीरें लेते रहे। जहाँ महिला की उम्र 23 वर्ष बताई जा रही है, वहीं पुरुष की उम्र 24 साल है। इन दोनों को एक कार पार्किंग में एक-दूसरे के करीब जाते हुए देखा गया, जिसके बाद प्रशासन को सतर्क किया गया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

फिर दोनों पर 21-21 कोड़े बरसाए जाने की सज़ा सुनाई गई। ये घटना सुमात्रा द्वीप स्थित बुस्तानल सलातीन कॉम्प्लेक्स की है। कोड़े से पीटे के जाने के दौरान महिला जमीन पर गिर गई और बचाने के लिए चिल्लाने लगी, लेकिन लोग वहाँ फोटो-वीडियो लेते रहे। इस दौरान एक पुलिस अधिकारी माइक लेकर खड़ा था, जो कोड़े बरसाए जाने वालों को निर्देश दे रहा था और साथ ही वहाँ मौजूद भीड़ को भी कुछ कह रहा था।

इस दौरान महिला एवं पुरुष को एक-एक कर के सज़ा दी गई। पहले तो इस जोड़े को 25-25 बार कोड़े से पीटे जाने की सज़ा सुनाई गई थी, लेकिन अंत में इसे घटा दिया गया। बंदा ऐसेह प्रॉसिक्यूटर ऑफिस के क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन सेक्शन के मुखिया ने कहा कि इन दोनों ने ‘जिनायत कानून’, अर्थात इस्लामी कानून का उल्लंघन किया है। दोनों को उले ली हार्बर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जब एक पुलिसकर्मी कार चेकिंग के दौरान वहाँ पहुँचा।

बता दें कि इंडोनेशिया में लगभग 90% लोग इस्लाम का अनुसरण करते हैं। वहाँ के कुछ राज्यों में इस्लामी कानून भी चलता है, जो केंद्रीय कानून को भी बाईपास कर सकता है। इसके तहत किसी जोड़े को सार्वजनिक जगहों पर करीब आना भी मना है। ‘शरिया पुलिस’ इसके बाद कार्रवाई करती है। इससे पहले अफगानिस्तान और सीरिया जैसी जगहों से भी ऐसी तस्वीरें सामने आ चुकी हैं, जिनमें खासकर महिलाओं पर अत्याचार किया जा रहा हो।

कनाडा में खालिस्तानियों ने निकाली इंदिरा गाँधी की हत्या की झाँकी, विदेश मंत्री जयशंकर की चेतावनी – यह कनाडा के लिए बिल्कुल ठीक नहीं

कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या की झाँकी निकाली। इस झाँकी में इंदिरा गाँधी की हत्या करते हुए दिखाया गया है। भारत ने इसका सख्त विरोध किया है। भारत के विरोध के बाद कनाडा के राजदूत ने कहा कि कनाडा में नफरत और हिंसा के लिए जगह नहीं है।

बता दें कि पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकी जरनैल से भिंडरांवाले के खिलाफ प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने ऑपरेशन का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद 1 जून 1984 से 8 जून 1984 तक सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया था। इसके पाँच महीने बाद 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गाँधी की हत्या उनके दो सिख अंगरक्षकों ने कर दी थी।

मामला कनाडा के ब्रैम्पटन शहर का है। खालिस्तान समर्थकों ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39वीं बरसी पर 4 जून को परेड निकाला था। इस दौरान एक झाँकी भी निकाली गई थी, जिसमें ऑपरेश ब्लू स्टार का आदेश देने वाली प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या करते हुए दिखाया गया है।

इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में इंदिरा गाँधी खून से सनी सफेद साड़ी में हाथ ऊपर उठाए खड़ी दिख रही हैं। वहीं, पगड़ी बाँधे आदमी उनकी तरफ बंदूक ताने खड़े हैं। इस झाँकी के पोस्टर के पीछे लिखा था, ‘बदला’। इस वीडियो को ट्वीट करते हुए कॉन्ग्रेस के नेता मिलिंद देवड़ा ने भी कनाडा सरकार पर सवाल उठाया है।

वीडियो सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वहीं, भारत का विदेश मंत्रालय ने भी कनाडा को लताड़ लगाई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि कनाडा में इस तरह की घटना दोनों देशों के लिए सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा की जमीन का इस्तेमाल भारत विरोध के लिए नहीं होना चाहिए।

जयशंकर ने कहा, “मुझे लगता है कि इसमें एक बड़ा मुद्दा शामिल है। हमें वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठना होगा। ये बड़ा मुद्दा है कि क्या कनाडा अपनी जमीन अलगाववादियों, चरमपंथियों, हिंसा की वकालत करने वाले लोगों को दे रहा है। मुझे लगता है कि यह रिश्तों के लिए अच्छा नहीं है और विशेषकर कनाडा के लिए तो बिल्कुल सही नहीं है।”

दोनों देशों के बीच तल्खी की झलक कनाडा के NSA के बयान से मिलता है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार में राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉडी थॉमस ने एक बयान में कहा था कि भारत उनके देश के आंतरिक मामलों में हस्‍तक्षेप करता है। इसके बाद जयशंकर ने कहा, ‘उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे’।

हालाँकि, इंदिरा गाँधी की झाँकी वाले मसले पर विरोध के बाद भारत में कनाडा के राजदूत कैमरून मैके ने इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि कनाडा में भारतीय प्रधानमंत्री की हत्या का जश्न मनाने की खबरों से वह हैरान हैं। उन्होंने कहा, “कनाडा में नफरत या हिंसा के महिमामंडन के लिए कोई जगह नहीं है। मैं इन गतिविधियों की कड़ी निंदा करता हूँ।”

इसके पहले ट्रुडो सरकार ने कनाडा में पढ़ाई करने वाले 700 छात्रों को वापस भेजने की बात कही थी। कनाडा की सरकार ने इन सभी छात्रों पर फर्जी ऑफर लेटर के माध्यम से एडमिशन लेने का आरोप लगा है। अब इन छात्रों पर वापस भेजने का खतरा मंडरा रहा है। खालिस्तानियों को लेकर दोनों देशों के बीच उत्पन्न हुई कड़वाहट का नया शिकार ये छात्र बनते दिख रहे हैं।

कनाडा में पंजाब से जाकर बसने वालों सिखों की अच्छी-खासी आबादी है। वहाँ की वर्तमान सरकार वोट बैंक की राजनीति के चलते खालिस्तानियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करती। इस कारण खालिस्तान समर्थक कनाडा में खुलेआम भारत विरोधी कार्यों में लगे रहते हैं। वहाँ हाल के दिनों में हिंदू मंदिरों पर हमलों में भी वृद्धि हुई है।

झूठा SC/ST आरोप लगाने वाली प्रोफेसर के खिलाफ सड़क पर BHU के छात्र: 65 प्राध्यापकों के समूह ने भी की थी शिकायत, गाली-गलौच और जूता उठाने के वीडियो भी

वाराणसी में स्थित ‘बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU)’ के छात्र एक बार फिर से धरने पर है। छात्रों के विरोध प्रदर्शन का कारण है प्रोफेसर शोभना नार्लीकर, जो बात-बात में SC/ST एक्ट लगाने की धमकी देती रहती है। उनके कई वीडियोज भी वायरल हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि स्थानीय पत्रकारों से लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया तक उनके मुद्दे को नहीं उठा रहे। हालाँकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

प्रोफेसर शोभना नार्लीकर को BHU के पत्रकारिता विभाग का अध्यक्ष (HOD) बनाया गया है। कुछ छात्र ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ में इंटर्नशिप के लिए चयनित हो गए थे। जब वो प्रोफेसर शोभना नार्लीकर के पास हस्ताक्षर के लिए गए, तो उन्होंने बिना कारण मना कर दिया। छात्रों का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ न सिर्फ गाली-गलौच की गई, बल्कि उन पर झूठा मुकदमा भी दायर कर दिया गया।

इसके बाद BHU पत्रकारिता विभाग के दर्जनों छात्र विश्वनाथ मंदिर की तरफ जाने वाली सड़क को अवरुद्ध कर के डिपार्टमेंट के सामने ही धरने पर बैठ गए। लगभग 15 दिनों तक चले इस धरने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जाँच का आश्वासन दिया, तब जाकर धरना रुका। लेकिन, छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन जल्द फिर से शुरू हो सकता है। छात्रों की माँग थी कि न सिर्फ एक समिति बना कर शोभा नार्लीकर पर लगे आरोपों की जाँच हो, बल्कि तब तक उन्हें पदमुक्त कर के भी रखा जाए।

ऑपइंडिया से बात करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि उनके खिलाफ अमानवीय हरकतें कर उलटा साजिश रचे जाने की करतूतों को अब वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दरम्यान धरने पर बैठे छात्रो से चीफ प्रॉक्टर समेत विश्वविद्यालय के आला अधिकारियों ने कई राउंड बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों का गुस्सा कम नहीं हुआ। बता दें कि BHU के कला संकाय के अंतर्गत आने वाले पत्रकारिता के छात्र अब भी आक्रोशित हैं।

हमने इन छात्रों से पूछा कि आखिर उनके प्रदर्शन का कारण क्या है? इस पर उन्होंने बताया कि छात्रों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों के साथ विभागाध्यक्ष का रवैया अच्छा नहीं है। छात्रों ने बताया कि पूर्व में कई प्राध्यापकों पर प्रोफेसर शोभना नार्लीकर द्वारा SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दायर किया जा चुका है, लेकिन इनमें से अधिकतर निर्दोष साबित हो चुके हैं। स्कॉलरशिप, इंटर्नशिप या खेल के अलावा हॉस्टल वगैरह से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने आए छात्रों से वो दुर्व्यवहार करती हैं।

BHU के 65 शिक्षकों ने प्रोफेसर शोभना नार्लीकर के खिलाफ कुलपति को दी थी शिकायत

छात्रों का कहना है कि उन्हें मना कर के वापस भेज दिया जाता है, जिससे उनके करियर पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है। एक छात्र ने बताया कि जब वो विभाग में अव्यवस्था को लेकर शिकायत लेकर गया तो प्रोफेसर शोभना नार्लीकर ने उसका करियर खा जाने की धमकी दी। परीक्षा की कॉपियाँ अपने अंतर्गत लेकर छात्रों के प्राप्तांकों से मनमाने छेड़छाड़ का भी आरोप है। एक छात्रा ने बताया कि उसे अपशब्द कह कर प्रोफेसर शोभना नार्लीकर ने अपने दफ्तर से भगा दिया।

सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि कुछ प्रोफेसर भी उनके खिलाफ हैं। पठन-पाठन के कार्य में इस प्रकरण के कारण बाधा आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि वो हर बात पर अपने पद व अपनी कुर्सी की धमक दिखाती है। छात्रों का कहना है कि उनकी माँगों पर अमल नहीं किया गया तो वो भविष्य में आमरण अनशन भी करेंगे। खास बात ये है कि पूर्व में कई प्रोफेसरों ने भी उनके खिलाफ सड़क पर विरोध प्रदर्शन का रुख अख्तियार किया था।

उसी विभाग में एक प्रोफेसर पंकज कुमार हैं, जिन पर SC/ST एक्ट के तहत शोभना नार्लीकर ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद 65 शिक्षकों का एक समूह कुलपति के समक्ष शिकायत लेकर पहुँचा था। तब भी कुलपति ने दोनों तरफ के आरोपों की न्यायिक जाँच का भरोसा दिया था। रिटायर्ड जस्टिस कलीमुल्लाह के नेतृत्व में एक समिति बनी भी थी। ऑपइंडिया के पास वो FIR कॉपी भी मौजूद है, जिसमें प्रोफेसर पंकज पर शोभना नार्लीकर ने मामला दर्ज कराया है।

इसी तरह एक हैं प्रोफेसर शिशिर बसु, जिन पर SC/ST एक्ट के तहत शोभना ने मुकदमा दायर किया था। लेकिन, वाराणसी की ही एक कोर्ट ने उन्हें लगभग 10 साल बाद 2022 में निर्दोष करार दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पीड़िता ने 2003 से ही प्रताड़ना की बात कही थी, लेकिन शिकायत दर्ज कराने में एक दशक लगा दिया गया। अदालत ने इसे शैक्षणिक विवाद करार देते हुए कहा कि अभियोजन घटना या इसकी दिन-तारीख़ को साबित करने में नाकाम रहा।

SC/ST एक्ट के मामले में कोर्ट का आदेश, नहीं साबित हुआ मामला

वहीं पंकज कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप में शोभना नार्लीकर ने कहा था कि उन्हें जातिसूचक शब्द कह कर गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं। ऑपइंडिया के पास अदालत के इस आदेश की भी प्रति मौजूद है, जिसमें लिखा है कि पीड़िता BHU के कामकाज से विक्षुब्ध रही है और उसने इसमें यौन शोषण का आरोप लगा दिया। शोभना नार्लीकर ने प्रोफेसर बसु द्वारा उनके खिलाफ छात्रों से अश्लील हरकत कराए जाने का आरोप लगाया था, लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसका कोई गवाह-सबूत नहीं मिला।

कोर्ट ने ये भी पाया कि FIR और अन्य बयानों में अंतर था। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रोफेसर शोभना नार्लीकर एक अन्य प्रोफेसर के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रही हैं। एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें उनके कपड़े फटे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि वो खुद ये सब कर के ताने पहुँच जाती है, ताकि शिकायत दर्ज करा सके। एक वीडियो में व जूता निकाल कर मारने की बात करती दिख रही हैं। वहीं उनके सामने वीडियो बनाते हुए एक अन्य छात्र ने आरोप लगाया कि उन्हें माँ-बहन तक की गाली दी जाती है।