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सेवा, सुशासन और संकल्प के 9 साल: PM मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में कश्मीर से कन्याकुमारी तक बदला भारत, सांस्कृतिक पुनर्जागरण से गरीब कल्याण तक का सारा खाका एक साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 30 मई 2023 को 9 साल पूरे कर लिए हैं। इसी दिन 2019 में नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इन नौ वर्षों में केंद्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार ने कई बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कीं और घोषणा पत्र में किए गए कई वादों को पूरा किया है। हालाँकि, इस दौरान कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, जिसने देश की प्रगति को कुछ महीनों के लिए रोक दिया था। हालाँकि, केंद्र में मजबूत नेतृत्व की बदौलत देश ने शानदार वापसी की।

इन नौ वर्षों में मोदी सरकार ने सभी विभागों और मंत्रालयों में डैशबोर्ड के माध्यम से समय-समय पर सभी आँकड़े उपलब्ध करवाएँ हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा किए गए वादों के साथ-साथ देश के सामने आने वाली चुनौतियों के आधार पर सरकार की उपलब्धियों की जाँच करने के लिए ऑपइंडिया ने 2014 और 2019 के घोषणा पत्रों पर बारीकी से नज़र डाली।

अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A को रद्द करना

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने और अनुच्छेद 35A को रद्द करने के बारे में बात की थी। 2019 में सत्ता में दोबारा वापसी करने के तीन महीने से भी कम समय में उसने अपना वादा पूरा किया। 5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और अनुच्छेद 35ए को रद्द करने की घोषणा की। इस निर्णय के साथ सरकार ने जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया और लद्दाख को उससे अलग कर उसे भी एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बना दिया। इसके बाद से जम्मू-कश्मीर के कई क्षेत्रों में तेजी से विकास देखा गया है।

फोटो साभार: बीजेपी का घोषणा पत्र

राम मंदिर और तीर्थ स्थलों का विकास

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और देश भर में तीर्थ स्थलों के विकास के बारे में बात की। सांस्कृतिक विकास (Cultural Development) बीजेपी के घोषणा पत्र का अहम हिस्सा रहा है। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया और भव्य राम मंदिर बनाने के लिए विवादित जमीन हिंदुओं को दे दी। इसके बाद बिना समय बर्बाद किए भारत सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया।

राम मंदिर के निर्माण के लिए धन इकट्ठा करने के लिए ट्रस्ट ने एक विशेष दान संग्रह (Special Donation Collection) अभियान शुरू किया, जिसमें दुनिया भर के हिंदुओं ने भाग लिया था। 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ। जनवरी 2024 में भगवान राम के दर्शन करने के लिए मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा।

इसके अलावा, पीएम मोदी के कार्यभार संभालने के बाद हिंदू तीर्थ स्थलों और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास, नवीनीकरण और कायाकल्प के लिए कई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं, जिनमें केदारनाथ, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर और अन्य का विकास शामिल है। पीएम ने वाराणसी से चुनाव जीतने के बाद इस शहर के विकास के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है।

कोविड-19 चुनौती

पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक कोविड-19 महामारी थी। भारत में कोरोना महामारी 2020 की शुरुआत में फैलना शुरू हुई। मार्च 2020 में भारत सरकार ने कोरोना को फैलने से रोकने के देशव्यापी लॉकडाउन लगाने का फैसला किया। हालाँकि, इसने कुछ हद तक वायरस को रोक दिया, लेकिन भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े। महामारी के कारण 5,00,000 से अधिक लोगों को जान गँवानी पड़ी और हजारों लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। लोगों पर महामारी के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभाव से उस समय यह पता चला कि हमारा स्वास्थ्य विभाग अभी इतना मजबूत नहीं है।

उस समय भारत में पर्याप्त कोरोना टेस्टिंग सेंटर, आईसीयू और यहाँ तक कि देश में निर्मित पीपीई किट भी नहीं थे। जब भारत में महामारी आई, तब तक हम चीन से पीपीई किट सहित कई उत्पाद आयात कर रहे थे। यह महामारी चीन से ही शुरू हुई थी। इसलिए PPE किट की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस वक्त देश में सिर्फ 2.75 लाख पीपीई किट ही उपलब्ध थे।

उस वक्त भारत सरकार के पास किसी अन्य विकल्प को खोजने का समय नहीं था। ऐसे में हिम्मत न हारते हुए मोदी सरकार ने पीपीई किट बनाने का फैसला किया। इसके बाद आने वाले महीनों में ही भारत पीपीई किट के निर्माण का हब बन गया। देश के अस्पतालों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को पीपीई किट की आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने युद्ध स्तर पर काम किया। देशव्यापी लॉकडाउन के दो महीने के भीतर ही भारत ने अपनी पीपीई किट बना ली। इसकी आपूर्ति के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय ने भी साथ मिलकर काम किया।

इसी तरह N95 मास्क, हैंड सैनिटाइज़र और अन्य उत्पादों के साथ भी हुआ। भारत ने इन उत्पादों को न केवल स्थानीय बाजारों को उपलब्ध कराया, बल्कि जरूरतमंद अन्य देशों को भी इन उत्पादों का निर्यात किया और गरीब देशों को उपहार के तौर पर सौंपा।

इसके अलावा, भारत में वैज्ञानिकों ने स्वदेशी टीका विकसित करने के लिए कड़ी मेहनत की। भारत की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भारत में कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण शुरू कर दिया। कोविशील्ड को एस्ट्राजेनेका ने विकसित किया था। उसी तरह भारत बायोटेक द्वारा ने स्वदेशी वैक्सीन (Covaxin) कुछ ही समय में तैयार कर लिया। महामारी के दौरान दुनिया की बड़ी दवा निर्माता कंपनी फाइजर कोरोना टीके को लेकर अपनी शर्तें थोपने के लिए भारत पर दबाव बना रही थी, लेकिन भारत सरकार इस दबाव के आगे नहीं झुकी।

भारत ने कुछ ही समय में कोविड-19 टीकाकरण अभियान को ट्रैक करने के लिए एक अत्याधुनिक CoWIN प्लेटफॉर्म बनाया। भारत में अब तक वैक्सीन की 220.66 करोड़ डोज दी जा चुकी है। 95.19 करोड़ से अधिक लोगों को टीके की दो खुराकें दी गई हैं और 22 करोड़ से अधिक लोगों को तीसरी खुराक दी गई है। देश भर में अभी भी 261 टीकाकरण केंद्र सक्रिय हैं, जिनमें से 191 सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं और 70 प्राइवेट हैं।

कोविड-19 वैक्सीन आँकड़े। (फोटो साभार: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय)

कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के रूप में भारत को एक और झटका लगा। हालाँकि, सरकार ने इसे गंभीरता से लिया। इसका परिणाम यह हुआ कि अक्टूबर 2021 तक देश भर के सरकारी अस्पतालों में लगभग 2500 ऑक्सीजन प्लांट चालू किए गए।

स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति

पिछले नौ वर्षों में भारत सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है। 2014 में जब पीएम मोदी ने कार्यभार संभाला था, तब पूर्ण रूप से संचालित एम्स केवल एक और सेमी-ऑपरेशनल एम्स छह थे। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने देश भर में एम्स की संख्या बढ़ाने पर व्यापक रूप से काम किया, ताकि लोगों को अपने राज्यों में कम पैसों में बेहतर मेडिकल केयर मिल सके।

वर्तमान में दिल्ली एम्स के अलावा भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में छह एम्स पूरी तरह से चल रहे हैं। रायबरेली, गोरखपुर, मंगलागिरी, नागपुर, बठिंडा, बीबीनगर, कल्याणी, देवघर, बिलासपुर और राजकोट में दस एम्स सेमी-ऑपरेशनल में हैं, जहाँ एमबीबीएस की क्लास और ओपीडी चल रही हैं। गुवाहाटी, जम्मू और मदुरै एम्स में एमबीबीएस की क्लास शुरू हो गई हैं। अवंतीपोरा, मनेठी और दरभंगा एम्स निर्माणाधीन हैं।

ऑपरेशनल, सेमी-ऑपरेशनल, निर्माणाधीन और नए घोषित एम्स के साथ इसकी कुल संख्या 22 तक पहुँच गई है। मार्च 2022 में पीएम मोदी ने कहा था कि सभी 22 एम्स 2025 तक पूरी तरह से चालू हो जाएँगे। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेजों की संख्या में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2014 में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 660 हो गई है।

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ देने के लिए ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ शुरू की। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, जो आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट के माध्यम से डिजिटली स्वास्थ्य रिकॉर्ड को कवर करता है, उसने जरूरतमंदों को आसानी से सभी चिकित्सा सुविधाएँ देना संभव बना दिया है।

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) ने भी उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाओं को हाशिए पर पड़े वर्ग को मुहैया कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत, भारत सरकार द्वारा 9000 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) खोले गए हैं, जो बाजार मूल्य से 70 प्रतिशत तक सस्ती जेनेरिक दवाएँ उपलब्ध कराते हैं।

इन दुकानों में करीब 1,800 दवाएँ और 280 सर्जिकल उपकरण सस्ती कीमतो पर मिलते हैं। इसी तरह AMRIT फार्मेसियों में लगभग 5,000 दवाएँ, स्टेंट, इम्प्लांट और सर्जिकल डिस्पोजल और अन्य जरूरत की वस्तुएँ सामान्य बाजार की तुलना में 60 प्रतिशत तक कम कीमत पर मिलती हैं। जन औषधि केंद्र केवल 1 रुपए में सैनिटरी नैपकिन बेचते हैं, जिससे ये गरीब महिलाओं को भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

भारत सरकार ने देश के लोगों को सभी स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करने के लिए आयुष और इसके ऑफ-शूट आयुर्वेद का बड़े पैमाने पर समर्थन किया है। पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं के लिए कई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं और इसे आगे बढ़ाया है। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन), मिशन इंद्रधनुष (एमआई), पीएम पोषण योजना ने गर्भावस्था और जन्म के बाद महिलाओं व बच्चों को बेहतर देखभाल प्रदान की है। मातृत्व देखभाल भाजपा के घोषणा पत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पार्टी के तहत सरकार ने इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम किया है।

अब तक सरकार ने 38 करोड़ से अधिक आभा खाते (ABHA Accounts) खोले हैं। आयुष चिकित्सा पद्धति के तहत 18 करोड़ से अधिक मरीजों का इलाज किया जा चुका है। पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 3.9 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधा मिली है। नि-क्षय मित्र द्वारा 9.55 लाख से अधिक टीबी के मरीजों को गोद लिया गया है। मिशन इंद्रधनुष के कारण 5.65 करोड़ से अधिक माताओं और बच्चों की सुरक्षा की गई है। रिकॉर्ड 11 करोड़ लोगों ने ई-संजीवनी के टेली-कंसल्टेशन का लाभ उठाया है।

नौ साल में LPG कनेक्शन दोगुने से ज्यादा हुए

जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी, तब केवल 14.52 करोड़ परिवारों के पास ही एलपीजी कनेक्शन थे। सरकार ने महिलाओं को हानिकारक धुएँ से बचाने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की। इसके बाद मार्च 2023 तक एलपीजी कनेक्शनों की संख्या बढ़कर 31.36 करोड़ हो गई। इसका मतलब है कि केवल नौ वर्षों में सरकार ने एलपीजी कनेक्शनों को दोगुना से अधिक कर दिया है। भारत में एलपीजी कनेक्शन 2016 में 62% (योजना की शुरुआत) से बढ़कर 2022 में 104% से अधिक हो गया।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की विस्तार से बात की है। किताबों और ऑनलाइन कोर्सों का डिजिटलीकरण मोदी सरकार का एक ऐतिहासिक निर्णय रहा है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव देखे गए हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत लगभग 400 एनसीईआरटी पुस्तकों को डिजिटलाइज़ किया गया है, जिसे मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। सरकार ने छात्रों को कम कीमत पर उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए नए आईआईटी और आईआईएम खोले हैं। 2014 से अब तक लगभग 350 नए विश्वविद्यालय खाले गए हैं।

उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, 43 प्रतिशत विश्वविद्यालय और 61.4 प्रतिशत कॉलेज अब ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने 7 IIT और 7 IIM खोले हैं। 2014 में जब पीएम मोदी ने कार्यभार संभाला था, तब देश में 723 विश्वविद्यालय थे और अब यह संख्या बढ़कर 1,113 हो गई है। इसके अलावा, 2014 में भारत में 38,498 कॉलेज थे, जो 2023 में बढ़कर 43,796 हो गए हैं। यानी सिर्फ नौ साल में देश में नए 5,298 कॉलेज बन गए हैं, जो सरकार के हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं था।

सड़कों का निर्माण बढ़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश में बुनियादी संरचना के विकास पर खासा जोर दिया है। खासकर नेशनल हाइवे के मामले में देश में बड़ा बदलाव आया है। भारत में लगभग 63.73 लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क है। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। पिछले नौ वर्षों में कॉरिडोर-बेस्ड नेशनल हाइवे का उपयोग करते हुए सड़कों का निर्माण बढ़ा है। 2014 में जहाँ एक दिन में 12 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो रहा था, अब वह बढ़कर 2021-22 में 29 किलोमीटर प्रति दिन हो गया है। केवल पिछले पाँच वर्षों में भारत सरकार ने सीमाओं को जोड़ने वाली 13,525 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया है।

ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने से कनेक्टिविटी में सुधार होता है और दोनों के बीच माल के परिवहन में मदद मिलती है। ग्रामीण कनेक्टिविटी के महत्व को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 2014 से अब तक 3.28 लाख किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया है। बीजेपी ने 2019 के घोषणा पत्र में ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ने की बात की थी। इस वादे को पूरा करने के लिए व्यापक रूप से काम किया गया है।

डिजिटल क्रान्ति

एक समय था, जब बैंकिंग के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति लाने की मोदी सरकार की योजना पर विपक्ष हँसता था। जब सरकार ने दुकानदारों को डिजिटल लेन-देन का इस्तेमाल करते देखना चाहा तो किसी को उस पर विश्वास नहीं हुआ। हालाँकि, मोदी सरकार ने इसे संभव बनाया और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर सुधार पर जोर दिया। जन धन खातों से लेकर आधार कनेक्टिविटी तक, रुपे कार्ड और यूपीआई को बढ़ावा देने से मोदी सरकार की पहल ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ाने में मदद की। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने की बात की थी, जो उसने पूरी की। अगस्त 2016 में यूपीआई से जुड़े 21 बैंक थे। वहीं, डिजिटल लेनदेन की संख्या 9 लाख से बढ़कर 3.09 करोड़ रुपए हो गई। अप्रैल 2023 में 414 बैंक यूपीआई से जुड़े हैं।

इसके अलावा, मोदी सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) पर जोर दिया, जिसके तहत मौद्रिक लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रान्सफर किए गए। नौ वर्षों में सरकार ने विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत बिचौलियों को हटाकर 29 लाख करोड़ रुपए से अधिक धनराशि ट्रांसफर की हैं। सरकार ने डीबीटी के जरिए फंड ट्रांसफर कर 2.23 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत की है।

सौभाग्य और हर घर जल

मोदी सरकार के दो महत्वपूर्ण योजना- सौभाग्य और हर घर जल ने करोड़ों भारतीयों को लाभान्वित किया है। जल जीवन मिशन से 8 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ हुआ है और उन्हें नल के पानी के कनेक्शन मिले हैं। सौभाग्य योजना के तहत तीन करोड़ से अधिक घरों को रोशन किया गया है, यानी इसके तहत 99.9 प्रतिशत बिजली सुनिश्चित की गई है। दोनों योजनाएँ भाजपा के घोषणा पत्र का हिस्सा थीं।

नौ साल में मोदी सरकार की अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ

भाजपा का उद्देश्य देश में किसानों के जीवन में सुधार लाना है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) जैसी कल्याणकारी योजनाओं के तहत भारत सरकार ने 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन दिया है। राज्यों को कुल 4.04 लाख करोड़ रुपए की फूड सब्सिडी जारी की गई है। एफसीआई को 14.48 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

एनएफएसए के तहत कोविड के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना को 31 दिसंबर, 2023 तक बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के परिणामस्वरूप शहरी आवासों में 800 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिकॉर्ड बताते हैं कि योजना के तहत 2004 से 2014 के बीच 8.04 लाख से अधिक घर बनाए गए थे, जबकि 2015 में 74 लाख से ज्यादा घर बनाए गए।

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों को स्टैंडअप इंडिया के तहत 7,558 करोड़ रुपए से अधिक के ऋण दी गई।

पीएम स्वनिधि योजना के तहत 42.87 लाख खातों में 5,182 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

48.9 करोड़ से अधिक जन धन खाते खोले गए हैं।

पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है।

असंगठित क्षेत्र के 28.90 करोड़ से अधिक कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।

11 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है।

पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत 33.48 करोड़ से अधिक लोगों को नामांकित किया गया है।

मुद्रा लोन के तहत 27.7 करोड़ से अधिक लोगों को ऋण दिया गया।

किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ, जिनमें शॉर्ट टर्म Collateral Free Loans, वृद्ध किसानों के लिए पेंशन योजनाएँ, सब्सिडाइज बीज और उर्वरक शामिल हैं। ये कुछ ऐसे लाभ हैं, जिन्हें इस सरकार ने लोगों को दिया है। इसके अलावा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड ने देश भर के करोड़ों किसानों की मदद की है। इससे अधिक जानकारी आप भारत सरकार के डैशबोर्ड पर देख सकते हैं।

1 नहीं अयोध्या में बन रही रामलला की 3 मूर्ति, अलग-अलग पत्थरों से हो रहा निर्माण: जानिए कौन-कौन दे रहे आकार

उम्मीद की जा रही है कि 2024 की शुरुआत से श्रद्धालु अयोध्या के भव्य राम मंदिर में दर्शन कर सकेंगे। निर्माण कार्य फिलहाल जोरों पर है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया है कि अयोध्या में रामलला की तीन मूर्तियों का निर्माण हो रहा है। ये मूर्ति जल्द ही बनकर तैयार हो जाएँगी।

चंपत राय ने मंगलवार (30 मई 2023) को समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “रामलला की मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। कर्नाटक के डॉ. गणेश भट्ट, जयपुर के सत्य नारायण पाण्डेय और कर्नाटक के ही अरुण योगीराज तीन अलग-अलग पत्थरों से अलग-अलग जगहों पर मूर्तियाँ बना रहे हैं। निर्धारित समय के भीतर मूर्ति निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा। अन्य मूर्तियों के बारे में हमने अभी तक कोई विचार नहीं किया है।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर में गर्भगृह समेत ग्राउंड फ्लोर का 85% काम पूरा हो चुका है। गर्भगृह में गुरुवार (1 जून 2023) से नक्काशीदार पत्थर लगाए जाएँगे। ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को भी आमंत्रित किया है। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-पाठ के बीच सुबह 9 बजे से पत्थरों को जोड़ने का काम शुरू होगा। महासचिव चंपत राय ने पत्र भेजकर संतों को भी आमंत्रित किया है।

चंपत राय ने बताया कि भगवान रामलला के विराजमान होने के बाद सेकेंड फ्लोर का निर्माण होता रहे और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसको लेकर भी ट्रायल किया गया है। इसके अलावा निषादराज, शबरी, अहिल्या, वाल्मीकि, वशिष्ठ की मूर्ति बनाए जाने को लेकर मंथन हुआ है। उनके मुताबिक ग्राउंड फ्लोर तैयार होने के बाद मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। दिसंबर तक मंदिर को फाइनल टच दिया जाएगा। राम लला की प्रतिमा 51 इंच की होगी।

हाल ही में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया था कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य का पहला चरण इस साल 30 दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। पहले चरण का कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालु दर्शन भी कर सकेंगे। उन्होंने कहा था, “मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर निर्माण का प्रथम चरण 30 दिसंबर 2023 तक पूरा करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में भूतल पर पाँच मंडप होंगे। इनमें सबसे प्रमुख गर्भगृह है, जहाँ भगवान की मूर्ति स्थापित की जाएगी। पाँच मंडपों के निर्माण में लगभग 160 स्तंभ लगे हैं। उनमें आइकनोग्राफी (चित्र और प्रतीक) का काम पूरा किया जाना है। मंदिर के निचले हिस्से में भगवान राम से प्रसंग होंगे। इसी तल पर बिजली और अन्य सुविधाओं को पूरा किया जाना है। ये सभी कार्य 30 दिसंबर 2023 तक पूरे कर लिए जाएँगे।”

कौन हैं अरुण योगीराज

जगद्गुरु शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया है। उनके द्वारा बनाई शंकराचार्य की प्रतिमा भगवान शिव की नगरी केदारनाथ की शोभा बढ़ा रही है। 12 फुट की इस पत्थर की प्रतिमा को उन्होंने मैसूर के सरस्वतीपुरम में गढ़ा था। इसके अलावा अरुण योगीराज ने मैसूर में 14.5 फ़ीट की महाराजा जयचमराजेंद्र वोडेयार की संगमरमर की प्रतिमा बनाई थी। साथ ही वो रामकृष्ण परमहंस की प्रतिमा भी बना चुके हैं। भगवान शिव की सवारी नंदी, हनुमान, भगवान वेंकटेश्वर और महान इंजीनियर विश्वेश्वरैया के अलावा वो 5.5 फ़ीट की गरुड़ की प्रतिमा भी बना चुके हैं।

गॉडफादर एक्टर अल पचीनो 82 साल की उम्र में बनेंगे पिता, गर्भवती हैं 29 साल की गर्लफ्रेंड नूर अल्फल्लाह: 79 साल की उम्र में को एक्टर डी नीरो भी बने थे पिता

हॉलीवुड अभिनेता अल पचीनो ( Al Pacino) 82 साल की उम्र में चौथी संतान के पिता बनने वाले हैं। उनकी गर्लफ्रेंड नूर अल्फल्लाह (Noor Alfallah) 8 महीने की गर्भवती हैं। 29 साल की नूर अभिनेता अल पचीनो से लगभग 54 साल छोटी हैं। रिपोर्टों के मुताबिक अल पचीनो अपनी गर्लफ्रेंड नूर को अप्रैल 2022 से डेट कर रहे हैं। दोनों को पहली बार एक डिनर डेट पर साथ देखा गया था।

नूर अल्फल्लाह के गर्भवती होने की खबर सबसे पहले TMZ द्वारा साझा की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार एक्स गर्लफ्रेंड जान टैरंट (Jan Tarrant) से अल पचीनो की एक बेटी जूली मैरी (33) है। जूली पिता की नई गर्लफ्रेंड से भी 4 साल बड़ी हैं। इसके अलावा एक्स गर्लफ्रेंड बेवर्ली डी एंजेलो ( Beverly D’Angelo) के साथ अभिनेता के 22 वर्षीय जुड़वा बच्चे एंटोन (Anton) और ओलिविया (Olivia) हैं। पचीनो ने 2008-18 के बीच लुसिला पोलाक को भी डेट किया था, लेकिन उनसे उनकी कोई संतान नहीं है।

दूसरी तरफ नूर अल्फल्लाह भी अल पचीनो से पहले कई लोगों को डेट कर चुकी हैं। इनमें बिजनेसमैन निकोलस बर्गग्रेन (Nicolas Berggruen) और सिंगर मिक जैगर (Mick Jagger) शामिल हैं। अल पचीनो को मशहूर फिल्म द गॉडफादर (The godfather) सीरीज से पूरी दुनिया में प्रसिद्धि मिली थी। इसके अलावा उन्होंने कई बड़ी फिल्मों जैसे सेंट ऑफ ए वुमन, स्कारफेस, सर्पिको और द डेविल्स एडवोकेट, द आयरिशमैन में काम किया है।

हाल के दिनों की बात करें तो हॉलीवुड अभिनेता ने वन्स अपॉन ए टाइम इन हॉलीवुड (Once Upon a Time in Hollywood), हाउस ऑफ गुच्ची (House of Gucci), द पाइरेट्स ऑफ सोमालिया (The Pirates of Somalia), डैनी कॉलिन्स ( Danny Collins) जैसी मशहूर फिल्मों में अभिनय किया है। बता दें पिछले महीने ही फिल्म द गॉडफादर 2 में अल पचीनो के साथी कलाकार रहे 79 वर्षीय रॉबर्ट डी नीरो (Robert De Niro) भी पिता बने थे। उनकी प्रेमिका टिफ़नी चेन (Tiffany Chen) ने बेटी को जन्म दिया था। यह डी नीरो की सातवीं संतान है।

बृजभूषण सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं, 15 दिनों में कोर्ट में दाखिल हो सकती है रिपोर्ट: दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से ANI का दावा

दिल्ली पुलिस ने भारतीय कुश्ती महासंघ (Wrestling Federation Of India) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की खबरों का खंडन किया है। इसके पहले न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि बृजभूषण को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के पास पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उधर बृजभूषण शरण ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि यदि दोष साबित हुए तो मैं फाँसी पर लटकने को तैयार हूँ।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 15 दिनों के भीतर दिल्ली पुलिस कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल करेगी। इसे चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट के तौर पर देखा जा सकता है। साथ ही बताया गया था कि दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह को इसलिए गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि उसके पास पहलवानों के आरोपों को सही साबित करने वाले सबूत नहीं हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दिल्ली पुलिस मामले में 15 दिनों के भीतर चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट पेश कर सकती है।

दिल्ली पुलिस की प्रवक्ता डीसीपी सुमन नलवा (Suman Nalwa) ने इस तरह के खबरों का खंडन कर दिया। दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया है कि सबूत न मिलने और चार्जशीट फाइल करने जैसी जानकारी सही नहीं है। पुलिस के तरफ से कहा गया है कि इस मामले की जाँच पूरी गहनता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। दिल्ली पुलिस के ऑफिसियल ट्विटर हैंडल से इससे संबंधित एक ट्वीट भी किया गया था। हालाँकि, ट्वीट बाद में डिलीट कर दिया गया।

उधर बाराबंकी में एक सभा को संबोधित करते हुए WFI अध्यक्ष बृजभूषण ने दोष साबित होने पर फाँसी पर लटकने की बात दोहराई। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि अगर मेरे खिलाफ एक भी आरोप सही साबित हो जाएगा तो मैं स्वयं फाँसी पर लटक जाऊँगा। आज भी मैं उसी बात पर कायम हूँ। भाजपा सांसद ने कहा कि 4 महीने हो गए वो (आंदोलनकारी पहलवान) मेरी फाँसी चाहते हैं लेकिन सरकार मुझे फाँसी नहीं दे रही है तो वो अपना मेडल लेकर गंगा में बहाने जा रहे हैं।

बृजभूषण शरण ने कहा, “मुझ पर आरोप लगाने वालों गंगा में मेडल बहाने से बृजभूषण को फाँसी नहीं मिलेगी। अगर तुम्हारे पास सबूत है तो न्यायलय को दो और न्यायालय मुझे फाँसी देगा तो मुझे वो स्वीकार है।

बता दें कि बता दें कि पहलवानों ने WFI के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। वे उनकी गिरफ्तारी की माँग पर अड़े हुए हैं। इसे लेकर कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे। रविवार (28 मई) को पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद उन्हें जंतर-मंतर से हटा दिया गया था। इसके बाद पहलवानों ने गंगा में मेडल बहाने की बात कही थी। गंगा में मेडल प्रवाहित होता उसके पहले बीकेयू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने पहलवानों से मेडल लेते हुए सरकार को कार्रवाई के लिए 5 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया।

कहीं हिंदू लड़कियों को स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर पहनाया हिजाब, कहीं ST लोगों को ईसाई बनने का लालच: मध्य प्रदेश में धर्मांतरण की दो और साजिश बेनकाब

मध्य प्रदेश में दमोह में स्कूल की बच्चियों से जबरन बुर्का पहनने के लिए विवश किया जा रहा है। वहीं, छत्तीसगढ़ से लगते राज्य शहडोल में अनुसूचित जनजाति के लगभग 8 लोगों को धर्मांतरण का लालच देने के आरोप में एक पादरी को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि इससे पहले कटनी के एक स्कूल में बच्चों से ईसाई प्रार्थना करवाने का मामला समाने आया था।

शहडोल में अनुसूचित जनजाति के लोगों को पैसे का लालच देकर उनका ईसाई में धर्मांतरण किया जा रहा था। इसका खुलासा अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय की ही महिला सुनैना सय्याम ने किया है। उन्होंने इस धर्मांतरण की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पादरी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा, 8 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।

मामला छत्तीसगढ़ के सीमा पर स्थित मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के अंतर्गत आने वाले जैतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत डोंगरी टोला गाँव का है। अनुसूचित जनजाति महिला सुनैना को जानकारी मिली कि सिधिहा गोंड़ के मकान में गोंड़ समाज के लोगों का ईसाई में धर्मान्तरण कराया जा रहा है।

इसके बाद सुनैना पुलिस को सूचना देने के साथ ही वह खुद भी मौके पर पहुँच गईं। सुनैना पिछले 10 सालों ने धर्मांतरण कराने वाले मिशनरियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही हैं। वह धर्मांतरण के खिलाफ अनुसूचित जनजाति के लोगों को जागरूक कर समाज सेवा का काम कर रही हैं।

सुनैना सिधिहा गोंड़ के मकान में पहुँचीं तो अंदर पादरी के साथ अन्य लोग अनुसूचित जनजाति के लोगों को पैसे का लालच देकर उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। इसके बाद सुनैना ने पादरी का कॉलर पकड़कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने घर में मौजूद सभी लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले कर आई।

उपपुलिस अधीक्षक मुकेश वैश्य ने बताया कि महिला ने धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई है। संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। उधर, मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का भी बयान सामने आया है। नरोत्तम ने कहा कि ये सभी छत्तीसगढ़ के रहने वाले है।

वहीं, राज्य के ही दमोह जिले में एक स्कूल में गैर-मुस्लिमों छात्राओं को बुर्का पहनाने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के प्रमुख प्रियंक कानूनगो ने इसको लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा कि यूनीफॉर्म के नाम पर गैर-मुस्लिम लड़कियों को बुर्का पहनाया जा रहा है।

कानूनगो ने लिखा, “मध्य प्रदेश के दमोह ज़िले में एक स्कूल द्वारा हिंदू और अन्य ग़ैर मुस्लिम बच्चियों को स्कूल यूनीफॉर्म के नाम पर जबरन बुर्का व हिजाब पहनाये जाने की शिकायत प्राप्त हुई है। इसका संज्ञान लिया जा रहा है एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु दमोह के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दमोह को निर्देश प्रेषित किए जा रहे हैं।”

उसी तरह, कटनी में एक मिशनरी संस्था द्वारा चलाए जा रहे बालगृह में बच्चों से जबरन ईसाई प्रार्थना करवाने का मामला सामने आया है। इसके बाद संस्था के खिलाफ बाल न्याय अधिनियम व मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है। ‘राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)’ के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने ईसाई संस्था के खिलाफ माधवनगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। इस संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति की भूमिका भी संदेहास्पद है।

प्रियांक कानूनगो ने बताया कि एनसीपीसीआर को कटनी के झिंझरी में चलाए जा रहे बाल गृह की शिकायतें मिली थीं। जिसके बाद आयोग ने ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित संस्थान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों ने उन्हें बताया कि हिंदू अनुसूचित जाति और जनजाति (SC-ST) के बच्चों से जबरन क्रिश्चियन प्रेयर करवाया जाता था। दीपावली के दिन भी बच्चों को जबरन ईसाई प्रार्थना करने पर मजबूर किया गया।

औचक जाँच में बच्चों के कूट (फर्जी) दस्तावेज बनाए जाने, बच्चों की उम्र के साथ छेड़खानी जैसे मामले सामने आए। इसके अलावा बच्चों ने बताया कि क्रिश्चियन प्रेयर में शामिल न होने वाले बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। बीमार पड़ने पर उन्हें इलाज नहीं मिलता और खेलकूद में भी शामिल नहीं होने दिया जाता है। प्रियांक ने बताया कि स्पेशल जुवेनाइल पुलिस ने बच्चों का स्टेटमेंट दर्ज कर लिया है और इस संबंध में मामला भी दर्ज कर लिया गया है।

‘लानत तेरी जिंदगी पर, अपना नाम बदल ले’: सारा अली खान को मंदिर में देख भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, कहा – बेशरम, तुम ‘शिर्क’ कर रही हो

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान और एक्टर विक्की कौशल अपनी आगामी फिल्म ‘जरा बचके जरा हटके’ के प्रमोशन में लगे हुए हैं। इस बीच दोनों ने एक मंदिर में दर्शन कर वहाँ की तस्वीरें इंस्टाग्राम शेयर कीं। सारा का मंदिर जाना इस्लामी कट्टरपंथियों को रास नहीं आया। ऐसे में वे उन्हें खरी-खोटी सुना रहे हैं। 

सारा अली खान ने इंस्टाग्राम पर भगवान भोलेनाथ के सामने हाथ जोड़े तस्वीर शेयर की। इस फोटो को कैप्शन देते हुए उन्होंने हाथ जोड़े हुए इमोजी के साथ ‘जय भोलेनाथ’ लिखा। सारा पहले भी मंदिर जाती रही हैं और वह वहाँ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। 

हालाँकि, इस्लामवादियों को सारा का मंदिर जाना और वहाँ पूजा करना पसंद नहीं आया। सारा की इंस्टाग्राम पोस्ट पर इस्लामी कट्टरपंथियों के कमेंट्स की भरमार देखने को मिल रही है। जोया अंसारी नामक यूजर ने लिखा, “अल्लाह ऐसी पोस्ट को लाइक करने वाले को हिदायत दे आमीन।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

एक अन्य यूजर ने भगवान भोलेनाथ पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कमेंट किया, “क्या यह सच्चे भगवान हैं?

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

मोना अलाया ने लिखा, “यदि तुम मुस्लिम के रूप में पहचान रखती हो तो यह शिर्क (मूर्ति पूजा) है।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

शुनरूज अहमद अहसान ने लिखा, “अपना नाम बदल लो।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

मोहम्मद फैज़ल ने कमेंट कर कहा, “लानत तेरी जिंदगी पर।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

अरबाज मंसूरी नामक यूजर ने कमेंट किया, “सारा कितनी बेशर्म हो तुम।”

(फोटो साभार: SaraAliKhan का इंस्टाग्राम अकाउंट)

दिलचस्प बात यह है कि इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा गालियाँ दिए जाने के बाद सारा अली खान बुधवार (31 मई, 2023) सुबह एक बार फिर मंदिर पहुँची। वह मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकाल मंदिर की भस्म आरती में शामिल हुईं। चूँकि, महाकाल मंदिर में भस्म आरती में शामिल होने वाली महिलाओं का साड़ी पहनना अनिवार्य है इसलिए सारा अली खान साड़ी पहने नजर आईं।

बता दें कि यह पहली बार नहीं हुआ है जब सारा अली खान के मंदिर जाने पर इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उन्हें भला-बुरा कहा हो। बल्कि इससे पहले वह इसी साल महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ के एक मंदिर गईं थीं तब भी इस्लामवादियों ने उनकी पोस्ट ओर ‘जहन्नुमी औरत’ समेत अनेक तरह के कमेंट किए थे। यही नहीं, जब वह इसी माह 11 मई को पवित्र केदारनाथ धाम पहुँची थीं तब भी इस्लामवादी भड़क गए थे।

‘मर जाऊँगी लेकिन मुस्लिम से शादी नहीं करूँगी’: तनवीर ने ‘यश’ बन मॉडल को फँसाया, अश्लील तस्वीरों के जरिए किया ब्लैकमेल, धर्मांतरण के लिए हत्या की कोशिश

बिहार के भागलपुर की रहने वाली मॉडल मानवी राज ने मॉडलिंग एजेंसी के मालिक तनवीर अख्तर खान पर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाया। मॉडल का आरोप है कि तनवीर ने उसे अपना नाम ‘यश’ बताते हुए दोस्ती की थी। इसके बाद अब धर्मांतरण कर शादी करने का दबाव बना रहा है। पीड़ित मॉडल का कहना है कि ‘द केरल स्टोरी’ से उन्हें इस घटना को लेकर बात करने की हिम्मत मिली है।

पीड़ित मॉडल मानवी राज ने ‘इंडिया टीवी’ से हुए बातचीत में आपबीती सुनाई है। मानवी ने कहा है, “मैंने इंटरनेट पर बेस्ट मॉडलिंग एजेंसी सर्च किया। इस पर मुझे ‘यश मॉडल्स एजेंसी’ का नाम दिखा। जब मैंने उसमे दिए गए नंबर में फोन किया तो मुझे पता चला कि राँची जाना होगा। 6 जनवरी, 2021 को मैंने राँची में ‘यश मॉडल्स एजेंसी’ जॉइन की। वहाँ तनवीर अख्तर खान ने मुझे अपना नाम ‘यश’ बताया था। ट्रेनिंग के दौरान ही तनवीर मुझे अलग-अलग तरह से छूने की कोशिश करता था। लेकिन, मैंने उस समय कुछ नहीं कहा।”

मानवी ने आगे कहा है, “इसके बाद होली के समय वह मेरी आपत्तिजनक फोटो के द्वारा मुझे ब्लैकमेल करने लगा। उसके कहने पर मैंने उसकी कंपनी जॉइन कर ली। उसने मुझ ओर दबाव बनाकर कहा था कि तुम्हें कॉन्ट्रैक्ट पर काम करना होगा। इसी दौरान वह मेरे साथ मारपीट और गाली-गलौच करता था। वह मेरी फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी देता था। तनवीर धमकी देते हुए कहता था लोग सर्च करके फिर तुम्हें ही देखेंगे। वह मुझे राँची से निकलने नहीं दे रहा था। लेकिन मैं किसी तरह से निकलकर घर गई और फिर वहाँ से मुंबई आ गई।”

‘लव जिहाद’ के आरोपित तनवीर अख्तर खान की करतूतों के बारे में बताते हुए मानवी राज ने आगे कहा, “जब मैं मुंबई आ गई तो उसने मेरी रूममेट के बारे में जानकारी जुटा ली और फिर उसे परेशान करने लगा। मेरी रूममेट को गाली-गलौच करने के साथ ही उसने मेरी पहचान के अन्य लोगों को भी तनवीर परेशान करता था। इसने मुझसे आकर कहा था कि मैं उससे शादी कर लूँ। यह मुझ पर धर्मांतरण का भी दबाव बना रहा था। लेकिन मैं जब उसकी बात नहीं मानी तो उसने मुझे मारने की भी कोशिश की।”

मॉडल मानवी राज ने आगे कहा है, “तनवीर अख्तर खान शुरू से ही मुझ पर धर्म-परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था। शादी करने के लिए वह कहता है कि मुझसे प्यार करता है। वह मेरे धर्म के बारे में गलत बातें करता है। पहले इसने मेरे घरवालों को मेरी गंदी तस्वीरें भेजनी शुरू कीं। इसके बाद बाकी लोगों को भेजीं।” मानवी ने कहा है, “तनवीर की मॉडल एजेंसी में काम करने के दौरान लोग उसे यश के नाम से बुलाते थे। कुछ लोग ऑफिस में तनवीर सर के बारे में भी बात करते। लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि ‘यश’ का ही असली नाम तनवीर है।”

वहीं, मानवी ने अपने यूट्यूब चैनल में एक वीडियो शेयर कर कहा है, “मुझे मुंबई आए 9 महीने हो चुके हैं। इस दौरान तनवीर ने मुझे दो बार मारने की कोशिश की है। इसकी मैंने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने मेरी फोटोज की गंदी एडिटिंग की है और उनका गलत उपयोग कर रहा है। वह यह सब इसलिए कर रहा है ताकि मैं मुस्लिम बन जाऊँ और उससे शादी कर लूँ।”

मानवी ने यह भी कहा है, “जब मैंने पहली बार उसकी शिकायत की थी तो उसने कोर्ट से एक शपथ पत्र बनवाकर दिया था। इसमें उसने स्वीकार किया था कि वह मुझे और मेरे घरवालों को ब्लैकमेल, टॉर्चर और परेशान कर रहा था। इस शपथ पत्र में यह भी लिखा था कि वह मुझे कभी ब्लैकमेल या परेशान नहीं करेगा। तनवीर मुझे परेशान कर रहा है इसकी जानकारी उसकी बहन शाजिया और उसके पति शादाब को भी है। जब मैने शाजिया से तनवीर की शिकायत की थी तो उसने मुझसे कहा था कि तुम खुद उससे शादी कर लो, वरना भाई बहुत जिद्दी है। तुमसे शादी कर ही लेगा। मैं मर जाऊँगी, लेकिन अपना धर्म नहीं बदलूँगी। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री मुझे इस हैवान से बचाएँ। कल को वो क्या करेगा, मुझे नहीं पता। मैं हिंदू हूँ, कभी मुस्लिम से शादी नहीं करूँगी।”

वहीं, आरोपित तनवीर अख्तर खान ने खुद पर लगे आरोपों को खारिज किया है। तनवीर का कहना है कि मॉडल एजेंसी में काम करने के दौरान मानवी की वजह से उसे कुछ नुकसान हुआ था। इसका हर्जाना उसने मानवी से माँगा था। इसके बाद मानवी ने उस पर ये आरोप लगाए हैं।

ये 2013 वाला भारत नहीं, 10 साल में मजबूत हुई स्थिति: मोदी सरकार के सुधारों का लोहा मॉर्गन स्टेनली ने भी माना, कहा- 2024 में बहुमत जरूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा साल 2014 में सँभालने के बाद भाजपा सरकार द्वारा जमीनी स्तर तक किए गए सुधारों का असर दिखने लगा है। इसका खुलासा अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की रिपोर्ट में हुआ है। मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 10 साल की छोटी-सी अवधि में भारत ने दुनिया में अपनी स्थिति मजबूत की है।

अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक और वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट ‘India Equity Strategy and Economics: How India Has Transform in Less than a Decade’ में कहा है कि भारत द्वारा किए गए सुधारों से बड़े पैमाने पर और बाजार परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत द्वारा किए नीतिगत सुधारों के कारण 10 बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इसके कारण माइक्रो (Micro) और मैक्रो (Macro) इकोनॉमी और बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यह भारत साल 2013 के भारत की तुलना में अलग है। इसने विश्व व्यवस्था में महत्पूर्ण स्थान हासिल किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, “हम भारत को लेकर काफी संशय में हैं, खासकर विदेशी निवेशकों के मामले में, जो कहते हैं कि दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने और पिछले 25 वर्षों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शेयर बाजारों में से एक होने के बावजूद भारत ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन अब तक नहीं किया है। भारत में इक्विटी मूल्यांकन बहुत समृद्ध हैं।”

रिपोर्ट का कहना है कि इस तरह का दृष्टिकोण भारत में हुए महत्वपूर्ण बदलावों की अनदेखी करता है, खासकर 2014 के बाद से। भारत ने इन 10 सालों में आपूर्ति संबंधी नीतिगत सुधार, अर्थव्यवस्था का औपचारिकरण, रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, सामाजिक हस्तांतरण का डिजिटलीकरण, दिवालिया कानून, लचीली मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण, एफडीआई पर ध्यान केंद्रित करना, भारत का 401 (K) मोवमेंट, कॉरपोरेट मुनाफे के लिए सरकारी समर्थन और बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर एमएनसी सेंटीमेंट्स आदि में बेहतरीन प्रदर्शन किए हैं। 

आपूर्ति पक्ष के नीतिगत सुधारों के आँकड़े को तैयार करने से संबंधित शोध में भारत के कॉरपोरेट टैक्स और बुनियादी ढाँचे से जुड़े आँकड़े इकट्ठा किए गए हैं। पिछले 10 साल में भारत में कॉरपोरेट कर की टैक्स 25 प्रतिशत से नीचे रही है, जबकि 24 मार्च से पहले परिचालन शुरू करने वाली नई कंपनियों के लिए यह 15 प्रतिशत पर बनी हुई है।

रिपोर्ट में बुनियादी ढाँचे के विकास के संदर्भ में रिपोर्ट में राष्ट्रीय राजमार्गों, ब्रॉडबैंड ग्राहक आधार, नवीकरणीय ऊर्जा और रेलवे मार्ग जैसे कई महत्वपूर्ण कारकों की भी चर्चा की गई है। इसके अलावा, इसमें जीएसटी संग्रह को भी आधार बनाया गया है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है। वहीं, डिजिटल लेनदेन भी अब सकल घरेलू उत्पाद का 76 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

वहीं, भारत में विनिर्माण और कैपेक्स क्षेत्र में मॉर्गन स्टेनली ने 2031 तक 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। निर्यात में हिस्सेदारी दोगुनी होगी और साल 2031 तक यह बढ़कर 4.5 प्रतिशत हो जाएगा। ये साल 2021 के स्तर से लगभग दोगुना है। इसके अलावा, वस्तुओं एवं सेवाओं के निर्यात से भारत को फायदे में रहने की बात कही गई है। निर्यात बढ़ने से भारत का चालू खाता घाटा कम होगा।

मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में अभी प्रति व्यक्ति आय करीब 2200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.82 लाख रुपए) है, जो साल 2032 तक बढ़कर 5200 अमेरिकी डॉलर (लगभग 4.30 लाख रुपए) हो जाएगी। बैंकर का कहना है कि इससे लोगों के काफी रकम आएगी और वे इसे खरीद सकेंगे। मॉर्गन स्टेनली ने यह भी कहा है कि दुनिया के पूँजी प्रवाह बाजार में भारत की निर्भरता कम हो गई है। इससे भी उसकी अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा है।

रिपोर्ट में कुछ आशंकाएँ भी दर्शाई गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर वैश्विक स्तर पर मंदी आई, 2024 के लोकसभा चुनावों में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला, आपूर्ति में कमी हुई और इससे चीजों के दाम बढ़े तो भारत के लिए दिक्कत हो सकती है।

मॉर्गन स्टेनली ने 18 मई 2023 को कहा था कि भारत चालू वित्त वर्ष 2023-24 में 6.2 प्रतिशत की दर से वृद्धि करने के लिए तैयार है। चेतन अहया, डेरिक वाई काम, क्यूशा पेंग और जोनाथन चेउंग द्वारा लिखित ‘एशिया इकोनॉमिक्स: द व्यूपॉइंट: एड्रेसिंग द पुशबैक टू आवर कंस्ट्रक्टिव व्यू’ नामक एक रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली ने कहा कि भारत को चक्रीय और संरचनात्मक दोनों तरह से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

इसके लेखकों ने कहा, “हम देख रहे हैं कि घरेलू माँग में मजबूत रुझानों को बनाए रखने के लिए अच्छी बैलेंस शीट है। वृहद स्थिरता में सुधार का मतलब है कि मौद्रिक नीति को प्रतिबंधात्मक नहीं होना पड़ेगा, जिससे आर्थिक वृद्धि जारी रहेगी।”

 

जिसके कारण बृजभूषण पर लगा पॉक्सो, उसकी उम्र पर भी सवाल: चाचा बोले- मेरी भतीजी का विनेश, साक्षी और पूनिया ने किया इस्तेमाल, पिता बोले- 16 की उम्र में ही शोषण

भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ कथित आंदोलन चला रहे पहलवानों पर गंभीर आरोप लगा है। खुद को नाबालिग पहलवान का चाचा बताने वाले अमित पहलान ने सोमवार (29 मई 2023) को मीडिया से कहा है कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया जैसे पहलवान उनके परिवार को गुमराह कर रहे हैं। उनकी भतीजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालाँकि मंगलवार (30 मई) को लड़की के पिता मीडिया के सामने आए और उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी नाबालिग है और उसके साथ एक कैंप के दौरान यौन शोषण हुआ था।

आंदोलन कर रहे पहलवानों ने बृजभूषण शरण पर नाबालिग पहलवान समेत कुल सात महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया है। अमित पहलवान का कहना है कि जिस नाबालिग पहलवान की बात आंदोलनकारी पहलवान कर रहे हैं वो उनकी भतीजी है। अमित ने कहा है कि उनकी भतीजी बालिग है। उसका जन्म 22 फरवरी, 2004 को हुआ था। पहलवान पॉक्सो और यौन शोषण का आरोप लगाकर बृजभूषण को फँसाना चाहते हैं।

अमित ने आज तक से बात करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे पहलवान साक्षी और विनेश ने मेरे भाई को गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि विनेश, साक्षी और बजरंग पूनिया ने मिलकर इतनी गहरी साजिश रची है जिसकी हमें भी खबर नहीं हुई। पहले वो लोग जनवरी-फरवरी में धरने पर बैठे लेकिन मामला पेचीदा हो गया। इसके बाद 2-3 महीने प्लानिंग की और दूसरी तिकड़म लगाई।

अमित का दावा है कि उनकी भतीजी के साथ कुछ भी नहीं हुआ है। आंदोलन कर रहे लोग राजनीतिक मकसद से झूठे दावे कर रहे हैं। 20 साल की लड़की को 16 साल का दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे न्याय चाहते हैं और विनेश फोगाट व उनके साथी पहलवानों को सजा दिलवाना चाहते हैं।

अमित के बाद उनके भाई और लड़की के पिता मीडिया के सामने आए। पिता ने कहा कि उनकी दो बेटियाँ व एक बेटा था। बड़ी बेटी की 2 साल की उम्र में मौत हो गई। इसके बाद बड़ी बेटी का नाम ही छोटी बेटी को दे दिया। छोटी बेटी अब भी नाबालिग है और पहलवानी करती है। जब वह 16 साल की थी तब एक कैंप के दौरान उसके साथ उत्पीड़न हुआ था। तब बृजभूषण सिंह के खिलाफ बोलने की हिम्मत किसी में नहीं थी। अब बेटी ने ही उन्हें यौन उत्पीड़न की जानकारी दी।

पीड़िता के पिता ने कहा कि उनका आंदोलनकारी पहलवानों से कोई लेना देना नहीं है, उन्हें अपनी न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। अपने भाई के बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पिता ने कहा कि अमित लड़की का ताऊ है। सात साल से दोनों के बीच बातचीत बंद है। उन्होंने दावा किया कि जो कागजात अमित दिखा रहे हैं वह बड़ी बेटी के जन्म के हैं।

इसके पहले आंदोलन कर रहे पहलवानों ने विरोध जताते हुए अपने मेडल गंगा में प्रवाहित करने की धमकी दी थी। इसके लिए सभी पहलवान हरिद्वार पहुँच भी गए थे। हरिद्वार पहुँचने के घंटे भर बाद भी किसी ने मेडल प्रवाहित नहीं किए। थोड़ी देर बाद भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत हरिद्वार पहुँचते हैं और पहलवानों से मेडल लेकर सरकार को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हैं। नरेश टिकैत ने 5 दिनों के भीतर सब ठीक कर देने का वादा भी किया।

मनीष सिसोदिया ने कारोबारी से लिया ₹2.2 करोड़ घूस, नई शराब नीति में एक नियम जोड़ने के लिए हुई डील: ED चार्जशीट का हवाला दे रिपोर्ट में बताया

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली में हुए शराब घोटाले के मामले में जो चार्जशीट दायर की है, उससे कई बड़े खुलासे हुए हैं। ED ने बताया है कि शराब घोटाले में दिल्ली के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने करीबी सहयोगी दिनेश अरोड़ा के माध्यम से कारोबारी अमित अरोड़ा से घूस के रूप में 2.2 करोड़ रुपए लिए। AAP सरकार का ये घोटाला 2011-22 का है। इस मामले की जाँच CBI भी अलग से कर रही है।

ये पहली बार है जब किसी जाँच एजेंसी ने मनीष सिसोदिया को लेकर सीधे ये खुलासा किया है कि उन्होंने घूस लिया। इस चार्जशीट को 4 मई, 2023 को दायर किया गया था, जिसका अदालत ने संज्ञान लेते हुए गुरुवार (1 जून, 2022) को समन किया गया है। AAP नेता मनीष सिसोदिया स मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं। अमित अरोड़ा ‘Buddy Retail Pvt Ltd’ नामक कंपनी चलाता है और उसे 30 नवंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था।

इस घोटाले को लेकर ये लोग कई तरह के गड़बड़झालों में शामिल थे और इसे लागू करने के लिए भी वैध तरीकों का इस्तेमाल नहीं किया गया। मनीष सिसोदिया को ये घूस की रकम इसीलिए मिली थी, क्योंकि उन्होंने अमित अरोड़ा को फायदा पहुँचाया था। ‘आम आदमी पार्टी’ ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि ED की चार्जशीट पूरी तरह काल्पनिक है। पार्टी ने दावा किया कि ऐसी ही एक चार्जशीट में राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भी फँसाया गया था और फिर अदालत में इसे वापस लेना पड़ा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने दावा किया कि मनीष सिसोदिया पर 14 मोबाइल फोन बर्बाद करने का आरोप लगाया गया लेकिन फिर पता चला कि ये फोन ED की कस्टडी में ही हैं। ED ने बताया है कि अमित औराद को अपनी कंपनियों से जो रोजाना कमाई हो रही थी, उसी में से मनीष सिसोदिया को घूस दिया गया। अप्रैल 2021 के दूसरे हफ्ते में 1 करोड़ रुपए दिए गए थे। बाकि पैसे अगले 2-3 महीनों में दिए गए।

अमित अरोड़ा ने मनीष सिसोदिया से मार्च 2021 में मुलाकात की थी, जब उन्हें पता चला था कि ‘साउथ ग्रुप’ (एक फार्मा कंपनी और तेलंगाना के नेताओं के गठबंधन को ये नाम दिया गया है) शराब कारोबार में घुसना चाहती है और अरोड़ा द्वारा चलाए जा रहे एयरपोर्ट बिजनेस में भी एंट्री लेना चाहती है। उन्होंने एयरपोर्ट बिजनेस में किसी अन्य को NOC न मिलने वाला नियम जोड़ने की डील सिसोदिया से की थी। इस पर दिनेश ने उनसे कहा कि इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए लगेंगे।

बैठक में मनीष सिसोदिया के पहुँचने के 15 मिनट बाद दिनेश अरोड़ा पहुँचा। बैठक में सिसोदिया के बगल में दिनेश अरोड़ा के बैठने का सन्देश पहुँचा कि नई शराब नीति का काम उनकी तरफ से वही देख रहा है। दिनेश अरोड़ा ने सिसोदिया के लिए 6% घूस जमा करने का दावा भी किया है। ED ने बताया कि दिनेश अरोड़ा अरविद केजरीवाल का करीबी होने का भी दावा करता था और AAP के कम्युनिकेशन इंचार्ज विजय नायर के इशारों पर कैश का प्रबंधन करता था।