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सरकारी जमीन पर पहले बनाए 2 कमरे, फिर अंदर ही अंदर बना डाली मजार: अलीगढ़ में UP पुलिस ने बुलडोजर से किया मटिया-मेट

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में सरकारी जमीन पर बनी मजार पर बुलडोजर चलाया गया है। मजार बनाने का आरोप एक स्थानीय ठेकेदार टीपी शर्मा पर है, जिसके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। प्रशासन ने यह कार्रवाई सोमवार (8 मई 2023) को की है। हिन्दू संगठनों ने इस अवैध निर्माण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला सासनी गेट थानाक्षेत्र का है। यहाँ मौजूद आवास विकास कॉलोनी के पास एक हाउसिंग प्रोजेक्ट बना हुआ है। आरोप है कि इसी प्रोजेक्ट के पास मौजूद पानी की टंकी के नीचे एक ठेकेदार टीपी शर्मा ने अवैध तौर पर 2 कमरे बना दिए थे। इन 2 कमरों में से 1 में मजार का निर्माण करवा दिया गया था।

बताया जा रहा है कि शुरुआत में ठेकेदार ने ये दोनों कमरे सुरक्षा गार्ड के रहने के नाम पर बनवाए थे। कुछ दिनों बाद दोनों में से एक कमरे के अंदर एक मजार बना दी गई।

स्थानीय भाजपा विधायक मुक्ता राजा ने इस मजार को अराजक तत्वों द्वारा बनाई गई बताया है। उन्होंने कहा कि मजार पर अंदर ही अंदर इबादत शुरू हो चुकी थी। वहाँ चादर और फूल भी चढ़ाए जाने लगे थे।

भाजपा विधायक के मुताबिक अवैध निर्माण करने वालों को जेल भिजवाया जाएगा। अलीगढ़ के ADM अमित भट्ट के मुताबिक मजार बनाने के पीछे की सोच और इसके पीछे खर्च किए गए पैसों के सोर्स की जाँच करवाई जाएगी।

जब इस मजार का हिन्दू संगठनों के साथ स्थानीय लोगों ने विरोध किया तो मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुँचे। कुछ देर में नगर निगम के अधिकरियों के बुलडोजर मँगवा कर अवैध निर्माण को ध्वस्त करवा दिया गया।

ठेकेदार टीपी शर्मा पर FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने हालात को सामान्य बताते हुए जाँच जारी होने की बात कही।

संभोग के दौरान दक्षा घायल, फिर मौत: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़ाने के लिए 1 मादा और 2 नर चीतों को छोड़ा गया था साथ

अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क लाए गए एक और चीते की मौत हो गई। मृत मादा चीता का नाम दक्षा था। चीतों के बीच हुई लड़ाई में दक्षा की मौत हुई। कूनो नेशनल पार्क में बीते 2 महीनों में यह तीसरे चीते की मौत है।

कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता दक्षा की मौत को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। इसके अनुसार, कूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने के लिए मादा चीता दक्षा को दो नर चीतों अग्नि और वायु के साथ छोड़ने का फैसला किया गया था। इसके बाद मंगलवार (9 मई 2023) की सुबह मादा चीता दक्षा को घायल पाया गया। इसी दिन दोपहर को उसकी मौत हो गई।

मादा चीता दक्षा के शरीर में नर चीते द्वारा किए गए हमलों के घाव मिले हैं। नर और मादा चीता के बीच मेटिंग (सेक्स) के दौरान नर चीता का हिंसक होना सामान्य बात है।

सिर्फ सेक्स के लिए मिलते हैं नर और मादा चीता

वास्तव में एक मादा चीता का जीवन बहुत अधिक समस्याओं से भरा होता है। लेकिन इसके लिए वह स्वयं ही जिम्मेदार होती है। दरअसल, मादा चीता नर चीतों से अलग रहना पसंद करती हैं। सिर्फ सेक्स के दौरान ही ये नर चीतों के पास आती हैं। सेक्स के बाद नर चीते का काम खत्म हो जाता है। अगली बार सेक्स पीरियड में मादा चीता फिर नर चीता के पास आती है और फिर से दोनों अलग हो जाते हैं।

एक्सपर्ट कहते हैं कि मादा चीता के सेक्स पीरियड का अनुमान पहले से नहीं लगाया जा सकता। शावकों को जन्म देने के कुछ दिनों बाद भी ये सेक्स कर सकती हैं। किसी भी मादा चीता का सेक्स पीरियड 14 दिनों का होता है। इस दौरान ये नर चीते की गंध के सहारे उसके करीब पहुँचती है।

सेक्स पीरियड में एक मादा चीता कई नर चीतों के साथ संबंध बनाती है। इस दौरान नर चीता मादा के साथ हिंसक व्यवहार करते हैं। इससे आमतौर पर मादा चीता घायल हो जाती है। कूनो में मादा चीता दक्षा की मौत के पीछे भी यही संभावना जताई गई।

एक मादा चीता को औसतन 9 शावकों को अकेले ही पालना पड़ता है। इसका सीधा मतलब यह है कि मादा चीता को हर रोज शिकार करना होता है। चूँकि वह अकेले रहती है, ऐसे में उसे अपने बच्चों की निगरानी भी खुद करनी होती है।

2 महीनों में तीसरे चीते की मौत

अफ्रीका से भारत लाए गए चीतों में यह तीसरे चीते की मौत है। इससे पहले मार्च में मादा चीता शासा की मौत हो गई थी। भारत लाने से पहले ही शासा की किडनी में इंफेक्शन था। भारत लाने के बाद जाँच में भी इसकी पुष्टि हुई थी। उसका इलाज चल रहा था। लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं, इसी साल अप्रैल में नर चीते उदय की मौत हो गई थी। उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया था।

श्रद्धा को मार कर मिटाए सबूत: कोर्ट ने आरोप किए तय, आफताब पूनावाला ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से किया इनकार

दिल्ली के मेहरौली में 18 मई 2022 को हुई श्रद्धा वाकर की हत्या के आरोपित आफताब पूनावाला के खिलाफ साकेत कोर्ट में आरोप तय कर दिए गए हैं। मंगलवार (9 मई 2023) को हुई सुनवाई में आफताब पर हत्या के साथ सबूतों को मिटाने का भी चार्ज लगाया गया है।

अदालत में आफताब पूनावाला ने अपने खिलाफ लगे आरोपों से इंकार किया है। उसने बताया कि वह कोर्ट में ट्रायल का सामना करेगा। मामले की अगली सुनवाई 1 जून 2023 तय की गई।

आफताब पर हत्या की धारा 302 और सबूत मिटाने की धारा 201 के तहत आरोप तय हुए। केस की सुनवाई सेशन जज मनीषा खुराना कक्कड़ की अदालत में हुई। अप्रैल 2023 में आफताब के चार्ज पर एक बहस कोर्ट में हुई थी, जिसमें अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। आफताब के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 24 जनवरी 2023 को 6623 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।

श्रद्धा वाकर हत्याकांड

दलित समुदाय की श्रद्धा और आफताब लम्बे समय से लिव इन रिलेशनशिप में थे। दोनों पहले मुंबई में एक साथ रहते थे और बाद में वो दिल्ली आ गए। नवम्बर 2022 में श्रद्धा वाकर के पिता ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस में दर्ज करवाई थी।

श्रद्धा के पिता की रिपोर्ट के आधार पर दिल्ली पुलिस ने आफताब को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। आफताब ने पुलिस के आगे मई 2022 में श्रद्धा की हत्या करने की बात कबूली। आफताब ने यह भी बताया था कि उसने श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े काट कर अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था।

आफताब ने श्रद्धा की हड्डियों को पीस कर पाउडर बना दिया था और आँतों को डस्टबिन में डाल दिया था। पुलिस ने आफताब का कस्टडी रिमांड लेकर श्रद्धा के शरीर के कुछ हिस्से बरामद किए थे। श्रद्धा की मौत के बाद भी आफताब उनके सोशल मीडिया हैंडल्स को लम्बे समय तक चलाता रहा। ऐसा करके वह श्रद्धा के परिचितों को इस भ्रम में रखना चाहता था कि वह जिन्दा है।

मुख्तार अंसारी के इंटरव्यू पर हाई कोर्ट की रोक, सुरक्षा के दिए निर्देश: शिया बोर्ड के चेयरमैन का खुलासा- अतीक और मुख्तार ने वक्फ बोर्ड की जमीन भी हथियाई

अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी ने वक्फ बोर्ड की जमीनों पर भी कब्जा किया था। यह खुलासा शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी ने किया है। इस बीच इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि मीडिया को उसका इंटरव्यू लेने की इजाजत नहीं दी जाए।

हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को जेल में बंद मुख्तार अंसारी को एक जेल से दूसरी जेल में शिफ्ट करने और अदालत में पेश करने के दौरान पूरी सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। जस्टिस डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकेर और जस्टिस शिव शंकर प्रसाद की पीठ ने कहा कि मुख्तार अंसारी की बीवी अफशा की याचिका पर यह निर्देश दिया है। 2021 में याचिका दायर कर उसने अपने शौहर के लिए सुरक्षा की माँग की थी।

वैसे यह आदेश ऐसे समय में आया है जब हाल ही में मीडियाकर्मी बनकर आए शूटरों ने प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसे देखते हुए हाई कोर्ट ने कहा, “हम विचाराधीन कैदियों के इंटरव्यू के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हाल के प्रकरण को देखते हुए यह प्रतिबंध विचाराधीन कैदी के हित में और उसकी सुरक्षा के लिए होगा।”

वहीं, शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी ने वक्फ संपत्ति पर माफियाओं के कब्जे का खुलासा किया है। उन्होंने ​कहा, “वक्फ संपत्ति पर कब्जा करना माफियाओं के लिए सबसे आसान है। अतीक अहमद ने भी वक्फ संपत्ति पर एक कॉम्प्लेक्स बनाया था। हमारे वक्फ की एक संपत्ति पर फर्जी दस्तावेज बनाकर अवैध रूप से कंपनी रजिस्टर कराकर प्लॉट किया गया था, जिसमें मुख्तार अंसारी की बीवी अफशा अंसारी निदेशक थी। यह जमीन करोड़ों रुपए की है। हमने प्रशासन को इसके बारे में लिखा है और इन मुद्दों को हल करने के लिए सरकार से मदद माँगी है।”

बता दें कि अप्रैल 2023 में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन लोगों ने कैमरे के सामने हत्या कर दी थी। अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या तब हुई, जब यूपी पुलिस उन्हें मेडिकल के लिए ले जा रही थी। अतीक अहमद का बेटा असद उससे पहले झाँसी में एक पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था।

शीशा तोड़ा, काॅलर पकड़ा और इमरान खान को धकियाते हुए ले गए: पाकिस्तान के पूर्व पीएम गिरफ्तार, टाॅर्चर किए जाने का दावा

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उन्हें इस्लामाबाद हाई कोर्ट से मंगलवार (9 मई 2023) को पाकिस्तानी रेंजर्स ने गिरफ्तार किया। वे दो मामलों में जमानत के लिए अदालत पहुँचे थे। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने अपने नेता को टाॅर्चर किए जाने का दावा किया है। पाकिस्तान में इस घटना के बाद से तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। हिंसा की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि दिवालिया हो चुके देश में गृहयुद्ध छिड़ सकता है।

पाकिस्तानी वेबसाइट द डाॅन के मुताबिक अल कादिर ट्रस्ट स्कैम में पूर्व प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी हुई है। यह घोटाला 50 अरब रुपए से अधिक का बताया जाता है। आरोप है कि इसका फायदा इमरान खान और उनकी बेगम बुशरा बीबी को हुआ था। इमरान खान की गिरफ्तारी (Imran Khan Arrest) के दौरान बल प्रयोग का भी दावा किया गया है। उनके वकील घायल हैं। विरोध में पार्टी ने बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जमानत के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट पहुँचे इमरान खान जब बायोमेट्रिक एंट्री करा रहे थे तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में पाकिस्तानी रेंजर्स इमरान खान को कॉलर पकड़कर जबरस्ती धक्का देकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में पाकिस्तानी रेंजर्स कोर्ट की खिड़कियों में लगे काँच तोड़कर अंदर घुसते देखे जा सकते हैं।

पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की नेता मुसर्रत चीमा ने दावा किया है कि इमरान खान के साथ मारपीट कर उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है।

इमरान खान के वकील ने कहा है कि इमरान खान हाई कोर्ट में बायोमैट्रिक मशीन में हाजिरी लगाने के लिए पहुँचे थे, इसी दौरान जवान आए और उन्हें खींचकर ले गए। रेंजर्स कोर्ट रूम में लगे शीशे तोड़कर अंदर दाखिल हुए थे। कोर्ट में मौजूद इमरान समर्थकों द्वारा विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। पीटीआई ने इमरान के वकील का वीडियो भी शेयर किया है। इसमें वह खून से लथपथ दिखाई दे रहे हैं।

पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने ट्वीट कर कहा है, “पूर्व पीएम इमरान खान को कोर्ट परिसर से अगवा कर लिया गया है। सैकड़ों वकीलों और आम लोगों को प्रताड़ित किया गया। इमरान खान को अज्ञात लोगों द्वारा अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने आंतरिक सचिव और आईजी पुलिस को 15 मिनट के भीतर अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।”

इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर इस्लामाबाद पुलिस ने ट्वीट कर कहा है कि इमरान खान को अल कादिर ट्रस्ट केस मामले में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल स्थितियाँ सामान्य हैं। इस्लामाबाद में धारा 144 लगाई गई है। उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। अल कादिर ट्रस्ट केस एक यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ मामला है। इमरान खान ने प्रधानमंत्री रहते हुए मनमाने ढंग से करोड़ों रुपए की जमीन इस ट्रस्ट के नाम कर दी थी। बड़ी बात यह है कि इस ट्रस्ट के दो ही ट्रस्टी हैं, एक इमरान खान और दूसरी उनकी बीवी बुशरा। इस पूरे मामले का खुलासा पाकिस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति मलिक रियाज ने किया था।

‘अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए ममता बनर्जी कर रहीं The Kashmir Files को बदनाम’ – विवेक अग्निहोत्री ने भेजा लीगल नोटिस

सुदीप्तो सेन की फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) का कट्टरपंथी इस्लामियों द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। इस बीच लेकिन ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) को भी निशाना बनाया जा रहा। इसी कारण डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को एक कानूनी नोटिस भेजा है।

विवेक अग्निहोत्री ने मंगलवार (9 मई 2023) को अपने ट्विटर हैंडल पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा:

“मैंने, अभिषेक अग्रवाल और पल्लवी जोशी के साथ मिलकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने हमें और हमारी फिल्मों ‘द कश्मीर फाइल्स’ और अपकमिंग फिल्म ‘द दिल्ली फाइल्स’ को बदनाम करने के इरादे से झूठे और अपमानजनक बयान दिए हैं।”

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए विवेक अग्निहोत्री ने कहा, “पिछले कई वक्‍त से मैं खामोश था। कोई भी मुख्‍यमंत्री, चाहे वो दिल्‍ली के चीफ मिनिस्‍टर हों, या बड़े-बड़े जर्नलिस्ट हों, नेता हों, ये कभी भी उठ कर कह देते थे कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) एक प्रोपेगेंडा फिल्‍म है। अब मुझे लगा कि बहुत हो चुका है। जिसे भी लगता है कि यह प्रोपेंगेडा फिल्म है, वह आकर यह साबित करे कि इसमें कौन सा डायलॉग, कौन सा सीन, कौन सा फैक्‍ट है, जो प्रोपेगेंडा है। मैं, फिल्‍म के प्रोड्यूसर अभ‍िषेक अग्रवाल और पल्‍लवी जोशी जी अपनी तरफ से एक बहुत ही सख्‍त और लीगल कार्रवाई करेंगे।”

विवेक अग्‍न‍िहोत्री ने आगे कहा, “कल (8 मई 2023) को बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने ‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ और मेरी अगली फिल्‍म, जो बंगाल के नरसंहार पर आधारित है, उस पर आरोप लगाए। उन्‍होंने कहा कि मुझको ‘द कश्‍मीर फाइल्‍स’ बनाने के लिए या अगली फिल्‍म बनाने के लिए बीजेपी स्‍पॉन्‍सर करती है। फंड करती है। यह मेरे मन को आहत करने वाली, मेरे रोजगार को प्रभावित करने वाली और पूरी तरह से झूठ व बेबुनियाद बात है, जो पॉलिट‍िकल एजेंडा के तहत अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए ममता जी ने कही है।”

लीगल नोटिस क्यों भेजा, इस पर बात करते हुए विवेक अग्‍न‍िहोत्री ने आगे कहा:

“मैंने, मेरे प्रोड्यूसर अभ‍िषेक अग्रवाल जी ने, पल्‍लवी जोशी जी ने तय किया है कि हम उनके (ममता बनर्जी) खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। हमने उनको लीगल नोटिस भेजा है। वह इस बात का जवाब दें कि उन्‍होंने जो बातें कहीं है, उसका तथ्‍य क्‍या है। अन्‍यथा यह मानहानि है। मेरी नजर में यह एक आदमी की रोजी-रोटी को प्रभावित करने के लिए गलत इरादे से दिया गया बयान है।”

बता दें कि विवेक अग्रिहोत्री के निर्देशन में बनी ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर आधारित है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिल्म की सराहना की है।

राजस्थान में अब पायलट ने खुलकर भरी उड़ान, 11 मई से करेंगे पदयात्रा: कहा- अशोक गहलोत की नेता सोनिया गाँधी नहीं, वसुंधरा राजे हैं

राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) और कभी उनके डिप्टी रहे सचिन पायलट (Sachin Pilot) की लड़ाई अब खुलकर सामने आई है। गहलोत के आरोपों का जवाब देते हुए पायलट ने कहा है कि उन्हें निकम्मा, नाकारा, गद्दार कहा गया। फिर भी वे चुप रहे, क्योंकि वे पार्टी को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते थे। साथ ही उन्होंने 11 मई से ‘जन संघर्ष यात्रा’ शुरू करने की भी घोषणा की है।

पायलट ने मंगलवार (9 मई 2023) को जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत के भाषण को सुनकर ऐसा लग रहा है जैसे उनकी नेता सोनिया गाँधी नहीं, बल्कि वसुंधरा राजे सिंधिया हैं। एक ओर यह कहा जा रहा है कि बीजेपी कॉन्ग्रेस सरकार को गिराने की कोशिश कर रही थी। वहीं दूसरी ओर यह कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे सरकार को बचा रहीं थीं। सीएम अशोक गहलोत को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह क्या कहना चाहते हैं। उनके इस बयान को वीडियो में 2:20 मिनट के बाद से सुना जा सकता है।

पायलट ने कहा कि उन्हें निकम्मा, नकारा, गद्दार के साथ ही बहुत कुछ कह गया। वह ढाई साल से यह सब सुन रहे थे। वह पार्टी को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते थे, इसलिए चुप थे। लेकिन अब अपने ही सरकार के नेताओं को बेइज्जत किया जा रहा है और भाजपा का गुणगान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत ने जो आरोप लगाए हैं वह पहली भी कई बार लगाए जा चुके हैं। सीएम ने पार्टी नेताओं का अपमान किया है। उन्होंने ऐसे नेताओं पर आरोप लगाए हैं जो राजनीति में 40-45 साल से काम कर रहे हैं। उनके क्षेत्र के लोग जानते हैं कि वह कैसे नेता हैं, कैसा काम करते हैं। पायलट ने बताया कि वह 11 मई से पद यात्रा निकालेंगे। यह यात्रा अजमेर से जयपुर तक जाएगी। उन्होंने कहा कि 125 किलोमीटर लंबी यह यात्रा सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि युवाओं के लिए होगी।

गहलोत ने पिछले दिनों दावा किया था कि उनकी सरकार को गिराने के लिए पार्टी के कुछ विधायकों ने अमित शाह से पैसे लिए थे। साथ ही कहा था कि सरकार बचाने में बीजेपी नेता वसुंधरा राजे ने उनकी मदद की थी। उन्होंने कहा था, “जब वह कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष थे तो उन्होंने राज्य में भैरोंसिंह शेखावत के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को गिराने से मना कर दिया था। इसी तरह 2020 की बगावत के वक्त वसुंधरा राजे और मेघवाल ने कहा था कि राजस्थान में धन-बल के बूते चुनी हुई सरकारें गिराने की कोई परंपरा नहीं है।”

वसुंधरा ने गहलोत के इन दावों को झूठ करार दिया था। इसे अपने खिलाफ षड्यंत्र बताया था। उन्होंने कहा था, “अशोक गहलोत ने जितना अपमान मेरा किया है उतना किसी का नहीं किया तो फिर मैं गहलोत की मदद कैसे कर सकती हूँ।” राजे ने कहा कि गहलोत ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह 2023 में मिलने वाली हार से भयभीत हो गए हैं।

एक मर्डर का राज दबाने के लिए पुलिसकर्मी सहित गवाह की भी हत्या… फिर बिहारी मजदूरों पर बरसाई गोलियाँ: मुख्तार अंसारी ऐसे पैदा करता था खौफ

कभी अपराध ही नहीं भय और आतंक का दूसरा नाम रहे माफिया मुख़्तार अंसारी के आपराधिक जीवन की पड़ताल में ऑपइंडिया की टीम लगभग 1 सप्ताह पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में रही। इस दौरान हमने कही-सुनी बातों पर ध्यान न देकर सीधे उन परिवारों से भी सम्पर्क साधा, जो कहीं न कहीं किसी न किसी रूप में मुख़्तार अंसारी के अपराध से प्रभावित हुए हैं।

मुख़्तार अंसारी द्वारा सताए गए लोगों की तादाद हमें सैकड़ों में बताई गई लेकिन पीड़ित होने के बाद भी अपनी व्यथा बताने का साहस काफी कम लोग ही कर पा रहे थे। उन तमाम पीड़ितों में एक नाम है अशोक सिंह का, जो मऊ जिले के रहने वाले हैं। मुख़्तार अंसारी ने अशोक सिंह के चचेरे भाई अजय उर्फ़ मन्ना सिंह की हत्या मऊ जिले में ही करवा दी थी।

2009 में हुई थी मन्ना सिंह की हत्या

अशोक सिंह ने हमें बताया कि उन्होंने मुख़्तार अंसारी के खिलाफ अपनी आवाज तब भी बुलंद रखी, जब वह आज की तमाम विपक्षी पार्टियों की सरकारों में पूरे रुतबे में हुआ करता था। भाई की हत्या का जिक्र करते हुए अशोक सिंह ने बताया कि 29 अगस्त 2009 को मुख़्तार अंसारी ने उनके भाई अजय उर्फ़ मन्ना सिंह की मऊ शहर में गोली मरवा कर हत्या करवा दी थी। हत्या की वजह उन्होंने अजय द्वारा अपनी मेहनत की कमाई से गुंडा टैक्स न देना बताया।

हत्या के बाद गवाह का भी पुलिसकर्मी सहित कत्ल

अशोक सिंह ने आगे बताया कि उनके भाई मन्ना सिंह की हत्या के चश्मदीद गवाह राम सिंह मौर्य थे। राम सिंह मौर्य की भी 19 मार्च 2010 को मऊ शहर में हत्या करवा दी गई। गवाह राम सिंह मौर्य को सुरक्षा के लिए गनर तौर पर UP पुलिस के कॉन्स्टेबल सतीश मिले थे, जो इस हमले में बलिदान हो गए। इस मामले में भी मुख़्तार अंसारी को आरोपित किया गया था, जिसका केस फ़िलहाल चल रहा है।

जिस शब्बीर को दी नौकरी, उसी ने दिया धोखा

अशोक सिंह के मुताबिक उनके भाई की हत्या के दौरान 2 लोग घायल भी हुए थे। इन घायलों में पहले राजेश राय थे और दूसरे मृतक अजय सिंह उर्फ़ मन्ना के ड्राइवर शब्बीर उर्फ़ राजा। राजेश राय की कुछ दिनों बाद मृत्यु हो गई थी जबकि ड्राइवर शब्बीर ‘पक्षद्रोही’ हो गया था।

पक्षद्रोही मतलब गवाह शब्बीर ने कोर्ट में मुख़्तार अंसारी का पक्ष ले लिया। मतलब जिसकी गोलियों से घायल हुआ, उसी के पक्ष में गवाही दी। अशोक सिंह बताते हैं कि अब शब्बीर अपना निजी इलेक्ट्रिक रिक्शा आदि चलाता है, जो सम्भवतः उसे मुख़्तार अंसारी ने खरीद कर दिया है।

बिहारी मजदूरों पर बरसाई गोलियाँ

अशोक सिंह आगे बताते हैं कि जब उन्होंने अपने भाई के लिए न्याय की लड़ाई में पीछे न हटने का एलान किया, तब उन्हें मुख़्तार फर्जी मामलों में फँसाने की साजिश रचने लगा। बकौल अशोक सिंह मुख़्तार अंसारी ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए साल 2014 में आज़मगढ़ के थानाक्षेत्र तरवाँ में अपने ही सहयोगियों के यहाँ काम कर रहे बिहारी मजदूरों पर गोलियाँ बरसा दीं।

इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई थी, जबकि दूसरा घायल हुआ था। बाद में इस केस में अशोक सिंह और उनके चचेरे भाई हरेंद्र सिंह को हत्या का आरोपित बनाया गया था।

इस मामले में तत्कालीन एसएसपी आज़मगढ़ IPS अनंतदेव त्रिपाठी की तारीफ करते हुए अशोक सिंह ने बताया कि उन्होंने सही से जाँच करवाई तो उल्टा केस खुद मुख़्तार पर दर्ज हुआ और वो तथा उनके भाई केस से बरी हुए। अशोक सिंह के अनुसार मुख़्तार अंसारी इसी प्रकार अपने ही लोगों को मरवा कर दूसरों को फँसाने में माहिर है।

अतीक, शहाबुद्दीन ही नहीं विदेशों तक कनेक्शन

अशोक सिंह ने माफिया मुख़्तार अंसारी का आपराधिक नेटवर्क अतीक अहमद और शहाबुद्दीन के साथ जुड़ा बताया। उन्होंने दावा किया कि सही से जाँच होने पर अंसारी गैंग का विदेशी नेटवर्क भी मिलेगा। VHP नेता रूंगटा की हत्या की याद दिलाते हुए अशोक सिंह ने बताया कि मुख़्तार किसी की हत्या करने से पहले उसे अपने विश्वास में लेता था। उन्होंने मुख़्तार की फितरत पीठ में छुरा घोंपने वाली बताया। अशोक सिंह के मुताबिक मऊ दंगों में भी मुख़्तार का बड़ा हाथ था।

गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी के आपराधिक कुकर्मों का चिट्ठा खोलने ऑपइंडिया के पत्रकार राहुल पांडेय कई दिनों तक ग्राउंड पर थे। वहाँ उन्होंने मुख्तार के खौफ की कई कहानियाँ दंगों के चश्मदीदों से जानीं। इस दौरान यह भी पता चला कि कैसे मुख्तार के डर से पुलिस सूअर पकड़ने पानी में घुस जाती थी, थाने से फाइलें गायब करवा दी जातीं थी, पत्रकारों को पीटा जाता था, मंदिरों की जमीन कब्जाई जाती थी और उसके द्वारा गोतस्करी जैसे अपराध करवाए जाते थे। आप लिंक पर क्लिक करके उनकी रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।

‘द केरल स्टोरी’ पर रोक के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँचे कपिल सिब्बल, सुनवाई को तैयार हो गए CJI: पश्चिम बंगाल में बैन को फिल्ममेकर्स ने दी चुनौती

फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) पर रोक लगाने को लेकर कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ से इस मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध किया। शीर्ष अदालत उनकी याचिका पर 15 मई 2023 को सुनवाई को राजी हो गया है। सिब्बल ने अपनी याचिका में केरल हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था।

वहीं, ‘द केरल स्टोरी’ पर पश्चिम बंगाल में लगे बैन को हटाने की माँग को लेकर फिल्ममेकर्स ने भी सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। फिल्ममेकर्स ने अपनी याचिका में तमिलनाडु सरकार को राज्य में फिल्म दिखाने वाले सिनेमाघरों को सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश देने की भी भी गुहार लगाई है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार (8 मई 2023) को इस फिल्म पर बैन लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि यह फैसला राज्य में नफरत, हिंसा रोकने और शांति बरकरार रखने के लिहाज से लिया गया है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली के एक सिनेमाहॉल में यह फिल्म देखने के बाद मीडियाकर्मियों से कहा था, “यह मेरी समझ से परे है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) प्रमुख की सहानुभूति आतंकवादी संगठनों के साथ है, न कि केरल की मासूम लड़कियों के साथ। पश्चिम बंगाल इस फिल्म को बैन करके बहुत बड़ा अन्याय कर रहा है।”

गौरतलब है कि केरल हाईकोर्ट ने 5 मई 2023 को इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। जस्टिस एन नागरेश और जस्टिस सोफी थॉमस की पीठ ने कहा था कि इस फिल्म में इस्लाम या मुस्लिमों के खिलाफ कुछ भी नहीं है। ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के बारे में है।

अदालत ने यह भी कहा था कि किसी भी याचिकाकर्ता ने फिल्म नहीं देखी है। फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगता है कि इसमें किसी समुदाय विशेष के लिए कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। ऐसी कई फिल्में हैं, जिनमें हिंदू संन्यासियों को तस्कर या बलात्कारी के रूप में दिखाया गया है। लेकिन कोई विरोध नहीं करता। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी ‘The Kerala Story’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

द केरल स्टोरी पर चतुराई शबाना आजमी को पड़ी भारी: नेटिजन्स ने समझाया बॉयकाट और बैन का फर्क, इस्लाम परस्तों ने जाहिल तक बता डाला

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने लव जिहाद पर बनी फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) पर बैन लगा दिया है। तमिलनाडु के मल्टीप्लेक्स में फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी है। वहीं, स्व-घोषित उदारवादी और इस्लामवादी लगातार फिल्म के बैन की माँग कर रहे हैं। इसी बीच बॉलीवुड अभिनेत्री शबाना आजमी (Shabana Azmi) ने सुदीप्तो सेन के निर्देशन में बनी फिल्म पर बैन लगाने की माँग करने वालों को गलत ठहराया है।

उन्होंने सोमवार (8 मई 2023) को ट्वीट किया, “जो लोग ‘द केरल स्टोरी’ पर बैन लगाने की बात करते हैं, वे उतने ही गलत हैं, जितने कि वे लोग जो आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ पर बैन लगाना चाहते थे। एक बार किसी फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल जाता है तो फिर किसी भी दूसरे कॉन्स्टिट्यूशन अथॉरिटी का कोई रोल नहीं रह जाता।”

शबाना आजमी ने अपने ट्वीट में भले ही ‘द केरल स्टोरी’ पर बैन लगाने की माँग करने वालों को गलत ठहराया हो, लेकिन इस​के जरिए उन्होंने बेहद चतुराई से उन लोगों पर निशाना साधा है, जिन्होंने आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) का बॉयकाट किया।

शबाना आजमी को इस चतुराई पर नेटिज़न्स ने जमकर लताड़ा। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड की रीमेक ‘लाल सिंह चड्ढा’ पर कभी किसी ने बैन लगाने की बात नहीं की थी। कई लोगों ने बॉलीवुड और उसके ए-लिस्टर्स की हिंदू विरोधी मानसिकता के कारण फिल्म का बॉयकाट करने का आह्वान किया था। बॉयकाट या बहिष्कार का मतलब, बैन नहीं होता है। बैन का अर्थ फिल्म को दिखाने पर रोक लगाना है। वहीं, बहिष्कार का आह्वान विरोध जताने का एक वैध जरिया है, जहाँ लोग अपनी स्वेच्छा से फिल्म देखने नहीं जाते हैं, जिसकी स्क्रीनिंग की जा रही है।

शबाना आजमी के ट्वीट को लेकर कई लोगों ने बैन और बॉयकाट का अर्थ स्पष्ट किया। एक यूजर ने लिखा, “शबाना जी, आपने सही कहा है कि जब किसी फिल्म को सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से सर्टिफिकेट मिल जाता है तो उस फिल्म पर, प्रतिबंध लगाने की माँग करना सही नहीं है। लेकिन आपको बस यह बताना था कि ‘द केरल स्टोरी’ पर प्रतिबंध लगाने की माँग की जा रही है, जबकि ‘लाल सिंह चड्ढा’ के कभी भी बैन की बात नहीं की गई।”

इसके अलावा अन्य यूजर्स ने भी इस चतुराई भरी अज्ञानता पर शबाना आजमी को घेरा।

इसके बाद शबाना आजमी ने मंगलवार (9 मई 2023) को एक न्यूज का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें ‘लाल सिंह चड्ढा’ पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक जनहित याचिका दायर करने का जिक्र किया गया है। इस तरह उन्होंने अपनी गलती को सही ठहराने का प्रयास किया।

भले ही यह एक जनहित याचिका थी, लेकिन लाल सिंह चड्ढा पर प्रतिबंध को लेकर वैसी कोई सक्रियता नहीं दिखी थी जैसा द केरल स्टोरी को लेकर दिख रहा है।

वैसे हिंदू नेटिजन्स ने शबाना आजमी को उत्तर देते हुए उनके ट्वीट की तथ्यात्मक त्रुटि से अवगत कराया। लेकिन इस्लाम परस्तो ने उनको उत्तर देने में कोई विनम्रता नहीं दिखाई। AltNews के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा की माँ निर्झरी सिन्हा ने दावा किया कि ‘द केरल स्टोरी’ एक प्रोपेगेंडा फिल्म है। उसने बैन को सही ठहराया है। ध्यान रहे कि AltNews इस्लामवादियों के पक्ष में माहौल बनाने और उनकी हिंसा को क्लीनचिट देने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाता रहा है।

इसी तरह इरेना अकबर नाम की यूजर्स ने तो शबाना आजमी को ‘जाहिल और बेईमान’ तक कह दिया।

बता दें कि ‘द केरल स्टोरी’ के क्रू मेंबर के साथ-साथ प्रशंसकों को भी धमकियाँ मिल रही हैं। पुणे में इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को फ्री राइड देने का एलान करने वाले ऑटो ड्राइवर साधु मगर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। साधु ने पुलिस में देश-विदेश के कुछ अनजान नंबरों की शिकायत देते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।