Home Blog Page 1826

TV पर चल रहा था पवन सिंह का गाना, सामने बैठकर जीव विज्ञान की परीक्षा दे रहे थे छात्रः बिहार के एक सरकारी स्कूल का Video वायरल

बिहार के नालंदा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मी​डिया पर एक क्लासरूम का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसको लेकर नीतीश सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसमें एग्जाम हॉल के अंदर एलईडी टीवी पर तेज आवाज में भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का गाना चल रहा है और छात्र परीक्षा देते हुए नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह ​है कि इस दौरान कोई भी शिक्षक क्लासरूम में मौजूद नहीं है।

वायरल वीडियो में क्लासरूम में एक बेंच पर तीन-तीन छात्र एक साथ बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। इस दौरान कई छात्रों को गाने का लुत्फ उठाते, एक-दूसरे की कॉपी से नकल करते, तो कुछ को गाने का वीडियो बनाते हुए देखा जा सकता है। क्लासरूम के अंदर मौजूद किसी छात्र ने ये वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। यह मामला बौरीसराय गाँव के उच्च माध्यमिक विद्यालय का है, जहाँ सोमवार (8 मई 2023) को 11वीं की बायोलॉजी परीक्षा ली जा रही थी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) केशव प्रसाद ने बताया है कि वायरल वीडियो का मामला संज्ञान में आया है। इस्लामपुर प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी को जाँच का जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

यह कोई पहला मामला नहीं है, जो बिहार सरकार के शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों की पोल खोल रहा है। इससे पहले इसी साल फरवरी में समस्तीपुर के संत कबीर कॉलेज का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था। परीक्षा केंद्र पर 500 मीटर की परिधि में धारा 144 लगाने के बावजूद कुछ परिजन ग्रिल पर खड़े होकर मोबाइल से परीक्षार्थियों को नकल कराते हुए नजर आए थे।

केरल की एक स्टोरी यह भी: ड्रग्स में डूबी है मलयालम फिल्म इंडस्ट्री, नशे में धुत अभिनेताओं पर बैन; पुलिस के पहरे में शूटिंग

मलयालम फिल्म इंडस्ट्री काफी समय से विवादों में है। इसका कारण ड्रग्स के बढ़ते मामले हैं। इंडस्ट्री में काम करने वालों कलाकारों ने खुद इसका खुलासा किया है। उनके मुताबिक, मलयालम सिनेमा में नशीली दवाओं का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। कुछ दिन पहले फिल्म के सेट पर एक्टर्स शेन निगम (Shane Nigam) और श्रीनाथ भासी (Sreenath Bhasi) को नशे में धुत पाया गया, जिसके बाद ‘द फिल्म एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ केरल’ (एफईएफकेए)’ और ‘केरल फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन’ ने इन दोनों को 25 अप्रैल 2023 को बैन कर दिया। अब दोनों अभिनेता भविष्य में किसी भी प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर सकेंगे। लेकिन उन्हें पहले से साइन किए गए सभी कार्यों को पूरा करना होगा।

जाने-माने फिल्म निर्माता एम रंजीत ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि दोनों अभिनेता ड्रग्स के नशे में फिल्म के सेट पर आते थे। इसके अलावा एक्टर्स पर अभद्र व्यवहार करने समेत सेट पर देर से आने, शेड्यूल के मुताबिक काम नहीं करने और स्पॉट एडिट की माँग करने के आरोप लगाए गए हैं। केरल फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (KFPA) ने घोषणा की है कि वे शेन निगम और श्रीनाथ भासी के साथ और कॉपरेट नहीं कर सकते हैं। इसके चलते अब से फिल्म की शूटिंग के सभी लोकेशन्स पर पुलिस मौजूद रहेगी।

शेन निगम और श्रीनाथ भासी की खबर वायरल होने के बाद कई अन्य अभिनेताओं और निर्माताओं ने फिल्म के सेट पर बड़े पैमाने पर ड्रग्स के इस्तेमाल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। निर्माता सैंड्रा थॉमस ने 3 मई 2023 को सिनेमा एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताया, “यह सच है कि मलयालम सिनेमा में ड्रग्स का उपयोग बड़े पैमाने पर हो रहा है। अब समय आ गया है कि हम इसे कंट्रोल करें, क्योंकि इसके साथ बहुत सारे मुद्दे जुड़े हुए हैं। जो लोग ड्रग्स का सेवन करते हैं उन्हें रात में नींद नहीं आती है, इसलिए उन्हें शूट के लिए हमेशा देर हो जाती है। हम यह भी नहीं जानते कि वे कब शांत हो जाते हैं। वे हमारी सभी बातों पर हामी भरेंगे, लेकिन उसे सुनेंगे नहीं। डेट ही भूल जाते हैं, जिसका खामियाजा निर्माता को भुगतना पड़ता है।”

वहीं ​बीते दिनों काम के दौरान ड्रग्स लेने वाले इन दोनों अभिनेताओं का नाम सामने आने के बाद हास्य अभिनेता टिनी टॉम ने कहा कि इंडस्ट्री में ड्रग्स के सेवन के जोखिम के कारण वह और उनकी पत्नी नहीं चाहते हैं कि उनका बेटा मलयालम सिनेमा में काम करे। ध्यान दें कि एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (एएमएमए) के महासचिव एडावेला बाबू ने सबसे पहले इस विवाद के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने हाल ही में एक बयान दिया कि वे केरल सरकार को उन अभिनेताओं की एक सूची देंगे, जो ड्रग्स के नशे में काम करते हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले सितंबर 2022 में केरल फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (KFPA) ने मलयालम अभिनेता श्रीनाथ भासी पर एक यूट्यूब चैनल को दिए साक्षात्कार के दौरान एक महिला एंकर के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में फिल्मों से अस्थायी रूप से बैन लगाने का फैसला किया था।

PM मोदी ने श्रीनाथजी का किया दर्शन, राजस्थान को ₹5500 करोड़ की परियोजनाएँ दी: कहा- जयपुर ब्लास्ट में काॅन्ग्रेस ने वही किया, जिसके लिए कुख्यात रही है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बुधवार (10 मई 2023) को राजस्थान के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने राजसमंद में स्थित प्रसिद्ध नाथद्वारा मंदिर में भगवान श्रीनाथ जी का दर्शन किया। इसके बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए महापुरुषों को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने लगभग 5500 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मित्र कहकर संबोधित किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने नाथद्वारा में कहा कि मेवाड़ का यह क्षेत्र हल्दीघाटी की भूमि है, जो राष्ट्ररक्षा के लिए, महाराणा प्रताप के शौर्य, भामाशाह के समर्पण और पन्नाधाय के त्याग के लिए जाता है। उन्होंने कहा, “इस मिट्टी के कण-कण में वीरता रची-बसी है। कल ही देश ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें पुण्य भाव से स्मरण किया है। अपनी विरासत की पूँजी को हमें अधिक से अधिक देश दुनिया तक ले जाना है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार अलग-अलग धार्मिक सर्किट पर काम कर रही है। कृष्ण सर्किट के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े तीर्थों को जोड़ा जा रहा है। इससे राजस्थान के जयपुर स्थित गोविंद देव जी, सीकर स्थित खाटू श्याम और नाथद्वारा के श्रीनाथ जी का दर्शन आसान होगा।

भारत माता की जय के नारे लगवाते हुए पीएम मोदी ने कहा, “भारत सरकार सेवा भाव को भक्ति भाव मानकर दिन रात काम कर रही है। श्रीनाथ जी का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे। इसलिए विकास कार्यों की आप सबको एक बार और बधाई देता हूँ। मैंने श्रीनाथजी से आजादी के अमृतकाल में विकसित भारत की संकल्प से सिद्धि के लिए आशीर्वाद माँगा है।”

पीएम मोदी ने कहा, “दूरदृष्टि की कमी के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाने का नुकसान राजस्थान ने बहुत उठाया है। इस मरुभूमि में कनेक्टिविटी के अभाव में आना-जाना बहुत मुश्किल होता था। इससे आने-जाने में ही नहीं, बल्कि इससे खेती-कारोबार में भी मुश्किल था।

नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना साल 2000 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2014 तक लगभग 3.80 लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गईं। इसके बाद भी हजारों गाँव संपर्क से कटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि साल 2014 में भाजपा सरकार ने संकल्प लिया कि हर गाँव तक पक्की सड़कें पहुँचाई जाएँगी और पिछले 9 वर्ष में 3.50 लाख किलोमीटर नई सड़के गाँव में बनाई गईं। इनमें से 70,000 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें राजस्थान के गाँवों में बनी हैं।

पीएम ने आगे कहा कि राजस्थान पहली वंदे भारत ट्रेन मिल चुकी है और मावली-मारवाड़ रेल गेज परिवर्तन की माँग भी पूरी हो रही है। अहमदाबाद-उदयपुर के पूरे रूट को ब्रॉडगेज में बदलने का काम पूरा हुआ है। पूरे रेलवे को मानव रहित फाटकों से मुक्त करने के बाद बहुत तेजी से पूरे नेटवर्क का बिजलीकरण किया जा रहा है। बीते 9 साल में राजस्थान के लगभग 75 प्रतिशत रेलवे नेटवर्क का बिजलीकरण किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि यहाँ गेज परिवर्तन और दोहरीकरण का सबसे अधिक लाभ डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, पाली, सिरोही और राजसमंद जैसे जिलों को मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले नौ साल में राजस्थान का रेल बजट भी 2014 की तुलना में 14 गुना बढ़ा है। इसका फायदा राज्य को मिल रहा है।

लाखा बंजारा समुदाय की समस्याओं को लेकर पीएम ने कहा कि पानी के लिए इस समुदाय ने अपना जीवन खपा दिया। हालात यह है कि अगर पानी के लिए इतना काम करने वाले, बावड़ी-तालाब बनाने वाले लाखा बंजारा चुनाव में खड़ा हो जाए तो ये नकारात्मक सोच वाले उसे भी हराने के लिए मैदान में आएँगे।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को मित्र कहकर संबोधित किया। इसके बाद अशोक गहलोत ने कहा, “आज यहाँ कॉन्ग्रेस-बीजेपी सब एक मंच पर सब बैठे हुए हैं। ऐसे मौके बहुत कम आते हैं। लोकतंत्र में दुश्मनी तो होती नहीं है, आपस के अंदर विचारधारा की लड़ाई है। सबको अपनी बात कहने का अधिकार है।”

आबू रोड की जनसभा में पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस की तुष्टिकरण की नीतियों को लेकर उस पर जमकर हमला बोला। जयपुर बम धमाकों के आरोपियों के छूटने के लिए भी कॉन्ग्रेस को जिम्मेदार बताया है। पीएम मोदी ने कहा कि जयपुर ब्लास्ट में काॅन्ग्रेस ने वही किया, जिसके लिए कुख्यात रही है।

पीएम मोदी ने कहा, “दो दिन बाद 13 मई को जयपुर बम धमाकों की बरसी है। आतंकियों ने अनेक अपने छीन लिए। उनके परिवार इस उम्मीद के साथ जी रहे हैं कि एक न एक दिन उन्हें न्याय मिलेगा, लेकिन राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार ने वही किया, जिसके लिए वह कुख्यात रही है। उसका इतिहास-कारनामे कुख्यात रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “कॉन्ग्रेस आतंकी विचारधारा के साथ खड़े होने का कोई मौका नहीं छोड़ती है। उसने आतंकियों पर हमेशा नरम रुख अपनाया है। जयपुर बम धमाकों के केस में कमजोर पैरवी की और आरोपित छूट गए। कॉन्ग्रेस लीपापोती करने की चाहे जितनी कोशिश करे, लेकिन सच्चाई सामने आ चुकी है।”

‘ओडिशा में थका-हारा दिखा गुड्डू मुस्लिम’: नमाज पढ़ने मस्जिद जा रहा था शेख हमीद, मीडिया ने बमबाज का एक्सक्लूसिव CCTV फुटेज बताकर चलाया

बमबाज गुड्डू मुस्लिम अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसके लगातार लोकेशन बदलने, हुलिया और पहचान बदलने को लेकर मीडिया में कई बार खबरें आ चुकी है। अब मीडिया में उसके ओडिशा में दिखने की खबर आई है। मीडिया संस्थानों ने एक सीसीटीवी फुटेज का हवाला देकर यह दावा किया। इसमें बताया गया कि गुड्डू मुस्लिम ओडिशा के बारगढ़ में छिपा हुआ है। इस वीडियो की असलियत जानने से पहले यह पढ़िए की मीडिया ने इसे किस तरह पेश किया।

टीवी9 भारतवर्ष ने ट्वीट कर कहा, “ओडिशा में दिखा यूपी का मोस्टवांटेड गुड्डू मुस्लिम, TV9 पर गुड्डू मुस्लिम का नया CCTV वीडियो।”

भारत24 ने भी इसी तरह का दावा करते हुए लिखा, “गुड्डू मुस्लिम की EXCLUSIVE CCTV फुटेज, ओडिशा में देखा गया उमेश पाल हत्याकांड का आरोपित।”

आज तक ने दावा करते हुए लिखा, “11 अप्रैल को ओडिशा में था गुड्डू मुस्लिम, CCTV में दिखा थका-हारा।”

जागरण ने लिखा, “गुड्डू मुस्लिम का नया वीडियो आया सामने, अब ओडिशा में घूमता दिखा बमबाज”

इसी तरह के दावे के साथ अन्य मीडिया संस्थान ने भी इस खबर को शेयर किया। ऑपइंडिया ने मीडिया के इस दावे का फैक्ट चेक किया है। इस दौरान हमें हिमांशु त्रिपाठी नामक ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो मिला। इस वीडियो में शेख मोहम्मद हमीद नामक व्यक्ति यह बता रहा है कि जिस सीसीटीवी फुटेज को गुड्डू मुस्लिम का मीडिया बता रहा है, उसमें दिख रहा व्यक्ति वह खुद है।

शेख मोहम्मद हमीद ने बताया है कि वह ओडिशा के सोहेला का रहने वाला है। उसको लोगों ने बताया है कि उसका वीडियो गुड्डू मुस्लिम बताकर वायरल हो रहा है। लोगों ने उसे मोबाइल पर वीडियो दिखाया। उसने कहा यह सब गलत काम हो रहा है। मैं नमाज पढ़ने आया था और मस्जिद के अंदर जा रहा था। यह वीडियो वहीं का है। जो लोग गलत तरीके से उसका वीडियो वायरल कर रहे हैं, उन्हें सजा होनी चाहिए।

इस तरह से मीडिया द्वारा गुडडू मुस्लिम को लेकर किया जा रहा यह दावा ऑपइंडिया के फैक्ट चेक में पूरी तरह से फर्जी पाया गया।

उमेश पाल की हत्या के बाद से फरार है गुड्डू मुस्लिम

प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल (Umesh Pal Murder Case) की हत्या से बाद से ही गुड्डू मुस्लिम (Guddu Muslim) फरार है। वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर भागा फिर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए वह अपना हुलिया और स्थान लगातार बदल रहा है। इतना ही नहीं, वह हिंदू नाम रखकर लोगों की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहा है। बता दें कि गुड्डू मुस्लिम पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने 5 लाख रुपए का ईनाम रखा है। अप्रैल में माफिया ब्रदर्स अतीक अहमद और अशरफ की शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या से पहले इनका आखिरी शब्द भी गुड्डू मुस्लिम ही था। अशरफ गुड्डू मुस्लिम को लेकर मीडिया से कुछ कहने जा रहा था, लेकिन वह उसे पूरा नहीं कर पाया।

5 साल की मासूम से रेप के बाद फरार हो गया था टीपू सुल्तान, यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 5 साल की मासूम से दुष्कर्म करने के आरोपित टीपू सुल्तान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। टीपू के बाएँ पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना के बाद ही आरोपित फरार था।

ग्रेटर नोएडा की कासना थाने की पुलिस को बुधवार (10 मई 2023) को आरोपित टीपू सुल्तान के बारे में गुप्त सूचना मिली। दरअसल, चेकिंग के दौरान डाढ़ा गोल चक्कर के पास पुलिस ने आरोपित को घेर लिया। पुलिस की सुरक्षा घेरे को तोड़कर फरार होने की कोशिश में आरोपित ने पुलिस पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने जवाब फायरिंग की तो गोली उसके बाएँ पैर में जा लगी।

गोली लगते ही वह गिरकर तड़पने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल पुलिस उसे इलाज के लिए अस्पताल में लेकर गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित टीपू सुल्तान उत्तर प्रदेश के कासना का रहने वाला है। आरोपित के कब्जे से 1 अवैध तमंचा, 2 जिन्दा व 1 खोखा कारतूस बरामद किया गया है।

दरअसल, कासना थाना क्षेत्र में रहने वाली पाँच साल की मासूम बच्ची मंगलवार (9 मई 2023) को अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची के पड़ोस में रहने वाले आरोपित टीपू सुल्तान ने उसे अगवा कर लिया और सूनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

इस दौरान बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गई। बच्ची के रोने-चीखने की आवाज सुनकर राहगीर घटनास्थल पर पहुँचे। इस दौरान आरोपित टीपू मौका देखकर वहाँ से फरार हो गया। इसके बाद राहगीर ने बच्ची को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलने पर बच्ची के परिजन परिजन के साथ पुलिस अस्पताल पहुँची। बच्ची के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, बुधवार की सुबह सूचना मिली कि आरोपित अपने परिवार से मिलने के लिए आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली।

‘विराट हिंदू’ सुब्रमण्यम स्वामी ने ममता बनर्जी से हुई मुलाकात का किया खुलासा, कहा- उन्हें भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहिए

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अकेले नहीं हैं जो 2024 के आम चुनावों से बीजेपी के खिलाफ पहले विपक्ष को एकजुट करने के मिशन में लगे हैं। ऐसा लगता है कि खुद से खुद को जिम्मेदारी देने में गहरा यकीन रखने वाले पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने भी यह भार अपने कंधों पर उठा रखा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से हुई अपनी मुलाकात का खुलासा करते हुए कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री बनना चाहिए।

स्वामी ने मंगलवार (9 मई 2023) को कोलकाता में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एक इंटरैक्टिव सेशन के दौरान कहा, “ममता बनर्जी को भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। वह बहुत साहसी महिला हैं। आप देखिए कि उन्होंने (ममता बनर्जी) कम्युनिस्टों से कैसे लड़ाई लड़ी। मैं उनसे दस दिन पहले मिला था, लेकिन किसी को इस बारे में पता नहीं है।” स्वामी ने यह भी कहा कि आज देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है, जो सत्तारूढ़ पार्टी (भाजपा) से डरे नहीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर स्वामी ने कहा कि इस दौरान उनकी बात आगामी लोकसभा चुनाव और 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था कैसी होगी, इस पर हुई। वह देश में सबसे शक्तिशाली महिला नेता किसे मानते हैं, इस सवाल के जवाब में स्वामी ने कहा, “एक समय था, जब मैं जयललिता और मायावती को सबसे शक्तिशाली महिला मंटा था। लेकिन आज के समय में ममता बनर्जी देश की सबसे शक्तिशाली महिला हैं। उनमें इतनी हिम्मत है कि वह किसी भी मुद्दे पर लड़ सकती हैं। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को कोई भी ब्लैकमेल नहीं कर सकता है।”

विपक्ष के बारे में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “मैं आज ऐसे कई लोगों को जानता हूँ, जो मौजूदा सरकार के खिलाफ एक हद से आगे नहीं बढ़ेंगे, क्योंकि उन्हें डर है कि कब ईडी आ जाएगी। ये भारत के लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। हमें ऐसे विपक्षी दल की जरूरत जो न डरें और न ही सत्ताधारी दल का दोस्त हो।”

बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब सुब्रमण्यम स्वामी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो की तारीफ की है। इससे पहले 2021 में, स्वामी ने ममता बनर्जी की तारीफों के पुल बाँधते हुए उनकी तुलना जेपी (जयप्रकाश नारायण), राजीव गाँधी, मोरारजी देसाई और पीवी नरसिम्हा राव से की थी। इसके अलावा, पिछले साल स्वामी जो अक्सर खुद को ‘विराट हिंदू’ कहना पसंद करते हैं ने 2021 में चुनाव के बाद की हिंसा में राज्य में कई हिंदुओं के मारे जाने के बाद भी कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम से मुलाकात की थी। इस दौरान स्वामी ने एक बार फिर बनर्जी की प्रशंसा की और उन्हें ‘साहसी और करिश्माई’ नेता बताया था।

इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन, जगह-जगह हिंसा: 3 की मौत और दर्जनों घायल, इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की गिरफ्तारी को लेकर देश भर में प्रदर्शन जारी है। कई जगहों से हिंसा की भी खबर है। इस हिंसा में कम से कम 3 लोगों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत सहित कई राज्यों में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। हंगामे को देखते हुए इमरान खान को आज (10 मई 2023) को कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई उसी जगह होगी, जहाँ उन्हें रखा गया है।

लाहौर, पेशावर, क्वेटा, कराची और रावलपिंडी सहित कई जगहों पर हिंसा की खबरें हैं। PTI के प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्तियों और पुलिस एवं सैन्य कार्यालयों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस और सेना सहित पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने इन्हें रोकने की कोशिश की। इसमें कम से कम 3 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की बात सामने आ रही है। वहीं, बड़े पैमाने पर वाहनों पर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया है। प्रदर्शनकारियों की योजना इस्लामाबाद पहुँचने की की है।

बता दें कि इमरान खान को तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने बुधवार (10 मई 2023) को पूरे पाकिस्तान में बंद और प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसको देखते हुए लगभग पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। PTI के नेताओं का कहना है कि उन्हें और वकीलों को इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

इमरान खान के वकील का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है। पाकिस्तान की मीडिया भी उनकी गिरफ्तारी की आलोचना कर रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना की शह पर वहाँ के हाईकोर्ट ने इमरान खान को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। इमरान खान को मंगलवार (9 मई 2023) को गिरफ्तार किया गया था।

उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने PTI के नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे बिना किसी सबूत के सेना की छवि को खराब कर रहे हैं। शरीफ सरकार का कहना है कि इमरान खान की गिरफ्तारी में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उनकी गिरफ्तारी कानून के तहत की गई है।

इसके पहले नेशनल अकाउंटिब्लिटी ब्यूरो (NAB) ने उनके खिलाफ वारंट लेकर कार्रवाई की है। गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह का कहना है कि एनएबी एक स्वतंत्र संस्था और सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने दावा किया, “आंतरिक मंत्री के तौर पर मैं शपथ पर कह सकता हूँ कि मैं कभी भी एनएबी अधिकारी से नहीं मिला और न ही मैंने इस मामले की जानकारी ली है।”

शहबाज शरीफ ने आरोप लगाया कि इमरान खान ने जाँच में सरकार की मदद नहीं की और कानूनी व्यवस्था का तिरस्कार करते रहे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के जरिए इमरान खान न्यायपालिका पर दबाव बना रहे हैं। बता दें कि शरीफ फिलहाल इंग्लैंड की यात्रा पर हैं।

पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन को देखते हुए सेना के कार्यालयों और पुलिस थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सेना और पुलिस के मुख्यालय की सुरक्षा विशेष तौर पर कड़ी की गई है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा है कि विरोध के नाम पर किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बसों और चेकपोस्ट को आग के हवाले करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

हालाँकि, PTI ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है। PTI ने यह आरोप लगाया कि पार्टी के नेता और पंजाब के पूर्व राज्यपाल उमर सरफराज चीमा का ‘अपहरण’ कर लिया गया है। पार्टी का कहना है कि चीमा का अपहरण उनके घर से अज्ञात लोगों द्वारा किया गया है।

इसके पहले, सामने आए वीडियो में लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर में पत्थरबाजी और फिर लाठी डंडों से हमला करते देखा जा सकता है। इस दौरान लोगों को ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते सुना जा सकता है।

‘माँ (निशा) TV देख रही थी, पिता (इकबाल) ने दो लोगों के साथ मिलकर मार डाला’: राजू बन शादी-फिर इस्लाम कबूलने का दबाव, 9 साल की बेटी की गवाही पर उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के बरेली की अदालत ने डॉक्टर इकबाल अहमद को अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। 9 साल की बेटी की गवाही पर उसे सजा सुनाई गई। 2021 में इकबाल की पत्नी निशा फँदे से लटकी मिली थी। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। फिर आत्महत्या का रूप देने के लिए फँदे से लटका दिया गया। इकबाल ने हिंदू पहचान के साथ निशा से शादी की थी और बाद में उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव डालने लगा था। बात नहीं मैंने पर दो लोगों के साथ मिलकर हत्या कर दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने इकबाल, उसके जीजा यासीन और सहयोगी मिसरियार खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने तीनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने बताया, “इकबाल की नौ साल की बेटी की गवाही ने आरोपित को सजा दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। बेटी ने अदालत में कहा था कि उसकी माँ टीवी देख रही थी, तभी उसके पिता ने दो लोगों के साथ मिलकर उन्हें मार डाला।”

राजू बन इकबाल ने की थी शादी

इकबाल ने खुद को हिंदू और अपना नाम डॉ. राजू शर्मा बताते हुए निशा को प्यार के जाल में फँसाया था। इसके बाद दोनों ने साल 2012 में शादी कर ली। शादी के बाद निशा को इकबाल की सच्चाई का पता। इसके बाद वह निशा पर इस्लाम कबूलने का दवाब बनाने लगा।

लेकिन निशा ने धर्म नहीं बदला था। वह हिन्दू तौर-तरीकों से ही रह रही थी। इकबाल को इससे आपत्ति थी। बाद में यह बात भी सामने आई कि निशा से इकबाल ने दूसरी शादी की थी। जब लगातार दबाव के बाद भी निशा ने इस्लाम नहीं कबूला तो इकबाल अपने जीजा और एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। निशा की माँ ने बताया था कि इकबाल लगातार उनकी बेटी पर मुस्लिम बनने का दबाव डाल रहा था। वह निशा के नाम पर ली हुई संपत्तियों को अपनी पहली बीवी के नाम पर करने की धमकी भी दे रहा था। हत्या के बाद इकाबल फरार हो गया था। साथ ही अपनी बेटियों को मुँह बंद रखने की धमकी भी दी थी।

ड्रग्स लेता, पॉर्न देखता, फिर निकल पड़ता बच्चों का शिकार करने: 7 साल में 30 रेप, लाश से भी करता बलात्कार; अब दोषी करार

18 साल की उम्र में वह बच्चों के शिकार पर निकला। अगले 7 साल में उसने दिल्ली में 30 से अधिक बच्चों को अपना शिकार बनाया। रेप के बाद उनकी हत्या की। अब इस साइको किलर रवींद्र कुमार (Ravinder Kumar) को अदालत ने दोषी करार दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह ड्रग्स लेने और पाॅर्न देखने के बाद बच्चों का शिकार करने निकलता था। बच्चों की तलाश में वह 40 किमी तक पैदल चलता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रवींद्र ने 2008 से 2015 के बीच 30 बच्चों की रेप और हत्या की थी। वह 6 से 12 साल तक के बच्चों की तलाश करता था। एक बार उसने 2 साल के बच्चे को भी अपना शिकार बनाया था। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने शनिवार (6 मई 2023) को उसे 6 साल के एक बच्चे का अपहरण, रेप और हत्या के आरोप में दोषी करार दिया। उसे 20 मई को सजा सुनाई जाएगी। उसे फाँसी की सजा हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने भी उसे अधिकतम सजा देने की माँग की है।

अपहरण, रेप और हत्या का दोषी रवींद्र कुमार उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है। वह साल 2008 में काम की तलाश में दिल्ली आया था। उसके पिता प्लंबर का काम करते और माँ दूसरों के घरों में जाकर काम करती थी। मजदूरी करते हुए रवींद्र को नशे की लत गई और वह ड्रग्स लेने लगा। ड्रग्स न मिलने पर शराब के नशे में चूर हो जाता था। इसी दौरान एक बार उसने एक पॉर्न फिल्म देखी। इसके बाद उसके अंदर का हैवान जाग गया। वह घर से निकला और एक बच्चे का रेप कर उसकी हत्या कर दी।

यह उसका पहला अपराध था। लेकिन इसके बाद जब वह पकड़ा नहीं गया तब उसकी हिम्मत बढ़ गई। मजदूरी करने के बाद घर वापस आते ही नशा करना, पॉर्न फिल्म देखना और फिर अँधेरा होते ही बच्चों की तलाश करना उसकी आदत बन गई। अपनी हवस को बुझाने के लिए वह बच्चों को चॉकलेट तो कभी कुछ पैसों का लालच देता। इसके बाद रेप कर उनकी हत्या कर देता। साल 2014 में एक 7 साल के बच्चे का यौन शोषण कर उसकी हत्या करने की कोशिश में भी रवींद्र पुलिस के हत्थे भी चढ़ा था। लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद साल 2015 में उसे दिल्ली के बेगमपुर इलाके में एक 6 साल की लड़की का रेप और हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली के एडिशनल कमिश्नर और तत्कालीन DCP विक्रमजीत सिंह ने कहा है कि पूछताछ के दौरान रवींद्र की बातों ने पुलिस टीम को हैरान कर दिया था। उसे हवस का शिकार बने लगभग सभी बच्चे याद थे। इस केस की जाँच टीम का हिस्सा रह चुके रिटायर्ड ACP जगमिंदर सिंह दाहिया का कहना है कि रवींद्र बच्चों की हत्या करने के बाद उनके शव का भी रेप करता था। कई बार तो जब लड़कियाँ या बच्चे उसके कंट्रोल में नहीं होते थे तो वह रेप से पहले ही उन्हें मार देता, फिर रेप करता।

रवींद्र कुमार ने अपने रिश्तेदारों के बच्चों को भी शिकार बनाया था। उसने अपनी मौसी के एक रिश्तेदार के दो बच्चों को निशाना बनाने की बात भी कबूली है। यही नहीं, उसने पुलिस को 15 ऐसी जगहें दिखाई हैं जहाँ उसने अपहरण, रेप और हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था।

तुम्हारी जाति क्या है, दरवाजा खोलकर वाॅशरूम जाओ… पंजाब पुलिस की प्रताड़ना बता TV पर ही फूट-फूटकर रोईं महिला पत्रकार

टाइम्स नाउ की महिला पत्रकार भावना किशोर (Bhawana Kishore) को 5 मई 2023 को पंजाब पुलिस ने उनके सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया था। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इन्हें जमानत दे दी है। 9 मई को टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर नविका कुमार और एंकर सुशांत सिन्हा के साथ बातचीत में हिरासत के दौरान पंजाब पुलिस की प्रताड़ना का जिक्र करते हुए किशोर फूट-फूटकर रो पड़ीं।

भावना ने बताया कि हिरासत के दौरान उनसे दरवाजा खोलकर वाॅशरूम जाने को कहा गया। उनकी जाति को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने बताया, “पुलिस ने बोला रात के एक बजे आपका मेडिकल होगा। आपको मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना है। मुझे कानून का इतना दांवपेंच नहीं पता था। मेरी तबीयत खराब हो रही थी। घबराहट हो रही थी। जो उन्होंने दिया मैंने खाया। ड्राइवर और कैमरापर्सन ने भी थोड़ा सा खाया। मैं बहुत पानी पी रही थी, क्योंकि मैं नर्वस महसूस कर रहा था। जब मैं वॉशरूम गई तो मेरे साथ 2-3 महिला कॉन्स्टेबल भी थीं। पुलिस स्टेशन में बिजली या पानी नहीं था।”

इसके बाद अपनी प्रताड़ना के बारे में बताते हुए भावना रोने लगीं। उन्होंने बताया, “मुझे वाॅशरूम दरवाजा खोलकर जाने को कहा गया। मैंने दरवाजा खोलकर वाॅशरूम किया। मुझे नहीं आई शर्म, क्योंकि उस वक्त मैं इतने प्रेशर में थी…”

पुलिस अफसर ने कहा- बहुत प्रेशर है

भावना ने यह भी बताया कि उन्हें नहीं बताया गया था कि वह गिरफ्तार हो चुकीं हैं। इसलिए वह एक पुलिस अफसर से बार-बार विनती कर रहीं थीं कि उन्हें घर जाने दिया जाए। इस पर पुलिस अफसर ने कहा, “भावना मैं हाथ जोड़कर तुमसे माफी माँगता हूँ। तुमने अब तक बहुत हिम्मत दिखाई है। मेरी दो बेटियाँ हैं। मैं घर जाकर उनसे क्या बोलूँगा मुझे यह नहीं पता। लेकिन मुझे पता है कि मैं अपनी ड्यूटी के साथ ईमानदारी नहीं कर रहा हूँ। भावना तुमने जो खबर चलाई है उसे हटाओ बात करके। ये सरकार है, तुम कभी जीत नहीं पाओगी।”

भावना का दावा है कि पुलिस अफसर ने उनसे कहा था कि उनके ऊपर बहुत प्रेशर है। साथ ही उनसे दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के बंगले को लेकर किए गए खुलासे ‘ऑपरेशन शीशमहल’ को हटाने के लिए कहा था। भावना का यह भी दावा है कि पुलिस ने उनसे और उनके दोनों सहयोगियों से उनकी जाति भी पूछी थी। जब भावना ने उन्हें बताया कि वह ओबीसी वर्ग से हैं तो पुलिस ने उनसे कहा कि नहीं तुम सामान्य वर्ग से हो।

उन्होंने आगे कहा है कि इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन पर एससी/ एसटी एक्ट लगाने की तैयारी हो रही है। भावना किशोर का यह भी कहना है कि उन्हें पहले कहा गया था कि चाय-पानी के लिए ले जाया जा रहा है। सीएम भगवंत मान के जाने के बाद छोड़ दिया जाएगा। लेकिन फिर सारी चीजें बदल गईं। टाइम्स नाउ का दावा है कि पंजाब सरकार ने यह सब ‘ऑपरेशन शीशमहल’ का बदला लेने के लिए किया।

हाई कोर्ट ने लगाई पंजाब पुलिस को फटकार

बता दें कि टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर की गिरफ्तारी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि भावना और उनके दोनों सहयोगियों की गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों को अंतरिम जमानत दे दी थी। आम आदमी पार्टी के एक कार्यक्रम को कवर करने के दौरान इनलोगों की गिरफ्तारी हुई थी। कथित एक्सीडेंट और जातिगत टिप्पणी को लेकर यह कार्रवाई की गई थी।