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5 साल की मासूम से रेप के बाद फरार हो गया था टीपू सुल्तान, यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के बाद दबोचा

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 5 साल की मासूम से दुष्कर्म करने के आरोपित टीपू सुल्तान को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। टीपू के बाएँ पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना के बाद ही आरोपित फरार था।

ग्रेटर नोएडा की कासना थाने की पुलिस को बुधवार (10 मई 2023) को आरोपित टीपू सुल्तान के बारे में गुप्त सूचना मिली। दरअसल, चेकिंग के दौरान डाढ़ा गोल चक्कर के पास पुलिस ने आरोपित को घेर लिया। पुलिस की सुरक्षा घेरे को तोड़कर फरार होने की कोशिश में आरोपित ने पुलिस पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने जवाब फायरिंग की तो गोली उसके बाएँ पैर में जा लगी।

गोली लगते ही वह गिरकर तड़पने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल पुलिस उसे इलाज के लिए अस्पताल में लेकर गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित टीपू सुल्तान उत्तर प्रदेश के कासना का रहने वाला है। आरोपित के कब्जे से 1 अवैध तमंचा, 2 जिन्दा व 1 खोखा कारतूस बरामद किया गया है।

दरअसल, कासना थाना क्षेत्र में रहने वाली पाँच साल की मासूम बच्ची मंगलवार (9 मई 2023) को अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान बच्ची के पड़ोस में रहने वाले आरोपित टीपू सुल्तान ने उसे अगवा कर लिया और सूनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

इस दौरान बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गई। बच्ची के रोने-चीखने की आवाज सुनकर राहगीर घटनास्थल पर पहुँचे। इस दौरान आरोपित टीपू मौका देखकर वहाँ से फरार हो गया। इसके बाद राहगीर ने बच्ची को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसका इलाज किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलने पर बच्ची के परिजन परिजन के साथ पुलिस अस्पताल पहुँची। बच्ची के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, बुधवार की सुबह सूचना मिली कि आरोपित अपने परिवार से मिलने के लिए आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर ली।

‘विराट हिंदू’ सुब्रमण्यम स्वामी ने ममता बनर्जी से हुई मुलाकात का किया खुलासा, कहा- उन्हें भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहिए

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अकेले नहीं हैं जो 2024 के आम चुनावों से बीजेपी के खिलाफ पहले विपक्ष को एकजुट करने के मिशन में लगे हैं। ऐसा लगता है कि खुद से खुद को जिम्मेदारी देने में गहरा यकीन रखने वाले पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) ने भी यह भार अपने कंधों पर उठा रखा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) से हुई अपनी मुलाकात का खुलासा करते हुए कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री बनना चाहिए।

स्वामी ने मंगलवार (9 मई 2023) को कोलकाता में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एक इंटरैक्टिव सेशन के दौरान कहा, “ममता बनर्जी को भारत का प्रधानमंत्री बनना चाहिए। वह बहुत साहसी महिला हैं। आप देखिए कि उन्होंने (ममता बनर्जी) कम्युनिस्टों से कैसे लड़ाई लड़ी। मैं उनसे दस दिन पहले मिला था, लेकिन किसी को इस बारे में पता नहीं है।” स्वामी ने यह भी कहा कि आज देश को एक मजबूत विपक्ष की जरूरत है, जो सत्तारूढ़ पार्टी (भाजपा) से डरे नहीं।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर स्वामी ने कहा कि इस दौरान उनकी बात आगामी लोकसभा चुनाव और 2024 में भारतीय अर्थव्यवस्था कैसी होगी, इस पर हुई। वह देश में सबसे शक्तिशाली महिला नेता किसे मानते हैं, इस सवाल के जवाब में स्वामी ने कहा, “एक समय था, जब मैं जयललिता और मायावती को सबसे शक्तिशाली महिला मंटा था। लेकिन आज के समय में ममता बनर्जी देश की सबसे शक्तिशाली महिला हैं। उनमें इतनी हिम्मत है कि वह किसी भी मुद्दे पर लड़ सकती हैं। टीएमसी चीफ ममता बनर्जी को कोई भी ब्लैकमेल नहीं कर सकता है।”

विपक्ष के बारे में सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, “मैं आज ऐसे कई लोगों को जानता हूँ, जो मौजूदा सरकार के खिलाफ एक हद से आगे नहीं बढ़ेंगे, क्योंकि उन्हें डर है कि कब ईडी आ जाएगी। ये भारत के लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। हमें ऐसे विपक्षी दल की जरूरत जो न डरें और न ही सत्ताधारी दल का दोस्त हो।”

बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब सुब्रमण्यम स्वामी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो की तारीफ की है। इससे पहले 2021 में, स्वामी ने ममता बनर्जी की तारीफों के पुल बाँधते हुए उनकी तुलना जेपी (जयप्रकाश नारायण), राजीव गाँधी, मोरारजी देसाई और पीवी नरसिम्हा राव से की थी। इसके अलावा, पिछले साल स्वामी जो अक्सर खुद को ‘विराट हिंदू’ कहना पसंद करते हैं ने 2021 में चुनाव के बाद की हिंसा में राज्य में कई हिंदुओं के मारे जाने के बाद भी कोलकाता में पश्चिम बंगाल की सीएम से मुलाकात की थी। इस दौरान स्वामी ने एक बार फिर बनर्जी की प्रशंसा की और उन्हें ‘साहसी और करिश्माई’ नेता बताया था।

इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन, जगह-जगह हिंसा: 3 की मौत और दर्जनों घायल, इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की गिरफ्तारी को लेकर देश भर में प्रदर्शन जारी है। कई जगहों से हिंसा की भी खबर है। इस हिंसा में कम से कम 3 लोगों के मारे जाने की खबर है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत सहित कई राज्यों में स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। हंगामे को देखते हुए इमरान खान को आज (10 मई 2023) को कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई उसी जगह होगी, जहाँ उन्हें रखा गया है।

लाहौर, पेशावर, क्वेटा, कराची और रावलपिंडी सहित कई जगहों पर हिंसा की खबरें हैं। PTI के प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्तियों और पुलिस एवं सैन्य कार्यालयों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस और सेना सहित पाकिस्तान के सुरक्षाबलों ने इन्हें रोकने की कोशिश की। इसमें कम से कम 3 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के घायल होने की बात सामने आ रही है। वहीं, बड़े पैमाने पर वाहनों पर संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया है। प्रदर्शनकारियों की योजना इस्लामाबाद पहुँचने की की है।

बता दें कि इमरान खान को तोशाखाना मामले में गिरफ्तारी के बाद उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने बुधवार (10 मई 2023) को पूरे पाकिस्तान में बंद और प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसको देखते हुए लगभग पूरे पाकिस्तान में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। PTI के नेताओं का कहना है कि उन्हें और वकीलों को इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा है।

इमरान खान के वकील का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है। पाकिस्तान की मीडिया भी उनकी गिरफ्तारी की आलोचना कर रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना की शह पर वहाँ के हाईकोर्ट ने इमरान खान को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। इमरान खान को मंगलवार (9 मई 2023) को गिरफ्तार किया गया था।

उधर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने PTI के नेताओं पर आरोप लगाया है कि वे बिना किसी सबूत के सेना की छवि को खराब कर रहे हैं। शरीफ सरकार का कहना है कि इमरान खान की गिरफ्तारी में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। उनकी गिरफ्तारी कानून के तहत की गई है।

इसके पहले नेशनल अकाउंटिब्लिटी ब्यूरो (NAB) ने उनके खिलाफ वारंट लेकर कार्रवाई की है। गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह का कहना है कि एनएबी एक स्वतंत्र संस्था और सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने दावा किया, “आंतरिक मंत्री के तौर पर मैं शपथ पर कह सकता हूँ कि मैं कभी भी एनएबी अधिकारी से नहीं मिला और न ही मैंने इस मामले की जानकारी ली है।”

शहबाज शरीफ ने आरोप लगाया कि इमरान खान ने जाँच में सरकार की मदद नहीं की और कानूनी व्यवस्था का तिरस्कार करते रहे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के जरिए इमरान खान न्यायपालिका पर दबाव बना रहे हैं। बता दें कि शरीफ फिलहाल इंग्लैंड की यात्रा पर हैं।

पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन को देखते हुए सेना के कार्यालयों और पुलिस थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सेना और पुलिस के मुख्यालय की सुरक्षा विशेष तौर पर कड़ी की गई है। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने कहा है कि विरोध के नाम पर किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बसों और चेकपोस्ट को आग के हवाले करने वालों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

हालाँकि, PTI ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन बताया है। PTI ने यह आरोप लगाया कि पार्टी के नेता और पंजाब के पूर्व राज्यपाल उमर सरफराज चीमा का ‘अपहरण’ कर लिया गया है। पार्टी का कहना है कि चीमा का अपहरण उनके घर से अज्ञात लोगों द्वारा किया गया है।

इसके पहले, सामने आए वीडियो में लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर में पत्थरबाजी और फिर लाठी डंडों से हमला करते देखा जा सकता है। इस दौरान लोगों को ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते सुना जा सकता है।

‘माँ (निशा) TV देख रही थी, पिता (इकबाल) ने दो लोगों के साथ मिलकर मार डाला’: राजू बन शादी-फिर इस्लाम कबूलने का दबाव, 9 साल की बेटी की गवाही पर उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के बरेली की अदालत ने डॉक्टर इकबाल अहमद को अपनी पत्नी की हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा सुनाई है। 9 साल की बेटी की गवाही पर उसे सजा सुनाई गई। 2021 में इकबाल की पत्नी निशा फँदे से लटकी मिली थी। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। फिर आत्महत्या का रूप देने के लिए फँदे से लटका दिया गया। इकबाल ने हिंदू पहचान के साथ निशा से शादी की थी और बाद में उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव डालने लगा था। बात नहीं मैंने पर दो लोगों के साथ मिलकर हत्या कर दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने इकबाल, उसके जीजा यासीन और सहयोगी मिसरियार खान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने तीनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने बताया, “इकबाल की नौ साल की बेटी की गवाही ने आरोपित को सजा दिलाने में मुख्य भूमिका निभाई। बेटी ने अदालत में कहा था कि उसकी माँ टीवी देख रही थी, तभी उसके पिता ने दो लोगों के साथ मिलकर उन्हें मार डाला।”

राजू बन इकबाल ने की थी शादी

इकबाल ने खुद को हिंदू और अपना नाम डॉ. राजू शर्मा बताते हुए निशा को प्यार के जाल में फँसाया था। इसके बाद दोनों ने साल 2012 में शादी कर ली। शादी के बाद निशा को इकबाल की सच्चाई का पता। इसके बाद वह निशा पर इस्लाम कबूलने का दवाब बनाने लगा।

लेकिन निशा ने धर्म नहीं बदला था। वह हिन्दू तौर-तरीकों से ही रह रही थी। इकबाल को इससे आपत्ति थी। बाद में यह बात भी सामने आई कि निशा से इकबाल ने दूसरी शादी की थी। जब लगातार दबाव के बाद भी निशा ने इस्लाम नहीं कबूला तो इकबाल अपने जीजा और एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। निशा की माँ ने बताया था कि इकबाल लगातार उनकी बेटी पर मुस्लिम बनने का दबाव डाल रहा था। वह निशा के नाम पर ली हुई संपत्तियों को अपनी पहली बीवी के नाम पर करने की धमकी भी दे रहा था। हत्या के बाद इकाबल फरार हो गया था। साथ ही अपनी बेटियों को मुँह बंद रखने की धमकी भी दी थी।

ड्रग्स लेता, पॉर्न देखता, फिर निकल पड़ता बच्चों का शिकार करने: 7 साल में 30 रेप, लाश से भी करता बलात्कार; अब दोषी करार

18 साल की उम्र में वह बच्चों के शिकार पर निकला। अगले 7 साल में उसने दिल्ली में 30 से अधिक बच्चों को अपना शिकार बनाया। रेप के बाद उनकी हत्या की। अब इस साइको किलर रवींद्र कुमार (Ravinder Kumar) को अदालत ने दोषी करार दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह ड्रग्स लेने और पाॅर्न देखने के बाद बच्चों का शिकार करने निकलता था। बच्चों की तलाश में वह 40 किमी तक पैदल चलता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रवींद्र ने 2008 से 2015 के बीच 30 बच्चों की रेप और हत्या की थी। वह 6 से 12 साल तक के बच्चों की तलाश करता था। एक बार उसने 2 साल के बच्चे को भी अपना शिकार बनाया था। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने शनिवार (6 मई 2023) को उसे 6 साल के एक बच्चे का अपहरण, रेप और हत्या के आरोप में दोषी करार दिया। उसे 20 मई को सजा सुनाई जाएगी। उसे फाँसी की सजा हो सकती है। दिल्ली पुलिस ने भी उसे अधिकतम सजा देने की माँग की है।

अपहरण, रेप और हत्या का दोषी रवींद्र कुमार उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है। वह साल 2008 में काम की तलाश में दिल्ली आया था। उसके पिता प्लंबर का काम करते और माँ दूसरों के घरों में जाकर काम करती थी। मजदूरी करते हुए रवींद्र को नशे की लत गई और वह ड्रग्स लेने लगा। ड्रग्स न मिलने पर शराब के नशे में चूर हो जाता था। इसी दौरान एक बार उसने एक पॉर्न फिल्म देखी। इसके बाद उसके अंदर का हैवान जाग गया। वह घर से निकला और एक बच्चे का रेप कर उसकी हत्या कर दी।

यह उसका पहला अपराध था। लेकिन इसके बाद जब वह पकड़ा नहीं गया तब उसकी हिम्मत बढ़ गई। मजदूरी करने के बाद घर वापस आते ही नशा करना, पॉर्न फिल्म देखना और फिर अँधेरा होते ही बच्चों की तलाश करना उसकी आदत बन गई। अपनी हवस को बुझाने के लिए वह बच्चों को चॉकलेट तो कभी कुछ पैसों का लालच देता। इसके बाद रेप कर उनकी हत्या कर देता। साल 2014 में एक 7 साल के बच्चे का यौन शोषण कर उसकी हत्या करने की कोशिश में भी रवींद्र पुलिस के हत्थे भी चढ़ा था। लेकिन बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद साल 2015 में उसे दिल्ली के बेगमपुर इलाके में एक 6 साल की लड़की का रेप और हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

दिल्ली के एडिशनल कमिश्नर और तत्कालीन DCP विक्रमजीत सिंह ने कहा है कि पूछताछ के दौरान रवींद्र की बातों ने पुलिस टीम को हैरान कर दिया था। उसे हवस का शिकार बने लगभग सभी बच्चे याद थे। इस केस की जाँच टीम का हिस्सा रह चुके रिटायर्ड ACP जगमिंदर सिंह दाहिया का कहना है कि रवींद्र बच्चों की हत्या करने के बाद उनके शव का भी रेप करता था। कई बार तो जब लड़कियाँ या बच्चे उसके कंट्रोल में नहीं होते थे तो वह रेप से पहले ही उन्हें मार देता, फिर रेप करता।

रवींद्र कुमार ने अपने रिश्तेदारों के बच्चों को भी शिकार बनाया था। उसने अपनी मौसी के एक रिश्तेदार के दो बच्चों को निशाना बनाने की बात भी कबूली है। यही नहीं, उसने पुलिस को 15 ऐसी जगहें दिखाई हैं जहाँ उसने अपहरण, रेप और हत्या की वारदातों को अंजाम दिया था।

तुम्हारी जाति क्या है, दरवाजा खोलकर वाॅशरूम जाओ… पंजाब पुलिस की प्रताड़ना बता TV पर ही फूट-फूटकर रोईं महिला पत्रकार

टाइम्स नाउ की महिला पत्रकार भावना किशोर (Bhawana Kishore) को 5 मई 2023 को पंजाब पुलिस ने उनके सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया था। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इन्हें जमानत दे दी है। 9 मई को टाइम्स नाउ की ग्रुप एडिटर नविका कुमार और एंकर सुशांत सिन्हा के साथ बातचीत में हिरासत के दौरान पंजाब पुलिस की प्रताड़ना का जिक्र करते हुए किशोर फूट-फूटकर रो पड़ीं।

भावना ने बताया कि हिरासत के दौरान उनसे दरवाजा खोलकर वाॅशरूम जाने को कहा गया। उनकी जाति को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने बताया, “पुलिस ने बोला रात के एक बजे आपका मेडिकल होगा। आपको मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना है। मुझे कानून का इतना दांवपेंच नहीं पता था। मेरी तबीयत खराब हो रही थी। घबराहट हो रही थी। जो उन्होंने दिया मैंने खाया। ड्राइवर और कैमरापर्सन ने भी थोड़ा सा खाया। मैं बहुत पानी पी रही थी, क्योंकि मैं नर्वस महसूस कर रहा था। जब मैं वॉशरूम गई तो मेरे साथ 2-3 महिला कॉन्स्टेबल भी थीं। पुलिस स्टेशन में बिजली या पानी नहीं था।”

इसके बाद अपनी प्रताड़ना के बारे में बताते हुए भावना रोने लगीं। उन्होंने बताया, “मुझे वाॅशरूम दरवाजा खोलकर जाने को कहा गया। मैंने दरवाजा खोलकर वाॅशरूम किया। मुझे नहीं आई शर्म, क्योंकि उस वक्त मैं इतने प्रेशर में थी…”

पुलिस अफसर ने कहा- बहुत प्रेशर है

भावना ने यह भी बताया कि उन्हें नहीं बताया गया था कि वह गिरफ्तार हो चुकीं हैं। इसलिए वह एक पुलिस अफसर से बार-बार विनती कर रहीं थीं कि उन्हें घर जाने दिया जाए। इस पर पुलिस अफसर ने कहा, “भावना मैं हाथ जोड़कर तुमसे माफी माँगता हूँ। तुमने अब तक बहुत हिम्मत दिखाई है। मेरी दो बेटियाँ हैं। मैं घर जाकर उनसे क्या बोलूँगा मुझे यह नहीं पता। लेकिन मुझे पता है कि मैं अपनी ड्यूटी के साथ ईमानदारी नहीं कर रहा हूँ। भावना तुमने जो खबर चलाई है उसे हटाओ बात करके। ये सरकार है, तुम कभी जीत नहीं पाओगी।”

भावना का दावा है कि पुलिस अफसर ने उनसे कहा था कि उनके ऊपर बहुत प्रेशर है। साथ ही उनसे दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के बंगले को लेकर किए गए खुलासे ‘ऑपरेशन शीशमहल’ को हटाने के लिए कहा था। भावना का यह भी दावा है कि पुलिस ने उनसे और उनके दोनों सहयोगियों से उनकी जाति भी पूछी थी। जब भावना ने उन्हें बताया कि वह ओबीसी वर्ग से हैं तो पुलिस ने उनसे कहा कि नहीं तुम सामान्य वर्ग से हो।

उन्होंने आगे कहा है कि इसके बाद वहाँ मौजूद लोगों में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन पर एससी/ एसटी एक्ट लगाने की तैयारी हो रही है। भावना किशोर का यह भी कहना है कि उन्हें पहले कहा गया था कि चाय-पानी के लिए ले जाया जा रहा है। सीएम भगवंत मान के जाने के बाद छोड़ दिया जाएगा। लेकिन फिर सारी चीजें बदल गईं। टाइम्स नाउ का दावा है कि पंजाब सरकार ने यह सब ‘ऑपरेशन शीशमहल’ का बदला लेने के लिए किया।

हाई कोर्ट ने लगाई पंजाब पुलिस को फटकार

बता दें कि टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्टर भावना किशोर की गिरफ्तारी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा था कि भावना और उनके दोनों सहयोगियों की गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों को अंतरिम जमानत दे दी थी। आम आदमी पार्टी के एक कार्यक्रम को कवर करने के दौरान इनलोगों की गिरफ्तारी हुई थी। कथित एक्सीडेंट और जातिगत टिप्पणी को लेकर यह कार्रवाई की गई थी।

कभी क्रिकेट में भारत की हार पर ‘निकाह’ का वादा, अब PM मोदी पर FIR की तमन्ना: कौन है पाकिस्तानी हिरोइन सहर शिनवारी जिसकी बोलती दिल्ली पुलिस ने की बंद

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Arrest of Imran Khan) की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान हिंसा की आग में जल रहा है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थक हिंसा पर उतारू हैं। फौजी और सरकारी प्रतिष्ठान निशाने पर हैं। इन सबके बीच पाकिस्तानी हिरोइन सहर शिनवारी (Sehar shinwari) की बोलती बंद करने को लेकर दिल्ली पुलिस चर्चा में है।

दरअसल, अपने देश में हिंसा और आगजनी के बीच सहर शिनवारी ने एक ट्वीट कर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉ के खिलाफ शिकायत करने की बात कही। उसने लिखा, “क्या किसी को दिल्ली पुलिस का ऑनलाइन लिंक पता है। मुझे भारत के प्रधानमंत्री और खुफिया एजेंसी राॅ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवानी है। ये मेरे देश पाकिस्तान में अशांति और आतंकवाद फैला रहे हैं। अगर भारत की अदालतें स्वतंत्र हैं, जैसा वे दावा करते हैं तो मुझे यकीन है कि भारत का सुप्रीम कोर्ट मुझे इंसाफ दिलाएगा।”

इसका दिल्ली पुलिस ने मजेदार अंदाज में जवाब दिया। पाकिस्तानी हिरोइन के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, “पाकिस्तान हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। लेकिन हम जानना चाहते हैं कि जब आपके देश में इंटरनेट बंद कर दिया गया है तो आप ट्वीट कैसे कर रही हैं।”

वैसे पाकिस्तानी एंटरटेनर सहर शिनवारी चर्चा में बने रहने के लिए आए दिन इसी तरह के ऊल-जलूल ट्वीट करती रहती है। 2022 में जब क्रिकेट का टी 20 वर्ल्ड कप चल रहा था तो वह अपने निकाह वाले ट्वीट को लेकर चर्चा में बनी हुई थी। 3 नवंबर 2022 की शुरुआत में उसने ट्वीट किया था, “मैं जिम्बाब्वे के लड़के से निकाह करूँगी, अगर उनकी टीम रोमांचक तरीके से अगले मैच में भारत को हरा देती है तो।” उसके बाद 11 सितंबर 2022 को भी इसी तरह एक ट्वीट करते हुए उसने लिखा था, “अगर आज श्रीलंका जीत जाती है तो मैं श्रीलंकाई लड़के से निकाह करूँगी।”

अन्य देश के खिलाड़ियों से निकाह का बार-बार प्रस्ताव देने पर शिनवारी का सोशल मीडिया में खूब मजाक भी बना था। शिनवारी बीजेपी और पीएम मोदी को लेकर भी अपनी नफरत कई बार दिखा चुकी है। एक ट्वीट में उसने कहा था, “मैं शर्त लगाती हूँ कि गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को शर्मनाक हार मिलने वाली है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो मुझे जो मन चाहे वह कहकर बुलाओ।” इसके अलावा वह राहुल गाँधी और अरविंद केजरीवाल के समर्थन में भी ट्वीट करती रहती है।

इंटरनेट की भाषा में कहें तो शिनवारी जो कर रही हैं, उसे ‘टट्टी पोस्टिंग’ और ‘बेटिंग’ कहा जाता है। आम तौर पर मशहूर होने के लिए, फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए या फिर किसी का रिएक्शन पाने के लिए ऐसे ट्वीट किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने के लिए यह एक आम हथकंडा है।

अक्सर, विज्ञापन या किसी प्रोडक्ट के प्रमोशन, सेल के लिए भी पैसे देकर लोगों या ब्रांड द्वारा ऐसी लोकप्रियता का लाभ उठाया जाता है। जैसा कि देखा जा सकता है, सहर शिनवारी के ट्विटर बायो में एक लाइन लिखी हुई है, जिससे लोग डायरेक्ट उन तक अपने ब्रांड के प्रमोशन के लिए पहुँच सकते हैं। उनके बॉयो में साफ लिखा गया है, ‘बिजनेस और ब्रांड के पेड प्रमोशन के मुझे DM करें।’

The Kerala Story देखने गए लोगों को कॉलर पकड़ घसीटा: बंगाल पुलिस को BJP ने बताया – ‘जजियाखोर सरकारी गुंडा’

पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बेलूर इलाके में स्थित ‘फोरम रंगोली मॉल’ में सोमवार (8 मई 2023) को फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ (The Kerala Story) की स्क्रीनिंग की गई थी। बीजेपी का आरोप है कि बंगाल पुलिस ने पहले तो स्क्रीनिंग रोकी। इसके बाद फिल्म देखने आए लोगों को घसीटते हुए मॉल से बाहर कर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मियों को लोगों की कॉलर पकड़ कर खींचते हुए देखा जा सकता है। इस पूरी घटना पर बीजेपी ममता बनर्जी सरकार पर हमलावर है। ऑपइंडिया से हुई बातचीत में पश्चिम बंगाल भाजयुमो के मीडिया प्रभारी प्रत्युष सिंह ने कहा:

” द केरल स्टोरी’ की रिलीज के बाद से अब तक केरल में किसी प्रकार की हिंसक घटना नहीं हुई थी। फिल्म को लेकर बंगाल में सांप्रदायिक घटना ममता बनर्जी की कोरी कल्पना है। यह सब कुछ ममता बनर्जी द्वारा फिल्म पर बैन लगाने के बाद भी हो रहा है।”

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा है, “सिनेमाघरों में फिल्म के चलने से किसी प्रकार की कोई घटना नहीं हुई थी। लेकिन फ़िल्म रुकवाने के लिए पुलिस के वेश में गए जजियाखोर सरकारी गुंडों ने कानून व्यवस्था को तहस-नहस करते हुए लोकतंत्र की मर्यादा को तार-तार कर दिया। इन सरकारी गुंडों ने फिल्म देख रहे लोगों को कॉलर पकड़कर घसीटकर बाहर निकाला है।”

प्रत्युष सिंह ने आगे कहा कि यह पूरी तरह से मौलिक अधिकारों का हनन है। उनके अनुसार बंगाल पुलिस ने दर्शकों के साथ जिस तरह की हरकतें की हैं, वह दर्शाता है कि सरकार अमानवीय, बर्बर, अत्याचारी और तानाशाही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और भाजयुमो इसके खिलाफ पूरे पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन करेगी।

बीजेपी नेता राकेश सिंह ने ट्वीट कर कहा है, “ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में नागरिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल रही हैं। यह वीडियो कथित तौर पर हावड़ा के रंगोली मॉल का है।”

उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कहा, “फिल्म देखने के इच्छुक लोगों पर हमला किया जा रहा है। ममता बनर्जी की पुलिस ने मासूम दर्शकों को परेशान किया है। ये लोग तो सेंसर बोर्ड द्वारा पास की गई फिल्म देखने पहुँचे थे। यह बुनियादी मौलिक अधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन है।”

भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट आशुतोष झा ने कहा है, ‘सेंसर बोर्ड द्वारा पारित फिल्म देखने के लिए वहाँ पहुँचे मासूम दर्शकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई बुनियादी मौलिक अधिकारों का पूरी तरह से उल्लंघन है।” साथ ही उन्होंने इस मामले में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के हस्तक्षेप की माँग की।

बीजेपी कार्यकर्ता अमित ठाकुर ने कहा है, “ममता बनर्जी की पुलिस लोगों को ‘द केरल स्टोरी’ देखने से रोक रही है। इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। हम सभी को फिल्म का समर्थन करना चाहिए।”

भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष प्रियंका शर्मा ने कहा है, “हावड़ा पुलिस ने रंगोली मॉल में ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म देखने गए लोगों को परेशान किया और उन्हें बाहर निकाला। उनका अपराध यह था कि वे सिर्फ टिकटों के पैसों की वापसी चाहते थे।”

बात दें कि प्रियंका शर्मा ने मई 2019 में ममता बनर्जी का ‘मेट-गाला थीम्ड मीम’ पोस्ट किया था। इसके बाद बंगाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

इस पूरे मामले की जानकारी के लिए ऑपइंडिया ने फोरम रंगोली मॉल से संपर्क किया लेकिन उन्होंने हमारे सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया और कॉल कट कर दिया।

पश्चिम बंगाल में बैन हुई ‘द केरल स्टोरी’

एक ओर जहाँ बीजेपी शासित राज्यों में ‘द केरल स्टोरी’ टैक्स फ्री की जा रही है। वहीं, वोट बैंक की राजनीति के चलते दूसरे राज्यों में इस पर बैन लगाने की माँग भी हो रही है। इस माँग के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिल्म को राज्य में बैन कर दिया है। ममता बनर्जी ने कहा है कि ऐसा फैसला राज्य में नफरत और हिंसा रोकने तथा शांति बरकरार रखने के लिहाज से लिया गया है।

गौरतलब है कि ‘The Kerala Story’ फिल्म में दिखाया गया है कि केरल में कट्टरपंथी मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों को फँसाते हैं। इसके बाद लड़कियों का इस्लाम में धर्मांतरण करा कर उन्हें इस्लामिक आतंकी संगठन ISIS के लिए सेक्स स्लेव बनने के लिए भेजा जाता है।

गौमांस कनेक्शन वाले मंत्री और CM के दामाद ने नहीं सुनी मछुआरे की बात… मर गए 22 लोग केरल में

केरल के मलप्पुरम जिले के तानूर में नाव डूबने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे को लेकर नाव चलाने वाले व्यक्ति ने खुलासा किया है कि उसने केरल के मत्स्य पालन मंत्री वी अब्दुर रहमान और पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियाज को नाव की स्थिति और उसके रजिस्ट्रेशन के बारे में बताया था। लेकिन दोनों ने ही उसकी बातों को अनसुना कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तानूर के मछुआरे और नाव संचालक मामुजिन पुरैक्कल मुहाजिद ने कहा है कि 23 अप्रैल को पुल का उद्घाटन करने के लिए मंत्री पीए मुहम्मद रियाज और वी अब्दुरहीमन आए थे। तब उसने अटलांटिक नाव के रजिस्ट्रेशन को लेकर शिकायत की थी। इस पर वी अब्दुर रहमान ने उसे डाँट दिया था। वहीं, पीए मोहम्मद रियाजने उसकी शिकायत की ओर ध्यान नहीं दिया था।

मछुआरे ने कहा है:

“मैंने उन्हें बताया था कि नाव का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। इस पर मंत्री वी अब्दुर रहमान ने पूछा कि क्या तुम तय करते हो कि रजिस्ट्रेशन है या नहीं? वहीं, मंत्री रियाज ने लिखित शिकायत करने के लिए कहा था। हालाँकि इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

CM पिनाराई के दामाद हैं मंत्री मोहम्मद रियाज

गौरतलब है कि केरल के लोक निर्माण एवं मत्स्य पालन मंत्री पीए मोहम्मद रियाज सीएम पिनाराई विजयन के दामाद हैं। मोहम्मद रियाज डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) से जुड़े हुए थे और उनका विवादास्पद इतिहास रहा है। रियाज पर केरल में हिंसक घटनाओं की साजिश रचने का भी आरोप है।

दरअसल, मार्च 2021 में एयर इंडिया द्वारा फ्लाइट के किराए में बढ़ोतरी को लेकर DYFI द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। इसी दौरान कोझिकोड के एयर इंडिया ऑफिस के पास हिंसक झड़पें हुईं थीं। इस मामले में रियाज समेत 4 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। रियाज को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भी भेजा गया था। हालाँकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

केरल के लोक निर्माण एवं मत्स्य पालन मंत्री पीए मोहम्मद रियाज की एक और पहचान है – गौमांस से जुड़ी हुई। ये वही शख्स हैं, जिन्होंने सरेआम खुली सड़क पर ‘गौमांस पकाओ’ जैसा आयोजन करवाया था।

नैतिक जिम्मेदारी ले इस्तीफा दें रियाज: बीजेपी

तानूर में नाव पलटने से हुए हादसे को गंभीर चूक बताते हुए भाजपा ने मत्स्य पालन मंत्री पीए मोहम्मद रियाज से इस्तीफा माँगा है। केरल भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा:

“रियाज को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। यदि सही तरीके से कार्रवाई की गई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। केरल में केवल बयानबाजी और विज्ञापन ही होते हैं। राज्य में कितनी नाव हैं, इसका कोई आधिकारिक आँकड़ा नहीं है। इस हादसे की सही तरीके से जाँच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

लापरवाही में चली गई 22 लोगों की जान

बता दें कि मलप्पुरम जिले के तानुर इलाके में थूवलथीरम समुद्र तट के निकट रविवार (7 मई 2023) की शाम एक नाव (हाउसबोट) पलट गई थी। इसमें सवार महिलाओं और बच्चों समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद केरल सीएम ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख वहीं पीएम मोदी ने 2-2 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया था।

अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर के कब्जे में पाकिस्तान: आर्मी हेड-क्वॉर्टर पर हमला, जलाए जा रहे सेना/पुलिस के घर-सामान

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान हिंसा की आग में जल रहा है। गिरफ्तारी के बाद इमरान की पार्टी PTI ने बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया। अब लाहौर से लेकर रावलपिंडी और क्वेटा में हो रही हिंसक घटनाओं के वीडियो सामने आ रहे हैं। इमरान समर्थकों ने आर्मी हेडक्वार्टर में भी हमला किया है।

सामने आए वीडियो में लोगों को आर्मी हेडक्वार्टर में पत्थरबाजी और फिर लाठी डंडों से हमला करते देखा जा सकता है। इस दौरान लोगों को ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते सुना जा सकता है।

लाहौर में स्थित कोर कमांडर हाउस पर भी तोड़-फोड़ और आगजनी की गई। कोर कमांडर हाउस पर हुए हमले का वीडियो सामने आया है। वीडियो में लोगों को “कहा था इमरान को न छेड़ना” और “इमरान खान को छोड़ो” कहते हुए सुना जा सकता है।

एक अन्य वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इमरान समर्थकों की भीड़ ने कोर कमांडरों की कैंटीन में लूटपाट की है।

यही नहीं, इमरान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ के लोगों ने पाकिस्तान के सरकारी रेडियो की इमारत में भी आग लगा दी है। इसका वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है।

इसी तरह खैबर पख्तूनख्वा के विधानसभा भवन में भी तोड़फोड़ और पथराव हुआ है।

एक अन्य वीडियो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के ऑफिस का बताया जा रहा है। यहाँ भी सैकड़ों की संख्या में आए इमरान समर्थक पत्थरबाजी करते देखे गए।

एक फ़ोटो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इमरान समर्थक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

वहीं, PTI ने भी वीडियो शेयर किया है। इसमें पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों को दिखाया गया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ द्वारा अब तक के शेयर किए वीडियो के अनुसार पाकिस्तान के 27 शहरों में आगजनी और लूटमार मची हुई है।