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‘अनुशासन पाठ’ के बाद जंतर-मंतर पर पहलवानों से मिलीं पीटी उषा, बोले बजरंग पुनिया- बृजभूषण सिंह के जेल जाने तक हम यहीं रहेंगे

भारतीय कुश्ती संघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह (WFI Chief Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों से मिलने पीटी उषा (PT Usha) पहुँची। वहाँ उन्होंने पहलवानों से मुलाकात की अपना धरना खत्म करने का आग्रह किया।

पीटी उषा भारतीय ओलंपिक संघ (IOC) की अध्यक्ष हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने पहलवानों के धरने को अनुशासनहीनता बताया था। पीटी उषा ने कहा था कि पहलवान सड़कों पर आकर भारत की छवि धूमिल कर रहे हैं। उन्होंने पहलवानों की आलोचना की थी।

इस पर पहलवान साक्षी मलिक ने पीटी उषा पर ही सवाल दाग दिया था। साक्षी मलिक ने 27 अप्रैल 2023 को कहा, “मैं पीटी उषा का सम्मान करती हूँ। उन्होंने हमें प्रेरित किया है, लेकिन मैं मैम से पूछना चाहती हूँ कि महिला पहलवानों ने आगे आकर उत्पीड़न का मुद्दा उठाया है। क्या अब हम विरोध भी नहीं कर सकते?”

इन सबके बीच पीटी उषा के धरना स्थल पर पहुँचीं और पहलवानों से मुलाकात कीं। पीटी उषा से मुलाकात को लेकर बजरंग पुनिया ने कहा, “उन्होंने (पीटी उषा) कहा कि वे हमारे साथ खड़ी हैं और हमें न्याय दिलाएगी। वह पहले एक एथलीट हैं और फिर कुछ और।”

मुलाकात को लेकर बजरंग पुनिया ने आगे बताया, “उन्होंने (पीटी उषा) ने कहा कि वह हमारी समस्या पर गौर करेंगी और जल्द से जल्द इसका समाधान करेंगी। बृजभूषण शरण सिंह के जेल जाने तक हम यहीं रहेंगे।”

इधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिल रही पुलिस सुरक्षा को पहलवानों ने लेने से मना कर दिया। पहलवानों ने कहा कि अगर वे जंतर-मंतर पर भी सुरक्षित नहीं है, तो वे कही भी सुरक्षित नहीं है। वे यहाँ शांतिपूर्वक धरना दे रहे हैं। उन्हें किसी से भी कोई दिक्कत नहीं है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी, तब पहलवान विनेश फोगाट ने कहा था कि धरना दे रहे हरियाणा के पहलवानों को दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है।

पहलवान साक्षी मलिक ने तो यहाँ तक कह दिया था, “हम अपना बयान सुप्रीम कोर्ट में दर्ज कराएँगे। उनको (बृजभूषण शरण सिंह) को जेल में डालने और सभी पदों से हटाने के बाद ही हमारा प्रदर्शन खत्म होगा।” पहलवान बृजभूषण शरण सिंह ने सांसद की सदस्यता छोड़ने की भी माँग रहे हैं।

वहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने मंगलवार (2 मई 2023) को पहलवानों को लेकर कहा कहा, “जिन अध्यक्ष के घर आप आते थे, शादी में बुलाते थे, घुल-मिलकर रहते थे, तब आपने (पहलवानों ने) कोई गोपनीय शिकायत नहीं की। आपको तब सारी दिक्कत हो जाती है, जब मैं एक पॉलिसी लेकर आता हूँ।”

उन्होंने कहा, “ओलंपिक में कौन जाएगा, कौन नहीं जाएगा, ये नियम बनाता हूँ, तब आपको तकलीफ होती है। कुश्ती में सामान्य परिवार के बच्चे आते हैं। कहीं न कहीं उनके माता-पिता अपनी जरूरतों में कटौती करके बादाम-घी का इंतजाम करते हैं। वे भी उम्मीद रखते हैं कि उनका बेटा नेशनल, इंटरनेशनल खेलेगा।”

भाजपा सांसद ने आगे कहा, “जिस मोदी जी की आज ये निंदा कर रहे हैं, जिस योगी जी की आज ये निंदा कर रहे हैं, दुनिया का कोई देश खिलाड़ियों को इतनी सहूलियत या पैसा नहीं देता, जितना हमारा देश देता है। कई देश तरसते हैं कि काश, हमें भारत से मौका मिलता।ठ

बता दें कि पहलवानों के धरना स्थल पर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के आपत्तिजनक नारे लगाए गए थे। इतना ही नहीं, कुछ पहलवानों और उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर एक कपड़ा को निचोड़ते हुए दिखाया था और लिखा था कि ‘मोदी को भी ऐसे ही निचोड़ देंगे।’ पहलवानों के कुछ समर्थकों ने यह भी कहा कि कृषि बिल वापसी को लेकर वे अपनी ताकत दिखा चुके हैं।

‘हिम्मत है तो कुरान का अपमान करके दिखाओ’: इस्लामी धर्मांतरण करने वाले पूर्व किकबॉक्सर एंड्रू टेट की चुनौती, लोगों ने फोटो-वीडियो की लगा दी झड़ी

पूर्व किकबॉक्सर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एंड्रू टेट ने सोमवार (1 मई, 2023) को लोगों को चुनौती दी कि वो कुरान का अपमान कर के दिखाएँ। बता दें कि ईसाई परिवार में जन्मे एंड्रू टेट ने इस्लामी धर्मांतरण कर लिया है और वो मुस्लिम बन गए हैं। इसके बाद उनकी कट्टरता साफ़-साफ़ झलक रही है। दरअसल, SatanCon नाम की एक वेबसाइट ने बाइबिल के पन्नों को फाड़ते हुए वीडियो बनाया था और शैतान की प्रशंसा में कसीदे पढ़े थे।

इसी खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए एंड्रू टेट ने लिखा, “अगर इतने ही बहादुर हो तो कुरान का अपमान करने की कोशिश कर के देखो।” इसके बाद सोशल मीडिया यूजर ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली और कुरान का अपमान करते हुए कई तस्वीरों और वीडियोज पोस्ट किए। साथ ही ट्विटर पर #AndrewTateQuranChallenge भी ट्रेंड करने लगा। इसी हैशटैग के साथ तस्वीरें और वीडियोज पोस्ट किए जाने लगे। इसके बाद एंड्रू टेट की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

पवित्र इस्लामी किताब कुरान को जलाते हुए भी तस्वीरें और वीडियोज डाले जा रहे हैं। कुछ ने तो कुरान के ऊपर सूअर का माँस रख कर उन तस्वीरों और वीडियोज को पोस्ट किया। एक ने कुरान को सूअर के मुँह में रखा हुआ दिखाया। इस तरह के कई अपमानजनक कंटेंट पोस्ट किए गए। बता दें कि SatanCon एक प्लेटफॉर्म है, जहाँ बाइबिल विरोधी जुड़े हुए हैं। इसने अमेरिका के बॉस्टन में 2023 में 3 दिवसीय कार्यक्रम भी आयोजित किया है।

एक ‘शैतान के मंदिर’ के 10 साल पूरे होने की सालगिरह मनाई गई और वहीं इस कार्यक्रम को भी आयोजित किया गया। दिसंबर 2022 में जबसे एंड्रू टेट ने इस्लाम कबूला है, कई मुस्लिम उनके फैन हो गए हैं। वो बलात्कार और मानव तस्करी के आरोपों में रोमानिया में गिरफ्तार भी हो चुके हैं। रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट स्थित उनके निवास पर आतंकवाद विरोधी एजेंसी का छापा भी पड़ा था। हाल ही में ग्रेटा थन्बर्ग के साथ भी उन्होंने लड़ाई कर ली थी।

इससे पहले भी कुरान जलाए जाने की कई घटनाएँ हो चुकी हैं। जनवरी 2023 में डच नेता एडविन वगसवेल्ड ने नीदरलैंड्स में कुरान का अपमान किया था और फिर उसे जला डाला था। वो कट्टर दक्षिणपंथी समूह ‘Patriotic Europeans Against the Islamisation of the West (PEGIDA)’ से ताल्लुक रखते हैं। इसी तरह स्वीडन में तुर्की के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन में कुरान जलाया गया था। इसके खिलाफ मुस्लिमों ने जम कर हंगामा किया था।

PFI ने ₹10000 करोड़ का फंड माँगा, कॉन्ग्रेस ने घोषणा-पत्र में उतना ही दिया: कर्नाटक चुनाव में प्रतिबंधित इस्लामी संगठन का SDPI भी हाथ के साथ

2023 कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रतिबंधित संगठन PFI के राजनीतिक इकाई SDPI ने कॉन्ग्रेस पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है। बता दें कि SDPI पर बैन नहीं है। ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ के नाम से ‘पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया’ चुनावों में हिस्सा लिया करता है। SDPI अब PFI से अपने संबंधों को नकारता है, ताकि उस पर बैन न लगे। अब उसने 100 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।

कॉन्ग्रेस के लिए घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करेंगे SDPI कार्यकर्ता

लेकिन, अब उसने कहा है कि वो मात्र 16 सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतारेगा। पार्टी का कहना है कि ये निर्णय इसीलिए लिया गया है, ताकि भाजपा को हराने में कॉन्ग्रेस की मदद की जा सके। ‘टाइम्स नाउ’ से बात करते हुए SDPI के नेशनल जनरल सेक्रेटरी इलियास थुम्बे ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए योजना बनाई गई है, उसी के तहत ये निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जमीनी स्थिति कॉन्ग्रेस की जीत के लिए मुफीद नजर आ रही है।

साथ ही उन्होंने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार की भविष्यवाणी भी की। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर कॉन्ग्रेस और JDS के लिए चुनाव प्रचार करने को कह दिया गया है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने भी अपने चुनावी घोषणापत्र में ‘बजरंग दल’ को प्रतिबंधित करने का वादा कर के मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति पर आगे बढ़ने का फैसला लिया है। SDPI पिछले चुनाव में भी कॉन्ग्रेस की मदद कर चुका है।

घोषणापत्र में कॉन्ग्रेस पार्टी ने मानी PFI की बात

एक और बात जानने लायक है कि चुनावी घोषणापत्र में कॉन्ग्रेस पार्टी ने उस माँग को मान ली है, जो 1 साल पहले PFI ने उसके सामने रखी थी। फरवरी 2022 में PFI ने माँग की थी कि बजट में अल्पसंख्यकों के लिए 10,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाए। दक्षिण कन्नड़ के मिट्टूर में हुई बैठक में ये माँग रखी गई थी। आरोप लगाया गया था कि अल्पसंख्यकों के बजट में काफी कमी आई है। इससे मुस्लिमों की प्रगति रुक जाने का आरोप भी लगाया गया था।

अब कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में लिखा है कि अल्सपंख्यकों के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाएगी। ये PFI की माँगों के अनुरूप ही है। हालाँकि, पार्टी ने इसमें बौद्ध, जैन ईसाई और अन्य का भी जिक्र कर दिया है। घोषणापत्र में आरोप लगाया गया है कि मौजूदा भाजपा सरकार वोटों का ध्रुवीकरण कर के सत्ता पाने के लिए अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित कर रही है। साथ ही संविधान की दुहाई भी दी गई है।

शरद पवार ने NCP का नया अध्यक्ष चुनने को बना दी कमिटी, पर मान-मनौव्वल भी जारी: धड़ाधड़ इस्तीफे दे रहे हैं पार्टी नेता

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने अपनी पार्टी राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसको लेकर पार्टी में घमासान मचा हुआ है। पार्टी ने पवार से अपने फैसले पर विचार करने के लिए कहा है। वहीं, बदलते घटनाक्रम के बीच NCP के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक जारी है।

इसी बीच NCP के राष्ट्रीय महासचिव जितेंद्र आव्हाड ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आव्हाड ने कहा, “मैंने राष्ट्रीय महासचिव के अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और मैंने अपना इस्तीफा एनसीपी प्रमुख शरद पवार को भेज दिया है। पवार साहब के ऐलान (पार्टी प्रमुख के पद से इस्तीफा देने) के बाद ठाणे एनसीपी के सभी पदाधिकारियों ने भी इस्तीफा दे दिया है।”

जितेंद्र आव्हाड ने शरद पवार द्वारा अपना इस्तीफा वापस नहीं लेने पर पद छोड़ा है। उनका कहना है कि वे शरद पवार के बिना अपने पद पर नहीं रहेंगे। आव्हाड को पवार को का बेहद भरोसेमंद माना जाता है। वहीं, मुंबई के यशवंत राव ऑडिटोरियम में एनसीपी नेताओं की बैठक चल रही है। इसमें अजित पवार, सुप्रिया सुले के अलावा प्रफुल्ल पटेल, जयंत पाटिल, छगन भुजबल हिस्सा ले रहे हैं।

मीटिंग में पहुँचने से पहले जब अजित पवार से अध्यक्ष बनने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “अगर अध्यक्ष बनने के लिए भी कहा जाएगा तो मैं मना कर दूँगा।” कहा जात रहा है कि अजित महाराष्ट्र विधानसभा मे प्रतिपक्ष के नेता हैं और वह खुद अध्यक्ष बनने के बजाय अपने नजदीकी को अध्यक्ष बनवा सकते हैं।

उधर NCP नेता जयंत पाटील ने कहा, “कई जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों ने व्हाट्सएप पर इस्तीफे भेजे हैं। मैंने जितेंद्र आव्हाड का इस्तीफा नहीं देखा है। हालांकि, ठाणे शहर एनसीपी प्रमुख आनंद परांजपे ने अपना इस्तीफा भेज दिया है।”

उधर, एनसीपी के नेता शरद पवार को मनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। नेताओं का कहना है कि NCP का अर्थ शरद पवार है और शरद पवार का अर्थ NCP है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि पवार अध्यक्ष पद का दिया गया इस्तीफा वापस नहीं लेते हैं तो उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बने रहने के लिए आग्रह किया जाएगा है।

उधर, कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि शरद पवार के इस्तीफा देने से गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। शिवसेना (ठाकरे) गुट के संजय राउत का कहना है, “शरद पवार का इस्तीफा देश की राजनीति के लिए बड़ा झटका है। हम तय करेंगे कि आने वाले दिनों में क्या होगा। हम पूरी घटना पर नजर बनाए हुए हैं।”

बता दें कि अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ-साथ महाराष्ट्र में विधानसभा के भी चुनाव होने हैं। ऐसे में शरद पवार के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की राजधानी पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। लोकसभा सीटों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। वहीं, विधानसभा की कुल 288 सीटें हैं।

एनसीपी राज्य की महाविकास आघाड़ी गठबंधन का हिस्सा है। इस गठबंधन में एनसीपी के अलावा कॉन्ग्रेस और शिवसेना (ठाकरे) मुख्य पार्टियाँ हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में महाराष्ट्र में MVA की सरकार रही थी। इसके बाद एकनाथ शिंदे ने विद्रोह कर दिया था। 

बम विस्फोट, 71 मौतें, कॉन्ग्रेस राज में सारे आरोपित बरी… PM मोदी ने कर्नाटक में याद किया राजस्थान, कहा – आतंक के आकाओं को बचाती है कॉन्ग्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बुधवार (3 मई, 2023) को मूडबिद्री में पहुँचे, जहाँ उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस कर्नाटक में शांति की दुश्मन है और विकास की भी दुश्मन है। उन्होंने कहा कि जब कॉन्ग्रेस होती है, वहाँ के निवेशक भागने लग जाते हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस पर आतंक के आकाओं को बचाने और तुष्टिकरण को बढ़ाने का भी आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि राजस्थान में क्या हुआ। वहाँ हुए एक बम धमाके की उन्होंने याद दिलाई, जिसमें 50 से भी अधिक लोग मारे गए थे। पीएम मोदी ने कहा कि इतना भयंकर षड्यंत्र हुआ, लेकिन वहाँ की कॉन्ग्रेस सरकार की पुलिस ने ऐसा काम किया कि ये धमाका करने वाले सारे के सारे दोषी जेल से छूट गए और निर्दोष साबित हो गए। उन्हें सज़ा नहीं दिलवाई गई। पीएम मोदी ने कहा कि तुष्टिकरण की यही नीति कॉन्ग्रेस की एकमात्र पहचान है।

पीएम मोदी ने पूछा, “क्या ऐसी कॉन्ग्रेस को आपलोग सत्ता में आने देंगे?” इसके बाद लोगों ने ‘नहीं’ कहा। पीएम मोदी ने पूछा, “क्या कर्नाटक को बर्बाद होने देंगे? क्या आप अपने भविष्य को तबाह होने देंगे?” उन्होंने कहा, “देश भर में जहाँ कहीं भी लोग शांति और प्रगति चाहते हैं, वहाँ सबसे पहला काम ये करते हैं, जो-जो राज्य के लोग जग जाते हैं और आगे बढ़ना चाहते हैं, सबसे पहले वो अपने राज्य से कॉन्ग्रेस को बाहर कर देते हैं – जाओ भाई, बहुत हो गया।”

पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया के हर कोने में भारत की वाहवाही हो रही है। ये आपके एक वोट के कारण हो रहा है। आपके एक वोट ने दिल्ली में मजबूत सरकार बनाई, आपके एक वोट ने दिल्ली में स्थिर सरकार बनाई जिसके कारण आज दुनिया में देश का नाम बन रहा है। ये आपके वोट की ताकत है। पूरा देश हमारे सैनिकों का आदर करता है, उनका सम्मान करता है जबकि कॉन्ग्रेस हमारी सेना का अपमान करती है, हमारे सैनिकों का अपमान करती है, हमारे सेना के वरिष्ठ लोगों को गालियाँ देने तक का पाप करती है।”

याद दिला दें कि जयपुर में 13 मई, 2008 को बम ब्लास्ट हुआ था। ये बम ब्लास्ट मंदिरों के बाहर और मुख्य बाजारों में हुए थे। 9 बम पूरे जयपुर में फिर किए गए थे, जिनमें से 8 फटे और लोगों की जानें गईं। 1293 गवाह और कई सुबूत पेश हुए, फिर भी सारे आरोपित बरी होने में कामयाब रहे। आरोपितों में शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान का नाम मुख्य रूप से शामिल था।

समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं, सामाजिक फायदा देने पर करेंगे विचार: सुप्रीम कोर्ट को केंद्र ने बताया, Same Sex Marriage पर कमिटी बनाने को तैयार

समलैंगिक विवाह (Same Sex Marriage) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई जारी है। केंद्र सरकार इस तरह के किसी भी विवाह का डटकर विरोध कर रही है। हालाँकि, केंद्र ने बिना मान्यता के समलैंगिकों की समस्याओं पर विचार को तैयार है। इसके लिए उसने प्रशासनिक स्तर पर एक कमेटी बनाने की बात अदालत को बताई।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पाँच न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के सामने केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (SG Tushar Mehta) पेश हुए। उन्होंने बुधवार (3 मई 2023) को सुनवाई के दौरान कहा कि कि सरकार समलैंगिकों की समस्याओं पर सकारात्मक है।

तुषार मेहता ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि केंद्र सरकार कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता मे एक कमिटी बनाने को तैयार है। इस कमिटी के सामने समलैंगिकों समस्याओं को रखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “किसी विशेष रिश्ते को ‘विवाह’ के रूप में मान्यता देने का अधिकार मौलिक अधिकार नहीं है।”

तुषार मेहता ने कहा कि समाज में कई तरह के रिश्ते मौजूद हैं। कानून हर रिश्ते को रेगुलेट नहीं करता है। उन्होंने कहा, “यहाँ तक कि हेरोसेक्सुअल जोड़ों के लिए भी अंतरंग संबंधों को सरकार द्वारा मान्यता नहीं दी जाती है।”

वहीं. याचिकाकर्ता की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस मामले के कानूनी पहलू भी हैं। इसे सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर हल नहीं निकल सकता। सिंघवी ने कहा कि विवाह का सिद्धांत कानूनी पहलू है, जो अदालत के क्षेत्राधिकार में है।

दरअसल, पिछली सुनवाई में 27 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि समलैंगिक जोड़ों को उनकी वैवाहिक स्थिति की कानूनी मान्यता के बिना ऐसे कौन-कौन से सामाजिक फायदे हैं, जिन्हें दिया जा सकता है। कोर्ट ने इसकी जानकारी के साथ अदालत में आने के लिए केंद्र को कहा था।

इसके बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी। समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देने वाले याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विशेष विवाह अधिनियम, 1954 (Special Marriage act) में बताए गए विवाह को ‘पुरुष और महिला’ के बीच के बजाय ‘जीवनसाथी’ के रूप में परिभाषित की जाए।

वेश्याओं के साथ सेक्स करते हैं मोहम्मद शमी: सुप्रीम कोर्ट को बीवी हसीन जहाँ ने बताया, कहा- विरोध करने पर मेरी पिटाई करते थे

भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी वेश्याओं के साथ संबंध बनाते हैं। विदेशी दौरों पर होटल रूम में वेश्याओं को लेकर आते हैं। यह बात उनकी बीवी हसीन जहाँ ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कही है। उन्होंने शमी की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

याचिका में कलकत्ता हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें शमी के खिलाफ वारंट पर रोक के सत्र न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया था। कोलकाता हाईकोर्ट ने इस संबंध में 28 मार्च 2023 को हसीन जहाँ की याचिका खारिज कर दी थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल की एक स्थानीय अदालत द्वारा शमी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाने की चुनौती दी थी।

क्रिकेटर की बीवी ने अपने वकील दीपक प्रकाश, नचिकेता वाजपेयी और दिव्यांगना मलिक वाजपेयी के जरिए मंगलवार (2 मई 2023) सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने (हसीन जहाँ) शमी पर दहेज की माँग करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि शमी बीसीसीआई से जुड़े विदेशी दौरों पर बोर्ड की तरफ से मुहैया कराए गए होटल के कमरों में वेश्याओं को लाते थे। विरोध करने पर हसीन जहाँ की पिटाई करते थे। उन्हें टॉर्चर करते थे।

हसीन जहाँ के अनुसार, शमी ने वेश्याओं के संपर्क में रहने और उनसे अवैध संबंध बनाने के लिए अपने दूसरे मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। उस फोन को कोलकाता की लाल बाजार पुलिस ने जब्त कर लिया है। याचिका में यह भी कहा गया है, “शमी अभी भी वेश्याओं के साथ यौन गतिविधियों में शामिल हैं। पिछले 4 साल से इस मामले में सुनवाई आगे नहीं बढ़ी है। शमी निचली अदालत में पेश नहीं हुए और जमानत के लिए आवेदन भी नहीं किया।”

बता दें कि 29 अगस्त 2019 को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अलीपुर द्वारा शमी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया था। क्रिकेटर ने उस आदेश को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी, जिसके बाद 9 सिंतबर 2019 को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और आपराधिक मुकदमे की पूरी कार्रवाई पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद शमी की बीवी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था, जहाँ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।

साल 2018 में मोहम्मद शमी के खिलाफ उनकी बीवी हसीन जहाँ खुलकर मीडिया के सामने आई थीं। तब उन्होंने शमी पर न सिर्फ अपनी प्रताड़ना, बल्कि मैच फिक्सिंग का भी आरोप लगाया था। उस समय शमी ने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बीवी को कौन भड़का रहा है। मैच फिक्सिंग के आरोपों पर शमी ने कहा था कि वे देश से गद्दारी के बजाए मरना पसंद करेंगे। बाद में शमी और हसीन जहाँ अलग-अलग हो गए थे। कोलकाता की अलीपुर जिला अदालत ने 23 जनवरी 2023 को अपने निर्णय में मोहम्मद शमी को आदेश दिया था कि वो हर महीने हसीन जहाँ को 50 हजार रुपए गुजारा भत्ता के तौर पर दें।

कर्नाटक में पेड़ की टहनियों से झड़े करारे-करारे नोट, कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के भाई के घर पर IT विभाग ने मारी थी रेड: देखिए Video

कर्नाटक में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आयकर विभाग (Income Tax Department) को बड़ी सफलता मिली है। IT विभाग ने एक आम के पेड़ पर बजे में छिपा कर रखे गए 1 करोड़ रुपए जब्त किए हैं। मैसूर में IT अधिकारियों ने सुब्रमण्य राय के घर छापेमारी की, जहाँ ये रुपए बरामद हुए। बता दें कि सुब्रमण्य राय पुत्तूर विधानसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी अशोक राय के भाई हैं। इस कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है।

IT के अधिकारियों को इस वीडियो में आम की टहनी पर रखे एक बक्से के बारे में पूछताछ करते हुए देखा जा सकता है। जब इस बक्से को खोला गया तो उसमें से करारे-करारे नोट निकले, जो 1 करोड़ रुपए के थे। जिस पेड़ से ये रुपए बरामद हुए हैं, वो काफी घना पेड़ है। IT विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि परिसर में कई बक्सों में रुपए छिपा कर रखे गए हैं। जिस पुत्तूर से उनके भाई चुनाव लड़ रहे हैं, वो दक्षिण कन्नड़ जिले में पड़ता है।

हालाँकि, ये छापेमारी अभी जारी ही है और इस संबंध में पूरी जानकारी अभी आनी बाक़ी है। अभी ये भी नहीं पता चल पाया है कि ये पैसे आए कहाँ से थे और इनका इस्तेमाल किस काम में किया जाना था। कर्नाटक में बुधवार (10 मई, 2023) को ही विधानसभा चुनाव होने हैं, वैसे में अवैध धन की आवाजाही पर ख़ुफ़िया विभाग नजर रखे हुए हैं। मुख्य लड़ाई सत्ताधारी भाजपा, विपक्षी कॉन्ग्रेस और स्थानीय पार्टी जदस के बीच है।

पिछले महीने भी इस तरह का मामला सामने आया था, जब एक ऑटो से 1 करोड़ रुपए मिले थे। बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार भी किया था। दोनों ने इसे एक कंपनी का कैश बताया था, लेकिन वो कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। 1 दिन पहले ही केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली PSU कंपनी WAPCOS (वॉटर एंड पॉवर कंसल्टेंसी) लिमिटेड के पूर्व CMD (चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर) राजेंद्र कुमार गुप्ता के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान केंद्रीय जाँच एजेंसी को 20 करोड़ रुपए से भी अधिक नकद बरामद करने में सफलता मिली थी।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! तीन दिन का ही नहीं है संकट, डूबने को है Go First: संकट में स्पाइसजेट को दिखी कमाई की उड़ान

हवाई यात्री परेशान हैं। एयरपोर्ट पर गो फर्स्ट (Go First) के काउंटर पर सन्नाटा है। वजह वाडिया ग्रुप की इस एयरलाइन कंपनी ने अगले कुछ दिनों के लिए अपना परिचालन बंद करने की घोषणा की है। लेकिन इस कंपनी के जो हालात हैं उसे देखकर नहीं लगता कि यह केवल कुछ दिनों का संकट है। असल में गो फर्स्ट दिवालिया होने के कगार पर है। उसने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में वॉलंटरी इनसॉल्वेंसी प्रॉसीडिंग के लिए एप्लिकेशन दी है।

एयरलाइन कंपनी के पास न तो ईंधन है और न पैसा। इस देखते हुए गो फर्स्ट ने 3 , 4 और 5 मई के लिए अपनी सभी उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया है। कंपनी ने मंगलवार (2 मई 2023) को ट्वीट कर कहा, “परिचालन संबंधी कारणों से 3, 4 और 5 मई 2023 के लिए Go First की सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हम इसके लिए अपने ग्राहकों से माफी माँगते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृप्या https://bit.ly/42ab9la पर जाएँ। हम आपको विश्वास दिलाते हैं कि जल्द ही अधिक जानकारी के साथ वापस आएँगे।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, वित्तीय संकट से जूझ रही गो फर्स्ट एयरलाइन (Go First Airlines) दिवालिया होने की कगार पर पहुँच गई है। एयरलाइन का कैश फ्लो गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। उनके पास ना तो तेल है और ना ही तेल कंपनियों के बकाया चुकाने का पैसा। कंपनी का कहना है कि उसके पास इंजन की कमी हो गई है, जिसकी वजह से वो कम उड़ानें भर पाएगी। इंजन बनाने वाली अमेरिकी कंपनी प्रैट एंड व्हिटनी ने उसकी सप्लाई बंद कर दी है।

गो फर्स्ट एयरलाइन ने कहा कि अमेरिका की पीएंडडब्ल्यू इंटरनेशनल एयरो इंजन (Pratt & Whitney’s International Aero Engines) की आपूर्तियों में लगातार दिक्कतें आती रही। पीएंडडब्ल्यू को 27 अप्रैल, 2023 तक कम से कम 10 स्पेयर लीज इंजन और 10 अतिरिक्त इंजन देने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसका इसका असर कमाई पर पड़ा है। विफल इंजनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण उन्हें उड़ानें बंद करनी पड़ी है।

कंपनी ने आगे कहा पीएंडडब्लू विमान इंजनों की मरम्मत और पार्ट्स मुहैया कराने में नाकाम रहा, जिसकी वजह ने उनके 50 फीसदी विमान खड़े हो गए हैं। प्रैट एंड व्हिटनी के दोषपूर्ण इंजनों के कारण ग्राउंडेड विमानों का प्रतिशत दिसंबर 2019 में 7 प्रतिशत, दिसंबर 2020 में 31 प्रतिशत और दिसंबर 2022 में बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है। गो फर्स्ट ने कहा कि उसने सरकार को अपनी स्थिति के बारे में बता दिया है और नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को एक रिपोर्ट भेजेगा। अभी एयरलाइन के बेड़े में 59 विमान हैं, जिनमें से 54 A320neo और पाँच A320ceo हैं।

वहीं नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वह इस एयरलाइन को बचाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि गो फर्स्ट इंजन आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही है। इस मामले में सरकार हरसंभव तरीके से एयरलाइन की मदद करती रही है। गो फर्स्ट के अनुसार, अगर पीएंडडब्ल्यू इंजन सप्लाई को पूरा करती है, तो एयरलाइन एक बार फिर से अगस्त-सितंबर 2023 को अपने पूरे परिचालन से साथ लौट जाएगी।

इस संकट के बीच एक अन्य एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) ने बड़ा फैसला लिया है। वह अपने 25 ग्राउंडेड विमानों को फिर से शुरू करने जा रही है। विमानों के इस निष्क्रिय बेड़े को फिर से शुरू करने के लिए कंपनी ने करीब 400 करोड़ रुपए सिक्योर कर रखे हैं। रिवाइवल के लिए सरकार के आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना से लाभ लेने की भी योजना है। स्पाइसजेट को इससे अपना राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।

‘तूने मेरी फैमिली को गाली दी…’: गौतम गंभीर और विराट कोहली के बीच तकरार की वजह चश्मदीद ने बताई, अब आप खुद करें फैसला कौन सही-कौन गलत

विराट कोहली (Virat Kohli) और गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में हुई तकरार को काॅन्ग्रेसी समर्थक खींचकर कर्नाटक चुनाव तक ले गए हैं। लेकिन लोगों को यह समझ नहीं आ रहा था कि अफगानी क्रिकेटर नवीन उल हक के साथ शुरू हुआ तकरार आखिर गंभीर और कोहली के विवाद में कैसे तब्दील हो गया। अब न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया है कि क्यों गंभीर और कोहली के बीच विवाद हुआ था।

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में मैच के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर गौतम गंभीर और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बल्लेबाज विराट कोहली में विवाद हुआ था। पीटीआई को इस घटना के दौरान डगआउट में मौजूद चश्मदीद ने बताया, “आपने टीवी पर देखा कि मैच के बाद मैदान पर ही मेयर्स और कोहली चलते हुए कुछ बातें कर रहे थे। मेयर्स ने कोहली से पूछा कि वो उन्हें लगातार गाली क्यों दे रहे थे। इस पर कोहली ने उनसे पूछा कि वो उन्हें घूर क्यों रहे थे? इससे पहले अमित मिश्रा ने भी अंपायर से शिकायत की थी कि कोहली लगातार नवीन को गाली दे रहा है, जो नंबर-10 पर बैटिंग करने आया था।”

चश्मदीद ने आगे बताया, “जब कोहली ने कमेंट किया, तो गंभीर बीच-बचाव करने के लिए आगे आए और मामला बढ़ने से पहले ही मेयर्स को खींचकर साइड में ले जाने लगे और उन्हें बात करने से मना कर दिया। इसके बाद गंभीर ने कोहली से पूछा- क्या बोल रहा है बोल?इस पर कोहली ने कहा- मैंने आपको कुछ बोला ही नहीं है, आप क्यों घुस रहे हो। फिर गंभीर ने जवाब दिया- तूने मेरे प्लेयर को बोला है, मतलब तूने मेरी फैमिली को गाली दी है। इस पर कोहली ने कहा- तो आप अपनी फैमिली को सँभाल के रखिए। फिर आखिर में गंभीर ने कहा- तो अब तू मुझे सिखाएगा।”

लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में सोमवार (1 मई 2023) को खेले गए मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 18 रनों से मात दी थी। इसके बाद से मैदान पर गंभीर और कोहली के बीच हुए झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। दोनों पर आईपीएल आचार संहिता उल्लंघन के कारण मैच फीस का 100 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था। वहीं, लखनऊ के तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक पर भी मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया था।

वायरल वीडियों में देखा गया था कि विराट कोहली और नवीन-उल-हक के बीच मैच के दौरान यह विवाद शुरू हुआ था। विराट कोहली गुस्से में वार्निंग देते हुए नजर आए थे। हालाँकि, उस वक्‍त मामला शांत हो गया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच फिर विवाद हो गया। मैच के बाद काइल मेयर्स को विराट के साथ बात करते देखा गया। इसी बीच गौतम गंभीर वहाँ आए और मेयर्स को हाथ पकड़कर ले गए। बाद में विराट और गंभीर के बीच कहासुनी हो गई थी।