दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बँगले और उसके भीतर की तस्वीरें सामने आई हैं। हाल ही में खुलासा हुआ था कि घर को चमकाने में 45 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। अरविंद केजरीवाल का बँगला देखने में काफी भव्य लग रहा है। साथ ही इसके भीतर काफी चमक-धमक देखा जा सकता है। दिल्ली के भाजपा नेताओं ने भी इस तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्हें ‘अरविंद केजरीवाल का शीशमहल’ बताया। देखें तस्वीरें:
— Neelkant Bakshi ?? (@neelkantbakshi) May 4, 2023
‘टाइम्स नाउ नवभारत’ चैनल ने भी ऐसी कई तस्वीरें जारी की हैं। अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास में बड़ी-बड़ी बालकनियाँ हैं, साथ ही कई विशाल लॉन भी हैं। उनके घर का ड्राइंग रूम में खासा आलीशान है और उसमें काफी जगह भी है। इसमें एक सात सीटों वाला सोफे लगा हुआ है, जो वियतनाम से आया है। वहाँ एक सेंटर टेबल भी रखा हुआ है। घर में 10 टेलीविजन सेट लगे हुए हैं, जो काफी महँगे हैं। इतना ही नहीं, रूफटॉप, यानी छत पर भी भव्य कारीगरी की गई है।
अरविंद केजरीवाल के घर में शाही टॉयलेट लगा है। साथ ही जो मार्बल इस्तेमाल किया गया है, वो 3 करोड़ रुपए का है। राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे जनता के पैसों के दुरुपयोग का मामला बताया है। वहीं भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा है कि जब आप और आपका परिवार ऑक्सीजन के लिए दौड़ लगा रहा था, तब अरविंद केजरीवाल अपने लिए ‘शीशमहल’ बनवा रहे थे। उधर LG द्वारा गठित जाँच टीम ने इससे जुड़ी 47 फाइलें अपने कब्जे में ली हैं।
बता दें कि सैटेलाइट इमेज के जरिए हुए नए खुलासे में कहा गया था कि अरविंद केजरीवाल ने सीएम आवास की पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत के नाम पर टेंडर निकाला था। इस टेंडर के तहत पुरानी बिल्डिंग में मरम्मत के साथ ही कुछ बदलाव होने थे। लेकिन, इसकी जगह केजरीवाल ने एक नए सीएम हाउस का निर्माण करवाया है। वहीं, पुरानी बिल्डिंग को गिराकर उसकी जगह एक बड़ा गार्डन बनवाया गया है। इस गार्डन के बगल में लॉन टेनिस के लिए एक कोर्ट भी बनाया गया है।
दुनिया भर में मंदी (Recession) की आशंका के बीच कंपनियाँ छंटनी कर रही हैं। निवेश बैंकिंग की दिग्गज अमेरिकी कंपनी मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) द्वारा 3000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा के बाद एक और कंपनी ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की घोषणा की है। अमेरिकी आईटी कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant) ने गुरुवार (4 मई 2023) को कहा कि रेवेन्यू में कमी के कारण वह अपने 3,500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी।
वैश्विक श्रम बाजार में मंदी की आशंका के चलते पिछले लगभग डेढ़ सालों से कंपनियाँ लगातार छंटनी कर रही हैं। इसके पहले सोशल मीडिया कंपनी मेटा, ट्विटर, गूगल आदि भी अपने हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुके हैं। हालाँकि, भारत में घरेलू कंपनियों के बीच इस कथित मंदी की आहट का डर कम दिखाई दे रहा है। कई भारतीय कंपनियाँ तो अपने यहाँ कर्मचारियों की भर्ती कर रही हैं।
मंदी को लेकर गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने मार्च 2023 में कहा था कि सिलिकॉन वैली बैंकों के दिवालिया होने और व्यापक बैंकिंग क्षेत्र पर इसके प्रभाव के बाद अगले 12 महीनों में अमेरिका में मंदी की उच्च संभावना दिखाई देती है। गोल्डमैन के विश्लेषकों ने अगले 12 महीनों में अमेरिका में मंदी की आशंका 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35% कर दी थी।
गोल्डमैन सैक्स का यह पूर्वानुमान टेक-केंद्रित सिलिकॉन वैली बैंक और क्रिप्टो-केंद्रित सिग्नेचर बैंक की बर्बादी के बाद आया था। इन आशंकाओं के बीच अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों, खासकर बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट देखी गई थी। यूरोप में इसको लेकर विशेष आशंका जाहिर की जाने लगीं। हालाँकि, भारत में मंदी की आशंका जीरो (0) है।
इसी तरह यूरोपीय देशों में भी मंदी की आशंका को लेकर की जाने वाली पूर्वानुमान की दर को बढ़ा दिया गया है। World of Statistics नाम के ट्विटर हैंडल ने विभिन्न एजेंसियों के आँकड़ों के आधार पर विभिन्न देशों में मंदी की आशंका को लेकर डाटा जारी किया है।
इस आँकड़े में साल 2023 में भारत में मंदी की आशंका 0 प्रतिशत है। वहीं, सबसे अधिक मंदी की आशंका वाला देश ब्रिटेन है। वहाँ मंदी की आशंका 75 प्रतिशत है। वहीं, न्यूजीलैंड में 70 प्रतिशत और अमेरिका में 65 प्रतिशत है। वहीं, जर्मनी, इटली और कनाडा में इस साल मंदी की आशंका 60 प्रतिशत है।
जिन देशों में इस साल मंदी की सबसे कम आशंका है, उनमें भारत शीर्ष पर है। हालाँकि, 0 प्रतिशत के साथ भारत में मंदी की आशंका है ही नहीं। भारत के बाद इंडोनेशिया में 2 प्रतिशत, सऊदी अरब में 5 प्रतिशत, चीन में 12.5 प्रतिशत, ब्राजील में 15 प्रतिशत और स्विट्जरलैंड में 20 प्रतिशत इस साल मंदी की आशंका है।
भारत में क्यों नहीं है मंदी की आशंका
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपने ताजा आँकड़े में बताया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा उत्पादन साल 2023 में भारत में होने वाला है। इस हिसाब से भारत का विकास दर सबसे अधिक होगा। IMF ने अपनी हालिया रिपोर्ट में भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद विकास दर 5.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। इसके बाद 5.2 प्रतिशत के साथ चीन दूसरे नंबर पर है।
ग्रोथ रेट के हिसाब से जो शीर्ष पाँच देश हैं, उनमें भारत और चीन के अलावा इंडोनेशिया की ग्रोथ रेट 5 प्रतिशत, सऊदी अरब की 3.1 प्रतिशत और मेक्सिको की 1.8 प्रतिशत रहने वाली है। ये वही देश हैं, जहाँ इस साल मंदी की आशंका सबसे कम है। हालाँकि, मेक्सिको इसका अपवाद है, क्योंकि मेक्सिको की मंदी आशंका दर 27.5 प्रतिशत है और यह सबसे कम आशंका वाले देशों में आठवें नंबर पर है।
मंदी की आशंका से सबसे अधिक प्रभावित की सूची में शीर्ष पर बैठे ब्रिटेन का आर्थिक वृद्धि दर निगेटिव में है, यानी -0.3 प्रतिशत और जर्मनी की -0.1 प्रतिशत रहने वाली है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका साल 2023 में 0.1 प्रतिशत, फ्रांस और इटली का 0.7 प्रतिशत विकास दर रहने का अनुमान है। इसलिए ये मंदी की आशंका को लेकर शीर्ष पर हैं।
पाकिस्तान में 50 हिन्दुओं के सामूहिक इस्लामी धर्मांतरण का मामला सामने आया है। इन सभी को इस्लाम 4 महीने अब इस्लाम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें इसके लिए एक ट्रेनिंग सेंटर में रखा जाएगा, जहाँ इन्हें इस्लाम के बारे में सब कुछ बताया-समझाया जाएगा। इस्लामी धर्मांतरण करने वाले 10 परिवार हैं। ये मामला पाकिस्तान के मीरपुरखास का है, जो सिंध प्रान्त में पड़ता है। हिन्दू कार्यकर्ताओं ने इस घटना का विरोध भी किया है।
पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ‘The Express Tribune’ की खबर के अनुसार, मजहबी मामलों के मंत्री और सीनेटर मोहम्मद तल्हा महमूद का बेटा मोहम्मद समरोज खान को इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। बैतूल इमाम न्यू मुस्लिम कॉलोनी के एक मदरसे में ये कार्यक्रम आयोजित हुआ। संगठन के सदस्य क़ारी तैमूर राजपूत ने दावा किया कि सभी 50 हिन्दुओं ने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है। आसपास के इलाकों के लोग भी इस कार्यक्रम में आए।
जिन 50 हिन्दुओं ने इस्लाम अपनाया है, उनमें 23 महिलाएँ हैं। धर्मांतरितों में एक 1 साल की बच्ची भी शामिल है। 2018 में यहाँ नए-नए बने मुस्लिमों के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर बना था, जहाँ अब इन्हें रखा जाएगा। उनके खाने-पीने से लेकर कपड़ों और दवाओं की भी व्यवस्था की जाएगी। उन्हें कुरान पढ़ाया जाएगा। संगठन ने दावा किया कि पिछले 5 वर्षों में सैकड़ों लोगों ने इस्लाम अपनाया है। क़ारी राजपूत ने कहा कि एक अकेले व्यक्ति का धर्मांतरण नहीं किया जाता क्यों इससे मुद्दा बनता है, इसीलिए परिवारों का ही धर्मांतरण किया जाता है।
क़ारी राजपूत ने कहा कि इन लोगों को हर तरह की ज़रूरी सुविधा मुहैया कराई जाती है। 4 महीने की ट्रेनिंग के बाद ये कहीं भी जा सकते हैं। इस घटना से आक्रोशित हिन्दू कार्यकर्ता फरीक शिवा कुच्ची ने कहा कि सरकार भी इस तरह के धर्मांतरणों में शामिल हो रही है। उन्होंने इसके खिलाफ कानून बनाने की माँग करते हुए कहा कि सिंध में ये सब धड़ल्ले से हो रहा है, अब मंत्री का बेटा धर्मांतरण कार्यक्रम का हिस्सा बन रहा है। उन्होंने कहा कि हिन्दुओं की गरीबी का फायदा उठा कर ऐसा किया गया है।
इतिहासकारों ने लंबे समय तक टीपू सुल्तान को एक स्वतंत्रता सेनानी बताया और पाठ्यक्रम में भी ऐसा ही पढ़ाया गया। लेकिन, जब सही इतिहास सामने आया तो हिन्दुओं पर अत्याचार करने वाले टीपू सुल्तान की पोल खुल गई। जिस टीपू सुल्तान की कॉन्ग्रेस सरकार जयंती मनाती थी, अब लोग उसे हिन्दुओं का हत्यारा और मंदिर तोड़ने वाले के रूप में जानते हैं। अब मैसूर के सुल्तान के ‘डार्क साइड’ को दिखाने के लिए फिल्म भी आ रही है। ‘Eros International’ इस फिल्म को पेश कर रहा है।
‘टीपू’ फिल्म के अनाउंसमेंट वीडियो में दिखाया गया है कि इस क्रूर शासक ने 8000 मंदिरों और 27 चर्चों को ध्वस्त किया। इसमें बताया गया है कि 40 लाख हिन्दुओं को इस्लाम अपना कर मुस्लिम बनने को मजबूर किया गया, उन्हें गोमांस खिलाया गया। 1 लाख से भी अधिक हिन्दुओं को जेल में ठूँस दिया गया। कालीकट में 200 ब्राह्मण परिवारों का नरसंहार किया गया। वीडियो में बताया गया है कि सन् 1783 से ये ‘जिहाद’ शुरू किया गया था। वीडियो में मंदिरों को जलते हुए भी दिखाया गया है।
इस फिल्म का निर्देशन पवन शर्मा कर रहे हैं। एक वीडियो के जरिए फिल्म की घोषणा कर दी गई है। इस फिल्म को संदीप सिंह और रश्मि शर्मा मिल कर प्रोड्यूस कर रहे हैं। संदीप सिंह ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ भी बना रहे हैं, जिसमें रणदीप हुड्डा वीर विनायक दामोदर सावरकर के किरदार में दिखेंगे। वो ‘अटल’ फिल्म भी बना रहे हैं, जिसमें पंकज त्रिपाठी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का रोल अदा कर रहे हैं। संदीप शर्मा इसके अलावा ‘बाल शिवाजी’ फिल्म भी बना रहे हैं।
उनके अलावा रश्मि शर्मा इस फिल्म का निर्माण करेंगी, जो ‘पिंक (2016)’ की भी प्रोड्यूसर थीं। ‘टीपू’ फिल्म को हिंदी, कन्नड़, तमिल तेलुगु और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के लिए रिसर्च का काम रजत सेठी ने किया है, जो हॉवर्ड और IIT खड़गपुर जैसे संस्थानों से पढ़ चुके हैं। कानपुर में जन्मे रजत सेठी असम चुनाव में भाजपा के लिए काम कर चुके हैं। वो एक उम्दा राजनीतिक विश्लेषक और लेखक भी हैं।
फिल्म के निर्देशक पवन शर्मा ने कहा, “हमें टीपू सुल्तान के बारे में स्कूलों में जो पढ़ाया गया, वो बहुत ही भ्रामक था। जब मैंने इस क्रूर शासक के बारे में सही से जाना, तो मैं काफी हैरान रह गया। मैं इस फिल्म के जरिए एक कठोर वास्तविकता दिखाने जा रहा हूँ, जिससे छेड़छाड़ कर के हमें टीपू सुल्तान को लेकर योद्धा नायक बता कर पेश किया गया।” वहीं रजत सेठी ने कहा कि टीपू सुल्तान के अत्याचारों को छिपा कर उसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया।
कुछ सच इतना ज़्यादा सच होता है कि उसे सालों बाद सही तरीके से बताया जाए तो वो झूठ लगने लगता है। ये बात ‘The Kashmir Files’ के संबंध में कही गई थी, जिसने नब्बे के दशक में कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इतिहास दुनिया के सामने रखा। वहीं, कुछ सच ऐसा होता है जिसे देख कर भी समाज का एक अधिकतर हिस्सा तब तक नज़रअंदाज़ करता है जब तक वो एकदम भयावह रूप न ले ले, ये बात ‘The Kerala Story’ के संबंध में कही जा सकती है।
यहाँ हम आपको बताएँगे कि ‘The Kerala Story’ देखनी चाहिए या नहीं, बिना कहानी के बारे में कुछ भी खोलते हुए। इसका सीधा जवाब है – बिलकुल देखना चाहिए। जानने के लिए आगे पढ़ते रहिए। संक्षेप में कहें तो ‘The Kerala Story’ उन 3 लड़कियों की कहानी है जो इस्लामी धर्मांतरण के जाल में फँसा दी जाती हैं। जैसा कि ट्रेलर में बताया गया है, इन लड़कियों की तस्करी कर के उन्हें ISIS के गढ़ में भेजा जाता है।
उन्हें ‘Sex Slave’ बना दिया जाता है। फिल्म में कहीं भी किसी भी रूप में झूठी न्यूट्रैलिटी के लिए करेक्ट होने की कोशिश नहीं की गई है। जो है, उसे दिखाया गया है। जो होता है, उसे बताया गया है। धर्मांतरण के जाल में फँसाने के लिए क्या-क्या किया जाता है और क्या-क्या बोला जाता है, इसे दिखाने में कुछ भी छिपाने का प्रयास नहीं किया गया है। हिन्दू, वामपंथी, ईसाई – इस्लामी कट्टरवाद की आग में सब जलते हैं और ‘The Kerala Story’ इसे बहस सही तरीके से समझाती है।
‘The Kerala Story’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन हैं और निर्माता विपुल शाह। विपुल शाह बॉलीवुड में एक बड़ा नाम हैं जिन्होंने अक्षय कुमार को लेकर 4 फिल्मों का निर्देशन किया है, जिनमें ‘नमस्ते लंदन (2007)’ भी शामिल है। वो ‘सींग इज किंग (2008)’ के भी निर्माता हैं। ‘कमांडो’ सीरीज की तीनों फिल्मों के निर्माता हैं। ‘फ़ोर्स’ सीरीज की तीसरी फिल्म अभी बन रही है, इस सीरीज के भी निर्माता वही हैं। ऐसे में क्रिएटिव प्रोड्यूसर के रूप में उनका अनुभव भी इसमें दिखता है।
फिल्म में अफगानिस्तान के जो दृश्य दिखाए गए हैं, वो वास्तविक लगते हैं। महिलाओं को किस तरह इस्लाम मजहब के कट्टरपंथियों द्वारा एक उपभोग की वस्तु से अधिक कुछ भी नहीं समझा जाता है, इसे आप ISIS और तालिबान से संबंधित दृश्यों को देख कर समझ जाएँगे। शरीयत की क्रूरता को उकेरने के लिए कुछ ही दृश्य काफी हैं। ‘लव जिहाद’ के पीछे मुल्ले-मौलानाओं के नेटवर्क और विदेशी फंडिंग – कई खबरों में हम इसकी वास्तविकता भी देख ही चुके हैं, अब फिल्म में भी इसे दिखाया गया है।
हिन्दू और ईसाई लड़कियों और उनके माता-पिता को ये मूवी विशेष कर के देखनी चाहिए। कोई भी बेटी का पिता, चाहे वो कॉन्ग्रेस हो, कम्युनिस्ट हो, नास्तिक हो या फिर हिन्दू विरोधी ही क्यों न हो, उसे इस फिल्म को ज़रूर देखना चाहिए ताकि उसकी विचारधारा उसकी बच्चियों का भविष्य बिगाड़ने का माध्यम न बने। इस्लामी कट्टरपंथ से खतरा सभी को है। मानव तस्करी और ‘लव जिहाद’ को मिला कर जो इस्लामी जिहाद का नेटवर्क बना है, उसका खुलासा करने वाली फिल्म है नाम है – ‘The Kerala Story’।
‘The Kerala Story’ फिल्म की रिलीज के बाद एक व्यक्ति जिनकी चर्चा सबसे ज्यादा होने वाली हैं, वो हैं अदा शर्मा, फिल्म की मुख्य अभिनेत्री। अदा शर्मा एक संस्कारी हिन्दू घर की लड़की के किरदार में हैं। उनके चेहरे पर वो मासूमियत दिखती है। बाद में उनके हावभाव में डर और लाचारी का मिश्रण भी अच्छे से दिखता है। जो भी इस फिल्म को देखने जाएँगे, वो उनके फैन बन कर निकलेंगे। अदा शर्मा के करियर का ये सबसे चर्चित और सबसे बड़ा किरदार होने वाला है, इसमें कोई शक नहीं है।
सिद्धि इदनानी – ये एक और ऐसा नाम है जिसकी चर्चा यहाँ पर करने लायक हैं। उन्होंने एक आधुनिक लड़की का किरदार बखूबी अदा किया है, जो कम्युनिस्ट पिता की छाया में पली-बढ़ी होती हैं। उनके किरदार से बॉलीवुड अभिनेत्रियों को ये सीखने को मिलेगा कि सर्जरी, जीरो फिगर और बिकनी से नहीं, बल्कि अच्छे स्क्रिप्ट में अच्छा अभिनय करने से आप दर्शकों का प्यार जीत सकती हैं। अदा शर्मा और सिद्धि इदनानी इस साल की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में रहें तो कोई शक नहीं होना चाहिए।
कई मलयालम फिल्मों की तरह ‘The Kerala Story’ में भी ‘God’s Own Country’, यानी केरल की खूबसूरती को बारीकी से उकेरा गया है। अफगानिस्तान और केरल के दृश्यों को देख कर आप उन इतिहासकारों को लानतें भेजना नहीं भूलेंगे, जिन्होंने हमें ये पढ़ाया कि इस्लामी आक्रांताओं का आर्किटेक्चर काफी उम्दा था और भारत में आकर उन्होंने ही हमें ये सब बनाना सिखाया। जो आज केरल में हो रहा है, वो कल को नॉर्थ-ईस्ट या फिर उत्तर भारत में भी व्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया जा सकता है, इसीलिए जागना ज़रूरी है।
पिछले कुछ वर्षों में मलयालम फिल्मों में हिन्दुओं को विलेन के रूप में दिखाए जाने का चलन बढ़ा है। चाहे बहुचरचिर देशी सुपर हीरो वाली फिल्म ‘मिन्नल मुरली (2021)’ हो या फिर हाल ही में आई ममूटी की फिल्म ‘भीष्म पर्वम्’, हिन्दुओं को विलेन बताने जाने का एक चलन शुरू हो गया है। इन सबके उलट ‘The Kerala Story’ एक वास्तविक ट्रेंड को 3 पीड़ित लड़कियों के जरिए समझाने की कोशिश करती है। फिल्म में जो लोग नकारात्मक करिदार में हैं, उनका अभिनय भी दमदार है।
‘The Kerala Story’ देखनी चाहिए, ताकि बेटियों को बचाया जा सके। इस फिल्म को और भी लोगों को दिखाना चाहिए, ताकि वो इस आशंका से सतर्क रहें कि जो केरल में हो रहा वो नागलइनफ, कश्मीर या फिर झारखंड में भी हो सकता है। केरल के बारे में कथा है कि ये वो भूमि है, जिसे भगवान परशुराम ने खुद तैयार किया था। आज वहाँ ईसाइयों और मुस्लिमों के नाम पर राजनीति करने वाले दल हैं। जबकि सबरीमाला को पाश्चात्य अजेंडे के तहत शिकार बनाया गया और श्रद्धालुओं पर डंडे चले।
अल्लाहु अकबर बोल कर गला काटा जाता है, इस चीज को ‘The Kerala Story’ छिपाती नहीं। ‘लव जिहाद’ की शिकार लड़कियों के परिवारों की व्यथा को इसमें बढ़िया तरीके से दिखाया गया है। अधिकतर कॉलेज की लड़कियाँ ही इसका शिकार बनती हैं, इसीलिए कहानी में मुख्य किरदार भी उन्हें ही रखा गया है। इससे युवा इस फिल्म को देखेंगे-समझेंगे। फिल्म के कुछ वन लाइनर डायलॉग्स भी हैं, जो आपको याद रहेंगे।
केरल के कासरगोड की रहने वाली श्रुति ने राज्य में चल रहे इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों को लेकर हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। उसका ब्रेन बाॅश काॅलेज के मुस्लिम साथियों ने किया था। उसके मन में इस कदर हिंदू घृणा भर दी गई थी कि उसने अपनी ही माँ को ‘काफिर’ मानकर पीट दिया। धर्मांतरण के बाद श्रुति का नाम रहमत रखा गया था।
श्रुति उन लड़कियों में से एक है जिसने ABP न्यूज से बात की है। केरल में चल रहे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का सच जानने के लिए न्यूज चैनल ने इस्लामी धर्मांतरण की साजिशों का शिकार हुई कई पीड़िताओं से बात की है। रिपोर्ट में बताया है कि किस तरह गैर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट कर उनका ब्रेन वाॅश किया गया।
श्रुति का ब्रेन वॉश करने के लिए कॉलेज के साथियों ने उसे इस्लाम से जुड़े पर्चे और किताबें पढ़ने के लिए दी थीं। भारत में हेट स्पीच और मनी लॉन्ड्रिंग के वांछित भगोड़े जाकिर नाइक का सीडी देखने को दिया था। उसने ABP न्यूज को बताया, “मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक की स्पीच सुनने के लिए मुझे सीडी दी गई। बहुत ज्यादा जानकारी वहाँ से मिल रही थी तो मैं भी बहुत कन्फ्यूज थी। मैं इंटरनेट पर सर्च करने लगी। मैं इससे इतनी बहक गई कि एक दिन नमाज पढ़ने के लिए जा रही थी और माँ बड़े प्यार से खाना लेकर आई। लेकिन मैं नमाज के चलते उसे छू नहीं सकती थी। जब माँ ने मुझे खाने के लिए जोर दिया तो मैंने काफिर समझकर उन पर हाथ उठा दिया।”
ऐसी ही पीड़िताओं की कहानी पर आधारित फिल्म द केरल स्टोरी (The Kerala Story) 5 मई 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।श्रुति ने इस फिल्म के ट्रेलर को भी सही ठहराया है। उसने बताया है, “इसमें (द केरल स्टोरी) लड़कियाँ जो कुछ बोल रही हैं, वो सब सही है। 10 साल पहले मेरा भी ब्रेन वॉश किया गया, जिसके चलते मैंने अपना धर्म बदल लिया था।” ब्राह्मण परिवार में पैदा हुई श्रुति ने बताया है कि ग्रेजुएशन के दौरान उसके ज्यादातर क्लासमेट मुस्लिम थे। ये लोग उससे इस्लाम की बातें करते थे। बातचीत में हिंदू धर्म पर सवाल खड़े करते थे। हिंदू त्योहारों के बारे में उसे भ्रमित किया। फिर उसका धर्मांतरण करवा दिया।
ऐसी ही एक अन्य लड़की अनखा ने ABP न्यूज को बताया है कि उसे पहले इस्लामी व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया। इस्लाम अपनाने के लिए वीडियो दिखाए गए। इससे धीरे-धीरे उसकी इस्लाम में दिलचस्पी पैदा हुई। फिर एक दिन धर्मांतरण कर उसका नाम आइमा अमीरा रखा गया। ‘द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने भी मार्च 2022 में बताया था, “2009 के बाद केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में भेज दी गईं थी।”
जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के प्रदर्शन में कल (3 मई 2023) रात झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पहलवानों ने एक पुलिसकर्मी पर नशे की हालत में बदसलूकी करने का आरोप भी लगाया। अब इसी मामले पर दिल्ली पुलिस के डीसीपी प्रणव तयाल ने मेडिकल का हवाला देते हुए कहा है कि पुलिसकर्मियों ने शराब नहीं पी थी।
डीसीपी प्रणव ने बताया कि जंतर-मंतर पर सोमनाथ भारती के कुछ लोग बिन अनुमति के गाड़ी भर कर फोल्डिंग पलंग लेकर पहुँचे थे। जब पुलिस ने उन्हें देखा तो उनको रोकने का प्रयास किया गया, मगर तभी सारे प्रदर्शनकारी वहाँ इकट्ठा हो गए और वहीं धक्का-मुक्की होने लगी। इस पूरे प्रकरण में पाँच पुलिसकर्मी घायल हुए जिनमें से 2 महिला पुलिसकर्मी थीं।
#WATCH | Yesterday, AAP leader Somnath Bharti brought folding beds to the protest site in Jantar Mantar. Some supporters tried to take out the beds & this led to an altercation…5 police personnel sustained injuries during a night scuffle. On the allegations that our staff… pic.twitter.com/sJzoy3HGxM
डीसीपी ने मीडिया को यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों ने इल्जाम लगाया था कि कोई पुलिसवाला शराब के नशे में धुत था। डीसीपी ने कहा, “उस पुलिसवाले का हमने अलग से मेडिकल कराया था, उसकी रिपोर्ट में कोई एल्कोहल होने के सबूत नहीं मिले हैं।” डीसीपी ने बताया कि इस झड़प में प्रदर्शनकारियों के भी 2 लोगों को चोट आई थी उनका मेडिकल होने के बाद डिस्चार्ज (लामा मिल गया है) हो गए हैं।
पुलिस ने स्वाति मालीवाल के आरोपों पर कहा कि कल प्रदर्शनस्थल पर कानून व्यवस्था को देखते हुए उन्हें बैरिकेड से अंदर आने को रोका गया था। बाद में उनको हिरासत में लेकर सिविल लाइन्स थाने ले जाया गया था। उसके बाद वहाँ से उन्हें छोड़ दिया गया था। ये सब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हुआ था।
उल्लेखनीय है कि जंतर-मंतर पर देर रात हुई पुलिस के साथ झड़प के बाद विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था कि पुलिसकर्मी ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी की। लड़कियों की छाती पर धक्का मारा। वायरल वीडियो में देख सकते हैं विनेश फोगाट कहती हैं,
“वो बृजभूषण जिसने इतने कांड किए वो घर में मजे से सो रहा है। हम लोग तख्ते के खाट ला रहे हैं सोने के लिए उसमें भी इन्हें लग रहा है सो जाओ मर जाओ…मारना है वैसे ही मार दो, हम मरने के लिए तैयार हैं। इतनी इज्जत गिराओगे क्या। हम अपने मान-सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं और वह पुलिस वाला धर्मेंद्र लड़कियों की चेस्ट पर धक्के मार रहा है। इसी दिन को देखने के लिए मेडल लेकर आना है तो मैं चाहूँगी देश का कोई खिलाड़ी मेडल न लाए फिर। इतना दुर्दशा कर दी है हमारी।”
VIDEO | "The way they have made us suffer, I would not want any athlete to win a medal for the country," says wrestler Vinesh Phogat. pic.twitter.com/EpSk6dc3ZL
द केरल स्टोरी (The Kerala Story) ने असल जिंदगी की उन लड़कियों की कहानियों को चर्चा में ला दिया है, जिनका सुनियोजित तरीके से इस्लामी धर्मांतरण किया गया। इनमें से एक लड़की अनखा है। इस्लाम कबूलने के बाद उसका नाम आइमा अमीरा रखा गया। केरल में चल रहे ‘कन्वर्जन फैक्ट्री’ का सच जानने के लिए ABP न्यूज ने जिन पीड़िताओं से बात की है उनमें एक अनखा भी है।
कैमरे पर आकर अनखा ने अपनी कहानी बताई है। उसने कहा, “मुझे इस्लामिक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ दिया गया। इस्लाम अपनाने के लिए वीडियो दिखाए गए। इससे धीरे-धीरे मुझे इस्लाम में रुचि हो गई।” ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के कई जिलों की लड़कियों ने बड़े पैमाने पर चल रहे धर्म परिवर्तन की साजिशों के बारे में बताया है। गैर मुस्लिम लड़कियों को टारगेट ब्रेन वॉश किया जाता है। इनमें से कुछ की शादी हो चुकी है। कुछ को परिवार ने छोड़ दिया है। कुछ को उनके पति छोड़कर चले गए हैं।
अनखा ने ABP न्यूज को बताया, “उन लोगों को जैसे ही पता चलता था कि उनके मजहब में किसी की रुचि है, तो वे अपने आप ज्ञान देना शुरू कर देते थे। उन्होंने मुझे अल्लाह के बारे में बताया कि वही एकमात्र भगवान हैं। पैगंबर मोहम्मद और कुरान के बारे में जानकारी दी गई। धीरे-धीरे उनकी बातों का मुझ पर असर होने लगा, क्योंकि वे सब एक ही जैसी बातें करते थे। यह 2018 की बात है। धीरे-धीरे मैं इस्लाम से प्रभावित होने लगी। मुझे लगने लगा कि इसमें कुछ खास है।”
इसी तरह की बातें रहमत बना दी गई श्रुति ने भी एबीपी न्यूज को बताया है। श्रुति को ग्रेजुएशन के दौरान मुस्लिम दोस्तों ने पहले इस्लामी पाठ पढ़ाया। हिंदू त्योहारों के बारे में उसे भ्रमित किया। फिर उसका धर्मांतरण करवा दिया। बता दें कि ‘द केरल स्टोरी’ के निर्देशक सुदीप्तो सेन ने भी मार्च 2022 में बताया था, “2009 के बाद केरल और मैंगलोर की लगभग 32000 लड़कियों को हिंदू और ईसाई से इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। उनमें से ज्यादातर सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य ISIS व हक्कानी प्रभावशाली क्षेत्र में भेज दी गईं।” सुदीप्तो को रिसर्च के दौरान यह भी पता चला कि अपहरण और तस्करी के जरिए गायब हुईं कुछ लड़कियाँ अफगानिस्तान और सीरिया की जेल में पाई गई थीं। इनमें से ज्यादातर लड़कियों की शादी ISIS के आतंकवादियों से की गई थी और उन्हें ‘सेक्स स्लेव’ बनाया गया था।
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के कारण राजनीतिक सरगर्मी तेज है। वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशी अलग-अलग तरकीबें आजमा रहे हैं। 37 जिलों में निकाय चुनाव के लिए गुरुवार (4 मई, 2023) को मतदान हुआ। ये पहला चरण का चुनाव है। कई जगहों से छिटपुट झड़प की खबरें आईं, लेकिन कुल मिला कर चुनाव शांतिपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद भाजपा के लिए चुनाव प्रचार का जिम्मा संभाला। वो लगातार अलग-अलग जिलों में रैलियाँ कर रहे हैं।
प्रत्याशी ने माँगी विदेशी लड़कियों द्वारा डांस और शराब परोसने की अनुमति?
दावा किया जा रहा है कि कानपुर में तो एक प्रत्याशी ने प्रशासन से विदेशी लड़कियों का डांस कराने और लोगों को शराब परोसने की अनुमति माँगी। निवेदक का नाम संजय दुबे बताया जा रहा है, जो आंबेडकर नगर काकादेव नगर पंचायत के वार्ड संख्या 30 से निर्दलीय प्रत्याशी हैं। उनके पिता का नाम हरिश्चंद्र दुबे है। उनका चुनाव चिह्न पेन्सिल छाप है। उनके नाम से कानपुर के चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर को लिखा पत्र वायरल हो रहा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए वो 20 साल से अधिक उम्र की विदेशी लड़कियों का डांस आयोजित कराना चाहते हैं।
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) May 3, 2023
उन्होंने बताया है कि ये रसियन डांस रात के समय आयोजित कराया जाएगा। पत्र में उन्होंने शराब की व्यवस्था की अनुमति भी माँगी है, साथ ही अपना हस्ताक्षर किया है। वहीं इसका वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें लड़कियों को डांस करते हुए देखा जा सकता है। स्वरूपनगर पुलिस आयुक्त ने बताया है कि यूपी पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लिया है। हालाँकि, वो वीडियो कब का है और पत्र से उसका कोई संबंध है या नहीं, उसकी जाँच की जा रही है।
हालाँकि, ‘आज तक’ से बात करते हुए संजय दुबे ने नकार दिया है कि ये पत्र उन्होंने लिखा है। उनका कहना है कि इस पत्र की वजह से उन्हें चुनाव में नुकसान हुआ और उनका चुनाव खत्म ही हो गया है। उन्होंने जिले के DM के साथ-साथ राज्य निर्वाचन आयोग को भी पत्र लिख कर इसकी जाँच कराने की माँग की है। उनके घर LIU और पुलिस टीम जाँच के लिए भी गई थी। अब प्रत्याशी ने खुद इस पत्र को लिखने की बात नकार दी है।
बिरयानी को लेकर मची लूर-मार
वहीं मेरठ में चुनाव प्रचार के दौरान हुई बिरयानी पार्टी में मारपीट की खबर है। बिरयानी कम पड़ गई तो लोग आपस में उलझ पड़े। बिरयानी लेकर भागते लोगों का वीडियो भी सामने आया। मेरठ में नौचंदी थाना क्षेत्र के वार्ड-80 में सपा प्रत्याशी हनीफा अंसारी ने बुधवार (3 मई, 2023) को इस दावत का आयोजन किया था। लोगों ने न सिर्फ बिरयानी खाई, बल्कि पॉलीथिन में भर-भर कर बिरयानी अपने घर भी लेकर चले गए।
बताया जा रहा है कि न सिर्फ प्रत्याशी के मोहल्ले के, बल्कि आसपास के मोहल्लों के लोग भी इस बिरयानी क दावत के बारे में सुन कर आ धमके और स्थिति एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की तक पहुँच गई। जिस बर्तन में बिरयानी रखा था, उसे ही लोग घसीटने लगे। पुलिस ने इसे अचार संहिता के उल्लंघन के साथ-साथ शांति भंग करने का मामला भी माना है, ऐसे में कार्रवाई की बात कही गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की STF ने मेरठ में हुए एक मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना को मार गिराया है। पश्चिमी यूपी में खौफ का पर्याय बने अनिल दुजाना पर हत्या, लूट, डकैती सहित दर्जनों मामले दर्ज थे। अनिल दुजाना के गाँव के ही एक और कुख्यात क्रिमिनल ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) को भी जान से मारने की धमकी दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश STF को अनिल दुजाना के मेरठ में भोला झाल पर सक्रिय होने की खुफिया और पुख्ता जानकारी मिली थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। पुलिस की गोली लगने के बाद उसकी मौत हो गई।
यूपी एसटीएफ के DIG अमिताभ यश ने बताया, “अनिल दुजाना एक खतरनाक गैंगस्टर था वेस्ट यूपी का और उस पर बड़ी संख्या में मुकदमे कायम हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट किलर भी था। इस हत्या के 18 केस हैं। इसे STF की मेरठ यूनिट ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है।”
#WATCH | "Dreaded gangster of western UP, Anil Dujana was killed in an encounter with the Meerut unit of UP STF. He had several cases against him, he was a contract killer and had 18 murder cases against him. Further details are awaited..," says Amitabh Yash, Additional DGP, STF,… pic.twitter.com/TMNio0wQQf
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, STF मेरठ यूनिट के एसपी बृजेश सिंह के नेतृत्व में टीम ने अनिल दुजाना को गंगनहर के पास घेरकर कार्रवाई को अंजाम दिया। अनिल दुजाना 10 अप्रैल 2023 को जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसने बाहर आते ही अपने खिलाफ गवाही देने वालों को धमकी दी थी। इसी बीच STF को जानकारी मिली कि वह किसी बड़े वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहा है। उसके बाद STF उसकी तलाश में जुट गई थी।
पिछले साल दिल्ली पुलिस ने अनिल दुजाना और उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया था। साल 2011 में उसके गैंग ने यूपी के साहिबाबाद में एक शादी समारोह के दौरान शूट आउट को अंजाम दिया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी। अनिल दुजाना को यूपी में छोटा शकील कहा जाता था। उसने भी उसके खिलाफ आवाज उठाई, उसने उसकी हत्या करवा दी। सुंदर भाटी की वजह से पुलिस दुजाना को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर कोर्ट ले जाती थी।
अनिल दुजाना पहले नरेश भाटी गैंग का शूटर था। सुंदर भाटी ने जब नरेश की हत्या करवा दी तो दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। दुजाना और सुंदर भाटी सरकारी ठेके, टोल के ठेके और सरिया की चोरी को लेकर दोनों गैंग आमने-सामने आ जाते थे। दोनों के बीच गैंगवार में कई लोगों की हत्या की जा चुकी थी। साल 2012 में दुजाना ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर सुंदर भाटी और उसके गैंग पर AK-47 से हमला कर दिया था।
अनिल दुजाना पर उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में 64 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, फिरौती, लूट, डकैती आदि के केस हैं। पुलिस रिकॉर्ड में साल 2002 में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित कवि नगर थाने में इसके खिलाफ हरबीर पहलवान की हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में आगे बढ़ता चला गया। मुजफ्फरनगर के रोहाना सहित कई जगहों पर उसके खिलाफ हत्या के मामले दर्ज हैं।
अनिला दुजाना बादलपुर के दुजाना गाँव का रहने वाला था। इस वजह से कुख्यात अनिल नागर आगे चलकर अनिल दुजाना कहलाने लगा। दुजाना गाँव का ही कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू था। 1970-80 के दशक में सुंदर डाकू का दिल्ली तक खौफ था। सुंदर डाकू इतना बड़ा अपराधी था कि उसने भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को भी जान से मारने की धमकी दे दी थी।
अनिल दुजाना की शादी की कहानी भी कम रोचक नहीं है। जेल में बंद दोजाना जब कोर्ट में पेशी के लाया गया था, तब उसकी वर्तमान बीवी पूजा दुल्हन की तरह सजकर कोर्ट पहुँची थी और वहीं पर उसे अंगूठी पहनाई थी। साल 2021 में जब दुजाना जमानत पर जेल से बाहर आया तो दोनों की शादी हुई थी।
दरअसल, पूजा के पिता लीलू ने अपनी 40 बीघा जमीन बचाने के लिए अपने विरोधी के दामाद से बड़ा अपराधी खोजने का निर्णय लिया था। उनकी नजर दुजाना पर पड़ी और उन्होंने अपनी बेटी की शादी अनिल दुजाना से तय कर दी थी। पूजा के पिता के विरोधी व्यक्ति ने अपनी दो बेटियों की शादी दो कुख्यात अपराधियों से की थी। इसलिए पूजा के पिता को अपनी जमीन बचाने में समस्या हो रही थी। हालाँकि, दुजाना अब मारा गया है।