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बोर्ड परीक्षा देने गलत सेंटर पर पहुँची 10वीं की निशा, पुलिस की गाड़ी आई और 15 मिनट में मिल गई मंजिल: पिता की भूल, गुजरात के PI ने सुधारी

गुजरात में बोर्ड की परीक्षाएँ चल रही हैं। कच्छ में परीक्षा के पहले दिन (14 मार्च 2023) छात्रा को उसके पिता ने गलती से दूसरे परीक्षा केंद्र पर उतार दिया। गलत केंद्र होने के कारण छात्रा को अपने बैठने की जगह नहीं मिली। कहीं भी उसका क्रमांक अंकित नहीं था। ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जेवी धोला की नजर परेशान छात्रा पर पड़ी। इंस्पेक्टर ने जब हॉल टिकट चेक किया तो पाया कि वह गलत केंद्र पर पहुँच गई है। उन्होंने बिना देरी किए सिर्फ 15 मिनट में छात्रा को 20 किलोमीटर दूर सही परीक्षा केंद्र तक पहुँचा दिया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गाँधीधाम की रहने वाली 10वीं की छात्रा निशा जयंतीभाई सवानी का सेंटर भुज के आरडी वरसानी स्कूल में पड़ा था। गलती से निशा अपने पिता के साथ मातृछाया स्कूल पहुँच गई। निशा को परीक्षा केंद्र पर छोड़कर उसके पिता लौट जाते हैं। केंद्र पर निशा को अपना रोलनंबर दिखाई नहीं देता। वह परेशान हो जाती है। केंद्र पर तैनात पीआई जेवी धोला की नजर परेशान छात्रा पर पड़ती है।

जेवी धोला ने छात्रा को सरकारी गाड़ी में बैठाया और लाइट के साथ हूटर का प्रयोग करते हुए सिर्फ 15 मिनट में ही 20 किलोमीटर दूर स्थित सही केंद्र पर पहुँचा दिया। इस तरह छात्रा का एक साल बर्बाद होने से बच गया। सोशल मीडिया पर पीआई जेवी धोला की जमकर तारीफ हो रही है। यहाँ तक कि गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने भी ट्वीटर पर पीआई की तारीफ हैट्स ऑफ लिखकर की।

कई स्थानीय पत्रकारों ने पीआई जेवी धोला की तारीफ करते हुए घटना को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। इस पर यूजर्स भी पीआई की खूब तारीफ कर रहे हैं। छात्रा के साथ उनकी तस्वीर भी वायरल हो रही है। स्थानीय मीडिया से बात करते हुए पीआई ने कहा कि उन्हें खुशी है वे सही समय पर छात्रा को सही केंद्र तक पहुँचा सके। इंस्पेक्टर धोला भुज ए डिवीजन में तैनात हैं।

राहुल गाँधी का हश्र देख वरुण ने ब्रिटेन का बुलावा ठुकराया, नहीं जाएँगे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी: कहा- बोलने के लिए देश में ही कई मंच

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गाँधी ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के निमंत्रण को ठुकरा दिया है। ऑक्सफोर्ड ने वरुण को नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों पर बोलने के लिए बुलाया था। वरुण का कहना है कि इन मुद्दों पर बोलने के लिए देश में बहुत से मंच हैं। बता दें कि राहुल गाँधी ने विदेश में भारत और सरकार की आलोचना की थी, जिसके कारण उन्हें भारी किरकिरी झेलनी पड़ रही है।

वरुण गाँधी ने इसको लेकर ट्वीट कर बताया, “मैंने ऑक्सफोर्ड यूनियन के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। भारत की राजनीति नियमित रूप से हमें अपनी नीतियों में सुधार के लिए समालोचना करने और रचनात्मक सुझाव देने का स्थान प्रदान करती है। भारत की पसंद और चुनौतियों को अंतरराष्ट्रीय जाँच के अधीन करना मेरे लिए एक अपमानजनक कार्य है।”

वरुण ने आमंत्रण को अस्वीकार करते हुए कहा कि सरकार से संबंधित मुद्दे देश के अंदर और पॉलिसीमेकरों के समक्ष उठाए जाने चाहिए। उन्होंने टॉपिक को भी पूर्व परिभाषित निष्कर्ष वाला बताया। उन्होंने आंतरिक मुद्दे को देश के बाहर उठाने को देश का अपमान बताया। पीएम मोदी के अक्सर आलोचना करने वाले वरुण ने जवाब में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश सही रास्ते पर है।

दरअसल, कुछ दिन पहले ही राहुल गाँधी इंग्लैंड की यात्रा पर गए थे। वहाँ विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर उन्होंने पीएम मोदी और देश की प्रणाली को लेकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि भाजपा और RSS के कारण देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने देश की संवैधानिक संस्थानों को भी हाईजैक करने का आरोप लगाया था।

राहुल गाँधी के इन बयानों के बाद देश भर में उनकी जमकर आलोचना हुई। राहुल गाँधी पर देश को अपमानित करने का आरोप लगा और उनकी पार्टी कॉन्ग्रेस लगातार राहुल के बचाव में लगी हुई है। हालाँकि, सोशल मीडिया पर भी लोग राहुल को उनकी बयानों के लिए आलोचना कर रहे हैं।

समय-समय पर भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करने वाले वरुण गाँधी ने संभवत: वर्तमान हालात और स्थिति को भाँपते हुए ऑक्सफोर्ड के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। ऑक्सफोर्ड यूनियन ने उन्हें ‘सदन का मानना है कि मोदी का भारत सही रास्ते पर है’ विषय पर बोलने के लिए बुलाया गया था।

वरुण गाँधी राहुल गाँधी का हश्र और विदेश में अपनी ही सरकार की आलोचना के बाद अपनी राजनीतिक स्थिति को संभवत: भाँप गए। वर्ना ऐसे अनेक मौके हैं, जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से भाजपा सरकार और पीएम मोदी की आलोचना की है। वरुण कॉन्ग्रेस में भी अब नहीं जा सकते। राहुल गाँधी ने उन्हें विचारधारा के आधार पर पार्टी में शामिल करने से मना कर दिया था। ऐसे में वरुण गाँधी ऑक्सफोर्ड में जाने पर अपनी राजनीतिक अनिश्चितता का अंदाजा लगा लिया था।

बता दें कि राहुल गाँधी जब भारत जोड़ो यात्रा पर थे, तब भाजपा में असंतुष्ट वरुण गाँधी के कॉन्ग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। समय-समय पर कई बार ऐसी चर्चाएँ सामने आईं। पत्रकारों ने वरुण गाँधी की कॉन्ग्रेस में एंट्री को लेकर जब सवाल पूछा तो राहुल ने कहा था कि उनकी और वरुण गाँधी की विचारधारा अलग है। चाहे उनका गला कट जाए वह आरएसएस कार्यालय नहीं जाएँगे।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कहा था, “वरुण गाँधी बीजेपी में हैं। इसलिए, यदि वो उनके साथ भारत जोड़ो यात्रा में चलेंगे तो उन्हें दिक्कत हो सकती है। मेरी विचारधारा, उनकी विचारधारा से मेल नहीं खाती। मैं कभी आरएसएस के ऑफिस में नहीं जा सकता। उसके लिए आपको पहले मेरा गला काटना पड़ेगा।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा था, “मेरा जो परिवार है उसकी एक अलग विचारधारा है। वरुण ने दूसरी विचारधारा को अपनाया। जिसे मैं कभी स्वीकार नहीं कर सकता। मैं जरूर वरुण से प्यार से मिल सकता हूँ, उन्हें गले लगा सकता हूँ। लेकिन मैं उस विचारधारा को कभी भी स्वीकार नहीं कर सकता।” साल 2019 में भी वरुण के कॉन्ग्रेस में शामिल होने की अटकलें लगी थीं, लेकिन राहुल ने यह कहकर विराम लगा कि इसके बारे में उन्हें पता नहीं है।

दरअसल, वरुण गाँधी कई मौकों पर पार्टी लाइन को तोड़ते नजर आए हैं। किसान आंदोलन से लेकर कोरोना वायरस, बेरोजगारी, अग्निवीर योजना सहित तक कई बार वह कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सुर में सुर मिलाते नजर आए। वे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की भी तारीफ कर चुके हैं।

दिसंबर 2022 में वरुण गाँधी का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने कहा था, “न तो मैं नेहरू जी के खिलाफ हूँ और ना ही कॉन्ग्रेस के खिलाफ हूँ। हमारी राजनीति देश को आगे बढ़ाने के लिए होनी चाहिए ना कि गृह युद्ध पैदा करने के लिए। आज जो लोग केवल धर्म और जाति के नाम पर वोट माँग रहे हैं। हमें उनसे ये पूछना चाहिए कि रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा का क्या हाल है।”

इस वीडियो के सामने आने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा का दामन छोड़ कॉन्ग्रेस में जा सकते हैं, लेकिन राहुल गाँधी ने इन अटकलों पर भी विराम लगा दिया। अब राहुल गाँधी का हश्र और अपनी राजनीतिक की अनिश्चितता को देखते हुए उन्होंने मोदी सरकार की कार्यप्रणाली पर बोलने के लिए ऑक्सफोर्ड यूनियन का निमंत्रण भी ठुकरा दिया।

कभी मर्द तो कभी औरत…: मिलिए उस बैंकर से जो मूड के हिसाब से बदलते हैं ‘लिंग’, पुरुष होकर भी ‘टॉप 100 महिला’ में पा चुके हैं जगह

बिजनेस की दुनिया में अपनी स्ट्रैटेजी और मेहनत के बल शोहरत कमाने वाले कई लोगों के नाम आप जानते होंगे। लेकिन क्या आपको एक ऐसे बिजनेस पर्सन का नाम पता है जो अपनी नीतियों से ज्यादा अपनी वेष-भूषा के लिए चर्चा में रहता है। अगर नहीं, तो आपको फिलिप बन्स उर्फ पिप्स बन्स के बारे में जानना चाहिए।

फिलिप बन्स/पिप्स बन्स क्रडिट सूज के डायरेक्टर हैं और पहल खुद को न पुरुषों में मानते हैं और न महिला मे। वो खुद को एक नॉन बाइरी एक्जिक्यूटिव के तौर पर पेश करते हैं। सुबह उनका मूड तय करता है कि वो उस दिन पुरुष बनकर रहेंगे या फिर महिला। अगर पुरुष बनने की इच्छा होती है तो वो केवल कोट पैंट पहन लेते हैं और अगर महिला बनने की होती है तो साथ में टाइट ड्रेस, सिर पर विग और चेहरे पर मेक अप भी लगाते हैं।

अपने मूड के हिसाब से तैयार होकर ही वो कभी आदमी तो कभी महिला बनकर अपने दफ्तर आते जाते हैं। उनकी लिंकेनडिन प्रोफाइल पर भी ‘शी/हर/दे’ लिखा हुआ है। उनकी तस्वीरें भी यदि देखें तो किसी में उन्होंने महिलाओं वाली वेष-भूषा धारण की हुई है और कई में जेंटलमेन बनकर खड़े हैं।

हाल में उन्होंने बैंक ऑफ लंदन की ओर से ‘इंस्पीरेशनल रोल म़ॉडल ऑफ द ईयर’ के लिए नॉमिनेट किया गया था। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद देते हुए अपने लिंकेनडिन पर पोस्ट डाला। इसमें भी उनकी दोनों भेषों में फोटो देख सकते हैं। इसके अलावा 2022 में उन्हें ब्रिटिश डायवर्सिटी अवार्ड मिला था।

मालूम हो कि साल 2018 के करीब फिलिप उर्फ पिप्स का नाम फाइनेंशिल टाइम्स ने ‘टॉप 100 वीमन इन बिजनेस’ में शामिल किया था। जिसके बाद कई लोगों ने इस पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की थी। कई नारीवादियों का कहना था कि आदमी बनकर तो कभी औरत बनने वाले पिप्स को ये अवार्ड देना महिलाओं का मजाक है।

फिलिप अपने आपको एक प्राउड फादर और प्राउड हसबैंड भी कहते रहे हैं और समय आने पर महिलाओं की ड्रेस, विग और मेक अप करके ऑफिस भी पहुँच भी जाते हैं। उन्हें जब बिजनेस के शीर्ष 100 लोगों में शामिल करने की बारी आई तो उन्होंने महिलाओं की सूची में आना वाजिब समझा न कि पुरुषों की लिस्ट में।

साल 2018 के अगर आर्टिकल देखें तो उनका इस तरह टॉप 100 वीमन्स की लिस्ट में आना कई लोगों को पसंद नहींं आया था। बताया जाता है कि बैंकर पहले ऐसे नहीं थे। उन्होंने 10-12 साल पहले ही लड़कियों की ड्रेस पहनकर खुद को ‘शी/हर/दे’ की कैटेगरी में रखना शुरू किया। कई ट्रांस महिलाएँ जो पूरी तरह हमेशा महिलाओं की तरह रहती हैं उन्हें भी फिलिप उर्फ पिप्स का इस तरह अपने हूलिए को बदलकर बताना अपमानजनक लगा।

कुछ यूजर्स ने तो ‘टॉप 100’ में आई महिलाओं की लिस्ट में से 99 की तारीफ की और फिर 101वें पद पाने वाली महिला की तारीफ की। लोगों का कहना था कि इनमें से एक नाम गलत है जो सिर्फ लड़कियों की तरह कपड़े पहनता है और इस लिस्ट में अवार्ड भी ले रहा है।

बिहार में रेकी करते पकड़ा गया कुख्यात आतंकी का बेटा, कश्मीर में एनकाउंटर में ढेर हुआ था बाप: नेपाल के रास्ते घुसा था, पाकिस्तान के नंबर मिले

बिहार में एक कुख्यात आतंकी के बेटे को गिरफ्तार किया गया है। संदिग्ध स्थिति में नासिर वजा को कटिहार में पकड़ा गया। वह कश्मीर में एक एनकाउंटर में मार गिराए गए आतंकी युसूफ वजा का बेटा है। नासिर से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ पूछताछ कर रही हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार वह नेपाल के रास्ते बिहार में घुसा था और उसके पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नासिर को कटिहार के शहीद चौक के पास रेकी करते हुए पकड़ा गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि वह कई घंटों तक शहीद चौक से नगर थाना इलाके का चक्कर लगाता रहा। इससे लोगों को उस पर शक हुआ और पुलिस को जानकारी दी गई। हिरासत में लेने के बाद शुरुआती पूछताछ में नासिर ने बताया कि वह जम्मू-कश्मीर के बारामूला का रहने वाला है।

नासिर के पास से फिनलैंड के कुछ कागजात मिले हैं। इससे यह पता चला कि वह कई सालों तक फिनलैंड में रहा है। वहीं निकाह भी कर रखा है। वह साल 2021 में भारत लौटा था। पुलिस और एजेंसियाँ उसके कटिहार आने का मकसद पता करने की कोशिश कर रही हैं। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह कटिहार में किन स्थानों पर गया था।

नासिर ने कहा है कि वह कई घंटों तक कटिहार रेलवे स्टेशन पर रुका हुआ था। जाँच में पता चला है कि नासिर कटिहार से पश्चिम बंगाल जाने वाला था। उसके पास से हवाई जहाज और रेलवे के टिकट मिले हैं। इस मामले में बिहार पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से भी संपर्क कर नासिर के घर वालों के संबंध में जानकारी माँगी है।

सुरक्षा एजेंसियाँ इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आतंकी पिता के एनकाउंटर के बाद वह फिनलैंड क्यों गया था? वह कटिहार कैसे पहुँचा और कितने दिनों से यहाँ रह रहा था, इस बारे में भी जानकारी हासिल की जा रही है। कटिहार के एसपी जितेंद्र कुमार ने कहा है कि जाँच के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

‘सिखों के लिए PM मोदी ने बहुत कुछ किया है’: पूर्व खालिस्तानी नेता ने कहा- ऐसे कई अमृतपाल अभी आएँगे, ISI करती है इस्तेमाल

‘दल खालसा’ के संस्थापक और पूर्व खालिस्तानी नेता जसवंत सिंह ठेकेदार (Jaswant Singh Thekedar) ने खालिस्तान मूवमेंट (Khalistan Movement) की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान (Pakistan) की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI सिखों का इस्तेमाल कर खालिस्तान की माँग को बढ़ावा दे रही है। ठेकेदार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की तारीफ की और कहा कि अभी कई ‘अमृतपाल’ सामने आएँगे।

इंग्लैंड की राजधानी लंदन में रहने वाले पूर्व खालिस्तानी नेता ठेकेदार ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सिख धर्म और सिखों के लिए बहुत कुछ किया है। उन्होंने सिख धर्म के लोगों कि कई माँगों को भी पूरा किया है। जैसे ब्लैकलिस्ट खत्म किया, करतारपुर कॉरिडोर खोला, छोटे साहिबजादे (गुरु गोबिंद सिंह के पुत्र) के बारे में बात की।

ठेकेदार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सिख धर्म से प्यार करते हैं और उसे काफी सम्मान देते हैं। उनके नेतृत्व में भाजपा सरकार ने सिख समुदाय की प्रमुख माँगों को पूरा किया। केवल कुछ माँगों को पूरा किया जाना ही बाकी है। अगर इन माँगों को पूरा कर दिया जाता है तो सब अच्छा होगा।

जसवंत सिंह ठेकेदार ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का भी समर्थन किया। उन्होंने CAA के आधार पर अफगानिस्तान से सिखों और हिंदुओं को भारत लाने के लिए पीएम को धन्यवाद दिया। ठेकेदार ने कहा कि पीएम ने इन लोगों का स्वागत करते हुए कहा था कि वे वे मेहमान नहीं, बल्कि अपने घर में हैं। भारत उनका घर है।

ठेकेदार ने ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के मुखिया अमृतपाल सिंह की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमृतपाल खालिस्तान के बारे में कुछ नहीं जानता, लेकिन खालिस्तान के नाम पर काफी पैसे कमा रहा है। बता दें कि अमृतपाल सिंह बीते दिनों पंजाब के अजनाला में थाने पर कब्जा कर लिया था और पुलिस को अपने साथियों को छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था।

जसवंत सिंह ठेकेदार ने कहा कि पाकिस्तान की ISI अमृतपाल को औजार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि जब अमृतपाल ISI के लिए उपयोगी नहीं रहेगा तो उसकी जगह किसी और को पकड़ लेगी। इस तरह आज एक अमृतपाल है तो कल कोई और अमृतपाल खड़ा हो सकता है।

पूर्व खालिस्तानी नेता ठेकेदार ने कहा कि पाकिस्तान अच्छी तरह जानता है कि अगर खालिस्तान बना तो खालिस्तानियों का अगला निशाना लाहौर होगा। इसलिए पाकिस्तान भी नहीं खालिस्तान नहीं बनने देगा। उन्होंने कहा कि खालिस्तान का असल दुश्मन भारत नहीं, बल्कि पाकिस्तान है। 

जसवंत सिंह ने कहा कि खालिस्तान के नाम पर जनमत का पाखंड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में प्रतिबंधित संगठन जिस जनमत की बात कर रहे हैं उसकी माँग पंजाब ने नहीं की है। ISI के निर्देश पर ऐसा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय पासपोर्ट धारक या नागरिक इसकी माँग करें तो समझ में आता है लेकिन जो कनाडा, अमेरिका या ब्रिटेन के नागरिक हैं उन्हें तो इसका अधिकार ही नहीं है।

जसवंत सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर खालिस्तान समर्थकों के साथ नरमी बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार खालिस्तानियों के खिलाफ कार्रवाई ना करके खालिस्तान मूवमेंट को फिर से सक्रिय होने में मदद कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि AAP सरकार खालिस्तानियों से निपटने में असक्षम है।

खालिस्तान मूवमेंट के खात्मा को लेकर जसवंत सिंह ने कहा कि अगर सरकार खालिस्तान नेताओं की माँग ले तो ये मूवमेंट ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख राजनैतिक कैदियों की रिहाई, सिखों को धारा 25बी-2 से हटाना जैसी माँगें मानने से खालिस्तान मूवमेंट खुद कमजोर हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार ये माँगें मानती है तो इससे देश को भी नुकसान नहीं होगा।

जसंवत सिंह ठेकेदार साल 2013 तक खालिस्तान आंदोलन के प्रबल समर्थक थे। हालाँकि, बाद में उनके रूख में नरमी आई। इंग्लैंड के ‘मिनी पंजाब’ कहलाने वाले साउथऑल में ठेकेदार रहते हैं। यहाँ पर लगभग 7 गुरुद्वारे हैं, जिनमें सबसे खस्ताहाल है- ब्रॉडवे का ‘मीरी-पीरी गुरुद्वारा’। 76 वर्षीय जसवंत सिंह ठेकेदार इसी गुरुद्वारे के प्रबंध समिति के अध्यक्ष हैं।

ठेकेदार ने खालिस्तान समर्थक अलगाववादी ‘दल खालसा’ की स्थापना की है। साल 2020 में शाहीन बाग में CAA और NRC के विरोध में बैठे मुस्लिमों के समर्थन में भी दल खालसा नाम का एक संगठन आया था। इस संगठन के चीफ का नाम हरपाल सिंह चीमा बताया गया था। चीमा ने CAA और NRC का विरोध किया था। दल खालसा ने BJP के ‘हिंदू राष्ट्र’, कश्मीर से धारा 370 हटाने आदि का भी विरोध किया था।

नवाब ने भाई की बीवी तमन्ना को खाने पर बुलाया, दोस्तों संग मिल मार डाला: पैर तोड़ ड्रम में रखी लाश, बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर छोड़ फरार

कर्नाटक में रेलवे स्टेशन पर ड्रम में मिली महिला की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। 13 मार्च 2023 को बेंगलुरु के बैयप्पनहल्ली में एम विश्वेश्वरैया रेलवे स्टेशन पर यह ड्रम मिली थी। मृत महिला की पहचान 27 साल की तमन्ना के तौर पर हुई है। उसकी हत्या उसके शौहर के भाई नवाब ने अपने 7 साथियों के साथ मिलकर की थी।

जीआरपी सुपरिटेंडेंट एसके सौम्यलता के अनुसार बिहार के अररिया जिले का रहने वाला नवाब अपने छोटे भाई इंतखाब और तमन्ना की शादी से खुश नहीं था। तमन्ना की यह दूसरी शादी थी। उसका पहला शौहर इंतखाब का कजिन अफरोज था। जीआरपी ने बताया है कि नवाब ने दोस्तों के साथ मिलकर 12 मार्च को तमन्ना की हत्या की थी। फिर ड्रम में उसकी लाश डाल रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया और फरार हो गए।

रिपोर्ट के अनुसार हत्या से पहले नवाब ने इंतखाब और तमन्ना को अपने घर खाने पर बुलाया था। वहाँ दोनों से मारपीट की गई। फिर नवाब ने इंतखाब को अपने घर से जाने को कहा। साथ ही तमन्ना को बिहार भेजने का वादा किया। लेकिन इंतखाब के जाने के बाद उसने दोस्तों के साथ मिल गला दबाकर तमन्ना की हत्या कर दी। उसकी लाश ड्रम में फिट करने के लिए पैर तोड़ दिए।

गौरतलब है कि तमन्ना का निकाह बिहार के अररिया में अफरोज के साथ हुआ था। निकाह के बाद तमन्ना की मुलाकात अफरोज के चचेरे भाई इंतखाब से हुई। जून 2022 में शौहर अफरोज को छोड़ तमन्ना ने इंतखाब से शादी कर ली। दोनों बेंगलुरु भागकर आ गए। यहाँ पहले से ही इंतखाब का बड़ा भाई नवाब रहता था।

लेकिन नवाब को अफरोज और तमन्ना का रिश्ता कबूल नहीं था। उसका कहना था कि इससे गाँव में परिवार की बदनामी हो रही है। इसके बाद उसने साजिश रचते हुए 12 मार्च को इंतखाब और तमन्ना को खाने पर बुलाया। दोनों जब नवाब के घर पहुँचे तब उसके 7 दोस्त पहले से ही मौजूद थे।

तमन्ना की हत्या करने के बाद 12 मार्च की रात करीब 10 बजे नवाब अपने 4 दोस्तों के साथ प्लास्टिक ड्रम लेकर रेलवे स्टेशन गया और उसे प्रवेश द्वार के पास छोड़ आया। अगले दिन पुलिस ने लावारिस ड्रम से तमन्ना की लाश बरामद की थी। सीसीटीवी फुटेज और ड्रम पर लगे स्टीकर के जरिए पुलिस नवाब और उसके साथियों तक पहुँची। रेलवे पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक हत्या का मुख्य आरोपित नवाब और उसके 3 साथी फरार हैं। तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

असम में 600 मदरसे बंद, सारे बंद करने का इरादा: कर्नाटक में बोले CM सरमा, कहा- कॉन्ग्रेस आज की मुगल, बांग्लादेशी घुसपैठिए संस्कृति के लिए खतरा

असम में करीब 600 मदरसे बंद किए गए हैं। राज्य सरकार का इरादा सभी मदरसों को बंद करने का है। यह बात असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कही है। वे कर्नाटक के बेलगावी में बीजेपी की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों को संस्कृति के लिए खतरा बताते हुए कॉन्ग्रेस को आज के दौर का मुगल करार दिया।

सरमा ने कहा कि कॉन्ग्रेस आज के समय की मुगल है। वह देश को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। सभा को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने नए भारत की बात करते हुए कहा कि एक समय दिल्ली के बादशाह मंदिर तोड़ने की बात किया करते थे। आज नरेंद्र मोदी के दौर में हम मंदिर निर्माण की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए भारत की अर्थव्यवस्था आज ब्रिटेन से मजबूत है। नए भारत में कोविड से मुकाबले के लिए अपनी वैक्सीन का निर्माण किया जाता है। नए भारत में पाकिस्तान को मुँहतोड़ जवाब दिया जाता है। कॉन्ग्रेस इसी नए भारत को कमजोर करने की साजिश कर रही है। पहले भारत को कमजोर करने का काम मुगल किया करते थे।

हिमंता ने पूछा कि क्या वे लोग मुगल के बच्चे हैं जो बाबरी के लिए तो बोलते हैं, लेकिन राम मंदिर की बात नहीं करते। उन्होंने लोगों से छत्रपति शिवाजी और स्वामी विवेकानंद का भारत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देने की अपील की। असम के सीएम ने कहा कि देश में बहुत सारे लोग हैं जो गर्व से कहते हैं कि मैं मुस्लिम। मैं ईसाई हूँ। इससे मुझे आपत्ति नहीं है। लेकिन हमें ऐसे लोगों की जरूरत है जो गर्व से कह सके कि मैं हिंदू हूँ।

असम के मुख्यमंत्री ने राज्य में 600 मदरसों को बंद करने की जानकारी देते हुए कहा कि इसकी जरूरत नहीं है। वे सभी मदरसों को बंद करना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि मदरसों की जगह स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी खुले। सीएम सरमा ने बांग्लादेश से होने वाले घुसपैठ को खतरनाक करार दिया। कहा कि बांग्लादेश से असम में घुसपैठ करने वाले स्थानीय संस्कृति के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।

Z+ सिक्योरिटी, बुलेटप्रूफ गाड़ी… PMO का अधिकारी बन जम्मू-कश्मीर के दौरे करता था किरण पटेल: गुजरात का ठग श्रीनगर में गिरफ्तार

जम्मू-कश्मीर में एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो पीएमओ का अधिकारी बनकर केंद्र शासित प्रदेश के दौरे करता था। इस ठग की पहचान गुजरात के रहने वाले किरण पटेल के तौर पर हुई है। उसे 3 मार्च 2023 को श्रीनगर से गिरफ्तार किया गया था। लेकिन मीडिया में यह जानकारी अब सामने आई है।

गुरुवार (16 मार्च 2023) को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे श्रीनगर की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार किरण पटेल अक्टूबर 2022 से कश्मीर घाटी का दौरा कर रहा था। गिरफ्तार होने से पहले वह नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित उरी कमान पोस्ट होते हुए श्रीनगर के लाल चौक तक पहुँचा था। वह जम्मू-कश्मीर में 5 सितारा होटल में ठहरता था। जेड प्लस सिक्योरिटी के साथ बुलेटप्रूफ गाड़ी में घूमता था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक किरण पटेल खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त निदेशक (रणनीति और अभियान) बताता था। उसने फरवरी 2023 में भी जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। उसकी यात्रा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। उसे कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सुरक्षा में देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में उसे बडगाम के दूधपथरी में बर्फ पर टहलते देखा जा सकता है। इसके अलावा उसे श्रीनगर घंटाघर और उरी में एलओसी के पास भी सुरक्षाबलों के साथ पोज देते देखा जा सकता है।

पता चला है कि किरण पटेल ने उच्च स्तरीय सरकारी सुविधाओं का लाभ लेकर न सिर्फ जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया, बल्कि बडगाम में अधिकारियों के साथ बैठक भी की। संदेह होने के बाद खुफिया एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को उसके बारे में सतर्क किया। जिसके बाद श्रीनगर के होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पटेल के खिलाफ श्रीनगर के निशात पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 419,420,467,468 और 471 के तहत केस दर्ज किया गया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस मामले की जाँच कर रही है। कहा जा रहा है कि समय पर ठग का पता न लगा पाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस के 2 अधिकारियों के खिलाफ एक्शन की तैयारी भी चल रही है। जाँच में गुजरात पुलिस की टीम के भी शामिल होने की बात कही जा रही है।

राहुल गाँधी को दिल्ली पुलिस का नोटिस, यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की माँगी जानकारी: J&K में दिया था ‘एक बलात्कार पीड़ित लड़की’ वाला बयान

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनसे उन महिलाओं के बारे में जानकारी माँगी गई है, जिन्होंने कथित तौर पर उनसे यौन उत्पीड़न की बात कहते हुए सुरक्षा माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के आधार पर कॉन्ग्रेस नेता को सवालों की एक सूची भी भेजी है।

दरअसल, भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम चरण में कॉन्ग्रेस सांसद ने जम्मू कश्मीर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर बयान दिया था। राहुल गाँधी ने श्रीनगर में कहा था कि उन्होंने महिलाओं के यौन उत्पीड़न के बारे में सुना है। उन्होंने कहा था, “एक बलात्कार पीड़िता ने मुझसे मुलाकात की। वह लड़की अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। मैंने उससे कहा क्या हम पुलिस से शिकायत करें? लड़की ने यह कहते हुए शिकायत करने से मना कर दिया कि उसे शर्मिंदगी का सामना करना होगा।”

दिल्ली पुलिस ने इस बयान के आधार पर यौन उत्पीड़न का शिकार महिलाओं की जानकारी माँगी है ताकि उन तक मदद पहुँचाई जा सके। नोटिस देने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम राहुल गाँधी के घर गई थी।

राहुल गाँधी को यह नोटिस ऐसे वक्त में मिला है जब विदेश में दिए गए बयानों को लेकर वे विवादों में घिरे हैं। इसको लेकर गुरुवार (16 मार्च 2023) को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान कहा कि एक सांसद के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब संसद में दें।

बता दें इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गाँधी ने कहा था कि वे दुर्भाग्य से सांसद हैं। इसके बाद कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने उन्हें टोका था। फिर सुधार करते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “मैं पार्लियामेंट गया और स्पीकर से कहा कि मुझ पर चार मंत्रियों ने आरोप लगाया है। इस पर मैं जवाब देना चाहता हूँ। …क्लियरिटी नहीं है, मगर मुझे नहीं लगता कि मुझे बोलने देंगे। मैं होपफुल (आशान्वित) हूँ कि कल मुझे बोलने देंगे।”

दरअसल, राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज में अपने संबोधन के दौरान अपने ही देश पर कीचड़ उछाला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। उनकी माइक बंद कर दी जाती है। राहुल ने आरोप लगाया था कि भारत में सिखों और मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है।

राहुल गाँधी के इन बयानों के बाद से ही भाजपा उनपर हमलावर है। एक पहले ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गाँधी पर हमला बोला। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका द्वेष अब भारत द्वेष में बदल चुका है। उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता ने ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों का आह्वान किया, जिनका इतिहास भारत को गुलाम बनाने का रहा है।

हाईकोर्ट से भी तेजस्वी यादव को नहीं मिली राहत, CBI के सामने 25 मार्च को हाजिर होने का आदेश: लैंड फॉर जॉब स्कैम में बिहार के डिप्टी CM अभी नहीं होंगे गिरफ्तार

जमीन के बदले नौकरी (Land for Jobs Scam) देने के मामले में बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Bihar Deputy CM Tejashwi Yadav) 25 मार्च 2023 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के समक्ष पेश होंगे। तेजस्वी ने गुरुवार (16 मार्च 2023) को इसके बारे में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) को जानकारी दी।

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने तेजस्वी यादव का बयान रिकॉर्ड किया और उन्हें इस महीने गिरफ्तारी से राहत दी। जस्टिस शर्मा ने कहा कि CBI इस महीने तेजस्वी यादव को गिरफ्तार नहीं करेगी। अदालत ने सुझाव दिया कि सीबीआई तेजस्वी यादव को 5 अप्रैल 2023 को बजट सत्र समाप्त होने के बाद बुलाए।

दरअसल, अदालत तेजस्वी यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने पूछताछ के लिए पेश होने के लिए CBI द्वारा जारी किए गए समन को चुनौती दी थी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजस्वी यादव की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने कहा कि बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। उन्होंने अदालत को यह भी बताया कि छापे से उनकी गर्भवती पत्नी को नुकसान हुआ है।

वहीं, सीबीआई की ओर से पेश वकील डीपी सिंह ने अदालत को बताया कि चार्जशीट तैयार है और यादव किसी भी शनिवार को पेश हो सकते हैं। तेजस्वी यादव की गिरफ्तारी की आशंका को दूर करते हुए उन्होंने न्यायालय को उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि सीबीआई जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए तेजस्वी यादव को अब तक तीन नोटिस जारी कर चुकी है। हालाँकि, तीन नोटिस जारी होने के बाद भी वह जवाब देने के लिए अभी तक पेश नहीं हुए हैं। सीबीआई ने नोटिस 28 फरवरी 2023, 4 मार्च 2023 और 11 मार्च 2023 को भेजा था।

अपनी याचिका में तेजस्वी यादव ने कहा है कि उन्हें परेशान करने के इरादे से नोटिस जारी किए गए थे। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जिस समय यह अपराध हुआ, उस समय वह नाबालिग थे। याचिका में कहा गया है कि वे पटना के रहने वाले हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली में पूछताछ के लिए पेश होने के लिए कहा जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि यह आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 160 के उल्लंघन की धारा 160 के प्रावधान के खिलाफ है। याचिका में माँग की गई कि उन्हें जारी किए गए तीन नोटिसों को रद्द किया जाए। उन्होंने कोर्ट से यह आग्रह किया कि उनके आवास पर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूछताछ की अनुमति दी जाए।

गौरतलब है कि बुधवार (25 मार्च 2023) को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में तेजस्वी यादव के पिता और पूर्व रेलवे मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती को जमानत दे दी थी। इस मामले में तेजस्वी यादव भी आरोपित हैं।

यह मामला साल 2004 से 2009 के बीच का है। उस समय केंद्र में लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। इस दौरान उन्होंने करीबियों को नौकरी देने लिए नियमों की अनदेखी की और नौकरी के बदले में अभ्यर्थियों से जमीनें ली थीं। इस मामले में सीबीआई द्वारा 10 अक्टूबर 2022 को लालू, राबड़ी देवी और उनकी बेटी सहित 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।