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जिस सना शेख ने दलित प्रेमी का जबरन कराया खतना, वह शार्क टैंक में दिखी: धंधे के लिए ₹20 लाख लेकर भी गई

महाराष्ट्र के संभाजीनगर में दीपक सोनवणे नाम के लड़के को इस्लाम कबूल करवाकर उसका खतना करवाने वाली सना फरहीन शाहमीर शेख को शार्क टैंक में 20 लाख रुपए की फंडिंग मिली है। सना एक उद्यमी बनकर इस शो में आई थी।। उसके ब्रांड का नाम ‘फॉरेस्ट मॉडेस्ट (कपड़ों का ब्रांड)’ है। उसे और उसके परिजनों को दीपक से जुड़े मामले में कुछ समय पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। यहाँ शो में उसने पहले 20 लाख के बदले 10% स्टेक देने का ऑफर दिया था और फिर बाद में सभी जजों के सामने 20 लाख के बदले 20 % इक्विटी का ऑफर रखा। ये डील इस बार के शार्क टैंक की 100वीं डील थी।

इंस्टा पर देख सकते हैं कि ‘फॉरेवर मॉडेस्ट’ ने इस डील की कुछ क्लिप अपने पोस्ट में शेयर की है। जिसमें सना की आईडी भी टैग है। इस डील के बाद सना शेख एक बार फिर चर्चा में है। 18 नवंबर 2022 को दीपक सोनवणे की शिकायत के बाद उसे पकड़ा गया था। उस पर आरोप था कि उसने प्यार के नाम पर दलित लड़के को प्रताड़ित किया। दोनों की दोस्ती संभाजीनगर में स्थित मराठवाड़ा प्रौद्योगिकी संस्थान में पढ़ाई के दौरान हुई थी। कुछ दिन बाद सना के परिजन दीपक को तंग करने लगे। उससे जबरन वसूली की गई और फिर जबरन खतना भी किया गया।

जब दीपक ने अपनी गर्लफ्रेंड यानी सना की करतूतों की शिकायत थाने में दर्ज कराई तो उसमें एआईएमआईएम के सांसद इम्तियाज जलील का भी नाम सामने आया था। दीपक ने बताया कि सना ने शादी का लालच देकर उसे इस्लाम कबूल करने को कहा था। उसे नमाज पढ़ने को और कुरान पढ़ने को कहा था। जब इसकी शिकायत दीपक ने सना के अब्बा को की तो उन्होंने समझाने का दावा किया पर समझाया नहीं। उलटा दीपक को पूरा परिवार प्रताड़ित करने लगा।

दीपक को मिली प्रताड़ना

दीपक के मुताबिक मार्च 2021 में उसे जबरन कैद किया गया। कमरे में रख उन्हें नंगा किया गया, उनके मुँह में कपड़ा ठूँसा गया और शरीर पर पेशाब किया गया। इन सबके बाद उसका धर्मपरिवर्तन करवाने के लिए पिटाई की गई और फिर उसका खतना हुआ।

दीपक ने ये भी बताया था कि उसे मुस्लिम बनाने के लिए उसके परिवार को मारने की धमकी दी गई थी। जब खतना हो गया तो सना और उसकी अम्मी ने दीपक से घर आकर 11 लाख रुपए माँगे और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो वायरल कर दी जाएगी। जब दीपक ने बदनामी के डर से रकम दे दी तो फिर 25 लाख रुपए की माँग हुई। साथ ही रेप केस दर्ज करवा दिया गया। इतनी प्रताड़ना झेलने के बाद लड़के ने परेशान होकर मामले में शिकायत दर्ज करवाई।

इसी माह 2 मार्च में सना को हाई कोर्ट बेल मिली है। इस पर दीपक सोनवणे ने कहा कि वो हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

‘काम खतम, पैसा हजम, मनीष सिसोदिया कौन हो तुम’: क्या केजरीवाल ने AAP नेता को अकेले छोड़ा, आतिशी को बंगला मिलते ही नेटिजन्स बोले- दूध में पड़ी मक्खी की तरह फेंका

शराब घोटाला मामले को लेकर जेल में बंद दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। एक ओर जहाँ कोर्ट ने उनकी रिमांड 5 दिन के लिए बढ़ा दी। वहीं, अब अरविंद केजरीवाल ने उनका बंगला भी आतिशी मार्लेना को आवंटित कर दिया है। उन्हें बंगला खाली करने के लिए 5 दिन का समय दिया गया है।

दरअसल, दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से अब तक उन्हें जमानत नहीं मिल सकी है। जेल जाने के बाद मनीष सिसोदिया ने 28 फरवरी को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिसोदिया के मंत्रालयों का प्रभार आतिशी मार्लेना को सौंप दिया था।

वहीं, अब दिल्ली सरकार ने सिसोदिया को बड़ा झटका देते हुए उनका बंगला भी आतिशी मार्लेना को ही आवंटित कर दिया है। उन्हें यह बंगला 5 दिन के अंदर यानी 21 मार्च तक खाली करना होगा। मनीष सिसोदिया से सरकारी बंगला छीनकर आतिशी मार्लेना को देने के बाद से सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। वहीं, सरकार के इस कदम से भाजपा ने केजरीवाल पर निशाना साधा है।

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्वीट कर कहा है, “26 फरवरी से जेल में बंद सिसोदिया से केजरीवाल ने महज 15 दिनों में पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया। सिसोदिया का बंगला आतिशी मार्लेना को दिया गया। उनकी माँ, पत्नी और बच्चे कहाँ जाएँगे?”

भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा है, “केजरीवाल का आदर्श वाक्य- काम खतम, पैसा हजम, मनीष सिसोदिया कौन हो तुम? मनीष सिसोदिया की सार्वजनिक रूप से अनदेखी करने के बाद अब मनीष सिसोदिया का सरकारी आवास, बंगला नंबर एबी-17, मथुरा रोड नई-नई मंत्री आतिशी को आवंटित सिसोदिया के परिवार को बंगला खाली करने के लिए 5 दिन का समय दिया गया है, यानी 21 मार्च तक। लगता है कि केजरीवाल मनीष को शराब घोटाला का बलि का बकरा बनाने की कोशिश कर रहे हैं और खुद को बचाने के लिए उनकी बलि दे रहे हैं?”

पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट कर कहा है, “दोस्त-दोस्त न रहा। अरविन्द केजरीवाल ने मनीष सिसोदिया का बंगला आतिशी को अलॉट किया।”

राजा सिंह सेवारा नामक यूजर ने कहा है, “कल तक केजरीवाल कह रहा था कि मनीष सिसोदिया की पत्नी बीमार है बूढ़ी माँ है। आज केजरीवाल ने सिसोदिया का बंगला अतिशी मार्लेना को अलॉट कर दिया और सिसोदिया के परिवार को तुरंत ही बंगला खाली करने का नोटिस दे दिया। अपनी इज्जत बचाने के लिए केजरीवाल ने सिसोदिया को दूध में पड़ी मक्खी की तरह फेंक दिया। अब मनीष सिसोदिया का भी फर्ज बनता है कि वह सरकारी गवाह बन जाए और केजरीवाल की पोल खोले।”

लेखक संदीप देव ने कहा है, “आनन-फानन में मनीष सिसोदिया का बंगला आतिशी मर्लेना को आवंटित करने के पीछे कोई साक्ष्य मिटाने का इरादा तो नहीं है? सिसोदिया की गैरहाजिरी में उसके परिवार का खयाल किए बिना केजरीवाल का यह जल्दबाजी भरा कदम उस बंगले में पहुँचने की आतुरता दिखाता था। ED की 5 दिन की हिरासत और बंगले में आनन-फानन मे़ घुसना। केस बड़ा है और दाल में कुछ न कुछ काला तो है।”

अतुल्य भारत नामक यूजर ने कहा है, “अंदर से तो केजरीवाल को भी मालूम है कि अब सिसोदिया को जल्दी तिहाड़ से बाहर नहीं आना है। तो आतिशी को ही क्यों नाराज करना अब पैसा तो आतिशी से ही मिलना है। लेकिन ये बंगला खाली करना ही केजरीवाल को तिहाड़ तक लेकर जाएगा। सिसोदिया और जैन अकेले क्यों सजा काटेंगे जब सबने मलाई चाटी है।”

बता दें कि शुक्रवार (17 मार्च 2023) को शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में पेश किया। ED ने कोर्ट को बताया था कि मनीष सिसोदिया ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि उन्होंने इतने फोन क्यों बदले।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया ने अपने फोन को जानबूझकर नष्ट किया है। जाँच एजेंसी ने कोर्ट से 7 दिन की रिमांड की माँग की थी। हालाँकि, कोर्ट ने ED के आग्रह को स्वीकार करते हुए मनीष सिसोदिया को 7 दिन के बजाए 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया। इसका मतलब यह है कि सिसोदिया को अब 22 मार्च दिन रिमांड में रहना होगा।

जेल से निकल महिला को काटा, दिल निकाल आलू के साथ पकाया, फिर घरवालों को खिलाकर मार डाला: 3 लोगों के हत्यारे को 5 उम्रकैद

अमेरिका को ओक्लाहोमा में अदालत ने तीन लोगों की हत्या के दोषी लॉरेंस पॉल एंडरसन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसने अपने पड़ोस में रहने वाली महिला की हत्या कर उसका दिल निकाल लिया था। आलू के साथ पकाकर उसे अपने घरवालों को खिलाया। फिर उनकी भी हत्या कर दी थी। मृतकों में एक चार साल की बच्ची भी थी। वह हत्यारे एंडरसन के चाचा की पोती थी। इस घटना के करीब दो साल बाद उसे सजा सुनाई गई है।

इस खौफनाक घटना को अंजाम देने से पहले भी एंडरसन जेल में बंद था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक साल 2021 में जेल से रिहा होने के कुछ ही हफ्तों के बाद उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। एंडरसन को ड्रग के एक मामले में साल 2017 में 20 साल कैद की सजा सुनाई गई थी। 2021 में राज्य सरकार ने बड़ा अपराध न करने वालों को जेल से रिहा करने का फैसला किया था। ओक्लाहोमा के तात्कालिक गवर्नर और जेल पैरोल बोर्ड की गलती से एंडरसन का नाम भी रिहाई वाले कैदियों की लिस्ट में शामिल हो गया।

जेल से निकलने के कुछ ही हफ्तों के बाद एंडरसन ने पड़ोस में रहने वाली महिला एंड्रिया ब्लेंकशिप की हत्या कर दी। महिला की हत्या के बाद उसने उसका दिल निकाला और अपने चाचा- के घर ले आया। यहाँ महिला के दिल को आलू के साथ पकाया और परिजनों को खाने के लिए कहा। रिपोर्टों के मुताबिक सनकी ने अपने बुजुर्ग चाचा लियोन पाई और उनकी 4 साल की पोती को चाकू मार कर मार डाला। उसने अपनी चाची पर भी हमला किया था, लेकिन वो बच गईं।

अब एंडरसन को कोर्ट ने हत्या, अंग निकालने व मारपीट समेत कई मामलों में दोषी पाया है। दोषी ठहराए जाने के बाद कोर्ट ने उसे पाँच बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उधर एंडरसन की चाची और अन्य परिजनों ने उसे रिहा करने को लेकर ओक्लाहोमा के गवर्नर और जेल पैरोल बोर्ड के खिलाफ मुकदमा दायर किया हुआ है।

‘माँ का प्यार भारत में माँ के प्यार से अलग नहीं’: रानी मुखर्जी की जिस फिल्म को बता रहे ‘सच्ची कहानी’, नॉर्वे के राजदूत ने उसमें बताया फैक्ट की कमी

रानी मुखर्जी की नई फिल्म ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ आज 17 मार्च को रिलीज हुई। इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक भारतीय महिला अपने बच्चे की कस्टडी पाने के लिए नॉर्वे में लड़ाई लड़ती है। कहने को ये फिल्म रियल लाइफ बेस्ड है लेकिन इससे नॉर्वे एम्बेसडर सतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में गलत तथ्य दिखाए गए है और नॉर्वे को गलत ढंग से पेश किया गया है।

भारत में नॉर्वे के एम्बेडसर हेंस जैकब फ्राइडेनलंड ने इंडियन-एक्सप्रेस में प्रकाशित लेख को शेयर करते हुए दावा किया कि फिल्म में नॉर्वे को गलत ढंग से दिखाया गया है। उनके देश में बच्चों के कल्याण को केवल जिम्मेदारी की तरह देखा जाता है, फायदे की तरह नहीं। उन्होंने फिल्मनिर्माताओं की आलोचना करते हुए कहा कि भले ही दोनों देशों की संस्कृति भिन्न है लेकिन मानवीयता दोनों में बराबर है। उन्होंने लिखा- “नॉर्वे में माँ का प्यार भारत में माँ के प्यार से अलग नहीं है।” फिल्म में दोनों देशों के बीच दिखाए सांस्कृतिक मतभेद को भी हेंस ने बिलकुल गलत बताया।

समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक नॉर्वे एम्बेसी ने कहा, “ये फिल्म ही हकीकत मामले पर बनी है पर फिर भी ये काल्पनिक है। जिस केस को इसमें उठाया गया है वो भारतीय अधिकारियों और केस में शामिल सभी पक्षों के सहयोग से एक दशक पहले ही सुलझा लिया गया था।”

नॉर्वे एंबेसी के मुताबिक, “बच्चों और उनकी निजता के अधिकार की रक्षा के लिए, सख्त गोपनीयता नियमों के कारण सरकार विशिष्ट मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकती है। हालाँकि, कुछ सामान्य तथ्यों को सही पेश किया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा सांस्कृतिक मतभेद भले हैं, लेकिन नॉर्वे में बच्चों को कभी उनके परिवार से अलग नहीं किया जाता। बच्चों का हाथ से खाना और माता-पिता के साथ सोना नॉर्वे में बिलकुल अजीब नहीं है।

उन्होंने कहा कि ‘बाल कल्याण’ पैसों के फायदे के लिए नहीं है। फिल्म में ऐसे दिखाना कि जितने बच्चों को फॉस्टर सिस्टम में रखा जाए उतना पैसा मिलेगा, बिलकुल गलत है। ऑल्टरनेटिव केयर केवल जिम्मेदारी का मुद्दा है न कि पैसे बनाने का। बच्चों को इसमें इसलिए रखते हैं ताकि उन्हें अनदेखी, हिंसा और अन्य प्रकार की दुर्भाव से बचाया जा सके।

मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे- एक हकीकत

बता दें कि ‘मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ एक एनआरआई जोड़े के जीवन पर बनी फिल्म है। सागरिका और अनुरूप भट्टाचार्या की शादी 2007 में हुई थी। 2010 में उनके बेटा हुआ अविज्ञान और 2011 में वह नॉर्वे चले गए। अविज्ञान में शुरुआत से ही ‘ऑटिज्म’ जैसी बीमारी के लक्षण दिखे जिसके कारण बच्चे को फॉस्टर केयर में भेजा गया और इसी की लड़ाई सागरिका ने लड़ी।

बताया जाता है कि वहाँ के अधिकारियों को इस बात से आपत्ति थी कि सागरिका बच्चे को खुद खाना, खाना सिखाती थी और अपने पास सुलाती थीं। इतना ही नहीं बच्चे को थप्पड़ मारने को भी वहाँ के प्रशासन द्वारा गलत माना गया। ये तक कहा गया कि उनके पास बच्चे को खिलाने के लिए कमरे और पहनाने के सही कपड़े नहीं हैं।

कोहिनूर को ‘विजय प्रतीक’ के रूप में दिखाएगा ब्रिटेन, प्रदर्शनी लगाकर बताएगा इतिहास: महारानी एलिजाबेथ के ताज में जड़ा था हीरा

भारत के विश्व प्रसिद्ध कोहिनूर हीरे (Kohinoor) को ब्रिटेन (Britain) ‘विजय के प्रतीक’ के रूप में प्रदर्शित करेगा। प्रदर्शन के लिए हीरे को ‘टावर ऑफ लंदन’ में रखा जाएगा। 26 मई 2023 से आम लोग इसे देख सकेंगे। कोहिनूर को प्रदर्शित करने के साथ ही फोटो, वीडियो और प्रेजेंटेशन के जरिए इसका इतिहास बताने की कोशिश की जाएगी। यह कई साम्राज्यों के जीत का प्रतीक रहा है।

दरअसल, कोहिनूर हीरा ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताज में लगा हुआ है। नई महारानी कैमिला ने इस ताज को पहनने से इनकार किया है। इसके बाद अब इस ताज को ‘टावर ऑफ लंदन’ में रखा जाएगा। इसको लेकर ब्रिटेन के महलों का रखरखाव करने वाली चैरिटी हिस्टोरिक रॉयल पैलेसेज (HRP) ने कहा है कि न्यू ज्वेल हाउस एग्जिबिशन द्वारा कोहिनूर के इतिहास के बारे में बताया जाएगा।

यही नहीं, यह भी बताया जाएगा कि कैसे यह मुगलों, ईरान के शाहों, अफगानिस्तान के शासकों और सिख महाराजाओं के लिए विजय का प्रतीक रहा है। वहीं, इसको लेकर ‘टावर ऑफ लंदन’ के गवर्नर एंड्र्यू जैक्सन ने कहा है कि यह साल उनके लिए ऐतिहासिक है। ब्रिटेन के नए किंग चार्ल्स की ताजपोशी 6 मई 2023 को होनी है। टावर ऑफ लंदन इसमें अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। ताजपोशी के बाद आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में कई ताज रखे जाएँगे। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य लोगों को तमाम ताजों और उनके इतिहास के बारे में बताना है।

बता दें कि 6 मई 2023 को ब्रिटेन की नई महारानी यानी किंग चार्ल्स तृतीय की पत्नी कैमिला की ताजपोशी होनी है। इस ताजपोशी में उन्होंने कोहिनूर जड़े हुए ताज को पहनने से इनकार कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि ब्रिटेन के शाही घराने को भारत के साथ संबंध बिगड़ने का डर था। इस कारण कैमिला ने इस ताज को पहनने से इनकार किया। वहीं, अब यह कहा जा रहा है कि वह ताजपोशी में क्वीन मैरी का 100 साल पुराना ताज पहनेंगी।

कोहिनूर का इतिहास सीधे तौर पर भारत से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि इसको लेकर भारत कई बार दावा भी कर चुका है। दरअसल, कोहिनूर दुनिया का सबसे कीमती हीरा है। ऐसा माना जाता है कि यह हीरा 14वीं शताब्दी में आंध्र प्रदेश के गोलकुंडा में स्थित एक खदान में हीरा मिला था। उस वक्त इस हीरे का वजन 793 कैरेट था। हालाँकि, इसके बाद से इसे कई बार काटा गया। इस कारण इसका वजन लगातार घटता चला गया। कोहिनूर के भारत से ब्रिटेन पहुँचने की कहानी के कई किरदार हैं। इसमें मुगल आक्रांताओं से लेकर अंग्रेजी लुटेरे तक शामिल हैं।

जहाँ राजघराने के ताज और अन्य आभूषण रखे जाते हैं, उस टावर ऑफ लंदन को विलियम द कॉन्करर ने 1070 के दशक में लंदन किले के केंद्र में बनवाया था। इस टावर को येओमेन वार्डर्स देखभाल और रक्षा करते हैं। येओमेन वार्डर्स को ‘बीफ इटर्स’ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें सेना के 32 महिला और पुरुषों को चुना जाता है। यह यूनाइटेड किंगडम के सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है।

इस हीरे पर भारत अपना दावा करता रहा है और इंग्लैंड से इसे लौटाने की माँग भी करता रहा है। आजादी मिलते ही भारत ने कोहिनूर हीरे की माँग की थी, लेकिन उसकी माँग को अंग्रेजों ने खारिज कर दिया। साल 1953 में एक बार फिर इसे माँगा गया, लेकिन फिर इस माँग को खारिज कर दिया गया।

साल 2000 में कई सांसदों ने एक पत्र परहस्ताक्षर कर कोहिनूर की माँग की और कहा कि अंग्रेजों ने इसे जबरदस्ती कब्जाया है। तब इंग्लैंड ने कहा था कि यह 150 सालों से उसी विरासत है। साल 2016 में संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि सरकार कोहिनूर लाने का प्रयास कर रही है।

तेलंगाना में BJP को बड़ी कामयाबी, पहली बार जीती MLC सीट: बोले प्रदेश अध्यक्ष- चल रही BRS विरोधी लहर, विधानसभा के नतीजे भी ऐसे ही होंगे

भारतीय जनता पार्टी (BJP) को तेलंगाना में बड़ी कामयाबी मिली है। पहली बार एमएलसी चुनाव में पार्टी को जीत मिली है। महबूबनगर रंगारेड्डी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एवीएन रेड्डी ने जीत हासिल की है। इसे लेकर भाजपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं। जीत पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत राज्य भाजपा के नेताओं ने खुशी जाहिर की है।

एमएलसी का चुनाव 13 मार्च 2023 को हुआ था। गुरुवार (16 मार्च 2023) को सुबह 8 बजे शुरू हुई वोटों की गिनती देर रात तक जारी रही। चुनाव के दौरान 25,868 वोट यानी 90 प्रतिशत से भी ज्यादा वोट डाले गए थे। जीत के लिए 12,709 वोटों की जरूरत थी। 21 राउंड की मतगणना के बाद भाजपा उम्मीदवार एवीएन रेड्डी को 13,436 वोट मिले। चुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में थे। मुकाबला जी. चेन्ना केशव रेड्डी और एवीएन रेड्डी के बीच था।

भाजपा को मिली इस शानदार जीत पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एवीएन रेड्डी और भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “महबूबनगर रंगारेड्डी एमएलसी टीचर्स सीट पर ऐतिहासिक जीत के लिए एवीएन रेड्डी को बधाई। लोगों ने एक बार फिर से बीआरएस को छोड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा के साथ खड़े होने का फैसला किया है।”

तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बांदी संजय ने ट्विटर पर लिखा है कि यह तेलंगाना के एमएलसी चुनाव में भाजपा की पहली जीत है। इस चुनाव से साबित हो गया है कि राज्य के लोग भारत राष्ट्र समिति (BRS) के खिलाफ हैं। खासकर सरकारी कर्मचारियों और पढ़े-लिखे तबके में सत्ताविरोधी लहर चल रही है। यह सफलता धर्म के पक्ष में खड़े शिक्षकों की है।

बांदी संजय ने केसीआर की सरकार को शिक्षक विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में भी इसी तरह के नतीजे सामने आने वाले हैं। इस जीत से हमें शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की प्रेरणा मिली है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने भी एवीएन रेड्डी और पार्टी के राज्य नेतृत्व को जीत पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत भ्रष्ट, विकास विरोधी, वंशवादी और अभिमानी बीआरएस के खिलाफ जनादेश को दर्शाता है।

विधानसभा चुनाव से पहले एमएसली सीट पर भाजपा की यह जीत बेहद अहम मानी जा रही है। साल के अंत तक होने वाले असेंबली चुनावों के लिए भाजपा पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी के शीर्ष नेता लगातार राज्य के दौरे पर हैं। ऐसे में इस जीत से कार्यककर्ताओं का मनोबल बढ़ा है।

गला, पेट और सिर को टारगेट करने की ट्रेनिंग देता था PFI, मुस्लिमों को बताता था प्रताड़ित: NIA ने दाखिल की चार्जशीट, भारत को इस्लामी मुल्क बनाने में जुटा था

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने 16 मार्च 2023 को प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। यह आरोप पत्र निजामाबाद मामले में PFI के 5 आरोपियों को नामजद किया गया है। एजेंसी ने हैदराबाद में एक विशेष एनआईए अदालत में आरोप पत्र दायर किया।

NIA ने अपनी चार्जशीट में जिन पाँच अभ्युक्तों को आरोपित किया है, उनके नाम हैं- शेख रहीम उर्फ अब्दुल रहीम, शेख वाहिद अली उर्फ अब्दुल वहीद अली, जफरुल्ला खान पठान, शेख रियाज अहमद और अब्दुल वारिस। उन्हें IPC की धारा 120B, 153A और UAPA अधिनियम, 1967 की धारा 13(1)(B), 18, 18A और 18B के तहत चार्जशीट किया गया है।

इससे पहले 30 दिसंबर 2022 को एनआईए ने 11 आरोपितों के खिलाफ पहला आरोप पत्र दाखिल किया था। NIA ने यह मामला अगस्त 2022 में तेलंगाना पुलिस से अपने हाथ में लिया था। तेलंगाना पुलिस ने इस मामले में 4 जुलाई 2022 को मामला दर्ज किया था।

चार्जशीट में कहा गया है कि ये अभियुक्त कुख्यात PFI के प्रशिक्षित कैडर शामिल हैं। ये प्रभावशाली मुस्लिम युवाओं को भड़काने और कट्टरपंथी बनाने का काम करते थे। इसके बाद उन्हें पीएफआई में भर्ती कराते थे। इसके अलावा, भर्ती कराए गए लोगों को PFI के प्रशिक्षण शिविरों में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी।

NIA ने अपनी चार्जशीट में ये भी कहा कि इन सबके पीछे इनका मकसद साल 2047 तक देश में इस्लामिक राज स्थापित करने की साजिश को आगे बढ़ाते हुए हिंसक आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। इन लोगों ने प्रोपेगेंडा फैलाया कि भारत में मुस्लिमों की पीड़ित किया जा रहा है।

एजेेंसी ने बताया कि ये लोग भर्ती करने के युवाओं को बताते थे कि मुस्लिमों की पीड़ा को कम करने के लिए देश में जिहाद का हिंसक रूप आवश्यक था। पीएफआई में भर्ती करने के बाद आरोपित मुस्लिम युवाओं को प्रशिक्षण शिविरों में भेजते थे। यहाँ शरीर के महत्वपूर्ण अंगों- जैसे गले, पेट और सिर पर हमला करके ‘निशाना’ बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी।

एनआईए ने कराटे प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) द्वारा ट्रेनिंग कैंप चलाए जाने के मामले में सितंबर 2022 में छापेमारी की थी। एनआईए ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल, नेल्लोर, कडपा, गुंटूर और तेलंगाना के निजामाबाद में संदिग्धों के घर व बिजनेस परिसरों की तलाशी भी ली थी।

इससे पहले जुलाई 2022 में तेलंगाना (Telangana) की निजामाबाद पुलिस ने कराटे और मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग की आड़ में देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में PFI के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों के नाम शेख शहदुल्लाह, अब्दुल मोबीन और मोहम्मद इमरान हैं। इनमें एक आरोपित ने अब तक 200 मुस्लिमों को ट्रेनिंग देने की बात कबूली।

इन लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में अस्थिरता फैलाने का टास्क मिला था। निजामाबाद पुलिस कमिश्नर द्वारा शेयर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रेनिंग सेंटर में देश की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ शिक्षा दी जा रही थी। यहाँ शरिया कानून लागू करने के लिए उकसाया जाता था। ट्रेनिंग के लिए गरीब और मध्यम वर्ग के युवाओं को भर्ती किया जा रहा था।

छत्तीसगढ़ की राजनीति में मूँछ-बाल की लड़ाई: हार पर मूँछ-नाक कटवाने की बात कर रहे कॉन्ग्रेसी, BJP ने शेयर की बघेल के मंत्री की सफाचट तस्वीर

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बाल और मूँछ चर्चा का विषय बने हुए हैं। बीजेपी नेता नंदकुमार साय ने कहा है कि प्रदेश में अपनी पार्टी की सरकार बनने तक वह अपने बाल नहीं कटवाएँगे। वहीं, भूपेश बघेल सरकार में मंत्री अमरजीत भगत ने अपनी मूँछें दांव पर लगा दी है। उन्होंने कहा है कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो वे अपनी मूँछ मुड़वा लेंगे।

छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत तक चुनाव होने हैं। फिलहाल भूपेश बघेल के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस सत्ता में है। भाजपा नेता आगामी विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को उखाड़ फेंकने की बात कर रहे हैं। इस बीच प्रधानमंत्री आवास को लेकर भाजपा ने कॉन्ग्रेस सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी के पूर्व सांसद रामविचार नेताम ने नंदकुमार साय को बुलाकर ऐलान किया था कि जब तक भूपेश बघेल की सरकार नहीं बदल देते तब ये बाल नहीं कटवाएँगे।

इसके बाद भूपेश बघेल सरकार में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने भी ये ऐलान कर दिया कि अगर इस बार उनकी पार्टी की सरकार नहीं बनती है, तो वे अपनी मूँछें मुड़वा देंगे। अब इसको लेकर भाजपा अमरजीत भगत पर हमलावर है। भाजपा पोस्टर जारी कर अमरजीत सिंह पर निशाना साध रही है। बीजेपी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर अमरजीत भगत की बिना मूँछ वाली एक तस्वीर शेयर की गई है। इस तस्वीर के साथ लिखा है, “अमरजीत भगत का दिसंबर 2023 में नया लुक। हमें तो आपसे इतना ही कहना है अमरजीत भगत आप इस लुक में ‘क्या खूब लगते हो, बड़े सुंदर दिखते हो’।”

अमरजीत भगत के इस ऐलान पर कॉन्ग्रेस भी मजे ले रही है। बघेल सरकार के एक अन्य मंत्री कवासी लकमा ने कहा है कि मंत्री अमरजीत भगत ने सही बात कही है। अब वह मूँछ भी कटवाएँगे और नाक भी कटवाएँगे।

बीजेपी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता रहे दिलीप सिंह जूदेव और अमरजीत भगत की भी एक फोटो शेयर की है। इस फोटो में दिलीप सिंह जूदेव अपनी मूँछो के साथ दिखाई दे रहे हैं। वहीं, अमरजीत भगत बिना मूँछ के दिखाई दे रहे हैं। इस फोटो के साथ लिखा है, “मूँछें हों तो कुंवर स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी जैसी, वर्ना…।”

दरअसल, साल 2003 में छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार सत्ता में थी। तब भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव ने जोगी सरकार को हटाने के लिए अपनी मूँछें दांव पर लगा दी थीं। उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा सत्ता में नहीं आई तो वे अपनी मूँछें उड़वा देंगे। इसके बाद से छत्तीसगढ़ की सियासत में दिलीप सिंह जूदेव बनाम अजीत जोगी की चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद जब विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आए तो कॉन्ग्रेस की सत्ता से विदाई हो गई। वहीं, भाजपा के सत्ता में आने के साथ ही दिलीप सिंह जूदेव की मूँछों की चर्चा लंबे समय तक होती रही।

मनीष सिसोदिया ने जानबूझकर फोन किया नष्ट, नहीं बता रहे इतने फोन क्यों बदले: ED ने कोर्ट को बताया, 5 दिन की रिमांड मिली

शराब घोटाले को लेकर गिरफ्तार किए गए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में पेश किया। ED ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि उन्होंने इतने फोन क्यों बदले।

प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट को बताया कि मनीष सिसोदिया ने अपने फोन को जानबूझकर नष्ट किया है। जाँच एजेंसी ने कोर्ट से और 7 दिन की रिमांड की माँग की है। हालाँकि, कोर्ट ने ED के आग्रह को स्वीकार करते हुए मनीष सिसोदिया को 7 दिन के बजाए 5 दिन के रिमांड पर भेज दिया है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार (17 मार्च 2023) को पेश किया गया। शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार मनीष सिसोदिया की सात की ED कस्टडी खत्म हो गई है।

ED ने अदालत को यह भी बताया कि हिरासत में एक IAS अधिकारी और आबकारी आयुक्त सहित तीन लोगों से मनीष सिसोदिया का सामना कराया गया। ED ने कहा कि अन्य आरोपियों से मनीष सिसोदिया का एक बार फिर आमना-सामना कराना है। इसलिए 7 दिन की रिमांड दी जाए।

दरअसल, मनीष सिसोदिया ने 22 जुलाई 2022 को अपना मोबाइल फोन बदल दिया था। यह वही तारीख है, जिस दिन दिल्ली के उपराज्यपाल ने शराब घोटाले की शिकायत में जाँच के लिए सीबीआई को भेजी थी। जिस फोन को मनीष सिसोदिया ने बदला था, उसे वह लंबे समय से इस्तेमाल कर रहे थे।

प्रवर्तन निदेशालय ने जब इस फोन के बारे में मनीष सिसोदिया से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उनका फोन खराब हो गया है। फोन कैसे खराब हुआ और अब कहाँ है, इसका वे जवाब वह नहीं दे सके। दरअसल, उपराज्यपाल द्वारा सीबीआई को सूचना की मीडिया रिपोर्ट सामने आ गई थी। इसके बाद मनीष सिसोदिया ने फोन को बदल दिया।

उधर, मनीष सिसोदिया के वकील ने फोन के इस आधार पर रिमांड बढ़ाने की माँग का विरोध किया है। वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि सीबीआई ने भी अपने रिमांड में इस बिंदु का उल्लेख किया है। इसलिए ED की माँग का कोई औचित्य नहीं है। वकील ने सवाल किया, “क्या ईडी सीबीआई की प्रॉक्सी एजेंसी है?”

मनीष सिसोदिया के वकील ने कोर्ट में यह भी तर्क दिया कि उनका कंप्यूटर जब्त कर लिया गया था और पहले एक एजेंसी द्वारा जाँच की गई थी। अब एक और एजेंसी वही पूरी प्रक्रिया फिर दोहराने की कोशिश कर रही है। वकील ने कहा, “उन्हें अपराध की आय और इसमें मैं कैसे शामिल हूँ, इसे दिखानी है। अगर वे 7 महीने तक जाँच करते हैं और फिर मेरी रिमांड माँगने के लिए अदालत आते हैं तो इसका अर्थ है कि अब तक आपने क्या किया?”

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली में शराब घोटाले में केस दर्ज किया गया था, जिसमें उनकी गिरफ्तारी 26 फरवरी 2023 को हुई थी। इसके बाद कुछ दिन पहले ही सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया है। यह मामला जासूसी कांड से जुड़ा है।

जासूसी कांड को लेकर सीबीआई ने द्वारा दर्ज मामला साल 2016 से संबंधित है। उस समय आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक फीडबैक यूनिट तैयार की थी, जिससे कई लोगों की जासूसी कराई गई थी। अब इसी मामले में दावा है कि AAP ने ऐसा कराने से पहले केंद्र की अनुमति नहीं ली।

इतना ही नहीं, शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में मनीष सिसोदिया से पहले लगातार 2 दिन जेल में पूछताछ की थी। 7 मार्च 2023 को उनसे 6 घंटे पूछताछ हुई और फिर 9 मार्च 2023 को उनसे 2 घंटे सवाल-जवाब किए गए। सीबीआई की तरह ईडी भी इन जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई, जिसके बाद उन्हें जाँच एजेंसी द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया।

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने जाँच एजेंसियों की इस कार्रवाई को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया पिछले 7 दिनों से ईडी की हिरासत में हैं और उनसे सिर्फ 15 घंटे सवाल किए गए हैं, यानी प्रतिदिन सिर्फ 2 घंटे। उन्होंने इसे कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग का उदाहरण बताया।

चड्ढा ने कहा कि मनीष सिसोदिया को जेल में रखने की कोशिश की जा रही है। इसीलिए एक जाँच एजेंसी से जमानत मिलती है तो दूसरी जाँच एजेंसी पूछताछ के नाम पर गिरफ्तार कर लेती है। उन्होंने कहा कि मनीष सिसोदिया से जो सवाल पूछे गए हैं, वे सभी पुराने सवाल हैं। नया कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब सवाल नया नहीं तो हिरासत में रखने की क्या जरूरत है।

जनवरी 2024 में होगी भव्य राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा, 70% काम पूरा: देखिए गर्भगृह की तस्वीरें, PM मोदी करेंगे रामलला को विराजमान

हिंदुओं की आस्था के केंद्र मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है। इस मंदिर के प्रथम तल का निर्माण 70 फीसदी पूरा हो चुका है। इस बीच उस गर्भगृह की तस्वीर सामने आई है जहाँ रामलला विराजमान होंगें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी 2024 के तीसरे सप्ताह में प्रभु श्रीराम की प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में बन रहा भगवान श्रीराम का मंदिर अब आकार ले रहा है। गर्भगृह का निर्माण कार्य सबसे तेजी से चल रहा है। फिलहाल गर्भगृह के सभी स्तंभ खड़े हो चुके हैं। मंदिर पर चढ़ने के लिए अब तक 24 सीढ़ियाँ बनाई जा चुकी हैं। वहीं, बाकी काम भी जोरों पर है। रामलला के दर्शन करने के लिए भक्तों को 32 सीढ़ियाँ चढ़नी होंगी।

गर्भगृह में निर्माण मार्च 2023 में ही गर्भ गृह की छत बनाने की योजना है। यह छत मकराना के श्वेत संगमरमर की गढ़ी शिलाओं से बनाया जाएगा। छत बनने के बाद इसमें बिजली, पानी, दरवाजे लगाए जाने का काम होगा। इसके बाद दरवाजा, खिड़की इत्यादि लगाने का काम होगा। मंदिर के गर्भगृह के निर्माण में 13 हजार 300 घनफीट सफेद संगमरमर का प्रयोग होना है।

दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में कार्यदायी संस्था से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि इस वर्ष के अंत तक मंदिर के पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा। अगले वर्ष यानी 2024 में मकर संक्रांति तक रामलला को गर्भगृह में विराजमान हो सकते हैं। इसके लिए मंदिर परिसर में पंचायतन की पूजा शुरू हो चुकी है। यह पूजा रामलला के विराजमान होने तक चलती रहेगी। फिलहाल मंदिर के गर्भगृह की तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने शेयर की है।

मंदिर निर्माण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा है, “जनवरी 2024 के तीसरे सप्ताह में, राम लला की मूर्ति को उनके मूल स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खोल दिए जाएँगे। राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के लिए अयोध्या में दिसंबर 2023 से ही कार्यक्रम शुरु होंगे। मंदिर निर्माण और 2024 के आम चुनाव आपस में नहीं जुड़े हैं। हम सिर्फ अपना काम कर रहे हैं। रामलला की मूर्ति को एक मंदिर में स्थापित करने से पहले लंबे समय तक एक कपड़े के पंडाल में रखा गया था। लेकिन अब भगवान को उनके मूल स्थान पर स्थानांतरित करने का समय आ रहा है।”