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भारत के 700 छात्रों को वापस भेजेगा कनाडा: एजेंटों को ₹16-20 लाख देकर करने गए थे पढ़ाई, जाँच में नकली पाए गए दस्तावेज

कनाडा में पढ़ाई करने गए 700 से अधिक भारतीय छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। कनाडाई सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBSA) ने इन्हें देश छोड़ने का नोटिस दिया है। इन छात्रों का वीजा फर्जी पाया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से ज्यादातर छात्रों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है। कुछ ने वर्क परमिट और कार्य अनुभव (Work Experience) भी प्राप्त कर लिया था। लेकिन जब उन्होंने स्थायी निवास पत्र के लिए आवेदन दिया तो जाँच में उनका वीजा फर्जी पाया गया।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक छात्रों ने जालंधर स्थित एजुकेशन माइग्रेशन सर्विस सेंटर से वीजा अप्लाई किया था। इसे बृजेश मिश्रा नाम का एक एजेंट संचालित कर रहा था। बृजेश मिश्रा ने हंबर कॉलेज में प्रवेश के नाम पर छात्रों से 16-20 लाख रुपए ऐंठ थे। इसमें हवाई टिकट और सिक्योरिटी डिपोजिट शामिल नहीं थे। छात्र 2018-19 में कनाडा पहुँचे।

छात्रों ने पढ़ाई और कार्य अनुभव प्राप्त करने के बाद जब स्थायी तौर पर निवास के लिए आवेदन दिया तो उनके द्वारा जमा कराए गए दस्तावेजों को सत्यापित किया गया। सीबीएसए ने उन डॉक्यूमेंट्स की जाँच की जिसके आधार पर इनका वीजा जारी किया गया था। जाँच में पाया गया कि छात्रों को दिया गया नामांकन प्रस्ताव पत्र (Admission Offer Letter) नकली है।

दस्तावेज नकली पाए जाने के बाद छात्रों को वापस भारत जाने का नोटिस थमा दिया गया है। अब 700 से अधिक छात्रों का करियर दाँव पर लगा हुआ है। कहा जा रहा है कि कनाडा में इस तरह का एजुकेशन फ्रॉड पहली बार सामने आया है। यह सवाल भी उठ रहे हैं कि नकली नामांकन दस्तावेज के आधार पर वीजा कैसे जारी हो गया और पहले इसकी जाँच क्यों नहीं की गई?

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार जब छात्रों ने इस संबंध में जालंधर में संपर्क किया तो एजेंट के दफ्तर में ताला लगा मिला। एजेंट के फरार होने की बात कही जा रही है। डीसीपी जगमोहन सिंह के हवाले से बताया गया है कि इस संबंध में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जाँच की जाएगी। बताया जाता है कि इन छात्रों को ‘पे फीस आफ्टर वीजा’ का विज्ञापन देकर एजेंट ने फँसाया था। एक छात्र के कनाडा जाने पर करीब 20 लाख रुपए तक का खर्च आता है।

200 नाव-1000 मछुआरे… गुजरात के मुल द्वारका में अवैध रूप से घुसे, रातोंरात बना रहे घर: रिपोर्ट में दावा, स्थानीय लोगों ने माहौल खराब होने का जताया अंदेशा

गुजरात के द्वारका में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। लाखों वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जा रहा है। अतिक्रमण विरोधी अभियान के बीच सैकड़ों की संख्या में मछुआरे गुजरात के गिर-सोमनाथ जिले के मुल द्वारका बंदरगाह के गाँवों में अवैध रूप से प्रवेश कर रहे हैं। खबरों के अनुसार करीब 200 नावों के साथ 1000 से अधिक लोग अवैध रूप से तटीय गाँवों में दाखिल हुए हैं। इनके अवैध रूप से गाँवों में दाखिल होने से स्थानीय लोगों को इलाके की शांति भंग होने का डर सता रहा है।

द्वारका जिले में पिछले कुछ दिनों में कई स्थानों पर बुलडोजर चलाकर लाखों वर्ग मीटर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। गुजरात सरकार द्वारा गिर-सोमनाथ, द्वारका के कल्याणपुर और तटीय इलाकों में बनाए गए अवैध घरों को गिरा दिया गया है। इसके लिए एक महीने पहले ही अल्टीमेटम दे दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद हजारों मछुआरे अवैध रूप से गिर-सोमनाथ के मुल द्वारका बंदरगाह के आसपास के गाँवों के पास डेरा डालने लगे हैं।

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि करीब 200 नावों और 1 हजार मछुआरों के मुल द्वारका बंदरगाह के पास पहुँचने से आसपास के गाँवों में भय का वातावरण बनने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से इलाके में पहुँचे लोगों को यहाँ रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध रूप से डेरा डाले ये लोग इतने ढीठ हैं कि हल्की बातचीत भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। स्थानीय लोगों ने सरकार से अपील की है कि बाहरी लोगों को यहाँ से हटाया जाए।

एक स्थानीय नेता ने जानकारी दी कि प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों पर कार्रवाई के बाद बेट द्वारका, नौदरा, मियाना और हर्षद जैसे इलाकों से लोग कोडिनार के मुल द्वारका पहुँचने लगे हैं। हफ्ते भर से वे लोग यहाँ पहुँच रहे हैं। रात के वक्त अवैध रूप से अपने रहने के लिए घरों का निर्माण कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मामले में दखल देने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो माहौल खराब हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया तो वे विरोध-प्रदर्शन भी करेंगे।

मैडम चतुर… ट्विटर पर प्रियंका चतुर्वेदी और अमृता फडणवीस के बीच ‘औकात’ वाली फाइट, डिजाइनर की ‘साजिश’ और सुप्रीम कोर्ट से महाराष्ट्र की राजनीति गरम

एक महिला डिजाइनर पर एफआईआर और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद महाराष्ट्र की राजनीति फिर गरम हो गई है। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता ने डिजाइनर अनिक्षा के खिलाफ साजिश, धमकी और एक करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। इसको लेकर ट्विटर पर उनके और उद्धव ठाकरे गुट की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के बीच तीखी नोंकझोंक देखने को मिली है। वहीं सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने गुरुवार (16 मार्च 2023) को उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच शिवसेना को लेकर चल रही लड़ाई पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

अमृता फडणवीस द्वारा पुलिस से डिजाइनर की शिकायत किए जाने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले की मेरिट पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया। जवाब में अमृता ने लिखा कि ‘मैडम चतुर’ आप पहले मुझे एक्सिस बैंक से गलत फायदे मिलने के एक फर्जी मामले में फँसाने की कोशिश कर चुकी हैं। अब आप मेरी सच्चाई पर भी सवाल उठा रही हैं। जो केस बंद करने के लिए रिश्वत देता है, उसकी आप अपने ‘मास्टर’ के जरिए मदद करती हैं। यही आपकी ‘औकात’ है।

शिवसेना सांसद ने कई ट्वीट करते हुए अमृता और आरोपित डिजाइनर के बीच संबंधों को लेकर सवाल उठाए। एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “अपराधी की बेटी पहले डिप्टी सीएम की पत्नी से संपर्क करती है। 5 साल दोस्ती चलती है। डिप्टी सीएम की पत्नी को वह महँगे गहने, कपड़े देती है। गाड़ी में साथ में घूमती है। वह डिजाइनर यह भी बताती है कि सट्टेबाजों की शिकायत कर कैसे पैसे कमाए जा सकते हैं। इस सब के बाद भी दोस्ती जारी रहती है। अब ब्लैकमेल करने के आरोप लग रहे हैं। ये महाराष्ट्र में हो क्या रहा है।”

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया है कि अनिल जयसिंघानी की बेटी अनिक्षा खुद को डिजाइनर बनकर उनकी पत्नी के संपर्क में आई थी। बाद में उसने अपने पिता से जुड़े एक मामले को रफादफा करने के लिए उनकी पत्नी को एक करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की थी। उन्होंने अनिक्षा पर अपनी पत्नी को ब्लैकमेल करने और धमकी देने का आरोप भी लगाया है। अनिक्षा को गिरफ्तार किए जाने की खबरें आ रही है।

वहीं मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुआई वाली संविधान पीठ ठाकरे और शिंदे गुट तथा महाराष्ट्र के गवर्नर की तरफ से दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। गुरुवार को सुनवाई के दौरान उद्धव गुट ने गवर्नर के फ्लोर टेस्ट आदेश को निरस्त करने की भी गुहार लगाई। पीठ दोनों गुटों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। एकनाथ शिंदे ने जून 2022 में तत्कालीन डिप्टी स्पीकर के नोटिस को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। वहीं उद्धव गुट ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के विश्वास मत के आदेश को चुनौती दी थी।

अतीक अहमद के गैंग से जुड़े वहीद अहमद का एनकाउंटर: उमेश पाल हत्याकांड के शूटर अरबाज का है फूफा, गुड्डू मुस्लिम से भी करीबी संबंध

गैंगस्टर अतीक अहमद के गुर्गों के खिलाफ यूपी सरकार का हंटर जारी है। गुरुवार (16 मार्च 2023) को यूपी पुलिस ने 50 हजार रुपए के इनामी एक अपराधी को एनकाउंटर के बाद पकड़ लिया है। मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया वहीद अहमद उमेश पाल हत्याकांड के शूटर अरबाज का फूफा है।

अहमद का शूटर गुड्डू मुस्लिम के साथ-साथ कई अन्य अपराधियों से गहरे संबंध हैं। उस पर व्यापारी से एक लाख रुपए रंगदारी माँगने का केस है। पुलिस को इसकी लंबे समय से तलाश थी। इसके ऊपर पुलिस ने 50,000 का इनाम भी घोषित था। 45 वर्षीय वहीद अहमद मर्दन नाका का रहने वाला है।

वहीद अहमद को पकड़ने के लिए मटौंध थाना क्षेत्र के त्रिवेणी गाँव में बाईपास के पास एसओजी और थाना पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। इस कार्रवाई में वहीद अहमद के पैर में गोली लगी है। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से .315 बोर का तमंचा और कारतूस बरामद किया है।

पुलिस का कहना है कि वह मटौंध के जंगलों में छुपा हुआ था। पुलिस को देख वह भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग भी की। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। आरोपित वहीद अहमद प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में शामिल और बाद में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए गए शूटर अरबाज का फूफा है।

एसपी ने बताया कि वहीद अहमद कुख्यात अपराधी है। यह अतीक अहमद का सहयोगी रहा है। एसपी ने बताया कि कुछ साल पहले जब बांदा जेल में गुड्डू मुस्लिम एक मामले में जेल में बंद था तो वह उसे हर तरह का सहयोग उपलब्ध कराता था। उससे जेल मिलने जाता था और सुविधाएँ मुहैया कराता था।

एसपी अभिनंदन ने कहा कि हाल ही में इसने एक व्यापारी श्याम गुप्ता से एक लाख रुपए की रंगदारी माँगी थी। रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। व्यापारी ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस उसके ऊपर इनाम घोषित कर खोज में लग गई। वहीद और अतीक अहमद के जुड़े नेटवर्क पर पुलिस काम कर रही है। साल 2005 में उस पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज हुआ था, जिसमें वह जेल गया था।

गौरतलब है कि मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार वहीद अहमद के एक साथी रफीकुल समद को यूपी पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। उस पर भी अतीक अहमद गैंग में जुड़े होने का आरोप है। पुलिस व प्रशासन द्वारा उसके घर पर बुल्डोजर भी चलाया गया था। रफीकुल अलीगंज का निवासी है।

‘दुर्भाग्य से मैं सांसद हूँ….’: प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले राहुल गाँधी, बीच में टोक कर भी जयराम रमेश नहीं रोक पाए जगहँसाई

विदेशों में भारत विरोधी बयान देने के बाद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) अब उस पर सफाई देना चाहते हैं। इसको लेकर उन्होंने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे दुर्भाग्य से सांसद हैं। हालाँकि, इसके बाद कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने उन्हें सलाह दी। इसके बाद राहुल गाँधी ने इसमें सुधार किया।

राहुल गाँधी ने कहा, “मैं पार्लियामेंट गया और स्पीकर से कहा कि मुझ पर चार मंत्रियों ने आरोप (इस दौरान राहुल गाँधी जयराम रमेश की देखते और इस तथ्य पर उनकी सहमति लेते हैं) लगाया है। इस पर मैं जवाब देना चाहता हूँ। …क्लियरिटी नहीं है, मगर मुझे नहीं लगता कि मुझे बोलने देंगे। मैं होपफुल (आशान्वित) हूँ कि कल मुझे बोलने देंगे।”

राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि जैसे ही वे संसद में पहुँचे में उनके द्वारा विदेश में दिए गए भाषण को लेकर जवाब देना चाहा, वैसे ही सदन को स्थगित कर दिया गया। राहुल गाँधी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति अडानी को लेकर जो भी कहा था, वह सब कुछ पब्लिक रिकॉर्ड से लिया था। उन्होंने फिर कहा, “मुझे लगता है कि वे मुझे पार्लियामेंट में नहीं बोलने देंगे।”

इस दौरान राहुल गाँधी ने खुद को ‘दुर्भाग्य से बना सांसद’ बता दिया। राहुल गाँधी ने कहा, “Unfortunately I am member of parliament and hopeful that I would be allowed to speak in parliament.” अगर इसे हिंदी में कहें तो इसका अर्थ है, ‘दुर्भाग्य से मैं सांसद हूँ और उम्मीद करता हूँ कि मुझे संसद में (मुद्दे पर) बोलने दिया जाएगा।’

राहुल गाँधी की इस गलती को बगल में बैठे जयराम रमेश ने तुरंत ताड़ लिया। उन्होंने राहुल गाँधी के कान के पास अपना मुँह ले जाते कहा, “Do not say unfortunately I am MP. Say unfortunately for you.” यानी ‘ये मत कहिए कि मैं दुर्भाग्य से सांसद हूँ। कहिए कि आपके लिए दुर्भाग्य है।’

जयराम रमेश के समझाने के बाद राहुल गाँधी फिर से कहते हैं, “Unfortunately for you I am a MP….” यानी ‘दुर्भाग्य से आपके लिए मैं एक सांसद हूँ’। राहुल गाँधी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इसको लेकर भाजपा के प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने राहुल गाँधी और जयराम रमेश पर तंज कसा है। जयहिंद ने कहा, “दुख की बात है कि वह बिना प्रशिक्षित हुए बयान भी नहीं दे सकते! आश्चर्य है कि विदेशी हस्तक्षेप वाले बयान के लिए उन्हें किसने प्रशिक्षित किया था?”

दरअसल, राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज में अपने संबोधन के दौरान अपने ही देश पर कीचड़ उछाला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। उनकी माइक बंद कर दी जाती है। राहुल ने आरोप लगाया था कि भारत में सिखों और मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है।

राहुल गाँधी के इन बयानों के बाद से ही भाजपा उनपर हमलावर है। एक पहले ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गाँधी पर हमला बोला। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका द्वेष अब भारत द्वेष में बदल चुका है। उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता ने ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों का आह्वान किया, जिनका इतिहास भारत को गुलाम बनाने का रहा है।

AAP नेता और कॉमेडियन ख्याली पर जयपुर में रेप का केस, पीड़िता ने कहा- काम दिलाने के बहाने बुलाकर की जबर्दस्ती

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और कॉमेडियन ख्याली पर राजस्थान के जयपुर में रेप का केस दर्ज किया गया है। 28 साल की पीड़ित महिला के मुताबिक ख्याली ने उसे और उसकी सहेली को काम दिलाने के बहाने होटल में मिलने बुलाया था। यहाँ पहले उसके साथ छेड़खानी की गई और सहेली के कमरे से निकलने के बाद आप नेता ने जबरदस्ती की। इस संबंध में जयपुर के मानसरोवर थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसके पति की मृत्यु हो चुकी है। वह नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी सिलसिले में महिला 9 मार्च 2023 को जयपुर के शास्त्री नगर अपनी सहेली के घर पहुँची। सहेली ने उसे ख्याली के 12 मार्च को होने वाले एक शो की जानकारी दी। सहेली ने उसे बताया कि वह आप नेता से मिलने जाने वाली है। यदि वह चाहे तो साथ चल सकती है हो सकता है कि नौकरी की बात भी बन जाए।

पीड़िता को बताया गया कि ख्याली एक शो के लिए राजस्थानी बोलने वाली लड़कियों की तलाश कर रहा है। साथ ही करण जौहर की फिल्म ‘रोला’ में भी काम दिला सकता है। पीड़िता सहेली के साथ ख्याली से मिलने के लिए तैयार हो गई। पीड़िता के अनुसार 11 मार्च को काम की बात करने के लिए दोनों को मानसरोवर स्थित होटल कृष्णा प्राइड बुलाया गया था। होटल में उनके नाम पर कमरा भी बुक किया गया था। होटल पहुँचने के बाद ख्याली ने कहा कि वह अपने दोस्त की शादी में जा रहा है लौटने के बाद बात होगी।

रिपोर्टों के मुताबिक ख्याली अपने दोस्त की शादी में चला गया। इधर होटल के कमरे में दोनों ख्याली का इंतजार करते रहे। पीड़िता के अनुसार कुछ घंटों बाद ख्याली नशे की हालत में होटल पहुँचा। उसने दोनों को जबरन बीयर पिलाने की कोशिश की। दोनों ने इनकार कर दिया। रात के खाने के बाद पीड़िता की सहेली अपने पति से फोन पर बात करने के लिए कमरे से बाहर चली गई।

आरोपों के अनुसार सहेली के बाहर जाते ही ख्याली ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता कमरे से बाहर निकली और अपनी सहेली से मिली। दोनों की ख्याली के साथ कहासुनी भी हुई। आरोप है कि ख्याली ने पीड़िता और उसकी सहेली को जान से मरवाने की भी धमकी दी। वहीं ख्याली ने दोनों महिलाओं को ब्लैकमेलर बताया है। कहा है कि ब्लैकमेलिंग गिरोह के खिलाफ उन्होंने पुलिस में शिकायत दी है।

माँ को मारा, बेटी के साथ गैंगरेप: इसरार, तस्लीम, आरिफ गिरफ्तार – अरबाज की तलाश में UP पुलिस

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में चार लोगों ने नाबालिग लड़की को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप किया। घटना मंगलवार (14 मार्च 2023) की रात की है। पीड़िता को अगवा करने से पहले उसकी माँ को बुरी तरह पीटकर अधमरा कर दिया गया। बुधवार (15 मार्च 2023) को पुलिस ने आरोपितों में से तीन को (इसरार, आरिफ और तस्लीम) को गिरफ्तार कर लिया है जबकि चौथे आरोपित अबरार की तलाश में छापेमारी की जा रही है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मंगलवार को बदायूँ के बिसौली के एक गाँव की रहने वाली नाबालिग पीड़िता अपनी माँ के साथ शौच के लिए निकली थी। इसरार उसका बहनोई तस्लीम, अबरार और आरिफ गाँव से ही उनका पीछा करने लगे। गाँव से खेत में पहुँचते ही चारों ने दलित लड़की के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। माँ के विरोध करने पर उसे बुरी तरह पीटा गया। चारों की पिटाई से माँ बेहोश हो गई।

आरोपितों ने नाबालिग लड़की को अगवा कर लिया। सभी लड़की को घसीटते हुए सुनसान इलाके में ले गए। जहाँ इसरार और उसके बहनोई ने तस्लीम ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। लड़की के शोर मचाने पर घटना की जानकारी परिजनों को मिली। ग्रामीणों के साथ मिलकर परिजनों ने इसरार, आरिफ और तस्लीम को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं अरबाज अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पीड़िता के भाई ने पुलिस में आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया है। आरोपितों के खिलाफ सामूहिक बलात्कार, मारपीट, धमकी देने के मामलों और पाक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं पीड़िता की माँ का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

CPI मतलब आतंकी संगठन: IS और अलकायदा जैसों के साथ लिस्ट में नाम – कितने मर्डर, कितने अटैक… ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में सबका खुलासा

अंतरराष्ट्रीय संस्था इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) ने आतंकी घटनाओं को ध्यान में रखते ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (The Global Terrorism Index -GTI) के तहत विश्व के 20 प्रमुख आंतकी संगठनों की सूची जारी की है। इस सूची में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का भी नाम है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा हैं। इसके केंद्रीय नियंत्रण आयोग में पन्नियन रवींद्रन, सीआर बख्शी, सीए कुरियन, जोगिंदर दयाल, पीजे चंद्रशेखर राव, बिजॉय नारायण मिश्रा सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित थिंक टैंक IEP की ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2022 में CPI को इस्लामिक स्टेट, बोको रहम, अल शहाब जैसे दुनिया के 20 खूंखार आतंकी संगठनों वाली सूची में 12वें स्थान रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में सीपीआई ने 61 हमले किए। इन हमलों में 39 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हो हुए।

बता दें कि CPI भारत का प्रमुख राजनीतिक दल है। इसकी स्थापना साल 1920 में एम.एन. रॉय ने एम.पी.टी आचार्य, अबनी मुखर्जी और मोहम्मद अली आदि लोगों के साथ मिलकर की थी। आगे चलकर कम्युनिस्ट पार्टी के कई धड़े बन गए। इसका एक धड़ा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) भी भारतीय राजनीति में सक्रिय है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) ने शायद CPI लिखकर किसी एक को नहीं, बल्कि अनेकों नाम वाली वामपंथी पार्टियों और उनकी खूनी राजनीति को बताने की कोशिश की है।

वामपंथी संगठनों में से एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के हिंसक कारनामों की वजह से उसे बहुत पहले प्रतिबंधित कर दिया गया है। बाद में साल 2004 में CPI-ML, माओइस्ट कॉम्युनिस्ट सेंटर (MCC) और पीपुल्स वार ग्रुप को मिलाकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) बनाई गई। इसे साल 2009 में आतंकी संगठन घोषित कर दिया गया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का निर्माण जिन संगठनों को मिलाकर हुआ है, वे बेहद खूंखार संगठन हैं। बिहार में इन्होंने बड़े पैमाने पर नरसंहार को अंजाम दिया। CPI-ML के तत्कालीन प्रमुख विनोद मिश्रा के नेतृत्व में बिहार में बड़े पैमाने पर हिंसा को अंजाम दिया गया। इनमें ईचरी कांड और सेनारी कांड महत्वपूर्ण है। परिणामस्वरूप रणवीर सेना का उदय हुआ। हालाँकि, MCC और CPI (M) अभी भी बिहार और झारखंड में सक्रिय हैं।

आजकल ये राजनीतिक मुखौटे के रूप में रहकर हिंसा को अंजाम देते हैं। एमसीसी ने बिहार के औरंगाबाद में अभी पिछले महीने ही कई नेताओं को धमकी दी। ये सभी नेता सवर्ण हैं। हालाँकि, बिहार और झारखंड में राजनीतिक फायदे के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। किसी भी सरकार ने इस खूंखार नक्सली संगठनों को जड़ से खात्म करने की कोशिश नहीं की।

फरवरी 2023 में जहानाबाद से बीजेपी सांसद सुशील सिंह को नक्सलियों ने धमकी देते हुए गाँव में पोस्टर चिपकाए थे। इसके अलावा, जिले के गोह के पूर्व विधायक रणविजय सिंह को भी नक्सलियों ने धमकी दी थी। ये नक्सली औरंगाबाद में ना सिर्फ बड़े पैमाने पर घटना को अंजाम देते हैं, बल्कि झारखंड में सटे पलामू के जंगलों में आराम की जिंदगी भी जीते हैं।

फरवरी 2014 में खूंखार नक्सली राम प्रवेश बैठा उर्फ सतीश और प्रवेश मिश्रा को गिरफ्तार किया था। प्रवेश मिश्रा MCC के खूंखार नक्सली प्रमोद मिश्रा का भाई है। प्रमोद मिश्रा बीबीजी, अग्नि और बन बिहारी के नाम से कुख्यात था। प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में बिहार में भयंकर तबाही मचाई गई। साल 2006 में अमेरिका के आतंकियों की सूची में उसका नाम था।

प्रमोद मिश्रा को मई 2008 में गिरफ्तार किया था। हालांकि, सबूतों के अभाव में उसे अगस्त 2017 में रिलीज कर दिया गया। इसके बाद से वह गायब है। माना जाता है। कि फिर से नक्सली गतिविधियों में शामिल है। इसके बाद, साल 2022 में कुख्यात जोनल कमांडर बनवारी सहित चार खूंखार नक्सलियों को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

माओवादियों की हिंसा आज ना सिर्फ बिहार, बल्कि झारखंड, बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा आदि राज्य प्रमुख हैं। यहाँ के विभिन्न नामों से पहचाने जाने वाले नक्सली सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं। ये अक्सर पुलिस और केंद्रीय बलों को निशाना बनाते रहे हैं।

ये उन दलों की कहानी है, जो माओवाद के नाम पर बिहार, बंगाल, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में खून की होली खेलते रहे। इसके बावजूद CPI जैसे राजनीतिक संगठनों ने भी अपने तरीके से हत्या को अंजाम दिया। इसके लिए बंगाल में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु का नाम भी लिया जाता है।

पश्चिम बंगाल में सन 1979 में तत्कालीन ज्योति बसु सरकार की पुलिस व सीपीएम कैडरों ने बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों के ऊपर निर्ममता से गोलियाँ बरसाई थीं। जान बचाने के लिए दर्जनों लोग समुद्र में कूद गए थे। अब तक इस बात का कहीं कोई ठोस आँकड़ा नहीं मिलता कि उस मरीचझापी नरसंहार में कुल कितने लोगों की मौत हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों का अनुमान है कि इस दौरान 1000 से ज्यादा लोग मारे गए। लेकिन, सरकारी फाइल में केवल दो मौत दर्ज की गई।

5 मार्च 2008 को कन्नूर जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के हवाले से उन्होंने अपने आलेख में लिखा है कि जो पिनरायी विजयन अभी केरल की मार्क्सवादी सरकार के मुख्यमंत्री हैं, उस समय सीपीएम के सेक्रेटरी थे। उन्होंने कहा थ कि विजयन ने अपने कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया था कि केरल में पश्चिम बंगाल के मॉडल को अपनाया जाना चाहिए।

इसी तरह केरल में भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की हत्या आम है। वहाँ भाजपा और हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों की हत्या कर दी जाती है। अभी दो दिन पहले दिनेश और विष्णु नाम के 2 भाजपा कार्यकर्ता को घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी तरह नवम्बर 2021 में 26 साल के युवा RSS कार्यकर्ता संजीत की हत्या उनकी पत्नी के आगे ही कर दी गई थी। घटनास्थल पलक्कड़ का इल्लापुल्ली था।

इसके अलावा 16-17 फरवरी 2022 की रात लगभग 12.30 पर बीजेपी कार्यकर्ता सरथ कुमारपुरम को चाकुओं से गोद दिया गया था। सरथ कुमारपुरम के करीब स्थित वरयंकोडे के रहने वाले थे। एक अन्य मामले में 26 सितम्बर 2022 से लापता भाजपा कार्यकर्ता बिंदु कुमार का शव बरामद हुआ था। यह घटना केरल के कोट्टयम जिले के चंगनसेरी क्षेत्र की थी।

अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना का ‘चीता’ हेलिकॉप्टर क्रैश: दोनों पायलटों की मौत

अरुणाचल प्रदेश में भारतीय वायुसेना का चीता हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। बताया जा रहा है कि मंडला पहाड़ी इलाके के पास दुर्घटना घटी है। दोनों पायलटों की जान चली गई है। पायलटों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। सुबह 9:15 बजे हेलीकॉप्टर ने ऑपरेशनल उड़ान भरी थी, जिसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) से इसका संपर्क टूट गया। इसके कुछ ही देर बाद हादसे की जानकारी मिली।

गुवाहाटी के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश के बोमडिला से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हेलीकॉप्टर का संपर्क एटीसी से टूट गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर के बोमडिला के पास मंडाला इलाके में दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी मिली। हेलीकॉप्टर में पायलट और को-पायलट सवार थे। दुर्घटना के कारणों का फिलहाल कुछ भी पता नहीं चल सका है।

पुलिस ने भी बताया कि सेना के हेलीकॉप्टर ने बीच रास्ते में संपर्क खो दिया था और उसके बाद उसे लोकेट नहीं किया जा सका। 12:30 बजे के करीब बंगजलेप के ग्रामीणों ने बताया कि वहाँ एक जहाज क्रैश हो गया है। सेना और एसएसबी और पुलिस की बचाव टीम घटनास्थल पर जा चुकी है। अभी तक कोई फोटो नहीं मिल पाई है क्योंकि एरिया में सिग्नल नहीं है।

हालाँकि, इस घटना में दोनों पायलटों की जान चली गई है। बता दें कि इससे पहले अक्टूबर 2022 में भी तवांग इलाके में इंडियन आर्मी का चीता हेलीकॉप्ट दुर्घटना का शिकार हो गया था। इस हादसे में एक पायलट की मौत हो गई थी। हेलीकॉप्टर एक नियमित उड़ान भर रहा था। हादसे के बाद जख्मी दोनों पायलटों को अस्पताल ले जाया गया जहाँ लेफ्टिनेंट कर्नल सौरभ यादव ने दम तोड़ दिया था।

पंजाबी हीरो अरमान धालीवाल पर US में कुल्हाड़ी से वार, खून से लथपथ होकर भी हमलावर को जमीन पर पटका: घटना CCTV में कैद

पंजाबी फिल्मों के अभिनेता अरमान धालीवाल पर अमेरिका के एक जिम में जानलेवा हमला हुआ है। इस हमले में अरमान बुरी तरह घायल हो गए। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हमले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में हमलावर और जख्मी अरमान नजर आ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक धारदार हथियारों से लैश हमलावर जिम में अरमान के साथ हाथापाई करता नजर आ रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अरमान ने बहादुरी के साथ हमलावर को दबोच लिया। मौका मिलते ही उन्होंने हमलावर को पटक दिया। इस बीच अरमान धालीवाल के शरीर पर कई चोटें आ गई। बताया जा रहा है कि उनके जख्मों पर कई टाँके लगाए गए हैं। फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं।

लोकल मीडिया रिपोर्टों की मानें तो घटना कैलिफोर्निया के 3685 ग्रैंड ओक्स में प्लैनेट फिटनेस जिम में हुई। विवाद शॉपिंग सेंटर के पार्किंग में शुरू हुआ था। जहाँ बिना उकसावे के संदिग्ध हमलावर ने अरमान पर चाकू और कुल्हाड़ी से हमला किया। हमलावर की पहचान रोनाल्ड विकास चंद के तौर पर हुई है। रोनाल्ड पर हत्या के प्रयास और मारपीट से संबंधित धाराएँ लगाई गई हैं। मामले की जाँच की जा रही है।

अरमान ने अपने फैंस के लिए फेसबुक पोस्ट के जरिए पैगाम भी दिया है। उन्होंने लिखा है कि वो अभी बोल पाने में असमर्थ हैं। इसलिए वो किसी का फोन रिसीव नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं ठीक होते ही सबसे बात करूँगा। प्यार फैलाएँ नफरत नहीं।”

अरमान धालीवाल पंजाब के मानसा के रहने वाले हैं। धालीवाल ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। इसके बाद पंजाबी गानों और कुछ पंजाबी फिल्मों में भी हाथ आजमाया। उनकी फिल्में ज्यादा चल नहीं सकीं। अरमान ने बॉलीवुड की फिल्म जोधा अकबर में भी किरदार अदा किया था।