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‘ये सूफियों की जमीन, यहाँ गैर-मुस्लिमों को नहीं मनाने देंगे जश्न’: होली पर मौलाना का भड़काऊ वीडियो वायरल, कहा – यहाँ सिर्फ मुहम्मद का दिन मनेगा

अल्पसंख्यकों के लिए जहन्नुम कहे जाने वाले पाकिस्तान में कट्टरपंथियों द्वारा होली न मनाने देने के एलान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक मौलाना सिंध की जमीन को सूफियों की जमीन बताते हुए वहाँ सिर्फ मोहम्मद के दिन ही जश्न मनाए जाने की नसीहत दी है। एक भीड़ को संबोधित करते हुए दिए इस बयान का वहाँ मंच और सामने मौजूद लोगों द्वारा समर्थन किया गया। 1 मिनट 10 सेकेंड लम्बे इस वीडियो को ट्विटर पर शुक्रवार (10 मार्च, 2023) को शेयर किया गया है।

‘@pakistan_untold’ नाम के हैंडल द्वारा शेयर किए गए वायरल वीडियो पाकिस्तान के कट्टरपंथी समूह जमीयत उलेमा ए इस्लामी के सम्मेलन का बताया जा रहा है। यह सम्मेलन सिंध का है। वीडियो में दिख रहे मौलाना का नाम राशिद महमूद है। राशिद महमूद ‘जमीयत उलेमा ए इस्लामी’ का सिंध प्रान्त का सचिव है। इस वीडियो में मौलाना राशिद ने कहा, “हिंदू सिंध में होली नहीं खेल सकते। यह जगह दिल्ली और मुंबई नहीं है। यहाँ पर सिर्फ मोहम्मद का दिन मानेगा। यह जमीन सूफी फकीरों की है। हम गैर-मुस्लिमों को जश्न की इजाजत नहीं दे सकते।”

वीडियो में मौलाना राशिद द्वारा हिन्दुओं को लेकर दिए गए घृणास्पद बयान का उसके आगे और मंच पर मौजूद मुस्लिम भीड़ समर्थन करती सुनाई देती है। मौलाना राशिद लरकाना स्थित जामिया इस्लामिया में उपप्रधानाचार्य है। सोशल मीडिया पर मौलाना राशिद के इस बयान की काफी आलोचना हो रही है। पाकिस्तान की महिला पत्रकार वीनगास ने इसे चौंकाने वाला बयान बताते हुए सिंधी हिन्दुओं को इसी मिट्टी के बेटे बताया है। सिंध को प्रेम और शांति की जमीन बताते हुए वीनगास ने मौलाना राशिद सूमरो से अपने बयान पर माफ़ी माँगने को कहा।

गौरतलब है कि पाकिस्तान में होली त्यौहार पर 2 अलग-अलग मामलों में हिन्दू डॉक्टर की हत्या और यूनिवर्सिटी के छात्रों की पिटाई की गई थी। सोमवार (6 मार्च, 2023) को लाहौर स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में होली खेल रहे हिन्दू छात्रों पर इस्लामी जमीयत तुलबा (IJT) नाम के एक कट्टरपंथी संगठन ने हमला किया था। इस हमले में 15 छात्र घायल हो गए थे। वहीं मंगलवार (7 मार्च, 2023) रात सिंध प्रांत में होली से ठीक पहले एक 60 वर्षीय हिंदू डॉक्टर धर्म देव राठी की उनके ही ड्राइवर हनीफ द्वारा निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई।

‘नौकरी के बदले जमीन’ केस में CBI ने तेजस्वी यादव को समन भेजा: ED की रेड में लालू के करीबियों के घर से ₹53 लाख नकद और 2KG सोना बरामद

जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पूर्व रेल मंत्री लालू यादव के बेटे एवं बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को समन भेजा है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू के करीबियों और रिश्तेदारों के ठिकानों पर छापेमारी कर 53 लाख रुपए नकद, 1900 अमेरिकी डॉलर, 540 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण जब्त किए गए हैं। 

CBI ने इसके पहले समन भेजकर तेजस्वी यादव को 4 फरवरी 2023 को पूछताछ के लिए दिल्ली मुख्यालय बुलाया था। हालाँकि, तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा का सत्र चलने का हवाला देकर दिल्ली नहीं आए थे। अब एक बार फिर उन्हें समन भेजकर बुलाया गया है। 

वहीं ED ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) को लालू यादव के करीबियों के दिल्ली, मुंबई, नोएडा, राँची, गाजियाबाद और पटना में 15 जगहों पर रेड डाली थी। जिन जगहों पर रेड डाली गई, उनमें दिल्ली स्थित तेजस्वी यादव के घर के साथ-साथ लालू यादव की तीन बेटियों- हेमा, रागिनी और चंदा के घर भी शामिल हैं। ED ने लालू यादव के समधी जितेंद्र यादव के गाजियाबाद स्थित आवास पर भी छापा मारा।

लालू के समधी जितेंद्र यादव के आवास पर ED की कार्रवाई 16 घंटे तक चली। एजेंसी 3 बड़े बॉक्से में कागजात भरकर भी अपने साथ ले गई है। जितेंद्र यादव समाजवादी पार्टी (SP) के MLC रह चुके हैं और गाजियाबाद के RDC राजनगर इलाके में रहते हैं।

वहीं, लालू के करीबी और RJD के पूर्व विधायक अबू दोजाना के घर पर छापेमारी के दौरान ED ने सेप्टिक टैंक की खुदाई भी की। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ED की कार्रवाई का वीडियो शेयर कर ट्वीट कर लिखा है, “सेप्टिक टैंक की खुदाई से गैस मिली। चाय बनाने के लिए मोदी साहब के लिए भर-भर ट्रक लेके गए हैं जमाई।”

बता दें कि CBI ने भी मई 2022 में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव के घर समेत 17 ठिकानों पर रेड की थी। CBI ने इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा यादव और हेमा यादव के अलावा नौकरी के बदले जमीन देने वाले कुछ अयोग्य उम्मीदवारों समेत 16 लोगों पर FIR दर्ज की थी।

इस मामले में CBI ने चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दिया है। दिल्ली स्थति राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपियों को 15 मार्च 2023 को पेश होने के लिए कहा है। उधर विपक्षी दल भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं।

गौरतलब है कि 14 साल पहले यूपीए-1 के शासन में लालू रेल मंत्री थे। रेलवे में नौकरी देने के बदले लालू के परिजनों ने पटना में करीब 1.05 लाख वर्ग फुट जमीन रिश्वत के रूप में लिया था। यह नौकरी बिना विज्ञापन निकाले रिश्वत लेकर दी गई थी और तीन दिन में ज्वॉइनिंग करा दी गई थी। इन उम्मीदवारों ने नौकरी के लिए फर्जी प्रमाण-पत्र भी दिया था।

जापानी लड़की के साथ दिल्ली में खुलेआम बदसलूकी, सिर पर अंडा फोड़ा: पीड़िता की वायरल Video देख पुलिस ने लिया एक्शन, 3 हिरासत में

होली के दिन जापान की लड़की को परेशान करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया। इन तीनों में एक नाबालिग भी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने इसी वीडियो के आधार पर आरोपितों की तलाश की। पकड़े जाने के बाद आरोपितों ने अपना गुनाह कबूल किया है। घटना बुधवार (8 मार्च 2023) को दिल्ली के पहाड़गंज थानाक्षेत्र की है।

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक लड़की को कुछ लोगों ने घेर रखा है। लड़कों की भीड़ जापानी लड़की को रंग लगा रही है। वह भीड़ के चंगुल से निकलने की कोशिश करती है लेकिन उसे लगातार बारी-बारी से पकड़ कर रंग लगाया जा रहा है। एक आरोपित द्वारा तो लड़की के सिर पर अंडा भी फोड़ दिया जाता है। कुछ देर बाद लड़की एक गली में चली गई।

इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर करके कई लोगों ने दिल्ली पुलिस से आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की थी। कार्रवाई की माँग करने वालों में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 22 वर्षीया पीड़िता फिलहाल बांग्लादेश में है। वह फ़िलहाल मानसिक और शारीरिक तौर पर पूरी तरह से फिट है। इस घटना की वीडियो सबसे पहले उसी ने शेयर की थी जिसे बाद डिलीट कर लिया गया। पीड़िता ने इस घटना की शिकायत न ही दिल्ली पुलिस में की और न ही जापानी दूतावास में।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 1 नाबालिग सहित कुल 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान अभी तक उजागर नहीं की गई है। सभी आरोपित पहाड़गंज और आस-पास के रहने वाले बताए जा रहे हैं जिन पर DP एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है।

लड़की ने खुद शेयर की थी होली खेलते फोटो

जिस लड़की को रंग लगाने के बाद यह विवाद खड़ा हुआ है उसने होली के दिन 8 मार्च को खुद से अपनी तस्वीर शेयर की है। तस्वीर में लड़की कई लोगों के साथ होली खेलते नजर आ रही यही। कैप्शन में लड़की ने जापानी भाषा में लिखा, “हम जॉम्बी के शहर में मौजूद हैं।”

बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन ने भरी भीड़ में की फैन की पिटाई, कैप से जमकर धुना: Video वायरल

बांग्‍लादेश के क्रिकेटर शाकिब अल हसन ने अपने एक फैन की पिटाई करके एक बार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। टेस्‍ट और टी-20 इंटरनेशनल के कप्‍तान शाकिब इंग्‍लैंड को मैच में मात देने के बाद एक प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने अपना आपा खो दिया और फैन की पिटाई कर दी। इसके पहले भी शाकिब विवादों में रहे हैं।

शाकिब जब प्रमोशनल इवेंट से बाहर निकले तो फैंस ने उन्हें घेर लिया। सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहने के बावजूद शाकिब को फैंस की भीड़ से निकलना मुश्किल हो रहा था। किसी तरह शाकिब अपनी कार के पास पहुँचे। इस दौरान एक फैन ने उनकी कैप छीन ली। इससे उन्हें गुस्‍सा आ गया और फैन के हाथ से कैप छीनकर उसकी कैप से ही पिटाई कर दी।

यह पहली बार नहीं है, जब शाकिब विवादों में घिरे हैं। 021 में बांग्‍लादेश प्रीमियर लीग के दौरान शाकिब लेग अंपायर पर भड़क गए थे। सिर के ऊपर की गेंद को वाइड नहीं देने पर शाकिब ने अंपायर को खरी-खोटी सुनाई थी और गुस्‍से में स्‍टंप उखाड़कर फेंक दिया था।

साल 2019 में ICC ने शाकिब पर प्रतिबंध लगा दिया था, क्‍योंकि भ्रष्‍टचारी लोगों की सूचना नहीं दी थी। साल 2014 में उन्होंने बांग्लादेश के स्टेडियम में ही एक शख्स की पिटाई कर दी थी। आरोप था कि जिस रईसजादे राहीद की शाकिब ने पिटाई की थी, उसने उनकी बीवी के साथ बदतमीजी की थी। बता दें कि शाकिब ने उम्मे अहमद शिशिर से निकाह किया है।

शॉर्ट टेंपर्ड शाकिब ने क्रिकेट में हाल ही में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने वनडे में 6000 रन बनाने और 300 विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे ऑलराउंडर बने हैं। इससे पहले यह खिताब पाकिस्‍तान के पूर्व कप्‍तान शाहिद अफरीदी और श्रीलंका के पूर्व कप्‍तान सनथ जयसूर्या के नाम थे।

हल्के में न लें सर्दी, खाँसी, बुखार… H3N2 वायरस से अब तक देश में 2 मौतें: हरियाणा में 10 संक्रमित मिले, स्वास्थ्य मंत्री ने ‘सतर्क’ रहने को कहा

भारत में H3N2 इन्फ्लुएंजा से संक्रमित 2 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। पहली मौत कर्नाटक के हासन जिले में हुई। मृतक की उम्र 82 साल थी। 1 मार्च 2023 को उनकी मौत हुई थी। दूसरी मौत 10 मार्च को हरियाणा में हुई। इन दोनों मौतों के बाद शुक्रवार (10 मार्च 2023) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विभिन्न राज्यों को सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली मौत कर्नाटक के हासन जिले में हीरा गौड़ा नामक व्यक्ति की हुई है। इसी माह 1 मार्च को हुई इस मौत में 5 दिनों के बाद 6 मार्च को आई रिपोर्ट के मुताबिक मृतक H3N2 फ्लू से संक्रमित था। 82 वर्षीय हीरा गौड़ा 24 फरवरी 2023 को अस्पताल में भर्ती हुए थे। हीरा गौड़ा की मौत के बाद जिले में अभी तक कोई अन्य संक्रमित नहीं मिला है।

कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने भी एच3एन2 मामले में राज्य के अधिकारियों की बैठक में बताया है कि केंद्र सरकार की तरफ से प्रत्येक सप्ताह 25 टेस्ट्स का टारगेट है। के. सुधाकर H3N2 संक्रमण 15 साल से छोटे बच्चों और 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में अधिक देखा जाता है।

वहीं प्रदेश में हुई 1 मौत की पुष्टि के बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने 10 मार्च 2023 (शुक्रवार) बताया कि पूरे राज्य में अब तक H3N2 फ्लू से संक्रमित कुल 10 लोगों की पहचान हुई है। उन्होंने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी जरुरी कदम उठा रही है।

इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि मार्च के अंत तक H3N2 फ्लू के केसों में कमी आएगी। डॉक्टरों के मुताबिक अधिकतर संक्रमित लोगों का इलाज 1 सप्ताह में पूरा हो जाता है लेकिन हाई रिक्स वाले मरीजों को अधिक सतर्कता की जरूरत है। इस बीमारी के फैलने का तरीका कोविड-19 से मिलता-जुलता है।

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के मुताबिक मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंस बना कर रखना और हाथों को लगातार धोना ही इस बीमारी का बेहतर बचाव है। डॉक्टर के मुताबिक इस बीमारी से प्रभावित हुए हाई रिस्क के लोगों, खास कर बुजुर्गों के लिए वैक्सीन मौजूद है।

इस बीमारी के लक्षणों में लगातार खांसी, बुखार, ठंड लगना, सांस फूलना और घरघराहट, मतली, गले में खराश, शरीर में दर्द और दस्त शामिल हैं। इसमें से किसी भी लक्षण के दिखने पर मरीजों को डॉक्टर से मिलने की सलाह दी गई है।

20वीं मंजिल से गिरे, सारी हड्डी-पसली टूटी: Oyo Rooms के संस्थापक रितेश अग्रवाल की शादी के 3 दिन बाद पिता की मौत, आसपास कोई सुसाइड नोट नहीं

ओयो रूम्स (Oyo Rooms) के संस्थापक रितेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) की शादी के तीन दिन बाद यानी शुक्रवार (10 मार्च 2023) को उनके 65 वर्षीय पिता रमेश अग्रवाल की 20वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। गुरुग्राम में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि उनके शरीर की लगभग सभी हड्डियाँ टूट गई हैं।

घटना सामने आने के बाद रिते अग्रवाल ने एक बयान जारी कर ‘दुख के इस समय में निजता का सम्मान करने’ का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “भारी मन के साथ मेरा परिवार और मैं यह साझा करना चाहता हूँ कि हमारे मार्गदर्शक प्रकाश और शक्ति, मेरे पिता श्री रमेश अग्रवाल का 10 मार्च को निधन हो गया। उन्होंने एक पूरा जीवन जिया और हम लोगों को हर दिन प्रेरित किया।”

अपने बयान में रितेश अग्रवाल ने आगे कहा, “उनका निधन हमारे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। मेरे पिता की करुणा और गर्मजोशी ने हमें हमारे सबसे कठिन समय में आगे बढ़ने के लिए साहस दिया। उनके शब्द हमारे दिलों में गहरे तक गूंजेंगे। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि इस दुख की घड़ी में हमारी निजता का सम्मान करें।”

गुरुग्राम पूर्व के डीसीपी ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी दोपहर लगभग 1 बजे मिली। उन्होंने कहा, “पुलिस को बताया गया कि रमेश अग्रवाल बहुमंजिला इमारत डीएलएफ द क्रेस्ट की 20वीं मंजिल से गिर गए। बालकनी से गिरकर मृत्यु के समय उनकी पत्नी, बेटा रितेश अग्रवाल एवं उनकी नवविवाहित पत्नी अपार्टमेंट में थे।”

डीसीपी ने कहा कि रमेश अग्रवाल की मौत से संबंधित कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके साथ ही मौत की परिस्थितियों को लेकर परिवार की ओर से कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई है। कहा जाता है कि रमेश अग्रवाल बहुमंजिला अपार्टमेंट में अपनी पत्नी के साथ रहते थे।

कहा जा रहा है कि रमेश अग्रवाल के नीचे गिरने की जानकारी उनके परिवार को नहीं थी। घटना के समय रितेश अग्रवाल के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी फ्लैट में मौजूद थे। इस मौत की जानकारी सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड्स से मिली। गार्ड ने जब एक व्यक्ति को लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़े देखा तो उसने अपने सुपरवाइजर को सूचना दी। 

इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और पूछताछ शुरू की। इसके बाद मृतक की शिनाख्त रमेश अग्रवाल के रूप में हुई। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुँचे, जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अमर उजाला के अनुसार, रमेश अग्रवाल के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया कि उनके शरीर के लगभग सभी हड्डी टूट गई थी। उन्होंने बताया कि इतनी ऊँचाई से गिरने के कारण उनकी सभी पसली टूट कर चकनाचूर हो गई थी। 

रितेश अग्रवाल ने Farmation Ventures Private Limited की डायरेक्टर गीतांशा सूद के साथ 7 मार्च 2023 को शादी रचाई थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के ताज पैलेस में रिसेप्शन की ग्रैंड पार्टी दी थी। इस रिसेप्शन में पेटीएम के सीईओ विजय शेखर से लेकर सॉफ्टबैंक के प्रमुख मासोयोशी सोन सहित देश-दुनिया की तमाम हस्तियाँ शामिल हुई थीं।

बता दें कि होटल चेन Oyo Rooms की शुरुआत करने वाले 29 वर्षीय रितेश अग्रवाल देश के सबसे कम उम्र के अरबपतियों में से एक हैं। उन्होंने साल 2013 में ओयो रूम्स की शुरुआत की थी। कंपनी 35 से ज्यादा देशों में 1.5 लाख से अधिक होटल के साथ जुड़कर काम कर रही है।

गोला-बारूद खरीदने के लिए PFI को आई UAE से करोड़ों की फंडिंग, 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाना था सपना: NIA की जाँच में खुलासा, 5 गिरफ्तार

बिहार में पकड़े गए प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी समूह पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) नेटवर्क को मिली करोड़ों रुपए की विदेशी फंडिंग का खुलासा हुआ है। इसका पर्दाफाश राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने किया है। बताया जा रहा है कि कट्टरपंथी संगठन को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से पैसे भेजे गए। इस पैसे को देश के अलग-अलग राज्यों में फैले कट्टरपंथियों को बाँटने का टॉस्क मिला था। इस मामले में NIA ने कर्नाटक और केरल के रहने वाले 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने यह जानकारी मंगलवार (7 फरवरी 2023) को दी है।

NIA के मुताबिक यह गिरफ्तारियाँ फुलवारी शरीफ केस की जाँच के दौरान पकड़े गए आरोपितों ने की हैं। पकड़े गए आरोपितों में कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ निवासी मोहम्मद सिन्नान, सरफ़राज़ नवाज़, इकबाल, अब्दुल रफीक और केरल के कासरगोड का रहने वाला आबिद शामिल है। इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया है। पकड़े गए आरोपितों के पास से NIA ने दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। आरोपितों के बैंक खातों में हुए लेन-देन की भी जाँच करवाई जा रही है।

NIA का मानना है कि संयुक्त अरब अमीरात से हुई फंडिंग बड़ी अंतराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा है। इस पैसे का उपयोग PFI कैडरों के लिए गोला-बारूद और हथियार खरीदने में होना था। ये पैसे पकड़े गए आरोपितों में सरफ़राज़ और मोहम्मद सिन्नान के खाते में हवाला के जरिए भेजे गए थे। गिरफ्तार हुए सभी 5 आरोपित प्रतिबंधित PFI के एक्टिव मेंबर बताए जा रहे हैं। प्रतिबंधित समूह में इनकी जिम्मेदार पैसे जुटाने की बताई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जाँच में यह भी सामने आया है कि इकबाल ने साथियों सहित दुबई और आबू में पैसों की उगाही की थी। इसी केस में जाँच कर रही टीम ने पिछले माह फरवरी 2023 में बिहार के पूर्वी चम्पारण में PFI के 3 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि फुलवारी शरीफ से गिरफ्तार कट्टरपंथी भारत को 2047 तक इस्लामी मुल्क बनाना चाह रहे थे। 27 सितंबर 2022 को केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) को बैन कर दिया था।

शराब पीने के बाद शेख शमीम ने अपने दोस्त मंसूरी के प्राइवेट पार्ट में घुसा दी वोदका की बोतल: आँत फटी, 2.5 घंटे सर्जरी कर डॉक्टरों ने निकाला

पड़ोसी देश नेपाल (Nepal) में नूरसाद मंसूरी ने दोस्तों के साथ जमकर शराब पी। नशे में उसके एक दोस्त शेख शमीम ने मंसूरी के प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतल घुसा दी। बाद में जब मंसूरी की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों ने ऑपरेशन करके वोदका की बोतल निकाली। वहीं, पुलिस ने उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला रौतहट जिले के गुजरा नगरपालिका की है। यहाँ के रहने वाले 26 वर्षीय नूरसाद मंसूरी को पेट में असहनीय दर्द होता था। इससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। मंसूरी की हालत देखते हुए परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। मेडिकल जाँच के दौरान पता चला की उसके पेट में कोई वस्तु है।

उसे निकालने के लिए डॉक्टरों ने सर्जरी करने का निर्णय लिया। डॉक्टरों की एक टीम ने इमरजेंसी सर्जरी शुरू की। इस दौरान डॉक्टरों ने देखा कि उसके पेट में एक बोतल है। यह बोतल वोदका शराब की थी। डॉक्टरों ने लगभग ढाई घंटे की सर्जरी के बाद उसे बाहर निकाला। मंसूरी की हालत खतरे से बाहर है।

सर्जरी करने वाले एक डॉक्टर ने कहा कि शराब की बोतल की वजह से मरीज की आँत फट गई थी। आँत फटने के कारण मल का रिसाव हो रहा था। इसके कारण उसे असहनीय दर्द होता था और उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।

पेट में शराब की बोतल मिलने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू की। पुलिस ने बताया कि नूरसाद मंसूरी की तबीयत उसके दोस्त के कारण खराब हुई थी। मंसूरी ने अपने दोस्तों के साथ जमकर शराब पी थी। जब नशा चढ़ा तो उसके एक दोस्त ने उसके प्राइवेट पार्ट में जबरदस्ती बोतल घुसा दी। ये बोतल उसके पेट चली गई। उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मंसूरी के जिस दोस्त को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उसका नाम शेख शमीम है। वहीं, उसके अन्य दोस्तों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है। रौतहाट के पुलिस अधीक्षक बीर बहादुर बुद्ध मागर ने कहा, “नूरसाद के कुछ और दोस्त फरार हैं और हम उनकी तलाश कर रहे हैं।”

जिसके ट्वीट के कारण नूपुर शर्मा को मिली ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, उस मोहम्मद जुबैर को वामपंथी पत्रकार ने बताया ‘पीड़ित’

ऑल्ट न्यूज (ALTNews) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को लेकर वामपंथी प्रोपेगेंडा पोर्टल्स ने एक बार फिर नया प्रोपेगेंडा शुरू किया है। दरअसल, जुबैर को ‘बेचारा’ बताने वाले वामपंथियों का दावा है कि अब उसे धमकियाँ मिल रही हैं। यह वही मोहम्मद जुबैर है, जिसके कारण इस्लामवादियों द्वारा पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को सिर कलम करने से लेकर बलात्कार तक की धमकियाँ दी गईं।

गुरुवार (9 मार्च 2023) को ‘द वायर’ के पत्रकार अलीशान जाफरी ने दावा किया कि तमिलनाडु में प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा पर रिपोर्टिंग करने को लेकर जुबैर को जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। यह वही अलीशान जाफरी है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी की प्रोपेगेंडा डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा था।

अलीशान जाफरी वायर के अलावा द क्विंट, आर्टिकल 14, न्यूज़क्लिक, कतर द्वारा संचालित अल जज़ीरा और ब्रिटिश सरकार के बीबीसी समेत अन्य प्लेटफॉर्म के लिए लिखता है। ये सभी पोर्टल्स हिंदू विरोध और भारत विरोध के लिए कुख्यात हैं। यहाँ महत्वपूर्ण बात यह है कि जुबैर को धमकी मिलने का दावा न केवल वायर, बल्कि न्यूज़लॉन्ड्री, द न्यूज़मिनटस्क्रॉल और आर्टिकल 14 सहित अन्य प्रोपेगेंडा मीडिया पोर्टलों द्वारा किया गया।

हिंदू विरोधी मीडिया पोर्टल में लिखने वाले जाफरी ने यह दिखाने की पूरी कोशिश की है कि ‘हिंदूवादी ताकतें’ संदिग्ध फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर को उसका काम करने से रोक रही हैं। हालाँकि, सच्चाई यह है कि धमकी (यदि दी गई है तब) का प्रोपेगेंडा फैलाकर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की गई है।

बुधवार (8 मार्च 2023) को ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक और कथित फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर ने होली पर एक मीम को लेकर अभिषेक सिंह नामक एक व्यक्ति को धमकी दी। इसके साथ ही उनका ट्वीट रीट्वीट कर उसकी जान तक जोखिम में डाल दी। अभिषेक को खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए न केवल ट्विटर अकाउंट, बल्कि अपना लिंक्डइन प्रोफ़ाइल निष्क्रिय करनी पड़ी।

मोहम्मद जुबैर के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

जुबैर की इन हरकतों से परेशान होकर स्तंभकार हर्षिल मेहता ने गुस्से में आकर एक कमेंट किया था। इस कमेंट में हर्षिल ने न्यायेतर कार्रवाई की बात कही थी। मोहम्मद जुबैर को लेकर हर्षिल ने जो कहा था वह उसकी हरकतों पर दिया गया जवाब था। जुबैर ने एक मीम के लिए हिंदू युवक को सिर्फ इसलिए धमकी दी थी कि उसने मुस्लिम महिला को होली खेलते दिखाया था। जुबैर के इतिहास को देखें तो उसने कई बार इस्लामवादियों को हिंदुओं के खिलाफ उकसाने की कोशिश की है।

निश्चित तौर पर किसी को भी किसी प्रकार की धमकी देना पूरी तरह से गलत है, लेकिन जुबैर जिस तरह से इस्लामवादियों को हिंदुओं के पीछे लगाने की कोशिश करता है उसके परिणामस्वरूप गुस्से और हताशा में ऐसे कमेंट हो जाते हैं। भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को सिर कलम करने और बलात्कार की धमकी भी मोहम्मद जुबैर द्वारा एक टेलीविजन बहस की एक चुनिंदा क्लिप पोस्ट करने का ही परिणाम है। जुबैर के कारण जहाँ आज नूपुर शर्मा अपने घर की चारदीवारी में रहने को मजबूर हैं। वहीं, अलीशान जाफरी जैसे प्रोपेगेंडाबाज उसके समर्थन में लेख लिखकर महिमामंडन कर रहे हैं।

यह जानने के बाद भी कि जुबैर ने कई हिंदुओं की जान को खतरे में डाला है। हर्षिल ने अपने कमेंट के लिए माफी माँगते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “मोहम्मद जुबैर पर मेरे ट्वीट के संबंध में स्पष्टीकरण: मेरे शब्दों का इस्तेमाल उसके खिलाफ अपराध करने या लोगों को उकसाने के लिए किया जा सकता है। हालाँकि, मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है, जिससे किसी व्यक्ति को कोई चोट या नुकसान पहुँचे। इसलिए, ट्वीट को डिलीट कर दिया गया है।”

नूपुर के पीछे कट्टरपंथी इस्लामवादियों की पूरी सेना छोड़ने के बाद भी जुबैर को किसी प्रकार की ‘शर्म’ नहीं है। माफी माँगने की बात तो बहुत दूर की बात है, जुबैर ऐसा दिखावा करता है कि नूपुर के साथ जो हुआ उसमें उसका कोई दोष नहीं है। वहीं, अलीशान जाफरी जैसे लोग एक मीम के अभिषेक सिंह जैसे लोगों की जान खतरे में डालने के बाद भी जुबैर की ‘भक्ति’ में डूबे हुए हैं।

अलीशान जाफरी ने अपने लेख में ऐसे ट्वीट्स लिए थे, जिन्हें धमकी नहीं माना जा सकता है। ऐसा ही एक ट्वीट था वकील शशांक शेखर झा का। उन्होंने केवल इतना कहा था कि एक ब्राह्मण महिला, नूपुर शर्मा की जान को खतरे में डालने के लिए मोहम्मद जुबैर को वे कभी माफ नहीं करेंगे। इस ट्वीट को जाफरी ने ऐसे बताया जैसे कि शशांक शेखर झा ने जुबैर को जान से मारने की धमकी दी हो।

हालाँकि, अब शशांक शेखर झा ने ट्वीट कर कहा है कि यदि अगले 24 घंटों में इन सभी पोर्टल्स द्वारा उनका नाम नहीं हटाया गया, तो वे पोर्टल्स और उनका नाम उपयोग करने वाले लेखकों खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।

भाषाई मर्यादा पार करने में सुप्रिया श्रीनेत ने रेणुका चौधरी को भी पीछे छोड़ा: वो 5 मौके जब कॉन्ग्रेस प्रवक्ता ने असभ्यता का दिया परिचय

कॉन्ग्रेस के नेता देश विरोधी बयान देने के साथ ही असभ्य भाषा का प्रयोग करने के लिए जाने जाते हैं। इस सूची में सुप्रिया श्रीनेत का नाम भी शामिल हो गया है। पत्रकारिता छोड़कर ‘आधिकारिक तौर’ पर कॉन्ग्रेस में शामिल होने के बाद से सुप्रिया श्रीनेत समय-समय पर असभ्य भाषा का प्रयोग करती रही हैं।

दरअसल, सुप्रिया श्रीनेत का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में इंडिया टीवी के कार्यकारी संपादक सौरव शर्मा सुप्रिया श्रीनेत से सवाल कर रहे हैं। सौरव का सवाल राहुल गाँधी द्वारा भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की माँग को लेकर है।

शर्मा के इस सवाल का जवाब देने के बजाय सुप्रिया ने कहा, “सौरव शर्मा आपकी असहमति से मुझे फर्क नहीं पड़ता।” इसके बाद पत्रकार ने उन्हें उनका नाम बोलते हुए कहा, “जवाब दीजिए”। इस पर सुप्रिया कहती हैं, “आप मेरा पूरा नाम लेकर मेरा तिरस्कार नहीं कर देंगे!” तब, पत्रकार जवाब देते हुए कहते हैं कि ‘जैसे आपने जवाब दिया मैंने भी आपको जवाब दे दिया’।

इसके बाद सुप्रिया श्रीनेत ने सौरव से कहा, “आप मुझसे असहमत हों, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझसे बदतमीजी मत कीजिए। एंकर की तरह व्यवहार कीजिए। मुझे किसी न्यूज एंकर से शिष्टाचार पर सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।” इसके बाद पत्रकार सौरव शर्मा ने कहा, “नाली का कीड़ा बोलनी वाली एक पार्टी की प्रवक्ता से मुझे भी सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।”

इससे पहले सुप्रिया श्रीनेत ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री रहे मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद आपत्तिजनक बयान दिया था। दिल्ली के शराब घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रिया श्रीनेत ने कहा था, “न तो उनकी एजेंसी हमें डरा सकती है और न उनकी नपुंसक पुलिस हमें डरा सकती है।”

इसी तरह मई 2021 में आज तक चैनल पर एक डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ बोलते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने भाषाई मर्यादा लाँघी थी। उन्होंने कहा था, “तुम दो कौड़ी के नाली के कीड़े हो। अरे चुप हो जा नाली के कीड़े, चुप हो जा। अरे नाली के कीड़े चुप।”

जुलाई 2021 में सुप्रिया श्रीनेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलते हुए भी असभ्य हो गई थीं। दरअसल, कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘पेगासस स्पाइवेयर’ का उपयोग करके न अपनी पार्टी के महिलाओं का जाने क्या देखना चाहते हैं।

इसी तरह न्यूज 18 में चल रही डिबेट के दौरान सुप्रिया ने कहा था, “स्मृति ईरानी और वसुंधरा राजे के फोन का सरकार क्यों निगरानी कर रही है? एक बार जाकर उनसे (पीएम मोदी से) पूछ लो। मुझे नहीं पता कि वे महिलाओं के फोन में क्या देखना चाहते हैं।”

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संबित पात्रा ने सुप्रिया को फटकार लगाते हुए कहा था, “एक महिला होने के बावजूद आप इस तरह की घटिया टिप्पणी कैसे कर सकती हैं? यह अश्लीलता की पराकाष्ठा है। मुझे इस तरह की भाषा पर आपत्ति है।”

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच गतिरोध पर हुई डिबेट के दौरान सुप्रिया श्रीनेत ने भारतीय सेना का भी मजाक उड़ाया था। साथ ही सेना को 4 बार ‘बकवास’ बताया था। हालाँकि, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा के सवाल पर वह अपने बयान से मुकर गईं और कहा कि वह संबित पात्रा को ‘बकवास’ बता रही थीं।

गौरतलब है कि राजनीतिक रूप से बदहाली झेल रही कॉन्ग्रेस के पास असभ्य नेताओं और प्रवक्ताओं की बड़ी सूची है। सुप्रिया श्रीनेत से पहले रेणुका चौधरी का नाम इस सूची में पहले स्थान पर होता था। हालाँकि, अब उन्हें पछाड़ते हुए असभ्य प्रवक्ताओं की सूची में सुप्रिया शिखर पर हैं।

रेणुका चौधरी की बात करें तो जून 2022 में अपनी असभ्यता की बानगी पेश की थी। दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राहुल गाँधी को समन भेजा था। इसको लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी विरोध प्रदर्शन कर रही थी। इसी दौरान रेणुका चौधरी ने एक सब इंस्पेक्टर का कॉलर पकड़ लिया था।