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पुलवामा के बलिदानियों की विधवाओं का समर्थन करने पर कई BJP नेता हिरासत में: घायल हुए MP किरोड़ी लाल मीणा, पुलिस ने वीरांगनाओं को रातोंरात हटा दिया था

पुलवामा हमले में बलिदान हुए जवानों की वीरांगनाएँ राजस्थान सरकार के खिलाफ धरने पर हैं। इस मामले को लेकर भाजपा गहलोत सरकार पर हमलावर रही है। वहीं, भाजपा कार्यकर्ता भी राजधानी जयपुर की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। वहीं, पुलिस झड़प में घायल हुए भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की हालत नाजुक बनी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलवामा आतंकी हमले में बलिदान हुए जवानों की पत्नियों की माँग के समर्थन में भाजपा के दिग्गज नेता अपने कार्यकर्ताओं सहित विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। सरकार विरोधी नारेबाजी के बीच प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन वे नहीं रुके और बैरिकेड तोड़ आगे बढ़ने लगे। ऐसे में पुलिस और प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए भाजपा के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए भाजपा विधायक राजेन्द्र राठौर ने गहलोत सरकार को राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है, “हमने आज विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। यह प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। राज्य सरकार जिस तरह का व्यवहार दिखा रही है, वह लोकतंत्र का अपमान है। हम राज्य के पूरे राजस्थान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

वहीं भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कॉन्ग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की आँखों में शर्म है। इसलिए वह बलिदानियों की पत्नियों से नहीं मिलना चाहते। झूठी पार्टी, झूठे वादे। ये वीरांगनाओं के सामने खड़े नहीं हो सकते। वहीं, राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा है कि गहलोत सरकार ने भाजपा नेताओं और बलिदानियों की पत्नियों का अपमान किया है। पार्टी इसका विरोध कर रही है। आने वाले दिनों में राजस्थान में ‘जन आक्रोश’ अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में बलिदानियों की पत्नियों की माँग के अलावा कर्ज माफ करने, और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे उठाए जाएँगे।

रातों रात हटाई गईं वीरांगनाएँ

बता दें कि राजस्थान सरकार के खिलाफ धरने पर बैठीं वीरांगनाओं को पुलिस ने शुक्रवार (10 मार्च, 2023) को तड़के 3 बजे धरने स्थल से उठाकर उनके घर पहुँचा दिया था। वहीं, वीरांगनाओं के समर्थन में बैठे भाजपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद पुलवामा में बलिदान हुए रोहिताश लांबा की पत्नी से मिलने जा रहे भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा पुलिस ने रोक दिया था। इस दौरान मीणा व पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस झड़प में मीणा घायल हुए थे। इसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। =वहाँ उनकी हालत खराब बताई जा रही है।

भैंस को डंडा मारने के विवाद ने लिया सांप्रदायिक रंग: यूपी के इस गाँव में पत्थरबाजी के साथ-साथ चले लाठी-डंडे, भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स को करना पड़ा कैंप

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सांप्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ भैंस को डंडा मारने के विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि दोनों तरफ से पत्थरबाजी होने लगी। इस दौरान लाठी-डंडे भी चले जिसमें 6 लोग घायल हो गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर गाँव में भारी संख्या में पहुँची पुलिस फ़ोर्स ने हालात को काबू किया है। पुलिस ने अब तक 22 लोगों को हिरासत में लिया है। गाँव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। घटना शनिवार (11 मार्च, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला बहजोई थानाक्षेत्र के गाँव कमालपुर का है। शनिवार सुबह एक पक्ष की रास्ते में बँधी भैंस को दूसरे पक्ष में डंडा मार दिया। इस बात से शुरू हुए विवाद ने पहले झड़प का रूप लिया। बाद में दोनों पक्षों की तरफ से पत्थर चलने लगे। पुलिस का कहना है कि झगड़ा करने वाले लोग नशे में थे। पत्थरबाजी में कुल 6 लोग घायल हो गए हैं, जिसमें महिलाएँ भी हैं। मामले की सूचना मिलते ही गाँव में भारी संख्या में पुलिस फ़ोर्स पहुँची और मामले को शांत करवाया।

सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहाँ उनकी हालत स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों एक दूसरे को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहे हैं। वहीं कुछ लोगों को छत और जमीन से पत्थरबाजी करते भी देखा जा सकता है। बवाल के चलते गाँव में अफरातफरी का माहौल बना हुआ था।

इस मामले में जानकारी देते हुए संभल जिले के पुलिस अधीक्षक IPS चक्रेश मिश्रा ने बताया कि विवाद मुस्लिम और हिन्दू पक्ष के बीच हुआ। झगड़े की वजह भैंस को डंडा मारना रही। अब तक कुल 22 आरोपितों को हिरासत में लिया गया है। घटना में केस दर्ज कर के जरूरी कार्रवाई की जा रही है। गाँव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है।

जिस बम धमकी के बाद टिकैत परिवार के लिए की गई Z सेक्योरिटी की माँग, वो फर्जी निकली: शराबी ने किया खिलवाड़, जस्ट डायल से नंबर निकलवाया

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत को परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार (11 मार्च 2023) को पकड़े गए व्यक्ति का नाम विशाल है। आरोपित विशाल मूल रूप से हरियाणा का निवासी है जो फिलहाल दिल्ली में रहता था। वह किसान आंदोलन में शामिल रह चुका है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक आरोपित ने टिकैत परिवार को नशे में धमकी दी। फ़िलहाल पुलिस विशाल से पूछतछ कर रही है।

मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक 9 मार्च को थाना भौराकलाँ पर नरेश टिकैत के बेटे गौरव की तहरीर पर FIR दर्ज की गई थी। तब वादी गौरव ने बताया था कि उनके फोन पर किसी अज्ञात मोबाइल नंबर से गाली-गलौज की गई है। शिकायत में जान से मारने की धमकी का भी जिक्र था। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 507 के तहत केस दर्ज कर के जाँच शुरू किया था। जाँच के दौरान केस में IPC की धारा 506 बढाई गई थी।

पुलिस के मुताबिक जाँच के दौरान धमकी देने वाला व्यक्ति मूल रूप से सोनीपत का निवासी विशाल सिंह निकला। वह दिल्ली में अस्थाई तौर पर नजफगढ़ इलाके में रह रहा था। आरोपित विशाल मजदूरी कर के परिवार चलाता है। पुलिस की जाँच में आरोपित के शराबी होने की भी पुष्टि हुई है। पूछताछ में विशाल ने बताया कि उसने टिकैत परिवार का नंबर जस्ट डायल पर कॉल कर के लिया। इसके बाद उसने नशे में टिकैत परिवार के गौरव को फोन मिला कर अभद्रता की।

पुलिस प्रेसनोट

पुलिस ने आगे बताया है कि पूछताछ के बाद टिकैत परिवार को बम से उड़ाने जैसी बातें और दावे निराधार पाए गए हैं। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पकड़ा गया विशाल सिंह किसान आंदोलन में हिस्सा ले चुका है।

गौरतलब है कि विशाल सिंह द्वारा मिली धमकी के बाद राष्ट्रीय लोकदल के खतौली से विधायक मदन भैया ने टिकैत परिवार के लिए Z कैटेगरी सुरक्षा की माँग की थी।

क्रिकेट खेलते बच्चों को कुछ दिखा, गाँव वालों ने हटाई मिट्टी तो निकले नंदी महाराज: पुरातत्व विभाग ने मंदिर के संग्रहालय में स्थापित करवाया

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में नंदी महाराज की प्राचीन प्रतिमा मिली है। प्रतिमा को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन व पुरातत्व विभाग को जानकारी दी थी। इसके बाद पुरातत्व विभाग ने मौके पर पहुँचकर खुदाई करवाई। फिर प्रतिमा को स्थानीय मंदिर के संग्रहालय में रखवा दिया।

दैनिक भास्कर‘ की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार (09 मार्च 2023) को विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील अंतर्गत उदयपुर गाँव में बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे को प्रतिमा का ऊपरी हिस्सा दिखाई दिया। बच्चों ने स्थानीय ग्रामीणों को प्रतिमा के विषय में जानकारी दी। इस पर, ग्रामीणों ने मौके पर पहुँचकर मिट्टी हटाई तो उन्हें पता चला कि यह प्रतिमा नंदी महाराज की है।

इसके बाद ग्रामीणों ने प्रतिमा मिलने की सूचना प्रशासन तथा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को व इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज यानी इंटेक को दी। सूचना के आधार पर पुरातत्व विभाग की टीम शुक्रवार (10 मार्च, 2023) को मौके पर पहुँची। जहाँ खुदाई कर प्रतिमा को निकाला गया। फिर साफ-सफाई के बाद नंदी महाराज की इस प्राचीन प्रतिमा को स्थानीय पिसनहारी मंदिर के संग्रहालय में सुरक्षित रखवा दिया। खुदाई के दौरान प्राचीन समय में उपयोग किए जाने वाले दीपक तथा बर्तनों के भी अवशेष मिले हैं। इन अवशेषों को भी आवश्यक जाँच के लिए सुरक्षित रखवाया गया।

प्रतिमा मिलने को लेकर जिला पुरातत्व अधिकारी नम्रता यादव का कहना है कि सूचना मिलने के बाद पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर गई थी। प्रतिमा को निकलवाकर सुरक्षित स्थान पर रखवाया गया है। यह प्रतिमा काफी प्राचीन और सुंदर है। विभाग के अन्य अधिकारियों को जानकारी दी गई है। आवश्यक निर्देश के आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

उदयपुर गाँव के ग्रामीणों द्वारा ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि नंदी महाराज की इस प्रतिमा के आसपास कभी प्राचीन मंदिर रहा होगा। ऐसे में यदि आसपास के इलाकों में खुदाई की जाए तो संभव की नीचे कोई प्राचीन मंदिर या उसके अवशेष मिल सकते हैं।

बता दें कि गंजबासौदा तहसील से करीब 16 किलोमीटर दूर स्थित उदयपुर गाँव को काफी प्राचीन माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि 10वीं-11वीं शताब्दी में राजा उदय आदित्य के शासन में यह गाँव मुख्य धार्मिक केंद्र रहा। यह गाँव प्राचीन नीलकंठेश्वर शिव मंदिर तथा नटराज की विशालतम प्रतिमा के लिए जाना जाता है।

बता दें कि इससे पहले भी यहाँ कई प्राचीन मूर्तियाँ मिल चुकीं हैं। मार्च 2022 में यहाँ 9 मीटर लंबी और 4 मीटर चौड़ी नटराज प्रतिमा मिली थी। इस प्रतिमा को खंभा समझकर छोड़ दिया गया था। हालाँकि बाद में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज यानी इंटेक ने इस खंभे को सीधा कर दुनिया की सबसे बड़ी नटराज प्रतिमा होने का दावा किया था। वहीं, करीब 11 साल पहले केवटन नदी के किनारे बसे सुनारी गाँव में वराह की प्रतिमा नदी में रेत खुदाई के दौरान मिली थी। प्रशासन ने बाद में इसे पुरातत्व विभाग को सौंप दिया था।

CBI पूछ्ताछ से भाग रहे तेजस्वी यादव, गर्भवती पत्नी की दुहाई दे विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश

बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को CBI ने पूछताछ के लिए दूसरी बार समन जारी किया है। पहली बार तेजस्वी अपनी पत्नी की तबीयत खराब होने की बात कह कर पेश नहीं हुए थे। नौकरी के बदले जमीन घोटाले के मामले में ED इस समय लालू यादव के परिजनों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में छापेमारी के दौरान हुई तेजस्वी यादव की गर्भवती पत्नी राजश्री से सवाल-जवाब में उनके बेहोश हो जाने का दावा किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CBI ने तेजस्वी को पहली बार 4 फरवरी 2023 को समन जारी कर के पूछताछ के लिए बुलाया था। तब वो सीबीआई के आगे पेश नहीं हुए थे। एक बार फिर जारी हुए समन के मुताबिक आज 11 मार्च 2023 को तेजस्वी को केंद्रीय जाँच ब्यूरो के आगे पेश होना था। हालाँकि, इस बार भी तेजस्वी जाँच एजेंसी के आगे पेश नहीं हुए। इस गैर-हाजिरी की वजह तेजस्वी ने अपनी पत्नी की खराब सेहत को बताया है। बकौल तेजस्वी वो दिल्ली के एक अस्पताल में अपनी गर्भवती पत्नी का इलाज करवा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक तेजस्वी ने बताया है कि छापेमारी के दौरान ED ने उनकी पत्नी से 12 घंटे तक पूछताछ की। दावा किया जा रहा है कि तेजस्वी ने ED के सवाल जवाब के चलते ही अपनी पत्नी की तबीयत खराब होना बताया है। बताया गया कि राजश्री को ब्लड प्रेशर की समस्या है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने ED की इस कार्रवाई पर गुस्सा जताते हुए लिखा, “अगर भाभी को या इनके होने वाले बच्चे को कुछ हुआ तो कौन ज़िम्मेदार होगा बताए ये मोदी सरकार और इनके तीन जमाई? अरे शर्म करो और इंसानियत के नाम पर तो बच्चों और प्रेग्नेंट भाभी को तंग ना करो।”

छापेमारी में कैश और गहने बरामद

फिलहाल लालू परिवार के 15 ठिकानों पर ED की छापेमारी हुई है। शुक्रवार को ED ने तेजस्वी यादव, उनकी बहन चंदा यादव, रागिनी यादव, हेमा यादव, लालू प्रसाद के करीबी अबू दुजाना और अन्य के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित घर समेत लालू के परिवार और दोस्तों के ठिकाने पर छापे मारे थे। ED से पहले CBI ने 6 व 7 मार्च 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद और उनकी बेटी मीसा भारती से IRCTC की जमीन मामले में पूछताछ की थी.

जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में लालू यादव के रिश्तेदारों से 540 ग्राम सोने के सिक्के, 1.5 किलो ज्वेलरी के साथ 53 लाख रुपए कैश बरामद हुआ है। इन सबके अलावा 900 अमेरिकी डॉलर भी बरामद होने की खबर है। हालाँकि बरामद हुए सामान का विस्तृत विवरण अभी प्रतीक्षारत है।

40 साल पुराने जिस अमेरिकी बैंक को Forbes ने दी टॉप 100 में जगह, वही सिलिकॉन वैली बुरी तरह डूबा: 60% शेयर गिरे, लोगों को मंदी का डर

अमेरिकी रेगुलेटर्स ने शुक्रवार (10 मार्च 2023) को देश के सबसे बड़े बैंकों में शुमार सिलिकॉन वैली बैंक (Silicon Valley Bank) को बंद करने के आदेश दे दिए। पिछले महीने ही बैंक को फोर्ब्स पत्रिका द्वारा अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ बैंको की सूची में स्थान दिया गया था।

कैलिफोर्निया के डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल प्रोटेक्शन और इनोवेशन द्वारा बैंक को बंद करने के आदेश के साथ ही फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) को बैंक का रिसीवर नियुक्त किया गया है। बैंक के ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा भी FDIC ही संभालेगी।

14 फरवरी 2023 को मशहूर बिजनेस मैगजीन ने देश के 100 सर्वश्रेष्ठ बैंकों की अपनी 14वीं वार्षिक सूची जारी की थी। फोर्ब्स ने कथित तौर पर ग्रोथ, लाभ, क्रेडिट क्वालिटी के आधार पर यह सूची तैयार की थी जिसमें एसवीबी फाइनेंशियल ग्रुप (एसवीबी बैंक की पैरेंट कंपनी) को 20 वाँ स्थान दिया गया था।

7 मार्च 2023 को SVB Financial Group की तरफ से इसे लेकर एक ट्वीट भी किया गया था। जिसमें लिखा था कि फोर्ब्स द्वारा तैयार अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ बैंकों की वार्षिक रैंकिंग में लगातार 5वें साल स्थान प्राप्त करने और पब्लिकेशन्स इनॉगरल फाइनेंशियल ऑल स्टार्स लिस्ट में भी शामिल होने पर गर्व है। इस ट्वीट के ठीक 3 दिन बाद 40 सालों तक परिचालन में रहने वाले बैंक को नियामकों ने बंद करने के लिए मजबूर कर दिया।

फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (FDIC) ने शुक्रवार (10 मार्च) को अमेरिका स्थित सिलिकॉन वैली बैंक (SVB) को बंद करने और उसकी संपत्तियों को जब्त करने की घोषणा की। दरअसल, सिल्वरगेट कैपिटल कॉर्प के अचानक बंद होने और सिलिकॉन वैली बैंक के लापरवाह तरीके से फंडरेजिंग की वजह से प्रौद्योगिकी उद्योग (Technology Industry) में भय व्याप्त हो गया।

8 मार्च को SVB ने जानकारी दी कि उसने बैंक की कई सिक्योरिटीज को घाटे में बेचा है। इसके साथ साथ बैंक ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए नए शेयर बेचने की घोषणा की। इससे कई बड़ी कैपिटल फर्मों में डर का माहौल बन गया। इसके बाद SBV के स्टॉक में गिरावट आई। जिससे दूसरे बैंकों के शेयर्स को भारी नुकसान पहुँचा।

SVB फाइनेंशियल ग्रुप के शेयरों में 9 मार्च 2023 को 60 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। जिसके बाद इसे कारोबार के लिए रोक दिया गया। SVB के सीईओ ग्रेग बेकर ने इस संकट को टालने के लिए ग्राहकों और निवेशकों से शांत रहने और आगे से पूंजी न निकालने का अनुरोध भी किया। हालाँकि इसका कोई फायदा नहीं हुआ।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक एसवीबी के शेयर गिरने की वजह से पिछले 48 घंटो में अमेरिकी बैंको को स्टॉक मार्केट में 100 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। वहीं यूरोपीय बैंको को 50 अरब डॉलर के घाटे की बात कही जा रही है।

लोगों को याद आ रही 2008 की मंदी

अमेरिका पर आया बैंकिंग संकट नया नहीं है। वर्ष 2008 में भी अमेरिका इस तरह के संकट का सामना कर चुका है जब ज्यादा लोन बाँटने की वजह से बैंकिंग फर्म लेहमन ब्रदर्स को दिवालिया होना पड़ा था। इसका असर दुनिया भर पर पड़ा था। लेहमन ब्रदर्स के दिवालिया घोषित होते ही दुनिया भर को मंदी का सामना करना पड़ा था।

उमेश को मारने के लिए अतीक अहमद ने किया iPhone इस्तेमाल, जेल में बैठ फेसटाइम से रची पूरी साजिश: बेटे असद को बचाने के सब जुगाड़ फेल

यूपी के प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उमेश पाल की हत्या की साजिश आईफोन के फेसटाइम पर रची गई थी। जेल से अतीक अहमद और उसका भाई अशरफ इस ऐप के जरिए संपर्क में थे। इतना ही नहीं, हत्याकांड में अतीक के बेटे असद को बचाने के लिए पहले से तैयारी कर ली गई थी और उसे लखनऊ में मौजूदगी दिखाई गई थी।

कहा जा रहा है कि अतीक के भाई अशरफ का साला सद्दाम बरेली जेल जाकर उसकी अतीक से बात कराता था। सद्दाम की गतिविधियों पर STF की नजर थी। अतीक और अशरफ की बातचीत एसटीएफ लगातार सुन रही थी। इसके बाद वे फेसटाइम का इस्तेमाल करने लगे। इसलिए उनकी साजिश का पता नहीं चल पाया। उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों से अतीक ने फेसटाइम पर ही बात भी की थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों के बीच अधिकतर बातचीत जमीन के सौदों और मुकदमों की पैरवी को लेकर होती थी। कुछ मामलों में उमेश पाल के बढ़ते दखल पर अशरफ नाराज था और अतीक से हिसाब चुकाने के लिए कह रहा था। वहीं, अतीक मध्यस्थों के जरिए मामला सुलझाने की बात कहता था। दो महीना पहले फेसटाइम के जरिए बातचीत करने लगे।

वहीं, उमेश पाल की हत्या को अंजाम देने और अतीक के बेटे असद को बचाने के लिए पहले ही जुगाड़ कर लिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय मोहम्मद असद के मोबाइल का लोकेशन लखनऊ में था। इतना ही नहीं, घटना के वक्त लखनऊ में असद के एटीएम से पैसे भी निकाले गए थे।

जाहिर है कि असद को घटनास्थल पर होने के बावजूद उसे लखनऊ में दिखाने की तैयारी की गई थी, ताकि उसे बचाया जा सके। हालाँकि, उमेश पाल की हत्या की पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई थी और पुलिस ने असद की पहचान कर ली थी।

पुलिस को आशंका है कि असद जानबूझकर अपना मोबाइल और एटीएम कार्ड लखनऊ में छोड़कर आया था। पुलिस का मानना है कि एटीएम कार्ड किसी नजदीकी व्यक्ति को दिया गया था, ताकि घटना के वक्त पैसे निकाल सके।

बता दें कि माफिया अतीक और उसके गुर्गों पर यूपी सरकार की कार्रवाई जारी है। अब अतीक अहमद और उससे जुड़े अपराधियों के 20 से अधिक अवैध निर्माणों को सूचीबद्ध किया गया है। अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण से संबंधित निर्णय सोमवार (13 मार्च 2023) तक निर्णय लिया जाएगा।

फरार शूटरों के अलावा उनके रिश्तेदारों और मददगारों की सूची तैयार की गई है। उनके दर्जन भर से अधिक लोगों के अवैध निर्माणों को जिला प्रशासन और पीडीए की ओर से चिह्नित किया गया है। जिन लोगों की संपत्तियों को चिह्नित की गई है उनमें फरार शूटर गुड्डू मुस्लिम, गुलाम अहमद और साबिर के निर्माण भी शामिल हैं।

सतीश कौशिक की मौत के मामले में नया मोड़: जहाँ पार्टी हुई वहाँ मिलीं दवाइयाँ, फार्महाउस का मालिक निकला ‘वॉन्टेड’ उद्योगपति, घटना के बाद फरार

बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और डायरेक्टर सतीश कौशिक के निधन से फिल्म इंडस्ट्री से लेकर उनके फैंस में शोक की लहर है। सतीश कौशिक के निधन को लेकर पुलिस कई एंगल जाँच कर रही है। जाँच के दौरान पुलिस को उनके होली पार्टी वाले फार्म हाउस से कुछ दवाइयाँ मिलीं हैं। इन दवाइयों को लेकर पुलिस फार्महाउस के मालिक से पूछताछ करना चाहती थी। लेकिन, वह फरार हो है।

दरअसल, सतीश कौशिक का निधन संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ था। इसलिए उनका पोस्टमॉर्टम भी कराया गया। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक की बात सामने आई है। लेकिन पुलिस पूरी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। इस बीच शनिवार (11 मार्च 2023) को पुलिस दिल्ली स्थित उस फार्म हाउस पहुँची जहाँ होली पार्टी का आयोजन किया गया था। जहाँ पुलिस ने कुछ दवाइयाँ बरामद की हैं। इन दवाइयों को लेकर पुलिस फार्म हाउस के मालिक से पूछताछ करना चाहती थी। लेकिन वह फरार है।

बताया जा रहा है कि यह फार्म हाउस एक उद्योगपति का है। जो कि पहले ही कुछ मामलों में वांछित है। ऐसे में पुलिस फार्म हाउस के मालिक की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही पार्टी में शामिल हुए लोगों की लिस्ट भी खँगाल रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिस पार्टी में शामिल हुए लोगों से पूछताछ भी कर सकती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार सतीश कौशिक के निधन की खबर पुलिस को हॉस्पिटल से मिली थी। ऐसे में, पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि सतीश कौशिक की तबियत खराब होने से पहले और फिर हॉस्पिटल पहुँचाने तक उनके साथ कौन-कौन था। साथ ही उनके साथ क्या-क्या हुआ?

दरअसल, सतीश कौशिक के निधन के बाद अनुपम खेर ने कहा था कि सतीश दिल्ली में अपने दोस्त के घर पर थे। इसी दौरान उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी। वह असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने ड्राइवर से अस्पताल ले जाने के लिए कहा और रास्ते में ही रात करीब एक बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। ऐसे में पुलिस न केवल ड्राइवर बल्कि सतीश कौशिक जिस दोस्त के घर में रुके थे उससे भी पूछताछ कर सकती है।

बता दें कि सतीश कौशिक का दिल का दौरा पड़ने से बुधवार (8 मार्च 2023) को निधन हो गया था। वह 66 वर्ष के थे। तबियत खराब होने के चलते उन्हें गुरुग्राम के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। निधन से पहले सतीश कौशिक दिल्ली में थे। जहाँ एक फार्म हाउस में आयोजित होली पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर होली के जश्न वाली तस्वीरें शेयर कीं थीं। इस पार्टी में फिल्म इंडस्ट्री के कई स्टार शामिल हुए थे।

सतीश कौशिक की पहचान एक हास्य अभिनेता के रूप में भी थी। उन्हें एक जिंदादिल इंसान माना जाता था। हालाँकि, उनकी व्यक्ति जिंदगी भी संघर्षों से भरी पड़ी थी। सतीश कौशिक ने साल 1985 में शशि कौशिक संग शादी की थी और अगले साल उनके घर में एक बेटे ने जन्म लिया, जिसका नाम उन्होंने शानू कौशिक रखा गया।

करीब दो साल की उम्र में उनके बेटे की निधन हो गया। इसके बाद वे अंदर तक टूट गए। बेटे की मौत के बाद उन्हें कोई दूसरी संतान नहीं हुई। इसके बाद 56 साल की उम्र में सतीश कौशिक ने सरोगेसी का रास्ता अपनाया। साल 2012 में सरोगेसी के जरिए सतीश कौशिक और शशि कौशिक फिर माता-पिता बने। हालाँकि, होनी को कुछ और मंजूर था। अब माँ-बेटी अकेली रह गए।

सतीश कौशिक का जन्म साल 1956 में हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था। उन्होंने स्कूली पढ़ाई के बाद दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में नामांकन लिया और यहाँ से स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद वे नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में एडमिशन लिया। ऐक्टिंग का गुर सीखने के बाद वे मुंबई चले गए और साल 1983 में एक्टिंग में ‘जाने भी दो यारों’ से डेब्यू किया। 

सतीश कौशिक ने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया था। साल 1993 में उन्होंने अनिल कपूर और श्रीदेवी की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘रूप की रानी, चोरों का राजा’ से बतौर निर्देशक उन्होंने अपनी पारी शुरू की। आगे चलकर उन्होंने एक दर्जन से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया।

इसी बीच आमिर खान (Aamir Khan) का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आमिर खान ने बताया था अनिल कपूर की फिल्म ‘मिस्टर इंडिया’ के लिए वो काम करना चाहते थे, लेकिन सतीश कौशिक ने उन्हें इस फिल्म के लिए रिजेक्ट कर दिया था। आमिर ने इस इंटरव्यू में अपने रिजेक्शन का खुलासा किया था।

सतीश कौशिक कैसे व्यक्ति थे, इसका अंदाजा अभिनेत्री नीना गुप्ता की बायोग्राफी में उनके बयान से लगाया जा सकता है। नीना गुप्ता ने अपनी बायोग्राफी में लिखा है, “जब मैं प्रेग्नेंट थी, बच्चे के पिता से मैं शादी नहीं कर सकती थी और मुझे ये बच्चा चाहिए था, तब सतीश ने शादी के लिए मुझे प्रपोज किया था। मैं और सतीश साल 1975 से एक-दूसरे को जानते थे और बेस्ट फ्रेंड्स थे। उन्होंने कहा था कि मैं तुमसे शादी करने के लिए तैयार हूँ और बच्चे को अपना नाम भी दूँगा।”

नीना गुप्ता ने अपनी बायोग्राफी ‘सच कहूँ’ में सतीश कौशिक को लेकर आगे लिखा है, “सतीश ने मुझसे यहाँ तक कह दिया था कि यदि बच्चा डार्क पैदा हो तो कह देना मेरा है। हम दोनों शादी कर लेंगे और किसी को कोई शक भी नहीं होगा।” नीना गुप्ता ने कहा है कि सतीश कौशिक उन्हें उन्हें कुँवारी माँ बनने के बाद होने वाली परेशानी से बचाना चाहते थे। सतीश कौशिक ऐसे इंसान थे कि उनको लेकर हर किसी के पास कोई ना कोई कहानी है। होली के दिन इस कहानी का अंत हो गया।

अतीक अहमद के बेटे अली पर हर वक्त निगरानी, घर में 2 कुत्ते मरे: उमेश पाल हत्याकांड में खुलासा- फेसटाइम ऐप से रची गई पूरी साजिश

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में आरोपित अतीक अहमद और उसके परिवार पर कानून का शिकंजा कसता चला जा रहा है। जेल में बंद अतीक के बेटे अली अहमद को हाई सिक्योरिटी बैरक में भेज दिया गया है। यहाँ उसे 24 घंटे CCTV की निगरानी में रखा गया है जहाँ उसे किसी से भी मिलने-जुलने की इजाजत नहीं है। वहीं उमेश पाल की हत्या से 5 दिन पहले के CCTV फुटेज में शूटर साबिर अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता के साथ दिखाई दे रहा है। हत्या के साजिशकर्ताओं और कातिलों द्वारा एक ऐप भी प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रयागराज जिले की नैनी जेल में बंद अतीक के बेटे अली अहमद पर जेल में सख्ती बढ़ा दी गई है। अब तक सामान्य बैरक में बंद अली को जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में भेज दिया गया है। यहाँ पर अली को किसी से भी मिलने-जुलने की इजाजत नहीं है। उस पर लगातर CCTV से निगरानी भी की जा रही है। CCTV फुटेज की रिकार्डिंग DG जेल के लखनऊ स्थित ऑफिस में भेजी जा रही है। बरेली की जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ के साथ भी ठीक यही नियम लागू हुआ है।

शूटर साबिर से मिली थी अतीक की बीवी

जानकारी के मुताबिक उमेश पाल की हत्या से 5 दिन पहले 19 फरवरी 2023 को अतीक अहमद की बीवी शाइस्ता शूटर साबिर के साथ देखी गई थी। रात 8 बज कर 57 मिनट पर हुई इस मुलाकात को हत्या के मास्टरप्लान के तौर पर कहा जा रहा है। इस मीटिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो कि बल्ली नाम के व्यक्ति के नींव गाँव स्थित घर का है। बल्ली उर्फ़ सुधांशु को भी शूटर बताया जा रहा है। कथिततौर पर अतीक की बीवी ने साबिर से फोन छोड़ कर आने के लिए कहा था। साबिर के फोन की तब की लोकेशन लखनऊ के यूनीवर्सल अपार्टमेंट में मिली। इस दौरान साबिर के ATM से पैसे भी निकाले गए।

वीडियो में शाइस्ता के साथ तमाम अन्य लोगों के साथ बुर्के में एक अन्य महिला भी दिख रही है। शाइस्ता भी उमेश पाल मर्डर केस में अरोपिता है। पुलिस का मानना है कि भले ही अतीक की बीवी मौके पर नहीं थी लेकिन वो लगातार कातिलों के सम्पर्क में रह कर उन्हें निर्देश दे रही थी।

अतीक के 2 कुत्तों की भी मौत

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार अतीक अहमद पर कसे जा रहे शिकंजे के बाद उसके कुत्तों को भी रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने खाना-पीना देना बंद कर दिया है। उसके पास 5 कुत्ते थे जिनमें से 2 की मौत हो गई है। पहली मौत कुतिया ब्रूनो की हुई है जो ग्रेट डेन नस्ल की थी। दूसरे कुत्ते की मौत के बाद बचे 3 कुत्तों को नगर निगम की टीम द्वारा रेस्क्यू किया गया है।

फेसटाइम ऐप से बना कत्ल का प्लान

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उमेश पाल की हत्या का पूरा प्लान फेस टाइम नाम के ऐप पर बना था। इस ऐप का प्रयोग गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक, बरेली जेल में बंद उसके भाई अशरफ के साथ हत्या में शामिल तमाम शूटरों ने किया था। इसी ऐप के जरिए न सिर्फ उमेश पाल के कत्ल की पूरी प्लानिंग बनी बल्कि उसे अंजाम भी दिया गया।

‘स्विमिंग पूल में नग्न नहा सकती हैं महिलाएँ’: बेटे के साथ टॉपलेस होकर धूप सेंक रही थी महिला, हटाया तो बदलवा दिया जर्मनी का कानून

जर्मनी की राजधानी बर्लिन के सार्वजनिक स्वीमिंग पूलों में अब सभी लोग नंगे होकर नहा सकेंगे। बर्लिन के अधिकारियों ने इसकी इजाजत दे दी है। यह फैसला एक महिला द्वारा की गई कानूनी कार्रवाई के बाद लिया गया है। दरअसल, महिला सार्वजनिक पूल के किनारे टॉपलेस होकर धूप सेंक रही थी। इस दौरान उसे वहाँ से हटा दिया गया था।

इस कार्रवाई के बाद महिला ने सीनेट के लोकपाल कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई और कहा कि यह समानता का व्यवहार नहीं है। उसने कहा कि महिलाओं को भी टॉपलेस होने की अनुमति दी जानी चाहिए। अधिकारियों ने इसे भेदभाव माना और कहा कि बर्लिन की पूल में आने वाले सभी लोग टॉपलेस होने के हकदार हैं।

फैसला आने के बाद शहर में सार्वजनिक पूल चलाने वाले बर्लिनर बैडरबेट्रीबे ने कपड़ों से संबंधित अपने नियमों को बदल दिया। सीनेट के लोकपाल कार्यालय की प्रमुख डोरिस लीब्स्चर ने एजेंसी द्वारा कपड़ों में बदलाव करने का स्वागत किया और कहा कि इससे महिला हो या पुरुष, सबमें समानता का अधिकार स्थापित होगा।

दरअसल, यह मुकदमा फ्रांस की एक महिला गैब्रियल लेब्रेटन ने साल 2022 में दायर की थी। यह महिला पिछले एक दशक से बर्लिन में रहती है। अपने मुकदमे में लेब्रेटन ने कहा था कि ट्रेप्टो-कोपनिक जिले के प्लांशे पूल में सुरक्षा गार्डों ने उन्हें अपने अंगों को कवर करने कहकर उनके साथ भेदभाव किया था।

जब लेब्रेटन को पूल छोड़ने के लिए कहा गया था, तब उनके साथ उनका 5 साल का बेटा भी था। उन्होंने बताया कि केवल स्विमिंग बॉटम पहनने के बावजूद कई पुरुषों को नग्न नहीं माना गया, लेकिन पुलिस बुलाकर उन्हें परिसर से बाहर निकाल दिया गया।

बता दें कि जर्मनी में स्त्री या हो पुरुष, सबकी नग्नता को लेकर बेहद उदार भाव है। साल 2022 में देश के कई शहरों ने सार्वजनिक पूलों में टॉपलेस तैराकी की शुरुआत की थी। इनमें नॉर्थ राइन-वेस्टफेलिया का सिएजेन और लोअर सैक्सनी के गॉटिंगेन शहर शामिल हैं।

हनोवर राज्य की राजधानी लोअर सैक्सोनी ने भी साल 2022 के अंत में अपने स्नान नियमों को बदल दिया था। इसके तहत अब सार्वजनिक स्नानघर में अब केवल ‘प्राथमिक यौन अंगों’ को ही ढँकने की जरूरत होगी।

फ्री बॉडी कल्चर (Free Body Culture) को बढ़ावा देने वाली एक जर्मन एसोसिएशन के अनुसार, जर्मनी में 130 से अधिक नैचुरिस्ट क्लब हैं। सार्वजनिक नग्नता की माँग दुनिया में उस वक्त ध्यान में आई, जब साल 2020 में जब नंगे लोग एक जंगली सूअर के पीछे भागते नजर आए। बर्लिन में एक व्यक्ति नग्न होकर धूप सेंक रहा था, तभी उसका लैपटॉप एक जंगली सूअर लेकर भागने लगा।