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‘सेना का इस्तेमाल कर के हर जुर्म पर पर्दा डालती है BJP, शहीदों के खून का करती है सौदा’: गुलाम के बयान पर बोले CM नीतीश – मिलूँगा तो पूछूँगा

बिहार में जनता दल यूनाइटेड के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने भारतीय सेना में 30 प्रतिशत मुस्लिम रिजर्वेशन की माँग की है। उन्होंने भाजपा पर सेना के शौर्य का फायदा उठाने का इल्जाम लगाया। वहीं समाधान यात्रा पर निकले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बोलने की आदत होती है। उनपर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

JDU नेता ने ANI को दिए गए अपने ताजा बयान में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने हर जुर्म पर पर्दा डालने के लिए सेना का सहारा लेती है। उन्होंने भाजपा पर वोट के लिए सेना के शहीदों के खून का सौदा करने का इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा पाकिस्तान का डर दिखाकर बहुसंख्यकों के बीच मुस्लिमों के प्रति नफरत का भाव पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि सेना में 30 प्रतिशत मुस्लिमों को आरक्षण दे दो पाकिस्तान को बढ़िया से ठंडा कर देंगे। बलियावी ने कहा कि मुस्लिमों के बच्चों को पता है और वीर अब्दुल हमीद ने भी बताया है कि उनके टैंकों को कैसे तोड़ा जाता है।

इसके पहले भी रविवार (12 फरवरी, 2023) को गुलाम रसूल बलियावी ने बिहार के नवादा में सेना के शौर्य पर सवाल उठाया था। बलियावी ने कहा था कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान के आतंकियों से निपटने में डर लगता है तो सेना में 30 प्रतिशत मुस्लिमों को जगह दे दो।

जेडीयू नेता गुलाम रसूल बलियावी के विवादित बयान पर नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया आई है। बलियावी के बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि कौन क्या बोलता है मैं इस पर ज्यादा धयान नहीं देता। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बोलने की आदत होती है वे बोलते रहते हैं। मेरा ध्यान क्षेत्र के काम पर है। उन्होंने कहा कि मैं बाद में उनसे (बलियावी) से मिलकर पूछूँगा कि वे क्या कह रहे हैं।

‘सीरिया वाले शरणार्थियों को बाहर निकालो, ये लूट रहे हमारी घरें-दुकानें’: भूकंप के बाद तुर्की के लोगों में आक्रोश, मरने वालों की संख्या 37000 के पार

तुर्की (Turkey) और सीरिया (Syria) में हाल ही में आए भूकंप से हजारों लोगों की मौत हो गई है और मृतकों का आँकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर तुर्की में लाखों सीरियाई शरणार्थियों के प्रति तुर्कों के बीच नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। कुछ लोग सीरियाई शरणार्थियों पर अराजकता और तबाही के बीच लूटपाट का आरोप लगा रहे हैं।

यही वजह है कि एक मुस्लिम-बहुसंख्यक देश तुर्की में सीरियाई लोगों के खिलाफ घृणा के मामले बढ़ रहे हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप प्रभावित कस्बों और शहरों में, कुछ तुर्कों ने सीरियाई लोगों पर क्षतिग्रस्त दुकानों और घरों से चोरी करने का आरोप लगाया है। ट्विटर पर सीरियाई विरोधी स्लोगन ट्रेंड कर रहा है। तुर्क लोग ‘हम सीरियाई नहीं चाहते हैं’, ‘अप्रवासियों को वापस भेजो’, ‘अब कोई स्वागत नहीं’ जैसे स्लोगन को ट्रेड करवा रहे हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक आपातकालीन शिविरों में शरण लिए हुए सीरियाई भूकंप पीड़ितों को कथित तौर पर आश्रय शिविरों से बाहर निकाल दिया गया है। एक सीरियाई व्यक्ति ने मेर्सिन शहर में अपने हमवतन लोगों के लिए विशेष रूप से आश्रय स्थापित किया था, उसे भी तुर्को द्वारा नस्लवादी टिप्पणी का सामना करना पड़ा। 

नाम न बताने की शर्त पर एक सीरियाई व्यक्ति ने अफसोस जताते हुए कहा कि अरबी बोले जाने पर लोग उनपर चिल्लाने लगते हैं। इसलिए, उन्होंने बचाव स्थलों पर जाना बंद कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि लोग कलह पैदा करने के लिए लगातार उन पर लूटपाट का आरोप लगाते हैं।

तुर्की और सीरिया में भूकंप के कारण मरने वालों की आधिकारिक संख्या 37,000 से अधिक हो गई है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशँका है। स्थानीय निवासियों और सहायता सहायता कर्मियों के अनुसार हजारों विस्थापितों को भोजन और आपातकालीन आश्रय प्रदान करने में कई क्षेत्रों में कई दिनों की देरी हुई है। इसके अलावा, लूटपाट की खबरें आई हैं। कुछ विदेशी सहायता टीमों ने बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण अस्थायी रूप से अपने काम को रोक दिया है।

तुर्की के न्याय मंत्री ने घोषणा कर कहा है कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने लूटपाट के आरोप में 48 लोगों को बिना पहचान के आधार पर गिरफ्तार किया है। राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन (Recep Tayyip Erdoğan) ने लुटेरों से सख्ती से निपटने का संकल्प लिया है।

उल्लेखनीय है कि 2011 में सीरिया में गृहयुद्ध छिड़ने के बाद से तुर्की ने लगभग 40 लाख सीरियाई शरणार्थियों को अपने यहाँ शरण दी और उन्हें घर उपलब्ध कराया है। इनमें से अधिकांश शरणार्थी देश के दक्षिण में सीरियाई सीमा के पास रहते हैं। गज़ियान्तेप (Gaziantep) शहर भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है और यहाँ लगभग 500,000 सीरियाई लोग रहते हैं, जो आबादी का 25% है।

हालाँकि, सीरियाई लोगों के प्रति आक्रोश कोई नई घटना नहीं है, वो बात अलग है कि भूकंप ने मौजूदा तनाव को बढ़ा दिया है। ताजा मामले अरब दुनिया के देशों के बीच मौजूद मतभेदों को रेखांकित करते हैं, भले ही वे इस्लाम के बैनर तले एकता का दिखावा करते रहे हों।

यहाँ तक कि तुर्की गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, इसने सीरियाई शरणार्थियों पर पिछले एक दशक में 40 अरब डॉलर से अधिक खर्च किया है। कुछ तुर्की लोग सीरियाई लोगों को सस्ते मजदूर मानते हैं जिन्होंने नौकरियों पर कब्जा कर लिया है और सेवाओं का इस्तेमाल किया है।

साहिल ने प्रेमिका को गला दबा कर मार डाला, अगले ही दिन दूसरी लड़की से रचा ली शादी: ढाबे के फ्रिज में पड़ी हुई थी लाश, 5 साल से थे संबंध

दिल्ली में प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की गला दबाकर हत्या करने के बाद अगले दिन दूसरी लड़की के साथ शादी रचा ली। कातिल की पहचान साहिल गहलोत के तौर पर हुई है। जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि साहिल और उसकी प्रेमिका निक्की के बीच 5 सालों से प्रेम संबंध थे। साहिल दूसरी शादी की तैयारी कर रहा था लेकिन निक्की इसका विरोध कर रही थी जिसकी वजह से इस अपराध को अंजाम दिया गया।

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार (14 फरवरी, 2023) की सुबह उन्हें नजफगढ़ के मित्राऊ के पास स्थित एक ढाबे के फ्रिज में लड़की के लाश मिलने की सूचना दी गई। पुलिस की टीम ने लाश बरामद कर ढाबे के मालिक साहिल गहलोत को उसके गाँव से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान साहिल ने बताया कि साहिल और निक्की 5 सालों से एक दूसरे को जानते थे। साहिल ने बताया कि हत्या वाली रात भी उसका प्रेमिका के साथ झगड़ा हुआ था।

दरअसल, 10 फरवरी को उसकी शादी एक अन्य लड़की से होने वाली थी। प्रेमिका निक्की इस शादी का विरोध कर रही थी। ‘आज तक’ की रिपोर्ट के अनुसार, निक्की ने दूसरी शादी करने पर साहिल को फँसाने की धमकी भी दी थी। रिपोर्टों के अनुसार, लड़की की हत्या 9-10 फरवरी की रात हुई। हत्या दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास कार के अंदर की गई। हत्या गला दबाकर की गई। कत्ल के बाद लड़की की लाश को मित्राउ गाँव ले जाया गया, जहाँ ढाबे में रखे एक फ्रिज में उसे छिपा दिया गया। अगले दिन (10 फरवरी) साहिल ने शादी कर ली।

पुलिस का कहना है कि लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है। सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर आगे की जाँच की जाएगी।

मोदी घृणा, कश्मीर पर दुष्प्रचार और भी बहुत कुछ: जानिए उस संगठन के बारे में, जो मुस्लिम कैदियों के हिजाब के नाम पर माँगता है डोनेशन – फेसबुक पर 800+ विज्ञापन

क्या आपने फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (instagram) या किसी अन्य सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म पर एक विज्ञापन देखा है, जहाँ एक संगठन अमेरिका में मुस्लिम कैदियों के लिए डोनेशन माँग रहा है? हमारी टीम के एक सदस्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह विज्ञापन देखा और हमने यह जाँच करने का फैसला किया कि इसके पीछे आखिर है कौन।

टीम के सदस्य भारतीय अदालतों में लंबित मामलों पर जानकारी सर्च कर रहे थे, जिसके बाद उनके सामने इस तरह का विज्ञापन आने लगे। टीम के सदस्य द्वारा सर्च की गई और हाल के कंटेंट का अमेरिका में जेल में बंद अपराधियों या अमेरिका में या भारत के बाहर कहीं भी जेल में बंद मुस्लिमों से कोई लेना-देना नहीं था।

‘इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA) काउंसिल फॉर सोशल जस्टिस’ खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका से बाहर स्थित एक सामाजिक न्याय/मानवाधिकार संगठन के रूप में पेश करता है। विज्ञापन ने हमारा ध्यान आकर्षित किया, जहाँ उसने अमेरिकी जेलों में बंद मुस्लिम कैदियों के लिए हिजाब खरीदने के लिए पैसे माँगे। यह वह विज्ञापन है जो हमारे सामने आया था।

साभार: फेसबुक

ग्राफिक्स में लिखा था, “सलाखों के पीछे मुस्लिम महिलाएँ अपने बालों को ढकने के लिए हिजाब माँग रही हैं। इसमें आगे लिखा था, “यह एक मुस्लिम महिला के रूप में अपनी पहचान को मजबूत करने का एक तरीका है। हमारी मदद करें, उनकी मदद करें।”

जब हमने विज्ञापन पर क्लिक किया, तो यह हमें संगठन के डोनेशन पेज पर ले गया, जिसमें दावा किया गया है कि अमेरिका में जेल की 10 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है। संगठन अमेरिका में सलाखों के पीछे मुस्लिमों को ‘मुफ्त धार्मिक सामग्री वितरित करने’ के लिए एक मुस्लिम कैदी सहायता परियोजना (MPSP) चलाता है। वे ‘कुरान, इस्लामी साहित्य, हिजाब, प्रार्थना मैट को जेलों में वितरित करते हैं।’ दिलचस्प बात यह है कि डोनेशन पेज पर वीडियो में एक कैदी ने खुद को ‘नया मुस्लिम’ बताया।

यह संभव है कि संगठन अमेरिकी जेलों में एक धर्मांतरण कार्यक्रम चला रहा हो और दान के माध्यम से एकत्रित धन का इस्तेमाल करके कैदियों को इस्लाम में परिवर्तित कर रहा हो।

डोनेशन कैदियों को इस्लाम-केंद्रित सामग्री देने का आह्वान करता है

फेसबुक एड लाइब्रेरी के अनुसार, डोनेशन एकत्र करने के लिए संगठन के पास भारत में 39 अलग-अलग सेटों में 200 से अधिक सक्रिय विज्ञापन चल रहे हैं। भारत के लिए हालिया जन अभियान 10 फरवरी, 2023 को शुरू हुआ है। विज्ञापनों में धार्मिक पुस्तकें, स्वच्छ जेल प्रार्थना कक्ष, हिजाब, प्रार्थना के लिए कालीन और ईद के भोजन के लिए दान की माँग की गई है। हमें एक भी ऐसा विज्ञापन नहीं मिला जो भारत में चलता हो और उनकी शिक्षा या पुनर्वास के बारे में बात करता हो।

इसका उद्देश्य मुस्लिम कैदियों को और धार्मिक बनाने पर है। कुल मिलाकर अकेले Facebook विज्ञापन लाइब्रेरी में संगठन के 800+ विज्ञापन थे। संगठन ने बिना ज्यादा स्पष्टीकरण के मुसलमानों के जन्मदिन मनाने के लिए धन इकट्ठा करने वाले कार्यक्रम भी चलाए हैं।

कई फंडरेजर इसके फेसबुक पेज पर जन्मदिन मनाने के लिए थे (साभार: फेसबुक)

संगठन का मोदी विरोधी अभियान

संगठन का एक और खतरनाक पहलू है। वह अब भारत के आंतरिक मामलों में धीरे-धीरे हस्तक्षेप कर रहा है, जो चिंता पैदा करता है। संगठन अमेरिका में मुस्लिम कैदियों के लिए धन दान करने के लिए भारत के मुसलमानों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापन चला रहा है। वे व्यूअर से सहानुभूति हासिल करने के लिए मोदी विरोधी नैरेटिव का इस्तेमाल कर रहे हैं।

हमें ट्विटर पर ‘मोदी’ के नाम की चर्चा वाली नौ पोस्ट मिलीं। सबसे हालिया एक बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के बारे में था। इसमें भारत सरकार द्वारा डॉक्यूमेंट्री पर लगाए गए प्रतिबंध के बारे में बात की गई है। पोस्ट में, संगठन ने दावा किया कि गुजरात 2002 के दंगों में मुसलमान का नरसंहार किया गया था। बेशक, वे गोधरा में एक ट्रेन को जलाने का कभी जिक्र नहीं करेंगे, जिसके परिणामस्वरूप 59 निर्दोष हिन्दुओं की मौत हो गई, जिसने दंगों को भड़का दिया था।

आईसीएनए ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार किया (स्रोत: ट्विटर)

पुरानी पोस्टों ने इस नैरेटिव को प्रचारित किया था कि अमेरिका में हिंदुत्व फैल रहा है। एक अन्य पोस्ट में, संगठन ने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को निरस्त करने की बात की और इसे ‘कश्मीर का काला दिवस‘ ​​बताया। संगठन ने अक्टूबर 2022 के एक पोस्ट में कश्मीर को आजाद करने की बात कही थी।

संगठन वर्षों से कश्मीर के बारे में दुष्प्रचार कैसे कर रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अपने सोशल मीडिया पोस्ट के लिए स्टॉक इमेज का उपयोग कर रहा है, जिसका कश्मीर या भारत से कोई लेना-देना नहीं है। इस पोस्ट पर एक नज़र डालें। इस पोस्ट में एक इमेज है जिसे istockphoto.com से लिया गया है। यह फोटोग्राफर एड्रियन हिलमैन द्वारा क्लिक किया गया 2011 का शॉट है।

आईसीएनए ने भारत के खिलाफ प्रचार करने के लिए स्टॉक इमेज का इस्तेमाल किया (स्रोत: आईसीएनए का ट्विटर/आईस्टॉकफोटोज)

इसकी वेबसाइटों पर पोस्ट भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बयानों से भरे हुए हैं। उदाहरण के लिए एक पोस्ट में, उन्होंने दंगाइयों के घरों के विध्वंस के बारे में बात की और दावा किया कि यह एक मुस्लिम विरोधी अभियान था। इसने मुस्लिम विरोधी नैरेटिव बनाने के लिए हिंदुओं और हिंदुत्व को दोषी ठहराया।

संगठन कौन चलाता है?

डॉ ज़ाहिद बुखारी ICNA CSJ के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक है। वह पाकिस्तान में पैदा हुआ था और अक्सर सोशल मीडिया पर भारत विरोधी बयान साझा करता है। उसने कुख्यात हिंदू-विरोधी प्रोफेसर ऑड्रे ट्रस्चके (Audrey Truschke) की रिपोर्ट भी साझा की है।

राजस्थान में हिंदू दर्जी कन्हैया लाल की जघन्य हत्या के बारे में बात हो या भाजपा के पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ बयान या फिर कथित ‘निर्दोष मुसलमानों’ पर हमला करने के लिए हिन्दुओं को दोषी ठहराने तक, पाकिस्तान में जन्मे बुखारी ने सोशल मीडिया पर हिन्दुओं के खिलाफ सुनियोजित प्रोपेगेंडा फ़ैलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है।

एक तरफ ‘जल, जीवन हरियाली मिशन’, दूसरी तरफ CM नीतीश के कार्यक्रम के लिए उजाड़ दिया पूरा उद्यान: जमुई में उद्घाटन के अगले ही दिन बंद हो गई थी स्मार्ट क्लास

बिहार के मुख्यमंत्री समाधान यात्रा पर हैं। 16 फरवरी, 2023 को सीएम नीतीश कुमार बेगूसराय पहुँचने वाले हैं। जिले भर में कई जगहों पर उनका कार्यक्रम होना है। उनमें से एक कार्यक्रम स्थल है बेगूसराय सदर प्रखंड। सदर प्रखंड परिसर में सीएम नीतीश के कार्यक्रम का पंडाल सजाने के लिए कई पेड़ काट दिए गए हैं।

सीएम नीतीश कुमार खुद जल-जीवन-हरियाली अभियान चला रहे हैं ऐसे में उन्हीं के कार्यक्रम के लिए हरियाली नष्ट कर दी गई। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 फरवरी को नीतीश कुमार के दौरे से पहले ब्लॉक अफिस परिसर में लगाए गए लगभग 10 पेड़ों को काट डाला गया। बताया जा रहा है कि पंडाल बनाने के लिए जिस स्थान को मैदान बनाया गया है वहाँ आम और पुराने पीपल के पेड़ थे। रिपोर्ट के मुताबिक ब्लॉक ऑफिस परिसर में पेड़ों की छाया में बैठने के लिए चबूतरों और उनकी सिंचाई के लिए नल भी लगवाए गए थे।

2016-17 में ब्लॉक परिसर को पार्क जैसा बना दिया गया था। प्रखंड को पार्क की तरह सजाने में सदर बीडीओ रविशंकर कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी। अब सब उजड़ चुका है। अपनी हरियाली के लिए विख्यात प्रखंड कार्यालय पेड़ों के न रहने पर वीरान हो गया है।

पिछले महीने (3 जनवरी, 2023) को पटना के ज्ञान भवन में जल-जीवन-हरियाली दिवस कार्यक्रम भी आयोजित हुआ था। कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने अपने अधिकारियों को जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत बचे हुए काम को मिशन मोड में पूरा करने की हिदायत दी थी। बता दें जल-जीवन-हरियाली अभियान बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। यह नीतीश कुमार के महत्वकांक्षी अभियानों में से एक है।

जमुई में उद्घाटन के अगले ही दिन बंद हुई 3डी स्मार्ट क्लास

पिछले दिनों समाधान यात्रा पर जमुई पहुँचे सीएम नीतीश कुमार ने 3डी स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया था। सीएम के जाते ही बिजली आपूर्ति न होने के कारण स्मार्ट क्लास बंद हो गया। स्कूल में बच्चे दोबारा पुराने तरीके से पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्मार्ट क्लास बंद होने पर अधिकारियों ने समय कम होने की सफाई दी है। अधिकारियों का कहना है कि समाधान यात्रा के मद्देनजर जल्दीबाजी में काम किए गए जिससे आधी-अधूरी तैयारी के साथ स्मार्ट क्लास का उद्घाटन कराया गया।

कानपुर में माँ-बेटी के जिंदा जल मरने में SDM हिरासत में: दावा- बिना चेतावनी चलाई JCB, गौरव दीक्षित बताया जा रहा सूत्रधार

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में सोमवार (13 फरवरी, 2023) को अपनी झोपड़ी पर बुलडोजर चलने के विरोध में एक माँ-बेटी ने आत्मदाह कर लिया। इस मामले में आरोपितों को नामजद किया गया है, जबकि लगभग 26 लोगों अज्ञात में आरोपित हैं। अब तक हुई कार्रवाई में JCB ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं मौके पर मौजूद थाना प्रभारी को उनके पद से हटाते हुए SDM और लेखपाल को सस्पेंड किया गया है। आगजनी की इस घटना में 22 बकरियाँ भी जल ईं हैं।

पीड़ित परिवार ने गौरव नाम के व्यक्ति को मुख्य आरोपित बताते हुए मुआवजे के तौर पर 2 भाइयों को 1-1 करोड़ रुपयों के साथ जमीन और सरकारी नौकरियों की माँग की है। ताज़ा खबर ये है कि इस मामले में SDM को भी गिरफ्तार कर लय गया है।

पड़ोसी अशोक दीक्षित ने की थी अतिक्रमण की शिकायत

इस मामले में मृतका के बेटे शिवम ने FIR दर्ज करवाई है। शिवम के मुताबिक अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि उन्हीं के गाँव के अशोक दीक्षित ने अतिक्रमण की शिकायत अधिकारियों से की थी। इस FIR में अशोक दीक्षित को उनके भाई अनिल दीक्षित सहित नामजद किया गया है। इस गाँव मड़ौली के निर्मल दीक्षित और विशाल का नाम भी FIR में दर्ज है। इन चारों पर 1012 अज्ञात लोगों के साथ माँ-बेटी (प्रमिला और नेहा) के जलने और उनके घर पर बुलडोजर चलने के समय घटनास्थल पर मौजूद होने और घर पर JCB चलवाने में सहयोगी होने का आरोप है।

विपक्षी की ही होती थी सुनवाई

अपनी शिकायत में शिवम का आरोप है कि विपक्षी अनिल दीक्षित की शिकायत पर अधिकारी फ़ौरन सुनवाई करते थे। शिकायत के अनुसार इसी साल 14 जनवरी को SDM जनेश्वर प्रसाद बिना किसी नोटिस के पीड़ित का पक्का मकान गिरवा चुके थे। तब के फूस का छप्पर छोड़े जाने की जानकारी देते हुए शिवम ने लिखा है कि उसे खुद से हटाने के लिए उन्हें 5 से 10 दिनों का समय दिया गया था। इस दौरान भी थाना प्रभारी दिनेश कुमार गौतम 10 से 12 सिपाहियों के साथ मौजूद थे।

अपने खिलाफ हुई इस कार्रवाई की शिकायत जब पीड़ित ने जिले के DM और ADM से करनी चाही तब उसकी सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि उलटे उसी परिवार पर अकबरपुर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करवा के जेल भेजने की धमकी देते हुए भगा दिया गया।

100 वर्षों से रहने का दावा

जिस जगह पर SDM के नेतृत्व में भारी प्रशासनिक बल अतिक्रमण हटाने गया था उस जगह पर पीड़ित पक्ष 100 साल से ज्यादा समय से रहने का दावा कर रहा है। शिवम के मुताबिक उसी जगह उनके बाबा भी रहा करते थे। पीड़ित ने इसी जगह 20 साल से पक्के निर्माण में अपने माता-पिता के साथ रहने का दावा किया है।

बिना चेतावनी के चली JCB

घटना के दिन का जिक्र करते हुए शिवम ने अपनी शिकायत में लिखा है कि 13 फरवरी को दोपहर 3 बजे वो माता-पिता और बहन के साथ झोपड़ी में आराम कर रहा था। इस दौरान उसी झोपड़ी में 22 बकरियाँ और गोवंश भी बँधे थे। तभी SDM जनेश्वर प्रसाद, कानूनगो, लेखपाल अशोक सिंह और SHO रूरा लगभग 10 से 15 सिपाहियों को ले कर अचानक पहुँच गए। इन सभी के साथ पीड़ित के ही गाँव के अशोक दीक्षित, अनिल दीक्षित, सनेश और विशाल JCB ले कर पहुँचे।

JCB को दीपक नाम का ड्राइवर चला रहा था। आरोप है कि झोपडी में मौजूद किसी को भी अलर्ट किए बिना JCB झोपडी पर चलवा दी गई।

SDM ने कहा कि कोई बचने न पाए

पीड़ित ने अपनी शिकायत में आगे बताया है कि उनके गाँव के पड़ोसियों द्वारा प्रशासनिक अधिकरियों की मौजूदगी में जब उनकी झोपडी गिरी तब SDM जनेश्वर ने झोपडी में आग लगाने के लिए वहाँ मौजूद लोगों को ललकारा। शिकायत के मुताबिक आग लेखपाल अशोक सिंह ने लगाई और SDM ने कहा कि कोई जिन्दा न बचने पाए। शिवम के मुताबिक वो जैसे-तैसे जलती झोपडी से बाहर निकला तो SHO दिनेश गौतम ने उसे अपने साथी सिपाहियों के साथ बुरी तरह पीटा।

इसी FIR के मुताबिक शिवम की माँ प्रमिला और बहन नेहा जलती झोपडी से बाहर नहीं निकल पाईं और जल कर राख हो गईं। वहीं पीड़ित के पिता झोपडी से निकलने के दौरान बुरी तरह झुलस गए।

इन धाराओं में ये हुए आरोपित

इस शिकायत पर SDM जनेश्वर प्रसाद, SHO दिनेश गौतम, JCB ड्राइवर दीपक, लेखपाल अशोक सिंह, कानूनगो के साथ 12 से 15 पुरुष व महिला सिपाहियों को नामजद किया गया है। इन सभी के अलावा अनिल, निर्मल और अशोक दीक्षित के साथ पीड़ित के ही गाँव मड़ौली के विशाल भी FIR में आरोपित के तौर पर दर्ज हुए हैं। इन सभी के अतिरिक्त 10 से 12 अन्य अज्ञात लोग भी दर्ज हैं जो पीड़ित के आरोपित पड़ोसियों के साथ छप्पर पर JCB चलवाने में शामिल बताए जा रहे हैं।

सभी आरोपितों पर IPC की धारा 302, 307, 436, 429, 323 और 34 के तहत कार्रवाई हुई है।

गौरव दीक्षित है मुख्य सूत्रधार

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित व शिकायतकर्ता शिवम दीक्षित से बात की। शिवम ने हमें बताया कि उसके गाँव का एक गौरव दीक्षित नाम का युवक ही इस पूरी घटना का सूत्रधार है, जिसने SDM और प्रशासन को दबाव में लिया था। हमें बताया गया कि गौरव जम्मू में भारतीय सेना में तैनात है। शिवम का दावा है कि गौरव गाँव में लगभग हर प्रकार के अवैध हथियार रखता है लेकिन उसे प्रशासन इस मामले में बचाने की कोशिश कर रहा है।

शिवम का कहना था कि जब पहले वो अपनी शिकायत प्रशासन को देते थे तो प्रशासनिक अधिकारी गौरव का नाम होने पर कोई भी कार्रवाई न करने की धमकी देते थे।

1-1 करोड़ रुपए, 5 बीघा जमीनें और 2 सरकारी नौकरी की माँग

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिवम ने कहा कि वो 2 भाई हैं। उन्हें और उनके भाई को 1-1 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता के साथ 5-5 बीघे जमीन का सरकारी पट्टा और दोनों भाइयों को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए। शिवम का कहना था कि अभी तक उन्हें प्रशासन की तरफ से कुछ भी नहीं दिया गया। हालाँकि उन्होंने कमिश्नर द्वारा 5 लाख रुपए के चेक का भरोसा देने की जानकारी दी। शिवम खुद BSC के छात्र हैं जबकि उनका भाई हाईस्कूल में पढ़ रहा।

वहीं मृतका बहन की उम्र 23 साल बताते हुए शिवम ने उन्हें LLB की छात्रा बताया।

घायल पिता को दिखना बंद

शिवम का कहना था कि घटना के बाद उनके पिता को दिखाई देना बंद हो चुका है। केस में नामजद गाँव के चारों आरोपितों ने दीक्षित जाति और एक ही परिवार का बतया। विवाद की एक वजह के तौर पर शिवम ने अपने भाई के साथ आरोपितों के पहले हुए विवाद को बताया।

अडानी इंटरप्राइजेज को ₹820 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू 42% बढ़ा: मॉरीशस ने भी दी क्लीनचिट, कहा- सभी डील नियम के त​हत

हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद विवादों में घिरी अडानी ग्रुप को दोतरफा राहत मिली है। एक तरफ मॉरीशस ने उसे क्लीनचिट दे दी है। दूसरी तरफ ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी इंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) सालाना बेसिस पर घाटे से निकल गई है। वित्त वर्ष 2022-23 की आखिरी तिमाही में कंपनी को 820 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है।

रिपोर्टों के अनुसार अडानी इंटरप्राइजेज को एक साल पहले इसी तिमाही में 11.63 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा था। कंपनी का रेवेन्यू 42 फीसदी बढ़ा है। दिसंबर तिमाही में अडानी इंटरप्राइजेज का रेवेन्यू बढ़कर 26,612.2 करोड़ हो गया है। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 18,757.9 करोड़ रुपए था।

कंपनी का EBIDTA बढ़कर 1968 करोड़ हो गया है। कुल खर्च बढ़कर 26,171 करोड़ हो गया है। यह एक साल पहले समान तिमाही में 19,047.7 करोड़ रुपए था। मुनाफे का असर अडानी इंटरप्राइजेज के शेयरों में तेजी के तौर पर भी दिखा है।

गौतम अडानी ने क्या कहा

अडानी इंटरप्राइजेज के इस मुनाफे को लेकर अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है, “हमारी सबसे बड़ी मजबूती बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम करने की क्षमता है। इसके साथ ही, हमारा संगठनात्मक विकास और असाधारण O&M मैनेजमेंट दुनिया में सबसे बेहतर है। हमारी सफलता की वजह मजबूत शासन, नियमों का सख्ती से पालन और लगातार बेहतर प्रदर्शन है।”

नहीं हुई गड़बड़ी

वहीं हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर मॉरीशस के नियामक वित्तीय सेवा आयोग ने कहा है कि अडानी समूह की किसी कंपनियों द्वारा कानून का उल्लंघन नहीं किया गया है। मॉरीशस के नियामक वित्तीय सेवा आयोग (FSC) ने अडानी ग्रुप को क्लीनचिट देते हुए कहा है कि समूह से जुड़ी 38 कंपनियों और 11 ग्रुप के फंडों में किसी भी प्रकार के कानून का उल्लंघन नहीं मिला है। बता दें कि अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी को जारी अपनी रिपोर्ट में दावा किया था अडानी समूह ने अपनी कंपनियों के शेयरों की कीमतों में हेरफेर करने के लिए मॉरीशस की शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया है।

एफएससी के सीईओ धनेश्वरनाथ विकास ठाकुर ने कहा है, “मॉरीशस में अडानी समूह से जुड़ी सभी कंपनियों के शुरुआती आकलन और जमा की गई जानकारी के आधार पर किसी भी प्रकार के नियम का उल्लंघन नहीं मिला है।”

बता दें कि अडानी ग्रुप की कमाई के आँकड़े और मॉरीशस के नियामक वित्तीय सेवा आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में तेजी देखी गई है। अडानी इंटरप्राइजेज के शेयर में बीते 5 दिनों में 11.76% की गिरावट हुई थी। वहीं, इन रिपोर्ट्स के बाद मंगलवार (14 फरवरी 2023) को कंपनी के शेयर में 1.87% की तेजी देखी गई।

पुलवामा हमले में शामिल थे 19 आतंकी, 8 मार गिराए गए-7 जेल में हैं बंद; जानिए कहाँ हैं शेष 4 दहशतगर्द: चौथी बरसी पर J&K पुलिस ने सब कुछ बताया

पुलवामा में 2019 में हुए जवानों पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें 19 आतंकवादी शामिल थे। इनमें से 8 मार गिराए जा चुके हैं। यह जानकारी पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की चौथी बरसी पर एडीजीपी कश्मीर जोन विजय कुमार ने दी।

उन्होंने मंगलवार (14 फरवरी 2023) को पुलवामा आतंकी हमले में वीरगति को प्राप्त हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडियाकर्मियों को बताया, “2019 के पुलवामा हमले में 19 आतंकवादी शामिल थे, जिनमें से 8 मारे गए। 7 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और चार अन्य अब भी फरार हैं, जो पाकिस्तान में हैं।”

एडीजीपी कुमार ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के 7-8 स्थानीय आतंकी अभी भी बचे हुए हैं। पुलवामा में सक्रिय मूसा सुलेमानी सहित 5-6 पाकिस्तानी आतंकवादी जल्द ही मार गिराए जाएँगे। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने पिछले 6 महीनों से भर्ती बढ़ा दी है। मगर अब उनको जम्मू-कश्मीर में फलने-फूलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय कश्मीर में 37 सक्रिय आतंकवादी हैं। इनमें से केवल फारूक नल्ली और रियाज छत्री ही पुराने हैं। बाकी हाल ही में शामिल हुए हैं। वहीं, श्रीनगर में अभी तक कोई नया आतंकवादी भर्ती नहीं हुआ है। सुरक्षा बल जैश-ए-मोहम्मद के पीछे पड़े हैं। उसके लगभग सभी टॉप कमांडरों का सफाया कर दिया गया है।

कश्मीर जोन के एडीजीपी ने यह भी बताया कि सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकवादी मॉड्यूल का तेजी से भंडाफोड़ कर रही हैं। नार्को-टेररिज्म और टेररिस्ट फंडिंग को ​खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है। हम 41 लाख रुपए बरामद करने में सफल रहे हैं। हाल ही में बारामूला में 26 लाख रुपए पकड़े गए। इस तरह की गतिविधियों की संख्या पिछले साल अक्टूबर में 1600 से घटकर इस समय 950 रह गई है और अब तक 13 दोषियों को सजा भी हो चुकी है।

बता दें कि 14 फरवरी, 2019 को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमला किया था। इस भीषण आतंकी हमले में 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। हमले के कुछ दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयर स्ट्राइक की थी। इस एयर स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के 350 से अधिक आतंकी मारे गए थे।

‘दिग्विजय सिंह की बुद्धि फेल’: पुलवामा हमले को ‘खुफिया नाकामी’ बता घिरे कॉन्ग्रेस नेता, BJP ने कहा- पाकिस्तान की भाषा बोल रहे

पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की बरसी पर पूरा देश वीर जवानों के बलिदान को याद कर रहा है। दूसरी ओर कॉन्ग्रेस राजनीतिक रोटियाँ सेकने में जुटी हुई है। कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने कहा है कि पुलवामा हमला खुफिया एजेंसियों की नाकामी के कारण हुआ था। उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने कहा है कि दिग्विजय सिंह की बुद्धि फेल हो गई है।

पुलवामा हमले को लेकर दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा है, “आज हम CRPF के उन 40 जवानों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जो पुलवामा में खुफिया एजेंसियों की विफलता के कारण बलिदान हो गए। मुझे उम्मीद है कि बलिदान हुए जवानों के परिवारों का अच्छी तरह से पुनर्वास किया गया है।”

दिग्विजय सिंह के इस ट्वीट को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी दिमागी विफलता करार दिया है। उन्होंने कहा है, “मुझे लगता है कि दिग्विजय सिंह की बुद्धि फेल हो गई है। वे सेना का अपमान कर रहे हैं। पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं और आर्मी को हतोत्साहित करने की कोशिश करते हैं। दिग्विजय सिंह की जाँच होनी चाहिए। देश और सेना के खिलाफ बोलने का बीज उनके दिमाग में डालता कौन है?”

उन्होंने यह भी कहा है, “यह कॉन्ग्रेस पार्टी का डीएनए है। इसकी जाँच होनी चाहिए। ‘भारत जोड़ो’ के नाम पर वो भारत तोड़ने वालों के साथ चलते हैं। पार्टी नेता पाकिस्तान की भाषा बोलते हैं और भारतीय सेना की देशभक्ति पर सवाल खड़े करते हैं। सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को इसका जवाब देना चाहिए।”

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिग्विजय सिंह को लताड़ लगाते हुए कहा है,” दिग्विजय सिंह श्रद्धांजलि में भी तंज कस रहे हैं। ट्वीट देखकर ऐसा लग रहा है जैसे ISI से किसी ने ट्वीट किया हो। भारत माता की प्राण पण से सेवा कर अपने प्राणों का बलिदान देने वालों पर तंज कसने से वे नहीं चूकते। मुझे लगता है कि सेना के ऊपर इस तरह के बयान देना और उनके मनोबल को तोड़ना कॉन्ग्रेस की आदत हो गई है।”

वहीं भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है, “जिस दिन भारत पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है, उसी दिन दिग्विजय सिंह और कॉन्ग्रेस ने पाकिस्तान को क्लीनचिट दी है। दिग्विजय सिंह हाल ही में सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे। यह एक व्यक्तिगत बयान नहीं, बल्कि पाकिस्तान को कवर करने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी का बयान है।”

या अल्लाह… बाबर आजम से दोगुने से भी ज्यादा पैसे स्मृति मंधाना को: WPL ऑक्शन के बाद ट्रॉल हुए पाकिस्तानी, मार्च में 22 दिन चलेगा महिला IPL

देश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तर्ज पर अब वूमेन प्रीमियर लीग (WPL) आयोजित की जा रही है। इसके लिए खिलाड़ियों की निलामी भी हो चुकी है। 13 फरवरी, 2023 को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में हुई खिलाड़ियों की नीलामी में बल्लेबाज स्मृति मंधाना सबसे महँगी खिलाड़ी रहीं। स्मृति को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) ने 3.40 करोड़ रुपए में खरीदा। इसके बाद नेटिजन्स ने पाकिस्तान के बल्लेबाज और कप्तान बाबर आजम को ट्रॉल करना शुरू कर दिया।

देश में पहली बार आयोजित हो रहे महिला प्रीमियर लीग का उद्घाटन 4 मार्च, 2023 को हो रहा है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 26 मार्च, 2023 को खेला जाएगा। 22 दिनों तक चलने वाले क्रिकेट के महासंग्राम के लिए खिलाड़ियों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसमें भारतीय क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना सबसे महँगी खिलाड़ी रहीं। उन्हें आरसीबी ने ₹3.40 करोड़ में खरीदा है। मंधाना का बेस प्राइस 50 लाख रुपए था।

पाकिस्तानी पीएसएल और खिलाड़ी हुए ट्रोल

महिला प्रीमियर लीग के लिए हुई इस नीलामी के बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर WPL और पाकिस्तान की क्रिकेट लीग (PSL) की तुलना करते हुए बाबर आजम को ट्रॉल करना शुरू कर दिया। दरअसल, पीएसएल 2023 में बाबर आजम ‘पेशावर जाल्मी’ के लिए खेल रहे हैं जिन्हें उनकी टीम ने ₹1.38 करोड़ में खरीदा है। ये स्मृति मंधाना को मिली रकम से आधी से भी कम है। सुशांत मेहता ने ट्विटर पर 7 भारतीय महिला खिलाड़ियों को मिले रकम की लिस्ट के आखिर में बाबर आजम का नाम भी शामिल किया।

जय उपाध्याय नाम के यूजर ने मीम शेयर किया। उन्होंने लिखा, “पाकिस्तानी WPL ऑक्शन देखते हुए।” पोस्ट में जो तस्वीर शेयर किया गया उसमें लिखा था, “या अल्लाह इतने पैसे भी होते हैं क्या?”

इसी तरह #WPLAuction और #WomensIPL घंटो ट्रेंड करते रहे और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जमकर ट्रॉल किया गया। कई यूजर्स ने भारतीय आईपीएल से पीएसएल की तुलना पर पाकिस्तानियों की क्लास लगाई तो कुछ ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को लेकर खिलाड़ियों पर व्यंग किया।

करोड़ो में बिकीं कईं खिलाड़ी

WPL के पहले सीजन में दूसरी सबसे महँगी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की ऑल राउंडर ऐश्ली गार्डनर रहीं। उन्हें गुजरात जायंट्स ने ₹3.20 करोड़ रुपये में खरीदा। इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर रहीं नताली साइवर को मुंबई इंडियंस ने 3.20 करोड़ में खरीदा। भारत की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को यूपी वॉरियर्स ने 2.60 करोड़ में अपनी टीम में शामिल किया महिला आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore), दिल्ली कैपिटल्स (Delhi capitls), मुंबई इंडियन्स (Mumbai Indians),गुजरात जायंट्स (Gujarat Giants),यूपी वॉरियर्स (UP warriors) समेत कुल 5 टीमें हिस्सा ले रही हैं।