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‘मोदी पर भरोसा अख़बार और टीवी से नहीं पैदा हुआ, पूरा जीवन खपा दिया है देश के लिए’: PM का सवाल – गालियों से विश्वास का कवच कैसे भेदोगे? कॉन्ग्रेस की बर्बादी पर दिखाया हार्वर्ड रिसर्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब भारत को ऊर्जा क्षेत्र में उभार की ज़रूरत थी, इस देश की चर्चा दुनिया भर में इस सदी के दूसरे दशक में ‘ब्लैकआउट’ के रूप में हुई, कोयला घोटाला हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे आतंकियों ने 10 साल तक देशवासियों का खून बहाया। पीएम मोदी ने 2004-2014 को ‘The Lost Decade’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आलोचना होनी चाहिए, लेकिन 9 वर्षों में लोगों ने सिर्फ आरोप लगाए और आलोचना नहीं की।

चुनाव हारने पर ये लोग चुनाव आयोग को गाली देते हैं, अदालत का फैसला पक्ष में न आने पर सुप्रीम कोर्ट को गाली देते हैं, भ्रष्टाचार की जाँच होने पर एजेंसियों को गाली देते हैं, सेना अपना पराक्रम दिखाए तो सेना को गाली देते हैं, जब आर्थिक क्षेत्र में कुछ अच्छा हो तो RBI को गाली दो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों से ‘Constructive Criticism’ की जगह ‘Compulsive Criticism’ हो रहा है। उन्होंने कहा कि कैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एजेंसियों की जाँच पर कुछ नेता ‘मिले मेरा-तुम्हारा सुर’ कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इन्हें ED का धन्यवाद करना चाहिए कि ये लोग एक मंच पर आ गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैसे कॉन्ग्रेस के कुछ लोगों में हार्वर्ड का बड़ा क्रेज है – वो कहते थे कि कोरोना के समय भारत की बर्बादी पर वहाँ रिसर्च होगा। उन्होंने दिखाया कि कैसे ‘The Rise & Decline Of Congress Party’ पर हार्वर्ड में रिसर्च हुई है और बड़े-बड़े विश्वविद्यालओं में इस पर रिसर्च होना है। पीएम मोदी ने कहा कि बिना सर-पैर के बात करने के कारण ये लोग खुद के अंदर विरोधाभास पैदा करते हैं और कभी ये बात तो कभी वो बात करते हैं।

पीएम मोदी ने इस दौरान कवि दुष्यंत कुमार की एक पंक्ति उद्धृत की, “तुम्हारे पाँव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं”। पीएम ने कहा कि ये लोग कहते थे भारत कमजोर हुआ है, जबकि अब कह रहे कि भारत दूसरे देशों को धमका कर फैसले करवा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि खुद को हमेशा सही मानने वाले कुछ लोगों को लगता है कि मोदी को गाली देने से ही सब ठीक होगा – 22 साल से वो ये ग़लतफ़हमी पाले हुए हैं।

उन्होंने कहा, “मोदी पर भरोसा अख़बार की सुर्ख़ियों या टीवी पर चमकते चेहरों से नहीं पैदा हुआ है – बल्कि जीवन खपा दिया है, पल-पल खपा दिया है देश के लोगों के लिए, देश के उज्जवल भविष्य के लिए। क्या देश भर में मुफ्त राशन पाने वाले लोग आरोप लगाने वालों पर भरोसा करेंगे क्या? 11 करोड़ किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा जाता है, वो आपकी गालियों पर भरोसा कैसे करेगा? फुटपाथ पर ज़िन्दगी जीने को मजबूर 3 करोड़ लोगों को पक्के घर मिले, उन्हें तुम्हारी ये झूठी बातों पर भरोसा कैसे होगा?”

प्रधानमंत्री ने बताया कि 9 करोड़ लोगों को मुफ्त गैस और 11 करोड़ घरों में शौचालय मिले हैं। साथ ही 8 करोड़ लोगों को नल का स्वच्छ जल मिला है। ‘आयुष्मान भारत’ से 2 करोड़ परिवारों को मदद पहुँची है। पीएम ने कहा कि कुछ लोग अपने परिवार के लिए जी रहे हैं, लेकिन मोदी 25 करोड़ परिवारों का सदस्य है। उन्होंने कहा कि झूठ के शास्त्रों से इस विश्वास के कवच को कभी भेद नहीं सकते। उन्होंने बताया कि कैसे बिजली-पानी पहली बार कई इलाकों में पहुँचा।

शिकार करने गए, लेकिन बाघ देख कर लाइसेंस दिखाया कि हमारे पास बंदूक पड़ा है… PM मोदी ने इस कहानी से खोल दिया ‘घोटालों के दशक’ का धागा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि कैसे न सिर्फ भारत ने अपने करोड़ों लोगों को मुफ्त में वैक्सीन दी, बल्कि 150 देशों को टीके और दवाइयाँ उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि ये देश आज वैश्विक मंचों पर भारत की तारीफ़ करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया भर में ‘डिजिटल इंडिया’ की चर्चा है। उन्होंने बताया कि कैसे भारत में हजारों करोड़ रुपए गरीबों को ट्रांसफर करने के लिए दिक्कत नहीं होती, जबकि कोरोना में कई देशों को ऐसा करने में समस्या आई।

उन्होंने कहा कि जहाँ दुनिया भर में वैक्सीन का सर्टिफिकेट तक देने में दिक्कतें आईं, भारत में मिनटों में मोबाइल फोन पर ये उपलब्ध है। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि भारत आज एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है और दुनिया भारत की समृद्धि में अपनी समृद्धि देख रही है, जबकि कुछ लोग इसे स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में भारत में 90,000 स्टार्टअप्स हुए हैं, और इस मामले में भारत तीसरे स्थान पर आ गया है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल निर्माण में भारत दूसरे, हवाई यात्रा में तीसरे, एनर्जी कंजम्प्शन में तीसरे, Renewable इनर्जी के मामले में चौथे नंबर पर भारत पहुँच गया है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वालों की संख्या 4 करोड़ के पार हुई है। उन्होंने खेल के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों, खासकर लड़कियों के प्रदर्शन की तारीफ़ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में आशा ही आशा है, लेकिन यहाँ कुछ लोग ऐसे निराशा में डूबे हैं।

उन्होंने इस दौरान काका हाथरसी को भी याद किया, जिन्होंने कहा था – ‘आगे पीछा देख कर क्यों होते गमगीन, जाकी जैसी भावना वैसी दिखे सीन’। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे यूपीए काल के 10 वर्षों में महँगाई दोहरे अंकों में रही, इसीलिए इन लोगों को कुछ अच्छा होता है तो निराशा होती है। पीएम मोदी ने इस दौरान एक कहानी सुनाई, जिसमें दो लोग जंगल में शिकार करने गए थे। वहाँ वो लोग थोड़ा टहलने लगे।

वो गाड़ी में बंदूक छोड़ कर नीचे उतरे थे, तभी बाघ दिख गया और वो सोचने लगे कि अब करें क्या? इन दोनों ने बाघ को लाइसेंस दिखाया कि हमारे पास बंदूक का लाइसेंस है। पीएम मोदी ने यूपीए के 10 वर्षों को घोटाले के दशक बताया। उन्होंने बताया कि कैसे कश्मीर से कन्याकुमारी तक आतंकी वारदातें होती थीं। पीएम मोदी ने इस दौरान कॉमनवैस्ट गेम्स घोटाले की भी याद दिलाई।

‘राष्ट्रपति का अपमान करने वालों ने जनजातीय समाज के प्रति अपनी सोच दिखाई’: बोले PM मोदी – भारत को G-20 की अध्यक्षता मिलने से कुछ लोगों को दुःख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (8 फरवरी, 2023) को संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। पीएम मोदी ने इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर उनका धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे जनजातीय समाज में गौरव की अनुभूति हो रही है। उन्होंने संसद में सभी सांसदों द्वारा दिए गए बयानों पर कहा कि इससे समझ आता है कि किसकी कितनी योग्यता, क्षमता और इरादे का भी पता चलता है।

पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों के भाषण के बाद पूरा इकोसिस्टम और समर्थक उछाल रहे थे, खुश होकर कह रहे थे कि ये हुई न बात। उन्होंने तंज कसा कि ऐसे लोगों को नींद भी अच्छी आई होगी और वो शायद आज उठ भी नहीं पाए होंगे। बकौल पीएम, ऐसे लोगों के लिए कहा गया है – ‘ये कह-कह कर दिल को बहला रहे हैं, वो अब चल चुके हैं, वो अब आ रहे हैं।’ पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि कुछ लोगों ने कैसे राष्ट्रपति का अपमान कर के जनजातीय समाज के प्रति अपनी सोच को दिखाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि राष्ट्रपति के भाषण से किसी को ऐतराज नहीं है, क्योंकि किसी ने उनका विरोध नहीं किया। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे राष्ट्रपति ने कहा कि पहले दूसरों पर निर्भर रहा भारत आज दुनिया की समस्याओं का समाधान कर रहा है। दशकों तक जिन सुविधाओं का देश ने इंतजार किया, वो अब देश को मिली है। बड़े-बड़े सरकारी योजनाओं में जिस भ्रष्टाचार से देश मुक्ति चाहता था, वो अब उसे मिल रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें ख़ुशी है कि किसी ने विरोध नहीं, बल्कि राष्ट्रपति द्वारा कही गई इन बातों को स्वीकार किया। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि चुनौतियाँ जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प की शक्ति इससे ज्यादा है। उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे महामारी और युद्ध के कारण कई देश महँगाई और बेरोजगारी जैसे संकट से जूझ रहे हैं, जबकि ऐसे समय में भी देश दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरे विश्व में भारत को लेकर एक आशा और भरोसा है। ऐसे समय में G-20 की अध्यक्षता का अवसर मिलने को उन्होंने गर्व की बात बताया, लेकिन साथ ही कहा कि उन्हें लग रहा है कि कुछ लोगों को इससे भी दुःख है। पीएम मोदी ने बताया कि फ़िलहाल भारत में स्थिर और निर्णायक सरकार है, राजनीतिक स्थिरता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में फैसले लेने की ताकत इस सरकार में है, जो सुधार करती है और इस मार्ग पर कभी नहीं हटेगी, चलती रहेगी।

‘हम गाँव के अकेले क्षत्रिय, वो चाहते हैं हम छोड़ कर चले जाएँ’: ग्राम प्रधान असीर अहमद ने 30 की भीड़ के साथ बोला हमला, लाठी-डंडे और बंदूक से थे लैस

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में मशाल सिंह नाम के व्यक्ति के घर पर मुस्लिम समुदाय के लगभग 30 हमलावरों की भीड़ ने हमला किया है। हमले के दौरान लाठी-डंडे चलाए गए और पत्थरबाजी की गई। इस हमले में मशाल के परिवार से 5 लोग घायल हो गए हैं। घायलों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपितों के खिलाफ लचर कार्रवाई का आरोप लगाया है। घटना रविवार (5 फरवरी, 2023) की है।

मामला हरदोई जिले के मझिला थानाक्षेत्र का है। इस मामले में शिकायतकर्ता मशाल सिंह हैं। मशाल सिंह ने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया है कि घटना के दिन 5 फरवरी को वो खेतों से अपने घर की तरफ आ रहे थे। इस दौरान असीर अहमद, नबी अहमद, पप्पू खाँ, गुड्डू खाँ, पुत्तन खाँ, छुट्ट्न खाँ, अरशद और रजी अहमद रास्ते में घात लगाए बैठे थे। शिकायत के मुताबिक जैसे ही मशाल सिंह रास्ते से गुजरे वैसे ही उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। इस हमले से खुद को बचाते हुए मशाल सिंह घर की तरफ भागे। हमलावरों में असीर अहमद गाँव का प्रधान बताया जा रहा है।

शिकायत में बताया गया है कि मशाल सिंह को घर की तरफ भागते देख कर सभी आरोपितों ने 25 अन्य अज्ञात हमलावरों के साथ पीड़ित के घर पर धावा बोल दिया। आरोप है कि सभी हमलावर मशाल सिंह के घर में घुस गए और घर के सदस्यों से मारपीट करने लगे। हमलावरों द्वारा लाठी-डंडों के साथ लाईसेंसी बंदूकें और तमंचे भी प्रयोग करने का आरोप है। इस हमले में विवेक सिंह, मान सिंह, शिवम सिंह के साथ लक्ष्मी सिंह नाम की एक महिला घायल हो गई। मशाल सिंह के अनुसार हमलावरों ने उनके घर की 3 मोटरसाईकिलों को भी बुरी तरह से तहस-नहस कर दिया है।

पीड़ित का कहना है कि गाँव में शोर-शराबा मचने के बाद आरोपित उनके घर वालों को छोड़ कर वापस लौटे। आरोप है कि जाते-जाते हमलावरों ने पीड़ित परिवार को परिणाम भुगतने की भी धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में 8 नामजदों सहित 25 अज्ञात हमलावरों पर FIR दर्ज की है। आरोपितों पर IPC की धारा 147, 148, 149, 323, 427, 452, 504 और 504 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस हमले का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में हमलावर पत्थरबाजी करते दिखाई दे रहे हैं।

वो चाहते है कि हम गाँव छोड़ दें

ऑपइंडिया ने पीड़ित मशाल सिंह से बात की। पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए मशाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने 2 आरोपितों को पकड़ कर छोड़ दिया। मशाल सिंह के मुताबिक उनके घर पर पुलिस का पहरा बिठा दिया गया है लेकिन अभी तक एक भी हमलावर पकड़ा नहीं गया। हमले की वजह पूछने पर मशाल सिंह ने बताया कि उनके गाँव में 20% हिन्दू और 80% मुस्लिम हैं और मुस्लिम चाहते हैं कि गाँव का एकमात्र क्षत्रिय परिवार होने के नाते हम गाँव छोड़ कर चले जाएँ। मशाल सिंह ने दावा किया कि गाँव के बचे-खुचे अन्य OBC व SC समुदाय के लोग भी मुस्लिमों से आए दिन प्रताड़ित होते रहते हैं।

गाडी के आगे मुर्गियाँ फेंक कर वसूलते हैं 5 गुना दाम

पीड़ित ने दावा किया कि उनके गाँव में लगभग 30 वर्षों में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी है। उनका कहना था कि बाहर से लोग कहाँ से और कैसे आ कर बस गए ये कोई नहीं जानता। मशाल के मुताबिक घर की रोजी-रोटी चलाने के लिए उन्होंने ट्रक खरीद रखी है जिसे गाँव में लाने पर उसके आगे मुर्गियाँ कुचल जाने के लिए छोड़ दी जाती हैं। आरोप है कि बाद में कई गुना बढ़ा कर मुर्गियों के दाम वसूले जाते हैं। हमसे बातचीत के दौरान मशाल सिंह हरदोई के पड़ोसी जिले सीतापुर में अपने घायल परिजन का इलाज करवा रहे थे।

लौं$! की औरत है: ‘सासंद’ अनंत सिंह ने ‘हरामी महुआ’ मामले में लिखी गालियों की नई परिभाषा

मैं, अनंत सिंह, सांसद के रूप में शपथ लेता हूँ कि संसद की गरिमा बचाने के लिए बार-बार दिल्ली आता रहूँगा… काहे कि हमरा हवाई जहाज में उड़े में खूब मन लगता है… हमरा शौक है हवाई जहाज में उड़ना।

बिहार के एकमात्र कर्मठ राजनेता, भावुक हृदय के धनी, दिल की बात जुबाँ से बेरोकटोक कह देने वाले अनंत सिंह किसी परिचय के मोहताज नहीं। सूबे के मुख्यमंत्री भी उनके आगे पानी माँगते हैं। यह और बात है कि वो पानी के बजाय राज्य की सरकार को कुछ और ही दे देते हैं!

खैर! शेरदिल अनंत सिंह संसद पहुँच गए हैं। कर्मठ ऐसे कि गर्मी-बारिश-जाड़े से लेकर छुट्टी वाले दिनों में भी संसद में ही पाए जाते हैं। कोई भी बहस इनसे मिस हो जाए, इसका सवाल ही नहीं।

एक दिन की बात है। संसद में एक महिला बहुत लच्छेदार बात कर रही थी। बात उनकी अंग्रेजी में थी, इसलिए अनंत सिंह लोड नहीं ले रहे थे। ऐसा नहीं है कि अनंत सिंह को अंग्रेजी नहीं आती है, बस यह है कि वो फालतू अंग्रेजी बोलने वालों को पसंद नहीं करते। इसी कारण वो संसद भवन में लगी ‘रासकवि’ रामधारी सिंह ‘बिल्डर’ की तस्वीर को मंत्रमुग्ध हो निहार रहे थे।

हरामी। यही वो शब्द है, जिसको सुनते ही अनंत सिंह की तंद्रा टूटी। उनका शेरदिल कलेजा गुस्से में काँपने लगा। अपने इलाके के प्रेरणास्रोत ‘रासकवि’ रामधारी सिंह ‘बिल्डर’ की तरह वो वीर रस में डूब कर संसद को संबोधित करने लगे।

“सभापति महोदय! हरामी लोग हरामी बोलते हैं तो अच्छा नै न लगता है। औरत कोई स्पेशल होती है का? अरे ई तो खुदे हरामी है। ई का दूसरे को हरामी बोलेगी? मरद लोग को गाली देंगे तो चलेगा और हम औरत को गरिया रहे हैं तो हमको लोग बैठने बोल रहे हैं, ई कैसा संविधान है सभापति महोदय? हमको पूरा समय दिया जाए इस गाली पर। मर्द-सशक्तीकरण के लिए ई जरूरी है महोदय। बाकी लोग डरते हैं ई सब बोले से। हम केकरो से डरते हैं का? ऐसन ऐसन गाली देंगे कि कुल अंग्रेजी गां$ में घुस जाएगा…”

… (डॉट-डॉट-डॉट) के बाद गालियों की वो बौछार अनंत सिंह के बहुमुखी प्रतिभा वाले मुँह से निकली कि सभापति महोदय ने इसके बाद सभा ही स्थगित कर दी। अपने पावर का इस्तेमाल कर गालियों को रिकॉर्ड से भी निकलवा दिया उन्होंने। अभिव्यक्ति की आजादी के लिए हालाँकि यह गलत हुआ। हिंदी साहित्य और सिनेमा के विद्यार्थी बहुत कुछ सीख सकते थे, उनके साथ तो अन्याय ही हो गया। OTT वालों की कई हिट सीरीज इन गालियों के दम पर देश की इकॉनमी को आगे बढ़ाती, अफसोस यह भी हो न सका।

अनंत सिंह लोकसभा से जब बाहर निकले तब भी गुस्से में ही थे। एक पत्रकार ने डरते (बंधक बना कर मारते हैं) हुए, सभ्यता की दुहाई देते हुए पूछ लिया कि गाली देना तो सही है लेकिन औरत को काहे दिए? इस पर उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा – “लौं$! की औरत है।”

PS-1: गालियों वाली वीडियो नहीं लगाने का दुख है… क्योंकि रिकॉर्डिंग ही नहीं हुई।
PS-2: इस कंटेंट का किसी भी जीवित और मृत व्यक्ति से संबंध नहीं है… क्योंकि अनंत सिंह सांसद हैं ही नहीं।

‘अडानी को एयरपोर्ट बेचने का नहीं था कोई दबाव’: एक बर फिर झूठे साबित हुए राहुल गाँधी, GVK ग्रुप के मालिक ने खोल दी पोल

मुंबई एयरपोर्ट को लेकर लोकसभा में राहुल गाँधी का दावा झूठा साबित हुआ है। जीवीके समूह (GVK group) के वाइस चेयरमैन जीवी संजय रेड्डी ने कहा है कि मुंबई एयरपोर्ट बेचने के लिए अडानी समूह (Adani Group) या किसी और के तरफ से कोई दबाव नहीं था। मंगलवार (7 फरवरी, 2023) को लोकसभा में राहुल गाँधी ने आरोप लगाया था कि मोदी सरकार ने जीवीके ग्रुप पर दबाव डालकर मुंबई एयरपोर्ट को हाइजेक कर अडानी ग्रुप को सौंप दिया।

राहुल गाँधी के आरोपों का जवाब जीवी संजय रेड्डी ने मंगलवार को ही एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में दिया। उन्होंने एयरपोर्ट बेचने को लेकर अडानी समूह या किसी और के दबाव की बात से साफ इनकार कर दिया। एयरपोर्ट बेचे जाने की वजहों को लेकर उन्होंने कहा कि जीवीके ग्रुप 10 साल पहले लिए गए कर्ज के निपटारे के लिए फंडराइजिंग पर विचार कर रही थी। बेंगलुरु एयरपोर्ट लेने के बाद कर्ज से छुटकारा पाने के लिए जीवी संजय कई इनवेस्टर्स के साथ करार करने की सोची।

इनवेस्टर्स डील में अपनी शर्तें थोप रहे थे। इस बीच कोरोना महामारी फैली और कई महीने तक एयरपोर्ट बंद रहा। इससे कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा।

जीवी संजय आगे कहते हैं कि ऐसी परिस्थितियों में गौतम अडानी मिले और मुंबई एयरपोर्ट में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने कहा कि वे एक महीने में रुपए अदा कर देंगे। इसके लिए कोई अतिरिक्त शर्त भी नहीं लगाई जाएगी। संजय ने कहा कि हमारे लिए यह सौदा बहुत जरूरी था, लेकिन हम पर सीबीआई (CBI) या ईडी (ED) जैसी एजेंसियों का कोई दबाव नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह डील इसलिए हुई क्योंकि कंपनी (जीवीके ग्रुप) को इसकी जरूरत थी।

बता दें कि मंगलवार (7 फरवरी, 2023) को राहुल गाँधी ने लोकसभा में अडानी-हिंडनबर्ग मुद्दे पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अडानी ग्रुप के फायदे के लिए नियमों की अनदेखी की। राहुल ने आरोप लगाया कि अडानी समूह को बिना किसी अनुभव के 6 एयरपोर्ट के प्रबंधन का काम दिया गया। उसके बाद भारत के सबसे महत्वपूर्ण एयरपोर्ट में से एक मुंबई एयरपोर्ट को सीबीआई और ईडी का इस्तेमाल कर के जीवीके ग्रुप से छीन लिया गया और अडानी को दे दिया गया।

माफ़ी माँगने की बजाए ‘Patriarchy’ पर ठीकरा फोड़ रहीं MP महुआ मोइत्रा, संसद में कहा था ‘हरामी’: भाजपा ने पूछा – अपने सांसद पर कार्रवाई करेंगी ममता बनर्जी?

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करने के एक दिन बाद तथाकथित ‘पितृसत्तात्मक व्यवस्था’ पर सवाल उठाते हुए अपना बचाव किया। टीएमसी सांसद ने माफी माँगने की बजाए उन लोगों पर पलटवार किया है, जिन्होंने संसद के अंदर हर@मी शब्द का इस्तेमाल करने के लिए उनकी आलोचना की है।

महुआ मोइत्रा ने अपनी भाषा को लेकर हुए विवाद पर बुधवार (8 फरवरी, 2023) को कहा, “बीजेपी कह रही है कि मैं महिला होने के नाते इस तरह के शब्द का इस्तेमाल कैसे कर सकती हूँ? क्या इसके लिए मुझे एक पुरुष होने की आवश्यकता है। यह तो पितृसत्ता है। मुझे आश्चर्य है कि भाजपा हमें संसदीय शिष्टाचार सिखा रही है। दिल्ली के उस प्रतिनिधि ने मेरे साथ बदसलूकी की। मैं एक सेब को एक सेब कहूँगी, नारंगी नहीं… अगर वे मुझे विशेषाधिकार समिति में ले जाएँगे, तो मैं वहाँ अपना पक्ष रखूँगी।”

टीएमसी सांसद ने इस बीच अडानी मुद्दे पर भी टिप्पणी की और सच्चाई को छिपाने के लिए भाजपा को पर कई आरोप लगाए। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “पहली बार, हम सभी भारत के लोगों को यह दिखाने में सक्षम हुए कि यह अडानीगेट क्या था? बीजेपी पिछले 3 सालों से इसे छिपाने कोशिश कर रही है। मुझे खुशी है कि सभी विपक्षी दल एकजुट होकर सामने आए। भारत के लोग अडानीगेट घोटाले को देख सकते हैं।”

मालूम हो कि तेलुगु देशम पार्टी के सांसद राम मोहन नायडू मंगलवार (7 फरवरी, 2023) को जब लोकसभा में बोल रहे थे, तभी मोइत्रा ने हरा@# शब्द का इस्तेमाल किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी की सांसद का वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद लोगों ने उनकी भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए, जिससे सांसद और भी चिढ़ गई। उनका यह शब्द संसद में गूँजते ही सत्तापक्ष के नेताओं ने काफी बवाल मचाया। भाजपा नेताओं ने कार्यवाही रुकवाते हुए कहा कि पहले मोइत्रा को माफी माँगनी चाहिए।

लोकसभा स्पीकर ने महुआ की रिकॉर्डिंग को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया। उन्होंने महुआ की भाषा सुनते ही कान से हेडफोन उतार दिए। इसके बाद वह बोले कि कुछ भी रिकॉर्ड नहीं होगा। कुछ बेहद आक्रामक व अभद्र शब्द उपयोग किए गए हैं।

टीएमसी सांसद की ​अभद्र भाषा को लेकर न केवल नेटिज़ेंस बल्कि कई भाजपा नेताओं ने भी उनकी आलोचना की। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद के अंदर अपशब्द और गाली का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार नहीं हैं जब सीरियल अपराधी ने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है। इससे पहले उन्होंने एक पत्रकार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। उसे गाली दी, चोटीवाला राक्षस कहा। एक समाज के लिए अपमानजनक बातें कहीं। माँ काली का अपमान किया। टीएमसी बार-बार महुआ मोइत्रा का बचाव करती है, उसे संरक्षण देती है। इसलिए वह बार-बार इस तरह का कृत्य करती हैं। उन्होंने संसद के नियमों का उल्लंघन किया। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि का सार्वजनिक जीवन में इस तरह का बर्ताव अनुकूल नहीं है।”

उन्होंने टीएमसी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या तृणमूल कॉन्ग्रेस मोइत्रा पर कार्रवाई करेगी? नैतिक और सार्वजनिक जिंदगी में हम जो एक मापदंड अपनाते हैं, उस पैमाने पर भी इस तरह का रवैया ठीक नहीं लगता। उन्होने कहा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस को बताना चाहिए कि वह संसद में अपनी सांसद द्वारा आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई करेगी या फिर पहले की ही तरह उसे संरक्षण देगी।

पूनावाला के अलावा बीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली टीएमसी सांसद को लताड़ा। उन्होंने कहा, “उन्हें अपनी जीभ पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्हें अति उत्साहित और भावुक नहीं होना चाहिए। संसद का प्रत्येक सदस्य एक सम्मानित व्यक्ति है।”

बता दें कि महुआ के हर@मी कहने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की माँग गई है। साथ ही यह शब्द और महुआ मोइत्रा ट्विटर पर ट्रेंड करने के बाद कुछ यूजर्स ने उनके बर्ताव को शर्मनाक बताया है। वहीं कुछ ने मोइत्रा के रवैये पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने संसद में अपनी औकात दिखा दी।

प्लास्टिक की खराब बोतलों से बनी जैकेट पहन कर संसद पहुँचे PM मोदी, Indian Oil ने किया था गिफ्ट: जानिए क्या है इसकी खासियत, सशस्त्र बलों को भी मिलेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (8 फरवरी, 2023) को संसद में एक नीले रंग के जैकेट में नजर आए। यह जैकेट कई मायनों में बेहद खास है। दरअसल जैकेट को केवल कपड़ों से नहीं बल्कि प्लास्टिक के बोतलों को रिसाइकिल करके बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने जैकेट को खास अवसर पर पहना है। वह बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देंगे। प्रधानमंत्री का संबोधन 3.30 बजे से शुरू होगा। पीएमओ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

ट्विटर पर एक यूजर पश्यंती शुक्ला ने विकास भदौरिया के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, “ब्लू जैकेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। सोमवार (6 फरवरी, 2023) पीएम मोदी को बेंगलुरु में इंडिया एनर्जी वीक में रिसाइकिल पीईटी बोतलों से बनी जैकेट भेंट की गई। इस कार्यक्रम का आयोजन देश की ऊर्जा परिवर्तन महाशक्ति के रूप में बढ़ती शक्ति को उजागर करने के लिए किया गया था।”

एक रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में करूर स्थित एक कंपनी श्री रेंगा पॉलीमर्स ने प्रधानमंत्री के इस जैकेट के कपड़े को तैयार किया है। कंपनी ने इंडियन ऑयल को PET बॉटल से बने 9 अलग-अलग रंगों के कपड़े भेजे थे। फिर कपड़े के रंग को फाइनल करने के बाद इसे गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी के टेलर के पास भेजा गया था और जैकेट को तैयार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, आधे बाँह वाले इस तरह के जैकेट को बनाने में करीब 15 बोतलों का इस्तेमाल होता है। वहीं फुल बाजू वाले जैकेट को बनाने में 28 बोतलों का प्रयोग किया जाता है। बोतलों से पहले फाइबर तैयार करने के बाद फेब्रिक बनाया जाता है।

वहीं इससे पहले इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड ने सोमवार (6 फरवरी, 2023) को टवीट कर प्रधानमंत्री को पीईटी बोतलों से बनी पोशाक भेंट करने के बारे में जानकारी दी थी। कंपनी ने टवीट कर कहा था, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को इंडियन ऑयल की अनबॉटल पहल के तहत पुनर्नवीनीकरण पीईटी बोतलों से बनी पोशाक के साथ प्रस्तुत किया गया। हम अपने सशस्त्र बलों और इंडियन ऑयल के कर्मचारियों के लिए कपड़े बनाने के लिए 10 करोड़ से अधिक पीईटी बोतलों का रिसाइकिल करेंगे।”

OIC के चेयरमैन के पोस्ट का स्क्रीन शॉट

वहीं इंडियन ऑयल के चेयरमैन श्रीकांत एम वैद्य ने लिंक्डइन पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा था, “यह इंडियन ऑयल के लिए महत्वपूर्ण दिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी दो प्रमुख सस्टेनेबिलिटी पहलों की शुरुआत की है। इस तरह का पहला प्रयास अनबॉटल के तहत हुआ है, इसके माध्यम से हम हर साल 10 करोड़ से अधिक पीईटी बोतलों को रिसायकल करेंगे। मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैं उन्हें रिसाइकिल की गई बोतलों से बनी और सस्टेनेबिलिटी के धागों से बुनी गई एक विशेष पोशाक भेंट कर रहा हूँ। उनके समर्थन ने हमें आने वाले दिनों के लिए प्रेरित किया है।”

मारा-पीटा, शरीर को चिमटे से जलाया…: गुरुग्राम के दंपति ने 14 साल की नाबालिग पर किए अत्याचार, कूड़ेदान से खाना खाकर जिंदा रही

हरियाणा के गुरुग्राम से 14 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक राँची की रहने वाली किशोरी को गुरुग्राम का एक दंपति प्रताड़ित कर रहा था। लड़की के शरीर पर गर्म चिमटे से दागे जाने और दूसरे कई तरह के घाव मिले हैं। लड़की के चेहरे पर भी चोट के कई निशान मिले हैं। बताया गया है कि लड़की को खाना भी नहीं दिया जाता था। किशोरी को गुरुग्राम पुलिस ने ‘वन स्टॉप सेंटर’ सखी की मदद से छुड़ाया। लड़की के साथ दरिंदगी करने वाले दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

दंपति के खिलाफ स्थानीय सखी सेंटर की प्रभारी पिंकी मलिक ने केस दर्ज कराया है। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम के न्यो कॉलोनी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एफआईआर के मुताबिक झारखंड के राँची की रहने वाली नाबालिग लड़की को मनीष खट्टर और कमलजीत कौर ने काम पर रखा था। मनीष और कमलजीत निजी कंपनी के लिए काम करते हैं। उन्होंने प्लेसमेंट एजेंसी की मदद से पीड़िता को काम पर रखा था।

शिकायत के अनुसार दोनों मिलकर न सिर्फ लड़की की पिटाई करते थे बल्कि उसे बुरी तरह टॉर्चर कर रहे थे। लड़की के हाथों, पैर और मुँह पर चोट के निशान हैं। शरीर के कई हिस्सों को बुरी तरह दागा गया है। बताया गया कि लड़की को रातभर सोने नहीं दिया जाता था और तो और उसे खाने के लिए भी नहीं दिया जाता था। लड़की भूख मिटाने के लिए कचरे के डिब्बे में फेंका गया बचा-खुचा भोजन व जूठन खाने को मजबूर थी। शिकायत के अनुसार दंपति महीनों से लड़की को प्रताड़ित कर रहा था तथा उसका यौन उत्पीड़न भी कर रहा था।

गुरुग्राम में ‘वन स्टॉप सेंटर’ सखी की केंद्र प्रभारी पिंकी मलिक ने ऑपइंडिया से बात करते हुए जानकारी दी कि उन्हें एक अनजान शख्स ने गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी में लड़की को प्रताड़ित किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद बिना देरी किए पिंकी मलिक ने पुलिस में शिकायत दी और पीसीआर की मदद से लड़की को घर से छुड़ा लिया।

फिलहाल पीड़िता को एक अस्पताल में दाखिल कराया गया है। अत्याचारी दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले दोनों हाथ जोड़कर माफी माँग रहे थे। दंपति का कहना है कि उन्होंने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी की देखभाल के लिए उसे रखा था। पिंकी मलिक ने ऑपइंडिया को बताया कि वह पीड़ित लड़की से दोबारा मुलाकात करेंगी। पीड़िता को ठीक होने में थोड़ा समय लग सकता है।

बता दें सखी ‘वन स्टाप सेंटर’ अनाथ, विधवा, निराश्रित महिलाओं को सहारा प्रदान देता है। वन स्टॉप सेंटर योजना भारत सरकार ने एक अप्रैल 2015 को हिंसा प्रभावित महिलाओं की मदद के लिए शुरू की है। यह योजना मूल रूप से सखी के नाम से जानी जाती है।

‘हरामी’ महुआ मोइत्रा के करतूत: पुलिस पर उठाया हाथ, पत्रकार को Fuck, पुलवामा आतंकियों का बचाव, जैन धर्म का अपमान

तृणमूस कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने मंगलवार (7 फरवरी, 2023) को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान एक अन्य सांसद के लिए हर@मी शब्द का प्रयोग किया। सदन में अध्यक्ष के सामने ‘अडानी ग्रुप’ पर मुद्दा रखने के बाद उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल किया। इस मामले में काफी हंगामा हुआ। हालाँकि, महुआ मोइत्रा द्वारा ऐसे शब्द संसद या सड़क पर बोला जाना कोई नई बात नहीं। न सिर्फ गाली-गलौच बल्कि महुआ मोइत्रा तो कई बार सामने वाले से भिड़ भी चुकीं हैं। उनकी हरकतों के पीड़ित सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि पुलिसकर्मी भी हैं।

महिला कॉन्स्टेबल पर उठाया था हाथ

सदन में हर@मी शब्द का प्रयोग करने वाली महुआ मोइत्रा अगस्त 2018 में असम में एक महिला पुलिसकर्मी को धक्का दे चुकीं हैं। तब महुआ असम में NCR का विरोध करने पहुँची थी। सिलचर एयरपोर्ट पर तैनात महिला पुलिसकर्मी ने महुआ को हाथ जोड़ कर समझाने की कोशिश की लेकिन उस मिन्नत का उन पर कोई असर नहीं पड़ा था। महुआ की हरकत से लेडी कांस्टेबल के हाथ पर चोट भी आई थी। इसी दौरान TMC के अन्य कार्यकर्ताओं के हंगामे से 1 अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हो गया था।

पत्रकार को दिखाई थी बीच वाली उंगली

यह मामला जनवरी 2015 का है। तब समाचार चैनल ‘टाइम्स नाउ’ पर महुआ मोइत्रा और अर्नब गोस्वामी में बहस चल रही थी। कुछ ही देर बाद एंकर अर्नब गोस्वामी के किसी सवाल पर महुआ ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने ऑन एयर शो में अर्नब को बीच वाली उंगली दिखाई थी। हालाँकि, इस हरकत के बाद भी अर्नब ने शो को जारी रखा और बहस जारी रही।

गोमूत्र का मजाक

फरवरी 2022 में महुआ मोइत्रा ने गोमूत्र का मजाक उड़ाया था। तब उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था, “आज शाम को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में बोलने जा रही हूँ। मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूँ कि बीजेपी की हेकलर टीम खुद को तैयार रख ले। गोमूत्र के शॉट्स भी पीकर आएँ।”

देश के लिए ‘सुसु पॉटी रिपब्लिक’ जैसे शब्द

मई 2021 में महुआ मोइत्रा ने भारत देश को ‘सुसु पॉटी रिपब्लिक’ लिखा था। तब उनके ट्वीट में लिखा था, “हमारे सुसु पॉटी रिपब्लिक में आपका स्वागत है। गोमूत्र पियो, गोबर छिड़को और शौचालय में कानून के शासन को फ्लश करो।” नेटीजेंस ने उनके इस ट्वीट का काफी विरोध किया था।

चित्र साभार- महुआ मोइत्रा ट्विटर स्क्रीनशॉट

भाजपा सांसद को बिहारी गुंडा

जुलाई 2021 में झारखंड से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर खुद को तीन बार ‘बिहारी गुंडा’ करने का आरोप लगाया था। दुबे ने ट्विटर पर मोइत्रा पर हिंदी भाषी लोगों और उत्तर भारतीयों के प्रति नफरत दिखाने का आरोप लगाया था। दुबे ने लिखा था, “तृणमूल कॉन्ग्रेस ने बिहारी गुंडा शब्द का इस्तेमाल करके बिहार के साथ-साथ पूरे हिंदी भाषी लोगों को गाली दी है।”

CJI पर अशोभनीय टिप्पणी

महुआ मोइत्रा ने 8 फरवरी 2021 को लोकसभा में चर्चा के दौरान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। तब उन्होंने न्यायपालिका को अपवित्र बताया था। महुआ ने आगे कहा था कि यौन शोषण के आरोप के बाद भी मुख्य न्यायाधीश ने इस्तीफा नहीं दिया। महुआ के अनुसार गंभीर आरोपों के बाद भी CJI रंजन गोगोई सुरक्षा ले कर घूमते रहे और बाद में राज्यसभा सदस्य बन गए। उन्होंने इसे भारत का दुर्भाग्य बताया था जिस पर सदन में काफी हंगामा हुआ था।

हालाँकि ये टिप्पणी लोकसभा से हटा दी गई थी उसके बावजूद महुआ मोइत्रा अपने बयान पर अड़ी रहीं और कहा कि सच को नहीं हटाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री को ग्लैडिएटर कहा

14 मार्च 2022 को महुआ मोइत्रा ने सदन में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘ग्लैडिएटर’ शब्द से सम्बोधित किया था। इसी बयान में उन्होंने आगे कहा था कि भाजपा के सदस्यों ने भारतीय संसद को ‘रोम का कोलोसियम’ बना डाला है।

पुलवामा के आतंकी को ‘लड़का’

जुलाई 2019 में महुआ मोइत्रा ने पुलवामा में आतंकी हमला कर के CRPF के 40 जवानों के बलिदान के आरोपित आतंकी को 20 साल का लड़का कहा था। हालाँकि अज्ञानतावश महुआ ने पुलवामा के हमले को बालाकोट का हमला बताया था और इसके लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। तब महुआ ने कहा था कि ऐसा इसलिए हुआ क्योकि सरकार एयर कवर नहीं दे पाई थी।

जैन लड़कों को माँसाहारी बताया

फरवरी 2022 में गुजरात नगरपालिका में माँस की बिक्री बैन करने के मुद्दे पर महुआ मोइत्रा ने जैन समाज पर अभद्र टिप्पणी की थी। तब उन्होंने खाने-पीने और पहनने पर किसी भी प्रकार की पाबंदी का विरोध किया था। इस बयान में महुआ ने कहा था, “आप उस भारत से डरते हैं जहाँ एक जैन लड़का घर से छिपकर अहमदाबाद की सड़क पर ठेले से काठी कबाब खाता है।’ इस बयान पर जैन समाज ने आपत्ति जताई थी और महुआ से माफ़ी की माँग की थी। हालाँकि महुआ ने बाद में किसी भी प्रकार की माफ़ी नहीं माँगी और न ही अपने शब्द वापस लिए।

मीडिया को 2 पैसे वाला बताया

8 दिसम्बर 2020 को कोलकाता में TMC की एक मीटिंग में मौजूद मीडियाकर्मियों को महुआ मोइत्रा ने 2 पैसे वाला बताया था। तब महुआ ने मीटिंग में मौजूद मीडियाकर्मियों को बाहर निकालने का फरमान सुनाया था। महुआ ने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें चेहरा चमकाने की शौक रखने वाला बता कर इस आदत से दूर रहने की हिदायत दी थी।