पाकिस्तान के पूर्व तानाशाह जनरल परवेज मुशर्रफ का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया है। वो इस्लामी मुल्क के राष्ट्रपति रहे थे। जब कारगिल में पाकिस्तान ने हमला किया था और मुँह की खाई थी, तब परवेज मुशर्रफ ही इस्लामी मुल्क की फ़ौज के मुखिया थे। 79 वर्षीय परवेज मुशर्रफ को एक खतरनाक और दुर्लभ बीमारी थी। उनकी उम्र 79 साल थी। पाकिस्तानी फ़ौज के मीडिया विंग ‘अन्तर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स’ ने उनकी मौत पर दुःख जताया है।
एजेंसी ने दुआ की कि अल्लाह दिवंगत रूह को शांति दे और परिवार को इस दुःख को बर्दाश्त करने की क्षमता दे। जून 2022 में भी परवेज मुशर्रफ को 3 हफ़्तों के लिए अस्प्स्तल में भर्ती कराया गया था। तब उनके परिवार ने बताया था कि उनके सभी अंग धीरे-धीरे काम करना बंद कर रहे हैं और उनके शरीर की स्थिति उस अवस्था में पहुँच गई है, जहाँ से कुछ भी ठीक नहीं किया जा सकता। तब भी उनकी मौत की अफवाह उड़ी थी, जिसे परिवार ने नकार दिया था।
उन्होंने 2010 में ‘ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML)’ नाम से एक पार्टी भी बनाई थी। पार्टी ने 2018 में ही बयान जारी कर बताया था कि परवेज मुशर्रफ Amyloidosis नामक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसमें शरीर के सभी अंग (दिल, किडनी, फेंफड़े, पाचन तंत्र और लिवर और नर्वस सिस्टम) के कामकाज में गड़बड़ी होने लगती है। इस बीमारी में शरीर में Amyloid नाम का खतरनाक प्रोटीन बनने लगता है, जो टिशूज को काम करने से रोकता है।
Former Pak military dictator Gen Pervez Musharraf is dead. Architect of #Kargil conflict of 1999 he as Pak army chief refused to accept bodies of hundreds of Pak soldiers killed in action in Kargil.Several soldiers had almost starved to death as Musharraf could not sustain troops pic.twitter.com/jNzRpKHquQ
उनके शरीर के नर्वस सिस्टम के अत्यधिक कमजोर हो जाने के बाद लंदन में उनका इलाज चल रहा था। 17 दिसंबर, 2019 को परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान के एक स्पेशल कोर्ट ने मौत की सज़ा सुनाई थी। उन्हें गद्दार साबित किया गया था। 30 मार्च, 2014 को अदालत ने उन्हें मुल्क के संविधान को बरख़ास्त करने का दोषी पाया था। वो जून 2001 से लेकर अगस्त 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति रहे थे। मार्च 2016 में वो पाकिस्तान से दुबई चले गए थे और उसके बाद से कभी अपने मुल्क नहीं लौटे।
रामचरितमानस विवाद में अब कॉन्ग्रेस प्रवक्ता डॉ उदित राज की भी टिप्पणी सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ‘आज तक’ की डिबेट में उन्होंने मुस्लिम या ईसाई धर्म पर कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया लेकिन हिन्दू धर्म पर टिप्पणी को अपना संवैधानिक अधिकार बताया है। एंकर द्वारा उदित राज का धर्म पूछे जाने पर उन्होंने खुद को बौद्ध बताया।
2 मिनट 3 सेकेण्ड के वायरल वीडियो में ‘आज तक’ के एंकर शुभांकर मिश्रा ने उदित राज से हिन्दू होने पर सवाल किया तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। इसके बाद उदित राज ने खुद को बौद्ध बताया। इसी वीडियो में शुभांकर ने उदित राज से ईसाई और इस्लाम पर सवाल नहीं करने का कारण पूछा तो कॉन्ग्रेस प्रवक्ता कन्नी काट गए। हालाँकि वो लगातार हिन्दू धर्म के खिलाफ बोलने की कोशिश करते रहे और इसे उन्होंने अपना संवैधानिक हक बताया।
बिहार में एक शब्द काफी प्रचलित है ‘थेथरई’, उसका सटीक उदाहरण यहाँ देखने को मिला!
आज तक द्वारा ये वीडियो शनिवार (4 फरवरी 2023) को शेयर किया गया। यह वीडियो 6 मिनट 38 सेकेण्ड लम्बा है। डिबेट में भाजपा की तरफ से राकेश त्रिपाठी, AIMIM की तरफ से वारिस पठान के साथ सुनील सिंह व विशाल मिश्रा नाम के 2 अन्य पैनलिस्ट भी मौजूद थे। इस बहस की शुरुआत एंकर शुभांकर मिश्रा ने राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा से की। उन्होंने कॉन्ग्रेस के सहयोगियों द्वारा की जा रही अशोभनीय टिप्पणियों का हवाला देकर उदित राज से स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर की गई टिप्पणी से संबंधित सवाल किया।
उदित राज ने इसी वीडियो में सनातन धर्म को व्यक्तिगत धर्म बताते हुए कहा कि उन्हें इस धर्म की न तो कोई किताब कहीं मिली है और न ही उसकी नियमावली। उन्होंने कहा कि इस धर्म को कुछ लोग सनातन, कुछ अन्य लोग हिन्दू तो कुछ लोग वैदिक धर्म कहते हैं, इसलिए उन्हें कुछ समझ में नहीं आता। उदित राज ने हिन्दू राष्ट्र के मुद्दे को भाजपा द्वारा वोटों का ध्रुवीकरण बताया।
डॉ उदित राज ने आगे कहा कि इस्लाम या ईसाई धर्म में कमियों से दलितों या पिछड़ों का कोई लेना-देना नहीं क्योंकि उन्हें पीड़ा जिससे है, उसी की बात की जाएगी। उदित राज का कहना था कि जिस धर्म में उन्हें छुआछूत जैसी पीड़ा मिली, वो उसी के बारे में बोलेंगे। भारत को उदित राज ने धर्मनिरपेक्ष बताते हुए कहा कि यह हिन्दूराष्ट्र नहीं है। इस बावत उन्होंने बाबा भीमराव अम्बेडकर का हवाला देते हुए कहा कि ऐसी कल्पना भी गलत होगी।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली पर अब उनकी पत्नी ने मारपीट की FIR दर्ज करवाई है। कांबली पर शराब के नशे में अपनी बीवी को बर्तन फेंक कर मारने का आरोप है। आरोप है कि इस दौरान पूर्व क्रिकेटर ने अपनी बीवी को गंदी-गंदी गालियाँ भी दीं। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। फिलहाल कांबली की गिरफ्तारी नहीं की गई है। घटना शुक्रवार (3 फरवरी 2023) की बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विनोद कांबली पर FIR बांद्रा थाने में दर्ज हुई है। यहीं पर कांबली का फ़्लैट भी है। उनकी पत्नी एंड्रिया का कहना है कि शुक्रवार की दोपहर लगभग 1 बजे से डेढ़ बजे के बीच कांबली ने उन पर खाना बनाने वाला पैन फेंक कर हमला किया। यह पैन एंड्रिया के सिर में लगा, जिससे उन्हें चोट आई।
शिकायत में बताया गया है कि हमले के दौरान विनोद कांबली नशे में थे। इस दौरान उन्होंने अपनी बीवी को भद्दी-भद्दी गालियाँ भीं दीं। एंड्रिया ने इसकी शिकायत पुलिस में की तो कांबली पर IPC की धारा 323 व 504 के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक कांबली के 12 साल के बेटे ने अपने पिता को समझाने की कोशिश करते हुए झगड़ा बचाने का प्रयास किया लेकिन वो सफल नहीं हुआ। कांबली पर अपने बेटे को भी गाली देने का आरोप है। बाद में बेटा ही अपनी माँ को इलाज के लिए भाभा अस्पताल ले गया। वहाँ से लौट कर एंड्रिया ने अपने पति के खिलाफ थाने में तहरीर दी।
गौरतलब है कि 1 साल पहले फरवरी 2022 में बांद्रा पुलिस ने पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली को शराब के नशे में कार चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस दौरान एक सोसाइटी के शिकायतकर्ता ने कांबली पर खुद को ठोकर मारने का आरोप लगाया था। इसी के साथ अगस्त 2022 में विनोद कांबली ने अपनी आर्थिक स्थिति बेहद खराब बताते हुए महीने की आमदनी 30 हजार रुपए ही होना बताया था। हालाँकि तब उन्होंने कहा था कि इस स्थिति के बारे में सचिन तेंदुलकर को सब पता है लेकिन उन्हें सचिन से कोई आशा नहीं है।
बिहार में जंगलराज दिखाई देने लगा है। JDU-RJD की गठबंधन वाली सरकार में अपराधियों के मनोबल चरम पर हैं। सारण जिले के मुबारकपुर गाँव में विजय यादव नाम के गुंडे ने अपने समर्थकों के साथ एक ही जाति के चार लोगों इतनी बुरी तरह पीटा की उनमें से 1 की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो अन्य अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं।
मुख्य आरोपित विजय यादव हकी पत्नी मुखिया है। लोगों का कहना है कि आपराधिक पृष्ठभूमि का विजय यादव पत्नी के नाम पर अपने पंचायत का काम-धाम देखता है। कहा जाता है कि विजय यादव का सत्ताधारी RJD में उपर तक पैठ है और उसे उस क्षेत्र के विधायक-सांसद का भी करीबी बताया जाता है।
मॉब लिंचिंग की घटना के बाद विजय यादव ने इन लोगों पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था। राज्य की मीडिया से लेकर देश की मीडिया तक ने उसे ऐसा भी बताया कि ये लोग मुखिया के पति पर हमला करने गए थे। हालाँकि, एक वीडियो सामने आया है, जिसमें विजय यादव के कथित फार्म में तीन युवकों को बुरी तरह पीटा जा रहा है। तीनों युवकों को लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और पाइप से पीटने की बात कही जा रही है।
छपरा के लठबाज दरिंदे! छपरा के मुबारकपुर का वीडियो है. फार्म हाउस में हाथ-पैर बांधकर 3 युवकों की पिटाई की गई. दो युवकों की मौत हो गई. तीनों युवकों पर मुखिया प्रतिनिधि पर फायरिंग के आरोप में यह किया गया है.Edited by @iajeetkumarpic.twitter.com/sQBSS6Z3Yo
मुबारकपुर गाँव के लोगों का कहना है कि तीनों युवक राजपूत समाज से ताल्लुक रखते हैं। प्राथमिकी में कहा गया है कि विजय यादव ने तीनों लोगों को साजिश के तहत सिधरिया टोला स्थित अपने मुर्गा फार्म पर ले गया और वहाँ पिटाई की। इस मामले में पाँच नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मृतक के चाचा जयशंकर सिंह ने बताया कि अमितेश गुरुवार (2 फरवरी 2023) की शाम में मुबारकपुर गाँव के बड़का बगीचा के पास गेहूँ के फसल की सिंचाई करने गया था। उसके साथ पड़ोसी खेत वाले युवक भी था। इस दौरान विजय यादव द्वारा तीनों युवकों को अगवा कर मुर्गी फार्म में ले जाकर बंधक बनाया गया और उनकी पिटाई की गई।
वहीं, सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की खबरेें भी चल रही हैं। लोगों का कहना है कि पिटाई के कारणों दूसरे युवक की भी अस्पताल में मौत हो गई है। कुछ लोग तीसरे मौत की भी बात कर रहे हैं। हालाँकि, स्थानीय पुलिस अभी सिर्फ एक मौत की बात कह रही है।
#Breaking: विजय यादव और उसके गुंडों ने अमितेश तोमर और राहुल सिंह तोमर की पीट-पीटकर की हत्या. आलोक तोमर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती. मुखिया प्रतिनिधि सरहंग विजय यादव ने तीनों युवकों को अगवा कर मुर्गी फार्म में बेरहमी से पिटाई की, पुलिस सोती रही. मामला बिहार के सारण का. pic.twitter.com/7paAipBO3z
इस संबंध में ऑपइंडिया ने बिहार के सारण जिले के माँझी थाने के प्रभारी से बात की। प्रभारी ने अपना नाम देवानंद कुमार बताया। घटना के बारे में बात करते हुए देवानंद कुमार ने कहा, “विजय यादव के भाई की कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी। उसके भाई की भी हत्या कर दी गई थी। ऐसे में आदमी थोड़ा सतर्क रहता है।”
SHO देवानंद कुमार ने ऑपइंडिया को आगे बताया, “जब ये तीनों लोग विजय यादव के मुर्गा फर्म पर पहुँचे तो उन्हें लगा कि कोई हमलावर है और उनके लोगों ने पिटाई कर दी।” थाना प्रभारी ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। बाकी दो लोग अस्पताल में हैं।
पीड़ित परिवार की ओर से थाने में FIR दर्ज कराई गई है। इसमें विजय यादव को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। हालाँकि, इस मामले में पिटाई करने वाले विजय यादव के एक गुर्गे को हिरासत में लिया गया है। विजय यादव अभी फरार है। देवानंद कुमार का कहना है कि अभी ‘उनकी’ गिरफ्तारी नहीं हुई है।
विजय यादव के बैकग्राउंड के सवाल पर देवानंद ने बताया, “मुझे नहीं पता की वो कैसे व्यक्ति हैं। इसके बारे में जानकारी नहीं है।” देवानंद का कहना है कि वे इस थाने में पिछले एक महीने से प्रभारी हैं। जब ऑपइंडिया ने उनसे पूछा कि एक महीने में उन्हें जानकारी नहीं हुई कि थाना क्षेत्र में कौन अपराधी है और कौन नहीं। इस पर देवानंद ने कहा कि उन्हें जानकारी है, लेकिन विजय यादव के बारे में नहीं है।
विजय यादव को लेकर SHO कुछ भी स्पष्ट बोलने से हिचकिचाते और कतराते रहे। इससे लोगों के इस आरोप को बल मिलता है कि SHO और सत्ता पक्ष आरोपितों को बचाने का प्रयास कर रहा है। हालाँकि, देवानंद ने इससे इनकार कर दिया। बता दें कि विजय यादव पर पहले से ही लूट-पाट, मारपीट और हत्या के कई मामले दर्ज हैं।
महाराजगंज से सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल का कहना है कि अपराधियों को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जब बच्चों के अपहरण की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को फोन किया था, लेकिन पुलिस 4 घंटे देर से पहुँची। उन्होंने यह भी कहा कि जब पुलिस इन लड़कों को छुड़ाने पहुँची तो विजय यादव और उसके गुर्गों ने पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस और फोर्स लेकर उन्हें छुड़ाकर लाई।
वहीं, सारण के एसपी गौरव मंगला ने ऑपइंडिया को बताया कि इस मामले में बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने भी इससे ज्यादा बताने से इनकार कर दिया। हालाँकि, मुबारकपुर गाँव के लोगों का कहना है कि विजय यादव अगल-बगल के ही गाँव में है और पुलिस उसे जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है।
उधर, अमितेश कुमार सिंह की मौत पर पूरे इलाके में तनाव है। गाँव में कई थानों की फोर्स मौजूद है। इस बीच मृतक अमितेश की बहन का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मृतक अमितेश की बहन कह रही है, “विजय यादव का हिम्मत था कि लाश गिरा दे… सारा राजपूत लोग चूड़ी और साड़ी पहन ले… आ… घर में बैठ जाव।” उसने पुलिस से आरोपितों के एनकाउंटर की माँग की।
इस घटना में मारे गए अमितेश की उम्र 35 साल है। वह शादीशुदा था और उसके बच्चे भी हैं। वहीं, जो दो अन्य युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रहे हैं, उनकी पहचान 23 वर्षीय राहुल कुमार और 25 वर्षीय आलोक कुमार के रूप में हुई है।
पाकिस्तान में अर्थव्यवस्था चौपट। घर-घर में आटे-दाल का संकट। लोग जगह-जगह अनाज लूट रहे। मुर्गियों को भी लूटा जा रहा। अब वहाँ की सबसे बड़ी रिफायनरी को भी बंद करना पड़ा। क्रिकेट ऐसे में कैसे बचा रह जाएगा। पाकिस्तान में आयोजित होने वाला एशिया कप अब संयुक्त अरब अमीरात में हो सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस जगह के लिए अपनी हामी भर दी है।
पहले बात करते हैं तेल की। पाकिस्तान की सबसे बड़ी रिफाइनरी ने वहाँ के ऊर्जा मंत्रालय (पेट्रोलियम डिवीजन) को एक पत्र लिखकर सूचित किया कि 2 फरवरी 2023 से 10 फरवरी 2023 तक कच्चे तेल की कमी के कारण रिफाइनरी बंद रहेगी। यह पत्र 31 जनवरी को लिखा गया। एक हफ्ते पहले पाकिस्तान की तेल कंपनी सलाहकार परिषद ने वहाँ के तेल और गैस नियामक प्राधिकरण को एक पत्र लिखा था, जिसमें रिफाइनरी उद्योग के संकट का जिक्र किया गया था। इस पत्र में स्पष्ट कहा गया कि तेल-उद्योग पतन के कगार पर है।
"Pakistan’s largest oil refinery has shut down for about a week due to the unavailability of crude oil as the US dollar shortfall and massive rupee devaluation hit its crude import capacity."https://t.co/lFEUxY78qx
पाकिस्तानी रुपए का मूल्य इन दिनों काफी गिर गया है। इस कारण से आयात पर प्रभाव की ओर इशारा करते हुए पत्र में आगे लिखा गया, “तेल की कीमतों में वृद्धि और पिछले 18 महीनों में पाकिस्तानी रुपए में लगातार गिरावट के कारण, बैंकिंग क्षेत्र से उपलब्ध वित्तीय राशि व्यापार के लिए अपर्याप्त हो गई है।”
एशिया कप पाकिस्तान से बाहर?
मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय क्रिकेट टीम ने साफ कर दिया था कि वह क्रिकेट खेलने पाकिस्तान नहीं जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस एलान के बाद शनिवार (4 फरवरी 2023) को एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की बहरीन में मीटिंग हुई। इस मीटिंग की अध्यक्षता BCCI और ACC के चेयरमैन जय शाह ने की। लम्बे मंथन के बाद इस मीटिंग में विकल्प के तौर पर आबू धाबी, शारजाह और दुबई के विकल्प दिए गए। BCCI ने इन विकल्पों पर हामी भर दी। हालाँकि इन स्थानों पर भी आयोजक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ही होगा।
बताते चलें कि इस बार एशिया कप का आयोजक पाकिस्तान है। विदेशी टीमें अपनी सुरक्षा के नजरिए से वहाँ जाने में कतराती हैं। हालाँकि तमाम कोशिशों के बाद वहाँ इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने जाकर मैच खेले हैं। फिलहाल पाकिस्तान द्वारा दिए गए सुरक्षा के लाख दिलासे के बावजूद भारत की टीम ने वहाँ जाने से साफ़ इंकार कर दिया है। संयुक्त अरब अमीरात में संभावित मैचों पर अंतिम मुहर व उसकी रूपरेखा लगभग 1 माह बाद सामने आ सकती है।
गौरतलब है कि इससे पहले श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर 3 मार्च 2009 को पाकिस्तान में आतंकी हमला हो चुका है। इस हमले में उनके खिलाड़ी बाल-बाल बचे थे, जिसमें सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। लगभग एक दशक पहले न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम जिस होटल में रुकी थी, उसके आगे एक आत्मघाती हमला हुआ है। इन हमलों बाद दुनिया भर के देशों ने अपनी टीमें पाकिस्तान भेजना बंद कर दिया था। तब से पाकिस्तान दुनिया भर को विश्वास में लेने की हर संभव कोशिश कर रहा था।
अमेरिका ने आसमान में उड़ रहे चीन के संदिग्ध जासूसी बैलून को मार गिराया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के निर्देश के बाद एफ-22 फाइटर जेट से मिसाइल दागकर कैरोलिना तट के पास गुब्बारे को गिरा दिया गया। इस जासूसी बैलून को लेकर अमेरिका और चीन के रिश्तों में खटास आ गई है।
शनिवार (4 फरवरी 2023) को अमेरिकी वायुसेना की इस कार्रवाई से पहले यूएस फेडरल एविएशन ऐडमिनिस्ट्रेशन ने आसपास के तीन हवाईअड्डों पर विमानों के आगमन-प्रस्थान पर रोक लगा दी गई। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत उठाए गए कदमों के तहत हवाई एरिया को खाली रखना था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन पाँच दिन पहले ही इस गुब्बारे को मार गिराना चाहते थे। हालाँकि, अधिकारियों ने सलाह दी कि इसके लिए सबसे उपयुक्त समय तब होगा, जब यह पानी के ऊपर आ जाए। सैन्य कार्रवाई के बाद गुब्बारे का मलबा समुद्र के पानी में फैल गया। बाद में इसे इकट्ठा कर लिया गया।
अमेरिका का स्पष्ट मानना है कि चीन का यह गुब्बारा जासूसी गुब्बारा था। इसमें सोलर पैनल, कम्युनिकेशन एक्विपमेंट, सेंसर आदि लगे हुए थे। यह अमेरिका के सैन्य अड्डों के ऊपर से गुजर चुका था। अमेरिका का कहना है कि गुब्बारे के जरिए चीन अमेरिकी सैन्य जानकारी हासिल कर रहा है।
ऊपर अमेरिका की इस कार्रवाई पर चीन ने रविवार (5 फरवरी 2023) को प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह अमेरिकी का ओवर रिएक्शन और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन दृढ़ता से प्रासंगिक कंपनी के वैध अधिकारों और हितों को बनाए रखेगा और साथ ही प्रतिक्रिया में आगे की कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखेगा।
बता दें कि बुधवार (01 फरवरी, 2023) को एक चीनी गुब्बारा अमेरिका के मोंटाना इलाके के ऊपर देखा गया था। अमेरिका का यह क्षेत्र संवेदनशील है। यहाँ अमेरिकी एयरफोर्स का बेस होने के साथ-साथ न्यूक्लियर मिसाइलें भी रखी हुई हैं।
अमेरिका में विपक्षी नेता जेम्स कॉमर ने आशंका जताई थी कि इस बैलून में बायो वेपन हो सकता है। उन्होंने बाइडेन प्रशासन को सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी नाक के नीचे ये बैलून अमेरिका में इतना अंदर तक चला आया। इसके बारे में उन्हें स्पष्ट करना चाहिए।
पेंटागन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, गुब्बारे का आकार तीन बसों के बराबर था, जो 60 हजार फीट की ऊँचाई पर उड़ रहा था। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इसे शूट करने से पहले गुब्बारे की जाँच के लिए लड़ाकू विमानों को भी उड़ाया गया था।
दूसरे गुब्बारे के बारे में जानकारी देते हुए पेंटागन के प्रवक्ता पैट राइडर ने कहा था कि अमेरिका इसे दूसरा चाइनीज जासूसी गुब्बारा मान रहा है। जासूसी गुब्बारे के बाद पैदा हुए हालात के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन का चीन दौरा रद्द कर दिया गया है।
उधर चीन ने सफाई में कहा था कि अमेरिकी क्षेत्र में पाया गया गुब्बारा चीन का ही है। चीन के विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया था कि गुब्बारे का इस्तेमाल मौसम संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए किया जाता है। संभवतः गुब्बारा अपने मार्ग से भटक गया है। चीन ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में गुब्बारे के प्रवेश पर खेद प्रकट करते हुए कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया है।
अपने ही द्वारा पोषित आतंकवाद से परेशान पाकिस्तान अब तालिबान के सामने गिड़गिड़ा रहा है। आलम ये है कि इस्लामी मुल्क की मस्जिदें भी सुरक्षित नहीं हैं। पेशावर में एक मस्जिद में हुए बम धमाके के बाद अब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार से मदद माँगने का मन बनाया है, ताकि आतंकवाद कम हो। पेशावर मस्जिद में हुए बम धमाके में 90 लोग मारे गए थे। तालिबान के सुप्रीम लीडर से इस बाबर दरख्वास्त की जाएगी।
‘पाक इंस्टिट्यूट फॉर पीस स्टडीज’ का कहना है कि मुल्क की जो सीमाएँ अफगानिस्तान से लगती हैं, पड़ोसी मुल्क में तालिबान के सत्ता सँभालने के बाद से उन इलाकों में आतंकवादी घटनाओं में 50% की बढ़ोतरी हुई है। पाकिस्तानी तालिबान ने कई आतंकी घटनाओं की जिम्मेदारी ली है। इसे ‘तहरीक-ए-तालिबान (TTP)’ के नाम से भी जाना जाता है। अफगानिस्तानी तालिबान का मुखिया हिबतुल्लाह अखुंदज़ादा है, जो अमेरिका में वॉन्टेड है।
TTP के दो सरगनाओं सरबकफ मोहम्मद और उमर मकरम खुरासानी ने कहा है कि पेशावर का हमला उन्होंने अपने एक अन्य साथी खालिद खोरसानी की मौत का बदला लेने के लिए अंजाम दिया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मियाँ शाहबाज शरीफ के स्पेशल अस्सिस्टेंट फैसल करीम कुण्डी ने कहा कि ईरान की राजधानी तेहरान में भी एक प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा। साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल भी जाएगा।
Afghan Taliban ask Pakistan to use diplomatic channels and present evidence of terrorists using Afghan soil to launch attacks inside Pakistan, spokie advises Pakistan to “look inwards” on Peshawar blast.
इन दोनों ही मुल्कों से कहा जाएगा कि वो आने-अपने देश से लगी पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद पर लगाम लगाएँ। काबुल भेजी जाने वाली समिति को वहाँ के शीर्ष नेताओं से मुलाकात कराया जाएगा। इसका सीधा अर्थ है कि तालिबान के मुखिया से मुलाकात होगी। पेशावर में हुए बम धमाके में न सिर्फ 93 लोग मारे गए हैं, जबकि 200 से ज़्यादा घायल भी हुए हैं। पाकिस्तान पहले से ही कंगाल होने के कगार पर खड़ा है।
शाहिद अफरीदी की बेटी अंशा के साथ निकाह की तस्वीरें लीक होने से शाहीन शाह अफरीदी ने निराशा जताई है। दरअसल, इसका कारण बताया जा रहा है कि इन तस्वीरों में अंशा ने हिजाब, पर्दा या बुर्का वगैरह नहीं पहना हुआ है और उसका पूरा चेहरा भी दिख रहा है। शाहीन शाह अफरीदी पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज हैं, वहीं शाहिद अफरीदी मुल्क की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान। अपने करियर में कई छक्के लगाने और T20 क्रिकेट में गेंदबाजी के लिए उनके मुल्क के लोग उन्हें लीजेंड मानते हैं।
शाहीन अफरीदी ने ट्वीट कर के लिखा, “ये काफी निराशाजनक है कि बार-बार निवेदन करने के बावजूद हमारी प्राइवेसी को ठेस पहुँचाया गया और लोगों ने बिना कोई अपराधबोध के इन तस्वीरों को कई बार शेयर किया। मैं विनम्रतापूर्वक सभी से ये निवेदन करना चाहूँगा कि हमारा सहयोग करें और और हमारे इस यादगार दिन को बिगाड़ने की कोशिश न करें।” शाहीन अफरीदी ने खुद भी निकाह की तीन तस्वीरें ट्वीट की हैं।
इसमें से एक तस्वीर में वो अपनी नई बीवी के साथ दिख रहे हैं, लेकिन इसमें उसका चेहरा पूरी तरह ढँका हुआ है। वहीं दूसरी तस्वीर में वो अपने ससुर शाहिद अफरीदी के साथ दिखाई दे रहे हैं। तीसरी तस्वीर में दोनों परिवारों के करीबी लोग हैं। लेकिन, जो तस्वीर वायरल हो रही है उसमें शाहीन शाह और अंशा अफरीदी साथ में बैठे दिख रहे हैं, वहीं अंशा का चेहरा भी नहीं ढँका हुआ है। कई कट्टर इस्लामी सेलेब्रिटी अपनी बीवियों का चेहरा नहीं दिखाते।
It’s very disappointing that despite many and repeated requests, our privacy was hurt and people kept on sharing it further without any guilt.
I would like to humbly request everyone again to kindly coordinate with us and not try to spoil our memorable big day.
शाहीन शाह अफरीदी टेस्ट क्रिकेट में 100 विकेट का आँकड़ा पूरा करने से महज एक विकेट दूर हैं, वहीं वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने 62 विकेट अपने नाम किया है। T20 इंटरनेशनल में भी उनके नाम 58 विकेट हैं। वो कभी-कभी छोटी-मोटी पारियाँ बल्ले से भी खेलने की क्षमता रखते हैं। बता दें कि पाकिस्तानी क्रिकेटर अक्सर इस्लामी धर्मांतरण पर जोर देते हैं और क्रिकेट को माध्यम बना कर जिहाद को आगे बढ़ाने में लगे रहते हैं।
बिहार के बेगूसराय स्थित परना पंचायत के मुखिया वीरेंद्र शर्मा के हत्यारे अंजुम, फरहान एवं इश्तियाक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि महफूज फरार है। पुलिस ने 72 घंटों के भीतर हत्यारों को पकड़ लिए जाने का दावा तो किया है, लेकिन अब मुखियाओं के संघ ने राज्य की नीतीश कुमार सरकार से सुरक्षा की माँग की है। महफूज ताज़ा मामले का मुख्य अभियुक्त है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वो बिहार से बाहर भाग गया है।
हालाँकि, उसके खिलाफ वॉरंट जारी कर दिया गया है और साथ ही कुर्की-जब्ती के आदेश भी दिए गए हैं। गुरुवार (2 फरवरी, 2023) को दोपहर में तब मुखिया वीरेंद्र शर्मा की हत्या कर दी गई थी, जब वह पंचायत के काम से ही जिला मुख्यालय बेगूसराय जा रहे थे। ये घटना चाँदपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। वीरेंद्र शर्मा ने चुनाव में तत्कालीन मुखिया मोहम्मद महफूज को हराया था, जिसके बाद उसने शूटरों को हायर कर के विजेता मुखिया को मरवा दिया।
मोहम्मद महफूज ने इस इस पूरी घटना की साजिश रची थी। पंचायत चुनाव में हार-जीत का फैसला महज 20 वोटों से ही हुआ था, जिसके बाद से मोहम्मद महफूज लगातार वर्तमान मुखिया को धमकी दे रहा था। ‘जन अधिकार पार्टी (JAP)’ के संस्थापक पप्पू यादव भी मृतक के परिजनों से मिलने पहुँचे। मुखिया वीरेंद्र शर्मा भाजपा के परना पंचायत के पिछड़ा प्रकोष्ठ के सक्रिय कार्यकर्ता थे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी भी उनके घर पहुँचे।
दिन-दहाड़े हुए इस हत्याकांड के बाद विपक्ष का कहना है कि राजद के सत्ता में लौटते ही बिहार में फिर से जंगलराज आ गया है। 2 बाइक पर सवार 4 बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया था। मोहम्मद महफूज अंसारी इससे पहले ही बिहार से निकल गया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। गिरफ्तार फरहान उसका बेटा है। हालाँकि, इस घटना में शामिल शूटरों में से अभी एक को भी नहीं पकड़ा जा सका है। गिरफ्तार आरोपितों ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूली है।
शाहरुख़ खान, जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘पठान’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन विवादों में आ गया है भारतीय फिल्म समीक्षकों की मानें तो फिल्म ने अब तक दुनिया भर में 700 करोड़ रुपए से भी अधिक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है, वहीं भारत में इसका नेट कलेक्शन 364 करोड़ रुपए के आसपास है। इस मामले में इससे आगे सिर्फ ‘बाहुबली 2’ और ‘KGF 2’ के हिंदी वर्जन को ही दिखाया जा रहा है।
हालाँकि, चर्चाओं का बाजार इसे लेकर गर्म है कि आखिर IMDb (इंटरनेट मूवी डेटाबेस) पर इसका कलेक्शन कम क्यों दिखाया जा रहा है। जब हमने IMDb पर चेक किया तो उस पर ‘पठान’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन मात्र $21,902,358 (180 करोड़ रुपए) बताया जा रहा है। ध्यान दीजिए, ये वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन के आँकड़े हैं, घरेलू नेट कमाई के नहीं। इसका मतलब है कि भारत में ग्रॉस और नेट कलेक्शन काफी कम है।
IMDb की मानें तो इसमें से आधी कमाई तो अमेरिका और कनाडा में हुई है। बता दें कि अक्सर विदेशों में शाहरुख़ खान के फैंस बड़ी संख्या में होने का दावा किया जाता रहा है और उनके फोकस शुरू से NRIs पर रहा भी है। अब सोशल मीडिया में लोग कह रहे हैं कि यही ‘पठान’ का असली बॉक्स ऑफिस कलेक्शन है, जिसे छिपाया जा रहा है। ट्विटर पर एक फैन के पूछने पर भी शाहरुख़ खान ने कलेक्शंस को लेकर गोलमोल जवाब दे दिया और कहा कि उन्होंने करोड़ों मुस्कुराहटें कमाई हैं।
*** Truth is out ***
Simple Google search “Pathaan collection worldwide IMDB”
इसके बदले में शाहरुख खान के फैंस भी IMDb से ही सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों के स्क्रीशॉट्स साझा कर रहे है, जिस लिस्ट में ‘पठान’ का कलेक्शन 700 करोड़ रुपए से पार बताया जा रहा है। हालाँकि, इसके पेज पर ये कलेक्शन काफी कम हो जाता है। अब सोचने वाली बात ये है कि अगर सच में भारत में इसकी कमाई 100 करोड़ रुपए भी नहीं है, फिर इसे लेकर इतना ज्यादा हाइप क्यों क्रिएट किया गया। प्रोड्यूसरों पर अक्सर गलत आँकड़े देने लगते रहे हैं।