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कई हिन्दू लड़कियों के साथ सदन खान की अश्लील तस्वीरें, नाम बदल इंस्टाग्राम से करता था दोस्ती: ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण भी, ‘बजरंग दल’ ने धुना

मध्य प्रदेश के इंदौर से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ सदन खान पर नाम बदलकर सोशल मीडिया के जरिए हिंदू लड़की को अपने प्रेम जाल में फँसाने, अश्लील वीडियो बनाने और उसे ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है। बुधवार (18 जनवरी, 2023) को इसकी जानकारी मिलने पर ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं ने उसे जमकर पीटा और पुलिस के हवाले कर कर दिया है। यह घटना इंदौर के भंवरकुआँ इलाके की है।

भंवरकुआँ पुलिस ने बताया कि सदन (अब्बा का नाम सादिक खान) पुणे का रहने वाला है। उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर सदन खान की कई और लड़कियों के साथ भी फोटो वायरल हो रही हैं। ‘बजरंग दल’ का दावा है कि वह नाम बदलकर इंस्टाग्राम पर केवल हिंदू लड़कियों से ही दोस्ती करता था। इसके बाद वह उन्हें अपने प्रेम जाल में फाँसता था। सदन के मोबाइल से उन्हें इंदौर की लड़की के अलावा कई और लड़कियों के अश्लील फोटोज भी मिले हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सदन खान ने खुद को अभिनव बताकर इंस्टाग्राम पर पहले हिंदू युवती से दोस्ती की। इसके बाद उसका अश्लील वीडियो बनाया और फिर उसे ब्लैकमेल करने लगा। सदन पर लड़की का शारीरिक शोषण करने का भी आरोप है। वह पुणे से इंदौर के भंवरकुआँ इलाके में कॉलेज में पढ़ रही छात्रा से मिलने के लिए आया था। एक ऑटो रिक्शा चालक ने पालदा इलाके से आरोपित को अपने ऑटो में बैठाया था।

रास्ते में सदन ने मोबाइल पर अपने दोस्तों से बात की। वह अपना नाम लेने के साथ कॉलेज की छात्रा के बारे में बात कर रहा था। लड़की जब होस्टल से बैग लेकर निकली तो रिक्शा चालक को उस पर शक हुआ। इसके बाद उसने ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी दी।

‘बजरंग दल’ के विभाग संयोजक तन्नु शर्मा ने बताया कि सदन खान आईटी पार्क में छात्रा के साथ बैठा था। तभी वहाँ संगठन के मंत्री विपिन राठौर और अन्य कार्यकर्ता पहुँचे। पहले वह खुद को हिंदू बताकर उन्हें गुमराह करता रहा। लेकिन, जब उन्होंने उसने पीटा और उससे आईडी कार्ड माँगा तो उसने अपना नाम सदन और अब्बा का नाम सादिक खान बताया। बताया जा रहा है कि छात्रा को भी उसके मुस्लिम होने का पता नहीं चला। छात्रा ने बताया कि वह उससे हिंदू बनकर ही फोन पर बात करता था।

वह उससे मिलने इंदौर आया। उसने पहले होटल बुलाया फिर छात्रा को आईटी पार्क लेकर आया। पुलिस के मुताबिक, छात्रा खुड़ैल इलाके में रहती है। उसने और उसके परिवार वालों ने केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। वहीं, सदन खान ने इस बात को कबूल किया है कि वह इन सभी हिंदू लड़कियों से नाम बदलकर (हिंदू नाम रखकर) मिलता था। पुलिस इन लड़कियों की पहचान करने में जुट गई है।

नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भागने की फिराक में था नौशाद: लश्कर के आतंकियों अशफाक-सुहैल से संपर्क में था, नेपाली अधिकारी को खिलाई थी रिश्वत

दिल्ली के जहाँगीरपुरी के भलस्वा डेयरी क्षेत्र से पकड़े गए आतंकियों नौशाद और जगजीत सिंह जग्गा से पूछताछ में बड़े खुलासे हो रहे हैं। नौशाद से पूछताछ में पता चला है कि वह नेपाल के रास्ते पाकिस्तान जाना चाहता था। रिश्वतखोर नेपाली अधिकारी के पकड़े जाने के कारण ऐसा नहीं हो सका। पता चला है कि नौशाद, अशफाक और सुहैल जैसे पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था। आतंकी पंजाब में बड़े नेताओं को निशाना बनाना चाहते थे।

पकड़े गए आतंकी नौशाद ने पूछताछ के दौरान जानकारी दी कि हत्या के आरोप में 25 सालों से ज्यादा समय तक जल में रहने के दौरान उसकी जान-पहचान कई आतंकियों से हुई थी। वह साल 2018 में जेल से रिहा हुआ था। रिहाई के बाद से ही वह आतंकियों के संपर्क में आना चाहता था। यहाँ तक की वर्ष 2019 में वह दो बार नेपाल गया था। नेपाल से पासपोर्ट हासिल कर वह पाकिस्तान जाना चाहता था। जिस नेपाली अधिकारी के जरिए नौशाद अपना नेपाली पासपोर्ट बनवा रहा था वो रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार हो गया और नौशाद पाकिस्तान नहीं जा सका।

ANI से मिली जानकारी के मुताबिक, नौशाद लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अशफाक और सुहैल के संपर्क में था। सुहैल ने पंजाब के कुछ बड़े नेताओं को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी। दिल्ली पुलिस की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, जेल में सजा के दौरान ही वह पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में आया था और उनके लिए काम करने लगा था।

बता दें कि 12 जनवरी, 2023 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नौशाद और जगजीत सिंह जग्गा को गिरफ्तार किया था। दोनों ने हिंदू युवक के हत्या की बात कबूली थी। नौशाद ने आतंकी संगठन आईएसआईएस से प्रेरित होकर हिंदू युवक की हत्या कर सिर काट दिया था और इस कृत्य का वीडियो भी बनाया था। रिपोर्टों के मुताबिक, इस वीडियो को उसने पाकिस्तान स्थित अपने आका सुहैल को भेजा था। नौशाद और जगजीत की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने घर और आसपास की तलाशी के दौरान यह युवक का शव बरामद किया था।

मुंबई पुलिस ने राखी सावंत (अब फातिमा) को हिरासत में लिया: कहा- आदिल खान को मुझसे अलग करना चाहते हैं उसके परिवार वाले

अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत (Rakhi Sawant) को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस बात की जानकारी मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने दी दी है। शर्लिन ने राखी सावंत के खिलाफ कुछ दिन पहले शिकायत दर्ज करवाई थी।

शर्लिन चोपड़ा ने गुरुवार (19 जनवरी 2023) को ट्वीट कर कहा, “ब्रेकिंग न्यूज अम्बोली पुलिस ने प्राथमिकी 883/2022 के संबंध में राखी सावंत को गिरफ्तार किया है। कल राखी सावंत की ABA 1870/2022 को मुंबई की सत्र न्यायालय ने खारिज कर दिया था।”

यह मामला बॉलीवुड के ऐक्टर-डायरेक्टर साजिद खान द्वारा किए गए कई लड़कियों के यौन शोषण और उनके खिलाफ MeToo के आरोपों से जुड़ा है। बिग बॉस-16 में साजिद खान को लेने पर पीड़िताओं ने मोर्चा खोल दिया था। उनका कहना था कि जिन व्यक्ति ने कई लड़कियों का शोषण किया उसे इतने बड़े शो में मौका नहीं दिया जाना चाहिए।

शर्लिन चोपड़ा ने भी उन लड़कियों के पक्ष में आवाज उठाई और अपने हाथ साजिद खान द्वारा किए गए अपमानजनक व्यवहार को भी साझा किया। शर्लिन चोपड़ा साजिद खान के लिए शिकायत भी पहुँची थी। उधर, राखी सावंत ने साजिद खान का बचाव किया था।

राखी ने कहा था कि वह साजिद खान को भाई मानती हैं। उन्होंने कहा था कि साजिद खान के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप गलत है। इतना ही नहीं, साजिद के खिलाफ शिकायत देने पर राखी ने शर्लिन चोपड़ा के खिलाफ भी भद्दी-भद्दी टिप्पणी की थी। इसके बाद शर्लिन चोपड़ा ने राखी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई थी।

शर्लिन ने राखी सावंत पर आरोप लगाते हुए कहा था, “राखी सावंत क्या करती है कि वो लग्जरी होटल्स में जाकर प्राइवेट इवेंट्स करती है और करवाती है। वो सब्सक्रिप्शन पर बॉयफ्रेंड और हस्बैंड बनाती है। एक या दो साल में वो उन भाड़े के बॉयफ्रेंड और हस्बैंड को इतना चूस-चूस के कंगाल करती है कि बेचारे भाग जाते हैं। ये है राखी सावंत की असलियत।”

बता दें कि राखी सावंत पिछले कुछ दिनों से अपनी शादी को लेकर रोज नए बयान देकर सुर्खियों में बनी हुई थीं। हाल में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पति बने आदिल खान दुर्रानी के परिजन यानी उनके ससुराल वाले आदिल को पैसों का लालच देकर उनसे अलग करना चाहते हैं।

राखी ने कहा, “आदिल मुझसे बहुत प्यार करते हैं, लेकिन मैसूर में कुछ लोग उन्हें वापस बुला लेना चाहते हैं। पैसों का लालच देकर वो आदिल को मुझसे अलग कर देना चाहते हैं। लेकिन, आदिल को पैसों का कोई लालच नहीं है।”

बता दें कि अपनी शादी को ड्रामा बना चुकी राखी ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने आदिल से निकाह करने के लिए इस्लाम धर्म अपना लिया है और अपना नाम फातिमा रख लिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि घर में शांति के लिए वे दोनों अब मक्का में उमरा करने जाएँगे।

दरअसल, राखी ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि आदिल ने उससे शादी की है, लेकिन अब इस शादी से इनकार कर रहे हैं। इसके बाद आदिल ने स्वीकार किया था कि उन्होंने राखी सावंत से शादी की थी। 

ड्रेस कोड के बावजूद बुर्का में पहुँचीं मुस्लिम छात्राएँ, प्रवेश नहीं मिला तो धरने पर बैठ गईं: अन्य लड़कियों ने कहा – समानता के लिए यूनिफॉर्म ज़रूरी, फॉलो करो रूल्स

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज में ड्रेस कोड लागू होने के बावजूद बुर्का पहनकर पहुँची छात्राओं को कॉलेज प्रशासन ने बुधवार (18 जनवरी, 2023) को प्रवेश देने से मना कर दिया। इसके बाद छात्राएँ कॉलेज के बाहर धरने पर बैठ गईं।

मुस्लिम छात्राओं का आरोप है कि उन्हें ड्रेस कोड का हवाला देकर बुर्का पहनकर कॉलेज में आने से मना कर दिया गया। साथ ही एंट्री गेट पर बुर्का उतारने के लिए मजबूर भी किया गया। मामला बढ़ने के बाद मुस्लिम छात्रों, ‘समाजवादी छात्र सभा’ के कार्यकर्ताओं और कॉलेज के प्रोफेसर के बीच हाथापाई तक हो गई। सोशल मीडिया पर ‘हिंदू कॉलेज’ का वीडियो वायरल हो रहा है।

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर उन छात्राओं का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जो ‘हिंदू कॉलेज’ द्वारा ड्रेस कोड लागू करने से काफी खुश हैं। एक छात्रा ने कहा, “मुझे ड्रेस पहनकर आना बहुत अच्छा लग रहा है। इक्वेलिटी (समानता) महसूस हो रही है। किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं लग रहा है। अमीर, गरीब सब बराबर लग रहे हैं।” एक और छात्रा आयुषी ने बताया कि उसे भी कॉलेज की ड्रेस में आना अच्छा लग रहा है। रूल्स बने हुए हैं। ड्रेस में आते हैं, तो ऐसा लगता है कि कॉलेज जा रहे हैं।

बुर्का पहनकर हंगामा करने वाली छात्राओं के बारे में पूछे जाने पर आयुषी ने कहा, “ये गलत है। हर कॉलेज के अपने-अपने रूल्स होते हैं। वो रूल्स हमें फॉलो करने चाहिए।”

वहीं, कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. एपी सिंह का कहना है कि उन्होंने यहाँ छात्रों के लिए एक ड्रेस कोड लागू किया है, जो भी इसका पालन करने से इनकार करेगा, उसे कॉलेज परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “बिना तर्क के इस मुद्दे को तूल दिया गया है। दो महीने पहले ही घोषणा कर दी गई थी कि एक जनवरी से कॉलेज में ड्रेस पहनकर आना अनिवार्य होगा, तो यह नियम सभी के लिए लागू है। कॉलेज प्रशासन का निर्णय सभी को मानना चाहिए। व्यवस्था खराब करने की किसी को छूट नहीं दी जाएगी।”

इसको लेकर ‘समाजवादी छात्र सभा’ के सदस्यों ने बुर्के को कॉलेज के ड्रेस कोड में शामिल करने और मुस्लिम लड़कियों को इसे पहनकर अपने क्लास रूम में बैठने की अनुमति देने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।

कर्नाटक हिजाब विवाद

गौरतलब है कि इसी तरह का एक मामला कर्नाटक में जनवरी 2022 में सामने आया था। कर्नाटक (Karnataka) के उडुपी जिले के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज की कुछ मुस्लिम छात्राएँ क्लास के अंदर हिजाब (Hijab) पहनने की जिद पर अड़ गई थीं। इसके लिए उन्होंने विरोध प्रदर्शन भी किया था। ये छात्राएँ इस्लामीकरण के प्रतीक हिजाब को अपना मौलिक अधिकार बता रही थीं। कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस मामले पर 14 मार्च 2022 को अपने फैसले में कहा था कि छात्राएँ तय यूनिफॉर्म को पहनकर आने से मना नहीं कर सकती हैं। इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में 23 याचिकाएँ डालकर चुनौती दी गई थी।

‘भारत में इस्लामी सत्ता स्थापित करने की अनुमति नहीं दे सकते: SIMI पर प्रतिबंध को लेकर अदालत में मोदी सरकार की दो टूक, कहा – ये देश की संप्रभुता के लिए खतरा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर ‘स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI)’ पर लगे प्रतिबंधों को सही ठहराया है। केंद्र ने कहा है कि भारत में इस्लामी सत्ता स्थापित करने के उद्देश्य को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जा सकती।

दरअसल, केंद्र सरकार ने साल 2019 में एक अधिसूचना जारी कर सिमी पर लगे प्रतिबंध को 5 साल के लिए बढ़ा दिया था। इस प्रतिबंध को चुनौती देते हुए हुमाम अहमद सिद्दीकी नामक व्यक्ति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब माँगा था।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा है कि सिमी पर 27 सितंबर, 2001 को प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बाद भी सिमी के सदस्य बैठकें कर देश विरोधी साजिश रच रहे हैं। यही नहीं, सिमी के लोग हथियार, गोला-बारूद इकट्ठा कर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

केंद्र ने यह भी कहा है कि सिमी की गतिविधियाँ भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को खतरे में डाल रहीं हैं। सिमी के कार्यकर्ता देश के बाहर बैठे अपने सहयोगियों और आकाओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। उनकी हरकतें देश में स्थापित शांति व्यवस्था को भंग कर सकतीं हैं। सिमी के उद्देश्य भारत के कानून के विपरीत हैं।

केंद्र सरकार ने जोर देकर कहा है कि सिमी की मंशा हिंदुस्तान में इस्लामी सत्ता स्थापित करने की है। इस तरह के उद्देश्य को किसी भी हालत में अनुमति नहीं दी जा सकती। सरकार ने कहा है कि सिमी अपने नए सदस्य को एक शपथ दिलाता है। इस शपथ में देश से मानवता की मुक्ति और इस्लाम की स्थापना की बात कही जाती है। केंद्र ने यह भी कहा है कि 25 अप्रैल 1997 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से अस्तित्व में आए सिमी के उद्देश्यों में जिहाद, राष्ट्रवाद का विनाश और इस्लामी सत्ता की स्थापना करना शामिल था।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में यह भी कहा है कि सिमी देश के संविधान में विश्वास नहीं करता। यह मूर्तिपूजा को पाप को मानता है और इसे समाप्त करने को अपना कर्तव्य मानता है।

सिमी पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, बांग्लादेश और नेपाल में बैठे लोगों के संर्पक में है। यह जम्मू-कश्मीर राज्य से संचालित विभिन्न कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवादी संगठनों से भी प्रभावित है। सरकार ने कहा कि इसके अलावा हिज्बुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन अपने राष्ट्र विरोधी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सिमी के कैडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सरकार ने कहा है कि प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से सिमी देश के कई राज्यों में छोटे संगठनों को कवर के रूप में उपयोग कर रहा है। सिमी के कई कार्यकर्ता तमिलनाडु में ‘वहादत-ए-इस्लामी’ सहित कई नामों से फिर से एकजुट हो रहे हैं। इसी प्रकार राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश और दिल्ली में ‘इंडियन मुजाहिदीन’, कर्नाटक में ‘अंसारुल्ला’, उत्तर प्रदेश में ‘मुस्लिम मुत्ताहिदा मिहाद’, मध्य प्रदेश में ‘वहादत-ए-उम्मत’, और पश्चिम बंगाल में ‘नागरिक अधिकार सुरक्षा मंच’ जैसे संगठन सिमी के कवर के रूप में काम कर रहे हैं।

बता दें कि अमेरिका में हुए 26/11 आतंकी हमले के बाद सिमी पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस प्रतिबंध के बाद से सिमी पर लगातार प्रतिबंध बढ़ता रहा है। सिमी कार्यकर्ताओं पर, साल 2017 में बोधगया में हुए आतंकी हमले, साल 2014 में बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए विस्फोट समेत कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।

‘रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की प्रक्रिया चल रही है’: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी, UPA सरकार ने तोड़ने की बनाई थी योजना

सनातनियों के आस्था के केंद्र रामसेतु (Ram Setu) को लंबे समय से राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की माँग जल्दी ही पूरी हो सकती है। केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने शीघ्र ही इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित करेगी। इसकी प्रक्रिया जारी है।

केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को बताया है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया संस्कृति मंत्रालय में चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी को कहा है कि अगर उनके पास इससे संबंधित कोई अन्य दस्तावेज या सामग्री है तो वो संस्कृति मंत्रालय को दे सकते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि स्वामी चाहें तो मंत्रालय के समक्ष अतिरिक्त बातें रख सकते हैं। इस पर स्वामी ने कहा कि वे अपनी बातें रख चुके हैं।

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा, “अगर मंत्री जी मुझसे मिलना चाहते हैं तो मिल सकते हैं। अगर मंत्री मिलना नहीं चाहते हैं तो मैं भी किसी से नहीं मिलना चाहता। हम एक ही पार्टी में हैं। यह मुद्दा हमारे घोषणा-पत्र में शामिल था। उन्हें (संस्कृति मंत्रालय) को 6 हफ्ते में फैसला करने दीजिए।”

बता दें कि भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद सु्ब्रमण्यम स्वामी (Subramaniyan Swamy) ने रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने की माँग वाली याचिका दाखिल की थी। इसके बाद उन्होंने साल 2020 में इस याचिका पर जल्द सुनवाई की माँग की थी।

इससे पहले केंद्र सरकार ने 12 जनवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि स्वामी की याचिका पर वह फरवरी के पहले सप्ताह में जवाब दाखिल करेगी। जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने सुनवाई फरवरी के दूसरे सप्ताह में करने की बात कही थी। हालाँकि, मामले को गुरुवार (19 जनवरी 2023) को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया गया।

भाजपा नेता ने स्वामी ने कहा कि वह मुकदमे का पहला दौर उसी समय जीत चुके थे, जब केंद्र सरकार ने रामसेतु के अस्तित्व को स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि उनकी माँग पर विचार करने के लिए 2017 में बैठक संबंधित मंत्री ने बैठक बुलाई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

बता दें कि सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इससे पहले की कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल में सेतुसमुद्रम पोतमार्ग परियोजना के खिलाफ जनहित याचिका दायर किया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और उसके बाद साल 2007 मे इस परियोजना पर रोक लगा दी।

रामसेतु तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट के पंबन द्वीप और श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी तट पर मन्नार द्वीप के बीच चूना पत्थर की पुल जैसी श्रृंखला है। 48 किलोमीटर लंबे रामसेतु को आदम ब्रिज के नाम से भी जाना जाता है। इतिहासकारों की मानें तो साल 1480 में आए एक तूफान में यह पुल काफी टूट गया। उससे पहले लोग पैदल और वाहन के जरिए भारत और श्रीलंका आते-जाते थे।

अमेरिका के साइंस चैनल ने तथ्यों के साथ ये दावा किया था कि भारत और श्रीलंका के बीच मौजूद रामसेतु प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानव का द्वारा बनाया गया है। कहा जाता है कि अमेरिका के वैज्ञानिकों को इस बात के प्रमाण मिले हैं कि रामसेतु के पत्थर करीब 7000 साल पुराने हैं। 

मुस्लिम लड़की से था प्यार, मौलाना के चक्कर में फाँसी पर झूल गया दीपक: लिखा- अलविदा… नसीम को याद रखना, पीड़ित पिता ने बताया धर्मांतरण का दबाव

झारखंड के रांची में एमबीए छात्र दीपक कुमार ने आत्महत्या कर ली है। रिपोर्टों के अनुसार दीपक को एक मुस्लिम लड़की से प्यार था। उसके दूरी बना लेने के बाद वह एक मौलाना के चक्कर में पड़ गया था। दीपक के पिता ने कहा है कि उनके बेटे पर धर्मांतरण का दबाव डाला जा रहा था। इससे परेशान होकर उसने फाँसी लगा ली। आरोपों के घेरे में दीपक का दोस्त बताया जा रहा नसीम है। आरोप है कि वही उसे मौलाना के पास लेकर गया था। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दीपक बुढ़मू प्रखंड के उमेडंडा गाँव का रहने वाला था। वह अपनी बहन के साथ पहाड़ी मंदिर चूना भट्ठा इलाके में किराए के मकान में रहकर एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। मंगलवार (17 जनवरी 2023) की रात दीपक की बहन को उसकी मौसी का फोन आया। दरअसल, दीपक ने आत्महत्या से कुछ देर पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था, “अलविदा दोस्तों… मौलाना, नसीम को याद रखना।” मौसी ने दीपक का स्टेटस देखकर उसकी बहन को फोन किया। बहन जब कमरे में पहुँची तो दीपक पंखे से लटका हुआ था।

बहन का शोर सुनकर आसपास के लोग कमरे में पहुँचे और दीपक को अस्पताल (रिम्स) ले जाया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दीपक के पिता ने आरोप लगाया है कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था। पुलिस को दिए बयान में उन्होंने जानकारी दी है कि दीपक दूसरे मजहब की एक युवती से प्रेम करता था। बेंगलुरु चले जाने के बाद युवती ने दीपक से दूरी बना ली। इससे दीपक आहत था। इसका फायदा नसीम ने उठाया।

आरोप है कि दीपक ने नसीम को अपने प्रेम प्रसंग की जानकारी दी थी। इसके बाद नसीम उसे एक मौलाना के पास ले गया। उसने भरोसा दिलाया कि मौलाना दीपक और उसकी प्रेमिका के बीच रिश्ते ठीक कर देगा। नसीम और मौलाना ने इस बीच दीपक से रुपए भी ऐंठे। आरोप है कि युवती से संबंध सुधारने के बदले दीपक ने अपनी बाइक बेचकर दोनों को रुपए दिए। हालाँकि इससे कोई फायदा नहीं हुआ। आरोपों के मुताबिक इसी बीच दीपक पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया। उससे कहा गया कि यदि वह धर्म बदल ले तो लड़की से उसकी शादी करवा दी जाएगी।

लड़की से दीपक के संबंध अच्छे नहीं हुए। देर रात को दीपक ने व्हाट्सएप पर स्टेटस बदलकर खुदकुशी कर ली। दीपक के पिता ने धर्म परिवर्तन का दबाव बताते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। बुधवार (18 जनवरी 2023) को दीपक का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। पुलिस ने आरोपितों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए मामले की जाँच किए जाने की बात कही है।

‘गलती से खुला विमान का इमरजेंसी डोर, तुरंत माँगी माफ़ी’: मंत्री सिंधिया की बात पर यात्रियों ने लगाई मुहर, तेजस्वी सूर्या बोले – हो रही राजनीति

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या पर ‘इंडिगो एयरलाइन्स’ का आपात दरवाजा खोलने का आरोप लगा है, जिसके बाद भाजपा विरोधी नेता उन्हें लगातार निशाना बना रहे हैं। ये मामला 10 दिसंबर, 2022 (शनिवार) को चेन्नई-तिरुचिपल्ली फ्लाइट का है। हालाँकि, तेजस्वी सूर्या ने उन पर लग रहे आरोपों को ‘राजनीतिक हिटजॉब’ करार दिया है और कहा है कि वो इस पर जवाब देकर इसका महिमामंडन नहीं करेंगे। कॉन्ग्रेस भी इस मामले में हमलावर हैं।

केंद्रीय केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस मामले में तेजस्वी सूर्या ने माफ़ी माँग ली है और ये गलती से हुआ था। 32 वर्षीय तेजस्वी सूर्या ‘BJYM (भारतीय जनता युवा मोर्चा)’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो दक्षिण बेंगलुरु से सांसद हैं। तेजस्वी सूर्या के बगल में बैठे एक यात्री ने बताया कि उन्होंने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया, बल्कि उनकी सीट पर हाथ रखने के लिए कुछ नहीं बना था और उनकी कुहनी छू जाने के कारण ये घटना हुई।

चेन्नई एयरपोर्ट पर जब ये घटना हुई, जब विमान में 70 यात्री सवार थे। तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई भी इस विमान में उनके साथ थे। तेजस्वी सूर्या ने इस घटना के तुरंत बाद लिखित में बताया कि क्या घटना हुई और साथ ही माफ़ी भी माँगी। हालाँकि, इस घटना से विमान में ज़रूर कुछ देरी हुई। तेजस्वी सूर्या और अन्नामलाई ने यात्रियों से भी इसके लिए माफ़ी माँगी। सह-यात्री ने बताया कि भला तेजस्वी सूर्या जानबूझ कर आपात दरवाजा खोल कर खुद के लिए ही खतरा क्यों मोल लेंगे?

किसी विमान के इमरजेंसी डोर को चुपचाप खोल लेना उतना भी आसान नहीं है, बल्कि लोगों के सामने ही ऐसा हो सकता है – छिप कर नहीं। हालाँकि, कर्नाटक की विपक्षी पार्टियों का कहना है कि भाजपा इस मामले में कवरअप कर रही है। तेजस्वी सूर्या ने इन आरोपों पर कहा कि फ़िलहाल उनका पूरा ध्यान अपनी पार्टी और संसदीय क्षेत्र के लिए काम करने पर है। एक अन्य यात्री ने बताया कि AC का वेंट कम करने के लिए तेजस्वी सूर्या ने हाथ आगे बढ़ाया, तभी ये घटना हुई। उस समय विमान एयरपोर्ट पर लगा हुआ था और खराब मौसम के कारण उड़ने में देरी थी।

BJP के संपर्क में ममता बनर्जी के 21 MLA: मिथुन चकवर्ती का दावा, कहा- बंगाल में बदलाव के लिए आंदोलन जरूरी

बॉलीवुड (Bollywood) के पूर्व अभिनेता और पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता मिथुन चक्रवर्ती (West Bengal BJP Leader Mithun Chakraborty) ने दावा किया है सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के 21 से अधिक नेता उनके संपर्क में हैं।

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “मैं अब भी कह रहा हूँ कि टीएमसी के 21 से ज्यादा नेता मेरे संपर्क में हैं। मैं सबूत के बिना बात नहीं करता और आने वाले समय में और खुलासा करूँगा।”

मिथुन ने कहा कि वे हार से नहीं डरते, लेकिन चाहते हैं कि चुनाव बिना किसी हिंसा के स्वतंत्र रूप से हो। साल 2021 में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने कहा, “तीन सीटों से हम 77 सीटों पर पहुँच गए। हाँ, हम जीत नहीं पाए, लेकिन हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया।”

पूर्व बॉलीवुड अभिनेता चक्रवर्ती ने बुधवार (18 जनवरी 2023) को टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ भी स्थायी नहीं है और पश्चिम बंगाल में एक राजनीतिक परिवर्तन अपरिहार्य था। उन्होंने कहा कि सिर्फ ‘आंदोलन’ ही राज्य में ‘कथित ‘भ्रष्ट स्थिति’ पर अंकुश लगा सकता है।

मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महासचिव बीएल संतोष ने बंगाल के बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं से कहा है कि वे राज्य में कड़ी मेहनत करते रहें।

कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आमंत्रित नहीं किए जाने पर भी चुटकी लेते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने कहा, “मुझे आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन इससे क्या फर्क पड़ता है? मुझे सात दिन बाद एक अन्य अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। हालाँकि, मैं नहीं जा सका, क्योंकि मेरे पास समय नहीं था।”

कुश्ती फेडरेशन से खेल मंत्रालय ने माँगा जवाब, लखनऊ का कैंप रद्द: बोले WFI अध्यक्ष- यौन शोषण साबित हुआ तो फाँसी लगा लूँगा

भारतीय पहलवानों ने बुधवार (18 जनवरी 2023) को भारतीय कुश्ती फेडरेशन (Wrestling Federation of India) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसमें, मानसिक प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी और यौन शोषण जैसे आरोप शामिल हैं। इसको लेकर खेल मंत्रालय ने कुश्ती फेडरेशन से 72 घंटे के भीतर जवाब माँगा है। जवाब नहीं देने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

खेल मंत्रालय ने बयान जारी कहा है, “दिल्ली में ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों के मेडल विजेताओं सहित अन्य पहलवानों द्वारा किए गए विरोध और प्रेस कॉन्फ्रेंस को संज्ञान में लिया गया है। पहलवानों ने भारतीय कुश्ती फेडरेशन (WFI) के अध्यक्ष और कोचों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। कामकाज में अव्यवस्था और इन आरोपों को लेकर फेडरेशन से 72 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।”

खेल मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यदि कुश्ती फेडरेशन 72 घंटे के भीतर जवाब नहीं देता है तो मंत्रालय राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा। इसके अलावा, खेल मंत्रालय ने मौजूदा स्थितियों को देखते हुए लखनऊ में भारतीय खेल प्राधिकरण के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र में आयोजित महिला राष्ट्रीय कुश्ती प्रशिक्षण शिविर को भी रद्द कर दिया है। इस शिविर की शुरुआत बुधवार (18 जनवरी 2023) को हुई।

इस शिविर में 41 पहलवानों और 13 प्रशिक्षकों को शामिल होना था। इसके लिए, कई पहलवान लखनऊ पहुँच चुके थे। ऐसे में मंत्रालय ने NCOE के कार्यकारी निदेशक को कहा है कि वह इस शिविर के लिए पहुँचने वाले लोगों को सभी सुविधाएँ प्रदान करें।

वहीं, इन आरोपों को लेकर मीडिया से बात करते हुए भारतीय कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा है, “97% खिलाड़ी फेडरेशन के साथ हैं। मैं यौन उत्पीड़न के आरोपों से आहत हूँ। कोई भी खिलाड़ी मुझ पर या मुख्य कोच पर ये आरोप नहीं लगा सकता।”

उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कहा, “यह मेरे खिलाफ एक साजिश है। इसमें एक बड़े उद्योगपति का हाथ है। जब विनेश फोगट हार गईं थी तो मैंने ही उन्हें प्रेरित किया था। मैं खिलाड़ियों से बात करूँगा। मैं किसी भी तरह की जाँच का सामना करने के लिए तैयार हूँ। यौन उत्पीड़न जैसा कभी नहीं हुआ। अगर एक भी एथलीट आगे आता है और यह साबित करता है तो मैं फाँसी लगा लूँगा।”

दरअसल, ओलंपिक व राष्ट्रमंडल खेलों में मेडल जीतने वाले रेसलर समेत कई पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। उनका आरोप है कि कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष व कोच पहलवानों का शोषण कर रहे हैं। धरने पर बैठी महिला पहलवान विनेश फोगाट ने कहा था, “कुश्ती फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण और राष्ट्रीय शिविर में कुछ कोचों ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है। मैंने आज खुले तौर पर यह कहा है। मुझे नहीं पता कि मैं कल जीवित रहूँगी या नहीं।”

उन्होंने कहा था, “वे हमारे निजी जीवन में भी दखल देते हैं और हमें परेशान करते हैं। वे हमारा शोषण कर रहे हैं। जब हम ओलंपिक में गए थे तो हमारे पास फिजियो या कोच नहीं था। टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद बृजभूषण सिंह ने मुझे खोटा सिक्का कहा। फेडरेशन ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। मैं हर दिन अपने जीवन को समाप्त करने के बारे में सोचती थी। किसी पहलवान को कुछ होता है तो जिम्मेदारी बृजभूषण सिंह पर होगी।”