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अब जोशीमठ में काम पर बुलडोजर, गिराए जाएँगे असुरक्षित घर: होटलों से शुरुआत, सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

उत्तराखंड के जोशीमठ को भूस्खलन-धँसाव क्षेत्र घोषित किया गया है। हर गुजरते दिन के साथ जमीन धँस रही है। घरों में दरारें बढ़ती जा रहीं हैं। ऐसे में असुरक्षित घरों और इमारतों को गिराने का फैसला किया गया है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने जोशीमठ संकट पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।

यह जनहित याचिका स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दायर की थी। इसमें जोशीमठ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और प्रभावितों को आर्थिक सहायता देने की अपील की गई थी। शीर्ष अदालत ने याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि हर चीज को कोर्ट में लाने की आवश्यकता नहीं है। इसे देखने के लिए लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित संस्थाएँ हैं।

मंगलवार (10 जनवरी 2023) से असुरक्षित इमारतों को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है। राज्य के मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जोशीमठ में बढ़ रहे खतरे को देखते हुए घरों, होटलों और सरकारी इमारतों को गिराने का काम शुरू किया गया है। यह कार्य केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की के विशेषज्ञों की देखरेख में हो रहा है। NDRF की एक टीम भी मौके पर मौजूद है।

जोशीमठ में असुरक्षित इमारतों को गिराए जाने को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ.रंजीत सिन्हा ने कहा है कि सीबीआरआई की टीम सोमवार को जोशीमठ पहुँची थी। टीम ने मलारी इन और माउंट व्यू होटल का सर्वे किया है। इन दोनों होटलों को सबसे पहले गिराया जाएगा। किसी भी घर या होटल को गिराने के लिए विस्फोटक की मदद नहीं ली जाएगी, क्योंकि इससे भूस्खलन और धँसाव होने का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में पूरा काम मशीनों और मजदूरों की सहायता से होगा। इसके लिए, 60 मजदूर, जेसीबी, एक बड़ी क्रेन और दो ट्रक लगाए गए हैं।

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने जोशीमठ को तीन जोन डेंजर, बफर और सेफ में विभाजित किया है। डेंजर जोन में ऐसे मकान हैं जो सबसे अधिक जर्जर हैं और रहने लायक नहीं हैं। बफर जोन में ऐसे मकानों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनमें दरारें आ गईं हैं और दरारों के बढ़ने का खतरा है। सेफ जोन में ऐसे घर होंगे जिनके टूटने की आशंका सबसे कम है।

कहा जा रहा है कि सीबीआरआई की टीम पहले सबसे अधिक असुरक्षित बिल्डिंगों को गिराएगी। इसके बाद कम असुरक्षित भवनों को गिराया जाएगा। इसके लिए, टीम सर्वे कर मार्किंग कर रही है। जोशीमठ शहर करीब 4500 मकान हैं। इनमें से 678 मकान ऐसे हैं जिनमें दरारें पड़ गईं हैं। इन मकानों में रहना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए, प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों में भेज रहा है। अब तक कुल 81 परिवारों को जोशीमठ से शिफ्ट किया जा चुका है।

हाईवे के किनारे बनी मस्जिद से टकरा कर पलटा कंटेनर ड्राइवर सहित 40 भैंसों की दर्दनाक मौत: 7 घंटे लगा रहा जाम, 2 घायलों का चल रहा इलाज

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक मस्जिद से टकरा कर कंटेनर के पलटने की खबर है। बताया जा रहा है कि कंटेनर में भैंसे लदी हुई थीं। घटना के चलते कंटेनर के ड्राइवर सहित 40 भैंसों की मौत हो गई है। कंटेनर में बैठे 2 अन्य लोग भी घायल हुए हैं। इस घटना के चलते हाइवे पर लगभग 7 घंटे तक जाम लगा रहा। मस्जिद हाइवे के किनारे बनी बताई जा रही है। घटना सोमवार (9 जनवरी, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र में झाँसी-मिर्जापुर नेशनल हाईवे के पास गाँव सुगिरा की है। यहाँ सोमवार सुबह एक कंटेनर 40 भैंसों के साथ गुजर रहा था। इसी दौरान वह हाईवे के किनारे बनी एक मस्जिद से टकरा गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि हादसे में ड्राइवर की फ़ौरन ही मौत हो गई। इसी के साथ ट्रक में बैठे शहजाद और राजेश नाम के 2 लोग घायल हो गए। दोनों घायल मध्य प्रदेश के दमोह के निवासी बताए जा रहे हैं। मृतक ड्राइवर की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग पुलिस के साथ मिल कर राहत और बचाव कार्यों में लग गए। ट्रक से 40 भैंसे मृत हालात में बरामद की गई हैं। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जबकि ड्राइवर की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। हादसे में मस्जिद के पास बने एक घर और एक दुकान को भी नुकसान पहुँचा है। पलट चुके कंटेनर से ड्राइवर की लाश बुरी तरह चिपक गई थी। काफी प्रयासों के बाद उसे गैस कटर से काट कर निकालना पड़ा।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वायरल वीडियो में सफेद रंग की मस्जिद से टकराए पलट चुके कंटेनर को देखा जा सकता है। कंटेनर के पीछे डाक पार्सल लिखा हुआ है। महोबा पुलिस ने इस घटना में स्थानीय लोगों की मदद से घायलों के इलाज और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी है।

बच्चों को पढ़ाने के नाम पर अब्दुल ने महिला टीचर को घर बुलाया, ढाई साल तक करता रहा रेप: इस्लाम कबूलने पर वीडियो डिलीट करने की रखी शर्त

मध्य प्रदेश की श्योपुर पुलिस ने अब्दुल कासिम को गिरफ्तार किया है। उस पर एक महिला से रेप करने, अश्लील वीडियो बनाने और पैसे ऐंठने का आरोप है। पीड़िता का कहना है कि वीडियो डिलीट करने के नाम पर अब्दुल उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव डाल रहा था। मामले की शिकायत रविवार (8 जनवरी 2023) को की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला श्योपुर के जयश्री पैलेस क्षेत्र का है। 22 वर्षीय पीड़िता ने शानू उर्फ़ अब्दुल कासिम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बीएससी पास पीड़िता ने बताया है कि वह एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती है। ऑटो ड्राइवर अब्दुल कासिम उसी के मोहल्ले का रहने वाला है।

शिकायत में कहा गया है कि 2 नवंबर 2018 को पीड़िता स्कूल जा रही थी। अब्दुल ने अपने बड़े भाई के बच्चों को पढ़ाने के बहाने उसे घर के अंदर बुलाया। घर में उसके आते ही दरवाजा बंद कर अब्दुल जबरदस्ती करने लगा। पीड़िता ने शोर मचाया तो म्यूजिक सिस्टम तेज आवाज में बजा दी। इसके बाद रेप कर उसका वीडियो बना लिया।

पीड़िता ने बताया है कि अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर अब्दुल ने बाद में भी कई बार उसका रेप किया। ब्लैकमेल और धमकी देकर उससे वसूली करने लगा। पीड़िता ने अपने वेतन, माँ की बचत और बड़ी बहन से उधार लेकर कासिम को कुल 4 लाख 70 हजार रुपए दिए। पीड़िता के मुताबिक साल भर पहले उसे अब्दुल के शादीशुदा और 2 बच्चों के अब्बा होने की जानकारी मिली। उसने कासिम से अपना वीडियो डिलीट करने को कहा।

आरोप है कि कासिम ने वीडियो डिलीट करने के बदले पीड़िता के सामने इस्लाम कबूलने की शर्त रखी। साथ ही निकाह कर उसे अपनी दूसरी बीवी बनाकर रखने का प्रस्ताव दिया। शिकायत में लड़की ने कहा है कि प्रताड़ना से तंग आकर वह कई बार आत्महत्या की भी कोशिश कर चुकी है। अब्दुल ने पुलिस शिकायत करने पर उसे परिवार सहित खत्म करने की धमकी भी दी थी। आख़िरकार लड़की ने ढाई साल बाद अपनी माँ को सारी बात बताई। माँ ने विश्व हिन्दू परिषद वालों को घटना से अवगत करवाया और सभी पुलिस स्टेशन पहुँचे।

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपित शानू उर्फ़ अब्दुल कासिम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपित पर IPC की धारा 376, 366, 384 और 506 के तहत कार्रवाई की गई है।

झारखंड के एक घर में प्रार्थना सभा के नाम पर लगा था जमावड़ा, ग्रामीणों ने किया विरोध: कहा- बाहर से आते हैं पादरी, लालच दे करते हैं धर्मांतरण

झारखंड के बोकारो जिले से ईसाई धर्मांतरण का मामला सामने आया है। गोमिया प्रखंड के देवीपुर गाँव के एक घर में प्रार्थना सभा के नाम पर जुटे लोगों को स्थानीय ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध करने वाले ग्रामीणों का कहना है बाहर से पादरी आते हैं और लालच देकर धर्मांतरण करते हैं। हंगामे की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और हालात पर काबू पाया।

घटना रविवार (8 जनवरी 2023) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गाँव देवीपुर में रविवार को पाछू लाल यादव के घर में प्रार्थना के नाम पर सैकड़ों महिलाओं को जमा किया गया था। इस बात की जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो वे भी मौके पर पहुँचे। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना के नाम पर बाहरी पादरी भोले-भाले हिन्दुओं का धर्मान्तरण करवा रहे हैं। उन्होंने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसके खिलाफ पाछू लाल यादव के घर में जमा लोग भी बाहर निकल आए और दो पक्ष आमने-सामने हो गए।

मामले की जानकारी जब पुलिस को हुई तो वह मौके पर पहुँच कर लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गई। देवीपुर गाँव के निवासी अमित साव ने आरोप लगाया कि कई महीनों से मिशनरियों और पादरियों का आना-जाना लगा है। आरोप है कि उनके द्वारा करवाई जा रही प्रार्थना सभा में न सिर्फ ईसाइयत का प्रचार किया जाता है, बल्कि हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा करने से भी रोका जाता है। आरोपों के मुताबिक सभा में ईसा मसीह का नाम लेने पर सभी दिक्क्तों के दूर होने और बच्चों की बीमारी ठीक होने की बात समझाई जाती है।

ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने जमा भीड़ को वहाँ से हटा दिया। हालाँकि इस दौरान बाहर से जमा लोग प्रार्थना सभा जारी रखने पर अड़े हुए थे। ग्रामीणों ने शिकायत देकर गोमिया पुलिस से मामले में कठोर कार्रवाई की माँग की है। इसमें बताया गया है कि देवीपुर गाँव में प्रार्थना के नाम पर जमा होने वाली भीड़ आसपास के गाँवों से आती है। इन गाँवों में गोमिया, साड़म, होसिर, कथारा, विष्णुगढ़, तुलबुल, ढेंढे और बिरसा शामिल है। गोमिया के थाना प्रभारी राजेश रंजन ने कहा है कि मामले की जाँच की जा रही है।

अजमेर सेक्स कांड पर लिखा तो पत्रकार की कर दी हत्या, 30 साल बाद उनके 2 बेटों ने 1 को गोलियों से भूना, कहा- बाप का बदला लिया

1992 में राजस्थान के अजमेर में देश के सबसे बड़े सेक्स कांड का पर्दाफाश हुआ था। इसको कवर करने के कारण उसी साल पत्रकार मदन सिंह की हत्या कर दी गई थी। करीब 30 साल बाद 7 जनवरी 2023 को इस दिवंगत पत्रकार के दो बेटों ने एक शख्स को गोलियों से भून​ दिया। चिल्लाकर बताया कि अपने पिता की मौत का बदला ले लिया है।

मदन सिंह के बेटों ने जिसकी हत्या की है, उसकी पहचान हिस्ट्रीशीटर और पूर्व पार्षद सवाई सिंह के तौर पर हुई है। मदन सिंह की हत्या के आरोपितों में सवाई सिंह भी शामिल था। हालाँकि बाद में कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था। उस पर हमला पुष्कर के बांसेली गाँव स्थित एक रिसॉर्ट में किया गया। हमले में सवाई के दोस्त दिनेश तिवाड़ी गंभीर रूप से जख्मी हो गया।

सवाई सिंह पर हमला करने वाले भाइयों में से एक सूर्य प्रताप सिंह गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरा धर्म प्रताप सिंह फरार है। सूर्य प्रताप को मौके पर मौजूद लोगों ने ही पकड़कर पुलिस को सौंपा था। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार सूर्यप्रताप सिंह ने पकड़े जाने के बाद कहा- सवाई सिंह ने मेरे पिता को मारा, अब मैंने इसे मार दिया। अगला नंबर राजकुमार जयपाल (पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक) का है। उल्लेखनीय है कि जयपाल भी मदन सिंह हत्याकांड में आरोपित थे। सवाई सिंह पर हमले का एक वीडियो भी वायरल है। इसमें आरोपित अपने पिता की हत्या का बदला लेने की बात करते दिख रहे हैं।

1992 में जब अजमेर में स्कूली लड़कियों के साथ बलात्कार उन्हें ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया था, तब साप्ताहिक समाचार पत्र चलाने वाले मदन सिंह ने इस पूरे मामले को बड़े पैमाने पर उठाया था। इस कारण पहले उन्हें धमकियाँ मिलीं। लेकिन, बाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई। श्रीनगर रोड पर मदन सिंह पर हमला किया गया था। घायल होने के बाद उन्हें अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन अस्पताल के वार्ड में ही गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई।

मदन सिंह की माँ के बयान के आधार पर कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार जयपाल, सवाई सिंह, नरेन्द्र सिंह सहित अन्य लाेगाें के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया था। लेकिन साल 2012 में अदालत ने सभी को बरी कर दिया। इसके बाद सूर्यप्रताप और धर्म प्रताप ने सवाई तथा जयपाल पर फायरिंग की थी। लेकिन, उस समय दोनों बच गए थे।

क्या है अजमेर सेक्स कांड

साल 1992 में अजमेर में 100 से ज्यादा हिंदू लड़कियों को फँसा कर रेप किया गया था। अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर उनसे कहा गया कि वे अन्य लड़की को फँसा कर लाए। इस तरह से पूरा रेप चेन सिस्टम बनाया गया था।

फारुक चिश्ती, नफीस चिश्ती और अनवर चिश्ती- इस कांड के मुख्य आरोपित थे। तीनों ही यूथ कॉन्ग्रेस के लीडर थे। फारूक उस समय इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस की अजमेर यूनिट का अध्यक्ष था। नफीस चिश्ती कॉन्ग्रेस की अजमेर यूनिट का उपाध्यक्ष था। अनवर चिश्ती अजमेर में पार्टी का ज्वाइंट सेक्रेटरी था। साथ ही तीनों अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम भी थे। इस तरह से उनके पास राजनैतिक और मजहबी, दोनों ही ताकत थी।

बताया जाता है कि आरोपितों ने सबसे पहले एक बिजनेसमैन के बेटे के साथ कुकर्म कर उसकी अश्लील तस्वीर उतारी और उसे अपनी गर्लफ्रेंड को लाने के लिए मजबूर किया। उसकी गर्लफ्रेंड से रेप के बाद उसकी अश्लील तस्वीरें निकाल ली और लड़की को अपनी सहेलियों को लाने के लिए कहा गया। फिर यह सिलसिला ही चल पड़ा। एक के बाद एक लड़की के साथ रेप करना, न्यूड तस्वीरें लेना, ब्लैकमेल कर उसकी भी बहन/ सहेलियों को लाने के लिए कहना और उन लड़कियों के साथ भी यही घृणित कृत्य करना- इस चेन सिस्टम में 100 से ज्यादा लड़कियों के साथ भी शर्मनाक कृत्य किया।

उस जमाने में आज की तरह डिजिटल कैमरे नहीं थे। रील वाले थे। फोटो निकालने के लिए जिस स्टूडियो में दिया गया, वह भी चिश्ती का दोस्त और मुस्लिम समुदाय का ही था। उसने भी एक्स्ट्रा कॉपी निकाल लड़कियों का शोषण किया। ये भी कहा जाता है कि स्कूल की इन लड़कियों के साथ रेप करने में नेता और सरकारी अधिकारी भी शामिल थे। आगे चलकर ब्लैकमैलिंग में और भी लोग जुड़ते गए।

3 बेटियों की माँ को हाशिम कबाड़ी ने दिया नौकरी दिलाने का झाँसा, धर्मांतरण करवा उसकी तीनों बच्चियों को मदरसे भेजा

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से धर्मान्तरण का मामला सामने आया है। यहाँ के एक कबाड़ी पर शादीशुदा हिन्दू महिला सहित उसकी 3 नाबालिग बेटियों को झाँसे में लेकर इस्लाम कबूल करवाने का आरोप लगा है। इसी के साथ आरोपित ने तीनों बच्चियों का एडमिशन एक मदरसे में भी करवा दिया था। आरोपित कबाड़ी का नाम हाशिम बताया जा रहा है। पुलिस ने हाशिम के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र का है। यहाँ की रहने वाली एक वृद्ध महिला ने पुलिस में कबाड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में महिला ने बताया कि लगभग 9 वर्ष पहले उनकी बेटी की शादी देहरादून के ही सोनू वर्मा नाम के व्यक्ति से हुई थी। बाद में सोनू वर्मा 3 बेटियों के पिता बने। फ़िलहाल वर्तमान में इन बेटियों की उम्र 8, 6 और 3 साल है। कुछ समय बाद पीड़िता की बेटी और दामाद में झगड़े होने लगे। इस कारण उनकी बेटी अपने मायके में आकर रहने लगी।

शिकायत में महिला ने आगे बताया है कि उनके घर नेहरू कॉलोनी में हाशिम नाम का एक कबाड़ी आया करता था। यहाँ पर उसकी जान-पहचान उनकी बेटी से हो गई। इस बीच जब सोनू वर्मा अपनी बेटियों से मिलने आता था, तब हाशिम को बहुत बुरा लगता था। वो शिकायतकर्ता की बेटी को मारता-पीटता था। कुछ समय बाद हाशिम हिंदू महिला को उसकी तीनों पुत्रियों के साथ ले गया। आरोप है कि अपने साथ ले जाने के लिए हाशिम कबाड़ी ने बच्चियों की माँ की नौकरी लगवाने का झाँसा दिया था।

शिकायत में बताया गया है कि जब पीड़िता ने हाशिम से अपनी बेटियों और नातिनों से मिलाने के लिए कहा तो वो इधर-उधर के जवाब देने लगा। जब सख्ती की गई तो हाशिम कबाड़ी ने पीड़िता की तीनों बेटियों के उत्तर प्रदेश के बिजनौर के चाँदपुर में एक मदरसे में पढ़ने की जानकारी दी। हाशिम के बताए पते पर पीड़िता खुद गई और तीनों बच्चों को मदरसे से वापस ले आई। बताया जा रहा है कि मदरसे से बच्चियों को वापस लाने के दौरान विवाद भी हुआ था। वापस आने के बाद तीनों नाबालिग बच्चियों ने अपनी नानी को धर्मान्तरण की जानकारी दी।

बताया जा रहा है कि बच्चियों की माँ और हाशिम बेटियों से अलग रहना चाहते थे। इस वजह से उसने महिला की नौकरी लगवा दी और उसकी बेटियों को मदरसे में भेज दिया था। पुलिस ने इस मामले में उत्तराखंड धर्म की स्वतंत्रता अधिनियम 2018 व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद कबाड़ी हाशिम फरार है। पुलिस ने उसे जल्द गिरफ्तार करने का भरोसा दिया है।

‘लड़कों के साथ पढ़ती हैं, इसीलिए इस्लाम छोड़ रहीं मुस्लिम लड़कियाँ’: जमीयत ने जताया डर, बोले मौलाना मदनी – ये बड़ी साजिश, स्थिति हो जाएगी विस्फोटक

जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कहा है कि को-एजुकेशन यानी सह-शिक्षा मुस्लिम लड़कियों को ‘इस्लाम त्याग’ की ओर ले जा रही है। इस पर रोक लगाने के लिए और अधिक शिक्षण संस्थान खोलने की जरूरत है।

मौलाना अरशद मदनी ने जमीयत की बैठक में कहा है, “मुस्लिमों के खिलाफ पूरी प्लानिंग के तहत एक साजिश शुरू की गई है। इस प्लानिंग के अंतर्गत मुस्लिम लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है।”

उन्होंने यह भी कहा है कि यदि इस लालच और ‘इस्लाम त्याग’ को रोकने के लिए तत्काल कोई प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विस्फोटक हो जाएगी। सह-शिक्षा प्रणाली (को-एजुकेशन सिस्टम) के कारण से इस्लाम त्यागने की लालच और साजिश को बढ़ावा मिल रहा है। इसलिए इसका विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा है कि हालाँकि मीडिया ने उनकी बात को गलत तरह से पेश किया और यह दिखाया कि मौलाना मदनी लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ हैं, जबकि वह सह-शिक्षा के खिलाफ हैं। मदनी ने यह भी कहा कि वह लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसकी वकालत करते हैं।

जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना मदनी ने कहा है, “हम जो कुछ भी कर सकते हैं, हमें अब देश की तरक्की और शैक्षिक विकास के लिए करना होगा। देश की आजादी के बाद, हम एक राष्ट्र के रूप में इतिहास में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुँच चुके हैं।”

मौलाना अरशद मदनी ने लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग स्कूलों की वकालत करते हुए कहा है, “एक तरफ हम कई प्रकार की समस्याओं में उलझे जा रहे हैं। दूसरी तरफ हमारे लिए आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक विकास के रास्ते भी बंद रहे हैं। अगर हमें अपने खिलाफ हो रही साजिशों को नाकाम करना है, तो हमें अपने लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शिक्षण संस्थान स्थापित करने होंगे।”

पहले पुजारियों पर उगला जहर, अब RSS को बता दिया 21वीं सदी का कौरव: राहुल गाँधी का नया झूठ- संघ वाले नहीं बोलते ‘हर हर महादेव’

कॉन्ग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) द्वारा भारत को पुजारियों के बजाय तपस्वियों का देश बताने पर पुजारी समाज उन पर भड़का हुआ है। उधर, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राहुल के बयान को ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि’ बताया है।

इस बीच राहुल गाँधी ने सोमवार (9 जनवरी 2023) को एक बार फिर हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कहा कि RSS वाले हर-हर महादेव नहीं बोलते हैं, क्योंकि महादेव तपस्वी हैं और संघ वाले तपस्या भंग करने वाले लोग हैं। उन्होंने संघ को 21वीं सदी का कौरव और तपस्या भंग करने वाला बताया।

दरअसल, राहुल गाँधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के तहत हरियाणा में पहुँचने पर कहा था कि कॉन्ग्रेस ‘तपस्या’ में विश्वास करती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ‘पूजा’ का संगठन है। उन्होंने आरोप लगाया था कि BJP-RSS लोगों को उनकी पूजा करने के लिए मजबूर करते है। उन्होंने कहा था कि भारत ‘तपस्वियों’ का देश है, न कि ‘पुजारियों’ का।

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक बार फिर बोलते हुए राहुल गाँधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को कौरव बता दिया। उन्होंने कहा कि महाभारत काल में कौरव हुए थे। वही कौरव इन दिनों RSS के रूप में मौजूद है। उन्होंने कहा कि पांडवों ने नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी।

स्वामी दीपांकर ने कहा कि राहुल गाँधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा को अपनी ‘मोहब्बत की दुकान’ के रूप में वर्णित किया था, लेकिन अब ‘नफरत’ की बातें कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता को बोलने से पहले सोचना चाहिए। उन्होंने पूछा, “तो क्या पुजारियों को समुद्र में फेंक देना चाहिए?”

युवा तीर्थ पुरोहित महासभा के उज्ज्वल पंडित ने आरोप लगाया कि राहुल गाँधी ने भारत की उन परंपराओं का अपमान किया है, जिसमें पुजारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता अपने शो के लिए सिर पर ‘जनेउ’ पहनते थे और तिलक लगाते थे। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की टिप्पणी ब्राह्मणों के खिलाफ है।

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि राहुल गाँधी के बयान के कॉन्ग्रेस का हिंदू विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है और इसके लिए उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 70 वर्षों में हिंदुओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने, मुस्लिम तुष्टीकरण करने और ईसाई मिशनरियों को बढ़ावा देने और अब हिंदू राष्ट्र के मद्देनजर अवसरवादी बनने के लिए कॉन्ग्रेस जिम्मेदार है।

‘कट्टर गुंडागर्दी है बॉलीवुड का बॉयकॉट करना’: ‘कांतारा’ में पुलिस ऑफिसर बने अभिनेता ने कहा – एक्टर्स के खिलाफ हो रही नफरत की राजनीति, एक हो फिल्म बिरादरी

कन्नड़ की सुपरहिट फिल्म कांतारा में वन अधिकारी मुरलीधर की भूमिका निभाने वाले एक्टर किशोर कुमार जी (Kishore Kumar G) ने ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ की तुलना गुंडागर्दी से की है। किशोर, हाल ही में, ट्विटर अकाउंट हैक होने और KGF-2 को ‘बेसिर पैर की फिल्म’ बताकर चर्चा में आए थे।

किशोर कुमार जी ने बॉयकॉट बॉलीवुड को लेकर इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर की है। इस पोस्ट में उन्होंने अखबार की एक कटिंग शेयर की है, जिसमें सुनील शेट्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से बॉयकॉट बॉलीवुड ट्रेंड से मुक्ति दिलाने की अपील की थी। इसके साथ ही, किशोर ने लिखा है कि अब समय आ गया है कि ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ के खिलाफ पूरा बॉलीवुड एकजुट हो।

उन्होंने लिखा है, “समय आ गया है कि पूरे देश की फिल्म बिरादरी बॉलीवुड फिल्मों के बहिष्कार, कट्टर गुंडागर्दी तथा एक्टर्स के खिलाफ नफरत की राजनीति की निंदा करके बॉलीवुड का समर्थन करे।”

किशोर ने यह भी कहा है कि यह सरकार की बड़ी चूक है कि वह बॉलीवुड जैसे बड़े उद्योग को शातिर हमलों से नहीं बचा पाई है। उन्होंने लिखा है, “यह सरकारों की विफलता है कि वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में किसी व्यवसाय या उद्योग की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते। फिर भी, फिल्म उद्योग के लोग बात नहीं कर रहे हैं, जहाँ डर का माहौल बनाया गया है।”

उन्होंने आगे लिखा है, “यह सब कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार सरकारी अधिकारियों के लिए शर्म की बात है। साथ ही, यह स्पष्ट तौर पर कानून का उल्लंघन है जो समाज में जहर घोल रहा है। स्थानीय फिल्म उद्योग में भी आग फैलने से पहले इसे रोकने और दंडित करने की जरूरत है।”

बता दें कि कन्नड़ की सुपरहिट फिल्म कांतारा में वन अधिकारी मुरलीधर की भूमिका निभाने वाले किशोर कुमार जी ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF-2 पर टिप्पणी कर चर्चा में आए थे। उन्होंने कहा था, “मुझे नहीं पता कि यह गलत है या सही, लेकिन मैंने KGF 2 नहीं देखी है। यह मेरे टाइप का सिनेमा नहीं है। यह पर्सनल चॉइस है। मैं इस फिल्म (केजीएफ 2) को देखने के बजाय कोई ऐसी छोटे बजट की फिल्म देखना पसंद करूँगा, जो भले ही हिट न हुई हो, लेकिन सीरियस मुद्दे पर हो। ऐसी फिल्म जो कहानी को दर्शाती हो न कि बेसिर पैर की कहानी हो।”

पंजाब में 2 अफगान सहित इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट के 16 गिरफ्तार, 60kg ड्रग्स और गोलियाँ बरामद: नाइट क्लब आदि में सिंडिकेट के लगे हैं पैसे, 30 संपत्तियाँ होंगी जब्त

राष्ट्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (NCB) ने सीमावर्ती राज्य पंजाब में अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट के पूरे चेन का भंडाफोड़ किया है। इसमें दो अफगानी नागरिक सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही 60 किलोग्राम ड्रग्स और कुछ गोला-बारूद बरामद किया गया है। इस रैकेट का संबंध दिल्ली के शाहीन बाग और यूपी के मुजफ्फरनगर से जुड़ा है।

यह इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल पंजाब के लुधियाना से चलाया जा रहा था। यह सिंडिकेट अफगानिस्तान, पाकिस्तान आदि देशों और भारत के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है। रैकेट के लुधियाना समूह से जुड़े 60 से अधिक बैंक खातों को भी अब तक फ्रीज किया गया है।

NCB के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (उत्तरी क्षेत्र) ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि सिंडिकेट का भंडाफोड़ लगभग डेढ़ महीने की अवधि में किया गया था। उन्होंने कहा कि इसका संबंध दिल्ली के शाहीन बाग और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से है।

बता दें कि एजेंसी ने अप्रैल 2022 में वर्षों तक विवादों में रहे दिल्ली के शाहीन बाग से लगभग 50 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी। यहाँ भी भारत-अफगान ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया गया था। इसके साथ भी एजेंसी ने छह लोगों को गिरफ्तार भी किया था। वहीं, मुजफ्फरनगर में 35 किलोग्राम ड्रग्स पकड़ी गई थी।

वहीं, पंजाब के लुधियाना सिंडिकेट मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने ऑपरेशन के दौरान लगभग 60 किलोग्राम हेरोइन और अन्य ड्रग्स बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही एजेंसी ने 31 गोलियाँ और एक मैगजीन भी बरामद की हैं। NCB की चंडीगढ़ यूनिट ने सिंडिकेट से पास से ड्रग्स बनाने के दो लैब का भी खुलासा किया है। 

DDG ज्ञानेश्वर सिंह ने आगे बताया कि हालिया मामले में जाँच नवंबर 2022 के मध्य में शुरू हुई थी। उस दौरान एनसीबी के चंडीगढ़ जोनल ब्यूरो ने लुधियाना में स्थित दो अवैध हेरोइन प्रसंस्करण लैब का भंडाफोड़ किया था। उस लैब को दो अफगान केमिस्ट द्वारा चलाया जा रहा था।

ज्ञानेश्वर सिंह के अनुसार, सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा खरीदी गई 30 संपत्तियों की पहचान की गई है। इन्हें जब्त करने की कार्रवाई जल्दी शुरू की जाएगी। इनमें से कुछ आरोपितों द्वारा पंजाब में नाइट क्लब और रेस्तरां का कारोबार किया जा रहा है, जो जाँच के दायरे में है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सिंडिकेट के सदस्यों द्वारा शराब की दुकान, चावल मिल, घी व्यवसाय और प्रतिष्ठित ब्रांडों की विभिन्न एजेंसी जैसे फ्रंट बिजनेस चलाए जा रहे हैं। इस संबंध में इनके साझेदारी से भी बात की जा रही है।

यह सिंडिकेट सिर्फ ड्रग्स की तस्करी ही नहीं, बल्कि उसकी मैन्युफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग, ट्रैफिकिंग आदि कामों में संलिप्त था। ड्रग्स को प्रोसेस करने के लिए इन लोगों ने लैब भी बना लिया था। ये लोग लंबे समय से इस धंधे से जुड़े हुए थे। ड्रग्स की कमाई का कई धंधों में इस्तेमाल कर मनी लॉन्ड्रिंग भी कर रहे थे।

एजेंसी ने संदीप सिंह उर्फ दीपू, हरसुखवीर सिंह उर्फ राजा, अक्षय कुमार छाबड़ा, अजय कुमार उर्फ गोरा ग्रोवर, जसपाल सिंह उर्फ गोल्डी, हितेश वर्मा, भुवनेश कपूर, संदीप सिंह उर्फ छाता, सुभाष गोयल, अमनदीप छनिया, गुरमेल सिंह उर्फ गैरी, रवलजीत उर्फ रवल वडाला, करीमुदुल्ला यूसुफ (केमिस्ट), मोहम्मद हकीम सलीमी (केमिस्ट), जैदी हैदर राजी और मोहम्मद इमरान शामिल हैं।

बता दें कि नवंबर 2022 में NCB ने बीते 15 नवंबर को इस इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था। उस समय NCB ने लुधियाना से संदीप सिंह को 20.32 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद NCB ने इस रैकेट से जुड़े कई गिरफ्तारियाँ की। अब इस सिंडिकेट के पूरे चेन का खुलासा हुआ है।