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मेयर चुनाव से पहले MCD बना अखाड़ा, चली कुर्सियाँ: मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण पर AAP का हंगामा, सदन स्थगित

दिल्ली नगर निगम (MCD) में आज 6 जनवरी 2023 को मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव है। इसके साथ ही स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों को भी चुना जाना है। इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के सदस्यों ने सदन में जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं, धक्का-मुक्की और कुर्सियाँ भी चलीं। AAP के पार्षद भाजपा पार्षदों से भीड़ गए। इसका वीडियो भी सामने आया है।

वहीं, स्टोरी लिखे जाने तक सदन में मारपीट और हंगामे को लेकर सदन स्थगित किए जाने की खबर है। आगे की कार्रवाई के लिए पीठासीन अधिकारी निर्णय लेंगी। कहा जा रहा है कि इसके बाद भी अगर सदन में हंगामा जारी रहता है तो बैठक अगले दिन यानी शनिवार (7 जनवरी 2023) को भी बुलाई जा सकती है। 

बता दें कि दिल्ली के सिविक सेंटर में मेयर का चुनाव हो रहा है। चुनाव की प्रक्रिया से पहले सभी नव-निर्वाचित पार्षदों को शपथ ग्रहण कार्यक्रम होना है। इन पार्षदों में वे पार्षद भी शामिल हैं, जिन्हें उप-राज्यपाल ने मनोनीत किया है। AAP के पार्षदों ने इन मनोनीत पार्षदों के शपथ ग्रहण का विरोध किया है।

मेयर चुनाव के लिए दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने भाजपा की पार्षद सत्या शर्मा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इसका भी विरोध किया। AAP पार्षदों ने उप-राज्यपाल पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगाया। उधर, कॉन्ग्रेस ने मेयर की वोटिंग में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है।

AAP के पार्षद प्रवीण राणा ने भाजपा पार्षदों पर सदन में मारपीट करने का आरोप लगाया है। प्रवीण राणा ने कहा कि उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई। उनका गला दबाया गया। इस पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर हमला बोला है।

मनीष सिसोदिया ने कहा, “MCD में अपने कुकर्मों को छिपाने के लिए और कितना गिरोगे भाजपा वालो! चुनाव टाले, पीठासीन अधिकारी की गैरकानूनी नियुक्ति, मनोनीत पार्षदों की गैरकानूनी नियुक्ति और अब जनता के चुने पार्षदों को शपथ न दिलवाना। अगर जनता के फैसले का सम्मान नहीं कर सकते तो फिर चुनाव ही किसलिए?”

हाल ही में संपन्न हुए दिल्ली के नगर निगम चुनावों में AAP को बहुमत मिला है। इसके बाद भी भाजपा ने मेयर पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारा है। भाजपा ने मेयर चुनाव के लिए अपने वरिष्ठ नेता रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। रेखा गुप्ता तीसरी बार पार्षद चुनी गई हैं। वहीं, AAP ने पार्षद शैली ओबेरॉय को मेयर प्रत्याशी बनाया है।

इस चुनाव में कुछ विधायक और सांसद भी वोट डालेंगे। दिल्ली विधानसभा में संख्या बल के आधार पर 14 में से 13 नामित विधायक AAP के हैं। ये मेयर चुनाव में वोट डालेंगे। वहीं, 10 सांसदों को भी वोटिंग अधिकार है। इनमें से 7 भाजपा के हैं और 3 AAP के राज्यसभा सांसद हैं।

इसी तरह नगर निगम में 274 चुने हुए पार्षदों को वोटिंग का अधिकार है। इनमें से 150 पार्षद AAP के हैं, जबकि भाजपा के 113 पार्षद हैं। ऐसे में मेयर का चुनाव महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि एमसीडी में दल-बदल कानून लागू नहीं होता है। इसमें व्हिप भी काम नहीं करता है।

राम मंदिर को तबाह कर वहीं बनाएँगे मस्जिद: अल-कायदा का ‘गजवा-ए-हिंद’ में ऐलान, कहा- मुस्लिमों डरो मत, मूर्ति पूजा बंद करने को करो जिहाद

इस्लामी आतंकी संगठन अल-कायदा (Al-Qaeda) ने फिर से भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला है। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर को तबाह करने की बात कही है। कहा है कि मंदिर को तबाह कर उसी जगह मस्जिद बनाएगा। मूर्ति पूजा खत्म करने और भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने के लिए मुस्लिमों से जिहाद को कहा है।

अल-कायदा की ​जिहादी पत्रिका ‘गजवा-ए-हिंद’ के ताजा अंक में राम मंदिर को लेकर यह नफरत दिखाई गई है। रिपोर्टों के अनुसार 110 पन्नों के संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी आतंकी संगठन ने भड़काऊ बातें की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पत्रिका के ताजा अंक में कहा गया है कि जिस तरह बाबरी मस्जिद के ढाँचे पर राम मंदिर बनाया जा रहा है, उसी तरह अल-कायदा राम मंदिर को तोड़कर उसकी जगह मस्जिद बनाएगा। इसी हफ्ते जारी इस ऑनलाइन मैगजीन में लिखा गया है कि मूर्तियों की जगह अल्लाह के नाम पर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया जाएगा। लेकिन इन सब के लिए कुर्बानी देनी होगी।

इस लेख में अल-कायदा ने भारतीय मुस्लिमों से कहा है, “तुम्हें किसी तरह के नुकसान से डरने की जरूरत नहीं है। पहले ही बहुत नुकसान हो चुका है। यदि तुमने पहले ही जिहाद किया होता तो आज इतना नुकसान नही होता। तुम्हारे लिए धर्मनिरपेक्षता जहन्नुम की तरह है। हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की बात एक धोखा है।”

मैगजीन में कहा गया है, “यह सब सिर्फ कहने की बात नहीं है। बाबरी मस्जिद को 30 साल पहले नष्ट कर दिया गया था। गुजरात के अहमदाबाद में 20 साल पहले गर्भवती महिलाओं को उनके बच्चों के साथ जलाया गया और आज हर जगह बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। जामिया मिलिया से लेकर अलीगढ़ तक और जामिया उस्मानिया (हैदराबाद) से देवबंद तक हिंदू लोग चाकू, भाले और तलवारें तेज कर रहे हैं।”

अल-कायदा ने कहा है, “सभी हिंदुओं को लाठी चलाने की शिक्षा दी जा रही है। हिंदू महिलाएँ सब्जी काटने वाले चाकुओं से मुसलमानों के चेहरे और सिर काटने की बात कर रही हैं। अल-कायदा एक ऐसा जिहाद चाहता है कि पूरा हिंदुस्तान इस्लामी दुनिया का हिस्सा बन जाए और मूर्ति पूजा बंद हो जाए। हमारा भारत के मुस्लिमों से ला इलाहा इल्लल्लाह का रिश्ता है जो खून और देश के रिश्ते से बढ़कर होता है। यही रिश्ता हमें आपके मोहब्बत में बार-बार आपकी ओर खींचता है।”

लेख में धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शासन को नकारने की बात की गई है। कहा गया है कि अमेरिका की सरकार मोदी का समर्थन करती है। लेख में जोर देकर कहा गया है कि जब तक पूरा भारत इस्लामिक शासन के अधीन नहीं हो जाता तब तक अन्य सभी उपाय व्यर्थ हैं। मुसलमानों के लिए मूर्ति पूजा करने वालों के शासन में रहना शर्मनाक है। जिहाद की लड़ाई में भारतीय मुसलमानों से समर्थन माँगा गया है। मैगजीन के आखिरी पन्ने पर टेररिस्ट ऑर्गेनाइजेशन ने जिहाद को ही सारी समस्याओं का हल बताया है।

सम्मेद शिखर के लिए आमरण अनशन, 4 दिन में दूसरे जैन मुनि ने त्यागे प्राण: संत बोले- झारखंड सरकार फैसला दे, वरना ऐसे ही देंगे बलिदान

जैन तीर्थस्थान सम्मेद शिखरजी के लिए एक और जैन मुनि ने कल (5 जनवरी 2023) जयपुर के जैन मंदिर में अपने प्राण त्याग दिए। चार दिन में दूसरे संत ने अनशन पर बैठे रहने के दौरान देह त्यागी है। इससे पहले 3 जनवरी को एक जैन मुनि ने 9 दिन प्रदर्शन के दौरान अंतिम साँस ली थी।

जानकारी के मुताबिक, जयपुर के सांगानेर स्थित संघीजी दिगम्बर जैन मंदिर में मुनि समर्थ सागर करीब तीन दिन से आमरण अनशन कर रहे थे। गुरुवार देर रात 1 बजकर 20 मिनट के आसपास उनका निधन हुआ।

शुक्रवार (6 जनवरी 2023) सुबह लोगों को जैसे ही इस बारे में पता चला वह मंदिर आने लगे। इसके बाद संत मुनि सागर की डोल यात्रा संघीजी मंगिर से विद्यानगर तक निकाली गई और फिर जैन रीति-रिवाजों के साथ उनको समाधि दे दी गई।

मुनि सागर के देहांत की खबर सुनने के बाद जैन संत ये कहते नजर आए कि जब तक झारखंड सरकार सम्मेद शिखर को तीर्थ स्थल नहीं घोषित करेगी तब तक मुनि ऐसे ही बलिदान देते रहेंगे। मुनि समर्थ सागर का बलिदान भी हमेशा याद रखा जाएगा। उन्हें उनके गुरु आचार्य सुनील सागर महाराज के सानिध्य में समाधि दी गई।

आचार्य सुनील सागर ने कहा कि मुनि समर्थ सागर महाराज के पास गुरुवार को भाजपा के कई बड़े पदाधिकारी आए थे, लेकिन उन्होंने यही कहा था कि जब तक झारखंड सरकार अपना फैसला साफ नहीं करेगी तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। इस अनशन को करने के दौरान उन्होंने जल तक त्याग रखा था।

इससे पहले जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज ने मंगलवार (3 जनवरी 2023) को सम्मेद शिखर के लिए अपने प्राणों का त्याग किया था। इसे देखते हुए वहीं आचार्य शशांक सागर महाराज ने कहा कि जयपुर में दो मुनियों ने सम्मेद शिखर को बचाने के लिए अपना बलिदान दिया है। सीएम गहलोत को कम से कम यहाँ आकर जैन समाज का समर्थन करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि झारखंड के गिरिडीह में बने जैन तीर्थ स्थान पर पर्यटन और इको टूरिज्म एक्टिविटी को केंद्र की ओर से रोक दिया गया है। केंद्र के फैसले के बाद अब जैन समुदाय झारखंड सरकार के फैसले का इंतजार कर रहा है। आज समग्र जैन समाज की ओर से मौन जुलूस निकाला जाना था, जिसे फिलहाल के लिए टाल दिया गया है।

भूस्खलन की मार झेल रहे जोशीमठ जाएँगे CM पुष्कर सिंह धामी, जिले में बचाव कार्य जोरों पर: प्रभावित परिवार किए जा रहे शिफ्ट

उत्तराखंड के जोशीमठ (Joshimath, Uttarakhand) में जमीन धँसने और भूस्खलन की घटनाएँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसको देखते हुए जिला प्रशासन ने बचाव अभियान शुरू किया है। प्रभावित परिवारों के लिए शेल्टर होम की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। बता दें कि वहाँ ज्यादातर घरों में दरार आ चुकी है और कई इलाके रहने लायक नहीं बचे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि जोशीमठ के घरों में दरार आने और जमीन धँसने को लेकर वह शुक्रवार (6 जनवरी 2023) की शाम को उच्च अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह शनिवार (7 जनवरी 2023) को स्थिति का जायजा लेने जोशीमठ जाएँगे।

बता दें कि इस घटना को लेकर वहाँ के लोग डर के साये में जी रहे हैं। उत्तराखंड भाजपा ने स्थिति और इससे हुई क्षति का जायजा लेने के लिए 14 सदस्यीय समिति गठित की है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भी जमीन धँसने की घटनाओं की निगरानी कर रहा है। PMO की ओर से लगातार अपडेट लिया जा रहा है।

गौरतलब है कि इन घटनाओं से गुस्साए लोगों ने बुधवार (4 जनवरी 2023) की रात को लोगों ने मशाल जुलूस निकाला था। प्रभावित लोगों ने गुरुवार (5 जनवरी 2023) दोपहर को बद्रीनाथ हाईवे जाम कर दिया था। इस वजह से हाईवे पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गईं थीं। स्थानीय लोगों ने विरोध में अपनी दुकानें भी बंद रखी थी।

जोशीमठ के सभी 16 वार्डों की स्थिति खराब है। मारवाड़ी भूमि में पानी का बहाव नहीं रूक रहा है, जिससे निचले हिस्सों में स्थित घर तबाह हो रहे हैं। सिंहधार में स्थित बीएसएनएल के कार्यालय और आवासीय भवनों में दरार आ गई हैं। जेपी कंपनी के परिसर में जमीन के साथ-साथ घरों की दीवारों से भी पानी का रिसाव हो रहा है। खेतों की दरार में ये पानी घुस रहा है।

‘माउंट व्यू’ नामक होटल तो ऐसा धँस गया कि इसकी पूरी संरचना ही तिरछी हो गई है। होटल को खाली करना पड़ा है। ज्योतिर्मठ परिसर, जो कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य का आवास है, वहाँ के मंदिरों के आसपास भी दरारें आ रही हैं। शंकराचार्य ने सरकार से इस पर ध्यान देने की अपील करते हुए आसपास चल रहे विद्युत-जल परियोजनाओं को रोकने की माँग की है।

बता दें कि जिन घरों में रहने लायक स्थिति नहीं, उस परिवार को राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार दूसरी जगह शिफ्ट कर रही है। बुधवार (4 जनवरी 2023) तक 77 परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा चुका है। उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस की रिपोर्ट के अनुसार, जोशीमठ में 500 घर रहने के लायक नहीं हैं।

‘बाहर निकलने के बाद देख लूँगा’: तिहाड़ के अधिकारियों का दावा- धमका रहे हैं सत्येंद्र जैन, VIP ट्रीटमेंट बंद होने से नाराज हैं AAP के मंत्री

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद सत्येंद्र जैन फिर से विवादों में हैं। तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उन पर धमकी देने का आरोप लगाया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री जैन मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद हैं। तिहाड़ के अधिकारियों के आरोप से पहले महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने उन पर पैसे लेने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं जेल में वीआईपी सुविधा लेने के भी उनके वीडियो सामने आए थे।

धमकी दिए जाने को लेकर तिहाड़ के अधिकारियों ने जेल महानिदेशक (Director General Prisons) को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार वीआईपी ट्रीटमेंट की बात सामने आने और सुविधाएं वापस लिए जाने से जैन नाराज हैं। उन्होंने जेल ऑफिसर्स को गंभीर परिणाम भुगतने और बाहर निकलकर देख लेने की धमकी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार तिहाड़ जेल के अपर महानिरीक्षक, तिहाड़ जेल नंबर 7 के अधीक्षक, उपाधीक्षक, सहायक अधीक्षक और विधि अधिकारी ने डीजी (जेल) को सत्येंद्र जैन द्वारा धमकाए जाने की शिकायत दी है।

शिकायत में सहायक अधीक्षक जयदेव और जेल उपाधीक्षक प्रवीण कुमार ने 8 दिसंबर 2022 की घटना का जिक्र किया है। इसके अनुसार जब वे सत्येंद्र जैन को कारण बताओ नोटिस देने गए थे तो उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि यह सब मोटे ने करवाया है, जो लॉ ऑफिसर है। मैं बाहर निकलने के बाद इस जेल से सीसीटीवी फुटेज माँगूँगा और इस लॉ ऑफिसर और जेल नंबर 7 के प्रभारी अधीक्षक राजेश चौधरी को बाहर निकलने के बाद देख लूँगा और इसे नौकरी करना सिखा दूँगा।”

लॉ ऑफिसर राजेश चौधरी ने भी अपनी शिकायत में कहा है कि जब उन्होंने सत्येंद्र जैन को पूछताछ के लिए चैंबर में बुलाया तो उन्होंने धमकी दी। चौधरी ने 25 नवंबर 2022 की घटना का जिक्र किया है। शिकायत के अनुसार जब जैन चैंबर में पहुँचे तो उन्होंने कहा, “ये सारा मामला राजनीतिक है। मैं जब भी जेल से बाहर निकलूँगा तो उन सारे सरकारी कर्मचारियों को देख लूँगा, जिन्होंने मेरे खिलाफ कुछ भी किया है। चाहे नौकरी कर रहा हो या रिटायर्ड सबको देख लूँगा।”

शिकायत में राजेश चौधरी ने कहा है कि शुरुआत में उन्हें लगा कि जैन निराशा और हताशा में धमकियाँ दे रहे हैं। लेकिन जब जेल के दूसरे अधिकारियों को भी ऐसी धमकी मिली तो उन्हें डर है कि बाहर निकलने के बाद जैन बदले की भावना से कार्रवाई कर सकते हैं। शिकायतकर्ताओं ने अपील की है कि सत्येंद्र जैन को किसी अन्य जेल में शिफ्ट किया जाए।

उधर पूरे मामले को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने सत्येंद्र जैन के खिलाफ लग रहे सभी आरोपों को झूठा करार दिया है। आप का कहना है कि हाई कोर्ट में जमानत अर्जी पर सुनवाई को प्रभावित करने के लिए भाजपा के इशारे पर झूठी शिकायत दर्ज कराई गई है। उल्लेखनीय है कि जैन के जो वीडियो सामने आए थे उसमें वे जेल में मसाज लेते, बाहर के खाने की सुविधा का लाभ उठाते नजर आए थे।

15 साल की ​दलित लड़की से रेप में 2 मुस्लिम भाई गिरफ्तार: पीड़िता के पड़ोसी हैं आरोपित, 6 महीने से कर रहे थे शोषण

तेलंगाना के वारंगल में दलित नाबालिग लड़की से रेप के आरोप में दो मुस्लिम भाई गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपित और पीड़िता पड़ोसी हैं। कहा जा रहा है कि दोनों भाई करीब 6 महीने से लड़की का यौन उत्पीड़न कर रहे थे। पीड़िता ने बुधवार (4 जनवरी 2023) को इसके बारे में परिवार को बताया। आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला सामने आने के बाद बीजेपी और हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन भी किया है। सागर गौड़ नामक बीजेपी कार्यकर्ता ने ट्वीट कर बताया है कि पीड़िता दसवीं की छात्रा है। आरोपितों की पहचान उन्होंने अजमत अली और अबु के तौर पर बताई है। दोनों सगे भाई हैं। उन्होंने पुलिस एक्शन में देरी पर भी सवाल उठाए हैं।

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता अपने परिवार के साथ आरोपितों के घर के पास किराए पर रहती है। पहले एक आरोपित पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने घर लेकर गया और उसके साथ रेप किया। फिर धमकी देकर लगातार उसका यौन शोषण करता रहा। कुछ दिन बाद उसका भाई भी पीड़िता का रेप करने लगा। दोनों भाई करीब छह महीने से शोषण कर रहे थे। पीड़िता ने बुधवार को घटना की जानकारी अपने परिवार को दी और फिर परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बारे में जानकारी होने के बाद करीब 50 भाजपा कार्यकर्ता आरोपित के घर के बाहर जमा हो गए और तोड़फोड़ की। वहीं एक स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता कुसुम सतीश ने कहा कि आरोपितों ने पीड़िता को उसकी फोटो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने औरउसके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी।

वारंगल कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर एवी रंगनाथ ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता अपने परिवार के साथ वारंगल जिले के मिल्स कॉलोनी स्थित किराए के मकान में रहती है। यह मकान आरोपित के परिवार का ही है। उन्होंने बताया है कि पीड़िता के परिवार वालों ने लिखित शिकायत में बहला-फुसलाकर रेप का आरोप लगाया है। आरोपितों के खिलाफ पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

बायकॉट बॉलीवुड खतरनाक ट्रेंड, इसे आप ही रोक सकते हैं: सुनील शेट्टी ने CM योगी आदित्यनाथ से लगाई गुहार, कहा- बॉलीवुड में सब ड्रग्स नहीं लेते

मुंबई में गुरुवार (05 जनवरी, 2023) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बॉलीवुड निर्माताओं, निर्देशकों और अभिनेताओं के साथ बैठक की। ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट इन इंडिया’ के बैनर तले हुई मीटिंग में यूपी में बन रहे फिल्म सिटी और निवेश को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान अभिनेता सुनील शेट्टी ने बायकॉट बॉलीवुड (#BoycottBollywood) का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड से बायकॉट टैग हटना जरूरी है।

उत्तर प्रदेश में बन रही फिल्म सिटी पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने फिल्मी दुनिया की कई हस्तियों ने बैठक की। बैठक के दौरान सुनील शेट्टी ने सोशल मीडिया पर बायकॉट बॉलीवुड ट्रेंड को खत्म करने के लिए योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के सभी लोग ड्रग्स नहीं लेते। गलत काम नहीं करते। हैशटैग बायकॉट बॉलीवुड एक खतरनाक ट्रेंड है जो आपके कहने से रुक सकता है।

सुनील शेट्टी ने कहा कि इंडस्ट्री में कुछ सड़े हुए सेब हो सकते हैं, लेकिन उसके कारण पूरी इंडस्ट्री को सड़ा हुआ नहीं कह सकते। बॉलीवुड के ज्यादातर लोग मेहनत करके लोगों तक अपना काम पहुँचाते हैं। हममें से 99% लोग गलत कामों में लिप्त नहीं होते हैं। हमें इस धारणा को बदलना होगा। आपकी मदद से हैशटैग ‘बायकॉट बॉलीवुड’ ट्रेंड रुक सकता है। अगर आप नेतृत्व करते हैं और पीएम से भी बात करते हैं तो इससे फर्क पड़ेगा।

बैठक में योगी आदित्यनाथ ने फिल्म निर्माताओं और कलाकारों से यूपी फिल्म सिटी में निवेश करने और रुचि लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसमें उनका पूरा सहयोग करेगी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश में निर्मित होने वाली वेब सीरीज पर 50% तक की सब्सिडी और वेब फिल्मों की लागत पर 25% तक की छूट की दिशा में काम करने जा रही है। साथ ही स्टूडियो और लैब के लिए 25% तक की सब्सिडी उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है।

फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर ने बैठक के बारे में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि सीएम ने सब्सिडी की बात की जो अच्छा है। इससे नए फिल्म निर्माताओं को सहायता मिलेगी। मधुर भंडारकर ने कहा कि सिंगल विंडो क्लीयरेंस और OTT फिल्म को सब्सिडी देना बड़ी पहल है।

आपको बता दें कि इस बैठक में सुनील शेट्टी, कैलाश खेर, सुभाष घई, जैकी श्राफ, सोनू निगम, रवि किशन, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ,’ बोनी कपूर समेत कई फिल्मी हस्तियों ने शिरकत की। उन्होंने यूपी फिल्म सिटी को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए।

‘चाचा… शरीयत में मत दे दखल’: जावेद अख्तर ने तालिबानी शासन में महिला स्थिति पर उठाए सवाल, इस्लामी कट्टरपंथियों ने घेरा

अफगानिस्तान में कट्टरपंथी तालिबान (Afghanistan, Taliban) शासन द्वारा वहाँ की लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। इसको लेकर बॉलीवुड के गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने सवाल उठाया है। जावेद अख्तर के इस ट्वीट पर कट्टरपंथियों ने उन्हें घेर लिया।

जावेद अख्तर ने ट्वीट किया, “तालिबानियों ने इस्लाम के नाम पर सभी महिलाओं और लड़कियों के स्कूल-कॉलेजों और नौकरियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारतीय मुस्लिम पर्सनल बोर्ड और अन्य इस्लामिक विद्वानों ने इसकी निंदा क्यों नहीं की। क्यों। क्या वे तालिबानियों से सहमत हैं?”

इसको लेकर अल हिंद नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “श्याम बिहारी की चौथी पीड़ी तू ज़्यादा दख़ल ना दे शरीयत में।”

आदिल साइन नाम के यूजर ने लिखा, “जावेद भाई, अपने मुल्क की चुनौतियों को पहले समझ लें, फिर पड़ोसी मुल्क की बातों पर सोचा जाए। पर नहीं आप तो आप हैं… ऐसी उम्र में लोग थोड़े चिंतित हो ही जाते हैं.. उम्र का कसूर है आप तो मासूम हैं।”

सलमान नाम के यूजर ने लिखा, “भाई सब क्यों अपनी दुर्गति करवाने पर तुले हैं? आपका इस्लाम से कोई लेना देना है क्या?AIMPLB का तालिबान से कोई कनेक्शन बता रहे हो क्या? बेकार क्यों अपनी टाँग फैला रहे हो..जब किसी ने सपोर्ट नहीं किया है तो जरूरी है कि निंदा करें।”

नीलिमा पवार नाम की एक यूजर ने लिखा, “हाँ, भारत के 99% मुस्लिम सहमत हैं और वही शरिया यहाँ लाना चाहते हैं। इसलिए श्रद्धा के कितने भी टुकड़े हो चुप रहते हैं। गजवा-ए-हिंद के सपने देखते है। चाचा आप भी जाग जाओ, क्यूँकी शरिया में गैर मुस्लिम ही नहीं, जो शरिया ना माने वह भी काफिर है। पाकिस्तान में शिया, अहमदिया सभी काफिर हैं।”

संकेत एस जोशी ने लिखा, “मुझे हमेशा आश्चर्य होता है कि इन इस्लामिक देशों का किसी भी क्षेत्र के विकास में क्या योगदान है, जिससे मानव को लाभ होता है। वैज्ञानिक अनुसंधान, उत्पाद विकास, कला, खेल, शिक्षा में कोई बड़ी भूमिका नहीं… लेकिन गोला-बारूद के संबंध में उन्नत तकनीक का उपयोग करने में अग्रणी।”

T. Burhagohain नाम की एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, “इस्लाम में ईसाई और हिंदू धर्म की तरह एक मजबूत सुधार आंदोलन होना चाहिए। इस धर्म की शुरुआत से इस्लाम में कोई सुधार नहीं हुआ है।”

अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने 21 दिसंबर 2022 को एक फरमान जारी करते हुए कहा कि अब तालिबानी महिलाएँ नौकरी और पढ़ाई नहीं करेंगी। तालिबान ने तर्क दिया था, ”विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जा रहे कुछ विषय इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।” इसके साथ ही उसने यह भी कहा था कि लड़कियों पर पश्चिमी देशों का रिवाज हावी हो रहा है।

रेलवे की जिस जमीन पर कब्जा, वहाँ बांग्लादेशी-रोहिंग्या के भी घर: Video में कब्जाधारियों ने कबूला सच, बताया कॉन्ग्रेस नेता का कनेक्शन

उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। कोर्ट ने फ़िलहाल यहाँ बसे लोगों को सात दिन के अंदर हटाने के हाईकोर्ट के फैसले पर स्टे लगा दिया है। अब अगली सुनवाई 7 फरवरी 2023 को होगी। महिलाओं-बच्चों को आगे करके यहाँ जो इमोशनल कार्ड खेला गया, जिस ‘मानवता’ के आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया, ऑपइंडिया की टीम ने ग्राउंड पर जाकर इससे जुड़ी स्थिति का जायजा लिया, लोगों से बात की।

ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान जब हमने लोगों से पूछा कि आपलोगों ने कहीं और जमीन वगैरह खरीद रखी है। इस पर एक मुस्लिम नौजवान ने कहा कि जब खाने के लिए कुछ नहीं है तो जमीन कहाँ से खरीदेंगे। उसने कहा कि रोज कुआँ खोदना है, रोज पानी पीना है। उसने आगे बताया कि जो पैसे इकट्ठा किए, सब यहीं घर में लगा दिए। मतलब उसने कबूल लिया कि जमीन बिना खरीदे ही वो घर बना लिया।

वहीं जब हमने प्रदर्शन के दौरान मंच पर बैठे इमाम/मौलवी के बारे में पूछा तो वहाँ मौजूद महिला अख्तरी ने कहा, ”वह इमाम यहाँ के किसी मस्जिद से नहीं आए थे। वह बाहर के थे।” वहीं नौजवान ने कहा, ”यहाँ तो और कौमें भी है। क्या सबको लपेट दोगे।”

वहीं अख्तरी ने स्वीकार करते हुए कहा कि कई मुस्लिम महिलाएँ अपने छोटे-छोटे बच्चे को लेकर धरना स्थल गईं थीं। उस धरने में वह भी मौजूद थीं। अख्तरी का कहना था, “यहाँ रेलवे लाउडस्पीकर लगाकर हमें बस्ती खाली करने को कह रहा है।” उसने कहा कि अगर यह जमीन रेलवे की थी तो पहले क्यों नहीं उन लोगों को हटाया गया।

वहीं जब हमने रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों के बारे में पूछा तो उन्होंने इनकार नहीं किया। इसके जवाब में कहा, “यहाँ तो कई कौमें रहती हैं। किस-किस के बारे में आपको बताएँ। यहाँ बंगाली सब रहते हैं। यहाँ बंगाली-नेपाली सब मिलेंगे। वहीं धरने में बाहरी लोगों के भाग लेने के बारे में वहाँ मौजूद राशिद और अशरफ से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह खुद धरने में शामिल थे और मौलवी व उनके कुछ रिश्तेदार भी धरने में शामिल थे।”

वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या अब तो सब कुछ शांत है यहाँ पर। इस पर उन्होंने कहा कि उन लोगों को पार्षद लईक कुरैशी ने शांत रहने और एक-दूसरे से बात नहीं करने को कहा है। आपको बता दें कि लईक कॉन्ग्रेस पार्षद हैं।

जब हम कुछ आगे बढ़े तो हमें एक बुजुर्ग मिले। हमने उनसे पूछा कि क्या यहाँ सही में बाहरी लोग आकर बसे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में अधिकतर लोग बाहर के हैं। लेकिन वे काफी पहले आए थे। एक बार फिर बाहर से आए मौलाना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह अभी यहीं हैं। इतने में वहाँ आया एक व्यक्ति असमंजस में दिखा और कहा नहीं मौलाना यहाँ नहीं हैं।

इससे पहले जब हम हल्द्वानी के वनभूलपुरा इलाके में पहुँचे तो वहाँ हमें विरोध-प्रदर्शन वाली भीड़ गायब दिखी। घूमते-घूमते एक आदमी दिखा, जो 8-10 लोगों को कुछ समझा रहा था। यह शख्स लोगों से आरफा (खानम शेरवानी) का नाम लेकर कुछ कह रहा था। आरफा के मजहब से इस भीड़ (जमा हुए लोग में कुछ दाढ़ी रखे हुए, कुछ इस्लामी टोपी लगाए हुए थे) के मजहब को जोड़ रहा था। ‘आरफा कितना अच्छा बोलती हैं’ – यह कह कर लोगों से बोलने की अपील भी कर रहा था। खुद को पत्रकार बताने वाले इस शख्स ने यह भी कहा कि वो TheWire पर भी इस खबर को चलवाएगा।

एक अन्य रिपोर्ट में हम यह बता चुके हैं कि कैसे हल्द्वानी के धरना-प्रदर्शन में बच्चों का इस्तेमाल किया गया। मदरसे के हाफिज से लेकर वहाँ के एक लोकल नेता तक की पोल इन बच्चों ने ही खोली।

नशे में धुत होकर किया महिला यात्री के कंबल पर पेशाब, होश आने पर गिड़गिड़ाया: Air India फ्लाइट में ‘बदसलूकी’ का दूसरा मामला

एयर इंडिया फ्लाइट में एक बुजुर्ग महिला पर पेशाब किए जाने का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि खबर है फ्लाइट में सफर करने के दौरान एक और महिला के साथ ऐसी ही बदसलूकी की गई। पहले वाली घटना न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में हुई थी और ये वाली घटना पेरिस से दिल्ली आने वाली फ्लाइट में घटी। व्यक्ति ने नशे में धुत होकर महिला यात्री के कंबल पर पेशाब कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना फ्लाइट संख्या 142 में 6 दिसंबर 2022 की है। पहली वाली घटना के ठीक 10 दिन बाद की। विमान के पायलट के जरिए इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी गई थी। जब फ्लाइट लैंड के बाद आरोपित को पकड़ा गया तो उसके नशे में होने का पता चला। इसके बाद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बुजुर्ग महिला पर किया पेशाब, प्राइवेट पार्ट दिखाया

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 26 नवंबर वाली घटना में भी आरोपित के नशे में होने की बात सामने आई थी। खबरों के मुताबिक जनेस क्लास में यात्रा कर रहे एक शख्स ने शराब के नशे में धुत होकर करीब 70 वर्षीय एक महिला सहयात्री पर पेशाब कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित यात्री ने कथित तौर पर महिला सहयात्री को अपने प्राइवेट पार्ट भी दिखाए थे।

महिला ने उस समय घटना की शिकायत विमान में मौजूद क्रू मेम्बर से की थी, लेकिन उन्होंने महज खानापूर्ति करके मामले को रफा-दफा कर दिया। इतना ही नहीं, शख्स दिल्ली एयरपोर्ट पर बेधड़क उतरा और चलता बना। जिसके बाद महिला ने इस संबंध में एयर इंडिया के चेयरमैन एन चन्द्रशेखरन को पत्र लिखा और इस घटना के बारे में पता चला। वहीं ‘नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA)’ ने ‘एयर इंडिया’ से घटना के संबंध में रिपोर्ट माँगी।

घटना अमेरिका के ‘जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट’ से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एआई-102 में 26 नवंबर, 2022 को घटी थी। इस घटना को लेकर ‘एयर इंडिया’ ने भी पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने बताया था कि भोजन परोसे जाने के और फ्लाइट के अंदर की रोशनी कम किए जाने के बाद यह घटना हुई।