Homeदेश-समाजधँस रहे मकान, जमीन-दीवारों में दरारे, सड़क फोड़ निकल रहा पानी... जोशीमठ में क्या...

धँस रहे मकान, जमीन-दीवारों में दरारे, सड़क फोड़ निकल रहा पानी… जोशीमठ में क्या होने वाला है? 35 घर कराए गए खाली, पलायन कर रहे लोग

'माउंट व्यू' नामक होटल तो ऐसा धँस गया कि इसकी पूरी संरचना ही तिरछी हो गई है। होटल को खाली करना पड़ा है।

उत्तराखंड के जोशीमठ में क्या कोई बड़ी तबाही आने वाली है? – ये सवाल कई लोगों के जेहन में गूँज रहा है। ताज़ा घटना के हुई है कि Jaypee कंपनी के परिसर में भू-धँसाव से बड़ी तबाही आई है, जिससे 25 घर रहने लायक नहीं रहे हैं। 16 परिवारों को अलग जगह पर शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वो आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिल कर लगातार मामले की निगरानी कर रहे हैं। चमोली जिले का ये पूरा इलाका तबाह होने की कगार पर है।

शहर में दहशत फैली हुई है और लोग पलायन कर रहे हैं। सभी 16 वार्डों में स्थिति खराब है। मारवाड़ी भूमि में पानी का बहाव भी नहीं रुक रहा है, जिससे निचले हिस्सों में स्थित घर तबाह हो रहे हैं। सिंहधार में स्थित बीएसएनएल के कार्यालय और आवासीय भवनों में भी दरार आ गई है। जेपी कंपनी के परिसर में जमीन के साथ-साथ घरों की दीवारों से भी पानी का रिसाव हो रहा है। खेतों की दरार में ये पानी घुस रहा है। डाकघर को भी शिफ्ट करना पड़ा।

‘माउंट व्यू’ नामक होटल तो ऐसा धँस गया कि इसकी पूरी संरचना ही तिरछी हो गई है। होटल को खाली करना पड़ा है। ज्योतिर्मठ परिसर, जो कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य की गद्दी है, वहाँ के मंदिरों के आसपास भी दरारें आ रही हैं। शंकराचार्य से सरकार से इस पर ध्यान देने की अपील करते हुए आसपास चल रहे विद्युत्-जल परियोजनाओं को रोकने की माँग की है। उन्होंने कहा कि तकनीकी विशेषज्ञ इलाके का निरीक्षण करें।

जोशीमठ को बद्रीनाथ का प्रवेश द्वार कहा जाता है। धरती फाड़ कर जगह-जगह पानी निकल रहा है। प्रशासन ने 35 घरों को खाली कराया है। कई मकान 2-3 फ़ीट तक जमीन के अंदर धँस गए हैं। जहाँ-जहाँ से पानी निकल रहा है, वहाँ सीवर से कोई लीकेज नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं के हिसाब से ये जमीन वैसे भी संवेदनशील है। यहाँ के लोग भी डरे हुए हैं और लगातार आवाज़ उठा रहे हैं। सड़कों की दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही हैं। कई घरों के काँच चटक रहे हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फिर याद आया आपातकाल… 51 साल बाद भी नहीं बदली कॉन्ग्रेस की मानसिकता, हिमाचल में गड़बड़ी पर सवाल पूछे तो ब्लॉक करा दी News4Himalayan...

‘गोदी मीडिया’ बोलने वाली कॉन्ग्रेस अब सवाल पूछने पर मीडिया को कर रही बैन। हिमाचल में News4Himalayan पर कार्रवाई से उठे सवाल।

हमास का समर्थन, अल-कायदा का ‘बचाव’… जानें- कौन हैं DSA के चुनाव में ममदानी के समर्थन से जीतने वालीं ‘हिजाबन’ अबर कवास और दारियालिजा?

अमेरिका के डेमोक्रेटिक पार्टी की शेवेलियर और कवास ने भी जोहरान ममदानी की राह पर मुस्लिम-पीड़ित पहचान, हमास को समर्थन और अमेरिकी नीतियों की आलोचना करके ही चुनाव जीता है।
- विज्ञापन -