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उत्तर प्रदेश के इस जिले में घूम रहा है साइको सीरियल किलर, बुजुर्ग महिलाओं की कर रहा हत्या… यूपी पुलिस ने बताया क्या है सच

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के रामसनेही घाट में बीते कुछ महीनों में बुजुर्ग महिलाओं की हत्या हुई है। इसको लेकर मीडिया में दावा किया जा रहा है कि साइको या सीरियल किलर महिलाओं की हत्या कर रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सीरियल किलर की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस की 6 टीमें लगी हुई हैं। साथ ही पुलिस ने एसटीएफ से मदद माँगी है।

न्यूज 18 ने इस खबर को लेकर लिखा है, “पुलिस बाराबंकी जिले में घूम रहे साइको किलर की तलाश कर रही है। यह किलर बुजुर्ग महिलाओं को टारगेट कर उनकी हत्या कर रहा है। इसकी तलाश में यूपी पुलिस की 6टीमें लगी हैं। पुलिस ने आरोपित की फोटो वायरल कर लोगों से उसे पकड़वाने की अपील की है। यह अब तक तीन हत्याएँ कर चुका है। किलर को पकड़ने में नाकाम थाने के इंस्पेक्टर को एसपी ने लाइन हाजिर करते हुए दूसरे पुलिस अफसर को लगाया है।”

यही नहीं, न्यूज 18 ने अपनी रिपोर्ट में 5 दिसंबर, 6 दिसंबर और 29 दिसंबर को हुई हत्याओं को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए लिखा है कि इन महिलाओं के साथ पहले दुष्कर्म किया गया फिर हत्या हुई।

इसी प्रकार, दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, “सीरियल किलर की तलाश में असफल पुलिस ने अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से मदद की गोहार लगाई है। वायरल वीडियो में दिखे संदिग्ध सीरियल किलर की फोटो पुलिस ने एसटीएफ को भेजी है। एडीजी लखनऊ जोन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के अब तक के सभी प्रयास निरर्थक साबित हुए। उधर क्षेत्र में सीरियल किलर का खौफ भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है।”

इसके साथ ही, ‘दैनिक जागरण’ ने रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हुई 3 हत्याओं का जिक्र किया है। इसमें, 4 जुलाई, 17 दिसंबर और 30 दिसंबर 2022 को हुई हत्या की घटनाओं के बारे में बताया गया है।

यही नहीं, दैनिक जागरण ने दावा करते हुए लिखा है “पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा है। वीडियो में एक युवक वृद्धा के साथ दरिंदगी की कोशिश कर रहा है। वीडियो में कैद युवक को ही पुलिस सीरियल किलर मान कर उसकी तलाश कर रही है। पुलिस ने अज्ञात आरोपित पर पुरस्कार भी घोषित किया है। सोशल मीडिया व सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की फोटो व पोस्टर भी चिपकाए हैं। पुलिस कर्मी गली-गली जाकर मोबाइल में फोटो दिखाकर ग्रामीणों से जानकारी ले रहे हैं।”

इसी तरह, जी ने भी दावा किया है। हालाँकि, इस रिपोर्ट में 4 हत्याओं का दावा है। जी न्यूज़ ने लिखा है, “बाराबंकी जिले में घूम रहे एक साइको किलर की पुलिस को तलाश है. किलर बुजुर्ग महिलाओं को टारगेट कर उनकी हत्या करता है। इसकी तलाश में बाराबंकी पुलिस की 6 टीमें लगीं हैं। वहीं पुलिस ने फोटो वायरल कर लोगों से किलर को पकड़ने में मदद करने की अपील की है। जानकारी के मुताबिक साइको किलर अबतक चार हत्याएँ कर चुका है।”

हिंदी मीडिया हाउस की तर्ज पर अंग्रेजी मीडिया संस्थानों ने भी रिपोर्ट पब्लिश की है। इंडिया टुडे, डीएनए, इंडिया डॉट कॉम जैसे अन्य वेबसाइट में भी ऐसे ही दावे किए गए हैं।

मीडिया द्वारा किए जा रहे ऐसे दावों के बाद, बाराबंकी पुलिस ने वीडियो जारी कर इनका खंडन किया है। बाराबंकी एएसपी ने कहा है, “रामसनेही घाट में दो महिलाओं की हत्या के संबंध में, कुछ स्त्रोतों से सीरियल किलर और साइको किलर के नाम से आधारहीन और तथ्यहीन चीजें प्रकाशित हो रहीं हैं। अभी तक पुलिस की विवेचना में ऐसे कोई भी तथ्य प्राप्त नहीं हुए हैं, जिनसे यह कहा जा सके कि इन घटनाओं में सीरियल किलर या साइको किलर शामिल रहा हो।”

उन्होंने यह भी कहा है, “अब तक की विवेचना में दोनों घटनाएँ अलग-अलग पाई गईं हैं। दोनों घटनाओं में टीमें काम कर रहीं हैं। इसमें संदिग्ध के विषय में कुछ जानकारी हुई है। इसके लिए हमारी टीम लगी हुई है। शीघ्र ही उसकी गिरफ्तारी होगी। घटना का खुलासा करेंगे। इसमें, यह भी सूचित किया जा रहा है कि इसमें अन्य किसी भी जाँच एजेंसी की अभी मदद नहीं जा रही है। क्योंकि घटनाओं की प्रकृति ऐसी नहीं है। बाराबंकी पुलिस इसमें काम कर रही है।”

‘तुनिशा को ड्रग्स लेने के लिए मजबूर करता था शीज़ान खान, साजिश में उसका पूरा परिवार शामिल’: दिवंगत अभिनेत्री की माँ ने पूछा – दूर वाले अस्पताल में क्यों ले गया?

तुनिशा शर्मा की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। एक ओर जहाँ तुनिशा के बॉयफ्रेंड रहे शीजान मोहम्मद खान आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में है। वहीं, तुनिषा शर्मा की माँ का कहना है कि हो सकता है तुनिषा की हत्या की गई हो। इसके अलावा उन्होंने शीजान की माँ द्वारा लगाए गए आरोपों का भी जवाब दिया है।

दरअसल, शीजान खान की अम्मी कहकशाँ सैफी ने तुनिषा शर्मा की माँ वनिता शर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह तुनिषा से सारे पैसे ले लेती थीं और उसे खर्चा करने के लिए पैसे नहीं मिलते थे। इन आरोपों का जवाब देते हुए वनिता शर्मा ने कहा है कि उन्होंने अपनी बेटी को बीते तीन महीने में 3 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इसका सबूत बैंक स्टेंटमेंट से देखा जा सकता है।

एक इंटरव्यू में वनिता शर्मा ने कहा है, “मैं शीजान को छोड़ने वाली नहीं हूँ। मैंने अपनी बेटी खो दी है। मैं यहाँ न्याय पाने के लिए आई हूँ। शीजान और उसका पूरा परिवार इसमें शामिल है। तुनिषा मेरी जिंदगी थी। उसने मुझसे कभी कुछ नहीं छुपाया। पिछले 3-4 महीनों में वह उसके (शीजान के) परिवार के करीब आ रही थी। पूरे परिवार ने तुनिषा का इस्तेमाल किया। शीजान की माँ ने कहा कि मैं उसे पैसे नहीं देती थी। मैंने तुनिषा को तीन महीने में तीन लाख रुपए दिए हैं। आप मेरा बैंक स्टेटमेंट देख सकते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा है, “जब तुनिषा लद्दाख यात्रा से लौटी, तो उसने मुझसे कहा कि वह शीजान खान को पसंद करती है। मैंने उससे केवल इतना कहा था कि अपने शो और अपने काम पर ध्यान दो। शीजान की माँ और बहनों ने उसे कभी भी घर पर पर्याप्त समय रहने नहीं दिया। शूटिंग के बाद वे लोग उसे यह कहकर बुला लेते थे कि हमने तुम्हारे लिए बिरयानी बनाई है, या उनके पास ऐसा ही कोई और बहाना होता था।”

वनिता शर्मा ने आगे कहा है, “शीजान से ब्रेकअप के बाद वह दुःखी थी। उसने कहा था कि मुझे धोखा दिया गया है शीजान ने मेरा इस्तेमाल किया। उसने (शीजान ने) तुनिशा को थप्पड़ भी मारा था। तुनिशा ने अपने दोस्तों को बताया था कि शीजान ड्रग्स लेता है और उसे भी ऐसा करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। तुनिषा भी स्मोकिंग करने लगी थी। वे लोग उससे वो सब करवाते थे जो उसे पसंद नहीं था। तुनिषा को पालतू जानवर पसंद नहीं थे, लेकिन शीजान के परिवार ने उसे एक कुत्ता दिलवाया था।”

वहीं, मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा है कि हो सकता है कि तुनिषा की हत्या की गई हो। उन्होंने कहा है, “यह आत्महत्या या हत्या भी हो सकती है। मैं ऐसा इसलिए कह रही हूँ क्योंकि शीजान उसे एक दूर के हॉस्पिटल में ले गया था। जबकि, सेट से महज 5 मिनट की दूरी पर भी अस्पताल थे। उसे करीब के हॉस्पिटल में क्यों नहीं ले गया? तुनिषा साँस ले रही थी और उसे बचाया जा सकता था।”

‘ये देश पुजारियों का नहीं है’: राहुल गाँधी ने फिर किया हिन्दू धर्म का अपमान, महाभारत पर उलटा-पुलटा ज्ञान भी बाँचा

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी फ़िलहाल ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर हैं। इस दौरान उनके द्वारा कई ऐसी हरकतें की गई हैं, जिन्हें लोगों ने हिन्दू धर्म का अपमान बताया है। अब राहुल गाँधी ने पुरोहितों पर विवादित बयान दिया है। साथ ही महाभारत का भी उलटा-पुलटा उदाहरण दे डाला। इसके बाद उन पर न सिर्फ ब्राह्मणों के प्रति नफरत फैलाने, बल्कि हमारे प्राचीन धर्म ग्रंथों की गलत व्याख्या कर दुष्प्रचार करने के आरोप भी लग रहे हैं।

राहुल गाँधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ये देश तपस्वियों का है, ये देश पुजारियों का नहीं है। वास्तविकता इस देश की यही है।” इस पर लोग राहुल गाँधी से पूछ रहे हैं कि उन्हें पुजारियों से इतनी घृणा क्यों हैं? साथ ही सवाल उठ रहा है कि हिन्दू धर्म का बार-बार अपमान कर के कॉन्ग्रेस नेताओं को आखिर क्या मिलता है? लोग कह रहे हैं कि अब राहुल गाँधी को पुजारियों से भी दिक्कत है। कुछ लोग पूछ रहे हैं कि पुजारियों ने आखिर उनका क्या बिगाड़ा है?

बता दें कि भारत में हजारों मंदिर हैं और लगभग सभी में कोई न कोई एक पुजारी होते हैं। बड़े मंदिरों में कई पुजारी होते हैं। उन्हें शास्त्र का ज्ञान होता है और वो पूजा-पाठ करते व कराते हैं। गाँवों के मंदिरों के पुजारी गरीब होते हैं, जिनके परिवार का पालन-पोषण उन्हें मिलने वाली दक्षिणा पर निर्भर करता है। कई राज्यों में मस्जिदों के इमामों को वेतन मिलता है, लेकिन पुजारियों को कोई नहीं पूछता। अगर पुजारी न रहें तो मंदिर की देखभाल और प्रबंधन से लेकर समय-समय पर पूजा-आरती कैसे होगी?

अब भगवद्गीता और महाभारत पर राहुल गाँधी का ज्ञान सुनिए, “जब अर्जुन मछली की आँख में तीर मार रहा था, तो क्या उसने कहा कि इसके बाद मैं क्या करूँगा? कहा था क्या? नहीं कहा था न? उस कहानी का मतलब गीता में भी है – काम करो, फल की चिंता मत करो।” बता दें कि ‘मत्स्य भेदन’ की प्रतियोगिता की द्रौपदी के स्वयंवर और शादी के लिए हुई थी। अर्जुन को पता था कि लक्ष्य पर निशाना लगाने के बाद क्या होने वाला है।

हाल ही में राहुल गाँधी पर राजनीति के लिए बच्चे के इस्तेमाल का आरोप लगा था। इस विवाद का कारण एक तो यह था कि भयंकर ठंड के बाद भी बच्चे ने कपड़ा नहीं पहना हुआ था। वहीं, दूसरा यह कि बच्चे ने उल्टा जनेऊ पहना हुआ था। ट्वीट करने के कुछ घंटे बाद ही, इसे डिलीट कर दिया गया। भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने लिखा था, “4 डिग्री तापमान में राजनीति के लिए एक बच्चे को कपड़े उतार के घुमाना एक बेशर्म ही कर सकता है।”

‘आप चाय में जहर मिला दोगे…’: सपा के ट्विटर हैंडल संचालक की गिरफ्तारी से अखिलेश यादव भड़के, शिकायत करने वाली BJP की महिला नेता पर केस दर्ज

समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल सदस्य मनीष अग्रवाल के गिरफ्तार होने के बाद पार्टी बौखलाई हुई है। एक ओर जहाँ सपा मीडिया सेल के विरुद्ध शिकायत करने वाली BJP की युवा मोर्चा की नेता डॉ ऋचा राजपूत के खिलाफ एफआईआर करवा दी गई है। वहीं अखिलेश यादव की भी एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में वह पुलिस वालों से कह रहे हैं कि उन्हें शक है पुलिस उन्हें चाय में जहर मिलाकर दे सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मनीष के गिरफ्तार होने के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिकायत दी। इसमें कहा गया है कि ऋचा ने डिंपल यादव के ट्विटर अकॉउंट पर अभद्र टिप्पणी की। पुलिस ने शिकायत पाने के बाद केस दर्ज कर लिया है। सपा ने ऋचा के कुछ स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए माँग की है कि उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जाए।

इसी तरह मनीष के हिरासत में लिए जाने के बाद अखिलेश भी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय पहुँचे। यहाँ उन्होंने अपना गुस्सा पुलिस प्रशासन पर उतारा। पुलिस मुख्यालय में जब उनसे चाय के लिए पूछा गया तो उन्होंने अपने कार्यकर्ता से चाय लाने को कहा।

अपने कार्यकर्ता से वह बोले- “बाहर दुकान खुल गई हो तो मँगा लो, हम इनकी चाय नहीं पी सकते, इन पर हमें भरोसा नहीं है। हम बाहर की चाय पीएँगे या हम अपनी लाएँगे तब पीएँगे। हम नहीं पी सकते, जहर मिला दोगे तब, हमें आप पर बिलकुल भरोसा नहीं है।”

वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे जब पुलिसवाले उनसे कुछ कहना शुरू करते हैं तो वो उन्हें रोक देते है और कहते हैं- “हमें सच में आप पर भरोसा नहीं है। हम बाहर से मँगाकर चाय पी लेंगे। आप अपनी चाय पियो, हम अपनी चाय पीएँगे।”

बता दें कि इससे पहले सपा के आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट से ट्वीट आया था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब लखनऊ पुलिस मुख्यालय गए तो वहाँ पर कोई नहीं मिला। हालाँकि पुलिस ने इन आरोपों पर कहा कि आज रविवार का दिन था। इसलिए हेडक्वार्टर में अधिकारी नहीं थे, लेकिन जैसे ही अखिलेश यादव के आने की सूचना मिली तो सक्षम अधिकारी व लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँच गए।

गौरतलब है ऋचा राजपूत ने सपा के मीडिया सेल पर रेप और हत्या की धमकी देने के आरोप लगाए थे। ऐसे में हजरतगंज पुलिस ने मनीष अग्रवाल को रविवार (8 जनवरी 2023) सुबह पकड़ा। इसके बाद से समाजवादी पार्टी धड़ाधड़ पोस्ट कर रही है।

दिल्ली पुलिस की टीम पर 100 नाइजीरियनों ने किया हमला, अपने साथी को भी हिरासत से भगाया: दोबारा रेड में महिला सहित 4 पकड़ाए

दिल्ली में रहने वाले 100 से अधिक अफ्रीकी नागरिकों ने शनिवार (7 जनवरी 2023) को दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर हमला कर दिया। दिल्ली पुलिस की नारकोटिक्स सेल की एक टीम अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को पकड़कर निर्वासित करने के लिए नेबसराय के राजू पार्क गई थी। दोपहर तक अधिकारियों ने तीन अफ्रीकी नागरिकों को पकड़ा लिया। इनकी वीसा अवधि खत्म हो चुकी थी, फिर भी वे अवैध रूप से देश में रह रहे थे।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, “टीम पकड़े गए तीनों विदेशियों को पुलिस स्टेशन लाने की कोशिश कर रही थी। इसी दौरान अचानक 100 से अधिक अफ्रीकी नागरिक वहाँ एकत्र हो गए और पुलिस टीम को रोक दिया। हिरासत में लिए गए तीनों अफ्रीकी मौका पाकर भाग गए। बाद में फिलिप नाम के एक अफ्रीकी को पकड़ लिया गया, लेकिन दो भागने में सफल रहे।”

कहा जा रहा है कि नाइजीरिया नागरिकों ने पुलिस को रोक कर उनके साथ बदसलूकी और मारपीट भी की। इस घटना के बाद पुलिस बल सतर्क हो गई। इस घटना के बाद पुलिस अधिकारी कई थानों की पुलिस बल को इकट्ठा करके 6:30 बजे नारकोटिक्स स्क्वॉड के साथ वहाँ पहुँची। इस दौरान पुलिस ने एक महिला सहित चार अफ्रीकी नागरिकों को हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए गए लोगों के नाम केने चुक्वु डेविड विलियम्स, इग्वे इमैनुएल चिमेज़ी, अज़ीगबे जॉन, क्वीन गॉडविन है। इनमें पकड़ी गई महिला क्वीन गॉडविन पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट में शामिल थी। इस कारण उसके साथ भागने में सफल रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई देखकर एक बार फिर से करीब 200 अफ्रीकी नागरिक वहाँ जमा हो गए। वे हिरासत में लिए गए अफ्रीकी नागरिकों को भगाने की कोशिश करने लगे। हालाँकि, पुलिस उन्हें नेबसराय थाना लाने में सफल रही। अधिकारी ने बताया कि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को पकड़ने के लिए निर्वासन की कार्यवाही की जा रही है। 

आरोपितों के खिलाफ क्राइम ब्रांच में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420/120B और फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही इन लोगों के पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गए हैं। गिरफ्तार किए आरोपित अफ्रीकी देश नाइजारिया के बताए जा रहे हैं।

 

आरोपितों को पता था कार में फँसी है लड़की, तेज़ म्यूजिक वाली बात निकली झूठ: कंझावला केस में कबूलनामा, कहा – डरे हुए थे, कुछ समझ नहीं आ रहा था

दिल्ली के कंझावला में हुए एक्सीडेंट मामले में आरोपितों ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस से हुई पूछताछ में आरोपितों ने कहा है कि उन्हें यह पता था अंजलि कार के नीचे फँसी हुई है। लेकिन, वे लोग डर गए थे इसलिए उन्होंने बॉडी नहीं निकाली।

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि आरोपितों ने कबूल किया है कि उन्हें गाड़ी के नीचे मृतक अंजलि के फँसे होने की जानकारी थी। आरोपितों ने पुलिस को बताया है कि उन्हें इस बात का डर था कि यदि उन्हें कार से लड़की को निकालते हुए किसी ने देख लिया तो वह फँस जाएँगे। उनके ऊपर हत्या का केस लग जाएगा।

आरोपितों ने यह भी कहा है कि लड़की के कार में फँसने के बाद वे बेहद डर गए थे। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि कहाँ जाएँ। हालाँकि, उन्हें यह लग रहा था कि लगातार कार चलाने से लड़की निकल जाएगी इसलिए वे कार को दौड़ाते रहे। यही कारण है कि उन्होंने सुल्तानपुरी से कंझावला तक कई बार यू-टर्न लिया था। आरोपितों ने यह भी कबूल किया है कि उन्होंने पुलिस को तेज म्यूजिक सिस्टम वाली जो बात बताई थी, वह पूरी तरह झूठी थी।

गौरतलब है कि 1 जनवरी, 2023 की रात भयानक कार एक्सीडेंट में अंजलि नामक लड़की की मौत हो गई थी। जब, वह होटल से अपने घर लौट रही थी तब एक कार ने उसकी स्कूटी को टक्कर मार दी थी। टक्कर के बाद, वह कार में ही फँस गई थी।

आरोपित उसे कार से निकालने के बजाए 12 किलोमीटर तक लगातार घसीटते रहे। इससे उसके पैर तक कट गए थे। बाद में, उसकी बॉडी नग्नावस्था में बरामद हुई थी। अजंलि अपने घर में कमाने वाली इकलौती थी। इस मामले में, पुलिस ने दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन, मनोज मित्तल, आशुतोष और अंकुश खन्ना को आरोपित बनाया है। इनमें से एक आरोपित अंकुश खन्ना को जमानत मिल गई है।

जोशीमठ में भू-धँसाव को लेकर PM मोदी ने CM धामी से की बात, मदद का दिया भरोसा: PMO की हाईलेवल मीटिंग

उत्तराखंड के जोशीमठ, कर्णप्रयाग और उत्तकाशी (Joshimath, Uttarakhand Landslide) में भूमि धँसने और भूस्खलन की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से फोन पर बात की। इसके साथ ही PM इसको लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की और इसमें भू-धँसाव के कारणों और उसके उपायों पर चर्चा की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात करते हुए पीएम मोदी ने उत्तराखंड को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। सीएम धामी ने कहा, “पीएम मोदी (PM Modi) ने मुझसे टेलीफोन पर बातचीत कर जोशीमठ की स्थिति के साथ-साथ लोगों के पुनर्वास और सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी ली।” 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ के लोगों के विस्थापन के लिए किए जा रहे कार्यों के लिए बारे में भी पीएम मोदी ने पूछा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की उन्होंने जानकारी साझा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि जोशीमठ में हो रहे भू-धँसाव को लेकर पीएमओ लगातार संपर्क में हैं। 

वहीं जोशीमठ पर पीएमओ रविवार (8 जनवरी 2023) को एक उच्चस्तरीय बैठक कर रहा है। बैठक की प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा करेंगे। इसमें आज प्रधानमंत्री कार्यालय में भारत सरकार के कैबिनेट सचिव, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य शामिल रहेंगे। इसके साथ ही जोशीमठ जिला के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें जुड़े रहेंगे।

इस आपदा की चपेट में जोशीमठ शहर का 40 प्रतिशत हिस्सा चपेट में आ चुका है। राज्य सरकार ने टेक्निकल कमेटी का गठन किया है, जो भू-धँसाव से हुए नुकसान का आकलन कर रही है। वहीं, विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर खतरे में आए 500 मकानों के लोगों को पुनर्वासित किया जा रहा है। अब तक 116 परिवारों को हटाकर दूसरी जगह बसाया जा चुका है।

बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार (7 जनवरी 2023) को जोशीमठ का दौरा किया था और लोगों से मिलकर वहाँ की स्थिति जानी थी। इससे पहले उन्होंने करीब 600 प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का निर्देश अधिकारियों को दिया था। 

1993 जैसा सीरियल ब्लास्ट, निर्भया जैसा रेप कांड, दंगे… जिस नबी खान ने दी धमकी, उसे मुंबई पुलिस ने दबोचा: कहा था – कॉन्ग्रेस MLA भी साजिश में साथ

मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में फोन करके एक व्यक्ति ने 1993 जैसे सीरियल ब्लास्ट, निर्भया जैसे रेप कांड व दंगे कराने की धमकी दी थी। फिलहाल, पुलिस ने आरोपित युवक को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपित की पहचान नबी याहया खान के रूप में हुई। आरोपित ने फोन कर दावा किया था कि उसके साथ कॉन्ग्रेस का एक विधायक भी मिला हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (7 जनवरी, 2023) को मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम में धमकी भरा फोन आया था। धमकी देने वाले व्यक्ति ने कहा था कि दो महीने के अंदर मुंबई में 1993 बम धमाके जैसे सीरियल ब्लास्ट होंगे। धमकी के साथ कहा गया था कि ये धमाके मुंबई के माहिम, भिंडी बाजार, नागपाड़ा और मदनपुरा इलाके में होंगें।

धमकी में दावा – दूसरे राज्य से लोग आ चुके हैं, कॉन्ग्रेस विधायक भी साथ

इसके अलावा, आरोपित ने दावा किया था कि मुंबई में निर्भाया गैंगरेप जैसे कांड व भीषण दंगे होने वाले हैं। इन सभी कामों के लिए दूसरे राज्य से लोगों को बुलाया जा चुका है। ‘मिड डे’ की रिपोर्ट के अनुसार, फोन कर धमकी देने वाले आरोपित ने यह भी दावा किया था कि इस पूरी घटना में कॉन्ग्रेस का एक विधायक भी शामिल है।

धमकी भरा फोन आने के बाद मुंबई पुलिस समेत तमाम सुरक्षा व जाँच एजेंसियाँ सक्रिय होकर मामले की जाँच कर रही थीं। इस दौरान, महाराष्ट्र की आतंकवाद निरोधी शाखा (एटीएस) ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

आरोपित की पहचान नबी याहया खान उर्फ ​​केजीएन उर्फ ​​लाला के रूप में हुई है। एटीएस ने उसे मलाड के पठानवाड़ी इलाके से गिरफ्तार किया है। नबी याह्या खान पर लूट और छेड़खानी समेत कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। एटीएस ने आरोपित को आजाद मैदान पुलिस को सौंप दिया है। अब आजाद मैदान पुलिस उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े राज उगलवाने की कोशिश करेगी।

अपराधी अनीस को पकड़ कर थाने ला रहे थे ASI शंभु दयाल, चाकू निकाल करने लगा ताबड़तोड़ वार: इलाज के दौरान मौत, गर्दन-छाती-पेट- पर था जख्म

झपटेमार अनीस को पकड़कर थाने लाने के दौरान उसके द्वारा किए गए चाकू के कई वार से घायल हुए दिल्ली स्थित मायापुरी थाने के ASI शंभु दयाल की उपचार के दौरान मौत हो गई है। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। राजस्थान के सीकर के रहने वाले शंभु का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गाँव गवली बिहारीपुर में किया जाएगा।

बता दें कि शंभु दयाल चोरी-छिनैती करने करने वाले अनीस नाम के एक शख्स को पकड़कर कर मायापुरी थाने ले जा रहे थे। उसी दौरान अनीस ने शंभु दयाल पर चाकू से कई वार कर दिया। चाकू उनके पेट में लगी थी। इसके बाद अनीस ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मौके से ही उसे गिरफ्तार कर लिया।

बुधवार (5 जनवरी 2023) को एक महिला ने मायापुरी थाने में शिकायत की कि उसके पति से एक बदमाश ने झपटा मारकर मोबाइल छीन लिया है। थाने में इस मामले की जाँच शंभु दयाल को सौंपी गई। शंभु दयाल शिकायतकर्ता महिला को लेकर उसके बताए स्थान पर गए।

महिला उन्हें दिल्ली रेवाड़ी रेलवे लाइन की ओर गई। वहाँ झुग्गियों में शिकायतकर्ता महिला ने आरोपित अनीस को पहचान लिया। इसके बाद शंभु दयाल ने पलक झपकते ही आरोपित अनीस को पकड़ लिया और उसे लेकर मायापुरी थाने ले जाने लगे। ASI को पता नहीं था कि अनीस ने अपने शर्ट के नीचे एक चाकू छिपा रखा है।

थाने के नजदीक जैसे ही आरोपित अनीस मौका मिला, उसने अचानक चाकू निकाला और शंभु पर वार करने लगा। उसने उनके पेट, कमर, गर्दन सहित कई जगह चाकू से वार किया गया। चाकू लगने के बाद भी शंभु आरोपित को तब तक पकड़े रहे, जब तक थाने से उनके साथी नहीं आ गए। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुँचकर आरोपित को काबू किया गया।

गंभीर रूप से घायल शंभु दयाल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें खतरे से बाहर बताया गया था। मृतक ASI शंभु दयाल 57 वर्ष के थे राजस्थान के सिकर के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियाँ और एक बेटा हैं।

ASI शंभु दयाल पर चाकू से हमला करने वाला 24 वर्षीय अनीस मायापुरी के फेज-2 के झुग्गी नंबर 10C/187 में रहता है। जब उसे थाने ले जाया रहा था तो उसने फेज-1 के बी-115 के पास चाकू से वार किया था। उस पर आईपीसी (IPC) की धारा 353, 332, 307 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

2500 हेक्टेयर में मेला, 40 करोड़ श्रद्धालु: महाकुंभ को लेकर योगी सरकार ने की तैयारियाँ आरंभ, श्रद्धालुओं के लिए 5000 नए लक्जरी बसों का इंतजाम

साल 2025 में लगने वाले महाकुंभ की तैयारियाँ अभी से होनी शुरू हो गई हैं। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने बताया है कि इस बार प्रयागराज महाकुंभ स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित (ट्रिपल SSS की) थीम पर होगा। इसके मेले का आयोजन 2500 हेक्टेयर में किया जाएगा जबकि अनुमान है कि 40 करोड़ श्रद्धालु यहाँ पहुँच सकते हैं, जिनकी सुविधा के लिए रोडवेज विभाग से 5000 नई बसों को खरीद रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (उत्तर प्रदेश) के ट्विटर हैंडल से जहाँ आज बताया गया कि इस बार का महाकुंभ किस थीम पर होगा। वहीं उत्तर प्रदेश रोडवेज विभाग को लेकर खबर आई कि वे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 5000 बस खरीदेंगे। इनमे से 1575 बस तो 2023 में ही खरीद ली जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश रोडवेज के एमडी संजय कुमार के मुताबिक बसों को खरीदने को लेकर यूपी रोडवेज विभाग ने जो लक्ष्य तय किया है, उसके अनुसार मार्च 2023 तक 1575 बसों की खरीदी जाएँगी जिनमें 1200 के लगभग फ्लीट में शामिल होंगी जबकि बाकी बची अप्रैल-मई में फ्लीट में शामिल होंगी। संजय कुमार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच यूपीएसआरटीसी अपने स्रोत से और कुछ शासकीय बजट के सहयोग से 2 हजार नई बसें खरीदेगा।

इसके बाद 1 अप्रैल 2024 से लेकर दिसंबर 2024 तक 1500 और बसें ली जाएँगी। इस तरह महाकुंभ से पहले कुल मिलाकर 5000 यूपी रोडवेज खरीदेगा। ये सारी बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। सरकार इसके लिए करीब 2 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

बता दें कि 2025 के मुकाबले इस वर्ष महाकुंभ को और भव्य और दिव्य बनाने की कोशिश हो रही है। इसी क्रम में सीएम योगी ने ही यूपी रोडवेज को निर्देश दिया था कि वह अपनी तैयारी पूरी रखें जिसके बाद ये बसें खरीदनें की बात सामने आई है।