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गाड़ी का नहीं था लाइसेंस, इसलिए चचेरे भाई को फँसाया: कंझावला केस में पुलिस ने कार मालिक को किया गिरफ्तार, 7वें आरोपित ने भी सरेंडर किया

दिल्ली कंझावला एक्सीडेंट केस दिन ब दिन उलझता जा रहा है। पुलिस ने आज केस के 7वें आरोपित अंकुश को भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस मामले में एक नया खुलासा हुआ है। इसके अनुसार अंजलि को ठोकर मारने के बाद घसीटने वाले कार में कुल 4 ही लोग थे। दरअसल, कार चलाने के आरोप में जिस दीपक खन्ना को गिरफ्तार किया गया था, वह कार में था ही नहीं बल्कि अपने घर पर था।

कंझावला केस की जाँच कर रही पुलिस ने मामले में एक नई थ्योरी दी है। पुलिस ने बताया है कि हादसे के वक्त आरोपित दीपक के फोन का लोकेशन बाकी के 4 आरोपितों के लोकेशन से मेल नहीं खा रहा है। दीपक के कॉल रिकॉर्ड और फोन लोकेशन से पता चला है कि हादसे वाले दिन वह घर पर ही था। दीपक को 5 आरोपितों के साथ 01 जनवरी को ही गिरफ्तार किया गया था।

मामले में दीपक का नाम कैसे आया ?

पुलिस के अनुसार कार आरोपितों में से एक अमित खन्ना चला रहा था। हादसे के बाद अमित ने अपने भाई अंकुश खन्ना को इस बात की जानकारी दी। अमित और अंकुश के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। दोनों ने अपने चचेरे भाई दीपक खन्ना से संपर्क किया और कार चलाने का आरोप स्वीकारने के लिए मनाया। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि कार का मालिक आशुतोष नाम का व्यक्ति है।

दिल्ली पुलिस ने आशुतोष को गिरफ्तार किया

पुलिस ने मामले में अमित के भाई अंकुश और कार के मालिक आशुतोष को भी आरोपित बनाया। अब मामले में 7 आरोपित हैं। पुलिस ने कार के मालिक आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के वक्त आशुतोष भी कार में नहीं था लेकिन उसपर सच छिपाने और आरोपितों को बचाने के लिए साजिश में शामिल होने का इल्ज़ाम लगा है। इससे संबंधित एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें आशुतोष हादसे के बाद बाकी के आरोपितों से मिलता नज़र आ रहा है। पुलिस अब अंकुश की गिरफ्तारी की कोशिश कर रही है।

सहेली निधि की गिरफ्तारी की ख़बर गलत

उधर ऐसी खबरें सामने आई कि अंजलि की दोस्त निधि को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने इस पर कहा है कि निधि को गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि उसे पूछ-ताछ के लिए बुलाया गया है। बता दें कि हादसे के बाद निधि अपनी दोस्त को छोड़कर फरार हो गई थी। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने निधि को भी आरोपित बनाने की माँग की थी। उन्होंने केस की जाँच सीबीआई से कराए जाने की भी माँग की है।

बता दें कि 1 जनवरी, 2023 को अंजलि की भयानक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। उसकी स्कूटी को टक्कर मारते हुए एक कार उसे 12 किलोमीटर तक घसीटती रही। पुलिस ने कार सवार आरोपितों पर गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से गाड़ी चलाने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

नशे में धुत हो महिला यात्री पर पेशाब, फिर बाल-बच्चों की दुहाई दे गिड़गिड़ाया, अब कहा- मुआवजा दे मामला सुलझाया: एयर इंडिया पर भी सवाल

एयर इंडिया फ्लाइट में महिला सहयात्री पर पेशाब करने वाले शख्स ने मुआवजा देकर मामला सुलझाने का दावा किया है। पीड़ित महिला भी सामने आई हैं और अपने साथ हुई घटना के बारे में विस्तार से बताया है। दिल्ली पुलिस आरोपित शंकर मिश्रा की तलाश कर रही है। वहीं नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है।

आरोपित शंकर मिश्रा ने शुक्रवार (6 जनवरी 2022) को अपने वकीलों के जरिए एक बयान जारी कर कहा कि मामला सुलझा लिया गया है। बुजुर्ग महिला को मुआवजा दे दिया गया है। उस पर न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में शराब के नशे में धुत होकर महिला सहयात्री के सामने अपनी जिप खोलने और उनके ऊपर पेशाब करने का आरोप है।

बयान में कहा गया है, “आरोपित और महिला के बीच व्हाट्सएप मैसेज स्पष्ट रूप से दिखाता है कि आरोपित ने 28 नवंबर 2022 को कपड़े और बैग साफ करवाए थे। 30 नवंबर को उन्हें डिलीवर किया गया था। वहीं, महिला ने अपने मैसेज में इस घिनौनी करतूत की निंदा की है। साथ ही शिकायत दर्ज करने में कोई रूचि नहीं दिखाई है।”

बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि महिला की शिकायत केवल एयर इंडिया द्वारा भुगतान किए जा रहे मुआवजे के संबंध में थी, जिसके लिएउन्होंने 20 दिसंबर को शिकायत की थी। मिश्रा ने 28 नवंबर को पेटीएम पर दोनों पक्षों के बीच समझौते के अनुसार मुआवजे का भुगतान किया था। लेकिन लगभग एक महीने बाद 19 दिसंबर को महिला की बेटी ने पैसे वापस कर दिए। इसमें यह भी कहा गया है, “इस घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था और केबिन क्रू के बयानों से दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते की पुष्टि हुई है। आरोपित को देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वह जाँच प्रक्रिया में सहयोग करेगा।”

वहीं डीजीसीए ने कहा है कि इस मामले मे एयर इंडिया का रवैया गैर पेशेवर प्रतीत होता है। उड़ान के चालक दल के सदस्यों को नोटिस जारी कर पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। डीजीसीए ने बयान में कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि विमान में सवार यात्री के असभ्य व्यवहार से निपटने के लिए जरूरी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।

गिड़गिड़ाते हुए माफी माँगी

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की इच्छा के विरुद्ध फ्लाइट के क्रू मेंबर्स ने आरोपित से बात कर इस मामले को सुलझाने को कहा था। वे आरोपित को उनके सामने ले आए। उन्हें देखते ही वह रोने लगा और गिड़गिड़ाते हुए उनसे माफी माँगी। आरोपित ने महिला से शिकायत न करने का आग्रह करते हुए कहा था कि वह नहीं चाहता कि उसकी हरकत की वजह से उसकी पत्नी और बच्चे परेशान हो। पीड़िता द्वारा एअर इंडिया को की गई शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी।

उन्होंने बताया कि उनके दामाद ने 27 नवंबर को एयर इंडिया को शिकायत भेजी और एयरलाइन टिकट के पैसे वापस देने को राजी हो गई। लेकिन राशि का आंशिक हिस्सा ही लौटाया गया। महिला ने कहा कि उन्होंने जो दर्दनाक अनुभव किया उसके लिए यह बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है।

गौरतलब है कि अमेरिका के ‘जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट’ से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एआई-102 में 26 नवंबर, 2022 को यह घटना घटी थी। इस घटना को लेकर ‘एयर इंडिया’ ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया था कि भोजन परोसे जाने के और फ्लाइट के अंदर की रोशनी कम किए जाने के बाद यह घटना हुई।

प्रिंस हैरी ने अफगानिस्तान में मारे 25 तालिबानी: लीक हुई आत्मकथा ‘स्पेयर’, ओल्ड लेडी के साथ सेक्स से लेकर कोकीन तक आया बाहर

ब्रिटेन के प्रिंस हैरी (Prince Harry) अपनी आत्मकथा ‘स्पेयर’ (Spare) के लिए सुर्खियों में हैं। उनकी यह किताब 10 जनवरी 2023 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही इसका स्पेनिश भाषा का संस्करण गलती से मार्केट में आ गया। हालाँकि, इस गलती का पता चलने के तुरंत बाद किताबों को वापस ले लिया गया। इस दौरान पुस्तक से जुड़ी कई बातें सामने आ चुकी हैं।

अफगानिस्तान में मार दिए 25 तालिबानी

प्रिंस हैरी ने अपनी आत्मकथा ‘स्पेयर’ में दावा किया है कि जब वे ब्रिटिश सेना में बतौर पायलट काम कर रहे थे, तब सेना ने उन्हें सिखाया था कि तालिबानियों को इंसानों की तरह नहीं बल्कि शतरंज की मोहरों की तरह देखना है।

उन्होंने लिखा है कि ब्रिटिश सेना में काम करने के दौरान वह कुल मिलाकर 6 मिशनों का हिस्सा थे। इस दौरान उन्होंने तालिबान के 25 लड़ाकों को मौत के घाट उतार दिया था। प्रिंस हैरी ने यह भी लिखा है कि उन्होंने अफगानिस्तान में जो भी किया, उसके लिए उन्हें किसी प्रकार की शर्मिंदगी या पछतावा नहीं है।

प्रिंस विलियम के साथ जंग

प्रिंस हैरी ने ‘स्पेयर’ में कहा किया है कि जब उन्होंने शाही परिवार में अपनी और मेगन मर्कल को शादी की बात बताई थी तो वहाँ आपस में बहस होने लगी थी। इस दौरान तीखी बहस के बीच प्रिंस विलियम ने उन पर हमला कर दिया था।

उन्होंने लिखा है, “सबसे पहले तो विलियम गुस्से में चिल्लाए, फिर मेरे पास आए। यह सब बहुत तेज़ी से हुआ। उन्होंने मेरा कॉलर पकड़ लिया, फिर मेरा हार तोड़ दिया और मुझे फर्श पर पटक दिया। मैं कुत्ते के कटोरे के पास जा गिरा, जो मेरी पीठ के नीचे आकर फट गया और उसके टुकड़े मेरे शरीर में घुस गए। मैं एक पल के लिए वहीं पड़ा रहा। मैं हैरान था फिर वो मेरे पैरों पर चढ़ गए और मैंने उन्हें वहाँ से बाहर चले जाने के लिए कहा।”

17 साल की उम्र में कोकीन

हैरी ने अपनी आत्मकथा में ड्रग्स को लेकर भी खुलासा किया है। उन्होंने लिखा है, “एक वीकेंड के दौरान मैं किसी और के घर पर कोकीन ले रहा था। मुझे एक लाइन (कोकीन) ऑफर की गई थी। हालाँकि, यह बेहद मजेदार नहीं थी, यानी मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ जैसा कि दूसरों के साथ होता है। मैंने दूसरों की तरह खुशी महसूस नहीं की। हालाँकि, कोकीन लेने के बाद मैं खुद को अलग महसूस कर रहा था। मेरा यही उद्देश्य था खुद को अलग महसूस करना।”

उन्होंने आगे लिखा है, “मैं उस समय एक सत्रह साल का बच्चा था, जो शायद कुछ भी करने को तैयार था। मुझे लगता है कि यही वो सब था जो मैं खुद को समझाने की कोशिश कर रहा था।”

17 साल की उम्र में ही किया पहली बार सेक्स

प्रिंस हैरी ने दावा किया है कि जब वह महज 17 साल के थे, तब उन्होंने एक पब के पास खुले पार्क में अपने से बडी उम्र की एक महिला के साथ सेक्स किया था। उन्होंने दावा किया है कि वह महिला घोड़ों को बहुत प्यार करती थी और उसने उनके साथ भी घोड़ों जैसा ही व्यवहार किया। प्रिंस हैरी ने दावा है कि जब वह यह सब खुले पार्क में कर रहे थे तब उन्हें कई लोगों ने देखा होगा।

प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी ने पहनाया नाजी कॉस्ट्यूम

प्रिंस हैरी ने अपने बड़े भाई प्रिंस विलियम और भाभी केट मिडल्टन पर नाजी कॉस्ट्यूम पहनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि जब वह वह महज 20 साल के थे, तब एक पार्टी में जाने के लिए वह पायलट और नाजी कॉस्ट्यूम को लेकर कन्फ्यूज थे। इसलिए उन्होंने प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडल्टन से इस बारे में पूछा था। तब दोनों ने उन्हें नाजी कॉस्ट्यूम पहनने के लिए कहा और फिर उनका मजाक उड़ाया।

साल 2005 में हुई इस घटना की फोटो भी सामने आई थी। इसमें वह हुक्ड क्रॉस वाले कपड़ों के साथ नाजी सैनिक के रूप में दिखाई दे रहे थे। नाजी सैनिक के रूप में उनकी फोटो सामने आने के बाद दुनिया भर में प्रिंस हैरी की आलोचना हुई थी। इससे पहले दिसंबर 2022 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई ‘हैरी एंड मेगन’ में भी उन्होंने नाजी कॉस्ट्यूम पहनने को लेकर दुःख जताया था।

घरवालों ने नहीं दी महारानी एलिजाबेथ की मौत की खबर

प्रिंस हैरी ने दावा किया है कि महारानी एलिजाबेथ की मौत के बारे में उन्हें घरवालों से नहीं, बल्कि एक न्यूज रिपोर्ट से पता चला था। उन्होंने लिखा, “जब मैं फ्लाइट से उतर रहा था तो मैंने अपने मोबाइल पर मेगन का मैसेज था, ‘मैसेज देखते ही मुझे कॉल कीजिए’।”

उन्होंने आगे लिखा है, “इसके बाद मैंने बीबीसी की न्यूज देखी। मेरी दादी की मृत्यु हो गई थी और अब मेरे पिता राजा थे। मैंने एक काली टाई लगाई, भारी बारिश में विमान से उतर गया।” उन्होंने यह भी दावा किया है कि महारानी की मौत के बाद उनके पिता ने उनसे कहा था कि मेगन को बाल्मोरल मत लाना।

प्रिंस हैरी ने लिखा है, “मेरे पिता ने मुझे फोन किया। उन्होंने मुझे बताया कि मेरा बाल्मोरल में स्वागत है, लेकिन… उसके (मेगन) बिना।” उन्होंने आगे लिखा है कि उनकी पत्नी के बारे में पिता का बर्ताव उन्हें बेहद अपमानजनक लगा।

कुणाल कामरा पर अवमानना की कार्रवाई शुरू, CJI ने खुद को अलग किया: बताया था फ्लाइट अटेंडेंट, कहा था- कल की बातें भूल जा…पकड़ के झूल जा

विवादित कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) के खिलाफ मानहानि केस की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) ने खुद को अलग कर लिया है। दरअसल, कामरा ने न्यायपालिका और जजों के खिलाफ कई अपमानजनक ट्वीट किए थे।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कामरा द्वारा न्यायालय की अवमानना से जुड़ी याचिकाओं के संबंध में कहा, “हम इस मामले को बेंच के समक्ष रखेंगे। जो ट्वीट किए गए हैं, वे मेरी ओर से सुनाए गए फैसले को लेकर किए गए हैं। इसलिए मैं इस सुनवाई का हिस्सा नहीं रहूँगा।”

कुणाल कामरा ने कई मौके पर सुप्रीम कोर्ट और न्यायाधीशों को अपमानजक बातें कही हैं। सबसे पहले उन्होंने साल 2020 में पत्रकार अर्णब गोस्वामी को दी गई जमानत पर किया था। यह मामला उद्धव ठाकरे सरकार और रिपब्लिक टीवी से जुड़ा था।

उस दौरान कामरा ने कहा था, “डीवाई चंद्रचूड़ एक फ्लाइट अटेंडेंट हैं, जो प्रथम श्रेणी के यात्रियों को तेजी से शैंपेन परोसते हैं, जबकि आम लोगों को पता ही नहीं कि वे कभी उस पर सवार होंगे भी या नहीं, सेवा करना तो दूर की बात है। *न्याय*।”

कामरा ने सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश बोबड़े को लेकर भी आपत्तिजनक ट्वीट किया था। अपने ट्वीट में मिडिल फिंगर को दिखाते हुए कामरा ने ट्वीट किया था, “इन 2 अंगुलियों में से एक सीजेआई अरविंद बोबडे के लिए है … ठीक है, मैं आपको भ्रमित नहीं करता हूँ। यह बीच वाली अंगुली है।”

इसी तरह एक अन्य ट्वीट में कुणाल कामरा ने कहा था, जिन वकीलों के पास रीढ़ की हड्डी हैं, उन्हें सुप्रीम कोर्ट या उसके जजों का जिक्र करते समय ‘माननीय’ शब्द का प्रयोग बंद कर देना चाहिए। ‘ऑनर’ इस इमारत को बहुत पहले ही छोड़ चुका है…।”

कामरा ने आगे कहा था, “देश का सर्वोच्च न्यायालय, जिसे मैं भी नहीं मानता… मैं एक शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट का अधिक सम्मान करता हूँ… कम से कम यह विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करता है। देश का सर्वोच्च न्यायालय ‘ब्राह्मण-बनिया’ का मामला है। मैं इसका सम्मान नहीं करता।”

सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही चल रहे अपने अवमानना केस को लेकर कामरा ने इसी साल मार्च महीने में कहा, “प्रिय सुप्रीम कोर्ट! कल की बातें भूल जा, ल*ड़ा पकड़ के झूल जा।” कामरा यहीं नहीं रुके। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और जजों के खिलाफ लगातार ट्वीट किए।

कुणाल कामरा के इन ट्विट्स को लेकर तत्कालीन अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को कुल 10 पत्र मिले थे। इनमें स्टैंडअप कॉमेडियन के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का मुकदमा शुरू करने की इजाजत माँगी गई थी। इसके बाद वेणुगोपाल ने कुणाल कामरा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना के मामले में सुनवाई शुरू करने की इजाजत दे दी थी।

बता दें कि न्यायालयों की अवमानना अधिनियम, 1971 के अनुसार किसी व्यक्ति पर अवमानना का केस चलाने के लिए अटॉर्नी जनरल या सॉलिसिटर जनरल की इजाजत जरूरी है। यदि मामला किसी राज्य के हाईकोर्ट से जुड़ा है तो अवमानना का केस चलाने से पहले राज्य के महाधिवक्ता से इजाजत लेनी पड़ती है।

चुस्त कपड़े पहन बाइक रेस देखने पहुँची लड़की पर टूटे इस्लामी कट्टरपंथी, घेरकर लात-घूँसों से मारा: इराक की घटना, 16 गिरफ्तार

इराक में हुए बाइक रेस इवेंट की एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। दावा है कि यहाँ छोटे कपड़े पहनकर पहुँची एक लड़की को देख कट्टरपंथी मुस्लिमों ने उस पर हमला किया। लड़की की उम्र सिर्फ 17 साल है। भीड़ ने उसे लात-घूँसों से मारा है। यह घटना 30 दिसंबर 2022 की है। इस मामले में पुलिस ने 16 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, लड़की पर यह हमला इराक के कुर्दिस्तान (Iraqi Kurdistan) में सुलेमानियाह (Sulaymaniyah) शहर में हुआ। बताया जा रहा है कि लड़की बाइक रेस देखने गई थी, जहाँ महिलाओं के न आने की माँग गई थी। वीडियो देखने के बाद लोगों में काफी आक्रोश है। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि लड़की ने ब्राउन कलर का एक टॉप, कार्डिगन और एक स्कर्ट पहनी हुई है। वह तेज कदमों से भीड़ से दूर भागती नजर आ रही है। लेकिन बाइक रेस इवेंट में सैकड़ों कट्टरपंथी मुस्लिम इराकी लड़की को देखकर जोर-जोर से चिल्ला रहे हैं। उसका पीछा कर रहे हैं। इस दौरान लड़की काफी डरी हुई लग रही है। वह वहाँ से भागने की कोशिश कर रही है, लेकिन उन लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। एक शख्स उसे पीछे से लात मारते हुए भी दिख रहा है। इस बीच उसे बचाने के लिए बाइक से एक लड़का आता है और अपनी जान पर खेलकर उसे उन दरिंदों से बचा कर ले जाता है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन लोगों ने लड़की का अपमान किया, उसको पीटा, जिससे उसे थोड़ी बहुत चोटें भी आईं। वहीं, उसकी ओर से बीच-बचाव करने वाले एक व्यक्ति को चाकू मार दिया गया।

सुलेमानियाह के पुलिस प्रमुख सरकावत अहमद ने कहा कि हमले में शामिल 16 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कुर्दिस्तान क्षेत्रीय सरकार ने एक बयान जारी कर इस हमले की निंदा की और इसे घृणित बताया। उन्होंने कहा कि इस सप्ताह सुलेमानियाह प्रांत में एक और हमला हुआ। वहीं, प्रवक्ता जोतियार आदिल ने कहा, “ये घटनाएँ अस्वीकार्य हैं।”

कुर्दिस्तान के ड्रॉ मीडिया के अनुसार, पुरुषों ने माँग की थी कि बाइक रेस कार्यक्रम से महिलाओं को बाहर रखा जाए। लड़की पर हमला करने वालों का कहना है कि उसके कपड़ों की वजह से उनका और बाइकर्स का ध्यान भटक रहा था। लड़कियों को इस तरह के शो में नहीं आना चाहिए, क्योंकि उनके होने से लोगों का ध्यान शो की बजाए उन पर होता है।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स द्वारा शेयर की गई इस वीडियो पर देश के वरिष्ठ नेताओं ने भी कमेंट किया है। कुर्दिस्तान संसद की स्पीकर रेवाज फाक ने इसे मूर्खतापूर्ण हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला हमारे देश की महिलाओं के खिलाफ हो रहे बर्बर हमलों की कहानी बयाँ कर रहा है।

रेवाज ने ट्वीट किया, “किसी सामान्य व्यक्ति की तरह केवल एक रेस देखने की इच्छा रखने वाली लड़की पर इन पुरुष दरिंदों द्वारा किया गया बेहूदा हमला हमारी महिलाओं के खिलाफ व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल किए गए एक बर्बर नरैटिव का परिणाम है। इस बर्बरता से जो समाज या सत्ता नहीं जागी, उसे शीघ्र मृत्यु की प्रतीक्षा करनी होगी।”

इमामों की सैलरी 50% बढ़ी, 5% का सालाना इंक्रीमेंट: वक्फ बोर्ड ने हरियाणा के CM का किया सम्मान, कहा- भारत में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ

हरियाणा वक्फ बोर्ड ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का सम्मान किया है। ऐसा राज्य के इमामों का मानदेय बढ़ाने को लेकर किया गया है। यह समारोह गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में गुरुवार (5 जनवरी 2023) को हुआ था। बीते साल ​हरियाणा में इमामों के वेतन में 50 फीसदी की वृद्धि की गई थी। साथ ही हर साल 5 फीसदी इंक्रीमेंट देने की बात भी कही गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को आयोजित सम्मान समारोह पहला मौका था जब हरियाणा के मुख्यमंत्री वक्फ बोर्ड के इमामों से मुखातिब थे। इमामों के एक संगठन ‘तंजीम आइमा-ए-औकाफ’ ने कहा है कि वेतन वृद्धि शानदार है और हरियाणा में विभिन्न मस्जिदों में काम करने वाले कम से कम 800 इमामों को इससे लाभ होगा। इमामों को हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा वेतन दिया जाता है। वक्फ बोर्ड राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त करता है। साथ ही खुद की संपत्तियों से भी उसकी आय होती है।

हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन ने कहा कि इमामों को अब 14,000 रुपए से लेकर 16,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय के रूप में दिए जाएँगे। उन्होंने कहा, “इमामों के वेतन में 5% वार्षिक वृद्धि का प्रावधान भारत में इससे पहले कहीं नहीं हुआ है।” इस अवसर पर सीएम खट्टर ने कहा, “हरियाणा में भाईचारा बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इमाम संगठनों की माँगों को देखते हुए हमने मौलानाओं और इमामों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। पिछले कई वर्षों से माँगों पर विचार नहीं किया गया था।”

कार्यक्रम के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा, “मेवात जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए इमाम एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हम इस क्षेत्र में अधिक बुनियादी ढाँचे और विकास के निर्माण पर भी काम कर रहे हैं। इमामों ने मेवात में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के साथ-साथ ‘स्वच्छ भारत’ अभियान की सफलता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

खट्टर ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि मंदिर के पुजारियों को भी उन संगठनों द्वारा न्यूनतम वेतन दिया जाए जो उन्हें नियुक्त करते हैं। उन्होंने कहा, “इसकी निगरानी के लिए और इस वर्ग के कल्याण के लिए सरकार द्वारा एक बोर्ड का गठन किया गया है।” गौरतलब है कि खट्टर ने दिसंबर 2022 में करनाल में एक कार्यक्रम के दौरान ‘पुजारी पुरोहित कल्याण बोर्ड’ का गठन करने की बात कही थी।

‘मैं हिंदू नहीं हूँ, मैंने तुम्हारा Video बना लिया है’ : शान पंडित बनकर फैजल ने दलित नाबालिग का 3 साल तक किया रेप, गर्भपात करने वाले डॉक्टर समेत गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के भोपाल में लव जिहाद के आरोपित फैजल सैय्यद अब्बास की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने नाबालिग लड़की का गर्भपात करने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपित डॉक्टर मयंक श्रीवास्तव के होम्योपैथिक क्लीनिक को सील करने के बाद आगे की जाँच कर रही है। पीड़िता का कहना है कि फर्जी आधार कार्ड बनवाकर फैजल ने उसे फँसाया था।

ओजाक थाने में दर्ज दुष्कर्म और लव जिहाद के एक मामले की जाँच कर रही भोपाल पुलिस ने होम्योपैथिक डॉक्टर मयंक श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मयंक श्रीवास्तव ने 50 हजार रुपए लेकर नाबालिग लड़की का गर्भपात किया था। डॉक्टर मयंक पर गैरकानूनी तरीके से नाबालिग का गर्भपात करने के लिए एफआइआर दर्ज किया गया है। उनके क्लीनिक को भी सील कर दिया गया है। पुलिस अब आरोपित डॉक्टर से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि अब तक उसने कितने गैरकानूनी गर्भपात कराए हैं।

क्या है पूरा मामला ?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 दिसंबर , 2022 को दलित लड़की ने थाने में फैजल सैय्यद अब्बास नाम के शख्स के खिलाफ शिकायत दी। लड़की ने अपनी शिकायत में कहा कि फैजल नाम के शख्स ने शान पंडित बनकर उससे दोस्ती की। आरोपित के पास शान पंडित नाम से फर्जी आधार कार्ड भी बनवाया हुआ था। जिससे पीड़िता को उसपर यकीन हो गया। तीन साल पहले आरोपित ने उसे जन्मदिन के बहाने होटल में बुला लिया। जहाँ पहली बार उसके साथ दुष्कर्म हुआ।

आरोपित फैजल का फर्जी आधार कार्ड (साभार दैनिक भास्कर)

पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म के बाद फैजल ने अपनी असलीयत लड़की को बता दी। उसने कहा, “मेरा नाम फैजल अब्बास है मैं कोई हिंदू नहीं हूँ। मैंने तुम्हारा वीडियो बना लिया है अब मैं तुम्हें जब भी, जहाँ बुलाऊँगा, तुम्हें आना पड़ेगा। अगर तुमने यह सब बातें किसी को भी बताई, तो ये वीडियो तुम्हारे घर वालों को दिखा दूँगा, इसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दूँगा।”

पीड़िता ने बताया कि वह बदनामी के डर से तीन साल तक उसकी बात मानती रही। इस बीच वह गर्भवती भी हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक 2 बार किसी दवा के जरिए गर्भपात किया गया तो एक बार डॉक्टर मयंक श्रीवास्तव की मदद ली गई। मयंक ने इसके लिए उनसे 50 हजार रुपए लिए थे।

पीड़िता का आरोप है कि फैजल के घरवाले भी उसकी घिनौनी हरकत में शामिल थे। उसने कई बार फैजल के पिता के अकाउंट में रुपए भी भेजे हैं। यहाँ तक की फैजल पीड़िता की कॉलेज फीस भी छीन लेता था। शादी की बात पर फैजल यह कहकर इनकार कर देता था कि एक दलित से वह शादी नहीं कर सकता। पहले उसे धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा। आखिर में फैजल की ज्यादती से तंग आकर पीड़िता ने पुलिस में एफआईआर दर्ज करवा दी।

इतिहास की क्लास, पेंटिंग और पैगंबर मुहम्मद: प्रोफेसर को यूनिवर्सिटी ने निकाला, कहा- पढ़ाने की आजादी से ऊपर है मुस्लिम छात्रों की इज्जत

मुस्लिमों के पैगंबर और इस्लाम मजहब के प्रवर्तक मुहम्मद (Prophet Muhammad) की मध्ययुगीन पेंटिंग दिखाने के कारण अमेरिका में कला इतिहास के एक प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया गया है। प्रोफेसर ने पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को पैगंबर का मध्यकालीन एक चित्र दिखाया था। इसकी शिकायत मुस्लिम छात्रों ने की थी।

अमेरिका के मिनेसोटा के सेंट पॉल में स्थित हैमलाइन यूनिवर्सिटी (Hamline University, US) ने इस अनाम प्रोफेसर को हटाने के पीछे तर्क भी दिया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद की तस्वीर को देखना मुस्लिमों के लिए मनाही है।

एंड्रयू डॉइल नाम के एक लेखक ने यूनिवर्सिटी के बयान को ट्विटर पर साझा किया है। साझा किए गए बयान के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने कहा कि वह अकादमिक स्वतंत्रता का समर्थन करता है, लेकिन प्रोफेसर द्वारा पैगंबर का तस्वीर प्रोजेक्टर पर दिखाना और कुछ देर तक मुस्लिम छात्रों को उसे देखने के लिए बाध्य करना, इस स्वतंत्रता की सीमा को पार करने वाला है।

अक्टूबर 2022 में हैमलाइन यूनिवर्सिटी में एक प्रोफेसर (इनके नाम का जिक्र नहीं किया गया है और ना ही ये बताया गया है कि ये महिला हैं या पुरुष) वैश्विक कला इतिहास की कक्षा ले रहे थे। इस दौरान इस्लामी कला पर चर्चा की जा रही थी। चर्चा में उन्होंने मुस्लिम धर्म के संस्थापक पैगंबर मुहम्मद की एक मध्यकालीन तस्वीर प्रोजेक्टर पर 10 मिनट से कम तक दिखाई।

इस तस्वीर में पैगंबर मुहम्मद को फरिश्ता गेब्रियल (जिसे इस्लाम में जिब्राईल कहा जाता है) से निर्देश प्राप्त करते हुए दिखाया गया है। यह मूल पेंटिंग स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के लाइब्रेरी में रखी हुई है। कहा जाता है कि यह तस्वीर 14वीं से 16वीं ईस्वी (1300-1500ईस्वी) के आसपास बनाई गई है।

प्रोजेक्टर पर जब पैगंबर की तस्वीर देखकर कई मुस्लिम छात्र-छात्राओं ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि पैगंबर की तस्वीर दिखाना इस्लाम में हराम है। इसके बाद मुस्लिम विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी के मुस्लिम छात्र संघ में इसकी शिकायत की। मुस्लिम छात्र संघ के अध्यक्ष अराम वेदाताल्ला ने घटना के एक दिन बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से इसकी शिकायत की।

इसके बाद हैमलाइन यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष डेविड एवरेट ने 7 नवंबर 2022 को छात्रों को ईमेल किया और इस घटना को ‘असंगत, अपमानजनक और इस्लामोफोबिक’ बताया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रोफेसर पर ये आरोप है, उसे यूनिवर्सिटी से निकाल दिया गया है। यूनिवर्सिटी की पत्रिका ‘द ऑरेकल’ ने इसके बारे में जानकारी दी है।

मारपीट, गाली, सिर पर बोतल… सलमान खान की पूर्व GF सोमी अली ने बताया- 14 साल की उम्र में हुआ था रेप, मेकअप से छिपाती थी निशान

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) की एक्स गर्लफ्रेंड सोमी अली (Somy Ali) सोशल मीडिया के जरिए उन पर मारपीट, शारीरिक शोषण और अप्राकृतिक यौनाचार समेत कई गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। एक बार फिर सोमी अली ने अपने इंस्टाग्राम पर सिलसिलेवार कई पोस्ट कर अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बात की। इस दौरान सलमान खान को मानसिक रूप से बीमार बताने वाली पूर्व अभिनेत्री ने उन पर फिर से कई गंभीर आरोप लगाए और उस वाकये का भी सच बताया है, जिसमें दावा किया गया कि सलमान ने उनके सिर पर गुस्से में बोतल फोड़ी थी।

सोमी ने गुरुवार (5 जनवरी 2023) को अपने पोस्ट की शुरुआत एनजीओ नो मोर टियर्स से की। वह लिखती हैं, “मेरा एनजीओ, नो मोर टीयर्स, मानव तस्करी और घरेलू हिंसा के पीड़ितों को बचाने के मिशन के साथ डिस्कवरी प्लस पर एक डॉक्यूमेंट-सीरीज के रूप में दिखाया गया था। मैंने पीड़ितों को बचाने के लिए बिना वेतन के 15 सालों तक अपना खून-पसीना बहाया।” इसके बाद सोमी ने बताया कि नो मोर टियर्स की शुरुआत उन्होंने इसलिए की, क्योंकि बचपन में वह खुद यौन हिंसा की शिकार हुई हैं। उन्होंने बताया कि पाँच साल की उम्र में उनका शारीरिक शोषण हुआ था। इसके बाद नौ साल की उम्र में पाकिस्तान में हाउस हेल्पर ने उनका शारीरिक शोषण किया।

सलमान की एक्स गर्लफ्रेंड के मुताबिक, “14 साल की उम्र में अमेरिका में मेरे साथ दुष्कर्म हुआ। इसके बाद जब मैं भारत आईं तो उस शख्स ने भी मेरे साथ घरेलू हिंसा की, जिसको मैंने आठ साल तक डेट किया था।”

सोमी अपने अगले पोस्ट में लिखती हैं, “भारत आने का मेरा असली मकसद सलमान खान से शादी करना था। मैं उस वक्त 16 साल की नादान लड़की थी। उस वक्त मेरा दिमाग बिल्कुल बच्चों वाला था। मुझे इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि जो किरदार उन्होंने वास्तविक जीवन में मेरे लिए निभाया था, उससे वह एकदम अलग थे।”

‘धमकी भरे मेल भेजे गए’

सोमी का आरोप है कि सलमान ने अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए उनकी टीवी सीरीज ‘फाइट और फ्लाइट’ को भारत में रिलीज होने से रोक दिया था। उसके पास न्यूयॉर्क में कुछ वकील हैं, जिन्होंने उन्हें झूठा बताते हुए धमकी भरे मेल भेजे और कहा कि अगर उन्होंने सलमान के खिलाफ बोलना बंद नहीं किया, तो वह उन पर मुकदमा करेंगे। उनका कहना है, “जब मैं मुंबई में थी, तो सलमान खान मुझे गाली देते थे, पीटते थे। उस समय मेरे मेकअप आर्टिस्ट अजय शेलार को मेरी गर्दन और कई अन्य जगहों पर मेकअप लगाकर चोट के निशान छिपाने पड़ते थे। मैं जब स्टूडियो जाती, तो निर्माता ये सब देखते थे। सोमी ने आगे कहा कि ये सब कोई ब्रेकिंग न्यूज नहीं है। हम सभी जानते हैं कि मैं अकेली महिला नहीं हूँ, जिसे उसने गाली दी है। सलमान कई लड़कियों के साथ ऐसा कर चुका है। 90 के दशक के सभी अखबारों और पत्रिका में सलमान की मारपीट के कई किस्से छप चुके हैं।”

सोमी यहीं नहीं रुकती हैं वह आगे लिखती हैं, “मुझे कई महिलाओं से नफरत भरे मेल मिलते रहते हैं, जो हैरान करने वाला है। क्योंकि हमें एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए न कि एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगलना चाहिए। 14 साल की उम्र में मेरा रेप किया गया, यह पब्लिसिटी स्टंट क्यों होगा? मुझे पब्लिसिटी की भूखी महिला कहा जा रहा है।”

सोमी ने एक इंटरव्यू में उस दावे का भी सच बताया, जिसमें कहा गया था कि सलमान ने उनके सिर पर गुस्से में बोतल फोड़ी थी। उन्होंने लिखा, “अगर उसने मुझे बोतल मारी होती, तो मैं सीधा अस्पताल पहुँचती। उसने मेरे बालों पर थंप्स अप से भरा एक ग्लास डाला था, क्योंकि उसमें रम मिली हुई थी। ये पहली बार था, जब मैं शराब ले रही थी। इस दौरान मेरे साथ एक एक्टर फ्रेंड भी थी, उसने यह पूरा वाकया देखा। मैं उनका सम्मान करती हूँ, इसलिए उनका नाम नहीं लूँगी। लेकिन हाँ, सलमान ने मेरे सिर पर बोतल नहीं तोड़ी थी। इतने सालों में ये सबसे बेहूदा अफवाह है, जो मैंने सुनी। मैं फिर इस दोहराती हूँ कि अगर ऐसा होता तो मैं सीधा ICU में पहुँचती।”

सलमान के साथ रिश्ता आपको कैसे परेशान करता है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “मुझे अभी भी बुरे सपने आते हैं कि उसने मेरे साथ क्या किया। मेरे प्रति उसका व्यवहार कैसा रहा। मैं उम्मीद और प्रार्थना करती हूँ कि एक दिन यह जरूर समाप्त होगा।”

बता दें कि सोमी अली और सलमान खान की कहानी बहुत पुरानी है। 46 वर्षीय सोमी ने 19 अगस्त, 2022 को अपने इंस्टाग्राम पर सलमान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ का एक पोस्टर शेयर किया था। इस पोस्टर में सलमान खान के साथ भाग्यश्री भी थी। उन्होंने लिखा था, “ये शख्स महिलाओं के साथ मारपीट करता है। इसने न सिर्फ मुझे, बल्कि कई महिलाओं को पीटा है। इसे पूजना बंद करो प्लीज। ये मानसिक रूप से बीमार है।”

गुजारा भत्ता, मेहर, निकाह में मिले गिफ्ट… तलाक के बाद मुस्लिम महिला सब पाने की हकदार: इलाहाबाद HC का फैसला, फैमिली कोर्ट के निर्णय को गलत बताया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय (Allahabad high court) ने तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के गुजारा-भत्ता को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को अपने पूर्व शौहर से जीवन भर सम्मानजनक गुजारा-भत्ता पाने का अधिकार है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि तलाकशुदा महिला दूसरी शादी हो जाने तक ही गुजारा भत्ता की हकदार होगी। 

हाईकोर्ट ने इस संबंध में गाजीपुर परिवार अदालत के मुख्य न्यायाधीश के फैसले को रद्द कर दिया। जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की पीठ ने कहा कि 15 सितंबर 2022 को गाजीपुर परिवार अदालत ने इस संबंध में त्रुटिपूर्ण फैसला दिया था।

दरअसल हाईकोर्ट मुस्लिम महिला जाहिदा खातून से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी। जाहिदा के शौहर नरुल हक ने 11 साल की शादी के बाद 2000 में उसे तलाक दे दिया था।

परिवार अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि जाहिदा केवल इद्दत की अवधि तक ही अपने शौहर से भरण-पोषण की हक़दार है। वक्फ बोर्ड ने इद्दत को अवधि को तलाक की तारीख के बाद 3 महीने 13 दिन तक निर्धारित किया है। हाईकोर्ट ने कहा, “हमें यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि गाजीपुर के परिवार न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने  फैसले के दौरान इस बात की गलती की है कि अपीलकर्ता केवल इद्दत की अवधि तक ही गुजारा भत्ता के लिए हकदार है।”

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि परिवार अदालत ने डेनियल लतीफी और अन्य बनाम भारत संघ (2001) के मामले को समझने में गलती की है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने डेनियल लतीफी और अन्य बनाम भारत संघ (2001) के मामले में फैसला सुनाया था, जिसके तहत कहा गया था की तलाकशुदा मुस्लिम महिला को इद्दत की अवधि के बाद भी गुजारा भत्ता का अधिकार है।

हाईकोर्ट ने साथ ही कहा कि गुजारा भत्ते के साथ ही तलाकशुदा मुस्लिम महिला मेहर की रकम और शादी में मिले सभी उपहार को भी पाने की हकदार है। इसके साथ ही गुजारा भत्ता ऐसा होना चाहिए कि महिला अपनी न्यूनतम आवश्यकता को पूरा कर सके।

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गाजीपुर परिवार अदालत को अब तीन महीने के अंदर नए तरीके से गुजारा भत्ता तय करना होगा। हाईकोर्ट ने साथ ही कहा कि परिवार अदालत द्वारा गुजारा भत्ते की राशि तय किए किए जाने तक पूर्व शौहर नूरुल हक को जाहिद खातून को हर महीने 5000 रुपए गुजारा भत्ता के रूप में देना होगा।