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‘भारत के साथ काम करने को तैयार’: तवांग में मार खाने के बाद कोरोना से जूझते चीन का होश आया ठिकाने, कहा- सैन्य-कूटनीतिक स्तर पर चल रही बातचीत

अरुणाचल प्रदेश के तवांग (Tawana, Arunachal Pradesh) में भारतीय सैनिकों से मार खाने के बाद चीन (China) ने अब भारत से संबंध सुधारने की गुहार लगाई है। कोरोना (Corona) का कहर झेल रहे चीन ने कहा कि वह भारत के साथ अपने संबंधों को सामान्य करने की दिशा में काम करना चाहता है।

बता दें कि 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश तवांग सेक्टर में भारत की सेना ने घुसपैठ कर रही चीन को खदेड़ दिया था। इसके बाद दोनों देशों की सेनाओं के कोर कमांडर स्तर की 17वें दौर की बैठक का आयोजन थी। इस दौरान पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की थी।

अब चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रविवार (25 दिसंबर 2022) कहा कि चीन संबंधों के स्थिर और मजबूत विकास के माध्यम से भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देश राजनयिक और सैन्य माध्यमों से संपर्क बनाए हुए हैं।

वांग यी ने कहा, “चीन और भारत ने राजनयिक और सैन्य-से-सैन्य चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है और दोनों देश सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम चीन-भारत रिश्ते के स्थिर और मजबूत विकास की दिशा में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।”

दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक बयान में कहा कि भारत और चीन ने 20 दिसंबर को चुशूल-मोल्दो सीमा को लेकर कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। इसमें दौरान पश्चिमी क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही दोनों पक्ष आपसी संपर्क में रहने, सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमत हुए हैं।

बता दें कि चीन इस समय कोरोना के कहर से परेशान है। कोरोना के कारण चीन की आर्थिक हालत भी खराब है। चीन के विकास दर के आंकलन को भी घटा दिया गया है। कोरोना के कारण वहाँ ऐसे हालात हो गए हैं कि अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड तक उपलब्ध नहीं है। लोगों बगावत पर उतर आए हैं।

‘आयुर्वेद को बनाएँ अपने जीवन का हिस्सा, बाँस की बनी वस्तुएँ खरीदें’: प्रधानमंत्री ने पालघर का जनजातीय समाज का किया जिक्र, बनाते हैं बाँस के सामान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (25 दिसंबर, 2022) को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया। मन की बात का यह 96वाँ एपिसोड था। इसमें पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, उन्होंने बढ़ रहे कोरोना के खतरे को देखते हुए देशवासियों से सावधानी बरतने का भी आग्रह किया है।

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, “2022 वाकई कई मायनों में बहुत ही प्रेरक रहा, अद्भुत रहा। इस साल भारत ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किये और इसी वर्ष अमृत काल का प्रारंभ हुआ। इस साल देश ने नई रफ़्तार पकड़ी, सभी देशवासियों ने एक से बढ़कर एक काम किया। 2022 की विभिन्न सफलताओं ने आज पूरे विश्व में भारत के लिए एक विशेष स्थान बनाया है।”

प्रधानमंत्री ने 2022 की सफलताओं को याद करते हुए यह भी कहा, “2022 यानी, देश के जन-जन द्वारा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को अपनाना इसे जी कर दिखाना। 2022 यानि, भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर आईएनएस विक्रांत का स्वागत। 2022 यानी, अंतरिक्ष, ड्रोन और डिफेंस सेक्टर में भारत का परचम। 2022, यानी हर क्षेत्र में भारत का दमखम। 2022 यानि भारत द्वारा दुनिया की पाँचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का मुकाम हासिल करना।”

पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि अटल जी एक महान राजनेता थे, जिन्होनें देश को असाधारण नेतृत्व दिय। हर भारतवासी के हृदय में उनके लिए एक खास स्थान है।

उन्होंने यह भी कहा है कि साक्ष्य-आधारित मेडिसिन के युग में, योग और आयुर्वेद अब आधुनिक युग की कसौटी पर खरे उतर रहे हैं। ‘टाटा मेमोरियल सेंटर’ द्वारा किए गए एक गहन शोध से पता चला है कि योग ब्रेस्ट कैंसर के रोगियों के लिए बहुत प्रभावी हैं। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में अपने संबोधन में देश के लोगों से आयुर्वेद को जीवन का हिस्सा बनाने का भी आग्रह किया।

गंगा नदी की सफाई को लेकर शुरू किए ‘नमामि गंगे अभियान’ को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा है कि सदियों से कल-कल बहती माँ गंगा को स्वच्छ रखना हम सबकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ आठ साल पहले नमामि गंगे अभियान की शुरुआत की थी। यह गौरव की बात है कि भारत की इस पहल को आज दुनियाभर की सराहना मिल रही है।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “स्वच्छ भारत मिशन, आज हर भारतीय के मन में रच-बस चुका है। साल 2014 में इस जन आंदोलन के शुरू होने के साथ ही इसे नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए लोगों ने कई अनूठे प्रयास किए गए हैं और ये प्रयास सिर्फ समाज के भीतर ही नहीं बल्कि सरकार के भीतर भी हो रहे हैं।”

उन्होंने बाँस से बनाई जाने वाली वस्तुओं को बढ़ावा देने और इसके बाजार के बारे में कहा, “देश के अनेक क्षेत्र में बांस से अनेक सुन्दर और उपयोगी चीजें बनाई जाती हैं। विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में बांस के कुशल कारीगर, कुशल कलाकार हैं। जब से देश ने बैम्बू से जुड़े अंग्रेजों के जमाने के कानूनों को बदला है, इसका एक बड़ा बाज़ार तैयार हो गया है। महाराष्ट्र के पालघर जैसे क्षेत्रों में भी आदिवासी समाज के लोग बैम्बू से कई खुबसूरत प्रोडक्ट्स बनाते हैं।”

पीएम ने यह भी कहा, “कल 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ है और मुझे इस अवसर पर दिल्ली में साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी की शहादत को समर्पित कार्यक्रम में हिस्सा लेने का सौभाग्य प्राप्त होगा। देश का बलिदान, साहिबजादे और माता गुजरी हमेशा याद रहेगी।”

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के जरिए इस साल के अपने आखिरी संबोधन को समाप्त करते हुए कहा, “अगली बार सभी साल 2023 में मिलेंगे। आप सभी को साल 2023 की शुभकामनाएँ। ये साल भी देश के लिए खास हो।”

‘कुत्ते आए, भैंस आई और सूअर भी आया…’: राहुल गाँधी कर रहे थे ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का बखान, लोग बोले- लगता है यही लोग कॉन्ग्रेस को वोट देंगे

‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Congress Leader Rahul Gandhi) दिल्ली पहुँचे और यहाँ उन्होंने कई आरोप लगाए। उन्होंने भाजपा को हिंसक और सांप्रदायिक बताते हुए कहा कि इस यात्रा में कुत्ते भी आए, लेकिन उन्हें किसी ने नुकसान नहीं पहुँचाया, क्योंकि यहाँ हिंसा नहीं है।

राहुल गाँधी ने कहा, “इस यात्रा में हिंसा दिखी… नहीं। किसी ने किसी नहीं मारा… नहीं। किसी ने किसी को गाली दी… नहीं। आपने नफरत देखी… बिल्कुल नहीं। इसमें किसी ने ये पूछा कि भइया तुम्हारा धर्म क्या है? किसी ने पूछा कि तुम हिंदू हो, मुस्लिम हो, सिख हो, ईसाई हो, क्या हो? नहीं। किसी ने ये पूछा कि तुम स्त्री हो या पुरुष हो… नहीं। किसी ने पूछा कि तुम्हारी क्या जाति है… बिल्कुल नहीं।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “किसी ने कपड़े भी नहीं पूछे। इस यात्रा में कुत्ते भी आए, लेकिन उन्हें किसी ने नहीं मारा। इसमें गाय भी आई… भैंस भी आई… सूअर भी आए। मैंने देखा। सब जानवर आए। सब लोग आए। लेकिन, यहाँ पर कोई नफरत नहीं दिखी। जैसा हमारा हिंदुस्तान है, वैसे ही ये यात्रा है। कोई नफरत नहीं, कोई हिंसा नहीं, कोई गलत सवाल नहीं।”

यात्रा के बारे में बताते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “कभी-कभी कोई गिर जाता… जैसे कि हमारे हरियाणा के PCC (प्रदेश अध्यक्ष) गिरे। धड़ाम से गिरे। केरला के सब नेता गिर गए। एक सेकेंड में लोग उनको उठा लेते। एक सेकेंड में। टाइम नहीं लगता था।”

भारत जोड़ो यात्रा और इसमें शामिल हुए लोगों की राहुल गाँधी द्वारा ऐसी व्याख्या करने पर सोशल मीडिया यूजर मजे ले रहे हैं। लोग ट्विटर पर तरह-तरह के मीम शेयर कर रहे हैं और कमेंट कर रहे हैं। ऐसे ही coolfunnytshirt नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “अरे कोई इंसान भी तो आया होगा आपकी यात्रा में…वोट तो इंसान ही देंगे।”

अमन बिंदल नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “ये तो पता था कि जानवर हैं उस यात्रा में, लेकिन आज उनकी भी जाति बता दी गई।”

शरद नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “वह साल 2022 को शानदार तरीके से समाप्त करने के मिशन पर हैं। पूरे देश को इसे सुनकर 1 जनवरी तक हँसना चाहिए। उन्होंने कुछ ऐसा लक्ष्य निर्धारित किया है।”

सीए श्वेता श्रीनिवासन नाम की एक यूजर ने लिखा, “किसी ने पूछा नहीं कि आप स्त्री हो या पुरुष…। भाई इसमें पूछने वाली क्या बात होती है, देखकर पता चल जाएगा।”

ललित जैन नाम के यूजर ने लिखा, “मेरा सिर चकराना शुरू हो गया है। यद्यपि वह खुद मान रहा है कि मेरी यात्रा भारत की तरह है जहाँ पर कोई घृणा और हिंसा नहीं है।”

अभिषेक नाम के यूजर ने कहा, “अभी यही सब हम कह दें कि हाँ भाई सबको मालूम है कि इस रोड शो में कुत्ते, सुअर और गधे आए तो लोगों को बुरा लग जाता है।”

प्रशांत मोरानकर नाम के यूजर ने लिखा, “हाहाहा… खुद के सगे, साथी, कार्यकर्ता, नेता जो भी आए इसके साथ यात्रा में, उनको ही कुत्ते, सुअर बोल रहा….।”

‘TATA के शोध ने बताया – ब्रेस्ट कैंसर में योग लाभकारी, दुनिया हुई ‘नमामि गंगे’ की कायल’: बोले PM मोदी – महान राजनेता थे वाजपेयी, देश को दिया असाधारण नेतृत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (25 दिसंबर, 2022) को इस साल अंतिम बार ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित है। इस दौरान उन्होंने दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BHU के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ के 96वें एपिसोड में कहा 2022 कई मायने में बहुत ही प्रेरक और अद्भुत रहा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि इस वर्ष भारत ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए और अमृत काल का प्रारंभ हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल देश ने नई रफ़्तार पकड़ी और सभी देशवासियों ने एक से बढ़कर एक काम किए। पीएम मोदी ने कहा कि साल 2022 एक और कारण से हमेशा याद किया जाएगा और ये है, – ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का विस्तार। देश के लोगों ने एकता और एकजुटता को सेलिब्रेट करने के लिए भी कई अद्भुत आयोजन किए। उन्होंने कहा कि 2022 में देशवासियों ने एक और अमर इतिहास लिखा है।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि अगस्त के महीने में चला ‘हर घर तिरंगा’ अभियान भला कौन भूल सकता है। बकौल पीएम मोदी, ये वो पल थे जब हर देशवासी के रोंगटे खड़े हो जाते थे। आजादी के 75 वर्ष के इस अभियान में पूरा देश तिरंगामय हो गया। उन्होंने आगे कहा कि आज, हम सभी के श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्मदिन है। उन्होंने वाजपेयी को एक महान राजनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने देश को असाधारण नेतृत्व दिया। हर भारतवासी के हृदय में उनके लिए एक खास स्थान है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज दुनिया भर में धूमधाम से क्रिसमस का त्योहार भी मनाया जा रहा है। ये जीसस क्राइस्ट के जीवन, उनकी शिक्षाओं को याद करने का दिन है। मैं आप सभी को क्रिसमस की ढेर सारी शुभकामनाएँ देता हूँ। आप सभी ने मुंबई के ‘टाटा मेमोरियल सेंटर’ के बारे में जरूर सुना होगा। इस संस्थान ने शोध, खोज और कैंसर केयर में बहुत नाम कमाया है। इस सेंटर द्वारा किए गए एक गहन शोध में सामने आया है कि ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों के लिए योग बहुत ज्यादा असरकारी है।”

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली के AIIMS में भी एक प्रयास किया जा रहा है। यहाँ हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की पुष्टि करने लिए 6 साल पहले ‘Centre for Integrative Medicine and Research’ की स्थापना की गई। इसमें अत्याधुनिक तकनीकों और शोध की प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है। उन्होंने ये भी कहा कि वो आज ‘मन की बात’ के श्रोताओं को मैं एक और चुनौती के बारे में बताना चाहते हैं, जो अब समाप्त होने की कगार पर है।

उन्होंने बताया कि ये चुनौती, ये बीमारी है -‘कालाजार’। साथ ही प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सबके प्रयास से ‘कालाजार’ नाम की ये बीमारी अब तेजी से समाप्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सदियों से कल-कल बहती माँ गंगा को स्वच्छ रखना हम सबकी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। बकौल पीएम मोदी, इसी उद्देश्य के साथ, 8 साल पहले उनकी सरकार ने ‘नमामि गंगे अभियान’ की शुरुआत की थी। उन्होंने इसे गौरव की बात बताया कि भारत की इस पहल को आज दुनिया भर की सराहना मिल रही है।

CAA दंगों में हिंसा करने वाले 86 उपद्रवी दोषी करार, भरना होगा ₹427000 का जुर्माना: UP में पहली सजा, फैसले को नहीं दे सकता कोई चुनौती

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में दिसंबर 2019 में CAA विरोध के नाम पर हुई हिंसा में सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले में पहली सजा सुनाई गई है। हिंसा की जाँच के लिए गठित न्यायाधिकरण ने 86 अरोपितों को दोषी करार दिया है। सजा के तौर पर इन सभी आरोपितों से 4,27,439 रुपए की वसूली का आदेश जारी हुआ है। गुरुवार (22 दिसंबर 2022) को दिए गए ट्रिब्यूनल के इस फैसले को किसी अदालत में चुनौती भी नहीं दी जा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह आदेश न्यायाधिकरण मेरठ संभाग द्वारा जारी हुआ है। ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष डॉ अशोक कुमार सिंह और प्रवीण अग्रवाल ने इस आदेश पर मुहर लगाई। आदेश मुताबिक हिंसक भीड़ द्वारा हुई तोड़फोड़ में नुकसान हुए 4,27,439 रुपए की भरपाई 86 दोषियों से की जाएगी जिसमें प्रति व्यक्ति पर लगभग 4971 रुपए का अर्थदंड है। इस पैसे की वसूली जिले के DM द्वारा जमीन के राजस्व बकाए की तरह करवाई जाएगी।

ट्रिब्यूनल ने इस बाबत उत्तर प्रदेश लोक और निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम 2020 की धारा-23 के तहत अमरोहा के DM को आदेश जारी किए हैं। आदेश में उपद्रवियों से वसूली कर के पैसे को सरकारी खजाने में जमा करवाने के लिए कहा गया है। इसी आदेश में इस बात का भी जिक्र है कि आरोपितों को यह जुर्माना 30 दिनों के अंदर भरना होगा। इसके बाद इस राशि पर 6% का ब्याज लगा कर वसूली का खर्च भी उपद्रवियों से ही वसूल किया जाएगा।

ट्रिब्यूनल द्वारा जिन 86 उपद्रवियों को नोटिस जारी हुआ है उसमें से 3 ऐसे हैं जिनकी नाम-पते की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इन तीनों आरोपितों का पोस्टर लगवा कर उनकी जानकारी जुटाने के साथ इन कामों में खर्च हो रहे पैसे को भी उन्हीं तीनों से वसूलने का आदेश दिया गया है। मेरठ और आस-पास में हुए 20 अन्य उपद्रव के मामले में ट्रिब्यूनल ने 277 अन्य आरोपितों को भी नोटिस जारी की है। गौरतलब है कि इन हमलों में न सिर्फ सार्वजनिक सम्पत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया था बल्कि पुलिस वालों पर भी हमले किए गए थे।

अमरोहा के DM बी के त्रिपाठी के मुताबिक ट्रिब्यूनल के आदेश पर तत्काल अमल शुरू किया जा चुका है। वहीं आरोपितों को वकील जमीयत उलेमा ए हिन्द ने मुहैया करवाए थे। जमीयत के वकील ने जनता का गवाह न होने की दलील देते हुए न्यायाधिकरण के फैसले का विरोध किया।

बंदर को मारकर चामुंडा मंदिर के पास लटकाया: अमरोहा में हिंदू संगठनों का हंगामा, अज्ञातों पर FIR

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक बंदर की हत्या किए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि बंदर को मार कर लाश को मंदिर के पास लटका दिया गया था। इस मामले पर हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुजारी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना शनिवार (24 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना डिडौली थानाक्षेत्र की है। यहाँ जोया नाम की बाजार में माँ चामुंडा का मंदिर है। मंदिर पुलिस चौकी के पीछे ही है। इस मंदिर में आचार्य विजय तिवारी पूजापाठ करते हैं। शनिवार को पुजारी विजय मंदिर के पास मौजूद खंडहर से सूखी लकड़ियाँ बीनने गए थे। इस दौरान उन्हें एक बंदर का शव दिखा। बंदर को किसी ने मार कर खंडहर के मेन गेट पर ही लटका दिया था। पुजारी ने इसकी सूचना आस-पास के लोगों को दी। कुछ ही देर बाद घटनास्थल पर हिंदू संगठन से जुड़े लोगों का भी जमावड़ा लग गया।

बंदर की हत्या (तस्वीर साभार: दैनिक जागरण)

स्थानीय लोगों ने बंदर को मारने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग शुरू कर दी। घटना जानकारी पुलिस को हुई तो वो फ़ौरन ही मौके पर पहुँच गई। नाराज लोगों को समझाने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया गया। कुछ देर बाद बंदर के शव को नीचे उतारा गया। अधिकारियों की निगरानी में उसे पशु चिकित्सा विभाग द्वारा पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बंदर के शव का वीडियो भी किसी के द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

हिंदू संगठन के सदस्यों ने पुलिस को आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सप्ताह भर का समय दिया है। उनका कहना था कि तय समय में कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मामले में पुलिस का कहना है कि पुजारी विजय की तहरीर पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

‘तुनिशा शर्मा गर्भवती थीं, शीजान खान ने शादी से किया था इनकार’: माँ की शिकायत पर पूर्व प्रेमी को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार, हत्या और सुसाइड की एंगल से जाँच

टीवी सीरियल्स की अभिनेत्री तुनिशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर तुनिषा के पूर्व प्रेमी और को-स्टार शीजान मोहम्मद खान को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पर शिजान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच हत्या और आत्महत्या, दोनों एंगल से की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद शीजान खान पुलिस को पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। तुनिशा से झगड़े के सवाल पर वह अपने बयान से पलट रहा है। पुलिस का कहना है कि वह कोर्ट से शीजान खान के रिमांड की माँग करेगी। कहा जा रहा है कि एक हफ्ते पहले ही तुनिशा और शीजान का झगड़ा हुआ था। इसके बाद शीजान ने ब्रेकअप कर लिया था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।

बता दें कि शनिवार (24 दिसंबर 2022) को तुनिशा की मौत की खबर आई थी। जिस वक्त तुनिशा की फाँसी लगाकर आत्महत्या की खबर आई, उस वक्त वह टीवी शो अली बाबा- दास्तान ए काबुल में की शूटिंग कर रही थी। शो के सेट पर शीजान के मेकअप रूम में ही तुनिशा ने यह कदम उठा लिया।

वहीं, पुलिस के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि 20 वर्षीय तुनिशा शर्मा बाथरूम में मृत पाई गई थी। चूँकि, तुनिशा शर्मा की आत्महत्या से जुड़ा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस उनके साथ शूटिंग कर रहे एक्टर्स व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही थी।

घटना के के बाद शीजान ने कहा था कि जब वह शूट के बाद मेकअप रूम में गए तो वह अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई तो उन्होंने मेकअप रूम का दरवाजा तोड़ा। शीजान ने कहा कि अंदर तुनिशा बेसुध पड़ी थी। इसके बाद उसे जुचंद्रा नायगाँव के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं सकी।

उधर तुनिशा शर्मा की माँ ने बेटी की आत्महत्या के लिए उसके प्रेमी शीजान खान को दोषी ठहराया है। तुनिशा की माँ का कहना है कि वह शीजान खान के साथ रिलेशनशिप में थी। कहा जा रहा है कि तुनिशा गर्भवती थी और किसी बात को लेकर शीजान खान के साथ उसका विवाद हुआ था। इसके बाद तुनिशा ने आत्महत्या कर ली।

उधर, अभिनेत्री प्रीति तनेजा कहना है कि तुनिशा शीजान से शादी करना चाहती थीं, लेकिन शीजान ने शादी से साफ इनकार कर दिया था। प्रीति ने यह भी बताया कि तुनिशा माँ बनने वाली थी, इसलिए वह शीजान के साथ शादी करना चाहती थी। हालाँकि, बार-बार कहने के बावजूद शीजान ने शादी से इनकार कर दिया था।  

यह भी कहा जा रहा है कि शीजान खान ने तुनिशा शर्मा से कुछ समय पहले ही ब्रेकअप कर लिया था। इसके बाद वह डिप्रेशन में रहने लगी थी। इस बात को तुनिशा बर्दाश्त नहीं कर पाई और और आत्महत्या कर ली। इस साल नवंबर में तुनिशा ने शीजान खान के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए शीजान को दुनिया का सबसे खूबसूरत, भावुक और मेहनती इंसान बताया था।

मेन्स डे पर शीजान के लिए तुनिशा ने लिखा था, “मुझे ऐसे ही आगे बढ़़ाने वाले शख्स को हैपी इंटरनेशनल मेंस डे। सबसे मेहनती, जुनूनी, जोशीला और मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत इंसान। तुम्हें नहीं पता कि तुम मेरे लिए क्या हो। जो शख्स परिवार और समाज के लिए योगदान देता है, उसे अब पहचानने और सम्मान देने का समय है।”

इतना ही नहीं, तुनिशा शर्मा ने बुर्के में अपनी एक तस्वीर शीजान खान के साथ शेयर की थी। इस तस्वीर में वह शीजान खान के साथ गणेश भगवान की आरती करती दिख रही हैं। इसके अलावा भी तुनिशा ने शीजान खान के साथ कई और तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा की थीं।

पर्सनल फोटो निकालकर पेंटर शोएब ने इंजीनियर महिला को धमकाया, ₹70 हजार ऐंठे: गिरफ्तार होने के बाद बोला- सड़क पर मिल गई थी पेन ड्राइव

बेंगलुरु पुलिस ने महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर को ब्लैकमेल करने के आरोप में एक पेंटर को शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम शोएब अहमद है। आरोप है कि 22 वर्षीय शोएब ने महिला की खोई पेन ड्राइव से पर्सनल फोटो निकाल उससे पैसे उगाही करने की कोशिश की। महिला इंजीनियर ने यह शिकायत 30 अक्टूबर 2022 को दर्ज करवाई थी। तब से पुलिस शोएब की तलाश में थी। पुलिस ने पेन ड्राइव भी बरामद कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना बेंगलुरु के बेगुर रोड की है। 25 वर्षीया महिला ने इसकी शिकायत दक्षिण पूर्व स्थित CEN पुलिस स्टेशन में की है। शिकायत में बताया गया है कि पीड़िता ने अपने तमाम निजी फोटो और वीडियो एक पेन ड्राइव में सेव कर के रखे थे। किसी वजह से वो पेन ड्राइव कहीं खो गया था। बाद में वो पेंटिंग का काम करने वाले शोएब अहमद को मिल गई। उसी पेन ड्राइव के एक दस्तावेज में महिला का मोबाईल नंबर भी था। शोएब ने उस नंबर पर कॉल कर के पेन ड्राइव अपने पास होने की जानकारी दी थी।

शिकयत में आगे बताया गया है कि महिला ने शोएब से अपनी पेन ड्राइव लौटाने की माँग की। बदले में शोएब ने पैसों की डिमांड की। पैसे न देने की हालात में आरोपित ने पीड़िता के निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की भी धमकी दी। आरोप है कि पेंटर शोएब की धमकियों से डर कर महिला ने उसे एक बार 70 हजार रुपए दे भी दिए। हालाँकि इसके बाद भी शोएब ने पेन ड्राइव नहीं लौटाई। आरोपित पीड़िता से और अधिक पैसों की माँग जारी रखा। आख़िरकार महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने शोएब की तलाश शुरू कर दी। तलाश के दौरान शोएब राजेंद्र नगर का निवासी पाया गया। पुलिस ने महिला से 10 रुपए शोएब द्वारा भेजे गए QR कोड पर भेजने को कहा। पैसे जाते ही शोएब की बैंक डिटेल निकल आई जिसमें उसका पता था। आखिरकार पुलिस ने शोएब को शुक्रवार को गिरफ्तार कर के न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पूछताछ के दौरान शोएब ने बताया कि उसे पेन ड्राइव सड़क के किनारे पड़ी मिली थी। शोएब के पास से पीड़िता की पेन ड्राइव भी बरामद कर ली गई है।

गुलेल से लगाए निशाने, भारतीय मजदूरों पर पत्थर फेंका: नेपाल की ओर से उत्तराखंड में फिर हुई पत्थरबाजी, डंपर के शीटे टूटे, ड्राइवर समेत 2 घायल

उत्तराखंड के धारचूला (Dharchula, Uttarakhand) स्थित घटखोला में बाँध बनाने में लगे मजदूरों पर नेपाल की ओर से फिर पथराव किया गया है। पत्थरबाजी की इस घटना में वहाँ मौजूद डंपर और जेसीबी के शीशे टूट गए। गुलेलों से की गई पत्थरबाजी में एक चालक और एक मजदूर जख्मी हो गए हैं। 

दरअसल, धारचूला में काली नदी के किनारे भारत अपने क्षेत्र में तटबंध का निर्माण कर रहा है। इस निर्माण कार्य में कई मजदूर और वाहन लगे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस तटबंध को पूरा नहीं किया जाता है तो अगले साल बारिश में धारचूला का एक बड़ा हिस्सा काली नदी में समा जाएगा।

काली नदी पर तटबंध निर्माण का यह काम दोनों देशों की सहमति के बाद शुरू किया गया है। इसके बावजूद नेपाल द्वारा लगातार इसमें बाधा डालने की कोशिश की जा रही है। पथराव की हालिया घटना नेपाल की ओर से की गई पत्थरबाजी की 11वीं घटना है।

बताया जा रहा है कि तटबंध का निर्माण का काम चल रहा था, उसी दौरान शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को नेपाल की ओर से कुछ लोग इकट्ठे हुए और श्रमिकों और निर्माण कार्य में लगी गाड़ियों पर पत्थरबाजी करने लगे। इंजीनियरों का कहना है कि पत्थरबाजी करने वाले लोग गुलेलों इस्तेमाल कर रहे थे। इससे श्रमिक डर गए और काम को बंद कर दिया।

इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले लोगों का कहना है कि पत्थरबाजी की घटना के कारण पहले ही लेट हो चुका है। ऐसे में इस तरह की घटनाएँ थमती नहीं हैं तो मजदूर और वाहनकर्मी भी यहाँ काम करने से डरेंगे। निर्माण कार्य में लगी कंपनी ने इस मसले में सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। परियोजना में शामिल लोग प्रशासन से सुरक्षा की गुहार भी लगा रहे हैं।

क्रिसमस से पहले जबरन धर्मांतरण… उत्तराखंड में ग्रामीणों ने किया पादरी आने का विरोध: आरोप- मिशनरी की महिला ने गाँव की औरतों को डंडे से पीटा, 1 लड़की घायल

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में क्रिसमस से पहले 2 पक्षों के बीच विवाद की खबर है। यहाँ ग्रामीणों ने एक संस्था पर धर्मांतरण का आरोप लगाया है। वहीं आयोजकों ने भी ग्रामीणों से गर्मागर्म बहस की। मौके पर नारेबाजी की गई। हंगामे के चलते कार्यक्रम रोक दिया गया। लोगों ने प्रशासन से जाँच और कार्रवाई की माँग की है। घटना शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला पुरोला गाँव का है। यहाँ क्रिसमस से 2 दिन पहले ईसाई केंद्र में एक कार्यक्रम चल रहा था। यह एक निर्माणाधीन बिल्डिंग हैं। कार्यक्रम के आयोजकों में पादरी लज़ारस कॉर्नलुईस और उनकी पत्नी सुषमा कॉर्नलुईस प्रमुख थीं। समारोह में कुछ स्थानीय लोगों के साथ नेपाल के भी 12 नागरिकों की मौजूदगी बताई जा रही है। कुछ ही देर में लगभग 30 की संख्या में हिंदू संगठन के लोग वहाँ पहुँच गए। उन्होंने कार्यक्रम में हिंदुओं के धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज करवाया।

जिस व्यक्ति के घर पर यह कार्यक्रम चल रहा था वो नेपाली मूल का नागरिक बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान कार्यक्रम के आयोजकों ने भी विरोध कर रहे लोगों से तीखी बहस की। इस दौरान हाथापाई की भी खबरें हैं। इसके चलते हालात तनावपूर्ण हो गए। विरोध कर रहे हिंदू संगठन के लोगों ने प्रशासन से कार्यक्रम में मौजूद लोगों की धर्म परिवर्तन के एंगल से जाँच की माँग की। दावा किया जा रहा है कि मौके से ईसाई साहित्य भी बरामद हुआ है।

इस घटना पर बयान देते हुए पुरोला के SDM जितेंद्र कुमार ने कहा कि प्रशासन को धर्मांतरण और मारपीट की शिकायत मिली है जिस पर जाँच करवाई जा रही है। SDM के मुताबिक जाँच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय SHO कोमल सिंह ने भी घटना की पुष्टि करते हुए हल्का विवाद होने की जानकारी दी है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। विरोध में शामिल एक स्थानीय विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि धर्मांतरण करवाने वाले ईसाई मिशनरी के लोग थे। कार्यकर्ता के मुताबिक विरोध करने पर एक ईसाई महिला ने गाँव की महिलाओं को डंडे से पीटा है जिस से एक लड़की घायल हुई है।

फ़िलहाल इस मामले में अभी तक किसी गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं है।