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असम में पिछले 10 महीने में 53 जिहादी गिरफ्तार, 2 महिलाएँ भी शामिल: CM सरमा ने बताया- 5 बांग्लादेशी भागे, 1 धराया

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) आजकल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) के दिखाए राह पर चल रहे हैं। सीएम सरमा प्रदेश में कट्टरपंथ पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में जिहादी गतिविधियों में विदेशी तत्व शामिल हैं। मार्च से लेकर अब तक ऐसे 53 जिहादियों को गिरफ्तार किया गया है।

सीएम सरमा ने विधानसभा में एक प्रश्न का जवाब देते हुए शनिवार (24 दिसंबर 2022) को बताया कि मार्च से अब तक 53 जिहादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से एक बांग्लादेशी नागरिक है। उन्होंने यह भी बताया कि 5 बांग्लादेशी जिहादी भागने में सफल रहे हैं। गिरफ्तार जिहादियों में दो महिलाएँ भी हैं, जिन्हें धुबरी और मोरीगाँव से गिरफ्तार किया गया है।

सीएम सरमा ने कहा कि मार्च से लेकर अब तक जिहादी गतिविधियों को लेकर अब तक सात जिलों में 9 मामले दर्ज किए गए हैं। ये मामले बारपेटा, बोंगाईगाँव, मोरीगाँव, धुबरी, गोलपाड़ा, तमुलपुर और नलबाड़ी जिलों में दर्ज किए गए हैं। सरमा ने कहा कि ये सात जिले ही बांग्लादेश में जिहादी गतिविधियों के मुख्य स्रोत हैं।

सीएम सरमा विधानसभा में भाजपा विधायक टेरोस ग्वाला के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। बता दें कि प्रदेश का गृह मंत्रालय विभाग भी मुख्यमंत्री सरमा के ही पास है। उन्होंने आगे कहा कि बारपेटा में दर्ज एक मामले में बांग्लादेशी नागरिक सैफुल इस्लाम उर्फ हारून राशिद उर्फ सुमन को गिरफ्तार किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरमा ने विधानसभा को बताया कि सैफुल इस्लाम बारपेटा की एक मस्जिद में इमाम के तौर पर काम कर रहा था और वहाँ के मदरसे में अरबी पढ़ाता था। वह लोगों को जिहादी गतिविधियों वाली किताबें बाँटता था और अपनी तकरीरों में लोगों को जिहादी गतिविधियों में भाग लेने के लिए उकसाता था।

उन्होंने बताया कि पाँच बांग्लादेशी जिहादी भागने में सफल रहे हैं। वे स्थानीय लोगों के बीच जिहादी साहित्य बाँटा करते थे और अपनी बातों से लोगों को भड़काकर जिहादी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाते थे। ये पाँच लोग अलग-अलग मस्जिदों में काम करते थे।

सीएम सरमा ने शनिवार को उस कथित आधिकारिक पत्र से खुद को अलग कर लिया, जिसमें राज्य के सभी SP से धर्म परिवर्तन और पिछले वर्ष की तुलना में उनके संबंधित जिलों में बनाए गए चर्चों की संख्या के बारे में जानकारी माँगी गई थी। सीएम सरमा ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है।

हाजीपुर में दिन-दहाड़े पंचायत प्रतिनिधि के पति की हत्या, बेख़ौफ़ अपराधियों ने लौट कर फिर की गोलीबारी: CCTV वीडियो आया सामने

बिहार के हाजीपुर में बदमाशों ने भाजपा समर्थक पंचायत प्रतिनिधि के पति अजय कुमार तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी। बाइक सवार बदमाश अजय की दुकान पर ग्राहक बनकर घुसे। इसके बाद, बदमाशों ने एक के बाद एक 5 गोलियाँ मारकर उन्हें बुरी तरह छलनी कर दिया। मृतक अजय कुमार तिवारी बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के करीबी बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वो शनिवार (24 दिसंबर 2022) को हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत इस्माइलपुर केदार चौक में स्थित दुकान में बैठे हुए थे। तभी, बदमाशों दुकान पर पहुँचकर सिगरेट माँगी। अजय ने दुकान के स्टाफ से सिगरेट देने के लिए कहा। इसके बाद, बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

बदमाशों के हमले से बचने के लिए अजय कुमार तिवारी ने काउंटर में छिपने की कोशिश की। हालाँकि, हमलावरून की ताबड़तोड़ गोली से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से भाग गए। लेकिन, फिर थोड़ी देर बाद वापस लौट कर अजय पर और फायरिंग की। हत्या की पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।

हत्या के बाद, मौके पर पहुँची पुलिस ने मृतक अजय कुमार तिवारी के शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा। दिन दहाड़े हुई हत्या के बाद, आक्रोशित लोगों ने हाजीपुर-लालगंज मेन-रोड जामकर खूब हंगामा किया। बदमाशों के हमले में 4 गोलियाँ अजय के सीने में और 1 गोली उनके सिर में लगी है।

इस मामले में SDPO सदर ओम प्रकाश का कहना है कि अजय कुमार तिवारी की हत्या मल्टीपल फायर कर की गई है। दुकान में लगे सीसीटीवी में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। सीसीटीवी फुटेज को खंगाल कर बदमाशों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। हमलावरों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

हाजीपुर में हुई इस घटना को लेकर भाजपा विधायक संजय कुमार ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि सरकार कहती है राज्य में जनता राज है। क्या इसी को जनता राज कहते हैं?

अजय कुमार तिवारी बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर पोस्टेड थे। उनकी पत्नी सदर थाना क्षेत्र के इस्माइलपुर की पंचायत समिति सदस्य है। उन्हें, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का करीबी बताया जा रहा है। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध थे। साल 2009 में अजय के पिता की भी बदमाशों ने गोली मारकर हत्या की थी।

‘सज-धज कर कॉलेज जाती थी, मर्दों से मिलती थी’: तालिबान ने बताया क्यों महिलाओं की शिक्षा पर लगाया बैन, छात्राओं के आंदोलन का हिंसक तरीके से दमन

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के विश्वलिद्यालयों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया है। छात्राओं पर पानी के बौछार का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। पढ़ाई पर रोक लगाने के बाद से ही अफगानिस्तान की महिलाएँ अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं।

छात्राओं पर पानी की बौछार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान के हेरात शहर में विश्वविद्यालयों में महिलाओं के प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन कर रही छात्राओं पर वाटर केनन का इस्तेमाल किया गया। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में छात्राएँ पानी की बौछार से बचने के लिए एक गली में छिपते हुए देखी जा सकती हैं। तालिबान के फैसले का विरोध कर रहीं दर्जनभर छात्राएँ ‘शिक्षा हमारा अधिकार है’ के नारे लगा रही थीं।

काबुल में प्रदर्शनकारी महिलाएँ गिरफ्तार

इसके पहले तालिबान के फैसले के खिलाफ काबुल में महिलाओं के एक छोटे समूह ने भी प्रदर्शन किया था। लगभग दो दर्जन लड़कियों ने हिजाब और मास्क पहन कर सड़कों पर मार्च निकाला और तालिबानी हुकूमत के फैसले का नारे लगाते हुए विरोध किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन कर रही महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनमें से 2 को रिहा कर दिया गया लेकिन कई प्रदर्शनकारी महिलाएँ अब भी तालिबान की कैद में बताई जा रही हैं।

इसलिए लड़कियों की शिक्षा पर लगाया गया लगाम

उधर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने विश्वविद्यालयों में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने के फैसले का बचाव किया है। अफगानिस्तान के उच्च शिक्षा मंत्री निदा मोहम्मद नदीम ने मामले पर सार्वजनिक तौर पर चर्चा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में लड़के-लड़कियों के मेल जोल को रोकने के लिए यह प्रतिबंध जरूरी था। अफगानिस्तान के एक टीवी चैनल पर साक्षातकार के दौरान उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुछ ऐसे विषय पढ़ाए जा रहे थे जो इस्लाम के खिलाफ हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़कियों के विश्वविद्यालयों में लगे प्रतिबंध के लिए कई और कारण बताए गए हैं। बताया गया है कि छात्राएँ तालिबानी ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहीं थीं। छात्राएँ इस तरह सज-धज कर पढ़ने जाती थीं मानो शादी समारोह में जा रही हैं। संगठन का कहना है कि यूनिवर्सिटी में औरतें और मर्द स्वतंत्र रूप से मिल रहे थे। तालिबान सरकार के फैसले पर दुनिया भर में हो रही आलोचना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह अफगानिस्तान का निजी मामला है और इसमें दूसरे देशों को दखल नहीं देना चाहिए।

NGO के लिए भी काम नहीं कर सकेंगी महिलाएँ

इस बीच अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार ने महिलाओं के खिलाफ एक और फरमान जारी कर दिया है। अब अफगानिस्तान में महिलाएँ एनजीओ (NGO) के लिए काम नहीं कर सकेंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्थिक मामलों के मंत्रालय से जारी किए गए आदेश में स्थानीय और विदेशी NGO को आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में महिला कर्मचारियों को काम पर आने से रोकने के लिए कहा गया है।

‘जुनून की बात करने वाले रुकते नहीं’: सलमान खान की ‘दबंग 3’ में काम कर चुकी अभिनेत्री की संदिग्ध मौत, को-स्टार शीजान के मेकअप रूम में मिला शव

टीवी सीरियल्स की मशहूर एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। तुनिशा सब टीवी के शो अली बाबा- दास्तान ए काबुल में लीड रोल प्ले कर रहीं थीं। उन्होंने शो के सेट पर ही यह कदम उठाया है। आत्महत्या करने की वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। वह 20 वर्ष की थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तुनिशा शर्मा ने अपने को-स्टार शीजान के मेकअप रूप में आत्महत्या की है। जिस वक्त तुनिशा ने आत्महत्या की है उस समय शीजान सेट पर ही शूटिंग में व्यस्त थे। उन्होंने अपने मेकअप रूम में पहुँच कर जब आवाज दी। गेट नहीं खुलने पर उन्होंने गेट तोड़ा जहाँ तुनिशा मृत अवस्था में थीं।

हालाँकि, जी न्यूज ने पुलिस के हवाले से कहा है कि तुनिशा बाथरूम में मृत पाई गईं। चूँकि, तुनिशा शर्मा की आत्महत्या से जुड़ा कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में, पुलिस उनके साथ शूटिंग कर रहे एक्टर्स व अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है। तुनिशा ने आत्महत्या से पहले इंस्टाग्राम पर अपनी एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, “जो लोग अपने जुनून से प्रेरित होते हैं वे रुकते नहीं हैं।”

चूँकि, उन्होंने अपने आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट में ‘जुनून’ और ‘न रुकने’ की बात कही थी ऐसे में उनकी आत्महत्या को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

तुनिशा शर्मा ‘अली बाबा- दास्तान ए काबुल’ में मरियम का किरदार निभा रहीं थीं। इससे पहले वह, चक्रवर्ती अशोक सम्राट, भारत का वीर पुत्र- महाराणा प्रताप, गब्बर पूँछवाला, इंटरनेट वाला लव और इस्क सुभानअल्लाह जैसे शो में काम कर चुकीं हैं। इसके अलावा वह कुछ फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। तुनिशा शर्मा ने कहानी 2, दबंग-3, बार-बार देखो और फितूर में बेहतरीन किरदार निभाया था।

तुनिशा शर्मा, एक्टर शिविन नारंग के साथ एक म्यूजिक वीडियो भी शूट कर रही थीं। तुनिशा ने बेहद कम उम्र में कामयाबी हासिल कर ली थी। वह कैटरीना कैफ और विद्या बालन जैसी एक्ट्रेस के साथ भी काम कर चुकीं हैं।
 
बता दें, इसी साल अक्टूबर में टीवी सीरियल की एक और मशहूर एक्ट्रेस वैशाली ठक्कर ने मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित अपने घर में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को वैशाली की डायरी में सुसाइड नोट मिला था। इस सुसाइड नोट में उन्होंने राहुल नवलानी और उसकी पत्नी दिशा नवलानी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

जिस मोहम्मद वसी के लिए धर्मांतरण कर उमा शर्मा बनी ‘फातिमा’, उसने ही करंट का झटका देकर मार डाला: जहाँ दफनाया वहीं सोता था, हत्या से पहले जम कर पीटा

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मोहम्मद वसी नाम के शख्स ने बिजली का झटका दे कर अपनी बीवी की जान ले ली। उसके बाद लाश को बच्चों के सामने ही कमरे में दफन कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित की माँ ने पुलिस को हत्या की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने कमरे से लाश निकलवा कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के अनुसार, मामला लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ इलाके के हाफिजपुर का है। यहाँ मोहम्मद वसी नाम के शख़्स ने मोहल्ले की ही रहने वाली उमा शर्मा नाम की लड़की को बहलाकर प्रेम जाल में फँसा लिया और उससे शादी कर ली। शादी के बाद मोहम्मद वसी ने उमा का धर्म-परिवर्तन करते हुए उसका नाम बदलकर अक्शा फातिमा रख दिया। दोनों के 2 बच्चे भी हुए।

रिपोर्ट्स की मानें तो शादी के बाद से ही मोहम्मद वसी अपनी पत्नी के साथ अक्सर झगड़ता रहता था। चार दिन पहले भी मोहम्मद वसी ने अक्शा फातिमा (उमा शर्मा) के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा किया था। इस बीच उसकी माँ घर पर नहीं थी। रिपोर्ट्स की मानें तो मोहम्मद वसी ने पहले तो पत्नी की पिटाई की जब इससे भी उसका जी नहीं भरा तो करंट लगा कर उसे मार दिया। बिजली के झटकों से जब पत्नी की जान चली गई तो आरोपित ने लाश को बच्चों के सामने ही कमरे में दफना दिया।

हत्या के 2 दिन बाद आरोपित ने अपनी माँ को फोन कर पत्नी के कहीं चले जाने की बात कही। इस पर वसी की माँ कानपुर से लौटीं। माँ के आने के बाद हत्यारे ने पत्नी को जान से मार देने की बात कबूली। वसी की माँ ने अपने वकील से संपर्क किया। वकील के सलाह पर उसकी माँ ने हत्या की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस ने कमरे से लाश निकलवा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि आरोपित को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।

मुस्लिम बस्ती में चल रहा था अवैध बूचड़खाना, 300 किलो प्रतिबंधित गोमांस बरामद: 17 मवेशियों को मुक्त कराया गया, जुमे के दिन बढ़ जाता था कारोबार

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका इलाके में चल रही अवैध बूचड़खाने में पुलिस ने छापेमारी करते हुए 300 किलो प्रतिबंधित मांस के साथ 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह वधशाला मुस्लिम बाहुल्य बस्ती में चल रही थी। पुलिस ने यह कार्रवाई शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) की सुबह करीब 6:30 बजे की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका इलाके अंतर्गत स्थित हल्दीपोखर में मुस्लिम बाहुल्य बस्ती है। इस बस्ती में पुलिस ने करीब साढ़े चार घण्टे तक छापेमारी की है। एएसपी लॉ एंड ऑर्डर सुमित अग्रवाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर काटने के लिए रखे गए 17 मवेशियों को भी मुक्त कराया है।

इस मामले में पुलिस ने मांस बेचने व खरीदने वाले इमरान, पप्पू समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही, बूचड़खाना से तीन मवेशियों के मांस, मवेशियों को काटने में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का बोटा, चापड़ समेत कई अन्य सामान्य बरामद किए हैं।

‘हिंदुस्तान’ ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि झारखंड पुलिस ने गुरुवार (22 दिसंबर, 2022) को जमशेदपुर के साकची से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपित से हुई पूछताछ में सामने में आया था कि वह हल्दीपोखर से मांस लाता था। साथ ही, उसने यह भी खुलासा किया था कि हल्दीपोखर में शुक्रवार को भारी मात्रा में मांस का कारोबार होता है। ऐसे में, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए छापेमारी की और मौके से आरोपितों को गिरफ्तार किया।

साथ ही, तीन मवेशियों का कटा हुआ मांस (करीब 300 किलो मांस) बरामद किया। जब्त मांस को हल्दीपोखर पश्चिम ग्राम पंचायत के पीछे खुदाई कर गड़ाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई में मुस्लिम बस्ती में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित मांस मिलने के बाद स्थानीय निवासियों में गुस्सा है। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए माँग की है कि अवैध मांस का यह व्यापार बंद होना चाहिए। साथ ही, इस धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

‘ज़िंदा है अल जवाहिरी, अमेरिका से बदला लेने के लिए तैयार’: अलकायदा ने वीडियो के जरिए किया ऐलान, USA ने ड्रोन हमले में मार गिराने का किया था दावा

खूँखार अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूह अलकायदा ने शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) को एक नया वीडियो जारी करते हुए अपने चीफ अल-जवाहिरी के ज़िंदा होने का दावा किया है। आतंकी संगठन ने 35 मिनट के इस वीडियो में आ रही आवाज के अल-जवाहिरी के होने का दावा किया है। हालाँकि, वीडियो को रिकॉर्ड कब किया गया है – इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वीडियो में जवाहिरी ने जो शब्द बोले हैं उस से भी वीडियो के समय की जानकारी निकलना मुश्किल हो रहा है। वीडियो जारी करने के पीछे अल-कायदा द्वारा अमेरिका को ये संदेश देना माना जा रहा है उसका सबसे बड़ा सरगना जीवित है और अमेरिका से बदला लेने को तैयार है।

गौरतलब है कि पिछले 31 जुलाई, 2022 को अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि अल-जवाहिरी को अफगानिस्तान में हुए एक ड्रोन हमले में मार गिराया गया है। हालाँकि जवाहिरी की मौत और बाद में उसके जीवित होने के दावे के वीडियो पहले भी जारी होते रहे हैं। नवम्बर 2020 में भी जवाहिरी की मौत की अपुष्ट खबर आई थी। इस दावे के बाद आतंकी सरगना ने नया वीडियो जारी कर के अपने जीवित होने की घोषणा की थी।

जवाहिरी का वीडियो भारत में कर्नाटक बुर्का मामले में भी सामने आया था। तब उसने कॉलेज में बुर्के वाली लड़की की शान में कविता पढ़ी थी। वहीं एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अल-कायदा अपने नए मुखिया की तलाश में है। इन सभी में सैफ अल अदेल का नाम सबसे आगे चल रहा है। सैफ इजिप्ट की सेना का पूर्व अधिकारी रह चुका है। फिलहाल उसका अलकायदा में ऊँचा मुकाम माना जाता है।

‘ये फिल्म बर्दाश्त से बाहर… पैसे लौटाओ’: बॉक्स ऑफिस पर बुरी पिटी रणवीर सिंह की ‘सर्कस’, पहले दिन हुई सिर्फ इतनी कमाई

बाॉलीवुड की एक और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई है। साल के आखिरी शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को रिलीज़ हुई फिल्म सर्कस को पहले ही दिन दर्शक नहीं मिले। मल्टीस्टारर फिल्म में अभिनेता रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं जबकि फिल्म का निर्देशन रोहित शेट्टी ने किया है। पहले दिन फिल्म ने सिर्फ ₹6 करोड़ की कमाई की।

रोहित शेट्टी की फिल्में एक्शन और अच्छी कॉमेडी के लिए जानी जाती हैं। मास एन्टरटेनर फिल्म बनाने के लिए मशहूर रोहित इस बार फेल होते नजर आ रहे हैं। बॉक्स ऑफिस इंडिया के आँकड़ों की मानें तो फिल्म ने पहले दिन सिर्फ 6-6.25 करोड़ का कारोबार किया। फिल्म को महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में भी दर्शक नहीं मिल रहे।

फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने सर्कस को आउडेटिड बताया है। उन्होंने ट्विटर पर अपने रिव्यू में सर्कस फिल्म को आउटडेटेड करार दिया। उन्होंने फिल्म को 2 स्टार देते हुए लिखा कि फिल्म में मनोरंजन और हास्य की कमी है। उन्होंने लिखा कि दूसरे भाग में कुछ मज़ेदार दृश्य हैं लेकिन स्पार्क मिसिंग है।

जो लोग गलती से फिल्म देखने पहुँच गए वो अपना माथा पीट रहे हैं। सर्कस का पहला शो खत्म होते ही दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपने रिव्यू और पोस्ट करने शुरू कर दिए। एक यूजर को फिल्म इतनी बुरी लगी कि उसने अपने पैसे वापस माँग लिए।

ट्विटर पर यूजर ने लिखा, “थिएटर से बाहर आ गया और अब मुझे अपने पैसे वापस चाहिए। रोहित शेट्टी की फिल्म में इतने बोरिंग, बर्दाश्त से बाहर, बकवास, फालतू गाने की कभी उम्मीद नहीं की थी। फिल्म की सबसे बुरी बात है रणवीर सिंह का डबल रोल और उनकी आवाज बहुत इरिटेटिंग है।” इस यूजर ने अंत में फिल्म को 5 से में 1 रेटिंग भी दी है।

वहीं एक दूसरे यूजर ने आधी फिल्म देखने के बाद लिखा कि आधी फिल्म पूरी हो चुकी है, फिल्म का मेन प्लॉट कहाँ मिलेगा। उन्होंने लिखा कि रोहित शेट्टी के मैजिक के लिए सेकेंड हाफ का इंतजार है।

आपको बता दें फिल्म के ट्रेलर को भी दर्शकों का उतना रिस्पॉन्स नहीं मिला जो आम तौर पर रोहित की फिल्मों में देखने को मिलता है। अभिनेता रणवीर सिंह भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहे। उनकी पिछली फिल्मों की बात करें तो 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर बनी फिल्म ’83’ भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी थी। पिछले दिनों आई फिल्म ‘जयेशभाई जोरदार भी’ बड़ी फ्लॉप साबित हुई थी। कुल मिलाकर रणवीर सिंह भी असफल फिल्मों की हैट्रिक बनाने वाले स्टार बन गए हैं।

क्रिसमस पर केरल के चर्चों में आपस में ही भिड़े पादरियों के अलग-अलग गुट: पुलिस को लेना पड़ा एक्शन, ‘Holy Mass’ को लेकर लड़ रहे ईसाई

क्रिसमस के मौके पर होली मास (Holy Mass) दौरान कई चर्चों में हिंसक झड़प हो गई है। कोच्चि के सेंट मैरी कैथेड्रल बेसिलिका में शनिवार (24 दिसंबर 2022) को हुए इस हिंसक झड़प में अल्टर को भी नुकसान पहुँचाया गया है। वहीं, शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को एर्नाकुलम कैथड्रल बेसिलिका में इस तरह का मामला सामने आया था।

सेंट मैरी कैथेड्रल बेसिलिका में शनिवार को होली मास के समर्थक चर्च अंदर आ गए, जबकि दूसरा गुट लोगों मास (Mass) प्रदान कर रहा था। इस दौरान दोनों गुटों के बीच झड़प हो गई और वह मेेज को पूरी तरह तहस-नहस हो गया, जिस पर यीशु को चढ़ावा चढ़ाया जाता है।

जिन लोगों ने इस मास का समर्थन किया, उन्होंने शुक्रवार की रात को भी मास ऑफर किया था। वहीं, एक दूसरा गुट मास के उस तरीके का समर्थन कर रहा है जो साइनोड (पादरियों की सभा) द्वारा स्वीकृत है। यह गुट चर्च में प्रदर्शन कर रहा था। इस गुट ने चर्च में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की।

यूनिफाइड होली मास का समर्थन करने वाले गुट कहना है कि विरोधी गुट एडमिनिस्ट्रेटर को धमकी देकर पिछले तीन दिनों से ‘मास ऑफ एविल’ कर रहा है। वहीं, दूसरा गुट पुलिस पर भी आरोप लगा रहा है। बता दें कि दोनों गुटों में विरोध को देखते हुए पुलिस ने चर्च को खाली करा दिया।

उधर एर्नाकुलम कैथड्रल बेसिलिका के पादरी फादर एंटनी पुटावेलील का आरोप है कि असहमति रखने वाले पादरी ने एक के बाद एक मास करते रहे, ताकि उन्हें अल्टर के पास आने से रोका जा सके और साइनोड द्वारा स्वीकृत पद्धति के तहत मास को सेलिब्रेट करने से रोका जा सकते। वहीं, दूसरे गुट के पादरी ने कहा कि एंटनी पुटावेलील मास के दौरान अल्टर के पास आकर जानबूझकर समस्या खड़ी करने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि साइरो-मालाबार चर्च के अंतर्गत यह चर्च दशकों से मास के अलग तरीके को अपनाता आ रहा है। इसके तहत मास की क्रिया के दौरान कुछ पादरी लोगों की ओर मुँह करते हैं, जबकि कुछ पादरी अल्टर (मेज वाली बेदी) की ओर मुँह किए रहते हैं। कुछ चर्च इन दोनों की विधियों का मिक्स रूप अपनाते हैं।

चर्च के समान सिद्धांतों के तहत चर्च के पादरी और बिशप मास को अल्टर की तरफ मुँह करके पूरा करते हैं और यह पूरी प्रक्रिया इसी तरह पूरी की जाती है। हालाँकि, अलग-अलग चर्च और बिशप इसे अलग-अलग तरीके से अपनाते हैं, जिसको लेकर अक्सर झड़पें होती रहती हैं।

‘देश में कोविड फैला तो कॉन्ग्रेस जिम्मेदार’ : राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर BJP ने बोला हमला, हिमाचल CM की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी कोरोना वायरस के खतरे को अनदेखा करते हुए ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में जुटे हुए हैं। उन्होंने जहाँ शनिवार (24 अक्टूबर 2022) को दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर चादर चढ़ाई। वहीं, कॉन्ग्रेस की इस यात्रा में शामिल हुए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कोविड पॉजिटिव पाए गए। अब भाजपा राहुल गाँधी की इस यात्रा पर हमलावर है।

दरअसल, दुनिया भर में कोविड-19 का खतरा एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। चीन, अमेरिका और जापान जैसे देशों में कोविड की लहर से खतरे की घण्टी बजती दिख रही है। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को आगे बढ़ाते जा रहे हैं। इस यात्रा में हिमाचल प्रदेश के सीएम और कॉन्ग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू भी शामिल हुए थे। वह अब कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

कोरोना वायरस के खतरे को नजरअंदाज करने को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने राहुल गाँधी पर हमला बोला है। मीडिया से बात करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा है कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। सुक्खू उस समय राहुल गाँधी के साथ हाथ में हाथ डालकर चल रहे थे। इसलिए, राहुल गाँधी को बताना चाहिए कि उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया है या नहीं।

केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या कॉन्ग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गाँधी के साथ चलने वाले लोगों का कोविड टेस्ट हुआ है या कोविड टेस्ट कराया जा रहा है? क्या कॉन्ग्रेस पार्टी कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेगी? राहुल गाँधी की पार्टी या उनका परिवार कोरोना प्रोटोकॉल से ऊपर है?

उन्होंने यह भी कहा है कि यदि देश में कोरोना का नया प्रसार होता है तो इसके लिए कॉन्ग्रेस के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने तल्ख लहजे में कहा है “क्या कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता कोरोना को लेकर पहले की तरह गलत बातें फैलाना जारी रखने वाले हैं जैसा उन्होंने वैक्सीन को लेकर भी किया था।”

गौरतलब है कि बीते दिनों स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए भारत जोड़ो यात्रा को रोकने की अपील की थी। हालाँकि, राहुल गाँधी समेत तमाम कॉन्ग्रेसी नेताओं ने इस पर सियासत करनी शुरू कर दी थी।

बता दें कि राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शनिवार (24 दिसंब 2022) को दिल्ली पहुँच चुकी है। इस यात्रा में उनकी माँ सोनिया गाँधी और बहन प्रियंका गाँधी भी शामिल हुईं। यात्रा के दौरान राहुल ने हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर चादर चढ़ाई। दरगाह से जो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें भी राहुल ने न तो मास्क लगाया है और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए।