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चीन जैसे नहीं होंगे हालात, 2% भारतीय हो सकते हैं कोरोना+: चौथी लहर पर IIT प्रोफेसर का गणितीय मॉडल, पहले लगा चुके हैं सटीक आकलन

चीन में कोरोना की विस्फोटक स्थिति से पूरी दुनिया चिंतित है। अस्पतालों में बेड नहीं है। अंतिम संस्कार के लिए कब्रिस्तानों में लाइन लगी है। ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 और BA.5 से यह हालात पैदा हुए हैं। भारत में भी इसके कुछेक मामले सामने आ चुके हैं।

लेकिन आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का मानना है कि कोरोना की चौथी लहर की वजह से भारत में चीन जैसे हालात पैदा नहीं होंगे। उन्होंने बताया ​है कि करीब 2 प्रतिशत भारतीय खतरे में हैं, जबकि शेष 98 प्र​तिशत भारतीयों में कोविड से लड़ने के लिए इम्यूनिटी डेवलप हो चुकी है। प्रोफेसर अग्रवाल ने ट्विटर पर थ्रेड के जरिए अपने आकलन को शेयर किया है। उन्होंने अपने गणितीय मॉडल के जरिए पूर्व की लहरों का भी सटीक आकलन किया था।

साभार प्रो. मणींद्र अग्रवाल ट्विटर हैंडल

प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने ट्विटर थ्रेड के जरिए बताया है कि आने वाले समय में चीन के हालात और खराब होने वाले हैं। उनका मानना है चीन की 90 प्रतिशत जनसंख्या कोरोना संक्रमित हो सकती है। चीन में ओमिक्रॉन फैमिली का सब-वैरिएंट BF.7 फैला है, जो चीनी वैक्सीन के असर को निष्प्रभावी कर रहा है। यही वजह है कि चीन में स्थिति बेकाबू होती जा रही है।

प्रोफेसर अग्रवाल का मानना है कि नेचुरल इम्यूनिटी कोरोना के हर वेरिएंट को मात दे सकती है। उनका दावा है कि 98 प्रतिशत भारतीयों में नेचुरल इम्यूनिटी विकसित हो चुकी है। इसलिए भारतीयों को घबराने की जरूरत नहीं है। करीब 2 प्रतिशत भारतीयों पर ही ओमिक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 का ख़तरा है।

प्रोफेसर अग्रवाल ने यह भी बताया है कि भारतीयों के मुकाबले चीनी नागरिकों की इम्यूनिटी विकसित क्यों नहीं हो सकी। उनके मुताबिक चीन में जीरो कोविड पॉलिसी लागू की गई थी। इस पॉलिसी के तहत कोविड होने के बाद लोगों को बाहर आने की इजाजत नहीं दी गई। चीन की यही पॉलिसी उसके लिए खतरनाक साबित हो रही है। इसके उलट भारत में कोरोना से ठीक होने के बाद मरीजों पर बाहर निकलने के लिए प्रतिबंध नहीं लगाए गए। इसकी वजह से लोगों में तेजी के साथ नेचुरल इम्यूनिटी विकसित हुई। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा है कि एक समय के बाद नेचुरल इम्यूनिटी भी कम होने लगती है।

प्रोफेसर अग्रवाल का कोविड को लेकर पहले भी आकलन सही साबित हो चुका है। प्रोफेसर अग्रवाल और उनकी टीम ने कोरोना संक्रमण की स्टडी के लिए अपना गणितीय मॉडल ‘सूत्र’ ईजाद किया है। संक्रमण को लेकर पूर्वानुमान लगाने के लिए प्रोफेसर अग्रवाल की टीम कोरोना संक्रमण की शुरुआत से लेकर उसके चरम तक पहुँचने तक के आँकड़ों का गहन अध्ययन करती है। इसमें तकरीबन एक हफ्ते के केस पर अनुमान लगाते हुए एक मॉडल बनाया जाता है और अंत में परिणाम साझा किए जाते हैं।

Oscars तक पहली बार पहुँचा भारत का कोई गाना: RRR का ‘नाटू-नाटू’ शॉर्टलिस्ट, गुजराती फिल्म ‘छेल्लो शो’ का भी सूची में नाम

साउथ की ब्लॉकबस्टर फिल्म RRR का सुपरहिट गाना ‘नाटू-नाटू (Naatu-Naatu)’ ऑस्कर अवार्ड्स 2023 (Oscar Awards 2023) की ‘बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग (Best Original Song)’ कैटगरी की लिस्ट में शॉर्टलिस्ट हुआ है। ट्विटर पर आरआरआर मूवी के ट्विटर हैंडल ने खुद इस खबर की जानकारी दी है।

अपने ट्वीट में आरआरआर मूवी की ओर से लिखा गया, “नाटू-नाटू पहला भारतीय गाना है जो एकेडमी अवॉर्ड्स के लिए शॉर्टलिस्ट हुआ है। आप सब का इस पूरे सफर में साथ देने के लिए बहुत धन्यवाद।”

फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने भी इस खबर को साझा करते हुए लिखा, “क्या तरीका है दिन को शुरू करने का। आरआरआर फिल्म का नाटू-नाटू…2022 में जिसपर सबसे ज्यादा डांस हुए…ऑस्कर 2023 के ‘ओरिजनल सॉन्ग’ कैटेगरी के लिए शॉर्टलिस्ट हुआ है।”

उन्होंने एक ट्वीट में बताया कि गुजराती फिल्म ‘चे छेल्लो शो (लास्ट फिल्म शो)’ भी बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट हुई है।

बता दें कि तेलुगु फिल्म आरआरआर ने विश्व भर में 1200 करोड़ रुपए का बिजनेस किया था। ऑस्कर अवॉर्ड्स से पहले इस फिल्म को ‘गोल्डन ग्लोबल अवॉर्ड 2023’ की नॉमिनेशन लिस्ट में भी जगह मिल चुकी है। ये फिल्म ‘बेस्ट पिक्चर- नॉन इंग्लिश लैंगुएज’ और ‘ओरिजनल सॉन्ग-मोशन पिक्चर’ जैसी दो कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी। इसके अलावा लंदन क्रिटिक्स सर्कल अवार्ड में भी फिल्म ‘बेस्ट फॉरेशन लैंगुएज ऑफ द ईयर’ और ‘टेक्निकल अचीवमेंट अवार्ड (स्टंट्स)’ की लिस्ट में शामिल किया गया है।

अब ऑस्कर में नाम आने के बाद फिल्म निर्माताओं की ओर से उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया जिन्होंने इस फिल्म को पसंद किया, जिनके कारण ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई और वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व कर पाई।

छात्रा को पहले फेल किया, फिर पास करने के लिए सेक्स का डाला दबाव: राजस्थान का प्रोफेसर पकड़ा गया, छात्र को बना रखा था दलाल

राजस्थान के कोटा में सेक्स की डिमांड करने वाला प्रोफेसर गिरीश परमार पकड़ा गया है। उस पर एक छात्रा को पहले फेल करने और फिर पास करने के बदले शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप है। पुलिस ने अर्पित अग्रवाल नाम के एक छात्र को भी पकड़ा है। बताया जा रहा है कि वह परमार के लिए बिचौलिए के तौर पर काम करता था।

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) में पढ़ने वाली बीटेक की छात्रा ने आरोप लगाया है कि गिरीश परमार नाम के एसोसिएट प्रोफेसर ने टेस्ट में अच्छे अंकों से पास करने के बदले उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। इसके लिए प्रोफेसर ने छात्रा के अर्पित नाम के सहपाठी का सहयोग लिया। छात्रा का आरोप है कि प्रोफेसर ने पहले तो उसे फाइनल ईयर के सेमेस्टर परीक्षा में फेल कर दिया। इसके बाद छात्रा को पास करवाने के बदले सेक्स की डिमांड की। अर्पित अग्रवाल प्रोफेसर का प्रस्ताव छात्रा तक पहुँचा रहा था। आहत छात्रा ने सारी बात अपने परिवारजनों को बता दी। जिसके बाद प्रोफेसर गिरीश परमार और अर्पित अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

प्रोफेसर पर मामला दर्ज होते ही कई और छात्राओं को टारगेट करने की बात भी सामने आई। पता चला है कि अर्पित के जरिए प्रोफेसर ने परीक्षा में पास करने की बात कह कर अन्य छात्राओं पर भी इसी तरह दबाव डाला था। एक अन्य छात्रा ने भी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट्स की मानें तो प्रोफेसर के खिलाफ कुछ ऑडियो क्लिप भी पुलिस के हाथ लगे हैं। इनकी जाँच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो गिरीश परमार लंबे समय से छात्राओं को फेल कर रहा है। फिर पास करने के एवज में सेक्स की डिमांड करता था।

47 साल का गिरीश परमार आईआईटीयन और गोल्ड मेडलिस्ट रहा है। गिरीश मूलतः श्रीगंगानगर का रहने वाला है। वहीं अर्पित अग्रवाल महावीर नगर का रहने वाला बताया जा रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि यूनिवर्सिटी ने पहले छात्रा के इल्ज़ाम को नकार दिया था। जिससे आरोपित एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार बचता रहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई छात्राओं ने तो उसके खिलाफ शिकायत ही नहीं दी। जिससे उसके हौसले बढ़ते गए। पुलिस के मुकदमा दर्ज कर लेने के बाद यूनिवर्सिटी भी सक्रिय हुई है। कहा जा रहा है कि यूनिवर्सिटी ने तीन सदस्यीय जाँच कमेटी बनाई है।

सुशांत की ‘मौत’ से पहले रिया को AU का 44 फोन कॉल: बाला साहेब शिवसेना के MP ने लोकसभा में बताया, आदित्य ठाकरे पर उठाए सवाल

अभिनेता सुशांत सिह राजपूत (sushant singh rajput) की मौत का मसला बुधवार (21 दिसंबर 2022) को संसद में उठा। लोकसभा में ड्रग्स पर चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पार्टी बाला साहेब शिवसेना के सासंद राहुल शेवाले ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने इस केस की सीबीआई जाँच के निष्कर्षों को लेकर सवाल पूछते हुए कहा कि सुशांत की मौत से पहले रिया चकवर्ती (Rhea Chakraborty) को AU का 44 बार कॉल आया था। उन्होंने पूछा कि क्या AU का मतलब आदित्य उद्धव से तो नहीं है।

दक्षिण-मध्य मुंबई के सांसद शेवाले के इन आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति को गर्मा दिया है। हालाँकि पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ने इसे सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी पार्टी के प्रति वफादार नहीं रहा उससे किसी तरह अपेक्षा नहीं की जा सकती। वैसे यह पहली बार नहीं है जब सुशांत और उनकी मैनेजर रही दिशा सालियान को लेकर आदित्य पर सवाल उठे हैं।

लोकसभा में सांसद राहुल शेवाले ने कहा, “रिया चक्रवर्ती को सुशांत की मौत से पहले 44 बार AU के नाम से फोन किया गया। रिया चक्रवर्ती की लीगल टीम ने AU को अनन्या उदास बताया था, लेकिन बिहार पुलिस की जाँच में AU का मतलब आदित्य उद्धव ठाकरे था। इसकी जाँच की जानी चाहिए और सच्चाई सामने आनी चाहिए।”

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जारी जाँच को लेकर अपडेट्स साझा नहीं किए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मामले में बिहार पुलिस, मुंबई पुलिस और सीबीआई ने जाँच की। लेकिन जनता के मन में इसे लेकर प्रश्न हैं। जैसे सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सीबीआई की जाँच कहाँ तक पहुँची? क्या सीबीआई की जाँच पूरी हो चुकी है? उन्होंने पूछा कि सुशांत सिंह राजपूत के शरीर पर चोट के निशान कैसे थे? सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के बीच फोन पर हुई बातचीत की जाँच की गई या नहीं? क्या रिया चक्रवर्ती के फोन की जाँच की गई? क्या यह सच है कि रिया एक राजनेता के संपर्क में थी?

लोकसभा में यह मामला उठाए जाने के बाद ठाकरे गुट के सांसदों ने ऐतराज जताया। ठाकरे ग्रुप के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से माँग की कि आदित्य और उद्धव ठाकरे पर लगाए गए आरोपों को सदन की कार्यवाही से बाहर किया जाए। इसके बाद स्पीकर ने राहुल शेवाले के आरोपों को सदन की कार्यवाही से अलग कर दिया।

पत्रकारों से बात करते हुए राहुल शेवाले ने संसद के बाहर भी ठाकरे परिवार पर हमला जारी रखा। उन्होंने आदित्य ठाकरे के हालिया बिहार दौरे पर भी सवाल उठाए। शेवाले ने पूछा कि आदित्य ठाकरे ने पटना में तेजस्वी यादव से मुलाकात क्यों की थी? इस बात की भी जाँच होनी चाहिए।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। मुंबई पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी। लेकिन 25 जुलाई 2020 को सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया और 5 अन्य पर बिहार के पटना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया था। इस केस की जॉंच को लेकर बिहार और मुंबई पुलिस में भी ठन गई थी। बाद में यह केस सीबीआई के हवाले कर दिया। शुरुआत से ही सुशांत की गर्लफ्रेंड रही रिया पर सवाल उठते रहे हैं। उन पर सुशांत को ड्रग्स मुहैया कराने के भी आरोप हैं। उन्हें कुछ समय जेल में भी बिताना पड़ा था। फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

खून, भगवान नरसिंह और जटिल समीकरण… वेदज्ञ गणितज्ञ, जिन्हें स्वयं महालक्ष्मी पढ़ाती थीं गणित: 100 साल में भी बन न पाए जो सवाल, मंदिर के फर्श पर उकेरते थे जवाब

भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन को भला कौन नहीं जानता, जिनकी जयंती 22 दिसंबर को ‘राष्ट्रीय गणित दिवस (National Mathematics Day)’ के रूप में मनाया जाता है। उन पर कई डॉक्यूमेंट्री और फ़िल्में भी बन चुकी हैं। गणित को लेकर उन्होंने एक से बढ़ कर एक सिद्धांत दिए। कई पुरानी समस्याओं को हल भी किया। उनके दिए कई समीकरणों पर आज तक शोध चल रहा है। मात्र 32 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था, लेकिन तब तक देश-विदेश में वो अपना डंका बजा चुके थे।

श्रीनिवास रामानुजन ने कई ऐसी गणितीय सवालों को हल किया, जिसे असंभव माना जाता था। उस समय के बड़े अंग्रेज गणितज्ञ गॉडफ्रे हैरोल्ड (GH) हार्डी ने पत्राचार के दौरान उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें कैम्ब्रिज बुलाने की व्यवस्था की। हार्डी का कहना है कि वो श्रीनिवास रामानुजन के थ्योरम्स से अवाक् रह गए थे। उनका कहना था कि इस तरह की चीज इससे पहले कभी नहीं देखी गई थी। निधन के 56 साल बाद जब श्रीनिवास रामानुजन की एक नोटबुक सामने आई थी, तो उस समय के दुनिया भर के गणितज्ञों में इसके कंटेंट चर्चा का विषय बने थे।

श्रीनिवास रामानुजन का ईश्वर में अटूट विश्वास था। आज भले ही भगवान राम या श्रीकृष्ण को मानने वालों को वामपंथी लोग गँवार बताते हैं और नास्तिक होने को बुद्धिजीवी होने की कसौटी मानते हैं, उन्हें श्रीनिवास रामानुजन के बारे में जानना चाहिए। नमक्कल की महालक्ष्मी उनकी पारिवारिक इष्टदेवी थीं और उनमें श्रीनिवास रामानुजन का अटूट विश्वास था। रामानुजन का कहना था कि उनके लिए उस गणितीय समीकरण का कोई मतलब नहीं है, जो ईश्वर की धरना का प्रतिनिधित्व नहीं करता हो। वो शुद्ध शाकाहारी थे।

भारत के अन्य प्राचीन गणितज्ञों की तरह ही श्रीनिवास रामानुजन गणितीय समीकरणों के अंतिम परिणाम तक पहुँचते थे और बीच की प्रक्रियाओं को नोट करने में उनकी खास दिलचस्पी नहीं होती थी। वो फॉर्मूला का केवल अंतिम परिणाम और एक मोटा-मोटी समरी ही रखते थे। उनका स्पष्ट कहना था कि उनकी प्रतिभा, ज्ञान और सारे गणितीय खोज नमक्कल की महालक्ष्मी की देन है। उन्होंने अपने एक सपने के बारे में भी बात की थी, जिसमें वो महालक्ष्मी के पति नरसिंह (भगवान विष्णु के अवतार) को भी देखते थे, जो खून की बूँदों से बने हुए दिखते थे।

उन्हें ‘Highly Composite Numbers’ पर शोध करने के लिए PhD मिला था। वो यूनाइटेड किंगडम की ‘रॉयल सोसाइटी’ के दूसरे भारतीय फेलो थे और सबसे युवा भी। कैम्ब्रिज स्थित ट्रिनिटी कॉलेज में चुने जाने वाले भी वो पहले भारतीय फेलो थे। असल में जब श्रीनिवास रामानुजन सपने में रक्त को देखते थे। अक्सर इस तरह की हिंसक चीजों को देखने से कोई भी इसे अशुभ का सूचक मान लेगा। लेकिन, रामानुजन को खून की बूँदों से बने भगवान नरसिंह दिखते थे।

श्रीनिवास रामानुजन का कहना था कि सोते समय महालक्ष्मी खुद उनके साथ बैठती हैं और उन्हें गणितीय समीकरणों को हल कर के बताती हैं। सपने में उन्हें महालक्ष्मी का हाथ दिखता था, जिससे वो कुछ लिखती रहती थीं और ये गणित से ही जुड़ा होता था। नामगिरी या नमक्कल – ये महालक्ष्मी के ही नाम हैं। नरसिंह द्वारा हिरण्यकश्यप का सीना चीरने की कहानी तो सभी को पता है, ऐसे में क्या नरसिंह का स्वरूप रक्त का दिखना रामानुजन के लिए कोई सन्देश होता था या इसमें उनके भविष्य के लिए कोई संकेत छिपा था – इस पर चर्चा होती रहती है।

इंग्लैंड में रहने के दौरान भी श्रीनिवास रामानुजन प्रतिदिन सुबह उठ कर स्नान करते थे और महालक्ष्मी की पूजा करते थे। ठंड प्रदेश इंग्लैंड में रोज नहाना असामान्य बात थी और वहाँ के वातावरण में खानपान के कारण भी रामानुजन अभ्यस्त नहीं हो पाए और उन्हें बीमारियों ने घेर लिया था। रामानुजन ने अपने अलप जीवन काल में 3900 के करीब फॉर्मूले/समीकरण दिए, जिनमें से लगभग सभी सही साबित हुए। असल में श्रीनिवास रामानुजन की माँ भी नामगिरी देवी की भक्त थीं।

श्रीनिवास रामानुजन के माता-पिता ने भी माँ नामगिरी के मंदिर जाकर प्रार्थना की थी, जब शादी के कई वर्षों बाद तक भी उन्हें संतान नहीं हुई थी। उनकी माँ और दादी इस बात पर विश्वास करती थीं कि महालक्ष्मी ही उन्हें गणितीय समीकरणों से रूबरू कराती हैं। जब हार्डी ने रामानुजन को कैम्ब्रिज बुलाया था, तब भी रामानुजन नमक्कल स्थित महालक्ष्मी मंदिर पहुँचे थे और कहते हैं कि 3 दिनों बाद समुद्री यात्रा के लिए देवी से उन्हें अनुमति मिली थी।

श्रीनिवास रामानुजन सभी वेदों, उपनिषदों और कई अन्य हिन्दू साहित्यों में पारंगत थे। सोचिए, जिसके बारे में ‘The Man Who Knew Infinity’ कहा जाता है, उसकी महालक्ष्मी में इस तरह की आस्था थी और अपने धर्म में उन्हें इतना विश्वास था। श्रीनिवास रामानुजन कहते थे कि उनकी जिह्वा पर गणितीय समीकरण नमक्कल की नामगिरी महालक्ष्मी ही डालती हैं। वो अक्सर मंदिर में बैठ कर गणित के समीकरणों को हल करते थे।

अमेरिकी लेखक डेविड लेविट श्रीनिवास रामानुजन के एक दोस्त के हवाले से लिखते हैं कि उसने जब एक बार मंदिर में जाकर देखा तो पाया था कि रामानुजन कुछ लिख रहे हैं और उनके चारों तरफ जमीन पर आकृतियाँ बनी हुई हैं। असल में ये गणित के ही समीकरण और फॉर्मूले थे, जिन्हें उन्होंने चॉक से मंदिर की ही फर्श पर लिख रखा था। कई बार ऐसा होता था कि श्रीनिवास रामानुजन कुछ दिनों के लिए गायब हो जाते थे और कई दिनों के बाद लौटते थे।

उनके पड़ोसी उन्हें इस हरकत के लिए सनकी समझने लगे थे। उनका कहना था कि जितनी भी संख्याएँ हैं, वो हमें किसी उच्च-सत्ता से संपर्क कराती हैं। श्रीनिवास रामानुजन की प्रतिभा और उनकी मेहनत को कोई उनसे नहीं छीन सकता, लेकिन ये चर्चा अवश्य होती है कि क्या कोई दैवी शक्ति उनका साथ दे रही थी? ऐसी कोई शक्ति साथ दे, इसके लिए भी मनुष्य में उस तरह की निष्ठा, प्रतिभा, लगन और काफी कुछ ख़ास होना चाहिए।

श्रीनिवास रामानुजन अक्सर गहन ध्यान करते थे, जिसे आजकल मैडिटेशन भी कहते हैं। 100 साल से हजारों गणितज्ञ जिन समस्याओं के हल के खोज कर रहे थे, उन्हें भारत के इस महान गणितज्ञ ने चुटकियों में हल किया। इन गणितीय समस्याओं को हल करने के लिए बीच की प्रक्रिया में लिखने के लिए कई पन्ने लगते, शायद इसीलिए शुरुआती समय में गरीबी के कारण उन्होंने परिणाम और संक्षिप्त विवरण पर ही ध्यान दिया हो, ये भी हो सकता है। वो गणना के लिए स्लेट का उपयोग करते थे।

जनजातीय समाज की हिन्दू नाबालिग लड़की को ब्लैकमेल कर रहा था फैजान, मंगेतर को भेज दी तस्वीर-वीडियो: MP पुलिस ने दबोचा

मध्य प्रदेश के धार में एक मुस्लिम शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उस पर जनजातीय समाज की एक नाबालिग लड़की ने ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी कि जब उसने फैजान नाम के शख्स से बातचीत बंद कर दी तो उसने साथ में ली गई कुछ तस्वीर और वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

मामला धार के निसरपुर का है। जहाँ उसकी 17 साल की जनजातीय समाज की लड़की से फैजान नाम के शख्स ने दोस्ती कर ली। दोस्ती के बाद फैजान ने लड़की के साथ कुछ तस्वीरें खींच ली और वीडियो भी बना लिया। इस बीच लड़की के घर वालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। इसके बाद लड़की ने फैजान से दोस्ती तोड़ दी और बात करने से मना कर दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित व्हाट्सएप्प और टैक्स्ट मैसेज के माध्यम से लड़की पर बातचीत करने का दबाव बनाने लगा। साथ ही फैजान फोन लगाकर धमकी भी देता था, “यदि मुझसे बातचीत नहीं करेगी तो अपने साथ लिए फोटो और वीडियो वायरल कर दूँगा। पीड़िता ने आरोपित की धमकी से आहत होकर फोन, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।

नंबर ब्लॉक होने के बाद आरोपित फैजान ने पीड़िता के मंगेतर को फोटो भेज दिए। इसके बाद भी पीड़िता ने उससे बात नहीं की। इस पर फैजान ने अन्य लोगों को भी तस्वीर भेजने की धमकी दी। वहीं मंगेतर को फोटो मिलने के बाद पीड़िता ने परिजनों को सारी कहानी बता दी। परिजन नाबालिग पीड़िता को लेकर निसरपुर पुलिस चौकी पर पहुँचे जहाँ फैजान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। फैजान को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के मुख्मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में कहा था कि मध्य प्रदेश में जनजातीय समाज की जमीन हथियाने के लिए एक मजहब विशेष के लोग घिनौना खेल खेल रहे हैं।

‘विदेशी फंडिंग से देश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहे जो NGO, उनके प्रति कोई नरमी नहीं’: संसद में गरजे अमित शाह – ये कॉन्ग्रेस नहीं, मोदी सरकार है

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार वैसे गैर-सरकारी संगठनों के प्रति कोई दया नहीं दिखाएगी जो विदेशी फंडिंग की मदद से देश की जनसांख्यिकी को बदलने और सामाजिक गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा यह कॉन्ग्रेस नहीं, मोदी सरकार है।

खाड़ी देशों से आता है ड्रग्स- अमित शाह

लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को गृह मंत्री अमित शाह ने देश में ड्रग्स की समस्या और इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से बात की। गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रग्स के मुद्दे पर संसद में कहा कि इसे लेकर कोई सियासत नहीं होनी चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ड्रग के कारोबार और उसके मुनाफे से होने वाले आतंकवाद को मोदी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रग्स बच्चों को अपना शिकार बनाता है और नस्लें बर्बाद होती हैं।

अपने संबोधन में अमित शाह ने जानकारी दी कि देश में खाड़ी देशों से बड़े स्तर पर ड्रग्स की खेप भेजी जाती है। इस सिलसिले में 12 राज्यों में छापेमारी हुई और ड्रग्स तस्करी में शामिल लोगों को गिरफ्ताक किया गया। उन्होंने कहा कि हमने राज्यों में ड्रग नेटवर्क की मैपिंग की है। उन्होंने भरोसा दिया कि अगले 2 सालों में बड़ा से बड़ा अपराधी सलाखों के पीछे होगा।

अपने संबोधन के दौरान नाराज़ हो गए अमित शाह

जब अमित शाह अपनी बात रख रहे थे उस बीच टीएमसी सांसद सौगत राय ने टोका-टाकी शुरू कर दी। बीच भाषण में इस टोका-टाकी से अमित शाह नाराज़ हो गए। अमित शाह ने कहा कि बीच में टोका – टाकी ठीक नहीं है। यह न आपकी उम्र के लिए ठीक है न ही आपकी सीनियरिटी के लिए। अमित शाह ने कहा यदि आप बोलना चाहते हैं तो मैं बैठ जाता हूँ। अमित शाह ने इस दौरान विषय की गंभीरता समझने का भी आग्रह किया और आगे अपनी बात रखी।

कई बार बड़ों को भी समझाना पड़ता है

टोका-टाकी पर अमित शाह के नाराज़ होने के बाद विपक्ष के एक सांसद ने पूछा कि आप इतने नाराज क्यों होते हैं। इस पर अमित शाह ने कहा, “मैं नाराज़ नहीं हो रहा हूँ, समझा रहा हूँ कई बार बड़ों को भी समझाना पड़ता है।” इसके बाद सदन में टोका-टाकी बंद हो गई और अमित शाह ने ड्रग्स के मुद्दे पर अपनी बात पूरी की।

डेमोग्राफी चेंज पर अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ एनजीओ विदेशी चंदा लेकर देश में जनसांख्यिकी बदलने (डेमोग्राफी चेंज) करने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ एनजीओ ऐसे हैं जो भारतीय समाज को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार देश की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश कर रहे गैर सरकारी संगठनों के प्रति कोई दया नहीं दिखाएगी। विदेशी फंडिंग के माध्यम से सामाजिक गड़बड़ी फैलाने वाले संगठनों पर कार्रवाई होगी।

अमित शाह ने कहा कि संगठों को विदेशी योगदान अधिनियम (FCRA) का पालन करना ही होगा जो FCRA का पालन नहीं करेंगे उनके साथ सख्‍ती की जाएगी। विदेशी फंडिंग पर अब सरकार की निगरानी होगी। अमित शाह ने कहा, “यह नरेंद्र मोदी की सरकार है, देश को खत्म करने के लिए देश में एक पाई भी हम नहीं आने देंगे।”

कोरोना → ओमिक्रॉन → BF.7: जिस वैरिएंट के सामने चीनी वैक्सीन नाकाम, भारत में भी मिले उसके केस: स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी बैठक, जापान में 10 लाख संक्रमित

चीन से शुरू हुई कोरोना नाम की आफत ने एक बार फिर से दुनिया को खौफजदा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 और BA.5 ने कहर बरपाया हुआ है। वहीं गुजरात के वडोदरा में भी BF.7 सब वेरिएंट के एक मामले की पुष्टि हुई है। गुजरात से ही कोरोना के 2 अन्य मामले भी सामने आए हैं कहा जा रहा है कि वो भी कोरोना के BF.7 सब वेरिएंट से पीड़ित हैं। हालाँकि, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

चीन में कोरोना ने नए सिरे से कहर मचाना शुरू किया है। चीन के मौजूदा हालात ने भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। इसे लेकर बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई गई। मीटिंग के दौरान देश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ भारती पवार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोविड को लेकर हर हफ्ते समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही गई है।

बैठक के बाद मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि हम किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को पत्र लिखा है और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने के लिए कहा है। उन्होंने दावा किया है कि भारत जोड़ो यात्रा में कई लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में कोविड दिशानिर्देशों का पालन हो अन्यथा यात्रा को रद्द कर दें।

चीन की बात करें तो वहाँ ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ के खत्म होते ही कोरोना विस्फोट हुआ है। कुछ ही दिनों में लाखों लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। कहा यह भी जा रहा है कि कोरोना से बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है, लेकिन चीन इन आँकड़ों को छिपा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि अस्पतालों के बेड भरे हुए हैं। मरीजों का इलाज फर्श पर किया जा रहा है। कब्रिस्तानों और अंतिम संस्कार वाले दूसरे स्थल भरे हुए हैं।

एपिडेमोलॉजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) एरिक फीगल डिंग ने चीन में अचानक कोरोना के बढ़ते मामलों की प्रमुख वजहों में चीन में एंटी-कोरोना वैक्सीन को ठहराया है। उनका कहना है कि कोरोना को रोकने में चीनी वैक्सीन नाकाम रही है। इससे कोरोना के साथ उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को बढ़ने में मदद मिल रही है।

दूसरी तरफ चीन के साथ-साथ जापान में भी कोरोना का प्रकोप देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स पर भरोसा करें तो पिछले एक हफ्ते में यहाँ 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। इस दौरान महामारी ने 1687 लोगों की जान ली है। जापान में एक हफ्ते के अंदर संक्रमितों और मृतकों की संख्या में 18 प्रतिशत की उछाल देखी गई है। जापान के अलावा दक्षिण कोरिया और फ्राँस में भी हफ्ते भर में लाखों लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पिछले सात दिनों में दक्षिण कोरिया में 4 लाख 61 हजार लोगो कोरोना पॉजिटिव हुए वहीं फ्राँस में 3 लाख 58 हजार लोगों को कोरोना हुआ।

मियाँ-बीवी पर फैसले को लेकर पंचायत में चले लात-घूँसे, ई-रिक्शा चालक अब्दुल्लाह ने महिला के घर में घुस की मारपीट, मिस्त्री ने खुद को डॉक्टर बता हिन्दू युवती को फाँसा

देश के अलग-अलग हिस्सों से महिलाओं के साथ हिंसा संबंधित 3 ताज़ा मामले सामने आए हैं। जहाँ मेरठ में पति-पत्नी का विवाद सुलझाने बैठी पंचायत आपस में ही भिड़ गई, वहीं प्रयागराज में एक महिला का नंबर लोगों को बाँटने के आरोपित ई-रिक्शा चालक ने घर में घुस पर मारपीट की। तीसरी घटना राजस्थान के जयपुर की है, जहाँ एक दुकान पर काम करने वाले व्यक्ति पर खुद को डॉक्टर बताते हुए महिला से शादी करने का आरोप है।

पति-पत्नी का झगड़ा सुलझाने वाले खुद भिड़े

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र का है। यहाँ के समर गार्डन में रहने वाली बिलाल का निकाह 5 साल पहले परतापुर की आसमाँ से हुआ था। कुछ ही दिनों बाद दोनों में आए दिन झगड़े शुरू हो गए। 8 माह पहले आसमाँ अपने मायके चली आई, जिसको ले कर दोनों पक्षों में मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को पंचायत थी। इसी पंचायत के दौरान किसी बात पर लड़की और लड़के के पक्ष वाले आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में लात-घूँसे और ईंट-पत्थर चलने लगे।

इस घटना में कुल 6 लोगों के घायल होने की खबर है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का केस दर्ज करवाया है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है।

ई रिक्शा वाले ने बाँटे नंबर, फिर की मारपीट

वहीं दूसरा मामला प्रयागराज से है। यहाँ एक महिला ने अब्दुल्लाह नाम के ई-रिक्शा वाले से अपना सामान घर पहुँचाने के लिए कहा था। इस दौरान महिला ने अब्दुल्लाह के नंबर पर फोन भी किया था। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक अब्दुल्लाह ने महिला का नंबर कई लोगों को बाँट दिया जिस से उसके पास अश्लील मैसेज आने लगे। पीड़िता ने अब्दुल्लाह की माँ से इस हरकत की शिकायत की जिस से वो नाराज हो उठा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक अब्दुल्लाह उसके घर में तारा, राजा, समीर और अशफाक को ले कर घुस गया। इस दौरान इन सभी आरोपितों ने पीड़िता के घर पर तोड़फोड़ की और मना करने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। जाते-जाते अब्दुल्लाह पीड़िता का फोन तोड़ कर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दिया। पुलिस ने सभी 5 आरोपितों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

डॉक्टर बन कर दुकान पर नौकर ने महिला अधिकारी से की शादी

तीसरा मामला राजस्थान के जयपुर का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ एक तलाकशुदा हिन्दू महिला के पिता ने अपनी बेटी के साथ लव-जिहाद का आरोप लगाया है। महिला अधिकारी के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी 25 वर्षीया बेटी कोविड में लगे लॉकडाउन के दौरान अकेलेपन के चलते डिप्रेशन में चली गई थी। इस दौरान लड़की ने अलवर से झाड़ फूँक के लिए एक मौलवी बुलाया था। मौलवी अपने साथ एक अन्य युवक को ले कर आया था जिसने खुद को दिल्ली का मनोचिकित्स्क डॉक्टर बताया था।

लड़की के पिता का आरोप है कि खुद को डॉक्टर बता रहा युवक असल में मोटर पार्ट्स की दुकान पर काम करने वाला एक मैकेनिक है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपित ने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फँसा लिया और अब दोनों रजिस्टर्ड शादी करने जा रहे हैं। शादी पूर्व मिली नोटिस से लड़की के घर वालों को इस पूरे मामले की जानकारी हुई। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस महिला अधिकारी के पास जाँच करने पहुँची तो वो नाराज हो गई। खुद को तलाकशुदा बताते हुए महिला अधिकारी ने युवक के साथ अपनी मर्जी से रहने की जानकारी दी।

महिला के इस जवाब पर पुलिस ने शिकायतकर्ता पिता को भी कानून कोई विकल्प न होने की जानकारी देते हुए किसी भी कार्रवाई में असमर्थता जताई।

‘पैगंबर मुहम्मद पर फिल्म बनाने का दम नहीं, सनातन का अपमान कर कमाते हैं पैसे’: महंत ने शाहरुख़ खान को ललकारा, कहा – मिल गया तो ज़िंदा जला दूँगा

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म ‘पठान’ के ‘बेशरम रंग’ गाने के दृश्यों और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की भगवा बिकिनी पर विवाद जारी है। हिंदू संगठनों, उलेमा बोर्ड, अयोध्या के महंत राजू दास और आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान के बाद अब महंत परमहंस आचार्य ने शाहरुख खान की फिल्म के गाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को मीडियाकर्मियों से कहा कि शाहरुख खान अपने पैगंबर मुहम्मद पर कोई फिल्म क्यों नहीं बनाता है।

उन्होंने कहा कि अगर शाहरुख उन्हें मिल गया, तो वह उसे जिंदा जला देंगे। महंत ने कहा कि अगर किसी और ने उसे जलाने का साहस किया तो उसका मुकदमा भी वह खुद लड़ेंगे। इसके साथ ही महंत ने कहा कि जिस सिनेमा हॉल में ‘पठान’ फिल्म दिखाई जाएगी, उस हॉल को फूँक दिया जाएगा। उन्होंने दर्शकों से भी अपील की कि वे सनातन धर्म का अपमान करने वालों की फिल्म को किसी भी थिएटर में रिलीज ना होने दें।

सोशल मीडिया पर ‘महंत परमहंस आचार्य’ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कहते हैं, “पठान फिल्म में हमारे भगवा रंग का अपमान किया गया है। इसको लेकर लगातार हमारे सनातन धर्म वाले विरोध कर रहे हैं। मैं अयोध्या में तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य, आज हमने शाहरुख खान का पोस्टर जलाया है और मैं उसे खोज रहा हूँ अगर वो मुझे कहीं मिल गया फिल्म जिहादी शाहरुख खान, तो मैं उसको जिंदा जला दूँगा। अगर किसी और ने उसे जलाने का साहस किया तो मैं स्वयं उसका मुकदमा लड़ूँगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपील करता हूँ कि इस तरह की जो भी फिल्में और वेब सीरीज बन रही हैं, उनका पूर्ण रूप से बहिष्कार होना चाहिए। मैं कहता हूँ कि शाहरुख खान तो इस्लाम से आता है, वह अपने मुहम्मद साहब पर कोई टिप्पणी करके बता दे। पैगंबर मुहम्मद पर कोई फिल्म या फिर वेब सीरीज बनाकर दिखा दे। किसी में दम नहीं है, केवल सनातन धर्म का अपमान करके ये पैसा कमाते हैं।”

​’इन जिहादियों का वध हमारे हाथों होगा’

महंत परमहंस आचार्य ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर सनातन धर्म का अपमान करोगे, तो तुम्हें सजा-ए-मौत देने के लिए हम लोग तैयार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रभु श्रीराम ने राक्षसों का वध किया। भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसों का वध किया। महंत ने ऐलान किया कि जैसे हनुमान जी ने और भगवान शिव ने राक्षसों का वध किया, अब वैसे ही साधु-संत, जो सनातन विरोधी जिहादी हैं, इनका वध करने के लिए तैयार हैं। अगर ‘पठान’ फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका गया, तो निश्चित रूप से हमारे हाथों ​इन जिहादियों का वध होगा।

‘मुस्लिम चिश्ती रंग की दीपिका ने पहनी बिकिनी’

गौरतलब है कि बीते दिनों आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान ने भी दीपिका की भगवा बिकिनी और बेशरम रंग गाने के दृश्यों पर एतराज जताते हुए इसे अपने मजहब का अपमान बताया था। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में इसकी शिकायत भी की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि हिंदू समाज जिसे भगवा रंग बोल रहा है, दरअसल, वह मुस्लिम समुदाय के लिए भी बहुत मायने रखता है। यह मुस्लिम समुदाय के लिए चिश्ती रंग भी है। इस देश में सभी को इस रंग का सम्मान करना चाहिए। इससे पहले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और अयोध्या के महंत राजू दास भी इस गाने का विरोध कर चुके हैं।

महंत ने दर्शकों से अपील की थी, “मैं चाहता हूँ कि आप लोग ऐसी फिल्मों का बहिष्कार करो और जहाँ भी, जिस भी थिएटर में ये लगे उसको फूँक दो। नहीं फूँकोगे, तो ये मानने वाले नहीं हैं। जैसे को तैसा करना पड़ता है। दुष्टों के साथ जब तक दुष्टतापूर्वक व्यवहार नहीं करोगे, तो इसके ऊपर आप कंट्रोल नहीं लगा सकते।”