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सिर्फ मजदूरी माँग रहे थे दिवाकर यादव, मुस्तकीम ने जानलेवा हमला करवा दिया: 4 माह कोमा में रहने के बाद अस्पताल में मौत, 3 जेल में

देश की राजधानी दिल्ली में 28 अगस्त 2022 को मुस्तकीम, मुतरर्फ और मंसूर के हमले में घायल मजदूर दिवाकर यादव की मौत हो गई है। तीन माह पहले दिवाकर ने अपनी बकाया मजदूरी माँगी थी जिसके बाद तीनों आरोपितों ने अपने साथियों सहित उसे बेरहमी से पीटा। तब से पीड़ित कोमा में था और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इस मामले में तीनों आरोपित घटना के बाद से ही जेल में हैं। दिवाकर की मौत शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को हुई है।

इस घटना की FIR मृतक के भाई राजकुमार यादव ने दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि मृतक 34 वर्षीय दिवाकर यादव अपने परिवार के साथ दिल्ली में मजदूरी का काम करते थे। वो मूल रूप से बिहार में बाँका जिले के रहने वाले थे। मौत से पहले दिवाकर मालवीय नगर स्थित पंचशील विहार प्रॉपर्टी पर राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। यहाँ आसिफ ठेकेदार और मुस्तकीम ने उनका 25 हजार रुपए पैसा बकाया कर दिया। दिवाकर आरोपितों से इसी पैसे की माँग कर रहे थे।

पीड़ित परिजनों का आरोप है कि 28 अगस्त को आसिफ और मुस्तकीम ने दिवाकर को उनके पैसों का हिसाब करने रात 8 बजे बुलाया था। इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी गर्मागर्मी के बीच पुलिस आ गई। पुलिस दिवाकर को ले कर साईंबाबा मंदिर स्थित पुलिस चौकी पर पहुँची। कुछ देर बाद पुलिस चौकी पर फराद नाम का बिल्डर आया। उसने पुलिस के आगे 2 दिनों में दिवाकर का हिसाब करने का वादा किया। फराद की बात पर विश्वास कर के सभी लोग पुलिस चौकी से वापस लौटने लगे।

शिकायत में आगे बताया गया है कि वापस लौटने के दौरान मुस्तकीम और उसके भाई ने अपने साथियों को दिवाकर पर हमले के लिए उकसाया और मुतरर्फ और मंसूर ने दिवाकर पर हमला बोल दिया। हमले से पहले दिवाकर को ऊपर भेजने की बात हुई। इसके बाद आरोपितों ने सड़क के किनारे पड़े पत्थरों को हथियार बनाया। हमले में दिवाकर बुरी तरह से घायल हो गए जिन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। इसके अलावा ऑपइंडिया के पास कुछ वीडियो भी मौजूद हैं जिसमें हमले से पहले दिवाकर यादव और आरोपितों के बीच पैसे को ले कर बहस और गाली-गलौज हो रही है।

बताया जा रहा है कि तब से दिवाकर लगातार कोमा में चल रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की पर वो नाकाम रहे। आखिरकार दिवाकर ने 23 दिसंबर को दम तोड़ दिया। दिवाकर की मौत के बाद उनके परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव को बिहार ले गए हैं। इस घटना में दिवाकर की तरफ से पैरवी के लिए थाने पहुँचे एडवोकेट राकेश शर्मा ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि पीड़ित परिजनों के अंतिम संस्कार से आने की प्रतीक्षा की जा रही है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि केस को IPC की धारा 302 में तरमीम करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में 3 आरोपित जेल में बताए जा रहे हैं।

ऑपइंडिया से बात करते हुए दिल्ली पुलिस SHO मालवीय नगर इंस्पेक्टर कुमार कान्त मिश्रा ने बताया कि केस में पहले से ही चार्जशीट फाइल है। SHO के मुताबिक आरोपितों पर IPC की धारा 302 बढ़ाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ कागजात भेज दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि केस में नामजद 3 आरोपित पहले से जेल में हैं।

इधर पुलिस पर गाड़ी चढ़ा रहे शराब माफिया, उधर क्रिसमस कैरोल में व्यस्त हैं CM नीतीश कुमार: सारण में दवाओं की आड़ में दारू की तस्करी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने शनिवार (24 दिसंबर 2021) को अपने आधिकारिक आवास पटना के 1 अणे मार्ग पर क्रिसमस पार्टी का आयोजन किया। सीएम ने क्रिसमस कैरोल और सांता क्लॉज के साथ पार्टी एन्जॉय की। इस दौरान प्रदेश में शराब माफियाओं के हौसले बुलंद रहे और उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी रौंदने की कोशिश की।

नीतीश कुमार जिस वक्त क्रिसमस कैरोल का आनंद ले रहे थे, उस वक्त प्रदेश में जहरीली शराब पीकर मरे 38 लोगों के परिजन न्याय की आस में ‘सरकार’ की ओर देख रहे थे। वहीं, भागलपुर में शराब तस्करों में पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाकर उन्हें रौंदने की कोशिश की।

उधर सारण के जहरीली शराब कांड में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों में पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड भी शामिल है। यह मास्टरमाइंड होम्योपैथी के एक डॉक्टर का कंपाउंडर है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। मामले की जाँच कर रही SIT ने पहले 9 लोगों को गिरफ्तार किया था।

आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस के एक गाड़ी भी जब्त की है। इस गाड़ी का इस्तेमाल इलाके में शराब की आपूर्ति करने के लिए किया जाता था। इसके साथ ही इसका इस्तेमाल शराब बनाने के लिए उत्तर प्रदेश से रसायनों के लाने के लिए भी किया जाता था।

सारण के SP के अनुसार, शुरुआती जाँच में पता है चला कि मुख्य आरोपित अपने साथियों की मदद से होम्योपैथी दवा और चीनी मिलाकर नकली शराब बनाता था। इसके बाद अपने सहयोगियों के माध्यम से इस अवैध शराब की आपूर्ति जिले के कई इलाकों में करता था।

जहरीली शराब कांड के बाद एक्शन में दिख रही बिहार पुलिस पर भागलपुर में तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। पुलिसकर्मियों ने तस्करों का पीछा किया। इसके बाद वे गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। गाड़ी के डिटेल के आधार पर तस्करों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

चीन-जापान से आने वालों के लिए RT-PCR टेस्ट, क्वारंटाइन वाला नियम भी वापस आया: चीन में 1 दिन में 3.70 करोड़ हो सकते हैं कोरोना पॉजिटिव

चीन के साथ-साथ जापान और अमेरिका समेत दुनिया के अन्य देशों में भी कोरोना के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में भारत में भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। भले ही हमारे देश में कोरोना के मामले में उछाल नहीं देखा गया है, लेकिन कोविड के खतरे से इनकार भी नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है।

शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) को कोरोना वायरस को लेकर केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ मीटिंग की। इस दौरान केंद्र ने ट्रिपल टी (टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट) का फॉर्मूला दिया। सरकार ने राज्य सरकारों से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करवाने की अपील की है। सरकार ने 27 दिसंबर, 2022 से सभी राज्यों को मॉकड्रिल करने की अपील की है।

शनिवार (24 दिसंबर, 2022) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कुछ नए दिशानिर्देशों की घोषणा की है। विदेश से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर जाँच अनिवार्य कर दी गई है। सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक, 12 साल से कम उम्र के बच्चों को रैंडम कोरोना वायरस टेस्ट से छूट दी गई है। गाइडलाइन्स के मुताबिक, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हॉन्गकॉन्ग और थाईलैंड से भारत आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR टेस्ट जरूरी कर दी गई है।

इस दौरान यदि किसी यात्री में कोरोना के लक्षण मिले तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया है कि एयरपोर्ट पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। साथ ही एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी।

पिछले 24 घंटों में देश भर में कोरोना के 201 नए मामले सामने आए हैं। वहीं चीन में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। चीन के लगभग सभी बड़े शहर कोरोना की चपेट में हैं। अस्पतालों में लोग बेड के लिए तरस रहे हैं। ‘ब्लूमबर्ग’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में लगभग 37 मिलियन, यानी 3 करोड़ 70 लाख लोग एक ही दिन में कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं। अनुमान के मुताबिक चीन दुनिया के अब तक के सबसे बुरे हालात का सामना करने जा रहा है।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की हुई एक बैठक के हवाले से बताया गया है कि दिसंबर के पहले 20 दिनों में लगभग 24.8 करोड़ लोग, या लगभग 18 प्रतिशत आबादी के वायरस से संक्रमित होने की संभावना है। ख़बरें हैं कि चीन में कोरोना पॉजिटिव आने वाले ऐसे लोगों को काम पर जाने की इजाजत दी गई है जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। इससे हालात बिगड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। यदि अनुमान सही साबित होते हैं तो चीन में संक्रमण दर जनवरी 2022 में स्थापित लगभग 40 लाख के पिछले दैनिक रिकॉर्ड को तोड़ देगी।

ब्रिटेन स्थित रिसर्च कंपनी एयरफिनिटी (Airfinity) ने भी दावा किया है कि चीन में हर दिन कोरोना इंफेक्शन (Corona) के लगभग 10 लाख नए मामले आ रहे हैं। वहीं, हर रोज 5000 लोगों की मौत हो रही है। एयरफिनिटी का दावा है कि उसने चीन के क्षेत्रीय आँकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। फर्म का दावा है कि चीन में मौजूदा दैनिक संक्रमण एक मिलियन (10 लाख) से अधिक है, जो जनवरी के आखिर तक 37 लाख तक पहुँच सकती है। एयरफिनिटी का अंदाजा है कि कोरोना के इस लहर से चीन में 10 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है।

‘अब सामने आएगा सच’: ज्ञानवापी की तरह शाही ईदगाह के सर्वे का अदालत ने दिया आदेश, कोर्ट में पेश हुआ श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर तोड़े जाने तक का इतिहास

मथुरा की सीनियर डिवीजन कोर्ट में शनिवार (24 दिसंबर, 2022) को ‘हिंदू सेना’ की याचिका पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई में अदालत ने ज्ञानवापी ढाँचे की ही तरह ईदगाह का अमीन सर्वेक्षण कराने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2023 को होगी। इससे पहले ही, सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करनी होगी।

इस मामले में, ‘हिंदू सेना’ के वकील शैलेश दुबे का कहना है कि इस माह की शुरुआत में 8 दिसंबर को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता एवं उपाध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने सिविल जज सीनियर डिवीजन (III) की जस्टिस सोनिका वर्मा की अदालत में श्री कृष्ण जन्मभूमि को लेकर दावा पेश किया था।

वकील शैलेश दुबे ने यह भी कहा है कि ‘हिंदू सेना’ की ओर से किए गए इस दावे में कहा गया था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ जमीन पर मंदिर बना हुआ था। इस मंदिर को औरंगजेब ने तोड़ दिया था और ईदगाह बनवा दी थी। हिंदू सेना की ओर से अदालत में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर मंदिर बनने तक का पूरा इतिहास प्रस्तुत किया गया। उन्होंने यह भी कहा है कि हिंदू सेना ने अदालत से साल 1968 में ‘श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ’ और शाही ईदगाह के बीच हुए समझौते को भी अवैध बताते हुए निरस्त करने की माँग की है।

शैलेश दुबे का यह भी कहना है कि जस्टिस सोनिका वर्मा की अदालत ने ‘हिंदू सेना’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए अमीन को आदेश दिया है कि वह विवादित स्थल का सर्वे कर 20 जनवरी, 2023 से पहले रिपोर्ट प्रस्तुत करे। कहा जा रहा है कि इससे पहले भी कई लोगों ने एक अन्य अदालत में ऐसी ही माँग वाली याचिका दाखिल की थी। हालाँकि, अब तक उन याचिकाओं पर कोई फैसला नहीं आया।

दरअसल, हिंदू पक्ष का दावा है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की जमीन में बनी शाही ईदगाह में स्वास्तिक का चिह्न और मंदिर होने के प्रतीक हैं। साथ ही, यह दावा भी किया जाता रहा है कि मस्जिद के नीचे भगवान का गर्भ गृह है। VHP ने सर्वे वाले फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे सत्य सामने आएगा और न्यायालय को निर्णय लेने में आसानी होगी।

ज्ञानवापी ढाँचे का भी हुआ है सर्वे

गौरतलब है कि बहुचर्चित श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी ढाँचा मामले में भी याचिका दायर कर सर्वे कराने की माँग की गई थी। इसके बाद, वाराणसी की एक अदालत में मामले की सुनवाई हुई थी। वहाँ अदालत ने विवादित ढाँचे का वीडियो ग्राफिकल सर्वे कराने का आदेश दिया था। फिलहाल, इसका सर्वे पूरा हो चुका है। मामले की सुनवाई जारी है।

भयंकर बारिश और तूफान से बेहाल मक्का, पानी में बह रहीं गाड़ियाँ: फिर भी उमराह करने गए मुस्लिम खुश, बताते हैं अल्लाह की मेहरबानी

सऊदी अरब के शहर मक्का में शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को भयंकर तूफान और बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस बाढ़ में मक्का शहर में कई गाड़ियाँ भी बह गईं। वहीं, काबा का उमरा करने गए मुस्लिम इस दौरा भीगते रहे। बता दें कि उमरा के दौरान बारिश को मुस्लिम शुभ मानते हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, शहर की नगरपालिका पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम को लेकर आपातकालीन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा था। इन टीमों को किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया था।

सामने आए कई वीडियो में दिख रहा है कि भयंकर तूफान और बारिश के बीच मुस्लिम काबा में उमरा कर रहे हैं। इस दौरान उमरा कर रहे मुस्लिम खुश नजर आए। वहीं, भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ के कारण कई गाड़ियाँ बहकर एक जगह से दूसरी जगह चली गईं। कुछ कारों के बालू में दबे होने का भी वीडियो सामने आया है।

इससे पहले सऊदी अरब की राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने मक्का के लिए मौसम की चेतावनी जारी की थी। मक्का के निवासियों को जारी की गई चेतावनी में कहा गया था कि जब तक आवश्यक न हो, वे अपने घरों से बाहर न निकलें।

शहर में बर्बाद और फँसी हुई गाड़ियों को निकालने के लिए सरकारी अधिकारियों को बुलाया गया। शहर के अधिकारियों का कहना है कि इस तूफान और बाढ़ में अभी तक किसी के मरने की सूचना नहीं है। वहीं, इसमें हुए नुकसान के आँकलन का काम जारी है।

शहर के आपदा प्रबंधन केंद्र ने कहा, “लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन जगहों पर नहीं जाना चाहिए, जहाँ बारिश का पानी जमा होता है।” इस बीच NCM ने जेद्दा में बारिश के अलर्ट स्तर को बढ़ा दिया। जेद्दा के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हुई और तटीय शहर के ऊपर आसमान में घने बादल छाए हुए हैं।

16 साल की मुस्लिम लड़की का शौहर बनने के लिए शादीशुदा कोच ने कबूला इस्लाम, नाबालिग ने कोर्ट में कहा- यौवन आ गया, इसलिए निकाह जायज

मध्य प्रदेश के भोपाल में पुलिस ने एक नाबालिग मुस्लिम लड़की के अपहरण के आरोप में कुश्ती के एक कोच के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपित का नाम नवीन नारा है। बताया जा रहा है कि नवीन ने शादीशुदा होने के बाद भी 16 साल की मुस्लिम लड़की से निकाह करने के लिए इस्लाम कबूल किया। नवीन की नामजदगी शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला शयमला थानाक्षेत्र का है। यहाँ एक 16 वर्षीया मुस्लिम लड़की के अब्बा ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी बेटी और नवीन नाम का कुश्ती कोच जुलाई 2022 में हरियाणा के रोहतक में एक कुश्ती कार्य्यक्रम के दौरान मिले थे। कुछ दिनों बाद नवीन नाबालिग लड़की को कुश्ती की ट्रेनिंग के लिए रोहतक ले जाने की कोशिश करने लगा। इसी कोशिश के चलते अगस्त 2022 में नवीन भोपाल भी आया। हालाँकि लड़की के परिजनों को नवीन का व्यवहार पसंद नहीं आया इसलिए उन्होंने मिलने में ज्यादा रूचि नहीं ली।

शिकायत के मुताबिक बाद में नवीन ने लड़की का अपहरण कर लिया और अपने साथ ले कर रोहतक गया। लड़की अपने घर नहीं पहुँची तो उसकी तलाश शुरू हुई। पुलिस को उसका स्कूटर पार्किंग में मिला था। पुलिस ने CCTV खँगाले तो लड़की एक कार में बैठती दिखाई दी। कार के नंबर से वो रॉकी सिंह के नाम पर मिली। रॉकी नवीन के परिवार का सदस्य है। पुलिस ने झज्जर में चरखी दादरी स्थित नवीन के घर का पता लगाया। इस दौरान पुलिस को अपनी जाँच में यह भी पता चला कि पहले से विवाहित नवीन ने लड़की से शादी करने के लिए इस्लाम कबूल कर लिया था। दोनों का निकाह मोहाली के नयागाँव स्थित के मस्जिद में इस्लामी तौर-तरीकों से सम्पन्न हुआ था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने लड़की को हिरासत में ले कर कोर्ट में पेश किया। यहाँ पर लड़की ने 28 अक्टूबर 2022 के फैसले का हवाला देते हुए नवीन के साथ अपने निकाह को वैध बताया। इस फैसले में यह कहा गया था कि यौवन आने के बाद मुस्लिम लड़की का निकाह वैध माना जाएगा। 9 दिसंबर 2022 को अदालत ने तमाम दलीलों को सुनते हुए लड़की को पुलिस कस्टडी में सौंप दिया। फिलहाल पुलिस फरार चल रहे नवीन की तलाश कर रही है।

शयमला हिल्स थाने के SHO उमेश यादव के मुताबिक लड़की अंत तक अपने अपहरण के आरोपों को गलत बताती रही। उसने नवीन के साथ अपनी मर्जी से निकाह करने की भी दलील दी। पुलिस के अनुसार लड़की किसी भी रूप में अपने माता-पिता के साथ जाने को तैयार नहीं थी। बाद में पुलिस के समझाने के बाद लड़की अपने अम्मी-अब्बू के साथ घर चली गई। फ़िलहाल पुलिस कानूनी तौर पर यह जाँच-पड़ताल में लगी है कि क्या आरोपित नवीन पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला बनता है या नहीं।

भारतीय उच्चायोग पर आगजनी और हमले की साजिश, मालदीव में चीन समर्थक नेता ने लोगों को उकसाया: पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन चला रहे ‘इंडिया आउट’ अभियान

मालदीव में चीन की समर्थक मानी जाने वाली पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की ‘प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (PPM’) के एक नेता ने राजधानी माले में भारतीय उच्चायोग पर हमले के लिए लोगों को उकसाया है। हालाँकि, मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसके विरोध में आवाज़ उठाई है।

‘प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव’ के नेता अब्बास आदिल रिज़ा ने एक ट्वीट के जरिए लोगों को भारतीय उच्चायोग पर आगजनी के लिए उकसा कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस्लामिक पार्टी PPM के नेता ने ट्विटर पर लिखा, “8 फरवरी को अडू में आगजनी और हिंसा भारत के इशारे पर की गई थी। हमने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है। मेरा प्रस्ताव है कि हम भारतीय उच्चायोग से शुरुआत करें। #IndiaOut”

अब्बास आदिल रिज़ा के ट्वीट का स्क्रीन शॉट

अब्बास के भारतीय उच्चायोग के खिलाफ हिंसा फैलाने वाले इस विवादास्पद ट्वीट को ख़बर लिखे जाने तक 62 रीट्वीट और 33 लाइक मिल चुके थे। पीपीएम के नेता जिस घटना के बारे में झूठ फैला कर लोगों को भड़का रहे हैं, वह घटना 8 फरवरी, 2012 की है। आरोप है कि इसी दिन राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को ‘बंदूक की नोक’ पर जबरन पद से हटा दिया गया था। इसके विरोध में नशीद के ‘मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP)’ के समर्थकों ने माले में रिपब्लिक स्क्वायर पर प्रदर्शन किया था।

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया गया था, साथ ही आँसू गैस के गोले भी दागे गए थे। राष्ट्रपति नशीद के समर्थकों को गिरफ्तार भी कर लिया गया था। अब्बास आदिल रिज़ा ने अब दावा किया है कि नशीद के समर्थकों ने भारतीय अधिकारियों के इशारे पर हिंसा की थी। घटना के 10 साल बाद अब्बास ने ‘बदला’ लेने का प्रण लिया है और अपने समर्थकों को माले में भारतीय उच्चायोग पर हमला करने के लिए उकसाया है। भारत के साथ मालदीव के द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान न पहुँचे इसे ध्यान में रखते हुए, सत्तारूढ़ एमडीपी ने इस बयान की निंदा की है।

एमडीपी सेक्रेटेरियट की तरफ से किए गए ट्वीट में लिखा गया है, “एमडीपी भारतीय उच्चायोग पर आगजनी के आह्वान की कड़े शब्दों में निंदा करती है और अधिकारियों से मामले की जाँच करने की अपील करती है। एमडीपी मित्र राष्ट्रों के प्रति हिंसा और नफरत फैलाने के विपक्ष के निरंतर प्रयास की भी निंदा करती है।

एमडीपी के अलावा 2018 से वजूद में आई एक अन्य राजनीतिक पार्टी ‘मालदीव्स थर्ड वे डेमोक्रेट्स (MTD)’ और वर्ष 2019 में स्थापित राजनीतिक दल ‘मालदीव रिफॉर्म मूवमेंट (MRM)’ ने भी अब्बास के बयान की निंदा करते हुए इस पर कार्रवाई की माँग की है।

आपको बता दें कि चीन के इशारे पर मालदीव में भारत के प्रति लोगों को भड़काने वाले इस अभियान का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन चला रहे हैं। यामीन की पार्टी चीन की समर्थक रही है। अब्दुल्ला यामीन 2013 से 2018 तक मालदीव के राष्ट्रपति रहे थे। अपने कार्यकाल के आखिरी दौर में उन्होंने कैंपेन की शुरुआत कर दी थी।

जिस घर में रहता था अलगाववादियों का सरगना गिलानी, उसे जब्त किया गया: आतंकी संगठन कर रहा था इस्तेमाल, ऐसी 188 संपत्तियाँ चिह्नित

जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जाँच एजेंसी (SIA) ने श्रीनगर के DM के आदेश पर शनिवार (24 दिसंबर 2022) को यहाँ के बरजुल्ला इलाके में स्थित अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के नाम पर दर्ज एक घर को जब्त किया है।

SIA के अधिकारियों ने कहा है कि गिलानी की यह संपत्ति साल 1990 में प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी द्वारा खरीदी गई थी। हालाँकि, इसे गिलानी के नाम पर दर्ज कराया गया था। साल 2000 की शुरुआत तक गिलानी यहाँ रहता था। लेकिन, इसके बाद वह यहाँ से हैदरपोरा इलाके में रहने चला गया था।

अधिकारियों ने यह भी कहा है कि सैयद अली शाह गिलानी के घर छोड़ने के बाद इसका इस्तेमाल जमात-ए-इस्लामी के मुखिया के घर के रूप में किया जा रहा था। जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जाँच एजेंसी ने बरजुल्ला इलाके में एक अन्य घर भी जब्त किया है।

संपत्तियों की जब्ती को लेकर अधिकारियों का यह भी कहना है कि SIA की कार्रवाई प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी से संबंधित कई संपत्तियों की जब्ती का हिस्सा है। SIA ने जम्मू-कश्मीर में जमात-ए-इस्लामी की कुल 188 संपत्तियों की पहचान की है। इन सभी संपत्तियों को या तो नोटिफाई किया जा चुका है या फिर ऐसी संपत्तियों पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कहा जा रहा है कि जमात-ए-इस्लामी-इस्लामी के खिलाफ हुई यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में बढ़ रही टेरर फंडिंग के खतरे को काफी हद तक खत्म कर देगी। साथ ही यह कानून व्यवस्था और समाज में फैले डर को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम है।

बता दें, इससे पहले गत शनिवार (17 दिसंबर 2022) को भी जमात-ए-इस्लामी से जुड़ी 100 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी। SIA ने एक बयान जारी करते हुए कहा था कि केंद्र शासित प्रदेश के बारामूला, बांदीपोरा, गांदरबल और कुपवाड़ा में एसआईए की सिफारिश पर बारामूला, बांदीपोरा, गांदरबल और कुपवाड़ा के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अधिसूचित किए जाने के बाद लगभग 100 करोड़ रुपए की संपत्तियों के उपयोग और प्रवेश पर रोक लगाई गई है। ये सम्पतियाँ अलग-अलग जगहों (एक दर्जन से अधिक स्थानों) पर थीं।

SIA के अलावा राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े दो मामलों में जम्मू-कश्मीर के कठुआ में कुछ जगहों पर छापेमारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, NIA ने जम्मू-कश्मीर में कुछ संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की है। इनमें से कुछ जगहों पर हुई छापेमारी में कई पुख्ता सबूत NIA के हाथ लगे हैं।

‘जब विश्व में लैंगिक समानता जैसे शब्दों का जन्म तक नहीं हुआ था, भारत में गार्गी-मैत्रेयी जैसी विदुषियाँ कर रही थीं शास्त्रार्थ’: बोले PM मोदी – खोज-शोध हमारी जीवन पद्धति का हिस्सा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के 75वें अमृत महोत्सव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट की यात्रा के 75 वर्ष ऐसे कालखंड में पूरे हो रहे हैं, जब देश अपनी आज़ादी के 75 वर्ष मना रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 75 वर्षों में गुरुकुल ने छात्रों के मन-मस्तिष्क को अच्छे विचारों और मूल्यों से सींचा है, ताकि उनका समग्र विकास हो सके।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जिस कालखंड में दुनिया के दूसरे देशों की पहचान वहाँ के राज्यों और राजकुलों से होती थी, तब भारत को, भारतभूमि के गुरुकुलों से जाना जाता था। गुरुकुल यानी, गुरु का कुल, ज्ञान का कुल! पीएम मोदी ने कहा कि शून्य से अनंत तक, हमने हर क्षेत्र में शोध किए, नए निष्कर्ष निकाले। प्रधानमंत्री ने इस पर ख़ुशी जताई कि स्वामीनारायण गुरुकुल इस पुरातन परंपरा को, आधुनिक भारत को आगे बढ़ाने के लिए ‘कन्या गुरुकुल’ की शुरुआत कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा, “आजादी के इस अमृतकाल में देश, एजुकेशन इनफ्रास्ट्रक्चर हो या एजुकेशन पॉलिसी, हर स्तर पर काम कर रहा है। पूज्य धर्मजीवन दास जी स्वामी जी का गुरुकुल के लिए जो विजन था उसमें अध्यात्म और आधुनिकता से लेकर संस्कृति और संस्कार तक समाहित था। इस गुरुकुल ने छात्रों के मन-मस्तिष्क को अच्छे विचारों और मूल्यों से सींचा है, ताकि उनका समग्र विकास हो सके। खोज और शोध भारत की जीवन पद्धति का हिस्सा थे। नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय हमारी गुरुकुल परंपरा के वैश्विक वैभव के पर्याय हुआ करते थे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि जब विश्व में ‘लैंगिक समानता’ जैसे शब्दों का जन्म भी नहीं हुआ था उस समय हमारे यहाँ गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियाँ शास्त्रार्थ कर रही थीं। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे वाल्मीकि के आश्रम में आत्रेयी भी पढ़ रही थीं। उन्होंने कहा कि शून्य से अनंत तक, हमने हर क्षेत्र में शोध किए, नए निष्कर्ष निकाले और आज आजादी के इस अमृतकाल में देश, एजुकेशन इनफ्रास्ट्रक्चर हो या एजुकेशन पॉलिसी – हर स्तर पर काम कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि आज नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से देश पहली बार उस शिक्षा व्यवस्था तैयार कर रहा है जो Forward Looking है Futuristic है। उन्होंने कहा कि भारत में ज्ञान ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य रहा है। बकौल पीएम मोदी, भारत ने अंधकार से भरे युगों में मानवता को प्रकाश की वो किरणें दी, जिन से आधुनिक विश्व और विज्ञान की यात्रा शुरू हुई। पीएम मोदी ने इस दौरान अपनी सरकार की विकास कार्यों को भी गिनाया।

मजदूरी के बदले धर्मांतरण का बनाया दबाव, बात न मानने पर पिटवाया: दलित परिवार ने मुस्लिम ‘पीर’ पर लगाया आरोप, 3 के खिलाफ शिकायत दर्ज

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक दलित परिवार ने एक मुस्लिम पीर पर पिटाई और धर्मान्तरण के दबाव का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने कोर्ट में शिकायत देकर आरोपित पीर पर कार्रवाई की माँग की है। मामले में छांगुर नाम के पीर के अलावा धर्म परिवर्तन कर के नीतू से नसरीन बनी एक महिला और नवीन से जमालुद्दीन बने एक अन्य व्यक्ति को भी आरोपित किया गया है। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ने भी पुलिस से इस मामले में हस्तक्षेप करने की आवाज उठाई है। वहीं पुलिस को न्यायालय के निर्देश की प्रतीक्षा है। 4 दिसंबर 2022 की घटना बताते हुए पीड़ित परिवार ने 12 दिसम्बर को अदालत में प्रार्थना पत्र दिया है।

यह मामला थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र का है। यहाँ पीड़ित व्यक्ति ने अदालत में शिकायत देते हुए बताया है कि वह उतरौला क्षेत्र के मधुपुर इलाके में बन रहे एक अस्पताल में 12000 प्रतिमाह के रेट पर मजदूरी करता था। यह अस्पताल छांगुर पीर के साथ रहने वाली नसरीन और उनके शौहर नवीन बनवा रहे हैं। बताया गया है कि 4 दिसंबर 2022 को जब पीड़ित ने अपनी मजदूरी माँगी तब पीर टाल मटोल करने लगा। इस बीच पीर छांगुर पर पीड़ित व्यक्ति की पत्नी को मजदूरी के बदले इस्लाम कबूलने का ऑफर दिया गया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पीड़ितों ने पीर छांगुर की बातों को मानने से इंकार कर दिया। उन्होंने अपना हिसाब करने को कहा तब नसरीन, जमालुद्दीन और छांगुर पीर ने पीड़ितों को गुस्से में गंदी-गंदी गालियाँ दीं। तीनों आरोपितों ने पीड़ित पति-पत्नी को जान से मार डालने की भी धमकी दी। आरोप है कि इस दौरान छांगुर, जमालुद्दीन और नसरीन ने पति-पत्नी को बेरहमी से पीटा और उनके पास रखे 2 हजार रुपए भी छीन लिए। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

पीड़ित दलित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर भी अपनी शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने 12 दिसंबर 2022 को अदालत की शरण ली। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने ट्वीट करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले का संज्ञान लेने और कठोर कार्रवाई की माँग की है। इस माँग के जवाब में 22 दिसंबर 2022 को बलरामपुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा होने की जानकारी दी है।

2015 में पति और बेटी संग इस्लाम कबूला है नसरीन ने

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक इस केस में आरोपित नीतू से नसरीन बनी महिला ने साल 2015 में इस्लाम कबूल किया है। नीतू के साथ उनके पति नवीन भी इस्लाम कबूल कर के जमालुद्दीन बन गए थे। इनकी एक नाबालिग बेटी भी इन्ही के साथ मुस्लिम बनी है। नीतू और नवीन अपनी बेटी के साथ मुंबई में रहते थे। ये सभी पीर छांगुर के साथ बलरामपुर के उतरौला में बस गए हैं।