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‘शादी में खाने की प्लेट छूने पर दलित को ब्राह्मणों ने पीटा’: जिसे ‘छूआछूत’ बता मीडिया ने परोसा, उस झगड़े की जड़ में कोटेदारी

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता गाँव में हुए विवाद को मुख्यधारा की मीडिया ने ‘छूआछूत’ का मामला बताकर पेश किया। गाँव में 9 दिसंबर 2022 को एक शादी हुई थी। रेनू कुमारी ने गाँव के ही 7 लोगों पर अपने 19 वर्षीय भाई लल्ला के साथ मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाया था। रेनू दलित है, जबकि आरोपितों में शामिल संदीप, अमरेश, श्रवण, सौरभ, अजीत, विमल और अशोक ब्राह्मण। लेकिन जब ऑपइंडिया ने इस घटना को लेकर ग्रामीणों से बातचीत की तो पता चला कि इसके पीछे कोटेदारी का पुराना विवाद है। पुलिसिया जाँच में भी अब तक इस घटना में जातीय एंगल की पुष्टि नहीं हुई है।

दलित रेनू की शिकायत

पुलिस को 10 दिसंबर को दी गई तहरीर में रेनू ने आरोप लगया है कि गाँव में हुई एक शादी के दौरान खाना छूने पर सवर्ण समुदाय के 7 लोगों ने उसके भाई की पिटाई की। पिटाई के बाद आरोपित उसके घर आए और जातिसूचक शब्द बोलते हुए तोड़फोड़ की। परिवार और रिश्तेदारों को भी पीटा। पुलिस ने इस शिकायत पर IPC की धारा 147, 323, 427, 504, 506, 336 और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जाँच चल रही है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।

मीडिया ने क्या बताया

12 दिसंबर 2022 को इंडियन एक्सप्रेस और लल्लनटॉप ने इस मामले लगभग एक जैसी खबर प्रकाशित की। घटना में किसी की गिरफ्तारी नहीं होने का प्रमुखता से जिक्र किया। जबकि इस केस में नामजद 6 आरोपितों ने शांति भंग की धारा IPC 151 में अपनी जमानत मजिस्ट्रेट से करवाई थी। इसी मामले में हिंदुस्तान ने 4 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। सभी खबरों में रेनू के हवाले से FIR में दर्ज बातें दोहराई गई हैं। रिपोर्ट में वजीरगंज थाने के SHO का वर्जन भी छापा गया, जिसमें जाँच जारी होने की बात कही गई थी। जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस की नियमावली के मुताबिक SC/ST एक्ट से जुड़े मामलों की जाँच का अधिकार SHO को नहीं है। इन केसों की जाँच DSP रैंक के अधिकारी करते हैं।

मीडिया में मामले की रिपोर्टिंग

इंडियन एक्सप्रेस और लल्लनटॉप की ही लीक पर दैनिक भास्कर, अमर उजाला, TV9 हिंदी, आज तक और ETV भी चले। उन्होंने भी इस पूरे मामले को छूआछूत और जातीय एंगल से ही परोसा।

खाने को लेकर विवाद

ऑपइंडिया ने इस घटना पर गोंडा जिले के डिप्टी SP तरबगंज संसार सिंह राठी से बात की। DSP राठी ही इस केस के विवेचक हैं। उन्होंने बताया कि इस मालमे में छुआछूत जैसा कोई भी एंगल नहीं है। विवाद खाने को लेकर हुआ था। राठी ने बताया कि उनके सर्किल क्षेत्र में अक्सर SC/ST के मामले दर्ज होते हैं, जिस पर गहनता से जाँच की जाती है।इस मामले में अभी भी जाँच जारी है और अंतिम निष्कर्ष के तौर पर चार्जशीट नहीं लगाई गई है। उन्होंने इस घटना के पीछे गाँव में कोटेदारी का पुराना विवाद होने का भी जिक्र किया।

कोटेदार था रेनू का भाई

9 दिसंबर 2022 को हुई घटना के आरोपितों में से एक संदीप पांडेय हैं। उन्होंने ऑपइंडिया को बताया कि जिस रेनू ने शिकायत की है, उसका भाई देवीशरण गाँव का कोटेदार था। सरकारी अधिकारियों ने जाँच में उसका घोटाला पकड़ा था जिसके बाद उसे जेल भी जाना पड़ा। वह हाल में ही जमानत पर छूटा है। बकौल संदीप उन पर आरोप लगाने वाली लड़की को लगता है कि उसके भाई के घोटाले की सूचना प्रशासन तक उन लोगों ने पहुँचाई थी। इसका बदला लेने की नीयत से उसने मेरे सहित 7 लोगों पर केस दर्ज करवाया है।

कोटेदारी का विवाद

बताते चलें कि गाँव में सरकारी योजनाओं के तहत खाद्य सामग्रियों की बिक्री और बँटवारा करने वाले को कोटेदार कहते हैं। कोटेदार देवीशरण के खिलाफ 25 अगस्त 2021 को गोंडा के जिला पूर्ति अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत FIR दर्ज करवाई थी। यह FIR थाना वजीरगंज में दर्ज हुई थी। ऑपइंडिया के पास इस FIR की कॉपी भी मौजूद है।

FIR के बाद SDM तरबगंज ने देवीशरण का कोटा 13 अक्टूबर 2021 को निरस्त कर दिया था। देवीशरण ने इस आदेश को देवीपाटन मंडल के कमिश्नर के यहाँ चुनौती दी थी। एक लम्बी सुनवाई के बाद कमिश्नर IAS राकेश चंद्र शर्मा ने 21 सितम्बर 2022 को SDM के आदेश को सही बताते हुए देवीशरण के कोटेदारी को निरस्त करने के निर्णय पर अपनी भी मुहर लगा दी थी। ऑपइंडिया के पास कमिश्नर के आदेश की कॉपी मौजूद है। इस आदेश में कार्रवाई के गवाह के तौर पर दिवाकर पांडेय का नाम दर्ज है। संदीप पांडेय की माने तो दिवाकर उनके ही परिवार से हैं।

संदीप ने बताया कि देवीशरण से कोटेदारी लेकर गाँव की ही आरती पांडेय को मिला है। आरती पांडेय भी उनके परिवार से ही हैं। बताया जा रहा है कि कोटेदारी चलाने में आरती की मदद अमरेश पांडेय करते हैं। 9 दिसंबर की घटना में जो आरोपित हैं उनमें से एक अमरेश भी हैं।

खाने पर हुई थी बहस

संदीप पांडेय ने बताया कि रेनू के जिस भाई के साथ मारपीट की बात कही जा रही है, वह सबके खाने में चम्मच के बजाए सीधे हाथ डाल कर खाना निकाल रहा था। इससे रोके जाने पर उनलोगों पर झूठा केस दर्ज करवा दिया। मारपीट और घर पर हमले के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि पुराने विवाद के कारण केस किया गया है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट में इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान के यहाँ पंचायत होने और कथित पीड़ित दलित परिवार पर आरोपितों द्वारा हमले का जिक्र है। संदीप का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। FIR में जिनके नाम हैं उन्होंने चुनाव में वर्तमान प्रधान का सहयोग नहीं किया था। इसके कारण प्रधान उनका विरोध कर रहा।

आरोपितों की गिरफ्तारी न होने के मीडिया रिपोर्ट्स को संदीप पांडेय ने भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि अब तक 6 लोग IPC 151 (शांतिभंग) के मामले में जमानत करवा चुके हैं और SC/ST केस में जाँच की जा रही है। मामले के अन्य आरोपित अजीत मिश्रा ने ऑपइंडिया को बताया कि वे गाँव की राजनैतिक रंजिश के शिकार हैं।

नौबस्ता से सटे रामपुर टेंगराहा के बजरंगी दलित ही है। वे 9 दिसंबर की घटना का चश्मदीद होने का दावा करते हैं। उन्होंने ऑपइंडिया से बातचीत में दावा किया कि खाना हाथ से नहीं छूने की गुजारिश संदीप पांडेय ने की थी। इसके बाद शिकायतकर्ता का परिवार लड़ने के लिए वहाँ जमा हो गया था।

जिस हिन्दू महिला के साथ लिव-इन में रहता था शाहरुख़, भाई साहिल संग मिल कर उसकी ही नाबालिग बेटी का किया यौन शोषण: कपड़े उतार कर खड़ा कर देता था

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक नाबालिग हिन्दू लड़की ने अपनी माँ के लिव इन पार्टनर और उसके भाई पर अपने साथ छेड़खानी का आरोप लगाया है। इन हरकतों से तंग हो कर बच्ची 8 दिसंबर, 2022 अपनी दादी के घर आ गई है। आरोपितों के नाम शाहरुख़ और साहिल हैं। पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। आरोपितों की हरकतों को नजरअंदाज करने के आरोप में लड़की की माँ को भी नोटिस जारी हो सकती है।

‘दैनिक भास्कर’ के मुताबिक, जिस लड़की ने शाहरुख़ और साहिल पर आरोप लगाया है उसकी माँ 2008 से अपने पति से अलग रह रही थी। उसकी 2 बेटियाँ हैं। महिला का आरोप है कि उसके पति ने दूसरी औरत से शादी कर ली है। लगभग 2 साल पहले शाहरुख़ नाम का व्यक्ति महिला के घर में रंगाई-पुताई का काम करने आया था। इन दौरान उसने महिला का मोबाइल नंबर लिया। दोनों में काफी समय तक बातें हुईं। बाद में महिला अपनी दोनों बेटियों के साथ शाहरुख़ के साथ अलग कमरा ले कर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी।

शाहरुख़ के साथ रहने के दौरान दोनों बेटियाँ अपनी नानी के घर आती-जाती थीं। बड़ी बेटी की उम्र 14 साल है। आरोप है कि एक दिन जब उसकी छोटी बहन नानी के घर गई थी, तब शाहरुख़ ने अकेला पा कर पीड़िता के साथ अश्लील हरकतें की। इसके बाद शाहरुख़ का मन बढ़ गया और उसने अपनी हरकतों में इजाफा कर दिया। हालात यहाँ तक बिगड़ गए कि वो पीड़िता को बिना कपड़ों के खड़े रहने पर मजबूर करने लगा। इस दौरान वो लड़की को घूरता रहता था।

कुछ दिनों के बाद शाहरुख़ के भाई साहिल को इस पूरे मामले की जानकारी हुई। साहिल अपने भाई शाहरुख़ को समझाने के बजाए उसकी हरकतों में शामिल हो गया। वो आए दिन लड़की के घर आने लगा। इस दौरान वो भी पीड़िता से अश्लील हरकतें करता रहा। जब लड़की उनकी हरकतों का विरोध करती तब उसको जान से मार डालने की धमकी दी जाती थी। साथ ही दोनों आरोपितों द्वारा किसी को न बताने का भी दबाव बनाया जाता था। पीड़िता के मुताबिक जब शाहरुख़ और साहिल की हरकतों ने हद पार कर दी, तब वह अपनी दादी के घर चली आई।

लड़की ने दादी से कहा कि वो दुबारा अपनी माँ के पास नहीं जाना चाहती। दादी को शक हुआ तो उन्होंने वजह पूछी। 17 दिसंबर, 2022 को पीड़िता ने शाहरुख और साहिल की हरकतों और आए दिन गलत टच किए जाने आदि के बारे में खुल कर अपनी दादी को बता दिया। लड़की ने बताया कि शाहरुख़ के साथ रहते हुए उसकी माँ इस्लाम कबूल कर चुकी हैं। आरोप है कि लड़की की माँ और शाहरुख़ मिल कर पीड़िता को भी मुस्लिम बनाना चाह रहे थे जिस से मना करने पर उसे और ज्यादा प्रताड़ित किया जाने लगा।

नाबालिग बच्ची की पीड़ा सुन कर उसकी दादी ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने शनिवार (17 दिसंबर, 2022) को शाहरुख़ और साहिल पर छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि थाने में प्रियंका नाम की एक महिला पुलिसकर्मी ने मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को लड़की को अपनी इज्जत का हवाला दे कर चुप रहने की नसीहत दी। बाद में पीड़िता एक महिला वकील के साथ कोर्ट में बयान के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुई। बयान के बाद कोर्ट ने बच्ची की माँ द्वारा आरोपितों को न रोकने को भी संज्ञान में लिया। कहा जा रहा है कि जल्द ही लड़की की माँ को भी आरोपित बनाया जा सकता है। वहीं शाहरुख़ और साहिल पर भी धाराएँ बढ़ाई जा सकती हैं।

‘अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने लिया ₹100 करोड़ का घूस’: कोर्ट में ED का खुलासा – दारू घोटाले से दिल्ली को ₹2873 करोड़ का नुकसान

दिल्ली में शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने अदालत के समक्ष पेश आरोप-पत्र में कहा है कि दक्षिण भारत के कुछ लोगों ने दिल्ली की सत्ताधारी ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ सरकार को शराब कारोबार में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से 100 करोड़ रुपए की रिश्वत दी। साथ ही जाँच एजेंसी ने कहा कि दिल्ली सरकार की आबकारी नीति की वजह से सरकारी खजाने को कुल 2873 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

ईडी ने आरोप-पत्र में कहा है की कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी और विधान परिषद की सदस्य (MLC) के कविता ने कुछ लोगों के साथ मिलकर AAP के संचार प्रभारी विजय नायर को 100 करोड़ रुपए की रिश्वत दी। रिश्वत देने का उद्देश्य शराब कारोबार में अनुचित लाभ हासिल करना था। उल्लेखनीय है कि इस साजिश में व्यवसायी समीर महेंद्रू, ओंगोल (आंध्र प्रदेश) से सांसद मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी (एमएसआर), उनके बेटे राघव मगुनता और सरथ रेड्डी शामली थे।

आरोप-पत्र (Chargesheet) में कहा गया है कि दक्षिण भारत के इस समूह के साथ मिलकर महेंद्रू और नायर ने रिश्वत वसूलने के लिए बहुत चालाकी से एक ‘उत्पादक संघ’ बनाया। इस संघ में शराब बनाने वाली कंपनी पेरनोड रिकार्ड, बिनॉय बाबू, विजय नायर, अरुण पिल्लई, के कविता, मगुनता श्रीनिवासुलु रेड्डी और उनके बेटे राघव, सरथ रेड्डी, अभिषेक बोइनपल्ली और बुच्ची बाबू शामिल थे।

आरोप-पत्र के अनुसार, रिश्वत की राशि AAP को सीधे नहीं दी गई थी। इसे व्यवसायी महेंद्रू के स्वामित्व वाली इंडो स्पिरिट्स (Indo Spirits) के थोक संचालन और खुदरा संचालन से होने वाले मुनाफे के माध्यम से दिया गया था। रिश्वत के एवज में इस समूह के साझेदारों को महेंद्रू की इंडो स्पिरिट्स में 65 फीसदी हिस्सेदारी दे दी गई।

आरोप-पत्र में खुलासा किया गया कि दिल्ली आबकारी नीति के चलते सरकारी खज़ाने को कुल 2873 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। बकौल ईडी, इस नीति को आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने तैयार किया था और इनमें से कुछ सरकार में भी शामिल हैं। इनका मकसद अवैध रूप से धन हासिल करना था। विशेषज्ञ समिति का गठन और जनता से राय माँगना महज दिखावा भर था। उनकी रिपोर्ट को कभी लागू ही नहीं किया जाना था।

ईडी ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि इस नीति को जानबूझकर ऐसे तैयार किया गया कि बाद में इसका फायदा उठाया जा सके और इससे अनुचित लाभ हासिल किया जा सके। इसमें जानबूझकर कमियाँ छोड़ दी गई। नीति को ध्यान से देखने से इसे बनाने वालों के दुर्भावनापूर्ण इरादों का पता चलता है।

जिस युसूफ को ‘दोस्त’ समझते थे उमेश कोल्हे उसने ही निकाला था मौत का फरमान, गला काटने से पहले की गई थी प्रैक्टिस: NIA ने सब कुछ बताया

महाराष्ट्र के अमरवती में उमेश कोल्हे हत्याकांड में तबलीगी जमात का कनेक्शन सामने आने के बाद एक नया खुलासा हुआ है। NIA की चार्जशीट के मुताबिक उमेश के 16 साल पुराने साथी युसूफ ने ही सबसे पहले उमेश का नूपुर शर्मा के समर्थन वाला स्क्रीनशॉट अन्य ग्रुपों में शेयर किया था। हत्या से पहले गला काटने की प्रैक्टिस भी की गई थी। लोगों की मदद के नाम पर चलाई जा रही एम्बुलेंस को सबूतों को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमेश की हत्या के ‘गुस्ताख़ नबी की एक सजा, सिर तन से जुदा, सिर तन से जुदा’ वाले नारे से प्रभावित थे। जिस व्हाट्सएप ग्रुप में उमेश कोल्हे ने नूपुर शर्मा के समर्थन वाला मैसेज शेयर किया था, उसका नाम ‘ब्लैक फ्रीडम’ था। इसी ग्रुप में उमेश का 16 साल पुराना साथी युसूफ भी था। उमेश कई बार युसूफ की आर्थिक मदद कर चुके थे। युसूफ ने उमेश का वही मैसेज ‘कलीम इब्राहिम’ व्हाट्सएप ग्रुप में भेज कर अंजाम दिखाने की बात कही। इसी ग्रुप में हत्या का एक अन्य आरोपित इरफ़ान खान भी जुड़ा था।

चार्जशीट में बताया गया है कि उमेश को किसी भी हाल में अंजाम तक पहुँचने के लिए युसूफ ने अपने एक अन्य क्लाइंट आतिब रशीद से भी बात की। आतिब ने युसूफ की बातों से सहमति जताते हुए अपने एक और साथी मोहम्मद शोएब को साथ जोड़ा। बाद में ये सभी युसूफ के व्हाट्सएप ग्रुप के साथी इरफ़ान से मिले। उमेश द्वारा नूपुर शर्मा के समर्थन वाला मैसेज एक और व्हाट्सएप ग्रुप ‘हँसी मज़ाक’ में अब्दुल तौफीक शेख ने फॉरवर्ड किया था। इसके चलते ग्रुप मेंबर अब्दुल मुशिफिक अहमद, शेख शकील और मुदस्सिर अहमद भी उमेश से भड़के हुए थे।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि उमेश को अंजाम तक पहुँचाने के लिए 4 आरोपितों ने 19 जून 2022 को गौसिया हाल में मीटिंग की थी। इसमें मोहम्मद शोएब ने अपने साथी शमीम अहमद को भी बुलाया था। मीटिंग में उमेश की हत्या का एलान हुआ। कत्ल करने की जिम्मेदारी मोहम्मद शोएब, अतिब रशीद और शमीम अहमद ने ली। इरफ़ान ने इस हत्या में हर तरह की मदद का भरोसा दिया। इरफ़ान ने हमले के वक्त मोबाइल न ले जाने और काले रंग के लिबास में चेहरा ढक कर जाने की सलाह दी।

मीटिंग के बाद आतिब और शोएब उमेश की दुकान भी उसे पहचानने गए थे। पहचान के बाद आरोपितों ने हत्या के लिए जगह का चुनाव किया। तब तक इस गैंग में मुशीफिक अहमद नाम का मौलवी भी जुड़ चुका था। मौलवी भी नूपुर को जेल न भेजे जाने से नाराज था। उमेश की हत्या 20 जून को ही होनी थी। लेकिन मोहम्मद शोएब और शहीम अहमद द्वारा रात में लम्बे इंतज़ार के बाद भी उमेश नहीं आए। इसी के चलते उस दिन उमेश बच गए।

उमेश की हत्या में नाकाम रहने के बाद आरोपितों ने आपस में बात की। इस चर्चा में रेकी करने वाले शाहरुख़, अब्दुल तौफीक भी शामिल थे। तय प्लान के तहत उमेश की हत्या अगले दिन करने की तैयारी की गई। 21 जून को उमेश की रेकी मुदस्सिर अहमद, शाहरुख़ और अब्दुल तौफीक कर रहे थे। शाहरुख़ ने गमछे से चेहरा ढंका था। इस दौरान तीनों मोबाइल से कनेक्टेड थे।

आरोपित शाहरुख़ रहबर NGO में एम्बुलेंस चलाता था। इसी NGO से अब्दुल तौफीक भी जुड़ा है। हत्या के दिन प्लान के तहत कातिल मोहम्मद शोएब, अतिब रशीद और शहीम अहमद ने अपने मोबाइल एम्बुलेंस में रख दिए थे। ऐसा पुलिस को लोकेशन के आधार पर चकमा देने के लिए किया गया था। तीनों रास्ते में उमेश का इंतज़ार कर रहे थे। रात 10:20 पर उमेश जैसे ही दुकान बंद कर घंटाघर पहुँचे वैसे ही कातिलों ने उन्हें रोक लिया और घुटने पर बिठा कर उनका गला काट दिया गया। चार्जशीट में NIA का दावा है कि कत्ल से पहले मोहम्मद शोएब ने गला काटने की प्रैक्टिस भी भी थी। गले पर वार मोहम्मद शोएब ने किया था। फ़िलहाल सभी आरोपित मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं।

बीवी बुर्के वाली, दूसरी औरतों से बातें सेक्सी: इमरान खान के लीक ऑडियो में ऊँट से लेकर प्राइवेट पार्ट्स में दर्द तक, बोला पाकिस्तानी- अब मत बनना उम्माह का मॉडल

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की तीसरी बीवी बुशरा बीवी का आपने शायद ही चेहरा देखा हो। वह सार्वजनिक तौर पर बुर्के में ही नजर आती हैं। उनका जीवन भी बेहद रहस्यमय बताया जाता है। अब कुछ ऑडियो सामने आए हैं जो इमरान खान के बताए जा रहे हैं। इसमें वे गैर औरतों से सेक्सी बातें करते सुनाई पड़ रहे हैं। ऊँट से लेकर प्राइवेट पार्ट्स में दर्द तक की चर्चा होती है।

पाकिस्तानी पत्रकार सैयद अली हैदर ने अपने यूट्यूब चैनल पर ये ऑडियो दो हिस्सों को जारी किया है। इस ऑडियो के वायरल होते ही इमरान खान विवादों में आ गए हैं। हालाँकि उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) का कहना है कि यह ऑडियो उनके नेता का नहीं है।

पहली ऑडियो में इमरान और एक महिला को बातें करते सुना जा सकता है। इमरान खान महिला को मिलने के लिए बुलाते हैं, लेकिन महिला कहती हैं, “मैं दर्द में हूँ। मिलने के लिए नहीं आ सकतीं। तुमने (इमरान खान) मेरा क्या हाल किया है, मैं डॉक्टर को भी नहीं बता सकती।” इसके बाद इमरान खान कहते हैं, “क्या हम कल मिल सकते हैं? बच्चों समेत मेरा परिवार परसों आ रहा है। इसको आगे बढ़ाने का प्रयास करता हूँ।”

वहीं दूसरे ऑडियो क्लिप में इमरान खान महिला के साथ बातचीत के दौरान बेहद कामुक बातें करते सुनाई पड़ते हैं। खुद को ऊँट बताते हुए महिला से सेक्शुअल प्लेजर के बारे बात करते हैं। ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने उनकी तुलना अभिनेता इमरान हाशमी से की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “इमरान खान, इमरान हाशमी बन गए हैं।”

वहीं एक अन्य पकिस्तानी पत्रकार हमजा अजहर सलाम ने कहा है, “खान साहब अपने निजी जीवन में जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन अब मुझे उम्मीद है कि वह पूरी उम्माह के लिए खुद को किसी तरह के रोल मॉडल के रूप में पेश करना बंद कर देंगे।”

एक अन्य पाकिस्तानी पत्रकार सैयद समीर अब्बास ने दावा किया है कि वायरल ऑडियो क्लिप फर्जी हैं। उसने कहा है, “डब ऑडियो। मैंने बीट रिपोर्टर के तौर पर 2010 से 2016 तक इमरान खान को कवर किया। उनके हर भाषण और प्रेस कॉन्फ्रेंस को सुना है। यह इमरान खान नहीं, बल्कि एक नकली और डब किया हुआ ऑडियो है। बहुत ही शर्मनाक हरकत।”

वहीं भारतीय रक्षा विशेषज्ञ गौरव आर्य ने ट्वीट कर कहा है, “पाकिस्तान के किसी व्यक्ति ने मुझे सैयद अली हैदर ऑफिशियल नामक YouTube चैनल का एक वीडियो भेजा है। वीडियो में इमरान खान कथित तौर पर एक महिला के साथ बातचीत कर रहे हैं। इमरान खान निश्चित रूप से जन्नत में जाने और 72 हूर पाने का इंतजार नहीं कर रहे हैं।”

ऐसा नहीं है कि इमरान खान का कोई ऑडियो पहली बार वायरल हुआ है। इससे पहले भी इमरान खान की कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हो चुकी है। अक्टूबर में इमरान खान का एक कथित ऑडियो सामने आया था, जिसमें वह संसद में अविश्वास मत से पहले सांसदों को खरीदने की कोशिश कर रहे थे।

माथे पर तिलक देख सुशील को काटा, कर्फ्यू लगा तो पुलिस पर हमला: 40 पत्थरबाजों को एक साथ सजा, MP के बांग्लादेश में हुई थी हिंसा  

मध्य प्रदेश के खंडवा में एक साथ 40 पत्थरबाजों को सजा सुनाई गई है। खंडवा कोर्ट ने मंगलवार (20 दिसंबर 2022) को 7-7 साल की कैद के अलावा इन पर 6500-6500 रुपए का जुर्माना भी लगाया। यह घटना खंडवा के घासपुरा स्थित बांग्लादेश में 2018 में हुई थी। पुलिस पर पत्थर, कुल्हाड़ी और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया गया था। एक हिंदू की हत्या के बाद शहर में लगे कर्फ्यू के दौरान पुलिस पर यह हमला हुआ था।

क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना की शुरुआत 30 जुलाई 2014 को हुई थी। एक सोशल मीडिया पोस्ट से शहर का माहौल तनावपूर्ण था। इसी दिन बीमा कम्पनी के एजेंट सुशील पुंडगे बाइक से मुस्लिम बहुल हातमपुरा इलाके से गुजर रहे थे। सुशील ने माथे पर तिलक लगा रखा था, जिसे देखकर मुस्लिमों की भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में धारदार हथियारों से सुशील को तब तक मारा गया जब तक उनकी जान नहीं चली गई।

सुशील पुंडगे की हत्या में 4 लोगों को सितम्बर 2018 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इनके नाम मोहम्मद आजम, जियाउल हक, मोहम्मद जाकिर और जुबेर हैं।

सुशील की हत्या के बाद शहर में साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया था। जगह-जगह पत्थरबाजी हो रही थी। हालात काबू करने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों पर 1 अगस्त 2014 को घासपुरा के बांग्लादेश में हमला हुआ। कुछ हमलावरों ने तो पुलिस की ही वर्दी पहन रखी थी। पत्थरों, लाठियों, डंडों और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया गया था।

पत्थरबाजी में 47 आरोपित

इस हमले में 12 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इनमें महिला स्टाफ भी शामिल थीं। इसी दौरान पुलिस ने मोहल्ले की घेराबंदी करते हुए 40 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें मुख्य आरोपित फारुख था। जाँच के दौरान कुल 47 आरोपित प्रकाश में आए थे। इनमें से 4 नाबालिग थे। सभी पर IPC की धारा 307, 147, 148, 149, 352, 153, 188, 34 में FIR दर्ज हुई थी।

ताबड़तोड़ दबिश डालकर पुलिस ने अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया था। समय बीतने के साथ कई आरोपितों की जमानत भी हो गई। मंगलवार को करीब 8 साल बाद न्यायाधीश प्राची पटेल ने 2 आरोपितों को सबूतों के आभाव में बरी करते हुए 40 आरोपियों को सजा सुनाई। ट्रायल के दौरान 1 आरोपित की मौत हो गई थी। 4 नाबालिगों का मामला किशोर अदालत में भेज दिया गया था।

इन पत्थरबाजों को सजा

एक रिपोर्ट के मुताबिक जिनको सजा सुनाई गई है, उनके नाम- कलीम, जुनेद, हाफीज, मोहम्मद उमर, मोहम्मद रज्जाक, इरफान, जावेद, शब्बीर, जहूर, शब्बीर, सलाउद्दीन, मो. अली, मजीद खान, सलामउद्दीन, शाहरूख, फिरोज, शेख सलीम, आरिफ, शेख युसूफ, ईसाक, सरवर, शेख जाकीर, शाकीर, अब्दुल रहीम, मोहम्मद एजाज, मोहम्मद इरसाद, वसीम, कलीम, शेख जाकीर, इस्माईल, शाबीर, शाकीर, अजीज, मोहम्मद ईशाक, मुबारिक, इस्ताक, रहीश, अशरफ, मोनू उर्फ सलमान और मोहम्मद अजहर हैं।

‘केले की दुकान लगाओ, जाकर अंडे बेचो’: कपिल देव ने की ‘प्रेशर’ की धुलाई, कहा- मत खेलो, किसी ने क्रिकेट के लिए मजबूर नहीं किया

1983 की विश्व विजेता टीम के कप्तान रहे कपिल देव (Kapil Dev) ने प्रेशर का रोना रोने वाले खिलाड़ियों को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा है कि जो खिलाड़ी दबाव नहीं झेल सकते उन्हें केले और अंडे की दुकान लगानी चाहिए। उन्हें किसी ने क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर नहीं किया है।

कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान कपिल देव ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेल का आनंद लेना चाहिए। एक खिलाड़ी को देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गर्व होना चाहिए, न कि दबाव महसूस करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि खिलाड़ी आजकल आईपीएल खेलने की वजह से प्रेशर में हैं। दबाव एक बहुत ही सामान्य शब्द है। ऐसे में मैं दबाव महसूस करने वाले खिलाड़ी से कहूँगा कि वे क्रिकेट ना खेले। उनको किसी ने क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर नहीं किया है। जब आप इतने बड़े स्तर (विश्व स्तर) पर खेलेंगे तो दबाव और प्रतिस्पर्धा होगी। आपकी प्रशंसा और आलोचना होगी। यदि आप आलोचना नहीं सह सकते तो मत खेलिए।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान ने कहा कि प्रेशर एक अमेरिकी शब्द है। अगर आप काम नहीं करना चाहते तो न करें। क्या कोई आपको मजबूर कर रहा है? जाकर केले की दुकान लगाओ। अंडे बेचो। आपको मौका मिला है तो आप इसे दबाव के रूप में क्यों ले रहे हैं? कपिल ने कहा कि 100 करोड़ से भी अधिक आबादी वाले देश में आपको देश के प्रतिनिधित्व का मौका मिला है और आप दबाव में हैं। यह कैसे हो सकता है? जिन खिलाड़ियों को टीम इंडिया में खेलने का मौका मिला, उन्हें खुद को भाग्यशाली समझना चाहिए क्योंकि आपको लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है। हर किसी को यह खुशी नहीं मिलती।

आपको बता दें कि विराट कोहली समेत कई खिलाड़ियों ने हाल के दिनों में अपने मेंटल हेल्थ को लेकर अनुभव साझा किया था। कोहली ने एक इंटरव्यू में कहा था कि एक समय में वे मानसिक रूप से कमजोर महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि लोगों से भरे कमरे में भी उन्हें अकेलापन सा लगता था। कोहली ने एशिया कप मुकाबले से पहले क्रिकेट से कुछ दिनों का ब्रेक भी लिया था। हालाँकि ब्रेक से वापसी के बाद कोहली का प्रदर्शन तो ठीक-ठाक रहा, लेकिन हाल के दिनों में टीम इंडिया बड़े मुकाबलों और प्रेशर मैचों में आसानी से हार गई। एशिया कप के बाद हाल ही में संपन्न टी 20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन औसत रहा। फेवरेट मानी जा रही टीम फाइनल तक नहीं पहुँच सकी। जिसके बाद से भारतीय क्रिकेटरों को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

‘तू बहुत हिंदुत्व की बात करता है… तेरा सर कलम करना होगा’: गाजियाबाद के महंत को पश्चिम बंगाल से भेजा ‘मौत का फरमान’, कहा- मोदी-योगी भी न बचा पाएँगे

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में महंत मार्तण्ड पशुपति को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी दी गई है। यह धमकी एक पत्र के माध्यम से दी गई है, जो पश्चिम बंगाल से भेजा गया है। पत्र में इस्लाम को सबसे ऊँचा बताते हुए कत्ल की वजह हिंदुत्व की बात करने को लिखा गया है। महंत ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी है। बताया जा रहा है कि महंत को 2 माह में मिली यह पाँचवी धमकी है। धमकी भरा खत मंगलवार (20 दिसंबर 2022) को मिला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्तण्ड पशुपति, पशुपति अखाड़ा नेपाल के महंत हैं। फिलहाल वो साहिबाबाद थानाक्षेत्र के श्याम पार्क इलाके में रह रहे हैं। मंगलवार को सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल से उन्हें एक धमकी भरी चिट्ठी मिली। यह चिट्ठी स्पीड पोस्ट से भेजी गई थी जिस पर भेजने वाले के तौर पर किसी मंज़ूर अहमद का नाम लिखा था। इस चिट्ठी में टाइटल के तौर पर ‘मौत का फरमान’ लिखा हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार चिट्ठी में कहा गया है, “तू बहुत हिंदुत्व की बात करता है। इस्लाम सबसे ऊँचा है और सबसे ऊँचा रहेगा इंशाल्लाह। तुझे मिटाना होगा, तेरा सर कलम करना होगा।”

जब महंत ने इस चिट्ठी को खोला तब उसमें उनको जान से मार डालने की धमकी दी गई थी। पत्र में इस्लाम को सबसे ऊँचा बताते हुए हिंदुत्व की बात करने की वजह से महंत के सिर को कलम करने की बात कही गई है। चिट्ठी में कहा गया है कि महंत को अल्लाह का बंदा जमींदोज करेगा, क्योंकि उनका घर खोज निकाला गया है। साथ ही इसमें मोदी और योगी का भी जिक्र करते हुए लिखा गया, “अल्लाह के फ़रिश्ते तुझ पर नजर रखे हुए हैं। तू जल्द मिटने वाला है। कोई सरकार तुझे बचा नहीं सकेगी। मोदी-योगी कोई नहीं।”

महंत मार्तण्ड ने इस धमकी की सूचना साहिबाबाद पुलिस को दी है। उन्होंने धमकी देने वाले की गिरफ्तारी की माँग की। इस से पहले भी महंत मार्तण्ड को 17 अगस्त 2022 को चिट्ठी से ही धमकी दे कर सिर कलम का एलान किया गया था। इस धमकी पर 20 अगस्त को FIR भी दर्ज हुई थी। खुद पर खतरा बताते हुए महंत ने पुलिस पर न तो धमकी देने वालों को पकड़ने और न ही खुद को सुरक्षा देने का आरोप लगाया है। ACP पूनम मिश्रा के मुताबिक धमकी देने वाले के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी जा रही है।

फिर से ईसाई हुक्ड क्रॉस को हिन्दू स्वस्तिक बताने में लगे विदेशी, ‘डेली मेल’ की पत्रकार प्रोपेगंडा में आगे: नाजियों के चिह्न से एकदम अलग है सनातन प्रतीक

‘स्वस्तिक’ और ‘हुक्ड क्रॉस’ के बीच अंतर को लेकर दुनिया भर में कन्फ्यूजन है। खासकर पश्चिमी मीडिया ने इस कन्फ्यूजन को बढ़ाने का काम किया है। इसका ताजा उदाहरण ‘डेली मेल’ की एक कॉलमनिस्ट ने अपने ट्वीट से पेश किया है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने ‘हनुक्का’ की पहली रात को इजरायल विरोधी एक क्रॉसवर्ड पहेली जारी किया है, जिसके बारे में सोशल मीडिया में लोगों का कहना है कि ये स्वस्तिक की तरह दिख रहा है। वह आगे कहती हैं – “हम तुम्हें देख लेंगे न्यूयॉर्क टाइम्स।” ‘हनुक्का’ यहूदियों का पवित्र पर्व है। यहूदी इस पर्व को प्रकाश उत्सव की तरह मनाते हैं।

कॉलमनिस्ट मेघान मैक्केन द्वारा शेयर की गई तस्वीर किसी भी एंगल से स्वस्तिक नहीं दिख रही है। एक ट्विटर यूजर ने उनके ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, “यह हुक्ड क्रॉस है न कि स्वस्तिक। आपको हनुक्का मुबारक। भगवान आपको सद्बुद्धि दे। कृपया हमारे खिलाफ नरसंहार को भड़काए नहीं।”

बता दें कि पश्चिमी मीडिया नाजियों के हुक्ड क्रॉस या हेकेनक्रेज को हिंदू धर्म के शुभ प्रतीक स्वस्तिक बताकर प्रोपेगेंडा फैलाती रही है। इससे विश्व भर में हिंदुओं के खिलाफ और उनके धर्मस्थलों पर हमले बढ़ रहे हैं। कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन में हिंदुओं पर इसे लेकर कई बार हमले हुए हैं। इन हमलों को लेकर भारत सरकार को विदेशों में रहने वाले हिंदुओं को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ी।

दरअसल, इन देशों में रहने वाले हिंदू और हिंदू संगठन लगातार वहाँ के अधिकारियों और सरकार को बताते रहे हैं कि नाजियों के हुक्ड क्रॉस और हिंदुओं के स्वस्तिक में भारी अंतर है। इस अंतर को समझते हुए हुक्ड क्रॉस को स्वस्तिक से ना जोड़ा जाए और ना ही उसे स्वस्तिक कहा जाए। इसके बावजूद हिंदू विरोधी मीडिया संस्थान हिंदुओं के इस प्रतीक का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ हिंसा के लिए स्थानीय लोगों को लगातार उकसा रहे हैं।

अमेरिका के राज्यों और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने इस अंतर को समझते हुए इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए हैं। 23 अगस्त 2022 को अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया ने इसको लेकर एक कानून भी पारित किया था। कैलिफोर्निया राज्य की सीनेट ने सर्वसम्मति से एक विधेयक AB2282 पारित किया।

इस विधेयक में नाजी हेकेनक्रेज़ (जर्मन में हुक्ड क्रॉस) के प्रदर्शन को अपराध बनाया गया है। इसके साथ ही इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह स्वस्तिक जैसा दिखता है, लेकिन यह बिल हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म से जुड़े स्वस्तिक के प्रदर्शन को अपराधीकरण नहीं करता। इसका मतलब स्पष्ट है कि कैलिफोर्निया की सीनेट मानती है कि हिंसा को प्रतीक बना हुक्ड क्रॉस हिंदुओं के स्वस्तिक से अलग है।

वहीं, ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स संसद (NSW Parliament) ने हेक्रेनक्रेज के प्रदर्शन को अपराध घोषित किया, लेकिन स्वस्तिक को उससे अलग रखा। इसी तरह का बिल ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और क्वींसलैंड में पास किया गया। यहाँ भी सरकारों ने हिंदुओं के माँग को ध्यान में रखते हुए नाजी हेकेनक्रेज और स्वस्तिक से अलग माना।

मोईन खान ने ‘मोनू वर्मा’ बन हिन्दू लड़की को फाँसा, कर रहा था अश्लील हरकत: ‘बजरंग दल’ ने धुनाई के बाद पुलिस को सौंपा, 5 साल से बना रहा था संबंध

मध्य प्रदेश में कड़ा कानून बनने के बाद भी धर्मांतरण और ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आ रहे हैं। दरअसल, इंदौर में मोइन खान नामक व्यक्ति खुद को मोनू वर्मा बताते हुए हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फँसा कर अश्लील हरकत कर रहा था। इसकी सूचना ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं को मिली। बजरंगियों ने मौके पर पहुँचकर उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंपा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदौर के ट्रेजर आइलैंड मॉल में मोइन नामक युवक हिंदू लड़की के साथ घूम रहा था। इस बारे में, बजरंग दल के जिला संयोजक मनोज यादव को जानकारी मिली थी कि एक मुस्लिम युवक हिंदू लड़की को लेकर घूम रहा है और उसके साथ अश्लील हरकत कर रहा है। इस पर, मनोज यादव कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुँचकर मोइन को अश्लील हरकत करते रंगे हाथों पकड़ लिया।

इसके बाद, बजरंगियों ने उससे पूछताछ करनी शुरू की। इस पर वह खुद को मोनू वर्मा निवासी माणिक बाग बताने लगा। साथ ही, उसने लड़की को अपना फ्रेंड बताया। पूछताछ के दौरान, उसके हावभाव देखकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को शक हुआ। इसके बाद, उन्होंने उससे ओरिजिनल आईडी माँगी तो वह घबड़ा गया। कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना नाम मोइन खान बताया।

मोइन खान की सच्चाई सामने आने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उससे पूछा कि तुमने पहले अपना नाम गलत क्यों बताया। इस पर उसने कहा कि बजरंग दल वाले मुस्लिम लव जिहादियों को पकड़कर जेल में डाल देते हैं, इसलिए वह डर गया था। उसने लड़की के साथ बीते 5 सालों से संबंध बनाने की बात भी स्वीकारी। इसके बाद, बजरंगियों ने उसकी पिटाई कर दी। फिर, स्थानीय तुकोगंज थाने की पुलिस को बुलाकर उसे सौंप दिया। साथ ही, लड़की के परिजनों को भी थाने बुलाया।

‘लव जिहाद’ के इस मामले में पुलिस का कहना है कि मोईन खान अपना नाम बदलकर मोनू रख लिया था। कई वर्षों से नाम बदलकर युवती से संबंध बना रहा था। पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपित मोइन खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जाँच की जा रही है। दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी।