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तो MP में नहीं दिखेगी ‘पठान’, गृहमंत्री बोले- दीपिका की वेशभूषा आपत्तिजनक, गाना दूषित: बेशरम रंग को ‘चोरी और कॉपी-पेस्ट’ बता रहे नेटिजन्स

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shahrukh Khan) की फिल्म ‘पठान’ (Pathaan) रिलीज से पहले ही विवादों में है। ‘बेशरम रंग’ (Besharam Rang) गाने के जरिए जानबूझकर अश्लीलता फैलाने के आरोप लग रहे हैं। फिल्म का बॉयकाट करने की बात हो रही है। सोशल मीडिया पर #BoycottPathan ट्रेंड कर रहा है।

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इस गाने में दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की वेशभूषा और इसे फिल्माने के तरीके पर आपत्ति जताई है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि इसे ठीक नहीं किया गया तो राज्य में ‘पठान’ को रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार (14 दिसंबर 2022) को कहा, “फिल्म पठान (Pathan) के गाने में टुकड़े-टुकड़े गैंग की समर्थक अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की वेशभूषा बेहद आपत्तिजनक है। साफ दिख रहा है कि यह गाना दूषित मानसिकता के साथ फिल्माया गया है। ‘बेशरम रंग’ गाने के बोल, दृश्यों और भगवा व हरे रंग की वेशभूषा को ठीक किया जाए। वरना हम तय करेंगे कि मध्य प्रदेश में फिल्म की स्क्रीनिंग होनी चाहिए या नहीं।”

शाहरुख खान ‘पठान’ फिल्म से लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी फिल्म को लेकर दर्शक खासा उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं। फिल्म के कई सीन्स और ‘बेशरम रंग’ गाने को सोशल मीडिया पर कॉपी-पेस्ट बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स दावा कर रहे हैं कि इस गाने का म्यूजिक माकेबा (Makeba) के गाने से चोरी किया गया है। यूजर्स ने सोशल मीडिया पर मेकर्स पर मकीबा गाने को चुराने का आरोप लगाते हुए बेशर्म रंग और मकीबा दोनों गानों के क्लिप्स को शेयर किया है।

हालाँकि, इससे पहले लोगों ने दावा किया था कि ‘पठान’ में दिखाए अधिकतर सीन्स ‘वॉर’, ‘टाइगर’, ‘कैप्टन अमेरिका: द विंटर सोल्जर’ जैसी हिट फिल्मों से कॉपी-पेस्ट किए गए हैं।

(द वार फिल्म का सीन (दाएँ) और पठान फिल्म का सीन (बाएँ) फोटो साभार : NBT)

शाहरुख खान की फिल्म ‘पठान’ 25 जनवरी 2023 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म में शाहरुख के साथ दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम लीड रोल में हैं।

गौरतलब है कि निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘पठान’ के ‘बेशरम गाने’ में जिस तरह से अश्लीलता दिखाई गई है, लोग उससे बेहद आक्रोशित हैं। दीपिका पादुकोण के ‘मोनोकिनी अवतार’ पर फोकस के बाद ये अंदेशा लगाया जा रहा है कि क्या शाहरुख़ खान अब दीपिका पादुकोण के ‘सेक्सी गाने’ को दिखा कर अपनी फिल्म ‘पठान’ को हिट कराना चाहते हैं। इस गाने को गीतकार कुमार ने लिखा है, जबकि विशाल-शेखर की जोड़ी ने संगीत दिया है। वहीं शिल्पा राव और कैरालीसा मोंटेरियो ने इसे आवाज़ दी है।

‘PLA बालसेना, जवानों में लड़ने का जज्बा नहीं’: तवांग में पिटने के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग को घेर रहे चीनी, बोले- पहले कोविड से तो निपटो

लद्दाख के गलवान घाटी में फजीहत झेलने के बाद अब अरुणाचल प्रदेश (Twang, Arunachal Pradesh) के तवांग में मुँह की खाने के बाद चीन को अपने ही लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रह है।

भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के बीच तवांग में हुई घटना का चीन की मीडिया में रिपोर्टिंग नहीं की जा रही है। इस कारण चीन के लोगों को वहाँ के बारे में बहुत कम जानकारी मिल पा रही है।

इंडिया टुडे ने वीवो जैसी चीन की सोशल मीडिया साइट को खंगाला और वहाँ पर लोगों की प्रतिक्रिया को समझने की कोशिश की। वीवो जैसी चीनी मीडिया साइट पर लोगों का कहना है ऐसी घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की अनुमति जरूरी है। इसलिए उन्हें बॉर्डर से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए विदेशी मीडिया पर आश्रित होना पड़ रहा है।

वहाँ की सोशल मीडिया पर पाई गई प्रतिक्रिया के अनुसार, चीन के नेटिज़न्स सीमा विवादों की अपेक्षा वे देश के आंतरिक मुद्दों को लेकर अधिक चिंतित हैं। उन्हें पता है कि भारत भारत बेवजह लड़ने वाला देश नहीं है। वह अन्य देशों की तुलना में आर्थिक विकास की तेज दर पर अधिक केंद्रित है।

एक चीनी शख्स ने वहाँ के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि चीनी मीडिया इस घटना की रिपोर्टिंग करने में झिझक रही है और शी जिनपिंग से पूछना चाह रही है: “हे नेता, क्या हम इसकी रिपोर्टिंग कर सकते हैं? हम इसकी रिपोर्टिंग कैसे करें?”

यूजर्स ने इस दौरान यह भी बताया कि पिछली बार जम्मू-कश्मीर के गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बारे में देश को जानकारी देने में चीन ने आवश्यकता से अधिक देरी की थी। चीन के लोग सत्ताधारी कम्युनिष्ट पार्टी पर सवाल उठा रहे हैं।

उनका कहना है कि देश में कोविड-19 की स्थिति बुरी है। ऐसे में शी जिनपिंग की सरकार को वहाँ के आंतरिक हालात पर नजर रखनी चाहिए। कुछ चीनी लोगों ने चीन की PLA को ‘बालसेना’ बताया और कहा कि उनमें लड़ने का जज्बा नहीं है। वे बस अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं।

न कोई जुड़वा भाई-न कोई मर्डर, फिर भी आँखों में आँसू ला सुना दी ऐसी कहानी जो आपने कभी सुनी न होगी: जाना चाहता था अमेरिका, गया जेल

6 दिसंबर 2022। दिल्ली का अमेरिकी दूतावास। एक व्यक्ति आँखों में आँसू लिए आता है। एक कहानी सुनाकर वीजा माँगता है। बताता है कि उसके जुड़वा भाई का अमेरिका में मर्डर हो गया है। साक्ष्य में दस्तावेज भी पेश कर देता है। लेकिन, अब यह व्यक्ति पुलिस की गिरफ्त में हैं। उसका नाम है जसविंदर सिंह। उम्र है 26 साल। पंजाब के पटियाला का रहने वाला है।

जसविंदर का हकीकत में कोई जुड़वा भाई नहीं है। न ही उसका अमेरिका में मर्डर हुआ है। उसने यह झूठी कहानी और फर्जी दस्तावेज अमेरिका जाने के लिए गढ़े थे। पटियाला से वह 6 दिसंबर को दिल्ली के अमेरिकी दूतावास में गया। रोते हुए अधिकारियों को बताया कि न्यूयॉर्क में उसके जुड़वा भाई कुलविंदर की हत्या कर दी गई। उसके अंतिम संस्कार में जाने के लिए उसे अमेरिका जाने की अनुमति दी जाए।

इस दौरान उसने खुद को क्राइम ब्रांच ऑफिसर बताया। कहा कि वह 2017 से पुणे में तैनात है। यह भी झूठ था। खुद को क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बताने के लिए भी उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।

इसी तरह भाई की हत्या की बात को सही दिखाने के लिए उसने न्यूयॉर्क के ‘बीचर फ्लुक्स फ्यूनरल होम’ से प्राप्त एक लेटर दिखाया। इसके मुताबिक उसके कथित जुड़वा भाई कुलविंदर की मौत 24 अक्टूबर 2022 को हुई थी। वीजा साक्षात्कार के दौरान दूतावास के अधिकारी भी उसकी और कुलविंदर की तस्वीरों में समानता से हैरान थे।

लेकिन उसकी सारी कहानी तब धरी रह गई जब अमेरिकी अधिकारियों ने यह पता लगा लिया कि कुलविंदर सिंह नाम का कोई व्यक्ति न्यूयॉर्क के उस इलाके में नहीं रहता था जिसके बारे में जसविंदर बता रहा था। न ही इस नाम के किसी भी व्यक्ति की उस तिथि पर मृत्यु हुई थी।

सच सामने आने के बाद जसविंदर ने भी अपना फर्जीवाड़ा कबूल कर लिया। उसकी योजना अमेरिका पहुँचकर अपने कथित भाई के दस्तावेजों के आधार पर वहीं रहने की थी। उसने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका के उसके दोस्त ने फर्जी कागजात दिलाने में उसकी मदद की थी। सभी फर्जी दस्तावेज उसने उसे ईमेल से भेजे थे।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दूतावास के अधिकारियों ने इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दी। पुलिस ने जसविंदर को गिरफ्तार कर लिया है। अमेरिका से उसकी मदद करने वाले शख्स को भी पकड़ लिया गया है।

पुलिस ने जसविंदर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल के संबंध में केस दर्ज किया है। पुलिस इस भी पड़ताल कर रही है कि इसके पीछे मानव तस्करी में शामिल कोई संगठित गिरोह तो नहीं है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जाँच के लिए एक टीम पंजाब भी जाएगी।

चमड़ा का सामान और इत्र बेचने वाली की अमीरी एलन मस्क पर भी भारी: जानिए कौन हैं दुनिया के No.1 धनवान, जिनकी संपत्ति 1556102 करोड़ की

दुनिया के सबसे अमीरों की नई लिस्ट जारी हुई है। अब दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति फ्रांस के बर्नार्ड अरनॉल्ट (Bernard Arnault) बन गए हैं। बर्नार्ड LVMH के मालिक हैं। LVMH 75 से अधिक प्रतिष्ठित और लग्जरी ब्रांड्स की पैरेंट कंपनी है।

दुनिया के अमीरों की संपत्ति को ट्रैक करने वाली संस्था और अमेरिकी बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स (FORBES) ने अमीरों की नई लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में एलन मस्क को पीछे छोड़ते हुए बर्नार्ड अरनॉल्ट अब नंबर एक स्थान पर पहुँच गए हैं। बर्नार्ड की कुल संपत्ति 188.6 अरब डॉलर आँकी गई है जबकि एलन मस्क की संपत्ति कम हो कर अब 188.6 अरब डॉलर (15,56,102.77 करोड़ रुपए) रह गई है।

आपको बता दें बर्नार्ड अरनॉल्ट (Bernard Arnault) की कंपनी LVMH ही लग्जरी पर्स बनाने वाली मशहूर ब्रांड लुई वुइटन की मूल कंपनी है। इसके अलावा कंपनी के पास 75 से ज्यादा लग्जरी ब्रांड हैं। LVMH में उनके पास होल्डिंग व्हीकल और फैमिली ट्रस्ट के जरिए 60 प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी है। कंपनी के टॉप ब्रांड्स में लुई वुइटन के अलावा मार्क जैकब्स, टिफनी एंड कंपनी, क्रिश्चियन डायर, फेंडी, गिवेंची और सेपोरा जैसे नाम शामिल हैं।

बर्नार्ड अरनॉल्ट का जन्म 5 मार्च, 1949 को फ्रांस के रूबैक्स की एक कारोबारी परिवार में हुआ था। पढ़ाई करने के बाद उन्होंने फेरेट-सविनेल कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ बतौर इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद 1978 तक उन्हें इस कंपनी में कई प्रमोशन मिले। अरनॉल्ट ने 1984 में लग्जरी गुड्स मार्केट में उतरने का फैसला किया। इस दौरान उन्होंने एक टेक्सटाइल ग्रुप का अधिग्रहण किया। इस ग्रुप के पास क्रिश्चियन डायर ब्रांड का भी स्वामित्व था। इसके चार साल बाद अरनॉल्ट ने एलवीएमएच (LVMH) में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदा।

उन्होंने देखते ही देखते इसे फायदा पहुँचाने वाला ग्रुप बना दिया। 1989 में बर्नार्ड अरनॉल्ट LVMH के मेजोरिटी शेयरहोल्डर बन गए। इसके साथ ही यह दुनिया का प्रमुख लग्जरी उत्पाद समूह बन गया। अरनॉल्ट 1989 से ही कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ हैं। अरनॉल्ट अपनी पारिवारिक होल्डिंग कंपनी ग्रुप अरनॉल्ट एसई के निदेशक मंडल (Board of directors) के अध्यक्ष भी हैं।

आपको बता दें कि बर्नार्ड अरनॉल्ट इससे पहले भी दिसंबर 2019, जनवरी 2020 और मई 2021 में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन चुके हैं। लेकिन, अधिक समय तक वे नंबर एक पायदान पर टिक नहीं सके। एलन मस्क साल 2021 से लगातार दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने हुए थे। बर्नार्ड अरनॉल्ट लंबे समय से दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बने हुए थे, जो अब नंबर एक पर हैं।

‘मेरी पुणे में बीवी ने दूसरे शख्स से शादी कर ली, उन्होंने मदद नहीं की’: NCP चीफ शरद पवार को ‘देसी कट्टा’ से हत्या की धमकी देने वाला बिहार से गिरफ्तार

राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के नेता शरद पवार (Sharad Pawar) को धमकी देने के मामले में बिहार से एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस आरोपित को अपने साथ मुंबई ले जा रही है। आरोपित की पहचान नारायण कुमार सोनी के तौर पर की। वह पहले भी पवार को धमकी दे चुका है।

शरद पवार के जन्मदिन के अगले दिन मंगलवार (13 दिसंबर 2022) को उनके  मुंबई (Mumbai News) स्थित सिल्वर ओक (Silver Oak) आवास पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल किया। उसने शरद पवार को गोली मारकर हत्या करने की धमकी दी। फोन को पुलिस ऑपरेटर ने रिसीव किया था।

धमकी देने वाले सोनी ने हिंदी में बोलते हुए कहा कि वह मुंबई आकर देसी कट्टे से उन्हें मार देगा। इसके बाद पवार के बंगले पर पोस्टेड पुलिस ने मामले की शिकायत गामदेवी पुलिस थाने की। शिकायत के आधार पर अज्ञात शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। 

बताया जा रहा है कि आरोपित सोनी इससे पहले भी पवार को फोन कर धमकी दे चुका है। उस दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, फिर चेतावनी देकर छोड़ दिया था। इस बार आरोपित ने वही गलती दोहराई और इस बार उसके खिलाफ IPC की धारा 294, 506(2) के तहत केस दर्ज किया है।

अधिकारियों के मुताबिक, नारायण कुमार सोनी की दिमागी हालत ठीक नहीं लग रही है। उसने पुलिस को बताया कि वह पत्नी के साथ 10 साल महाराष्ट्र के पुणे जिले में रहा था। वहाँ, उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया और अन्य व्यक्ति से से शादी कर ली।

उसने बताया कि इसकी शिकायत उसने पुलिस से की थी, लेकिन इस मामले में कोई ऐक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद इस मामले में उसने शरद पवार से संपर्क किया, लेकिन पवार ने ‘कोई प्रयास नहीं किया’। इससे गुस्सा होकर वह शरद पवार को फोन पर धमकी दे रहा था।

गौतम गंभीर ने सही कहा है, बातों से नहीं होता न्याय, पर उस सिस्टम का क्या करें जिसमें एसिड अटैक के ‘दोषी’ ही नहीं मिलते

दिल्ली का द्वारका। 17 साल की एक लड़की अपनी बहन के साथ जा रही थी। सुबह का समय था। मुँह बाँधे बाइक पर सवार दो लोग आते हैं और उसके चेहरे पर तेजाब फेंक चले जाते हैं। देश की राजधानी में हुई इस घटना ने एक बार फिर एसिड अटैक (Acid Attack) को चर्चा में ला दिया है।

पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने हमलावरों को सार्वजनिक तौर पर फाँसी देने की माँग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि केवल बातों से किसी तरह का न्याय संभव नहीं है। इस तरह के हमले करने वाले वह​शी-दरिंदों के भीतर खौफ पैदा करना होगा। इसलिए द्वारका में स्कूली छात्रा पर एसिड अटैक करने वालों को अधिकारियों को सार्वजनिक तौर पर फाँसी देनी चाहिए।

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है, “ये बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अपराधियों की इतनी हिम्मत आख़िर हो कैसे गई? अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। दिल्ली में हर बेटी की सुरक्षा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।”

एसिड अटैक की यह पहली घटना नहीं है। न ही इसको लेकर ऐसा रोष पहली बार देखने को मिल रहा है। कुछ साल ही हुए हैं जब दीपिका पादुकोण एक एसिड अटैक सर्वाइवर पर ‘छपाक’ नाम से फिल्म लेकर आईं थी। यह फिल्म जिस लक्ष्मी अग्रवाल पर आधारित बताई गई थी, उन पर भी दिल्ली में सरेबाजार एसिड अटैक हुआ था। हमलावर 32 साल का नईम खान था। वह इस बात से खुन्नस खाए बैठा था कि 15 साल की लक्ष्मी ने शादी का उसका प्रस्ताव कैसे ठुकरा दिया। हमले से पहले वह 10 महीने तक लक्ष्मी का पीछा करता रहा। यह लक्ष्मी की जिजीविषा थी कि वह बाद में फैशन का चेहरा बन गईं, उस पर सिनेमा तक बन गया, लेकिन एसिड अटैक बंद नहीं हुए।

जब अप्रैल 2003 की एक रात धनबाद में अपने घर की छत पर सोई सोनाली मुखर्जी पर तेजाब की बारिश की गई थी, तब भी खूब बातें हुईं थी, भले आज की तरह सोशल मीडिया नहीं था। एनसीसी कैडेट और कॉलेज टॉपर रही इस लड़की पर तेजाब उन तीन लोगों ने फेंका था, जिनकी छेड़खानी का उसने विरोध किया था। हमले के बाद सोनाली का चेहरा मांस का ठूंठ भर रह गया। देखने की क्षमता प्रभावित हुई। सदमे से दादा मर गए। माँ अवसाद में चली गई। इलाज कराने में पिता की जमीन बिक गई। भले आज सोनाली के खुशहाल जिंदगी जी रही हो, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था जब उसने इच्छामृत्यु की इजाजत तक माँगी थी।

सोनाली हो या लक्ष्मी या फिर द्वारका की 17 साल की छात्रा… हकीकत यह है कि हर दूसरे या तीसरे दिन देश के किसी न किसी हिस्से में कोई महिला एसिड अटैक की शिकार बन रही है। इसी साल अगस्त में लोकसभा में एक सवाल के जवाब में एनसीआरबी के आँकड़ों के हवाले से बताया गया है कि देश में महिलाओं पर एसिड अटैक के 2018 में 131, 2019 में 150 और 2020 में 105 मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन इसका दूसरा और कड़वा पक्ष यह है कि 2018 में ऐसे मामलों में केवल 28 लोगों को दोषी ठहराया गया। 2019 में यह संख्या 16 और 2020 में 18 रही। यानी 2018 से 2020 के भीतर एसिड हमलों के 386 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि दोष सिद्धि केवल 62 मामलों में ही हुई।

ऐसे में गौतम गंभीर का यह कहना बिल्कुल सही है कि शब्दों से किसी तरह का न्याय संभव नहीं है। लेकिन वे जिस सिस्टम से ऐसे दरिंदों को सार्वजनिक तौर पर फाँसी दिए जाने की अपेक्षा कर रहे हैं, उसी सिस्टम में एसिड अटैक के मामलों में दोषसिद्धि की दर एक चौथाई से भी काफी कम है। यदि हम चाहते हैं कि कल को फिर किसी सोनाली को इच्छामृत्यु की इजाजत नहीं माँगनी पड़े, कोई नईम खान कल फिर किसी लक्ष्मी पर एसिड न फेंके तो जरूरी है कि पहले इस सिस्टम को दुरुस्त करें। बिना इसे दुरुस्त किए दरिंदों के भीतर खौफ पैदा करना भी बस गलथोथी ही है।

चीन से AIIMS पर हुआ साइबर अटैक, 5 सर्वर किए हैक: स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से रिपोर्टों में बताया, 4 करोड़ लोगों का डाटा चोरी होने की बात आई थी सामने

दिल्ली के AIIMS के सर्वरों को चीन से हैक किया गया था। बुधवार (14 दिसंबर 2022) को सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि 23 नवंबर से अस्पताल के पाँच प्रमुख सर्वरों को है किया गया है, जिसे दुरुस्त करने का काम जारी है। इसकी जाँच NIA कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि AIIMS में कुल 100 सर्वर हैं, जिनमें 40 फिजिकल और 60 वर्चुअल सर्वर हैं। जो 40 फिजिकल सर्वर हैं, उन्हीं में पाँच प्रमुख सर्वरों को हैक कर लिया गया है। इसके पहले खबर आई थी कि चीन ने AIIMS के लगभग 4 करोड़ लोगों का डेटा चुरा लिया है और इसे डार्क वेब पर बेच दिया है। इन डेटा में राजनेता, सेलिब्रिटी और बड़े अधिकारियों के डिटेल शामिल हैं।

हैकरों ने AIIMS के पाँच सबसे महत्वपूर्ण सर्वरों को निशाना बनाते हुए उन्हें हैक कर लिया था। इसके बदले हैकरों ने AIIMS से 200 करोड़ रुपए की फिरौती क्रिप्टोकरेंसी में माँगी थी। अब सामने आया है कि हैक किए गए डेटा को इंटरनेट के गुप्त हिस्से डार्क वेब पर इन्हें बेच दिया गया है। कहा जाता है कि डार्क वेब पर AIIMS डेटा के नाम से 1600 बार सर्च किया गया है।

ANI ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा कि स्थिति और बुरी हो सकती थी, लेकिन उससे पहले ही उस पर काबू पा लिया गया। जिन पाँच सर्वरों को हैक किया गया है, उनके डेटा को फिर से हासिल कर लिया गया है। सूत्र का कहना है कि यह एक साजिश के तहत की गई है।

बता दें कि सर्वर पर रैंसमवेयर अटैक की जाँच NIA और दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन (IFSO) कर रही है। हैकरों ने सर्वरों को निशाना बनाने के बाद इसे बहाल करने के लिए AIIMS से 200 करोड़ रुपए की फिरौती माँगी थी। फिरौती भी उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी में माँगी थी। 

कहा जा रहा है कि साइबर अटैक का उद्देश्य देश की मेडिकल सेवाओं को ठप करना और फिरौती की रकम वसूल करना था। इस हमले के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्नी हो गई हैं, क्योंकि AIIMS में हाई प्रोफाइल लोगों का भी इलाज होता है और उनके स्वास्थ्य से संबंधित डिटेल होता है। साइबर हमले से स्वास्थ्य सेवाएँ ठप हो जाती हैं और की मरीजों की जान खतरे में आ जाती है। मेडिकल डेटा ना मिलने से मरीजों के जरूरी ऑपरेशन रुक जाते हैं।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने इसे बड़ी साजिश माना था। उन्होंने आशंका जताई थी कि इसके पीछे बड़े संगठित गैंग हो सकते हैं। AIIMS सर्वर अटैक कोई सामान्य अटैक नहीं है। यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।

‘BJP विधायक ने मुस्लिमों को धमकाया – वोट नहीं दोगे तो विकास का काम रोक दूँगा’: AltNews वाले जुबैर की फेक न्यूज़ फैक्ट्री से निकला एक और झूठा दावा

नोबेल पुरस्कार जीतने का झूठा दावा करने वाले (फर्जी खबरों के लिए) ऑल्ट न्यूज के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) ने 13 दिसंबर, 2022 को कर्नाटक के भाजपा विधायक प्रीतम गौड़ा का एक वीडियो साझा किया। इसके साथ मोहम्मद जुबैर ने लिखा, “कर्नाटक के हासन से भाजपा विधायक प्रीतम गौड़ा ने मुस्लिमों को धमकी दी है कि अगर वे आने वाले चुनावों में उन्हें वोट नहीं देते हैं तो वे कोई भी विकास कार्य नहीं करेंगे।” ट्वीट का आर्काइव वर्जन यहाँ देखा जा सकता है।

जमानत पर बाहर चल रहे मोहम्मद जुबैर ने सीधे तौर पर भाजपा विधायक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मुस्लिमों को धमकी दी है कि यदि वे आगामी चुनावों में उन्हें वोट नहीं देते हैं, तो वे उनके क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं करवाएँगे। हालाँकि, पूरा वीडियो देखने वालों को यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रीतम गौड़ा ने जो कहा है, वह जुबैर के दावों से बिल्कुल अलग है।

बीजेपी विधायक ने कहा था, “आप हमें अन्ना कहते हैं, लेकिन हमें वोट नहीं देते। यह किसी को भी नाराज करने जैसा है। आपने जो काम किया है, उसकी मजदूरी नहीं मिलने पर क्या आप नाराज नहीं होंगे? कई विकासात्मक परियोजनाओं को पूरा करने के बाद भी अगर आप ये कहेंगे कि बीजेपी को वोट न दें, तो क्या मैं इससे परेशान नहीं हो जाऊँगा? मैंने आपको हमेशा अपने परिवार की तरह माना है और हमेशा मानूँगा। हालाँकि, हमें (नेता) ऐसा लगता है कि मदद करने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि आप कई विकासात्मक परियोजनाओं को पूरा करने के बाद भी हमारी मदद नहीं करेंगे। अब यह आपकी जिम्मेदारी है कि हमें ऐसा न सोचना पड़े।”

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा, “आपलोगों ने मुझे तीन बार धोखा दिया है। अगले छह महीने में चुनाव होने वाले हैं। अगर आप फिर मेरी मदद नहीं करोगे, तो मैं भी वही हो जाऊँगा और आपके किसी काम नहीं आ सकूँगा। अगर आप मेरे घर आओगे तो मैं आपको कॉफी ऑफर करूँगा और वापस भेज दूँगा। पानी, सड़क और नाली का काम मेरा कर्तव्य है, लेकिन मैं आपके निजी काम के लिए वहाँ नहीं रहूँगा।”

प्रीतम गौड़ा के भाषण का पूरा वीडियो यहाँ देखा जा सकता है।

विधायक के वीडियो और उनके भाषण के ट्रांसक्रिप्ट से स्पष्ट है कि उन्होंने यह नहीं कहा कि वे क्षेत्र का विकास कार्य रोक देंगे, बल्कि उन्होंने तो यह कहा है कि वह उनके पर्सनल काम नहीं करेंगे। भाजपा विधायक स्पष्ट रूप से कहते हैं, “पानी, सड़क और नाली का काम किया जाएगा, क्योंकि यह मेरा कर्तव्य है। लेकिन मैं आपके निजी काम के लिए नहीं रहूँगा।”

गौड़ा के भाषण पर इलाके के मुस्लिमों की प्रतिक्रिया

आपको बता दें कि स्थानीय मुस्लिमों ने बीजेपी विधायक के खिलाफ किए गए भ्रामक दावों का खंडन किया।

यह इस बात की पुष्टि करता है कि मोहम्मद जुबैर फर्जी खबरें फैला रहा है। वीडियो में दिख रहे मुस्लिम व्यक्ति ने कहा, “प्रीतम गौड़ा कुछ दिन पहले हमसे मिलने आए थे। उन्होंने गरीब मुस्लिमों के लिए घर बनाने का वादा किया था। उन्होंने न तो हमसे अपने पक्ष में मतदान करने की बात कही और न ही हमें कोई धमकी दी। यह एक झूठा और भ्रामक वीडियो है।”

एक स्थानीय मुस्लिम का एक और वीडियो सामने आया है।

मुस्लिम महिला का कहना है, “यह वीडियो भ्रामक है। हिंदू-मुस्लिम जैसी कोई चीज नहीं होती। हम उन्हीं को वोट देंगे, जिन्होंने हमारे क्षेत्र में विकास कार्य किए हैं। किसी को हमारा वोट माँगने का अधिकार नहीं है। प्रीतम गौड़ा हमारे भाई की तरह हैं, जो कुछ भी मीडिया में चल रहा है, वह भ्रामक है। हम उन लोगों के फैक्ट चेक के लिए तैयार हैं, जो सोशल मीडिया पर पर भ्रामक वीडियो शेयर कर रहे हैं।”

वीडियो के ट्रांसक्रिप्ट और स्थानीय मुस्लिमों ने जो कहा

  1. विधायक प्रीतम गौड़ा ने कभी भी धमकी नहीं दी कि अगर मुस्लिमों ने उन्हें वोट नहीं दिया तो वे उनके क्षेत्र में विकास कार्य रोक देंगे।
  2. उन्होंने कहा कि विकास कार्य उनका कर्तव्य है, लेकिन वह किसी का कोई व्यक्तिगत काम नहीं करेंगे।
  3. स्थानीय मुस्लिम उन्हें अपना भाई मानते हैं।
  4. एक स्थानीय मुस्लिम व्यक्ति ने यह भी दावा किया है कि बीजेपी विधायक ने गरीब मुस्लिमों के लिए घर बनाने का वादा किया है।
  5. मोहम्मद जुबैर फर्जी खबरें फैला रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि इस वीडियो को सबसे पहले इमरान खान नाम के एक पत्रकार ने शेयर किया था। उन्होंने लिखा था, “बीजेपी हसन विधायक प्रीतम गौड़ा का एक कथित वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह श्रीनगर के मुस्लिम मतदाताओं को वोट देने की धमकी दे रहे हैं, नहीं तो वह उनका कोई निजी काम नहीं करेंगे।” वह आगे कहते हैं, “वह मुस्लिमों के साथ प्यार से पेश आते हैं, लेकिन उन्होंने उन्हें धोखा दिया है।”

इमरान खान ने इस वीडियो को सही व्याख्या के साथ साझा किया था, जबकि जुबैर ने गौड़ा के खिलाफ फर्जी खबरों को फैलाने के लिए फैक्ट्स के साथ छेड़छाड़ की।

जुबैर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

जुबैर के ट्वीट के स्क्रीनशॉट से स्पष्ट है कि उसने वह वीडियो शेयर किया था, जिसे इमरान खान ने ट्वीट किया था। लेकिन उसने खान की बातों को नजरअंदाज किया और जानबूझकर फर्जी खबरें फैलाईं।

नूपुर शर्मा विवाद: ऑल्ट न्यूज और मोहम्मद ज़ुबैर की भूमिका

गौरतलब है कि इससे पहले भी मोहम्मद जुबैर कई बार फर्जी खबरें फैलाकर नेटिजन्स के निशाने पर आ चुका है। इस साल मई में फैक्ट चेक के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का एक ट्विस्टेड स्पीच ट्वीट कर ट्रोल्स को उकसाया था। इसके बाद कई कट्टरपंथियों ने नूपुर शर्मा को सोशल मीडिया पर धमकियाँ दी थी और कुछ ने सिर काटने की बात भी कही थी।

बिहार में शराब से मर गए 14, सवाल पर तू-तड़ाक करने लगे CM नीतीश कुमार: RJD विधायक ने कहा- शराबबंदी मानसिक दिवालियापन

बिहार के छपरा में ज़हरीली शराब पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। शराबबंदी वाले बिहार में ज़हरीली शराब से हुई मौत को लेकर विधानसभा में जब सीएम नीतीश कुमार से सवाल हुआ तो नीतीश अपना आपा खो बैठे। इतना ही नहीं नीतीश तुम-तड़ाक पर उतर आए। उन्होंने भाजपा विधायकों को शराबी भी कहा और सदन छोड़कर चले गए।

दरअसल, बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने छपरा में ज़हरीली शराब के कारण हुई मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने ज़हरीली शराब से हुई मौतों पर सरकार की शराबबंदी नीति को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद मुख्यमंत्री अपना आपा खो बैठे और विपक्ष के नेता के साथ बदसलूकी करने लगे। गुस्से में लाल नीतीश ने कहा, “क्या हो गया, ए… चुप हो जाओ। तुम (भाजपा) लोग गंदा काम कर रहे हो। सबको भगाओ यहाँ से। अब तो बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तुम लोग शराबी हो गए हो। अब टॉलरेट नहीं किया जाएगा। तुम लोग पूरे बिहार में गंदा काम कर रहे हो। पहले क्या बोलते थे, अगर नहीं संभले तो काफी बुरा हो जाएगा। तुम लोग शराब के पक्ष में हो गए।”

नीतीश कुमार ने आगे कहा, “तुम लोग (भाजपा के विधायक) गिर गए हो, कितना इज्जत दिया तुम लोगों को, लेकिन तुम क्या कर रहे हो, तुम लोग अपने आप को बर्बाद कर रहे हो। सभा में जारी शोर-शराबे के बीच सीएम नीतीश कुमार गुस्से में तमतमाए नजर आए।”

मुख्यमंत्री के इस व्यवहार से भाजपा विधायकों में काफी नाराजगी है। उन्होंने नीतीश कुमार से माफी की माँग की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा ने सीएम नीतीश के बयान को अमर्यादित करार देते हुए जमकर नारेबाजी की और नीतीश कुमार से इस्तीफा भी माँगा। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

बिहार में भले ही नीतीश कुमार राजद के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं लेकिन शराबबंदी को लेकर जदयू और राजद एकमत नहीं हैं। राजद विधायक और पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह ने सीएम नीतीश कुमार को मानसिक दिवालियापन से ग्रसित बताया। सुधाकर सिंह ने कहा कि किसी भी खाद्य पदार्थ या पेय पदार्थ पर प्रतिबंध लगाना मानसिक दिवालियापन है। प्रतिबंध के स्थान पर जागरूकता फैलाई जानी चाहिए। लोगों को यह समझाया जाना चाहिए कि शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

बता दें कि शराबबंदी वाले बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है। इसमें सबसे अधिक मौतें मसरख में हुई है। ज़हरीली शराब से मसरख में 10 अमनौर में तीन और मढ़ौरा में एक शख्स की जान चली गई।

दिल्ली में 17 साल की छात्रा पर एसिड अटैक, आँखों में घुसा: मुँह बाँधे दो बाइक सवारों ने किया हमला

दिल्ली के द्वारिका में एक नाबालिग लड़की पर एसिड फेंकने का मामला सामने आया है। दो बाइकसवारों ने राह चलती एक लड़की पर एसिड फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गई है। इलाज के लिए उसे सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। आरोपितों की अभी पहचान नहीं हुई है। मामले का महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है।

मामला द्वारिका के मोहन गार्डन एरिया का है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक बुधवार (14 दिसंबर 2022) को सुबह 9 बजे पीसीआर को कॉल मिला कि 12वीं में पढ़ने वाली 17 साल की एक स्कूली छात्रा पर एसिड जैसा कुछ पदार्थ फेंका गया है। घटना सुबह 7:30 बजे की है। जिस समय घटना हुई उस समय लड़की अपनी 13 साल की छोटी बहन के साथ थी।

घटना का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें एक बाइक पर सवार दो लोग दिख रहे हैं। कहा जा रहा है कि दोनों आरोपितों ने अपने मुँह बाँध रखे थे। इसलिए उनकी अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। हालाँकि, पीड़िता ने अपने जानने वाले दो लोगों पर संदेह जताया है।

द्वारका के डीसीपी का कहना है कि लड़की के संदेह के आधार पर एक आरोपित को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। लड़की को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी स्थिति स्टेबल है। DCP के अनुसार, लड़की को 8 प्रतिशत जल गई है।

लड़की के पिता का कहना है, “हमारी छोटी बेटी दौड़ कर घर आई और कहा कि उसकी बहन पर तेजाब फेंका गया है। दोनों लड़कों ने अपने चेहरे ढके हुए थे, उनकी पहचान नहीं हो पाई है। तेजाब उसकी दोनों आँखों में घुस गया गया है।” पुलिस ने आरोपितों की पहचान और उसे पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है।

उधर, इस घटना का राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने संज्ञान लिया है। आयोग की एक टीम मामले की जाँच करने और पीड़िता को हर संभव मदद पहुँचाने के लिए अस्पताल जाएगी और उससे मुलाकात करेगी। उधर, दिल्ली महिला आोयग की प्रमुख स्वाति मालिवाल ने दिल्ली सरकार पर सवाल उठाया है।