Home Blog Page 2174

3 बच्चों की माँ से दानिश करना चाहता था निकाह, इंकार करने पर हिंदू महिला को पेट्रोल डालकर जलाया: पीड़िता बोली- पूरे खानदान को मारने की धमकी देता था

बिहार के मोतिहारी में एक शादीशुदा हिंदू महिला को पेट्रोल डाल कर जलाने की खबर है। पीड़िता की गंभीर हालत देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपित का नाम दानिश आलम है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि दानिश आलम शादीशुदा महिला पर जबरन अपने साथ निकाह करने का दबाव डाल रहा था। घटना गुरुवार (15 दिसंबर 2022) रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कल्याणपुर थानाक्षेत्र के गाँव देवपुर परसा की है। 35 साल की विवाहिता अर्चना कुशवाहा पर घोडासहन थानाक्षेत्र के गाँव विजयी का निवासी दानिश लम्बे समय से निकाह के लिए दबाव बनाता था। दानिश के दबाव के बाद भी पीड़िता निकाह के लिए मना करती रही। अर्चना के 3 बच्चे हैं और उसका पति रणधीर कुमार कुशवाहा चेन्नई में कमाता है। वह साल में एक या दो बार ही घर आता था।

पुलिस का कहना है कि पीड़िता और दानिश में लगभग डेढ़ साल प्रेम प्रसंग चला था। दोनों की बातचीत मिस्ड कॉल से शुरू हुई थी। घटना के दिन शाम 7 बजे पीड़िता अपने घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान दानिश आलम उसके घर पहुँच गया। थोड़ी देर बाद दानिश ने फिर से उसके ऊपर अपने साथ निकाह का दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि इसी बात पर दोनों के बीच नोकझोंक हुई।

इस दौरान आग की चपेट में एक बच्चा और अन्य महिला भी आ गए। ग्रामीणों के मुताबिक महिला की चीखें पूरे गाँव में सुनाई दीं। भाग रहे दानिश को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा। पकड़े जाने पर दानिश आलम खुद को दानिश कुमार बता रहा था।

कथिततौर पर, इसी बीच गुस्से में दानिश ने महिला पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी। उसकी चीख-पुकार सुन कर आस-पड़ोस के लोग जमा हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया।हालात गंभीर देखते हुए पीड़िता को मोतिहारी जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। उसका दावा है कि दानिश उस से एकतरफा प्यार करता था और बात न करने पर पूरे खानदान को खत्म करने की धमकी देता था। कल्याणपुर के थाना प्रभारी के अनुसार आरोपित दानिश को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है। पुलिस कस्टडी में दानिश ने कहा कि घटना के दिन अर्चना ने किसी को उसे मारने के लिए बुलाया था।

UP में दुल्हन के पिता ने दूल्हे को उपहार में दिया बुलडोजर, बारातियों ने ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे लगाए: सोशल मीडिया पर Video वायरल

किसी शादी-विवाह में राजनीतिक नारेबाजी होने लगे तो हैरान होना स्वभाविक है। उत्तर प्रदेश के एक विवाह समारोह में ऐसा ही हुआ। यहाँ अचानक ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे लगने लगे। नारे लगने की वजह यह थी कि दूल्हे को उपहार में ससुराल वालों ने बुलडोजर दिया था। बता दें कि भारतीय राजनीति में बुलडोजर और यूपी के सीएम योगी एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं।

मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का है। यहाँ सरकारी नौकरी में कार्यरत एक दूल्हे को लग्जरी गाड़ियों के बजाय उपहार में बुलडोजर दिया गया। इसके बाद बारात में आए लोग योगी बाबा जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। दूल्हे को बुलडोजर देने का संभवत: यह पहला मामला है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सुमेरपुर थाने के देवगाँव निवासी स्वामीदीन चक्रवर्ती का बेटा योगेंद्र भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कार्यरत है। योगी की शादी इसी थाना क्षेत्र के सौखर गाँव निवासी परशुराम प्रजापति की बेटी नेहा प्रजापति के साथ हुई। नेहा सिविल सेवा की तैयारी कर रही है।

शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) को सुमेरपुर कस्बे के एक गेस्ट हाउस में हुई इस शादी में अन्य रस्मों के बाद जब दुल्हन के पिता ने दूल्हे को उपहार दिया तो बाराती दंग रह गए। इसके बाद बाराती योगी बाबा जिन्दाबाद के नारे लगाने लगे।

बुलडोजर मिलने पर दूल्हे के परिजनों ने कहा कि कार से बुलडोजर अच्छा है। इससे फायदा होता रहेगा। वहीं, लड़की के पिता ने कहा कि बिटिया नेहा को दहेज में ‘कार’ देते तो वह खड़ी रहती, लेकिन ‘बुलडोजर करेगा काम और बिटिया को मिलेंगे दाम’। 

नेहा के पिता और दो चाचा भारतीय सेना में हैं। योगेंद्र चक्रवर्ती को विवाह में बुलडोजर मिलने पर लोग उन्हें अब योगी बाबा उपनाम से बुलाने लगे हैं। बता दें कि प्रदेश में माफियाओं पर बुलडोजर के जरिए कार्रवाई को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा कहकर बुलाते हैं।

‘भगवा रंग की ब्रा पहन भक्तों को जवाब दें’: पठान के बचाव में कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने महिलाओं से की अपील, सोशल मीडिया पर हुई छीछालेदर

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की आने वाली फिल्म पठान (Pathaan) में ‘भगवा रंग’ के गाने को लेकर विवाद हो गया है। इस बीच कॉन्ग्रेस के नेता उदित राज (Udit Raj) ने नारीवादियों से भगवा रंग की बिकनी और ब्रा पहनने की सलाह दी है। इसको लेकर वो सोशल मीडिया यूजर के निशाने पर आ गए हैं।

अक्सर विवादों में रहने वाले भाजपा के पूर्व नेता और वर्तमान में कॉन्ग्रेस पार्टी में शामिल उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा, “स्त्रीवादियों से मेरी सलाह है बिकनी और ब्रा आदि भगवा रंग का ही पहनकर इन भक्तों को जवाब दें।”

रश्मि नाम की एक यूजर ने लिखा कि इसकी शुरुआत उन्हें अपने घर से करनी चाहिए। वहीं, कुछ यूजर ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया है। एक अन्य यूजर ने लिखा, “जरा अपनी पार्टी के सबसे बड़े लीडर तक यह जवाब पहुंचा तो दो। यह जानबूझकर खाली सुनवाने के लिए यह ट्वीट किया गया लगता है। कसम खा लिए हो जबतक राहुल गांँधी को कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष नहीं बना देते ऐसे ही passive mode में गाली सुनवाते रहेंगे।”

सादिया नाम की यूजर ने लिखा, “सर आप एक ब्रा पहनकर फोटो डालो ट्विटर पर। आपके पीछे-पीछे जनसैलाब आ जाएगा और इन सबको जवाब मिल जाएगा।”

विनीत नाम के यूजर ने लिखा, “इतनी घृणा भगवा रंग और सनातन धर्म से। दिवालियापन का निशानी है। ईश्वर इनको सदबुद्धि दे।”

बता दें कि पठान फिल्म के नए गाने ‘बेशरम रंग’ को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। लोगों की नाराजगी का एक कारण दीपिका के कपड़े भी हैं। नेटीजन्स ने शाहरुख खान पर जानबूझकर भगवा रंग को बदनाम करने का इल्ज़ाम लगाया है। इस कारण लोग फिल्म का बॉयकॉट कर रहे हैं।

पिछले दिनों फिल्म का पहला गाना ‘बेशरम रंग’ रिलीज किया गया था। गाने के कई दृश्यों में दीपिका को भगवा रंग की बिकनी पहने दिखाया गया है, जिसको लेकर ट्विटर यूजर्स आपत्ति जता रहे हैं। लोग गाने के बोल ‘बेशरम रंग’ को दीपिका के बिकनी के रंग से जोड़ कर शाहरुख व फिल्म निर्माताओं पर जानबूझकर भगवा रंग को बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं।

मुस्लिम बहू के भाइयों ने 55 साल की गीता शर्मा को घर आकर गोलियों से भूना, अस्पताल में मौत: दिल्ली पुलिस ने आमिर, नावेद समेत 4 को पकड़ा

देश की राजधानी दिल्ली में मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले हिन्दू युवक की माँ की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। मृतका का नाम गीता शर्मा है जिनकी उम्र 55 साल थी। हत्या का आरोप मृतका की बहू के भाइयों पर है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 1 नाबालिग सहित कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों के नाम आमिर, नावेद, सलमान और अमन बताए जा रहे हैं। घटना गुरुवार (15 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना रोहिणी क्षेत्र में आने वाले अमन विहार की है। यहाँ रात लगभग सवा 11 बजे पुलिस को एक महिला के सीने में गोली लगने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुँची तो वहाँ काफी खून बहा था। घायल महिला वहाँ तड़प रही थी जिसे फौरन ही संजय गाँधी अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक लगभग 1 साल पहले मृतका के बेटे दीपक ने मुस्लिम समुदाय की लड़की सितारा से शादी की थी। दोनों ही परिवार इस रिश्ते से नाखुश थे। कुछ समय के बाद में दोनों घरों ने बिना मन के इस रिश्ते को कबूल कर लिया था। इस दौरान सितारा भी अपने मायके में आने-जाने लगी थी। बताया जा रहा है कि इस बीच सितारा अपने मायके से कुछ गहने ले कर ससुराल आई थी। सितारा के भाई इस से काफी नाराज हुए।

सितारा के भाइयों को लगा कि उनकी बहन उनके हिस्से का भी जेवर ले कर मुताबिक सितारा अपने घर से ज्वैलरी कहाँ और कैसे लाईं वो किसी को नहीं पता। राजकुमारी ने बताया कि सितारा अपने घर झगड़े कर के चली जाती थी। बताया गया कि इसी कारण एक समय परिवार ने दीपक और सितारा को अलग कर दिया था लेकिन बाद में अपने साथ रख लिया था।

वहीं मृतका के बेटे दीपक के मुताबिक घटना की वजह उसका मुस्लिम लड़की से शादी करना है। दीपक ने बताया कि सितारा से शादी करने के बाद उसे लगातार धमकियाँ मिल रहीं थी। कथिततौर पर घटना की रात भी सितारा के भाइयों ने शराब पी थी। बाद में वो दीपक के घर पहुँचे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से दीपक की माँ गीता निकली। उन्होंने गीता को गोली मार दी और घटनास्थल से भाग गए। गीता को 3 गोलियाँ मारी गईं जिसमें से 2 गेट पर लगीं और एक उनके सीने पर। यह पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के 1 नाबालिग सहित कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमे से 3 लड़की के भाई और 1 उनका साथी है

मस्जिद के लॉन मे महिला-पुरुष ना बैठें साथ-साथ, फोटो भी ना खींचे: जामिया मस्जिद की प्रबंधन कमेटी ने लिया फैसला, खाने पर भी पाबंदी

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की राजधानी श्रीनगर स्थित जामिया मस्जिद की लॉन में भी महिलाओं और पुरुषों को एक साथ बैठने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही इस मस्जिद के अंदर तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा दी गई है। बता दें कि आमतौर पर महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश की इस्लाम में मनाही है। हालाँकि, इस मस्जिद में महिलाओं के लिए पुरुषों से अलग व्यवस्था की गई है।

इस संबंध में इस ऐतिहासिक मस्जिद की प्रबंधन समिति अंजुमन औकाफ ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रबंधन ने फोटोग्राफरों और कैमरामैनों पर मस्जिद के अंदर किसी भी तरह की तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि 14वीं शताब्दी की इस मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए सैकड़ों लोग रोज आते हैं। वहीं, मस्जिद देखने वालों में महिलाएँ भी शामिल हैं।

नोटिफिकेशन में कहा गया है, “किसी भी तरह की तस्वीरें लेने वाले उपकरणों की भी पूरी तरह से मनाही है और उन्हें तुरंत गेट पर ही रोक दिया जाना चाहिए।” हालाँकि, इसमें यह भी। कहा गया है कि अगर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए कोई तस्वीर या वीडियो बनाना चाहता है तो उसे पहले प्रबंधन से अनुमति लेनी होगी।

प्रबंधन ने आगे कहा कि मस्जिद के अंदर किसी को भी दोपहर का भोजन या किसी भी प्रकार का खाना खाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में लिखा है, “मजहबी स्थल होने के नाते आगंतुकों से अनुरोध किया जाता है कि वे मस्जिद के रूप में इसकी पवित्रता का सम्मान करें और मस्जिद में जाते समय मर्यादा का पालन करें। यह सार्वजनिक पार्क या मनोरंजक सुविधा नहीं है।”

इस मस्जिद में महिलाओं के लिए अलग स्थान बनाया गया है, इसलिए वे इसकी परिसर में आ सकती हैं। जामिया मस्जिद जम्मू और कश्मीर की सबसे बड़ी और पुरानी मस्जिद है। इस मस्जिद में एक साथ 30,000 लोग नमाज पढ़ सकते हैं। इसका निर्माण 1394 ईस्वी में शुरू हुआ था और 1402 ईस्वी में पूरा हुआ था।

बता देें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के जामा मस्जिद में अकेली महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। जामा मस्जिद के इमाम बुखारी ने कहा था कि जामा मस्जिद एक मजहबी स्थल है और इसके लिए लोगों का स्वागत है, लेकिन लड़कियाँ अकेले आ रही हैं और अपनी डेट्स का इंतजार कर रही हैं। यह जगह इसके लिए नहीं है। प्रतिबंध इस पर है।

नोएडा के 1000 फार्म हाउस अवैध, प्रशासन 2 दिन में करेगा कार्रवाई: 150 पर अब तक चल चुका है बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के नोएडा में यमुना नदी के पास डूब क्षेत्र में बने फार्म हॉउसों पर जल्द ही बुलडोजर चलाया जा सकता है। इन फार्म हॉउसों की संख्या लगभग 1000 बताई जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में आने वाला खर्च भी फार्म हाउस मालिकों को ही उठाना पड़ेगा। इस कार्रवाई के लिए संबंधित लोगों को बाकायदा नोटिस भी जारी किया जा चुका है। पहले की कार्रवाई में कुल 150 फार्म हाउस तोड़े जा चुके हैं।

दैनिक भास्कर के मुताबिक ये अवैध फार्म हाउस नोएडा के सेक्टर 150, 160, 168 और 135 बने हैं। इन्हें ध्वस्त करने और भरपाई मालिकों से ही वसूलने का अंतिम आदेश नोएडा अथॉरिटी को मिल चुका है। नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कार्रवाई जारी रहेगी। कुछ दिनों पहले एक फार्म हाउस में कैसिनो पकड़ा गया था। इसके बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी आई है। इन फार्म हॉउसों को NGT ने नियमों का उल्लंघन करते हुए सिंचाई विभाग की नियमावली के विपरीत बना बताया गया है।

जानकारी के मुताबिक इस से पहले भी नोएडा अथॉरिटी ने 30 नवम्बर को यमुना के डूब क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया था। तब 30 अवैध फार्म हॉउसों को गिराया गया था। बाद में शिकायत मिली कि अथॉरिटी द्वारा गिराए गए निर्माणों पर फिर से काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही कई फार्म हॉउसों का तो हुलिया ही बदल डाला गया है। गिराने के बाद नए निर्माण में बाकायदा गेट आदि भी लगाए जाने लगे थे। नोएडा अथॉरिटी ने इन शिकायतों का भी संज्ञान लिया है।

गौरतलब है कि शासन की मंशा यमुना और हिंडन नदी के किनारे सभी अवैध निर्माण तोड़ कर रिवर फ्रंट बनाने की है। इसके लिए लगभग 5036 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। रिवर फ्रंट में पार्क, साईकिल ट्रैक, झील, बाग़ जैसे निर्माण करवाए जाएँगे। कहा जा रहा है कि अथॉरिटी का यह प्लान साल 2015 से पेंडिंग है। तब नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी गुजरात के नर्मदा रिवर फ्रंट को देखने भी गए थे।

लाठी-डंडे लेकर तोड़ी दुकानें, वाहनों में आग लगाई: आंध्र प्रदेश में TDP और YSR कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प, पथराव में कई लोग घायल

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी (Jagan Mohan Reddy) की YSR कॉन्ग्रेस पार्टी (YCP) और पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chandra Babu Naidu) की तेलगू देशम पार्टी (TDP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई है। दोनों पक्षों ने जमकर एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की और कई जगहों पर आगजनी को अंजाम दिया।

घटना पलनाडु जिले के माचेरला की है। यहाँ दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। दुकानों में तोड़फोड़ की गई। इसके साथ ही पथराव में कई लोगों के घायल होने की भी खबर है।

कहा जा रहा है कि स्थानीय विधायक पिनेली रामकृष्ण रेड्डी के भाई इस घटना के वक्त वहाँ मौजूद थे। कहा जा रहा है कि YSR कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने TDP की दुकानों को चुन-चुनकर आग के हवाले कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची पर दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही पुलिस ने दोनों पक्षों पर हल्का बल भी प्रयोग किया और भीड़ को खदेड़ा। हालात को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है।

इस घटना के एक वीडियो सामने आए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ में शामिल लोगों के हाथों में लाठी-डंडे हैं और वाहनों पर खड़े होकर हंगामा कर रहे हैं। इतना ही नहीं, बाइकों पर सवार लोगों ने भी अपने हाथों में डंडे ले रखे हैं।

कहा जा रहा है कि TDP के कार्यकर्ता जगनमोहन सरकार के खिलाफ माचेरला में रैली निकालने जा रहे थे। जिस वक्त यह घटना हुई उस वक्त TDP के प्रभारी जुलाकांति ब्रह्म रेड्डी कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे। इसी दौरान YSR कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता आए और हमला कर दिया।

TDP के महासचिव लोकेश नारा ने कहा, “यह निंदनीय है कि YCP की उपद्रवी भीड़ ने मरचला निर्वाचन क्षेत्र में पुलिस की मदद से टीडीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया। यह राज्य में अराजकता वाली शासन का प्रमाण है।” पुलिस का कहना है कि इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।

कहीं खून से मिट्टी हुई लाल, कहीं निकले सैंकड़ों कंकाल… : पढ़ें 1971 के 10 हिंदू नरसंहार; जब बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजाद कराने में गई थी हजारों जान

16 दिसंबर 1971। शाम 4.35 बजे। ये वही पल था जब भारतीय सेना के पराक्रम का लोहा पूरी दुनिया ने माना। पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया और भारतीय सेना की बहादुरी की वजह से दुनिया में एक नए देश बांग्लादेश का जन्म हुआ। जनरल नियाजी ने लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। हालाँकि बांग्लादेश को पाकिस्तान से मिली यह मुक्ति इतनी सरल न थी। इससे पहले पाकिस्तानी सेना से खूनी खेल खेला और रूह कंपा देने वाले जुल्म किए। न सिर्फ बंगलादेशी बल्कि कई भारतीय भी बांग्लादेश को पाकिस्तान से मुक्ति दिलाने में अपना योगदान दे रहे थे जिसके चलते उन्हें भी पाकिस्तानी सेना के जुल्मों का शिकार होना पड़ा। ऐसी ही 10 दर्दनाक घटनाओं का जिक्र आज हम करने जा रहे हैं…

फरीदपुर नरसंहार : जब 10 हजार हिंदुओं को मारकर उनकी संपत्तियों पर लिख दिया ‘H’

इस नरसंहार के बारे में दुनिया को 4 जुलाई 1971 को पता चला था, जब न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस संबंध में रिपोर्ट छापी थी। फरीदपुर में अंजाम दिए गए इस नरसंहार में पाकिस्तानी फौज ने हिन्दुओं को विशेष तौर पर चिह्नित कर उनका कत्लेआम किया था। तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान के केंद्र में स्थित फरीदपुर में हिंदुओं के दमन की एक व्यवस्थित मुहिम चलाई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि पाकिस्तानी फौज ने हिंदुओं की पहचान करने के लिए उनकी संपत्तियों पर पीले रंग में बड़े अक्षरों में ‘H’ लिखा था। इस रिपोर्ट के मुताबिक फरीदपुर में 10,000 हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया गया था।

हिंदुओं के खिलाफ पाकिस्तानी फौज के इस अभियान को ‘फरीदपुर कैम्पेन’ कहा जाता है। यह कैम्पेन 21 अप्रैल 1971 को शुरू हुआ था। पाकिस्तानी फौज ने जैसे ही फरीदपुर में प्रवेश किया उन्हें श्री आँगन आश्रम से भजन.कीर्तन की आवाज सुनाई दी। पाकिस्तानी फौज को देख कई साधु वहाँ से भाग निकले लेकिन 9 ब्रह्मचारी संतों ने भागना स्वीकार नहीं किया। सेना उन सभी 9 संतों को खींचकर बाहर लाई। वहाँ से बच निकले एक संत नबकुमार ब्रह्मचारी ने बताया था कि सभी संतों को एक लाइन में खड़ा करके पाकिस्तानी फौज ने एक-एक को 12 गोलियाँ मारी थी।

अटायकुला नरसंहार : 35 महिलाओं का रेप, 52 पुरुषों की हत्या

पाकिस्तानी सेना की बर्बरता की कहानी आज भी अटायकुला में जीवित है। जिन 35 महिलाओं का रेप किया गया था, उनमें नीवा पॉल एक थीं। बकौल नीवा, “बात 25 अप्रैल 1971 की है। पंजाबियों ने हमारे गाँव को घेर लिया था। मैं अपने पति के साथ थी। तीन लोगों ने दरवाजा तोड़कर मेरे पति को उठाया। उस समय मैं दो बच्चों की माँ थी। उन्होंने मुझे कस कर पकड़ा कि मैं भाग नहीं पाई। काश मैं वहाँ से निकल पाती। पाकिस्तानियों ने मेरे पति को मारा। मैं उस समय प्रेगनेंट थी। उन्होंने मेरे पेट पर मारा। जिसके बाद मुझे एक मृत बच्चे को जन्म देना पड़ा।”

स्थानीय लोग 1971 के उस दौर को याद करते हुए बताते हैं कि कैसे अटायकुला में 6 नावों पर बैठकर 150 पाकिस्तानी नदी पार कर आए और जोगेंद्रनाथ पाल के आँगन में 60 पुरुषों को खड़ा किया। इसके बाद सारे पुरुषों को दो पंक्ति में बाँटा गया। एक जो अपना पैसा और सोना मर्जी से देने को तैयार हो गए और दूसरे वो जिन्होंने मना कर दिया। सेना ने पहले उन पर गोली चलाई जो पैसा नहीं दे पाए। 60 पुरुषों में से कुल 8 बचे।

6 जून 1971 : मारवाड़ियों के साथ विश्वासघात की रात

पाकिस्तानी सेना ने मारवाड़ियों के साथ 6 जून 1971 जो विश्वासघात किया था, जिन्हें शायद ही कभी मारवाड़ी भूल पाएँगे। पाकिस्तानी सेना ने मारवाड़ी समुदाय के लोगों को यह विश्वास दिलाया था कि उन्हें एक ट्रेन के माध्यम से भारत वापस भेज दिया जाएगा। ट्रेन को चिल्हाटी सीमा होते हुए पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की तरफ जाना था। ट्रेन बमुश्किल 2 किलोमीटर चली और आधीरात को सुनसान स्थान पर रोक दिया गया। बकौल इंडिया टुडे, ट्रेन को बिहारी मुस्लिम और पाकिस्तानी सैनिकों ने घेर लिया और दरवाजे बाहर से बंद कर दिए। महिलाओं के साथ बलात्कार किया। ट्रेन में बंद पुरुषों को गोलियों से भून डाला गया और सुबह होते-होते ट्रेन एक कब्रगाह में तब्दील हो चुका था।

सोहागपुर : वह गाँव जिसे पाकिस्तानी सेना के कत्लेआम ने बनाया ‘विधवाओं का गाँव’

25 जुलाई 1971 की रात। बांग्लादेश का सोहागपुर गाँव। पाकिस्तानी सेना ने उस रात 164 पुरुषों की हत्या की और 57 महिलाओं का बलात्कार किया। यह सब बंगालियों का नामोनिशान मिटा देने की रणनीति का हिस्सा था। इस गाँव को आज भी ‘विधवाओ का गाँव’ कहा जाता है। पाकिस्तानी सेना ने यहाँ बड़े पैमाने पर पुरुषों का नरसंहार किया, जिससे कई महिलाओं को विधवा का जीवन गुजरना पड़ा। 2014 में अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने इन अपराधियों में से एक को मौत की सजा सुनाई। इसके बाद कुछ महिलाओं ने अपनी आपबीती बताई कि किस तरह से उनपर अत्याचार किया गया था।

20 मई 1971 : जब पाकिस्तानी सैनिकों ने 10,000 शरणार्थियों को मार डाला

पाकिस्तानी सैनिकों ने 25 मई 1971 को अपनी क्रूरता की कहानी लोगों के खून से लिखी थी। पश्चिम बंगाल की सीमा से लगे बांग्लादेश के चुकनगर गाँव में पाकिस्तानी सैनिकों ने एक बहुत बड़े नरसंहार को अंजाम दिया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक इस नरसंहार में भारत आने की कोशिश करने वाले 10 हजार से ज्यादा शरणार्थियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। बताया जाता है कि घटना में भद्र नदी हजारों मासूमों के रक्तों से लाल हो गई थी। यहाँ के दलदली इलाके से लेकर मंदिरों, खेल के मैदानों, स्कूल परिसर और नदियों तक, हर जगह बेजान लाशें बिखरी पड़ी थीं।

26 मई 1971 : पाकिस्तानी सैनिकों ने 94 हिंदुओं को गोली मारी, फिर जलाया

पाकिस्तानी सैनिक मुक्ति संग्राम को दौरान अपने कट्टर इस्लामवादी सोच के चलते हिंदुओं को चुन-चुन कर मारते थे। कई दफे मुस्लिमों को चुनकर अलग कर दिया जाता था और हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया जाता था। ऐसी ही एक घटना बांग्लादेश के सिलहट जिले में घटी, जहाँ बुरुंगा गाँव के बुरुंगा हाई स्कूल में न सिर्फ 94 हिंदुओं को मार डाला गया बल्कि मौत सुनिश्चित करने के लिए जला भी दिया गया। इन्हें मारने से पहले इनके हाथ बाँध दिए गए थे। दरअसल शांति समिति का पहचान पत्र के बहाने हिंदुओं और मुसलमानों को अलग-अलग कर दिया गया था। हिंदुओं को स्कूल के कार्यालय कक्ष में ले जाया गया, जबकि मुसलमानों को एक दूसरी क्लास में रखा गया। दोनों समूहों को कलमा सिखाया गया और पाकिस्तान का राष्ट्रगान गाने को कहा गया। इसके बाद मुसलमानों को जाने दिया गया, और हिंदुओं को मार डाला गया।

मीरपुर नरसंहार : पम्प हाउस से मिले सैकड़ों कंकाल

1971 में मीरपुर में हुए कत्लेआम का पता 1991 में तब चला, जब यहाँ पंप हाउस से 70 से अधिक कंकाल और 5,000 से अधिक हड्डियाँ बरामद हुई। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इनकी हत्या पाकिस्तानी सेना और बिहार से बांग्लादेश आकर बसे मुस्लिमों ने की थी। पाकिस्तानी सेना ने यहाँ हजारों लोगों को इस दौरान मौत की नींद सुला दिया। इनमें से कइयों के सिर काट दिए गए और उनके शवों को पंप हाउस के पास स्थित कुएँ में फेंक दिया गया।

श्रीमंगल चाय बगान नरसंहार : जब खून से लाल हो गई थी मिट्टी

1 मई, 1971 को मौलवी बाजार के श्रीमंगल उपजिला की किराए के चाय बागान में इस नरसंहार को अंजाम दिया गया था। नरसंहार के प्रत्यक्षदर्शी भानु हाजरा ने बताया कि उस दिन बगान से गोली की लगातार आवाज आ रही थी। इस घटना से कुछ दिन पहले उसके पिता की पाकिस्तानी जवानों ने हत्या कर दी थी। हाजरा ने बताया कि जैसे ही वह दोबारा बगान गया तो वहाँ की मिटटी खून से लाल पड़ी थी और 47 मजदूर की मौत हो चुकी थी।

डकरा नरसंहार : जहाँ हिंदुओं को चुन-चुन कर मारी गई गोली

21 मई 1971 की रात इस नरसंहार को अंजाम दिया गया था। जगह रामपाल उपजिला के पेरीखली संघ के डकरा गाँव। यहाँ पाकिस्तानी सेना के सहयोगी रज्जाब अली फकीर की रजाकार बाहिनी सेना ने 600 हिंदुओं को मौत के घाट उतार दिया था। चुन-चुन के हिंदुओं के घरों की तलाशी ली गई और उन्हें गोली मार दी गई। सैकड़ों हिंदू दरअसल वहाँ सुंदरबन के रास्ते भारत जाने के लिए मंगला नदी के समीप इकट्ठे हुए थे। वहाँ के मुस्लिम रजाकार ने हिन्दुओं को सुरक्षित रखने का भरोसा भी दिलाया, लेकिन यह भरोसा पीठ में खंजर घौपने जैसा था। रज्जाब अपनी सेना लेकर आया और 600 हिंदुओं की हत्या कर दी।

पाकिस्तानी सेना ने सैकड़ों बुद्धिजीवियों का अपहरण किया, प्रताड़ित कर हत्या की

पाकिस्तानी सेना ने उस दौरान कई बुद्धिजीवियों की हत्या की। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर ऐसे 1,111 लोगों की हत्या की गई थी। उनमें से 991 शिक्षाविद, 13 पत्रकार, 49 डॉक्टर, 42 वकील और कलाकार और 16 इंजीनियर थे। एक ही दिन 14 दिसंबर 1971 को करीब 200 पढ़े-लिखे और विरोध करने वाले लोगों का अपहरण कर लिया गया और उन्हें विभिन्न यातनागृह में ले जाकर मार डाला गया। इनमे से कई के क्षत-विक्षत शव कई दिन बाद बरामद किए गए।

‘…इनको पीटें और देशभक्ति का पाठ पढ़ाएँ’: राहुल गाँधी के ‘सेना’ वाले विवादित बयान पर लोग भड़के, BJP नेता सिरसा बोले- मेरा तो खून खौल रहा है

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी सैनिकों के साथ झड़प को लेकर कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) के बयान से विवाद पैदा हो गया है। राहुल गाँधी ने कहा था कि चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है और केंद्र की मोदी सरकार सो रही है। इतना ही नहीं, राहुल गाँधी ने यह भी कहा कि चीन भारतीय जवानों के पीट रहा है और देश के 2,000 किलोमीटर वर्ग स्क्वॉयर पर कब्जा कर लिया है।

इस बयान पर भाजपा (BJP) के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने राहुल गाँधी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना को लेकर राहुल गाँधी का दिया गया बयान बेहद घटिया है। इसके घटिया बयान कुछ और नहीं हो सकता।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “राहुल गाँधी कह रहे हैं कि हमारे देश के बहादुर सैनिक चीनी सैनिकों के हाथों अरुणाचल प्रदेश में पिट रहे हैं। उनके इस बयान को सुनकर मेरा खून खौल रहा है। राजनीति में ये सबसे निचले स्तर की भाषा और स्टेटमेंट है।”

उन्होंने आगे कहा, “ऐसी देश विरोधी बातें करने के लिए सोनिया गाँधी और प्रियंका गाँधी को राहुल गाँधी की पिटाई करनी चाहिए, ताकि उनके परिवार के चश्मे-चिराग को कुछ अकल आए और देश के लिये थोड़ी वफ़ादारी आए।” उन्होंने कहा कि एक माँ-बहन का फर्ज होता है अपने बेटे और भाई को देशभक्ति का पाठ पढ़ाना।

भाजपा नेता प्रीति गाँधी ने भी राहुल गाँधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पूरे देश ने भारतीय सैनिकों द्वारा चीनी सैनिकों की पिटाई के दृश्य देखे, लेकिन हमेशा की तरह राजनीतिक लाभ के लिए राहुल गाँधी काल्पनिक कहानियाँ गढ़ेंगे और हमारे जवानों की वीरता पर सवाल उठाएँगे। राहुल गाँधी, क्या आपको एहसास है कि भारतीय सेना के लिए आपके शब्द कितने निराशाजनक हैं?”

भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “राहुल गाँधी को एक बार फिर हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी पर संदेह है! सर्जिकल स्ट्राइक के लिए खून की दलाली और फ़र्ज़िकल स्ट्राइक कहने के बाद अब गलवान और तवांग में शौर्य पर संदेह। राहुल कहते हैं ‘पिट के आ गए अरुणाचल प्रदेश में’। CCP = कॉन्ग्रेस का चीन प्रोपेगेंडा! यह समझौता और धन प्रभाव है।”

भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, “बिलावल भुट्टो जरदारी और राहुल गाँधी में जबरदस्त समानता है। दोनों ही वंशवादी, अक्खड़ और बदमिजाज हैं। एक जैसी भाषा बोलते हैं। पीएम मोदी को निशाना बनाने के लिए एक जैसे शब्दों और मुहावरों का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें आपस में क्या जोड़ता है? शायद भारत के लिए उनकी नफरत, जो लगातार बढ़ रही है।”

AAP नहीं होती तो कॉन्ग्रेस BJP को हरा देती: गुजरात चुनाव पर राहुल गाँधी का बयान; चीन विवाद पर भी बोलकर फँसे, भाजपा नेता ने दिलाई ‘नाना’ की याद

भारत जोड़ो यात्रा पर निकले कॉन्ग्रेस (Congress) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी (AAP) मैदान में नहीं होती तो भाजपा (BJP) चुनाव हार जाती है। इतना ही नहीं, उन्होंने केंद्र सरकार पर चीन से संबंधित तथ्यों को छिपाने का भी आरोप लगाया।

हाल ही में संपन्न हुए गुजरात विधानसभा चुनावों को लेकर राहुल गाँधी ने कहा कि अगर गुजरात में AAP नहीं होती तो कॉन्ग्रेस BJP को हराने की स्थिति में होती। बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस ने 182 सीटों में से 17 सीटें हासिल की हैं। गुजरात में कॉन्ग्रेस के इतिहास की यह सब कम सीटें हैं।

AAP को भाजपा का ‘टीम’ बताते हुए राहुल गाँधी ने उस पर BJP से साँठ-गाँठ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने मिलकर राज्य में कॉन्ग्रेस की चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचाया है। हालाँकि, AAP ने राहुल गाँधी के इन आरोपों से इनकार किया है।

उधर अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी सैनिकों के साथ झड़प को लेकर राहुल गाँधी ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “चीन पर सरकार चीजों को छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसे छिपाया नहीं जा सकता। हिंदुस्तान की सरकार सोई हुई है। चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। हमारे विदेश मंत्री को अपनी समझ गहरी करनी चाहिए।”

राहुल गाँधी ने कहा, अगर चीन के वैपन का पैटर्न देखें तो पता चलेगा कि वो युद्ध की तैयारी कर रहे हैं। हमारी सरकार इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही है। भारत सरकार स्ट्रैटिजिकली काम नहीं कर रही है। मैंने 3-4 बोला है कि सावधान रहना चाहिए, जो हो रहा है उसे समझना चाहिए।

इस बयान को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राहुल गाँधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “राहुल गाँधी के नाना जी सो रहे थे और सोते-सोते उन्होंने भारत का 37,000 स्क्वॉयर किलोमीटर क्षेत्र गँवा दिया। उसके बाद राहुल गाँधी को लगा कि चीन से मित्रता करनी चाहिए और अब मित्रता इतनी गहरी है कि चीन क्या करने वाला है, ये उन्हें पता है।”