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केरल की नई शिक्षा नीति पर इस्लामी दलों का दबाव: मुस्लिम लीग के नेता ने कहा- कक्षा में लड़का-लड़की को साथ बैठाएँगे और हस्तमैथुन-समलैंगिकता पढ़ाएँगे

दरअसल, रंदथानी केरल में शिक्षा सुधारों को लेकर शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। वी शिवनकुट्टी पहले ही कह चुके हैं कि सरकार किसी भी नीति को थोप नहीं रही है, बल्कि हाउस में इस पर बहस और चर्चा के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके बावजूद विपक्ष प्रस्तावित शिक्षा नीति को लेकर सरकार पर हमलावर है।

केरल सरकार (Kerala Government) की तरफ से विधानसभा में पेश किए गए शिक्षा सुधार प्रस्ताव पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता अब्दुरहिमन रंदथानी ने विवादित बयान दिया है। कुन्नूर में एक सभा को संबोधित करते हुए रंदथानी ने कहा कि सरकार के शिक्षा सुधार का मकसद स्कूल में हस्तमैथुन और समलैंगिकता को बढ़ावा देना है।

IUML नेता अब्दुरहिमन ने मंगलवार (13 दिसंबर 2022) को कन्नूर जिले में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के विरोध कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केरल के वामपंथी सरकार की प्रस्तावित शिक्षा सुधारों की आलोचना की। आपको बता दें IUML केरल में UDF का घटक दल है, जिसमें कॉन्ग्रेस (Congress) भी शामिल है। शिक्षा सुधार प्रस्ताव में कक्षाओं के दौरान लड़के-लड़कियों का एक जैसे यूनिफॉर्म में साथ बैठने की व्यवस्था का सुझाव दिया गया है।

IUML नेता ने कहा कि लड़कियों ने शिक्षा में अच्छी प्रगति की है, लेकिन लड़कों के साथ बैठकर नहीं। लड़के और लड़कियों को एक साथ बैठने का प्रस्ताव देश की संस्कृति को नुकसान पहुँचाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार दावा करती है, “लड़कों और लड़कियों को एक साथ बैठाने से शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार होने की उम्मीद है और फिर कक्षाओं में हस्तमैथुन और समलैंगिकता सिखाया जाता है तो हमारी संस्कृति का क्या हश्र होगा?” उन्होंने कहा कि यौन शिक्षा जबरदस्ती थोपी जाने वाली चीज नहीं है।

हालाँकि, थोड़ी ही देर में अब्दुरहिमन रंदथानी ने अपने बयान पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वो शिक्षा में सुधारों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन लिंग के आधार पर छात्रों को एक साथ नहीं बैठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर स्कूलों के समय में बदलाव होता है तो मदरसा की तालीम प्रभावित होगी। जेंडर यूनिफॉर्म की आड़ में छात्रों को जींस या ट्राउजर पहनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।

दरअसल, रंदथानी केरल में शिक्षा सुधारों को लेकर शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। वी शिवनकुट्टी पहले ही कह चुके हैं कि सरकार किसी भी नीति को थोप नहीं रही है, बल्कि हाउस में इस पर बहस और चर्चा के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके बावजूद विपक्ष प्रस्तावित शिक्षा नीति को लेकर सरकार पर हमलावर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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