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घनी-लंबी मूँछें, गर्दन तक बाल, काला चश्मा, मजाक में भर दिया था पर्चा… द्वारकाधीश के पुजारी परिवार के इस शख्स की 8वीं जीत, PM मोदी के हैं खास

गुजरात में विधानसभा के चुनाव परिणाम आ रहे हैं और चुनाव आयोग के आधिकारिक आँकड़ों को देखें तो जहाँ भाजपा 154 सीटों पर आगे चल रही है और कॉन्ग्रेस पार्टी के खाते में मात्र 19 सीटें जाती हुई दिख रही हैं। AAP ने हाइप तो खूब बनाया, लेकिन पार्टी को आधा दर्जन सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। गुजरात की जिन सीटों और उम्मीदवारों पर लोगों की विशेष नजर थी, उनमें से एक है द्वारका, जहाँ से भाजपा के पबुभा मानेक जीत गए हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी उनके लिए जनसभा की थी।

द्वारका विधानसभा सीट पर पबुभा मानेक का सीधा मुकाबला कॉन्ग्रेस के अहीर मुलू कंदोरिया से था। 144 करोड़ की संपत्ति वाले कारोबारी पबुभा मानेक प्रतिदिन 5 घंटे गौशाला में बिताते हैं। घनी-लंबी मूँछें, काला चश्मा, गर्दन तक आते बाल और रौबदार चेहरा – ये उनकी पहचान है। महज 8वीं तक पढ़े हैं, लेकिन देश-विदेश की जानकारी रखते हैं। पहली बार वो 1990 में निर्दलीय लड़े थे और जीते थे। उन्होंने दोस्तों के कहने पर मजाक-मजाक में पर्चा भर दिया था और वापस भी लेने वाले थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

वो वाघेर क्षत्रिय समुदाय से आते हैं। उन्होंने 1995 और 1998 के विधानसभा चुनावों में भी निर्दलीय जीत दर्ज की थी। इसके बाद वो कॉन्ग्रेस में आ गए, जहाँ से टिकट लेकर वो 2002 के विधानसभा चुनाव में विजयी हुए। हालाँकि, गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर वो भाजपा में आ गए और 2007, 2012, 2017 और 2022 का चुनाव इसी पार्टी से लड़ा और जीता। वो द्वारकाधीश मंदिर के पुजारियों के परिवार से आते हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान द्वारका के भाजपा विधायक पबुभा मानेक

पहली बार चुनाव लड़ने के दौरान अपने पिता की अनुमति के लिए उन्हें मनाने के लिए दोस्तों को भेजना पड़ा था। उन्होंने 2002 में शंकर सिंह वाघेला के कहने पर कॉन्ग्रेस ज्वाइन किया था। कहा जाता है कि द्वारका में मुस्लिमों के तबके का एक हिस्सा भी उन्हें वोट के रूप में मिलता है। वहाँ हाल ही में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई हुई है। पबुभा मानेक शिपिंग, ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट कारोबार में हैं। उन पर एक बार मोरारी बापू पर हमला करने का आरोप भी लगा था। अब भगवान बलराम पर मोरारी बापू ने विवादित बयान दिया था।

गुजरात में AAP की सरकार बनेगी… अरविंद केजरीवाल ने तारीख़ लिख कर किया था दस्तखत, प्रदेश अध्यक्ष से लेकर CM फेस तक – सब हार गए

भाजपा गुजरात विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की एक तस्वीर वायरल हो रही है। यह तस्वीर उस इलेक्शन कैंपेन की बताई जा रही है जब अरविंद केजरीवाल ने लिखित तौर पर दावा किया था कि उनकी पार्टी राज्य में सरकार बनाएगी। इतना ही नहीं केजरीवाल ने अपने दस्तखत के साथ तारीख भी लिखी थी। गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी के बुरे हश्र के बाद केजरीवाल का यह लिखित दावा वायरल हो रहा है।

केजरीवाल ने दावा किया था कि सत्ता विरोधी लहर और कॉन्ग्रेस की उदासीनता का फायदा AAP को मिलेगा।

अरविंद केजरीवाल की गुजरात में आप सरकार बनाने का दावा करने वाली तस्वीर वायरल

एनडीटीवी के एक प्रोग्राम में अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि दिल्ली के एमसीडी चुनावों में भाजपा की सिर्फ 20 सीटें आएँगी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि गुजरात में आम आदमी पार्टी सरकार बनाएगी। दोनों ही दावों को लेकर लोग अरविंद केजरीवाल पर तंज कर रहे हैं।

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों ने भी अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के झूठे दावों की कलई खोल दी है। आप के सीएम उम्मीदवार इसुदान गढ़वी अपनी सीट भी नहीं बचा पाए और उन्हें खंभालिया सीट पर भाजपा उम्मीदवार मुलुभाई बेरा ने मात दे दिया। इसुदान गढ़वी के अलावा आम आदमी पार्टी के अन्य दो बड़े नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा है। पाटीदार आंदोलन के प्रमुख चेहरे अल्पेश कथीरिया और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया को भी करारी हार मिली है।

अल्पेश कथीरिया सूरत के वराछा रोड सीट पर चुनाव लड़ रहे थे जिन्हें भाजपा के किशोर कनानी ने हरा दिया। सूरत के ही कतारगाम सीट पर चुनाव लड़ रहे आप के प्रदेश अध्यक्ष को भाजपा के विनोद भाई मोरडिया ने शिकस्त दे दी।

साभार चुनाव आयोग

चुनाव आयोग के तरफ से जारी किए गए ताजा रुझानों में केजरीवाल के दावों की धज्जियाँ उड़ चुकी हैं। 182 सीटों वाली विधानसभा में उनकी पार्टी सिर्फ 5 सीटों पर आगे चल रही है, उनमें से कुछ पर पार्टी को मामूली बढ़त मिल रही है जो कभी भी पलट सकती है।

आज (08 दिसंबर, 2022) सुबह 8 बजे से ही गुजरात और हिमाचल प्रदेश राज्य विधानसभा चुनाव में डाले गए वोटों की गिनती जारी है। गुजरात में अब तक के रुझानों में भाजपा 150 से ज्यादा सीटों के साथ ऐतिहासिक जनादेश हासिल करने जा रही है। कॉन्ग्रेस 17 और आप 5 सीटों पर आगे चल रही है।

जिस पर नाबालिगों के अवैध धर्मांतरण का आरोप, उसे दैनिक भास्कर ने दिया ‘प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया’ अवॉर्ड: FIR के बाद से फरार है ईसाई संगठन का अध्यक्ष

जिस ईसाई संगठन पर नाबालिगों के अवैध धर्मांतरण का आरोप है, उसके अध्यक्ष डॉ. विवर्त लाल को दैनिक भास्कर ने सम्मानित किया है। मीडिया संस्थान के इस कार्यक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया अवॉर्ड नामक यह आयोजन दैनिक भास्कर ने 1 दिसंबर 2022 को दिल्ली में किया था। मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी के अध्यक्ष लाल को ‘सामाजिक कार्यों’ के लिए यह सम्मान मिला है।

दैनिक भास्कर के ‘प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया अवॉर्ड’ का यह दूसरा संस्करण था। लाल को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी में नामित किए जाने के दो सप्ताह बाद सम्मानित किया गया है।

उल्लेखनीय है NCPCR के औचक निरीक्षण के बाद मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी पर अवैध धर्मांतरण का मामला दर्ज किया गया था। NCPCR के प्रमुख प्रियांक कानूनगो द्वारा उनके खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद प्राथमिकी में अध्यक्ष सहित ईसाई संगठन से जुड़े 10 लोगों को नामजद किया गया है।

NCPCR द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में 9 अन्य आरोपित सदस्यों के साथ नामजद डॉ. विवर्त लाल फिलहाल फरार हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर के कार्यक्रम में लाल के बदले उनके सहयोगी सलिल ने अवॉर्ड स्वीकार किया था।

फरार आरोपित विवर्त लाल के निजी सहायक सलिल ने स्वीकार किया पुरस्कार (इमेज स्रोत- दैनिक भास्कर)

लाल के खिलाफ मामला मध्य प्रदेश के दमोह जिले से सामने आने वाले कथित जबरन धर्मांतरण से संबंधित है। NCPCR के चेयरपर्सन प्रियांक कानूनगो ने दमोह में मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी के दस सदस्यों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। कानूनगो ने शिकायत में कहा था कि मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी के बाल गृह में रहने वाले कई हिंदू नाबालिग छात्रों को ईसाई धर्म में परिवर्तित किया गया है और उन्हें जबरदस्ती पढ़ाई से दूर रखा जा रहा है। उन्हें भविष्य में पादरी बनने के लिए मिशनरी अधिकारियों द्वारा लालच दिया जा रहा है।

यह मामला तब सामने आया जब कानूनगो ने 13 नवंबर 2022 को मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी द्वारा संचालित बाल गृह का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि संगठन के कामकाज में भारी अनियमितताएँ पाई गईं और आवश्यक दस्तावेज पेश करने में भी वे विफल रहे।

ऑपइंडिया के पास उपलब्ध एफआईआर की प्रति के अनुसार, “मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी में 91 बच्चे पंजीकृत थे, जिनमें से 45 उपस्थित थे। इनमें से अधिकांश बच्चे हिंदू हैं और कुछ मुसलमान हैं। लेकिन इन सभी को ईसाई धर्म की शिक्षा दी जा रही है। संगठन के पास अपने कामकाज के लिए उचित दस्तावेज भी नहीं थे।”

विवर्त लाल और 9 अन्य अभियुक्तों के खिलाफ NCPCR द्वारा दर्ज शिकायत (FIR की कॉपी ऑपइंडिया के पास उपलब्ध)

एनसीपीसीआर ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि छात्रावास के अधिकारियों द्वारा बच्चों और उनके माता-पिता के संबंध में कोई उचित दस्तावेज नहीं रखा जा रहा है। इसमें कहा गया है कि अनाथ बच्चों को संगठन के अध्यक्ष के नाम पर जबरदस्ती ‘लाल’ नाम दिया गया था। एनसीपीसीआर ने कहा था, “यह धर्मांतरण और मानव तस्करी का भी मामला बनता है।”

पुलिस ने तब किशोर न्याय अधिनियम की धारा 42 और 75 और मप्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के साथ-साथ 10 सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी में नामित 10 सदस्यों की पहचान संगठन के अध्यक्ष डॉ. विवर्त लाल, सचिव आरडी लाल, शीला लाल, मंजुला वर्णवास, सनित लाल, जीके हेनरी, अर्नेस्ट, विवेक लाल, इंजिला लाल और डॉ अजय लाल के रूप में की गई है।

एनसीपीसीआर द्वारा दर्ज प्राथमिकी में अवार्डी डॉ विवर्त लाल सहित 10 अभियुक्तों का उल्लेख किया गया है

कथित तौर पर, मामले में नामजद अभियुक्तों के खिलाफ कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है। इस मामले में बिशप डॉ. अजय लाल ने अग्रिम जमानत माँगी थी, जिसे दमोह कोर्ट ने 17 नवंबर 2022 को खारिज कर दिया। डॉ. विवर्त लाल अभी भी फरार हैं। जैसा कि हमने पहले बताया था, डॉ. अजय लाल को इस साल 15 अगस्त 2022 को उनकी ‘समाज सेवा’ गतिविधियों के लिए मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के हाथों सम्मानित किया गया था। उन्हें वर्ष 2021 में कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य द्वारा पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था।

विशेष रूप से, जितेंद्र गौतम नाम के IBC24 के पत्रकार ने बिशप अजय लाल और दमोह कलेक्टर के बीच संबंधों को उजागर किया था। उसे कलेक्टर के पीआरओ वाई कुरैशी द्वारा धमकी भी दी गई थी।

मौजूदा मामले में, मिड इंडिया क्रिश्चियन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. विवर्त लाल को दिल्ली में दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित ‘प्राइड ऑफ सेंट्रल इंडिया, 2022’ नामक एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। उन्हें मध्य प्रदेश के दमोह क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय ‘समाज सेवा’ के लिए सम्मानित किया गया।

आरोपित डॉ विवर्त लाल को दैनिक भास्कर ने प्रिंट फॉर्मेट में छापा

1 दिसंबर 2022 को आयोजित समारोह में मध्य प्रदेश के 55 अन्य समाजसेवियों को भी केंद्रीय मंत्री सिंधिया के हाथों सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने कहा कि समारोह में पुरस्कार पाने वाले सभी लोग मध्य प्रदेश के ‘रत्न और नवरत्न’ हैं।

मैनपुरी में डिंपल यादव ‘सांत्वना वोट’ से निहाल, ससुर मुलायम के निधन से खाली हुई थी सीट: गुजरात में भी सपा की साइकिल को सवार मिला

उत्तरप्रदेश के मैनपुरी उपचुनावों में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी डिंपल यादव लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। अभी तक आए आँकड़ों के अनुसार वह 257742 मार्जिन से आगे चल रही हैं। डिंपल यादव को जहाँ 552698 वोट मिले हैं। वहीं भाजपा के रघुराज सिंह शाक्य 294956 वोट पाकर पीछे हैं। यह सीट मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद खाली हुई थी।

सोशल मीडिया पर डिंपल यादव की कई ऐसी वीडियोज हैं जिनमें मुलायम सिंह यादव के नाम डिंपल यादव के लिए वोट माँगा गया था और वह केवल हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन कर रही थीं। इस जीत को जहाँ मैनपुरी और सपा द्वारा मुलायम सिंह यादव की जीत कहा जा रहा है। नतीजों की तस्वीर आने के बाद डिंपल ने घर से निकल स्थानीय मंदिर में माथा भी टेका।

वहीं दूसरी ओर खबर है कि डिंपल के चुनाव में बढ़त बनाते ही अखिलेश यादव के चाचा ने अपनी पार्टी प्रसपा का विलय सपा के साथ कर लिया है। इस संबंध में सपा प्रमुख अखिलेश यादव और प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने गुरुवार को संयुक्त रूप से सैफई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा की।

गुजरात चुनावों में सपा सिर्फ एक सीट पर आगे

उल्लेखनीय है कि जहाँ डिंपल यादव की जीत के बाद उत्तरप्रदेश में सफा को मजबूत करने का काम हो रहा है। वहीं गुजरात में एक अकेली सीट है जहाँ सपा का जादू चला है। ये सीट पोरबंदर के कुटियाना सीट की है। ईसी के मुताबिक सपा प्रत्याशी कांधलभाई जडेजा कुटियाना सीट से काफी आगे हैं। कांधलभाई 60163 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं, वहीं भाजपा उम्मीदवार ढेलिबेन भूराभाई ओदेदरा को 33532 वोट मिले हैं। कुटियाना सीट पर सपा उम्मीदवार कांधलभाई लगभग 46 फीसद से भी ज्यादा वोट शेयर पाए हैं। वहीं, उनके बाद भाजपा उम्मीदवार को केवल 26.12 फीसद वोट मिल रहे हैं।

BJP के हार्दिक पटेल और अल्पेश ठाकोर की शानदार जीत: कॉन्ग्रेस के जिग्नेश मेवाणी को मिली कड़ी टक्कर

गुजरात विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। अब तक सामने आए नतीजों में भाजपा एक बार फिर प्रचंड बहुमत हासिल करने जा रही है। हालाँकि, चुनाव में तीन प्रमुख चेहरे भी हैं, जो कभी भाजपा सरकार की विरोध का गुजरात में चेहरा बने थे। इनमें से दो चेहरे भाजपा में शामिल होकर चुनाव जीत गए हैं।

साल 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान तीन चेहरे हीरे बनकर उभरे थे। इन चेहरों को कॉन्ग्रेस सहित विपक्षी दलों का खूब सहयोग मिला था। अब ये तीनों चेहरे खुद मैदान में हैं। ये तीन चेहरे हैं- हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी।

तीनों युवा नेताओं ने मिलकर राज्य में भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर दी थी। पाटीदारों के लिए आरक्षण का मुद्दा उठाने वाले हार्दिक पटेल ने बड़ा आंदोलन चलाया था। अल्पेश ठाकोर ने पिछड़े वर्ग और जिग्नेश मेवाणी ने दलितों को एकजुट किया था। उस दौरान इन तीनों के कारण भाजपा के कई विधायक हार गए थे।

बाद में तीनों युवा नेता कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। विधानसभा चुनावों की घोषणा से ठीक पहले हार्दिक पटेल कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें गृहनगर विरमगाम सीट से मैदान में उतारा है। हार्दिक यहाँ से कॉन्ग्रेस के लाखाभाई भरवाड़ को हराया दिया है।

अल्पेश ठाकोर भी चुनावों से पहले कॉन्ग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। ठाकोर को भाजपा ने गाँधीनगर दक्षिण सीट से मैदान में उतारा था। अल्पेश का मुकाबला कॉन्ग्रेस के हिमांशु पटेल और आम आदमी पार्टी के देवेंद्र पटेल से है। यहाँ अल्पेश ने यहाँ कॉन्ग्रेस को पराजित किया है।

वहीं, जिग्नेश मेवाणी कॉन्ग्रेस उम्मीदवार के तौर पर वडगाम से चुनावी मैदान में हैं। मेवाणी का मुकाबला भाजपा के मणिलाल वाघेला से था। इस मुकाबले में मेवाणी को कड़ी टक्कर मिल रही है। साल 2017 में जिग्नेश ने इस सीट को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीता था।

साल 2019 के लोकसभा चुनावों के जिग्नेश मेवाणी ने ट्वीट कर कहा था, “किसी ऐसे व्यक्ति को वोट दें जो आपके बच्चों को ऑक्सफोर्ड (Oxford) भेजता है न कि अयोध्या। ऐसे व्यक्ति को वोट दें, जो आपको अच्छे स्कूल और अस्पताल बनाने का वादा करता है, न कि राम मंदिर। ऐसे व्यक्ति के लिए वोट करें, जिसका शासन में ट्रैक रिकॉर्ड है और आतंकवाद में नहीं।”

1 लाख से भी अधिक वोटों से जीत कर CM भूपेंद्र पटेल दोबारा पहुँचे विधानसभा: भाजपा की जीत पर मुस्लिमों ने बनाए 151 किलो के लड्डू, कहा – यहाँ BJP सरकार से शांति

भाजपा राज्य में लगातार सातवीं विधानसभा चुनाव जीत रही है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल घाटलोडिया से चुनाव जीत गए हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य के भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने मिठाई खिलाकर विधानसभा चुनाव में पार्टी के शानदार प्रदर्शन का जश्न मनाया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल अपने निर्वाचन क्षेत्र अहमदाबाद के घाटलोडिया से 1 लाख 25 हजार मतों के अंतर से आगे चल रहे थे। इस विधानसभा क्षेत्र से 2012 और 2017 के विधानसभा चुनावों में जीते विधायक भूपेंद्र पटेल फिर से गुजरात के मुख्यमंत्री बनेंगे। 2012 में बीजेपी प्रत्याशी आनंदीबेन पटेल ने 1 लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी। 2017 में भूपेंद्र पटेल ने कॉन्ग्रेस प्रत्याशी शशिकांत भूराभाई को 1 लाख 17 हजार वोटों के अंतर से हराया था। इस साल घाटलोडिया विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस ने अमी याग्निक और AAP ने विजय पटेल को टिकट दिया था।

उधर ताजा रुझानों में भाजपा 150 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। भाजपा की जीत पर अहमदाबाद में भी जश्न का माहौल है। भाजपा की जीत पर मणिनगर इलाके में मुस्लिम तबके के लोगों ने 151 किलो के बूंदी के लड्डू बनाए हैं। इलाके के मुस्लिम भाजपा समर्थकों ने कहा कि नरेंद्र भाई मोदी का रिकॉर्ड भूपेंद्र भाई ने तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा 150 से ज्यादा सीटों पर जीत रही है इसलिए हम 151 किलो लड्डू बनवा रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि गुजरात में भाजपा की सरकार में शांति है। हम इसलिए भाजपा की जीत पर खुशी मना रहे हैं।

आपको बता दें अहमदाबाद की मणिनगर सीट पहले पीएम नरेंद्र मोदी का निर्वाचन क्षेत्र रह चुकी है। मणिनगर के लोगों की मानें तो क्षेत्र का काफी विकास हुआ है। कहा जाता है कि जब नरेंद्र मोदी इस सीट से पहली बार विधायक बने थे उस वक्त इलाके में काफी परेशानियाँ थीं। स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूल-कॉलेजों की कमी थी। कपड़ा मिलों के बंद हो जाने के कारण रोजगार की समस्या भी थी। भाजपा ने यहाँ विकास के कार्य किए जिसके बाद से लगातार इस सीट पर बीजेपी की जीत होती है।

इस सीट पर इस साल भाजपा ने अमूल भट्ट को प्रत्याशी बनाया था। अमूल भट आगे चल रहे हैं और माना जा रहा है कि इस सीट पर भी भाजपा की जीत तय है।

जामनगर की पिच पर रवींद्र जडेजा की पत्नी रीवाबा ने खिलाया कमल, ननद-ससुर की फील्डिंग लगा भी रोक नही पाई कॉन्ग्रेस

गुजरात विधानसभा चुनावों में जामनगर नॉर्थ से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी रीवाबा जडेजा 72083 वोटों से जीत गई हैं। सुबह से लगातार खबर आ रही थी कि रीवाबा अपने प्रतिद्वंदी और कॉन्ग्रेस उम्मीदवार बिपेद्रसिंह से काफी वोटों से आगे हैं। हालाँकि अब उन्होंने अपनी जीत की बात कहते हुए अपने से जुड़े लोगों को आभार व्यक्त किया है।

तस्वीर साभार: eci.gov.in

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, रीवाबा जडेजा ने कहा, “जिन लोगों ने मुझे बतौर प्रत्याशी चुना, मेरे लिए काम किया, जन-जन तक पहुँचकर उनसे जुड़े…उन सबका मैं धन्यवाद देती हूँ। ये केवल मेरी जीत नहीं है बल्कि हम सब की है।” ट्वीट के मुताबिक चुनाव आयोग के आधिकारिक ट्रेंड का जिक्र है जिसमें बताया गया कि वह अपने प्रतिद्वंदी से 31, 333 वोटों से आगे हैं।

रीवाबा कहती हैं, “27 साल में भाजपा ने जिस तरह काम तिया है, गुजरात मॉडल स्थापित किया है, लोग चाहते हैं कि आगे भी विकास की गाड़ी भाजपा ही आगे लेकर जाए। गुजरात भाजपा के साथ थी और भाजपा के साथ रहेगी।”

बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनावों में जहाँ रीवाबा जडेजा भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मैदान में थीं। वहीं रवींद्र जडेजा की बहन और ससुर शुरू से कॉन्ग्रेस के समर्थन में थे। कॉन्ग्रेस ने रवींद्र जडेजा की बहन नैना और पिता अनिरुद्ध सिंह को मैदान में उतारा हुआ था। उन्होंने कहा था कि वह कॉन्ग्रेस के साथ हैं। परिवार का मसला, पार्टी के मसले से अलग है।

हिमाचल में AAP का खाता तक नहीं खुला, वोट भी बस 1%: पहाड़ ने अरविंद केजरीवाल की भविष्यवाणी पर झाड़ू फेरा

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों (Himachal Pradesh Assembly Election Result) में आम आदमी पार्टी (AAP) दम तोड़ती नजर आ रही है। हिमाचल प्रदेश के शुरुआती रुझानों में AAP का अभी तक खाता भी नहीं खुला है।

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की कुल 68 सीटें हैं। इनमें से सभी सीटों पर AAP ने अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसकी झोली में अभी तक एक भी सीट नहीं आया है। इतना ही नहीं, प्रदेश में AAP को अभी तक सामने आए वोट प्रतिशत भी उसकी खस्ताहाल को दिखा रहे हैं।

भारतीय निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दिख रहे आँकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी को सिर्फ एक प्रतिशत मत मिले हैं। वेबसाइट पर उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, AAP का कोई उम्मीदवार आगे चलता हुआ भी नहीं दिखाई दे रहा है।

बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कागज पर लिखकर भविष्यवाणी की थी कि गुजरात में AAP की सरकार बनेगी। केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली और पंजाब में उनकी भविष्यवाणी सच हो चुकी है। केजरीवाल ने दावा किया था कि उन्होंने 2014 के दिल्ली के चुनाव से कहा था कि दिल्ली में कॉन्ग्रेस की 0 सीट आएगी और ऐसा ही हुआ था।

केजरीवाल ने कहा था, “उनकी राजनीतिक भविष्यवाणी सही साबित होती है। पंजाब में भी मेरी कई भविष्यवाणी सही साबित हुई हैं। मैंने कहा था कि नवजोत सिंह सिद्धू हारेंगे। चन्नी साहब दोनों सीटों से हारेंगे। बादल साहब का पूरा परिवार हारेगा। आज गुजरात के लिए मैं फिर लिखकर भविष्यवाणी करने जा रहा हूँ।”

उन्होंने गुजरात को लेकर आगे कहा था, “गुजरात में आम आदमी पार्टी की सरकार बन रही है। ये भविष्यवाणी नोट कर लीजिए। ये भविष्यवाणी भी सही होगी। 27 साल के कुशासन के बाद गुजरात की जनता को इन लोगों से रीलीफ मिलेगा।”

हालाँकि, गुजरात चुनाव में आम आदमी पार्टी कॉन्ग्रेस से पीछे चल रही है और अभी तक के रुझानों में वह सिर्फ पाँच सीटों पर लीड कर रही है। वहीं, BJP 154 सीटों पर आगे है। सीएम केजरीवाल की भविष्यवाणी दिल्ली के MCD चुनावों में भी फुस्स हो गई थी। उन्होंने कहा था कि MCD की कुल 250 सीटों में भाजपा को 20 से भी कम सीटें मिलेंगी। इस चुनाव में भाजपा को 104 सीटें मिली हैं।

महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता सुरेश नाखुआ ने हाथ से लिखित एक एक कागज का टुकड़ा ट्वीट किया है। इसमें AAP के नेताओं के जीतने की बारे में लिखी गई है। इस कागज पर भविष्यवाणी की गई है, “हमारे प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया भारी मार्जिन से जीत रहे हैं। हमारे CM उम्मीदवार इशुदान जी भारी मार्जिन से जीत रहे हैं। अल्पेश जी वराछा से भारी मार्जिन से जीत रहे हैं।”

बता दें कि कागज पर लिखकर की गई यह भविष्यवाणी बकवास साबित हुई है। गुजरात के खंभालिया सीट से AAP के इशुदान गढ़वी भाजपा से पीछे चल रहे हैं। वहीं, कतरगाम सीट पर गोपाल इटालिया और वराछा सीट पर अल्पेश कथारिया भाजपा से पीछे चल रहे हैं।

‘पुरुषों को बंद कर के रखो, वही पैदा करते हैं समस्या’: केरल हाईकोर्ट ने छात्राओं के लिए रात के ‘हॉस्टल कर्फ्यू’ पर प्रशासन को डाँटा, कहा – महिलाओं को निकलने दें बाहर

केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने लड़कियों को हॉस्टल से रात में बाहर निकलने के मामले में प्रशासन को फटकार लगाई है। न्यायालय ने कहा कि यदि शैक्षणिक संस्थानों के महिला छात्रावासों में कर्फ्यू का उद्देश्य महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, तो बेहतर होगा कि पुरुषों को ही बंद कर दिया जाए।

न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने मामले की सुनवाई के दौरान बुधवार (7 दिसंबर, 2022) को कहा कि महिला छात्रावास पर कर्फ्यू लगाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा और महिला छात्रों पर अविश्वास करने से भी कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने कहा, “पुरुषों को बंद कीजिए, मैं यह कह रहा हूँ, क्योंकि वे परेशानी पैदा करते हैं। रात 8 बजे के बाद पुरुषों पर कर्फ्यू लगाएँ। महिलाओं को बाहर निकलने दीजिए।”

केरल उच्च न्यायालय ने सवाल किया कि सिर्फ लड़कियों और महिलाओं के ही रात में बाहर निकलने पर पाबंदी क्यों है। साथ ही, राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने को कहा कि उन्हें भी लड़कों और पुरुषों के समान आजादी मिलनी चाहिए। न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन ने कहा कि रात से डरने की जरूरत नहीं है और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अँधेरा होने के बाद हर किसी का बाहर निकलना सुरक्षित रहे।

हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी कोझीकोड मेडिकल कॉलेज की पाँच छात्राओं की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका के जरिए 2019 के उस सरकारी आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें रात साढ़े नौ बजे के बाद उच्चतर शिक्षण संस्थानों के छात्रावास में रहने वाली लड़कियों के बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। हाईकोर्ट ने पूछा कि मेडिकल कॉलेज के छात्रावासों में रहने वाली लड़कियों के लिए रात साढ़े नौ बजे के बाद बाहर निकलने पर पाबंदी क्यों लगा दी गई। साथ ही कोर्ट ने कहा कि लड़कियों को भी इस समाज में रहना है। साथ ही सवाल दागा कि क्या रात साढ़े नौ बजे के बाद बड़ा संकट आ जाएगा? सरकार का दायित्व है कि वह परिसर (कैम्पस) को सुरक्षित रखे।

अदालत ने सवाल किया कि क्या राज्य में ऐसा कोई छात्रावास है जहाँ लड़कों के बाहर निकलने पर पाबंदी है। अदालत ने यह भी कहा कि समस्या पुरुष पैदा करते हैं, जिन्हें बंद कर रखा जाना चाहिए। न्यायमूर्ति रामचंद्रन ने यह भी कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि वह पाबंदियों पर सवाल उठा रहे हैं क्योंकि उनकी बेटी नहीं हैं। न्यायाधीश ने कहा कि उनकी कुछ रिश्तेदार महिलाएँ हैं और दिल्ली में छात्रावास में रहती हैं। वे पढ़ाई करती हैं और इस तरह की पाबंदियां वहाँ नहीं हैं।

कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने मतगणना केंद्र पर किया आत्महत्या का प्रयास, लोगों ने किया बीच-बचाव: गमछे का फंदा बना कर चले थे मरने, कहा – EVM गड़बड़ है

गुजरात में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने लगे हैं और भाजपा प्रचंड बहुमत की तरफ बढ़ रही है। इसी बीच गाँधीधाम से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार भरत सोलंकी ने मतगणना केंद्र पर आत्महत्या करने की कोशिश की। भरत सोलंकी ने EVM में गड़बड़ी का आरोप लगा कर गमछे का फंदा बाँधते हुए सुसाइड करने की कोशिश की।

कॉन्ग्रेस उम्मीदवार भरत सोलंकी का आरोप है कि ईवीएम ठीक से सील नहीं थी। उनका आरोप है कि ईवीएम में सिग्नेचर भी नहीं थे। आरोप लगाते हुए सोलंकी धरने पर बैठ गए और गिनती रोकने की माँग करने लगे। आरोपों पर कार्रवाई न होने की बात कहते हुए उन्होंने सुसाइड करने की कोशिश की। गाँधीधाम विधानसभा सीट से भाजपा की मालतीबेन किशोरभाई माहेश्वरी ने कॉन्ग्रेस उम्मीदवार भरत सोलंकी को हरा दिया है। वहीं इस सीट पर आम आदमी पार्टी को फिलहाल 3200 वोट मिले हैं। आपको बता दें कि भरत भाई सोलंकी ने पिछले दिनों राज्य में 125 सीट जीत कर सरकार बनाने का दावा किया था।

गुजरात की इस सीट पर भाजपा का एक दशक से कब्जा है। 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा (BJP) उम्मीदवार मालती माहेश्वरी ने कॉन्ग्रेस उम्मीदवार किशोर पिंगोल को 20, 270 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया था। तब यहाँ भाजपा को 52.6 फीसदी वोट जबकि कॉन्ग्रेस को 39.3 फीसदी वोट मिले थे। 2012 में भी यहाँ बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। गुजरात की गाँधीधाम सीट को 2008 में परिसीमन के बाद SC कैटेगरी के लिए रिजर्व किया गया था। गाँधीधाम में कुल 3,15,272 वोटर हैं। जिसमें एससी वोटर ज्यादा हैं।

वहीं गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों की बात करें तो अब तक के रुझानों में भाजपा को 150 से ज्यादा सीटों पर जीत मिलती नजर आ रही है। वहीं कॉन्ग्रेस सिर्फ 17 सीटों पर आगे है। सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी सिर्फ 6 सीटों पर आगे चल रही है वहीं अन्य 4 सीटों पर आगे है।