Home Blog Page 2197

‘हिरण के खून से नहाया, कुत्तों और बाज की दी कुर्बानी…’ : रूसी राष्ट्रपति पुतिन को लेकर पत्रकार का दावा, यूक्रेन से युद्ध के पीछे भी अंधविश्वास को वजह बताया

रूस के राष्ट्रपति व्लामिदीर पुतिन को लेकर नए-नए दावे होते रहते हैं। कभी उनके सूटकेस को लेकर खबर आती है तो कभी कहा जाता है कि वो अपने साथ अपना वॉशरूम लेकर चलते हैं। इन्हीं खबरों के बीच अब विशेषज्ञों के हवाले से बताया जा रहा है कि पुतिन कुछ गतिविधियों में भी खासी दिलचस्पी लेते हैं। उन्हें मन पढ़ना या फिर खून से जुड़े कई रिवाज आदि करना पसंद है।

द सन की रिपोर्ट में एक रूसी पत्रकार ओलेग काशिन के हवाले से पुतिन को अंधविश्वासी बताते हुए कहा गया कि वह काले कुत्ते और बाज की कुर्बानी दे चुके हैं। इसके अलावा वह अपनी सेक्स ड्राइव को बढ़ाने के लिए एक तरह के जादुई हिरण के खून से भी नहाए थे। रिसर्चरों के मुताबिक पुतिन और उन्हें जानने वाले कई करीबी जादू-टोने वाली चीजों में यकीन रखते हैं। उन लोगों के इसी रवैये के चलते यूक्रेन पर हमला हुआ…ऐसा भी रिसर्चर्स का ही मानना है।

बता दें कि पुतिन को लेकर पहली दफा ऐसी खबरें नहीं आई हैं। 2017 में भी इस संबंध में छपा था। रूस की खोजी पत्रकारिता करने वाली Proekt ने यह दावा किया था। अब दोबारा पत्रकार काशिन के दावे के बाद ये चर्चा तेज हैं कि वो सत्ता में रहने के लिए कुर्बानी दे रहे हैं, खून में स्नान कर रहे हैं।

कथिततौर पर पुतिन में केजीबी एजेंट जियॉर्जी रोगोजिन द्वारा ये अंधविश्वास के प्रति रूचि भरी गई है। रोजोगिन खुद एक केजीबी कमांडर थे जिन्हें पैरानॉर्मल रिसर्चिंग टेलीपैथी, पैरासाइकलॉजी जैसे क्षेत्रों में इंटरस्ट था। उनका देहांत 2014 में हो गया। मगर उनका असर आज भी पुतिन पर है।

रिपोर्टर के मुताबिक पहले जॉर्जी ने बताया था कि वो दूसरों का दिमाग पढ़ सकते हैं। इसके बाद उन्होंने पुतिन से कहा कि पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री मेडेलीन अलब्राइड रूस से नफरत करते हैं और इस फिराक में थे कि रूस से साइबीरिया छीन लिया जाए ताकि वो रिजर्ब ऑयल तक पहुँच सकें। बताते हैं कि इस दावे के बाद रूस ने बिन तथ्यों के ये बातें दोहराईं थी और कहा था कि उन्हें करीबी सलाहकार से यह सब पता चला है।

कथिततौर पर पुतिन को साइबीरिया के एक तांत्रिक एलेक्जेंडर गैबीशेव का डर भी सताता है। उसने एक बार कहा था कि वो अपने तंत्र से पुतिन के ईर्द-गिर्द से शैतानों को हटा देगा। यह सुन पुतिन घबरा गए थे और बाद में उसे पकड़कर जेल में डरवा दिया था। फिलहाल गैबीशेव एक साइकेट्रिक अस्पताल में है।

बच्चे कहलाएँगे बम, बंदूक, सैटेलाइट… ड्रेस और हेयर कट के बाद उत्तर कोरिया में नाम को लेकर भी फरमान: स्किनी ​जींस, लेदर जैकेट पहले से है बैन

उत्तर कोरिया और उसका तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong) अजीबोगरीब फरमानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। अब फरमान बच्चों के नाम को लेकर आया है। इसके तहत बच्चों के नाम के लिए वे कोरियाई शब्द तय किए गए हैं जिनका अर्थ बम, बंदूक, सैटेलाइट वगैरह है। कहा गया है कि बच्चों के नाम नाजुक होने की जगह सख्त होने चाहिए और उससे देशभक्ति की झलक मिलनी चाहिए।

बच्चों के चोंग इल (बंदूक), चुंग सिम (वफादारी), पोक इल (बम) और यूआई सॉन्ग (सैटेलाइट) जैसे नाम रखने के आदेश दिए गए हैं। वे हैं-देशभक्ति वाले नाम रखने को कहा है। साथ ही दक्षिण कोरिया में ए आरई (प्यार करने वाला) और सु एमआई (सुपर ब्यूटी) जैसे प्रचलित नाम जिनसे प्यार, सुंदरता जैसे भावनाओं का प्रकटीकरण होता है उनको बदलने के भी आदेश दिए गए हैं। किम जोंग के मुताबिक ये नाम पश्चिमी संस्कृति से प्रेरित हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवंबर 2022 से ही उत्तर कोरिया के निवासियों को नाम बदलने के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस साल के अंत तक नागरिकों को अपना नाम बदल कर कुछ क्रांतिकारी नाम रखने का समय दिया गया है। यही नहीं उन्हें अपने नाम के आखिरी में कुछ ऐसा जोड़ना होगा, जिससे राजनीतिक संदेश जाए। इस आदेश से उत्तर कोरिया के अधिकतर लोग नाखुश हैं। कुछ लोगों ने यह पूछने का साहस भी जुटाया है कि क्या वे अपने बच्चों को ऐसे नाम दे सकते हैं, जो वर्तमान में भुखमरी और उत्पीड़न के युग को दर्शा सके।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, एक नागरिक ने रेडियो फ्री एशिया (RFA) को बताया कि निवासी इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि अधिकारी लोगों को अपना नाम बदलने को मजबूर कर रहे हैं। इस आदेश से नाराज माता-पिता कह रहे हैं कि अत्याचार अपने चरम पर है। एक परेशान नागरिक ने कहा, “मनुष्य अपना नाम कैसे रखें, इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। उत्तर कोरिया के लोग मजाक बना रहे हैं कि क्या वह अपने बच्चों को योंग चोल, मैन बोक या सन हुई जैसे नाम देंगे। ये सभी पुराने जमाने के नाम हैं।”

बता दें कि नॉर्थ कोरिया में जींस से लेकर लेदर जैकेट तक प्रतिबंधित है। हेयर कट का भी विशिष्ट तरीका तय है। देश के युवा तानाशाह का मानना है कि पश्चिमी फैशन देश के युवाओं को भटका सकता है। यहाँ तक कि बालों को रंगने और पश्चिमी ब्रांड की शर्ट पहनने पर भी प्रतिबंध है। अधिकारियों का कहना है कि उत्तर कोरियाई शैली के पोशाक और बाल ने देश में समाजवादी जीवन शैली स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन नियमों को तोड़ने वालों को प्रशासन ‘पूँजीवादी अपराधी’ मानता है।

केरल में बेटा-बेटी एक समान नहीं? मौलवियों के दबाव में वामपंथी सरकार को योजना में करना पड़ा बदलाव, मुस्लिम संगठनों ने दिया था शरिया का हवाला

गरीबी उन्मूलन को लेकर केरल सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना ‘कुदुम्बश्री’ को लेकर विवाद हो गया है। दरअसल, ‘कुदुम्बश्री योजना’ के अंतर्गत स्वयंसेवी सहायता समूह ने अपनी स्वयंसेविकाओं को बेटे-बेटियों को समान अधिकार देने वाली शपथ लेने के लिए कहा था। लेकिन, मौलवियों ने इस शपथ को शरिया (इस्लामिक कानून) के खिलाफ बताते हुए विरोध किया। इसके बाद अब, राज्य सरकार ने इस शपथ पर रोक लगा दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केरल के मुस्लिमों का एक समूह ‘समस्थ केरल जाम-इयुथुल कुतबा कमेटी’ ने ‘कुदुम्बश्री योजना’ के अंतर्गत कार्य कर रही महिलाओं की शपथ का यह कहते हुए विरोध किया है कि यह शरिया (इस्लामी कानून) के खिलाफ है। साथ ही, मौलवियों का कहना है कि इस शपथ के माध्यम से राज्य सरकार, केंद्र सरकार को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करने में मदद कर रही थी।

दरअसल, ‘कुदुम्बश्री योजना’ से जुड़ी महिलाओं द्वारा ली जा रही इस शपथ के एक भाग में कहा गया था, “हम अपने बेटे-बेटियों को संपत्ति में बराबर का अधिकार देंगे।” शपथ के इसी हिस्से को लेकर ‘समस्थ केरल जाम-इयुथुल कुतबा कमेटी’ ने कहा है कि ‘कुदुम्बश्री योजना’ से जुड़ी महिलाओं को यह शपथ नहीं लेनी चाहिए।

मुस्लिम संगठन समस्थ केरल जाम-इयुथुल कुतबा कमेटी के नेता नजर फैजी कूडथाई ने विरोध जताते हुए फेसबुक में एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट में उन्होंने कहा है, “यह शपथ संविधान के खिलाफ है। कुरान के अनुसार, एक पुरुष के पास दो महिलाओं के बराबर संपत्ति का हिस्सा होता है और महिला को पिता की संपत्ति से पुरुष को मिलने वाली संपत्ति का केवल आधा हिस्सा दिया जाता है।”

फैजी ने यह भी कहा, “लैंगिक समानता के नाम पर सरकार धर्म के मूल सिद्धांतों में हस्तक्षेप कर रही है। इस तरह के उपायों से देश में समान नागरिक संहिता लागू करने के केंद्र के कदम में मदद मिलेगी।” फैजी कूडाथाई के इस बयान के बाद जमात-ए-इस्लामी सहित कई अन्य मुस्लिम संगठनों ने भी उनका समर्थन किया है। नाम न छापने की शर्त पर ‘कुदुम्बश्री मिशन’ के एक अधिकारी ने कहा, “हमें शपथ न कराने का आदेश दिया गया है और कहा गया है कि कुछ समय बाद एक अन्य शपथ उपलब्ध कराई जाएगी।”

हालाँकि, इस मामले में विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा, “सरकार ने कट्टरपंथी ताकतों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सबरीमाला आंदोलन के मद्देनजर पुनर्जागरण आंदोलन और सरकार द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला कहाँ है? हजारों तीर्थयात्रियों पर हमला किया गया और पुलिस ने दो महिला कार्यकर्ताओं को मंदिर में प्रवेश करने में भी मदद की। इस बार आत्मा क्यों गायब है?” भाजपा की ओर से यह भी कहा गया है कि स्कूलों में समान यूनिफॉर्म पेश करने का सरकार का कदम भी इन ताकतों के प्रकोप के डर से वापस ले लिया गया था।

अमेरिका का पैसा और सिक्योरिटी, चीन का लैब… ऐसे लीक हुआ कोरोना वायरस: वुहान में काम कर चुके वैज्ञानिक की किताब में खुलासा – मानव निर्मित है कोविड

कोरोना की उत्पत्ति को लेकर तरह-तरह के दावे किए जाते रहे हैं। कई इसे जीव-जनित बताते हैं तो कई लोगों का मानना है कि यह चीन स्थित वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (WIV) से लीक हुआ था। अब इस दावे को और बल मिल रहा है। यहाँ काम कर चुके एक वैज्ञानिक ने इस संबंध में एक अहम खुलासा किया है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन स्थित ‘वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’ में काम करने वाले वैज्ञानिक एंड्रयू हफ का दावा है कि कोविड-19 एक मानव निर्मित वायरस है, जो WIV से लीक हो गया था।

एंड्रयू हफ ने वायरस का अध्ययन करने वाले न्यूयॉर्क स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था के लिए भी काम किया है। उन्होंने कहा कि कोविड को ढाई साल से पहले चीन में वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से लीक किया गया। हफ ने इसे 9/11 के बाद की सबसे बड़ी अमेरिकी खुफिया विफलता बताया और इसके लिए अधिकारियों को दोषी ठहराया।

यह प्रयोगशाला कोविड की उत्पत्ति के बारे में बहस के केंद्र रहा है। हालाँकि, चीन के सरकारी अधिकारियों और प्रयोगशाला कर्मियों ने हमेशा इससे इनकार किया है कि वायरस लैब से लीक हुआ था। महामारी वैज्ञानिक हफ ने अपनी नई पुस्तक ‘द ट्रूथ अबाउट वुहान’ में कहा कि चीन में कोरोना वायरस अमेरिकी सरकार के वित्त पोषण का परिणाम था। उन्होंने कहा कि चीन में एक्सपेरिमेंट को LAX सुरक्षा के साथ किया गया, जिसके कारण वुहान लैब में लीक हुआ। ‘लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट सिक्योरिटी (LAX सुरक्षा)’ लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट पुलिस का एक प्रभाग है।

उन्होंने अपनी पुस्तक में कहा, “विदेशी प्रयोगशालाओं में बायो-सेफ्टी (खतरनाक रोगाणुओं से निपटने के उपाय), बायो-सिक्योरिटी (वायरस के प्रसार को रोकना) और को सुनिश्चित करने और जोखिम प्रबंधन के लिए जरूरी तैयारियाँ नहीं की गई थीं। अंततः यही चीजें WIV से वायरस लीक होने का कारण बनीं। पिछले दो वर्षों में लगातार ऐसे सबूत सामने आए हैं जिससे पता चलता है कि वायरस लैब से लीक हो गया था।

हफ ‘इकोहेल्थ एलायंस’ के एक पूर्व उपाध्यक्ष हैं, जो न्यूयॉर्क स्थित एक गैर-लाभकारी समूह है। ये अमेरिका के ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH)’ के साथ एक दशक से अधिक समय से चमगादड़ों में अलग-अलग कोरोना वायरस का अध्ययन कर रहा है और इस संस्था ने वुहान लैब से भी घनिष्ठ संबंध बनाए थे।

वैज्ञानिक हफ ने लिखा, “चीन पहले दिन से यह जानता था कि कोरोना वायरस को जेनेटिक इंजीनियरिंग के माध्यम से बनाया गया था। इसका जिम्मेदार अमेरिका को ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि बायोटेक्नोलॉजी की ये तकनीक उसी ने चीन को दी थी।” बता दें कि ‘जेनेटिक इंजिनयरिंग’ के माध्यम से किसी जीव के जीन्स में छेड़छाड़ कर के उसके स्वभाव को बदला जा सकता है।

हवाई सफर हुआ आसान, अब करिए Digi Yatra: आपका चेहरा ही बोर्डिंग पास, जानिए FRT का कब-कहाँ-कैसे मिलेगा फायदा

डिजी यात्रा (Digi Yatra)। डिजी यात्रा सेंट्रल इकोसिस्टम (DYCE)। चेहरा पहचान प्रणाली (FRT)। यदि हवाई यात्रा करते हैं तो इन शब्दों से खुद का नाता जोड़ लीजिए, क्योंकि अब चेहरा ही आपका बोर्डिंग पास है।

1 दिसंबर 2022 को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘डिजी यात्रा’ (Digi Yatra) की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य, कॉन्टैक्ट लेस-पेपर लेस यात्रा को बढ़ावा देते हुए यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराना है। फिलहाल, यह सुविधा कुछ चुनिंदा एयरपोर्ट पर ही शुरू की गई है। लेकिन आने वाले समय में, देशभर के सभी एयरपोर्ट पर यह सुविधा शुरू की जानी है।

क्या है डिजी यात्रा

प्लेन में यात्रा करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट में एंट्री के लिए लाइन में लगना पड़ता था। जहाँ, मौजूद अधिकारी उनके बोर्डिंग पास और आईडी की जाँच करते थे। लेकिन Digi Yatra के उपयोग से यात्रियों का चेहरा ही उनका बोर्डिंग पास होगा। यानी जिस एयरपोर्ट पर यह सुविधा उपलब्ध होगी, वहाँ यात्रियों को बोर्डिंग पास और आईडी कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं है।

डिजी यात्रा के अंतर्गत एयरपोर्ट पर यात्रियों के डेटा की डिजिटल प्रोसेसिंग होगी। एयरपोर्ट के चेक प्वाइंट्स (जाँच केंद्रों) पर बोर्डिंग पास और आईडी की जाँच की जगह अब चेहरे की जाँच होगी। एयरपोर्ट में एंट्री से लेकर सिक्योरिटी और एग्जिट तक सब कुछ फेस रिकॉगनिशन (चेहरे की पहचान) से होगा। यही नहीं, सेल्फ-बैग ड्रॉप और ड्रॉप इन जैसी सुविधाएँ भी इसमें शामिल की गईं हैं।

डिजी यात्रा के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन

डिजी यात्रा सुविधा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को Google Play Store या iOS ऐप स्टोर से Digi Yatra ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर एंटर करते हुए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत करनी होगी। फिर, यात्री नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और एक पहचान पत्र (आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी इत्यादि) का उपयोग कर खुद को रजिस्टर्ड कर सकते हैं।

इस दौरान, यात्रियों को अपनी एक फोटो (सेल्फी) भी अपलोड करनी होगी। ये सभी जानकारियाँ दर्ज करने के बाद डिजी यात्रा आईडी बन जाएगी। टिकट बुक करते समय इस आईडी को शेयर करना होगा। इसके बाद, एयरलाइन कंपनियाँ, इस आईडी और यात्री के डेटा को एयरपोर्ट के साथ शेयर करेंगीं।

एयरपोर्ट पर कैसे काम करेगा डिजी यात्रा

एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद यात्री को एंट्री गेट यानी ई-गेट पर अपने बोर्डिंग पास या ई-टिकट (प्रिंट या मोबाइल में सॉफ्ट कॉपी) को स्कैन करेगा। इसके बाद, बार कोड/क्यूआर कोड को स्कैन करने पर सिस्टम यात्री की जानकारी और उसकी फ्लाइट से संबंधित जानकारी दिखाएगा।

फिर, डिजी यात्रा आईडी फेस रिकॉग्निशन (FRT) द्वारा पहचान को वेरिफाई करेगा। ई-गेट पर टिकट और डिजी यात्रा आईडी के वेरिफिकेशन होने के बाद यह गेट खुल जाएगा। 

डिजी यात्रा के लाभ

हम आज एक ऐसे युग में हैं जहाँ लगभग सभी चीजें सिंगल क्लिक में उपलब्ध हैं। चाय-पान से लेकर बड़े-बड़े उद्योगों में ऑन लाइन सर्विस का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई ‘डिजी यात्रा’ सर्विस बेहद कारगर साबित होने वाली है।

डिजी यात्रा के उपयोग से एयरपोर्ट पर यात्रियों को लाइन में अधिक समय नहीं लगेगा। साथ ही, सभी चेक पॉइंट्स पर बोर्डिंग पास और आईडी कार्ड दिखाने की जरूरत नहीं होगी। चूँकि, सिस्टम यात्रियों के चेहरे को स्कैन करने के बाद एयरपोर्ट में एंट्री देता है, ऐसे में सुरक्षा जाँच में भी कम समस्याएँ आएँगीं।

इसके अलावा, एयरपोर्ट संचालकों के पास वहाँ मौजूद लोगों की संख्या की भी जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। इससे वह, भीड़ को आसानी से मैनेज कर पाएँगे। दुबई, सिंगापुर, अटलांटा और जापान सहित दुनिया भर के विभिन्न एयरपोर्ट पर ‘डिजी यात्रा’ जैसी ही फेस रिकग्निशन सर्विस का उपयोग किया जा रहा है।

इन एयरपोर्ट पर शुरू की गई है ‘डिजी यात्रा’ सर्विस

फिलहाल, डिजी यात्रा सर्विस की शुरुआत देश के तीन एयरपोर्ट दिल्ली, बेंगलुरु और वाराणसी में की गई है। इसके बाद, मार्च 2023 तक हैदराबाद, कोलकाता, पुणे और विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर भी इस सर्विस को लॉन्च किया जाएगा। उड्डयन मंत्रालय की योजना डिजी यात्रा सर्विस को देशभर के सभी एयरपोर्ट में लॉन्च करने की है।

बता दें कि एयर इंडिया, विस्तारा और इंडिगो एयरलाइंस से जुड़ी फ्लाइट से यात्रा करने वाले सभी यात्री डोमिस्टिक यात्रा के दौरान इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। वहीं, स्पाइसजेट, गोफर्स्ट और अकासा एयर ने अब तक डिजी यात्रा सर्विस की शुरुआत नहीं की है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सर्विस का उपयोग बढ़ने के बाद सभी एयरलाइन कंपनियाँ इसका इस्तेमाल करती दिखाई देंगीं।

आज Moonlighting पर चली जाती है नौकरी, कभी CJI भी यही करते थे: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने बताया – आकाशवाणी में RJ था, संगीत से अब भी प्रेम

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने खुलासा किया कि वह ऑल इंडिया रेडियो (AIR) में एक रेडियो जॉकी के तौर मूनलाइटिंग कर चुके हैं। सीजेआई ने शनिवार (3 दिसंबर, 2022) को इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च, गोवा के पहले शैक्षणिक सत्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ‘प्ले इट कूल, ए डेट विद यू और संडे रिक्वेस्ट’ जैसे कार्यक्रमों को भी होस्ट किया था।

डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, “बहुत से लोग इस बारे में नहीं जानते हैं कि मैं अपने शुरुआती दिनों (20वें दशक) में रेडियो जॉकी के तौर पर मूनलाइटिंग भी करता था। संगीत के लिए मेरा प्यार आज भी कायम है। कानून के क्षेत्र में संगीत सुनना मुश्किल होता है। इसलिए जब भी मैं अपने काम से फ्री होकर घर जाता हूँ, तो संगीत का आनंद जरूर लेता हूँ।” उनकी वीडियो क्लिप को बार एंड बेंच ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है।

इस कार्यक्रम में उन्होंने 20 के दशक की शुरुआत में अपने जीवन, कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) के अलावा कई और मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शायद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के सामने एक समस्या यह थी कि वे कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) को क्रैक करने के लिए छात्रों की क्षमता को जाँचते हैं। उनके अनुसार, जरूरी नहीं है कि जिन छात्रों ने सीएलएटी (CLAT) क्रैक कर लिया हो, वे कानून की पढ़ाई के लिए सही सोच रखते हों।

क्या है मूनलाइटिंग?

मूनलाइटिंग (Moonlighting), यानी एक समय में एक से अधिक कंपनी के लिए काम करना। विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी (Rishad Premji) ने इसको लेकर सितंबर 2022 में ट्वीट किया था। उन्होंने ‘मूनलाइटिंग’ की तुलना धोखाधड़ी से करते हुए अपने ट्वीट में लिखा था, “तकनीक उद्योग में मूनलाइटिंग करने वाले लोगों के बारे में बहुत सारी बकवास है। सादा और सरल भाषा में यह धोखा है।” वहीं, ऋषद प्रेमजी से उलट ‘टेक महिंद्रा’ के सीईओ सीपी गुरनानी ने ‘मूनलाइटिंग (Moonlighting)’ का समर्थन करते हुए लिखा था, “समय के साथ बदलते रहने के लिए मूनलाइटिंग जरूरी है।”

खुद को ‘पैगंबर’ बता कर ली 20 शादी, बेटी को भी बनाया बीवी: चेलों से भी कहता- मेरी बेटियों से सेक्स करो, अब जेल पहुँचा

अमेरिका के अरीजोना में बहुविवाह (Polygamist) की पैरवी करने वाले सैमुअल रैपली बेटमैन (Samuel Rappylee Bateman) नाम के कट्टरपंथी की 20 बीवियाँ निकली हैं। आरोपित खुद को ‘पैगंबर’ बताते हुए अपनी बेटी से शादी कर चुका है। उसने ज्यादातर शादियाँ 15 साल से कम उम्र की लड़कियों से की है। उसके ऊपर व्यभिचार, वयस्कों और बच्चों से ग्रुप सेक्स, बाल यौन तस्करी जैसे आरोप हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार सैमुअल ने 2019 में 50 लोगों का एक छोटे समूह का नेतृत्व शुरू किया था। समूह का नाम फंडामेंटालिस्ट चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लेटर-डे सेंट्स (Fundamentalist Church of Jesus Christ of Latter-Day Saints) हैं। वो इस समूह को कंट्रोल करते-करते ही खुद को ‘पैगंबर’ बताने लगा। एक समय आया जब उसने अपनी ही बेटी से शादी करने की इच्छा व्यक्त की। इसके अलावा उसने अपने तीन फॉलोवर्स को ये तक कहा कि वो लोग भी उसकी बेटियों के साथ सेक्स करें वो भी तब जब उनमें से एक लड़की सिर्फ 12 की थी।

सैमुअल लड़कियों से भी कहता था कि वो अपनी इज्जत ईश्वर के नाम पर त्यागें। ईश्वर फिर से उनके शरीर को सही कर देगा और उनके शरीर में दोबारा वो झिल्ली आ जाएगी।

एफबीआई दस्तावेजों के मुताबिक 46 साल का सैमुअल अब तक 20 औरतों से शादी कर चुका है। इनमें अधिकतर 15 से कम की थीं। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया उस समय भी राज्य में गाड़ियों से लड़कियों को इधर-उधर लेकर जा रहा था। गाड़ी में एक सोफा और टॉयलेट की बाल्टी थी। तब, पुलिस ने उसे पकड़ा था। पुलिस ने कहा था कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि वो अरीजोना, उताह, नेवादा में लड़कियों को ट्रांस्पोर्ट कर रहा था।

जब पुलिस ने उसकी गाड़ी रोकी तो उसमें दो लड़कियाँ थीं। इसके बाद ही पुलिस ने बाल शोषण करने पर उस पर मुकदमा दर्ज कर लिया। पहले उसे इस केस में बेल मिल गई। लेकिन उसे दोबारा अन्य आरोपों में पकड़ा गया। सबूत जुटाने के लिए पुलिस ने छापेमारी की और 9 पीड़ितों को अपने संरक्षण में ले लिया। एफबीआई ने छापेमारी के बाद उसको अरीजोना जेल में डाल दिया। सितंबर से उसके विरुद्ध सबूत जुटाए जा रहे हैं कि उसने कम उम्र की औरतों से शादी की और उनसे शारीरिक संबंध बनाए।

मजदूरी कर पैसे भेजता था पति, मकान मालिक संग लूडो खेलती पत्नी, एक दिन खुद को ही हार गई: मैसेज भेज कहा- मेरा चक्कर छोड़ो, आकर लिखा-पढ़ी कर लो

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। मकान मालिक से लूडो के खेल में एक महिला ने खुद को दांव पर लगाया और हार गई। इसके बाद राजस्थान के जयपुर में मजदूरी करने वाले अपने पति को संदेश भेजा कि वह अब उसका चक्कर छोड़ दे। आकर लिखा-पढ़ी कर ले। पीड़ित पति ने पुलिस से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

बताया जा रहा है कि मकान मालिक ने इस व्यक्ति की पत्नी और दो बच्चों को अपने पास रख रखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लूडो में हारने वाली महिला मूल रूप से अमेठी की रहने वाली ही ,प्रतापगढ़ के बेल्हा क्षेत्र में किराए के एक मकान में रहती है। महिला का पति पिछले 6 माह से जयपुर में मजदूरी कर रहा है। उसके भेजे पैसे से महिला मकान का भाड़ा और घर का अन्य खर्च चलाती थी। इस बीच उसे मकान मालिक के साथ लूडो खेलने की लत लग गई। यही लत आगे चल कर जुए में बदल गई। महिला लूडो के माध्यम से हार-जीत के लिए कभी पैसे तो कभी अन्य सामान दाँव पर लगाने लगी थी।

बताया जा रहा है कि जुए की लत में महिला धीरे-धीरे एक-एक सामान हारती रही। वो अपने सारे पैसे भी हार चुकी थी। एक दिन महिला ने मकान मालिक के आगे खुद को ही दांव पर लगा दिया। वो बाजी भी मकान मालिक ने जीत ली। इसके बाद महिला को उसकी बेटी सहित मकान मालिक ने अपने पास रख लिया। महिला के 2 बच्चे हैं जो मकान मालिक के ही पास हैं। कहा जा रहा है कि महिला के पति ने अपनी पत्नी को समझाने की कोशिश भी की लेकिन वो मानने के लिए तैयार नहीं है।

महिला के पति ने पुलिस को बताया है कि पत्नी ने ही उसको फोन कर पर खुद के लूडो में हार जाने की जानकारी दी थी। अपनी शिकायत में पीड़ित पति ने लिखा है कि फोन पर उससे पत्नी ने प्रतापगढ़ आकर लिखा-पढ़ी करने के लिए कहा। साथ ही उसे धमकी देते हुए कहा है कि अगर हमारे चक्कर में पड़ोगे तो काट कर फेंक दिए जाओगे।

‘मुझे किसी ने गिरफ्तार नहीं किया, झूठ बोल रहे हैं CM भगवंत मान’: गोल्डी बराड़ का वीडियो, सिद्धू मूसेवाला की हत्या का है आरोपित

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार (2 दिसंबर, 2022) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि गायक और कॉन्ग्रेस के नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड गोल्डी बराड़ को संयुक्त राज्य अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। हालाँकि, अब बराड़ ने दावा किया है कि उसे किसी ने गिरफ्तार नहीं किया है। बराड़ ने कथित तौर पर एक यूट्यूब इंटरव्यू में यह दावा किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, उसने दावा किया कि उसके = समूह ने बहुत पहले अमेरिका और कनाडा छोड़ दिया था और उसकी गिरफ्तारी के बारे में सभी रिपोर्ट फर्जी हैं। इस बीच, ऐसी रिपोर्ट है कि पंजाब सरकार बराड़ को भारत लाने पर काम कर रही है।

एक स्वतंत्र पत्रकार के साथ साक्षात्कार में बराड़ ने कहा कि उसे अमेरिकी पुलिस द्वारा गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है। हालाँकि, ऑपइंडिया स्वतंत्र रूप से इन दावों को सत्यापित नहीं कर सका। बराड़ ने कहा कि सीएम मान ने जो कुछ भी कहा है वह गलत है। 2 दिसंबर, 2022 को सीएम मान ने गुजरात में दावा किया था कि गोल्डी बराड़ को अमेरिका में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने आगे दावा किया था कि पंजाब में गैंगस्टरों और बदमाशों पर अंकुश लगाने पर बड़े पैमाने पर काम किया गया है। ‘रोजाना स्पोक्समैन’ के अनुसार, बराड़ ने कहा कि वह पुलिस द्वारा गिरफ्तार होने की बजाए मरना पसंद करेगा।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि जब विदेशी भूमि पर वांछित अपराधियों से जुड़े मामलों से निपटने की बात आती है, तो केंद्र सरकार और एजेंसियाँ मामलों को संभालती हैं। सीएम मान ने गिरफ्तारी के बारे में लंबे-चौड़े दावे किए हैं और अगर यह गलत हो जाता है, तो यह AAP के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के लिए अपमानजनक होगा।

इस बीच, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम मजीठिया ने रविवार (4 दिसंबर, 2022)  को आरोप लगाया कि मान ने बराड़ की गिरफ्तारी के बारे में जो कुछ भी कहा था, वह झूठा था। एक वीडियो बयान में, मजीठिया ने कहा कि अगर उन्हें यह जानकारी मिल सकती है कि गोल्डी को अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है तो पंजाब सरकार इन दावों को सत्यापित क्यों नहीं कर सकी।

मजीठिया ने ट्वीट्स की एक श्रृंखला में कहा, “पंजाब सीएम भगवंत मान को पंजाबियों को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिकी एजेंसियों द्वारा गैंगस्टर गोल्डी बरार को हिरासत में लेने के बारे में झूठ क्यों बोला। यह दावा करने के बाद 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन गोल्डी को हिरासत में लेने का कोई फोटो या वीडियो सार्वजनिक रूप से अब तक सामने नहीं आया है।”

उन्होंने कहा, “सीएम स्पष्ट करें कि गोल्डी को संयुक्त राज्य अमेरिका में हिरासत में लेने की जानकारी उन्हें कैसे मिली। क्या गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें सूचित किया था, क्या अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन या अन्य अमेरिकी अधिकारियों या सीधे एफबीआई ने उन्हें इस मुद्दे पर सूचना दी थी या उनके कोई और सोर्स थे जिन्होंने उन्हें सूचित किया था।”

उन्होंने कहा कि पंजाब में बीएमडब्ल्यू (BMW) प्लांट के बारे में सीएम मान ने कथित झूठे दावे किए थे। उन्होंने कहा, “विडंबना यह है कि डीजीपी, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ सीएम के इस दावे की पुष्टि करने से परहेज कर रही हैं। ऐसा लगता है कि यह दावा अन्य झूठे दावों के अनुरूप है, जो उन्होंने अतीत में किए थे। लेकिन उन्हें एहसास होना चाहिए कि इस झूठ ने पीड़ित परिवार को बहुत दर्द दिया है।” यहाँ यह उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने अब तक अमेरिका में गोल्डी की कथित गिरफ्तारी की कोई पुष्टि नहीं की है, हालाँकि उसके खिलाफ एक रेड कॉर्नर नोटिस मौजूद है।

पंजाब में बीएमडब्ल्यू प्लांट के बारे में सीएम मान ने ‘झूठ बोला’ था

बीएमडब्ल्यू ने 14 सितंबर 2022 को पंजाब सीएम द्वारा किए गए दावों से इनकार कर दिया था जिसमें दावा किया गया था कि कंपनी राज्य में एक संयंत्र स्थापित करने की योजना बना रही है। एक प्रेस विज्ञप्ति में, बीएमडब्ल्यू ने कहा था, “बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के पास पंजाब में अतिरिक्त विनिर्माण संचालन स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।”

पंजाब सरकार द्वारा एक बयान में दावा करने के बाद बीएमडब्ल्यू ने इससे इनकार किया था। पंजाब सरकार ने दावा किया था कि जर्मनी की यात्रा के दौरान, सीएम भगवंत मान ने बीएमडब्ल्यू से एक निवेश हासिल किया है। यह दावा किया गया था कि 13 सितंबर ,2022 को म्यूनिख में बीएमडब्ल्यू मुख्यालय में मान की यात्रा के दौरान इस निवेश के लिए एक निर्णय लिया गया था। कंपनी के इस संबंध में इनकार के बावजूद सीएम मान का ट्वीट अभी भी ट्विटर पर मौजूद है।

उल्लेखनीय है कि इस साल मई में, गोल्डी बराड़ ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि मूसेवाला उसके कई सहयोगियों की हत्या के लिए जिम्मेदार था और जब से पुलिस ने कुछ नहीं किया तो उसने गायक/रैपर की हत्या कर दी। लॉरेंस बिश्नोई गैंगस्टर ग्रुप ने भी एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया गया था कि उन्होंने इस हत्या को अंजाम दिया था।

‘मुझे कभी भी मारी जा सकती है गोली, खुली कार में नहीं घूम सकता’: एलन मस्क ने जताया जान का खतरा, किम कार्दशियन के हिटलर समर्थक पूर्व पति बोले – ये आधा चायनीज

अमेरिकन रैपर और किम कार्दशियन के पूर्व पति कान्ये वेस्ट (Kanye West) अपना ट्विटर अकाउंड सस्पेंड होने के कारण इन दिनों सुर्खियों में हैं। उन्होंने सोमवार (5 दिसंबर 2022) को ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क (Elon Musk) पर जमकर हमला बोला और उन्हें ‘हाफ चाइनीज’ कहा। वहीं, दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने एक ऑडियो चैट में अपनी जान का खतरा जताया है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी हत्या का जोखिम काफी ज्यादा है। इसलिए वह किसी ओपन-एयर कार में परेड नहीं कर सकते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के सीईओ एलन मस्क ने कहा, “मुझे ऐसे ही रहने दें। मेरे साथ कुछ बुरा होने की आशंका काफी ज्यादा है। यहाँ तक कि मुझे गोली मारी जा सकती है।”

अपना ट्विटर अकाउंड सस्पेंड होने के बाद कान्ये वेस्ट ने एलन मस्क पर तंज कसते हुए आज अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “क्या मैं अकेला हूँ, जो ये सोचता हूँ कि एलन हाफ चाइनीज हैं? क्या आपने कभी उनकी बचपन की फोटोज देखी है? एक चाइनीज जीनियस को लें और उन्हें साउथ अफ्रीकन सुपर मॉडल के साथ मिला दें, तो हमारे पास एक एलन है।”

कान्ये वेस्ट Kanye West आगे लिखते हैं, “मैं एक एलन कहता हूँ क्योंकि उन्होंने शायद 10 से 30 एलन बनाए हैं। वो पहले जेनेटिक हाइब्रिड हैं, जो अटक गए हैं… चलो ओबामा के बारे में मत भूलना।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे चर्च में अपशब्द का इस्तेमाल करने का खेद है, लेकिन मेरे पास ओबामा के लिए अभी तक दूसरा शब्द नहीं है। YE24 आइए एकजुट हों और LUAFO का पता लगाएँ।”

कान्ये के ‘हाफ चाइनीज जेनेटिक हाइब्रिड’ वाले बयान पर एलन मस्क ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रैपर पर पलटवार करते हुए ट्वीट किया, “मैं इसे कॉम्प्लिमेंट की तरह लेता ।हूँ।”

वहीं , कान्ये ने भी इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए फिर से एलन मस्क पर तंस कसते हुए लिखा, “ये एक तारीफ के रूप में ही था मेरे दोस्त, अब दूसरी ओर ओबामा…।”

बता दें कि इन दोनों के बीच विवाद तब शुरू हुआ, जब हाल ही में कान्ये ने अपने ट्वीट में ईसाई हेकनक्रेज (हुक्ड क्रॉस) की तस्वीर शेयर करते हुए जर्मनी के तानाशाह हिटलर की तारीफ की। इसे भड़काऊ करार देते हुए कान्ये के ट्विटर अकाउंड को सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद लोगों ने ईसाई हेकनक्रेज को हिन्दू स्वस्तिक बताना शुरू कर दिया, जबकि दोनों बिलकुल अलग हैं। हिन्दू स्वस्तिक शुभ-लाभ का प्रतीक है, जबकि हेकनक्रेज हिटलर के कारण रक्तपात का।

‘Meidas Touch’ नामक संस्था ने हेकनक्रेज को स्वस्तिक बताते हुए लिखा था कि ये घृणित और खतरनाक है। उसने कहा कि ये यहूदियों के नरसंहार का प्रतीक है। लोगों ने संस्था को समझाया कि कान्ये वेस्ट ने जो शेयर किया था वो हेकनक्रेज है, स्वस्तिक नहीं।