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छात्राओं को क्लास में पोर्न वीडियो दिखाता था मिशनरी स्कूल का शिक्षक, गलत तरीके से छूता था, पढ़ाता था ‘लव यू’ और ‘किस यू’: धमकी भी देता था

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित एक मिशनरी स्कूल में एक शिक्षक द्वारा छात्राओं से गंदी हरकतें करने का मामला सामने आया है। उक्त शिक्षक क्लास में लड़कियों को ‘लव यू’ और ‘किस यू’ जैसी चीजें पढ़ा रहा था। इतना ही नहीं, वो छात्राओं को पोर्न वीडियोज भी दिखा रहा था और उन्हें गंदे तरीके से छूता था। पीड़ित बच्चियों ने जब अपने अभिभावकों को ये बात बताई, तब जाकर इसका भंडाफोड़ हुआ। आरोपित शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

उसका नाम लिजॉय है, जो तराना स्थित ‘दिनाह कॉन्वेंट स्कूल’ में पढ़ाता है। शनिवार (5 नवंबर, 2022) को बड़ी संख्या में हिन्दू कार्यकर्ता और अभिभावक स्कूल के बाहर पहुँचे और विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने स्कूल के खिलाफ नारेबाजी भी की। साथ ही स्कूल की तरफ पत्थर फेंके। शिकायत करने वाली छात्राएँ 12-14 साल की हैं, जो 7-9वीं कक्षाओं में पढ़ती हैं। वो कई दिनों से इस तरह की हरकतें कर रहा था।

लड़कियों का कहना है कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन को भी शिक्षक की हरकतों के बारे में बताया था, लेकिन उनलोगों ने इस मामले को दबा दिया और मामले पर ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने आरोपित शिक्षक के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और जाँच चल रही है। वो बच्चियों को ‘लव स्टोरी’ पढ़ाता था। साथ ही अपनी हरकतों के बारे में किसी को न बताने की धमकी भी देता था। जब आम लोग प्रदर्शन के लिए स्कूल पहुँचे थे, उस समय वो शिक्षक गायब था।

बाद में पुलिस वहाँ पर पहुँची और लोगों को समझाया। पुलिस का कहना है कि स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी जाँच किया जाएगा। शिक्षक फ़िलहाल सलाखों के पीछे है। एक बच्ची के पिता ने बताया कि बच्ची कुछ दिनों से उदास थी और चिड़चिड़ी हो गई थी। पहले परिजनों ने ध्यान नहीं दिया, लेकिन बाद में बच्ची ने सब बातें बताई तो घर वालों के होश उड़ गए। स्कूल में बताने पर बच्ची को निकाल देने की धमकी भी दी गई थी।

साथ ही एक पत्र लिखवा कर उस पर उसके हस्ताक्षर ले लिए गए थे। साथ ही घर पर कुछ भी न बताने की धमकी दी गई थी। ये स्कूल पहले भी विवादों में रहा है। यहाँ एक बच्ची को एक्सपायर्ड दवा खिला दी गई थी। इससे उसे 37 बार उल्टियाँ हुई थीं और बड़ी मुश्किल से जान बच पाई थी। ताज़ा मामले में बाकी शिक्षक भी बच्चियों से मामला खत्म करने को कहते थे। कॉन्ग्रेस विधायक महेश परमार भी अभिभाकों के साथ विरोध प्रदर्शन के लिए पहुँचे थे।

चर्च में 70 लोग, जिनमें 50 हिन्दू समाज के… फतेहपुर में चल रहा था ईसाई धर्मांतरण का खेल, यूपी पुलिस ने पादरी सहित 10 को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सामूहिक धर्मांतरण के एक पुराने मामले में पादरी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, इसी साल 14 अप्रैल को यहाँ के हरिहरगंज में स्थित चर्च में धर्मांतरण की खबर मिली थी। इसके बाद पुलिस ने 55 लोगों के खिलाफ धर्मांतरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर 26 लोगों को गिरफ्तार किया था। हालाँकि, तब सबूतों के अभाव में सभी को छोड़ना पड़ा था। लेकिन, अब इस मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फतेहपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिहरगंज मोहल्ले के चूना वाली गली स्थित चर्च भीतर देर शाम प्रार्थना सभा चल रही थी। उसी दौरान मोहल्ले के लोगों की सूचना पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुँच गए थे। इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि गरीब हिंदू परिवारों को रुपयों का लालच देकर उनका मतांतरण करने की साजिश रची जा रही है।

इस बारे में जब चर्च के पादरी से पूछा गया तो उसने कबूल किया था कि चर्च के भीतर 70 से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें 50 से ज्यादा हिंदू समाज के लोग थे। इसकी सूचना पुलिस-प्रशासन को दी गई और उनसे आग्रह किया गया कि चर्च के भीतर जितने लोग प्रार्थना सभा कर रहे थे, उनकी आईडी चेक की जाए और उन्हें बाहर निकाला जाए। माँग की गई थी कि यदि मतांतरण का आरोप सही हो तो मुकदमा दर्ज किया जाए।

इस मामले में, एसडीएम से लेकर सीओ ने समझाइश देकर मामले को शांत कराने की कोशिश की थी। हालाँकि, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पादरी और अन्य आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग कर रहे थे। इसके बाद पुलिस ने चर्च के भीतर मौजूद 55 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में, पुलिस ने 35 लोगों के खिलाफ नामजद व 20 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धर्मांतरण की धाराओं पर एफआईआर दर्ज की थी। साथ ही 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था।

हालाँकि, जब इन आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया तो कोर्ट ने सबूतों के अभाव में सभी आरोपितों को रिहा कर दिया था। लेकिन, पुलिस सबूत जुटाने और आवश्यक कार्रवाई में जुटी थी। इसके बाद अब पुलिस ने धर्मांतरण के मास्टरमाइंड पादरी सहित 10 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पुलिस के अनुसार, इस मामले के सभी आरोपितों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, ताज़ा खबर की बात करें तो फतेहपुर जिले के ही ललौली थाना अंतर्गत चर्च में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जा रहा था। हिंदू संगठनों के विरोध के बाद पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने सदर कोतवाली थाना क्षेत्र से 6 और ललौली थाना क्षेत्र से 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक कुल 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

‘हिन्दू विहीन पंजाब बनाना चाहते हैं खालिस्तानी, कश्मीर वाला ही पैटर्न’: बोले पंजाब के हिंदूवादी नेता – वारदात के बाद पद और पैसे पाते हैं आतंकियों के परिजन

पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार (4 नवंबर, 2022) को हिन्दू नेता सुधीर सूरी की खालिस्तानी आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। उनकी हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे फरार आतंकी लखबीर सिंह लांडा ने ली है। पंजाब में लंबे समय से खालिस्तानियों के निशाने पर वो हिंदूवादी लोग रहे हैं, जो उनकी अलगाववादी सोच का विरोध करते आए हैं। उन्हीं में से एक नाम है पवन गुप्ता का भी। पवन गुप्ता ‘शिवसेना हिंदुस्तान’ नाम के संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

बताया जाता है कि उन पर भी कई बार हमले का प्रयास किया जा चुका है। ऑपइंडिया ने खालिस्तान समस्या पर उनसे अगस्त 2022 को एक्सक्लूसिव बातचीत की थी।

खालिस्तानियों को सिर्फ हिन्दुओं से नफरत

पवन गुप्ता का कहना है कि खालिस्तानियों को केवल हिन्दुओं से नफरत है, जबकि उन्हें बाकी मत-मजहब वालों से कोई दिक्कत नहीं। हालाँकि, पवन गुप्ता ने कहा कि सिखों से हिन्दुओं का रोटी और बेटी का रिश्ता है और खालिस्तानी इस रिश्ते के दायरे से बाहर हैं। पवन गुप्ता का दावा है कि अधिकतर सिख समुदाय खालिस्तानियों की सोच से सहमत नहीं हैं, लेकिन वो इनका खुला विरोध करने से डरते हैं। इसके पीछे गुप्ता ने खालिस्तानियों की हिंसक हरकतों से पैदा किए गए दहशत के माहौल को जिम्मेदार बताया।

उन्होंने कहा कि खालिस्तानियों का ये दावा झूठा और मनगढ़ंत है कि सिख समाज के अधिकतर लोग उनका समर्थन करते हैं।

खालिस्तानी सोच का विरोध ही हिन्दुओं की हत्याओं की वजह

पवन गुप्ता ने कहा कि भले ही खालिस्तानी बाकी लोगों में अपनी दहशत बनाने में सफल हो गए, लेकिन पंजाब के हिन्दू समाज ने कभी उनके आगे घुटने नहीं टेके। खालिस्तानियों की हिन्दुओं से नफरत की गुप्ता ने यही वजह बताई। उनका कहना है कि शिवसेना और हिन्दू समाज के लोग ‘शिव-शक्ति का जाप करेंगे, अपनी रक्षा आप करेंगे’ का नारा लगा कर खालिस्तान वाली सोच से लोहा लेते हैं। हालाँकि, गुप्ता के मुताबिक, इस संघर्ष में कई हिन्दू बलिदान भी हुए हैं।

पवन गुप्ता ने कहा कि खालिस्तानी ये जानते हैं कि जब तक पंजाब में राष्ट्रवादी सोच के लोग हैं, तब तक उनका देश तोड़ कर खालिस्तान बनाने का सपना पूरा नहीं होने वाला – इसलिए उनके निशाने पर हिंदूवादी लोग होते हैं।

कश्मीरी और खालिस्तानी आतंकियों का एक पैटर्न

हमारे साथ अपने अनुभव साझा करते हुए पवन गुप्ता ने कहा कि खालिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों का आतंक पैटर्न एक जैसा है। उन्होंने बताया कि जिस प्रकार कश्मीर के इस्लामी आतंकियों को वहम था कि घाटी हिन्दुओं से विहीन कर के वो कश्मीर को पाकिस्तान में मिला लेंगे वैसे ही खालिस्तानियों को भी भ्रम है कि वो हिन्दू विहीन पंजाब बना कर खालिस्तान बना लेंगे। हालाँकि, गुप्ता ने इसे खालिस्तानियों की महज ग़लतफ़हमी करार दिया।

खालिस्तानी आतंकियों को पद, पैसा और शाबासी

पवन गुप्ता ने दावा किया कि खालिस्तानी आतंकियों का बैकअप काफी मजबूत है। बड़े से बड़ा कांड करने के बाद उन्हें शाबाशी के साथ पैसा और समर्थन भी मिलता है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या का उदाहरण देते हुए गुप्ता ने बताया कि उनके हत्यारों के परिजनों को अकाल तख़्त पर सम्मानित कर के सोने के सिक्के दिए गए। उन्होंने बताया कि एक अन्य खालिस्तानी आतंकी की पत्नी विमल कौर खालसा को लोकसभा में चुन कर भेजा गया था। इसी के साथ एक और उदाहरण देते हुए पवन गुप्ता ने बताया कि भगत सिंह का अपमान करने वाला भी चुन कर जनप्रतिनिधि बना दिया जाता है।

पवन गुप्ता ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के कातिलों को सम्मानित कर के उनकी तस्वीरों को लगाया जा रहा है। तिहाड़ में बंद आतंकी जगतार सिंह हवारा का नाम लेते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब के कई हिस्सों में उनको भी महिमामंडित किया जा रहा है और उसके परिवार को बाहर से पैसे आ रहे हैं। गुप्ता के अनुसार, कानूनी प्रक्रियाओं में फँसे खालिस्तानियों के केस पैसे के दम पर बड़े से बड़े वकील लड़ते हैं। पवन गुप्ता ने आगे बताया कि इसके उलट अपने समाज के लिए लड़ने वाले हिन्दुओं को हिन्दू समाज अकेला छोड़ देता है।

खालिस्तानियों के खिलाफ चाहिए योगी आदित्यनाथ जैसा शासक

पवन गुप्ता ने पंजाब में भी योगी आदित्यनाथ जैसे शासक की जरूरत पर जोर दिया। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ योगी के कामों की तारीफ करते हुए उन्होंने बताया कि खालिस्तानियों के खिलाफ भी बुलडोजर चलाने की हिम्मत करने वाला कोई शासक ही पंजाब को खालिस्तान मुक्त कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि योगी जैसा कोई शासक उत्तर प्रदेश में आया तो उनकी पार्टी शिवसेना हिंदुस्तान उनका खुला समर्थन करेगी।

पंजाब में बद से बदतर हो गई है कानून व्यवस्था

हमसे बात करते हुए पवन गुप्ता ने पंजाब में नई बनी ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ की सरकार को अनुभवहीन बताया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की इतनी बुरी स्थिति पिछली किसी भी सरकार में नहीं रही है। पवन गुप्ता ने कहा कि महज सस्ती लोकप्रियता लेने के लिए भगवंत मान की सरकार ने कई लोगों की सुरक्षा हटाई थी, जिसका दुष्परिणाम सबने देखा है। गुप्ता के मुताबिक, पंजाब सरकार असल में दिल्ली से चलाई जा रही है।

पवन गुप्ता ने कहा कि महज कुछ ही दिनों में आम आदमी पार्टी सरकार लोगों के दिलो-दिमाग से उतर चुकी है। उनका कहना था कि इस सरकार ने कई लोगों की सुरक्षा हटा कर उसे अख़बारों में छपवा दिया, जिससे कातिलों को टारगेट खोजने में आसानी हो गई। पवन गुप्ता ने बताया कि वो ही नहीं, बल्कि उनका परिवार भी खालिस्तानियों के निशाने पर पहले से रहा है।

पाकिस्तान से सटा बॉर्डर खालिस्तानियों के लिए सुविधाजनक

पवन गुप्ता के मुताबिक, पंजाब बॉर्डर का पाकिस्तान सीमा से सटा होना खालिस्तानियों के लिए काफी सुविधाजनक साबित होता है। उनका कहना है कि इसी बॉर्डर का फायदा उठा कर पाकिस्तान भारत के खालिस्तानियों के साथ मिल कर देश विरोधी हरकतें करता और करवाता है। पवन गुप्ता का कहना था कि अब तक जगह-जगह खालिस्तान के नारे लग रहे हैं और भिंडरावाले के साथ मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या करने वाले हवारा की फोटो लगाई जा रही हैं, जिसमें सरकारी बसें भी शामिल हैं।

पंजाब के कुछ अफसर भी हैं हिन्दू विरोधी

पवन गुप्ता ने खुद को भी खालिस्तान की लड़ाई में सक्रियता से शामिल बताया। उनका कहना था कि कई सरकारी अधिकारी भी हिन्दुओं की बात नहीं सुनते, जिनकी उन्हें आवाज उठानी पड़ती है। उन्होंने ये भी बताया कि DGP के खिलाफ मोर्चा खोलने के चलते व्यक्तिगत खुन्नस में उनकी सुरक्षा हटा दी गई थी। गुप्ता ने पंजाब में हिन्दुओं को अल्पसंख्यक बताया।

दशकों से लटका है आतंकवाद पीड़ित हिन्दुओं का मुआवजा

पवन गुप्ता ने हमें बताया कि कृषि कानून के विरोध में हुए आंदोलन के दौरान खालिस्तानी गतिविधियाँ तेज हुई थीं, जो पंजाब में AAP की सरकार बनने के बाद बेकाबू हो गई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के हिन्दुओं के हितों के बारे में सोचने की अपील करते हुए माँग की कि शुरुआत पंजाब में 36 हजार हिंसा पीड़ित हिन्दुओं के स्वीकृत हो चुका मुआवजा दिया जाए।

उन्होंने बताया कि पंजाब के आतंकवाद पीड़ित हिन्दुओं का ये 781 करोड़ रुपए का मुआवजा कई वर्षों से केंद्र सरकार की टेबल पर पड़ा है, जिसको स्वीकृत न जाने क्यों नहीं किया जा रहा है। पवन गुप्ता ने पंजाब के हिंदूवादी नेताओं के लिए केंद्रीय सुरक्षा की माँग भी की।

लगभग हर हिस्से में हुई हैं हिन्दुओं की हत्याएँ

पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद की विभीषिका बताते हुए पवन गुप्ता ने पंजाब के लगभग हर हिस्से में हुई हिन्दुओं की हत्या के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अमृतसर, मोगा, पटियाला, लुधियाना और जलंधर जैसे हिस्सों में कई हिंदूवादी नेताओं की हत्या हो चुकी है। हत्या के शिकार हिन्दुओं में उन्होंने शिवसेना के साथ संघ के नेताओं को भी शामिल बताया।

‘केजरीवाल के खालिस्तानी प्रेम ने मरवा दिया’ : सुधीर सूरी की हत्या में ISI लिंक, हिंदू संगठनों ने AAP सरकार पर लगाए गंभीर इल्जाम

पंजाब के अमृतसर में शिवसेना हिंदुस्तान के नेता सुधीर सूरी की हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों ने शनिवार (5 नवंबर 2022) को पंजाब बंद का आह्वान किया था। इस दौरान हिंदू संगठन के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए आईएसआई की भूमिका को संदिग्ध बताया है। साथ ही, उचित सुरक्षा व्यवस्था प्रदान न करने के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

पंजाब बंद के दौरान शिवसेना हिंदुस्तान समेत अन्य हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए सुधीर सूरी की हत्या में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका पर बात की। उन्होंने ये मुद्दा खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला की वीडियो सामने आने के बीच उठाया। गोपाल आईएसआई का करीबी है। उसने वीडियो में कहा है, “पूरे सिख समुदाय, मुस्लिम समुदाय और स्वतंत्रता तथा शांति चाहने वाले हर व्यक्ति को बधाई। अमृतसर में एक युवक ने सुधीर सूरी पर गोलियाँ चलाईं, अभी कुछ और भी लोग हैं, उन्हें भी जाना होगा।”

इसके अलावा, हिंदू संगठनों ने यह भी कहा है कि सुधीर सूरी की हत्या की साजिश रचे जाने की जानकारी पुलिस और पंजाब की भगवंत मान सरकार को थी। इसके बावजूजद भी उनकी सुरक्षा व्यवस्था में चूंक हुई और सरकार की तरफ से उन्हें उचित सुरक्षा प्रदान नहीं की गई थी। हिंदू संगठन के नेताओं ने यह भी कहा है कि यदि आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट उपलब्ध कराई जाती तो यह दुर्घटना नहीं होती। सुधीर सूरी के पुत्र समेत अन्य नेता सुधीर सूरी को शहीद घोषित करने की माँग कर रहे हैं।

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने शिवसेना नेता के पोस्ट शेयर कर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है “स्वर्गीय सुधीर सूरी जी के करीबियों ने 4 दिन पहले ही उनकी हत्या की आशंका जताई थी लेकिन अरविंद केजरीवाल और राघव चड्ढा के खालिस्तानी प्रेम ने एक और हिंदू नेता को मरवा दिया। चुनाव में खालिस्तानी आतंकवादी के घर सोकर केजरीवाल ने अपना खालिस्तानी प्रेम जगजाहिर कर दिया था।”

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदूवादी नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद से अमृतसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। शुक्रवार (4 नवंबर 2022) शाम से ही घटना स्थल के आस-पास की दुकानें बंद कर दी गईं थीं। इसके अलावा, कुछ हिंसक घटनाएँ, दुकानों और पास खड़ी कारों में तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आईं हैं। हिंदू संगठनों ने बंद का आह्वान किया था इसलिए अमृतसर के कई स्कूलों ने सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से छात्रों को स्कूल बंद होने की जानकारी भेजी थी। जिसके बाद, शहर के अधिकांश स्कूल बंद नजर आए।

‘देश विरोधी है भारत का इलीट क्लास’: ऑस्ट्रेलिया के प्रोफेसर ने लिबरल गिरोह को धोया तो उतर गया राजदीप का चेहरा, कहा – बदनाम की जा रही भारत की छवि

यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के एसोसिएट प्रोफेसर सोशियोलॉजिस्ट सैल्वाटोर बेबोनेस ने कहा है भारत का बुद्धिजीवी वर्ग मोदी और भाजपा विरोधी के साथ-साथ देश विरोधी भी है। उन्होंने कहा कि भारत को फासीवादी दर्शाने के पीछे भारत का बुद्धिजीवी वर्ग और ग्लोबल मीडिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मीडिया और दुनिया के पास के पास भारत के बारे में सही जानकारी नहीं है।

इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई द्वारा देशभक्ति को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रोफेसर बेबोेनेस ने कहा कि भारत में सांप्रदायिक हिंसा की खूब बातें होती हैं, खासकर उत्तर प्रदेश के बारे में। उन्होंने कहा कि रवांडा और बुरुंडी में भी उतनी ही सांप्रदायिक हिंसा हुई है, जितनी यूपी में हुई है। उन्होंने कहा कि इन सांप्रदायिक घटनाओं में यूपी का नाम जोर-शोर से लिया जाता है।

प्रोफेसर बेबोनेस ने कहा कि जो स्थिति बिहार की है, वही स्थिति कॉन्गो की है, लेकिन बिहार की बात ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि भारत को लेकर एक छवि गढ़ ली गई है, जो कि बेहद खतरनाक बात है। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी के आधार पर भारत की छवि प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति को लेकर प्रोफेसर बेबोेनेस ने कहा कि यह गलत तरीके से तैयार किया गया है। दरअसल, इन रैंकिंग्स को सर्वे के आधार पर तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब सवाल ये है कि ये सर्वे किन लोगों पर किए जाते हैं। इनमें बुद्धिजीवी वर्ग के लोग, विदेश और भारत के छात्र, एनजीओ और मानवाधिकार संगठनों से जुड़े लोग होते हैं। इन रैंकिंग्स में भारत को गलत आँका जाता है।

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भारत पहली बार आए प्रोफेसर बेबोनेस ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सफल लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि भारत ने उपनिवेशवाद से निकल कर पर ग्लोबल स्तर पर खुद को साबित किया है।

‘उस सिंह के लिए जयकारा जिसने सूरी को ठोका’ : हिंदूवादी नेता की हत्या पर SAD नेता खुश, मंच से कहा- पापी को सजा मिली

हिंदूवादी नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद लगातार ऐसे बयान आ रहे हैं जिसमें उन्हें गाली देते हुए हत्यारों की तारीफ हो रही है। इसी क्रम में शिरोमणि अकाली दल अमृतसर (सिमरन जीत सिंह मान) से 2022 में चुनाव लड़ने वाले अमृत सिंह मेहरोन ने भी खुले मंच से विवादित बयान दिया। मेहरोन ने घटना की निंदा तो दूर, बल्कि इस मामले में भीड़ से जो बोले सो निहाल का नारा लगवाया है।

टीएफ न्यूज द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई वीडियो में अमृतपाल सिंह मेहरोन को कहते सुना जा सकता है, “गुरुदास किसी का घर उजड़ता देख खुश तो नहीं होते, चाहे वो दुश्मन का ही क्यों न हो। लेकिन फिर भी कहना चाहूँगा कि उनका जयकार हो जिन्होंने पापी को सजा दी। मुझे नहीं पता वो सिंह कौन है, कहाँ से आया। लेकिन उसके लिए जयकारा जिसने सूरी को मारा। जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल।”

मेहरोन की यह वीडियो टीएफ न्यूज पर 4 नवंबर को अपलोड की गई थी। लेकिन उसके इस बयान के कारण ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है। वीडियो में इस्तेमाल भाषा से साफ पता चल रहा है कि वो सुधीर सूरी की हत्या से कितना खुश है।

उल्लेखनीय है कि सुधीर सूरी को कल पंजाब के अमृतसर में गोपाल मंदिर के पास धरना देते वक्त गोली मारी गई थी। उनकी हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे खालिस्तानी लखबीर सिंह ने ली थी। वहीं पाकिस्तान में बैठा गोपाल चावला इस हत्या पर खुश होता दिखाई दिया था।

वीडियो जारी कर गोपाल ने कहा था,

“पूरी सिख कौम को, पूरी मुसलमान कौम, हर कौम को, जो आजादी चाहता है, सुकून चाहता है- उन सबको बहुत बहुत बधाई। मैं उसे सूरी नहीं कहूँगा, सूअर कहूँगा। जिन नौजवानों ने उसे गोली मारी है, मैं सद के जाऊँ अपने उस भाई पर। मैं सबको मुबारकबाद दूँगा। एक सूअर चला गया अब अगले सूअर को देखो। इन सुअरों को जाना ही जाना है। निशांत शर्मा को भी जाना है। अमित अरोड़ा को भी जाना है। बाकी लोगों को भी इस तरह कुत्ते की मौत मरना है जैसे सूरी मरा। जिन शेरों ने उसे मारा मेरी जान उनके लिए हाजिर है।”

जेल में बंद माफिया मुख्तार के भगोड़े विधायक बेटे अब्बास अंसारी को ED ने किया गिरफ्तार: अन्य रिश्तेदारों पर भी लटकी तलवार, अम्मी से भी हो चुकी पूछताछ

जल में बंद पूर्वांचल का गैंगस्टर मुख्तार अंसारी (Gangster Mukhtar Ansari) के 30 वर्षीय बेटे और सुभासपा से विधायक अब्बास अंसारी (MLA Abbas Ansari) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। ED की प्रयागराज इकाई ने अब्बास को पूछताछ के लिए बुलाया था और 9 घंटे की पूछताछ के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।

कहा जा रहा है कि विधायक अब्बास के बाद ED मुख्तार अंसारी के परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को भी जल्द ही हिरासत में लेकर कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है। ED ने कुछ दिनों पहले ही विधायक अब्बास अंसारी और उनकी माँ अफशां अंसारी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।

ED को आशंका है कि अब्बास और अफशां अंसारी गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग सकते हैं। ED ने अब्बास अंसारी के साथ-साथ उनके ड्राइवर रवि शर्मा से भी करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद शर्मा को छोड़ दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ED की टीम दो गाड़ियों के साथ अब्बास अंसारी को किसी सुरक्षित स्थान पर ले गई।

मऊ से विधायक अब्बास से ED ने 9 घंटों में कई राउंड पूछताछ की थी। इस दौरान अब्बास पूछे गए कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इससे पहले अब्बास से 20 मई को की गई थी। ED ने कुछ दिन पहले भी पूछताछ के लिए अब्बास को समन जारी किया था। इसके बाद वे शुक्रवार (4 अक्टूबर 2022) को दोपहर करीब 2 बजे प्रयागराज के ED ऑफिस पहुँचे थे।

इस मामले में अफज़ाल अंसारी से 9 मई 2022 को पूछताछ हुई थी। इसके बाद मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह से 10 मई 2022 को पूछताछ हुई थी। इसके अलावा मुख्तार के विधायक भतीजे शोएब से भी 10 मई को पूछताछ की गई थी। 

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 25 अगस्त 2022 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास को भगोड़ा घोषित कर दिया था। दरअसल, नोटिस के बाद भी अब्बास कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था। मुख्तार के बेटे अब्बास के खिलाफ आर्म्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई मामले दर्ज हैं। 

इस मामले में पाँच बार विधायक रहे मुख्तार अंसारी भी आरोपित हैं। वह इस समय उत्तर प्रदेश के बांदा की जेल में बंद हैं। इस मामले में ED ने 59 वर्षीय मुख्तार से पिछले साल पूछताछ की थी। मुख्तार अंसारी कम-से-कम 49 आपराधिक मामलों में ED की जाँच के दायरे में हैं। उन पर हत्या करने, जबरन वसूली करने, जमीन हथियाने, धमकी देने सहित कई आरोप हैं।

मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों में से एक है। अंसारी के अलावा इस मामले में विकास कंस्ट्रक्शन (एक साझेदारी फर्म) नामक कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिसमें उनकी पत्नी, दो साले और अन्य लोग साझेदार हैं।

  

‘2 बीवी रखने से जन्नत मिलती है’: 9 बच्चों के अब्बा साकिर ने पहले राजकुमार बन पंजाबी महिला को फँसाया, फिर धर्मांतरण का दबाव; FIR दर्ज

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद और धर्मांतरण की खबर सामने आई है। यहाँ, साकिर मोहम्मद नामक व्यक्ति ने खुद को राजकुमार बताते हुए युवती से दोस्ती की और फिर उसका रेप कर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद उस पर धर्मांतरण करने का दवाब बनाने लगा। मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज न होने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

दरअसल, यह पूरा मामला साकिर मोहम्मद और शहडोल निवासी पंजाबी महिला के बीच का है। महिला ने याचिकी दायर कर हाईकोर्ट में कहा है कि चार साल पहले हुए एक एक्सीडेंट में उसके पति मौत हो गई थी। इसके बाद वह अकेली रह रही थी। इस दौरान वह काम की तलाश में थी। काम न मिलने पर वह लोन लेने के लिए एक बैंक गई थी। जहाँ, उसकी मुलाकात साकिर मोहम्मद से हुई।

महिला का आरोप है कि बैंक में हुई मुलाकात में साकिर ने खुद को हिंदू बताते हुए अपना नाम राजकुमार बताया था। उसने कहा था कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। उसका एक बच्चा है। इसके बाद साकिर पीड़िता को घुमाने के बहाने कहीं ले गया और नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ रेप कर आपत्तिजनक वीडियो बना लिए।

बाद में वह वीडियो दिखाकर पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। यही नहीं, पीड़िता को घर ले जाकर वह उसे बुर्के में रखता था और उसका शारीरिक शोषण करता था। इसके साथ ही मदरसे में ले जाकर उर्दू में लिखे कुछ कागजों में दस्तखत कराकर धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित करने लगा।

पीड़िता का कहना है कि जब उसे यह पता चला कि आरोपित की पत्नी जिंदा है और व 9 बच्चों का बाप है तो उसने इसका विरोध किया। जिस पर साकिर ने कहा कि उसके मजहब में एक से अधिक बीवी रखना सबाब (पुण्य) का काम है इससे जन्नत मिलती है। आरोपित की पूरी सच्चाई पीड़िता के सामने आने के बाद वह उसे परेशान करने लगा और बेटी का धर्मांतरण कराने का भी दवाब बनाने लगा।

साकिर मोहम्मद से तंग आकर पीड़िता अपनी बेटी को साथ लेकर इंदौर आ गई और यहाँ विजय नगर थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। इसके बाद साकिर यहाँ भी आ धमका और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा।

पीड़िता का आरोप है कि वह आरोपित से तंग आकर शिकायत कराने के लिए महिला थाने गई थी। लेकिन वहाँ, उससे कहा गया कि शहडोल की हो वहीं जाकर एफआईआर दर्ज करो। महिला ने कई अन्य पुलिस अधिकारियों से बात की लेकिन किसी ने भी एफआईआर दर्ज नहीं की।

पीड़िता, आरोपित द्वारा लगातार परेशान किए जाने से तंग आ चुकी थी। उसने मजबूरन हाईकोर्ट की शरण ली। जहाँ, हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता द्वारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत करने के बाद थाने पर आवेदन देना आवश्यक नहीं है। पीड़िता के बयानों को ही उसकी ओर से लिखित शिकायत माना जाए और कार्रवाई की जाए।

जिस कासगंज में तिरंगा यात्रा निकालने पर चंदन गुप्ता की हुई थी हत्या, वहाँ अब हिंदू पर दुकान में घुस अशरफ के साथ आई भीड़ का हमला

उत्तर प्रदेश के कासगंज में जितेंद्र नाम के एक व्यक्ति के साथ भीड़ द्वारा मारपीट की गई है। पीड़ित जितेंद्र ने वीडियो जारी कर के भीड़ में शामिल आरोपितों के मुस्लिम समुदाय से होने की जानकारी दी है। पुलिस ने जितेंद्र की तहरीर पर 10 से 15 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपित का नाम हेयर कटिंग सैलून का मालिक अशरफ बताया जा रहा है। घटना मंगलवर (1 नवम्बर, 2022) शाम 6 बजे की है।

जितेंद्र ने घटना के अगले दिन 2 नवंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जितेंद्र ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना थाना क्षेत्र गंजडुण्डवारा की है। जितेंद्र गाजियाबाद की एक कृषि कंपनी में काम करते हैं और कासगंज क्षेत्र में कार्यरत हैं। पीड़ित द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन वो अपनी कंपनी के कलेक्शन के लिए गणेशपुर फाटक की तरफ बाइक से जा रहे थे, इसी दौरान उसकी बाइक सामने से आ रहे एक व्यक्ति से टकरा गई। इसके बाद दोनों में कुछ कहासुनी हुई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि विवाद करने वाले व्यक्ति ने जितेंद्र को थोड़ी देर बाद देख लेने की धमकी दी और चला गया। बताया गया है कि जैसे ही जितेंद्र अपने डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान के अंदर गए, वैसे ही विवाद करने वाला आरोपित 10-15 लोगों की भीड़ ले कर डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान में घुस गया। जितेंद्र ने दरवाजा बंद कर लिया, फिर भी दरवाजे को तोड़ दिया गया। अंदर घुसे हमलावर जितेंद्र को डंडों और बेल्ट से मारा और जान से मारने की धमकी दे कर वहाँ से चले गए। जितेंद्र ने अपनी शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

एक CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस फुटेज में कुछ हमलावर एक दुकान में घुस कर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। जितेंद्र के मुताबिक, वह वीडियो उन पर हुए हमले का है। कासगंज पुलिस ने भी इस वीडियो पर केस दर्ज कर के जाँच किए जाने की जानकारी दी है।

इस बीच जितेंद्र ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि उन पर हमला करने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग थे। उन्होंने इसी वीडियो में खुद के लिए न्याय की अपील की है। ऑपइंडिया के पास उक्त वीडियो मौजूद है। वहीं कासगंज के हिन्दू नेताओं मनोज लोधी और विकास पचौरी ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए वो सब भी आवाज उठा रहे हैं। हिन्दू नेताओं के मुताबिक, पुलिस भी मुस्लिमों से जुड़े मामलों में वैसी सक्रियता नहीं दिखाती जैसी अपेक्षित होती है। विकास पचौरी ने भी बताया कि हमलावरों में बाल काटने का काम करता है।

पुलिस ने जितेंद्र सिंह के हमलावरों पर IPC की धारा 147, 323, 452, 504 और 506 के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जाँच चल रही है और आरोपितों की तलाश की जा रही है। ऑपइंडिया के पास घटना की FIR कॉपी मौजूद है। याद हो कि 26 जनवरी, 2008 को कासगंज में तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान चंदन गुप्ता नामक हिन्दू युवक की मुस्लिम भीड़ ने हत्या कर दी थी। तब ये मामला खासा चर्चित हुआ था।

71 साल के बुजुर्ग को दी गई बीच बचाव की सजा

पीड़ित जितेंद्र ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि हमले में शकील नाम का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जिसे लोग ठेकेदार नाम से बुलाते हैं। जितेंद्र ने हमें बताया कि जिस अंदाज़ में गेट को तोड़ कर अंदर भीड़ घुसी थी, उससे एक बार ऐसा लगा कि हमलावर उन्हें मार ही डालेंगे। जितेंद्र के मुताबिक, दुकान मालिक लगभग 71 वर्षीय बुजुर्ग ने बीच बचाव की कोशिश की तो उन्हें भी एकाध बेल्ट लग गए थे। इसी के साथ जितेंद्र ने हमें बताया कि इस पूरी अफरातफरी में दुकान मालिक का काफी सामान भी टूट-फूट गया था।

‘एक सूअर गया, अगले को देखो अब… सबको कुत्ते की मौत मरना है’: हिंदूवादी नेता की हत्या पर Pak में बैठ खालिस्तानी ने मनाया जश्न, हत्यारों को बताया- भाई

पंजाब में हिंदूवादी नेता को मारी गई गोली के बाद कनाडा से लेकर पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी फूले नहीं समा रहे। सोशल मीडिया पर गोपाल चावला नाम के एक खालिस्तानी की वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में वो उन हत्यारों की तारीफ करता नहीं थक रहा जिन्होंने सुधीर सूरी को अमृतसर में गोली मारी।

वीडियो में गोपाल चावला कहता है, “पूरी सिख कौम को, पूरी मुसलमान कौम, हर कौम को, जो आजादी चाहता है, सुकून चाहता है- उन सबको बहुत बहुत बधाई। मैं उसे सूरी नहीं कहूँगा, सूअर कहूँगा। जिन नौजवानों ने उसे गोली मारी है, मैं सद के जाऊँ अपने उस भाई पर। मैं सबको मुबारकबाद दूँगा। एक सूअर चला गया अब अगले सूअर को देखो। इन सुअरों को जाना ही जाना है। निशांत शर्मा को भी जाना है। अमित अरोड़ा को भी जाना है। बाकी लोगों को भी इस तरह कुत्ते की मौत मरना है जैसे सूरी मरा। जिन शेरों ने उसे मारा मेरी जान उनके लिए हाजिर है।”

उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ सुधीर सूरी की हत्या के बाद पाकिस्तान में बैठा खालिस्तानी जश्न मना रहा है। वहीं दूसरी ओर पूरी हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे फरार आतंकी लखबीर सिंह लांडा ने ली है।कथिततौर पर लखबीर सिंह लांडा ने लांडा हरिके नामक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। इस पोस्ट में लांडा ने कहा है कि सुधीर सूरी का कत्ल उसके ‘भाइयों’ ने किया है। यही नहीं, लांडा ने लिखा कि ‘किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वालों’ का हाल भी ऐसा ही होगा।

उसने लिखा, “उनकी बारी भी आएगी, सिक्योरिटी लेकर उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वे बच जाएँगे।” उसने आगे लिखा कि जो भी उनके साथ खड़े हैं वह मरते दम तक उनका साथ निभाएँगे और अभी तो सिर्फ शुरूआत हुई है, हक लेना अभी बाकी है।

बता दें कि सुधीर सूरी को कल अमृतसर में दिनदहाड़े गोली मारी गई थी। दो लड़कों ने बाइक पर आकर उनपर उस समय हमला किया था जब वो मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बताया था कि कैसे खालिस्तानी लंबे समय से उनकी मौत की साजिश रच रहे थे।