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अमेरिका में फिर ताबड़तोड़ फायरिंग, 12 से ज्यादा लोग घायल: फिलाडेल्फिया में बार के बाहर काली गाड़ी में बैठकर आए थे बंदूकधारी

अमेरिका के फिलाडेल्फिया में गोलीबारी होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस फायरिंग में 12 लोगों को निशाना बनाया गया। अचानक हुए इस हमले से लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को संभाला और घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया। हमलावरों की संख्या 1 से अधिक बताई जा रही है। घटना शनिवार (5 नवम्बर 2022) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी फिलाडेल्फिया के किंग्स्टन इलाके में हुई। यहाँ के बार के आगे रात 10:45 के आगे खड़े एक काले रंग के वाहन से कई लोग एक साथ उतरे। उन्होंने अपने हथियारों से लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले के बाद सभी हमलावर वहाँ से भाग निकले। हमलावरों द्वारा घटनास्थल पर लगभग 40 गोलियाँ दागी गईं।

घायलों में 2 की हालत बेहद नाजुक है। डिप्टी पुलिस कमिश्नर जॉन एम स्टैनफोर्ड ने बताया कि हमलावरों की संख्या 3 से 4 के बीच थी। हालाँकि स्टैनफोर्ड का कहना है कि अभी तक हमलावरों की हरकत के पीछे छिपे मकसद का पता नहीं चल पाया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। घायलों या मृतकों की सँख्या का अभी सही अनुमान नहीं लग पाया है। कुछ रिपोर्ट्स में 9 लोगों के मौत की भी जानकारी दी जा रही है।

घटनास्थल से मिल रहे फुटेज के आधार पर देखा जा सकता है कि इलाके में सन्नाटा है। सड़क पर चीजें बिखरी हुई हैं। इसी फुटेज में पुलिस के वाहन भी दिखाई दे रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले माह अक्टूबर में भी अमेरिका में गोलीबारी हुई थी। तब 20 अक्टूबर 2022 को सिएटल से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व केलर में दो लोगों की मौत हो गई थी। स मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था।

वक्फ संपत्तियों की जाँच से लेकर UCC लागू करने तक: हिमाचल प्रदेश के लिए BJP ने जारी किया संकल्प पत्र, ₹900 करोड़ के स्टार्टअप फंड का भी वादा

हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अपना घोषणा-पत्र (BJP Manifesto) जारी कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) द्वारा ‘संकल्प-पत्र’ के नाम से जारी इस घोषणा-पत्र में हिमाचल में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) लागू करना शामिल है। इसके अलावा, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सर्वे (Survey of Waqf Assets) कराकर न्यायिक आयोग से उसकी अवैध उपयोग की जाँच कराने सहित 11 वादे किए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में घोषणा-पत्र जारी करने के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुरेश कश्यप, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर समेत कई नेता मौजूद थे। बता दें कि 68 सीटों वाली विधानसभा के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा और इसके नतीजे 8 दिसंबर को आएँगे।

नड्डा ने कहा कि अगर भाजपा सरकार राज्य में वापसी करती है तो समान नागरिक संहिता लागू किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार राज्य के 8 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी। इसमें सरकारी नौकरियाँ और आर्थिक क्षेत्र में चल रहे कार्य शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश के लिए भाजपा के संकल्प पत्र में जो 11 वादे किए गए हैं, वे हैं- समान नागरिक संहिता लागू करना, छोटे किसानों को हर साल अतिरिक्त 3000 रुपए देना, 8 लाख नए रोजगार देना, हर गाँव तक सड़क पहुँचाना, हिमतीर्थ पर्यटक सर्किट शुरू कर प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों को विकसित करना, सेब किसानों के लिए पैकेजिंग सामग्री पर जीएसटी को 12% तक सीमित करना।

इसके अलावा, घोषणा-पत्र में अन्य वादे हैं- 5 नए मेडिकल कॉलेज खोलना एवं मोबाइल क्लीनिक वैन की संख्या दोगुनी करना, 900 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाना, बलिदान हुए सैनिकों के आश्रितों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाना, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का सर्वे करना एवं न्यायिक आयोग से ऐसी संपत्तियों के अवैध उपयोग की जाँच कराना तथा सरकारी कर्मचारियों के वेतन की विसंगतियों को दूर करना।

इसके अलावा, महिलाओं सशक्तिकरण के लिए भाजपा ने ‘स्त्री शक्ति संकल्प’ से एक अलग घोषणा-पत्र जारी किया है। इसमें BPL परिवार की बेटियों की शादी पर 51,000 रुपए देने, स्कूली छात्राओं के साइकल एवं उच्च शिक्षा पाने वाली छात्राओं को स्कूटी देने, महिलाओं को ब्याजमुक्त ऋण देने, माता एवं नवजात की देखभाल के लिए 25,000 रुपए की सहायता राशि देने, देवी अन्नपूर्णा योजना के तहत गरीब महिलाओं को 3 रसोई गैस सिलिंडर मुफ्त देने का ऐलान किया है।

इसके अलावा, नारी संकल्प पत्र में 30 वर्ष से अधिक उम्र की गरीब महिलाओं को अटल पेेंशन योजना में शामिल करने, 12वीं कक्षा की शीर्ष 5,000 छात्राओं को प्रतिमाह 2,500 रुपए छात्रवृत्ति देने, मवेशियों की चारे की खरीद-बिक्री की व्यवस्था करने, सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने, राज्य के 12 जिलों में प्रत्येक में 2 बालिका छात्रावास बनाने और हेमकेयर योजना में कवर नहीं होने वाली बीमारियों की इलाज के लिए स्त्री शक्ति कार्ड देने का वादा किया गया है।

इस दौरान नड्डा ने कहा, “हमने जो कहा था वो तो किया ही, मगर हमने जो नहीं कहा था उसे भी पूरा किया। विकास के एक नए आयाम को हमने स्थापित किया है। भाजपा के इस संकल्प पत्र में 11 वचन हैं, जो समाज में समानता लाएँगे।” उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 12,000 करोड़ रुपए खर्च कर आधारभूत ढाँचे को मजबूत किया जाएगा।

नड्डा ने यह भी कहा कि छठवीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक की हर छात्राओं को स्कूल जाने के लिए एक साइकल दी जाएगी। इसके साथ ही उच्च शिक्षा हासिल करने वाली बच्चियों के लिए स्कूटी की व्यवस्था की जाएगी। नड्डा ने कहा, “सौभाग्य योजना के तहत घर घर बिजली पहुँचाई गई है। 5 लाख 30 हजार परिवारों को हिमकेयर योजना के तहत मुफ्त ईलाज की सुविधा दी जा रही है।”

15 से 18 साल की पत्नी से जबरन यौन संबंध को माना जाए रेप: दिल्ली के उप-राज्यपाल ने गृह मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव, कोर्ट के आदेश पर माँगी गई थी राय

दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना (Delhi LG VK Saxena) ने 15 से 18 वर्ष के बीच की नाबालिग पत्नी के साथ बिना सहमति के बनाए गए यौन संबंध को दुष्कर्म की श्रेणी में रखने का भेजा है। दिल्ली पुलिस की आग्रह पर उप-राज्यपाल ने इसके लिए गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है।

इस पत्र में एलजी सक्सेना ने गृह मंत्रालय से भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 375 के अपवाद 2 को खत्म करने की सिफारिश की है। अपवाद 2 में प्रावधान है कि यदि 15 से 18 वर्ष के बीच की लड़की की शादी हो जाती है तो उसका पति बिना सहमति के भी उससे यौन संबंध बना सकता है। अब इसे उपराज्यपाल ने दंडनीय अपराध बनाने का आग्रह किया है।

अगर गृह मंत्रालय द्वारा इस सिफारिश को मानकर IPC में संशोधन करता है तो इस आयु वर्ग की पत्नी के साथ बिना सहमति के यौन संबंध को बलात्कार माना जाएगा और IPC के तहत दंडनीय होगा। इसके साथ ही पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत FIR होगी।

दिल्ली पुलिस एवं कानून विभाग की तरफ से यह पत्र गृह मंत्रालय द्वारा भेजे गए एक पत्र के जवाब में भेजा गया है। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट में इसकी माँग करते हुए एक याचिका दाखिल की गई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय द्वारा दिल्ली सहित सभी राज्य एवं केंद्र शासित सरकारों से इस पर राय माँगी गई थी।

याचिका में कहा गया है कि IPC की धारा 375(2) को खत्म किया जाए, क्योंकि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करती है। इसके साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि यह धारा पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। पॉक्सो ऐक्ट में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति के रूप में बच्चा परिभाषित किया गया है।

गौरतलब है कि ‘आपराधिक कानून’ समवर्ती सूची में शामिल है और इसे राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा लागू किया जाता है। इसलिए गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस विषय पर उनकी राय माँगी थी। 

बलात्कार मामले में बैट्समैन अरेस्ट: खेलने गया था क्रिकेट वर्ल्ड कप, ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने होटल से धरा

ऑस्ट्रेलिया में T20 विश्वकप खेलने गए श्रीलंकाई बल्लेबाज धनुष्का गुनातिलका गिरफ्तार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी सिडनी पुलिस ने रविवार (6 नवम्बर 2022) को एक होटल से की है। उन पर रेप का आरोप लगा है।

डेटिंग ऐप पर मिली लड़की ने लगाया रेप का आरोप

कथिततौर पर श्रीलंकाई क्रिकेटर पर बलात्कार का आरोप डेटिंग ऐप पर मिली एक 29 साल की महिला ने लगाया है। श्रीलंका की टीम उनके बिना ही अपने देश लौट आई है। इंग्लैंड से हार कर श्रीलंका की टीम विश्वकप से बाहर हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित महिला श्रीलंकाई क्रिकेटर से ऑनलाइन डेटिंग ऐप के जरिए काफी समय से बात कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह इसी 2 नवम्बर 2022 को श्रीलंका के क्रिकेटर से सिडनी के रोज़ बे नाम की जगह पर मिली थी। महिला का आरोप है कि मुलाकात के बाद 31 वर्षीय क्रिकेटर धनुष्का ने उनके सहमति के बिना यौन संबंध बनाए। पुलिस ने महिला की शिकायत पर धनुष्का की तलाश शुरू कर दी थी।

ऑस्ट्रलिया की न्यू साउथ वेल्स की वेबसाइट पर भी यौन शोषण मामले में श्रीलंका के एक नागरिक की गिरफ्तारी का जिक्र है। पुलिस के मुताबिक 6 नवम्बर आरोपित को गिरफ्तार कर के सिडनी सिटी पुलिस स्टेशन लाया गया है। बताया जा रहा है कि श्रीलंकाई क्रिकेटर की जमानत ख़ारिज हो गई है। धनुष्का द्वारा इस फैसले को 7 नवम्बर 2022 को ऊपरी अदालत में चुनौती दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

धनुष्का पर पहले भी लगे हैं आरोप

गौरतलब है कि धनुष्का गुनातिलका पर इस तरह का ये पहला आरोप नहीं है। इसी से मिलते-जुलते एक अन्य आरोप में जुलाई 2018 में एक नार्वे की महिला ने उनके दोस्त पर कोलम्बो के एक होटल में अपने साथ रेप किए जाने का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि उसका रेप क्रिकेटर धनुष्का के आगे ही हुआ था। इन आरोपों के बाद गुनातिलका को टीम से कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया था। हालाँकि बाद में उनकी बहाली हो गई थी।

नवम्बर 2015 में अपना क्रिकेट करियर शुरू करने वाले धनुष्का ने श्रीलंका के लिए अब तक 8 टेस्ट, 47 एक दिवसीय और 46 T- 20 मैच खेले हैं।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को पद से हटाने में जुटी केरल की वामपंथी सरकार: सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी, केवल कानूनी सलाह के लिए ₹46 लाख मंजूर

केरल (Kerala) में पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) को परेशान करने के लिए संविधान की भी धज्जियाँ उड़ा रही है। एक तरफ विजयन सरकार राज्यपाल को विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति पद से हटाने के लिए अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है तो दूसरी राज्यपाल को हटाने के लिए कानूनविदों का सहारा ले रही है।

सत्ताधारी CPM के राज्य समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार (5 अक्टूबर 2022) को राजभवन के सामने एक विरोध सभा का आयोजन करने का फैसला किया। इस प्रदर्शन में CPIM महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा के राष्ट्रीय नेता, डी राजा और द्रमुक के वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

DMK ने केरल में CPIM को राज्यपाल के मसले पर समर्थन करने का फैसला लिया है, क्योंकि उसकी सरकार ने हाल ही में तमिलनाडु (Tamil Nadu) के राज्यपाल के खिलाफ केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उन्हें वापस बुलाने की माँग की थी।

कहा जा रहा है कि CPIM के राज्य नेतृत्व ने विजयन सरकार से राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति पद से हटाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा है। इस संबंध में जल्द ही एक अध्यादेश लाया जाएगा।

कहा जा रहा है कि यदि राज्यपाल उस अध्यादेश पर हस्ताक्षर करने से इनकार करते हैं तो केरल सरकार विपक्षी दलों के साथ बात विधानसभा का सत्र बुलाएगी और उन्हें कुलाधिपति पद से हटाने के लिए कानून पारित करेगी। केरल विधान सभा विधेयकों पर लिखित कानूनी राय लेने के लिए केरल सरकार ने 45.9 लाख रुपए मंजूर किए हैं।

इसके साथ ही केरल सरकार राज्यपाल को हटाने के लिए कानूनी रास्ता भी तलाश रही है। सरकार सुप्रीम कोर्ट से वकीलों से सलाह ले रही है। सरकार प्रसिद्ध वकील फली नरीमन से सलाह ले रही है। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। तमिलनाडु ने भी राज्यपाल के खिलाफ कोर्ट जाने पर सहमति जताई है।

उधर, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र भेजकर शिकायत की है कि उन्हें मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की 10 दिवसीय विदेश यात्रा के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। पत्र में उन्होंने कहा कि सीएम विजयन की अनुपस्थिति के दौरान सरकार चलाने के लिए किए गए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की उन्हें जानकारी नहीं थी। बता दें कि विजयन 10 दिनों के लिए यूरोपीय देशों की यात्रा पर गए हुए थे।

‘भारत में बनाना था डर का माहौल’: टेरर फंडिंग केस में NIA ने दाऊद और छोटा शकील के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, D-कंपनी के 3 आतंकी गिरफ्तार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने टेरर फंडिंग के मामले में माफिया दाऊद इब्राहिम और उसका दायाँ हाथ कहे जाने वाले छोटा शकील के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में इन दोनों के अलावा डी कम्पनी के ही 3 अन्य मेंबर शामिल हैं जिनके नाम आरिफ अबूबकर शेख, शब्बीर अबूबकर शेख और मोहम्मद सलीम कुरैशी हैं। इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दाऊद और शकील को भगोड़ा घोषित किया गया है। इन सभी पर एक साथ मिल कर दुनिया भर में आतंकी गतिविधियों को संचालित करने वाला गिरोह चलाने का आरोप है। यह जानकारी शनिवार (5 नवम्बर 2022) को एक प्रेसनोट के माध्यम से दी गई है।

NIA द्वारा जारी प्रेसनोट में बताया गया है कि यह चार्जशीट 3 फरवरी 2022 को NIA द्वारा मुंबई में दर्ज एक FIR की जाँच के बाद दाखिल की गई है। बताया गया है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों का दाऊद गैंग के इशारे पर भारत में कई घटनाओं को अंजाम देने का था। इसी चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि आरोपित अपनी हरकतों से आम जनमानस में डर का माहौल बनाना चाह रहे थे।

NIA के मुताबिक गिरफ्तार हुए आरिफ अबूबकर शेख, शब्बीर अबूबकर शेख और मोहम्मद सलीम कुरैशी हवाला के जरिए विदेशों से पैसे पा रहे थे। चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि आतंकी और आपराधिक हरकतों को अंजाम दे कर फरार कुछ अन्य संदिग्ध भी तीनों आरोपितों की आर्थिक मदद किया करते थे। इस केस में शामिल सभी 5 आरोपितों पर UAPA एक्ट, मकोका कानून व अन्य कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी का कहना है कि इस केस में अभी जाँच जारी है।

गौरतलब है कि गिरफ्तार हुए तीनों आरोपितों में सलीम फ्रूट फरार चल रहे छोटा शकील का जीजा है। वह डी कंपनी की आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने, टेरर फंड जुटाने के लिए छोटा शकील के नाम पर प्रॉपर्टी डीलिंग और विवादों के निपटारे के नाम पर उगाही में सक्रिय था।सलीम कुरैशी के संबंध जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैय्यबा और अल-कायदा से भी थे। उसका दक्षिण मुंबई में फलों का व्यापर है। वो सेंट्रल मुंबई के अरब लेन में रहता है। साल 2006 में उसको दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था, जिसके बाद 2010 तक वो जेल में रहा।

पहलवान को मारा, कुत्तों पर गोली चलाई…अब मिली बेल: सुशील कुमार को तिहाड़ के दूसरे गेट से किया गया बाहर, निगरानी में 2 सुरक्षाकर्मी तैनात

सागर धनखड़ हत्या केस में पहलवान सुशील कुमार को शनिवार रात बेल मिल गई। सुरक्षा कारणों से उन्हें दूसरे गेट से निकाला गया। बताया जा रहा है कि सुशील को उनकी पत्नी की सर्जरी के कारण बेल मिली है जिनकी लोअर बैक में दर्द रहता है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सुशील को तिहाड़ की गेट नंबर 4 से रिहा किया गया जो कि ज्यादातर कैदियों के लिए प्रयोग में लाया जाता है। सुशील के वकील सुमीत शौकीन ने बताया कि ऐसा केवल सुरक्षा कारणों से हुआ। दिल्ली कोर्ट ने उन्हें शुक्रवार को बीवी की सर्जरी के कारण बेल दी थी। सुशील कुमार की बीवी की सर्जरी 7 नवंबर को होगी। इस दौरान उनके साथ दो सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार की निगरानी और सुरक्षा के लिए उनके साथ रहेंगे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शिवाजी आनंद ने सुशील कुमार को 1 लाख रुपए के निजी मुचलके पर 12 नवंबर तक बेल दी है। कोर्ट ने कहा है कि आरोपित की बीवी की हालत देखते हुए व ये देखते हुए कि उनके दो बच्चे हैं और वहाँ उनकी उपस्थिति जरूरी है, कोर्ट उन्हें 12 नवंबर तक बेल देता है।

बता दें कि सुशील कुमार पिछले साल सागर धनखड़ हत्या केस में गिरफ्तार किए गए थे। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम में हुई हत्या मामले में 170 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें सुशील कुमार मुख्य आरोपित बनाए गए थे। पूरे केस के मद्देनजर पहलवान और भारतीय यातायात सेवा के अधिकारी सुशील कुमार को रेलवे की नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था।

चार्जशीट में इस बात का भी उल्लेख था कि पहलवान सागर धनखड़ को मारने से पहले जब सुशील कुमाप जब छत्रसाल स्टेडियम पहुँचे तो कुछ कुत्ते भौंकने लगे। लेकिन सुशील कुमार ने उनके ऊपर गोली चला दी। उन्होंने स्टेडियम में मौजूद एथलीटों को बंदूक की नोक पर धमकाया और उन्हें स्टेडियम छोड़कर जाने को भी कहा।

ट्विटर पर कटने लगे ब्लूटिक के बदले 655 रुपए/महीना: संस्थापक जैक डोर्सी ने पुराने कर्मचारियों को Sorry बोला, कहा- ‘इन हालातों के लिए मैं जिम्मेदार’

सोशल मीडिया साइट ट्विटर का मालिकाना हक बदलते ही बदलाव दिखने लगे हैं। कर्मचारियों की छंटनी से लेकर ब्लू टिक के लिए शुल्क लगाया गया है। ट्विटर ने लेटेस्ट अपडेट के साथ iOS पर मासिक $8 की सदस्यता शुल्क वाले ‘ट्विटर ब्लू’ को रोल आउट करना शुरू कर दिया है।

उधर, ट्विटर के संस्थापक जैक डोर्सी ने एलन मस्क (Elon Musk) द्वार कंपनी के कर्मचारियों में आधे की छँटनी करने के बाद माफी माँगी है। डोर्सी ने कहा कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म को बहुत तेजी से विकसित किया, जिसके बाद 50 प्रतिशत कर्मचारियों को निकाल दिया गया।

डोर्सी ने ‘ट्वीट किया, “पुराने और वर्तमान ट्विटर के लोग मजबूत और लचीले हैं। वे हमेशा एक रास्ता खोज लेंगे, चाहे वह क्षण कितना भी कठिन क्यों न हो। मुझे एहसास है कि बहुत से लोग मुझसे नाराज़ हैं। हर कोई इस स्थिति में क्यों है, इसकी ज़िम्मेदारी मेरी है: मैंने कंपनी का आकार बहुत तेज़ी से बढ़ाया। मैं उसके लिए माफी माँगता हूँ।”

साल 2006 में ट्विटर की स्थापना करने वाले जैक डोर्सी ने अगले ट्वीट में कहा, “मैं हर किसी के लिए आभारी हूँ और उनसे प्यार करता हूँ, जिन्होंने कभी भी ट्विटर में काम किया है।”

बता दें कि टेस्ला (Tesla) और स्पेसएक्स (SpaceX) कंपनी मालिक और वर्तमान में दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क (Elon Musk) ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर ट्विटर के 7,500 कर्मचारियों में से आधे को निकाल दिया है। इसकी घोषणा उन्होंने ट्विटर पर की थी। उन्होंने कहा कि भारी नुकसान को कम करने के लिए इस कदम को उठाया जा रहा है।

डोर्सी ने इस साल मई में ट्विटर के बोर्ड से इस्तीफा देकर इस माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट से खुद को अलग कर दिया था। साल 2007 से वह कंपनी के डायरेक्टर थे और साल 2015 से ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद संभाल रहे थे।

पिछले साल नवंबर में उन्होंने पराग अग्रवाल (Parag Agrawal) को ट्विटर की जिम्मेदारी सौंपी थी और पराग ट्विटर के नए CEO बने थे। हालाँकि, एलन मस्क ने ट्विटर को खरीदते ही पराग सहित तीन बड़े अधिकारियों को निकाल दिया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की।

‘विमान से गुजरात में पैसे लाए केजरीवाल और भगवंत मान, लोगों को बेवकूफ बना रही AAP’: पार्टी के ही पूर्व नेता का बड़ा खुलासा, कहा – CM चेहरा भी तय था

गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद नेताओं ने पाला बदलना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (4 नवंबर, 2022) को गुजरात के पूर्व विधायक और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता इंद्रनील राजगुरु कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए। राजगुरु इसी साल अप्रैल में कॉन्ग्रेस छोड़ AAP में आए थे। कॉन्ग्रेस जॉइन करने के बाद इंद्रनील ने AAP पर कई बड़े आरोप लगाते हुए कहा है कि ये पार्टी बुरी तरह भ्रष्ट है।

हाल ही में की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंद्रनील राजगुरु ने कहा, “कॉन्ग्रेस में वापसी के बाद आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि मैं सीएम पद का चेहरा बनना चाहता था और 15 लोगों की टिकट माँग रहा था। 6 महीने से वहाँ तय था उसका (मुख्यमंत्री का) चेहरा। इस बारे में लोगों से पूछ कर नहीं बल्कि यह पहले से तय था, जो अब लोगों को बताया गया है।”

उन्होंने 15 टिकट माँगने को लेकर लगाए गए आरोप के जवाब में कहा, “मैं जो 15 टिकट माँग रहा था वह अपने लिए नहीं माँग रहा था। मैंने भाजपा के खिलाफ मजबूत उम्मीदवार उतारने के सुझाव दिए। लेकिन, मुझे बोला गया कि ऐसे ही चलता है, कमलम (गुजरात भाजपा कार्यालय) से जो लिस्ट आता है वही करना पड़ता है।” इंद्रनील राजगुरु ने आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार न करने वाली बात को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “वो लोग बोलते हैं कि हम करप्शन (भ्रष्टाचार) नहीं करते। लेकिन, मैंने अपनी आँखों से देखा है। यदि करप्शन नहीं होता है तो इतना सारा पैसा कहाँ से आता है? मैंने यह भी देखा है कि ढेर सारा पैसा आया। कितना था यह पता, नहीं लेकिन बहुत पैसा आया।”

उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुआ कहा कि 1 अक्टूबर को जब दोनों मुख्यमंत्री (केजरीवाल और भगवंत मान) राजकोट आए थे तो उन्होंने बहुत सारा पैसा देखकर उनसे पूछ लिया कि पैसा कहाँ से आया, तो उन्होंने हेलीकॉप्टर (किसी विमान) का इशारा करते हुए बताया कि ऐसे आया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों को बेवकूफ बनाने वाली पार्टी है।

गौरतलब है कि 2012 के विधानसभा चुनाव में इंद्रनील राजगुरु राजकोट पूर्वी विधानसभा से सीट से विधायक बने थे। इसके बाद साल 2017 के चुनाव में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के खिलाफ चुनाव लड़ा, जहाँ उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।

बता दें, गुजरात की सियासत में बीते 27 सालों से भाजपा का कब्जा बना हुआ है। आगामी चुनावों से पहले सामने आए सर्वे के हिसाब से भी ऐसा लग रहा है कि एक बार फिर भाजपा की वापसी होने वाली है। एबीपी न्यूज और सी-वोटर के सर्वे में गुजरात के 56 प्रतिशत लोगों ने सत्ताधारी भाजपा के पक्ष में वोट देने की बात कही। वहीं, 20 प्रतिशत लोगों का मानना है कि चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत होगी। सिर्फ 17 प्रतिशत लोगों का कहना है कि कॉन्ग्रेस की जीत होगी। सर्वे में 2 प्रतिशत लोगों का कहना है कि इन पार्टियों को छोड़कर अन्य की जीत हो सकती है।

उत्तराखंड में बनेगी साइंस सिटी, एस्ट्रो पार्क का भी होगा निर्माण: ‘आकाश तत्व’ के कार्यक्रम में CM धामी का बड़ा ऐलान, प्राचीन सनातन विज्ञान पर हुआ मंथन

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार (5 नवंबर, 2022) को में देहरादून स्थित उत्तरांचल यूनिवर्सिटी स्थित विज्ञान भारती उत्तराखंड एवं भारत सरकार के प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित “National Conference and Exhibition on Akash tattwa – Akash For Life” में हिस्सा लेकर एटलस एवं सार संग्रह का विमोचन किया। उन्होंने कार्यक्रम की तारीफ़ करते हुए कहा कि सनातन ज्ञान को आधुनिक सोच से जोड़कर किया जा रहा वैज्ञानिक मंथन अत्यंत सराहनीय पहल है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि परिश्रम, उत्साह और लगन से काम करने पर सारा आकाश आपका हो सकता है। उन्होंने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाश तत्व का सही प्रकार से प्रयोजन किया है। सीएम धामी ने कहा हमारे शोधार्थी आज विश्व चिंतन विषयों पर शोध कर रहे हैं और इस प्रकार के सम्मेलन से निकले मंथन के माध्यम से एक भारत-श्रेष्ठ भारत का रास्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में भी पंच तत्व परिभाषित होते हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “मनुष्य दीर्घकालिक जीवन प्राप्त करने के लिए भी आकाश तत्व पर निर्भर है। संसार की विभिन्न चिकित्सा पद्धति ने भी आकाश तत्व को समझा है। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन रहा है। काशी में भी भव्य कॉरिडोर बना है। उज्जैन में भी महाकाल कॉरिडोर बना है और उत्तराखंड में भी भव्य केदारपुरी का निर्माण हो रहा है।” सीएम धामी ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को लेकर नए ऐलान भी किए।

सीएम धामी ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को जागृत करने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य में साइंस सिटी के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र तक अनुसंधान एवं शोध गतिविधियों को पहुँचाने लिए ’’लैब्स ऑन व्हील’’ और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में जागरूकता के लिए राज्य में एस्ट्रो पार्क बनाने पर भी विचार कर रहे हैं। ऐसे कार्यक्रमों में प्राचीन विज्ञान को आधुनिक शोधों से जोड़ कर काम किया जा रहा है।