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‘देश विरोधी है भारत का इलीट क्लास’: ऑस्ट्रेलिया के प्रोफेसर ने लिबरल गिरोह को धोया तो उतर गया राजदीप का चेहरा, कहा – बदनाम की जा रही भारत की छवि

यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के एसोसिएट प्रोफेसर सोशियोलॉजिस्ट सैल्वाटोर बेबोनेस ने कहा है भारत का बुद्धिजीवी वर्ग मोदी और भाजपा विरोधी के साथ-साथ देश विरोधी भी है। उन्होंने कहा कि भारत को फासीवादी दर्शाने के पीछे भारत का बुद्धिजीवी वर्ग और ग्लोबल मीडिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मीडिया और दुनिया के पास के पास भारत के बारे में सही जानकारी नहीं है।

इंडिया टुडे के वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई द्वारा देशभक्ति को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रोफेसर बेबोेनेस ने कहा कि भारत में सांप्रदायिक हिंसा की खूब बातें होती हैं, खासकर उत्तर प्रदेश के बारे में। उन्होंने कहा कि रवांडा और बुरुंडी में भी उतनी ही सांप्रदायिक हिंसा हुई है, जितनी यूपी में हुई है। उन्होंने कहा कि इन सांप्रदायिक घटनाओं में यूपी का नाम जोर-शोर से लिया जाता है।

प्रोफेसर बेबोनेस ने कहा कि जो स्थिति बिहार की है, वही स्थिति कॉन्गो की है, लेकिन बिहार की बात ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि भारत को लेकर एक छवि गढ़ ली गई है, जो कि बेहद खतरनाक बात है। उन्होंने कहा कि गलत जानकारी के आधार पर भारत की छवि प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।

हंगर इंडेक्स में भारत की स्थिति को लेकर प्रोफेसर बेबोेनेस ने कहा कि यह गलत तरीके से तैयार किया गया है। दरअसल, इन रैंकिंग्स को सर्वे के आधार पर तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि अब सवाल ये है कि ये सर्वे किन लोगों पर किए जाते हैं। इनमें बुद्धिजीवी वर्ग के लोग, विदेश और भारत के छात्र, एनजीओ और मानवाधिकार संगठनों से जुड़े लोग होते हैं। इन रैंकिंग्स में भारत को गलत आँका जाता है।

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल होने के लिए भारत पहली बार आए प्रोफेसर बेबोनेस ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सफल लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि भारत ने उपनिवेशवाद से निकल कर पर ग्लोबल स्तर पर खुद को साबित किया है।

‘उस सिंह के लिए जयकारा जिसने सूरी को ठोका’ : हिंदूवादी नेता की हत्या पर SAD नेता खुश, मंच से कहा- पापी को सजा मिली

हिंदूवादी नेता सुधीर सूरी की हत्या के बाद लगातार ऐसे बयान आ रहे हैं जिसमें उन्हें गाली देते हुए हत्यारों की तारीफ हो रही है। इसी क्रम में शिरोमणि अकाली दल अमृतसर (सिमरन जीत सिंह मान) से 2022 में चुनाव लड़ने वाले अमृत सिंह मेहरोन ने भी खुले मंच से विवादित बयान दिया। मेहरोन ने घटना की निंदा तो दूर, बल्कि इस मामले में भीड़ से जो बोले सो निहाल का नारा लगवाया है।

टीएफ न्यूज द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई वीडियो में अमृतपाल सिंह मेहरोन को कहते सुना जा सकता है, “गुरुदास किसी का घर उजड़ता देख खुश तो नहीं होते, चाहे वो दुश्मन का ही क्यों न हो। लेकिन फिर भी कहना चाहूँगा कि उनका जयकार हो जिन्होंने पापी को सजा दी। मुझे नहीं पता वो सिंह कौन है, कहाँ से आया। लेकिन उसके लिए जयकारा जिसने सूरी को मारा। जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल।”

मेहरोन की यह वीडियो टीएफ न्यूज पर 4 नवंबर को अपलोड की गई थी। लेकिन उसके इस बयान के कारण ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है। वीडियो में इस्तेमाल भाषा से साफ पता चल रहा है कि वो सुधीर सूरी की हत्या से कितना खुश है।

उल्लेखनीय है कि सुधीर सूरी को कल पंजाब के अमृतसर में गोपाल मंदिर के पास धरना देते वक्त गोली मारी गई थी। उनकी हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे खालिस्तानी लखबीर सिंह ने ली थी। वहीं पाकिस्तान में बैठा गोपाल चावला इस हत्या पर खुश होता दिखाई दिया था।

वीडियो जारी कर गोपाल ने कहा था,

“पूरी सिख कौम को, पूरी मुसलमान कौम, हर कौम को, जो आजादी चाहता है, सुकून चाहता है- उन सबको बहुत बहुत बधाई। मैं उसे सूरी नहीं कहूँगा, सूअर कहूँगा। जिन नौजवानों ने उसे गोली मारी है, मैं सद के जाऊँ अपने उस भाई पर। मैं सबको मुबारकबाद दूँगा। एक सूअर चला गया अब अगले सूअर को देखो। इन सुअरों को जाना ही जाना है। निशांत शर्मा को भी जाना है। अमित अरोड़ा को भी जाना है। बाकी लोगों को भी इस तरह कुत्ते की मौत मरना है जैसे सूरी मरा। जिन शेरों ने उसे मारा मेरी जान उनके लिए हाजिर है।”

जेल में बंद माफिया मुख्तार के भगोड़े विधायक बेटे अब्बास अंसारी को ED ने किया गिरफ्तार: अन्य रिश्तेदारों पर भी लटकी तलवार, अम्मी से भी हो चुकी पूछताछ

जल में बंद पूर्वांचल का गैंगस्टर मुख्तार अंसारी (Gangster Mukhtar Ansari) के 30 वर्षीय बेटे और सुभासपा से विधायक अब्बास अंसारी (MLA Abbas Ansari) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है। ED की प्रयागराज इकाई ने अब्बास को पूछताछ के लिए बुलाया था और 9 घंटे की पूछताछ के बाद आखिरकार गिरफ्तार कर लिया।

कहा जा रहा है कि विधायक अब्बास के बाद ED मुख्तार अंसारी के परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को भी जल्द ही हिरासत में लेकर कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है। ED ने कुछ दिनों पहले ही विधायक अब्बास अंसारी और उनकी माँ अफशां अंसारी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।

ED को आशंका है कि अब्बास और अफशां अंसारी गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भाग सकते हैं। ED ने अब्बास अंसारी के साथ-साथ उनके ड्राइवर रवि शर्मा से भी करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद शर्मा को छोड़ दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ED की टीम दो गाड़ियों के साथ अब्बास अंसारी को किसी सुरक्षित स्थान पर ले गई।

मऊ से विधायक अब्बास से ED ने 9 घंटों में कई राउंड पूछताछ की थी। इस दौरान अब्बास पूछे गए कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए। इससे पहले अब्बास से 20 मई को की गई थी। ED ने कुछ दिन पहले भी पूछताछ के लिए अब्बास को समन जारी किया था। इसके बाद वे शुक्रवार (4 अक्टूबर 2022) को दोपहर करीब 2 बजे प्रयागराज के ED ऑफिस पहुँचे थे।

इस मामले में अफज़ाल अंसारी से 9 मई 2022 को पूछताछ हुई थी। इसके बाद मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह से 10 मई 2022 को पूछताछ हुई थी। इसके अलावा मुख्तार के विधायक भतीजे शोएब से भी 10 मई को पूछताछ की गई थी। 

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 25 अगस्त 2022 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास को भगोड़ा घोषित कर दिया था। दरअसल, नोटिस के बाद भी अब्बास कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था। मुख्तार के बेटे अब्बास के खिलाफ आर्म्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कई मामले दर्ज हैं। 

इस मामले में पाँच बार विधायक रहे मुख्तार अंसारी भी आरोपित हैं। वह इस समय उत्तर प्रदेश के बांदा की जेल में बंद हैं। इस मामले में ED ने 59 वर्षीय मुख्तार से पिछले साल पूछताछ की थी। मुख्तार अंसारी कम-से-कम 49 आपराधिक मामलों में ED की जाँच के दायरे में हैं। उन पर हत्या करने, जबरन वसूली करने, जमीन हथियाने, धमकी देने सहित कई आरोप हैं।

मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई प्राथमिकियों में से एक है। अंसारी के अलावा इस मामले में विकास कंस्ट्रक्शन (एक साझेदारी फर्म) नामक कंपनी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है, जिसमें उनकी पत्नी, दो साले और अन्य लोग साझेदार हैं।

  

‘2 बीवी रखने से जन्नत मिलती है’: 9 बच्चों के अब्बा साकिर ने पहले राजकुमार बन पंजाबी महिला को फँसाया, फिर धर्मांतरण का दबाव; FIR दर्ज

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद और धर्मांतरण की खबर सामने आई है। यहाँ, साकिर मोहम्मद नामक व्यक्ति ने खुद को राजकुमार बताते हुए युवती से दोस्ती की और फिर उसका रेप कर उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद उस पर धर्मांतरण करने का दवाब बनाने लगा। मना करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देता था। स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज न होने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश के बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

दरअसल, यह पूरा मामला साकिर मोहम्मद और शहडोल निवासी पंजाबी महिला के बीच का है। महिला ने याचिकी दायर कर हाईकोर्ट में कहा है कि चार साल पहले हुए एक एक्सीडेंट में उसके पति मौत हो गई थी। इसके बाद वह अकेली रह रही थी। इस दौरान वह काम की तलाश में थी। काम न मिलने पर वह लोन लेने के लिए एक बैंक गई थी। जहाँ, उसकी मुलाकात साकिर मोहम्मद से हुई।

महिला का आरोप है कि बैंक में हुई मुलाकात में साकिर ने खुद को हिंदू बताते हुए अपना नाम राजकुमार बताया था। उसने कहा था कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। उसका एक बच्चा है। इसके बाद साकिर पीड़िता को घुमाने के बहाने कहीं ले गया और नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ रेप कर आपत्तिजनक वीडियो बना लिए।

बाद में वह वीडियो दिखाकर पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। यही नहीं, पीड़िता को घर ले जाकर वह उसे बुर्के में रखता था और उसका शारीरिक शोषण करता था। इसके साथ ही मदरसे में ले जाकर उर्दू में लिखे कुछ कागजों में दस्तखत कराकर धर्मांतरण के लिए प्रताड़ित करने लगा।

पीड़िता का कहना है कि जब उसे यह पता चला कि आरोपित की पत्नी जिंदा है और व 9 बच्चों का बाप है तो उसने इसका विरोध किया। जिस पर साकिर ने कहा कि उसके मजहब में एक से अधिक बीवी रखना सबाब (पुण्य) का काम है इससे जन्नत मिलती है। आरोपित की पूरी सच्चाई पीड़िता के सामने आने के बाद वह उसे परेशान करने लगा और बेटी का धर्मांतरण कराने का भी दवाब बनाने लगा।

साकिर मोहम्मद से तंग आकर पीड़िता अपनी बेटी को साथ लेकर इंदौर आ गई और यहाँ विजय नगर थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। इसके बाद साकिर यहाँ भी आ धमका और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा।

पीड़िता का आरोप है कि वह आरोपित से तंग आकर शिकायत कराने के लिए महिला थाने गई थी। लेकिन वहाँ, उससे कहा गया कि शहडोल की हो वहीं जाकर एफआईआर दर्ज करो। महिला ने कई अन्य पुलिस अधिकारियों से बात की लेकिन किसी ने भी एफआईआर दर्ज नहीं की।

पीड़िता, आरोपित द्वारा लगातार परेशान किए जाने से तंग आ चुकी थी। उसने मजबूरन हाईकोर्ट की शरण ली। जहाँ, हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता द्वारा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत करने के बाद थाने पर आवेदन देना आवश्यक नहीं है। पीड़िता के बयानों को ही उसकी ओर से लिखित शिकायत माना जाए और कार्रवाई की जाए।

जिस कासगंज में तिरंगा यात्रा निकालने पर चंदन गुप्ता की हुई थी हत्या, वहाँ अब हिंदू पर दुकान में घुस अशरफ के साथ आई भीड़ का हमला

उत्तर प्रदेश के कासगंज में जितेंद्र नाम के एक व्यक्ति के साथ भीड़ द्वारा मारपीट की गई है। पीड़ित जितेंद्र ने वीडियो जारी कर के भीड़ में शामिल आरोपितों के मुस्लिम समुदाय से होने की जानकारी दी है। पुलिस ने जितेंद्र की तहरीर पर 10 से 15 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मुख्य आरोपित का नाम हेयर कटिंग सैलून का मालिक अशरफ बताया जा रहा है। घटना मंगलवर (1 नवम्बर, 2022) शाम 6 बजे की है।

जितेंद्र ने घटना के अगले दिन 2 नवंबर को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जितेंद्र ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना थाना क्षेत्र गंजडुण्डवारा की है। जितेंद्र गाजियाबाद की एक कृषि कंपनी में काम करते हैं और कासगंज क्षेत्र में कार्यरत हैं। पीड़ित द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, घटना के दिन वो अपनी कंपनी के कलेक्शन के लिए गणेशपुर फाटक की तरफ बाइक से जा रहे थे, इसी दौरान उसकी बाइक सामने से आ रहे एक व्यक्ति से टकरा गई। इसके बाद दोनों में कुछ कहासुनी हुई।

शिकायत में आगे बताया गया है कि विवाद करने वाले व्यक्ति ने जितेंद्र को थोड़ी देर बाद देख लेने की धमकी दी और चला गया। बताया गया है कि जैसे ही जितेंद्र अपने डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान के अंदर गए, वैसे ही विवाद करने वाला आरोपित 10-15 लोगों की भीड़ ले कर डिस्ट्रीब्यूटर की दुकान में घुस गया। जितेंद्र ने दरवाजा बंद कर लिया, फिर भी दरवाजे को तोड़ दिया गया। अंदर घुसे हमलावर जितेंद्र को डंडों और बेल्ट से मारा और जान से मारने की धमकी दे कर वहाँ से चले गए। जितेंद्र ने अपनी शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

एक CCTV फुटेज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस फुटेज में कुछ हमलावर एक दुकान में घुस कर एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। जितेंद्र के मुताबिक, वह वीडियो उन पर हुए हमले का है। कासगंज पुलिस ने भी इस वीडियो पर केस दर्ज कर के जाँच किए जाने की जानकारी दी है।

इस बीच जितेंद्र ने वीडियो जारी करते हुए बताया कि उन पर हमला करने वाले मुस्लिम समुदाय के लोग थे। उन्होंने इसी वीडियो में खुद के लिए न्याय की अपील की है। ऑपइंडिया के पास उक्त वीडियो मौजूद है। वहीं कासगंज के हिन्दू नेताओं मनोज लोधी और विकास पचौरी ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए वो सब भी आवाज उठा रहे हैं। हिन्दू नेताओं के मुताबिक, पुलिस भी मुस्लिमों से जुड़े मामलों में वैसी सक्रियता नहीं दिखाती जैसी अपेक्षित होती है। विकास पचौरी ने भी बताया कि हमलावरों में बाल काटने का काम करता है।

पुलिस ने जितेंद्र सिंह के हमलावरों पर IPC की धारा 147, 323, 452, 504 और 506 के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जाँच चल रही है और आरोपितों की तलाश की जा रही है। ऑपइंडिया के पास घटना की FIR कॉपी मौजूद है। याद हो कि 26 जनवरी, 2008 को कासगंज में तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान चंदन गुप्ता नामक हिन्दू युवक की मुस्लिम भीड़ ने हत्या कर दी थी। तब ये मामला खासा चर्चित हुआ था।

71 साल के बुजुर्ग को दी गई बीच बचाव की सजा

पीड़ित जितेंद्र ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने बताया कि हमले में शकील नाम का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जिसे लोग ठेकेदार नाम से बुलाते हैं। जितेंद्र ने हमें बताया कि जिस अंदाज़ में गेट को तोड़ कर अंदर भीड़ घुसी थी, उससे एक बार ऐसा लगा कि हमलावर उन्हें मार ही डालेंगे। जितेंद्र के मुताबिक, दुकान मालिक लगभग 71 वर्षीय बुजुर्ग ने बीच बचाव की कोशिश की तो उन्हें भी एकाध बेल्ट लग गए थे। इसी के साथ जितेंद्र ने हमें बताया कि इस पूरी अफरातफरी में दुकान मालिक का काफी सामान भी टूट-फूट गया था।

‘एक सूअर गया, अगले को देखो अब… सबको कुत्ते की मौत मरना है’: हिंदूवादी नेता की हत्या पर Pak में बैठ खालिस्तानी ने मनाया जश्न, हत्यारों को बताया- भाई

पंजाब में हिंदूवादी नेता को मारी गई गोली के बाद कनाडा से लेकर पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी फूले नहीं समा रहे। सोशल मीडिया पर गोपाल चावला नाम के एक खालिस्तानी की वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में वो उन हत्यारों की तारीफ करता नहीं थक रहा जिन्होंने सुधीर सूरी को अमृतसर में गोली मारी।

वीडियो में गोपाल चावला कहता है, “पूरी सिख कौम को, पूरी मुसलमान कौम, हर कौम को, जो आजादी चाहता है, सुकून चाहता है- उन सबको बहुत बहुत बधाई। मैं उसे सूरी नहीं कहूँगा, सूअर कहूँगा। जिन नौजवानों ने उसे गोली मारी है, मैं सद के जाऊँ अपने उस भाई पर। मैं सबको मुबारकबाद दूँगा। एक सूअर चला गया अब अगले सूअर को देखो। इन सुअरों को जाना ही जाना है। निशांत शर्मा को भी जाना है। अमित अरोड़ा को भी जाना है। बाकी लोगों को भी इस तरह कुत्ते की मौत मरना है जैसे सूरी मरा। जिन शेरों ने उसे मारा मेरी जान उनके लिए हाजिर है।”

उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ सुधीर सूरी की हत्या के बाद पाकिस्तान में बैठा खालिस्तानी जश्न मना रहा है। वहीं दूसरी ओर पूरी हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे फरार आतंकी लखबीर सिंह लांडा ने ली है।कथिततौर पर लखबीर सिंह लांडा ने लांडा हरिके नामक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। इस पोस्ट में लांडा ने कहा है कि सुधीर सूरी का कत्ल उसके ‘भाइयों’ ने किया है। यही नहीं, लांडा ने लिखा कि ‘किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वालों’ का हाल भी ऐसा ही होगा।

उसने लिखा, “उनकी बारी भी आएगी, सिक्योरिटी लेकर उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वे बच जाएँगे।” उसने आगे लिखा कि जो भी उनके साथ खड़े हैं वह मरते दम तक उनका साथ निभाएँगे और अभी तो सिर्फ शुरूआत हुई है, हक लेना अभी बाकी है।

बता दें कि सुधीर सूरी को कल अमृतसर में दिनदहाड़े गोली मारी गई थी। दो लड़कों ने बाइक पर आकर उनपर उस समय हमला किया था जब वो मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बताया था कि कैसे खालिस्तानी लंबे समय से उनकी मौत की साजिश रच रहे थे।

‘कमरिया करे लपालप, कि लॉलीपॉप लागेलू’: ‘एलन मस्क’ के हैंडल से भोजपुरी में ट्वीट से चक्कर में पड़े लोग, पवन सिंह बोले – गर्मागर्म बहस में गाने से ठंडक

सोशल मीडिया पर एक ट्वीट काफी वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा है ‘कमरिया करे लपालप, की लॉलीपॉप लागेलू’। असल में ये एक भोजपुरी गाना है, जो 2008 में रिलीज हुआ था और खूब चला था। आज भी भोजपुरी जानने वालों के बीच पवन सिंह द्वारा गाया हुआ ये गाना लोकप्रिय है। खास बात ये है कि इस गाने के बोल ट्वीट करने वाले हैंडल का नाम ‘एलन मस्क’ है, जो ब्लू टिक वेरिफाइड भी है। खबर लिखे जाने तक लगभग 8500 लोग इसे रीट्वीट और 32,000 से अधिक लोग लाइक कर चुके थे।

एलन मस्क ने जब से ट्विटर को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की, तभी से ये मामला लगातार चर्चा में है। कभी बॉट्स की संख्या न बताने के कारण डील कैंसल होने की खबरें, कभी उनका बेसिन लेकर ट्विटर के मुख्यालय में जाना, CEO सहित कई कर्मचारियों की छुट्टी कर देना, कभी ब्लू टिक वाले हैंडल्स से 8 डॉलर वसूलने का ऐलान, कभी उनकी एक्स गर्लफ्रेंड एम्बर हर्ड द्वारा अपना ट्विटर हैंडल डिलीट करना – पिछले कुछ समय से एलन मस्क और ट्विटर लगातार चर्चा में है।

ताज़ा ट्वीट पर गायक पवन सिंह ने भी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “एलन मस्क, ट्विटर और 8 डॉलर की चर्चा में भोजपुरी की भी एंट्री हो गयी है। शायद ये मेरा गाना इस गरमा-गरम बहस में कुछ ठंडक पहुँचा सके। जय हो।” अब आपको बताते हैं कि माजरा क्या है। असल में ये ट्वीट एलन मस्क ने नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया में बतौर हिंदी प्रोफेसर कार्यरत इयान वुलफॉर्ड ने किया है। उन्होंने ट्विटर और एलन मस्क पर चर्चाओं के बीच ये ट्वीट किया।

उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल का नाम बदल कर ‘एलन मस्क’ रख लिया है, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ये ट्वीट उन्होंने किया है। उन्होंने इस तरह के कई मीम्स शेयर किए, जिससे ऐसा लग रहा है कि ये सब एलन मस्क ही कर रहे हैं और उनका हैंडल हैक हो गया है। लेकिन, ऐसा नहीं है। वो ‘एलन मस्क’ बन कर लोगों को मजाकिया रिप्लाइज भी कर रहे हैं। कई लोग तो धोखा खा गए और उनके ट्वीट्स को असली एलन मस्क का भी समझ रहे हैं। ताज़ा खबर ये है कि इन हरकतों की वजह से इयान वुलफॉर्ड का ट्विटर हैंडल सस्पेंड कर दिया गया है।

PFI आतंकियों के घर छापेमारी, NIA ने 3 को दबोचा: BJP नेता को तलवार-कुल्हाड़ी से काट डाला था, परिवार के लिए घर बनवा रही पार्टी

कर्नाटक में भाजयुमो (BJYM) के नेता प्रवीण नेट्टारू (Praveen Nettaru) की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के चरमपंथियों के घर छापेमारी कर तीन को गिरफ्तार किया है। वहीं, भाजपा मृतक युवा नेता का घर बनवाने की जिम्मेवारी ली है।

NIA ने शनिवार (5 अक्टूबर 2022) को नेट्टारू की हत्या के सिलसिले में कर्नाटक के मैसूर, हुबली और दक्षिण कन्नड़ जिलों में PFI के सदस्यों के यहाँ तलाशी ली। जिनके घरों में तलाशी अभियान चलाया गया, उनमें मैसूर के मंडी मोहल्ला एक्सटेंशन स्थित PFI का जिला महासचिव मोहम्मद सुलेमान का आवास भी शामिल है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, NIA ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है। गिरफ्तार लोगों में सुलिया से शफी बेल्लारे, इकबाल बेल्लारे और इब्राहिम शाह को हिरासत में लिया गया है। इकबाल बेल्लारे गाँव बेल्लारे का ग्राम पंचायत सदस्य है, जबकि शफी बेल्लारे PFI की राजनीतिक शाखा सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) का राज्य सचिव है।

बता दें कि नेट्टारू हत्याकांड में NIA को PFI के सदस्यों मोहम्मद मुस्तफा, तुफैल, उमर फारुख और अबू बकर सिद्दीकी की तलाश है। सूचना देने वालों के लिए 080- 29510900 और 8904241100 नंबर जारी किए गए हैं। वहीं, पत्र द्वारा सूचना के लिए NIA ने अपने बेंगलुरु स्थित ऑफिस का पता दिया है।

मोहम्मद मुस्तफा पर 5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। इसके अब्बा का नाम उमर है जो कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्लिया तालुका का रहने वाला है। तुफैल पर भी 5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। उसके अब्बा का नाम हमीद है, जिसका घर कर्नाटक के कोडागु जिले के मदिकेरी बाजार की मस्जिद के पास है।

उमर फारुख पर 2 लाख का इनाम है। उमर के अब्बा का नाम रफीक है जो कर्नाटक के ही दक्षिण कन्नड़ जिले का रहने वाला है। इस तरह अबू बकर सिद्दीक पर भी इनाम रखा गया है। वह अली कुन्ही का बेटा है। मोहम्मद मुस्तफा के ही गाँव के रहने वाले हैं। NIA के मुताबिक अबू बकर का नाम पेंटर सिद्दीक भी है।

गौरतलब है कि 26 जुलाई 2022 को बेल्लारे में हमलावरों ने भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू को कुल्हाड़ी से उस वक़्त काट दिया था, जब वे दुकान बंद कर अपने घर जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने 28 जुलाई को जाकिर और शफीक को गिरफ्तार किया था।

इन दोनों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। आरोपितों के लिंक PFI और SDPI से मिले हैं। बाद में इस मामले की जाँच स्टेट पुलिस से NIA को सौंप दी गई थी। प्रवीण नेट्टारू की हत्या उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या का विरोध करने की वजह से हुई थी।

उधर, भाजपा ने नेट्टारू के घर के निर्माण की जिम्मेदारी ली है। दक्षिण कन्नड़ के सांसद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील ने बुधवार (2 अक्टबर 2022) को उनके घर के शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया।

इस घर में 2,700 वर्ग फुट का प्लिंथ एरिया होगा। कतील ने कहा कि घर को परिवार की योजना के अनुसार बनाया जाएगा और निर्माण का काम मुगरोडी कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया है। इसे अगले साल मई तक पूरा लिया जाएगा। कतील ने कहा कि प्रवीण का निधन पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

‘ये तो शुरुआत है, हक़ लेना अभी बाकी’: कनाडा में बैठे खालिस्तानी आतंकी लांडा के नाम से फेसबुक पोस्ट, पंजाब में हिन्दू नेता की हत्या की ली जिम्मेदारी

पंजाब के अमृतसर में शुक्रवार (4 नवंबर, 2022) को हिन्दू नेता सुधीर सूरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या की जिम्मेदारी कनाडा में बैठे फरार खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लांडा ने ली है। इससे पहले भी लखबीर, शिवसेना नेता सुधीर सूरी को मारने की साजिश रच चुका है। बीते दिनों गिरफ्तार हुए 4 आरोपितों ने भी इस बात का खुलासा किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि लखबीर सिंह लांडा ने लांडा हरिके नामक फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट कर हत्या की जिम्मेदारी ली है। इस पोस्ट में लांडा ने कहा है कि सुधीर सूरी का कत्ल उसके ‘भाइयों’ ने किया है। यही नहीं, लांडा ने लिखा कि ‘किसी भी धर्म के खिलाफ बोलने वालों’ का हाल भी ऐसा ही होगा। उसने लिखा, “उनकी बारी भी आएगी, सिक्योरिटी लेकर उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वे बच जाएँगे।” उसने आगे लिखा कि जो भी उनके साथ खड़े हैं वह मरते दम तक उनका साथ निभाएँगे और अभी तो सिर्फ शुरूआत हुई है, हक लेना अभी बाकी है।

हालाँकि, पुलिस ने अब तक इस बात की पुष्टि नहीं की है यह पोस्ट लखबीर सिंह लांडा ने की है या फिर यह हरकत किसी असामाजिक तत्व की भी हो सकती है। इस मामले में जिले के एसपी विशालजीत सिंह का कहना है कि तरनतारन जिला निवासी गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा द्वारा किए गए इस कथित पोस्ट की जाँच की जा रही है। यह नकली भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि लांडा के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। 

गौरतलब है कि गत सप्ताह पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, CIA अमृतसर और तरनतारन पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाकर खालिस्तानी आतंकी लखवीर सिंह लांडा के 4 सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार के बाद पंजाब पुलिस ने कहा था कि पकड़े गए चारों अमृतसर के हिन्दू नेता सुधीर सूरी को अपना निशाना बनाने की फिराक में थे।

बता दें, शुक्रवार (4 नवंबर 2022) को सुधीर सूरी पंजाब के अमृतसर स्थित गोपाल मंदिर में मूर्तियों की बेअदबी को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला किया गया था। हमलावर ने एक के बाद एक 5 गोलियाँ दागते हुए सूरी को घायल कर दिया था। इसके बाद, उनके समर्थकों ने उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

हमले के थोड़ा देर बाद ही पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार किया था। हमलावर की पहचान संदीप सिंह सैंडी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद की है।

हालाँकि, पुलिस ने एक ही हमलावर को गिरफ्तार किया था। जबकि चश्मदीद डॉ अजय शर्मा ने बताया था, “दो सरदार बाइक पर आए। उन्होंने गाड़ी खड़ी की। इसके बाद उन्होंने 5-6 गोली मारी। एक उनके माथे पर लगी। 2 छाती पर लगी। 1 कंधे पर लगी। उन लोगों ने सुधीर सूरी को पहले से निशाना बनाया हुआ था। एक को पुलिस ने पकड़ लिया है।” फिलहाल पुलिस गिरफ्तार किए गए हमलावर से पूछताछ कर रही है।

हिन्दू नेता सुधीर सूरी को Y कैटेगरी की सिक्योरिटी मिली हुई थी। उनकी की सुरक्षा में 15 पुलिसकर्मी और एक पायलट जिप्सी थी। साथ ही, उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की बात का खुलासा हो चुका था। इसके बाद भी दिन-दहाड़े उनकी हत्या होने के बाद न केवल पुलिस, बल्कि पंजाब सरकार पर भी सवालिया निशाना लग रहे हैं।

जानें कौन हैं 131 साल पुराने ‘राधा स्वामी सत्संग ब्यास’ के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों, जिनसे अमृतसर में मिले PM मोदी: हिमाचल में भी हैं अनुयायी

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव (Himachal Pradesh Assembly Election 2022) का ऐलान हो चुका है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अमृतसर में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों (Baba Gurinder Singh Dhillon) से मुलाकात की।

बाबा गुरिंदर का पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी गहरा प्रभाव माना जाता है। पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे मुलाकात की थी। बाबा अपने लोक कल्याण के कामों के लिए भी जाने जाते हैं। बाबा का यह डेरा अमृतसर से 45 किलोमीटर दूर ब्यास शहर में स्थित है।

बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जिस राधा स्वामी सत्संग ब्यास के प्रमुख हैं, उसकी स्थापना सन 1891 में बाबा जयमल जी ने की थी। अमृतसर का राधा स्वामी सत्संग एक आध्यात्मिक केंद्र है। इसके पंजाब और हिमाचल नहीं, बल्कि देश और दुनिया में करोड़ों अनुयायी हैं। वर्तमान में दुनिया के 90 देशों तक डेरे का विस्तार है। पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल में भी राधा स्वामी सत्संग के अनुयायियों की कमी नहीं है।

कहा जाता है कि हिमाचल प्रदेश में इस पंथ के अनुयायियों की संख्या 5 लाख से अधिक है और ये प्रदेश के हर जिले में हैं। ऐसे में पंजाब और हरियाणा के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी इनका खासा प्रभाव देखने को मिलता है।

ब्यास डेरा प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों का हमीरपुर जिले के भोटा में एक अस्पताल है। इसके अलावा शिमला समेत हर कोने में इसके सत्संग भवन भी मौजूद है। आजादी से पहले से यहाँ तब के डेरा प्रमुख बाबा सावन सिंह प्रचार के लिए पैदल आते थे। आजादी के बाद बाबा जगत सिंह, बाबा चरण सिंह और फिर गुरिंदर सिंह ढिल्लों यहाँ आते रहे हैं।

बाबा गुरिंदर सिंह का जन्म पंजाब के मोगा जिले में 1954 में हुआ था। इनकी शुरुआती शिक्षा हिमाचल प्रदेश में हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे पंजाब आए और पंजाब यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। बाबा गुरिंदर सिंह के 2 बेटे हैं- गुरुप्रीत सिंह ढिल्लों और गुरुकीरत सिंह ढिल्लों। बाबा का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा रहा है।

बाबा गरिंदर सिंह बाबा गुरिंदर सिंह राधा स्वामी ब्यास के 5वे प्रमुख हैं और पिछले 32 सालों से डेरा प्रमुख की भूमिका निभा रहे हैं। इनसे पहले बाबा जैमल सिंह (1891-1903), महाराज सावन सिंह (1903-1948), महाराज जगत सिंह (1948-1951), महाराज चरण सिंह (1951-1990) डेरा प्रमुख रहे हैं। बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के बड़े लड़के गुरुप्रीत सिंह ढिल्लों रेलिगेयर हेल्थ ट्रस्ट के CEO हैं।

मुलाकात से पहले इससे पहले पीएम मोदी ने शुक्रवार (4 अक्टूबर 2022) को ट्वीट किया था, “बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में आरएसएसबी कई सामुदायिक सेवा प्रयासों में सबसे आगे रहा है।”

पीएम के इस मुलाकात का उद्देश्य राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक है बताया जा रहा है, क्योंकि राधा स्वामी सत्संग डेरा ने कभी भी किसी चुनाव में किसी पार्टी का समर्थन नहीं किया। हालाँकि, डेरा प्रमुख से मुलाकात उनके करोड़ों अनुयायियों के बीच एक संदेश का काम करती है।

राधा स्वामी सत्संग ब्यास का दौरा करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर और सोलन में जनसभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।