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कुछ ऐसा जो बदल देगा भारतीय सिनेमा का चेहरा… ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘पुष्पा’ के निर्देशकों ने मिलाया हाथ, ‘कार्तिकेय 2’ बनाने वाले अभिषेक अग्रवाल करेंगे प्रोड्यूस

पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण भारत की फ़िल्में न सिर्फ पूरे देश में, बल्कि विदेशों में भी शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। इस साल बॉलीवुड की जिस छोटी बजट की फिल्म ने ब्लॉकबस्टर होकर सबको चौंका दिया, वो थी ‘द कश्मीर फाइल्स’। विवेक अग्निहोत्री इस फिल्म के निर्देशक और अभिषेक अग्रवाल निर्माता थे। इसी तरह अल्लू अर्जुन की तेलुगु फिल्म ‘पुष्पा’ पूरे भारत में हिट हुई। अब पुष्पा के निर्देशक सुकुमार से विवेक अग्निहोत्री और अभिषेक अग्रवाल ने एक पैन इंडिया फिल्म के लिए हाथ मिलाया है।

अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि वो देश के दो प्रतिभाशाली फिल्म निर्देशकों के साथ मिल कर सौभाग्यशाली और रोमांचक महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुकुमार और विवेक अग्निहोत्री मिल कर कुछ ऐसा देने वाले हैं, जो आज तक नहीं हुआ। अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि भारतीय सिनेमा अब ऐसा नहीं रह जाएगा, बस देखते रहिए। विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि वो लोग मिल कर सिनेमा के माध्यम से भारत को एक कर रहे हैं।

हालाँकि, विवेक अग्निहोत्री ने फ़िलहाल ये खुलासा नहीं किया है कि ये प्रोजेक्ट है क्या और वो लोग मिल कर क्या बनाने जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से ही इसका अंदाज़ा लगाने को कहा है। अब सभी को इंतजार है कि ‘पुष्पा’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ की टीम मिल कर मनोरंजन की दुनिया में क्या खलबली मचाती है। सुकुमार फ़िलहाल ‘पुष्पा 2’ की शूटिंग में भी व्यस्त हैं, फ़िलहाल इसका रिलीज डेट सामने नहीं आया है, लेकिन इस फिल्म से तेलुगु इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें हैं।

बता दें कि ‘अभिषेक ग्रुप’ के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल अब तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के कंडुकुर मंडल स्थित थिम्मापुर गाँव की तस्वीर बदलेंगे। उन्होंने इसे गोद लिया है। इस कार्यक्रम में बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु और वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर भी मौजूद थे। अभिषेक अग्रवाल ने ‘चन्द्रकला फाउंडेशन’ के बैनर तले इस गाँव को गोद लेने का ऐलान किया। कोरोना काल में दो सालों में इसका ‘सार्थक दिवस’ मनाया गया था, जिसमें ज़रूरतमंदों की मदद की गई। अब इसका तीसरा ‘सार्थक दिवस’ मनाया गया है। ये दिवस दिवंगत चन्द्रकला देवी की जयंती पर मनाया जाता है, जो अभिषेक अग्रवाल की दादी थीं।

कर्णप्रयाग तीर्थ में लड़कियों से छेड़छाड़ करता था आदिल, पुलिस ने किया गिरफ्तार: संत ने बताया था – उत्तराखंड में पनप रहा ‘लैंड जिहाद’

उत्तराखंड की चमोली पुलिस ने नाबालिग लड़कियों से छेड़खानी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम आदिल है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का रहने वाला है। आदिल फ़िलहाल हिन्दुओं के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कर्णप्रयाग के अपर मार्किट इलाके में रहता था। आदिल के खिलाफ गुरुवार (3 नवम्बर, 2022) को थाने में शिकायत दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला थाना क्षेत्र कोतवाली कर्णप्रयाग का है। यहाँ 3 नवम्बर को एक नाबालिग लड़की ने अपने परिजनों के साथ पुलिस में तहरीर दी थी। अपनी तहरीर में पीड़िता ने बताया कि जब वो अपनी सहेली के साथ ट्यूशन पढ़ने जाती है तब आदिल नाम का एक व्यक्ति उनसे छेड़छाड़ करता है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि विरोध करने के बाद भी आदिल अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा और लगातार परेशान कर रहा है।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने फ़ौरन ही केस दर्ज कर के आदिल की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार कर्णप्रयाग की मेन बाजार में आदिल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने आदिल पर IPC की धारा 509 और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है। आदिल की उम्र लगभग 23 वर्ष बताई जा रही है। उसके अब्बा का नाम सईद अहमद है। आदिल मूल रूप से बिजनौर जिले के नजीबाबाद थाना क्षेत्र में पड़ने वाले पाईबाग का रहने वाला है। उसे कोर्ट में पेश कर के पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

गौरतलब है कि मई 2022 में उत्तराखंड के प्रसिद्ध संत स्वामी दर्शन भारती ने ऑपइंडिया से देवभूमि में बढ़ते मज़हबी चरमपंथ पर चर्चा की थी। तब उन्होंने बताया था कि समूचे उत्तराखंड में न सिर्फ ‘लव जिहाद’, बल्कि ‘लैंड जिहाद’ और कई अन्य प्रकार की संदिग्ध गतिविधियाँ पनप रहीं हैं। उसी इंटरव्यू में उन्होंने हमें बताया था कि उत्तर प्रदेश के तमाम असामाजिक तत्व योगी आदित्यनाथ के डर से उत्तराखंड में पनाह ले रहे हैं और वही गैरकानूनी हरकतों को संचालित करते हैं।

‘मैं ठग, तो तुम महाठग’ : सुकेश चंद्रशेखर ने CM केजरीवाल पर लगाए गंभीर इल्जाम, पत्र में कहा- ₹50 करोड़ के बदले राज्यसभा सीट देने का वादा किया था

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में तिहाड़ में बंद सुकेश चंद्रशेखर ने एक नया पत्र जारी किया है। इस पत्र में उसने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि इसमें सुकेश ने केजरीवाल को महाठग कहा है। साथ ही दावा किया है कि केजरीवाल ने उन्हें 50 करोड़ रुपए के बदलने राज्यसभा सीट देने का वादा किया था।

टाइम्स नाऊ द्वारा शेयर की गई वीडियो में पत्र की कॉपी दिखाई गई है। इसके मुताबिक सुकेश ने केजरीवाल के लिए लिखा, “अगर आपके हिसाब से मैं दुनिया का सबसे बड़ा ठग हूँ तो आपने मुझसे किस बिनाह पर 50 करोड़ लिए और मुझको राज्यसभा सीट देने का वादा किया। ये सब क्या आपको महाठग नहीं बनाता?”

आगे सुकेश ने सीएम केजरीवाल से पत्र में यह भी पूछा कि आखिर उन्हें क्यों कहा गया था कि वो 20-30 व्यक्तियों को लाए जो पार्टी को 500 करोड़ रुपए दे सकें। चंद्रशेखर ने पूछा, “आखिर आपने क्यों भीखाजी कामा प्लेस में साल 2011 में मेरी डिनर पार्टी में सत्येंद्र जैन के साथ शिरकत की, क्यों आपने मुझसे सत्येंद्र जैन के फोन से 2017 में बात की।”

उल्लेखनीय है कि सुकेश चंद्रशेखर का यह पत्र उन्हें केजरीवाल द्वारा ठग बताए जाने के बाद सामने आया। इस पत्र में किए गए दावों से साफ हो रहा है कि आप नेताओं के सुकेश चंद्रशेखर से संबंध रहे। इससे पहले सुकेश ने अपने वकील के नाम पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि जब से उसने दिल्ली के एलजी विनय कुमार सक्सेना को खत लिखकर शिकायत की है उसके बाद से उन्हें सत्येंद्र जैन और तिहाड़ के पूर्व डीजी धमका रहे हैं।

‘केजरीवाल मसाज सेंटर’ के बाद हिटलर के साथ दिल्ली CM का पोस्टर: भाजपा नेता बग्गा बोले- ये दूसरे ऐसे तानाशाह जिसने अपने शहर को ‘गैस चैंबर’ बना दिया

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण (Delhi Pollution) को लेकर भाजपा नेता तजिंदरपाल सिंह बग्गा (Tajinderpal Singh Bagga) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केजरीवाल की तुलना जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर (Adolf Hitler) से की है।

बग्गा ने दिल्ली के कई इलाकों में सीएम केजरीवाल के साथ हिटलर की तस्वीर वाला पोस्टर लगाया है। इस पोस्टर में लिखा है ‘केजरीवाल ऐसे दूसरे शासक हैं, जिन्होंने अपने शहर को गैस चैंबर में बदल दिया। ऐसा करने वाले पहले हिटलर थे।’

पोस्टर को लेकर बग्गा का कहना है, “ये मेरा नहीं सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का टिप्पणी है कि दिल्ली के मालिक ने दिल्ली को गैस चेंबर (Gas Chamber) में तब्दील कर दिया है। मुझे लगता है कि यह दुनिया में दूसरा उदाहरण होगा कि एक शासक ने अपने राज्य में रहने वाले लोगों को गैस चैंबर में मारने का प्रयास किया है। इससे पहले हिटलर ने ऐसा किया था।”

इसके पहले बग्गा ने तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को दिए जा रहे वीआईपी ट्रीटमेंट को लेकर ‘केजरीवाल मसाज सेंटर’ का पोस्टर लगाया था। सत्येंद्र जैन पर ईडी ने आरोप लगाया था कि सत्येंद्र जैन जेल के अंदर आराम से हेड, फुट मसाज कराते हैं। उनकी पत्नी लगभग रोज उनसे मिलने जेल आती है और उन्हें घर का खाना दिया जाता है।

बता दें कि दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण के खतरनाक स्तर को झेल रहा है। इसके कई इलाकों में AQI 500 को पार कर चुका है। यदि AQI 400 से अधिक हो तो उसे ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है। लोगों की सेहत पर इसका बेहद खतरनाक प्रभाव है। वहीं, पहले से बीमार व्यक्तियों की स्थिति को यह और भी गंभीर बना देता है।

प्रदूषण के हालात को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्य सचिवों को चर्चा के लिए 10 नवंबर को बुलाया है। मानवाधिकार आयोग का कहना है कि वायु प्रदूषण की स्थिति से निपटने के लिए अब तक उठाए गए कदमों से वह संतुष्ट नहीं है।

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार (4 अक्टूबर 2022) को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनकी व्यस्था को देखथे हुए दिल्लीवासी खुद को प्रदूषण से बचाने के लिए मास्क पहनें।

हज हाउस के मीनार में शौचालय से भड़के मुस्लिम, वेस्टर्न कमोड बनने के बाद FIR की माँग: शरद पवार की पार्टी के नेता ने कहा – अधिकारी के केबिन में बना दूँगा शौचालय

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में निर्माणाधीन हज हाउस की मीनार में शौचालय बनाए जाने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गुस्से का इजहार किया है। यह गुस्सा खास तौर पर हज हाउस के ठेकेदार और ‘सिडको’ प्रशासन के खिलाफ है। इन दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग भी की जा रही है। कार्रवाई न होने पर संबंधित अधिकारी के केबिन में भी शौचालय बनाने का ऐलान किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हज हाउस का यह निर्माण हिमायत बाग़ इलाके में चल रहा है। यहाँ पर हज हाउस की ही बिल्डिंग में एक मीनार भी बनाई गई है। आरोप है कि हज हाउस के ठेकेदार ने इसी मीनार में एक शौचालय भी बनवा दिया है। शौचायल वेस्टर्न कमोड का है। इस मामले की जानकारी जब स्थानीय मुस्लिमों को हुई तब उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध करने वालों ने ठेकेदार पर अपनी मजहबी भावनाओं के अपमान पर केस दर्ज करने की माँग की है।

स्थानीय मुस्लिमों का यह भी आरोप है कि मीनार में बने इस शौचालय में प्रशासनिक भूमिका निभा रहे सिडको (City and Industrial Development Corporation) की भी मिलीभगत है। कानूनी कार्रवाई में ‘सिडको’ को भी आरोपित करने की माँग उठ रही है। वहीं इस मामले में राजनीतिक लोग भी अपनी दस्तक दे चुके हैं। राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के औरंगाबाद नगर अध्यक्ष ने मीनार में शौचालय निर्माण बंद न होने पर सिडको अधिकारी के केबिन में शौचालय बनवा देने का एलान किया है।

जानकारी के मुताबिक, मीनार में शौचालय विवाद पर औरंगाबाद नगर निगम के पूर्व महापौर नंदकुमार गोडाले ने भी एनसीपी नेता के सुर में सुर मिलाए हैं। उन्होंने इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त न करने का बयान दिया है। इसके साथ विधान परिषद के विरोधी पक्ष नेता अंबादास दानवे ने भी हज हाउस की मीनार में बन रहे शौचालय का विरोध किया है।

ऑपइंडिया ने इस मामले की पुष्टि के लिए NCP के औरंगाबाद जिलाध्यक्ष शेख कय्यूम से बात की। कय्यूम ने हमें बताया कि जिस स्थान पर सिक्योरिटी गार्ड बैठते हैं वहाँ पर शौचालय का निर्माण करवाया गया था, जिसका वो विरोध करते हैं। कय्यूम के मुताबिक, उनके विरोध के फलस्वरूप निर्माण करवा रहे प्रशासनिक अधिकारियों ने शौचालय का काम बंद कर दिया। NCP नेता द्वारा हमें बताया गया कि मीनार में शौचालय के मुद्दे को सबसे पहले असगर नाम के एक स्थानीय पत्रकार ने उठाया था।

हालाँकि आधिकारियों के केबिन में शौचालय बनवाने का एलान किस NCP नेता ने किया, इसकी जानकारी कय्यूम नहीं दे पाए।

भारत जोड़ो यात्रा के लिए कॉन्ग्रेस ने चुराया KGF 2 का गाना, राहुल गाँधी समेत 3 नेताओं पर केस दर्ज: MRT म्यूजिक ने लगाया धोखाधड़ी और बेईमानी का आरोप

भारत जोड़ो यात्रा पर निकले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर FIR दर्ज हुई है। यह FIR उनकी यात्रा को प्रमोट करने वाले थीम सॉन्ग में KGF 2 फिल्म के गाने का अंश लेने के चलते हुई है। केस MRT कम्पनी द्वारा दर्ज करवाया गया है। इस केस में राहुल गाँधी के अलावा सुप्रिया श्रीनेत और जयराम रमेश भी नामजद हैं। बताया जा रहा है कि FIR बेंगलुरु के यशवंतपुरा थानाक्षेत्र में शुक्रवर (4 नवम्बर 2022) को दर्ज हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु बेस कंपनी MRT म्युजिक ने आरोप लगाया है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने फिल्म KGF के गाने को अपने राजनैतिक फायदे के लिए प्रयोग किया है। इस काम के लिए अनुमति न लिए जाने का आरोप लगा कर MRT ने इसे कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन बताया है। मिली जानकारी के अनुसार इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 403 (बेईमानी), 465 (धोखाधड़ी) और 120 B (साजिश रचना), 34 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत और धारा 63 कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत केस दर्ज कर लिया है। इस FIR में राहुल गाँधी आरोपित नंबर 3 हैं।

इस FIR में राहुल गाँधी सहित अन्य 2 नामजदों पर आरोप है कि उन्होंने KGF 2 के गाने ‘फलक तू गराज तू’ का दुरुपयोग किया है। शिकायत में कहा गया है कि ऐसी हरकत गाने से अनुचित लाभ कमाने के मकसद से की गई है। इसी शिकायत में भारत जोड़ो यात्रा को राहुल गाँधी के दिमाग की उपज बताया गया है। इसमें लिखा गया है कि यह यात्रा राहुल गाँधी ने खुद को प्रचारित करने के मकसद से की है।

कॉन्ग्रेस पार्टी के राहुल गाँधी के उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।

दरअसल शिकायतकर्ता MRT म्यूजिक कम्पनी के पास तेलगू, हिंदी, कन्नड़ और तमिल आदि में 20,000 से ज्यादा गानों के म्यूजिक राइट्स हैं। इसी के पास KGF 2 का भी म्यूजिक राइट है जिसके लिए MRT ने काफी पैसे भी निवेश किए हैं। फ़िलहाल अभी तक इस मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

UP के मदरसों में किन विषयों की हो रही है पढ़ाई, CM योगी ने माँगी रिपोर्ट: बिना मान्यता और अनुदान लेने वाले संस्थानों का सर्वे भी जारी

उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड से पंजीकृत और सरकार से अनुदान पाने वाले मदरसों के सर्वे के बाद अब योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की सरकार अब इनके सिलेबस की जाँच कराने जा रही है। सरकार ने प्रदेश में अनुदान पाने वाले मदरसों में किन-किन विषयों की पढ़ाई कराई जा रही इसकी जानकारी माँगी है।

उत्तर प्रदेश के पाठ्यपुस्तक अधिकारी डॉ. पवन कुमार ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा पदाधिकारियों से इसकी जानकारी माँगी है। पवन कुमार ने मदरसों में पढ़ाई जाने वाली विषयों की जानकारी के साथ-साथ इनमें पढ़ने वाले बच्चों को किस विषय की कितनी पुस्तकों का नि:शुल्क वितरण किया गया है, इसकी भी रिपोर्ट अधिकारियों से देने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मदरसों में पुस्तकों के वितरण को लेकर प्रारूप बदलने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा था कि मदरसे के छात्रों को कोर्स की NCERT किताबों के लिए उनके अभिभावकों के खातों में सीधे पैसे दिए जाएँ।

हालाँकि, इस योजना पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ अनुभाग के विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह ने सवाल खड़ा किया। आनंद सिंह ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर कहा है किअभिभावकों के खातों में सीधा पैसा डालने के निर्णय से धनराशि के दुरुपयोग की आशंका है।

उन्होंने कहा कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश भर में अनुदान प्राप्त करने वाले 558 मदरसों में कक्षा आठ तक के छात्रों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जा ही हैं। उन्होंने कहा कि एक ही योजना में दोहरा व्यय भी होगा। इसलिए अभिभावकों के खाते में पैसे भेजने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा।

प्रदेश में सरकार से अनुदान लेने वाले और गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे करने का आदेश पहले ही दिया गया है। 10 सितंबर 2022 से जारी इस सर्वे का रिपोर्ट 15 नवंबर 2022 को शासन को पेश करना है। इसलिए सर्वे का काम बहुत तेजी से चल रहा है।

इस सर्वे में यह जानकारी सामने आई है कि अकेले यूपी के सहारनपुर में अब तक 360 मदरसे ऐसे मदरसे मिले हैं, जो सरकार से अनुदान नहीं लेते हैं और इन्हें मान्यता भी नहीं मिली है। इनमें भारत के सबसे बड़े मदरसों में शामिल देवबंद का दारुल उलूम मदरसा (Darul Ulum Deoband Madarsa) भी शामिल है।

देवबंद का दारुल उलूम मदरसा लगभग 156 साल पुराना है और यह मदरसा सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत है। सर्वे के दौरान यह बात सामने आई है कि दारुल उलूम यूपी मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं है और यह सरकारी सहायता भी नहीं लेता है।

सहारनपुर के सदर तहसील में गैर-सहायता प्राप्त मदरसों की संख्या सबसे अधिक 123 है। वहीं, बेहट तहसील में इनकी संख्या सबसे कम है। हालाँकि, सर्वे का काम अभी भी जारी है और इन मदरसों की संख्या और बढ़ सकती है।

हमले सहे, गिरफ्तार हुए, रात भर की पहरेदारी: 1984 में सिखों पर जब टूट पड़े ‘कॉन्ग्रेसी’, तब हिंदू पड़ोसियों ने बचाई थी सैंकड़ों जान, खालिस्तानी पन्नू उन्हीं को कर रहा बदनाम

प्रतिबंधित संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने एक बार फिर हिंदुओं के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया है। सन 1984 के एक राजनीतिक दल द्वारा अंजाम दिए गए दंगों के लिए इस आतंकी ने हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की है। इसी बीच पंजाब में एक हिंदू नेता सुधीर सूरी (Sudhir Suri) की हत्या कर दी गई है।

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 30 अक्टूबर 2022 को लिखा था, “1984 के सिख नरसंहार में हिंदू भीड़ द्वारा 8 दिन के जुड़वाँ सिख शिशुओं को जिंदा जला दिया गया था।” इस प्रोपेगेंडा को लेकर पन्नू ने कनाडा में हुए एक रैली का भी एक वीडियो शेयर किया।

पन्नू के इस प्रोपेगेंडा का ट्विटर यूजर @Arya_Anviksha_ ने भंडाफोड़ किया है। पन्नू जिस तरह से पूरे समुदाय को बदनाम कर रहा है, उसको लेकर इस हैंडल ने एक ट्विटर थ्रेड जारी कहा कि दंगों के दौरान हिंदू ही थे, जिन्होंने पीड़ित सिखों को बचाने और उन्हें आश्रय देने का काम किया था।

Arya_Anviksha_ ने लिखा, “यह हिंदू ही थे जिन्होंने 1984 में अपनी जान जोखिम में डालकर सिख परिवारों को शरण दी, और सिखों की रक्षा के लिए कॉलोनियों में दस्ते बनाए। इस तरह 1984 में हिंदुओं ने सिखों को बचाया। यह परेशान करने वाला है कि कैसे इन लोगों ने हिंदुओं को ‘भीड़’ के रूप में चित्रित किया है, जो हमेशा उन्हें भाई मानते हैं।”

सिख दंगों के दौरान 1 नवंबर 1984 को अमेरिकी समाचार पत्र ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लिखा था, “पश्चिम दिल्ली में 200 मध्यमवर्गीय हिंदू परिवारों ने सिख परिवारों को दंगाइयों से बचाया। उन्होंने हिंदुओं (दंगाइयों) को धमकी दी कि अगर सिखों को बाहर किया गया तो वे इमारत को आग लगा देंगे। हिंदुओं ने रक्षा दस्ते बनाए और इमारत में गश्त की और सिखों की रक्षा की।”

इसी तरह टाइम्स ऑफ इंडिया ने 3 नवंबर 1984 को लिखा था, “कॉलोनी दर कॉलोनी में हिंदुओं ने गिरोहों की लूट के खिलाफ अपनी सुरक्षा बनाने का फैसला किया। हिंदुओं ने सिखों को आश्वासन दिया कि उन्हें डरने की कोई बात नहीं है। वे रात भर इलाके में गश्त करेंगे।” इसके लिए तिलक नगर, शिव नगर और जनकपुरी में दल बनाया गया था।

अकेले दिल्ली के त्रिलोकपुरी में हिंदुओं ने 600 सिखों को बचाया था। यूसुफ सराय मार्केट में हिंदू दुकानदार सिखों के दुकानों के आगे लेट गए और भीड़ से कहा कि उन्हें किसी भी सिख के दुकान को छूने से पहले उन्हें (हिंदुओं को) के लाश से होकर गुजरना पड़ेगा।

इतना ही नहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने सिख परिवारों को राहत सामग्री वितरित करने के लिए पंजाब पीड़ित सहायता समिति बनाई। लगभग 300 घायलों को 109 बोतल रक्तदान किया गया। नवजोत सिंह सिद्धू, योगराज सिंह, राजिंदर घई को यशपाल शर्मा और चेतन चौहान जैसे हिंदुओं ने बचाया। इस दौरान एक सिख को बचाने के लिए एक हिंदू को गिरफ्तार भी किया गया।

दंगों के दौरान राजनीतिक नेता स्वर्गीय रामविलास पासवान ने सिखों को अपने घरों में शरण दी। इसके लिए उन पर भी हमला किया गया। दंगाइयों ने उनके घरों को आग लगा दी। एक सिख और राज्यसभा के पूर्व सांसद तरलोचन सिंह ने भी कहा था कि दंगों के दौरान हिंदुओं ने सिखों की रक्षा की।

साल 2017 में इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में एचएस फुल्का के हवाले से कहा था कि दंगे कॉन्ग्रेस और सिखों के बीच थे। इस दौरान हिंदुओं ने कई लोगों की जान बचाई थी। यहाँ तक कि प्रसिद्ध लेखक खुशवंत सिंह ने कहा था, “ये कॉन्ग्रेस (आई) के नेता थे, जिन्होंने 1984 में भीड़ को उकसाया और 3000 से अधिक लोगों को मार डाला। मुझे उन कठिन दिनों में साहस दिखाने और असहाय सिखों की रक्षा करने के लिए आरएसएस और भाजपा को उचित श्रेय देना चाहिए।”

ब्रिटिश अखबार ‘द गार्डियन’ ने 30 जनवरी 1985 की अपनी रिपोर्ट में कहा था, “नागरिक अधिकार समूह का कहना है कि सत्तारूढ़ कॉन्ग्रेस पार्टी के लोग विरोधी सिख दंगों के पीछे थे।” इस तरह तमाम रिपोर्ट के बाद पन्नू जैसे भारत को तोड़ने का ख्वाब देखने वाले आतंकी प्रोपेगेंडा फैलाकर हिंदुओं और सिखों के बीच नफरत की खाई पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

IPS अधिकारी के खिलाफ हाईकोर्ट पहुँचे महेंद्र सिंह धोनी, कोर्ट की अवमानना का आरोप: पहले माँग चुके हैं ₹100 करोड़ का हर्जाना

2013 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग और सट्टेबाजी केस में बयानबाजी करने आरोप में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक आईपीएस अधिकारी जी संपत कुमार के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

धोनी ने अपनी याचिका में संपत कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ वरिष्ठ वकीलों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए। उनकी माँग है कि संपत कुमार पर अवमानना का मामला चलना चाहिए। पूरे केस पर मंगलवार (8 नवंबर 2022) को सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि धोनी ने इससे पहले 2014 में तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक संपत कुमार को मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग केस में उनसे जुड़ा कोई भी बयान देने से रोक लगाने पर याचिका डाली थी। उन्होंने अदालत से हर्जाने के तौर पर 100 करोड़ रुपए का भुगतान करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया था।

उस समय अदालत ने 18 मार्च 2014 को अंतरिम आदेश पारित करके संपत कुमार पर धोनी के खिलाफ किसी भी तरह का बयान देने से रोक लगा दी थी। इसके बावजूद संपत कुमार ने एक हलफनामा दायर किया और उसमें राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद धोनी ने कोर्ट का रुख किया और उनके खिलाफ अवमानना का केस चलाने की माँग की।

₹2 करोड़ नहीं, मरम्मत में सिर्फ ₹12 लाख किए खर्च: मोरबी पुल हादसे में ओरेवा कम्पनी का झूठ उजागर, रेनोवेशन के नाम पर सिर्फ पुताई और ग्रीसिंग करवाई

गुजरात के मोरबी में 30 अक्टूबर 2022 को हुए पुल हादसे में एक नया खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक ओरेवा नाम की कम्पनी ने पुल की मरम्मत के लिए मिले 2 करोड़ रुपए में से महज 12 लाख रुपए ही ख़र्च किए थे। दावा यह भी किया जा रहा है कि ओरेवा द्वारा नियुक्त ठेकेदार भी अयोग्य था और उसको कई तकनीकी जानकारियों का आभाव था। कहा जा रहा है कि पुल के नवीनीकरण के नाम पर महज ग्रीसिंग और पेंटिंग कर दी गई थी बाकी तमाम पुराने पुर्जों से ही काम चला दिया गया था।

टाइम्स ग्रुप के मुताबिक ओरेवा कम्पनी द्वारा पुल के मरम्मत के लिए मिले पैसे का सिर्फ 6% ही प्रयोग किया गया। दावा है कि ओरेवा कम्पनी ने पुल की मरम्मत के लिए देव प्रकाश सल्यूशन नाम के सहायक कम्पनी को ठेका दिया था। इस से मिले कागजातों से साबित होता है कि इस कम्पनी को पैसे दिए गए थे। बताया जा रहा है कि 24 अक्टूबर 2022 को ओरेवा कम्पनी के चेयरमैन जयसुख पटेल ने दावा किया था कि पुल पूरी तरह से सुरक्षित है और आम लोगों के लिए तैयार है। इसके लिए उन्होंने 6 माह तक पुल की मरम्मत करने का दावा किया था।

दावा किया जा रहा है कि पुल को आम लोगों के लिए खोले जाने से पहले ओरेवा कम्पनी द्वारा कोई तकनीकी परीक्षण नहीं करवाया गया था। कहा जा रहा है परीक्षण के नाम पर ओरेवा ग्रुप के चेयरमैन ने 24 अक्टूबर 2022 को बस एक बार अपने प्रतिनिधियों के साथ पुल को पैदल पार किया था। मोरबी नगर पालिका से ओरेवा कम्पनी का पुल के रखरखाव का 15 साल के लिए कॉन्ट्रक्ट साईन हुआ था।

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर 2022 को मोरबी में पुल हादसे में लगबाह्ग 135 लोगों की जान चली गई थी। इस हादसे में कई अन्य घायल और लापता भी हो गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की थी। सरकार द्वारा मृतकों और घायलों के परिवार वालों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है। इस घटना में नगर पालिका के चीफ ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया गया है जबकि ओरेवा कम्पनी से जुड़े 9 लोग हिरासत में लिए गए हैं।