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A फॉर अर्जुन, B फॉर बलराम… बच्चों को ऐसे शिक्षा दे रहा है 125 साल पुराना ये स्कूल, अंग्रेजी के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का भी ज्ञान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक स्कूल ने एक सराहनीय कदम उठाते हुए बच्चों के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। उस स्कूल में बच्चों को A फॉर एप्पल और B फॉर बॉय की जगह A फॉर अर्जुन और B से बलराम पढ़ाया जा रहा है। स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि इस पद्धति से बच्चों को पौराणिक और ऐतिहासिक ज्ञान मिलेगा।

सोशल मीडिया पर इस किताब की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इसके साथ ही यूजर स्कूल और प्रधानाचार्य के इस पहल की तारीफ कर रहे हैं। वायरल हो रही किताब में A से लेकर Z तक के शब्दों के मतलब भारतीय पौराणिक इतिहास के संदर्भ में बताया जा रहा है।

लखनऊ के जिस स्कूल ने यह पहल की है, उसका नाम अमीनाबाद इंटर कॉलेज है। लगभग 125 साल पुराना यह स्कूल अमीनाबाद में स्थित है। किताब में  ABCD का अर्थ चित्र के साथ वर्णन किया गया है। बच्चों को पढ़ाया जा रहा है- A फॉर अर्जुन इज अ ग्रेट वॉरियर। ऐसे ही B फॉर का मतलब बलराम इज ब्रदर ऑफ कृष्णा बताया जा रहा है।

स्कूल के प्रधानचार्य साहेब लाल मिश्रा का कहना है कि बच्चों को आजकल भारतीय संस्कृति के बारे में कम जानकारी है। उनके ज्ञान को बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है। इससे छात्रों को भारतीय संस्कृति के बारे में जानकारी मिलेगी।

स्कूल नगर निगम द्वारा संचालित है और 1897 में स्थापित इस स्कूल के प्रधानाचार्य का कहना है कि यह किताब PDF फॉरमेट भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी वर्णमाला की तरह ही हिंदी वर्णमाला के लिए भी ऐसे प्रारूप तैयार करने की कोशिश की जा रही है। हिंदी में अधिक अक्षर हैं, इसलिए इसकी प्रक्रिया में अधिक समय लग रहा है।

ऐसा बलिदान! आप देश की धरोहर हो… जाह्नवी ने सुनाया शूटिंग के दौरान मानसिक स्वास्थ्य वाला किस्सा तो बोले लोग – DOLO खा कर मेन्टल ट्रॉमा ठीक करने वाली पहली मरीज

स्टार किड जाह्नवी कपूर को ट्विटर पर लोग जमकर ट्रॉल कर रहे हैं। दरअसल, एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें जाह्नवी कपूर कहती हैं कि ‘मिली’ फिल्म को शूट करने के दौरान उनके मेंटल हेल्थ पर गहरा असर पड़ा था। उनका कहना है कि उन्हें शूट किए दृश्यों के ही सपने आते थे और उन्होंने दो-तीन दिनों तक पेन किलर्स तक लिए थे।

फिर क्या था, जाह्नवी की मेंटल हेल्थ को लेकर पेन किलर खाने की बात को यूजर्स ने लपका और उनका मजाक बनाया। वैसे भी बॉलीवुड में ये चलन बन चुका है कि फिल्म रिलीज होने से पहले तरह-तरह की बातें की जाती है और ऐसा बताया जाता है कि कलाकार (खासकर स्टार किड्स) ने शूटिंग के दौरान अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया और महान फिल्म की रचना कर दी।

एक यूजर ने ट्वीट किया, “ऐसा त्याग! ऐसा बलिदान! जाह्नवी जी हमारे देश की धरोहर हैं… हम उनको स्वस्थ देखना चाहते हैं.. इसलिए उन्हें फ़िल्में करनी बंद कर देनी चाहिए।”

एक यूजर ‘सब मोह माया है’ ने मजेदार ट्वीट किया, “और इस तरह आदरणीय जाह्नवी कपूर जी “Dolo” खा कर मेंटल ट्रॉमा से ठीक होने वाली पहली व्यक्ति बनीं।”

विकास पांडे नाम के यूजर ने कहा, “इतना मेंटली टॉर्चर होते हुए इस बच्चे को हम नहीं देख सकते। आप के मार्गदर्शन में हम इस मूवी को बॉयकॉट करेंगे।”

एक यूजर ‘देशी मैगी’ ने कहा, “यहाँ #ला वायरल फीवर में ऑफिस का काम करना पड़ रहा है और इन नेपो किड्स के चोचले देखो।”

जाह्नवी ने हाल ही में अपने रोल के बारे में बताया कि इस किरदार के लिए उन्हें एक मेंटल ट्रॉमा से गुजरना पड़ा था। ‘न्यूज़ 18’ की रिपोर्ट के अनुसार, PTI को दिए अपने इंटरव्यू में जाह्रवी ने बताया कि उन्हें रात में डरावने सपने आने लगे थे। इस किरदार का उन पर काफी गहरा असर हो गया था। इतना कि वो बीमार पड़ गई थीं, दवाइयों का सहारा लेकर उन्होंने शूटिंग तक की है। उन्होंने कहा कि शूटिंग किए सीन के ही सपने आते थे।

बकौल जाह्नवी, उन्होंने दो-तीन दिनों तक पेन किलर्स तक लिए थे। फिल्म 4 नवंबर को थिएटर्स में रिलीज होने वाली है। ये 2019 में आई जबरदस्त हिट मलयालम फिल्म ‘हेलेन’ की ऑफिशियल रीमेक है।

मंदिर के पास कार ब्लास्ट: मुस्लिम बहुल इलाके में पुलिस की छापेमारी से तनाव, विदेशी फंडिंग का लिंक खँगालने में जुटी NIA

तमिलनाडु के कोयंबटूर विस्फोट (Coimbatore, Tamil Nadu Blast) के मामले में संदिग्धों के घरों में लगभग 5 घंटे तक तलाशी ली। स्थानीय पुलिस के साथ मंगलवार (1 नवंबर 2022) को की गई इस कार्रवाई के दौरान तिरुनेलवेली के मुस्लिम बहुल मेलपालयम इलाके चार मुस्लिम युवकों के घरों की तलाशी ली। इस दौरान इलाके में तनाव फैल गया। वहीं, इस मामले में जमेसा मुबिन द्वारा ली गई फंडिंग पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

बता दें कि कोयंबटूर के एक मंदिर के बाहर हुए विस्फोट में मुबीन की मौत हो गई थी। जाँच एजेंसियों को आशंका है कि वह आत्मघाती हमलावर था। जाँच के शुरुआती निष्कर्षों में पता चला है कि मुबीन एक कट्टरपंथी था। जाँच एजेंसी इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों की खरीद के लिए खर्च की गई राशि को देखते हुए एक बड़ी साजिश की जाँच कर रही है।

मंगलवार की सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस ने जैसे ही मेलपालयम के खादर मैदान मूपन स्ट्रीट पर शैब मोहम्मद अली (35), सैयद मोहम्मद बुखारी (36), मोहम्मद अली (38) और मोहम्मद इब्राहिम (37) के घरों में तलाशी के लिए घुसी, इलाके में तनाव फैल गया। मुस्लिम बहुल इलाके में हालात को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान किसी को भी घरों से बाहर निकलने या प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मोहम्मद इब्राहिम को 2019 में सऊदी अरब पुलिस ने हिरासत में लिया था और इस्लामिक स्टेट के समर्थन में प्रचार करने के कारण उसे भारत भेज दिया गया था। भारत में आते ही NIA ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। उसके घर में तलाशी के दौरान कुछ सिम कार्ड एवं अन्य सबूत मिले हैं।

सूत्रों का कहना है कि इस हमले को अंजाम देने के लिए विभिन्न स्रोतों से फंडिंग की गई है। NIA पूछताछ के लिए मोहम्मद तलका, मोहम्मद अजरूदीन, मोहम्मद रियाज, फिरोज इस्माइल, मोहम्मद नवाज इस्माइल और अफसर खान को हिरासत में लेगी। तलका 1998 के कोयंबटूर विस्फोट के मास्टरमाइंड एसए बाशा का भतीजा है। जाँच को सही दिशा देने के लिए इन लोगों से पूछताछ महत्वपूर्ण है।

मृतक आतंकी मुबीन सहित सभी संदिग्ध राज्य की खुफिया विभाग द्वारा बनाई गई 96 लोगों की सूची का हिस्सा हैं। इन पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही है। NIA ने साल 2019 में ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में ब्लास्ट के बाद घटना के मास्टरमाइंड जहरान हाशमी से संबंधों को लेकर मुबीन से पूछताछ की थी।

इन आतंकियों के विदेशी संपर्कों की भी गहनता से जाँच की जाएगी। एजेंसी को संदेह है कि फिरोज इस्माइल के विदेशों में संबंध हैं। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मौजूदा मामले से कोई संबंध है या नहीं। बता दें कि ब्लास्ट के बाद मृतक आत्मघाती हमलावर मुबीन के घर से 75 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया था। कहा जा रहा है कि इन विस्फोटकों से 5 जगहों पर हमले करने की तैयारी थी।

बता दें कि 24 अक्टूबर 2022 को तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित कोट्टई ईश्वरम मंदिर के सामने एक कार में ब्लास्ट हुआ था। आशंका है कि दीवाली के दौरान मंदिर को निशाना बनाने की साजिश थी। जमिज़ा मुबीन से 2019 में पुलिस खूँखार आतंकी संगठन ISIS से लिंक्स को लेकर पूछताछ कर चुकी है। मुबीन 25 साल का था और वह इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था।

उसकी गाड़ी में से लोहे की कई कील भी मिली थीं, जिनका इस्तेमाल सड़क पर गाड़ियों को पंक्चर करने में किया जाता है। साथ ही गाड़ी से कई मार्बल पत्थर भी मिले हैं। NIA ने उक्त आतंकी से पूछताछ तो की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

‘कलाई में कलावा और माथे पर तिलक देख कर मुस्लिम भीड़ ने किया हमला’: भरी ट्रैफिक में करते रहे पिटाई, पुलिस से भी हाथापाई, 2 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कलाई में कलावा और माथे पर तिलक देखकर मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला कर दिया गया। दरअसल, लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाइवे पर बाइक और साइकिल की मामूली टक्कर होने के बाद मुस्लिमों की भीड़ ने हिंदू को घेर लिया और जमकर मारपीट की है। मामला सामने आने के बाद बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना पुलिस ने मारपीट करने और धमकी देने के आरोप में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार (27 अक्टूबर, 2022) की शाम शाहजहाँपुर अंतर्गत गुलचंपा निवासी कांता प्रसाद वर्मा बाइक से जा रहे थे। इस दौरान उनकी बाइक की मामूली टक्कर जीशान और जाकिर नामक व्यक्तियों की साइकिल से हो गई। इसके बाद बाइक सवार कांता प्रसाद उन लोगों से माफी माँगने लगे। हालाँकि, इस दौरान मुस्लिमों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया।

पीड़ित कांता प्रसाद वर्मा का आरोप है कि गले में भगवान का लॉकेट, माथे पर टीका और कलाई में कलावा देखकर मुस्लिम हमलावर हो गए। आरोप है कि भीड़ में उपस्थित लोगों ने कहा ‘हिंदू है, जमकर पीटो।’ कांता लगातार माफी माँगते रहे, लेकिन मुस्लिमों ने उनके हिंदू होने के कारण उन्हें जम कर पीटा।

जिस समय मुस्लिमों की भीड़ उन्हें पीट रही थी, उस समय हाइवे पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई थी। लेकिन, मुस्लिमों की भीड़ इतनी उग्र थी कि किसी ने भी उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। हालाँकि, जब बवाल अधिक बढ़ गया तब पुलिसकर्मी प्रभात कुमार बीच-बचाव के उद्देश्य से एक मुस्लिम युवक को लेकर वहाँ पहुँचे। जब उन्होंने भीड़ को शांत कराने की कोशिश की तो मुस्लिमों ने उनसे भी हाथापाई करनी शुरू कर दी। चूँकि, भीड़ ने पुलिस के साथ भी हाथापाई की थी और वहाँ पर लोगों की भीड़ भी अधिक हो चुकी थी, इसलिए वे लोग कांता प्रसाद को वहीं छोड़कर भाग गए।

इस मामले में मुस्लिम भीड़ के हमले का का शिकार हुए कांता प्रसाद का कहना है कि पुलिस के कहने पर उन्हें शिकायती पत्र बदलना पड़ा है। उनका आरोप है कि पुलिस द्वारा कहा गया था कि वह शिकायत पत्र में सांप्रदायिक द्वेष और पुलिसकर्मी के साथ हुई मारपीट का जिक्र न करें।

फिलहाल, इस मामले में जीशान, जाकिर व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धमकी देने व मारपीट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शिकायती पत्र बदलवाने की बात पर सीओ गौरव सिंह का कहना है कि इस बारे में इंस्पेक्टर ही सटीक जवाब दे पाएँगे। गिरफ़्तारी की पुष्टि पुलिस ने भी की है।

महागठबंधन में सब ठीक? नीतीश कुमार ने उपचुनाव से बनाई दूरी, उधर BJP के पक्ष में सड़क पर उतरे चिराग पासवान: भाजपा ने कहा – हार की जिम्मेदारी से भाग रहे CM

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब पाला बदल दे, कहा नहीं जा सकता।इसीलिए, उनके विपक्षी उन्हें ‘पलटूराम’ कह कर भी बुलाते हैं। वह अपना फायदा देख एक बार पहले भी भाजपा को धोखा दे चुके हैं। उनकी इसी ‘पलटू राजनीति’ की वजह से बिहार में कोई भी दल उन पर भरोसा नहीं करता है। अब उन पर फिर से इसी तरह के खेल खेलने के आरोप लग रहे हैं।

बिहार की दो विधानसभा सीटों गोपालगंज और मोकामा में उपचुनाव हो रहे हैं और नीतीश कुमार दोनों जगह रैली करने नहीं गए। दोनों सीटों पर राजद के प्रत्याशी खड़े हैं। मोकामा से पूर्व विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी मैदान में हैं तो गोपालगंज से राजद के मोहन प्रसाद गुप्ता प्रत्याशी हैं। इसी को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाने पर भाजपा ने उन्हें घेरा है। पार्टी का कहना है कि नीतीश कुमार महागठबंधन में रहकर ही आरजेडी को हराने में लगे हैं।

वहीं उपचुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान भाजपा का खुलकर साथ दे रहे हैं और पार्टी के लिए प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश मोकामा से ज्यादा दूर नहीं रहते हैं, मगर चोट का हवाला देकर चुनाव प्रचार से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अपने आप में गठबंधन के लिए बेईमानी है। साथ ही सवाल दागा कि महागठबंधन में ईमानदारी है ही कहाँ?

इससे पहले नीतीश कुमार ने सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) को कहा था कि चिराग पासवान अभी बच्चा हैं। सीएम नीतीश ने कहा था कि चिराग के पिता (रामविलास पासवान) से उनके अच्छे संबंध रहे,हालाँकि बाद में उन्होंने दूसरी शादी कर ली। सीएम के इस बयान पर चिराग ने मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। मोकामा में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में वोट माँगने पहुँचे लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीतीश ने उनके पिता के व्यक्तिगत जीवन को मजाक बनाया। उन्होंने कहा कि ‘बच्चे‘ के बनाए मॉडल से ही जदयू बिहार में तीसरे नंबर की पार्टी बनी है।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने नीतीश कुमार पर हार की जिम्मेदारी से बचने के लिए चुनाव प्रचार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आभास हो गया है कि दोनों जगह राजद उम्मीदवार और महागठबंधन की हार हो रही है, इसलिए वे चुनाव प्रचार के लिए नहीं जा रहे हैं, ताकि हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं लेनी पड़े।

बिहार में मुजफ्फरपुर की कुंढ़नी भी खाली हो चुकी है। इस पर भी राजद के उम्मीदवार होंगे। बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से 240 पर विधायक हैं। सबसे अधिक 78 विधायक राजद के हैं। भाजपा के खाते में 77 तो जदयू के पास 45 विधायक हैं। कॉन्ग्रेस के 19 और वाम दलों के 16 विधायक हैं। चर्चा ये भी है कि तीनों सीट राजद के खाते में आ जाएँगी तो राजद बिना नीतीश कुमार के समर्थन ही सरकार बनाने की स्थित पर विचार कर सकता है और जदयू को तोड़ भी सकता है।

संभवतः नीतीश कुमार के लिए ये स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं होगी और राजद की उनपर निर्भरता खत्म हो जाएगी और पार्टी सरकार में रहते हुए मनमाने फैसले ले सकती है। उपचुनाव से दूरी बनाने का एक कारण यह भी हो सकता है।

नया गाना रिलीज होने के 1 दिन बाद ही अमेरिकी रैपर की हत्या: जहाँ से डाइस खेलते हुए पोस्ट की थी सेल्फी, वहीं पर ‘Takeoff’ को मार दी गोली

अमेरिका के हॉस्टन में ‘Migos’ हिपहॉप ग्रुप के रैपर Takeoff की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। टेक्सास प्रांत के दक्षिण-पूर्वी शहर में हुई इस घटना के बाद रैपर के फैंस में निराशा की लहर है और ट्विटर पर ‘RIP Takeoff’ लिख कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। उनकी उम्र मात्र 28 वर्ष थी। ये घटना तड़के 2:30 बजे हुई है। ‘Bowling’ खेल वाले एक जगह पर उनकी हत्या हुई। Takeoff वहाँ एक अन्य रैपर Quavo के साथ डाइस खेल रहे थे।

बताया जाता है कि इसी बीच विवाद शुरू हो गया और किसी ने उन्हें गोली मार दी। गोली उनके सिर के पास रखी, जिसके बाद उन्हें तुरंत मृत घोषित कर दिया गया। घटनास्थल से सामने आए फुटेज में Quavo को ऑरेंज शर्ट पहने हुए देखा जा सकता है, जबकि जो कुछ अन्य लोगों के साथ Takeoff को घेर कर खड़े थे। इसके बाद Quavo ने मदद के लिए आवाज़ भी लगाई। 2 अन्य लोगों को भी गोली लगी है, जिन्हें प्राइवेट गाड़ियों से अस्पताल ले जाया गया।

Quavo को इस घटना में कोई चोट नहीं आई। इस शूटिंग से कुछ ही देर पहले सोशल मीडिया पर ‘Takeoff’ ने ‘Bowling Alley’ से एक सेल्फी पोस्ट की थी। उससे पहले Quavo ने जन्मदिन मना रहे कारोबारी जैस प्रिंस के साथ ड्राइविंग करते हुए एक वीडियो शेयर किया था। ‘Takeoff’ का असली नाम ‘Kirsnik Khari Ball’ था और वो ‘Migos’ समूह के सबसे युवा सदस्य थे। Quavo उनके चाचा थे, और ‘Offset’ कजन भाई।

2008 में जॉर्जिया में ये सभी एक ग्रुप के रूप में सामने आए थे। इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक हिट गाने दिए। 2013 में आया ‘Versace’ उनका पहला बड़ा हिट गाना था। 2016 में ‘Bad and Boujee’ से उन्होंने लोकप्रियता हासिल की। चाचा-भतीजे ने मिल कर हाल ही में एक ‘Unc & Phew’ प्रोजेक्ट शुरू किया था और सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) को ही उनका नया गाना ‘Messy’आया था। ‘Tkaeoff’ इससे पहले भी विवादों में रहे थे। फ्लाइट और यूनिवर्सिटी विवाद के अलावा उनपर यौन शोषण के आरोप भी लगे थे।

मोरबी पहुँच कर PM मोदी ने घायलों का लिया हालचाल, रेस्क्यू में लगे जवानों से भी की मुलाकात: हाई लेवल मीटिंग में जाँच का दिया आदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने मंगलवार (1 नवंबर, 2022) को गुजरात के मोरबी पहुँचकर अस्पताल में घायल लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। इस दौरान पीएम मोदी ने मोरबी में चल रहे रेस्क्यू अभियान की भी जानकारी ली। गुजरात के मोरबी ब्रिज हादसे में अब तक 141 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल के साथ मोरबी में घटनास्थल का दौरा किया। इस बीच मच्छु नदी में खोज और बचाव अभियान जारी है। इसके अलावा पीएम मोदी ने मोरबी हादसे पर हाई लेवल मीटिंग की है। मीटिंग में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले की एक विस्तृत जाँच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि यह हादसा कैसे हुआ, इसका पता लगाने का प्रयास होना चाहिए। बताया जा रहा है कि गुजरात सरकार ने मोरबी पुल हादसे में जान गँवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो नवंबर को राज्यव्यापी शोक की घोषणा की है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों से मिलने से पहले उन अधिकारियों से मुलाकात की, जिन्होंने कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने पीएम की वह तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह अधिकारियों से ​इस मामले पर बातचीत कर रहे हैं।

बता दें कि इस हादसे में अब तक 141 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही, लगभग 100 लोग घायल हुए हैं। 140 साल पुराने इस पुल में बीते 7 महीनों से रिनोवेशन का काम किया जा रहा था। इसके कारण इस पुल को बंद किया गया था। रिनोवेशन के बाद मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को ही इसे चालू किया गया था। पुल की लंबाई 200 मीटर व चौड़ाई 4-5 मीटर बताई जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस पुल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ‘ओरेवा ग्रुप’ नामक प्राइवेट कंपनी के पास है। इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037, यानी 15 साल के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ एक समझौता किया है। ग्रुप के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने और स्टाफ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी थी। रिनोवेशन के बाद भी इतना बड़ा हादसा होने पर ‘ओरेवा ग्रुप’ पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।

जाम छलकाते बंदर से परेशान रायबरेली के लोग, ठेका खुलते ही ग्राहकों से छीन कर पीता है दारू: वायरल हुआ वीडियो, वन विभाग से माँगी गई मदद

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के रायबरेली से अजीबोगरीब खबर सामने आई है। यहाँ एक बंदर शराबियों के लिए मुसीबत बन गया है। उसे शराब की इतनी बुरी लत है कि ठे​का खुलते ही उसके बाहर खड़ा हो जाता है और लोगों के हाथों से शराब छीनकर उसे पी जाता है। उसकी वजह से ठेके पर शराब खरीदने वालों में काफी दहशत है। सोशल मीडिया पर बंदर का वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। आबकारी अधिकारियों ने ठेके के पास से बंदर को हटाने के लिए वन विभाग से मदद माँगी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला दीनशाह गौरा ब्लाक के अचलगंज का है। यहाँ बियर का एक ठेका है, जहाँ पिछले करीब एक माह से बंदर ने शराब पीने वालों को परेशान कर रखा है। बताया जाता है कि उसे बियर की इतनी बुरी लत है कि वह ठेका खुलते ही दुकान के बाहर बैठ जाता है और वहाँ पर आने-जाने वालों पर अपनी पैनी नजर रखता है। इसके बाद मौका मिलते ही वह उनकी बियर छीनकर उन्हें अपने पीछे दौड़ाता है और फिर कुछ दूरी पर जाकर बियर पी जाता है।

वायरल वीडियो सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) का बताया जा रहा है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि बंदर कैसे बियर पी रहा है और स्थानीय लोग उसका वीडियो बना रहे हैं।

दुकान में काम करने वाले सेल्समैन श्याम सुंदर भी इस बंदर से काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया, “हम इस बंदर से बहुत परेशान हैं। वह न केवल ग्राहकों से शराब छीन लेता है, बल्कि कई बार दुकान के अंदर रखी बोतलों को भी नुकसान पहुँचता है। हम उसे भगाने की कोशिश करते हैं तो वह हमें काटने के लिए दौड़ता है।”

वहीं, इस मामले को लेकर आबकारी अधिकारी रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बंदर ठेके के आसपास रहता है, जिसकी वजह से ठेकेदारों की बिक्री पर भी असर पड़ रहा है। उन्हें इसकी शिकायत मिली है। वन विभाग से मदद माँगी गई है, ताकि बंदर को ठेके के पास से हटाया जा सके।

ट्विटर पर ब्लू टिक के लिए हर महीने देने होंगे कितने रुपए? लेखक ने बकी गाली तो एलन मस्क ने खुद बताया, उधर यूजर्स को लुभाने में लगा Koo

एलन मस्क (Elon Musk) के ट्विटर (Twitter) सँभालने के बाद से ही इसे चलाने के तरीके को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं । सबसे ज्यादा चर्चा ब्लू टिक को लेकर हो रही है, जिसके भुगतान को लेकर तरह तरह की बातें सामने आ रही ह। इससे पहले एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें कहा गया था कि  Twitter पर ब्लू टिक के लिए मस्क 19.99 डॉलर (1651.45 रुपए) चार्ज करेंगे। हालाँकि, अब एक यूजर को दिए जवाब में उन्होंने ब्लू टिक के लिए कम भुगतान किए जाने का इशारा किया है।

दरअसल, लेखक स्टेफेन किंग (Stephen King) ने पेड ब्लू टिक को लेकर गाली तक दे डाली उन्होंने ट्वीट किया, “टिक के लिए 20 डॉलर प्रति महीने? फ** दैट। बल्कि उनलोगों को मुझे पे करना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो मैं प्लेटफॉर्म छोड़ दूँगा।”

हालाँकि, मस्क ने लेखक के ट्वीट का शालीनता से जवाब दिया और पूछा कि 8 डॉलर के बारे में क्या ख्याल है? मस्क ने ट्वीट किया कि हमें किसी तरह बिलों का भुगतान करना होगा, ट्विटर पूरी तरह से विज्ञापनदाताओं के भरोसे नहीं रह सकता। उन्होंने पूछा कि 8 डॉलर (660.90 रुपए) के बारे में क्या ख्याल है? 

हालाँकि, अभी इस पर ज्यादा जानकारी के लिए हमें इंतजार करना होगा। इससे पहले आई न्यूज़ रिपोर्ट्स में बताया गया था कि कंपनी ब्लू टिक जारी रखने के लिए चार्ज लेगी। इसके लिए पहले से ब्लू टिक होल्डर को ‘ट्विटर ब्लू’ का सब्सक्रिप्शन लेना होगा। इसके लिए उन्हें 90 दिन का समय दिया जाएगा।

ट्विटर द्वारा ब्लू टिक के लिए चार्ज किए जाने की रिपोर्ट के बीच देश में तेजी से उभर रहे सोशल मीडिया साइट Koo ने लोगों से ट्विटर छोड़ स्वदेशी साइट पर आने का आग्रह किया है। कू के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने स्पष्ट किया कि कू की अपने उपयोगकर्ताओं से सत्यापन के लिए शुल्क लेने की कोई योजना नहीं है।

दरअसल ‘द वर्ज‘ ने सोमवार (31 अक्टूबर, 2022) को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें कहा गया था कि ट्विटर के मालिक एलन मस्क प्लेटफॉर्म के ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन प्लान को एक अधिक महँगी सुविधा में बदलना चाहते हैं। चर्चा थी कि ट्विटर नए ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन के लिए प्रति माह $ 19.99 (1600 रुपये) चार्ज करने की योजना बना रहा है। कंपनी प्रभावी रूप से एक कार्यक्रम को लागू कर रही है, जहाँ उपयोगकर्ताओं से सत्यापन के लिए शुल्क लिया जाएगा।

पानी की बोतलें बेचीं, होटलों में काम किया: ‘कांतारा’ की सफलता से पहले 18 सालों तक संघर्ष करते रहे ऋषभ शेट्टी, भिखारी तक का निभाया किरदार

देश भर में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाने वाली दक्षिण भारत की फिल्म ‘कांतारा’ (Kantara) के लेखक, निदेशक और अभिनेता ऋषभ शेट्टी (Rishabh Shetty) ने वर्तमान मुकाम को हासिल करने के लिए बेहद कठिन संघर्ष किया। उन्होंने आज लगभग 18 पहले शुरू किए फिल्मी दुनिया के सफर में सर्वाइवल के लिए पानी की बोतलें बेचीं, होटलों में काम किया और अंतत: अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया।

इस फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाई जा सकती है कि यह फिल्म कन्नड़ भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है। ‘कांतारा’ ने एक महीने में वर्ल्डवाइड 250 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है और यह फिल्म लोगों को अभी भी आकर्षित कर रही है।

इस फिल्म को बनाने से पहले ऋषभ शेट्टी का फिल्म इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन नहीं था। वे इंडस्ट्री के लिए बिल्कुल आउटसाइडर थे। उन्होंने लगभग 18 साल स्ट्रगल किया। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद ऋषभ शेट्टी ने एक्टिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा था। एक्टर बनने के अपने सपने को पाने के लिए उन्होंने पानी की बोतलें बेचीं, होटलों में काम किया और कुछ समय तक रियल एस्टेट के फील्ड में भी काम किया।

ऐक्टर बनने के अपने प्रतिभा को निखार देने के लिए ऋषभ ने थिएटर जॉइन कर लिया। उनका पहला प्ले कुंडापुरा में था। समय के साथ ऋषभ शेट्टी नाटकों में काम करने लगे और उनकी एक्टिंग की चर्चा भी होने लगी। अपने खर्च को चलाने के लिए वे छोटे-मोटे काम करते रहे और फिल्मों में फिल्मों के लिए भी ट्राई करते रहे।

कहते हैं कर्म का फल जरूर मिलता है। ऋषभ शेट्टी को भी फिल्मों में एक्टिंग करने का पहला मौका मिला। यह साल था 2004 और फिल्म का नाम Nam Areali Ondina था। फिल्म में उनके रोल और किरदार का कोई नाम नहीं था। फिर भी ऋषभ ने खुशी से इसे स्वीकार किया। इसी तरह उन्होंने कई और भी फिल्मों में छोटे-छोटे किरदार निभाए।

भिखारी जैसे छोटे-मोटे रोल करके थक गए ऋषभ शेट्टी का दर्द एक बार झलक उठा था। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मुझे इंडस्ट्री में आए हुए 18 साल हो गए हैं। साल 2004 में मैंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री जॉइन की थी। मैं एक्टर बनना चाहता था, लेकिन जब फिल्म इंडस्ट्री में आया तो पता चला कि अगर फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है, कोई गॉडफादर नहीं है तो चांस नहीं मिलेगा।”

ऋषभ के मुताबिक, एक बार उन्होंने किसी का इंटरव्यू देखा था, जिससे पता चला कि असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करना बहुत मददगार होता है। इससे लोगों से मिलना-जुलना होता है और संपर्क बनते हैं। इसके बाद छोटे-मोटे किरदारों में ब्रेक मिल जाता है। तब ऋषभ शेट्टी ने पहली फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। फिल्म का नाम ‘सायनाइड’ था। उन्होंने फिल्मों की बारीकियाँ सीखीं।

असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने के बाद साल 2019 में ऋषभ शेट्टी को लीड रोल का मौका मिला। यह फिल्म थी ‘बेल बॉटम’। इसके बाद ऋषभ ने कई और फिल्में कीं, पर सबसे छोटे-मोटे किरदार ही थे। साल 2021 में ऋषभ ने ‘कांतारा’ फिल्म की कहानी पर काम करना शुरू किया। इस फिल्म को उन्होंने खुद डायरेक्ट करने और एक्टिंग करने का फैसला लिया।

‘कांतारा’ की कहानी ऋषभ ने अपने गाँव में की जाने वाली देव कोला और अन्य लोक कथाओं का रेफरेंस लिया था। फिल्म कांतारा कन्नड़ में बनी और बेहद सफल रही। इसकी सफलता को देखकर अन्य भाषाओं में भी इसे रिलीज किया गया। ऋषभ शेट्टी ने इसको लेकर कहा था कि इस फिल्म को उन्होंने सिर्फ रीजनल सिनेमा के लिए बनाया था। इस फिल्म की सफलता ने उन्हें सुपर स्टार बना दिया है।