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2 साल में 60% बढ़ गई न्यूड सेल्फी शेयर करने वाले नाबालिगों की संख्या, शोध में जताई गई चिंता: खुलासा – हर 5 में से 1 किशोर ने शेयर किए अपने न्यूड फोटोज

लॉस एंजिल्स में बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण से बचाने के लिए टूल और प्रोग्राम बनाने वाली प्रौद्योगिकी और गैर-लाभकारी संस्था ‘थॉर्न’ ने एक नया शोध प्रकाशित किया है। इस शोध में पाया गया है कि लगभग 5 में से 1 किशोर ने खुद अपनी न्यूड फोटो साझा की है। यह शोध, बच्चों द्वारा ‘स्व-निर्मित’ यौन सामग्री: 2021 में युवा दृष्टिकोण और अनुभव पर आधारित है। यह नाबालिगों के व्यवहार और स्व-निर्मित बाल यौन शोषण सामग्री (SG-CSAM) से संबंधित यह एकमात्र वार्षिक ट्रैकिंग सर्वेक्षण है।

इसे आमतौर पर शेयरिंग न्यूड या फिर सेक्सटिंग के रूप में जाना जाता है। SG-CSAM (नाबालिगों द्वारा खुद ही अपनी न्यूड तस्वीरें/वीडियो शेयर कर देना) एक जटिल चुनौती है और ये रिसर्च बच्चों के अनुभवों, जोखिमों और हानियों के बारे में पता लगाती है। कुछ तस्वीरें ऐसे बच्चों के बारे में बताती हैं, जिसे मजबूर किया जा रहा था अपनी न्यूड तस्वीरें शेयर करने के लिए। जबकि अन्य ऐसे किशोर के बारे में बताती हैं, जो अपने पार्टनर के साथ न्यूड फोटो शेयर कर रहे हैं, जिन्हें ये भी नहीं पता कि ये तस्वीरें कहाँ से आती हैं।

SG-CSAM के अध्ययन के तहत इसमें शामिल बच्चों के बारे में पता लगाया जाता है, जब उनकी इमेज को वयस्कों द्वारा जबरदस्ती या साथियों के बीच बिना उनकी सहमति के साझा किया जाता है। 2019 के बाद से थॉर्न (Thorn) ने अब यह वार्षिक अध्ययन किया है, जो एसजी-सीएसएएम की चुनौतियों से निपटने के लिए 9 से 17 साल के 1000 से अधिक नाबालिगों के सर्वेक्षण पर आधारित है। यह शोध नाबालिगों के व्यवहार से जुड़े तथ्यों के बारे में है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2019 के बाद से नाबालिगों द्वारा अपनी नग्न तस्वीरें शेयर करने की रिपोर्ट्स में लगातार वृद्धि हुई है। बड़ी संख्या में नाबालिगों ने अपनी नग्न तस्वीरें दूसरों के साथ साझा की हैं। 2021 में, लगभग 6 में से 1 नाबालिग ने खुद अपनी फोटो SG-CSAM को साझा करने की सूचना दी। 2019 के सर्वेक्षण से अब तक 60% से अधिक की वृद्धि हुई है। इसमें पता चला है कि 7 में से 1 बच्चे और 5 में से 1 किशोर ने अपन न्यूड तस्वीरें साझा की हैं।

‘सबके बीवी-बच्चों और घर को जानता हूँ’: Zomato के डिलीवरी एजेंट नदीम ने पुलिस चौकी में लगाई आग, महिला को घूरने से मना करने पर की पत्थरबाजी

देश की राजधानी दिल्ली में जोमैटो के एक डिलीवरी बॉय ने पुलिस पिकेट के आगे अपनी बाइक में आग लगा दी है। नदीम नाम के इस आरोपित ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके है। बताया जा रहा है है कि नदीम एक दिन पहले एक महिला की शिकायत पर खुद को कथित तौर पर पुलिसकर्मी द्वारा मारे गए थप्पड़ का बदला लेने पहुँचा था। पुलिस ने नदीम को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) की है। उसने इस दौरान पत्थरबाजी भी की।

नदीम की करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहा है। इस वीडियो के पहले हिस्से में पुलिस पिकेट के आगे जलती एक बाइक है। वह बाइक नदीम की बताई जा रही है। दूसरे वीडियो में कई पुलिसकर्मी मिल कर नदीम को काबू करने का प्रयास कर रहे हैं। इसी वीडियो में आस-पास के लोग डरेसहमे से नदीम पर हो रही पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते सुनाई दे रहे हैं। उन्हीं लोगों के बीच से ही किसी ने इस वीडियो को बना कर वायरल कर दिया है।

इसी वीडियो के अंतिम हिस्से में पहले नदीम पुलिस वालों से उलझता है। बाद में वो मौके पर जमा लोगों को धमकी देते हुए सबके घर और उनके बीवी बच्चों के बारे में जानने की बात कह रहा है। पुलिस ने जैसे-तैसे नदीम को काबू किया। इस मौके पर पुलिस बैरिकेड गिरी हुई दिख रही है। इसी के साथ एक महिला को फायर ब्रिगेड को फोन करने की भी आवाज आ रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नईम का 33 वर्षीय बेटा मोहम्मद नदीम जोमैटो में खाना डिलीवरी करने का काम करता है। वह दिल्ली के हौजरानी इलाके में मालवीय नगर का रहने वाला बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि एक दिन पहले खान मार्किट में एक महिला ने उसके खिलाफ खुद को घूरने की शिकायत पुलिस पिकेट पर तैनात जवानों से की थी। चूँकि इस घटना की कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई थी, इसलिए पुलिस ने नदीम को डाँट-डपट कर छोड़ दिया था। नदीम का आरोप है कि पुलिस वाले ने उसे थप्पड़ भी मारा था।

बताया जा रहा है कि अगले दिन नदीम पेट्रोल ले कर पुलिस पिकेट पर आया। आरोप है कि उसने पुलिस पिकेट पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क दिया और अपनी भी बाइक को आग लगा दी। इस घटना से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी भी मच गई। पुलिस के जवानों ने नदीम को काबू करने का प्रयास किया पर वो उनसे भिड़ गया। उसकी हरकत को गलत बता रहे लोगों को भी नदीम ने देख लेने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि नदीम की करतूत से पुलिस पिकेट के कुछ कागजात भी जल गए हैं। नदीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सनातन संस्कृति में कुत्तों की भी पूजा, माना जाता है यमराज का दूत और स्वर्ग का द्वारपाल: नेपाल में मनाया जा रहा ‘कुकुर तिहार’, कुत्तों को दिया जाता है ‘उपहार’

कुत्तों को मनुष्यों का सबसे अच्छा और वफादार दोस्त माना जाता है। यही कारण है कि मनुष्यों की बस्तियों के आसपास कुत्ते जरूर पाए जाते हैं। यहाँ तक कि कुत्तों का पालना कई लोगों का शौक भी बन चुका है। हालाँकि, दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जहाँ कुत्तों की पूजा होती है। यह देश है नेपाल, जहाँ हिंदू धनतेरस से लेकर भैया दूज तक 5 दिवसीय ‘तिहार’ नामक त्योहार मनाते हैं। इस त्योहार में ही कुत्तों की भी पूजा की जाती है।

दरअसल, नेपाल में पाँच दिवसीय ‘तिहार’ में ग्रहों की शांति और समृद्धि के लिए पाँच अलग-अलग देवताओं की पूजा की जाती है। इसमें काग (कौआ) तिहार, कुकुर तिहार, गाय तिहार, पर्वत तिहार और भाई टीका मनाया जाता है। इस त्योहार में ‘कुकुर तिहार’ को लेकर ऐसी मान्यता है कि कुत्ते मृत्यु के देवता यमराज के दूत होते हैं। साथ ही कुत्तों को स्वर्ग के द्वार का संरक्षक भी माना जाता है। इसलिए, यमराज को खुश रखने के लिए कुत्तों की पूजा की जाती है।

‘कुकुर तिहार’ की शुरुआत लोगों द्वारा कुत्तों के गले में फूलों की रंगीन मालाएँ डालकर व कुत्तों को सजाकर की जाती है। इसके बाद, कुत्तों के माथे पर तिलक लगाया जाता है जिसे स्थानीय भाषा में पुंड्रा कहते हैं। पुंड्रा, लाल अबीर में दही और चावल के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इसे कुत्तों के माथे में लगाकर उनके प्रति सम्मान और धार्मिक आस्था को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाता है।

यह त्योहार मनाते हुए लोग खुशी के साथ कुत्तों को कई प्रकार का खाना खिलाते हैं। यह मांस, अंडे, मूंगफली इत्यादि से बनाया गया विशेष प्रकार का खाना होता है। इस खाने को कुत्तों को उपहार (गिफ्ट) के रूप में दिया जाता है।

वास्तव में, यह त्योहार दर्शाता है कि हिंदू, प्रकृति के प्रत्येक कण में अपनी आस्था रखते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ‘कुकुर तिहार’ चीन के यूलिन प्रांत में होने वाले ‘डॉग मीट फेस्टिवल’ से पूरी तरह उलट होता है। जहाँ एक ओर चीन में डॉग मीट फेस्टिवल के नाम पर हर हाल करीब 10 हजार कुत्ते चीनियों के ‘स्वाद’ की भेंट चढ़ जाते हैं। वहीं, नेपाल के कुकुर तिहार में कुत्तों की पूजा होती है और उन्हें भोजन कराया जाता है।

डॉग मीट फेस्टिवल की बात करें तो इसमें कुत्तों को ‘मीट’ बनने से पहले कई प्रकार की यातनाएँ झेलनी पड़ती हैं। कुत्तों को पकाने के अलग-अलग तरीकों के अलावा एक तरीका यहाँ सबसे अधिक क्रूर है, इसे ‘प्रेस्ड डॉग’ रेसिपी कहते हैं। जिसमें कुत्तों की ऊपरी चमड़ी निकालकर उसे पीटकर फिर रात भर मैरिनेट (गलाते) करते हैं और फिर पकाते हैं। एक अन्य रेसिपी में कुत्तों को जिंदा ही भून दिया जाता है।

अगर भारत जीत गया तो… पाकिस्तानी अभिनेत्री ने T20 विश्व कप के मैच से पहले दी थी चुनौती, लोगों ने उसके ‘अब्बू’ पर उठाए सवाल

भारतीय खिलाड़ी विराट कोहली की नाबाद 82 रनों की पारी के बदौलत रविवार (23 अक्टूबर, 2022) को भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी। पाकिस्तान को हराने के बाद हर तरफ विराट कोहली के ही चर्चे हैं। इसी बीच पाकिस्तानी अभिनेत्री सेहर शिनवारी सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। दरअसल, उन्होंने भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले भारतीय खिलाड़ियों को चुनौती देते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया था।

उन्होंने 23 अक्टूबर, 2022 को लिखा था कि अगर भारत टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को हरा देता है, तो वह हमेशा के लिए अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट कर देंगी और कभी भी इस प्लेटफॉर्म पर नहीं आएँगी। खैर, पाकिस्तान का भारत पर जीत दर्ज करने का उनका सपना अधूरा ही रह गया। लेकिन उन्होंने दो दिन बाद भी अपना अकाउंट डिलीट नहीं किया है।

फोटो साभार: सेहर शिनवारी का ट्विटर

एक यूजर ने कहा, “आप अपने अकाउंट को डिलीट नहीं कर सकतीं, Fakistan Fake।”


​एक और यूजर ने लिखा, “अभी भी आपका अकाउंट ओपन है। इसे डिलीट करें और यहाँ से जाएँ।” दूसरे यूजर ने लिखा, “अभी तक तुमने अपना अकाउंट डिलीट नहीं किया।”

एक ने लिखा, “एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों आप लोगों पर किसी को भरोसा नहीं करना चाहिए। अभी भी एक्टिव हो।”

टीम इंडिया की जीत के बाद शिनवारी ने एक और ट्वीट किया, “पाकिस्तान ने अपनी बेटी इंडिया को आज दीवाली का तोहफा दिया है।”

यह ट्वीट टीम इंडिया के प्रशंसकों को अच्छा नहीं लगा। देवांश नाम के यूजर ने कहा, “कितने अब्बू हैं? अगर एक अब्बू की हो तो जैसा लिखा है वैसा ही करो।”

इसके बाद पाकिस्तान की हार से बौखलाई सेहर शिनवारी ने सोशल मीडिया पर जहर उगलना शुरू कर दिया। वह अगले दिन यानी सोमवार (24 अक्टूबर ,2022) को एक और ट्वीट करती हैं। इसमें वह लिखती हैं, “वर्तमान में #Delete शब्द भारत में केवल मुझे अपना ट्विटर अकाउंट डिलीट करने के लिए ट्रेंड कर रहा है। इससे पता चलता है कि वे मेरे ट्वीट से कितने डरे हुए हैं।”

बता दें कि सोशल पर टीम इंडिया के प्रशंसक लगातार अभिनेत्री को उनका वादा याद दिलाकर ट्विटर को हमेशा के लिए अलविदा कहने के लिए कह रहे हैं।

‘नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचना यौन अपराध नहीं’: बॉम्बे HC ने आरोपित को रिहा किया, उधर लड़की को ‘आइटम’ कहने पर 1.5 साल की सज़ा

मुंबई की एक पॉक्सो अदालत ने यह कहा है कि किसी लड़की के लिए ‘आइटम’ शब्द का उपयोग करना यौन उत्पीड़न के दायरे में आता है। दरअसल, एक युवक ने किशोरी के बाल खींचकर पूछा था, “क्या आइटम, किधर जा रही हो?” इस केस में हुई सुनवाई को लेकर अदालत ने युवक को यौन उत्पीड़न का दोषी मानते हुए डेढ़ साल की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य मामले में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचने वाले युवक को जमानत दे दी है।

लड़की को ‘आइटम’ कहने पर पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सज़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में 16 साल की एक लड़की जब स्कूल से अपने घर जा रही थी तब आरोपी 25 वर्षीय युवक ने लड़की को ‘आइटम’ कहा था। इस मामले में, पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपित बीते 1 महीने से उसका पीछा कर रहा था।

इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने माना है कि आरोपी युवक ‘यौन उत्पीड़न’ के इरादे से पीड़िता का पीछा कर रहा था। सुनवाई में विशेष न्यायाधीश एसजे अंसारी ने कहा, “ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटने की जरूरत है, क्योंकि महिलाओं को अनुचित व्यवहार से बचाने के लिए ऐसे सड़क छाप रोमियो को सबक सिखाने की जरूरत है।”

आरोपित को अदालत द्वारा यौन उत्पीड़न का दोषी और डेढ़ साल की सजा सुनाए जाने से पहले उसके वकील ने दावा किया था कि पीड़िता के माता-पिता उसके मुवक्किल और पीड़िता की दोस्ती के खिलाफ थे, इसलिए उसे मुवक्किल झूठे मामले में फँसाया जा रहा है। हालाँकि, कोर्ट ने पीड़िता के बयान के आधार पर इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट में ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया है जिससे यह साबित हो सके कि पीड़िता ने किसी कारण से आरोपित के खिलाफ झूठा बयान दिया है।

नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचना यौन उत्पीड़न नहीं: बॉम्बे HC

उधर बॉम्बे हाईकोर्ट ने पाक्सो एक्ट के एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा है कि नाबालिग लड़की को अपनी ओर खींचना यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण (POCSO) एक्ट, 2012 के अंतर्गत यौन उत्पीड़न के दायरे में नहीं आता है। इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस भारती डांगरे ने आरोपित की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उसे रिहा करने का निर्देश दिया। हडपसर पुलिस ने 22 सितंबर, 2021 को आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC), आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

न्यायमूर्ति डांगरे ने आरोपित युवक की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए कहा, “आवेदक को पीड़िता के यह कहने पर कि आरोपित ने उसे अपनी ओर खींचा, लेकिन उसने तुरंत उसे धक्का दे दिया, आरोप का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि, प्रथम दृष्टया यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपित का ऐसा करना यौन उत्पीड़न के दायरे में आएगा।”

दरअसल, पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके पुरुष मित्र ने उसे अपने दो दोस्तों से मिलवाया था, जिसके बाद वह 15 सितंबर 2021 को अपने दोस्त से मिलने गई थी। वहाँ उसके दो अन्य दोस्त भी मौजूद थे। इस दौरान वे चारों (पीड़िता, उसका दोस्त और दोनों लड़के) गणपति पंडाल देखने चले गए। आरोप है कि वहाँ आरोपित ने उसे अपनी ओर खींचा, लेकिन पीड़िता ने उसे तुरंत धक्का दे दिया। सुबह करीब 4 बजे जब वह घर लौटी तो उसे एक वीडियो मिला। जब उसकी माँ ने वीडियो देखा तो उसने शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तीनों लड़कों को गिरफ्तार कर लिया था।

व्हाइट हाउस में हुआ अब तक का सबसे बड़ा दिवाली आयोजन, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा – अब ये अमेरिका की संस्कृति का भी हिस्सा

व्‍हाइट हाउस में अबतक के सबसे बड़े दिवाली समारोह की अमेर‍िका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने मेजबानी की। इस दौरान उनके साथ प्रथम महिला जिल बाइडन और भारतीय मूल की उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस भी मौजूद थीं। बाइडन समेत कमला हैरिस ने यहां भारतवंशियों से मुलाकात की और दिवाली की शुभकामनाएँ दी। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुने जाने को अभूतपूर्व बताया।

200 से अधिक प्रख्यात भारतीय अमेरिकियों ने ईस्ट रूम में स्वागत समारोह में भाग लिया। ईस्ट रूम भारत-अमेरिका संबंधों से संबंधित कुछ ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है, जिसमें परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर और नवंबर 2008 में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा संयुक्त संवाददाता सम्मेलन का आयोजन शामिल है।

जो बाइडन ने कहा, “हम आपकी मेजबानी कर सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह व्हाइट हाउस में अब तक का सबसे बड़ा दिवाली रिसेप्शन है। अब तक के इतिहास में हमारे प्रशासन में सबसे ज्यादा एशियाई अमेरिकी हैं और हम दिवाली को अमेरिका के कल्चर का खुशनुमा हिस्सा बनाने के लिए आपका धन्यवाद करते हैं।”

बाइडन ने भारतीय मूल के ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री चुने जाने को अभूतपूर्व बताया । उन्होंने कहा, “हमें खबर मिली है कि ऋषि सुनक अब यूके के पीएम होंगे। कल मैं किंग चार्ल्स III से मिलने जाने वाले हूँ । यह बहुत ही अच्छा है, एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है और यह काफी मायने रखता है।”

वहीं अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “आज रात हम दुनिया भर में एक अरब से अधिक लोगों के साथ मिलकर दीया जलाएँगे और बुराई पर अच्छाई, अज्ञान पर ज्ञान और अंधेरे पर प्रकाश की जीत का जश्न मनाएँगे ।दिवाली हमें याद दिलाती है कि हम दुनिया में एक दूसरे में और अपने आप में रोशनी देखें। यह हमें यह भी याद दिलाती है कि हमें शांति, न्याय के लिए लड़ना चाहिए।”

कमला हैरिस ने इसके साथ ही दिवाली मनाते हुए ट्वीट भी क‍िया। उन्‍होंने ल‍िखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में जहां भी रोशनी का यह त्योहार लोग मना रहे हैं, उन सभी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएँ!”

अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने एशियाई-अमेरिकी समुदाय के योगदान की तारीफ की और कहा कि इन्होंने आगे का रास्ता रोशन करने में मदद की। जिल बाइडेन ने कहा, “विश्वास, दृढ़ता और प्यार के साथ मैं आभारी हूँ कि आज इन दीयों ने आपको इस घर में मार्गदर्शन किया है। यह घर आप सभी का है। दिवाली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन भगवान राम रावण पर जीत हासिल करने के बाद अयोध्या वापस लौटे थे।”

‘मुझे परेशान किया जा रहा’: मठ में फाँसी से फंदे से लटकता मिला लिंगायत संत का शव, पिछले महीने भी मिला था एक लिंगायत पुजारी का शव

कर्नाटक के रामनगर में एक लिंगायत संत अपने आश्रम में मृत मिले हैं। मृतक का नाम बसवलिंगा स्वामी है, जिनकी उम्र अभी 44 वर्ष थी। उनका शव फाँसी के फंदे से लटकता मिला है। शव के पास से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें ब्लैकमेलिंग की बात कही जा रही है। पुलिस इसे अस्वाभाविक मौत मान कर आत्महत्या के तौर पर देख रही है। यह घटना सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला श्री कंचुगल बंदेमठ का है। यहाँ के प्रधान पुजारी बसवलिंगा स्वामी रविवार रात अपने कमरे में सोने गए। जब अगले दिन उन्होंने काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला तो उनके भक्तों को चिंता हुई। स्वामी को फोन भी मिलाया गया, पर उन्होंने उठाया नहीं। आखिरकार सबने मिल कर दरवाजा तोड़ने का फैसला किया। जब बसवलिंगा स्वामी के कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तब अंदर उनका शव फाँसी के फंदे पर लटक रहा था।

मठ द्वारा ही चलाए जा रहे स्कूल के टीचर रमेश ने आनन-फानन में स्थानीय कुदुर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर शव को अपने कब्ज़े में लिया। कमरे की तलाशी के दौरान 2 पन्ने का सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में मृतक ने खुद को कुछ लोगों द्वारा मानहानि की धमकी दे कर परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। पुलिस उन कारणों का भी पता लगा रही है जिनका बहाना ले कर संत को बदनाम करने की धमकी दी जा रही थी।

बसवलिंगा स्वामी जिस मठ के प्रधान पुजारी थे, वो लगभग 400 साल पुराना है। मृतक बसवलिंगा लगभग 25 वर्षों से इस मठ में पुजारी के तौर पर थे। बताया ये भी जा रहा है कि कुछ लोग स्वामी को उनके पद से हटाना भी चाह रहे थे। उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्हें धमकी देने वालों के नामों का खुलासा पुलिस ने अभी नहीं किया है। गौरतलब है कि पिछले 2 माह में 2 लिंगायत संतों की संदेहास्पद मृत्यु हुई है।

इससे पहले सितम्बर माह में बेलगावी जिले के बैलाहोंगला तालुक के नेगीनाहला गाँव में श्री गुरु मदीवालेश्वर मठ के पुजारी बसवासिद्दालिंगा स्वामी मृत मिले थे।

कर्नाटक में हिन्दू कार्यकर्ता पर हमला, सिर पर वार के बाद हालत गंभीर: ‘बजरंग दल’ के मारे गए कार्यकर्ता हर्ष के परिवार को भी धमकी, BJP-RSS विरोधी नारेबाजी

कर्नाटक के शिवमोगा में ‘बजरंग दल’ के एक कार्यकर्ता पर हमला किए जाने की खबर है। पीड़ित युवक का नाम प्रकाश है, जिसके सिर पर वार किया गया है। हमले में घायल प्रकाश का इलाज अस्पताल में चल रहा है। वहीं पूर्व में हत्या कर दिए गए एक अन्य हिन्दू कार्यकर्ता हर्ष के परिजनों को भी मौत की धमकी दी गई है। इस घटनाओं से जिले में तनाव फ़ैल गया है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दोनों घटनाएँ सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहली घटना में प्रकाश नाम के एक हिन्दू युवक को निशाना बनाया गया। पीड़ित प्रकाश के मुताबिक, लगभग 9 की संख्या में हमलवारों ने अचानक ही उस पर हमला बोल दिया। इन सभी हमलावरों ने चेहरे पर मास्क पहन रखा था। बताया ये भी जा रहा है कि हमलावर भाजपा और संघ के खिलाफ नारे भी लगा रहे थे। हमले के दौरान शोरगुल सुन कर आसपास के लोग जमा होने लगे तो हमलावर भाग निकले। इस दौरान प्रकाश के सिर पर घातक वार किए गए, जिस से उसे चोटें आईं।

प्रकाश को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। घायल प्रकाश का अस्पताल से वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बेड पर लेटे प्रकाश के सिर में पट्टियाँ बँधी हुई दिख रहीं हैं। हमलावरों के पास चाकू और तलवारें बताई जा रहीं हैं।

एक अन्य घटनाक्रम में अज्ञात लोगों द्वारा 20 फरवरी, 2022 को कत्ल किए गए बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष के परिजनों को मौत की धमकी मिलने का आरोप है। बताया जा रहा है कि धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

महसूस नहीं हो रही पहले जैसी मर्दाना ताकत… TMC नेता ने सील करवाई बिरयानी की दुकानें, कहा – इसे खाने से घट रही लोगों की सेक्स पॉवर

भाजपा लगातार आरोप लगा रही है कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में चल रही सरकार मनमाने ढंग से काम कर रही है। वहाँ, कानून व्यवस्था से लेकर बाकी सारी व्यवस्थाएँ अव्यवस्था में बदल चुकी हैं। हाल ही में तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता और कूचबिहार नगरपालिका अध्यक्ष रवींद्र नाथ घोष का नया कारनामा सामने आया है। दरअसल, रवींद्र नाथ घोष ने बिरयानी की दो दुकानों को सील करवा दिया है। उन्होंने इन दुकानों को बंद करवाने के पीछे तर्क दिया है कि बिरयानी खाने से लोगों की मर्दाना ताकत कमजोर हो रही थी। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे रवींद्र नाथ घोष ने इन दुकानों को सील करवाते हुए कहा है कि बीते कई दिनों से ऐसी शिकायतें मिल रहीं थीं कि इन दुकानों की बिरयानी खाने से लोगों की सेक्स ड्राइव में कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि, लोग आरोप लगा रहे हैं कि बिरयानी बनाने में उपयोग किए जाने वाली सामग्री और मसालों के कारण वह पहले जैसी मर्दाना ताकत महसूस नहीं कर पा रहे हैं।

तृणमूल कॉन्ग्रेस नेता रवींद्र नाथ घोष ने कहा है कि इन तमाम शिकायतों के बाद वह यहाँ आए हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के लोग यहाँ बिरयानी बेच रहे थे। उन्होंने दावा किया कि ये दुकानें बिना लाइसेंस के ही चल रहीं थीं, इसलिए उन्हें बंद करवाया गया है।

दुकानदारों ने नहीं दी सफाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, कूचबिहार नगरपालिका अध्यक्ष घोष ने जिन दो दुकानों को सील करवाया है, उनके मालिकों ने इस कार्रवाई का विरोध नहीं किया है। साथ ही लोगों की ‘मर्दाना कमजोरी’ को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी इन दुकानदारों ने कोई सफाई नहीं दी है।  हालाँकि, अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बिरयानी खाने या उसमें पड़ने वाले मसालों से किसी प्रकार की मर्दाना कमजोरी हो रही थी या नहीं। साथ ही, दुकानों के मसालों की भी जाँच नहीं की गई है। 

‘धुआँ हुआ केजरीवाल’: दिल्ली की AAP सरकार के पटाखा प्रतिबंध की लोगों ने उड़ा दी धज्जियाँ, वीडियो शेयर कर कहा – पराली और वाहन प्रदूषण पर दो ज्ञान

देश भर में दिवाली का जश्न जारी है और हिंदुओं के इस प्रमुख त्‍योहार में पटाखा फोड़ने की परंपरा रही है। हालाँकि, गत कई वर्षों से पटाखों पर बैन है ओर इस संबंध में कई याचि‍काएं कोर्ट में यह कहकर खारिज की जाती रहीं हैं क‍ि इससे प्रदूषण में बढ़ोतरी होगी। लेक‍िन, आम जनमानस ने सरकार और कोर्ट का फैसला पूरी तरह मान ल‍िया, ऐसा होता तो बिल्‍कुल भी नहीं दिख रहा। सोशल मीडिया यूजर्स अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए दिल्ली में पटाखे जलाने के वीडियो और तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं।

ट्विटर पर यूजर्स ने हैशटैग #DhuaHuaKejriwal का इस्तेमाल किया और तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। शेयर किए गए विजुअल दिल्ली के लग रहे हैं, लेक‍िन ऑपइंडिया समय की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं कर सका। एक यूजर श्रवण बिश्नोई ने लिखा, “कथित तौर पर दिल्ली आज धमाल मचा रही थी…हर हर महादेव।”

एक अन्य यूजर गौरव ने लिखा, “औरंगजेब के बेटे को अपना साहस दिखाने के लिए दिल्ली का धन्यवाद ।” इसके साथ ही गौरव ने आकाश में आतिशबाजी का एक वीडियो साझा किया।

ट्विटर यूजर मयंक सिंह ने लिखा, ”#CrackerBan my foot अरविंद केजरीवाल, एक दिन दिवाली सेलेब्रेशन के बदले पराली और दिल्ली वाहन प्रदूषण पर अपना ज्ञान दें।” मयंक ने #DhuaHuaKejriwal हैशटैग के साथ पटाखे फोड़ते हुए एक वीडियो ट्वीट किया।

एक यूजर अनुश्री ने पटाखा फोड़ते हुए वीडियो शेयर क‍िया और लिखा, “हैप्‍पी दिवाली। अरविंद केजरीवाल और दोस्तों को समर्पित!”

भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने भी ट्विटर पर केजरीवाल पर तंज कसते हुए लिखा, “अरविंद केजरीवाल कह रहे थे कि फुलझड़ियाँ जलाने पर हिंदुओं के बच्चों को 6 महीने के लिए जेल भेज दिया जाएगा, बच्चों ने धज्जियाँ उड़ा दी केजरीवाल की।”

उल्‍लेखनीय है क‍ि दिल्ली सरकार ने खराब वायु गुणवत्ता का हवाला देते हुए राज्य में सभी प्रकार के पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने 19 अक्टूबर को कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों का निर्माण, भंडारण और बिक्री एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने आगे कहा कि इन गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को 5,000 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल की सजा हो सकती है। यहां तक कि दिवाली पर पटाखे खरीदने और फोड़ने पर 200 रुपये का जुर्माना और छह महीने की जेल हो सकती है।

जहां तक पटाखों से वायु प्रदूषित होने की थ्‍योरी है, दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए केवल एक दिन पटाखा फोड़े जाने को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता। पड़ोसी राज्यों, विशेषकर पंजाब में पराली जलाने की वजह से यह समस्‍या विकराल रूप लेती है। अक्टूबर के मध्य में होने वाली कटाई के बाद पराली जलाने से वायू प्रदूषक कण राष्ट्रीय राजधानी की ओर आ जाते हैं जिससे दिवाली के आसपास वायु की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रदूषित हो जाती है।