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जिन्होंने किया ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’ जैसी फिल्मों का निर्माण, अब वो जमीन पर बदलेंगे तस्वीर: तेलंगाना के इस गाँव को लिया गोद

2021 में कम बजट की दो फिल्मों ने सभी का ध्यान खींचा, जो थीं ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘कार्तिकेय 2’। पहली फिल्म का निर्देशन विवेक अग्निहोत्री ने किया था, जो ब्लॉकबस्टर रही। ये हिंदी भाषा में बनी थी। दूसरी फिल्म का निर्देशन चंदू मोंडेति ने किया था। ये तेलुगु फिल्म सुपरहिट रही। ये फ़िल्में अन्य भाषाओं में डब होकर भी कमाल करती थीं। दोनों फिल्म के निर्माता थे अभिषेक अग्रवाल, जिन्होंने अब एक गाँव को गोद लिया है।

‘अभिषेक ग्रुप’ के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल अब तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के कंडुकुर मंडल स्थित थिम्मापुर गाँव की तस्वीर बदलेंगे। उन्होंने केंद्र सरकार में संस्कृति, पर्यटन और उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास जैसे मंत्रालय संभालने वाले जी किशन रेड्डी की मौजूदगी में रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को एक कार्यक्रम में इस गाँव को गोद लिया। जी किशन रेड्डी तेलंगाना के सिकंदराबाद से ही सांसद हैं। वो अविभाजित आंध्र प्रदेश में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं।

अभिषेक अग्रवाल ने ‘चन्द्रकला फाउंडेशन’ के बैनर तले इस गाँव को गोद लेने का ऐलान किया है। कोरोना काल में दो सालों में इसका ‘सार्थक दिवस’ मनाया गया था, जिसमें ज़रूरतमंदों की मदद की गई। अब इसका तीसरा ‘सार्थक दिवस’ मनाया गया है। ये दिवस दिवंगत चन्द्रकला देवी की जयंती पर मनाया जाता है, जो अभिषेक अग्रवाल की दादी थीं। उन्होंने जीवन भर कई समाजिक कार्य किए थे, इसीलिए इस संस्था के माध्यम से अभिषेक अग्रवाल इस क्रम को जारी रखे हुए हैं।

अभिषेक अग्रवाल अपने चैरिटी कार्यों के लिए भी जाने जाते हैं। 41 वर्षीय फिल्म निर्माता फिल्में अपनी अगली फिल्म ‘टाइगर नागेश्वर राव’ में भी व्यस्त हैं, जिसमें रवि तेजा मुख्य किरदार में होंगे। थिम्मापुर गाँव जी किशन रेड्डी का जन्मस्थान भी है। अभिषेक अग्रवाल अपनी दादी की जयंती और अपने पिता के 60वें जन्मदिवस पर गाँव को गोद ले रहे हैं। हैदराबाद स्थित JRC कन्वेंशन में इससे संबंधित कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यूपी में बिना मान्यता के चल रहे थे 7500 मदरसे, योगी सरकार के सर्वे से खुलासा: मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या 16513

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्म पाल सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में किए गए सर्वे से पता चला है कि राज्य में 7500 से अधिक मदरसे बिना मान्यता के चलाए जा रहे थे। सरकार द्वारा निर्धारित की गई शर्तों को पूरा करने वाले गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को मान्यता देने के लिए यह सर्वेक्षण किया जा रहा है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री धर्मपाल सिंह ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा है कि जितने भी मदरसे गैर-मान्यता प्राप्त पाए गए हैं उनको लेकर अब एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति फैसला करेगी।

गौरतलब है कि सभी जिलाधिकारी आगामी 15 नवंबर तक मदरसों के सर्वे को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपेगें। इसके बाद ही गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

इस मामले में, उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है कि गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को लेकर सटीक संख्या सामने आने में अभी समय लगेगा। हालाँकि, अनुमान के हिसाब से लगभग 7500 ऐसे मदरसे हैं, जिनका सर्वे गुरुवार (27 अक्टूबर, 2022) तक 75 जिलों की टीमों द्वारा किया गया था।

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में 16,513 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं, जिनमें से 560 को शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को वेतन के रूप में सरकारी अनुदान दिया जा रहा था। 560 मदरसों के शिक्षण कर्मचारियों का वेतनमान केंद्र सरकार के स्कूलों के समान है।”

उल्लेखनीय है कि मदरसा आधुनिकीकरण योजनाके तहत 744 मदरसों को शिक्षा मित्र के लिए अनुदान दिया जाता है। साथ ही सभी मान्यता प्राप्त मदरसों के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान किया जाता है।

मदरसों को उचित कक्षाओं, छात्रों के लिए फर्नीचर, पीने का पानी, पंखे, लाइट, शौचालय और अन्य ऐसे ही बुनियादी सुविधाओं व सरकार द्वारा अनिवार्य मानदंडों को पूरा करने के लिए अनुदान दिया जा रहा था। मदरसे शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी दोनों के वेतन के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, गोरखपुर में 150, लखनऊ, आजमगढ़, वाराणसी और मऊ में 100, अलीगढ़ में 90, कानपुर में 85, प्रयागराज में 70 और आगरा में 35 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 सितंबर को घोषणा की थी कि वह राज्य के गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराएगी ताकि शिक्षकों और छात्रों के विवरण, पाठ्यक्रम और किसी भी गैर-सरकारी संगठन से इसकी संबद्धता जैसी जानकारी का पता लगाया जा सके।

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा था कि यह सर्वे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की आवश्यकताओं के अनुसार किया जाएगा। जिसमें, छात्रों को प्रदान की जाने वाली बुनियादी सुविधाओं की जाँच की जाएगी। मंत्री ने आगे कहा था कि इस सर्वे से मदरसे का नाम और इसे चलाने वाली संस्था का नाम, चाहे वह निजी या किराए के भवन में चलाया जाता हो और पीने का पानी, फर्नीचर, बिजली तथा शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में मदद मिलेगी।

‘हवाला के पैसे से गुजरात में चुनाव लड़ रही AAP, दिल्ली-पंजाब से भेजा जा रहा काला धन’: चुनाव से पहले ‘अंगड़िया’ पर फँसी केजरीवाल की पार्टी

गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों की गहमागहमी में राज्य सरकार के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी ने गुजरात में दिल्ली और पंजाब सहित अन्य माध्यमों से हवाला का पैसा गुजरात चुनावों के लिए भेजा है।

बकौल हर्ष संघवी काला धन भेजने के लिए अंगड़िया का भी तरीका प्रयोग में लाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुजरात के गृहमंत्री ने दावा किया कि पार्टी द्वारा चुनावों के लिए भेजे गए काले धन का कुछ हिस्सा बरामद हो चुका है। इसके लिए उन्होंने बारडोली और अहमदाबाद में हुई कार्रवाई का हवाला दिया।

इसी एक साथ उन्होंने कहा कि बारडोली से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने यह बात कबूली भी है कि बरामद काला धन उसे दिल्ली के पार्टी कार्यालय से भेजा गया। उन्होंने अपील भी की है कि आप पार्टी के बड़े नेताओं से बरामद काले धन का सोर्स पूछा जाए।

जानकारी के मुताबिक अंगड़िया लेन-देन की एक पुरानी प्रणाली है। इसे बैंकिंग के समांतर माना जाता है। इस सिस्टम में व्यापारी ‘अंगड़िया’ नाम के एक व्यक्ति के माध्यम से एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में कैश भेजते हैं। इस सिस्टम को अधिकतर ज्वेलर्स कारोबारी प्रयोग करते हैं।

हवाला कनेक्शन का खुलासा

कुछ दिन पहले गुजरात के सूरत में 20 लाख रुपए की लूट का मामला प्रकाश में आया था। लुटेरों ने सौरभ पराशर नाम के शख्स की गाड़ी से यह रुपए चुराए थे। लेकिन एक आदिल मेमन नाम के शख्स ने उन लुटेरों को सही समय पर पकड़कर सारा पैसा पुलिस को दे दिया। पुलिस ने जाँच की तो पता चला कि सौरभ पराशर बड़दोली विधानसभा के AAP प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी का ड्राइवर है।

हालाँकि सोलंकी से पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि सौरभ उनका ड्राइवर नहीं है बल्कि दूसरे राज्य का AAP कार्यकर्ता है। पुलिस ने आगे छानबीन की तो पता चला कि आम आदमी पार्टी ने 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए 30 लोग बाहर से हायर किए थे ताकि वो पार्टी का खर्चा उठाने के लिए हवाला लेन-देन कर सकें। सौरभ उन्हीं में से एक था।

इसी साल के अंत में हैं चुनाव

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा की 182 सीटों के लिए इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पहले के चुनावों में भाजपा और कॉन्ग्रेस की सीधी टक्कर हुआ करती थी लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने भी इन चुनावों में ताल ठोंकी है। पिछले 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 99 सीटें जीत कर सरकार बनाई थी। दूसरे नंबर पर रही कॉन्ग्रेस को 77 सीटों पर जीत मिली थी।

‘छठ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का उदाहरण, विदेशों में भी मनाया जा रहा पर्व’: बोले PM मोदी – सूर्य उपासना समझाता है उनके प्रकाश का महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (30 अक्टूबर, 2022) को ‘मन की बात’ के 94वें संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज देश के कई हिस्सों में सूर्य उपासना का महापर्व छठ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ पर्व का हिस्सा बनने के लिए लाखों श्रद्धालु अपने गाँव, अपने घर, अपने परिवार के बीच पहुँचे हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि छठी मैया सबकी समृद्धि, सबके कल्याण का आशीर्वाद दें। बता दें कि रविवार को छठ के संध्या अर्घ्य का दिन है।

पीएम मोदी ने कहा कि सूर्य उपासना की परंपरा इस बात का प्रमाण है कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था का, प्रकृति से कितना गहरा जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि इस पूजा के जरिए हमारे जीवन में सूर्य के प्रकाश का महत्व समझाया गया है, और साथ ही ये सन्देश भी दिया गया है कि उतार-चढ़ाव, जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने ये भी कहा कि छठ का पर्व ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का भी उदाहरण है। पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि कैसे आज बिहार और पूर्वांचल के लोग देश के जिस भी कोने में हैं, वहां धूमधाम से छठ का आयोजन हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली, मुंबई समेत महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों और गुजरात के कई हिस्सों में छठ का बड़े पैमाने पर आयोजन होने लगा है। बकौल पीएम मोदी, पहले गुजरात में उतनी छठ पूजा नहीं होती थी, लेकिन समय के साथ आज करीब-करीब पूरे गुजरात में छठ पूजा के रंग नजर आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि ये देखकर उन्हें भी बहुत खुशी होती है। पीएम ने बताया कि कैसे आजकल हम देखते हैं, विदेशों से भी छठ पूजा की कितनी भव्य तस्वीरें आती हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “सूर्य देव का ये वरदान है – ‘सौर ऊर्जा’। Solar Energy आज एक ऐसा विषय है, जिसमें पूरी दुनिया अपना भविष्य देख रही है और भारत के लिए तो सूर्य देव सदियों से उपासना ही नहीं, जीवन पद्धति के भी केंद्र में रह रहे हैं। भारत, आज अपने पारंपरिक अनुभवों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ रहा है, तभी, आज हम, सौर ऊर्जा से बिजली बनाने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल हो गए हैं। सौर ऊर्जा से कैसे हमारे देश के गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव आ रहा है, वो भी अध्ययन का विषय है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि आपने कुछ दिन पहले, देश के पहले सूर्य ग्राम- गुजरात के मोढेरा की खूब चर्चा सुनी होगी। उन्होंने जानकारी दी कि मोढेरा सूर्य ग्राम के ज्यादातर घर, सोलर पावर से बिजली पैदा करने लगे हैं और अब वहाँ के कई घरों में महीने के आखिर में बिजली का बिल नहीं आ रहा, बल्कि, बिजली से कमाई का चेक आ रहा है। उन्होंने बताया कि हमारा देश, Solar Sector के साथ ही अंतरिक्ष सेक्टर में भी कमाल कर रहा है। पूरी दुनिया, आज भारत की उपलब्धियाँ देखकर हैरान है।”

पीएम मोदी ने कहा, “भारत ने एक साथ 36 Satellites को अंतरिक्ष में स्थापित किया है। दीपावली से ठीक एक दिन पहले मिली ये सफलता एक प्रकार से ये हमारे युवाओं की तरफ से देश को एक स्पेशल दिवाली गिफ्ट है। मुझे वो पुराना समय भी याद आ रहा है, जब भारत को Cryogenic Rocket Technology देने से मना कर दिया गया था। लेकिन भारत के वैज्ञानिकों ने ना सिर्फ स्वदेशी तकनीक विकसित की बल्कि आज इसकी मदद से एक साथ दर्जनों सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेज रहा है।”

जावेद-राशिद के निकाह में रसगुल्ले पर दंगा: आरिफ ने सनी के सीने में चमचा घोंपा, 1 की मौत, 35 घायल; Video

उत्तर प्रदेश के आगरा में एक निकाह के दौरान रसगुल्ले के लिए बारातियों और घरातियों के बीच हिंसा होने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में एक व्यक्ति की हत्या हो गई है और 35 के करीब अन्य लोग घायल हो गए हैं। मृतक का नाम सनी है। पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है और बाकियों की तलाश की जा रही है। हिंसा के बाद बारात बिना दुल्हन लौटी है। घटना 26-27 अक्टूबर 2022 रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला एत्मादपुर थानाक्षेत्र के मोहल्ला शेखान का है। यहाँ के उस्मान कुरैशी ने अपनी 2 बेटियों जैनब और शाज़िया का निकाह एक ही साथ विनायक भवन नाम के शादीघर में रखा था। यहाँ पर आगरा के ही खंदौली इलाके से बरात आई थी। दूल्हों के नाम जावेद और राशिद थे। निकाह की रस्म शुरू होने से पहले नाश्ते का दौर चला जिसमें एक बाराती ने घराती से रसगुल्ला माँगा। इस दौरान रसगुल्ला प्लेट के बजाए जमीन पर गिर पड़ा। बतया जा रहा है कि बाद में रसगुल्ला दे रहे व्यक्ति ने बारातियों से लाईन में लग कर एक-एक कर के आने को कहा। इसी बात पर बाराती शाहरुख़ घराती से भिड़ गया।

कुछ ही देर की बाताकानी के बाद दोनों पक्षों से लोग जमा हो गए। बाद में माहौल हिंसक हो उठा तब दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर हमला बोल दिया। हमले में लाठी-डंडों का प्रयोग किया गया। बारात में मौजूद कुर्सियाँ और मेज एक-दूसरे पर फेंकी गईं। खाना बनाने में प्रयोग होने वाले चम्मच और कलछी को भी हथियार के तौर पर प्रयोग किया गया। कुछ ही देर में दूल्हा पक्ष के रसगुल्ले की माँग करने वाले शाहरुख़ समेत सनी, सानू, नाजिम, शाहिद और लाला घायल हो गए। इसमें सबसे ज्यादा चोट सनी को आई थी जिसे अस्पताल भेजा गया जहाँ उसने दम तोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक मृतक सनी दूल्हों का भतीजा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर उपद्रव को शांत किया। मृतक पक्ष से तहरीर ली गई जिसमें घराती पक्ष के 9 हमलावरों को नामजद करते हुए कई अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया।

पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज करते हुए घटना के मुख्य आरोपित आरिफ़ उर्फ़ टिल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। उसे सतोली पुलिया के पास तब पकड़ा गया जब वो भागने की फिराक में था। आरिफ ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसके बेटे को पाइप से पीटा गया था जिसका बदला उसने सनी को चमचा मार कर लिया। चमचे के वार से सनी के दिल में छेद हो गया जो उसकी मौत की वजह बना।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लोगों को एक दूसरे से दूल्हा-दुल्हन के स्टेज के आगे भी मैदान में भिड़ते देखा जा सकता है।

बताया जा रहा है कि इस विवाद के बाद निकाह को रोक दिया गया। बारात भी खाली लौट गई। दोनों दुल्हनों के अब्बा बेटियों के निकाह के लिए दूसरे लड़कों की तलाश करना शुरू कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि दुल्हनों के दोनों दूल्हों पर दहेज़ में कार भी माँगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में एक गिरफ्तारी की पुष्टि के साथ वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान करने की और उसी अनुसार कार्रवाई करने की जानकारी दी है।

इराक में नई सरकार बनने के 2 दिन बाद राजधानी में धमाका: 10 की मौत, 20 घायल, अफरा-तफरी मची

इराक के पूर्वी बगदाद इलाके में शनिवार (29 अक्टूबर 2022) रात को फुटबॉल स्टेडियम और कैफे के नजदीक ब्लास्ट हुआ। घटना में 10 लोगों की मौत होने की खबर हैं। वहीं 20 से ज्यादा लोगों के घायल बताए जा रहे हैं।

विस्फोट के बाद की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें लोगों को इधर-उधर भागते देखा जा सकता है। कथिततौर पर एक गाड़ी में विस्फोट फटने से ऐसा हुआ। इसके बाद फुटबॉल मैदान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं उसमें खेल रहे लोग भी घायल हो गए।

सेना ने अपने बयान में बताया है कि पूर्वी बगदाद के गैरेज में रखे गैस टैंकर के फटने से मौतें हुईं। बाकी आगे मामले की जाँच की जा रही है। ब्लास्ट में आवासीय भवनों और फुटबॉल मैदान को भी नुकसान पहुँचा है।

उल्लेखनीय है कि इराक में यह घटना नई सरकार के गठन के 2 दिन बाद घटी है। इराकी संसद ने गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल को अपनी मंजूरी दी थी।

उससे पहले इराक में 2 माह पहले अराजकता का माहौल था। लोग एक प्रभावशाली मौलवी मुक्तदा अल-सदर (Al-Sadar) के इस्तीफे के बाद भड़क उठे थे। राजधानी बगदाद (Baghdad) में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया गया था। देखते ही देखते भारी हिंसा भड़की थी। 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

पहले पिलाई चाय, फिर बेहोश करके प्राइवेट पार्ट काट दिया: शामली के टेलर शहजाद ने दर्द से कराहते हुए 2 किन्नरों पर लगाया आरोप, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक युवक ने किन्नरों पर अपना प्राइवेट पार्ट काट देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का नाम शहज़ाद है जो शादीशुदा और बाल-बच्चेदार है। शहज़ाद का आरोप है कि उसकी जान पहचान किन्नरों से थी जिनके घर वो आता-जाता था। पुलिस ने 2 नामजद किन्नरों सहित 4 अज्ञात आरोपितों पर केस दर्ज कर लिया है। घटना बुधवार (26 अक्टूबर 2022) की है।

शहज़ाद ने अगले दिन 27 अक्टूबर 2022 को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। वह थानाभवन पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गाँव सोंटा रसूलपुर का रहने वाला है। अपनी शिकायत में उसने किन्नर पिंकी और रेशमा को नामजद किया है। पिंकी का असली नाम ज़ब्बार और रेशमा का असली नाम कालू बताया जा रहा है। 4 अन्य आरोपित अज्ञात है। अपनी शिकायत में शहज़ाद ने बताया कि वह टेलर (दर्जी) का काम कर के अपना परिवार चलाता था। पीड़ित के परिवार में पत्नी के अलावा 3 बच्चे भी हैं जिसमें 1 बेटा और 2 बेटियाँ शामिल हैं।

शिकायत में शहज़ाद ने बताया कि उसकी जान पहचान आरोपित किन्नरों से थी। वो उनके घर आया-जाया करता था। दी गई शिकायत के अनुसार घटना के दिन आरोपित किन्नरों ने शहज़ाद को शामली में कपड़े खरीदने के बहाने अपने साथ गाड़ी में बिठा लिया। आरोप है कि आरोपितों ने रास्ते में चाय के बहाने शहज़ाद को नशीला पदार्थ पिला दिया जिस से वो बेसुध हो गया। शहज़ाद का कहना है कि इसी हालत में उसका गुप्तांग काट दिया गया। बाद में उसे दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर मौजूद किसी जगह ले जाया गया।

पीड़ित के अनुसार प्राइवेट पार्ट काट कर आरोपितों ने उसे दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर कहीं फेंक दिया। बाद में होश आने पर उसने खुद को थानाभवन सुगर मिल के आस-पास पाया। शहज़ाद ने पुलिस में शिकायत देते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 328 व 326 के तहत FIR दर्ज कर ली है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। एक वीडियो जारी कर के भी शहज़ाद ने इंसाफ की माँग की है।

151 की मौत, 150 घायल: दक्षिण कोरिया की हैलोवीन पार्टी में जुटे थे 1 लाख लोग, अचानक भगदड़ मची, कइयों को हार्ट-अटैक आया

दक्षिण कोरिया (South Korea) में हैलोवीन (Halloween) पार्टी के दौरान मची भगदड़ में लगभग 151 लोगों के मौत की खबर आ रही है। यह घटना तब हुई जब भीड़ एक तंग गली से गुजर रही थी। इसी भगदड़ में लगभग डेढ़ सौ लोग घायल भी हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। राहत व बचाव कार्यों में लगे कोरियाई प्रशासन को अभी मृतकों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है। घटना शनिवार (29 अक्टूवर 2022) की बताई जा रही है। भारत के विदेश मंत्री ने इस हादसे पर दुःख जताया है।

घटना दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल (Seoul) के इटावन क्षेत्र की है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में गलियों में बेसुध पड़े लोग दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा वहाँ अफरातफरी के माहौल के साथ प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों की जान बचाने का प्रयास करते हुए भी देखा जा सकता है। बैकग्राउंड में तेज आवाज में म्यूजिक चल रहा है जो सम्भवतः हैलोवीन कार्यक्रम के दौरान बजाया जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरियाई समय के रात लगभग 10 बजकर 20 मिनट पर भीड़ बढ़ने के चलते यह भगदड़ मची। गलियाँ तंग होने के चलते पुलिस को बचाव कार्यों में समस्या आई। आगे भगदड़ होने के बाद भी पीछे से भीड़ बढ़ती आ रही थी जिसके चलते स्थिति और विकट हुई। भीड़ में कई लोगों ने हैलोवीन की पोशाक पहन रखी थी। मृतकों और घायलों की पहचान कराने के प्रयास चल रहे हैं। भीड़ में अधिकतर युवा शामिल थे जिनकी उम्र 20 वर्ष के आस-पास बताई जा रही है।

2 वर्षों के बाद कोविड के प्रतिबंध हटने के बाद यह दक्षिण कोरिया का पहला बड़ा सामूहिक कार्यक्रम था। मौत की वजहों में दम घुटना और हार्ट अटैक जैसी वजहें सामने आना बताई जा रहीं हैं। माना जा रहा है कि हादसे के दौरान भीड़ में लगभग 1 लाख लोग मौजूद थे।

राष्ट्रपति यूं सुक-योल ने एक एमरजेंसी मीटिंग बुलाई और राहत व बचाव कार्यों की समीक्षा की। स्थानीय पुलिस का कहना है कि वह घटना के कारणों की जाँच कर रही है। देश भर से 400 एमरजेंसी वर्कसर बुलाए गए हैं। 140 वाहन की मदद से पीड़ितों को संभव इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया जा रहा हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ अस्पताल जा पा रहे हैं और कुछ बीच में ही दम तोड़ रहे हैं।

भारत ने हादसे पर जताया दुःख

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस हादसे पर दुःख जताया है। 30 अक्टूबर 2022 को किए गए ट्वीट में उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए संवेदना प्रकट की है। इसी के साथ उन्होंने दुःख की इस घड़ी में भारत के कोरिया के साथ मजबूती से खड़े रहने का आश्वासन दिया है।

लखनऊ स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की टिकट अब 50 रुपए? : मोहम्मद जुबैर का झूठ फिर आया सामने, सिर्फ त्योहारों पर भीड़ रोकने के लिए बढ़े हैं दाम

केंद्र की मोदी सरकार और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को बदनाम करने में प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्टन्यूज का फैक्टचेकर मोहम्मद जुबैर कभी पीछे नहीं रहता। हाल में उसने अपने ट्विटर पर एक लखनऊ प्लेटफॉर्म टिकट की फोटो शेयर की है और दिखाया है कि लखनऊ जंक्शन पर प्लेटफॉर्म टिकट के नाम पर आपसे 100-100 रुपए वसूला जा रहा है।

वैसे इस फोटो को गौतम त्रिवेदी नाम के व्यक्ति द्वारा साझा किया गया था। उनके ट्वीट में लिखा था- लखनऊ जंक्शन की प्लेटफॉर्म टिकट। इसी ट्वीट को रीट्वीट करते हुए जुबैर ने लिखा- मुस्कुराइए आप लखनऊ में है।

जाहिर है जुबैर का ये तंज केवल प्लेटफॉर्म टिकट को लेकर नहीं था। वह टिकट पर छपा प्राइज दिखाना चाह रहा था। जिसमें 26 अक्टूबर 2022 को 2 लोगों के लिए खरीदी गई प्लेटफॉर्म टिकट 100 रुपए ली गई थी।

मोहम्मद जुबैर के झूठ का असर

इस ट्वीट के बाद कुछ लोग जुबैर की बात को ये कहकर योगी समर्थकों पर निशाना साधने लगे। शादाब ने लिखा, “क्यों मुस्कुराएँगे, देशहित में दाम बढ़े हैं, युवाओं में तो खुशियों की लहर होनी चाहिए, क्योंकि अभी हाल के दिनों में उन्होंने एग्जाम देने के लिए रेल का बहुत आनंद लिया है।”

मोहम्मद शफीक ने लिखा, “मुस्कुराइए आप नए भारत में जी रहे हैं। जहाँ प्लेटफॉर्म टिकट 10 रुपए से तरक्की करके 50 रुपए मिलने लगा है। मोदी जी की अगुवाई में देश में विकास की नहरें बह रही हैं।”

जुबैर का झूठ आया सामने

दिलचस्प बात ये है कि जुबैर के हर ट्वीट पर जहाँ मोदी विरोधी उसे फैक्ट देखे बिना समर्थन देने लग जाते हैं, वहीं सामान्य जन अब ये बात जान चुका है कि जुबैर की बातों पर बिना तथ्य देखे भरोसा नहीं करना। यही वजह है कि लोग फौरन उसका झूठ पकड़ लेते हैं।

इस बार भी ऐसा ही हुआ। जुबैर कुछ लोगों को बरगलाने में सफल रहा। लेकिन कुछ लोग उन्हें तुरंत बताने लगे कि ये 50 रुपए टिकट कोई हमेशा के लिए नहीं की गई। ये अस्थाई है। द हॉक आई ने लिखा प्लेटफॉर्म टिकट के दाम 30 से 50 रुपए  सिर्फ 26 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच बढ़े हैं ताकि दीवाली और छठ पूजा के मौके पर भीड़-भाड़ को रोका जा सके।

इसी तरह एक यूजर ने जुबैर से पूछा- हमेशा प्लेटफॉर्म पर ही रहते हो क्या मियाँ? एक ने कहा, “अगर योगी आदित्यनाथ ने ये ट्वीट देखा तो तुम जिंदगी भर दूसरों से पूछोगे कि मुस्कुराहट क्या होती है।”

26 अक्टूबर से 6 नवंबर तक बढ़ाए गए प्राइज

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में 26 अक्टूबर को मीडिया में खबरें भी प्रकाशित हुई थीं। इसमें बताया गया था कि लखनऊ डिविजन में आने वाले 14 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट 30 से 50 रुपए कर दी गई है। ऐसा 6 नवंबर तक रहेगा ताकि यात्री बिन भीड़ भाड़ के स्टेशन पर पहुँच सकें। इससे पहले 2 अक्टूबर को प्लेटफॉर्म टिकट का प्राइज 20 से 30 रुपए किया गया था।

जेल पर बाहर है मोहम्मद जुबैर

बता दें कि मोहम्मद जुबैर इस वक्त बेल पर जेल से निकला हुआ है। इसी वर्ष जून में उसे उसके पुराने ट्वीट के कारण गिरफ्तार किया गया था। उसके ऊपर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप थ। इसके बाद जुलाई में उसकी बेल हुई। 20 जुलाई को 20 हजार रुपए के बेल बॉन्ड पर रिहा किया था। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने उसे जमानत देने का अपना फैसला सुनाया था।

‘टीवी नेटवर्क के बाद अब सोशल मीडिया पर कब्ज़ा करेगी मोदी सरकार’: नए IT नियमों पर कपिल सिब्बल का फर्जी दावा, हो गया फैक्ट-चेक

केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) के संशोधित आईटी नियमों को लेकर किए गए दावों को ‘फर्जी’ करार दिया है। विवादित बयानों के लिए मशहूर कपिल सिब्बल ने शनिवार (29 अक्टूबर, 2022) को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि नए आईटी नियमों के तहत सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।

दरअसल, कॉन्ग्रेस सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहे कपिल सिब्बल ने संशोधित आईटी नियमों के लिए केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि पहले मोदी सरकार ने टीवी नेटवर्क पर कब्जा कर लिया और अब वो सोशल मीडिया पर कब्जा करने वाले हैं।

उन्होंने यह भी कहा था, “हम एक आचार संहिता, एक राजनीतिक दल, एक शासन प्रणाली और किसी के भी प्रति जवाबदेह नहीं होने की ओर बढ़ रहे हैं।” उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि सोशल मीडिया सरकार के लिए सुरक्षित और दूसरों के लिए असुरक्षित रहे, यही मोदी सरकार की नीति है। आम नागरिकों के लिए एकमात्र मंच सोशल मीडिया बचा था। लेकिन, अब यहाँ भी अपमान जनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा चलेगा।

कपिल सिब्बल के इस बयान पर पीआईबी ने कहा है कि पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा किया गया यह दावा पूरी तरह से निराधार है। आईटी नियमों में अभी किसी भी प्रकार का ऐसा संशोधन नहीं किया गया है, जिसमें अपमानजनक टिप्पणी करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान हो।

नए आईटी नियमों की बात करें तो केंद्र सरकार ने कहा है कि अब सभी विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारतीय नियमों का पालन करना होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब एल्गोरिथ्म की आड़ में मनमानी नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा यूजर्स को शिकायत के लिए एक व्यवस्था प्रदान की जाएगी। अभी तक यह नियम था कि अगर किसी सोशल मीडिया यूजर का कंटेंट या अकाउंट ब्लॉक हुआ तो वह यूजर कहीं अपील नहीं कर सकता था। लेकिन अब इन कंपनियों को एक यूजर की शिकायत के लिए समिति बनानी होगी। इस समिति में सोशल मीडिया यूजर्स अपना पक्ष रख सकेंगे।

नए नियम के अनुसार, सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों के अंदर शिकायत की अपील के लिए पैनल बनाना होगा। साथ ही संवेदनशील कंटेंट पर 24 घंटे में एक्शन लेना होगा और किसी अन्य शिकायत पर 15 दिनों के अंदर एक्शन लेना होगा, जिससे आपत्तिजनक कंटेंट वायरल नहीं हो सके।