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दुनिया का ‘सबसे गंदा आदमी’ थे 94 साल के हाजी, 60 साल बाद जबर्दस्ती नहलाया; बीमार पड़ा और हो गई मौत: सड़ा हुआ मांस खाते, पीते थे गंदा पानी

ईरान के अमौ हाजी (Amou Haji) का निधन हो गया है। उनकी पहचान दुनिया के सबसे गंदे आदमी के तौर पर थी। रिपोर्टों के अनुसार 60 साल बाद नहाने की वजह से वे बीमार हो गए थे। इसके कारण उनकी मौत हो गई है।

हाजी दक्षिणी ईरान के डेगाह गाँव में रहते थे। उनका निधन रविवार (23 अक्टूबर 2022) को गाँव डेगाह में ही हुआ। बताया जा रहा है कि हाजी बीमार होने के डर से स्नान नहीं करते थे। उनका मानना था कि साबुन और पानी का इस्तेमाल से उन्हें गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। पिछले दिनों उनकी कई तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुईं थी। तब ग्रामीणों ने उन्हें जबर्दस्ती नहलाया था। इसके कुछ दिनों बाद ही उनकी मौत की खबर आई है।

एक गड्ढे में बनी ईंट की झोपड़ी में हाजी अकले रहते थे। कई सालों तक नहीं नहाने के कारण उनकी त्वचा का रंग काला पड़ गया था। कथित तौर वे खाने में सड़ा हुआ मांस लेते थे। गंदा पानी पीते थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार हाजी की इस सनक के लिए युवावस्था में उन्हें लगे कुछ सदमे जिम्मेदार थे। वे जीवन भर इन सदमों से उबर नहीं पाए थे। 2014 में तेहरान टाइम्स ने बताया था कि हाजी ताजा भोजन करने की बजाए सड़क किनारे मरने वाले जानवरों को खाते हैं। जानवरों के मल से भरे पाइप से धूम्रपान करते हैं।

2013 में अमौ हाजी के जीवन पर आधारित एक शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द स्ट्रेंज लाइफ ऑफ अमौ हाजी’ भी बनाई गई थी। उनके निधन से कुछ महीने पहले, गाँव के लोगों ने बताया था कि Amou Haji न नहाने का बहाना ढूँढता था। बाद में वह बिना नहाए रहने लगे। कुछ महीने पहले गाँव के लोगों ने उन्हें जबरन नहलाया था। तभी से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी शुरू हो गई थी।

‘किसी भी कट्टर हिन्दू को शमशाबाद में नहीं रहने दिया जाएगा’: फेसबुक पोस्ट पर भीड़ ने घेरा, मारपीट-गाली गलौच-जान से मारने की धमकी

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में हिंदू युवकों पर कट्टरपंथी भीड़ के हमले की खबर है। बताया जाता है कि मोहित चौहान ने एक फेसबुक पोस्ट में खुद को ‘कट्टर हिंदू’ लिखा था। इससे नाराज भीड़ ने उसे और उसके साथियों पर हमला कर दिया।

मोहित ने इस संबंध में मामला दर्ज कराते हुए बताया है कि मंगलवार (25 अक्टूबर 2022) को 40-45 लोगों की भीड़ ने उस पर हमला किया। उसने बिलाल अली, सरताज, रेहान, आमिर, नूर मोहम्मद को नामजद किया है। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

मामला फर्रुखाबाद जिले के शमशाबाद थाना क्षेत्र का है। मोहित ने अपनी शिकायत में बताया है कि घटना के दिन शाम के करीब 5:15 पर वह अपने कुछ दोस्तों के साथ डोसा खाने गया था। इसी दौरान 40-45 लोग वहाँ पहुँच गए और मोहित तथा उसके दोस्तों से गाली—गलौज करने लगे। आरोप है कि हमलावरों ने मोहित से कट्टर हिंदू लिखी अपनी पोस्ट हटाने को कहा। साथ ही कहा कि किसी भी कट्टर ​हिंदू को शमशाबाद में नहीं रहने दिया जाएगा।

मोहित ने अपनी शिकायत में बताया है कि गालियों का विरोध करने पर हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी। भीड़ का शिकार बने मोहित के साथियों की पहचान की अर्श, आर्यन और अक्षय के तौर पर सामने आई है। शिकायत के मुताबिक हमलावर चारों को पीटते हुए रेस्टोरेंट से दलवीर खां मोहल्ले तक ले गए।

डेविल ग्रुप 302 के सदस्य

शिकायत के अनुसार हमलावर भीड़ इंस्टाग्राम पर सक्रिय समूह डेविल ग्रुप 302 से जुड़े हैं। ये लोग सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के साथ फोटो डालते हैं। आपत्तिजनक पोस्ट करते हैं। पुलिस ने 7 नामजद आरोपितों के साथ 40-45 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह केस IPC की धारा 147, 323, 504, 506 के तहत दर्ज हुई है। इस संबंध में पुलिस को दी गई शिकायत की कॉपी ऑपइंडिया के पास मौजूद है।

इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें भीड़ दिखाई दे रही है। मोहित ने भी वीडियो जारी कर घटना के बारे में बताया। फर्रुखाबाद (फतेहगढ़) पुलिस के अनुसार मामले में जाँच जारी है। आरोपितों में ज्यादातर के नाबालिग होने की बात कही गई है।

मोहित पर हमले से नाराज हिंदूवादी संगठनों ने थाने पर प्रदर्शन किया। आरोपितों पर कार्रवाई की माँग की। पुलिस के मुताबिक हालात नियंत्रण में और सामान्य हैं।

अकेले दिवाली के दिन पंजाब में पराली जलाने की 1019 घटनाएँ, प्रदूषण के असली कारण पर चुप हैं CM केजरीवाल: राज्य में अब तक 5617 जगहों पर जली पराली

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल ने आदेश जारी कर दीवाली में पटाखे फोड़ने पर रोक लगा दी थी। साथ ही कहा था कि पटाखे फोड़ने वालों को 200 रुपए का जुर्माना और 6 माह तक की सजा हो सकती है। हालाँकि, कई हिंदू संगठनों से लेकर भाजपा ने भी केजरीवाल सरकार पर हिंदुओं के प्रमुख त्योहार दीवाली को निशाना बनाने का आरोप लगाया था। दिल्ली में पटाखों के बैन के बीच पंजाब में पराली जलाने के आँकड़े सामने आए हैं जिससे केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की नियत पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।

दरअसल, मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा राज्य सरकारों को जारी की गई एक रिपोर्ट से यह सामने आया है कि पंजाब में पराली जाने के आँकड़े बढ़ते जा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली के दिन यानी सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को पंजाब में 1019 जगहों पर पराली जलाई गई है। जबकि, इस मामले में अन्य राज्यों के आँकड़े काफी कम हैं।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, हरियाणा में 250 जगह, उत्तर प्रदेश में 215 जगह, मध्य प्रदेश में 26 और राजस्थान में 07 जगहों पर पराली जलाई गई है। कुल मिलाकर देखें तो, पंजाब में सितंबर से अब तक 5617 जगहों पर पराली जलाई गई है। जबकि, हरियाणा के अलावा किसी अन्य राज्य के आँकड़े 1000 से अधिक नहीं है।

पँजाब में पराली जलाने के बढ़ते आँकड़ों और केजरीवाल द्वारा दिवाली में पटाखे बैन करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील शशांक शेखर झा ने ट्वीट कर कहा है, “कल पंजाब में 1000 से अधिक जगह पराली जलाने की घटनाएँ हुई हैं। फिर भी अरविंद केजरीवाल या उनकी पार्टी ने इसके बारे में कोई बात नहीं की। ये लोग दिवाली और पटाखों को निशाना बनाने में व्यस्त हैं।”

अपने इस ट्वीट के साथ उन्होंने पराली जलाए जाने के आँकड़े भी शेयर किए हैं। इन आँकड़ों को देखें तो पता चलता है कि बीते एक सप्ताह में पंजाब में पराली जलाए जाने की घटनाओं में दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। दरअसल, पंजाब में भगवंत मान के नेत्रों वाली आम आदमी पार्टी की सरकार है। इस साल से पहले तक केजरीवाल दिल्ली के प्रदूषण को लेकर पंजाब को दोषी ठहराते थे। लेकिन, इस बार केजरीवाल तो क्या उनकी पार्टी का कोई भी नेता पंजाब में पराली जलाने को लेकर कुछ भी नहीं बोल रहा है।

‘भारत में मुस्लिमों को इतनी आज़ादी है कि इस्लामी मुल्कों में सोचा भी नहीं जा सकता’: IAS शाह फैसल ने अल्पसंख्यकों की प्रताड़ना पर Pak को भी लपेटा

देश में ‘बढ़ती असहिष्णुता’ का हवाला देकर अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति में जाने और फिर वापस आईएएस बने शाह फैसल ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के बहाने इस्लामी देशों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि भारत में मुस्लिमों को इतनी आजादी है कि मुस्लिम मुल्कों में सोचा भी नहीं जा सकता। साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाव पर भी अपनी राय रखी है।

कश्मीरी आईएएस और केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में उप-सचिव शाह फैसल ने मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को ट्वीट थ्रेड के जरिए कहा है, “यह सिर्फ भारत में ही संभव है कि कश्मीर का एक मुस्लिम युवा इंडियन सिविल सर्विस एग्जाम में टॉप कर सकता है और सरकार के टॉप विभागों तक पहुँच सकता है। सरकार के खिलाफ जा सकता है। फिर वही सरकार उसे बचाती और अपनाती है।”

उन्होंने अपने अगले ट्वीट में ऋषि सुनक के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने को लेकर पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा, “ऋषि सुनक की नियुक्ति हमारे पड़ोसियों के लिए यह आश्चर्य की बात हो सकती है जहाँ संविधान गैर-मुसलमानों को सरकार में शीर्ष पदों तक जाने से रोकता है। लेकिन, भारतीय लोकतंत्र ने कभी भी जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया है। समान नागरिकों के रूप में, भारतीय मुस्लिमों को ऐसी स्वतंत्रता का आनंद मिलता है जो तथाकथित इस्लामी देशों के लिए अकल्पनीय है।”

शाह फैसल ने अपनी जिंदगी और करियर के सफर का उदाहरण देते हुए कहा है, “मेरी खुद की जिंदगी भी एक सफर की तरह है। मैं 130 करोड़ देशवासियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चला। यहाँ मैंने अपनापन, सम्मान, प्रोत्साहन और कभी-कभी हर मोड़ पर लाड़-प्यार को महसूस किया है। यही भारत है।”

शाह फैसल ने अपने अगले ट्वीट में कहा, “मौलाना आज़ाद से लेकर डॉ मनमोहन सिंह और डॉ जाकिर हुसैन से लेकर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक, भारत हमेशा समान अवसरों की भूमि रहा है। यहाँ शीर्ष तक जाने का रास्ता सभी के लिए खुला है। यह गलत नहीं होगा अगर मैं यह कहूँ कि मैंने शिखर पर पहुँचकर सब कुछ देखा है।”

नौकरी छोड़ बने थे राजनेता लेकिन फिर आना पड़ा था वापस

गौरतलब है कि साल 2009 में यूपीएससी टॉप करने वाले शाह फैसल ने देश में बढ़ती असहिष्णुता के नाम पर जनवरी 2019 में सरकारी नौकरी छोड़ते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालाँकि, सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था। इसके बाद उन्होंने मार्च 2019 में जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम से एक राजनीतिक पार्टी बनाई थी। उनका उद्देश्य विधानसभा चुनाव लड़ना था, लेकिन राज्य में अनुच्छेद 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित कर दिया गया और चुनाव नहीं हुआ।

अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद शाह फैसल को हिरासत में भी लिया गया था। राज्य के बदले राजनीतिक हालात के बाद उन्होंने अगस्त 2020 में राजनीति छोड़ने की घोषणा कर दी। इसके बाद सरकारी सेवा में आने के उन्होंने कई बार संकेत दिए थे। इस दौरान केंद्र और भाजपा के कटु आलोचक रहे फैसल सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार की नीतियों का खूब समर्थन करने लग गए। वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बयानों और भाषणों को भी खूब शेयर कर रहे थे।

इसके बाद, उन्होंने सरकार को पत्र लिखकर अपनी नौकरी में वापसी के लिए आवेदन किया था। जिसके बाद इसी साल अप्रैल में उनकी नौकरी बहाल की गई थी और फिर अगस्त में संस्कृति मंत्रालय में उप-सचिव के रूप में नियुक्ति की गई थी। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा के लोलाब इलाके में जन्मे फैसल श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में मेडिकल की पढ़ाई की थी और वहाँ वे गोल्ड मेडलिस्ट थे। जब फैसल 19 साल के थे तब साल 2002 में उनके शिक्षक पिता गुलाम रसूल शाह को आतंकियों ने हत्या कर दी थी।

इसमें लुंगी को छोड़ कर बाकी सब असम की जनता का’: सरमा सरकार ने ‘मियाँ संग्रहालय’ पर जड़ा ताला, बोले मुख्यमंत्री – ये चीजें असम की संस्कृति दर्शाती है, मियाँ की नहीं

असम के गोलपारा जिला प्रशासन ने मंगलवार को ‘मियाँ संग्रहालय’ को सील कर दिया। आरोप है कि संग्रहालय ने भूमि और संपत्ति कानूनों का उल्लंघन किया है। अधिकारियों के अनुसार, ‘संग्रहालय’ एक घर के अंदर है, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) फंड का उपयोग करके बनाया गया था। संग्रहालय का उद्घाटन 23 अक्टूबर को दपकरभिता गाँव में किया गया था।

वहीं पूर्वोत्तर के पत्रकार हेमंत कुमार नाथ ने कहा, ”उपायुक्त, गोलपारा, असम ने गाँव दपकरभिता के मोहर अली पुत्र सोमेश अली के घर को सील कर दिया। यह एक प्रधानमंत्री आवास योजना घर था। यह वही घर था जहाँ 23 अक्टूबर को एक निजी ‘मियाँ संग्रहालय’ का उद्घाटन किया गया था

प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से एक दिन पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संग्रहालय की फंडिंग पर सवाल उठाया था।

संग्रहालय के बारे में बोलते हुए, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “मुझे समझ में नहीं आता कि यह किस तरह का संग्रहालय है। संग्रहालय में उन्होंने जो हल रखा है, उसका उपयोग असमिया लोग करते हैं, यहाँ तक कि मछली पकड़ने के लिए उपयोग की जाने वाली वस्तुएँ भी असमिया समुदाय से हैं। इसमें नया क्या है? ‘लुंगी’ को छोड़कर वहाँ रखी गई हर चीज असमिया लोगों की है। उन्हें यह साबित करना होगा कि नंगोल (हल) का उपयोग केवल मिया लोग करते हैं, अन्य नहीं। अन्यथा, मामला दर्ज किया जाएगा।”

सरमा ने कहा, “संग्रहालय में केवल पारंपरिक वस्तुएँ हैं जो पूरे असमिया समाज की संस्कृति को दर्शाती हैं न कि मियाँ समुदाय की।”

सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “राज्य के बुद्धिजीवियों को इस पर विचार करना चाहिए। जब मैंने मियाँ शायरी के खिलाफ आवाज उठाई तो उन्होंने मुझे सांप्रदायिक कहा। अब मियाँ कविता, मियाँ स्कूल, मिया संग्रहालय यहाँ हैं… सरकार कार्यालय खुलने के बाद मामले पर कार्रवाई करेगी।”

इससे पहले, राज्य में भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने संग्रहालय खोलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी, जिन्होंने जिले में ‘प्रवासी मुसलमानों की संस्कृति’ को प्रदर्शित करने का दावा किया था। डिब्रूगढ़ के भाजपा विधायक प्रशांत फुकन संग्रहालय के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सबसे पहले थे। उन्होंने कहा था, “मैं राज्य सरकार से इस संग्रहालय को बंद करवाने का अनुरोध करता हूँ।” भाजपा विधायक शिलादित्य देव ने भी संग्रहालय स्थापित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की थी।

रिपोर्टों के अनुसार, ‘मियाँ‘ शब्द का इस्तेमाल उन मुस्लिमों के लिए किया जाता है जो बंगाल से माइग्रेट कर गए थे और 1890 के दशक के अंत में असम में बस गए। अंग्रेजों ने उन्हें कथित तौर पर व्यावसायिक खेती के लिए उन्हें खरीदा था।

पाकिस्तानी अभिनेता ने पीट-पीट कर बीवी का कर दिया ऐसा हाल! सिहराने वाली हैं तस्वीरें, शरीर पर कई जगह जख्म के निशान: हो चुका तलाक

पाकिस्तान के अभिनेता फिरोज खान (Feroze Khan) अपनी पूर्व बीवी अलीजा सुल्तान (Aliza Sultan) के साथ मारपीट करने के कारण पिछले कुछ समय से विवादों में हैं। पीड़िता ने कराची ईस्ट के जिला और सत्र न्यायालयों में साक्ष्य पेश किए हैं। अदालत में पेश किए गए सबूतों के अनुसार, अलीजा सुल्तान के साथ 7 जुलाई, 2020 और 10 मई, 2021 को मारपीट की गई थी। उनके हाथ और आँख पर चोट के निशान भी देखे गए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलीजा का परिवार उन्हें ‘जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (जेपीएमसी)’ में मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन के लिए ले गया था। उन्होंने इसकी रिपोर्ट भी अदालत को सौंप दी है। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि मारपीट के बाद ही पीड़िता के हाथ और कमर पर चोट आई है। अलीजा के शरीर पर मारपीट के निशान देखने के बाद साफ पता चल रहा है, उनको कितनी बेरहमी से पीटा गया है। दावा किया जा रहा है कि उनके साथ ये मारपीट उनके पूर्व शौहर फिरोज खान ने की है।

सोशल मीडिया पर अलीजा की ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में उनके शरीर पर गहरे जख्म दिख रहे हैं।

फोटो साभार: GALAXY

विलेन की भूमिका निभाकर प्रसिद्धि पाने वाले अभिनेता फिरोज खान पर उनकी पूर्व बीवी ने आरोप लगाया है कि शौहर की पिटाई की वजह से उनका ये हाल हुआ है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी फिल्मों के प्रशंसक ये तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी काफी आलोचना कर रहे हैं।

फोटो साभार: geo.tv

वहीं, अदालत ने इस मामले की आगे की सुनवाई 1 नवंबर, 2022 तक के लिए टाल दी है। अलीजा के एडवोकेट बैरिस्टर काइम शाह के मुताबिक, “फिरोज खान ने 15 नवंबर, 2020 को भी अलीजा को प्रताड़ित किया था।” अलीजा के बयान के मुताबिक, उनके पूर्व शौहर द्वारा की गई मारपीट के दौरान उनका बेटा सुल्तान भी कथित तौर पर घायल हो गया था।

काइम शाह ने अदालत बताया कि जब उनकी मुवक्किल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने गईं, तो फिरोज और उसके परिवार ने अलीजा को धमकी दी। बैरिस्टर ने अदालत को यह भी बताया कि अलीजा के साथ उसने कई बार मारपीट की। उसे आए दिन प्रताड़ित करता रहता था, लेकिन वह अपने बच्चे की वजह से चुपचाप यह सब सहती रही।

बता दें कि सितंबर, 2022 को अलीजा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व शौहर के बेरहम चेहरे का खुलासा किया था। अलीजा ने लिखा था, “4 साल का सफर काफी मुश्किलों से भरा। मुझे पिछले कुछ सालों में लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है। मुझे शौहर फिरोज खान की बेवफाई के साथ ब्लेकमेलिंग का भी सामना करना पड़ा है। मैं नहीं चाहती कि मेरे बच्चे इस जहरीले रिलेशनशिप की छाँव में पले-बढें। इसलिए, मैंने उससे अलग होने का फैसला लिया है।”

‘उसने मुझे पीटा, गालियाँ बकता था और शक करता था’: सुष्मिता सेन की भाभी ने किया तलाक का ऐलान, कहा – मुझे अकेले छोड़ महीनों गायब रहता है

सुष्मिता सेना के भाई राजीव सेन और अभिनेत्री चारु असोपा का र‍िश्‍ता एकबार फिर तलाक के मुहाने पर पहुँच गया है। दो महीने पहले ही दोनों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए थे, लेक‍िन अपनी बच्ची के लिए दोनों ने शादी को एक मौका और देना का फैसला लिया था। हालाँकि, दोनों का र‍िश्‍ता एक बार फिर डगमगा गया और राजीव ने इंस्‍टाग्राम पर चारू को ब्‍लॉक कर द‍िया। इसके साथ ही चारू ने सोशल मीडिया पर राजीव के साथ सभी फोटोज को डिलीट कर दिए।

ईटाइम्‍स की र‍िपोर्ट के मुताबिक, चारु ने कहा, “राजीव हर झगड़े के बाद हफ्तों या महीनों के लिए गायब हो जाता था और मुझसे संपर्क के सभी साधनों से ब्‍लॉक कर देता था, ताकि मैं उस तक न पहुँच सकूँ और न ही उसके ठिकाने को जान सकूँ। लॉकडाउन से कुछ दिन पहले वह मुझे तीन महीने के लिए छोड़ कर चला गया था। उस दौरान मैं अकेला थी। रिश्ते में आखिरी कील उन्होंने तब ठोकी, जब वह घर से चला गया और दो दिनों तक एक होटल में रहा। मुझे एहसास हुआ कि वह 45 साल का है और मैं उसे बदल नहीं सकती। हमारे बीच बहुत सारे मतभेद थे, लेकिन मैं उम्मीद कर रही थी कि हमारी बेटी जियाना की खातिर सब समाधान हो जाएगा। दुर्भाग्य से, ऐसा नहीं हुआ।”

उन्होंने आगे कहा, “राजीव उग्र स्वभाव के हैं, मुझे गाली देते हैं और यहाँ तक कि एक-दो बार मुझ पर हाथ भी उठा चुके हैं। वह मुझपर शक भी करते है। जब मैं ‘अकबर का बल बीरबल’ की शूटिंग कर रही थी, तो उन्होंने मेरे सह-कलाकारों को मुझसे दूर रहने के लिए संदेश भेजे। मेरे लिए काम करना मुश्किल हो गया था।”

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो चारु जल्द ही तलाक की प्रक्रिया शुरू करेंगी। वह कहती हैं, “यह बहुत बड़ी गलती थी। मैं मुंबई लौटूँगी तो सीधे वहीं जाऊँगी और तलाक का प्रोसेस शुरू करूँगी । उम्मीद है कि आगे सब ठीक होगा। मैं इस शादी को और खींचना नहीं चाहती।”

वहीं इन सारे मुद्दों पर राजीव सेन ने कहा , “जाहिर है, दो दुखी लोग एक साथ रह रहे हैं और एक सुंदर बेटी के आशीर्वाद के बाद भी चीजों को बेहतर बनाने या समायोजित करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मैं कहूंगा कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए हम दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं।”

ऋषि सुनक के दादा के बनवाए मंदिर में ख़ुशी की लहर, ‘वैदिक हिन्दू सोसाइटी’ ने बताया – वो यहाँ आते रहते हैं: बोले ब्रिटेन के नए PM – अब कठिन फैसलों का वक्त

भारतीय मूल के ऋषि सुनक सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। आगामी 28 अक्टूबर को वह अपने पद की शपथ लेंगे। ऋषि सुनक के ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके दादा द्वारा स्थापित किए गए मंदिर के अध्यक्ष संजय चंदराना ने खुशी जताते हुए कहा है कि यह ब्रिटेन के लिए ‘ओमाबा पल’ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऋषि सुनक के दादा रामदास सुनक ने साल 1971 में साउथेम्प्टन में वैदिक हिंदू सोसाइटी मंदिर की स्थापना की थी।

इस मंदिर की स्थापना के समय ऋषि के पिता यश ने भी रामदास सुनक का सहयोग किया था। इसलिए, अपने दादा और पिता की यादों से जुड़े रहने के लिए ऋषि सुनक समय निकालकर इस मंदिर में जरूर जाते हैं। सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में ऋषि सुनक के नाम का ऐलान होने के बाद वैदिक हिंदू सोसायटी मंदिर के अध्यक्ष संजय चंदराना ने कहा है कि ऋषि सुनक अब भी मंदिर आते रहते हैं। आखिरी बार वह जुलाई में परिवार सहित आए थे और पूजा की थी।

उन्होंने यह भी कहा है, “मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद ऋषि सुनक निश्चित तौर पर मंदिर आएँगे। यह गौरवान्वित करने वाला क्षण है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ है और लोग उनके साथ ली गई अपनी तस्वीर दिखा रहे हैं। जब वह पिछली बार मंदिर आए थे उस समय करीब 300 लोग मंदिर में मौजूद थे। लेकिन, इसके बाद भी उन्होंने सभी के साथ तस्वीरें खिंचवाई थीं। ब्रिटेन के लिए यह बराक ओबामा पल की तरह है। जिस प्रकार अमेरिका में ओबामा पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे, उसी प्रकार यहाँ पहली बार अश्वेत व्यक्ति प्रधानमंत्री बन रहा है। साथ ही वह भारतीय मूल के हैं और हिंदू हैं जोकि हमारे लिए गौरवान्वित होने का एक और कारण है।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं निवेश बैंक में काम करता हूँ। मैं कैनरी व्हार्फ में मैनेजिंग डायरेक्टर हूँ। सभी पीढ़ी के लोग मानते हैं कि कुछ समस्याएँ हैं लेकिन मैं अब यह कह सकता हूँ ब्रिटेन में सभी लोग एकजुट हैं। ऋषि सुनक का प्रधानमंत्री बनना देश को एकजुट करेगा क्योंकि वह हिंदू धर्म का पूर्ण रूप से पालन करते हैं और इसका अहम मूल्य है कि पूरी दुनिया एक परिवार है और हम एकता में विश्वास करते हैं।”

उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संकट और राजनीतिक अस्थिरता है जिससे उन्हें निपटना है। ‘वैदिक हिन्दू सोसाइटी’ मंदिर के अध्यक्ष ने आगे कहा कि पिछली बार वह राजनीति के कारण नहीं जीत पाए थे, हालाँकि इसका किसी और चीज से कोई लेना-देना नहीं था क्योंकि वह पहले ही चांसलर बन गए थे। उनका मानना है कि अगर जाति या रंग एक मुद्दा होता तो वह चांसलर नहीं बन पाते।

लिज ट्रस से कुछ गलतियाँ हुईं, अब सरकार कड़े फैसले लेगी: ऋषि सुनक

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद ऋषि सुनक ने अपने पहले भाषण में देश में चल रहे आर्थिक संकट, पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस की गलतियों और रूस-यूक्रेन युद्ध पर बात की है।

उन्होंने कहा है, “इस समय हमारा देश एक गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। यूक्रेन में युद्ध ने दुनिया भर के बाजारों को अस्थिर कर दिया है। पूर्व प्रधान मंत्री लिज ट्रस ने इस देश के आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की, कोशिश की वह गलत नहीं थीं। मैं उनकी प्रशंसा करता हूँ। लेकिन उनके कार्यकाल में कुछ गलतियाँ हुईं हैं। हालाँकि, ये गलतियाँ गलत इरादे से नहीं की गईं लेकिन गलतियाँ तो गलतियाँ ही होती हैं।”

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने यह भी कहा, “मैं इस सरकार के एजेंडे के केंद्र में आर्थिक स्थिरता और विश्वास को रखूँगा। इसका मतलब होगा कि सरकार कठिन फैसले लेने वाली है। अपनी पार्टी और अपने देश को एक साथ लाना ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही एक तरीका है जिसके जरिए हम सभी चुनौतियों का सामना करेंगे और अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य तैयार करेंगे। मैं ईमानदारी के साथ दिन-रात काम करूँगा और ब्रिटेन के लोगों की सेवा करूँगा।”

‘देवर का सिर फाड़ दिया, बच्चों को भी नहीं छोड़ा’: राजस्थान में मुस्लिमों को नागवार गुजरा दलित परिवार का दिवाली मनाना, पुलिस ने बताया कोल्डड्रिंक का झगड़ा

राजस्‍थान के कैथवाड़ा में मुस्लिम समुदाय के लोगों को हिदुओं द्वारा दिवाली पर पटाखा फोड़ना इतना नागवार गुजरा क‍ि उन्होंने एक एक(हिन्दू) पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। एक स्‍थानीय पोर्टल के मुताबिक, इस हमले में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका इलाज जिला हेडक्‍वार्टर पर क‍िया जा रहा है। वहीं पुलिस ने इस्‍लामवाद‍ियों द्वारा पटाखा फोड़ने से नाराज होकर हिंदू पर‍िवार पर हमले की बात को नकार दिया है। पुलिस ने कहा है कि व‍िवाद एक कोल्‍ड ड्रिंक की वजह से हुआ है।

एक पत्रकार सुजीत स्‍वामी ने वीडियो ट्वीट कर कहा, “राजस्‍थान में भरतपुर के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में मुस्लिम भीड़ ने दिवाली पर पटाखे चलाने पर दलित समुदाय के पूरे परिवार के साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। यह नया राजस्थान है क्या? जय भीम और जय मीम ख़ेमे में फिर से चुप्पी।”

वीडियो में पीड़िता आपबीती सुनाते हुए कहती हैं, “देवर, बच्चा सब पर हमला बोला है। देवर का सिर फाड़ दिया है।” र‍िपोर्टर द्वारा यह पूछे जाने पर क‍ि हमला करने वाले लोग कौन-कौन थे, पीड़िता ने कहा, “उसका पूरा पर‍िवार था। घर पर आकर हमला बोला है।” वहीं एक अन्य पीड़ित ने बताया क‍ि हमले करने वाले करीब 50 लोग थे और उन्‍हें जात‍िसूचक शब्‍द कहे गए।

सुजीत के ट्वीट के जवाब में राजस्‍थान पुलिस हेल्‍प डेस्‍क (Rajasthan Police HelpDesk) ने भरतपुर पुलिस को जानकारी मुहैया कराने के लिए कहा। इसके जवाब में भरतपुर पुलिस ने पटाखे फोड़ने की वजह से मारपीट को साफ नकार दिया और कहा, “दुकान से खरीददारी के उधार के पैसों को लेकर हुए झगड़े की सूचना मिलते ही SHO कैथवाडा मौके पर पहुँचे। घायलों को अस्पताल भर्ती कराया गया। मौके से दोनों पक्षों के दो-दो व्यक्तियों के विरुद्ध 151 जाफो की कार्रवाई की गई है। गाँव में पुलिस तैनात है। मौके पर शांति है।”

वहीं एक अन्‍य ट्वीट में पुल‍िस ने कहा, अभी तक किसी पक्ष द्वारा थाना कैथवाड़ा पर प्रकरण दर्ज करने हेतु रिपोर्ट नहीं दी है। साथ ही बताया कि थानाधिकारी कैथवाड़ा को मामले में नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।

एक ट्वीटर यूजर बंटी चौधरी ने एक वीडियो पोस्‍ट क‍िया और कहा, “भरतपुर के कुम्हेर थाना क्षेत्र में कल हुई घटना में पुलिस प्रशासन की अनुशासनहीनता साफ नजर आ रही है जिसके घर में हमला हुआ, उन्हीं महिलाओं को थाना में बैठा कर परेशान किया जा रहा है।”

हालाँकि हम इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। ‘दैनिक भास्कर‘ की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित पक्ष के लोगों ने बताया कि गाँव में उनके समाज के करीब 30 मकान हैं। रात को उनके बच्चों ने गाँव में पटाखे फोड़े, रात को कोई विवाद नहीं हुआ। सुबह के समय कुछ विशेष समुदाय के लोग उनके घरों पर पहुँचे और आते ही उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। जब उनसे मारपीट का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि तुम लोग दीपावली नहीं मनाओगे।

घटना में एक कई लोगों के चोटें आईं हैं। आरोप है कि विशेष मुस्लिम समुदाय के लोगों ने महिलाओं से मारपीट कर उनके कपड़े भी फाड़ दिए। बच्चों को पीटा। झगड़े के बाद कई संगठन गाँव में पहुँच रहे हैं।

सिद्दीकी फाड़ता था कपड़े, अब्दुल करता था यौन शोषण: आलिमों के चक्कर में बहू को नग्न कर के सुलाती थी सास, केरल में इबादत के नाम पर विवाहिता से ज्यादती

केरल के कोल्लम में एक महिला ने अपने सास ससुर पर काला जादू करने का आरोप लगाया है। महिला ने शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि उसे नग्न सोने के लिए मजबूर किया गया था। इस शिकायत पर पुलिस ने पीड़िता की सास को गिरफ्तार कर लिया है। इसी केस में पुलिस को महिला के पति और उसकी बहन की भी तलाश है। शिकायत दर्ज होने के बाद काला जादू करने वाले सिद्दीकी और अब्दुल जब्बार भी फरार हो गए हैं। घटना 5 साल पुरानी बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला चादयमंगलम थाना क्षेत्र का है। यहाँ के नेट्टेथारा इलाके में रहने वाली शालू नाम की महिला ने आरोप लगाया है कि उसकी शादी दिसंबर 2016 में सत्य बाबू के साथ हुई थी। शादी के 2 माह बाद फरवरी 2017 में उसके घर कुछ अजनबियों का आना-जाना हुआ। जब शालू ने इस बाबत अपने घर वालों से पूछताछ की तब उसे बताया गया कि घर में एक इबादत करवाई गई है, जिसके लिए वो अजनबी लोग आए हुए हैं।

अपनी शिकायत में शालू ने उन अजनबियों में अब्दुल जब्बार का नाम बताया है। जब्बार कोल्लम के चेराट्टुकुझी क्षेत्र में पड़ने वाले नीलामेल का रहने वाला है। वह लगभग 43 साल का है। शालू के परिजनों ने उसे बताया कि जब्बार घर में ‘बुरी आत्माओं को भगाने की पूजा’ करवा रहा है। पीड़िता के मुताबिक, उसे नग्न होने के लिए कहा गया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तब उसे डराया गया और इबादत को बेहद जरूरी बताया गया।

पीड़िता का आरोप है कि घर में आयोजित इबादत के नाम पर अब्दुल जब्बार ने उसका लगातार यौन शोषण किया। पीड़िता ने जब्बार के एक अन्य सहयोगी सिद्दीकी आप अपने कपड़े फाड़ देने का भी आरोप लगाया। हालाँकि, शिकायत के मुताबिक, यह सब उसके परिजनों की सहमति से हो रहा था। पीड़िता ने बताया कि जब्बार और सिद्दीकी की हरकत को उसके घर वाले इबादत का हिस्सा बता कर समर्थन दे रहे थे।

बाद में इन्हीं हरकतों से तंग आ कर पीड़िता अपने मायके चली गई। पीड़िता ने आगे से अपनी ससुराल न जाने का मन बनाते हुए अदालत में तलाक की अर्जी डाली है। पुलिस ने पीड़िता की 60 वर्षीया सास लीशा को गिरफ्तार कर लिया है। जब्बार और सिद्दीकी के अलावा अभी पुलिस को पीड़िता के 36 वर्षीय पति सत्यबाबू के अलावा ननद श्रुति की भी तलाश है।