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‘अबे हिन्दू की नस्ल, ग्राउंड पर तो तेरे से कुछ होता नहीं है’: पाकिस्तानी क्रिकेटर ने दी दिवाली की बधाई तो भड़के इस्लामी कट्टरपंथी, पूछा – मुस्लिम ही हो न?

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपना हीरो बताने वाले शाहनवाज दहानी (Shahnawaz Dahani) को दिवाली की शुभकामनाएँ देने पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा ट्रोल किया जा रहा है। वे उनकी पोस्ट पर उन्हें गालियाँ दे रहे हैं। दहानी ने सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को जलते हुए दीयों के साथ सिंधी भाषा में पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “सभी जगह उजाला हो। दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ।

इसको लेकर एक कट्टरपंथी ने उनकी पोस्ट पर लिखा, “लानत है आप पर। क्या आपको अरशद शरीफ (केन्या में मारा गया पाकिस्तान का पत्रकार) के बारे में पता नहीं चला, जो आप दिवाली की खुशियाँ मना रहे हैं। अरशद शरीफ पर एक भी ट्वीट नहीं किया आपने।”

मुहम्मद उस्मान लिखता है, “मुस्लिम हो आप दहानी साहब।”

अफनान हैदर लिखता है, “शर्म आनी चाहिए। पाकिस्तान में इतना बड़ा नुकसान हुआ है तुम लोग दिवाली मना रहे हो। शर्म आती है तुम पर।”

अतीक अहमद नामक यूजर पाकिस्तान के क्रिकेटर के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए कहता है, “अबे हिंदू की नसल, ग्राउंड में तुझसे कुछ होता नहीं है यहाँ तू दिवाली मना रहा है।”

वहीं, भारतीय उनका समर्थन कर रहे हैं और उन्हें भी दिवाली की शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

बता दें कि भारतीय टीम ने रविवार (23 अक्टूबर 2022) को हुए मुकाबले में मेलबर्न क्रिकेट स्टेडियम में विराट कोहली और हार्दिक पांड्या की दमदार पारी की बदौलत पाकिस्तान से मैच जीता था। दहानी ऑस्ट्रेलिया में चल रहे टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम का हिस्सा हैं। वह सिंध में लरकाना के रहने वाले हैं, जहाँ बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। इससे पहले भी दहानी और पाकिस्तान में हिंदू क्रिकेटर दानिश कनेरिया अक्सर हिंदुओं के त्यौहार पर सोशल मीडिया पर बधाई की पोस्ट करते आए हैं।

2021 में हुए टी-20 वर्ल्ड कप में दहानी ने इस बात का खुलासा किया था कि पूर्व भारतीय कप्तान उनके बचपन के हीरो हैं। इस मोमेंट की तस्वीरें और वीडियोज भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।

दुनिया भर में Whatsapp हुआ ठप्प, एप से लेकर वेब तक पर नहीं चल रहा: नहीं जा रहे मैसेज्स तो ट्विटर पर हुई मीम्स की बौछाड़

इंस्टेंट मैसेजिंग एप Whatsapp के डाउन होने से दुनिया भर में लाखों यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कंपनी ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। भारत में भी लगभग सभी राज्यों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पाकिस्तानी मीडिया में भी Whatsapp के डाउन होने की खबर है। दुबई में भी मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को Whatsapp अरब में डाउन होने की खबर सामने आई।

इस दिन दोपहर के लगभग 12 बजे के बाद से ही कई लोगों का Whatsapp फोन में चलना बंद हो गया। इतना ही नहीं, व्हाट्सएप्प वेब भी लैपटॉप ब्राउज़र में नहीं चल रहा है। एप्स के आउटेज को ट्रैक करने वाले ‘Downdetector’ ने भी बताया है कि Whatsapp का इस्तेमाल करने वाले लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं। Android के अलावा iOS में भी व्हाट्सएप्प नहीं चल रहा है। ट्विटर पर ‘Whatsapp Down’ ट्रेंड भी हो रहा है।

वहीं ट्विटर पर मीम्स की बौछाड़ आ गई है, जहाँ लोग ‘व्हाट्सएप्प डाउन’ हैशटैग के साथ मजाकिया तस्वीरें साझा कर रहे हैं। यूजर्स मीम शेयर कर के बता रहे हैं कि कैसे व्हाट्सएप्प के डाउन होते ही इसे ट्रेंड कराने के लिए लोग सीधा ट्विटर की तरफ भागते हैं। एक यूजर ने तस्वीर के माध्यम से बताया कि जब आपका व्हाट्सएप्प न चल रहा हो और आप ट्विटर पर आकर देखते है कि सभी को यही समस्या है, तो राहत महसूस होता है।

एक यूजर ने तारों के एक कॉम्प्लेक्स सिस्टम के सामने खड़े एक व्यक्ति की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि व्हाट्सएप्प इंजीनियर्स की अभी यही हालत होगी, जबकि एक अन्य यूजर ने लिखा कि जब आप बार-बार अपने फोन को ऑन-ऑफ कर रहे हों, फ्लाइट मोड में डाल कर वापस नेटवर्क ऑन कर रहे हों, लेकिन जब ट्विटर पर ाको आकर पता चले कि सबके लिए व्हाट्सएप्प डाउन हो तो आप गुस्से में चिल्ला उठेंगे।

‘मुस्लिम मेडिकल सेंटर’ के पास से चले पेट्रोल बम, पास में स्वामीनारायण मंदिर: वड़ोदरा में दिवाली की रात हिंसा, पुलिस पर भी चले पत्थर

गुजरात के वडोदरा में हिंसा की खबर है। बताया जा रहा है कि दीवाली की रात मुस्लिमों द्वारा दूसरे पक्ष पर पत्थरबाजी की गई है। इस दौरान पेट्रोल बम भी फेंके जाने की सूचना है। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को काबू किया है। पुलिस को भी निशाना बनाए जाने की सूचना है। CCTV और गवाहों के बयानों के आधार पर हमलवारों की पहचान करवाई जा रही है। अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी की खबर है। घटना सोमवार (24 अक्टूबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पानीगेट इलाके की है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पटाखा फोड़ने की घटना को ले कर हुई। इस दौरान 2 पक्षों में नोक-झोंक हुई। बात बिगड़ी तो दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में पत्थर चलने लगे और पेट्रोल बम फेंके जाने लगे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात संभालने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस पर भी पत्थर फेंके जाने लगे।

इस घटना के वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पेट्रोल बम पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे DCP यशपाल जगानिया के पैरों के पास गिरा। इस हमले में DCP बाल-बाल बचे। सबसे अधिक हिंसा ‘मुस्लिम मेडिकल सेंटर’ के पास होना बताया जा रहा है। इस इलाके में कई वाहनों में भी आगजनी की खबर है।

पुलिस के मुताबिक, हिंसा से पहले स्ट्रीट लाइट को साजिशन बंद कर दिया गया था। गिरफ्तार आरोपितों में पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने वाला भी शामिल बताया जा रहा है। उस पर तीसरी मंजिल से पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने का आरोप है। DCP यशपाल के मुताबिक, हिंसा में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। पानीगेट थाने के इंस्पेक्टर के के कमवाना के मुताबिक विवाद तब शुरू हुआ जब दीवाली को छोड़े गए एक रॉकेट से एक बाईक में आग लग गई थी। वडोदरा के पुलिस कमिश्नर ने इस हिंसा को गलतफहमी में हुआ विवाद बताया है।

‘काफिर, ये शिर्क है’: दिवाली मना कर अपनी ही कौम के कट्टरपंथियों के लिए ‘मुर्तद’ बनीं राना अय्यूब, कमेंट सेक्शन बंद करने के बावजूद बनीं निशाना

विवादों में रहने वाली ‘पत्रकार’ राना अय्यूब एक बार फ‍िर कट्टरपंथी इस्लामवादियों के निशाने पर हैं। दरअसल, उनके ही मजहब के लोग उन्हें हिन्दुओं के प्रमुख त्‍योहार दिवाली मनाने के लिए आड़े हाथों ले रहे हैं और इस्लाम विरोधी बता रहे हैं।

राना अय्यूब ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो अपलोड किया है, जिसमें एक साड़ी पहनी महिला उनके माथे पर तिलक लगाते हुए दिखाई दे रही हैं। उन्होंने लिखा, “घर से दूर शिकागो में एक खूबसूरत परिवार के साथ दिवाली मना रही हूँ, जिन्होंने मुझे अपना बना लिया है। हैप्पी दिवाली इंडिया, आइए हम उस बुराई से लड़ें जो हमें बाँटना चाहती है।”

कट्टरपंथी इस्लामवादियों के जहरीले कमेंट से बचने के लिए, उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट सेक्‍शन को ही बंद कर दिया। इससे पहले उन्हें ‘गुस्ताक-ए-रसूल’ सलमान रुश्दी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करने के लिए अपने मजहब के लोगों के कोप का भाजन बनना पड़ा था। तब कट्टरपंथियों ने उन्हें जमकर कोसा था।

यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके हालिया पोस्ट के बिल्कुल विपरीत था। राना अय्यूब ने अनुमान लगा लिया था कि गैर-मुस्लिम त्योहारों का तिरस्कार करने वाले उनके मजहब के लोग कभी भी हिन्दू धर्म के त्यौहार में उनके भाग लेने के विचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। वह अपने लिबरल मित्रों के सामने शर्मिंदा होने से बचने के लिए काफी ‘स्मार्ट’ तरकीब का सहारा लेती हैं।

उदाहरण के लिए, उन्होंने हाल ही में टेनिस की दिग्गज मार्टिना नवरातिलोवा के साथ एक तस्वीर क्लिक की थी, लेकिन कमेंट सेक्शन को खुला रखा। वह यह संकेत देना चाह रही थीं कि उन्हें केवल दक्षिणपंथी हैंडल द्वारा ट्रोल किया जा रहा है और आलोचना की जा रही थी, न कि उनके मजहब के लोग उनकी आलोचना करते हैं।

वहीं उम्मीद के मुताबिक इस्लामवादियों ने ट्विटर पर वीडियो दोबारा अपलोड कर राना अय्यूब की खिंचाई की। प्रोपेगंडा पत्रकार ने उन कट्टरपंथियों की छवि को बचाने की कोशिश की, जिन्हें वह सालों से पनाह दे रही थीं। हालाँकि, उनकी यह कोशिश बेकार साबित हुई क्योंकि इंस्टाग्राम वीडियो को ट्विटर पर फिर से कई लोगों ने शेयर किया। उन्हें ‘सच्चा मुसलमान’ नहीं होने और मूर्तिपूजा (शिर्क) का पाप करने के लिए फटकार लगाई गई।

एक यूजर मोहम्मद यूसुफ ने उन्हें काफिर और धर्मत्यागी (मुर्तद) करार दिया।

एक यूजर रईस मोहम्मद ने लिखा, “क्या हम उनके उदारवाद को उजागर करके उन्हें मुस्लिम आइकॉन नहीं बना रहे हैं, परोक्ष रूप से हम उन्हें बेंचमार्क बना रहे हैं। ऐसे लोगों की अनदेखी करना समुदाय के लिए फायदेमंद है।”

हाल ही में उन्होंने ‘द वाशिंगटन पोस्ट‘ में एक प्रोपेगेंडा प्रकाशित किया था जिसमें उन्होंने हिंदू समुदाय और भारत को कम करके आँकने की कोशिश की थी। यहाँ यह उल्लेख करना जरूरी है कि जहाँ राना यह दिखावा करने की कोशिश करती हैं कि ऑनलाइन ट्रोलिंग और ‘घृणा’ फैलाने जैसी चीजें हिंदू ‘दक्षिणपंथी’ करते हैं, लेकिन वास्तविकता काफी अलग है, जिसे आप इन कमेंट्स को देखकर समझ ही गए होंगे।

दीवाली पर भी जया बच्चन का पारा चढ़ा: घर से निकल सड़क पर पीछा किया और सुनाई खरी-खोटी, नेटिजन्स बोले- पागल हो गई है ये औरत

बॉलीवुड एक्ट्रेस और समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन (Jaya Bachchan) अक्सर अपने गुस्से को लेकर चर्चा में रहती हैं। दीवाली के खास मौके पर भी उन्होंने अपना ये रूप दिखाया। पैपराजी पर बिफरीं जया बच्चन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, पैपराजी बच्चन परिवार के दीवाली सेलिब्रेशन की तस्वीरें कैमरों में कैद करने के लिए अमिताभ बच्चन के घर प्रतीक्षा के बाहर जमा थे। जया बच्चन को इनका घर के बाहर जमा होना अच्छा नहीं लगा। वह खुद घर से बाहर आईं और सड़क तक पैपराजी का पीछा किया। उन्हें काफी खरी-खोटी सुनाई। वायरल वीडियो में आप देख सकते हैं कि वह कैसे उन पर चिल्ला रही हैं और उन्हें घुसपैठिया (Intruders) कह रही हैं।

जया बच्चन के इस रवैए पर नेटिजन्स ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पैपराजी के साथ इस तरह जया बच्चन को बिहेव नहीं करना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि इसे इलाज की जरूरत है। एक अन्य ने लिखा, “पागल हो गई है ये औरत।”

फोटो साभार: voomla instagram

शीतल मोगले लिखती हैं, “और इसे आता ही क्या है?” वूमला के इंस्टाग्राम पेज पर शेयर की गई इस वीडियो को देखने के बाद एक अन्य यूजर ने लाफिंग इमोजी के साथ लिखा, “अपने घर में भी ऐसे ही रूड रहती है क्या?”

फोटो साभार: voomla instagram

सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक, ऐश्वर्या राय और आराध्या सहित पूरा बच्चन परिवार प्रतीक्षा में दीवाली पूजा के लिए इकट्ठा था। एक अन्य वीडियो में अभिषेक और उनकी बहन श्वेता भी नजर आ रही हैं।

एक यूजर ने सपा सांसद को कहा, “मैडम ये लोग दीवाली पर भी अपना काम कर रहे हैं। ये भी आज के दिन अपने घर पर रहना चाहते हैं। इन्हें भी कोई इंटरेस्ट नहीं आपकी फोटो क्लिक करने में। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं? केवल एक चीज मायने रखती है कि आप लोगों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।”

फोटो साभार: voomla instagram

गौरलतब है कि मुंबई में चल रहे लैक्मे फैशन वीक (Lakme Fashion Week) के आखिरी दिन 16 अक्टूबर 2022 को भी जया बच्चन अपनी नातिन नव्या नवेली नंदा के सामने पैपराजी के साथ काफी रूडली पेश आई थीं। वह गुस्से में उनसे पूछती दिखीं, “आप लोग कौन हैं? आप लोग मीडिया से हैं? कौन से मीडिया से हैं?”

डूबते ब्रिटेन ने ‘ऋषि दर्शन’ में खोजा भविष्य, गीता की शपथ ले दिखाया था रास्ता: PM चुने गए नारायणमूर्ति के जमाई, कोहिनूर वापसी पर नेटिजन्स कर रहे चर्चा

आर्थिक संकटों में घिरे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) होंगे। सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने उन्हें अपना नेता चुन लिया। सुनक हिंदू हैं। अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को लेकर वे बेहद मुखर रहते हैं। गीता में गहरी आस्था है। बतौर सांसद उन्होंने गीता की ही शपथ ली थी। उनके प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद सोशल मीडिया में कोहिनूर से लेकर भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी तक की भारत वापसी पर नेटिजन्स चर्चा करते दिखे।

सुनक भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश पीएम होंगे। कंजरवेटिव पार्टी में पीएम पद की उम्मीदवारी के लिए 100 सांसदों का समर्थन जरूरी था। लेकिन पेनी मोर्डेंट चुनाव में खड़े होने के लिए आवश्यक सांसदों का समर्थन जुटाने में नाकाम रही। वहीं, बोरिस जॉनसन पहले ही उम्मीदवारी की दौड़ से पीछे हट चुके थे। ऐसे में ऋषि सुनक के ब्रिटेन का अगला प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।

सुनक के ब्रिटेन का पीएम चुने जाने की खबर आते होते ही सोशल मीडिया पर भारत का कोहिनूर हीरा वापस लौटाने की माँग तेज हो गई। ऋषभ नाम के एक यूजर ने लिखा, “द एम्पायर स्ट्राइक्स बैक! ऋषि सुनक होंगे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री। कोहिनूर ​हीरा वापस भेजवा दें।”

एक अन्य यूजर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के साथ पूर्व भारतीय खिलाड़ी आशीष नेहरा की एक तस्वीर ट्वीट की है। इसमें आशीष नेहरा को सुनक की जगह दिखाते हुए यूजर ने लिखा, “पीएम मोदी और पीएम ऋषि सुनक चर्चा कर रहे हैं कि कोहिनूर को भारत कैसे वापस लाया जाए।”

शशांक कुमार लिखते हैं, “ब्रिटेन का पीएम बनने पर ऋषि सुनक को बधाई। ब्रिटेन को आर्थिक संकट से उबारने के बाद, उम्मीद है कि वह कोहिनूर, अमरावती स्तूप, विजय माल्या और नीरव मोदी को भारत वापस जरूर लौटाएँगे। इस तरह वह भारतीयों के लिए ब्रिटेन के महान पीएम बन जाएँगे।”

कौन हैं ऋषि सुनक

ऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्प्टन, हेम्पशायर में हुआ था। उनकी माँ का नाम ऊषा सुनक और पिता का नाम यशवीर सुनक है। उनके पिता डॉक्टर थे और उनकी माँ एक फार्मेसी की मालिक हैं। उनके दादा-दादी पंजाब के रहने वाले थे। वे 1960 में अपने बच्चों के साथ पूर्वी अफ्रीका चले गए और वहाँ से उनका परिवार इंग्लैंड पहुँच गया। ऋषि अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके भाई संजय सुनक एक मनोवैज्ञानिक हैं और उनकी बहन राखी विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में मानवीय, शांति निर्माण, संयुक्त राष्ट्र के फंड और कार्यक्रमों के प्रमुख के रूप में काम करती हैं।

42 वर्षीय ऋषि की स्कूली पढ़ाई ब्रिटेन के निजी विद्यालय विंचेस्टर कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। यहाँ उन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद साल 2006 में ऋषि ने अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए (MBA) की पढ़ाई की। उनकी शादी इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी से हुई है।

MBA करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इन्वेस्टमेंट कंपनी गोल्डमैन सैक्स से की। उसके बाद 2009 में उन्होंने नौकरी छोड़ अपना व्यवसाय शुरू किया और एक निवेश फर्म की स्थापना की। साल 2013 में नारायण मूर्ति की कंपनी ‘कैटामारन वेंचर्स यूके लिमिटेड’ में उन्हें और उनकी पत्नी को डायरेक्टर नियुक्त किया गया। हालाँकि, साल 2015 में उन्होंने इस फर्म से इस्तीफा दे दिया, लेकिन उनकी पत्नी इससे जुड़ी रहीं।

आत्मघाती हमला था कोयम्बटूर मंदिर के पास हुआ धमाका? अब तक 5 गिरफ्तार, श्रीलंका सीरियल ब्लास्ट वाले नेटवर्क से जुड़ा था मुबीन

तमिलनाडु के कोयम्बटूर में रविवार (23 अक्टूबर 2022) को कोट्टई ईश्वरम मंदिर के सामने एक कार में सिलिंडर ब्लास्ट हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार यह एक आतंकी घटना थी। न्यूज 18 ने खुफिया सूत्रों के हवाले से इसके आत्मघाती हमला होने की आशंका जताई है। धमाके में मारा गया जमिज़ा मुबीन ISIS आतंकी बताया जा रहा। उसके लिंक श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट वाले नेटवर्क से भी होने की बात कही जा रही है।

इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। मुबीन के घर से बड़ी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुआ है। आशंका इस बात की भी जताई जा रही कि घटना दीवाली के दौरान मंदिर को निशाना बनाने की साजिश भी हो सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदिग्धों की पहचान एक CCTV फुटेज के आधार पर की गई है। इन सभी को घटना से एक दिन पहले रेकी करते हुए देखा गया था। रेकी करने वालों में मृतक मुबीन भी दिखाई दे रहा है। फुटेज में संदिग्धों के हाथ में बोरे का बैग भी दिखाई दे रहा है। संदिग्धों के पास मौजूद बोरे में क्या था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। ये सभी मुबीन के घर के पास जमा हुए थे।

तमिलनाडु पुलिस के DGP के सी शैलेन्द्र बाबू के मुताबिक विस्फोट कम क्षमता का था। उन्होंने बताया कि इसमें पोटेशियम नाइट्रेट का प्रयोग किया गया था। तमिलनाडु में AIADMK के महासचिव और नेता प्रतिपक्ष के पलानीस्वामी ने घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग की है। मुख्यमंत्री स्टालिन को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि जाँच पर किसी भी प्रकार का राजनैतिक दबाव न डाला जाए। तमिलनाडु भाजपा ने भी इसे आतंकी घटना बताया है। भाजपा ने 36 घंटे तक घटना पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

NIA को आशंका है कि मृतक मुबीन ज़हरान हाशिम नेटवर्क से जुड़ा था। जहरान हाशिम ईस्टर पर श्रीलंका में हुए सीरियल ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। बताया जा रहा है कि मुबीन जहरान हाशिम नेटवर्क के तमिलनाडु तौहीद जमात के अज़हरुद्दीन नाम के आतंकी के माध्यम से जुड़ा था। अज़हरुद्दीन को केरल और तमिलनाडु में युवाओं की भर्ती और उन्हें कट्टरपंथी प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

गौरतलब है कि मुबीन से साल 2019 में तमिलनाडु पुलिस ISIS लिंक को लेकर पूछताछ कर चुकी है। मृतक मुबीन की उम्र 25 साल थी। हालाँकि पुलिस का दावा है कि जमिज़ा मुबीन का कोई पुराना आतंकी या आपराधिक रिकार्ड नहीं पाया गया है। शुरुआती जाँच में पुलिस को मुबीन की गाड़ी में लोहे की कीलें मिली थीं, जिसे गाड़ियों को पंचर करने में प्रयोग किया जाता है। उसकी गाड़ी से मार्बल भी बरामद हुए थे। विस्फोट में उसकी मारुति 800 कार के भी परखच्चे उड़ गए थे।

दलित युवक की पिटाई, ‘मौलाना’ ने थूक चटवाया… क्योंकि मुस्लिम लड़की से चल रहा था प्रेम-प्रसंग: Video वायरल, समस्तीपुर के SP को खबर तक नहीं

बिहार के समस्तीपुर जिले में एक युवक को थूक चाटने को मजबूर किया गया। उसकी पिटाई की गई। पीड़ित युवक दलित बताया जा रहा है। मुस्लिम लड़की के साथ प्रेम-प्रसंग की वजह से उसके साथ इस घटना को अंजाम दिया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। लेकिन समस्तीपुर के एसपी को इसकी खबर तक नहीं है।

मामला बुधवार (19 अक्टूबर 2022) का है। कहा जा रहा है कि पीड़ित युवक की बाइक पर उसकी मुस्लिम प्रेमिका को देख स्थानीय लोगों ने इस हरकत को अंजाम दिया। वायरल वीडियो में मौलाना जैसा दिख रहा एक व्यक्ति युवक से 5 बार थूक चाटने के लिए कहता नजर आ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित युवक उजियारपुर थानाक्षेत्र के गाँव महेसरी का है। बताया जा रहा है कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के गाँव चकहबीब की रहने वाली एक लड़की से उसका अफेयर चल रहा। घटना के दिन वह बाइक से अपनी गर्लफ्रेंड को उसके गाँव छोड़ने आया था। इसी दौरान भीड़ ने उसको पकड़ लिया। आरोप है कि पहले युवक की जमकर पिटाई की गई। इसके बाद ‘मौलाना’ के निर्देश पर उससे 5 बार थूक कर चटवाया गया।

पीड़ित युवक 22 वर्ष और उसकी कथित गर्लफ्रेंड 20 वर्ष की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में पीड़ित युवक सफेद रंग के कपड़े पहने मौलाना के पैरों में बैठा दिख रहा है। पीछे से भीड़ की आवाज थूक चाट-थूक चाट कह रही है। वीडियो में एक लंबी दाढ़ी वाला व्यक्ति पीड़ित युवक को फिर से गाँव में न दिखाई देने की धमकी दे रहा है। इस दौरान आसपास मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि थूक चटवाने के बाद पीड़ित युवक को छोड़ दिया गया। इस घटना का वीडियो रविवार (23 अक्टूबर 2022) से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक थाना प्रभारी संदीप पाल के मुताबिक उन्हें वीडियो मिल चुका है, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान करवाई की रही है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए ग्राम पंचायत राज चकहबीब के मुखिया राम सेवक शाह ने बताया कि जिस लड़के को थूक चटाया गया, वह पासवान (दलित) है। उन्होंने बताया कि जिस लड़की को वह छोड़ने उसके गाँव गया था, वह मुस्लिम है। मुखिया ने आरोपितों का नाम बताने से इनकार कर दिया। ऑपइंडिया ने इस मामले में कार्रवाई की जानकारी को लेकर थाना विभूतिपुर से सम्पर्क करने की कोशिश की। लेकिन फोन बंद मिला। वहीं समस्तीपुर के SP ने ऐसे वीडियो की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वीडियो देखने के बाद ही वे जानकारी दे पाएँगे।

‘तू मुसलमान… ये टीका क्यों लगाया’: जहीर खान की दीपावली वाली फोटो देख भड़के कट्टरपंथी, लिखा- मुस्लिम नहीं मना सकते यह त्योहार

टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान (Zaheer Khan) दीपावली के दिन कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए। उन्होंने सोमवार (24 अक्टूबर 2022) को दीवाली की शुभकामनाएँ देते हुए बीवी अभिनेत्री सागरिका घाटगे (Sagarika Ghatge) के साथ सोशल मीडिया में तस्वीर शेयर की। तस्वीर में जहीर और सागरिका ट्रेडिशनल लुक में हैं। जहीर ने तिलक भी लगा रखा है।

जहीर खान ने इस तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “हमारी तरफ से आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ।” इसके बाद सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी उन पर टूट पड़े। एम इसरार खान ने लिखा, “एक मुस्लिम होने के नाते आप यह त्योहार नहीं मना सकते हैं। अल्लाह आपको सही राह दिखाए।”

शहजाद नाम के यूजर को जहीर खान के माथे पर तिलक लगाने से आपत्ति है। वह लिखता है कि आप दिवाली विश कर सकते हैं, लेकिन माथे पर तिलक नहीं लगा सकते।

बाबर ने जहीर खान के लिए लिखा, “भाई तू मुसलमान था ना शायद… ये टीका क्यों लगाया है फिर।”

यह पहली बार नहीं है, जब जहीर खान और उनकी बीवी को दिवाली मनाने पर ट्रोल​ किया गया हो। इससे पहले भी कट्टरपंथी दोनों के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग कर चुके हैं।

फोटो साभार : जहीर खान का ट्विटर
फोटो साभार : जहीर खान का ट्विटर

साल 2019 में जहीर ने दिवाली की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसको लेकर एक यूजर ने लिखा था, “धर्म परिवर्तन कर लिया क्या, भाईजान…।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “कुछ तो शर्म कर लो।” मुहम्मद फारूक असद ने जहीर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था कि इस तरह से दिवाली मनाने के बाद अल्लाह को क्या मुँह दिखाओगे। उमर ने लिखा था, “नहीं मिलेगा फ्लैट अब भी।”

नो-बॉल की रट लगा रहे शोएब अख्तर को भारतीय फैंस ने लताड़ा, अंपायरों को कर रहे थे बदनाम: लोगों ने ग्राफिक दिखा-दिखा कर समझाया

भारत-पाक‍िस्‍तान के बीच क्रिकेट मैच हो और कोई विवाद न हो, इसकी उम्‍मीद कम ही होती है। अगर वर्ल्‍ड कप जैसा बडा आयोजन हो तो, दोनों देशों की धडकनें थम सी जाती है। पाकिस्‍तान का वर्ल्‍ड कप में भारत से हारने का सिलसिला बहुत पुराना रहा है। रविवार को शानदार मैच में विराट कोहली ने कर‍िश्‍माई बैटिंग से टीम इंडिया को जीत दिला दी थी। पाक‍िस्‍तान हर बार हार के बाद नया बहाना बनाता है। इस बार यह कमान संभाली है पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्‍तर ने। अख्‍तर ने टवीट कर अंपायर के फैसले पर ही सवाल खड़ा कर दिया है।

दरअसल आखिरी ओवर में अंपायर ने मोहम्मद नवाज की गेंद को नो-बॉल करार दिया। गेंद विराट के कमर से ऊपर थी। उस गेंद पर कोहली ने छक्का लगाया और भारत को फिर फ्री हिट भी मिला। इस नो-बॉल की फोटो पोस्ट करते हुए अख्तर ने लिखा, “अंपायर भाइयों, आज रात सोच-विचार करने के लिए आपके लिए खाना।”

वहीं एक यूजर समीर ठकरान ने शोएब अख्तर को आईना दिखाते हुए कहा, ”गेंद का प्रभाव बिंदु कमर रेखा से ऊपर है। इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन अगर थोड़ा भी संदेह था तो आपको पता होना चाहिए कि संदेह का लाभ बैटर को जाता है। लोगों को हार के लिए फॉल मैन खोजने के बजाय अंपायरों का सम्मान करना सीखना चाहिए!”

एक और यूजर ने शोएब को जवाब देते हुए ग्राफिक शेयर करते हुए कहा, सर, सर,सर यह स्‍पष्‍ट रूप से कमर के उपर है। क्‍यों इसपर इतनी बात हो रही है, यह समझ से परे है।

160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। कप्तान रोहित शर्मा (4) समेत केएल राहुल (4), सूर्यकुमार यादव (15) और अक्षर पटेल (2) सस्ते में पवेलियन लौट गए थे। भारत ने एक समय पर 31 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे। फिर चला विराट और हार्दिक पटेल का जादू । दोनों बल्लेबाजों ने शतकीय साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई। कोहली 53 गेंदों पर 6 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 82 रन बनाकर नाबाद रहे ।