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अमेरिका की सड़कों पर फिर गोलीबारी, इस बार जनजातीय क्षेत्र को बनाया निशाना: 2 की मौत, 1 पुलिसकर्मी घायल, 3 संदिग्ध गिरफ्तार

अमेरिका में एक बार फिर हुई गोलीबारी (Firing in America) में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं, एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया। घटना एक जनजातीय क्षेत्र में हुई है। इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा है कि गोलीबारी में यही तीनों लोग शामिल थे।

घटना अमेरिका के वॉशिंगटन (Washington) के उत्तर-पूर्व में स्थित हडसन नदी के किनारे बसे कोल्विन ट्राइब्स रिजर्वेशन (The Colville Tribal Reservation) में हुई है। हिरासत में लिए दोनों संदिग्धों की पहचान करी पिंकहम और ज़ाचरी होल्टी के रूप में हुई है। वहीं, तीसरे संदिग्ध की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

कोल्विल ट्राइबल पुलिस डिपार्टमेंट ने कहा कि उसने सिएटल से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व केलर में एक छोटे से समुदाय केलर में गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) को गोलीबारी की जानकारी मिली। अधिकारियों ने दो लोगों को मृत पाया।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर जा रहे एक अधिकारी को वाहन से फरार होने के दौरान एक संदिग्ध ने गोली मार दी थी। गोली अधिकारी के हाथ में लगी। घायल अधिकारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत अब बेहतर बताई जा रही है।

कोल्विल ट्राइब्स इमरजेंसी सर्विसेज ने शुक्रवार दोपहर को फेसबुक पर बताया था कि ट्राइबल पुलिस और FBI पिंकम की तलाश कर रही है। इस बारे में किसी भी तरह सूचना मिलने पर लोगों को पुलिस से संपर्क करने के लिए कहा गया था।

ट्राइबल पुलिस ने एफबीआई, बॉर्डर पेट्रोल, वाशिंगटन स्टेट पेट्रोल एवं पुलिस और शेरिफ सहित 10 अन्य एजेंसियों की मदद से रात भर संदिग्धों की तलाश की। इसके बाद विभाग ने फेसबुक पर कहा कि दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद शाम तक तीसरे संदिग्ध को भी पुलिस ने एलमर सिटी से हिरासत में ले लिया। हालाँकि, इसके नाम का पुलिस ने खुलासा नहीं किया है।

कोल्विल की कन्फेडरेटेड ट्राइब्स में एक दर्जन मूल अमेरिकी जनजातियों के लगभग 9,400 वंशज हैं। रिजर्वेशन लगभग 2,200 वर्ग मील (लगभग 5,700 वर्ग किलोमीटर) तक रूजवेल्ट झील के पश्चिम से कोलंबिया नदी पर बने ग्रांड कौली बाँध के पीछे तक फैला है।

वहीं, एक अन्य घटना में अमेरिका स्थित दक्षिणी विस्कॉन्सिन के हार्टलैंड के एक अपार्टमेंट में आग लगने से 6 लोगों की मौत हो गई है। आग लगने की पीछे की वजह के बारे में अभी तक पुलिस ने नहीं बताया है। घायलों के बारे में भी अभी जानकारी सामने नहीं आई है।

शौच के लिए गई थी हिंदू बच्ची, 60 साल का वली मोहम्मद आया और छप्पर के नीचे रेप किया: ग्रामीणों के देखने के बाद बवाल, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में 11 साल की हिंदू बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। आरोप गाँव के ही एक मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग व्यक्ति पर लगा है। भाजपा विधायक ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) की है।

मिली जानकारी के मुताबिक घटना त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र की है। पीड़िता की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक पीड़िता स्थानीय स्कूल में पढ़ाई करती है। घटना के दिन जब वो सुबह लगभग 11 बजे शौच के लिए स्कूल के बगल गई हुई थी। आरोप है कि इस दौरान गाँव प्रतापपुर मठिया का लगभग 60 वर्षीय वली मोहम्मद उसकी बेटी को बहला-फुसला कर एक छप्पर में ले जा कर रेप किया।

बताया जा रहा है कि इस दौरान गाँव के ही कुछ लोगों ने वली अहमद को देख लिया। उन्होंने मामले की जानकारी पीड़िता की माँ को दी। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सिद्धार्थनगर पुलिस का कहना है कि मामले में FIR दर्ज करने के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सिद्धार्थनगर के ही इटवा से भाजपा के पूर्व विधायक सतीश द्विवेदी ने पीड़ित परिवार से गाँव में जा कर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुलिस से आरोपित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और दुराचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनन दया नहीं दिखाई जाएगी।

ऑपइंडिया से बात करते हुए घटना को ट्वीट करने वाले स्थानीय भाजपा नेता अजय यादव ने पुलिस पर शुरू में हीलाहवाली का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पहले तो केस ही दर्ज करने में दिक्कत पैदा की जा रही थी। अजय यादव के मुताबिक इसके पीछे वली मोहम्मद और बच्ची की उम्र का हवाला दिया जा रहा था। हालाँकि अजय के मुताबिक कुछ लड़कों ने आरोपित का वीडियो बना लिया था इसके चलते केस दर्ज हो पाया। जब ऑपइंडिया ने अजय यादव के आरोपों और अन्य मामलों की पुष्टि के लिए SHO त्रिलोकपुर को उनके आधिकारिक नंबर पर मिलाया तो नंबर पहुँच से बाहर बताया।

गौरतलब है कि सिद्धार्थनगर जिला नेपाल का सीमावर्ती जिला है। जिस गाँव की ये घटना है वहाँ से नेपाल की सीमा लगभग 50 किलोमीटर के आस-पास है। ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया था कि बॉर्डर पर बढ़ती एकतरफा आबादी और उसके दुष्प्रभावों से जिला सिद्धार्थनगर भी अछूता नहीं रहा है।

’27 तारीख को तेरी खाल उधेड़ दूँगा’: बिहार के CM नीतीश को ओमप्रकाश राजभर ने मंच से दी खुली धमकी, जातीय गणना पर माँगा जवाब

राज्य में जातीय गणना नहीं कराने पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की खाल उधेड़ने की धमकी दी है।

पार्टी की ‘सावधान रथ यात्रा’ के दौरान बिहार से सटे यूपी के बलिया में बोलते हुए राजभर ने कहा कि नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि बिहार में जातीय गणना में इतनी देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा, “अगर इन सवालों का नीतीश ने जवाब देने में देरी की तो मैं खाल उधेड़ दूँगा।”

राजभर यहीं नहीं रूके। उन्होंने भाजपा को भी निशाने पर ले लिया। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इतिहास गवाह रहा है कि भाजपा (BJP) बिना गठबंधन के अकेले दम पर आज तक सरकार नहीं बना पाई है। राजभर शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को बलिया में आयोजित ‘सावधान रथ यात्रा’ को संबोधित कर रहे थे। 

उन्‍होंने कहा कि बिहार में आरजेडी उनकी सहयोगी पार्टी है और दोनों जातीय गणना के पक्ष में रहे हैं। इसके बावजूद जातीय गणना कराने पर नीतीश विलंब कर रहे हैं। इसका उन्हें हिसाब देना होगा। राजभर ने कहा कि 27 अक्टूबर 2022 को ‘सावधान रथ यात्रा’ का बिहार में समापन हो रहा है। इसी दौरान पटना के गाँधी मैदान में नीतीश से हिसाब माँगा जाएगा।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सभी पार्टियाँ ‘सावधान रथयात्रा’ से डर गई हैं। इन पार्टियों को डर है कि कहीं ओमप्रकाश राजभर जनता को जगा ना दे। इससे एक दिन पहले सादात में राजभर ने कहा था कि उनके पास वोट की ताकत है, जो उन्हें मजबूत बना रही है इसी की बदौलत वह वर्ष 2024 में दिल्ली तक पीला झंडा लहराएँगे। 

राजभर की पार्टी की रथ यात्रा 26 सितंबर को यूपी की राजधानी लखनऊ से शुरू हुई थी। यह रथयात्रा राज्य के 19 जिलों से होकर गुजर रही है, जिनमें लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, चंदौली, मऊ, गाजीपुर, बलिया आदि अधिकतर पूर्वांचल के जिले शामिल हैं।

   

‘मैंने चूसी थी जिन्ना की उंगलियाँ… स्वाद शहद जैसा था’: मौलाना तारिक जमील का Video वायरल, आमिर खान भी इनके साथ समय बिता चुके हैं

पाकिस्तानी मौलाना और विवादित तब्लीगी जमात के सदस्य तारिक जमील एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अगस्त 2020 का उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की ‘शहद से भरी उंगलियाँ’ चूसने के बारे में बताया है।

इस वीडियो में मौलाना को कहते सुना जा सकता है, “एक दफा मौलाना शब्बीर अहमद उस्मानी (पाकिस्तान बँटवारा का समर्थन करने वाला इस्लामवादी) से किसी ने पूछा कि आपने कायदे आजम (मोहम्मद अली जिन्ना) का जनाजा क्यों पढ़ाया। कहने लगे जनाजे से चंद दिन पहले मैंने ख्वाब देखा कि अल्लाह के नबी (पैगंबर मोहम्मद) खड़े हैं और साथ में कायदे आजम हैं। अल्लाह के नबी थपकी देते हुए फरमाते हैं- ये हमारा मुजाहिद (लड़ाके) है।”

मौलाना आगे कहते हैं, “एक दफा मैंने ख्वाब में देखा तो मैंने (जिन्ना से) पूछा कि आपका क्या हाल है। कहने लगे कि मैं बड़ी ‘राहत’ में हूँ। तो उन्होंने न अपनी दो उँगलियाँ मेरी तरफ कीं (दो उँगली दिखाते हुए) कि ये चूस लो। उनकी दो उँगलियाँ मैंने मुँह में डाली (मुँह में डालने का दिखावा करते हुए) तो उसमें से गाढ़ा-मीठा शहद उसमें से निकल-निकल कर मेरे मुँह में आना शुरू हुआ। उसके साथ ही मेरी आँख खुली तो उसकी मिठास मेरे मुँह में बाकी थी।”

बता दें कि मौलाना तारिक जमील अपने बेतुके बयान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक बार ‘जन्नत-प्रेमी दर्शकों’ को हूर के बारे में बताया था, जिसका वीडियो जमकर वायरल हुआ था। हालाँकि, इसके बाद तारिक जमील को इस्लाम के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था।

मौलाना ने हूर के बारे में बताते हुए कहा था, “उसके कपड़े के 100 अनूठे सेट होंगे। उसके चेहरे पर मेकअप की परतें होंगी। हूर में एक अनोखी खुशबू होगी और वह बिना अंडरवियर के पारदर्शी कपड़े पहने होगी।”

यही नहीं, साल 2020 में उन्होंने वुहान वायरस (कोरोना) के लिए महिलाओं को दोष देते हुए विवाद खड़ा कर दिया था। एक प्रार्थना सभा के दौरान मौलाना तारिक जमील ने कहा था कि कोविड-19 अल्लाह द्वारा भेजी गई आपदा है।

उन्होंने दावा करते हुए कहा था, “हमारे बेटियों को कौन नचा रहा है? जब मुस्लिम महिलाएँ और युवा बेशर्म और अनैतिक व्यवहार करते हैं तो अल्लाह इंसानों पर दर्द और पीड़ा देता है।”

तारिक जमील और आमिर खान की मुलाकात

उल्लेखनीय है कि बॉयकॉट बॉलीवुड ट्रेंड के कारण फ्लॉफ हुई फ़िल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की रिलीज से पहले आमिर खान और मौलाना तारिक जमील की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। यह तस्वीर अक्टूबर 2012 की सऊदी अरब में हज के दौरान दोनों की हुई मुलाकात की थी।

तारिक जमील तब्लीगी जमात का सदस्य है। तब्लीगी जमात भले ही खुद को सुन्नी मुसलमानों का सबसे बड़ा संगठन बताता हो, लेकिन दिसंबर 2021 में सऊदी अरब ने इसे ‘आतंकवाद का एंट्री गेट’ करार देते हुए बैन कर दिया था। वहीं, भारत में कोरोना महामारी के दौरान जमात लगाने और पुलिसकर्मियों पर थूकने की घटनाओं के बाद यह संगठन चर्चा में आया था।

मुख्तार अंसारी के फरार बेटे अब्बास ने किया सरेंडर, कोर्ट ने दी बेल: ED ने ₹3.37 करोड़ की 7 संपत्तियाँ कुर्क की

उत्तर प्रदेश के माफिया सरगना मुख्तार अंसारी से जुड़ी दो खबरें शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को सामने आई हैं। जहाँ एक ओर, लंबे समय से फरार चल रहे उसके बेटे और मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी को कोर्ट में सरेंडर के बाद जमानत मिल गई है। वहीं, दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्तार अंसारी की 7 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भड़काऊ भाषण देने के मामले में वांछित आरोपित अब्बास अंसारी बीते 3 महीनों से फरार चल रहा था। इस मामले में, यूपी पुलिस लगातार तलाश उसकी कर रही थी। हालाँकि, शुक्रवार (21 अक्टूबर) को उसने एमपी-एमएलए कोर्ट की स्पेशल जज श्वेता चौधरी के सामने सरेंडर किया। अब्बास अंसारी के साथ ही भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपित मंसूर और उमर अंसारी ने भी कोर्ट में सरेंडर किया है।

एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान, जज श्वेता चौधरी ने तीनों आरोपितों की सरेंडर और जमानत की अर्जी को देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने के बाद मुचलके पर जमानत दे दी है। बता दें, भडकाऊ बयान बाजी के मामले में पुलिस तीनों आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी के पूरे परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय ने गाजीपुर और जालौन स्थित उसकी 7 संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। इन संपत्तियों की कीमत करीब 3.42 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यही नहीं, ईडी ने मुख्तार अंसारी की कई और संपत्तियों को भी जाँच के दायरे में रखा है जिनको भी जल्द ही कुर्क किया जा सकता है।

गौरतलब है, मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनी लांड्रिंग का मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई दो एफआईआर के बाद सामने आया था। ये एफआईआर विकास कंस्ट्रक्शंस नामक कंपनी के खिलाफ दर्ज की गईं थीं। विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी मुख्तार अंसारी की पत्नी, दो साले समेत अन्य लोगों द्वारा चलाई जा रही थी।

ईडी ने कहा है “उत्तर प्रदेश के मऊ और गाजीपुर जिलों में गोदामों का निर्माण किया गया है। विकास कंस्ट्रक्शंस का संचालन अफशान अंसारी (मुख्तार अंसारी की पत्नी) और उसके दो भाइयों आतिफ रजा और अनवर शहजाद, रवींद्र नारायण सिंह व जाकिर हुसैन द्वारा किया जा रहा था।”

ईडी ने जाँच में पाया है कि विकास कंस्ट्रक्शंस द्वारा मऊ और गाजीपुर जिलों में सार्वजनिक या सरकारी भूमि का अतिक्रमण करके “अवैध रूप से” निर्मित गोदामों को किराये पर देकर भारतीय खाद्य निगम से 15 करोड़ रुपये किराये के तौर पर हासिल किये गए थे। ईडी ने कहा है ‘‘इस किराये का इस्तेमाल आगे विकास कंस्ट्रक्शंस और अफशान अंसारी के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। पूरे मामले का लगाने के लिए आगे की जाँच जारी है।” मुख्तार अंसारी पर न केवल उत्तर प्रदेश में बल्कि अन्य राज्यों में भी 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

‘हेट स्पीच मामले में FIR न भी हो तो भी करें कार्रवाई’: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कहा- बयान देने वाले के मजहब की परवाह ना करें

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को सुनवाई के दौरान हेट स्पीच (Hate Speech) मामले में FIR दर्ज होने का इतंजार किए बिना कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सर्वोच्च अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी तरह निष्क्रियता अदालत की अवमानना (Contempt of Court) मानी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह के मामलों में लापरवाही बरती गई तो अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई होगी। कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच के मामलों में अगर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है तो भी सरकार और पुलिस स्वत: संज्ञान ले और उस पर अविलंब कार्रवाई करे। इसमें बयान देने वाले व्यक्ति के धर्म की परवाह ना करे।

कोर्ट ने कहा, “हमें लगता है कि अदालत पर मौलिक अधिकारों की रक्षा करने और संवैधानिक मूल्यों, विशेष रूप से कानून के शासन और राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक चरित्र की रक्षा और संरक्षण करने का कर्तव्य है।” याचिकाकर्ता की ओर कपिल सिब्बल ने तर्क पेश किया।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सरकारों से हेट स्पीच को लेकर रिपोर्ट माँगी है। अदालत ने कहा कि ये सरकारें उनके अधिकार क्षेत्र में हुए हेट स्पीच अपराधों पर की गई अब तक कार्रवाई के बारे में अदालत के सामने रिपोर्ट पेश करे।

कोर्ट ने कहा कि 21वीं सदी में एक धर्मनिरपेक्ष देश के लिए इस तरह के भड़काऊ भाषण चौंकाने वाले हैं। अदालत ने कहा, “धर्म के नाम पर आज हम कहाँ पहुँच गए? सामाजिक तानाबाना बिखरा जा रहा है। हमने ईश्वर को कितना छोटा कर दिया है। इस तरह के भड़काऊ बयानों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।”

अदालत ने कहा, “भारत का संविधान भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र और समाज के रूप में देखता है। व्यक्ति की गरिमा और देश की एकता एवं अखंडता को सुनिश्चित करना प्रस्तावना में निहित मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। बंधुत्व तब तक नहीं हो सकता, जब तक कि विभिन्न धर्मों के समुदाय के सदस्य या जातियाँ सद्भाव के साथ नहीं रहतीं।”

दरअसल, शाहीन अब्दुल्ला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कोर्ट से माँग की है कि वह देश भर में हुई हेट स्पीच की घटनाओं की निष्पक्ष और विश्वसनीय जाँच का निर्देश दे। याचिका में कहा गया था कि देश में मुस्लिमों को डराने-धमकाने के चलन हो गया है और इसे तुरंत रोका जाए।

‘साहब, उस मासूम के प्राइवेट पार्ट में 9 टाँके आए हैं’ : राजस्थान में बाप ने किया 9 साल की बेटी का रेप, घरवाले सच छिपाते रहे

राजस्थान के अलवर जिले से रिश्तों को कलंकित करने का मामला सामने आया है। यहाँ बहरोड़ में एक पिता ने अपनी 9 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जिसकी वजह से उसके प्राइवेट पार्ट में काफी चोटें आईं। दर्द से कराहती बच्ची को अस्पताल ले जाकर टाँके लगवाने पड़े। माँ के साथ परिवार के अन्य लोगों ने 5 दिन तक इस मामले पर चुप्पी साधे रखी। चाइल्ड लाइन विभाग के कॉर्डिनेटर की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे अलवर में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर फोन करके एक शख्स ने कॉर्डिनेटर मुकेश कुमार पोसवाल को बताया, “पाँच से छह दिन पहले बहरोड़ के एक गाँव में 9 साल की मासूम के साथ उसके ही पिता ने दरिंदगी की। उसके परिवार और गाँव में सबको इस बारे में मालूम है, लेकिन कोई कुछ भी नहीं बोल रहा साहब। साहब, उस मासूम को दर्द होता है। उसके प्राइवेट पार्ट पर नौ टाँके आए हैं। वह काफी डरी हुई है। हमेशा रोती रहती है, कोई भी उसकी पीड़ा नहीं समझ रहा है। आप कुछ करो साहब।” इतना कहने के बाद उसने फोन काट दिया।

सूचना के आधार पर चाइल्ड लाइन टीम और पुलिस की टीम गाँव पहुँची। यहाँ परिवार वालों ने बच्ची को अपने साथ ले जाने पर पुलिस वालों और टीम का विरोध किया, लेकिन काफी मशक्कत के बाद वह पीड़िता को बहरोड़ थाना लेकर आने में कायमाब हुए। टीम ने मासूम से पूछताछ की तो वह सहम गई, लेकिन फिर धीरे-धीरे उसने सब कुछ बता दिया कि उसके साथ पिता ने क्या किया। मौके से टीम और पुलिस को आरोपित नहीं मिला। उसकी तलाश की जा रही है।

बहरोड़ थाना प्रभारी वीरेंद्रपाल विश्नोई के मुताबिक, मेडिकल बोर्ड बनवाकर पीड़िता की जाँच करवाई गई है। गाँव वालों के साथ 164 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। आगे की जाँच जारी है। इस केस में एक डॉक्टर भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस बात की जाँच भी कर रही है कि परिजन मासूम को किसी डॉक्टर के पास लेकर गए थे या फिर किसी झोलाछाप के पास, क्योंकि उसकी स्थिति देखकर यह साफ पता लगाया जा सकता था कि उसके साथ क्या हुआ।

ऐसे में अगर किसी डॉक्टर ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट में टाँके लगाए हैं, तो उसने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? बताया जा रहा है कि घटना की रात माँ ने बच्ची को पिता के साथ सोने के लिए भेज दिया था और काम निपटाकर दोनों बेटों को भी साथ लाने की बात कही। पिता मासूम को साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। जब माँ वहाँ आई तो उसे बेटी लहूलुहान मिली। इसके बाद पूरे घर को यह बात पता चल गई।

बता दें कि गाँव वालों ने आरोपित पिता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना से गाँव की काफी बदनामी हुई है। पुलिस प्रशासन के तमाम दावों के बाद भी जिले में इस तरह की घटनाएँ लगातार हो रही हैं।

इमरान खान के समर्थकों ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर की फायरिंग, पूर्व मंत्री भी गेट पर चढ़ते मिले: सुरक्षाबलों से झड़प के बाद कई गिरफ्तार, सेना ने चेताया

पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख इमरान खान (Pakistan Ex PM Imran Khan) की संसद सदस्यता रद्द करने और चुनाव लड़ने पर 5 साल का प्रतिबंध लगाने के बाद बवाल हो गया है। चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने फायरिंग और सुरक्षाकर्मियों से झड़प की घटना सामने आई है।

चुनाव आयोग के दफ्तर के पास तैनात सुरक्षाकर्मियों से झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर है। वहीं, चुनाव आयोग के निर्णय का विरोध करने वाले कुछ प्रदर्शनकारियों को सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार किया है। वहीं, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आँसू गैस को गोले छोड़े।

कहा जा रहा है कि इमरान खान के गृह राज्य खैबर पख्तूनख्वा के एक पूर्व विधायक सालेह मोहम्मद के सुरक्षाकर्मियों ने चुनाव आयोग के बाहर फायरिंग की। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद इस्लामाबाद पुलिस ने पूर्व विधायक और उनके सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।

सालेह मोहम्मद ने गिरफ्तारी के बाद PTI के समर्थकों ने विरोध किया और अपने सुरक्षाकर्मियों को भी इस्लामाबाद पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने की कोशिश की। इमरान खान के करीबी नेता और पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने आयोग के गेट पर चढ़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार के दबाव में लिया गया है। PTI इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और कोर्ट में चैलेंज करेगी।

पीटीआई कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद एक्सप्रेस-वे (Islamabad Expressway) को ब्लॉक कर दिया है। उधर खैबर पख्तूनख्वा में भी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर टायर जलाकर रोड को जाम कर दिया है। जगह-जगह हो रहे प्रदर्शन से संबंधित एक वीडियो को PTI ने ट्वीट किया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पहले ही चेतावनी देते हुए कहा चुके हैं कि देश को अस्थिर करने वालों को सेना कुचल देगी। सेना मुल्क की स्थिरता और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसे किसी भी कीमत पर चैलेंज करने की छूट नहीं दी जाएगी। 

पीटीआई के नेता शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि इमरान खान पार्टी के चेयरमैन हैं और आगे भी रहेंगे। इस संबंध में आज शाम को पार्टी की मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग की अध्यक्षता इमरान खान खुद करेंगे।

बता दें कि इमरान खान के खिलाफ चुनाव आयोग ने यह फैसला तोशाखाना मामले में दी है। इमरान खान पर आरोप है कि प्रधानमंत्री रहने के दौरान मिले सभी उपहारों को तोशाखाना में जमा नहीं करवाया और उसे बेच कर पैसे कमाए। इतना ही नहीं, तोशाखाना में जमा उपहारों को कम कीमत पर खरीद ऊँची दरों में भी बेचा।

अरुणाचल प्रदेश: 15 दिन में सेना का दूसरा हेलीकॉप्टर क्रैश, 2 पायलट समेत 5 की मौत, 4 शव बरामद

अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले के मिगिंग में शुक्रवार(21 अक्टूबर 2022) सुबह सेना का एक हेलीकॉप्टर रुद्र दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हेलीकॉप्‍टर में 5 जवान सवार थे। न्‍यूज 18 की र‍िपोर्ट के मुताबिक, इनमें से चार के शव बरामद कर ल‍िए गए हैं। एक की तलाश जारी है। इनमें से 2 पायलट हैं।

जानकारी के मुताबिक सेना के जवानों को ले जाने वाला एडवांस्‍ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) सिंगिंग गाँव के पास सुबह 10 बजकर 43 मिनट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। स‍िंग‍िंग गाँव तुतिंग मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर है। हेलीकॉप्‍टर अपने नियमित उड़ान पर था।

पूर्वोत्‍तर के स्‍थानीय न्‍यूज पोर्टल के अनुसार, एएलएच रूद्र पर मेजर विकास भांबू और मेजर मुस्तफा के रूप दो पायलट सवार था। इसके साथ ही तीन तकनीशियन भी इसमें सवार थे। हेलीकॉप्‍टर ने लिकाबली शहर से उड़ान भरी थी और चीनी सीमा से लगभग 35 किमी दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना वाली जगह सडक मार्ग से कनेक्‍टेड नहीं है। इस वजह से बचाव व राहत कार्य में भी परेशानी आई।

अपर सियांग के एसपी जुम्मर बसर ने सुबह कहा, ”दुर्घटना स्थल एक पहाड़ी क्षेत्र है, और खोज और बचाव दल को घटनास्थल तक पहुँचने में समय लगेगा।”

केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ट्वीट में कहा कि अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में भारतीय सेना के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बारे में बहुत परेशान करने वाली खबर मिली! मेरी गहरी प्रार्थना।

इस महीने राज्य में सेना के हेलीकॉप्टर दुर्घटना की यह दूसरी घटना है। 5 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग इलाके के पास चीता हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारतीय सेना के एक पायलट वीरगति को प्राप्‍त हो गए थे।

सच्चा मुसलमान कभी नहीं देगा BJP को वोट: सपा नेता इकबाल महमूद का बयान, भाजपा के खिलाफ न बोलने पर मायावती पर भी साधा निशाना

पसमांदा मुसलमानों को लेकर भारतीय जनता पार्टी की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए समाजवादी पार्टी (SP) नेता और संभल विधायक इकबाल महमूद ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने भाजपा को गोडसे की पूजा करने वाला बताते हुए कहा है कि भाजपा कितना भी प्रयास करे मुसलमान उसे वोट नहीं देगा। यही नहीं उन्होंने, बसपा सुप्रीमो मायावती को ‘डरपोक’ बताया है।

समाजवादी पार्टी नेता इकबाल महमूद ने कहा है कि मुसलमानों की सबसे बड़ी कट्टर विरोधी पार्टी और कोई नहीं, बल्कि भाजपा ही है। उन्होंने कहा है “जो भी सच्चा मुसलमान होगा, वह भाजपा को वोट नहीं देगा।” उन्होंने यह भी कहा, “जो लोग महात्मा गाँधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे की पूजा करते हैं, उन पर मुसलमान कभी भरोसा नहीं कर सकते।”

यही नहीं, इकबाल महमूद ने दावा किया है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय जाँच एजेंसियों से डरती हैं। इसलिए, वह कभी भी भाजपा के खिलाफ नहीं बोलती हैं।

दरअसल, बीते दिनों भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पसमांदा मुस्लिमों को अपने साथ लाने के लिए दो कार्यक्रम किए हैं। इन कार्यक्रमों में एक में यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पसमांदा मुसलमानों को लेकर कहा था कि उनके वोट लेकर सपा, बसपा और कॉन्ग्रेस कई बार सत्ता में रही हैं। लेकिन किसी भी पार्टी ने पसमांदा मुसलमानों को उनका हक नहीं दिया है।

केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा था कि पसमांदा मुसलमान एक बार भाजपा पर विश्वास करके देखें। अगर वे एक कदम आगे बढ़ाएँगे तो भाजपा उन्हें लेकर 10 कदम आगे चलेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा आने वाले समय में नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर भी पसमांदा मुसलमानों के सम्मेलन आयोजित कराएगी।

भाजपा के इन बड़े कार्यक्रमों के चलते विपक्षी दलों को आशंका है कि मुस्लिमों का बड़ा वर्ग आगामी निकाय चुनाव और फिर लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर जा सकता है। यूपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम जनसंख्या में 80 फीसदी पसमांदा मुस्लमान हैं। ऐसे में, यदि भाजपा इन मुसलमानों को अपने पक्ष में करने में कामयाब होती है तो निकाय और लोकसभा चुनाव में भाजपा और भी बड़ी जीत हासिल कर सकती है।