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‘बिना सबूत पति को व्यभिचारी और शराबी कहना क्रूरता की श्रेणी में’: बॉम्बे HC ने ख़ारिज की महिला की याचिका, कहा – आरोप लगा कर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया

बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने तलाक से जुड़े एक मामले में फैमिली कोर्ट (Family Court) का फैसला बरकरार रखते हुए अहम टिप्पणी की। हाई कोर्ट ने कहा कि पति को बिना सबूत व्याभिचारी और शराबी कहना क्रूरता के समान है। जस्टिस नितिन जामदार और शर्मिला देशमुख की बेंच ने यह आदेश 50 साल की महिला की अपील को खारिज करते हुए 12 अक्टूबर को सुनाया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे की फैमिली कोर्ट ने नवंबर 2005 में सेवानिवृत्त सेना अधिकारी और महिला को तलाक की अनुमति दी थी। इसको लेकर महिला ने फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट में सुनवाई लंबित रहने के दौरान उसके पति का निधन हो गया था। इसके बाद अदालत ने उसके कानूनी उत्तराधिकारी को मामले में प्रतिवादी के तौर पर शामिल करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ता महिला ने दावा किया था कि उसका पति एक व्याभिचारी (Womaniser) और शराबी है और वह किसी न किसी बहाने उसकी बहन से मिलने जाता था। महिला का कहना था कि इन बुराइयों के कारण वह अपने वैवाहिक अधिकारों से वंचित रही। इस पर पीठ ने कहा कि महिला ने अपने बयान के अलावा आरोपों को साबित करने के लिए कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया है। यहाँ तक ​​कि महिला की अपनी बहन ने भी सेवानिवृत्त मेजर के व्याभिचारी (Womaniser) और शराबी होने के बारे में कुछ नहीं कहा।

पीठ ने कहा कि पत्नी ने पति के चरित्र के खिलाफ बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाए, जिससे समाज में उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचा है और याचिकाकर्ता का आचरण आईपीसी की धारा 13(1)(i-a) के तहत क्रूरता है।

पत्नी की ओर से हाई कोर्ट में पेश हुए वकील विकास बी शिवरकर ने दावा किया कि फैमिली कोर्ट ने इस आधार पर तलाक देने में गलती की कि याचिकाकर्ता के आरोप क्रूरता के समान हैं। वहीं प्रतिवादी की ओर से पेश हुए वकील ओंकार कुलकर्णी ने तलाक देने के फैमिली कोर्ट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। वकील ने अदालत में कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने पति पर झूठे और उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने वाले आरोप लगाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उसके बच्चों और पोते-पोतियों से अलग कर दिया।

‘भारत की करेंसी पर हो अल्लाह की भी तस्वीर’: केजरीवाल से बौखलाई कॉन्ग्रेस ने की माँग, दिल्ली के CM ने कहा था- नोटों पर चाहिए लक्ष्मी-गणेश

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल (Delhi CM & AAP Chief Arvind Kejriwal) ने करेंसी नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर छापने की अपील कर राजनीतिक बवंडर खड़ा कर दिया है। कॉन्ग्रेस नेताओं ने सीएम केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि अल्लाह, अल्लाह, जीसस, गुरु नानक, बुद्ध और महावीर को भी शामिल किया जाना चाहिए।

कॉन्ग्रेस नेता सलमान अनीस सोज (Salman Anees Soz) ने अरविंद केजरीवाल पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “प्रिय अरविंद केजरीवाल, यदि लक्ष्मी और गणेश समृद्धि ला सकते हैं तो हमें और अधिक समृद्धि सुनिश्चित करनी चाहिए और अल्लाह, जीसस, गुरु नानक, बुद्ध और महावीर को भी शामिल करना चाहिए।”

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने अरविंद केजरीवाल को भाजपा की ‘टीम बी’ बताया। दीक्षित ने कहा कि अगर केजरीवाल पाकिस्तान जाएँ तो वे खुद को पाकिस्तानी भी कह सकते हैं। उन्होंने कहा, “वह बीजेपी और आरएसएस की बी टीम हैं। उनकी कोई समझ नहीं है। यह उनकी वोट की राजनीति है। यदि वह पाकिस्तान जाएँ तो वह कह सकते हैं कि मैं पाकिस्तानी हूँ, इसलिए मुझे वोट दें।”

बता दें कि दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की फोटो को छापने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत में हर कोई अमीर हो और कभी-कभी, कोई कितनी भी कोशिश कर ले, कुछ कमी रह ही जाती है। उन्होंने कहा, “प्रयास तभी फलदायी होते हैं, जब हमारे पास देवी-देवताओं का आशीर्वाद होता है।”

मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कल से एक दिन पहले दिवाली थी। हम सभी ने भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की। हमने स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। हम जानते हैं कि कैसे व्यवसायी अपने कमरों में भगवान गणेश और लक्ष्मीजी के चित्र रखते हैं और अपना काम शुरू करने से पहले उनसे प्रार्थना करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आज मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भारतीय मुद्रा पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर शामिल करने की अपील करना चाहता हूँ। गाँधी जी की फोटो जैसी है, वैसी रह सकती है। अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए हमें और अधिक प्रयास करने की जरूरत है, लेकिन हमें अपने देवी-देवताओं के आशीर्वाद की भी जरूरत है।”

सीएम केजरीवाल के इस बयान के बाद ट्विटर पर मुस्लिम यूजर उन्हें ट्रोल करने लगे। किसी ने उन्हें RSS का छोटा रिचार्ज कहा तो किसी ने उन्हें धर्मनिरपेक्षता की पाठ पढ़ाई। वहीं, एक यूजर ने कहा कि अगर यही बात AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने नोट पर ला इल्लाह इलइल्लाह लिखने या अजमेर दरगाह की तस्वीर छापने के लिए कहा होता तो क्या होता।

‘माँ सीता एक दृढ़ और प्रतिबद्ध स्त्री, किसी प्रलोभन के आगे नहीं झुकीं’: न्यूयॉर्क के मेयर ने कहा – भगवान राम के रास्ते पर चलने से ही मिटेगी घृणा

अमेरिका में इस बार दिवाली का उत्सव काफी धूम-धाम से मनाया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडन ने व्हाइट हाउस में अब तक के सबसे बड़े दिवाली समारोह की मेजबानी की। वहीं न्यूयॉर्क शहर में भी लोगों ने दिवाली मनाई। न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने दिवाली के मौके पर लोगों से भगवान राम, सीता के दिखाए मार्ग पर चलने और और ‘प्रकाश की किरण’ बनने के लिए कहा। उन्होंने माँ सीता की सराहना करते हुए कहा की वह एक मजबूत महिला थीं, किसी भी प्रलोभन के आगे नहीं झुकी। वह दृढ़ और प्रतिबद्ध थी।

दिवाली की सीख को अपनाने की सलाह देते हुए उन्होंने मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को कहा, “अँधेरा बहुत है। हम केवल उन जगहों को खोजने की इच्छा में उलझे हुए हैं जिनसे हम असहमत हैं ।”

एडम्स ने भारतीय-अमेरिकी, दक्षिण एशियाई और अन्य समुदायों के प्रमुख सदस्यों की एक बड़ी सभा को दीवाली की शुभकामनाएँ दीं। उनके आधिकारिक आवास पर दिवाली समारोह का आयोजन किया था। उन्होंने कहा, “आओ राम की तरह जीवन जीएँ, सीता की तरह जीवन जीएँ। आइए दिवाली की सीख को अपनाएँ। यह छुट्टी जिस चीज़ का प्रतिनिधित्व करती है, उसको जीते हैं, तब हमें पता चलेगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी और दायित्व को पूरा किया है।”

उन्होंने कहा, “दीपावली हम सबके लिए साथ बैठने, संवाद करने और सिखों के खिलाफ घृणित अपराधों को ख़त्म करने का पर्व है। अंधेरा बहुत है और हमें प्रकाश की किरण बनने की जरूरत है, जो देश को दिखाए कि हमें अंधेरे को दूर करने की जरूरत है।”

इस कार्यक्र में भारत के महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल और न्यूयॉर्क असेंबली की सदस्य जेनिफर राजकुमार भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा, “अगर हम केवल एक दिन के लिए अंधेरे को दूर करने का जश्न मनाते हैं, तो हम दिवाली के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। हमें हर दिन उस परिमाण और उस ऊँचाई पर रहना चाहिए।” वहीं एडम्स ने कहा, “मेरे सिख भाइयों और बहनों लोगों के धर्म और आस्था की परवाह किए बिना अपने गुरुद्वारों में हजारों लोगों को खाना खिलाते हैं, जिसमें कोविड ​​​​-19 महामारी भी शामिल है।”

इससे एक सप्ताह पहले न्यूयॉर्क शहर के पब्लिक स्कूलों में रोशनी के त्योहार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। न्यूयॉर्क में प्रांत कार्यालय के लिए निर्वाचित होने वाली भारतीय मूल की जेनिफर राजकुमार ने राज्य की राजधानी में कानून पेश किया जो स्कूल कैलेंडर में दिवाली के लिए जगह बनाता है। राजकुमार ने कहा, ”हिंदू-अमेरिकियों के रूप में, यह हमारे लिए यह देखने का समय है कि हम कौन हैं। हमारी संस्कृति ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर को प्रेरित किया, जिन्होंने कहा था कि भारत के महात्मा गाँधी सामाजिक परिवर्तन के लिए उनके आंदोलन के ‘गाइडिंग लाइट’ थे।

महिलाओं का सम्मान करने के महत्व पर जोर देते हुए, एडम्स ने कहा, “जब भी हम दिवाली के बारे में सोचते हैं, हमें राम का ख्याल आता है और हम बुराई के खिलाफ लड़ाई के बारे में सोचते हैं। लेकिन जब आप उस महत्वपूर्ण कहानी को देखते हैं, तो सीता को मत भूलना, उस कथा से सीता को बाहर मत करना। सीता एक मजबूत महिला थीं, जो किसी भी प्रलोभन के आगे नहीं झुकी, वह दृढ़ और प्रतिबद्ध थी।”

‘जब तक कोई जान से नहीं जाएगा तब तक मानेंगे नहीं ये BSDK’ : फर्रुखाबाद में हिन्दुओं पर हमले के पीछे ‘डेविल 302’ इंस्टाग्राम गैंग, बिलाल ने लिखा – माध$#द, बदला बाकी है

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को 4 हिन्दू युवकों पर हमला हुआ था। बताया जा रहा है कि हमलावर पीड़ितों के द्वारा खुद को कट्टर हिन्दू लिखने पर नाराज थे। हमलावरों में बिलाल अली को मुख्य आरोपित बताया जा रहा है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। हमले में घायल युवक मोहित राजपूत ने हमलावरों के इंस्टाग्रम पर ‘डेविल 302’ नाम के ग्रुप से जुड़े होने का आरोप लगाया है।

FIR कॉपी

पुलिस को दी गई शिकायत में हमले में घायल मोहित ने बताया है कि ‘डेविल 302’ ग्रुप के सदस्य अवैध हथियारों के साथ फोटो लहराते हैं। शिकायत में ‘डेविल 302’ नाम के समूह से आतंक फैलाने का आरोप लगाया गया है। ऑपइंडिया को फर्रुखाबाद के हिन्दू संगठन के सदस्यों द्वारा ‘डेविल 302’ नाम के ग्रुप के कुछ स्क्रीनशॉट भेजे गए हैं। इस स्क्रीनशॉट में कन्हैया लाल की हत्या में प्रयोग हुआ हथियारनुमा फोटो डाल कर लिखा गया, “जब तक कोई जान से नहीं जाएगा तब तक मानेंगे नहीं ये BSDK.”

डेविल 302 ग्रुप सदस्यों की गतिविधियाँ

वहीं इसी समूह की दूसरी तस्वीर में मुख्य आरोपित बिलाल कोई हाथ में एक हथियार लिए हुए देखा जा सकता है। एक अन्य तस्वीर में बिलाल का स्टेटस होने का दावा किया गया है। इस तस्वीर में लिखा गया है, “कहाँ गए शमशाबाद के बदमाश। मैंने अभी कुछ करा भी नहीं और लोग हाथ जोड़ने लगे। अरे माद#%&द बदला अभी बाकी है। मुझे मरने से डर नहीं लगता। मौत के मुँह से वापस आया हूँ।” ‘डेविल 302’ ग्रुप में बिलाल के अलावा कई अन्य लोगों को भी हाथों में अवैध हथियार लिए देखा जा सकता है। उनके लिए ‘भाई हैं मेरे’ लिखा गया है।

आरोपित बिलाल और उसके हथियारबंद साथी

केस दर्ज होने के बाद बंद किया ग्रुप

जब ऑपइंडिया ने ‘डेविल 302’ ग्रुप को इंस्टाग्राम पर सर्च किया तब वह मौजूद नहीं मिला। वहीं ग्रुप को संचालित करने वाले बिलाल अली की इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल भी लॉक मिली।

लॉक हुई बिलाल की प्रोफ़ाइल

केवल डेविल ग्रुप रहेगा, बाकी कोई नहीं

जिस मोहित राजपूत नाम के लड़के पर भीड़ ने हमला किया है, वो नाबालिग है। उसका कहना है कि हम हिन्दू हैं तो हिन्दू ही तो लिखेंगे और इस बारे से हमलावर नाराज थे। मोहित ने बताया कि हमलावर कह रहे थे कि केवल डेविल ग्रुप रहेगा और बाकी कोई नहीं। मोहित के मुताबिक उन्हें देख लेने की भी धमकी दी गई थी।

‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ या अजमेर शरीफ की माँग कर दें तो… अरविंद केजरीवाल ने करेंसी नोटों पर माँगी लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर तो मुस्लिम हुए नाराज़

दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की फोटो को छापने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत में हर कोई अमीर हो और कभी-कभी, कोई कितनी भी कोशिश कर ले, कुछ कमी रह ही जाती है। उन्होंने कहा, “प्रयास तभी फलदायी होते हैं, जब हमारे पास देवी-देवताओं का आशीर्वाद होता है।”

मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कल से एक दिन पहले दिवाली थी। हम सभी ने भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की। हमने स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। हम जानते हैं कि कैसे व्यवसायी अपने कमरों में भगवान गणेश और लक्ष्मीजी के चित्र रखते हैं और अपना काम शुरू करने से पहले उनसे प्रार्थना करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आज मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भारतीय मुद्रा पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर शामिल करने की अपील करना चाहता हूँ। गाँधी जी की फोटो जैसी है, वैसी रह सकती है। अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए हमें और अधिक प्रयास करने की जरूरत है, लेकिन हमें अपने देवी-देवताओं के आशीर्वाद की भी जरूरत है।”

केजरीवाल ने कहा कि एमके गाँधी की तस्वीर जस की तस बनी रहनी चाहिए, लेकिन अगर दूसरी तरफ भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर हो तो पूरे देश पर कृपा होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान करेंसी नोटों को वैसे ही रखा जा सकता है, लेकिन जो नए नोट छपते हैं उनमें हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें हो सकती हैं।

हालाँकि, अरविंद केजरीवाल की यह सलाह उन मुस्लिम ट्विटर यूजर को अच्छा नहीं लगा, जिनके लिए अल्लाह के अलावा किसी अन्य की प्रार्थना करना पाप है। मुस्लिम यूजर ने उनको ट्रोल करने की कोशिश की।

कुछ मुस्लिम ट्विटर यूजर्स ने अरविंद केजरीवाल को हिंदू राष्ट्रवादी संगठन आरएसएस का ‘छोटा रिचार्ज’ भी कहा।

एक ट्विटर यूजर ने तो यहाँ तक कहा कि अगर AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने नोटों पर ‘ला इलाह इल्लल्लाह’ (अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है) लिखने या अजमेर दरगाह की तस्वीर छापने का सुझाव दिया होता तो क्या होता।

कुछ लोगों ने तो यह भी दावा किया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और इसलिए नोटों पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए।

आम आदमी पार्टी के अमानतुल्ला खान और गोपाल इटालिया जैसे नेताओं ने अभी तक अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के नए PM तो शेयर होंगे लगी आशीष नेहरा की तस्वीर, अजहरुद्दीन ने दिया ‘स्पष्टीकरण’ तो लोगों ने लिए मजे

भारतीय मूल के ऋषि सुनक को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद से सोशल मीडिया पर कई यूजर्स पूर्व भारतीय खिलाड़ी आशीष नेहरा की फोटो शेयर करके उन्हें बधाई दे रहे हैं। दरअसल, कई तस्वीरों में ऋषि सुनक (Rishi Sunak) और आशीष नेहरा (Ashish Nehra) का चेहरा काफी मिलता-जुलता नजर आ रहा है।

इसको लेकर पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर विराट कोहली और आशीष नेहरा की एक थ्रोबैक फोटो शेयर कर ‘स्पष्टीकरण’ जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “इस तस्वीर में दिखाई देने वाले असली सितारे विराट कोहली और आशीष नेहरा हैं। WhatsApp पर वायरल हो रही फोटो में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री नहीं हैं।” फोटो में नेहरा, कोहली को पुरस्कार देते हुए दिखाई दे रहे हैं। अजहरुद्दीन का यह पोस्ट वायरल हो गया है। इसे लेकर कई मीम्स शेयर किए जा रहे हैं।

इसे लेकर एक यूजर ने लिखा, “सर, ट्विटर पर लोग यह पहले से ही जानते हैं। लेकिन व्हाट्सएप पर कुछ हैं, जिन्हें आपको शिक्षित करने की आवश्यकता है।”

वहीं कुछ ऐसे यूजर्स भी हैं, जो इस तस्वीर को देखने के बाद चौंकने वाले अंदाज में रिएक्शन दे रहे हैं।

एक यूजर ने मोहम्मद अजहरुद्दीन पर तंज कसते हुए लिखा, “यह व्यक्ति ये भी नहीं जानता कि व्यंग्य कैसे किया जाता है।”

मानस नाम के यूजर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमशक्ल की फोटो शेयर कर लिखा, “अजहर भाई, ये देखो व्लादिमीर पुतिन।”

एक यूजर लिखता है कि इस आवश्यक स्पष्टीकरण के लिए धन्यवाद सर, बहुत भ्रम था!

बता दें कि आर्थिक संकटों में घिरे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) को सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने अपने नेता चुना। सुनक अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को लेकर बेहद मुखर रहते हैं। गीता में उनकी गहरी आस्था है। बतौर सांसद उन्होंने गीता की ही शपथ ली थी। उनके प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर कोहिनूर से लेकर भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी तक की भारत वापसी पर नेटिजन्स चर्चा करते दिखे।

‘बजरंग दल’ के दिवंगत कार्यकर्ता हर्ष का पोस्टर फाड़ने से रोका तो कर दिया हमला: कर्नाटक में तनवीर, अजहर और फराज गिरफ्तार, की थी पत्थरबाजी भी

कर्नाटक पुलिस ने बुधवार (26 अक्टूबर, 2022) को राज्य के शिवमोगा जिले में प्रकाश नाम के एक हिंदू व्यक्ति पर हमला करने के आरोप में तनवीर उर्फ ​​मार्केट फौजान, अजहर उर्फ ​​अज्जू और फराज को गिरफ्तार किया है। बता दें कि एक दिन पहले लगभग 9 बदमाश तीन बाइक पर पहुँचे, हिंदू विरोधी, RSS विरोधी नारे लगाए और पीड़ित पर हमला किया। झड़प में प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए मैकगैन अस्पताल ले जाया गया।

शिवमोगा के एसपी जीके मिथुन कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपितों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों पर हमला किया था। उन्होंने कहा, “उनका मकसद प्रतिशोध लेना था।” आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें शिवमोगा जिले के डोड्डापेट पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है।

शिवमोगा के एसपी ने कहा, “आरोपित ने 2 बाइक पर 2 और आरोपितों (अभी तक गिरफ्तार नहीं) के साथ, सीगेहट्टी में रात करीब 11 बजे एक युवक प्रवीण के खिलाफ टिप्पणी की। बाद में, उन्होंने चौथे और पाँचवें आरोपित को कहीं छोड़ दिया। इसके बाद वे भरमप्पा नगर रोड गए और पथराव किया और प्रकाश नाम के एक अन्य व्यक्ति पर कमेंट किए।”

पुलिस के अनुसार, ”दो हिंदू पीड़ितों, प्रवीण और प्रकाश ने कुछ दिन पहले मार्केट फौजान के खिलाफ कमेंट किया था और जवाबी कार्रवाई में तीनों आरोपियों ने उन पर बेरहमी से हमला किया। जैसा कि पहले के रिपोर्ट में बताया गया था, “नौ बदमाश तीन बाइक पर पहुँचे थे, हिंदू विरोधी और आरएसएस विरोधी नारे लगाए और शिवमोगा के भ्रामप्पा लेआउट में रात करीब 11 बजे प्रकाश नाम के पीड़ित पर हमला किया।”

उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष के पोस्टर भी फाड़ दिए, जिनकी इस साल फरवरी में इस्लामवादियों ने हत्या कर दी थी। शहर में 24 अक्टूबर को आयोजित एक रैली के लिए उनके पोस्टर शहर में लगाए गए थे।

रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है कि प्रकाश ने बदमाशों को हर्ष के पोस्टर और बैनर फाड़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद तीन हमलावरों ने उनके सिर पर हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। तीनों हमलावरों ने हिंदू समुदाय के खिलाफ नारेबाजी भी की और पीड़ित पर पथराव भी किया। घटना की पुष्टि शिवमोगा एसपी ने भी की है, जिन्होंने आरोपित की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच की है।

इस बीच, प्रकाश नाम के पीड़ित ने कहा कि वह हमलावरों की पहचान नहीं कर सका क्योंकि उन्होंने हमला करते समय मास्क पहन रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि हमले के बाद बदमाशों ने आरएसएस विरोधी नारे लगाए। हालाँकि, उन्होंने 26 अक्टूबर को कहा कि वह किसी भी संगठन से जुड़े नहीं है और अचानक आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया।

प्रकाश ने 26 अक्टूबर को अस्पताल में कहा, “3 मुस्लिम लड़के आए और मुझ पर पत्थरों और अन्य चीजों से हमला किया और मुझे अन्य बातों के अलावा ‘आरएसएस का गुंडा’ कहा। मैं किसी तरह से वहाँ से भागने में सफल रहा। मैं किसी भी संगठन से संबंधित नहीं हूँ या न ही उनके साथ मेरा कोई पिछला मुद्दा जुड़ा है। 3 लोग अचानक आए और मुझ पर हमला कर दिया।” पुलिस के आला अधिकारी मामले की आगे की जाँच कर रहे हैं। जिला सरकार ने एहतियात के तौर पर सीगेहट्टी, भरमप्पा लेआउट और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी है।

स्वस्तिक पर झाड़ू मारने वाले केजरीवाल करेंसी नोटों पर चाहते हैं हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीर: दिवाली पर पटाखे बैन किया, अब डैमेज कंट्रोल?

दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) गुजरात चुनाव को देखते हुए हिंदू विरोधी रुख के कारण अब डैमेज कंट्रोल करने में जुटे हैं। हिंदुओं के पवित्र प्रतीक स्वास्तिक के पीछे दौड़ाते झाड़ू को दौड़ाते हुए फोटो डालने वाले सीएम केजरीवाल दीपावली पर पटाखों पर बैन के कारण निशाने पर हैं। इस गुस्से को देखते हुए उन्होंने भारतीय नोटों पर लक्ष्मी और गणेश जी की तस्वीर लगाने की माँग की है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नोट के एक तरफ ‘गाँधी जी’ की तस्वीर और दूसरी तरफ ‘लक्ष्मी-गणेश’ की तस्वीर लगाई जानी चाहिए। इससे उनका आशीर्वाद मिलेगा और देश की तरक्की होगी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से अपील की और कहा कि वे 130 करोड़ लोगों की ओर से केंद्र सरकार और पीएम मोदी से यह अपील कर रहे हैं।

सीएम केजरीवाल ने डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोर होती स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि कई बार देवी-देवताओं का आशीर्वाद नहीं मिलने से प्रयास सफल नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि नोट पर लक्ष्मी-गणेश जी की तस्वीर लगाने से देश को उनका आशीर्वाद मिलेगा।

हालाँकि, मुस्लिमों की नाराजगी की बात को खारिज करते हुए इंडोनेशिया का उदाहरण दिया। सीएम केजरीवाल ने कहा, “इंडोनेशिया एक मुस्लिम देश है। वहाँ 85 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम और 2 फीसदी से भी कम हिंदू हैं, फिर भी वहाँ उन्होंने भी अपने नोट पर गणेश जी की तस्वीर छापी है। यह एक बहुत अहम कदम है, जो केंद्र सरकार को उठाना चाहिए।”

इस विचार को लेकर उन्होंने कहा, “मैंने पिछले कुछ दिनों में कई लोगों से बात की, सबने कहा कि बहुत अच्छा आइडिया है और ऐसा होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जब इंडोनेशिया ऐसा कर सकता है तो भारत भी कर सकता है। लक्ष्मी जी को समृद्धि और संपन्नता की देवी माना गया है। इससे देश में संपन्नता और समृद्धि आएगी।

बता दें कि दिल्ली दंगों में एक वर्ग को बचाने की कोशिश का आरोप सीएम केजरीवाल पर लगे थे। इतना ही नहीं, दिवाली में पटाखों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ इसके फोड़ने पर रोक को लेकर हिंदुओं में काफी नाराजगी है।

इसके पहले केजरीवाल हिंदू विरोध को लेकर हिंदू समाज और भाजपा के निशाने पर आते रहे हैं। साल 2019 में ऐसी ही एक तस्वीर उन्होंने साझा की थी, जिसको लेकर बवाल मच गया था। दरअसल, उस तस्वीर में झाड़ू को हिंदुओं के पवित्र प्रतीक स्वस्तिक को खदेड़ते हुए दिखाया गया था। बता दें कि झाड़ू AAP का चुनाव चिह्न है।

माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव को देखते हुए AAP और सीएम केजरीवाल अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए वे नोट पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की तस्वीर लगाने की बात कर रहे हैं।

‘बच्चों पर की पत्थरबाजी, फेंके बम’: वड़ोदरा में दिवाली की रात हिंसा से पहले बंद कर दी थी स्ट्रीट लाइट्स, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – दंगे की थी साजिश

देश में दिवाली के बाद से ही कई जगहों से हिंदुओं पर हमले की खबर सामने आ रही है। गुजरात के वडोदरा से भी दिवाली (24 अक्टूबर, 2022) की रात पटाखा फोड़ रहे बच्चों पर पथराव किया गया और पेट्रोल बम फेंके गए। प्रत्‍यक्षदर्शियों ने उस रात के भयानक मंजर को बयाँ किया है, जिसमें उनका साफ कहना है कि घटना की साजिश पहले से रच ली गई थी।

प्रत्‍यक्षदर्शियों में से एक मह‍िला ने रिपब्लिक टीवी को बताया , “ये बच्चे, वे पटाखे जला रहे थे और अचानक स्ट्रीट लाइट बंद हो गई। एक तरफ से पत्थर और पेट्रोल बम फेंके गए।”

यह पूछे जाने पर की क्‍या हमलावर आपके घर तक आ गए थे, महिला ने कहा, “वे (हमलावर) यहाँ तक ​​आए, ये मेरा घर है। आप दीवारों पर निशान देख सकते हैं। मैं यहाँ अकेली रहती हूँ, लेकिन सौभाग्य से, उस दिन मेरे सभी रिश्तेदार यहाँ थे। वे दौड़ते हुए आए। मुझे बचाने के लिए उन्हें (रिश्तेदारों को) आना पड़ा। 10-15 लोगों ने डेयर‍िंग (हिम्मत) द‍िखाई और उनका विरोध किया। ये उनलोगों की प्‍लानिंग थी। जैसे ही स्‍ट्रीट लाइट बंद हुआ, उन्होंने पथराव चालू कर द‍िया।”

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने आगे बताया, “दो-चार बच्‍चे म्‍यूजिक लगाकर डांस कर रहे थे और कुछ बच्‍चे पटाखे फोड़ रहे थे। फ‍िर उन्होंने एकदम से पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर द‍िया। हमलोग को लगा क‍ि यह बम नहीं हो सकता, कुछ और है। फ‍िर हम सभी वहाँ देखने गए तो उनलोगों ने पथराव शुरू कर दिया। उनलोगों ने पूरी तरह से इसकी प्लानिंग की थी। उन्होंने यहाँ लोगों को भड़काने और इसे दंगे में बदलने की योजना बनाई थी। दीवाली के त्योहार में पूरा इलाका पिछले तीन दिनों से भरा हुआ था, जाम लगा हुआ था।”

इस घटना के वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पेट्रोल बम पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे DCP यशपाल जगानिया के पैरों के पास गिरा। इस हमले में DCP बाल-बाल बचे। सबसे अधिक हिंसा ‘मुस्लिम मेडिकल सेंटर’ के पास होना बताया जा रहा है। इस इलाके में कई वाहनों में भी आगजनी की भी खबर सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, हिंसा से पहले स्ट्रीट लाइट को साजिशन बंद कर दिया गया था। गिरफ्तार आरोपितों में पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने वाला भी शामिल बताया जा रहा है। उस पर तीसरी मंजिल से पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने का आरोप है। DCP यशपाल जगानिया के अनुसार, “हिंसा में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।” पानीगेट थाने के इंस्पेक्टर के के कमवाना के मुताबिक, “विवाद तब शुरू हुआ जब दीवाली को छोड़े गए एक रॉकेट से एक बाईक में आग लग गई थी।” वडोदरा के पुलिस कमिश्नर ने इस हिंसा को गलतफहमी में हुआ विवाद बताया है।

हालाँकि, बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 19 लोगों को हिरासत में लिया

रेप नहीं कर पाया तो गला दबाया, हड्डियाँ तोड़ी, पैर काटने का प्रयास: जिस नौशाद को हिन्दू परिवार मानता था बेटा, उसने ही घर की बच्ची को मार डाला

उत्तर प्रदेश के बलिया में 14 अक्टूबर 2022 को एक नाबालिग हिन्दू लड़की के साथ रेप का प्रयास हुआ था। आरोप है कि उनके ही मोहल्ले के रहने वाले नौशाद ने बच्ची के साथ रेप में असफल रहने पर उसकी हत्या का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान पीड़िता का न सिर्फ गला दबाया गया बल्कि हड्डियों को भी तोड़ कर पैरों को भी काटने का प्रयास किया गया। 21 अक्टूबर को बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने एक मुठभेड़ में बाद आरोपित नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। उनके घर पर बुलडोजर भी चलाया गया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्होंने नौशाद को अपने बेटे की तरह माना था।

घटना नगरा थानाक्षेत्र के गाँव ताड़ीबड़ा की है। 13 वर्षीया पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उनके दोनों हाथों की नसों को काट दिया गया था। चेहरे पर कई थप्पड़ मारे गए। बताया जा रहा है कि ऐसा मृतका द्वारा नौशाद की हरकतों का विरोध करने के बाद हुआ होगा। पीड़िता के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि आरोपित नौशाद का घर उनके घर से महज 10 मीटर की दूरी पर है। वो नौशाद को अपने बेटे जैसा मानते थे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि नौशाद ने उनकी बेटी के साथ इतनी बर्बरता क्यों दिखाई। उन्होंने ये भी बताया कि नौशाद को उनके घर में फ्री एंट्री थी और आने पर चाय-पानी भी दिया जाता था।

पीड़ित पिता के मुताबिक, उनकी बेटी की आँखों में मरने का डर उन्हें दिखा था। मृतका के परिजनों की माँग है कि आरोपित नौशाद को भी तड़पा-तड़पा कर मारा जाए। एक अन्य वीडियो में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि जिले के SP ने उनकी मदद की है। इसी के साथ अपनी बेटी के अस्पताल के हालातों के बारे में उन्होंने बताया कि मृतका के पूरे शरीर पर पट्टी बँधी थी। उन्होंने कहा कि पीड़िता ठीक से आँखें भी नहीं खोल पा रही थी और वारदात के बाद वो कुछ बोलने में भी सक्षम नहीं थी।

मृतका अपनी सहेली के साथ मेला देखने गई थी जहाँ आरोप है कि नौशाद उसे घर तक छोड़ने के लिए कह कर साथ ले गया था। बाद में मृतका मेले से 5 किलोमीटर दूर मरणासन्न हालत में एक खेत में मिली थी। सुरक्षा की दृष्टि से गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।