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कर्नाटक सरकार ने 10889 मस्जिदों को दिए लाउडस्पीकर्स बजाने के लाइसेंस, अकेले बेंगलुरु में 1841 मस्जिदों को माइक पर अजान की अनुमति: रिपोर्ट

देश में जब लाउडस्पीकर्स को हटाने की बात की जा रही है, तब कर्नाटक सरकार ने अजान के लिए कई मस्जिदों को स्थायी लाइसेंस दे दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने राज्य में कुल 17,850 लाइसेंस जारी किए हैं, जिसमें से 10,000 से अधिक लाइसेंस मस्जिदों को जारी किए गए हैं। दरअसल, ‘डेक्कन हेराल्ड’ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कर्नाटक सरकार के पास लाउडस्पीकर्स के लाइसेंस के लिए आवेदन आए थे, जिसमें से सरकार ने राज्य में 10,889 लाइसेंस सिर्फ मस्जिदों को अजान के लिए जारी किए हैं।

इन लाइसेंसों के लिए सरकार ने 400 रुपए का शुल्क निर्धारित किया है। लाइसेंस दो साल तक मान्य रहेंगे। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में कई हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर लाउडस्पीकर्स पर बैन लगाने की माँग करते हुए प्रदर्शन किए थे। इसके बाद भी राज्य सरकार ने लाइसेंस जारी कर दिए हैं। ‘डेक्कन हेराल्ड’ ने रिपोर्ट में गृह मंत्रालय के आँकड़ों के हवाले से बताया है कि लाउडस्पीकर के लिए सबसे अधिक 1841 लाइसेंस बेंगलुरु में जारी किए गए हैं।

इनमें मस्जिद, मंदिर, चर्च और कुछ रेस्टॉरेंट शामिल हैं। वहीं, विजयपुरा में लाउडस्पीकर के लिए सबसे अधिक 744 मस्जिदों को लाइसेंस दिया गया है। इस मामले में बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा है कि मस्जिदों को लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने की इजाजत इसके खिलाफ किए गए प्रयासों को झटका नहीं है, बल्कि हर कोई सिर्फ नियम का पालन चाहता है। सुप्रीम कोर्ट ने लाउडस्पीकर के उपयोग के संबंध में दिशानिर्देश निर्धारित किए हैं।

इस हिसाब से रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर नहीं बजने चाहिए। सरकार द्वारा अगर लाउडस्पीकर के लिए लाइसेंस दिया भी जाता है, तो इसका डेसिबल स्तर क्या है? यह सब तय होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि इस साल ही शुरुआत में, कर्नाटक सरकार ने लाउडस्पीकरों को लेकर हुए विवादों के बाद रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग को प्रतिबंधित कर दिया था। हालाँकि, सरकार द्वारा जारी इस आदेश में यह भी कहा गया था कि आवश्यक होने पर संबंधित अधिकारियों की अनुमति के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग किया जा सकता है।

कर्नाटक सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में दिन के दौरान 75 डेसिबल और रात में 70 डेसिबल के शोर स्तर की अनुमति दी थी। वाणिज्यिक क्षेत्रों में दिन के दौरान 65 डेसिबल और रात में 55 डेसिबल के शोर स्तर की अनुमति है। रिहायशी इलाकों में दिन में ध्वनि स्तर 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल है। इसके अलावा, शांत क्षेत्र में दिन के दौरान 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल तक शोर की अनुमति है। गौरतलब है कि मस्जिदों में अजान के समय उपयोग किए जाने लाउडस्पीकर्स को लेकर श्रीराम सेना के अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने कहा था कि वह अजान को काउंटर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।

उन्होंने कहा था, “कोर्ट के आदेश के अनुसार रात 10 से सुबह 6 के बीच लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकता लेकिन वे लोग (मुस्लिम) सुबह 5 बजे कर रहे हैं। इसलिए, हम भी इसका उल्लंघन करेंगे और इस तरह सरकार को चेतावनी देंगे। हमारी लड़ाई मस्जिदों में अजान या नमाज अदा करने के खिलाफ नहीं है, बल्कि लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ है।”

‘1 लाख राजपूत सर कटाने को तैयार हैं…’: दिल्ली-मुंबई नहीं, नाथद्वारा से क्यों लॉन्च हुआ रिलायंस का 5G? इस इतिहास में गोवर्धन पर्वत और औरंगजेब भी

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने 5G सेवाएँ लॉन्च कर दी गई है। इसके लिए उनके बेटे आकाश अंबानी परिवार सहित नाथद्वारा पहुँचे थे, जहाँ ये कार्यक्रम हुआ। अब आपके मन में ये सवाल ज़रूर उठ सकता है कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु या चेन्नई जैसे शहरों से क्यों नहीं, राजस्थान के राजसमंद स्थित एक छोटे से शहर से भला 5G जैसी सेवा क्यों लॉन्च की गई, जिससे देश भर में डिजिटल क्रांति आने वाली है। आगे बढ़ने से पहले बता दें कि नाथद्वारा, श्रीनाथजी का नगर है।

रिलायंस परिवार की श्रीनाथजी में रही है गहरी आस्था, यहीं से लॉन्च हुआ 4G और 5G

इसी मंदिर के मोती महल परिसर में आकाश अंबानी ने रिलायंस जियो की 5G सेवाओं का शुंभारंभ किया। शनिवार (22 अक्टूबर, 2022) को सुबह 10:30 से लेकर दोपहर 12 बजे तक ये कार्यक्रम चला। नाथद्वारा में 5G सेवाओं के लिए 20 टॉवर की व्यवस्था की गई है, जिससे लोगों को हाईस्पीड इंटरनेट मिलेगी। याद रखने वाली बात ये भी है कि 2015 में 4G सेवाएँ लॉन्च करने से पहले मुकेश अंबानी ने यहाँ श्रीनाथजी का दर्शन किया था।

इस साल भी करीब एक महीने पहले वो अपनी होने वाली बहू राधिका मर्चेंट के साथ श्रीनाथजी के दरबार में पहुँचे थे। उन्होंने तभी इसका ऐलान कर दिया था और धनतेरस के अवसर पर इसकी शुरुआत भी हो गई। मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी की माँ कोकिलाबेन श्रीनाथजी मंदिर ट्रस्ट की वाइस प्रेजिडेंट भी हैं। श्रीनाथजी के प्रति धीरूभाई अंबानी की भी गहरी आस्था थी। मुकेश अंबानी कभी विग्रह के सामने अपना मोबाइल फोन नहीं निकालते हैं।

श्रीनाथजी बाल स्वरूप भगवान हैं। इस मंदिर परिसर में मोती महल चौक, महाप्रभु जी की बैठक, कीर्तनिया गली, रतन चौक, कमल चौक, गोवर्धन पूजा चौक, प्रीतमपोली, नक्कारखाना, कृष्ण भण्डार, समाधान, खर्च भण्डार, लालन का चबूतरा, प्रसादी भण्डार और नाक चौक जैसे स्थल आते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का ये मंदिर हवेलीनुमा है। सन् 1672 में ब्रज से ये प्रतिमा आई थी। यह वल्लभ संप्रदाय का प्रधान पीठ है, ऐसे में वैषणव समाज की श्रीनाथजी में गहरी आस्था है।

राजस्थान के सजसमंद स्थित नाथद्वारा का श्रीनाथजी मंदिर: परिचय

अब हम आपको श्रीनाथजी मंदिर का इतिहास बताएँगे, लेकिन उससे पहले मंदिर के बारे में जानते हैं। सबसे पहले तो ये जानिए कि यहाँ के मुख्य विग्रह के रूप में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को अपने हाथ की उँगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाए दिखाया गया है। कथा कुछ यूँ है कि ब्रजभूमि में जब इंद्र ने मूसलाधार बारिश कराई तो श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्क ऊँगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर समस्त जनता को अतिवृष्टि से बचाया। अंत में इंद्र को अपनी गलती का पछतावा हुआ और उन्होंने भगवान से क्षमा माँगी।

नाथद्वारा मंदिर का पेंटिंग की दुनिया में भी खासा महत्व है। सुंदर-सुंदर चित्रकारी का ये शहर हब रहा है। नाथद्वारा शैली की चित्रकारी को ‘पिछवाई’ भी कहते हैं, जो आकार में बड़ी होती है और सामान्यतः कपड़ों पर बनाई जाई है। स्थानीय लोग इसे ‘ठाकुर जी की हवेली’ भी कहते हैं। सुबह के लगभग 11 बजे ‘राजभोग दर्शन’ होता है, जब भगवान को दिन का भोजन दिया जाता है। मंदिर परिसर की दीवारों पर रंगीन चित्रकारियाँ लगी हुई हैं। मुख्य मंदिर के भीतर मोबाइल या कैमरे का प्रयोग करने की अनुमति नहीं है। बनास नदी के किनारे स्थित इस शहर को आप छोटा ब्रज भी कह सकते हैं।

श्रीनाथजी की मूर्ति दुर्लभ संगमरमर वाले काले पत्थर से तराशी गई है। जिस रथ से इस प्रतिमा को ब्रज से यहाँ लाया गया था, उसे भी सजा कर और संरक्षित कर के रखा गया है। मंदिर की रसोई में स्थानीय और मौसमी सब्जियाँ बनती हैं। वल्लभाचार्य के वंशज इस मंदिर के स्थायी अभीक्षक होते हैं।श्रीनाथजी मंदिर पर इस पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था भी निर्भर है। नाथद्वारा ‘पुदीना चाय’ के लिए भी विख्यात है, जहाँ पुदीने वाली चाय आपको मिलती है।

कुल्हड़ में रख कर सामन्यतः इस अलग स्वाद वाले चाय को परोसा जाता है। भगवान को यहाँ मौसम के हिसाब से प्रसाद अर्पित किया जाता है। नाथद्वारा अगर आपको ट्रेन से जाना है तो आपको 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मावली जंक्शन या फिर 50 किलोमीटर दूर उदयपुर जंक्शन पर उतरना होगा। उदयपुर में महाराणा प्रताप एयरपोर्ट भी है। यहाँ आने वाले लोग हल्दीघाटी भी जाते हैं, जहाँ महाराणा प्रताप और अकबर की फ़ौज का युद्ध हुआ था। एकलिंग जी का दर्शन भी करते हैं।

भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के इस मंदिर का इतिहास

गोवर्धन पर्वत उठाने वाली द्वापर युग की कथा आज भी जीवित है। दुनिया भर में हिन्दू कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की प्रथमी तिथि को ये त्योहार मनाते हैं। दीपावली के एक दिन बाद आने वाले इस पर्व को ‘अन्नकूट’ के नाम से भी जानते हैं। कहते हैं, जब इस्लामी शासकों द्वारा मंदिरों का विध्वंस किया जा रहा था, तब वल्लभाचार्य संप्रदाय के 2 साधु इस मूर्ति को ब्रज से यहाँ छिपते हुए लेकर आए। रथ के पहिए यहाँ धँस जाने के कारण भगवान को यहीं स्थापित किया गया।

10 फरवरी, 1672 को नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर की स्थापना की गई थी। महाराजा राजसिंह (1652-1680) के काल में यहाँ की चित्रकारी शैली का विकास हुआ। वल्लभाचार्य के जो 2 साधु इस प्रतिमा को लेकर आए थे, उन्हें महाराणा ने शरण दी। उनके नाम थे गोविंद और दामोदर। सिहाड़ गाँव में भगवान का नया मंदिर बना। ब्रज और मेवाड़ का ये मिलान चित्रकारी की एक शैली का भी जन्मदाता बना, जिसे नाथद्वारा शैली या ‘हवेली शैली’ कहा गया।

ये वो समय था, जब औरंगजेब लगातार मंदिरों को ध्वस्त किए जा रहा था और उनमें से कइयों की जगह मस्जिदों का निर्माण करवा रहा था। ऐसे समय में महाराणा राजसिंह ने श्रीनाथजी की रक्षा के लिए सिर कटाने तक की शपथ ली। राजस्थान में महाराणा राजसिंह ने औरंगजेब का सामना ऐसे ही किया, जैसे पंजाब में गुरु गोविंद सिंह और महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी कर रहे थे। राणा ने एक चुनौती के रूप में इसे लिया और इस विग्रह की तब रक्षा की, जब औरंगजेब के भय से कोई उन साधुओं को शरण देने को तैयार नहीं था।

किशनगढ़ की राजकुमारी रानी चारुमति ने औरंगजेब को ठुकरा कर राजसिंह से विवाह किया था, जिससे मुग़ल बादशाह उनसे खासा नाराज़ रहता था। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि श्रीनाथजी की रक्षा के लिए 1 लाख राजपूत अपना सर कटाने के लिए तैयार हैं। जोधपुर के चौपासनी में भी श्रीनाथजी वाली बैलगाड़ी कई दिनों तक खड़ी रही थी, वहाँ भी उनका मंदिर है। कोटा से 10 किलोमीटर दूर जहाँ भगवान की चरण पादुकाएँ रखी हुई हैं, उसे चरण चौकी मंदिर के रूप में जानते हैं।

मंदिर में 8 प्रकार के दर्शन का विधान है। सन् 1934 में उदयपुर के शासक ने आदेश जारी किया था कि मंदिर की संपत्ति पर मंदिर का ही अधिकार होगा। इस तरह मंदिर की 562 प्रकार की संपत्तियों को संरक्षित किया गया। तिलकायत जी महाराज इसके मुख्य पुजारी थे, जिन्हें मंदिर का संरक्षक, प्रबंधक और ट्रस्टी नियुक्त किया गया। क्षेत्र के वनवासियों की भी इस मंदिर में खास आस्था है, जिन्हें प्रसाद का एक हिस्सा (इसे ‘लूटना’ भी कहा जाता है) मिलता है।

झारखंड में घर से घूमने निकली ST लड़की का 10 लड़कों ने किया गैंगरेप, दोस्त को मारपीट कर भगाया: BJP ने उठाए हेमंत सरकार पर सवाल

झारखंड के चाईबासा में जनजातीय समुदाय की एक लड़की से गैंगरेप की घटना सामने आ रही है। इस घटना में आरोपितों की संख्या 10 बताई जा रही है जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है। पीड़िता सॉफ्टवेयर इंजीनियर है जो फ़िलहाल घर से ही काम कर रही थी। पुलिस ने केस दर्ज कर के कुछ संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं भाजपा ने इस मामले को ले कर राज्य सरकार को महिला सुरक्षा में असफल बताया है। घटना गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना मुफस्सिल थानाक्षेत्र के टेकराहासू की है। पीड़िता अपने एक दोस्त के साथ इसी क्षेत्र में बनी एक हवाई पट्टी पर घूमने गई थी जहाँ उसे शाम हो गई। तभी वहाँ लगभग 10 अनजान लोग आ गए जिन्होंने पहले पीड़िता के दोस्त को मारपीट कर भगा दिया। इस दौरान आरोपितों ने पीड़िता के दोस्त का मोबाईल फोन और जेब में रखे 5 हजार रुपए भी छीन लिए। बाद में सभी ने पीड़िता को कुछ दूर सुनसान में ले जा कर उसके साथ रेप किया।

घटना के बाद पहुँची पुलिस ने पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया जहाँ उन्हें किसी से मिलने-जुलने की इजाजत नहीं है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 10 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज कर ली है। कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए भी उठाया गया है। हालाँकि अब तक पुलिस द्वारा किसी की आधिकारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इस मामले की जाँच के लिए 15 सदस्यीय SIT का गठन किया गया है।

भाजपा ने झारखंड सरकार पर उठाए सवाल

झारखंड में भाजपा प्रवक्ता कुणाल सारंगी ने प्रदेश सरकार के कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए हैं। कुणाल के मुताबिक चाईबासा में हुई SIT टीम का गठन महज एक खानापूर्ति है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएँ अब आम बात हो चुकी हैं। भाजपा प्रवक्ता के मुताबिक आरोपित अपनी पहुँच सीधे मुख्यमंत्री ऑफिस तक बताया करते हैं। कुणाल सारंगी ने हेमंत है तो हिम्मत है के नारे को कटघरे में खड़ा करते हुए बताया कि अब सिर्फ अपराधियों की हिम्मत है और यही हाल रहा तो इस प्रदेश में आम लोगों का रहना भी दूभर हो जाएगा।

’27 अक्टूबर तक ट्रैफिक उल्लंघन करने पर भी नहीं कटेगा कोई चालान’: गुजरात सरकार का दिवाली पर ‘अनोखा’ तोहफा, पुलिस फूल देकर समझाएगी

गुजरात की भाजपा सरकार ने कहा कि दिवाली के चलते 21 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक चालान नहीं काटा जाएगा। हालाँकि, गुजरात की जनता ने गुजरात सरकार ने कहा कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें, लेकिन इस दौरान अगर किसी से गलती हो जाती है तो उससे जुर्माना नहीं वसूल किया जाएगा।

गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस बात का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, “ट्रैफिक पुलिस 21 से 27 अक्टूबर तक नागरिकों से कोई जुर्माना नहीं वसूलेगी। इसका यह मतलब नहीं कि आप (नागरिक) यातायात नियमों का पालन नहीं करें।”

उन्होंने कहा कि इस दौरान अगर कोई नियमों का उल्लंघन करता है तो ट्रैफिक पुलिस उसे फूल देकर समझाएगी। उससे जुर्माना नहीं लिया जाएगा। बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं और दिवाली के बाद कभी भी चुनाव के तारीखों की घोषणा हो सकती है।

संघवी ने ट्विटर पर साल 2018 का अपना एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “दीवाली पास में है, चलो खुशियों से कुछ घर सजाते है, कुछ मुस्काने रोशन करते है।” उन्होंने कहा कि गुजरात की भूपेंद्र पटेल की सरकार ने यह निर्णय जनता के हित में लिया है।

संघवी ने अपना एक पुराना ट्वीट भी शेयर किया, जिसमें लिखा है, “इस दिवाली क्यों न हम कुछ खास करते है, इस दिवाली उनके साथ खुशिया बाँटते हैं, जो हमारा हाथ बँटाते हैं। इस दिवाली हम सब लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाते हैं, जो हमारी जरूरतों को अच्छे से समझते हैं। हम सब साथ मिलकर इस दिवाली को खुशहाली के रंगों से रोशन करते हैं। दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ।”

दिवाली पार्टी के बहाने अमेरिका में इकट्ठा हो रहा PAK के जेहादी संगठन के लिए धन: बांग्लादेश में नरसंहार के लिए था जिम्मेदार, हमास का भी है मददगार

पाकिस्तान स्थित एक जिहादी संगठन के लिए धन जुटाने के लिए रविवार (23 अक्टूबर 2022) को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन के ‘द बेल हाउस’ में दिवाली पार्टी का आयोजन किया जा रहा है। पाकिस्तान में बाढ़ पीड़ितों के लिए धन जुटाने के बहाने इस आयोजन से होने वाली आय अल खिदमत फाउंडेशन (कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी की चैरिटी विंग) को दी जा रही है।

इस मामले को सबसे पहले ‘स्टॉप हिंदू हेट एडवोकेसी नेटवर्क (SHHAN)’ ने उस समय उठाया, जब ‘द बेल हाउस’ ने एक ट्वीट करके इसके बारे में जानकारी दी। इसके बाद इसकी सोशल मीडिया पर आलोचना होने लगी।

अपने ट्वीट में द बेल हाउस ने लिखा, “इस रविवार 10/23, आरती गोलापुडी और माया देशमुख दिवाली पार्टी 2022 पेश कर रहे हैं! अपर्णा नानचेरला, सुनीता मणि, प्रोमा खोसला, पूजा रेड्डी और जुबी अहमद, डीजे रेखा और कार्डडममी के संगीत के साथ! पाकिस्तान में राहत प्रयासों का सहयोग करने के लिए इसकी आय अल खिदमत फाउंडेशन को जाएगी।”

यह कार्यक्रम रविवार (23 अक्टूबर) को ‘द बेल हाउस’ में शाम 7:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में सामान्य प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति $19.72 (INR 1,627 के बराबर) लिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का पोस्टर इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना होने के बाद ‘द बेल हाउस’ ने बिना किसी स्पष्टीकरण के अपने ट्वीट को तुरंत डिलीट कर दिया। हालाँकि, लेखन के समय टिकट का लिंक अभी भी लाइव था।

अल खिदमत फाउंडेशन का आतंकवाद से नाता

राबा टाइम्स की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार, अल खिदमत फाउंडेशन इस्लामवादी पाकिस्तान के राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी (JeI) के चैरिटी विंग के रूप में कार्य करता है। साल 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बंगाली आबादी के नरसंहार के लिए यह संगठन जिम्मेदार था।

2006 में JeI ने कथित तौर पर यहूदियों और इज़राइल के खिलाफ जिहाद को जारी रखने के लिए आतंकवादी संगठन हमास को 1,00,000 डॉलर (लगभग 83 लाख रुपए) भेजे थे। राबा टाइम्स ने बताया था कि यह कैसे संगठन ‘हेल्पिंग हैंड फॉर रिलीफ एंड डेवलपमेंट (HHRD)’ नाम के एक मुस्लिम अमेरिकी चैरिटी संगठन के साथ मिलकर काम कर रहा है।

पिछले साल जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सिराज-उल हक ने पाकिस्तान में मंदिर निर्माण के लिए वहाँ के लोगों के पैसे का उपयोग करने का विरोध किया था। हक ने पाकिस्तान के सभी करदाताओं को केवल ‘मुस्लिम’ मानते हुए कहा था कि पैसे का इस्तेमाल शरीयत के दिशा-निर्देशों और देश में मुस्लिम आबादी के विवेक के खिलाफ नहीं किया जा सकता।

सिराज-उल हक के बयान की आलोचना करते हुए पाकिस्तान के हिंदू कार्यकर्ता कपिल देव ने ट्वीट किया था, “सिराज-उल-हक इस देश में पाँच मिलियन (50 लाख) हिंदू करदाता हैं। इसे उनके पैसे से बनाया जाएगा। मंजूर न भी हो तो हमारे नाम से शराब खरीदने-बेचने से मिलने वाले टैक्स से कर दो। यदि नहीं तो बंदोबस्ती विभाग बंद कर दीजिए और मंदिरों एवं गुरुद्वारों के किराए से निर्माण कीजिए।”

लाहौर में अबुल आला मौदूदी द्वारा स्थापित जमात-ए-इस्लामी विभाजन के तुरंत बाद जमात-ए-इस्लामी (हिंद) और पाकिस्तान में विभाजित हो गया था। इससे पहले ऑपइंडिया की एक रिपोर्ट में हमने खुलासा किया था कि यह संगठन भारत में कट्टरपंथी इस्लाम फैलाने के लिए सऊदी अरब से कैसे धन प्राप्त कर रहा है।

गरीब हूँ, पढ़ा-लिखा हूँ, अब्बा गार्ड हैं… ISIS के साथ मिल अमेरिकन स्कूल को उड़ाना चाहता था अनीस अंसारी, कोर्ट ने 8 साल बाद सुनाई उम्रकैद की सजा

मुंबई के अमेरिकी स्कूल पर आतंकी हमले की साजिश रचने वाले अनीस अंसारी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। अनीस कम्प्यूटर इंजीनियर है जिसे साल 2014 में महाराष्ट्र ATS ने गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसके निशाने पर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे थे। इस हमले को वह लोन वुल्फ अंदाज में अंजाम देना चाहता था। अनीस आतंकी समूह ISIS का भी समर्थक बताया जा रहा है। अनीस को यह सज़ा शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को सुनाई गई है।

इसे महाराष्ट्र में साइबर आतंक में मिली पहली सज़ा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला मुंबई की एक अदालत के अतरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.ए. जोगलेकर ने सुनाया है। आरोपित अंसारी एक प्राइवेट कम्पनी में एसोसिएट जियोग्राफिक में बतौर टेक्नीशियन काम करता था। इस दौरान उसने अपने ऑफिस के कम्प्यूटर का भी दुरुपयोग किया। बताया जा रहा है कि अनीस अंसारी ऑफिस से ही एक नकली फेसबुक बना कर आपत्तिजनक और साम्प्रदायिक पोस्ट करता था।

18 अक्टूबर 2014 को उसे महाराष्ट्र ATS ने गिरफ्तार कर लिया था। सुरक्षा एजेंसी का आरोप था कि अनीस उमर एल्हाजी के साथ फेसबुक पर बातें करता था। सोशल मीडिया पर अनीस ISIS का भी समर्थन करता था। उस पर आरोप है कि वो अकेले ही एक अमेरिकी स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को निशाना बनाने की फिराक में था। यह स्कूल बांद्रा-कुर्ला काम्प्लेक्स में था। ATS द्वारा पेश किए गए पुख्ता सबूतों के चलते ही साल 2014 से अब तक अनीस की जमानत नहीं हो पाई थी। जाँच एजेंसी ने अंसारी और अमेरिका के उमर एल्हाजी के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा कोर्ट में दिया है। उस बातचीत में न सिर्फ बच्चों पर हमला करने की बात कही कई है बल्कि दूतावासों को भी निशाने पर बताया गया है।

अनीस अंसारी के वकील शरीफ शेख ने कोर्ट में दलील की कि आरोपित ने अपना गुनाह कबूल नहीं किया था। इसी के साथ उन्होंने अनीस की उम्र और पढ़ाई आदि की दुहाई देते हुए उसके भविष्य का वास्ता भी अदालत में दिया। अनीस के लिए उनके वकील शरीफ की पैरवी में आरोपित के गरीब घर से होने और अब्बा द्वारा गार्ड की नौकरी करने जैसी बातें कहीं गई। सरकारी वकील मधुकर दलवी ने आरोपित अंसारी को कड़ी सज़ा देने की माँग की। उन्होंने कहा कि अंसारी पढ़ा लिखा है और बाद में वो अपने अधूरे मंसूबों को अंजाम दे सकता है।

हैदराबाद से गोरखपुर जा रही बस रीवा में गिट्टी लदे ट्रक से टकराई, 15 की मौत और 40 घायल: कइयों के हाथ-पैर कटे, दीपावली में घर जा रहे थे यात्री

मध्य प्रदेश के रीवा (Rewa, Madhya Pradesh) में एक हादसे में बस में सवार 15 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हैं। राहगीरों की सूचना के बाद घायलों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। बस तेलंगाना के हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जा रही थी।

शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को करीब 11:30 बजे यात्रियों से भरी बस ट्रक के पीछे से टकरा गई। इसके बाद बस के केबिन में बैठे लोग बुरी तरह इसमें फँस गए। मृतकों एवं घायलों को निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त अधिकांश यात्री नींद में थे।

कहा जा रहा है कि बस के आगे-आगे गिट्टी से लदा भारी ट्रक चल रहा था। अचानक उसने ब्रेक लगा दिया। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर ट्रक के पीछे जा घुसी। बस की केबिन में भी 3-4 लोग फँस गए थे। इस हादसे में कई लोगों के हाथ-पैर कट गए हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

बस में सवार लोग दीपावली में अपने घर जा रहे थे। बस के बोनट और आगे की सीट पर बैठे सभी यात्रियों की मौत हो गई है। जिला प्रशासन ने मृतकों को उनके घर तक भेजने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही घायलों का रीवा और प्रयागराज में नि:शुल्क इलाज कराया जा रहा है।

अमेरिका की सड़कों पर फिर गोलीबारी, इस बार जनजातीय क्षेत्र को बनाया निशाना: 2 की मौत, 1 पुलिसकर्मी घायल, 3 संदिग्ध गिरफ्तार

अमेरिका में एक बार फिर हुई गोलीबारी (Firing in America) में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं, एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया। घटना एक जनजातीय क्षेत्र में हुई है। इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। बताया जा है कि गोलीबारी में यही तीनों लोग शामिल थे।

घटना अमेरिका के वॉशिंगटन (Washington) के उत्तर-पूर्व में स्थित हडसन नदी के किनारे बसे कोल्विन ट्राइब्स रिजर्वेशन (The Colville Tribal Reservation) में हुई है। हिरासत में लिए दोनों संदिग्धों की पहचान करी पिंकहम और ज़ाचरी होल्टी के रूप में हुई है। वहीं, तीसरे संदिग्ध की अभी पहचान नहीं हो पाई है।

कोल्विल ट्राइबल पुलिस डिपार्टमेंट ने कहा कि उसने सिएटल से लगभग 450 किलोमीटर पूर्व केलर में एक छोटे से समुदाय केलर में गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) को गोलीबारी की जानकारी मिली। अधिकारियों ने दो लोगों को मृत पाया।

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर जा रहे एक अधिकारी को वाहन से फरार होने के दौरान एक संदिग्ध ने गोली मार दी थी। गोली अधिकारी के हाथ में लगी। घायल अधिकारी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत अब बेहतर बताई जा रही है।

कोल्विल ट्राइब्स इमरजेंसी सर्विसेज ने शुक्रवार दोपहर को फेसबुक पर बताया था कि ट्राइबल पुलिस और FBI पिंकम की तलाश कर रही है। इस बारे में किसी भी तरह सूचना मिलने पर लोगों को पुलिस से संपर्क करने के लिए कहा गया था।

ट्राइबल पुलिस ने एफबीआई, बॉर्डर पेट्रोल, वाशिंगटन स्टेट पेट्रोल एवं पुलिस और शेरिफ सहित 10 अन्य एजेंसियों की मदद से रात भर संदिग्धों की तलाश की। इसके बाद विभाग ने फेसबुक पर कहा कि दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके बाद शाम तक तीसरे संदिग्ध को भी पुलिस ने एलमर सिटी से हिरासत में ले लिया। हालाँकि, इसके नाम का पुलिस ने खुलासा नहीं किया है।

कोल्विल की कन्फेडरेटेड ट्राइब्स में एक दर्जन मूल अमेरिकी जनजातियों के लगभग 9,400 वंशज हैं। रिजर्वेशन लगभग 2,200 वर्ग मील (लगभग 5,700 वर्ग किलोमीटर) तक रूजवेल्ट झील के पश्चिम से कोलंबिया नदी पर बने ग्रांड कौली बाँध के पीछे तक फैला है।

वहीं, एक अन्य घटना में अमेरिका स्थित दक्षिणी विस्कॉन्सिन के हार्टलैंड के एक अपार्टमेंट में आग लगने से 6 लोगों की मौत हो गई है। आग लगने की पीछे की वजह के बारे में अभी तक पुलिस ने नहीं बताया है। घायलों के बारे में भी अभी जानकारी सामने नहीं आई है।

शौच के लिए गई थी हिंदू बच्ची, 60 साल का वली मोहम्मद आया और छप्पर के नीचे रेप किया: ग्रामीणों के देखने के बाद बवाल, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में 11 साल की हिंदू बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। आरोप गाँव के ही एक मुस्लिम समुदाय के बुजुर्ग व्यक्ति पर लगा है। भाजपा विधायक ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) की है।

मिली जानकारी के मुताबिक घटना त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र की है। पीड़िता की माँ ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत के मुताबिक पीड़िता स्थानीय स्कूल में पढ़ाई करती है। घटना के दिन जब वो सुबह लगभग 11 बजे शौच के लिए स्कूल के बगल गई हुई थी। आरोप है कि इस दौरान गाँव प्रतापपुर मठिया का लगभग 60 वर्षीय वली मोहम्मद उसकी बेटी को बहला-फुसला कर एक छप्पर में ले जा कर रेप किया।

बताया जा रहा है कि इस दौरान गाँव के ही कुछ लोगों ने वली अहमद को देख लिया। उन्होंने मामले की जानकारी पीड़िता की माँ को दी। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। सिद्धार्थनगर पुलिस का कहना है कि मामले में FIR दर्ज करने के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सिद्धार्थनगर के ही इटवा से भाजपा के पूर्व विधायक सतीश द्विवेदी ने पीड़ित परिवार से गाँव में जा कर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पुलिस से आरोपित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है और दुराचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनन दया नहीं दिखाई जाएगी।

ऑपइंडिया से बात करते हुए घटना को ट्वीट करने वाले स्थानीय भाजपा नेता अजय यादव ने पुलिस पर शुरू में हीलाहवाली का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पहले तो केस ही दर्ज करने में दिक्कत पैदा की जा रही थी। अजय यादव के मुताबिक इसके पीछे वली मोहम्मद और बच्ची की उम्र का हवाला दिया जा रहा था। हालाँकि अजय के मुताबिक कुछ लड़कों ने आरोपित का वीडियो बना लिया था इसके चलते केस दर्ज हो पाया। जब ऑपइंडिया ने अजय यादव के आरोपों और अन्य मामलों की पुष्टि के लिए SHO त्रिलोकपुर को उनके आधिकारिक नंबर पर मिलाया तो नंबर पहुँच से बाहर बताया।

गौरतलब है कि सिद्धार्थनगर जिला नेपाल का सीमावर्ती जिला है। जिस गाँव की ये घटना है वहाँ से नेपाल की सीमा लगभग 50 किलोमीटर के आस-पास है। ऑपइंडिया ने अपनी ग्राउंड रिपोर्ट में बताया था कि बॉर्डर पर बढ़ती एकतरफा आबादी और उसके दुष्प्रभावों से जिला सिद्धार्थनगर भी अछूता नहीं रहा है।

’27 तारीख को तेरी खाल उधेड़ दूँगा’: बिहार के CM नीतीश को ओमप्रकाश राजभर ने मंच से दी खुली धमकी, जातीय गणना पर माँगा जवाब

राज्य में जातीय गणना नहीं कराने पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की खाल उधेड़ने की धमकी दी है।

पार्टी की ‘सावधान रथ यात्रा’ के दौरान बिहार से सटे यूपी के बलिया में बोलते हुए राजभर ने कहा कि नीतीश कुमार को बताना चाहिए कि बिहार में जातीय गणना में इतनी देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा, “अगर इन सवालों का नीतीश ने जवाब देने में देरी की तो मैं खाल उधेड़ दूँगा।”

राजभर यहीं नहीं रूके। उन्होंने भाजपा को भी निशाने पर ले लिया। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि इतिहास गवाह रहा है कि भाजपा (BJP) बिना गठबंधन के अकेले दम पर आज तक सरकार नहीं बना पाई है। राजभर शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को बलिया में आयोजित ‘सावधान रथ यात्रा’ को संबोधित कर रहे थे। 

उन्‍होंने कहा कि बिहार में आरजेडी उनकी सहयोगी पार्टी है और दोनों जातीय गणना के पक्ष में रहे हैं। इसके बावजूद जातीय गणना कराने पर नीतीश विलंब कर रहे हैं। इसका उन्हें हिसाब देना होगा। राजभर ने कहा कि 27 अक्टूबर 2022 को ‘सावधान रथ यात्रा’ का बिहार में समापन हो रहा है। इसी दौरान पटना के गाँधी मैदान में नीतीश से हिसाब माँगा जाएगा।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सभी पार्टियाँ ‘सावधान रथयात्रा’ से डर गई हैं। इन पार्टियों को डर है कि कहीं ओमप्रकाश राजभर जनता को जगा ना दे। इससे एक दिन पहले सादात में राजभर ने कहा था कि उनके पास वोट की ताकत है, जो उन्हें मजबूत बना रही है इसी की बदौलत वह वर्ष 2024 में दिल्ली तक पीला झंडा लहराएँगे। 

राजभर की पार्टी की रथ यात्रा 26 सितंबर को यूपी की राजधानी लखनऊ से शुरू हुई थी। यह रथयात्रा राज्य के 19 जिलों से होकर गुजर रही है, जिनमें लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, चंदौली, मऊ, गाजीपुर, बलिया आदि अधिकतर पूर्वांचल के जिले शामिल हैं।