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प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद इस्लामी भीड़ ने बरपाया था कहर, HC ने आरोपित फज़ल खान को दी अग्रिम जमानत: घटना के बाद से फरार था सपा पार्षद

प्रयागराज के अटाला क्षेत्र में 10 जून, 2022 को हुई हिंसा में आरोपित फ़ज़ल खान को इलाहबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। फ़ज़ल खान समाजवादी पार्टी से पार्षद भी है। घटना के बाद से वो फरार चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी। फ़ज़ल खान मस्जिद से निकली उस भीड़ को भड़काने में आरोपित है, जिसने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था और शहर में हिंसा फैलाई थी। फ़ज़ल को यह अग्रिम जमानत शनिवार (22 अक्टूबर, 2022) को मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ़ज़ल खान पर प्रयागराज पुलिस ने कुल 3 केस दर्ज किए हैं, जिसमें से उसे 2 केसों में अग्रिम जमानत मिली है। हाईकोर्ट ने फ़ज़ल खान के मामले में प्रदेश सरकार से जवाब भी तलब किया है। उस पर आगजनी और पत्थरबाजी का भी आरोप है।

मुख्य आरोपित जावेद पंप ने रासुका को दी चुनौती

इससे पहले अटाला हिंसा के मुख्य आरोपित जावेद पम्प ने पिछले सप्ताह 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट में खुद पर हुई रासुका (NSA) की कार्रवाई को इलाहबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका में जावेद ने खुद पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को नियम विरुद्ध बताया है। जावेद की इस याचिका के बाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर के जवाब के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है। इस याचिका पर सुनवाई 5 हफ्ते बाद होगी।

हिंसा के बाद से फरार इश्तियाक भी गिरफ्तार

अटाला हिंसा के बाद से अब तक फरार चल रहे आरोपितों की धर-पकड़ में जुटी पुलिस ने एक अन्य आरोपित इश्तियाक को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इश्तियाक का नाम ‘भैया’ भी है। पुलिस के मुताबिक, वह अटाला हिंसा में सक्रिय रूप से शामिल था जिस पर तमाम धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि 19 अक्टूबर, 2022 को की है।

गौरतलब है कि प्रयागराज के करेली क्षेत्र में आने वाले अटाला में जुमे की नमाज़ के बाद 10 जून, 2022 को हिंसा भड़क गई थी। हिंसक भीड़ को नूपुर शर्मा के विरोध के नाम पर जुटाया गया था। बाद में भीड़ ने पुलिस बल पर हमला बोल दिया था जिसमें कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं थीं। इस घटना के बाद पुलिस ने कुल 95 नामजद और 5400 अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज किया था।

15 साल के लड़के का पादरी ने घर जाकर किया यौन शोषण, शिकायत के लिए परिजन 5 थाने भटके: 1 साल बाद सुनवाई, 3 पर केस दर्ज

महाराष्ट्र के पुणे में शुक्रवार (21अक्टूबर 2022) को 15 वर्षीय लड़के का यौन शोषण करने के आरोप में 3 पादरियों के खिलाफ पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले का मुख्य आरोपित फादर विंसेंट परेरा फरार बताया जा रहा है। जबकि, दो अन्य पादरियों पर इस यौन उत्पीड़न को दबाने का आरोप लगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला सितंबर 2021 का है। हालाँकि, पीड़ित लड़के व उसके परिवार वालों की लाख कोशिशों के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। लेकिन, अब एक्टिविस्ट की सहायता के बाद आरोपित पादरियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

यौन शोषण केस की सजा भुगत चुका है पादरी, घर जाकर दूसरे लड़के को निशाना बनाया

रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्षीय लड़के के साथ यौन शोषण का मुख्य आरोपित पादरी विंसेंट परेरा यौन शोषण के एक अन्य मामले में पुणे की यरवदा जेल में 18 महीने बिता चुका है। तब, उसने साल 2018 में पैट्रिक हाई स्कूल में प्रिंसिपल रहते हुए 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र के साथ मारपीट करते हुए अश्लील वीडियो दिखाए थे। इसके बाद, जब वह जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने 15 वर्षीय लड़के को अपने शिकार बनाया है।

हालिया घटना की बात करें तो आरोपित पादरी, पीड़ित लड़के के घर गया था। जहाँ, उसने लड़के का यौन उत्पीड़न किया। पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा है कि पीड़ित के परिवार के सदस्यों ने इस घटना के बारे में पुणे के पादरी थॉमस डाबरे और बॉम्बे के आर्कबिशप कार्डिनल ओसवाल्ड ग्रेसियस को सूचित किया था। हालाँकि, दोनों ने परेरा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की।

शिकायत लेकर दर-दर भटके परिजन

पीड़ित के परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि कथित यौन उत्पीड़न होने के बाद अगले तीन माह में शिकायत दर्ज कराने के लिए 5 थानों में गए थे। लेकिन, कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। हालाँकि, इसके बाद लेकिन अगस्त में पुणे के दो एक्टिविस्ट से संपर्क करने के बाद शिकायत दर्ज हो सकी है।

एक्टिविस्ट मारुति भापकर और डोमिनिक लोबो ने इस मामले को लेकर अगस्त महीने में पुणे पुलिस कमिश्नर से संपर्क किया था। इसके बाद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने सितंबर में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में जाकर पीड़ित लड़के के बयान दर्ज करवाए और पुलिस को नोटिस जारी करवाया। एक्टिविस्ट भापकर की शिकायत के जवाब में 30 सितंबर को हडपसर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है और बाद में मामला कोंढवा थाने ले जाया गया है।

नहीं गिरफ्तार हुए आरोपित

इस संबंध में पुणे के पुलिस कमिश्नर का कहना है कि मामले के मुख्य आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है और अन्य दो आरोपितों पर लगे आरोपों की जाँच की जा रही है। हालाँकि, कोंढवा थाने के इंस्पेक्टर सरदार पाटिल ने कहा है कि मामले का मुख्य आरोपित परेरा अब भी फरार है चल रहा है। उन्होंने कहा है “परेरा फरार है लेकिन हम उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे। हमने बिशप और कार्डिनल को गिरफ्तार नहीं किया है क्योंकि ऐसा लगता है कि वे इस कृत्य में शामिल नहीं थे, लेकिन हमने उन्हें कोई क्लीन चिट नहीं दी है। हमने उनके खिलाफ अपराध की जानकारी होने के बावजूद शिकायत दर्ज नहीं करने का मामला दर्ज किया है।”

इस बीच, आरोपित थॉमस डाबरे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा है, वह पोप और उनके कर्मचारियों के प्रति आभारी है। वह बोले, “यह पूरी बात मनगढ़ंत है। मैं केवल चर्च कानून के अनुसार कार्य करता हूँ। आपको यह समझना होगा कि मैं उन सिविल अधिकारियों के प्रति आभारी हूँ जिनकी मैं आज्ञा मानता हूँ। लेकिन मैं पोप और उनके कर्मचारियों के प्रति भी आभारी हूँ। मैंने उन्हें मामले की सूचना दी है और मैं वही कर रहा हूँ जो मुझे उनके द्वारा बताया गया था। मेरा काम केवल पुलिस को सूचित करना था, मेरा काम एफआईआर दर्ज करना नहीं था।”

वहीं, इस मामले में पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पुणे के पाँच पुलिस स्टेशनों- हडपसर, कोंढवा, वानावाड़ी, बुंद गार्डन और पुणे रेलवे स्टेशनों पर दिसंबर, जनवरी और फरवरी में शिकायत की, लेकिन कहीं भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। फिर उन्होंने बॉम्बे के आर्कबिशप, कार्डिनल ग्रेसियस से इस मामले में जानकारी दी। इसके बाद, उन्होंने पुणे के फादर को इस मामले पर कार्रवाई करने के लिए कहा।

चर्च और पुलिस दोनों ने नहीं की मदद: परिवार का आरोप

इसके बाद अप्रैल में, पुणे में फादर विल्फ्रेड फ्रांसिस नाम के एक पादरी ने पुणे के फादर के कहने पर कोंढवा पुलिस स्टेशन पर शिकायत की थी। हालाँकि, पीड़ित के परिजनों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित परिवार आरोपित पादरी को अच्छी तरह से जानता था। इसलिए ही वह उनके घर चला गया था।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने चर्च और पुलिस दोनों से मदद माँगी थी। लेकिन, किसी ने भी उनका सहयोग नहीं किया। इसके बाद ही उन्हें एक्टिविस्ट से सहायता माँगनी पड़ी।

इस मामले में, पीड़ित परिवार की सहायता करने वाले एक्टिविस्ट मारुति भापकर ने कहा है कि दोनों ही पादरियों आर्कबिशप और कार्डिनल ग्रेसियस को मामले की पूरी जानकारी थी। दोनों ने मुख्य आरोपित को बचाने की कोशिश की है।

वहीं, पीड़ित परिवार की सहायता करने वाले एक अन्य एक्टिविस्ट डोमिनिक लोबो का कहना है “पॉक्सो एक्ट के तहत नियमों के अनुसार, संस्था के प्रभारी व्यक्ति को ऐसे मामलों की पुलिस को रिपोर्ट करने की आवश्यकता होती है। उनमें से किसी ने भी आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस बहुत दबाव में है क्योंकि इस मामले में हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं।”

दिवाली के दिन 15 लाख दीपों से जगमगाएगी अयोध्या: PM मोदी करेंगे रामनगरी में दीपोत्सव का शुभारंभ, CM योगी भी मौजूद रहेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) छोटी दिवाली के दिन यानी 23 अक्टूबर 2022 को भगवान राम की अयोध्या नगरी में रहेंगे। इस दिन छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार शाम को मोर दीपक जलाकर दीपोत्सव के त्योहार का शुभारंभ करेंगे। दीपोत्सव के लिए अयोध्या को सजाया जा रहा है। दिवाली के दिन 15 लाख दीप जलाया जाएगा, जो एक रिकॉर्ड होगा।

प्रधानमंत्री अयोध्या में लगभग 4 घंटे तक रहेंगे। इस दौरान शाम को राम की पैड़ी पर बन रहे मुख्य मंच पर पीएम मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय पक्षी मोर के रूप में बने दीप को जलाकर समारोह का शुभारंभ करेंगे।

अयोध्या में भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी पहली बार अयोध्या जाएँगे। मुख्य मंच के ठीक सामने दीपों से राम मंदिर मॉडल बनाया जा रहा है। मंदिर मॉडल में लगभग 10,000 दीप सजाए जा रहे हैं। इसे इस प्रकार से तैयार किया जा रहा है, कि मंच पर बैठे अतिथियों की इस पर सीधी नजर पड़े।

इसके साथ ही सरयू नदी के घाट नंबर 10 पर एक भव्य भी रंगोली बनाई जाएगी। यह रंगोली फूलों से बनेगी। इसके लिए एक क्विंटल से अधिक फूलों की पंखुडियों का इस्तेमाल किया जाएगा।

दीपोत्सव के दौरान शोभायात्रा में 16 झाँकियाँ निकाली जाएँगी, जिनमें भगवान राम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के प्रसंगों को दिखाया जायेगा। इसमें 10 देशों की टीम मंचन भी करेगी। लेजर और साउंड शो का रिहर्सल भी पूरा कर लिया गया है। 

इस आयोजन के लिए अयोध्या को ऐसे सजाया जा रहा है, जैसे इस बार राजा रामचंद्र साक्षात अयोध्या पधार रहे हों। अयोध्या में प्रवेश के लिए 26 तोरण द्वार बनाए गए हैं। शहर की सड़कों को चमकाया जा रहा है और रंगे-बिरंगे झालरों से सजाया जा रहा है। सफाई व्यवस्था के लिए 1000 कर्मचारी दिन-रात लगे हैं।

दीपोत्सव में VVIP मूवमेंट के कारण सुरक्षा व्यवस्था को भी चाक-चौबंद किया गया है। कदम-कदम पर सादी वर्दी में खुफिया विभाग और पुलिस के जवान तैनात होंगे। इस दौरान ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से अयोध्या पर नजर रखी जाएगी।

जिन्हें AAP बताती है ‘दुनिया का सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री’, उन्हें नहीं पता भगवान धन्वंतरि पुरुष हैं या महिला: ट्विटर पर ‘माँ’ बता कर दी शुभकामना, ट्रोल हुए तो किया डिलीट

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने ट्विटर से लोगों को धनतेरस की शुभकामनाएँ दी हैं। हालाँकि अरविन्द केजरीवाल द्वारा भारत रत्न के योग्य और संसार के सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री घोषित मनीष सिसोदिया को भी हिन्दू त्योहारों की थोड़ी और जानकारी लेने की जरूरत है। मनीष सिसोदिया ने अपने एक डिलीट किए जा चुके ट्वीट में लिखा, “स्वास्थ्य व समृद्धि की देवी माँ धन्वन्तरि से प्रार्थना करता हूँ कि सभी के जीवन में खुशहाली व सुख-शाँति बनाए रखें और सभी की मनोकामनाएँ पूरी करें। सभी देशवासियों को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ।”

मनीष सिसोदिया द्वारा डिलीट ट्वीट का स्क्रीनशॉट

कथित तौर पर दुनिया के ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री’ को यह भी नहीं पता कि धन्वन्तरि एक देवता हैं न कि देवी। अपनी अज्ञानता के चलते नेटिज़ेंस ने उन्हें ट्रोल किया तब उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। विक्रांत कुमार नाम के एक ट्विटर यूजर ने मनीष सिसोदिया को चुनावी हिन्दू कहा। उन्होंने लिखा, “भारत रत्न के काबिल, सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री और आधुनिक भगत सिंह ने भगवान धन्वन्तरि को पुरुष से महिला में बदल दिया। ऐसा तब होता है जब आप ‘चुनावी हिन्दू’ हों।”

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ने मनीष सिसोदिया के ट्वीट पर तंज कसा है। उन्होंने लिखा, “सिर्फ चुनावों के समय मंदिर जाने और बाकी समय में हिन्दुओं को गाली देने वालों से ऐसा ही होता है।”

इसके अलावा कई अन्य नेटीजेंस ने मनीष सिसोदिया को हिन्दू त्योहारों के बारे में जानकारी दी। आख़िरकार सिसोदिया ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया।

दरअसल सिसोदिया को हिन्दू त्योहारों के बारे में सच में सीखने की जरूरत है। धनतेरस को धनत्रयोदशी भी कहते हैं जो धन्वन्तरि भगवान की जयंती का भी दिन है। धन्वन्तरि को आयुर्वेद का भी देवता कहा जाता है। हिन्दू ग्रंथों के मुताबिक, समुद्र देवता और असुरों के बीच हो रहे समुद्र मंथन के दौरान अमृत का कलश ले कर भगवान धन्वन्तरि ही प्रकट हुए थे। साल 2016 से केंद्र सरकार ने इस दिन को ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के तौर पर स्वीकार किया है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपनी पार्टी के अमूमन उन्ही नेताओं का महिमामंडन करते है जिन पर या तो घोटालों के आरोप हों या उन्हें गिरफ्तार किया गया हो। शराब घोटाले में फँसने के बाद ऐसा ही उन्होंने मनीष सिसोदिया के साथ भी किया था और उनके लिए ‘भारत रत्न’ की माँग कर डाली थी।

केजरीवाल ने ऐसा ही अपने मंत्री सत्येंद्र जैन के ठिकानों पर ED की छापेमारी के दौरान किया था। तब उन्होंने जैन को ‘पद्म विभूषण’ देने की माँग की थी।

80 साल के पूर्व राष्ट्रपति को भरी सभा से बाहर निकाला, चीन के PM की भी कर दी छुट्टी: कैमरे में कैद हुई शी जिनपिंग की ‘तानाशाही’

चीन के राष्ट्रपति के तौर पर लगातार तीसरी बार सत्ता हथियाने के बाद शी जिनपिंग (China President Xi Jinping) और भी ताकतवर बनकर उभरे हैं। इसके साथ ही वो अपने विरोधियों को कुचलने का काम शुरू कर दिया। एक बैठक के दौरान देश के पूर्व राष्ट्रपति हू जिंताओ को जबरन बाहर निकाल दिया गया। इसके साथ ही जिनपिंग ने प्रधानमंत्री ली केकियांग को भी पार्टी लीडरशिप से हटा दिया है। 

चीन में कॉन्ग्रेस की 20वीं बैठक यानी चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) की बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रपति रह चुके 80 वर्षीय हू जिंताओ को जबरन मीटिंग से निकाल दिया गया। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बगल में बैठे हू जिंताओ को दो सुरक्षाकर्मियों ने कुर्सी से उठाया और मीटिंग हॉल से बाहर ले गए। इसका वीडियो भी सामने आया है।

वीडियो में दिख रहा है कि हू जिंताओ इस दौरान शी जिनपिंग से कुछ कहते नजर आए। इस दौरान वे वापस कुर्सी पर बैठने की कोशिश भी किए, लेकिन दो मार्शल उनकी बाँह में हाथ डालकर बाहर लेकर चले गए।

कहा जा रहा है कि हू जिंताओ पार्टी में सुप्रीम लीडर या पारामाउंट की हैसियत रखते हैं, लेकिन अब शीन जिनपिंग ने उन्हें भी किनारे कर दिया है। इस वीडियो को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि जिंताओ का स्वास्थ्य खराब चल रहा है, इसलिए वे मार्शल के सहयोग से बैठक से बाहर निकल गए। हालाँकि, इसको लेकर किसी तरह आधिकारिक बयान नहीं आया है।

जिंताओ कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और 15 मार्च 2003 से 14 मार्च 2013 तक चीन के राष्ट्रपति थे। पार्टी संविधान के मुताबिक दो कार्यकाल पूरे होने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था। उनके पद छोड़ने के बाद शी जिनपिंग साल 2013 में चीन के राष्ट्रपति बने थे।

वहीं, शी जिनपिंग ने चीन के पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले प्रधानमंत्री ली केकियांग को भी पार्टी के वरिष्ठ पद से हटा दिया है। उनके साथ-साथ तीन और शीर्ष नेताओं को हटाया गया है। अब ये चारों नेता दोबारा कम्युनिस्ट पार्टी के ताकतवर पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य के रूप में दोबारा नियुक्त नहीं किया है। 

प्रधानमंत्री ली केकियांग के साथ 7 सदस्यीय सबसे ताकतवर पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमिटी से जिन तीन अन्य नेताओं को हटाया गया है, उनमें शंघाई पार्टी के प्रमुख हान झेंग, पार्टी एडवाइजरी काउंसिल के प्रमुख वांग यांग और नेशनल पीपुल्स कॉन्ग्रेस के प्रमुख ली झांशु शामिल हैं।

लगातार सात दिनों तक चली कॉन्ग्रेस की बैठक खत्म हो गई है। इस बदलाव के बाद माना जा रहा है कि शी जिनपिंग के आजीवन चीन का राष्ट्रपति बने रहना लगभग तय हो गया है। अब शी जिनपिंग अब माओत्से तुंग, माओ जेडॉन्ग के नाम से भी जाना जाता है, के बाद चीन के सबसे शक्तिशाली नेता बन गए हैं।

साल 2021 की कॉन्ग्रेस की बैठक में राष्ट्रपति जिनपिंग के खिलाफ बयानबाजी को अपराध की कैटेगरी में डालते हुए सजा का प्रावधान किया गया था। इसके साथ ही दो कार्यकाल तक राष्ट्रपति रहने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई थी।

खूंखार कुत्ते ने 5 साल की मासूम को गर्दन पर बुरी तरह नोचा, अस्पताल में मौत: परिवार ने बताया- बच्ची चॉकलेट लेने निकली थी

देशभर में कुत्तों का कहर बढ़ता जा रहा है। कभी पालतू तो कभी आवारा कुत्ते लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 5 साल की मासूम बच्ची पर आवारा कुत्ते के हमले की घटना सामने आई है। कुत्ते के हमले के बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जिसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहाँ, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना खरगोन जिले के बेड़िया थाना अंतर्गत बांकवाँ गाँव में शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) शाम की है। घरवालों ने बताया कि 5 साल की मासूम बच्ची सोनिया उसके घर के पास ही स्थित एक दुकान में चॉकलेट लेने के लिए गई थी। उसी समय आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया था।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कुत्ते ने हमला करते हुए सोनिया की गर्दन पकड़ ली थी। इस दौरान, वहाँ मौजूद लोगों ने कुत्ते के चंगुल से बच्ची को छुड़ाने की काफी कोशिश की। लेकिन, कुत्ता बच्ची को नहीं छोड़ रहा था। हालाँकि, बाद में काफी मशक्कत के बाद उसने बच्ची को छोड़ दिया।

इसके बाद, लहूलुहान हालत में उसे नजदीकी सरकारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहाँ देर रात तक उसका इलाज चल रहा था। हालाँकि, अधिक खून बह जाने के कारण इलाज के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।

इससे पहले, मध्य प्रदेश के सतना जिले में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। जहाँ, शनिवार (15 अक्टूबर 2022) को जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत इटमा कोठार में जर्मन शेफर्ड ने अपने ही मालिक पर हमला कर बुरी तरह जख्मी कर दिया था। इस कुत्ते को पीड़ित सनी के भाई ने हमले से 4 दिन पहले ही राजधानी भोपाल से भेजा था।

सनी ही हर रोज जर्मन शेफर्ड कुत्ते को खाना-पानी देता और उसका ख्याल रखता था। शनिवार को घर में कुछ बच्चे खेल रहे थे और कुत्ता खुला घूम रहा था। ऐसे में, सनी ने कुत्ते को बाँधने की कोशिश की, इसी दौरान कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने सीधे सनी की गर्दन पकड़ ली थी। किसी तरह सनी ने अपनी गर्दन छुड़ाई तो उसने सनी के हाथ, चेहरे और सिर पर हमला कर दिया। इसके बाद, सनी किसी तरह बच पाया। पीड़ित सनी को स्थानीय हॉस्पिटल और फिर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। फिलहाल, उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।

‘सिखों के लिए ऐतिहासिक पल, वाहेगुरु ने सुन ली अरदास’: हेमकुंट साहिब रोपवे के शिलान्यास पर सिख संस्थाओं ने PM मोदी को कहा धन्यवाद, ‘अकाल तख़्त’ ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के चमोली में स्थित हेमकुंट साहिब का दर्शन सुगम बनाने के लिए रोपवे की सौगात दी है, जिसके बाद सिख समाज ने उन्हें धन्यवाद दिया है। ‘श्री अकाल तख़्त साहिब’ के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने गोविंदघाट और हेमकुंट साहिब को जोड़ने वाले इस रोपवे के शिलान्यास के लिए पीएम मोदी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सिखों के लिए ये एक ऐतिहासिक पल है और इससे श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में तीर्थस्थल पहुँच पाएँगे।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख परंपराओं और गुरु ग्रन्थ साहिब की शिक्षाओं के प्रति गहरी संवेदना और सम्मान का प्रदर्शन किया है। इस क्रम में आपने कई कदम उठाए हैं, जिनमें गुरु तेग बहादुर जी का गुरु परब लाल किले पर मनाना भी शामिल है। जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अकाल तख़्त आए थे, जब सिखों से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा हुई थी। उन्होंने आश्वस्त किया था कि वो व्यक्तिगत रूप से आपसे इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे और हम सब मिल कर इससे उबरेंगे।”

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि वो अब इसके सकारात्मक परिणति की तरफ देख रहे हैं, जिससे सिख समाज का भविष्य चमकदार होगा। इसके अलावा ‘दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमिटी (DSGMC)’ ने भी कहा है कि सिख संगत केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा बनवाए जा रहे इस 12.4 किलोमीटर के रोपवे को लेकर मोदी सरकार को धन्यवाद देता है। संस्था ने कहा कि बुजुर्ग सिख भी गुरु साहिब का दर्शन के पाएँगे और यात्रा का समय भी घट जाएगा।

महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित तख़्त सचखंड श्री हुजूर साहिब के प्रशासक ने भी पत्र लिख कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। संस्था ने कहा कि हेमकुंट साहिब एक स्वर्ग जैसा स्थान है, जहाँ गुरु गोविंद सिंह ने अपने पिछले जन्म में तपस्या की थी, लेकिन 19 किलोमीटर के पहाड़ी ट्रेक के कारण कई श्रद्धालु यहाँ नहीं जा पाते थे। संस्था ने कहा कि वाहेगुरु ने अब हमारी अरदास सुन ली है। ‘द सिख फोरम’, हरियाणा की गुरुद्वारा कमिटी और ‘वाहेगुरु कमिटी’ सहित कई सिख संस्थाओं और संगठनों ने इस निर्णय पर ख़ुशी जताई है।

बता दें कि शुक्रवार (21 अक्टूबर, 2022) को पीएम नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड के माणा में 3400 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क और रोपवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी। 2 रोपवे – केदारनाथ से गौरीकुंड और हेमकुंड रोपवे के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने बाबा केदारनाथ, बद्री विशाल और सिख गुरुओं के आशीर्वाद को इसकी प्रेरणा एवं प्रगति का श्रेय दिया। उन्होंने कामगारों और इंजीनियरों से भी बात की और लोगों से उनका ख्याल रखने की सलाह देते हुए कहा कि वो भगवान का कार्य कर रहे हैं।

UP में सर्वे के दौरान खुलासा: देवबंद का दारुल उलूम यूपी मदरसा बोर्ड में नहीं है पंजीकृत, सहारनपुर में मिले 360 मदरसे

नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश की सीमा पर बढ़ते मस्जिद-मरदसों पर ऑपइंडिया की रिपोर्टिंग की श्रृंखला के बाद प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार (Yogi Adityanath Government) ने मदरसों के सर्वे का आदेश दिया था। इसके तहत यूपी में मदरसों के सर्वे का काम बहुत तेजी से चल रहा है।

सर्वे में अकेले यूपी के सहारनपुर में अब तक 360 मदरसे ऐसे मदरसे मिले हैं, जो सरकार से गैर-अनुदान वाले और गैर-मान्यता प्राप्त हैं। इनमें से एक भारत के सबसे बड़े मदरसों में शामिल देवबंद का दारुल उलूम मदरसा (Darul Ulum Deoband Madarsa) भी शामिल है।

देवबंद का दारुल उलूम मदरसा लगभग 156 साल पुराना है और यह मदरसा सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत है। सर्वे के दौरान यह बात सामने आई है कि दारुल उलूम यूपी मदरसा बोर्ड में पंजीकृत नहीं है और यह सरकारी सहायता भी नहीं लेता है।

सहारनपुर के सदर तहसील में गैर-सहायता प्राप्त मदरसों की संख्या सबसे अधिक 123 है। वहीं, बेहट तहसील में इनकी संख्या सबसे कम है। हालाँकि, सर्वे का काम अभी भी जारी है और इन मदरसों की संख्या और बढ़ सकती है।

मदरसों के सर्वे का काम 10 सितंबर 2022 से चालू है। सर्वे रिपोर्ट को तैयार कर डीएम अखिलेश सिंह 15 नवंबर तक शासन को भेजेंगे। सर्वे में मदरसों का पाठ्यक्रम, स्थापना वर्ष, संस्थापक, संचालित करने वाली संस्था, छात्रों की संख्या, मदरसे को सरकारी मदद व शिक्षकों की संख्या आदि पर बिन्दुवार रिपोर्ट को तैयार की जा रही है।

डीएम अखिलेश सिंह ने बताया कि दारुल उलूम भी सरकार से मदद नहीं लेता और यह सोसाइटी एक्ट में है पंजीकृत है, लेकिन यह अवैध है ऐसा नहीं कहा जा सकता। जो मदरसे सरकार से सहायता प्राप्त हैं, उनका अल्पसंख्यक विभाग में पंजीकरण आवश्यक है। जो मदरसे सरकार से मदद नहीं ले रहे उनको अवैध तब तक नहीं कह सकते, जब तक कि यह पुष्टि न हो जाए कि उनको प्राप्त मदद का स्रोत उचित नहीं है।

बता दें कि प्रदेश सरकार द्वारा गैर सहायता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने के विरोध में दारुल उलूम देवबंद में यूपी के मदरसों का सम्मेलन हुआ था। इसमें मौलाना अरशद मदनी ने कहा था कि मदरसों का सर्वे कराना सरकार का अधिकार है। मदरसों के अंदर कोई अवैध गतिविधि नहीं होती, इसके बारे में पता करना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुंबई के होटल में बम ब्लास्ट की धमकी देने वाला गिरफ्तार, शराब के नशे में किया कॉल: पहले यूनिवर्सिटी में धमाके की बात बोलने पर पकड़ा गया था

मुंबई पुलिस को फोन करके बम धमकी देने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया। युवक की गिरफ्तारी ऐसे मामले में दूसरी बार हुई है। बताया जा रहा है युवक ने शराब के नशे में पुलिस को फोन करके धमकाया था। हालाँकि पुलिस ने छानबीन में पाया कि वो ऐसा पहले भी करता रहा है।

बता दें कि मुंबई पुलिस को गुरुवार (20 अक्टूबर 2022) को रात 8: 49 पर एक फोन कॉल आया था। कॉल पर अज्ञात ने कहा कि शहर के ग्रैंड हयात में धमाके होने वाले हैं। पुलिस ने कॉल किए गए नंबर को ट्रेस किया और शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) तक आरोपित की गिरफ्तारी हुई।

रिकॉर्ड की छानबीन में पता चला कि आरोपित ने इससे पहले मुंबई यूनिवर्सिटी में बम धमाके के बारे में गलत जानकारी दी थी। इसके बाद वकोला पुलिस थाने में उसे कस्टडी में लिया गया था।

उल्लेखनीय है कि 18 अक्टूबर को रात के 10:45 पर नवी मुंबई पुलिस के पास हेल्पलाइन नंबर 112 पर एक कॉल आई थी। कॉल पर कहा गया था कि मुंबई के इनफिनिटी मॉल, पीवीआर मॉल, सहारा मॉल में धमाके होने वाले हैं।

जानकारी पाते ही पुलिस सीआईएसएफ के साथ मौके पर पहुँची। हर जगह छानबीन बुई लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। केस को दर्ज करके आगे की जाँच शुरू कर दी गई है। मुंबई पुलिस का कहना है कि फर्जी कॉल कर करके केवल डर फैलाने की कोशिश हो रही है। शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। वहीं 1 नवंबर से 15 नवंबर तक सुरक्षा लिहाज से धारा 144 लगाने का फैसला लिया है।

ऐ रुक जा, रुक जा… भरी ट्रेन में 4 मुस्लिमों ने पढ़ी तसल्ली से नमाज, आते-जाते यात्रियों को गेट पर रोका: BJP के पूर्व MLA भी हुए परेशान, Video देख प्रशासन हरकत में आया

सोशल मीडिया पर ट्रेन के अंदर सामूहिक नमाज़ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का बताया जा रहा है। वीडियो के अंदर स्लीपर क्लास में न सिर्फ कई लोग आने-जाने वाली गैलरी में नमाज़ पढ़ रहे हैं बल्कि उधर से गुजरने वालों से रोक-टोक भी कर रहे हैं। इस वीडियो को भाजपा के पूर्व विधायक द्वारा बनाया गया बताया जा रहा है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले की जाँच की बात कही है। SP रेलवे का कहना है कि अगर तहरीर मिली तो FIR भी दर्ज की जाएगी। वीडियो शुक्रवार (21 अक्टूबर 2022) को वायरल हुआ है।

वीडियो सत्याग्रह एक्सप्रेस का बताया जा रहा है जिसका ट्रेन नंबर (15273) है। वायरल वीडियो में स्लीपर क्लास की बोगी में दोनों तरफ यात्री बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। गलियारे में बाकायदा चादर बिछाई गई है जिसमें एक लाईन से 4 नमाज़ी इबादत करते देखे जा सकते हैं। इस दौरान एक अन्य व्यक्ति इन नमाज़ियों की रखवाली करते हुए आने-जाने वालों को रुकने और इंतज़ार करने के लिए कह रहा है। असुविधा का सामना करने वाले यात्रियों में महिलाओं को भी साफ़ देखा जा सकता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नमाज़ियों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार ये वीडियो कुशीनगर के खड्डा रेलवे स्टेशन पर भाजपा के पूर्व विधायक दीपलाल भारती द्वारा बनाया गया है। दीपलाल भारती ने ऐसी हरकत को नागवार बताते हुए कहा कि वो खुद उसी ट्रेन से सफर कर रहे थे। पूर्व विधायक के मुताबिक असुविधा के शिकार वो स्वयं हुए क्योंकि उन्हें दूसरे कोच में जा कर बैठना पड़ा था। इसी के साथ दीपलाल भारती ने ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है।

वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने मामले की जाँच शुरू कर दी। घटना का संज्ञान उत्तर प्रदेश राज्य रेलवे पुलिस सुरक्षा बल और केंद्रीय रेलवे सुरक्षा बल दोनों ने लिया है। क्षेत्र के SP रेलवे अवधेश सिंह के मुताबिक वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। वहीं RPF वाराणसी परिक्षेत्र भी लोगों से जानकारी जुटा कर जाँच और कार्रवाई की जानकारी दे रहा है।