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रतन टाटा को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए ‘PM केयर्स’ फंड के ट्रस्टी: प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी हुए शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ उद्योगपति रतन टाटा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें ‘PM केयर्स’ फंड का ट्रस्टी बनाया गया है। वो ट्रस्ट की हालिया बैठक में भी शामिल हुए। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्माता सीतारमण भी मौजूद रहीं। उनके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश केटी थॉमस और लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा को भी पीएम केयर्स फंड का ट्रस्टी बनाया गया है।

देश के कई अन्य सम्मानित व्यक्तियों को भी ‘PM केयर्स’ फंड की सलाहकार समिति में नियुक्त किया गया है। एडवाइजरी बोर्ड में पूर्व कैग राजीव महर्षि, इन्फोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन सुधा मूर्ति, इंडिकॉर्प्स और पिरामल फाउंडेशन के पूर्व सीईओ आनंद शाह को भी नॉमिनेट किया गया है। मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में इसकी एक बैठक भी संपन्न हुई है।

नए चुने गए सदस्यों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान नए ट्रस्टियों का स्वागत किया। इस फंड को 2020 में कोरोना वायरस महामारी के दौरान जनता की मदद के लिए बनाया गया था। ये आपातकालीन राहत के रूप में कार्य करता है। रतन टाटा अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा दान करने के लिए जाने जाते हैं और उनके बारे में कहा जाता है कि वो कर्मचारियों का भी खासा ख्याल रखते हैं। कॉन्ग्रेस पार्टी ने पीएम केयर्स पर सवाल खड़े किए थे।

ज्ञात हो कि पीएम-केयर्स फंड ने कोरोना वैक्सीन अभियान के पहले चरण में 2200 करोड़ रुपए का योगदान दिया था। यह टीकाकरण के पहले चरण की लागत का 80 फीसदी से अधिक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी निजी बचत से 2.25 लाख रूपए पीएम केयर्स फंड में दान कर के इसकी शुरुआत की थी। कॉन्ग्रेस पार्टी ने 11 मई को एक ट्वीट किया था, जिसमें पीएम केयर्स फंड के बारे में गलत जानकारी दी गई थी, जिसके बाद FIR भी दर्ज हुई थी।

यूनिवर्सिटी हॉस्टल में छात्र ने फाँसी लगा कर की आत्महत्या, छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन: मोहाली MMS कांड के बाद अब जालंधर में घटना

पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University) के एक छात्र ने मंगलवार (20 सितंबर 2022) देर रात आत्महत्या कर ली। बैचलर ऑफ डिजाइनिंग के एक प्रथम वर्ष का छात्र केरल का रहने था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने अपने हॉस्टल के कमरे में फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के गुस्साए छात्रों ने कैंपस में जोरदार हंगामा किया। पुलिस ने उन्हें किसी तरह शांत कराकर हास्टल में भेजा। बीते 10 दिनों में इस यूनिवर्सिटी में आत्महत्या का यह दूसरा मामला है।

पुलिस के मुताबिक, छात्र से मिले सुसाइड नोट में आत्महत्या करने के निजी कारण बताए गए हैं। मृतक के परिजनों के आने पर ही जाँच आगे बढ़ेगी। फगवाडा पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, “एलपीयू के बैचलर ऑफ डिजाइनिंग के प्रथम वर्ष के छात्र ने मंगलवार दोपहर को आत्महत्या कर ली। छात्र के सुसाइड नोट से पता चला है कि उसे कुछ निजी समस्याएँ थीं।”

छात्रों ने दावा किया है कि वे इस घटना को लेकर इसलिए विरोध कर रहे है, क्योंकि सभी आत्महत्या के दोनों मामलों के पीछे का कारण जानना चाहते हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मुद्दे पर दबाव में है। दूसरी ओर विश्वविद्यालय और पुलिस दोनों ने छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। एलपीयू ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर दुख जताया है। एलपीयू ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए बयान में कहा, “पुलिस की प्रारंभिक जाँच और सुसाइड नोट में छात्र की निजी समस्याओं का जिक्र किया गया है। विश्वविद्यालय आगे की जाँच के लिए अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहा है।”

बयान के अनुसार, विश्वविद्यालय छात्र की मृत्यु पर शोक व्यक्त करता है और उसके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी वीडियो लीक मामला

बता दें कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वीडियो लीक मामले में पुलिस चार आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। तीनों आरोपितों यानी MBA की छात्रा, उसका बॉयफ्रेंड सनी मेहता और उसका दोस्त रंकज वर्मा से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि उन्हें वीडियो बनाने के लिए ब्लैकमेल किया जा रहा था। आरोपित के पास से व्हाट्सऐप पर चैट के कुछ स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। पुलिस को व्हाट्सऐप चैट से पता चला है कि छात्रा एक और फोन नंबर पर किसी मोहित से बात कर रही थी।

वह उसे फोटो और वीडियो डिलीट करने के लिए कह रहा था। आरोपित छात्रा बता रही थी कि उसने उसे मरवा दिया था, क्योंकि एक छात्रा ने उसे एक नहाती हुई छात्रा की फोटो लेते हुए देख लिया था। चौथे आरोपित का नाम मोहित है, वह यूनिवर्सिटी की मेस में काम करता है। उस पर आरोप है कि वह इस मामले में गिरफ्तार लड़की को हॉस्टल की लड़कियों का वीडियो बनाने के लिए ब्लैकमेल करता था।

‘वो शैतान था, इस्लाम विरोधी था’: राजू श्रीवास्तव के निधन पर जश्न मना रहे इस्लामी कट्टरपंथी, लिबरल गिरोह के कॉमेडियन ने लिखा – ‘Fu%k Him’

एक महीने तक अस्पताल में ज़िन्दगी और मौत से जूझने के बाद कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का बुधवार (21 सितंबर, 2022) को निधन हो गया। अपनी कॉमेडी से दुनिया भर को हँसाने वाले राजू श्रीवास्तव ‘उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद’ के अध्यक्ष भी थे। जहाँ एक तरफ पूरा देश निधन के बाद गमगीन है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम कट्टरपंथी इसका जश्न मनाने में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर ये असामाजिक तत्व उनकी मृत्यु पर खुश हो रहे हैं।

‘मुल्ला इब्राहिम’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “राजू श्रीवास्तव एक धर्मांध व्यक्ति थे। वो एक नस्लवादी थे, इस्लाम विरोधी थे।” बता दें कि राजू श्रीवास्तव ने कुछ महीनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी और नोएडा में प्रस्तावित फिल्म सिटी को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी राय जानी थी। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में ही हुआ था और वो राज्य में मनोरंजन इंडस्ट्री के विकास को लेकर मुखर थे।

वसीम अकरम नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “अपने जीवन के अंतिम चरण में राजू श्रीवास्तव ने मुस्लिमों को गालियाँ दी। कॉमेडी के चेहरे के पीछे एक शैतान छिपा हुआ था।” लिबरल गिरोह के पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने भी इस ट्वीट की रिप्लाई देते हुए लिखा कि पिछले 5-7 वर्षों में वो उनसे खासा नाराज़ थे, जब उन्होंने अपने ‘राक्षसी’ चेहरा दिखाया। उन्होंने दावा किया कि राजू श्रीवास्तव ने कला और सम्मान को खो दिया।

इसी तरह कॉमेडियन रोहन जोशी ने भी ज़हर उगलते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा, “राजू श्रीवास्तव ने नए स्टैंड अप कॉमेडियनों को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमने कुछ नहीं खोया है। Fu%k Him. उन्हें कॉमेडी की भावना के बारे में कुछ नहीं पता था, भले ही उन्होंने एकाध अच्छे चुटकुले मारे होंगे। जिन भक्तों ने आपदा के वक्त अपनों को खोया, वो तनाव न लें। उनके पापा और अक्षय कुमार एक मंदिर बनवा रहे हैं, वहाँ प्रार्थना कर लेना आत्मा की शांति के लिए। मुझे राजू श्रीवास्तव के जाने का कोई दुःख नहीं।”

राजू श्रीवास्तव के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं और सिनेमा के हस्तियों ने दुःख जताया है राजपाल यादव, कीकू शारदा, ऋतिक रोशन, सोनू सूद, अनुपम खेर और कैलाश खेर जैसे कलाकारों ने भी दुःख जताते हुए बयान जारी किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी कहा कि हम सब ‘गजोधर भैया’ को मिस करेंगे। लेकिन, इस्लामी कट्टरपंथी उनकी मौत का जश्न मना रहे हैं।

गुटखा गोदामों पर छापेमारी नहीं, तम्बाकू उत्पाद न किए जाएँ जब्त: तेलंगाना हाईकोर्ट ने पुलिस को दिया आदेश

तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस बल को आदेश दिया है कि वो तम्बाकू से बने उत्पाद और गुटखा कंपनियों के कारखानों, स्टोरों आदि पर छापेमारी न करें। न्यायमूर्ति कन्नेगंती ललिता ने इस बावत मंगलवार (20 सितम्बर 2022) को तेलंगाना पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र भी जारी किया है।

तेलंगाना हाईकोर्ट के इस आदेश में यह भी कहा गया है कि राज्य की पुलिस तम्बाकू उत्पादों के ट्रांसपोर्ट में न तो अवरोध पैदा करें और न ही उन्हें ज़ब्त करे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यायमूर्ति ललिता ने यह भी कहा कि पुलिस को इस आदेश का सर्कुलर जारी करके उसे अगले दिन बुधवार तक हाईकोर्ट में पेश भी किया जाए।

हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना होने पर राज्य के DGP को कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा। इससे पहले तेलंगाना राज्य सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए प्रदेश में पैकेट और पाऊच में गुटखा और अन्य तम्बाकू उत्पाद की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया था।

राज्य सरकार के इस आदेश के खिलाफ कुछ गुटखा व्यापारी सुप्रीम कोर्ट गए थे। वहाँ से उन्हें बड़ी राहत मिली थी और उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार के इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

कुछ गुटखा व्यापारियों का आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी पुलिस उनके कारखानों और गोदामों पर न सिर्फ छापेमारी कर रही है बल्कि उनके उत्पादों को ज़ब्त भी कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने की शिकायत लेकर वही गुटखा व्यापारी हाईकोर्ट गए थे।

हाईकोर्ट में दायर याचिका में गुटखा व्यापारियों का यह भी आरोप है कि पुलिस उनके स्टॉक को ज़ब्त कर के संबंधित कोर्ट के आगे पेश भी नहीं करती है। व्यापारियों ने हाईकोर्ट की एक खंडपीठ द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का भी जिक्र किया, जिसमें यह कहा गया था कि तेलंगाना पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करेगी।

सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। इस याचिका पर फैसला देते हुए न्यायमूर्ति ललिता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को आधार बनाया। पुलिस द्वारा ज़ब्त किए स्टॉक की जानकारी भी माँगी और उन दस्तावेजों को कोर्ट के आगे पेश करने के लिए कहा। कोर्ट ने तेलंगाना पुलिस पर सुप्रीम कोर्ट का सम्मान न करने की भी टिप्पणी की।

‘तुम लोगों को UK में नहीं आने देंगे’: दुर्गा मंदिर पर हमला करने वाले नकाबपोश की हिन्दुओं को धमकी, कहा – ‘हम यहीं हैं, नहीं करने देंगे कोई कार्यक्रम’

इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) में हिंदुओं और मंदिर पर हमला करने के बाद बर्मिंघम के स्मेथविक में मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को लगभग 200 की मुस्लिम भीड़ ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए दुर्गा मंदिर को चारों तरफ से घेर लिया। इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स के स्मेथविक शहर के स्पॉनलेन में स्थित दुर्गा भवन हिंदू सेंटर में कथित तौर पर साध्वी ऋतंभरा के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए इस्लामवादियों में से एक ने भाजपा और RSS के समर्थकों को धमकी दी।

ये सब इसके बावजूद किया गया, जब इस कार्यक्रम को पहले ही रद्द कर दिया गया था। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

वीडियो में नकाबपोश इस्लामवादी ने बीजेपी और आरएसएस के हिंदू समर्थकों को धमकी देते हुए कहा कि यूके में उनका स्वागत नहीं किया जाएगा। उसने कहा, “यह बर्मिंघम की ओर से बीजेपी और आरएसएस के हिंदू समर्थकों के लिए एक संदेश है। बर्मिंघम में तुम लोगों को नहीं आने दिया जाएगा है। लेस्टर में और यूके में कहीं भी तुम लोगों को नहीं आने देंगे। आपके किसी भी वक्ता को, नफरत फैलाने वाले को इस b*ls&&ht को आयोजित करने की अनुमति नहीं है।”

वह आगे कहता है कि वे लोग अब मंदिर के बाहर हैं। उसने दावा किया कि 200 से अधिक लोग कथित तौर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। नकाबपोश कहता है, “हम केवल यह बताना चाहते हैं कि यदि आप यहाँ आते हैं, तो हम सब आपके लिए यहाँ होंगे। यूके के हिंदुओं से हमें कोई दिक्कत नहीं है, क्योंकि हम उनके साथ बड़े हुए हैं, लेकिन हम ‘आरएसएस और बीजेपी के समर्थकों’ को यूके में नहीं आने देंगे।”

इस्लामवादियों ने हिंदू मंदिर में ‘शांतिपूर्ण विरोध’ का आह्वान किया

इससे पहले ऑपइंडिया ने बताया था कि इस्लामवादियों ने बर्मिंघम में हिंदू मंदिर के बाहर विरोध करने का आह्वान किया था, जो साध्वी ऋतंभरा के कार्यक्रम के खिलाफ था, जिसे पहले से रद्द कर दिया गया था। हालाँकि, इसके बाद इस्लामवादी तथाकथित शांतिपूर्ण विरोध की आड़ में आगे आए। यह लेस्टर (Leicester) में हुए हिंदू विरोधी हमलों के जैसा था।

तथाकथित शांतिपूर्ण विरोध की आड़ में इंग्लैंड पुलिस की मौजूदगी में दुर्गा भवन को इस्लामी कट्टरपंथियों ने घेर लिया। इस दौरान उन्होंने जमकर हंगामा किया। कुछ तो मंदिर की दीवार पर भी चढ़ गए। मंदिर और मंदिर जाने वाले लोगों में खौफ पैदा करने के लिए इन लोगों ने ‘अल्लाह-हु-अकबर’ के नारे लगाए। साथ ही मंदिर की ओर मुँह करके हस्तमैथुन जैसे इशारे किए।

21 साल के यूसुफ को जेल: इंग्लैंड के लेस्टर में हिंदुओं पर हमले के समय हाथ में था चाकू – 2 दिन में दूसरी सजा

इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) शहर में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू लोगों पर हमला करने के मामले में एडम यूसुफ (Adam Yusuf) नाम के शख्स को एक साल की सजा सुनाई गई है। रविवार (18 सितंबर 2022) को लेस्टर में हिंदू लोगों पर हमले (मेनस्ट्रीम मीडिया इसे प्रदर्शन बता रही) में चाकू ले जाने का जुर्म कबूल करने के बाद 21 वर्षीय यूसुफ को लेस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने एक साल की जेल की सजा दी है। इस मामले में 2 दिन में सुनाई गई यह दूसरी सजा है।

पुलिस का कहना है कि शहर में अशांति फैलाने के आरोप में 28 अगस्त से अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो लोगों को शनिवार (17 सितंबर 2022 ) और रविवार (18 सितंबर 2022) को गिरफ्तार किया गया था। लेस्टर पुलिस ने सोमवार (19 सितंबर 2022) को ट्वीट कर यह जानकारी दी।

लेस्टर (Leicester) पुलिस ने अपने ट्वीट के साथ एक लिंक शेयर करते हुए लिखा, “पूर्वी लेस्टर शहर में फैली अशांति को लेकर लेटेस्ट अपडेट। अब तक इस मामले में कुल 47 गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं। अगर आपने इस घटना के बारे में कुछ सुना है या फिर इससे सम्बंधित कोई और जानकारी आपके पास है, तो आप इसे हमारे रिपोर्ट लिंक के माध्यम से सबमिट कर सकते हैं।”

लेस्टर पुलिस के चीफ कॉन्स्टेबल रॉब निक्सन ने बीबीसी को बताया, “शहर में हिंसा भड़काने की सबसे बड़ी वजह सोशल मीडिया है।” लोगों पर हमले और धार्मिक स्थलों पर हमले को लेकर उन्होंने कहा, “वहाँ कुछ चीजों को लेकर झूठ फैलाया गया है।”

लेस्टर पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया कि अगर वे सोशल मीडिया पर लेस्टर से जुड़ी खबरें देख रहे हैं और वे इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं, तो कृपया इसे शेयर न करें। उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि लोग क्या कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया की फर्जी खबरों को आगे शेयर कर रहे हैं। इसकी वजह से यहाँ हालात और खराब हो रहे हैं और लोगों में डर बढ़ रहा है।”

निक्सन ने कहा, “गिरफ्तारी आगे भी जारी रहेगी। हमारे पास लगभग 50-जाँच दल है, जो इन असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कस रहा है। हम लोगों की पहचान करना शुरू कर रहे हैं। 17 सितंबर 2022 को इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं के समूह पर हमले को रोकने के दौरान 25 अधिकारी और पुलिस का एक कुत्ता घायल हो गया था।

आपको बता दें कि इससे पहले शहर में फैली अशांति के मामले में 20 वर्षीय ऐमॉस नोरोन्हा (Amos Noronha) को प्रतिबंधित हथियार रखने का दोषी पाया गया था। ऐमॉस नोरोन्हा को सोमवार (20 सितंबर 2022) को 10 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी।

हिंदुओं पर ही हमला, हिंदू ही हमलावर: मीडिया का प्रोपेगेंडा

प्रत्यक्षदर्शी दिशिता सोलंकी ने लेस्टर शहर में हुई हिंसा पर मीडिया कवरेज को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था, “क्या इस दौरान मीडिया कवरेज निष्पक्ष रहा है। मुझे लगता है कि रिपोर्टिंग ईमानदारी से होनी चाहिए, जो अब तक यहाँ देखने को नहीं मिली है। मैं कह सकती हूँ कि यहाँ रिपोर्टिंग हिंदू विरोधी रही है।”

उन्होंने बताया कि इंग्लैंड की मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिंदू ही हमला कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शी होने के नाते दिशिता सोलंकी ने बताया कि उन्होंने सब कुछ अपनी आँखों से देखा है। जितना वो देखीं और जैसी रिपोर्टिंग हो रही, दोनों में उनको फर्क दिखा। उन्होंने खुल कर कहा कि वो महसूस कर रही हैं कि इस मामले पर की जा रही रिपोर्टिंग पूरी तरह से हिंदू विरोधी है।

‘छेड़खानी करने वालों को बता देता है हिजाब – ये महिला मुस्लिम है, मजबूत है’: बुर्का पक्ष के वकील ने कुरान का दिया हवाला, सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई

शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बुर्का पक्ष के वकीलों में से एक निज़ाम पाशा भी हैं। अब निज़ाम पाशा का एक पुराना ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अपने ट्वीट में पाशा ने दावा किया है कि हिजाब मुस्लिम महिलाओं की पहचान बता कर छेड़छाड़ करने वालों से उन्हें बचाने में सहायक साबित होता है। इसके लिए पाशा ने बाकायदा कुरान की आयतों का भी हवाला दिया है। यह ट्वीट उन्होंने फरवरी 2022 में किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, निज़ाम पाशा ने कुरान के 33.59 का हवाला देते हुए लिखा था कि मुस्लिम महिलाओं को हिजाब अपनाना चाहिए, ताकि उनकी पहचान मुस्लिम के तौर पर साबित हो। उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि हिजाब छेड़छाड़ करने वालों को यह बताता है कि इसे पहनने वाली एक मजबूत महिला है और उसके पीछे उसका पूरा समुदाय मजबूती से खड़ा हुआ है।

निज़ाम पाशा

निज़ाम पाशा का ये भी आरोप है कि हिजाब पर बैन लगाने के लिए हाईकोर्ट ने कुरान को गलत तरीके से पेश किया है। सितम्बर के पहले सप्ताह में पाशा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि हिजाब पर बैन लगाने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कुरान के तो तथ्य दिए वो सही नहीं थे। पाशा हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से सहमत नहीं थे कि कुरान के हिजाब को इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं मानता।

कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल खड़े करते हुए पाशा ने आगे कहा था कि उच्च न्यायालय ने कुरान के अनुवादक की सलाह का जिक्र किया है, न कि कुरान के पाठ का। इस मौके पर पाशा ने हाईकोर्ट द्वारा उल्लेख की गई एक कविता का भी जिक्र किया था, जिसमें कहा गया था कि किसी को भी इस्लाम में धर्मांतरित होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। पाशा ने हाईकोर्ट में बोली गई कविता को ‘जिलाबाब’ से संबंधित बताया, जो कि पूरे शरीर को ढँकता है, जबकि हिजाब केवल सिर और छाती को ढँकता है। पाशा ने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा बोली गई कविता के अनुसार, जिलाबाब अनिवार्य नहीं था न कि हिजाब।

निज़ाम पाशा के अलावा हिजाब समर्थक एक अन्य वकील दुष्यंत दवे ने यूनिवर्सिटी से जुड़े संस्थानों में हेडस्कार्फ बैन के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए बेहद बेतुके तर्क दिए। इस दौरान उन्होंने ब्राह्मणों द्वारा भारत पर कथित तौर पर कब्ज़ा करने और जैन और बौद्धों को बाहरी लोगों के रूप में साबित करने के लिए डॉ अम्बेडकर की बातों को अपने हिसाब से पेश किया।

कर्नाटक बुर्का विवाद

गौरतलब है कि जनवरी 2022 में कर्नाटक के उडुप्पी में क्लास के अंदर हिजाब बैन करने के आदेश के बाद विवाद खड़ा हो गया था। PFI से समर्थित कुछ मुस्लिम छात्राओं ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। इस अपील के जवाब में कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च को फैसला देते हुए बताया कि हिजाब इस्लाम का अनिवार्य अंग नहीं है।

इंग्लैंड में हिंदू मंदिर को कट्टरपंथी मुस्लिमों ने घेरा, ‘अल्लाह-हु-अकबर’ के नारों के साथ अश्लील हरकत: खौफनाक मंजर, कई वीडियो वायरल

इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) शहर में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू लोगों पर हमले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि बर्मिंघम के स्मेथविक से दुर्गा मंदिर के बाहर हंगामे की खबर आई है। जानकारी के मुताबिक, इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स के स्मेथविक शहर में मंगलवार (20 सितंबर 2022) को स्पॉनलेन में स्थित मंदिर के बाहर करीब 200 कट्टरपंथी मुस्लिम इकट्ठा हो गए।

इंग्लैंड पुलिस की मौजूदगी में दुर्गा भवन को इस्लामी कट्टरपंथियों ने घेर लिया। इस दौरान उन्होंने जमकर हंगामा किया। कुछ तो मंदिर की दीवार पर भी चढ़ गए। मंदिर और मंदिर जाने वाले लोगों में खौफ पैदा करने के लिए इन लोगों ने ‘अल्लाह-हु-अकबर’ के नारे लगाए। साथ ही मंदिर की ओर मुँह करके हस्तमैथुन जैसे इशारे किए।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में आप इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ को स्पॉनलेन स्थित दुर्गा भवन हिंदू सेंटर की ओर बढ़ते और कई लोगों को ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे लगाते हुए देख-सुन सकते हैं।

इंग्लैंड की पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने को वहाँ मौके पर पहुँची। हालाँकि वो कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। उनकी मौजूदगी में ही भीड़ में कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम मंदिर की दीवारों पर चढ़ गए। इतना ही नहीं, “फक यू” और हस्तमैथुन करने जैसे इशारे करके उन्होंने हिंदुओं को डराने का भी काम किया।

बर्मिंघम वर्ल्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘अपना मुस्लिम’ नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट ने मंगलवार को दुर्गा भवन मंदिर के बाहर ‘शांतिपूर्ण विरोध’ के लिए भीड़ को बुलाया था। मंदिर की दीवार पर चढ़ना अगर शांतिपूर्ण विरोध है, मंदिर के सामने हस्तमैथुन जैसे इशारे अगर शांतिपूर्ण विरोध है तो आतंकी हरकत किसे कहते हैं?

स्काई न्यूज के मुताबिक, मंदिर के बाहर करीब 200 लोग (इस्लामी कट्टरपंथी भीड़) एकत्र हो गई थी। इनमें में से किसी ने बोतलें भी फेंकी। इससे हालात काफी संवेदनशील हो गया।

लेस्टर (Leicester) में हिंदुओं पर हमला

बर्मिंघम के स्मेथविक से दुर्गा मंदिर के बाहर हंगामे की खबर से पहले लेस्टर में हिंदुओं पर हमला किया गया। इसकी शुरुआत एशिया कप 2022 में भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच के बाद से हुई थी। पाकिस्तान के हारने के बाद हिंदुओं के समूह पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था।

लेस्टर में 18 सितंबर, 2022 को हिंदुओं के समूह पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था। इस दौरान ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगाते हुए मंदिर पर भी अटैक हुआ और उसके ऊपर लगे भगवा ध्वज को भी तोड़कर नीचे गिरा दिया गया। हिंदुओं के समूह पर इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा किए गए हमले में पुलिस अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेस्टर पुलिस ने 19 सितंबर 2022 को ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।

लेस्टर पुलिस के अनुसार, शहर में फैली अशांति के मामले में 20 वर्षीय एक युवक को प्रतिबंधित हथियार रखने का दोषी पाया गया। ऐमॉस नोरोन्हा (Amos Noronha) नाम के इस शख्स को 10 महीने जेल की सजा सुनाई गई है।

राजू श्रीवास्तव का निधन: दिल्ली के AIIMS में मशहूर कॉमेडियन का चल रहा था इलाज, एक्सरसाइज करते-करते हो गए थे बेहोश

दिल्ली के एम्स अस्पताल में मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (Raju Shrivastav) ने आज अंतिम साँस ली। उनके परिवार ने इस खबर को कन्फर्म कर दिया है। पत्रकार विकास भदौरिया ने भी ट्वीट कर इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “एम्स से बुरी खबर आ रही है, राजू श्रीवास्तव का निधन हो गया है। प्रभु उन्हें श्रीचरणों में स्थान दे। ॐ शांति शांति शांति।”

बता दें कि 10 अगस्त 2022 की सुबह एक्सरसाइज करते वक्त राजू श्रीवास्तव बेहोश होकर गिर गए थे। इसके बाद उन्हें एम्स लाया गया था। वहाँ डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके कारण उनका ब्रेन डैमेज हो गया और उन्हें एंजियोप्लास्टी करनी पड़ी।

पिछले 10 साल में उनकी 3 बार एंजियोप्लास्टी हो चुकी थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके निधन के खबरें वायरल हुई थीं। इसको देखते हुए उनके परिजन और बॉलीवुड के पूर्व अभिनेता एवं महाभारत में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने तब इसका खंडन किया था। इतने दिनों तक मौत से लड़ने के बाद आज वो हार गए। सबको हँसाने वाले आज बहुतों को रुला गए।

बाथरूम में मोबाइल कैमरा से रिकॉर्डिंग, 6 महीने से चल रहा था काम: सॉफ्टवेयर से रिकवरी, कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो – चेन्नई में 2 गिरफ्तार

तमिलनाडु के चेन्नई में बाथरूम में कैमरा लगा कर नहाती महिलाओं का आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों ने महिला का वीडियो उनके बाथरूम में कैमरे लगा कर बनाया था। ये कैमरे बिल्डिंग के बाहर से सेट किए गए थे। दोनों आरोपितों के पास मिले कई वीडियो को पुलिस ने सीज कर लिया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार (20 सितम्बर 2022) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों आरोपित वेलचेली के रहने वाले हैं। दोनों दिहाड़ी मजदूर हैं। दोनों आरोपित वेलचेली क्षेत्र के नर्मदा स्ट्रीट पर घूम कर वहाँ रहने वाले लोगों के बाथरूम में कैमरे लगाने की फिराक में थे। स्थानीय निवासियों को दोनों की हरकतें संदिग्ध लगीं तो उनसे पूछताछ की। शुरू में दोनों आरोपितों ने लोगों को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। इसके बाद लोगों ने दोनों के मोबाइल ले लिए।

बताया जा रहा है कि दोनों आरोपितों ने अपने मोबाइल को लोगों से छीन कर उसमें मौजूद वीडियो को डिलीट करने की कोशिश की। इस दौरान दोनों संदेहास्पद जवाब देते रहे, जिससे स्थानीय निवासियों का शक उन पर और गहरा होता चला गया। दोनों को पकड़ने वाले लोगों ने पाया कि कई वीडियो मोबाइल की गैलरी से डिलीट कर दी गई हैं। इसके बाद लोगों ने पुलिस बुलाई और दोनों आरोपितों को उनकी कस्टडी में दे दिया।

पुलिस ने जब उन दोनों के मोबाइल की सॉफ्टवेयर से उसकी रिकवरी की, तब उसमें बेहद आपत्तिजनक वीडियो पाए गए। बताया जा रहा है कि उन दोनों के मोबाइल में कई अलग-अलग जगहों के बाथरूम में बने वीडियो मौजूद थे।

पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपित बाथरूम के बाहरी हिस्से में अपने मोबाइल को फिट कर दिया करते थे। पुलिस का ये भी मानना है कि जिस बाथरूम में वीडियो बनाए गए, वो कॉमन थे इसलिए उनकी इंट्री पर कोई शक नहीं करता था। जाँच अधिकारी का ये कहना है कि आरोपित सुबह अपने मोबाइल को सेट किया करते थे और कुछ घंटों बाद उसे निकाल लेते थे।

पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वो अपने बनाए गए वीडियो को खुद देखते थे। हालाँकि पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि क्या दोनों ने वो वीडियो किसी और को भी फॉरवर्ड किया है।

पुलिस ने अब तक की जाँच में यह भी पाया है कि दोनों के खिलाफ किसी महिला द्वारा अभी तक शिकायत भी नहीं की गई है। दोनों ने बताया कि वो इस काम को पिछले 6 महीने से कर रहे हैं। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार करके न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।