Home Blog Page 2379

नक्सल मुक्त हुआ बिहार, हमलों में आई 77% कमी: CRPF का बड़ा ऐलान! 30 साल से जिस पहाड़ी पर था कब्ज़ा, वहाँ पुलिस ने स्थापित किया कैंप

सीआरपीएफ के डीजी ने बुधवार (21 सितंबर, 2022) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा ऐलान है कि बिहार अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इस दौरान उन्होंने बताया कि झारखंड के नक्सल बहुल इलाके बुरहा पहाड़ को नक्सलियों से मुक्त करा दिया गया है। वहीं उनकी इस सफलता के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी भारत की केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को बधाई दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CRPF के महानिदेशक (Director General) कुलदीप सिंह (Kuldeep Singh) ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार अब वामपंथी उग्रवाद से मुक्त हो गया है। उन्होंने कहा कि माओवादियों की जबरन वसूली गिरोह के रूप में कुछ उपस्थिति हो सकती है, लेकिन देश के पूर्वी इलाके में ऐसी कोई जगह नहीं है जहाँ प्रतिबंधित संगठन हावी हो।

इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि बिहार और झारखंड (Bihar and Jharkhand) में ऐसी कोई भी जगह या ठिकाना नहीं है, जो सुरक्षा बलों के लिए अभेद्य हो। उन्होंने कहा, “वर्तमान दिनों में नक्सली हमले तेजी से कम हुए हैं। इसमें कम से कम 77 फीसदी की कमी देखी गई है। 2009 में सर्वाधिक नक्सली हमले दर्ज किए गए थे। नक्सली हमलों में होने वाली मौतों में 85% की कमी भी पाई गई है।”

तीन ऑपरेशन अभियानों से मिली कामयाबी

बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीआरपीएफ डीजी ने बताया कि अप्रैल 2022 से तीन विशेष अभियानों को शुरू किया गया। इसमें ऑपरेशन ऑक्टोपस (Operation Octopus), ऑपरेशन थंडरस्टॉर्म (Operation Thunderstorm) और ऑपरेशन बुलबुल (Operation Bulbul) भी शामिल हैं। इन्हीं अभियानों के तहत सुरक्षा बल के जवानों ने झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर बुरहा पहाड़ को विद्रोहियों के चंगुल से आजाद करवाया है। 30 सालों बाद यहाँ पुलिस कैंप स्थापित हुआ है।

गृह मंत्री ने भी दी बधाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने ट्वीट कर नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को मिली जीत की बधाई दी है। उन्होंने लिखा, “देश की आंतरिक सुरक्षा में एक ऐतिहासिक पड़ाव पार हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक युद्ध में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व विजय प्राप्त की है। इसके लिए सीआरपीएफ, सुरक्षा एजेंसियों व राज्य पुलिसबलों को बधाई देता हूँ।”

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, “पहली बार बुरहा पहाड़, चक्रबंधा व भीमबांध के दुर्गम क्षेत्रों से माओवादियों को सफलतापूर्वक निकाल कर सुरक्षा बलों के स्थायी कैंप स्थापित कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में आतंकवाद व LWE के विरुद्ध गृह मंत्रालय की जीरो टॉलेरेंस की नीति जारी रहेगी और ये जंग आगे ओर तेज होगी।”

इसी क्रम में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक ओर ट्वीट किया और लिखा, “माओवादियों के इलाके में महीनों तक चले इन अभियानों में सुरक्षा बलों को अकाल्पनिक सफलता प्राप्त हुई, जिसमें 14 माओवादी मारे गए और 590 से अधिक की गिरफ्तारी/आत्मसमर्पण हुआ। इसमें लाखों-करोड़ों के ईनामी माओवादी पकड़े गए हैं, जिसमें ₹1करोड़ का इनाम वाले मिथिलेश महतो भी शामिल हैं।”

‘तानाशाह को मौत दो’: हिजाब विरोधी प्रदर्शन में फूटा ईरान की महिलाओं का गुस्सा, पुलिस की कार्रवाई में 7 की मौत और 450 घायल, इंस्टाग्राम पर रोक

ईरान में हिजाब न पहनने के कारण पुलिस हिरासत में ली गई एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद हजारों की संख्या में महिलाएँ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। इस महिलाओं ने इस्लामी मुल्क के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई को तानाशाह बताते हुए उसकी मौत की भी दुआ की और इससे संबंधित पोस्टर लहराए। बौखलाई ईरान सरकार ने भारी प्रदर्शनों को देखते हुए इंस्टाग्राम का एक्सेस रोक दिया है। अब तक इन प्रदर्शनों में 7 लोग मारे जा चुके हैं। महिलाओं के साथ कुछ पुरुष भी सड़कों पर हैं।

ईरान ने इंस्टाग्राम को अपने देश में ब्लॉक कर दिया है। 22 वर्षीय माशा अमिनी की मौत के बाद ये प्रदर्शन भड़के हैं। ईरान की मोरालिटी पुलिस ने महिला को ‘अनुचित वस्त्र’ पहनने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। वैश्विक प्रतिबंधों से जूझते इस मुल्क में मानवाधिकार के लिए अब माँग जोर पकड़ रही है। ईरान के एक मंत्री ने ‘सुरक्षा कारणों’ का हवाला देते हुए इंटरनेट तक बंद करने की धमकी दे डाली। बाद में कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था।

वहीं इस्लामी मुल्क के सुप्रीम लीडर अली ख़ामेनेई ने 1980-88 के बीच चले ईरान-ईराक युद्ध की बरसी बनाने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भाषण देते समय इन प्रदर्शनों का कोई जिक्र नहीं किया। इससे पहले ईरान में इस तरह के विरोध प्रदर्शन 2019 में देखने को मिले थे, जब सरकार ने गैस का दाम बढ़ा दिया था। सुरक्षा बल लगातार दमनकारी तरीके आजमा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान 23 साल की उर्मिया और16 साल की पीरंसहर को पुलिस ने गोली मार दी।

ईरान का प्रशासन इन मौतों की पुष्टि नहीं कर रहा है। ईरान के प्रदर्शनकारी अब एक जगह पर जुट रहे हैं और पुलिस के आने से पहले वहाँ से निकल जाते हैं, ताकि क्रूरता का उन्हें सामना न करना पड़े। तेहरान यूनिवर्सिटी के पश्चिमी इलाके में कई युवाओं को पुलिस ने पीटा। 450 लोग इन प्रदर्शनों में पुलिसिया कार्रवाई से घायल हुए हैं। ईरान सरकार ‘स्वच्छ जाँच’ की बात कह रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की माँग इतनी सी नहीं है। उधर इजरायल की महिलाओं ने ईरान की प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है।

सोशल मीडिया पर ऐसी वीडियोज सामने आई हैं जिसमें औरतें खुले बाल लेकर अपने हिजाब को जला रही हैं और कुछ अपने बालों को काट कर घटना का विरोध कर रही हैं। ईरानी महिला अपने बाल काट कर और हिजाब जलाकर महसा अमिनी की हत्या पर अपना गुस्सा दिखा रही हैं। पत्रकार अलीनेजाद बताती हैं कि 7 की उम्र से अगर ईरान में लड़कियाँ अपने बाल को न ढकें तो उन्हें स्कूल नहीं जाने दिया जाता और कोई जॉब नहीं मिलती। ईरान में औरतें इस लैंगिक भेदभाव की व्यवस्था से तंग आ गई हैं।

इंग्लैंड में 4 बच्चों की माँ ने सबके सामने खुलेआम किया सेक्स, फिर खुद ही वायरल कर दिए सारे वीडियो क्लिप्स: जज ने कहा – ये चिंता का विषय

इंग्लैंड के लिवरपूल में चार बच्चों की माँ ने खुलेआम सभी लोगों के सामने सड़क पर सेक्स किया, जिसके बाद इस मामले में कोर्ट की कार्रवाई चल रही है। केली कजिन्स नामक महिला को अदालत ने तलब किया, जहाँ उसने माना कि सोशल मीडिया पर उसने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से सेक्स का ये वीडियो शेयर किया था। 35 वर्षीय महिला पर सार्वजनिक स्थल पर अश्लीलता फैलाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पिछले महीने शहर के कंसर्ट स्क्वायर पर उक्त महिला का एक पुरुष के साथ सेक्स करते हुए कई वीडियो वायरल हुए थे। उस व्यक्ति की पहचान जो फिरबी के रूप में हुई है, जो कोर्ट में पेश नहीं हुआ। उसने कहा कि उसकी नौकरी चली गई है और वो अदालत में पेश होने में सक्षम नहीं है। केली कजिन्स ने सोशल मीडिया पर ‘रूबी रोज’ नाम से एक छद्म हैंडल बना रखा है। स्थानीय पुलिस और मेयर ने भी इस घटना की निंदा की है।

मूल रूप से ब्रैडफोर्ड की रहने वाले केली कजिन्स फ़िलहाल बूटले में रहती है। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इन वीडियोज को लेकर उससे पूछताछ की। 2 अगस्त, 2022 को रातोंरात ये वीडियोज वायरल हो गए थे। कजिन्स ने वीडियो पोस्ट करते हुए लोगों से पूछा था, “अब अगला कहाँ?” स्थानीय लोगों ने लोगों से इन वीडियोज को शेयर करने से लोगों को मना किया है और इस घटना को नुकसान पहुँचाने वाला और आपराधिक बताया है।

इस घटना के कुछ दिनों बाद ही केली कजिन्स को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस ने बताया कि जब उक्त महिला के सेक्स वाले फुटेज को उसके सामने चलाया गया, तब वो मुस्कुरा रही थी। जिला जज ने भी इसे एक गंभीर मामला बताया है और आशंका जताई है कि शराब के नशे में ऐसा किया गया। महिला को अगली सुनवाई तक जमानत दे दी गई है। साथ ही उन्होंने सेक्स करने के लिए जो लोकेशन चुना गया, उसे लेकर भी चिंता जताई।

झारखंड में अवैध खनन से लूटी गई ₹1000 करोड़ की संपत्ति की पहचान, CM सोरेन के प्रतिनिधि का नियंत्रण: ED ने बताया – उसे राजनीतिक संरक्षण प्राप्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा बुधवार (21 सितंबर, 2022) को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ कई गंभीर दावे किए गए हैं। ये दावे सीएम के विधानसभा क्षेत्र में संचालित अवैध खनन गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। ईडी ने दावा किया है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी पंकज मिश्रा को ‘राजनीतिक संरक्षण’ प्राप्त है और वो विधानसभा क्षेत्र में सीएम सोरेन का राजनीतिक प्रतिनिधि भी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किए गए पंकज मिश्रा (Pankaj Mishra) ने अपने सहयोगियों के माध्यम से सोरेन के विधानसभा क्षेत्र (साहिबगंज जिले की बरहैट सीट) में अवैध खनन व्यवसाय को नियंत्रित किया, इसलिए वहाँ उसका राजनीतिक प्रभाव भी है।

प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राँची की विशेष PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) अदालत में मिश्रा और उसके दो सहयोगियों (बच्चू यादव व प्रेम प्रकाश) के खिलाफ 16 सितंबर को एक आरोप पत्र दाखिल किया गया था। जाँच एजेंसी ने बताया कि विशेष अदालत ने मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को आरोप पत्र और अभियोजन पक्ष की शिकायत का संज्ञान ले लिया था।

जाँच एजेंसी द्वारा यह भी कहा गया, “PMLA जाँच से खुलासा हुआ है कि पंकज मिश्रा को मुख्यमंत्री और बरहैट के विधायक का प्रतिनिधि होने के नाते राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। अपने सहयोगियों के माध्यम से साहिबगंज और उसके आसपास के इलाकों में अवैध खनन कारोबार और क्षेत्रीय नौका परिवहन सेवाओं को वहीं कंट्रोल करता है।”

ईडी का यह भी कहना है कि पंकज मिश्रा साहिबगंज में विभिन्न खनन स्थलों पर खनन की पूरी प्रक्रिया को अपने नियंत्रण में रखता है। ईडी के मुताबिक, आरोपित द्वारा अवैध गतिविधियों से लूटी गई लगभग 42 करोड़ रुपए की संपत्ति की भी पुष्टि हुई है।

वहीं एजेंसी ने यह भी बताया कि पंकज मिश्रा ने झारखंड में अब तक अवैध खनन से अर्जित लगभग एक हजार करोड़ रुपए की संपत्तियों की भी पहचान हुई है। ईडी ने 47 तलाशी अभियान के तहत 5.34 रुपए की नकदी, 13.32 करोड़ रुपए बैंक जमा राशि, 30 करोड़ रुपये मूल्य की नाव और 5 स्टोन क्रशर के साथ-साथ 2 ट्रक भी जब्त किए हैं। जाँच एजेंसी ने रेड में AK-47 राइफल भी जब्त की हैं।

ईडी ने जुलाई में पंकज मिश्रा को किया था गिरफ्तार

गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हेमंत सोरेन विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को अवैध खनन के मामले में गिरफ्तार किया था। बता दें इस गिरफ्तारी से पहले ED ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत पंकज मिश्रा, दाहू यादव और उसके सहयोगियों के खातों की जाँच की थी। उस समय भी एजेंसी को इनके ठिकानों से करोड़ों रुपए भी बरामद हुए थे।

‘नेपाल से अपराधी को पकड़ कर लाना Pak से लाने के बराबर’: सीमा पर तैनात रहे DSP ने बताया – नेपाल पुलिस नहीं दिखाती हमारे जैसी सक्रियता – OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल भारत बॉर्डर पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की 19वीं रिपोर्ट:

इस बार हमने भारत और नेपाल की सीमाओं पर पदस्थापित करते उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों से संपर्क साध कर ये समझने का प्रयास किया कि वहाँ उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी क्रम में हमने महराजगंज जिले के तत्कालीन डिप्टी एसपी निचलौल (अब क्षेत्राधिकारी, पुलिस लाइंस) सुनील दत्त दुबे से बात की। उन्होंने हमें नेपाल सीमा पर तैनात पुलिस बल की चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताया।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

खुली सीमा और फ़ोर्स सीमित

ऑपइंडिया से बात करते हुए नेपाल बॉर्डर पर तैनात रहे तत्कालीन DSP सुनील दत्त ने हमें बताया कि सबसे बड़ी दिक्कत सीमाओं का खुला होना है। उन्होंने बताया कि पुलिस बल और पैरामिलिट्री SSB लगातार गश्त करती है, लेकिन फिर भी कई बार असामाजिक तत्व या तस्कर गाँव के रास्तों से चल कर एक देश से दूसरे देश में दाखिल हो ही जाते हैं। सुनील दत्त ने हमें बताया कि सीमित संख्या में फ़ोर्स की उपलब्धता से पूरे बॉर्डर पर एक साथ नजर रखने में थोड़ी परेशानी जरूर होती है।

हमने चलाया ‘पगडंडी अभियान’

DSP सुनील दत्त ने हमें बताया कि महराजगंज जिले की लगभग 65 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। उनके मुताबिक, सीमाओं की रक्षा के साथ पुलिस के पास लॉ एंड आर्डर से जुड़े कार्यभार भी होते हैं, अर्थात कानून-व्यवस्था सँभालने के साथ ही सीमा पर भी नजर रखनी होती है। सुनील दत्त के मुताबिक, नेपाल सीमा से भारत में किसी असामाजिक तत्व की एंट्री रोकने के लिए उन्होंने ‘पगडंडी अभियान’ शुरू किया था, जिसके तहत हाइवे और मुख्य मार्गों के साथ-साथ गाँव के छोटे- छोटे रास्तों पर भी नजर रखी जाने लगी।

DSP ने जानकारी दी कि इस अभियान से सीमा पर अवैध आवाजाही पर काफी हद तक अंकुश लगा है।

तस्करी का कोई भी ख़ास पैटर्न नहीं

सुनील दत्त दुबे ने सीमा पार तस्करी का कोई खास रूप होने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती देशों में जो भी चीज एक तरफ महंगी हो जाती है, उसे बॉर्डर पार से अवैध तौर पर खरीद कर दूसरे देश में बेचना ही तस्करी है। DSP सुनील दत्त के मुताबिक यह तस्करी चीनी से ले कर यूरिया खाद तक की होती है। उन्होंने कहा कि इन चीजों को सीमा पार करवाने के लिए तस्करों को वाहनों की जरूरत भी नहीं पड़ती, बल्कि वो कई इलाकों से बाइक, पैदल और साइकिल से इसे अंजाम देते रहते हैं। सुनील दत्त ने जानकारी देते हुए बताया कि चीनी जैसी वस्तुएँ केवल कस्टम चोरी के ही अंतर्गत आती हैं।

सीमा पार खड़े अपने ही मुल्जिम को हम केवल देख सकते हैं, पकड़ नहीं

DSP सुनील दत्त्त के अनुसार, भारत-नेपाल के बीच प्रत्यर्पण संधि न होने से पुलिस बल को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अपने ही निचलौल सर्किल क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वाहनों की चोरी में शामिल अपराधी मूल रूप से नेपाल के हैं, लेकिन भारत का पुलिस बल उनकी लोकेशन जानते हुए भी उन्हें पकड़ नहीं पाता। उन्होंने कहा कि न तो हम नेपाल में वर्दी में जा सकते हैं और न ही अपने हथियार ले कर।

उनके मुताबिक, अगर हमारा बड़ा से बड़ा अपराधी भी सीमा के उस पार खड़ा हो कर हमें ललकारे तो भी हमें उसे पकड़ने के लिए माफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए कोर्ट से उसका इंटरपोल वॉरंट आदि जारी करवाना पड़ता है, जिसके बाद नेपाल के प्रशासन से निवेदन कर के उस पर कार्रवाई का अधिकार मिलता है। उन्होंने बताया कि नेपाल से अपराधी लाना ठीक उतना ही कठिन है, जितना पाकिस्तान या अरब देशों से।

भारत का प्रशासन सहयोगी पर नेपाल का नहीं

निचलौल बॉर्डर पर तैनात तत्कालीन DSP सुनील दत्त ने हमें बताया कि भारत से अपराध कर के नेपाल और नेपाल से अपराध कर के भारत में घुसने वाले अपराधियों की अच्छी-खासी संख्या है। उन्होंने ये भी बताया कि भारत का पुलिस बल नेपाल से आए अपराधियों पर काफी सख्त रहता है और सीमा पार से सहयोग माँगे जाने पर तत्काल कार्रवाई करता है। हालाँकि, DSP दुबे के अनुसार, यह सक्रियता और सहयोग नेपाल के प्रशासन द्वारा भारत से वहाँ गए अपराधियों के मामले में नहीं दिखता।

सुनील दत्त के मुताबिक, नेपाल पुलिस की SAF बटालियन की सशस्त्र होती है, जबकि बाकी पुलिस बल डंडे और खुकरी ले कर चलता है।

मानव तस्करी में लड़कियों का बड़ा हिस्सा

डिप्टी एसपी रहे सुनील दत्त ने नेपाल बॉर्डर से मानव तस्करी के खिलाफ पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में भी बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मानव तस्करी का ज्यादातर शिकार नेपाली लड़कियाँ होतीं हैं। उनके मुताबिक, उन लड़कियों को बॉर्डर पार करवा कर कभी शादी, कभी डांस बार, तो कभी पार्लर में प्रयोग किया जाता है।

सीमा पर CCTV आदि का आभाव

एक माँग और सलाह के तौर पर DSP सुनील ने बॉर्डर इलाकों को CCTV से कवर करवाते हुए सीमावर्ती पुलिस थानों को सर्विलान्स सिस्टम से लैस करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों की बॉर्डर रखवाली करने वाली फ़ोर्स का संयुक्त गश्ती दल बनाया जाए तो संभवतः और बेहतर परिणाम सामने आएँगे।

कोरेक्स जैसी दवाओं के जरिए नशे का कारोबार

डिप्टी एस पी सुनील दत्त दुबे के मुताबिक, भारत और नेपाल के बीच नशे के कारोबार में खाँसी की दवा कोरेक्स भी शामिल है। उनके मुताबिक, दवा आदि मामलों में पुलिस के अधिकार सीमित होते हैं, लेकिन ड्रग्स इंस्पेक्टर को हम इस बात की हिदायत जरूर देते रहते हैं कि सीमावर्ती इलाकों में दवा के दुकानदारों को उनकी खपत के हिसाब से स्टॉक रखने के लिए कहा जाए। हालाँकि, उन्होंने बताया कि अभी तक इस मात्रा का कोई नियत पैमाना सामने नहीं आया है।

कई लोग उठा रहे दोहरी नागरिकता का लाभ

DSP सुनील दत्त दुबे ने हमें ये भी बताया कि कई लोग ऐसे भी हैं जो भारत और नेपाल दोनों देशों में वोट डालते हैं। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से प्रशासन को नागरिकता निर्धारित में दिक्कत आती है।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : 4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 15वीं रिपोर्ट: फ़ारसी में ‘गरीब नवाज स्कूल’ का बोर्ड, उस पर बने चाँद-तारे… घरों-दुकानों में लहरा रहे इस्लामी झंडे, सड़क से सटी हुई मजारें: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 16वीं रिपोर्ट: ’10 km में 20 गाँव मुस्लिम बहुल, हिन्दू दब कर मनाते हैं अपने त्योहार’: नेपाल सीमा के ग्राम प्रधान ने बताया – गरीब दिखने वाले मुस्लिमों के पास भी बहुत पैसे: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 17वीं रिपोर्ट: 150 मदरसे, 200 मस्जिदें… नेपाल सीमा से 15 km के दायरे का हाल, जानिए बॉर्डर के उन गाँवों की स्थिति जो बन गए हैं मुस्लिम बहुल: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 18वीं रिपोर्ट: ‘संयुक्त अरब अमीरात एसोसिएशन’ के नल से UP-नेपाल बॉर्डर पर पानी, सिद्धार्थनगर का मुस्लिम बहुल बाजार डुमरियागंज है सप्लायर: OpIndia Ground Report

बिस्किट खरीदने निकला 5 साल का बच्चा, पड़ोसी रूबी बीबी की छत पर मिला क्षत-विक्षत शव: गला रेत कर की गई हत्या, बंगाल पुलिस पर लापरवाही के आरोप

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले (Birbhum) के शांति निकेतन इलाके में मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को 5 वर्षीय बच्चे का क्षत-विक्षत शव मिला। बच्चा रविवार (18 सितंबर, 2022) की सुबह से लापता था। नाबालिग का शव उसकी पड़ोसी रूबी बीबी के घर की छत पर मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब स्थानीय लोग पड़ोसी रूबी बीबी की छत पर गए, तो उन्हें नाबालिग का शव तिरपाल में लिपटा मिला। उसकी गला रेत कर हत्या की गई थी।

नाबालिग लड़के का शव मिलने की खबर फैलते ही गुस्साए ग्रामीण रूबी बीबी के घर के बाहर जमा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। गुस्साई भीड़ ने रूबी के घर में आग लगा दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि वे बच्चे के लापता होने के 50 घंटे से अधिक समय बाद भी उसका पता लगाने में नाकाम रहे।

जानकारी के अनुसार, शांतिनिकेतन थाना क्षेत्र के मोलडांगा गाँव के तालीपारा में रहने वाला 5 वर्षीय बच्चा रविवार (18 सितंबर, 2022) को बिस्किट खरीदने के लिए गया था और वापस घर नहीं लौटा। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसके परिजन चिंतित हो गए और उसकी तलाश करने लगे। उन्होंने गाँव और आसपास की कई जगहों पर उसको ढूँढा, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस भी लापता बच्चे का पता नहीं लगा सकी। ज्यादा समय बीतने पर स्थानीय लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा। पश्चिम बंगाल पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने न्याय की माँग करते हुए सड़कों और हाईवे को जाम कर दिया।

आखिरकार, 20 सितंबर को रूबी बीबी के घर के टिन शेड पर एक बैग पड़ा हुआ देखकर कुछ स्थानीय लोगों को शक हुआ। जब वे वहाँ गए तो उन्हें तिरपाल में लिपटा हुआ नाबालिग का क्षत-विक्षत शव मिला। उसका गला रेता हुआ था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

‘पाकिस्तान के एक जज को जानता हूँ, उनकी बेटियों को कभी हिजाब में नहीं देखा’: बोले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस – ऐसे कई मुस्लिम परिवार, जहाँ हिजाब नहीं

सुप्रीम कोर्ट में हिजाब विवाद को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई जारी है। जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच की सुनवाई का बुधवार (20 सितंबर, 2022) को नौवाँ दिन था। सरकारी और याचिकाकर्ता, दोनों पक्षों की तरफ से दलीलें दी गईं। कर्नाटक सरकार की तरफ से महाधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी ने बुधवार (21 सितंबर 2022) दलीलें पेश कीं। उच्चतम न्यायालय में हिजाब मामले पर गुरुवार को फिर सुनवाई होगी।

लाइव लॉ’ के मुताबिक, सुनवाई के दौरान कर्नाटक के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) प्रभुलिंग नवदगी ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद-25 के तहत हर धार्मिक प्रथा संरक्षित नहीं है। नवदगी ने कहा कि कई मुस्लिम माताएँ और बहनें हिजाब नहीं पहनतीं। उन्होंने कहा कि तुर्की और फ्रांस जैसे देशों में हिजाब प्रतिबंधित है, फिर भी वहाँ इस्लाम फैल रहा है। साथ ही दलील दी कि इसे न पहनना किसी महिला को कम मुस्लिम नहीं बनाता।

सुनवाई के दौरान जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा कि वो हिजाब से जुड़े कुछ मामले साझा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तान के लाहौर हाई कोर्ट के एक जज को जानते हैं, जो भारत आया करते थे। उन्होंने बताया कि उक्त जज की दो बेटियाँ भी थीं, लेकिन उन्होंने कभी उन बच्चियों को हिजाब पहनते नहीं देखा। इतना ही नहीं, जस्टिस गुप्ता ने बताया कि उन्होंने देश में कई मुस्लिम परिवार देखे हैं, जहाँ घर के मुखिया ने अपने बच्चियों के ऊपर हिजाब नहीं थोपा है।

वहीं, सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि हिजाब का विवाद धार्मिक और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस केस को संवैधानिक बेंच में भेजा जाए। इस पर नवदगी ने कहा, “हमने हिजाब पर बैन नहीं लगाया है। स्कूल परिवहन में हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। स्कूल परिसर के अंदर भी हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।”

कर्नाटक के एडवोकेट जनरल ने आगे कहा कि जहाँ अनुच्छेद-21 के तहत निजता के अधिकार का संबंध है, निजता के अधिकार को लेकर नियम-कानून अभी विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुट्टास्वामी के फैसले के अनुसार, सभी क्षेत्रों में इसका प्रयोग नहीं किया जा सकता है। एजी ने इन आरोपों से भी इनकार किया कि राज्य ने एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया है। उनके शब्दों में, “मैं इसे सिरे से खारिज करता हूँ। बल्कि, राज्य सरकार अल्पसंख्यक समूहों के लिए कई कल्याणकारी कार्यक्रम चला रही है।”

जस्टिस गुप्ता ने पूछा कि अगर यह मान भी लिया जाए कि हिजाब पहनना एक आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है, तो किस तरह की प्रथा है? उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता के अनुसार, कुरान में कही गई हर बात अल्लाह की आयतें हैं और अनिवार्य हैं। इस पर एजी ने जवाब दिया कि इस्लाम में हिजाब एक अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं है।

बता दें कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों द्वारा हिजाब पहनना इस्लाम में एक मौलिक धार्मिक प्रथा नहीं है।

‘मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए कर रही संघर्ष’: ‘ट्रॉलिंग’ के कारण डॉक्टरों के भरोसे स्वरा भास्कर, नई फिल्म रिलीज होते ही हो गई सुपर फ्लॉप

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने कहा है कि ‘ट्रॉलिंग’ के कारण वो अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए डॉक्टरों की मदद लेती हैं। उनकी फिल्म ‘जहाँ चार यार’ भी बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। उन्होंने बॉलीवुड के सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि एकता बनी रहेगी तो हमले कम होंगे। स्वरा भास्कर ने कहा कि ये फिल्म इंडस्ट्री के लिए सामान्य समय नहीं चल रहा है और इसे निशाना बनाया जा रहा है।

स्वरा भास्कर का दावा है कि उन्हें सोशल मीडिया पर खासा ट्रॉल किया जाता है और साथ ही उन्हें धमकियाँ भी मिलती हैं। ‘ABP News’ के अनुसार, स्वरा भास्कर ने कहा कि अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए वो संघर्ष करती हैं और सभी मुद्दों पर अपने डॉक्टरों से बात करती रहती हैं। उन्होंने ‘कनेक्ट FM कनाडा’ से बात करते हुए ये कहा। उन्होंने कहा कि करण जौहर को कोई पसंद नहीं करता है, तो इसका मतलब ये नहीं कि वो हत्यारा हैं।

उन्होंने इस दौरान अक्षय कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वो जिस तरह की फिल्मों का समर्थन करते हैं, उससे वो सहमत नहीं हैं। स्वरा भास्कर ने कहा कि बॉलीवुड में कोई एक सुर में नहीं बोलता है और यही दिक्कत है। हाल ही में स्वरा भास्कर ने अपनी ताज़ा फिल्म ‘जहाँ चार यार’ के स्क्रीनिंग में AAP (आम आदमी पार्टी) के विधायकों को बुलाया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता भी स्क्रीनिंग में मौजूद थीं।

हम आपको बता चुके हैं कि स्वरा भास्कर की फिल्म ‘जहाँ चार यार’ शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को रिलीज तो हो गई, लेकिन न तो थिएटर में दर्शकों का अता-पता है और न ही IMDb पर रेटिंग का। IMDb पर फिल्म को मात्र 4.5 रेटिंग मिली है। पहले ये 1.1 थी, लेकिन अचानक से 10 रेटिंग दे-दे कर इसे बढ़ाया गया। वहीं समीक्षकों ने भी इस फिल्म को बड़ी तरह नकारते हुए कहा है कि ये भद्दे डायलॉग्स और पकाऊ कॉमेडी से भरी पड़ी है।

शराब और बस के बाद अब दिल्ली में टॉयलेट घोटाला! डिप्टी CM मनीष सिसोदिया के खिलाफ जाँच की माँग, प्रतिबंधित कंपनी को ठेका देने का आरोप

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) पर कॉन्ग्रेस ने ‘टॉयलेट घोटाले’ का आरोप लगाया है। दिल्ली कॉन्ग्रेस के नेताओं ने मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को इस सिलसिले में उप-राज्यपाल (LG) वी के सक्सेना से मुलाकात की और पब्लिक टॉयलेट में कांट्रैक्ट की जाँच कराने की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार शहर में सार्वजनिक शौचालयों का प्रबंधन गैर सरकारी संगठनों की जगह एक प्रतिबंधित कंपनी को सौंपने की योजना बना रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली कॉन्ग्रेस अध्यक्ष अनिल कुमार की अध्यक्षता में पार्टी के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एलजी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार की योजना में भ्रष्टाचार का दावा करते हुए पब्लिक टॉयलेट में वेस्टर्न टॉयलेट सीट लगाने के कांट्रैक्ट की जाँच कराने की माँग की है। अनिल कुमार ने सिसोदिया पर आरोप लगाते हुए पूछा कि जिस कंपनी को उन्होंने खुद प्रतिबंधित किया है, अब उसे टेंडर क्यों दिया जा रहा है?

कुमार के अनुसार, “18 अगस्त को 559 सार्वजनिक सुविधा परिसरों में 18620 शौचालयों के निर्माण के लिए एक डिबार्ड कंपनी को ठेका देने का निर्णय लिया गया था। दिल्ली सरकार टेंडर जारी करने के लिए पारंपरिक ई-प्रोक्योरमेंट वेबसाइट के बजाए GeM पोर्टल पर गई और सीधे एक प्रतिबंधित कंपनी को ठेका देने की पेशकश की।”

दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कुमार ने आगे आरोप लगाया कि सिसोदिया ने खुद 2021 में दो साल के लिए इस कंपनी को उसके खराब प्रदर्शन के लिए प्रतिबंधित किया था। वहीं, हाई कोर्ट ने भी उस कंपनी को अपने खराब रिकॉर्ड के लिए कोई क्लीन चिट नहीं दी है।

दिल्ली कॉन्ग्रेस के मुताबिक, 8 जून को आदेश में जब GeM पोर्टल की निविदा शर्तों में कहा गया था कि खराब प्रदर्शन के ट्रैक रिकॉर्ड वाली कंपनी निविदा बोली में भाग नहीं ले सकती हैं, तो उस कंपनी को निविदा बोली में भाग लेने की अनुमति कैसे दी गई?

बता दें कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार पर इससे पहले शराब और बस घोटाले का आरोप भी लग चुका है। शराब पॉलिसी से किन-किन लोगों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की गई और यह कैसे-कैसे अंजाम दिया गय, इसको लेकर एक शख्स ने विस्तार से बताया था। उसने बताया कि इसमें आम आदमी पार्टी के नेताओं को कई सौ करोड़ रुपए का लाभ पहुँचा है और जिनको फायदा पहुँचा है, उन सभी ने अरविंद केजरीवाल को पैसे दिए हैं।

वहीं, बीते दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Delhi Lieutenant Governor VK Saxena) ने आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बस खरीद मामले से जुड़ी घोटाले की जाँच सीबीआई (CBI) को सौंपी थी। 

अमानतुल्लाह खान का ‘बैग मैन’ तेलंगाना से धराया, कौसर सिद्दीकी की ‘लाल डायरी’ में करोड़ों के राज़: सऊदी-दुबई से पैसे आने का भी जिक्र

आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान के करीबी कौसर आलम सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। छापेमारी के दौरान उसके घर से हथियार और कैश बरामद किए गए थे। कौसर आलम सिद्दीकी को बुधवार (21 सितंबर, 2022) को दिल्ली पुलिस ने तेलंगाना से गिरफ्तार किया। कहा जाता है कि कौसर सिद्दीकी को AAP विधायक का ‘बैग मैन’ भी कहा जाता है। विधायक से पूछताछ के दौरान उसका नाम सामने आया था।

‘बैग मैन’ का मतलब ये हुआ कि अमानतुल्लाह खान के लिए गलत तरीकों से रुपए इकट्ठे करने का काम उसे ही सौंपा गया था। दोनों के बीच गहरे सम्बन्ध थे और उनमें परस्पर लेनदेन चलता रहता था। 12 लाख रुपए कैश, एक अवैध हथियार और कारतूस के अलावा उसके घर से एक लाल डायरी भी मिली थी, जिसमें करोड़ों के लेनदेन के हिसाब मौजूद हैं। ये भी सामने आया है कि पैसे गुजरात और यूपी-बिहार भी भेजे गए हैं।

साथ ही सऊदी अरब और दुबई से भी पैसे आने का जिक्र इस डायरी में है। हवाला डीलर के रूप में काम करने वाला कौसर आलम सिद्दीकी की लास्ट लोकेशन पुलिस को तेलंगाना में मिली थी, जिसके बाद एक टीम वहाँ के लिए निकल गई थी। अमानतुल्लाह खान के एक और करीबी हामिद अली को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों में गड़बड़ी के अलावा घोटालों की भी जाँच की जा रही है। अमानतुल्लाह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

यह पता चला था कि विधायक की पत्नी मरियम के घर में भी कैश और अवैध हथियार रखे हुए हैं। इसके बाद एसीबी की टीम ने मरियम के घर में भी छापेमारी की थी। इस छापेमारी में मरियम के घर से एसीबी को कुछ खास हासिल नहीं हुआ था। लेकिन, जब एसीबी की टीम ने मरियम के फोन की तलाशी ली तो फोन गैलरी में नोटों की गड्डी और एक पिस्टल की फोटो मिली। जिस बेड पर रखकर नोटों की गड्डियों और पिस्टल की फोटो ली गई थी, उस चादर को भी रिकवर कर लिया है।