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जहाँ फाड़े गए वीर सावरकर के पोस्टर और हुआ तिरंगे का अपमान, वहाँ से ISIS के 3 आतंकी गिरफ्तार: कर्नाटक में बम ब्लास्ट की साजिश का पर्दाफाश

कर्नाटक पुलिस ने राज्य के शिवमोगा से खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन ISIS के 3 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये लोग कर्नाटक में किसी बड़े बम ब्लास्ट की तैयारी में थे। गिरफ्तार किए संदिग्धों का नाम शारिक, माज़ी और सैयद यासीन बताया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों आतंकियों के खिलाफ कर्नाटक पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं और ‘गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA)’ के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्ध आतंकी आईएसआईएस (ISIS) के लिए देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का काम करते हैं।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये आतंकी संगठन ISIS के कहने पर कर्नाटक में बड़ा विस्फोट करने की साजिश भी रच रहे थे। इसके लिए इन तीनों आतंकियों ने प्रशिक्षण भी लिया था। इससे पहले कि वो अपने नापाक इरादों में कामयाब हो पाते, पुलिस की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि तीनों शिवमोगा और तीर्थहल्ली के रहने वाले हैं और उनका संबंध मंगलुरु से है।

इसके साथ-साथ बताया जा रहा है कि आतंकियों के लीडर और पेशे से इलेक्ट्रिक इंजीनियर यासीन को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में राज्य सरकार के गृहमंत्री अरागा जनेंद्र ने बताया कि पुलिस ने सूत्रों से मिली जानकारी के बाद छापेमारी की थी। इस दौरान पुलिस ने आतंकी संगठन ISIS से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। इनसे पूछताछ कर पुलिस ने तीसरे और आतंकी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले हुआ था तिरंगे का अपमान

गौरतलब है कि कर्नाटक का शिवमोगा पिछले महीने में भी चर्चा में आया था। बताया गया था कि 15 अगस्त के मौके पर यहाँ वीर सावरकर के पोस्टर फाड़े गए वहाँ पर तिरंगे का भी अपमान हुआ। कथित तौर पर सावरकर की तस्वीर फाड़ने वाले उस जगह टीपू सुल्तान और मोहम्मद अली जिन्ना के पोस्टर लगाना चाहते थे। वहीं प्रेम सिंह नामक एक व्यक्ति को चाकू मारने वालों को लेकर यह बताया गया कि हमलावरों ने प्रेम के माथे पर टीका देख कर अटैक किया था।

ये सब शिवमोगा के तुमकुरु में घटित हुआ। इस मामले में तुमकुरु के एसपी राहुल कुमार ने बताया था, “वीर दामोदर सावरकर का एक पोस्टर तुमकुरु में अशोका रोड पर लगा था जिसे 15 कुछ अज्ञात लोगों ने माहौल बिगाड़ने की नीयत से फाड़ दिया।”

बस्तर के राजा प्रवीर चंद्र भंजदेव आदिवासियों के भगवान, वनवासियों के हक में जिन्होंने खाई पुलिस की गोली: पढ़ें कहानी, देखें Exclusive फिल्म

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन यहाँ के कुछ राजा-महाराजाओं का भी जनता से ऐसा जुड़ाव रहा कि आज भी लोग उन्हें याद करते हैं। आज हम हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के लोगों के बारे में, जहाँ के लोग आज भी अपने राजा प्रवीर चंद्र भंज देव को भूले नहीं है और उन्हें भगवान के समान पूजते भी हैं।

बस्तर के राजा रहे प्रवीर चंद्र भंज देव पर विवेक कुमार द्वारा निमित-निर्देशित एक शॉर्ट फिल्म भी ऑपइंडिया के यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुई है, जिसे देखने के बाद आपको पता चलेगा कि उनके बारे में लोग आज भी क्या-क्या सोचते हैं और उन्हें क्यों महान माना जाता है। इस फिल्म में उनके बारे में आपको और भी बहुत कुछ जानने को मिलेगा। यह एक शॉर्ट फिल्म हैं, जिसका नाम ‘आइ प्रवीर द आदिवासी गॉड (I Pravir the Adivasi God)’ है। इस फिल्म को अब आप ऑपइंडिया पर एक्सक्लूसिव देख सकते हैं।

राजा प्रवीर चंद्र भंज देव की हत्या साल 1966 में कर दी गई थी। तब वो अपनी प्रजा के लिए तत्कालीन सरकार से लड़ रहे थे। बस्तर के आदिवासी लोगों के लिए वो आज भी भगवान हैं और उनको लोग इसी रूप में पूजते भी हैं।

इस फिल्म में बस्तर की आदिवासी जनता अपने राजा प्रवीर चंद्र भंजदेव को याद करते हुए बताती है कि आज बेशक भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, लेकिन राजा अपने लोगों और उनकी आकांक्षाओं को आज के नेताओं से अधिक समझते थे। आदिवासी समाज के लोगों ने कहा कि इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जरूर विकास हुआ होगा, लेकिन इस विकास का जितना लाभ आदिवासियों को होना चाहिए उतना नहीं हो सका।

लोगों का यहाँ तक कहना है कि राजा आदिवासियों के हितों और जरूरतों के बारे में ज्यादा सोचते और समझते थे। आज भी बस्तर के लोगों के घरों में राजा प्रवीर चंद्र भंज देव फोटो लगी हुई मिलती है। फिल्म में आप देख सकते हैं कि कैसे आदिवासी समाज के स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि यदि पुलिस की गोलीबारी में राजा प्रवीर चंद्र की मौत न हुई होती तो बस्तर में नक्सली संघर्ष की शुरुआत भी नहीं होती।

एक अन्य आदिवासी समाज के व्यक्ति ने बताया कि उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनका पार्थिव शरीर तक भी यहाँ के लोगों को नहीं मिला था, सिर्फ उनके कपड़े मिले थे। बाद में उसी वस्त्र को रख कर उनकी समाधि बनाई गई। एक व्यक्ति ने बताया कि लोहा खदान के संघर्ष के कारण उनकी हत्या की गई थी। राजा का मानना था कि बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय आदिवासियों का सबसे ज्यादा हक बनता है।

राजा प्रवीर चंद्र भंज देव अविभाजित मध्य प्रदेश में जगदलपुर विधानसभा सीट से विधायक भी थे। वे आदिवासियों के हितों को लेकर मुखर भी थे और उनका यह मानना था कि जिले के प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय आदिवासियों का हक़ सबसे अधिक है। आदिवासियों के इन्हीं हितों के लिए वे तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार के विरुद्ध खड़े हुए थे। तत्कालीन सरकार के साथ अपनी लड़ाई के दौरान ही 25 मार्च 1966 की रात पुलिस फायरिंग में उनके ही महल में उनकी मृत्य हो गई थी।

इस फिल्म के शुरुआती दृश्यों में बस्तर जिले के शानदार प्राकृतिक नजारों को दिखाया गया है, जिसमें स्वच्छ नदी और झरनों के रूप में आप बस्तर की खूबसूरती का आनंद लेते हुए इतिहास को देख-समझ सकते हैं। फिल्म में बस्तर के आदिवासी संस्कृति को भी दिखाया गया है, जिसमें नृत्य और अन्य कला प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है।

हालाँकि, फिल्म में ये कड़वी सच्चाई भी है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो आज राजा को पूरी तरह से भूल गए हैं और उनकी तस्वीर तक को नहीं पहचानते। इसके विपरीत कुछ स्थानीय लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि आज बस्तर जो कुछ भी है, वो राजा की ही बदौलत है। लोगों का यह भी कहना है कि राजा प्रवीर चंद्र भंज देव ने हमेशा लोगों को दिया ही है। फिल्म में बस्तर के आधुनिक विकास कार्यों के बारे में भी दिखाया गया है।

सालों पहले चोरी हुई थीं जो किताबें, वो आज़म खान की यूनिवर्सिटी में दबी हुई मिलीं: इससे पहले खुदाई निकली थी करोड़ों की मशीन

समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के रामपुर से विधायक आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। मंगलवार (20 सितंबर, 2022) को जौहर यूनिवर्सिटी में हुई खुदाई के दौरान ओरिएंटल इंटर कॉलेज से चोरी हुई पुस्तकें बरामद हुई हैं। इससे पहले सोमवार (19 सितंबर) को जब यूनिवर्सिटी में खुदाई की गई थी तब करोड़ों रुपए की ऑटोमैटिक स्वीपिंग मशीन बरामद की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में खुदाई की जा रही है। इस दौरान यूनिवर्सिटी के लिफ्ट शॉफ्ट में दबाकर रखी गईं बेहद कीमती पुस्तकों का जखीरा बरामद हुआ है। ये सभी किताबें राजकीय ओरिएंटल कॉलेज के लाइब्रेरी से चोरी की गई थीं। इस कॉलेज की स्थापना साल 1774 में रामपुर के नवाब ने की थी। जिसे पहले आलिया मदरसा के नाम से जाना जाता था। चोरी के इस मामले में, साल 2019 में एफआईआर की गई थी।

कैसे मिली किताबें और मशीन

आजम खान के बेटे और सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दोस्त सालिम और अनवर का जुआ खेलते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों से कड़ी पूछताछ की थी। इस पूछताछ में सामने आई जानकारी और निशानदेही के आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी में खुदाई की गई थी। इस खुदाई में ही ये किताबें बरामद हुई हैं।

इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह का कहना है, सलीम और अनवर को 2 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन दोनों से कड़ी पूछताछ की गई थी। इसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति बाकर खान द्वारा एक और मुकदमा दर्ज कराया गया था।

संसार सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराते हुए बाकर खान ने बताया था कि पालिका द्वारा सफाई करने के लिए कुछ मशीनें मँगाई गई थीं। इन मशीनों को जौहर यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में मँगा ली थीं। आजम खान, अब्दुल्लाह आजम खान और रामनगर पालिका तत्कालीन चेयरमैन अजहर अहमद खान की मिलीभगत से सफाई मशीनों को यूनिवर्सिटी पहुँचाया गया था। इसके बाद जब सरकार बदली और प्रशासन ने मशीनों का पता करने की कोशिश की तो इन मशीनों को काट कर यूनिवर्सिटी कैंपस में ही दबा दिया गया।

मशीन चोरी के मामले में पुलिस ने IPC की धारा 409, 120-B और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम धारा 2 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में आजम खान उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम समेत 7 लोगों को आरोपित दर्शाया गया है।

‘संयुक्त अरब अमीरात एसोसिएशन’ के नल से UP-नेपाल बॉर्डर पर पानी, सिद्धार्थनगर का मुस्लिम बहुल बाजार डुमरियागंज है सप्लायर: OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल भारत बॉर्डर पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की 18वीं रिपोर्ट:

श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों में मुस्लिम आबादी के साथ इबादतगाहों पर रिपोर्ट के बाद हमने अपना रुख नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले की तरफ किया। सिद्धार्थनगर में हमने बलरामपुर जिले के पचपेड़वा मार्ग से प्रवेश किया।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

सिद्धार्थनगर जिले में भी हमें सड़क पर और बाजारों में दिखने वाली इबादतगाहों की संख्या कमोबेश श्रावस्ती और बलरामपुर जिलों जैसी ही लगी। इस रिपोर्ट में हम सिद्धार्थनगर जिले की उन सड़कों और बाजारों की चर्चा कर रहे हैं, जो नेपाल सीमा से लगती हैं।

सिद्धार्थनगर में घुसते ही इबादतगाह

बलरामपुर जिले के पचपेड़वा से जैसे ही हमने सिद्धार्थनगर में प्रवेश किया, वैसे ही हम मलगाहिया गाँव में पहुँचे। यह गाँव नेपाल बॉर्डर से लगभग सटा हुआ है और सीमा को छूती हुई सड़क के किनारे बसा हुआ है। इस गाँव में सड़क से ही 2 इबादतगाहों को साफ़-साफ देखा जा सकता है। दोनों इबादतगाहें सफेद रंग की हैं, जिनकी मीनारें काफी दूर से दिखाई देती हैं। स्थानीय लोगों ने इस गाँव में मदरसा चलने की भी जानकारी दी।

मालगाहिया गाँव में 2 मस्जिदें

अभी हम मालगाहिया गाँव से अधिकतम 2 किलोमीटर ही चले होंगे कि हमें जियाभारी नाम की बाजार दिखी। ज़ियाभारी बाज़ार में हमने सड़क से कुछ ही दूरी पर पेड़ों और दुकानों के पीछे एक और इबादतगाह देखी। यह इबादतगाह सफेद रंग की थी।

ज़ियाभारी में इबादतगाह

बॉर्डर पर गंदगी और नो मैन्स लैंड में पालतू बकरियाँ

जियाभारी के बाद बीच में कई अन्य मज़ारें और छोटी-बड़ी इबादतगाहें छोड़ कर हम नेपाल सीमा के बढ़नी बाज़ार पहुँचे। यहाँ हमें सीमा पर कूड़े और गंदगी का ढेर दिखा। बॉर्डर के नो मैन्स लैंड एरिया में पालतू बकरियाँ चर रही थीं। बॉर्डर पर सिद्धार्थनगर की तरफ हमें अहमद बूट हाउस, मक़सूद शू सेंटर, सलीम की जूते की दुकान आदि दिखाई पड़ीं।

नो मैन्स लैंड में कचरे का अम्बार

पहले की सरकारों में ठीक से नहीं मना पाते थे त्यौहार

बढ़नी बॉर्डर पर सिद्धार्थनगर जिले में एक स्कूल के बोर्ड पर लिखे वेदमंत्रों ने हमारा ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। यह स्कूल भारतीय सीमा का अंतिम स्कूल है, जिसका नाम ‘दयानंद लघु माध्यमिक विद्यालय’ है। यहाँ छुट्टी हो चुकी थी लेकिन हमने यहाँ मौजूद महिला प्रिंसिपल से बात की।

‘दयानंद लघु माध्यमिक विद्यालय’ की महिला प्रिंसिपल ने हमें बताया कि पहले की सरकारों में 12 बजे दुर्गापूजा की मूर्ति उठाने का आदेश मिल जाता था लेकिन इस सरकार में यहाँ के लोग काफी हद तक सुरक्षित महसूस करते हैं। महिला प्रिंसिपल ने खुद को लगभग डेढ़ दशक से उसी स्कूल में पोस्टेड बताया। इसी स्कूल का एक हिस्सा आर्यकन्या विद्यालय भी है।

दयानन्द और आर्यकन्या स्कूल

कभी बॉर्डर पर थी दयानन्द विद्यालय की सबसे ज्यादा जमीन

बॉर्डर पर मौजूद दयानन्द विद्यालय की बॉउंड्री से सट कर ‘जय माँ अन्नपूर्णा गिरी गैस चूल्हा रिपेयर’ नाम से दुकान चला रहे बुजुर्ग व्यक्ति ने हमें बताया कि कभी बढ़नी बॉर्डर पर सबसे ज्यादा जमीन इसी दयानन्द स्कूल के प्रिंसिपल तिवारी जी की हुआ करती थी। उन्होंने हमें आगे बताया कि धीरे-धीरे कई लोगों ने उनकी जमीनें खरीद डालीं और अब तिवारी जी का एकमात्र स्कूल बचा हुआ है।

बॉर्डर पर मौजूद दुकानदार

बढ़नी में थोक भाव में मिलते हैं नकाब

सिद्धार्थनगर के बढ़नी बाजार में हमें जो बेहद ख़ास बात दिखी, वो थी नकाब सेंटर। हमने बढ़नी रेलवे स्टेशन के कुछ ही दूर पर नकाब की दुकान देखी, जिसका नाम ‘उमर नकाब सेंटर’ है। इस दुकान के बोर्ड पर बाकायदा हिजाब और बुर्का पहने महिलाओं को दिखाया गया है।

‘उमर नकाब सेंटर’ के बोर्ड के ऊपर अरबी भाषा में कुछ लिखा हुआ था। इस जगह पर ईरानी चादर भी बनाई जाती है। इस दुकान से नकाब खरीद कर ले जा रहे एक व्यक्ति ने हमें बताया कि यहाँ हिजाब की अच्छी बिक्री होती है।

उमर नकाब सेंटर

गौरतलब है कि इसी सिद्धार्थनगर जिले में डुमरियागंज नाम की बाज़ार भी है, जहाँ विगत विधानसभा चुनाव होने के बाद सपा की महिला मुस्लिम प्रत्याशी सैयदा खातून के समर्थन में आपत्तिजनक नारेबाजी हुई थी। उस केस में पुलिस ने नव निर्वाचित महिला विधायक और उनके कई समर्थकों पर भी FIR दर्ज की थी। डुमरियागंज बाजार भी मुस्लिम बहुल मानी जाती है।

नेपाल बॉर्डर पर बढ़ती मुस्लिम आबादी और पनपते मस्जिद-मदरसों वाली सीरीज में ही सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज पर हमने पहले भी एक रिपोर्ट की है। डुमरियागंज ही वो जगह है, जहाँ की ‘खैर टेक्निकल सोसाइटी’ के द्वारा उर्दू और अरबी नेमप्लेट वाले नल भारत-नेपाल बॉर्डर पर जगह-जगह लगाए गए हैं। इन नलों पर अरबी भाषा में ‘संयुक्त अरब अमीरात एसोसिएशन’ और इंग्लिश में ‘खैर टेक्निकल सोसाइटी इंडिया’ लिखा मिला था। स्थानीय लोगों ने इस रिपोर्ट में बताया था कि ऐसे नल ‘जकात’ के पैसे से लगाया गया है।

बॉर्डर के पास सैकड़ों मस्जिद-मदरसे

ऑपइंडिया ने सिद्धार्थनगर जिले में भी नेपाल बॉर्डर पर मौजूद मस्जिदें और मदरसों की जानकारी जुटाई। हमारे द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक सिद्धार्थनगर में नेपाल बॉर्डर से 15 किलोमीटर क्षेत्र में लगभग 260 मस्जिदें, 175 मदरसे और 20 ऐसी मस्जिदें हैं, जिसमें साथ में मदरसा भी संचालित है।

सिद्धार्थनगर जिले में मज़ारों की गिनती इन इबादतगाहों से अलग है। हालाँकि ये आँकड़े सिद्धार्थनगर की पूरी नेपाल से लगी सीमा के नहीं हैं। स्थानीय लोगों ने कैमरे पर न आने की शर्त पर हमें बताया कि मस्जिद और मदरसों की अनुमानित संख्या इससे भी ज्यादा है।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : 4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 15वीं रिपोर्ट: फ़ारसी में ‘गरीब नवाज स्कूल’ का बोर्ड, उस पर बने चाँद-तारे… घरों-दुकानों में लहरा रहे इस्लामी झंडे, सड़क से सटी हुई मजारें: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 16वीं रिपोर्ट: ’10 km में 20 गाँव मुस्लिम बहुल, हिन्दू दब कर मनाते हैं अपने त्योहार’: नेपाल सीमा के ग्राम प्रधान ने बताया – गरीब दिखने वाले मुस्लिमों के पास भी बहुत पैसे: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 17वीं रिपोर्ट: 150 मदरसे, 200 मस्जिदें… नेपाल सीमा से 15 km के दायरे का हाल, जानिए बॉर्डर के उन गाँवों की स्थिति जो बन गए हैं मुस्लिम बहुल: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

‘बच्चों वाले तेल लगा कर सबके सामने सेक्स करते थे Playboy के मालिक, लड़कियाँ बुलाती थी डैडी’: पूर्व गर्लफ्रेंड्स का खुलासा – पीठ के बल लिटा देते थे, फिर…

मैगजीन ‘Playboy’ के संस्थापक ह्यूग हेफ़नर अमेरिकी मनोरंजन इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम रहे हैं, खासकर फैशन और मॉडलिंग की दुनिया में। उनकी ‘हवेली’ (Mansion) की कहानियाँ 2017 में 91 वर्ष की आयु में उनकी मौत के बाद भी चर्चा का विषय बनी रहती है। उम्र ढलने के बाद भी कई लड़कियों के साथ उनके अफेयर और विलासिता के चर्चा कम नहीं हुए। अपनी मृत्यु से 5 साल पहले उन्होंने तीसरी शादी की थी। अब उनके बारे में नया खुलासा हुआ है।

ह्यूग हेफ़नर के साथ समय व्यतीत करने वाली दो महिलाओं ने बताया है कि वो सेक्स करने के लिए ‘Baby Oil (बच्चों वाले तेल)’ का इस्तेमाल करते थे। 44 वर्षीय होली मैडिसन और 48 वर्षीय ब्रिजेट मरकार्डत ने ये आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इसे Lubricants के रूप में प्रयोग में लाने से संक्रमण का खतरा बना रहता है। 2000 के दशक की शुरुआत में ह्यूग हेफनर की तीन प्रमुख गर्लफ्रेंड्स में ये दोनों शामिल थीं।

उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड्स ने कहा कि सेक्स के लिए बच्चों वाले तेल का गुप्तांग पर इस्तेमाल करने को लेकर ह्यूग हेफ़नर की क्या सनक थी, ये समझ से परे है। उन्होंने कहा कि ये काफी घिनौना था। उन्होंने कहा कि उन्हें लुब्रीकेंट के रूप में ये पसंद नहीं था, क्योंकि इससे महिलाओं को इन्फेक्शन हो जाता था। इसके लिए उन्हें डॉक्टर की सलाह भी लेनी पड़ी थी। मैडिसन ने कहा, “मैं उनसे कहती थीं। सिर्फ स्किन तक ही रखो। इसे वहाँ मत डालो।” एक अन्य महिला ने बताया था कि युवतियाँ बेडरूम में ह्यूग हेफ़नर को ‘डैडी’ कहती थीं और कई लोगों के सामने उनसे सेक्स करना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि अन्य महिलाओं ने उन्हें बताया था कि ह्यूग हेफ़नर उन्हें पीठ के बल लिटा देते थे और फिर इस तेल का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने कहा कि इसे सोच कर वो आज भी गुस्सा होती हैं और ये उनकी मर्जी के बिना किया जाता था। उन्होंने कहा कि ‘Playboy Mansion’ में रहने वाली लड़कियाँ जल्द से जल्द ह्यूग हेफ़नर के साथ सेक्स की प्रक्रिया को निपटना चाहती थी, जो उनके लिए रूटीन बन गया था। ह्यूग हेफ़नर एक ‘ब्लैक बुक’ में अपने साथ सोई लड़कियों की सूची रखते थे।

गुजरात के एक गाँव के बच्चे की कहानी पहुँची ऑस्कर, RRR जैसी फिल्म को भी पछाड़ा: भारत की तरफ से बॉलीवुड मूवी नहीं, ‘छेल्लो शो’ को एंट्री

भारत की तरफ से ऑस्कर 2023 के लिए फिल्म छेल्लो शो (Last Film Show) को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म केटेगरी के लिए भेजा गया है। फिल्म छेल्लो शो (Chhello Show) एक गुजराती फिल्म है जिसे पान नलिन ने लिखा और डायरेक्ट किया है। अंग्रेजी में इसका नाम लास्ट फिल्म शो (Last Film Show) है।

पान नलिन, सिद्धार्थ रॉय कपूर, धीर मोमाया और मार्क ड्यूले द्वारा निर्मित फिल्म ‘छेल्लो शो’ को ऑस्कर अवार्ड्स के लिए नॉमिनेट किए जाने के बाद निश्चित तौर पर कई फ़िल्मी विश्लेषकों को हैरानी हुई है। वास्तव में ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि ऑस्कर के लिए RRR या ‘द कश्मीर फाइल्स’ को भारत की तरफ से एंट्री के रूप में भेजा जाएगा। हालाँकि, ‘फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया’ ने रविवार (20 सितंबर, 2022) को ऑस्कर 2023 के लिए भारत की तरफ से ‘छेल्लो शो’ को भेजे जाने की आधिकारिक घोषणा की है।

गौरतलब है कि पान नलिन को एंग्री इंडियन गॉडेस, वेली ऑफ फ्लॉवर्स, फेथ कनेक्शन जैसी अवॉर्ड विनिंग फिल्मों के निर्देशन के लिए जाना जाता है। ऐसी ही फिल्म ‘छेल्लो शो (लास्ट फिल्म शो)’ भी है। इस फिल्म में गाँव के एक ऐसे छोटे बच्चे समय की कहानी है, जिसे फिल्मों से प्यार होता है। गुजरात के छलाला गाँव में यह बच्चा फिल्म देखने के लिए प्रोजेक्शन रूम में एक सिनेमा प्रोजेक्टर टेक्नीशियन की मदद से पहुँच जाता है और वहाँ कई फिल्में देखता है। फिल्में देखते हुए उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। फिल्म में सिंगल स्क्रीन सिनेमा के कल्चर को बखूबी दिखाया गया है।

ऑस्कर 2023 के लिए आधिकारिक एंट्री हासिल करने के बाद छेल्लो शो के डायरेक्टर पान नलिन ने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा भी दिन आएगा और खुशियों का उत्सव लाएगा। ‘छेल्लो शो’ को दुनिया भर से प्यार मिला है। लेकिन, मेरे दिल में एक दर्द था कि मैं इसे भारत में कैसे प्रदर्शित करूँ। अब मैं फिर से साँस ले सकता हूँ और सिनेमा में विश्वास कर सकता हूँ जो मनोरंजन करता है और प्रेरणा देता है। धन्यवाद FFI, धन्यवाद जूरी।”

इस फिल्म के प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर ने कहा, “हम रोमांचित और सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि हमारी फिल्म, ‘लास्ट फिल्म शो’ को अकादमी पुरस्कारों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है। सिनेमा के जादू और चमत्कार के एक्सपीरियंस का जश्न मनाने वाली इस तरह की फिल्म के लिए इससे अधिक बेहतर समय नहीं हो सकता है।”

उन्होंने कहा कि जब महामारी के कारण दुनिया भर के सिनेमाघर बंद हो गए थे, तब यह फिल्म दर्शकों को एक अंधेरे सिनेमा हॉल में फिल्म देखने के अनुभव के साथ पहली बार प्यार में पड़ने की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के साथ अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है।

बता दें कि दुनिया भर के आलोचकों और दर्शकों के दिलों को जीतने के बाद ‘द छेल्लो शो (लास्ट फिल्म शो)’ को आगामी 14 अक्टूबर को भारत के कुछ चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। हालाँकि, अब ऑस्कर के लिए इसे एंट्री के रूप में भेजे जाने के बाद इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि दर्शक इस फिल्म की स्क्रीन बढ़ाने की माँग करेंगे, जिससे इस फिल्म के देश के कई बड़े-छोटे सिनेमाघरों में भी दिखाया जा सके।

‘मेरा भाई मुझे ऐसे ही पिंजरे में रखता था’: आमिर खान के भाई फैजल ने ठुकराया ‘बिग बॉस’ का ऑफर, ‘लाल सिंह चड्ढा’ को भी नकारा

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भाई फैजल खान ने एक बार फिर से अपने भाई के घर में कैदी के तौर पर बताए दिनों को याद किया है। दरअसल, उन्होंने बताया कि उन्हें ‘बिग बॉस’ में प्रतिभागी बनने का ऑफर आया तो उन्हें इस कारण उसे ठुकरा दिया, क्योंकि बिग बॉस का घर एक जेल की तरह होता है और वे दोबारा कैदी बनकर नहीं जीना चाहते।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक, अभिनेता फैजल खान एक बार से सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने हाल ही में यह जानकारी साझा की है कि उनको ‘बिग बॉस’ का हिस्सा बनने के लिए ऑफर आया है। इसे साथ-साथ उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक टीवी सीरियल में भी काम करने का ऑफर भी मिला है और वो बहुत खुश हैं। उन्होंने ‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म के बारे में कहा कि आमिर को कमबैक के लिए बेहतर स्क्रिप्ट चुननी चाहिए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें ये फिल्म ज्यादा पसंद नहीं आई।

उन्होंने कहा, “बिग बॉस में हर कोई एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा होता है, वे लड़ते हैं, बहस करते हैं और फिर आपको टास्क भी दिए जाते हैं। वे मानसिक रूप से आपके साथ खेलते हैं। मैं उसमें फँसना नहीं चाहता था। वे आपको कुछ पैसे देते हैं, लेकिन अल्लाह की कृपा से मुझे ज्यादा पैसे की आवश्यकता नहीं है।”

भाई आमिर के घर की कैद को किया याद

अभिनेता फैजल खान ने अपने बयान में आगे कहा, “मैंने सोचा कि मुझे पिंजरे में क्यों रखा जाना चाहिए? पिंजरे में रहना किसे पसंद है? हर कोई एक स्वतंत्र जीवन पसंद करता है। यह मजेदार है, आप जानते हैं। कैद में रहने में कोई मजा नहीं है। मुझे आमिर के घर में एक बार पिंजरे में बंद कर दिया गया था। मेरा फिर से पिंजरे में जाने का इरादा नहीं है। मैं स्वतंत्र रहना चाहता हूँ और पानी की तरह बहना चाहता हूँ।”

गौरतलब है कि अभिनेता फैजल खान ने अपने एक बयान में यह भी कहा,

“आज मेरे लिए खुशी का दिन है, क्योंकि मुझे आज दो प्रस्ताव मिले। एक ‘बिग बॉस’ के लिए था, लेकिन मैंने इसे अस्वीकार कर दिया, ओर एक टीवी धारावाहिक के लिए प्रस्ताव था। मैं काफी उत्साहित हूँ कि लोग मेरे बारे में सोच रहे हैं और मुझ पर विचार कर रहे हैं। मैं खुश हूँ। कृपया मेरे लिए प्रार्थना करें कि मुझे कुछ अच्छा काम मिले ताकि मैं कोशिश कर सकूँ और आप सभी का मनोरंजन कर सकूँ, चाहे वह वेब सीरीज हो या फिल्म।”

आमिर खान के भाई फैजल का बयान

अपने भाई पर लगा चुके हैं गंभीर आरोप

एक्टर फैजल खान ने आमिर खान के साथ ‘मेला (2000)’ फिल्म में काम किया था, लेकिन इन दोनों भाइयों में ज्यादा बनती नहीं है। पिछले साल भी फैजल खान ने भाई आमिर पर गंभीर आरोप लगाए थे और बताया था कि कैसे उन्हें आमिर अपने घर में कैद करके रखते थे।

फैसल ने कहा था, “उस समय मैं परिवार वालों से नहीं मिल रहा था, क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं मिलूँगा तो लड़ाई-झगड़े होंगे, इसलिए मैंने दूरी बना ली। मगर उन्होंने अफवाह उड़ा दी कि ये पागल हो गया है। वो लोग मुझे जबरन दवा देने लगे। आमिर ने मुझे 1 साल तक हाउस अरेस्ट रखा। बॉडीगार्ड नियुक्त कर दिया गया था, मेरा फोन छीन लिया, किसी से मिलने नहीं दे रहे थे, जबरन दवाइयाँ दे रहे थे। मैं 103 किलो का हो गया। फिर वो लोग मुझे थोड़ी-थोड़ी आजादी देने लगे तो मुझे लगा कि सुधर जाएँगे, लेकिन वह हुआ नहीं।”

पाइप से चढ़ गया, वॉशरूम की खिड़की से रिकॉर्ड किया छात्रा का वीडियो: अब IIT बॉम्बे में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसी घटना, कैंटीन कर्मचारी गिरफ्तार

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में लड़कियों के नहाने का वीडियो वायरल मामला अभी थमा भी नहीं है कि अब ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT बॉम्बे)’ के वॉशरूम में लड़की का वीडियो बनाने की घटना सामने आयी है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपित कैंटीन कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना रविवार (18 सितंबर, 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) की छात्रा ने रविवार रात हॉस्टल के वॉशरूम की खिड़की से किसी को झाँकते हुए देखा। इसके बाद उसने शोर मचा कर सबको इसकी जानकारी दी। इन-हाउस मैगजीन (छात्रों की पत्रिका) ‘इनसाइट’ में जारी एक बयान के मुताबिक, मामला हॉस्टल-10 का है। यहाँ की कैंटीन रविवार को पेस्ट कंट्रोल वर्क के लिए बंद कर दी गई थी। लेकिन, इसमें काम करने वाले कर्मचारी रात में हॉस्टल परिसर में ही रुक गए थे।

इस बयान के मुताबिक, हॉस्टल बिल्डिंग की कुछ विंग्स में वॉशरूम की खिड़कियों पर प्लेटफॉर्म जैसा बना हुआ है। यह ग्राउंड फ्लोर से पाइपों से जुड़ा हुआ है। इन्हीं पाइपों का सहारा लेकर झाँकने वाला व्यक्ति खिड़की तक पहुँचा था।

पीड़ित छात्रा ने इस मामले की शिकायत स्थानीय पवई थाने में की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि रात में आईआईटी बॉम्बे के एक कर्मचारी ने हॉस्टल H10 के वॉशरूम में उसका वीडियो रिकॉर्ड किया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धारा 354 C के तहत मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार कर लिया है।

इस मामले में पवई पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बुधन सावंत ने कहा, “कैंटीन कर्मचारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 सी के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। रविवार रात प्राथमिकी दर्ज होने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।”

आईआईटी बॉम्बे के डीन प्रोफेसर तपनेंदु कुंडू का कहना है कि हॉस्टल की कैंटीन पुरुष कर्मचारी चला रहा था। संस्थान ने तुरंत इस मामले पर एक्शन लिया है। बाहरी इलाके से बाथरूम तक जाने वाले रास्ते को सील कर दिया गया है। हॉस्टल विंग H10 का सर्वे करने के बाद जरूरी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और लाइटिंग लगाई गई है।

वहीं एक अन्य बयान में आईआईटी बॉम्बे की ओर से कहा गया है कि संस्थान के हॉस्टल की नाइट कैंटीन का कर्मचारी पाइप डक्ट पर चढ़कर बाथरूम में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। फिलहाल उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है। मुंबई पुलिस मामले की जाँच कर रही है। उन्होंने बताया, “हमें आरोपित के पास मिले फोन पर किसी भी फुटेज की जानकारी नहीं है। कैंटीन को तुरंत बंद कर दिया गया है और इसे तभी खोला जाएगा, जब यहाँ केवल महिला स्टाफ होगा।”

बता दें कि हाल ही में पंजाब के मोहाली स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में ऐसा ही मामला सामने आया है। आरोप है कि एक लड़की ने अन्य लड़कियों के वीडियो बनाकर शिमला ने रहने वाले अपने बॉयफ्रेंड को भेजे थे। इस पूरे मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आगे की जाँच की जा रही है।

‘मंदिर की रक्षा कर रहा था इमाम’: इंग्लैंड हिन्दू विरोधी हिंसा पर पत्रकार आइना खान अब लेकर आई नई थ्योरी, मुस्लिम हमलावरों पर साधी चुप्पी

यूके स्थित वामपंथी मीडिया आउटलेट ‘द गार्जियन’ की पत्रकार आइना खान (Aina Khan) ने अब दावा किया है कि लेस्टर में ‘अच्छे ईमान वाले’ लोग हिंदू मंदिर (Hindu temple in Leicester) की रखवाली कर रहे थे, जबकि सच्चाई ये है कि हिंदुओं के समूह पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला किया। खान अपनी खुद की रिपोर्ट का हवाला देती हैं, जिसमें उन्होंने धर्मेश लखानी का नाम बताया है, जिसे किसी ऐसे व्यक्ति के रूप में संदर्भित किया गया है जो लेस्टर में हिंदू मंदिरों का प्रतिनिधित्व करता है और उनके साथ काम करता है’। उनकी रिपोर्ट के मुताबिक, धर्मेश लखानी मस्जिदों और स्थानीय मुस्लिम नेताओं के साथ भी काम करता है।

आइना खान का ट्वीट

कथित तौर पर हिंदू मंदिरों और मस्जिदों में काम करने वाले धर्मेश लखानी के साथ अपनी बातचीत के हिस्से को खान ने ट्वीट भी किया है। धर्मेश लखानी ने इस बात की पुष्टि की है कि हिंदू मंदिर के बाहर इस्लामी भीड़ ने झंडा तोड़ कर फेंक दिया था और एक झंडे को जला दिया गया था। हालाँकि, खान हिंदू मंदिरों पर हमला करने वालों का जिक्र करने से बचती नजर आईं। ये सभी को पता है कि इस्लाम में मूर्ति पूजा को सबसे बड़ा पाप माना गया है। भारत में मुगल शासन के दौरान सैकड़ों हिंदू मंदिरों को नष्ट कर दिया गया और उनके ऊपर विवादित ढाँचे (मस्जिद) बना दिए गए।

‘बाबरी मस्जिद’ और ‘ज्ञानवापी मस्जिद’ नामक विवादित ढाँचे ऐसे ही कुछ उदाहरण हैं, जिन्हें हिंदुओं की भावनाओं को आहत करके बनाया गया है।

आइना खान की थ्योरी की मानें तो धर्मेश लखानी ने उनसे एक इमाम (मौलवी) को भी मिलाया, जो लेस्टर में हिंदू मंदिर के बाहर खड़ा हुआ था। जब इस्लामी भीड़ ने इस पर हमला किया था, तब पत्रकार की थोड़ी के हिसाब से इमाम यहाँ की रखवाली कर रहा था। उल्लेखनीय है कि भारत में ‘ईशनिंदा’ पर हत्या के कई मामलों के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन, यौन शोषण में मौलानाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है। बेशक, ‘अच्छे इमाम’, देवी-देवताओं की कृपा से हिंदू मंदिर को बचाने के लिए वहाँ मौजूद थे।

‘अच्छा इमाम’ इस्लामी टूलकिट का ही हिस्सा है, अपने पक्ष में अच्छा नैरेटिव बनाने के लिए। भारतीय इस्लामवादी अक्सर यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि कैसे अपने ही कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के बीच ‘अच्छे लोग’ अभी भी मंदिरों की रक्षा करने के लिए उसके बाहर खड़े हैं। जबकि, इतिहास कुछ और ही है। भारत के विभिन्न न्यायालयों में दी गई दलीलों पर एक सरसरी नजर डालने से आपको यह पता चल जाएगा कि इतिहास में कैसे मंदिरों को हमेशा कट्टरपंथियों द्वारा ध्वस्त किया गया है।

जब कट्टरपंथी हिंसा करते हैं तो उसके बाद ‘अच्छे मुस्लिम’ का कार्ड खेला जाता है। अगस्त 2020 में इस्लामी भीड़ बेंगलुरु में ईशनिंदा को लेकर सड़कों पर उतरी थी। इस्लामी भीड़ ने कॉन्ग्रेस विधायक का घर तहस-नहस किया, कुछ समय बाद शहर के दो पुलिस थाने भी तबाह कर दिए। इसके अलावा उन्होंने आसपास मौजूद गाड़ियों को भी जला दिया था। दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों के बाद भी ऐसा ही हुआ था।

सच यह है कि एक इस्लामी भीड़ ‘अल्लाह-हु-अकबर’ का नारा लगाते हुए हमला करती है। ये लोग भूल जाते हैं कि ‘अच्छे मुस्लिमों’ ने इनसे बचाने के लिए ‘हयूमन सीरीज’ बनाई है। इसी तरह इस्लामवादी भीड़ द्वारा लेस्टर में झंडा तोड़ने और उसे जलाने को ‘अच्छा इमाम’ कहकर क्लीन चिट देने का काम किया गया है। इसे संयोग ही कहेंगे कि ‘मंदिर की रक्षा’ के दौरान ये सब कुछ हुआ। हमें इस पर विश्वास करना होगा कि जिस भीड़ ने मंदिर पर हमला किया, उसका कोई मजहब नहीं था, लेकिन एक व्यक्ति मंदिर की रक्षा के लिए चमत्कारिक रूप से प्रकट हुआ और उसका एक खास मजहब भी है।

‘मेरी दोस्त को जेल से बाहर निकलवाओ, वरना…’: इंस्टा चैट सामने आने के बाद पंजाब MMS कांड में नया मोड़, यूनिवर्सिटी का कर्मचारी गिरफ्तार

पंजाब पुलिस ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) के वीडियो लीक मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने एक छात्रा के पास से 12 क्लिप बरामद किए हैं और इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। इसके पास से भी 33 वीडियो मिलने की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित का नाम मोहित है, वह यूनिवर्सिटी की मेस में काम करता है। उस पर आरोप है कि वह इस मामले में गिरफ्तार लड़की को हॉस्टल की लड़कियों का वीडियो बनाने के लिए ब्लैकमेल करता था।

पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सभी 12 वीडियो क्लिप आरोपित लड़की के ही हैं, जिसके वकील ने सोमवार (19 सितंबर, 2022) को स्वीकार किया था कि उसकी मुवक्किल ने एक अन्य छात्रा का वीडियो बनाया था। जबकि युवक से 33 वीडियो मिलने की खबर सामने आई है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

बताया जा रहा है कि इस मामले में छात्राओं को अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे मैसेज आ रहे हैं। मैसेज भेजने वाली युवती की चैट भी सामने आई है। इसमें लिखा है, “उसको जेल से निकलवाओ मेरी फ्रेंड को दो दिन में, वरना वेट एंड वॉच। तुम्हारा वीडियो भी है मेरे पास है।” इस पर छात्रा ने कहा कि कौन-सी वीडियो वायरल करने की बात कर रही है। छात्रा ने जवाब में कहा कि वह पुलिस को इसकी शिकायत देगी और उसे भी उसकी सहेली के साथ जेल में रहना पड़ेगा। इसके बाद युवती ने अपनी चैट डिलीट कर ली, लेकिन छात्रा ने उस चैट का स्क्रीनशॉट ले लिया था।

फोटो साभार: दैनिक जागरण

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी वीडियो लीक मामले में अब तक छात्रा सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मोहित को पंजाब पुलिस द्वारा बनाई गई एसआईटी ने हिरासत में ले लिया गया है। वहीं तीनों आरोपितों को खरार कोर्ट से 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।

बता दें कि हाल में पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) के हॉस्टल से ‘छात्राओं के नहाने का वीडियो वायरल’ होने का मामला सामने आया था। खबरों में कहा गया था कि हॉस्टल की ही एक छात्रा ने वीडियो बनाकर लीक किए, जिसके कारण कुछ लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की। इस पर पुलिस ने बताया कि हॉस्टल की किसी लड़की ने आत्महत्या की कोशिश नहीं की। एक लड़की को एंजायटी के कारण अस्पताल भेजा गया था।