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इंदौर में निकले PFI के हजारों सदस्य, महिलाओं से लेकर विद्यार्थी तक हैं शामिल: छापे के बाद सब अंडरग्राउंड हुए, धर-पकड़ में जुटीं जाँच एजेंसियाँ

देश भर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई के बाद इसके अधिकांश सदस्य भूमिगत हो गए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) में इसके हजारों सदस्य होने की बात सामने आ रही है। इनमें महिलाओं से लेकर विद्यार्थी तक शामिल हैं। खुफिया विभाग इन पर निगरानी रख रही है।

बता दें कि इसी साल रामनवमी में इंदौर के खरगोन में हिंदुओं के खिलाफ दंगे भड़के थे। इस दौरान भी दंगों में PFI की भूमिका पर संदेह जताया गया था। इंदौर के खरगोन में रामनवमी की शोभा यात्रा के दौरान मस्जिदों से हमले किए गए थे। इसके बाद हिंदुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया था।

अब खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि अकेले इंदौर में ही PFI के हजारों सदस्य हैं। इनमें इसके 52 (किसी-किसी रिपोर्ट में 85) सक्रिय सदस्य हैं, जो PFI और उसके राजनीतिक विंग SDPI के कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लेते हैं। NIA की कार्रवाई के बाद इसके अधिकांश सदस्य या तो भूमिगत हो गए हैं या फिर कार्रवाई से बचने के लिए अपना स्थान बदल लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुफिया विभाग ने PFI से जुड़े इंदौर के 85 सक्रिय लोगों की सूची बनाकर उन पर निगरानी बढ़ा दी है। इनका एक डोजियर तैयार किया गया है, जिनमें उनके नाम, काम, मोबाइल नंबर, परिजन, दोस्तों आदि की पूरी जानकारी है। इसमें से अधिकांश का ठिकाना सदर बाजार, मल्हारगंज, छत्रीपुरा और आजाद नगर थाना क्षेत्र है।

इसके बाद इन संदिग्धों के संबंधित थानों को सूचित किया गया और उन पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। NIA की छापेमारी और पुलिस की सक्रियता देख इसके अधिकांश सदस्य भूमिगत हो गए। कई लोगों के घरों पर ताले लटक रहे हैं। हालाँकि, पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी है कि यहाँ से जाने के बाद ये लोग कहाँ छुपे हैं।

NIA ने छापेमारी कर PFI के सक्रिय सदस्य अब्दुल खालिद और मोहम्मद जावेद बेलिम के घर कई मोबाइल फोन और लैपटॉप को जब्त किया है। खालिद के घर से 9 मोबाइल, जावेद के घर से 8 मोबाइल और एक लैपटॉप और अब्दुल करीम बेकरीवाला से एक लैपटॉप बरामद किए हैं। NIA इनके घरों के मोबाइल नंबर को कई दिनों से ट्रैक कर रही थी।

इन मोबाइल पर कई सोशल मीडिया ग्रुप मिले हैं, जिनमें महिलाएँ और कॉलेज के स्टूडेंट भी शामिल हैं। इन ग्रुप में PFI से जुड़ी गतिविधियाँ वायरल की जाती थीं। अब्दुल करीम बेकरीवाला बेकरी में टोस्ट बनाने का काम करता था, लेकिन पिछले कई सालों से वह PFI से जुड़ा था। वह PFI का प्रदेश अध्यक्ष है।

वहीं, चूड़ी बेचने वाला मोहम्मद जावेद बेलिम PFI का कोषाध्यक्ष है और वही पैसे का लेनदेन करता था। यह PFI से जुड़े युवाओं की कानूनी मदद के लिए पैसे जुटाने का काम करता था। अब्दुल खालिद का पाकिस्तानी कनेक्शन सामने आया है। पाकिस्तान से उसे किस तरह की सहायता मिलती थी, एजेंसी इसकी जाँच कर रही है।

बता दें कि NIA और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22 सितंबर 2022 की रात को इंदौर और उज्जैन से PFI के 4 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया था। इंदौर से PFI के प्रदेशाध्यक्ष अब्दुल करीम बेकरीवाला, मोहम्मद जावेद बेलिम और अब्दुल खालिद को गिरफ्तार किया था। वहीं, उज्जैन से जमील शेख को हिरासत में लिया गया था। इनके पास से कई तरह के भड़काऊ दस्तावेज भी जब्त किए थे।

वक्फ घोटाले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे गए AAP विधायक अमानतुल्लाह खान, विधवा पेंशन में गड़बड़ी और भर्तीयों में पक्षपात का भी आरोप

दिल्ली के ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) की सोमवार (26 सितंबर, 2022) को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी हुई। इस सुनवाई में अमानतुल्लाह को सीबीआई (CBI) के स्पेशल जज विकास ढुल के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने वक्फ बोर्ड में हुए भ्रष्टाचार के मामले में AAP विधायक को गत 16 सितंबर को गिरफ्तार किया था इसके बाद 17 सितंबर को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। इस सुनवाई के दौरान एसीबी (ACB) ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड माँगी थी। लेकिन, कोर्ट ने अमानतुल्लाह को 4 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

इसके बाद एसीबी ने अमानतुल्लाह को 21 सितंबर को कोर्ट में पेश किया था, जहाँ से कोर्ट ने 5 दिनों की रिमांड में भेजा था। अब फिर से सोमवार (25 सितंबर) को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने अमानतुल्लाह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

बता दें, आप विधायक (AAP MLA) अमानतुल्लाह की गिरफ्तारी से पहले एसीबी ने उनके घर सहित 5 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान एसीबी ने अमानतुल्लाह के बिजनेस पार्टनर व एक अन्य सहयोगी के यहाँ से कुल 24 लाख रुपए व बिना लाइसेंस के दो हथियार बरामद किए थे।

गौरतलब है अब तक सिर्फ वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर हुई अनियमितता और अन्य वित्तीय गड़बड़ी की बात ही सामने आ रही थी। लेकिन, गत 17 सितंबर को जब अमानतुल्लाह खान को कोर्ट में पेश किया गया था तब एसीबी ने कोर्ट से कहा था कि केवल वक्फ बोर्ड में भर्ती को लेकर अनियमितता ही नहीं हुई है, बल्कि वक्फ फंड में विधवा महिलाओं के लिए नियोजित रकम (विधवा पेंशन फंड) का भी दुरुपयोग किया गया।

एसीबी ने अदालत को बताया था कि वर्ष 2020 के दौरान अमानतुल्लाह खान ने वक्फ को मिली रकम को अपने खाते में स्थानांतरित कराया। वक्फ फंड के खाते की जगह अपने निजी खाते में करीब 80 लाख रुपये की रकम स्थानांतरित की थी।

अमानतुल्लाह खान दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय गड़बड़ी, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीदी में भ्रष्टाचार और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की नियुक्ति के आरोप है। इन तमाम आरोपों को लेकर ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने साल 2020 में अमानतुल्लाह खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था।

आप जिसे मटन समझ कर खा रहे, वो नीलगाय का मांस तो नहीं? होटलों तक पहुँचाया जा रहा नीलगाय का मीट, महिलाओं का गैंग धराया

राजस्थान के सीकर जिले में पुलिस ने नीलगाय का शिकार करने वाली 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों आरोपित नीलगाय को मार कर उनका मांस कई जिलों के होटलों में बेच रही थीं। शिकार के लिए बंदूक का सहारा लिया जाता था, जो रात के अँधेरे में किया जाता था। पुलिस इन महिलाओं के गैंग के बाकी सदस्यों के साथ उन होटलों की भी तलाश कर रही है जो इनसे माँस खरीदते थे। मामले का खुलासा शनिवार (24 सितम्बर, 2022) को हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला सीकर जिले के श्रीमाधोपुर का है। यहाँ के क्षेत्रीय वन अधिकारी देवेंद्र सिंह राठौर ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि शुक्रवार को नदी में नहा रहे कुछ युवकों को एक नीलगाय की लाश मिली। राठौर ने बताया कि नीलगाय को गोली लगी थी, जिसकी सूचना युवकों ने अरणियां गाँव के सरपंच को दी जिन्होंने बाद में मामले से वन विभाग को अवगत करवाया।

राठौर ने आगे बताया कि वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर अपना जाल बिछाया और वहीं छिप कर बैठ गई। उन्होंने कहा कि रात में कुछ लोग आए जो नीलगाय का मन निकालने लगे। उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। देवेंद्र सिंह के मुताबिक, मौके से धोली देवी को पकड़ा गया जिनसे हुई पूछताछ के बाद अगले दिन शनिवार को जयपुर से ममता बावरिया को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

वन विभाग द्वारा की गई पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि शिकार के दौरान वो मौके पर मौजूद नहीं रहती थी। उन्होंने बताया कि वो दोनों बाद में मरी नीलगायों का मांस निकालने जाया करती थीं। दोनों ने यह भी माना कि अलग-अलग जगहों पर माँस की सप्लाई भी उन्ही की जिम्मेदारी होती थी जिस से कोई शक न करे। महिलाओं ने ये भी बताया कि कहीं और शहर में जाते समय वो दोनों ही वाहन में आगे बैठती थीं।

वन विभाग द्वारा की गई पूछताछ में यह निकल कर सामने आया कि नीलगायों को मारने के लिए ये गिरोह लगभग 2 माह से सक्रिय था। वन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि बकरे का मांस 500 से 700 प्रति किलो मिलने की वजह से ये गैंग 100 रुपए प्रति किलो के रेट से मटन में मिला कर ग्राहकों को बेचा करते थे। दोनों महिलाओं के पति घटना के बाद से फरार हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपितों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

कुत्ते के साथ नंगी लेटने वाली अमेरिकी मॉडल ने अब बेटे के साथ शेयर की न्यूड तस्वीरें, बाथटब में दोनों दिखे बिना कपड़ों के: लोगों ने जताई नाराज़गी

अमेरिकी मॉडल एमिली रतजकोव्स्की एक फोटोशूट के कारण लोगों के निशाने पर आ गई हैं, जिसमें उन्होंने अपने बेटे के साथ बाथटब में न्यूड पोज दिया है। इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि एमिली रतजकोव्स्की बाथटब में पानी में न्यूड लेटी हुई हैं और उनका एक साल का बेटा भी उनके बगल में बिलकुल नंगा खड़ा है। वो अपने बेटे की तरफ देख रही होती हैं और बेटे ने उनके कंधे पर हाथ रखा होता है। लोग इस तस्वीर की आलोचना कर रहे हैं।

उनके बेटे सिल्वेस्टर के शरीर के पीछे के हिस्से को ढकने के लिए मॉडल ने फोटो को एडिट कर के वहाँ दिल का निशान बना दिया। इंस्टाग्राम पर उनके 3 करोड़ फॉलोवर्स हैं। हाल ही में उनके पति सेबेस्टियन बेयर मैक्लर्ड के साथ उनका तलाक हुआ है। बच्चे की नंगी तस्वीर शेयर करने को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि एमिली रतजकोव्स्की को फ़िलहाल माँ की जिम्मेमदारी निभानी चाहिए, भले ही उनका बेटा बड़ा होकर स्वेच्छा ये सब कर सकता है। एमिली ने कुछ दिनों पहले अपने कुत्ते के साथ भी न्यूड लेटी हुई तस्वीर शेयर की थी।

एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि मॉडल ने अटेंशन पाने के लिए ऐसा किया है। एक ने लिखा कि आप भले ही कितनी ही सुंदर हों, आपको ये शोभा नहीं देता है। लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया में लाइक्स और कमेंट्स के लिए वो अपने बच्चे का इस्तेमाल कर रही हैं। एक यूजर ने पूछा कि तुम्हारा बेटा बड़ा होकर जब ये तस्वीरें देखेगा तो उसे कैसा लगेगा? एक यूजर ने लिखा कि जो डार्कनेट पर होता था, अब खुलेआम हो रहा।

हालाँकि, अमेरिकी मॉडल के कुछ फैंस ने उनका समर्थन भी किया और कहा कि जो लोग इस तस्वीर को गंदी नजर से देख रहे हैं, वो ‘Pedophile (बच्चों के साथ यौन हरकतें करने वाले)’ हैं। एक ने लिखा कि इसमें न्यूडिटी नहीं है, बल्कि ये तो पानी में मस्ती है। एमिली रतजकोव्स्की ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए ‘Love Of My Life’ भी लिखा। हाल ही में तलाक के बाद मॉडल ने एक TikTok वीडियो शेयर करते हुए कहा था कि पितृसत्ता के लिए प्यार में कोई जगह नहीं है।

कर्नाटक के बाद केरल में हिजाब को लेकर हिंसा: मुस्लिम छात्र संगठनों ने स्कूल के बाहर किया उपद्रव, 3 पुलिसकर्मी घायल

कर्नाटक में पीएफआई की शह पर शुरू हुआ हिजाब विवाद अब केरल जा पहुँचा है। केरल के कोझिकोड में हिजाब पहनने के कारण स्कूल में प्रवेश पर कथिततौर पर रोक लगाने के बाद प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शन में स्थानीय मुस्लिम संगठनों के शामिल होने के कारण प्रदर्शन उग्र हो गया जिसमें 3 पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोझिकोड के प्रोविडेंस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में 11वीं की एक छात्रा को हिजाब पहनने के कारण कथिततौर पर स्कूल आने से मना किया गया था। जिसके बाद मुस्लिम यूथ लीग (MYL), मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF) और स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (SIO) समेत कुछ मुस्लिम संगठनों ने कार्रवाई की माँग करते हुए स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 11वीं कक्षा की मुस्लिम छात्रा को स्कूल के अधिकारियों ने सूचित किया था कि वह हिजाब नहीं पहन सकती क्योंकि हिजाब स्कूल की यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है। इसके बाद, अभिभावकों ने शिक्षा विभाग में शिकायत की थी लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में छात्रा ने ही स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) ले लिया।

छात्रा द्वारा ट्रांसफर सर्टिफिकेट लिए जाने के बाद मुस्लिम संगठन मुस्लिम यूथ लीग ने एक बयान जारी कर कहा था, “अब, छात्रा ने उस स्कूल से ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) ले ली है। यह उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। राज्य सरकार की ओर से निष्क्रियता और ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई न होना स्वीकार नहीं किया जा सकता।”

मुस्लिम संगठनों ने इस मामले में आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। और, जब सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं की गई तो इन सगठनों ने भीड़ एकत्रित कर स्कूल के सामने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान, जब पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी हमला किया। इस हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। जिसके बाद, कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

समाजिक कार्यकर्ता दीपा ईश्वर ने इस संबंध में कहा है कि छात्र जिस संस्थान का हिस्सा हैं, उन्हें उस संस्थान के नियमों का पालन करना चाहिए। शैक्षणिक संस्थान अपने धर्म को प्रदर्शित करने का स्थान नहीं होता। सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार होता है। इसलिए, स्कूल के नियमों और नीतियों का पालन करना चाहिए।

गौरतलब है, इससे पहले कर्नाटक का हिजाब विवाद भी इसी तरह शुरू हुआ था। दरअसल, यहाँ के उडुपी जिले के एक सरकारी कॉलेज ने हिजाब पहनने पर रोक लगा दी थी। इस मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट ने भी फैसला सुनाते हुए माना था कि हिजाब आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है। हालाँकि, इसके बाद, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। इस मामले में, कर्नाटक सरकार की ओर से भी यही कहा गया है कि हिजाब यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं है इसलिए इसे पहनने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

‘रामसेतु को बचाने के लिए हमारे पास सिर्फ 3 दिन हैं’: अक्षय कुमार की नई फिल्म का टीजर, राम-राम का बैकग्राउंड म्यूजिक, गोली-बारूद सब चलेंगे

बॉलीवुड के सुपर स्टार अक्षय कुमार (Bollywood Super Star Akshay Kumar) की आगामी फिल्म रामसेतु (Ram Setu) का टीजर सोमवार (26 सितंबर 2022) को जारी किया गया। फिल्म की कहानी सामने नहीं आई है, लेकिन कहा जा रहा है कि अक्षय कुमार एक ऐसे शख्स का किरदार निभा रहे हैं, जो रामसेतु को बचाने के लिए जान लड़ाता दिख रहा है।

अक्षय कुमार ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर खुद इसका टीचर जारी किया। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, “राम सेतु की पहली झलक, सिर्फ आपके लिए। इसे बहुत प्यार के साथ बनाया गया है। मुझे उम्मीद है कि आपको पसंद आएगी।”

रामसेतु काफी चर्चा में है। फिल्म को लेकर कहा जा रहा है कि यह काफी दमदार होगी और अक्षय कुमार के किरदार को याद रखा जाएगा। जारी हुए फिल्म के टीजर को देखकर लगता है कि फिल्म को बहुत मेहनत से बनाया गया है। फिल्म में जबरदस्त एक्शन और थ्रिलर देखने को मिलेगा। फिल्म में अक्षय ने पानी के अंदर एक्शन सीन को शूट किया है।

टीजर शंखनाद से शुरू होकर जय श्रीराम पर खत्म हो रहा है। इसमें अक्षय कुमार लंबे बालों और गोल चश्मे में दिख रहे हैं। रामसेतु को बचाने के लिए तीन का समय है और अक्षय कुमार इसे बचाने के लिए प्रयास करते दिख रहे हैं। चारों तरफ धड़ाधड़़ गोलियाँ चल रही हैं और बमबारी हो रही है। इन सबके बीच अक्षय कुमार एक्शन में दिख रहे हैं। बैकग्राउंड में राम-राम-राम भी सुनाई दे रहा है।

रामसेतु को किन लोगों से खतरा है, क्यों खतरे में है और अक्षय कुमार अपने मिशन में कामयाब होंगे या नहीं, यह तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा। हालाँकि, टीजर देखने के बाद दर्शकों में एक रोमांच और उत्सुकता जरूर भर गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की कहानी एक Archaeologist (पुरातत्व विज्ञानी) के आसपास घूमती है, जो रामसेतु की सच्चाई का पता लगाने निकला है। फिल्म में अक्षय कुमार Archaeologist बने हैं।

इस फिल्म में फिल्म में जैकलीन फर्नांडीज और नुसरत भरूचा भी लीड रोल में होंगी। अक्षय कुमार इसमें एक नए अंदाज में दिखेंगे। फिल्म इस साल दिवाली के मौके पर 25 अक्टूबर को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 

बता दें कि रामसेतु फिल्म को लेकर हाल ही में विवाद भी हुआ था। अक्षय कुमार कानूनी पचड़े में फँसते नजर आए थे। कहा गया था कि फिल्म में गलत तरीके से जानकारी को परोसने के कारण भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उन पर केस दर्ज करने की बात कही थी। 

साल 2022 में अक्षय की बच्चन पांडे, सम्राट पृथ्वीराज, रक्षाबंधन और कठपुतली फिल्में रिलीज हुईं और चारों ही फ्लॉप साबित हुईं। अब इस फिल्म से अक्षय कुमार को काफी उम्मीदें हैं। इसके टीजर को उन्होेंने अपनी बेटी के बर्थडे पर आज 26 सितंबर को रिलीज किया।

‘कहीं हाथ जोड़ने की जगह मोड़कर प्रार्थना, कहीं जुमे को छुट्टी’ : झारखंड में दिखने लगा फिर सरकारी स्कूलों पर ‘उर्दू’ नाम, स्थानीय बनाते हैं दबाव

झारखंड के पलामू में बने कुछ सरकारी स्कूलों को लेकर पता चला है कि उन्हें धीरे-धीरे उर्दू स्कूल जैसा बनाया जा रहा है। कथिततौर पर इस स्कूल में हो रहे बदलावों के पीछे कुछ स्थानीय लोगों का हाथ है। इन्हीं लोगों के दबाव के चलते अब सरकारी स्कूल में प्रार्थना हाथ जोड़कर नहीं, मोड़कर होती है। वहीं कई लोग अपने बच्चों को शुक्रवार को स्कूल नहीं भेज रहे।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक मामला छतरपुर प्रखंड के डाली पंचायत का है। यहाँ पर क्लास 1 से 8 तक की पढ़ाई के लिए सरकारी स्कूल उतक्रमित मध्य विद्यालय ठेंकहीटांड है। आरोप है कि इसी स्कूल में सरकार के नियमों की अनदेखी कर के बच्चों के हाथो मोड़ कर प्रार्थना करवाई जा रही है।

इसी के साथ विश्रामपुर के डेहरिया स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में कई अभिभावक शुक्रवार को अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। वहीं बाना के सरकारी स्कूल के नाम के आगे उर्दू अभी तक नहीं हटाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ समय के लिए उर्दू शब्द को कूड़े से ढक दिया गया था जहाँ फिर से कूड़ा हटा लिया गया है।

जागरण से बात करते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय, ठेंकहीटांड के प्रिंसिपल नागेंद्र राम से हाथ मोड़ कर हो रही प्रार्थना को पहले से आ रही परम्परा बताया है। वहीं डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल ने हाथ मोड़ कर प्रार्थना को सरकारी नियमों के विरुद्ध बताते हुए इसमें तत्काल सुधार की माँग की।

इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पलामू के डीईओ सह डीएसई अनिल कुमार ने कहा कि सोमवार को स्कूल बंद है अतः मंगलवार को स्कूल खुलने पर इसकी जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि झारखंड के स्कूलों में इस्लामी तौर-तरीकों को अपनाए जाने का ये पहला मामला नहीं है। जुलाई 2022 में सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड में शिक्षक रामेन्द्र दुबे ने अकबर नाम के आरोपित पर शुक्रवार के बजाए रविवार को छुट्टी देने के चलते अपनी पिटाई का आरोप लगाया था। अकबर को CM सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ा बताया गया था। जुलाई 2022 में ही झारखंड के 5 जिलों के 70 ऐसे स्कूलों के नाम सामने आए थे जहाँ रविवार के बजाए शुक्रवार को छुट्टी हो रही थी। इसी के साथ उन स्कूलों की प्रार्थना पद्धति भी बदली हुई थी।

जुलाई में ही झारखंड के लोहरदगा में सरकारी स्कूल को उर्दू हाईस्कूल बनाने की शिकायत भाजपा नेता ने की थी जिस पर झारखंड के शिक्षा विभाग ने जाँच के आदेश दिए थे। इसी माह झारखंड हाईकोर्ट में पंकज यादव नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने जनहित याचिका डालते हुए बताया था कि झारखंड के स्कूलों का इस्लामीकरण हो रहा है। याचिका में पंकज यादव ने स्कूलों में बच्चों पर शरिया थोपे जाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय से इसे रोकने की माँग की थी। इसके अलावा सितम्बर 2022 में राँची के एक सरकारी स्कूल में कुछ मुस्लिमों ने घुस कर दोस्ती न करने पर छात्रा क उठा ले जाने की धमकी दी थी।

काले कपड़ों में स्कूल में घुसा हमलावर, बच्चों पर अंधाधुंध फायरिंग: रूस के स्कूल में 7 छात्र समेत 13 की मौत

रूस के इझेवस्क शहर में स्थित एक स्कूल में फायरिंग की घटना घटी है। गोलीबारी में 7 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हो गई। पहले खबर आई थी कि हमले में 5 छात्र समेत 6 लोगों की मौत हुई है जबकि 20 घायल हैं। हालाँकि अब ये संख्या बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि हमलावर काले रंग की टीशर्ट और मुँह पर मास्क लगाकर आया था। उसकी टीशर्ट पर नाजी का चिह्न था। बच्चों पर हमले के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।

रूसी सांसद एलेक्जेंडर खिनशेटिन ने बताया कि हमलावर दो नॉन-लीथल पिस्तौलों से लैस था। उसने जिन लोगों पर गोली चलाई उसमें एक स्कूल का सिक्योरिटी गार्ड भी है। घटना के बाद स्कूल को खाली करवा दिया गया है।

सामने आई वीडियो में छात्र और शिक्षक इधर-उधर भागते दिखाई दे रहे हैं। वहीं घायलों को एंबुलेंस में डालते देखा जा सकता है। क्लासरूम के भीतर की भी एक वीडियो सामने आई है जब गोलीबारी हो रही थी और बच्चों ने खुद को क्लास में बंद कर लिया था।

बता दें कि रूस के इझेवस्क में 6,40,000 लोग रहते हैं। यह मॉस्को के करीब 960 किलोमीटर पूर्व में, मध्य रूस के उराल पर्वतीय क्षेत्र के पश्चिम में स्थित है। यहाँ के स्कूल में हमला करने के पीछे हमलावर की क्या मंशा थी इसका पता अभी नहीं चला है। स्कूल के चारों ओर घेराबंदी कर दी गई है। घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया है और बच्चों को बाहर निकाल कर स्कूल खाली कर दिया गया है।

सम्राट अशोक के 2300 साल पुराने शिलालेख को बना दिया मजार, अवैध निर्माण कर सालाना उर्स का भी आयोजन: बिहार के सासाराम में ‘लैंड जिहाद’

देश में ‘लव जिहाद’ (Love Jihad) के बाद जिहाद के कई तरीकों के बारे में खबरें आती रहती हैं। इनमें से एक लैंड जिहाद (Land Jihad) भी है। लैंड जिहाद में अवैध ढाँचों के जरिए सरकारी अथवा निजी जगहों पर अतिक्रमण कर उसे इस्लामी संपत्ति के रूप में परिवर्तित करने की कोशिश की जाती है।

लैंड जिहाद का एक ऐसा ही मामला बिहार के सासाराम से सामने आया है, जहाँ कट्टरपंथियों ने मौर्य वंश के सम्राट अशोक के लगभग 2300 साल पुराने शिलालेख पर ही कब्जा कर वहाँ मजार बना दिया है। वहीं, सरकार की लापरवाही भी साफ दिख रही है कि हजारों साल पुराने ब्राह्मी लिपि में लिखे गए इन शिलालेखों को सहेजने में लापरवाही दिखाई।

बिहार के रोहतास जिला के मुख्‍यालय सासाराम में कैमूर पहाड़ी श्रृंखला की चंदन पहाड़ी की प्राकृतिक कंदरा में अशोक महान द्वारा 2300 साल पहले लघु शिलालेख उत्कीर्ण कराए गए थे। यह शिलालेख ब्राह्मी लिपि में है, जो देश में भर में मात्र ऐसे 8 शिलालेख हैं। इनमें यह शिलालेख भी शामिल है और यह बिहार का अकेला शिलालेख है।

इस शिलालेख के चारों तरफ अवैध निर्माण करने के बाद इसकी घेराबंदी कर दी गई है। वहीं, शिलालेख को सफेद चूने से पुतवा कर उस पत्थर पर हरे रंग का चादर ओढ़ाकर मजार घोषित कर दिया गया है। इसे सूफी संत की मजार घोषित कर सालाना उर्स का भी आयोजन हो रहा है। शिलालेख का घेराबंदी करने के बाद उसके गेट में ताला लगाकर रखा जा रहा है।

स्वतंत्रता के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इस शिलालेख को वर्ष 2008 में संरक्षित स्मारक घोषित किया था। सासाराम शहर की पुरानी ग्रैंड ट्रंक रोड (GT Road) और नए बाइपास के बीच कैमूर पहाड़ी श्रृंखला में आशिकपुर पहाड़ी की चोटी से लगभग 20 फीट नीचे स्थित कंदरा में स्थापित शिलालेख के पास ASI ने संरक्षण संबंधी बोर्ड भी लगाया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने इसे साल 2010 में उखाड़कर फेंक दिया।

साल 2008, 2012 और 2018 में ASI ने अशोक शिलालेख के पास अतिक्रमण हटाने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) से कहा था। इसके बाद जिलाधिकारी ने सासाराम के एसडीएम को कार्रवाई का आदेश दिया था। एसडीएम ने शिलालेख पर अवैध कब्जा करने वाले मरकजी मोहर्रम कमेटी से मजार की चाबी तत्काल प्रशासन को सौंपने के कहा था, लेकिन कमिटी ने आदेश को अनसुना कर दिया। धीरे-धीरे यहाँ एक बड़ी इमारत अवैध रूप से बना दी गई। 

इस शिलालेख को ब्रिटिश राज में खोजा गया था और साल 1917 में इसे संरक्षित किया था। हालाँकि, इस संरक्षित स्थल की 2300 साल पुरानी पहचान को मात्र 23 साल में मिटा दिया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने जिला प्रशासन को लगभग 20 पत्र लिखकर इस पहाड़ी पर यथास्थिति बनाए रखने के लिए कहा, लेकिन गैर-कानूनी निर्माण के जरिए इस धरोहर का निशान मिटाने की कोशिश की जा रही है।

यह शिलालेख ईसा पूर्व 256 ईस्वी में देश भर में आठ स्थानों पर सम्राट अशोक ने लघु शिलालेख लगवाए थे। इनमें से एक सासाराम की चंदन पहाड़ी पर है। कलिंग युद्ध में हुए रक्तपात से विचलित होकर सम्राट अशोक भगवान गौतम बुद्ध की शरण में आ गए थे और बौद्ध धर्म के संदेशों के प्रसार के लिए जगह-जगह शिलालेख खुदवाए थे। उस समय लोगों की भाषा ब्राह्मी थी। इसलिए ये संदेश उसी भाषा में खुदवाए गए थे।

ऐसी ही एक घटना महाराष्ट्र में भी सामने आई थी, जहाँ शिवाजी महाराज के ‘लोहागढ़’ किले में अवैध मजार बनाकर इसे एक कथित सूफी संत ‘उमर शहावली बाबा’ का मजार घोषित कर दिया गया। इसके बाद वहाँ सालाना उर्स (मेला) का भी आयोजन किया जाने लगा। इतिहासकारों ने बताया कि छत्रपति साहूजी महाराज के शासनकाल में भी वहाँ किसी तरह का मजार या मस्जिद नहीं थी। ये बाद में अवैध कब्जा कर बनाया गया है।

हालाँकि, ये सासाराम और लोहागढ़ किले तक ही बात सीमित नहीं है। अजमेर किले से लेकर देश के तमाम किलों और पुराने हिंदू विरासतों पर ऐसे मजार देखने को मिलने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाद में अवैध कब्जा कर ऐसे ढाँचे को खड़ा कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

नवरात्रि में व्रत करने वालों के लिए स्पेशल मेनू लेकर आया भारतीय रेलवे, वैष्णो देवी के दर्शन के लिए भी विशेष ट्रेन: टिकट के साथ भोजन और ठहरने की सुविधा भी

सोमवार (26 सितंबर) से माँ दुर्गा के पावन पर्व नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है। नवरात्रि के शुभ अवसर पर भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने माता रानी के भक्तों को बड़ी सौगात दी है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC) ने माँ वैष्णो के दर्शन हेतु जाने वाले भक्तों की सुविधा के लिए नवरात्रि स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। यही नहीं, रेलवे ने नवरात्रि में व्रत रहने वाले भक्तों के भोजन के लिए भी विशेष मेनू जारी किया है।

दरअसल, हर वर्ष नवरात्रि में लाखों भक्त माँ वैष्णो के दर्शन करने के लिए जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए आईआरसीटीसी (IRCTC) की तरफ से नवरात्रि पर दो स्पेशल एसी ट्रेन का संचालन किया जाएगा। ये दोनों ही ट्रेनें भारत गौरव यात्रा (Bharat Gaurav Yatra) के तहत चलाई जाएँगीं। ट्रेन की पहली ट्रिप 25 से 29 सितंबर के बीच और दूसरी 29 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच रहेगी।

IRCTC की ओर से कहा गया है कि 4 रात और 5 दिन (4 Day-5 Night) की यह स्पेशल ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगी। इस ट्रेन में एसी 3 टीयर के 11 कोच लगाए गए हैं। यात्री इस ट्रेन में ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग के अलावा, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अंबाला, सिरहिंद और लुधियाना से चढ़ या उतर सकते हैं।

इस ट्रेन में टिकट के साथ एक रात कटरा में एसी होटल में ठहरने की सुविधा, दो ब्रेकफास्‍ट, एक लंच, एक डिनर तथा नॉन एसी रोड व्हीकल, इंश्योरेंस और जीएसटी की सुविधाएँ मिलेंगी। बता दें, इस यात्रा के दौरान दो रातें ट्रेनें में ही गुजरेंगीं, इसलिए यात्रियों के भोजन की व्यवस्था ट्रेन में ही रहेगी।

इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने नवरात्र में व्रत रहने वाले लोगों के लिए भी खास इंतजाम किया है। नवरात्र के पावन अवसर पर हर कोई खान-पान पर विशेष ध्यान देता है। नवरात्र में व्रत रहने वाले लोग व्यंजन और फलाहार को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। चूँकि नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं, इसलिए रेल मंत्रालय ने ट्रेन से यात्रा करने वाले भक्तों के लिए एक विशेष मेनू की घोषणा की है।

रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है, “नवरात्रि के शुभ अवसर पर भारतीय रेल आपके लिए 26 सितंबर 2022 से 5 अक्टूबर 2022 तक आपकी व्रत सम्बन्धी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक विशेष मेनू लेकर आया है। ‘फूड ऑन ट्रैक’ ऐप से अपनी ट्रेन यात्रा के लिए नवरात्रि के व्यंजनों का ऑर्डर दें। इसके लिए, http://ecatering.irctc.co.in पर 1323 पर भी कॉल कर सकते हैं।”