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टीका लगा कर मंदिर में घुसे तौसीफ अहमद ने तोड़ डाली हनुमान मूर्ति, फाड़ दी ॐ लिखी पताका: ‘जय श्री राम’ का लगा रहा था नारा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हनुमान मूर्ति को खंडित करने का मामला सामने आया है। खंडित करने वाले आरोपित का नाम तौसीफ है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। तौसीफ पर आरोप है कि उसने मूर्ति तोड़ने से पहले ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया था। बताया जा रहा है कि उसने मंदिर में लगी पताका को फाड़ दिया। घटना मंगलवार रात (6 सितंबर, 2022) की है।

मामला चौक थाना क्षेत्र के ‘लेटे हुए हनुमान’ मंदिर का है। आरोपित तौसीफ द्वारा मंदिर में की गई तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि हनुमान मूर्ति के हाथों को तोड़ा गया है। इसी के साथ ॐ लिखी हुई पताका को तोड़ कर नीचे रख दिया गया है। इसी मंदिर में शनि देव की भी मूर्ति है, जिसे नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई है। बताया ये भी जा रहा है कि आरोपित तौसीफ अहमद मंदिर में टीका लगा कर घुसा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित मंदिर ‘टीले वाली’ नाम की एक मस्जिद के पास मौजूद है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि आरोपित तौसीफ ने यह कृत्य तब किया, जब मंगल महोत्सव के दौरान मंदिर में एक कार्यक्रम चल रहा था और कई श्रद्धालु वहाँ मौजूद थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान तौसीफ मंदिर में घुसा और उसने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए इस करतूत को अंजाम दिया।

बताया जा रहा है कि इसके बाद तौसीफ ने मूर्तियों को तोड़ना शुरू कर दिया। मौके पर मंदिर में मौजूद लोगों ने तौसीफ को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की जानकारी होने पर हिन्दू संगठनों के लोग मंदिर में पहुँच गए और आरोपित पर कड़ी कार्रवाई की माँग करने लगे। स्थानीय विधायक नीरज वोरा भी मंदिर पहुँचे और तौसीफ की हरकत को एक बड़ी साजिश का हिस्सा होना बताया।

पुलिस ने एहतियात के तौर पर मंदिर और आस-पास के क्षेत्रों में अपनी गश्त और तैनाती बढ़ा दी है। तौसीफ से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपित नशे में था फिर भी सभी पहलुओं पर जाँच करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मंदिर के ट्रस्टी डॉ विवेक तंगी ने कहा कि ऐसे लोगों का कोई धर्म नहीं होता। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक घटना है, दुर्घटना है।

राहुल गाँधी की भारत जोड़ो ‘कंटेनर’ यात्रा: युद्धपोत पर परिवार की छुट्टियाँ, फ्लाइट भेज सिगरेट मँगाने का कॉन्ग्रेसी इतिहास

कॉन्ग्रेस के नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) तमिलनाडु (Tamilnadu) के कन्याकुमारी (Kanyakumari) से कश्मीर (Kashmir) तक 3570 किलोमीटर की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू की है। 150 दिनों तक चलने वाली राहुल गाँधी की यह यात्रा 12 राज्यों से होकर गुजरेगी।

सोशल मीडिया यूजर्स राहुल गाँधी की इस यात्रा को ‘कंटेनर यात्रा’ यात्रा कह रहे हैं। इस यात्रा के दौरान राहुल गाँधी और उनके साथी कंटेनर में ठहरेंगे। इन्हीं कंटेनरों में सोने के लिए बेड और वॉशरूम की व्यवस्था की गई है। कॉन्ग्रेस ने इस तरह के 60 कंटेनरों को शामिल किया है।

हालाँकि, राहुल गाँधी भले ही होटल में ठहरने के बजाए कंटेनर में ठहरने और सोने की दिखावा कर रहे हों, लेकिन कॉन्ग्रेस ने जब-जब मौका पाया है, इस देश के संसाधनों का दुरुपयोग किया है। यहाँ तक देश की वॉरशिप को भी पिकनिक का स्थान बना दिया था पंडित जवाहरलाल नेहरू ने।

इंदिरा गाँधी ने राहुल का विमान में मनाया था बर्थडे

राहुल गाँधी आज कंटेनर यात्रा भले ही कर रहे हैं, लेकिन इनका बचपन हवाई जहाज में जन्मदिन मनाते बीता है। साल 1977 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने राहुल गाँधी का जन्मदिन हवाई जहाज में मनाया था। उस दौरान उनकी माँ सोनिया गाँधी, बहन प्रियंका गाँधी और परिवार के अन्य सदस्य भी थे।

इस पुरानी तस्वीर में राहुल गाँधी को एक कोने में शर्म से मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। उनकी ठुड्डी उनके हाथ पर टिकी हुई है। उनकी बहन प्रियंका गाँधी उनके बगल में बैठी हैं और टेबल के बीच में जन्मदिन का केक रखा है। विमान के अंदर ली गई इस तस्वीर में उनकी माँ सोनिया गाँधी और दादी इंदिरा गाँधी भी हैं।

राजीव गाँधी ने मनोरंजन के युद्धपोत ‘विराट’ पर डाला डेरा

राजीव गाँधी ने अपने निजी उपयोग के लिए भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था। युद्धपोत का उपयोग गाँधी परिवार को 10 दिनों की लंबी छुट्टी के लिए लक्षदीप द्वीपसमूह के एक छोटे से निर्जन द्वीप पर एक निजी टैक्सी की तरह ले जाने के लिए किया गया था। इस दौरान राजीव गाँधी के ससुराल के लोग भी शामिल थे।

मेहमानों की सूची में राजीव गाँधी के साथ पत्नी सोनिया गाँधी, बेटे राहुल गाँधी, बेटी प्रियंका और उनके चार दोस्त, सोनिया गाँधी की माँ, उनके भाई और एक मामा शामिल थे। इसके साथ ही तब के सांसद अमिताभ बच्चन, उनकी पत्नी जया बच्चन और उनके बच्चे, अमिताभ के भाई अजिताभ की बेटी और पूर्व मंत्री अरुण सिंह के भाई बिजेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी भी मौजूद थे। छुट्टी का स्थान बंगारम था, जो लक्षद्वीप द्वीपसमूह में एक छोटा निर्जन द्वीप है।

उस समय भारतीय नौसेना के एकमात्र वाहक आईएनएस विराट का इस्तेमाल गाँधी परिवार और उनके साथियों के परिवहन के लिए किया गया था, जो इस छुट्टी के लिए 10 दिनों के लिए अरब सागर में चले गए थे। बता दें कि एक विमान वाहक युद्धपोत अकेले समुद्र में नहीं चलता है, यह हमेशा कई युद्धपोतों से घिरा रहता है। यहाँ तक ​​कि एक पनडुब्बी भी यात्रा के दौरान मौजूद थी। इसका मतलब इस शाही छुट्टी का खर्च बहुत तगड़ा था।

पंडित नेहरू ने डाली थी परंपरा

प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सबसे पहले ऐसी शाही परंपरा की शुरुआत की थी। उन्होंने INS देल्ही (INS Delhi) का इस्तेमाल अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने के लिए किया था। आईएनएस देल्ही 1933 में नौसेना के लिए बनाया गया एक हल्का क्रूजर था। इसे ब्रिटिश राज में एचएमएस अकिलिस के नाम से जाना जाता था। 1950 में अपने परिवार के साथ छुट्टी मनाने के लिए इसी वॉरशिप का इस्तेमाल नेहरू ने किया था।

1950 में ही भारतीय नौसेना की संपत्ति का दुरुपयोग करने की परंपरा जवाहरलाल नेहरू के साथ शुरू हुई थी। यह एक ऐसी घटना है, जिस पर शायद ही कभी बात की गई हो, जो यह बताने के लिए पर्याप्त है कि किस तरह नेहरू के पूरे परिवार ने अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए भारतीय संपत्ति के निजी इस्तेमाल की अनोखी परंपरा की शुरुआत की थी।

एडविना को श्रद्धांजलि देने पंडित नेहरू ने INS त्रिशूल को भेजा

जवाहरलाल नेहरू और वायसराय की पत्नी एडविना माउंटबेटन के रिश्तों की बात हमेशा होती रहती है। जवाहरलाल नेहरू और एडविना माउंटबेटन के बीच का संबंध कोई रहस्य नहीं है। एक लेख में माउंटबेटन को “आदमखोर” तक कहा गया था।

माँ एडविना को लेकर उनकी बेटी पामेला ने कहा, “वह पंडितजी (नेहरू) में साहचर्य और समझ को देखती है, जिसके लिए वह तरसती थी। दोनों ने एक-दूसरे के अकेलेपन को दूर करने में मदद की।” भारत के आजाद होने के बाद जब भी नेहरू लंदन जाते तो एडविना से जरूर मिलते थे।

एडविना की इच्छा समुद्र में दफन होने की थी और जब 1960 में उनकी मृत्यु हुई तो उनके शव को पोर्ट्समाउथ लाया गया। इसके बाद नेहरू ने निर्देश पर सरकारी खर्चे पर लेडी माउंटबेटन को श्रद्धांजलि देने की व्यवस्था की गई थी। उनकी इच्छा के अनुसार लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा उन्हें समुद्र में दफन किया गया। ऐसे में नेहरू भी पीछे नहीं रहे। नेहरू ने भारतीय नौसेना के फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल को एस्कॉर्ट के रूप में और साथ ही उनकी याद में पुष्पांजलि देने के लिए भेजा था।

पामेला हिक्स ने बताया कि जब उनका शोक संतप्त परिवार घटनास्थल पर माल्यार्पण के बाद हट गया था तो भारतीय फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल उस जगह पर आया और नेहरू के निर्देशों के अनुसार मैरीगोल्ड के फूलों से उस पूरे एरिया को आच्छादित कर दिया गया था।

कुछ रुपए की सिगरेट के लिए फूँक दिए गए थे लाखों रुपए

पूर्व पीएम नेहरू के बारे में एक कहानी है, जो आज भी किसी को भी लुभा सकती है। भोपाल की अपनी एक यात्रा पर, वह राजभवन में रुकने वाले थे। हालाँकि, कर्मचारियों को पता चला कि उनका पसंदीदा सिगरेट ब्रांड राजभवन में उपलब्ध नहीं है। यह वास्तव में, भोपाल में उपलब्ध नहीं था, और नेहरू अपने भोजन के बाद एक सिगरेट पीने के शौकीन थे।

आम तौर पर, लोगों को लगेगा कि राज भवन के कर्मचारियों ने उनके लिए कोई दूसरा ब्रांड पेश किया होगा। लेकिन नहीं! मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक उनकी पसंदीदा सिगरेट का स्टॉक इंदौर से एयरलिफ्ट किया गया!

जानकारी के मुताबिक किसी को ‘555’ ब्रांड की सिगरेट के कुछ पैकेट इंदौर एयरपोर्ट से लाने का काम दिया गया था। एक विमान ने पैकेज प्राप्त करने के लिए भोपाल से इंदौर के लिए उड़ान भरी, सिगरेट एकत्र की और वापस उड़ान भरी।

‘इस्लाम में छोटे कपड़े हराम’: राखी सावंत पर बॉयफ्रेंड आदिल ने लगाई ‘पाबंदी’, बोलीं अभिनेत्री – वो हमेशा सही होते हैं, करूँगी शादी

बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत ने अपने एक वीडियो में खुद द्वारा पहने कपड़ों को ले कर असहजता जताई है। ये कपड़े उन्होंने अपने अपने बॉयफ्रेंड आदिल खान दुर्रानी के साथ किए गए रोमांटिक फोटोशूट के दौरान पहने थे। उनके मुताबिक, वो कपड़े उन्हें डिजायनर ने भेजे थे। उन्होंने कहा है कि इस्लाम में ऐसे कपड़ों को पहनने की इजाजत नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राखी सावंत ने कहा कि वो ‘ऊप्स मोमेंट’ का शिकार होने से बचीं। उन्होंने बताया कि वो अपने ड्रेस से असंतुष्ट थीं और लगातार डिजायनर की शिकायत कर रहीं थीं। बाद में इस समस्या का हल निकाला गया और समाधान के तौर पर कैमरे की तरफ पीठ करके राखी सावंत ने अपने बॉयफ्रेंड की तरफ फेस करके पोज दिया था। वीडियो में राखी सावंत एक बेहद डीप नेक वाले मैटेलिक गाउन में दिखाई दे रहीं है। वो बार-बार कैमरे के आगे उस गाउन को संभालती दिखाई दे रहीं हैं।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, राखी सावंत अपने बॉयफ्रेंड आदिल खान से शादी करना चाहतीं हैं। वो बताती हैं कि आदिल उन्हें कई बार छोटे और रेवेलिंग कपड़े पहनने से मना करते हैं। वायरल वीडियो में राखी सावंत ने कहा, “हम और आदिल भविष्य में एक ही होने जा रहे हैं। आदिल हमेशा सही हैं। इस्लाम में छोटे कपड़े पहनने की इजाजत नहीं है। मैं आदिल की बहुत इज्जत करती हूँ।”

वहीं एक वीडियो में आदिल ने कहा, “मैंने राखी पर कभी कोई रोक-टोक नहीं की, बस छोटे कपड़ों को ले कर ही पाबंदी लगाई है।” रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त 2022 में आदिल को जान से मारने की धमकी आई थी। शिकायत के मुताबिक, तब आदिल को फोन करने वाले ने कहा था कि वो राखी से दूर हो जाएँ।

गौरतलब है कि मई 2018 में वायरल हुए एक फोटो राखी सावंत पाकिस्तानी झंडा लपेट कर खड़ी दिखाई दीं थीं। यह फोटोशूट ‘धारा 370’ नाम की फिल्म के लिए किया गया था जो कश्मीरी युवकों को पाकिस्तान के इशारे पर आतंकी बनाने पर आधारित थी। इसी के साथ मार्च 2021 में फिल्मकार जावेद अख्तर ने राखी सावंत के जीवन पर स्क्रिपट लिखने की इच्छा जताई थी।

‘गर्म मोम लगा मेरा चाचा करता था रेप’: बिग बॉस के स्टार ने वीडियो में सुनाई आपबीती, वेश्या बन कमाए थे पैसे

बिग बॉस स्टार और नामी डिजायनर रोहित वर्मा ने अपने अतीत के बारे में खुद से जुड़ी कई गुप्त बातों का खुलासा किया है। इस खुलासे में उनके द्वारा अपने बचपन, प्यार और विश्वासघात जैसे मामलों में दी गई जानकारियाँ शामिल हैं। रोहित के मुताबिक उनके बचपन में घर आने वाले एक चाचा ने उनके साथ रेप किया था।

डिजायनर रोहित वर्मा ने यह भी बताया कि कैसे अतीत में उन्हें एक वेश्या के तौर पर भी काम करना पड़ा था। उन्होंने ये तमाम खुलासे आरजे सिद्धार्थ कानन के टॉक प्रोग्राम में किए।

खुद को एक अच्छे परिवार से बताते हुए रोहित वर्मा ने कहा कि वो 8 साल की उम्र में अपने सगे चाचा द्वारा यौन शोषण का शिकार हुए हैं। रोहित के मुताबिक उनके चाचा न सिर्फ उनको साड़ी पहनाते थे बल्कि उनके शरीर पर गर्म मोम भी लगाया करते थे। रोहित ने बताया कि उनके चाचा की ये तमाम अभद्र और अश्लील हरकतें लगभग 4 साल तक चलीं, जिसे उन्होंने कभी अपने माता-पिता से डर के मारे नहीं बताया।

डिजायनर रोहित वर्मा के मुताबिक कुछ समय बाद उनके साथ ऐसा भी समय आया, जब उन्हें औरतों के कपड़े पहन कर वेश्या बनना पड़ा था। उनके अनुसार कुछ ग्राहकों द्वारा मिले पैसे से उन्होंने अपने लिए फैंसी बैग और डिजायनिंग के सामान खरीदे थे।

अतीत में अपने द्वारा किए गए इस काम पर रोहित को कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उनके अनुसार तब उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। एक अन्य खुलासे में रोहित ने खुद को एक एक्टर के साथ लिव इन रिलेशनशिप में भी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ने लम्बे समय तक डेट की पर जब एक्टर को काम मिलने लगा तब उनका व्यवहार बदल गया।

गौरतलब है कि रोहित वर्मा एक प्रसिद्ध फैशन डिजायनर हैं। उन्होंने कई बड़ी फ़िल्मी हस्तियों की ड्रेस तैयार की है। साल 2009 में रोहित TV के रियलिटी शो बिग बॉस 3 के माध्यम से और अधिक चर्चा में आए। तब उन्होंने LGBT समुदाय को रिप्रेजेंट किया था।

रोहित साल 2008 में ‘फैशन’, 2021 में ‘स्टाइल स्ट्रिप’ और ‘एक हजारों में मेरी बहना है’ जैसी फिल्मों में अभिनय भी कर चुके हैं। उन्होंने 2007 में बनी फिल्म ‘जॉनी’ में कॉस्ट्यूम डिजाइनर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। मुंबई में रोहित का खुद का स्टूडियो भी है।

बच्चे नहीं होने के पीछे भारतीय मर्दों के ये 8 Genes हैं जिम्मेदार, इनके कारण ही कम हो रहे शुक्राणु: हैदराबाद में वैज्ञानिकों ने किया खुलासा

हैदराबाद स्थित ‘सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB)’ के वैज्ञानिकों ने उन आठ जीन (Genes) की पहचान की है, जो भारतीय पुरुषों में बच्चे पैदा करने की क्षमता ख़त्म करने के लिए जिम्मेदार हैं। शोधकर्ताओं ने इन जीनों में उत्परिवर्तन (Mutations) पाया है, जिससे भारतीय पुरुषों के वीर्य में शुक्राणु कम हो रहे हैं। यह रिसर्च वैज्ञानिक पत्रिका ह्यूमन मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स (Human Molecular Genetics) में प्रकाशित हुई है। पहचाने गए जीन नए हैं और अब तक भारतीय पुरुषों के प्रजनन में कमी से जुड़े नहीं पाए गए थे।

हैदराबाद की रिसर्च टीम सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (CCMB), सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स (CDFD) और ममता फर्टिलिटी हॉस्पिटल (Mamata Fertility Hospital) से ली गई थी। इन्होंने आठ जीन BRDT, CETN1, CATSPERD, GMCL1, SPATA6, TSSK4, TSKS और ZNF का अध्ययन किया। टीम ने जीन CETN1 में उत्परिवर्तन का अध्ययन किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह शुक्राणु को कैसे प्रभावित करता है। ये जीन उत्परिवर्तन कोशिकाओं के विभाजन को रोकता है और इस प्रकार वीर्य में शुक्राणु कम होने लगते हैं।

सीडीएफडी के निदेशक डॉ. के थंगराज (Dr K Thangaraj), जो सीसीएमबी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक भी हैं, उन्होंने कहा कि रिसर्च में जिन 8 जीन की पहचान की गई है, वे पुरुषों की प्रजनन क्षमता ख़त्म होने के लिए जिम्मेदार हैं। देश में बच्चे पैदा न होने के आधे मामले पुरुषों में कई समस्याओं के कारण हैं। वह आगे कहते हैं, “यह मानना गलत है कि एक दंपति केवल महिला के कारण बच्चे नहीं पैदा कर सकता है।”

वहीं, सीसीएमबी के निदेशक डॉ विनय कुमार नंदीकूरी ने कहा कि यह रिसर्च बताती है कि ये जीन ‘Infertility’ की समस्या वाले पुरुषों में Diagnostic Markers विकसित करते हैं। है। सीसीएमबी के वैज्ञानिकों ने अपनी पहले की गई रिसर्च में पाया था कि इस समस्या वाले 38% पुरुषों में स्पेसिफिक कारण गायब हैं। या फिर उनके वाई-क्रोमोसोम में असामान्यताएँ या उनके माइटोकॉन्ड्रियल और ऑटोसोमल जीन में उत्परिवर्तन हैं। लेकिन, ताजा अध्ययन केवल पुरुषों के प्रजनन क्षमता की समस्याओं के कारणों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस अध्ययन में आठ नए जीन पाए गए हैं, जो पुरुषों में प्रजनन क्षमता की गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार हैं।

अध्ययन के प्रमुख लेखक डॉ सुधाकर दिगुमर्थी, सीसीएमबी के पूर्व पीएचडी छात्र और अब मुंबई में आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ के वैज्ञानिक ने कहा, “हमने पहले सभी जीनों (लगभग 30,000) के बारे में आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद 47 ‘Infertile’ पुरुषों में अगली पीढ़ी के अनुक्रमण (Generation Sequencing) का प्रयोग किया। तब जाकर हमने भारत के विभिन्न हिस्सों के लगभग 1500 ऐसे पुरुषों में पहचाने गए आनुवंशिक परिवर्तनों की पुष्टि की।

‘इमरान’ ने किया फुफेरी बहन से रेप, बनाया अश्लील वीडियो भी: निकाह से इनकार करने पर गर्दन दबा के मारा, UP पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक लड़की ने अपने ममेरे भाई पर तमंचे के दम पर रेप करने का आरोप लगाया है। आरोपित का नाम इमरान (बदला हुआ नाम) है। उस पर पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बना कर वायरल करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपित ने यह हरकत तब की, जब पीड़िता ने उससे निकाह करने से इनकार कर दिया।

उत्तर पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 29 अगस्त 2022 की बताई जा रही है। वीडियो हालाँकि अब वायरल हो रहा है। मामले की शिकायत 6 सितम्बर 2022 (मंगलवार) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया है कि मार्च 2022 में उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। शिकायत में आगे बताया गया है कि अब घर में उनकी माँ और 3 भाई हैं, जिसमें माँ अक्सर बीमार रहती है।

पीड़िता ने लिखा है कि उसके भाई काम पर बाहर चले जाते हैं, इसी का फायदा उठा कर लगभग 4 माह पहले एक दिन उसके ममेरे भाई ने घर में घुस कर उसके साथ रेप किया। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसने अपनी हरकत का आपत्तिजनक वीडियो भी बना डाला था।

पीड़िता के अनुसार रेप के बाद उसे आरोपित ने चुप रहने की धमकी दी। इसी डर से वो काफी दिनों तक सब सहती रही। शिकायत में आगे कहा गया है कि रेप के बाद आरोपित लगातार उस पर निकाह करने का दबाव बना रहा था जबकि पीड़िता इसके लिए तैयार नहीं थी।

बताया जा रहा है कि 29 अगस्त को आरोपित पीड़िता के घर पहुँचा और उसे तमंचे के बल पर जबरन प्रताप विहार के एक रेस्टोरेंट ले गया। वहाँ पर भी आरोपित ने पीड़िता से निकाह का दबाब बनाया और जब पीड़िता ने मना किया तो इमरान (बदला हुआ नाम) लड़की को सबके सामने मारने लगा।

आरोपित की इस हरकत का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें वो पीड़िता की गर्दन दबोचते दिखाई दे रहा है। इसके बाद इमरान (बदला हुआ नाम) ने पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो उसके भाई को भेज दिया। इसी के बाद पीड़िता ने अपने भाई को पूरी बात बताई और आख़िरकार मामले की शिकायत पुलिस में की गई। DSP सिटी प्रथम गाजियाबाद अंशु जैन के मुताबिक आरोपित को धारा 376, 323, 504, 366 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।

26000 घंटे तक कटाई-घिसाई… 280 टन का विशाल ग्रेनाइट पत्थर… MBA कर नौकरी छोड़ने वाले ने बनाई नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (8 सितंबर 2022) को राजपथ के पुनर्विकसित स्वरूप और नए नाम कर्तव्य पथ (Rajpath renamed Kartavya Path) का उद्घाटन करेंगे। साथ ही इंडिया गेट के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण भी किया जाएगा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा को 280 मीट्रिक टन वजन वाले विशाल ग्रेनाइट पत्थर पर उकेरा गया है।

मूर्तिकारों ने 26,000 घंटे के अथक कलात्मक प्रयासों से विशाल ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर 65 मीट्रिक टन वजन की इस प्रतिमा को तैयार किया है। काले रंग के ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित 28 फुट ऊँची यह प्रतिमा इंडिया गेट के समीप एक छतरी के नीचे स्थापित की जाएगी। संस्कृति मंत्रालय ने बुधवार (7 सितंबर 2022) को इसकी जानकारी दी।

संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, नेताजी (Netaji Subhas Chandra Bose) की इस प्रतिमा को पारंपरिक तकनीकों और आधुनिक औजारों का उपयोग करके पूरी तरह हाथों से बनाया गया है। अरुण योगीराज के नेतृत्व में मूर्तिकारों के एक दल ने यह प्रतिमा तैयार की है। इस विशाल ग्रेनाइट पत्थर को तेलंगाना के खम्मम से 1,665 किमी दूर नई दिल्ली तक लाने के लिए 100 फुट लंबा 140 पहियों वाला ट्रक विशेष रूप से तैयार किया गया था।

कौन हैं मूर्तिकार अरुण योगीराज

MBA की पढ़ाई कर चुके अरुण योगीराज (Arun Yogiraj) पाँचवीं पीढ़ी के मूर्तिकार हैं। वे मैसूरु महल के शिल्पकारों के परिवार से आते हैं। उनके पिता गायत्री और भुवनेश्वरी मंदिर के लिए कार्य कर चुके हैं। एमबीए की डिग्री लेने के बाद उन्होंने एक प्राइवेट कंपनी में भी काम किया, लेकिन 2008 में मूर्तिकार बनने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी।

महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को तैयार इन्होंने और इनकी टीम ने ही किया है। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल पर उनकी भव्य प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया था।

नेताजी की प्रतिमा के साथ “कदम कदम बढ़ाए जा”

संस्कृति मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया है कि नेताजी की प्रतिमा को उसी जगह पर स्थापित किया जाएगा, जहाँ इस साल के प्रारंभ में पराक्रम दिवस (23 जनवरी) के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया था। इस होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण नेताजी की 125वीं जयंती के अवसर पर किया गया था।

बताया जा रहा है कि प्रतिमा का अनावरण आजाद हिंद फौज के पारंपरिक गीत “कदम कदम बढ़ाए जा” की धुन के साथ किया जाएगा। एक भारत-श्रेष्ठ भारत और अनेकता में एकता की भावना को प्रदर्शित करने के लिए देश के कोने-कोने से आए 500 नर्तकों द्वारा कर्तव्य पथ पर सांस्कृतिक उत्सव प्रदर्शित किया जाएगा।

बता दें कि प्रधानमंत्री को इसकी झलक इंडिया गेट के समीप एम्फीथिएटर पर लगभग 30 कलाकारों द्वारा दिखाई जाएगी। ये कलाकार नासिक ढोल पथिक ताशा द्वारा ड्रमों के संगीत की धुनों पर संबलपुरी, पंथी, कालबेलिया, कारगाम और कच्छी घोड़ी जैसे आदिवासी लोक कला रूपों का प्रदर्शन करेंगे। 

पाकिस्तानियों ने उकसाया, अफगानिस्तानी फैंस ने दम भर मार कर जीत लिया ‘मैच’: Pak क्रिकेटर आसिफ अली पर लगेगा आजीवन बैन?

पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच बुधवार (7 सितंबर 2022) को खेले गए एशिया कप 2022 (Asia Cup) मैच में दोनों देशों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। नौबत यहाँ तक आ गई कि अंपायर्स और अन्य खिलाड़ियों को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा।

यह हंगामा 130 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही पाकिस्तानी टीम की पारी के 19वें ओवर की 5वीं गेंद पर हुआ। इस ओवर की चौथी गेंद पर आसिफ अली ने छक्का जड़ दिया। इसके बाद अगली ही गेंद पर फरीद अहमद ने आसिफ अली को आउट कर दिया। पवेलियन लौटने से पहले फरीद और आसिफ के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

दोनों के बीच मामला इतना बढ़ गया कि पाकिस्तान के आसिफ अफगानिस्तान के फरीद पर हाथ उठाते दिखे। इसके बाद उन्होंने पवेलियन लौटते वक्त उन्हें अपना बल्ला भी दिखाया। ऐसे में फरीद अहमद उनसे सीना जोरी करने लगे तो अफगानिस्तान के अन्य खिलाड़ियों ने बीच बचाव किया और अंपायर को भी लड़ाई के बीच आना पड़ा।

अफगानिस्तान टीम के इंटरनेशनल क्रिकेट खिलाड़ी आफताब आलम ने आईसीसी को लिखा है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर आसिफ अली को हमेशा के लिए बैन किया जाए। आफताब आलम के अनुसार बैट उठा कर विरोधी टीम के खिलाड़ी को मारने की धमकी देने जैसा काम आसिफ अली ने एक नहीं बल्कि दो बार किया है, इसलिए उन्हें आजीवन बैन कर दिया जाना चाहिए।

जब खिलाड़ियों की लड़ाई थम गई तो मैच खत्म होने के बाद दोनों देशों के फैंस स्टेडियम में भिड़ गए। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जीत के बाद पाकिस्तान के फैंस स्टेडियम में लगी कुर्सियाँ उखाड़कर फेंक रहे थे, अफगानियों को चिढ़ा रहे थे।

पत्रकार आदित्य राज कौल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ऐसी खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तानी फैंस ने बहस के बाद शारजाह में अफगान के प्रशंसकों पर हमला किया। इसके जवाब में अफगानिस्तान के फैंस ने पाकिस्तानी प्रशंसकों को बेरहमी से पीटा।”

ट्विटर पर एक यूजर ने इस घटना पर मजे लेते हुए लिखा, “मैच के बाद अफगानिस्तान जीता।”

एक और यूजर ने लिखा, “यह पाकिस्तान के प्रशंसक थे, जिन्होंने स्टेडियम में लगी कुर्सियाँ उखाड़ कर नुकसान किया।”

क्रिकेट और अफगानी-पाकिस्तानी फैंस की लड़ाई

साल 2019 की बात है। आईसीसी का वर्ल्ड कप चल रहा था। जगह था इंग्लैंड का लीड्स। तभी एक प्लेन स्टेडियम के ऊपर से गुजरा। उस पर एक स्लोगन लिखा हुआ था – ‘जस्टिस फॉर बलूचिस्तान (Justice for Balochistan)’।

इसके बाद स्टेडियम के बाहर अफगानी और पाकिस्तानी फैंस के बीच जम कर लड़ाई हुई थी। दोनों देशों के समर्थकों के बीच लड़ाई न तब चौंकाने वाली बात थी, न अब। पाकिस्तान समर्थक आतंक से अफगानिस्तान जूझता रहा है। इसी कारण से जब लोग आमने-सामने होते हैं तो ऐसे वाकये देखने को मिलते हैं।

बता दें कि एशिया कप के दूसरे राउंड यानी सुपर फोर के चौथे मुकाबले में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को 1 विकेट से हरा दिया है। इस हार के साथ अफगानिस्तान के साथ-साथ भारत की भी फाइनल में पहुँचने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।

अलीगढ़ में मोहसिन ने दलित किशोरी पर अश्लील फब्ती कसी, विरोध करने पर पिता को बुरी तरह मारा: ‘मकान बिकाऊ है’ लिख पलायन की घोषणा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में छेड़खानी के विरोध में अनुसूचित जाति के लोगों ने गाँव से पलायन करने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने अपने-अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है। दरअसल, दलित समुदाय की नाबालिग बेटी के साथ गाँव के ही मु्न्ना, मोहसिन, इमरान और जीशान ने छेड़खानी और मारपीट की थी।

दरअसल, अलीगढ़ के दरदुआगंज क्षेत्र के एक गाँव में रविवार (4 सितंबर 2022) की रात को मोहसिन ने एक दलित लड़की पर अश्लील फब्तियाँ कस दी थी। उसने जब विरोध किया तो उसे खींचकर घर ले जाने की भी कोशिश की थी। इसके साथ ही उसे जातिसूचक अपमानजनक शब्द भी कहे।

लड़की के पिता ने जब इसकी शिकायत की थी तो आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की। इस मारपीट में उसके पिता बुरी तरह घायल हो गए। इसके बाद दोनों पक्ष थाने में पहुँचे और तहरीर दी। पुलिस ने पीड़िता के पिता के साथ-साथ आरोपितों की भी तहरीर लेकर क्रॉस प्राथमिकी दर्ज कर ली।

जब आरोपितों की तहरीर के आधार पर पीड़िता के पिता को आरोपित बनाया गया तो दलित समुदाय नाराज हो गया। मंगलवार (6 सितंबर 2022) को थाने पहुँचकर कर पीड़ितों ने अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद वे अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखवाकर गाँव से पलायन की घोषणा कर दी।

इस घटना पर अतरौली के सीओ विशाल चौधरी ने कहा, “रविवार की रात को मैं खुद मौके पर गया था। उस दौरान मारपीट की बात सामने आई ती, छेड़खानी जैसी बात नहीं कही गई थी। उसी के अनुसार मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अब एक पक्ष की ओर से कुछ अलग आरोप लगाए जा रहे हैं।”

सीओ विशाल चौधरी ने कहा कि अगर इसमें थाना स्तर पर कोई गड़बड़ हुई है तो उसकी जाँच की जाएगी। किसी के साथ पक्षपात या गलत कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का दबाव बनाना गलत है।

वहीं, पलायन की घोषणा के बाद अलीगढ़ पुलिस पीड़िता से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया और मकानों पर लिखे नारे को पुतवा दिया। वहीं, बुधवार को हरदुआगंज पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने घर पहुँची, लेकिन पीड़ित परिवार ने मुकदमा दर्ज होने से पहले बयान दर्ज कराने से इनकार कर दिया।

नरसिंहानंद के नेतृत्व में फिर लौट रहा ‘धर्म संसद’, अबकी गाजियाबाद में होगा साधु-संतों का जमावड़ा

राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद के डासना स्थित शिव-शक्ति धाम के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने एक बार फिर से धर्म संसद का बिगुल बजा दिया है। इस धर्म संसद में देश भर से कई साधु और संत भी आने वाले हैं। वहीं इसका आयोजन खुद यति नरसिंहानंद महाराज कर रहे हैं। इसी साल एक धर्म संसद में अपने बयानों के कारण वे विवादों में भी आ चुके थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यति नरसिंहानंद ने बताया कि इस धर्म संसद का आयोजन 17 और 18 दिसंबर को होने वाला है। वहीं इस धर्म संसद को लेकर स्वामी यति नरसिंहानंद ने बताया कि वे देश के संतों और हिंदू जानकारों व अध्यात्मिक गुरुओं को निमंत्रण पत्र भेज रहे हैं।

आपको याद दिला दें कि बीते मई महीने में महंत ने भविष्य में कभी भी ‘धर्म संसद’ के आयोजन से मना किया था। वहीं हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी उन्हें एक मामले में राहत दी गई। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें यति नरसिंहानंद सरस्वती और वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र त्यागी को गिरफ्तार करने की माँग की थी।

गौरतलब है कि महंत यति नरसिंहानंद इस साल 1 मई को अलीगढ़ में हुई एक धर्म संसद को पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया था। उनके मुताबिक, यदि उनके साथ खड़े होने वाले हजारों लोग न होते तो अब तक उनका काफी नुकसान हो चुका होता। इसके अलावा यति नरसिंहानंद को उत्तराखंड में हुई धर्म संसद मामले में गिरफ्तार भी किया गया था।

वहीं उन्होंने एक बार ऑपइंडिया से खास बातचीत में कहा था, “कभी ये डासना इलाका हिन्दू बहुल हुआ करता था। लेकिन अब यहाँ हिन्दू नाममात्र के लिए बचे हैं। हिन्दुओं का पलायन हुआ। इन्होंने (मुस्लिमों) ने अपनी जनसंख्या भी तेजी से बढ़ाई। यहाँ के हिन्दू व्यापारी गाजियाबाद, पिलखुआ और नॉएडा जा कर बस गए हैं। अब यहाँ 95% लोग मुस्लिम हैं। मेरे मंदिर में आने वाली भीड़ पूरे देश के लोगों की होती है।”