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‘श्रीकृष्ण से छुटकारा दिलाने केजरीवाल आए हैं’: भागवत कथा को फालतू कहने वाले गुजरात के AAP अध्यक्ष ने राक्षसों से की भगवान की तुलना, FIR दर्ज

आम आदमी पार्टी की हिंदू विरोधी मानसिकता एक बार फिर खुलकर सामने आई है। इस बार, गुजरात AAP के प्रमुख गोपाल इटालिया ने भगवान श्री कृष्ण को राक्षस बताते हुए उनका अपमान किया है। इस टिप्पणी के बाद, इटालिया के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।

दरअसल, आम आदमी पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी हुई है। इस दौरान गुजरात के द्वारका में भाषण देते हुए गोपाल इटालिया ने हिंदू धर्म के आराध्य भगवान श्री कृष्ण की तुलना राक्षस से की। वहीं अरविंद केजरीवाल की तुलना ‘अर्जुन’ से की।

द्वारका में एक रैली को संबोधित करते हुए इटालिया ने गुजराती में कहा, “अब भगवान श्री कृष्ण और भाजपा के इन राक्षसों से सभी को छुटकारा दिलाने के लिए, अरविंद केजरीवाल अर्जुन के रूप में आए हैं।”

भगवान श्री कृष्ण के इस अपमान के बाद गुजरात के मालधारी समुदाय के लोग बेहद नाराज हैं। मालधारी समुदाय भगवान श्री कृष्ण को अपने ईष्ट देव के रूप में पूजा करता है।

इस मामले में मालधारी समुदाय के नेता खिलन रबारी का कहना है, “श्री कृष्ण हमारे लिए पालन-पोषण करने वाले और हिंदू धर्म की आस्था के केंद्र हैं। इसलिए यदि आप इस बारे में नहीं जानते हैं, तो पहले स्वयं को शिक्षित कर लीजिए। चूँकि, चुनावी मौसम आ गया है इसलिए जिसके मन में जो आएगा वो वह कर चला जाएगा। मालधारी समाज, श्रीकृष्ण के इस अपमान को स्वीकार नहीं करेगा। जब तक इटालिया द्वारका के गोमती घाट जाकर श्रीकृष्ण से माफी नहीं माँगता, तब तक मालधारी समुदाय के लोगों द्वारा उसे माफ नहीं किया जाएगा।”

भगवान श्रीकृष्ण के इस अपमान पर गोपाल इटालिया के खिलाफ भावनगर के उमराला थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा (IPC) 295अ और 298 के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। यह एफआईआर अहीर समुदाय के सदस्य अमितभाई डांगर ने दर्ज कराई है।

गोपाल इटालिया ने पहले भी की है हिंदू विरोधी टिप्पणी

बता दें, यह पहली बार नहीं है जब गोपाल इटालिया ने हिंदू धर्म का अपमान किया हो। इससे पहले भी वो कई बार हिंदू विरोधी बयान दे चुके हैं। इटालिया का साल 2021 का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इस वीडियो में इटालिया को सत्यनारायण कथा से लेकर श्री मद् भागवत कथक और संतो का अपमान करते सुना जा सकता है।

इस वीडियो में इटालिया ने कहा था, “मैं जो कह रहा हूँ अगर वो आपको अच्छा नहीं लगे तो मुझे ब्लॉक दीजिए। क्योंकि मुझे आपकी जरूरत नहीं। लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी फालतू चीजों पर पैसा और समय बर्बाद करते हैं। इसके बाद भी लोगों को यह पता नहीं चलता कि उन्हें ऐसा करने से क्या मिला। अगर हम ऐसी फालतू चीजों पर 5 पैसे भी खर्च कर रहे हैं तो हमें मनुष्य की तरह जीने का अधिकार नहीं है।”

सनातन धर्म संस्कृति और इससे जुड़ी मान्यताओं का अपमान करते हुए इटालिया ने यह भी था, “जो लोग ऐसे सत्संग और कथा में जाते हैं वो हिजड़ों की तरह तालियाँ बजाते हैं। ऐसे लोगों पर शर्म आती है। हमें उनकी जरूरत नहीं है जो संस्कृति और परंपराओं के नाम पर हिजड़ों की तरह ताली बजाते हैं। कुछ साधु स्टेज से फालतू बातें करेंगे और हम हिंजड़ों की तरह ताली बजाएंगे।”

‘ब्रह्मास्त्र डिजास्टर साबित होगी’ : शूटिंग के दौरान डायरेक्टर पर भड़के थे अमिताभ बच्चन, करण जौहर से कहा था- इस फिल्म में पैसे मत लगाओ

डायरेक्टर अयान मुखर्जी की बिग बजट फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन’ (Brahmastra) लंबे इंतजार के बाद 9 सितंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। इसी बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि शूटिंग के दिनों में अयान मुखर्जी (Ayan Mukerji) और करण जौहर (Karan Johar) को अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachcha) का गुस्सा झेलना पड़ा था। अमिताभ ने फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर को गुस्से में यह तक कह दिया था कि ‘ब्रह्मास्त्र’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप होगी।

बॉलीवुड लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म के शेड्यूल में देरी होने के कारण अमिताभ बच्चन डायरेक्टर अयान मुखर्जी से नाराज थे। इसके अलावा कई बार सीन को दोबारा शूट होना भी बिग बी को पसंद नहीं आया। इसको लेकर बिग बी ने करण जौहर को चेताया था कि ‘ब्रह्मास्त्र’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हो सकती है। बताया जा रहा है कि अमिताभ बच्चन बेहद अनुशासित अभिनेता हैं। वह अयान के शूटिंग शेड्यूल में देरी और रीशूट्स से काफी नाराज थे।

एक वक्त अमिताभ बच्चन ने करण जौहर से अयान मुखर्जी की शिकायत भी की थी कि वह काफी वक्त बर्बाद कर रहे हैं। उन्हें इस फिल्म में पैसा लगाना बंद कर देना चाहिए। बिग बी ने तर्क दिया था कि जिस स्पीड से अयान फिल्म बना रहे हैं उससे ‘ब्रह्मास्त्र’ का डिजास्टर होना तय है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब फिल्म की रिलीज से पहले अमिताभ बच्चन ने उम्मीद जताई है कि सितारों से सजी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र: पार्ट वन’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करेगी, क्योंकि फिल्म से जुड़े हर कलाकार ने इसमें बहुत मेहनत की है। इसके अलावा सभी ने इस फिल्म को पाँच साल दिए हैं।

बता दें कि अमिताभ बच्चन ‘ब्रह्मास्त्र’ में एक महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में अमिताभ के अलावा रणबीर कपूर (ranbir kapoor), आलिया भट्ट (Alia Bhatt) नागार्जुन और मौनी राय भी अहम रोल में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म के निर्माण पर कथित तौर पर लगभग 410 करोड़ लगे हैं।

बैन हो राजनीतिक दलों द्वारा मजहबी प्रतीकों का इस्तेमाल, AIMIM और मुस्लिम लीग का दिया उदाहरण: सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 सितंबर, 2022) को उस रिट याचिका के आधार पर नोटिस जारी किया, जिसमें राजनीतिक पार्टियों द्वारा मजहबी प्रतीकों और नामों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध की माँग की गई है। सैयद वसीम रिजवी ने इस याचिका को दायर किया है। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि धर्म/मजहब के आधार पर मतदाताओं को लुभाना वैध नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने उनकी तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की।

इस दौरान उन्होंने राज्य स्तर की दो ऐसी पार्टियों का भी नाम लिया, जिनके नाम में ही ‘मुस्लिम’ शब्द है। इसी तरह कुछ राजनीतिक दलों ने अपने झंडे के ऊपर चाँद-सितारा लगा रखा है। इस याचिका में मजहबी नाम व प्रतीक चिह्न वाले कई ऐसे दलों के नाम गिनाए गए हैं। गौरव भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की भी याद दिलाई, जिसमें सेक्युलरिज्म को भारतीय संघ की मूल विशेषता बताई गई है। काउंसल ने पूछा कि क्या राजनीतिक दल मजबी नाम/प्रतीक चिह्नों का इस्तेमाल कर सकते हैं?

उन्होंने कहा कि अगर किसी मजहबी नाम या प्रतीक चिह्न वाली पार्टी का उम्मीदवार इस आधार पर वोट माँगता है तो ये नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने IUML (इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग) का उदाहरण दिया, जिसके लोकसभा और राज्यसभा में सांसद हैं, केरल की विधानसभा में विधायक हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख़ 18 अक्टूबर मुक़र्रर की है। इस सम्बन्ध में चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी कर के जवाब माँगा गया है।

साथ ही जिन राजनीतिक दलों की बहस के दौरान चर्चा हुई, सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भी नोटिस जारी करने के लिए कहा है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्णा मुरारी की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई की। बता दें कि कई राजनीतिक दल खासकर के मुस्लिमों ही लुभाते हैं और इसके लिए अपने झंडे को हरा रंग का रखते हुए चाँद-सितारे का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही ओवैसी जैसे नेता खुलेआम हर रैली में मुस्लिमों की बातें करते हैं।

रेप के बाद पेड़ से जिस हिंदू लड़की को लटकाया, उसके परिवार से NCPCR अध्यक्ष मिल भी न सके: बताया- उनके पहुँचने से पहले पीड़ित माता-पिता को जीप में बिठाकर ले गया कोई

झारखंड के दुमका में एक हफ्ते के भीतर दो नाबालिग लड़कियों की हुई हत्या ने सोरेन सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इसी बीच खबर आई है कि जिले में हुई घटनाओं पर सोरेन सरकार, जाँच पड़ताल करने पहुँची NCPCR की टीम को पीड़ित परिवार से मिलने में सहयोग नहीं दे रही। ये जानकारी खुद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने दी।

NCPCR अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने अपने ट्वीट में लिखा, “दुमका में 2 मामलों की जाँच के लिए आया हूँ। झारखंड सरकार को पूर्व सूचित किया था कि अनुसूचित जनजाति की जिस बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर शव पेड़ से लटका दिया गया था,उसके परिवार से NCPCR की टीम मिलेगी।”

NCPCR अध्यक्ष कानूनगो के अनुसार, उन्हें पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति स्थानीय कलेक्टर ने भी दी थी। लेकिन जैसे ही आज वो लड़की के घरवालों से मिलने गाँव गए तो पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें परिजनों को जीप में बैठाकर ले जाया गया है। प्रियंक कानूनगो लिखते हैं, “सरकार का यह रवैया बेहद असयोगात्मक व जाँच में रुकावट डालने वाला है।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब NCPCR की टीम लड़की की बहन से मुलाकात करेगी जो कि उस जगह से थोड़ी दूर रहती है।

बता दें कि झारखंड में बीते दिनों दो लड़कियों की हत्या की घटना सामने आई थी। एक हिंदू लड़की को जलाकर शाहरुख ने मारा था। दूसरी लड़की एसटी समुदाय की थी जिसका बलात्कार अरमान अंसारी ने किया था और हत्या करके उसके शव को पेड़ से लटका दिया था।

इस संबंध में पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने भी ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, “दुमका से यह खबर खून खौला देने वाली है। आरोप है कि इस आदिवासी युवती को अरमान अंसारी नाम के युवक ने बलात्कार के बाद हत्या कर पेड़ पर लटका दिया है? अरमान की गिरफ़्तारी हो गई है। और कितनी युवतियाँ ऐसे दरिंदों का शिकार होगी झारखंड में?”

शाहरुख की लगाई आग पर लगाने को झारखंड के अस्पताल में मरहम भी नहीं: रिपोर्ट से खुलासा- दुमका की हिंदू लड़की का 28 बाद घंटे बाद किया गया था ड्रेसिंग

झारखंड के दुमका में जिस हिंदू लड़की को जलाकर मार डाला गया था, उसके उपचार में घोर लापरवाही सामने आई है। लड़की के घावों पर लगाने के लिए दुमका जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरहम तक नहीं था। उसकी पहली ड्रेसिंग भी 28 घंटे बाद हुई। दुमका राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का गृह जिला है। जब सीएम के गृह जिले के अस्पतालों का हाल ऐसा हो तो आप अन्य हिस्सों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अंदाजा लगा सकते हैं।

दैनिक भास्कर ने इस लड़की को आग लगाए जाने के बाद मिले उपचार पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की है। मृतक लड़की के जीजा के हवाले से बताया है कि यदि अस्पताल में समय से उपचार मिला होता तो लड़की की जान बच सकती थी।

लड़की को सबसे पहले दुमका सदर अस्पताल ले जाया गया था। जीजा के मुताबिक इमरजेंसी वार्ड से उसे बर्न वार्ड में ले जाया गया। बर्न वार्ड में सुविधाओं के नाम पर सिर्फ बेड और पंखा था। जो एसी लगा था, वह काम नहीं कर रहा था। अस्पताल में लड़की के घावों पर लगाने के लिए मरहम तक नहीं था। पहले दिन घाव को खुला रखा गया था। पट्टी तक नहीं बाँधी गई। अस्पताल में सलाइन के अलावा और कुछ भी नहीं था। इलाज की सुविधाओं की कमी के चलते बाद में लड़की को राँची रेफर कर दिया गया।

दैनिक भास्कर ने रिपोर्ट में बताया है कि इन दावों की पड़ताल के लिए उसने उस वार्ड का दौरा किया जहाँ लड़की को भर्ती किया गया था। इस दौरान उन्हें एसी चलता मिला। इलाज करा रहे मरीजों ने बताया कि इस लड़की का केस चर्चित होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे ठीक करवाया है। इलाज भी अभी तरीके से हो रहा है।

लड़की का शुरुआत इलाज करने वाले दुमका के सर्जन डॉक्टर शशि कुमार ने दैनिक भास्कर को बताया है, “जब उसे लाया गया था, वह 90 प्रतिशत जली हुई थी। हमने अपनी क्षमता और प्रोटोकॉल के हिसाब से इलाज किया। बाद में परिजनों को बता दिया कि इलाज के लिए राँची ले जाना होगा।”

आर्थिक वजहों से परिवार लड़की का इलाज प्राइवेट अस्पताल में करवाने में सक्षम नहीं था। लिहाजा सरकारी अस्पताल ही उनका सहारा था। लेकिन दुमका से रेफर किए जाने के बाद एंबुलेंस तक का इंतजाम नहीं किया गया, जबकि ऐसे मामलों में अस्पताल ही एंबुलेस का इंतजाम करता है। मजबूरन पीड़ित परिवार ने किसी तरह पैसों की व्यवस्था की और फिर एंबुलेंस का इंतजाम कर लड़की को राँची ले गए। तब तक उसे आग लगाए जाने की घटना को 24 घंटे से ज्यादा हो चुके थे। घटना के करीब 28 घंटे बाद राँची के रिम्स में पहली बार उसकी ड्रेसिंग हुई। जरूरी दवाएँ दी गईं।

लड़की के परिवार के मुताबिक, रिम्स के बर्न वार्ड में काफी गर्मी थी। लड़की को बहुत जलन हो रही थी। उन्हें बाजार से टेबल फैन खरीद का लाना पड़ा। जिस वायरल वीडियो में लड़की शाहरुख के बारे में बता रही है वह 24 अगस्त को उसकी पहली ड्रेसिंग के बाद की है।

बता दें कि जले हुए मरीज को जब हॉस्पिटल लाया जाता है, तो सबसे वॉशिंग और क्लीनिंग की जाती है। इसके बाद फौरन उसकी ड्रेसिंग की जाती है, ताकि जल्द घाव भरना शुरू हो और जलन कम हो। लेकिन दुमका के हॉस्पिटल में ऐसा कुछ नहीं किया गया।

गौरतलब है कि शाहरुख़ हुसैन ने 23 अगस्त 2022 की रात घर में घुसकर सोई हुई हिंदू नाबालिग लड़की पर पेट्रोल उड़ेल आग लगा दी थी। 27 अगस्त को लड़की की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।

₹68 लाख की गाड़ी-7 एयरबैग, पिछली सीट पर थे फिर भी नहीं बचे सायरस मिस्त्री: जानिए कैसे काम करता है एयरबैग, सीट बेल्ट की अनदेखी कितनी घातक

को टाटा ग्रुप (Tata Group) के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री (Cyrus Mistry) की रविवार (4 सितंबर, 2022) को एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्घटना मुंबई से सटे पालघर जिले के मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर सूर्या नदी के पुल पर हुआ। इस हादसे में एक अन्य व्यक्ति भी मौत हो गई है, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल गए हैं। ऐसा बताया जा रहा है कि साइरस मिस्त्री की मौत समय पर एयरबैग न खुलने की वजह से हुई है।

साइरस मिस्त्री करीब 68 लाख रुपए की मर्सिडीज ‘जीएलसी 220डी 4 मैटिक’ से अहमदाबाद से मुंबई जा रहे थे। मर्सिडीज की जीएलसी 220डी सीरीज की सबसे सेफ कारों में से एक है। इसमें सात एयरबैग भी थे। हालाँकि, एयरबैग थोड़ा लेट खुले। चूँकि साइरस मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगाया हुआ था, इसलिए वह एयरबैग खुलने से पहले ही फ्रंट सीट से टकरा चुके थे। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

क्या होता है ैरबाग?

वर्तमान समय में वाहनों के सेफ्टी उपकरणों में सीटबेल्ट और एयरबैग को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। एयरबैग एक नायलॉन के कपड़े से बना एक बैग (थैला) होता है जो कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पैसेंजर को सुरक्षा देने का काम करता है। सबसे बड़ी बात यह है कि दुर्घटना के समय इसे खोलने के लिए किसी स्विच का उपयोग नहीं करना पड़ता, बल्कि यह ऑटोमेटिक होता है। जैसे ही दुर्घटना होती है, ये अपने-आप खुल जाता है। एयरबैग कार के स्टीयरिंग व्हील, गेट और डैशबोर्ड में लगे होते हैं।

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खुले हुए एयरबैग (फोटो साभार: डिजिटल ट्रेंड्स)

कैसे काम करता है एयरबैग…

एयरबैग को खुलने में एक सेकंड से भी कम समय लगता है। यह 320 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से खुलता है और पैसेंजर को सुरक्षा प्रदान करता है। आसान शब्दों में कहें तो जैसे ही दुर्घटना होती है, कार में लगे सेंसर अक्रिया हो जाते हैं और एयरबैग को खुलने के लिए सिग्नल भेजते हैं। सिग्नल मिलते ही स्टीयरिंग के नीचे मौजूद इन्फ्लेटर एक्टिव हो जाता है। इस इन्फ्लेटर में सोडियम अजाइड गैस होती है, जो कि रासायनिक प्रक्रिया कर के नाइट्रोजन गैस पैदा करता है। जिसके बाद, एयरबैग नाइट्रोजन से भरकर फूल जाता है और खुलकर पैसेंजर के सामने आ जाता है जिससे टक्कर के समय चोट नहीं लगती है।

साइरस मिस्त्री के केस में क्या हुआ?

कार में एयरबैग सेट करने से पहले जब टेस्टिंग होती है तो सीटबेल्ट के साथ होती है। यानी, ऐसा माना जाता है कि कार में बैठे हुए सभी पैसेंजर सीट बेल्ट लगाए हुए हैं। आमतौर पर बिना सीट बेल्ट के एयरबैग नहीं खुलते हैं और यदि खुलते भी हैं तो उन्हें खुलने में काफी समय लगता है।

साइरस मिस्त्री के केस में भी यही हुआ। ड्राइवर और उसकी साइड वाली सीट में बैठे हुए लोगों ने सीट बेल्ट लगाया हुआ था, जिस कारण उनके एयरबैग ने अच्छी तरह से काम किया, जोरदार टक्कर होने के बाद भी उन्हें सिर्फ चोट लगी है। जबकि, साइरस मिस्त्री और एक अन्य व्यक्ति पीछे वाली सीट में बैठे हुए थे। इन दोनों ने ही सीटबेल्ट नहीं लगाया था। कार की टक्कर के बाद एयरबैग को खुलने में समय लगा और उससे पहले ही पीछे की सीट में बैठे हुए दोनों (साइरस और एक अन्य) फ्रंट सीट से टकरा चुके थे। इसी टक्कर की वजह से उनकी मौत हो गई।

डेयरी में बँधी गाय-भैंसों के साथ रेप करने वाला आमीद अली धराया, वीडियो सामने आने पर हरियाणा पुलिस ने दर्ज की FIR

हरियाणा के रोहतक के माल गोदाम रोड स्थित संजय डेयरी में गाय-भैंसों के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोपित आमीद अली के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि फ़ार्म में काफी सारी गाय-भैंसें बँधी हुई हैं और आमीद अली उनके साथ कुकर्म कर रहा है। आरोपित उत्तर प्रदेश के हरदोई स्थित डेहलिया का रहने वाला है।

एक स्थानीय व्यक्ति ने ही इस सम्बन्ध में पुलिस में शिकायत दी, जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से ये वीडियो उसके संज्ञान में आया। आमीद अली डेयरी के ऊपर कमरा लेकर किराए पर रहता है। शिकायतकर्ता ने पेन ड्राइव में वीडियो को पुलिस को सौंपा है। FIR में लिखित है कि डेयरी में बँधे पशुओं के साथ आमीद अली ने रेप किया। इस मामले में IPC 1860 की धारा-377 लगाई गई है।

मीडिया संस्थान ‘पाञ्चजन्य’ में बतौर सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर एवं रिपोर्टर कार्यरत अंबुज भारद्वाज ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए इसे घिनौनी करतूत बताया। इस सम्बन्ध में शनिवार (3 सितंबर, 2022) को शिकायत प्राप्त हुई और उसी दिन पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली। संजय डेयरी रोहतक सिटी थाने से पूर्व की तरफ 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आरोपित आमीद अली के पिता का नाम हामीद अली है।

स्थानीय गौरक्षकों ने आमीद अली को धर-दबोचा, जिसके बाद उसे पुलिस को सौंप दिया गया। इससे पहले जुलाई में भी इस तरह की घटना सामने आई थी। छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक शहरे आलम नाम के एक व्यक्ति पर गाय के साथ रेप करने का आरोप लगा था। आरोपित एक कमरे में गाय के चारों पैर बाँध कर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। वीडियो में आरोपित हाथ जोड़ कर लोगों से माफ़ी माँगता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वो लोगों के आगे ‘बहक कर’ गाय के साथ गलत काम करना स्वीकार भी कर रहा था।

सारे बच्चे मुस्लिम, इसलिए रविवार को भी पढ़ाई: यूपी के भी एक स्कूल में ‘जुमे वाली छुट्टी’, संचालक ने कहा- अभी शिक्षा विभाग की मान्यता नहीं

झारखंड के कुछ इलाकों से बीते दिनों ऐसे स्कूलों का पता चला था जो इस्लामी स्कूल न होने के बावजूद इस्लामी नियमों से चल रहे थे। अब ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित सैंड़भर गाँव से सामने आया है। पता चला है कि वहाँ भी स्कूल में रविवार को नहीं बल्कि जुमे के दिन पर छुट्टी होती है।

दैनिक जागरण में प्रकाशित प्रवीण वशिष्ठ की रिपोर्ट के अनुसार, गाँव का सैंडभर पब्लिक स्कूल अभी मान्यता प्राप्त भी नहीं हैं। लेकिन वहाँ मुस्लिम छात्र पढ़ने आते हैं। ऐसे में उन्हें साप्ताहिक अवकाश रविवार को नहीं बल्कि जुमे के दिन दिया जाता है।

रिपोर्ट बताती है कि ये गैर मान्यता प्राप्त स्कूल 2021 से संचालित हो रहा है। इसे किराए के भवन में चलाया जाता है। इसके संचालक हामिद अंसारी खुद कहते हैं स्कूल अभी मान्यता प्राप्त नहीं है और केवल सोसायटी रजिस्टर्ड है। मान्यता दिलाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के पास आवेदन दिया गया है। लेकिन तब तक, यहाँ शुक्रवार के दिन छुट्टी इसलिए रखते हैं क्योंकि यहाँ आने वाले सारे बच्चे मुस्लिम हैं।

गौरतलब हो कि एक ओर स्कूल संचालक हामिद अंसारी कह रहे हैं कि मान्यता दिलाने के लिए आवेदन दे दिया गया है। वहीं दूसरी ओर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि उन्हें ऐसे स्कूल की जानकारी नहीं है। शुक्रवार को छुट्टी और रविवार को स्कूल चलाना तो नियम के खिलाफ है। इसकी मामले में जाँच करवाकर आवश्यक कार्रवाई होगी।

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वह बच्चों को मान्यता प्राप्त स्कूलों में भेजें। गाँव के प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाएँ। किसी भी ऐसे स्कूल में न भेजें जो मान्यता प्राप्त ही नहीं है। अधिकारी ने कहा कि राज्य में ऐसे स्कूलों को नहीं चलने दिया जाएगा जिन्हें मान्यता न प्राप्त हो।

बता दें कि इससे पहले खबर झारखंड से खबर आई थी कि वहाँ पर सरकारी स्कूलों को उर्दू स्कूल बनाने का प्रयास चल रहा है। छानबीन के दौरान मात्र 5 जिलों में 70 ऐसे स्कूल मिले थे जो सामान्य से उर्दू स्कूल बनाए गए और वहाँ बच्चों की छुट्टी का दिन, प्रार्थना का तरीका सब बदलता गया।

विकिपीडिया को IT मंत्रालय ने भेजा समन, अर्शदीप सिंह को बता दिया था खालिस्तानी: उच्च-स्तरीय समिति करेगी पूछताछ, Pak से हुआ पूरा खेला

एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार (4 सितंबर, 2022) को हुए मैच में भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह से फील्डिंग के दौरान एक कैच छूट गया। इस मैच में भारत की हार हुई, जिसके बाद फर्जी पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स से अर्शदीप सिंह के खिलाफ ज़हर उगला जाने लगा। अब ‘केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)’ ने इस मामले में सोमवार को विकिपीडिया को समन किया है।

भारत में विकिपीडिया के एग्जीक्यूटिव को समन भेजते हुए पूछा गया है कि आखिर उसकी साइट पर अर्शदीप सिंह के प्रोफ़ाइल को खालिस्तानी संगठन से कैसे जोड़ दिया गया? ऑनलाइन इनसाइक्लोपीडिया प्लेटफॉर्म से भारत सरकार ने पूछा है कि अर्शदीप सिंह के पेज से आखिर छेड़छाड़ कैसे हुई और उनके पेज की एंट्री कुछ इस तरह से एडिट कर दिया गया, जिससे उनके खालिस्तानी कनेक्शन होने के दावे किए जाने लगे।

IT मंत्रालय के सचिव के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय समिति इस सम्बन्ध में विकिपीडिया के एग्जीक्यूटिव से पूछताछ करेगी। साथ ही कंपनी को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी थमाया जा सकता है। उसे आगाह किया जाएगा कि आगे इस तरह के एडिट्स से बचने के उपाय किए जाएँ। पाकिस्तानी आईपी एड्रेस से अर्शदीप सिंह के पेज को एडिट कर उनका निवास स्थान ‘खालिस्तान’ दिखाया गया। जबकि AltNews के मोहम्मद जुबैर जैसों ने इसके लिए भारतीयों को ही दोषी ठहराया।

मध्य प्रदेश के गुना में 5 फरवरी, 1999 को जन्मे अर्शदीप सिंह 2018 में उस अंडर 19 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम का हिस्सा थे, जिसने ट्रॉफी जीती थी। पंजाब के बाएँ हाथ के तेज़ गेंदबाज अर्शदीप सिंह को IPL में सबसे पहले ‘किंग्स XI पंजाब’ ने मौका दिया था। उन्होंने अपने पहले ही आईपीएल मैच में इंग्लैंड के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर और भारतीय बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे का विकेट लिया था। जून 2022 में उन्हें भारतीय टीम से डेब्यू का मौका मिला।

पाकिस्तान के खिलाफ मैच में अर्शदीप ने सिंह 18वें ओवर की तीसरी गेंद में आसिफ अली का कैच छोड़ा था, जिसके बाद देखा गया कि अचानक उनको सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा। कुछ अकॉउंट्स से उन्हें देश विरोधी जैसे शब्द तक कहे गए। जो ट्वीट अर्शदीप को देशद्रोही आदि बताते हुए किए गए हैं, वो अधिकतर पाकिस्तान और अरब देशों के लोगों ने भारतीय बनकर किए हैं। याद दिला दें कि मोहम्मद शमी के समय भी इसी तरह पोस्ट कर करके भारतीयों को बदनाम करने का प्रयास हुआ था।

फैजल ने अथर्व बनकर योग टीचर को फँसाया, मंदिर में शादी के बाद इस्लाम कबूल करने का बनाया दबावः इनकार करने पर जलाने की धमकी, गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से पहचान छिपाकर हिंदू युवती से शादी करने और धर्मांतरण (Religious conversion) का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। घटना चिनहट थाना क्षेत्र की है। आरोपित फैजल अहमद है। पीड़िता के अनुसार अथर्व बनकर उसने पीड़िता से जान-पहचान की। उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। इसके अश्लील वीडियो बनाए।

पीड़िता के दबाव डालने के बाद उसने आर्य समाज मंदिर में शादी भी की। लेकिन शादी के बाद जब उसके फैजल अहमद होने का राज खुला तो वह युवती पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा। युवती ने धर्मांतरण से इनकार किया तो उसके साथ मारपीट की। उसे गाली दी। उसका वीडियो वायरल करने और जलाकर मारने की धमकी दी। युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता लखनऊ में योग टीचर है। उसका कहना है कि फैजल ने उसे अपना नाम अथर्व बताया था। वह एक जिम का संचालक है। उसने जिम में युवती की नौकरी लगवाई और उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा था। आरोपित ने युवती को अपनी माँ से भी मिलवाया था। भरोसा हासिल करने के बाद फैजल ने युवती से शारीरिक संबंध बनाए और उसका वीडियो बना लिया। पीड़िता ने जब उस पर शादी का दवाब बनाया, तो आरोपित ने जानकीपुरम स्थित आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली। लेकिन वह उसे अपने घर की जगह एक अपार्टमेंट में फ्लैट लेकर रहने लगा।

इस साल अप्रैल में जब फैजल की सच्चाई सामने आई तो युवती दंग रह गई। इसके बाद से आरोपित उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। इनकार करने पर जलाकर मारने की धमकी देने लगा। युवती के मुताबिक, आरोपित पहले भी दो हिंदू लड़कियों के साथ संबंध बना चुका है। डीसीपी (पूर्वी) प्राची सिंह ने बताया कि आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।