Home Blog Page 2445

राजू श्रीवास्तव को 15 दिन बाद आया होश, सेहत में लगातार हो रहा सुधार: AIIMS दिल्ली में भर्ती कॉमेडियन के ब्रेन डेड होने की उड़ी थी अफवाह

दिल्ली के एम्स (AIIMS, Delhi) में भर्ती देश के मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (Comedian Raju Srivastava) को 15 दिन बाद गुरुवार (25 अगस्त 2022) को होश आ गया। डॉक्टरों द्वारा उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

राजू श्रीवास्तव के निजी सचिव गर्वित नारंग ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, “राजू श्रीवास्तव को आज 15 दिन बाद होश आया। एम्स दिल्ली में डॉक्टरों द्वारा उनकी निगरानी की जा रही है। उनकी तबियत में सुधार हो रहा है।”

राजू श्रीवास्तव के PRO और एडवाइजर अजीत सक्सेना ने बताया, “राजू श्रीवास्तव को सुबह 8:10 बजे होश आ गया है।” बताया जा रहा है कि इसके बाद 9 बजे डॉक्टर्स की टीम ने राजू की कंडीशन को चेक किया। राजू के होश में आने से कॉमेडियन के परिवार के चेहरे की मुस्कान लौट आई है। राजू के तमाम फैंस, जो उनके जल्दी सेहतमंद होने की दुआएँ कर रहे थे, उन्होंने भी अब राहत की साँस ली है। 

मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल ने भी राजू श्रीवास्तव के होश में आने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा, “गुड न्यूज दोस्तों… राजू भाई को होश आ गया है। थैंक गॉड। मैं कहता था ना कि चमत्कार होगा। परमात्मा हँसाने वाले को नाराज नहीं कर सकता। सारे परिवार को, सारे दोस्तों को, पूरे संसार को जिसने भी दुआएँ कीं, हर किसी को प्यार। राजू भाई आप जियो हजारों साल।”

पिछले दिनों डॉक्टरों ने बताया था कि राजू के ब्रेन की तीन नसों में से एक नस अभी भी ब्लॉक है और इसका इलाज चल रहा है। राजू के इलाज के लिए डॉक्टर्स न्यूरो फिजियोथेरेपी की मदद ले रहे हैं। 

कब और कैसे बिगड़ी राजू श्रीवास्तव की तबीयत?

राजू श्रीवास्तव 10 अगस्त को होटल के जिम में वर्कआउट कर रहे थे। ट्रेडमिल पर एक्सरसाइज करते हुए उन्हें सीने में दर्द हुआ और वे नीचे गिर गए थे। इसके बाद राजू श्रीवास्तव को उनके जिम ट्रेनर फौरन अस्पताल लेकर गए। वहाँ डॉक्टरों ने बताया था कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। इसके कारण उनका ब्रेन डैमेज हो गया और उन्हें एंजियोप्लास्टी करनी पड़ी। राजू तभी से दिल्ली के AIIMS में डॉक्टर्स की कड़ी निगरानी में हैं।

टीपू सुल्तान को फिर कहा ‘मुस्लिम गुंडा’ तो काट लेंगे जुबान: कर्नाटक में BJP विधायक केएस ईश्वरप्पा को धमकी, कहा- सावधान रहना

कर्नाटक में बीजेपी नेता केएस ईश्वरप्पा (KS Eshwarappa) को जुबान काटने की धमकी दी गई है। वे शिवमोगा से विधायक हैं और मंत्री भी रह चुके हैं। शिवमोगा (Shivamogga) में ही स्वतंत्रता दिवस पर वीर सावरकर और टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर विवाद हुआ था।

ईश्वरप्पा को धमकी भरा पत्र मिला है। कन्नड़ में लिखे इस पत्र में कहा गया है कि यदि फिर उन्होंने टीपू सुल्तान को ‘मुस्लिम गुंडा’ कहा तो उनकी जुबान काट ली जाएगी। साथ ही उन्हें सावधान रहने की चेतावनी भी दी गई है।

धमकी मिलने की पुष्टि करते हुए ईश्वरप्पा ने बताया है कि वे इससे न आज तक डरे हैं और न डरेंगे। मैंने पुलिस से इस संबंध में संपर्क किया है। मुझे भरोसा है कि डाक से धमकी भरा पत्र भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति का वे पता लगाकर कार्रवाई करेंगे।

मालूम हो कि शिवमोगा में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमीर अहमद सर्कल पर वीर सावरकर का पोस्टर (Savarkar Poster Row) लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कुछ देर बाद वहाँ टीपू सुल्तान सेना का झंडा लेकर दूसरे समुदाय के युवक पहुँच गए और वीर सावरकर का पोस्टर हटाने की कोशिश करने लगे। इसके बाद दोनों समुदाय में बहस शुरू हो गई थी। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। झड़प को देखते हुए पुलिस ने धारा 144 लगा दी थी। इस बीच धरम सिंह नाम के एक शख्स को चाकू भी मार दिया गया था।

उससे पहले कर्नाटक के हडसन सर्किल पर 13 अगस्त 2022 को अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के साथ कॉन्ग्रेस ने इस्लामी आक्रांता टीपू सुल्तान के पोस्टर लगाए थे। वे स्वतंत्रता दिवस पर फ्रीडम मार्च करने वाले थे। लेकिन कुछ लोगों ने मार्च से पहले ही टीपू सुल्तान के पोस्टरों को फाड़ दिया था। इस घटना के बाद कॉन्ग्रेस के राज्य प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा था, “राज्य में कुछ लोग अशांति फैलाने की कोशिशें कर रहे हैं। वे लोग कॉन्ग्रेस के फ्रीडम मार्च को नहीं पचा पा रहे। इस तरह पोस्टर फाड़ना महान स्वतंत्रता सेनानी का अपमान है।”

सुप्रीम कोर्ट पैनल को फोन में नहीं मिले पेगासस: 29 मोबाइल की जाँच की, 5 में जो स्पाइवेयर मिले उनके भी Pegasus होने के प्रमाण नहीं

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में गुरुवार (25 अगस्त 2022) को पेगासस (Pegasus) मामले में टेक्निकल कमेटी द्वारा दायर की गई रिपोर्ट पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कमेटी की रिपोर्ट को नोट करते हुए कहा कि टेक्निकल कमेटी द्वारा जाँचे गए 29 मोबाइल फोन में पेगासस के उपयोग के बारे में कोई सबूत सामने नहीं आया है।

इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने की। सीजेआई रमना ने कहा कि पेगासस मामले में बनी जस्टिस रवींद्रन की रिपोर्ट को गुप्त रखने की जरूरत नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि 29 मोबाइल फोन में से 5 में मैलवेयर पाया गया है, लेकिन इससे ये नहीं कहा जा सकता कि ये पेगासस स्पाइवेयर है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आरवी रवींद्रन की अगुवाई वाली कमेटी रिपोर्ट को तीन भागों में पेश किया गया। इनमें टेक्निकल कमेटी की दो रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस आरवी रवींद्रन की देखरेख कमेटी की एक रिपोर्ट शामिल थी। इनमें से केवल एक ही रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाएगा।

चीफ जस्टिस ने कहा, “हम सिफारिश के बाद जस्टिस रवींद्रन की रिपोर्ट का तीसरा हिस्सा वेबसाइट पर सार्वजनिक करेंगे।” चीफ जस्टिस ने आगे कहा, “हम पूरी रिपोर्ट देखे बिना फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। 5 फोन में मैलवेयर मिला है, लेकिन जासूसी के कोई सबूत नहीं मिले हैं।”

बता दें इस मामले में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया था कि सरकार पेगासस स्पाईवेयर के जरिए लोगों की जासूस कर रही है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने जाँच कर रही टेक्निकल कमेटी को इस साल मई में 4 हफ्ते का समय दिया था। इस दौरान कमेटी को निर्देश दिए गए थे कि वो जाँच करें कि क्या लोगों के फोन या अन्य डिवाइस में जासूसी करने के लिए पेगासस स्पाईवेयर डाला गया था। फिलहाल, इस मामले की सुनवाई को अगले 4 हफ्तों के लिए टाल दिया गए है।

CM केजरीवाल की बैठक में नहीं पहुँचे AAP के 9 विधायक, पार्टी का दावा – सोमनाथ भारती सहित कइयों को BJP का ऑफर, ‘ऑपरेशन लोटस’ फेल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर गुरुवार (25 अगस्त, 2022) को आम आदमी पार्टी (AAP) विधायकों की बैठक हुई। इसमें AAP के 9 विधायक गायब रहे। AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, “दिल्ली में भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ फेल। आज हुई बैठक में 62 में से 53 विधायक मौजूद थे। स्पीकर देश से बाहर हैं और मनीष सिसोदिया हिमाचल में हैं। सीएम ने अन्य विधायकों से फोन पर बात की और सभी ने कहा कि वे अंतिम साँस तक सीएम केजरीवाल के साथ हैं।”

हालाँकि, अरविंद केजरीवाल की छवि इस तरह के ड्रामों के लिए ही मशहूर है। 9 विधायक गायब होने की घटना को मीडिया ऐसे दिखा सकता है जैसे कि ये एक बहुत बड़ी घटना हो और सही में ऐसा हुआ हो, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि AAP भी राजनीति न खेल रही हो। या फिर बात में हो सकता है कि ‘गायब’ विधायकों को वापस बुला लिया जाए और फिर मीडिया अरविंद केजरीवाल को ‘चाणक्य’ बता कर पेश करने लगे, जिन्होंने भाजपा के तथाकथित मिशन को फेल कर दिया। सब कुछ स्क्रिप्ट के अनुसार हुआ भी हो सकता है।

अरविंद केजरीवाल पर ये आरोप भी लगे हैं कि वो विधायकों को खुद के ही लोगों को ‘भाजपा का एजेंट’ बना कर अपने विधायकों को फोन करवाया, ताकि ये एक मुद्दा सके और वो भाजपा को घेर सकें। भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने भी आरोप लगाया है कि खुद ही सीएम केजरीवाल विधायकों को फोन करवाया और दोष भाजपा के मत्थे मढ़ दिया।

इससे पहले AAP के 4 विधायकों ने बीजेपी पर ₹20 करोड़ में खरीदने और धमकाने का आरोप लगाया था। आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह का कहना था कि AAP के विधायक अजय दत्त, संजीव झा, सोमनाथ भारती और कुलदीप कुमार से बीजेपी नेताओं से संपर्क साधा है।

आम आदमी पार्टी को आशंका है कि कहीं BJP उनके विधायक ना तोड़ ले, इसलिए AAP की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में तय हुआ था कि सभी विधायकों को बुलाया जाए।

विधायकों की बैठक से पहले दिल्ली के तिमारपुर से आम आदमी पार्टी के विधायक दिलीप पांडेय ने कहा था कि उनकी पार्टी के 40 विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्हें 20-20 करोड़ रुपए का ऑफर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस बात की जाँच करे कि 40 विधायकों को तोड़ने के लिए 20 करोड़ के हिसाब से 800 करोड़ कहाँ से आए हैं?

वहीं, AAP विधायक आतिशी मार्लेना ने कहा, “बीजेपी कई दिनों से दिल्ली सरकार को गिराने की कोशिश कर रही है। हमारे विधायकों को पैसे की पेशकश की जा रही है और धमकाया जा रहा है। दिल्ली के डिप्टी सीएम को भी धमकाया। यह इस तरह की पहली कोशिश नहीं है। भाजपा इससे पहले भी ‘ऑपरेशन लोटस’ का प्रयास कर चुकी है। वे हमेशा असफल रहे हैं, आगे भी असफल ही रहेंगे।”

बता दें कि सबसे पहले डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की तरफ से ये दावा किया गया था कि उन्हें बीजेपी वालों ने शामिल होने का ऑफर दिया है। ये भी कहा गया था कि अगर वे पार्टी को तोड़ने में मदद करेंगे तो उनके ऊपर लगे सभी मामले हटा दिए जाएँगे। वे सीबीआई जाँच से भी मुक्त हो जाएँगे। हालाँकि बीजेपी ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया लेकिन AAP दफ्तर में हलचल बढ़ गई। अरविंद केजरीवाल भी सक्रिय हो गए और उन्होंने अपने सभी विधायकों को एकजुट करने के लिए बैठक बुलाई।

गौरतलब है शराब नीति घोटाले पर दिल्ली में संग्राम जारी है। दिल्ली में जब से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर कानून का शिकंजा कसा है, राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आबकारी नीति मामले में सीबीआई द्वारा दिल्ली के आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया समेत 15 लोगों पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। बता दें कि दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा दिल्ली आबकारी नीति में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की सीबीआई जाँच की सिफारिश करने के बाद दिल्ली सरकार ने जुलाई में नीति को वापस ले लिया था।

शबाना डाल रही थी धर्मांतरण का दबाव, परेशान पिता ने 2 साल की बेटी का ब्लेड से गला काटा: खुद पर भी किए वार, पुलिस को लिखकर बताई सारी बात

उत्तराखंड (Uttarakhand) में धर्मांतरण के दबाव के कारण दो साल की बेटी की ब्लेड से गला रेतकर हत्या करने वाले पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित घटना को अंजाम देने के बाद से फरार चल रहा था। यह घटना हरिद्वार में सिडकुल थाना क्षेत्र की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लिव-इन पार्टनर शबाना के धर्मांतरण (Religious Conversion) के दबाव से तंग आकर पिता कुलदीप ने अपनी दो साल की बेटी की ब्लेड से गला रेतकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद की जान देने के लिए अपने गले पर ब्लेड मारी, लेकिन वह बच गया। बुधवार (24 अगस्त 2022) को जख्मी हालत में गिरफ्तार किए गए आरोपित ने पूछताछ में यह खुलासा किया। पुलिस ने कुलदीप को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया है।

बताया जा रहा है कि सिडकुल में गन्ने के एक खेत में मंगलवार (23 अगस्त 2022) दोपहर को दो साल की मासूम बच्ची का लहूलुहान शव मिला था। एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि बच्ची के पिता का नाम कुलदीप है। वह बागपत का निवासी है। घटनास्थल से पुलिस को मोबाइल, ब्लेड, जूते और टी शर्ट मिली थी। जाँच में सामने आया है कि कुलदीप सिडकुल में गाड़ी चलाता है और वहीं फैक्टरी में काम करने वाली शबाना के साथ 4 सालों से लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था।

पुलिस ने यह बताया कि बच्ची कुलदीप और शबाना की संतान थी। शबाना कुलदीप पर निकाह का दबाव बना रही थी। निकाह नहीं करने पर वह कुलदीप से अपनी बेटी माँग रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच काफी विवाद हुआ, जिसके बाद शबाना बेटी को लेकर अपने घर बिजनौर चली गई। शबाना ने पुलिस पूछताछ में आशंका जताई कि कुलदीप ने ही उसकी बेटी की हत्या की है। इसके बाद पुलिस आरोपित की तलाश में जुट गई।

पुलिस को 23 अगस्त 2022 की देर रात डालूवाला गाँव में एक व्यक्ति के लहूलुहान हालत में घूमने की सूचना मिली। मौके पर पहुँची पुलिस ने कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने अपना जुर्म कबूलते हुए पुलिस को बताया कि वह शबाना के साथ चार साल से लिव-इन में रह रहा था। उनकी दो साल की बेटी थी, जिसे वह बहुत प्यार करता था।

आरोपित का कहना है कि शबाना बेटी के धर्मांतरण का दबाव बना रही थी, जिसके लिए लिए वह राजी नहीं था। उसे डर था कि शबाना साजिश रचकर बेटी का धर्मांतरण करा देगी। इसलिए उसने 22 अगस्त को बच्ची की गला रेतकर हत्या कर दी। फिर उसने खुद को भी मारने की कोशिश की, लेकिन वह बच गया। हरिद्वार के एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपित पर कार्रवाई की जाएगी।

संकट में हेमंत सोरेन की कुर्सी: चुनाव आयोग ने राज्यपाल को सौंपी रिपोर्ट, पत्नी कल्पना को झारखंड का मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें तेज

खनन लीज मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को भेज दी है। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि चुनाव आयोग ने इस मामले में हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की रिपोर्ट दी है।

कहा जा रहा है कि हेमंत सोरेन अब मुख्यमंंत्री की कुर्सी अपनी पत्नी कल्पना सोरेन (Kalpna Soren) को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। सोरेन ने अपने सभी विधायकों को शाम तक राँची पहुँचने का निर्देश दिया है।

मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि हालात को देखते हुए हेमंत सोरेन ने अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही महागठबंधन दलों की राँची में बैठक हुई थी, जिसमें कहा गया था कि हर परिस्थिति में सोरेन को समर्थन जारी रहेगा।

बता दें कि झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस गुरुवार (25 अगस्त 2022) को दिल्ली से राँची के लिए रवाना हो चुके हैं। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि राज्यपाल 2 बजे राँची पहुँचेंगे और वहाँ 3 बजे इसे राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा।

झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 18 अगस्त 2022 को ही कह दिया था कि हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता जाने वाली है। वे अगस्त का महीना पार कर लें, वही बड़ी बात है। दुबे ने अगले दिन कहा था, “झारखंड में भाभी जी के ताजपोशी की तैयारी, परिवारवादी पार्टी का बेहतरीन नुस्ख़ा गरीब के लिए।” उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन (Kalpna Soren) की ओर इशारा किया।

दरअसल, खनन लीज मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी को लेकर चुनाव आयोग ने अपनी रिपोर्ट दी है। सोरेन पर विभागीय मंत्री होते हुए अपने नाम से खनन लीज लेने का आरोप है। मामला राज्यपाल कार्यालय से होते हुए चुनाव आयोग तक पहुँचा और आयोग ने इस पर कई दिनों तक सुनवाई की। 

हैदराबाद पुलिस ने ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाने वालों को छोड़ा, रिपोर्ट में दावा- ओवैसी ने डाला दवाब: ‘काट डालो RSS वालों को’ वाला Video भी वायरल

भारतीय जनता पार्टी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर हैदराबाद में जगह-जगह उपद्रव जारी है। बुधवार (24 अगस्त 2022) को एक प्रदर्शन के दौरान कलीमउद्दीन नाम के व्यक्ति ने RSS स्वयंसेवकों की हत्या के लिए उकसाने वाले नारे लगाए। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। नलगोंडा की पुलिस अधीक्षक (SP) रेमा राजेश्वरी ने कहा कि उस पर आईपीसी की धारा 153, 295 (ए) और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कलीमउद्दीन का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहा है, “काट डालो सालों को…” इसके पीछे-पीछे भीड़ कहती है, “RSS वालों को।” इस दौरान नारे लगाते हुए यह भी कहा गया, “बोलो बोलो क्या चाहिए, गुस्ताख-ए-नबी का सिर चाहिए।”

इधर खबर आ रही है कि भड़काऊ नारे लगाने वालों को पुलिस ने छोड़ दिया है। टाइम्स नॉउ ने बताया है कि हैदराबाद पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी के दबाव में 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया है। इन उपद्रवियों को ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने और पत्थरबाजी के बाद हिरासत में लिया गया था। इस हिंसक प्रदर्शन में महिलाएँ और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक AIMIM के नेता साउथ जोन के DCP से मिले थे। इसके बाद 90 उपद्रवियों को छोड़ दिया गया। ओवैसी ने भी इसकी पुष्टि की है।

इस बीच गुरुवार (25 अगस्त 2022) से हैदराबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। बता दें कि बुधवार को AIMIM नेताओं के साथ 50 से अधिक लोगों की भीड़ ने टी राजा का सिर कलम करने का आह्वान किया था।

उल्लेखनीय है कि 22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कथित विवादित वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

उम्र से छोटे पर नारे ‘सर तन से जुदा’ वाले जहर बुझे: हैदराबाद में स्कूली बच्चों के इस्तेमाल पर NCPCR सख्त, FIR का दिया आदेश

हैदराबाद में बीजेपी के निलंबित विधायक टी राजा सिंह के खिलाफ प्रदर्शनों में बच्चों का भी इस्तेमाल किया गया। स्कूली बच्चों से ‘सर तन से जुदा’ जैसे नारे लगवाए गए। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने इस पर सख्ती दिखाई है।

NCPCR ने हैदराबाद पुलिस से उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को कहा है जिन्होंने बच्चों को उकसाया। साथ ही इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने का निर्देश भी एनसीपीसीआर ने दिया है। पुलिस को सात दिनों के भीतर इनके माता-पिता के बयान दर्ज कर कार्रवाई की रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा है।

एनसीपीसीआर ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनसीपीसीआर ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर उन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है, जिन्होंने पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर टी राजा सिंह के विरुद्ध स्कूली बच्चों से ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगवाए थे।

एनसीपीसीआर ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा

एनसीपीसीआर ने कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में हैदराबाद में कई बच्चे ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगाते और टी राजा सिंह को फाँसी पर लटकाने की माँग करते दिख रहे हैं। राजा सिंह के एक वीडियो को लेकर हैदराबाद में कट्टरपंथी लगातार प्रदर्शन कर रहे है।

टी राजा सिंह के बयान के बाद बवाल

22 अगस्त को टी राजा सिंह ने मुनव्वर फारूकी के विरुद्ध एक वीडियो बनाया था। इसमें उन्होंने इस्लाम पर बात करते हुए एक बुजुर्ग की चर्चा की थी। कट्टरपंथी इसे ईश निंदा बता रहे हैं। हालाँकि, राजा सिंह ने उसे मजाक बताया। इसके बाद हैदराबाद में प्रदर्शन हुए। 23 अगस्त की सुबह पुलिस ने टी राजा को गिरफ्तार कर लिया। उसी दिन दोपहर में बीजेपी ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया। उसी दिन इस मामले में कोर्ट ने टी राजा सिंह को चेतावनी देते हुए गिरफ्तारी के कुछ घंटों के भीतर ही जमानत दे दी थी।

बेल मिलने के बाद कट्टरपंथी दोबारा उनकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। वहीं टी राजा सिंह ने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मेरे लिए पार्टी से ज्यादा, धर्म को बचाना जरूरी है।” उन्होंने विवादित वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाए जाने पर कहा कि वो उस वीडियो का पार्ट-2 भी लेकर आएँगे जिसमें और भी बातें होंगी। राजा सिंह के वकील को भी यूएई के नंबरों से 3 बार जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

ED छापे में जिसके घर से मिले AK-47 और गोलियाँ, वह गिरफ्तार: फ्लैट के 25 दिन से बंद होने का दावा, फिर रॉंची पुलिस के सिपाहियों ने 23 अगस्त को कैसे रखे हथियार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी बताए जा रहे प्रेम प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार (24 अगस्त 2022) रात राँची से उसे गिरफ्तार किया। राँची में प्रेम प्रकाश से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी में दो AK- 47 राइफल और 60 जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। हथियार हरमू स्थित उसके ठिकाने पर एक आलमारी की तलाशी के दौरान मिले थे।

एके-47 की बरामदगी पर राँची पुलिस का भी बयान आया है। इसके मुताबिक दोनों हथियार राँची पुलिस के सिपाहियों के हैं। इन सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। राँची पुलिस का कहना है कि दोनों सिपाही 23 अगस्त को ड्यूटी से वापस लौट रहे थे। बारिश के कारण उन्होंने अपने परिचित प्रेम प्रकाश के कर्मचारी के पास एके-47 व कारतूस आलमारी में रख दिया था। चाबी सिपाही अपने साथ ले गए थे।

बुधवार (24 अगस्त 2022) की सुबह जब सिपाही अपना हथियार लेने पहुँचे तो वहाँ ईडी की छापेमारी चल रही थी। इसके चलते वे हथियार नहीं ले पाए। इस ‘लापरवाही’ के लिए दोनों सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस बीच प्रेम प्रकाश को हेमंत सोरेन का करीबी बताए जाने पर झारखंड के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

वहीं झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मामले की एनआइए जाँच की माँग की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “डूब मरो झारखंड पुलिस। प्रेम प्रकाश का यह फ्लैट पिछले 25 दिन से बंद था। NIA की जॉंच पूरे पुलिस महकमे में भूचाल ला देगा।”

गौरतलब है कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और उनके करीबी एवं बाहुबली बच्चू यादव से पूछताछ के बाद ED ने प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर छापेमारी की थी। मिश्रा और यादव दोनों को कुछ समय पहले ही ईडी ने गिरफ्तार किया था।

छापे को लेकर दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर

प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने बुधवार को प्रेम प्रकाश और उसके करीबियों के 17 ठिकानों पर रेड डाली थी। इसके पहले 25 मई को भी प्रेम प्रकाश के ठिकानों पर छापामारी में कई कीमती सामान बरामद किए गए थे। उस दौरान एक अमेरिकी नस्ल का कछुआ भी उसके घर से मिला था।

 

हूरों को सुंदर लगे इसलिए बॉडी शेव कराकर भारत में घुस रहा था आतंकी, जिंदा पकड़ा गया: बताया- भारतीय पोस्ट उड़ाने पाकिस्तानी फौज ने भेजा था

पाकिस्तानी फौज ने आतंकी तबरक हुसैन को फिदायीन मिशन पर भेजा। भारत में दाखिल होने की कोशिश करते हुए वह जिंदा पकड़ा गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। पूछताछ में उसने बताया है कि पाकिस्तानी फौज के कर्नल युनूस ने उसे और उसके साथियों को आत्मघाती मिशन पर भेजा था। भारतीय सेना को निशाना बनाने के लिए 30 हजार रुपए भी दिए थे।

आतंकी तबरक हुसैन 21 अगस्त 2022 को भारत में घुसपैठ के लिए एलओसी पर तार काट रहा था। उसके साथ 4-5 और आतंकी भी थे। भारतीय सैनिकों की नजर पड़ते ही वे भागने लगे। लेकिन फायरिंग में तबरक को गोली लग गई और वह पकड़ा गया। उसके साथी आतंकी भागने में कामयाब रहे।

तबरक ने बताया है कि उसके दस्ते के निशाने पर भारतीय सेना की चौकियाँ थी। दो सैन्य चौकी की रेकी भी हुई थी। वह पाकिस्तान के कोटली जिले का रहने वाला है। उसने बताया है कि पाकिस्तानी फौज आम लोगों को भारतीय सीमा में घुसने के लिए उकसाती है। उनका ब्रेन वॉश किया जाता है। पैसे का लालच दिया जाता है। घुसपैठ के लिए जो तैयार नहीं होते उनके साथ पाकिस्तानी फौज बुरा व्यवहार करती है।

भारत में दाखिल होने से पहले तबरक हुसैन ने बॉडी शेव कराया था। नाखून कटवा लिए थे। वह चाहता था कि जब वह हूरों से मिले तो सुंदर दिखे।

ब्रिगेडियर कपिल राणा ने बुधवार (24 अगस्त 2022) को बताया कि तबरक हुसैन एक अनुभवी आतंकवादी गाइड है। उसे 2016 में उसके भाई के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसे नवंबर 2017 में रिहा किया गया था। अब एक बार फिर वह पकड़ा गया है।