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काम की तलाश में विनोद कांबली, इनकम केवल ₹30000: कहा- सचिन तेंदुलकर सब जानते हैं, पर मैं उनसे उम्मीद नहीं रखता

सचिन तेंदुलकर के जिगरी दोस्त और भारत के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली (Former India cricketer Vinod Kambli) आज पैसे-पैसे को मोहताज हैं। वह केवल 30 हजार रुपए प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन से मुंबई जैसे शहर में गुजारा कर रहे हैं।

50 वर्षीय खिलाड़ी अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए क्रिकेट से जुड़ा कोई भी काम करने के लिए तैयार हैं। कांबली ने मिड-डे से बातचीत में कहा कि उन्हें काम की जरूरत है। इस वक्त उनकी आय का एकमात्र स्रोत केवल बीसीसीआई की पेंशन है। कांबली को बीसीसीआई से पेंशन के रूप में हर महीने 30,000 रुपए मिलते हैं।

इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रहे कांबली ने कहा, “मैं एक रिटायर क्रिकेटर हूँ, जो पूरी तरह से पेंशन पर निर्भर है। इसके लिए मैं भारतीय क्रिकेट बोर्ड का आभारी हूँ।” कांबली ने आखिरी बार 2019 में टी-20 मुंबई लीग के दौरान एक टीम को कोचिंग दी थी, लेकिन कोरोना के कारण वह टूर्नामेंट भी बंद हो गया और कांबली की कमाई घट गई। अभी उन्हें काम की सख्त जरूरत है।

बताया जा रहा है कि कांबली नेरुल में तेंदुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल एकेडमी में युवा क्रिकेटरों को कोचिंग देते थे। लेकिन अब उनके लिए घर से नेरुल जाना बहुत मुश्किल हो रहा है।

विनोद कांबली ने इंटरव्यू में बताया, “मैं सुबह 5 बजे उठता था, डीवाई पाटिल स्टेडियम के लिए कैब लेता था और शाम को बीकेसी मैदान में कोचिंग करता था। यह पूरा शेड्यूल मेरे लिए बहुत मुश्किल था।”

जब कांबली से पूछा गया, “क्या आपके बचपन के दोस्त सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) को आपकी स्थिति के बारे में पता है।” इस सवाल पर विनोद ने कहा, “सचिन सब कुछ जानते हैं, लेकिन मैं उनसे कुछ भी उम्मीद नहीं कर रहा हूँ। उन्होंने मुझे तेंडुलकर मिडलसेक्स ग्लोबल एकेडमी में काम दिया था। मैं बहुत खुश था। वह बहुत अच्छा दोस्त रहा है। वह हमेशा मेरे साथ है।”

बता दें कि विनोद कांबली ने भारत के लिए 17 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें उन्होंने 1084 रन बनाए हैं। वहीं 104 वनडे मैचों में उन्होंने 2477 रन बनाए हैं। टेस्ट मैच में उन्होंने 4 शतक और वनडे में 2 शतक लगाए हैं।

बिहार के नए कानून मंत्री का किडनैपिंग केस में नामः बोले नीतीश कुमार- मुझे नहीं पता, दावा- जब करना था कोर्ट में सरेंडर, तब ले रहे थे शपथ

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता कार्तिकेय सिंह (Kartikeya Singh) उर्फ मास्टर साहब को मंत्री बनाने पर विवाद हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कार्तिकेय सिंह पर अपहरण का आरोप है और 16 अगस्त को उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना था, लेकिन वे उसी दिन प्रदेश में कानून मंत्री की शपथ ले रहे थे।

कभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी के नेता रहे बाहुबली अनंत सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं कार्तिकेय सिंह और वह राजद के विधान पार्षद हैं। कार्तिकेय सिंह पर केस को लेकर सीएम नीतीश ने अनभिज्ञता जाहिर की है।

अपहरण मामले में कार्तिकेय सिंह की गिरफ्तारी के खिलाफ वॉरंट पर जब सवाल किया गया तो नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि इस मामले को भाजपा नेताओं ने जोर-शोर से उठाया है और नीतीश सरकार पर सवाल खड़ा किया है।

बिहार के उप-मुख्यमंत्री रह चुके भाजपा के वर्तमान राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा, “मैं नीतीश से पूछता हूँ कि क्या वह बिहार को लालू के जमाने में वापस ले जाने की कोशिश कर रहे हैं? कार्तिकेय सिंह को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए।”

केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कार्तिकेय सिंह को बर्खास्त कर तुरंत जेल भेजने की माँग की है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर अनंत सिंह के दाहिना हाथ कार्तिकेय सिंह को कानून मंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का सुशासन से दूर-दूर तक रिश्ता नहीं रह गया है।

कार्तिकेय सिंह पर अपहरण सहित कई आरोप

जिस आरोप को लेकर कार्तिकेय सिंह पर सवालों के घेरे में हैं, यह मामला साल 2014 का है। दानापुर थाना क्षेत्र के बिहटा इलाके में राजू सिंह का अपहरण हुआ था। इस मामले में बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह भी आरोपित हैं। कोर्ट ने उनके खिलाफ वॉरंट जारी किया था और उन्हें 16 अगस्त को पेश होना था।

हालाँकि, कार्तिकेय सिंह कोर्ट नहीं पहुँचे और उस दिन कानून मंत्री पद की शपथ लिए। उन्होंने इस मामले में ना ही कोर्ट के सामने सरेंडर किया है और ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है। कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई एक सितंबर को करेगी। 

कार्तिकेय ने अपने चुनावी हलफनामे में अपने ऊपर चार केस दर्ज होने की जानकारी दी है। इनमें चोरी, अपहरण, दंगा करने, सरकारी काम में बाधा पहुँचाने, आपराधिक साजिश रचने, जबरन वसूली से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, उन पर सार्वजनिक सड़क, पुल, नदी को नुकसान पहुँचाने का भी आरोप है। 

अनंत सिंह के बेहद खास हैं कार्तिकेय सिंह

मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह एके-47 के मामले में अभी जेल में हैं। उनकी विधायकी भी चली गई है, लेकिन उनके खासम-खास कार्तिकेय सिंह कानून मंत्री बन गए हैं। कार्तिकेय सिंह मोकामा के शिवनार गाँव के रहने वाले हैं और भूमिहार जाति के दबंग नेता माने जाते हैं।

राजनीति में आने से पहले वह शिक्षक थे। वह साल 2005 में मोकामा के तत्कालीन विधायक अनंत सिंह के संपर्क में आए। बाद में वह उनके चुनावी रणनीतिकार बन गए। जब अनंत सिंह जेलों में जाते थे तो कार्तिकेय सिंह उनकी अनुपस्थिति में उनके सारे काम देखते थे। उनकी पत्नी रंजना कुमारी दो बार मुखिया भी रह चुकी हैं।

इस साल अनंत सिंह की विधायकी जाने के बाद मोकामा सीट पर उप-चुनाव होना है। यहाँ अनंत सीट की पत्नी नीलम सिंह चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में कार्तिके सिंह को उनके साथ चुनाव प्रचार करते भी देखा गया है। पिछले साल वह राजद के टिकट पर विधान पार्षद बने थे। कहा जाता है कि उनके नाम की पैरवी खुद लालू यादव ने अनंत सिंह के कहने पर की थी।

कई दागियों को कैबिनेट में जगह

राजद से हाथ मिलाते ही नीतीश कुमार सरकार की नई कैबिनेट में कई दागियों को जगह मिली है। इनमें कार्तिकेय सिंह के अलावा सुधाकर सिंह, चंद्रशेखर और सुरेंद्र यादव भी शामिल हैं। बक्सर के रामगढ़ से राजद के विधायक और अब मंत्री सुधाकर सिंह पर चावल घोटाले का आरोप है। कहा जाता है कि 2013-14 में उन्होंने चावल जमा नहीं कराया और उसे गबन कर गए। इसी तरह सुरेंद्र यादव पर भी कई आरोप हैं।

इसी तरह नीतीश कुमार की सरकार में एक और मंत्री बने हैं चंद्रशेखर यादव, जो मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र से हैट्रिक लगा कर विधानसभा पहुँचे हैं। उन्हें 20 फरवरी, 2022 को दिल्ली स्थित इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGIA) से गिरफ्तार किया गया था। वो अपने सामान के साथ 10 कारतूस लेकर भी जा रहे थे। हालाँकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। पेशे से वो प्रोफेसर हैं। उन्हें शिक्षा मंत्रालय का दायित्व सौंपा गया है।

उस महिला टीचर की मौत, जिन्हें स्कूल जाते वक्त पेट्रोल डाल लगा दी थी आग: राजस्थान की घटना का Video वायरल, हमले के वक्त साथ था 6 साल का बेटा

राजस्थान की उस महिला टीचर की मौत हो गई, जिन्हें दबंगों ने स्कूल जाते वक्त आग लगा दी थी। हमले में बुरी तरह झुलसी महिला टीचर ने मंगलवार (16 अगस्त 2022) देर रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि उधार के पैसे माँगने के कारण उन पर हमला किया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 10 अगस्त 2022 की है। जयपुर से करीब 80 किमी दूर रायसर गाँव में सुबह आठ बजे रैगरों के मोहल्ले में वीणा मेमोरियल स्कूल की टीचर अनीता रेगर (32) अपने 6 साल के बेटे राजवीर के साथ स्कूल जा रही थीं। उसी दौरान कुछ बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने 100 नंबर और रायसर थाने को इसकी सूचना दी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुँची। इसके बाद आरोपितों ने पेट्रोल छिड़ककर उन्हें आग लगा दी। इस दौरान कुछ लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन कोई भी बदमाशों के डर से उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

जानकारी के मुताबिक, अनीता ने आरोपितों को ढाई लाख रुपए उधार दिए थे। जब वह अपने पैसे माँगती तो आरोपित उनका अपमान करते। मारपीट करने लगते थे। इसको लेकर इस साल 7 मई को अनीता ने रायसर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। कुछ दिनों बाद बदमाशों ने मौका पाकर उन्हें रास्ते में घेरकर जिन्दा जला दिया।

हमले की जानकारी मिलने के बाद अनीता के पति ताराचंद अपने परिवार के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और उन्हें जमवारामगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। यहाँ से उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। करीब 7 दिन तक मौत से जंग लड़ने के बाद 16 अगस्त की रात उनकी मौत हो गई। महिला टीचर के पति ताराचंद ने रायसर एसएचओ, एएसआई कबूल सिंह, पुलिसकर्मी विनोद गुर्जर पर बदमाशों को शरण देने और मिलीभगत का आरोप लगाया है।

स्कूल लाइफ पर वीडियो, गाली ‘राधा रानी’ को: जियान, वसीम और नाजिम चलाते हैं चैनल, क्लिप वायरल होने के बाद हरकत में पुलिस

यूट्यूब में कंटेंट के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं को गाली देने का काम धड़ल्ले से चला आ रहा है। हाल में इसी कारण से ‘राउंड 2 हेल’ नाम का यूट्यूब चैनल खबरों में आया है। एक पुरानी वीडियो की क्लिप देखने के बाद लोग इस चैनल के खिलाफ रिपोर्ट करने की बात कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने भी इस पर संज्ञान ले लिया है।

दरअसल, चैनल पर साल 2018 में एक वीडियो अपलोड की गई थी जिसमें ‘राधा’ नाम लेकर गाली का प्रयोग किया जा रहा था। अब उसी वीडियो की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल है। लोग कह रहे हैं कि चैनल क्रिएटर्स ने जानबूझकर ‘श्री राधा रानी’ का नाम आपत्तिजनक संदर्भ में लिया।

R2H के क्रिएटर्स पर पुलिस कार्रवाई के निर्देश

नेटीजन्स, 3 जून 2018 को अपलोड की गई वीडियो की क्लिप देख चैनल रिपोर्ट करने की अपील कर रहे हैं। वहीं इस वायरल वीडियो को देखने के बाद मुरादाबाद पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Round 2 Hell चैनल पर हिंदू विरोधी कंटेंट

बता दें कि ‘राउंड 2 हेल’ नाम के यूट्यूब चैनल पर 27 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इसे जियान, नाजिम और वसीम नाम के तीन युवक चलाते हैं। इसमें वह गाली-गलौच से भरी कॉमेडी वीडियोज डालते हैं और इसी से लोगों का मनोरंजन करते हैं। इन्हीं वीडियोज में से एक वीडियो स्कूल लाइफ पर 2018 में बनाई गई थी। 4 सालों में अब तक इस पर 9 करोड़ व्यूज आ चुके हैं जबकि 2.5 मिलियन लोगों ने इसे लाइक किया हुआ है।

यूट्यूब पर पड़ी इस वीडियो को राउंड 2 हेल चैनल पर एडिट किया जा चुका है। हालाँकि फिर भी लोग कहीं से पुरानी क्लिप निकाल लाए हैं और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है। इस वायरल वीडियो को देखने के बाद अन्य यूजर्स ने शिकायत करनी शुरू की है।

वायरल वीडियो में देख सकते हैं इसमें वसीम टीचर बनकर पूछता है- ” ‘बताओ राधा इज डूइंग अ गुड वर्क’ की हिंदी क्या है। इस पर स्टूडेंट बने जियान और वसीम कहते हैं- ‘राधा तो छि%^* कर रही है।’ “

45 सेकेंड की वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करके कार्रवाई की माँग हो रही है। शिवम दीक्षित ने लिखा, “राउंड 2 हेल की वीडियो में ‘श्री राधा रानी’ का नाम लेकर आपत्तिजनक शब्दों का किया गया उपयोग। ये चैनल जियान, नाजिम और वसीम का है। मुरादाबाद से संचालित होता है।” एक यूजर ने लिखा, “हँसी मजाक मनोरंजन के नाम पर मेरे देवी देवताओं का अपमान क्यों? ‘राउंड 2 हेल’ की वीडियो में ‘श्री राधा रानी’ का नाम लेकर आपत्तिजनक शब्दों का किया गया उपयोग।”

ज्ञानवापी केस के हिन्दू पक्षकार को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी, कहा- पीछे हट जाओ नहीं तो होगा कन्हैया लाल जैसा हाल

वाराणसी के माँ श्रृंगार गौरी-ज्ञानवापी विवादित ढाँचे मामले के पैरोकार डॉक्टर सोहन लाल आर्य को जान से मारने की धमकी मिली है। सोहनलाल को पाकिस्तान के नंबर से फोन करके धमकाया गया है। सोहनलाल आर्य ने अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि धमकी देने वाले ने कहा, “राजस्थान के कन्हैया की तरह तुम्हारा भी सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सोहन लाल ने बुधवार (16 अगस्त, 2022) को ही इसकी जानकारी वाराणसी के पुलिस और प्रशासन के अफसरों को दी है। डीसीपी काशी ने कहा कि इस मामले में केस दर्ज होगा।

डॉ. आर्य ने सर तन से जुदा करने की धमकी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि धमकी के बारे में इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों से भी बात हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा अंदेशा है कि भारत से ही कोई व्यक्ति पाकिस्तान के नंबर का इस्तेमाल करके कॉल कर रहा है। इन नंबरों को इंटेलिजेंस के अधिकारियों को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि वाराणसी कमिश्नर और डीएम से मिलने का समय मिला है। वाराणसी के लक्सा थाने में एफआईआर दर्ज कराएँगे। उनके दोनों मोबाइल नंबर पर धमकी मिली है। हालाँकि, अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है।

वहीं पाकिस्तान के नंबर से जान से मारने की धमकी के बारे में बताते हुए डॉ. सोहनलाल आर्य ने कहा कि कुछ आतंकवादी संगठन उनके पीछे पड़े हैं। उन्हें मुकदमा वापस लेने की धमकी दी गई। जवाब में मैंने कहा कि हम धमकी से झुकने वाले नहीं हैं। कल 18 अगस्त को तारीख है। हिंदुओं के पक्ष में फैसला आने वाला है।

बता दें कि इससे पहले सोहनलाल आर्य को इसी साल 19 मार्च और फिर 19 जुलाई को भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इन जान से मारने की धमकियों पर उन्होंने कहा, “वो इससे डरने वाले नहीं हैं। हिंदुत्व और मंदिर की रक्षा के लिए प्राण भी चला जाए तो फर्क नहीं पड़ता।” जानकारी के लिए बता दें लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर सिक्योरिटी में दो पुलिसकर्मी पहले से ही तैनात हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली की राखी सिंह के अलावा वाराणसी की 4 महिलाओं ने माँ शृंगार गौरी के नियमित दर्शन और ज्ञानवापी विवादित परिसर के अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा और उनकी नियमित पूजा के लिए मुकदमा दाखिल किया था। डॉ. सोहनलाल आर्य वाराणसी की उन्हीं चारों महिलाओं के कोर्ट में पैरोकार हैं। डॉ सोहनलाल आर्य 1984 में विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इस समय RSS के प्रांतीय पदाधिकारी हैं।

‘हिन्दुओं को पसंद नहीं करते अल्लाह, भारत में बसते हैं जालिम’: फटेहाल पाकिस्तान की महिला ने उगला ज़हर, कहा – हिंदुस्तान में जुल्म सह रहे मुस्लिम

‘रस्सी जल गई पर बल नहीं गया’ – ये कहावत पाकिस्तान (Pakistan) पर बिल्कुल सटीक बैठती है। अक्सर खबर आती रहती है कि किस तरह आर्थिक तंगी से जूझ रहे मुल्क के लोग बदहाल हैं, परेशान हैं और भूखे हैं। फिर भी वो ये मानने के तैयार नहीं है कि उनका देश एक नाकाम देश है, जो उनके लिए कुछ नहीं कर पा रहा है।

‘अनम शेख ऑफिशियिल’ (Anam Sheikh official)’ नाम के यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो एक महीने पहले पोस्ट किया गया। इस वीडियों में पाकिस्तानी लड़की अपने देश के लोगों से प्रश्न पूछ रही है कि क्या भारत पूरे विश्व में एक प्रसिद्ध देश है? पाकिस्तान की महिला इस सवाल के साथ भारत के खिलाफ जहर उगलती नजर आ रही है।

‘हिंदू लोगों को अल्लाह ज्यादा पसंद नहीं करता’

पाकिस्तानी महिला वीडियो में कह रही है कि भारत बिल्कुल भी प्रसिद्ध देश नहीं है और वहाँ काफी जालिम लोग बसते हैं। वो कहती है, “हिंदू लोग हैं, हिंदू लोगों को अल्लाह पसंद नहीं करता।” इस पर लड़की सवाल करती है कि वहाँ तो मुस्लिम भी बसते हैं। इस पर जहर उगलने वाली महिला कहती है कि वो मुस्लिम भारत में फँस गए हैं और जुल्म सह रहे हैं। उक्त महिला के अनुसार, भारत में रहना इन मुस्लिमों मजबूरी है। उक्त पाकिस्तानी महिला के हिसाब से भारत के मुस्लिमों को पाकिस्तान में आ जाना चाहिए।

यूट्यूब वाली लड़की महिला को बताती है कि भारत में कई बॉलीवुड स्टार हैं जो देश के अमीर लोगों में शामिल हैं। वो सवाल करती है कि जिन्हें भारत में इतना प्यार इतनी शोहरत मिली है, क्या वो उसे छोड़कर आना चाहेंगे? इस पर पाकिस्तानी महिला का कहना था कि बिल्कुल आना चाहेंगे।

भारत के खिलाफ अपने यूट्यूब चैनल पर नजर बेचने वाली उक्त लड़की खुद ही भारत में मुस्लिमों की क्या स्थिति है इसका जवाब अपने प्रश्न में दे रही है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि दुनिया में भारत दूसरा ऐसा देश हैं जहाँ सबसे अधिक मुस्लिम आबादी है। इसके बाद भी यहाँ के मुस्लिम अल्पसंख्यक ही कहे जाते हैं। उन्हें अल्पसंख्यक होने के नाते हिंदू लोगों से कहीं ज्यादा अधिकार और सुविधाएँ मिलती हैं।

इसी वीडियो में एक अन्य पाकिस्तानी व्यक्ति का कहना है कि भारत के लोगों में एकता नहीं है। हालाँकि, वो ये मान रहा है कि भारत के लोग सारे विश्व में सेवाएँ दे रहे हैं। भारत आईटी सेक्टर में आगे है। कई क्षेत्रों में आगे हैं।

ये भी जानने लायक बात है कि इसी वीडियो में एक अन्य महिला ने पाकिस्तान में रहते हुए ये माना की भारत एक बहुत प्रसिद्ध देश है और ये भविष्य में बहुत आगे जाएगा। महिला ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोगों को एयरपोर्ट पर अपमान का सामना करना पड़ता है और उन्हें फेंक कर पासपोर्ट दिया जाता है। उसने माना कि भारत के लोगों को हर देश में इज्जत मिलती है और वहाँ गाँव के लोग भी टूटी-फूटी ही सही लेकिन अंग्रेजी बोलते हैं, पाकिस्तान की तरह उर्दू किसी पर थोपी नहीं जाती। उसने माना कि भारत हर तरह से पाकिस्तान से बहुत आगे है।

15 साल की हिंदू लड़की का मस्जिद में निकाह करवा रहा था मौलाना, पुलिस ने 3 को दबोचाः नाबालिग ने बताया- मुझे दुल्हे का नाम भी नहीं पता

उत्तर प्रदेश के उन्नाव (Unnao, Utter Pradesh) में एक मौलाना द्वारा नाबालिग हिंदू लड़की का मस्जिद में निकाह करवाने का मामला सामने आया है। इस लड़की को एक मुस्लिम महिला ने पाला है और आशंका जताई जा रही है कि उसने ही लड़की को बेचा है।

इस मामले में लड़की के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया है। पूछताछ के लिए पुलिस ने मुस्लिम महिला, निकाह पढ़ाने वाला मस्जिद का मौलाना और दुल्हे को हिरासत में ले लिया है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस मामले में लड़का और लड़की दोनों ही हिंदू हैं।

पीड़ित लड़की का पिता मूलत: नेपाल के रुकनगढ़ी जिले के ज्योतिपुर के रहने वाले बताए जाते हैं। उसकी दो बेटियाँ हैं। 8 साल पहले उसकी पत्नी का देहांत हो गया था। उसकी बड़ी बेटी 15 साल की है और मुस्लिम महिला लाल बानो के पास रहती है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्नाव के गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला मंगलवार (15 अगस्त 2022) की रात नाबालिग किशोरी और युवक को लेकर मस्जिद पहुँची। उसने मौलाना से निकाह कराने के लिए कहा।

मौलाना को जैसे ही पता चला कि दोनों हिंदू हैं तो उसने निकाह कराने से मना कर दिया, लेकिन महिला के दबाव डालने पर वह फतिहा पढ़ाने लगा। इसी दौरान हिंदू संगठनों को इसकी सूचना लग गई और वे मौके पर पहुँच कर हंगामा कर दिए।

हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और तीनों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह मुस्लिम है और इस जिस हिंदू लड़की के पालने का वह दावा कर रही है, वह हिंदू है। महिला का कहना है, “मैंने ही कहा था कि मस्जिद में निकाह करो। निकाह की बातचीत पिछले तीन माह से युवक से चल रही थी।”

रिपोर्ट के मुताबिक लड़की ने बताया, “जिस लड़के से मेरा निकाह करवाया जा रहा था, मुझे उसका नाम नहीं पता है। मेरी उससे सिर्फ फोन पर बात हुई थी। मेरी माँ बचपन में ही गुजर गई थी। मेरे पापा ही मेरा सहारा हैं।”

हाथ में तिरंगा लेकर ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ के नारे, वीडियो भी बनाया: यूपी पुलिस ने फैजान, शादाब और मोअज्जम के खिलाफ दर्ज किया मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम हाथ में तिरंगा झंडा लिए हुए पाकिस्तान जिंदाबाद (Pakistan Zindabad) के नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो आगरा (Agra) का बताया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार (15 अगस्त, 2022) को 76वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आगरा में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। पत्रकार रजनीश पांडे ने इस वीडियो पर आपत्ति जताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ और यूपी पुलिस को टैग करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “ऐसे गधों के हरकतों से पूरा कौम बदनाम होता है। देखते है आगे योगी आदित्यनाथ की यूपी पुलिस क्या करती है। बुलडोजर से ही मामला निपट जाए तो अच्छा है। ये मामला आगरा का है।” इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी काफी आक्रोश व्यक्त किया है।

इस ट्वीट के कुछ ही देर बाद यूपी पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल पर आगरा पुलिस को टैग करते लिखा, “कृपया जाँच कर आवश्यक कार्रवाई करें।”

इसके बाद आगरा पुलिस (Agra Police) ने ट्वीट किया, “थाना लोहामंडी पुलिस टीम द्वारा अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।” बताया जा रहा है कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे मामले में पुलिस ने एक्शन लिया है। थाना लोहामंडी में तीन युवकों के खिलाफ धारा 153 बी के तहत केस दर्ज किया है। इनके नाम फैजान, शादाब और मोअज्जम है। पाकिस्तान जिंदाबाद नारे का यह वीडियो महज 3 सेकंड का है। पुलिस वीडियो की गहनता से जाँच पड़ताल कर रही है।

एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया कि तिरंगा जुलूस के दौरान ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नारे का एक वीडियो सामने आया है। इस मामले में तीन युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जाँच के बाद सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।

‘कश्मीर फाइल्स नहीं, ऑस्कर में RRR को भेजो’: अनुराग कश्यप की ‘नफरत’ पर बरसे विवेक अग्निहोत्री, बताया- बॉलीवुड का दुष्ट गिरोह

अनुराग कश्यप चाहते हैं कि ऑस्कर में भारत की तरफ से फिल्म ‘RRR’ को आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजा जाना चाहिए, ‘द कश्मीर फाइल्स’ को नहीं। बता दें कि जम्मू कश्मीर में अस्सी-नब्बे के दशक में हुए पंडितों के नरसंहार पर बनी फिल्म ने दुनिया भर में 350 करोड़ रुपए का कारोबार किया था। अकेले भारत में इसने 250 करोड़ रुपए का नेट और लगभग 300 करोड़ रुपए का ग्रॉस कारोबार किया था। इससे लिबरल गिरोह को खासा सदमा लगा था।

अब अनुराग कश्यप कह रहे हैं कि भारत अगर ‘RRR’ को ऑस्कर के लिए आधिकारिक एंट्री के रूप में भेजता है तो ‘बेस्ट इंटरनेशनल फीचर’ कैटेगरी में नॉमिनेशन सुरक्षित करने के चांसेज काफी ज्यादा हैं। हालाँकि, इस दौरान वो ये भी कह बैठे कि एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म के वो कोई बड़े फैन नहीं हैं। फिल्म निर्देशक ने कहा कि राजामौली की ही ‘बाहुबली (2015)’, ‘मगधीरा (2009)’ और ‘मक्खी (2012)’ फ़िल्में ‘RRR’ से अच्छी हैं।

उन्होंने कहा कि वो एसएस राजामौली के काम के काफी कायल हैं, लेकिन ‘RRR’ से बेहतर उनकी अन्य फ़िल्में थीं। तब भी उन्होंने ‘RRR’ के लिए ऑस्कर में नॉमिनेशन सिक्योर करने के 99 चांस होना का दावा किया। उन्होंने कहा कि वो लोग एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित इस फिल्म को लेकर पागल हैं। अनुराग कश्यप ने कहा कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ऑस्कर एंट्री के लिए नहीं भेजा जाना चाहिए। बता दें कि ‘लगान (2001)’ के बाद से कोई भारतीय फिल्म ऑस्कर एंट्री पाने में सफल नहीं हो सकी है।

‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अनुराग कश्यप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “नरसंहार को नकारने वाले बॉलीवुड का दुष्ट गिरोह ने ‘दोबारा’ के निर्माता के नेतृत्व में ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ऑस्कर में भेजे जाने के खिलाफ अपना अभियान शुरू कर दिया है।” अनुराग कश्यप की आने वाली फिल्म ‘दोबारा’ है, जिसमें तापसी पन्नू मुख्य भूमिका में हैं। लोग इसे कोरियन फिल्म की कॉपी बता रहे हैं।

‘अब 1 साल के बच्चे का भी ट्रेन में लगेगा फुल टिकट’: जिसे मेनस्ट्रीम मीडिया ने ‘रेलवे का झटका’ बता बेचा, जानिए उसका सच

दैनिक जागरण, जी न्यूज़ सहित कई मीडिया समूहों ने 5 साल से छोटे बच्चों की टिकट को लेकर भ्रामक खबरें फैलाते हुए लिखा कि रेलवे छोटे बच्चों का भी फुल टिकट काट रही है। कई मीडिया समूहों ने रेलवे ने दिया बड़ा झटका शीर्षक से छोटे बच्चों की फुल टिकट की मिसलीडिंग खबर छापी है। लेकिन पूरे आर्टिकल में भी असली बात नहीं लिखी है कि मामला क्या है?

दैनिक जागरण ने तो पूरी कहानी के फॉर्मेट में समझाया, “शहर के रहने वाले मयंक परिवार के साथ गुजरात के टूर पर निकले। उनको 13 अगस्त को राजकोट से सोमनाथ जाना था। ओखा-सोमनाथ एक्सप्रेस की एसी फर्स्ट में उन्होंने रिजर्वेशन कराया। चार यात्रियों में पहला नाम अपने एक वर्ष के बेटे का भरा। रेलवे के सिस्टम ने कम उम्र होने के बावजूद आवेदन पर आपत्ति नहीं की। एक वर्ष के छोटे बच्चे को आम यात्रियों की तरह ही पूरी सीट आवंटित करते हुए पूरा किराया ले लिया गया।”

वहीं इसी तरह ज़ी न्यूज़ के अंग्रेजी संस्करण ने भी 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए फुल टिकट की बात लिखी है। इसके अलावा कई छोटे बड़े मीडिया पोर्टल ने बच्चों के टिकट को लेकर “रेलवे ने दिया बड़ा झटका, अब एक साल के बच्चे का भी लगेगा फुल टिकट” शीर्षक से खबरें प्रकाशित की है। जिस पर सोशल मीडिया पर लोगों ने लताड़ लगाई है। वहीं कई कॉन्ग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस मिसलीडिंग खबर के आधार पर रेलवे और मोदी सरकार को घेरने की कोशिश की है।

वहीं दैनिक जागरण की खबर को लेकर ऋषि बागरी ने ट्वीट किया, “गुमराह करने वाली खबर। कुछ भी नहीं बदला है, बस यात्रियों की माँग पर उन्हें टिकट खरीदने और अपने 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बर्थ बुक करने का विकल्प दिया गया है। और अगर उन्हें अलग बर्थ नहीं चाहिए तो यह मुफ़्त है, जैसा पहले हुआ करती थी।”

किरन एस नाम के ट्विटर यूजर ने अरुण को जवाब देते हुए लिखा, “भ्रामक पुरानी खबर, कुछ भी नहीं बदला है, बस यात्रियों की माँग पर, उन्हें टिकट खरीदने और अपने 5 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए बर्थ बुक करने का विकल्प दिया गया है। यदि वे चाहते हैं और अगर उन्हें अलग बर्थ नहीं चाहिए तो यह मुफ़्त है, जैसा पहले हुआ करती थी।”

बच्चों की टिकट को लेकर क्या है सच्चाई

इस मामले में PIB ने ज़ी न्यूज़ की खबर का फैक्ट चेक किया है। इसके साथ ही रेलवे की बच्चों को लेकर टिकट पॉलिसी पर झूठ फैलाने का पर्दाफाश करते हुए सच्चाई बताई है। PIB ने अपने फैक्ट चेक में बताया है कि ज़ी न्यूज़ के एक रिपोर्ट में दावाकिया गया है, “इंडियन रेलवे के यात्रियों को अब 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खरीदना होगा पूरा टिकट”

जबकि PIB ने इस मामले में स्पष्ट बताया है कि यह वैकल्पिक है। अर्थात यदि कोई पैरेंट्स अपने 5 साल से छोटे बच्चे के लिए अलग से एक पूरी सीट चाहता है तो उसे फुल टिकट लेनी होगी वहीं यदि अलग से सीट नहीं चाहिए तो प्पहले की ही तरह 5 साल से छोटे बच्चों की यात्रा मुफ्त है। उनके लिए किसी भी टिकट की आवश्यकता नहीं है।

निष्कर्ष

इस तरह से देखा जाए तो कई मीडिया समूहों ने रेलवे की बच्चों को लेकर टिकट पॉलिसी पर भ्रामक खबरें फैलाई जो पूरी तरह सच नहीं हैं। वहीं विपक्षी नेताओं ने इसे मोदी सरकार के विरोध में इस्तेमाल कर न सिर्फ रेलवे बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ भी माहौल बनाने के लिए इस्तेमाल किया। हालाँकि, अब इस मामले में स्पष्टीकरण और फैक्ट चेक हो जाने के बाद भी अधिकांश मीडिया समूहों ने अपनी खबर में कोई सुधार नहीं किया है और न भ्रामक खबर फैलाने के लिए माफ़ी माँगी है।