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‘पूजा-पाठ से मलेरिया फैलता है, दंगे होते हैं’: ‘लाल सिंह चड्ढा’ में आमिर खान का हिन्दू विरोधी प्रोपेगेंडा, ‘मोहम्मद’ नाम के पाकिस्तानी आतंकी को बचाया

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान (Amir Khan) की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) आज (11 अगस्त 2022) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को कई क्रिटिक ने सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं, लाल सिंह चड्ढा का किरदार निभा रहे आमिर खान का फिल्म में यह कहना, ‘पूजा-पाठ से मलेरिया फैलता है, दंगे होते हैं।’ ने दर्शकों को खासा निराश किया। इंडिया टुडे ने अपनी फिल्म की समीक्षा में आमिर खान की बेदम एक्टिंग के बारे में लिखा है।

फोटो साभार: इंडिया टुडे

इंडिया टुडे के अनुसार, आमिर खान ने फिल्म में बहुत ही निराशाजनक प्रदर्शन किया है। उन्होंने टॉम हैंक्स द्वारा निभाए गए फॉरेस्ट गंप के दमदार किरदार को ‘लाल सिंह चड्ढा’ के रूप में निभाकर बोरिंग बना दिया है। हालाँकि, फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से आमिर खान की एक्टिंग की काफी आलोचना हो रही है। फिल्म की रिलीज के बाद समीक्षकों ने भी इसे बेदम एक्टिंग वाली फिल्म बता दिया है।

आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ हॉलीवुड स्टार टॉम हैंक्स की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ का हिंदी रीमेक है। फॉरेस्ट गम्प ने वियतनाम में अपनी ही यूनिट के प्रमुख लेफ्टिनेंट डैन को अपनी पीठ पर बिठाकर सुरक्षित बाहर निकाला था। वहीं ‘धर्मनिरपेक्ष’ लाल सिंह चड्ढा ने मोहम्मद नाम के एक पाकिस्तानी आतंकवादी को बचाया है। यह कैसे संभव है कि एक प्रशिक्षित भारतीय सेना का जवान सेना में अपने ही भाइयों और दुश्मनों के बीच अंतर नहीं कर सका।

ट्विटर पर भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य शिखर बख्शी लिखते हैं, “लाल सिंह चड्ढा में एक दृश्य है, जिसमें एक पाकिस्तानी सेना का आदमी आमिर खान से कहता है कि वह रोज नमाज पढ़ता है और चड्ढा से पूछता है कि वह पूजा क्यों नहीं करता। इस पर लाल सिंह चड्ढा जवाब देते हैं, “पूजा पाठ से मलेरिया फैलता है, दंगे होते हैं। जाहिर है, फिल्म में आमिर खान एक सिख हैं।”

शिखर आगे लिखते हैं, “फिल्म में ये डायलॉग बोलकर उन्होंने सिख के साथ हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। मुझे समझ नहीं आता कि दुनिया भर के सिखों ने अभी तक आमिर खान के खिलाफ विरोध शुरू क्यों नहीं किया है। क्यों? क्योंकि यह उनके एजेंडे के अनुसार नहीं है?” दरअसल, बॉलीवुड के जरिए भारतीय संस्कृति, हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने काम बहुत पहले से होता रहा है। आमिर खान अपनी फिल्मों में अक्सर ऐसा करते हुए नजर आए हैं।

बता दें कि बीते दिनों फिल्म के बायकॉट को लेकर आमिर खान ने कहा था, “जब लोग बॉलीवुड और लाल सिंह चड्ढा का बहिष्कार करने की बात करते हैं तो मुझे बहुत दुख होता है। खासकर तब जब लोग मेरी फिल्मों को इस वजह से बायकॉट करने की डिमांड करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि मैं उन लोगों की लिस्ट में शामिल हूँ जो भारत को पसंद नहीं करते हैं। लेकिन यह सच नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों ऐसा लगता है। ऐसा नहीं है। कृपया मेरी फिल्म का बहिष्कार न करें। कृपया मेरी फिल्म देखें।”

हिंदू लड़के को मुस्लिम लड़की से था प्यार, मुहर्रम के दिन पहुँच गया मिलने: कर्नाटक में दोनों समुदायों में विवाद के बाद खूनी संघर्ष, 2 की मौत और 6 घायल

कर्नाटक (Karnataka) के कोप्पल जिले के हुलीहैदर गाँव में दो समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 6 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। हालात को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।

कहा जा रहा है कि एक हिंदू लड़का इलाके के ही एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता था। मुहर्रम के दिन लड़का अपनी प्रेमिका के बुलावे पर उससे मिलने के गया था। कहा जा रहा है कि इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई।

इसके बाद दोनों समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए और बात बिगड़ गई। इसके बाद दोनों समुदाय के लोगों के बीच विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस दौरान दोनों ओर से लाठी-डंडे चले और जमकर पत्थरबाजी हुई।

इस घटना में 22 साल के पाशा वल्ली और 60 साल के येनकप्पा तलावड की मौत हो गई। वहीं, घायल लोगों का इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया जा रहा है। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद मौके पर पहुँचकर प्रशासन कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दिया है। इसके साथ इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की भी तैनाती कर दी गई है। इस घटना को लेकर मामला दर्ज करने के बाद पुलिस इसकी जाँच कर रही है।

 

अब जौनपुर में गूँजे ‘सर तन से जुदा’ के नारे: मुहर्रम के जुलूस में कट्टरपंथी मुस्लिमों के उन्माद का वीडियो वायरल, पुलिस ने 4 को किया गिरफ्तार

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद (Islamic Prophet Muhammad) के नाम पर शुरू हुआ आतंक का उपद्रव रूकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में उदयपुर के कन्हैया लाल (Kanhaiya Lal) की गला काटकर हत्या के बाद यह खेल अभी भी जारी है। यूपी के जौनपुर में अब ‘सर तन से जुदा’ के आपत्तिजनक नारे लगाए जाने की घटना सामने आई है।

आतंकी नारे लगाए जाने की घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। यह घटना मुहर्रम के दिन की बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि मुहर्रम के दिन ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाकर सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की गई।

घटना जौनपुर के मीरगंज थाना क्षेत्र के करियाँव बाजार का है। बुधवार (10 अगस्त 2022) के दिन शाम को मुस्लिमों का एक हुजूम ताजिया दफन करने जा रहा था। इस दौरान मुस्लिम युवकों ने ये आपत्तिजनक नारे लगाए। आरोप है कि नारेबाजी करते हुए मुस्लिमों ने दूसरे समुदाय के लोगों को उकसाया गया।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एसपी ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह के निर्देश पर थानाध्यक्ष मीरगंज ने करियाँव के चार लोगों- मोहम्मद शकील, मोहम्मद अब्दुल, मोहम्मद जीशान और मोहम्मद हारिस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।  

इसके पहले जौनपुर के ही सुरेरी थाना क्षेत्र में मुहर्रम के दिन ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के राष्ट्र विरोधी नारे लगाए गए थे। इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो के आधार पर पुलिस मामले की जाँच कर ही रही थी कि जिले के मछली शहर तहसील अंतर्गत मीरगंज का यह वीडियो सामने आया है।

‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाले वीडियो के मामले में छानबीन के बाद पता चला कि कर्बला पहुँचने से पहले ताजियादारों ने नुक्कड़ नाटक किया था। इस नुक्कड़ नाटक में दो युवक हिंदुस्तान और पाकिस्तान का रोल कर रहे थे। SP देहात शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया, “वायरल वीडियो 9 अगस्त का है। नुक्कड़ नाटक के दौरान नारे लगे थे। किसी ने नुक्कड़ नाटक का सिर्फ 1 अंश का वीडियो वायरल कर दिया।”

‘चिचा, आशीष नेहरा UK में PM इलेक्शन की तैयारी में हैं’ : पाकिस्तानी होस्ट को वीरेंद्र सहवाग ने किया ट्रोल, भारतीय क्रिकेटर को बताया था भाला फेंक खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग अब रिटायर हो चुके हैं, लेकिन सोशल मीडिया की पिच पर वो ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते नजर आते हैं। इसी बीच सहवाग ने पाकिस्तानी होस्ट जैद हामिद को जमकर ट्रोल किया है। सहवाग ने ऐसा क्यों किया इसकी भी दिलचस्प वजह है। 

दरअसल, पाकिस्तानी होस्ट ने पूर्व भारतीय गेंदबाज आशीष नेहरा को जेवलिन थ्रोअर प्लेयर (भाला फेंक खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा बता दिया। इसको लेकर उसने ट्वीट किया, जिस पर वीरेंद्र सहवाग ने जैद हामिद की धज्जियाँ उड़ा दी।

कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम को लेकर हामिद ने ट्वीट करते हुए लिखा था, “और जो बात इस जीत को और भी बेहतरीन बनाती है, वह यह है कि इस पाकिस्तानी एथलीट ने भारतीय जेवलिन थ्रोअर आशीष नेहरा को तबाह कर दिया है। पिछले मुकाबले में आशीष ने अरशद नदीम को हराया था। कितना प्यारा बदला लिया है।”

ज़ैद हामिद के इस ट्वीट के बाद भारतीय फैंस उन्हें जमकर ट्रोल करने लगे। इस बीच जैद हामिद को ट्रोल करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने लिखा, “चिचा आशीष नेहरा इस वक्त यूके के प्रधानमंत्री चुनाव की तैयारियाँ कर रहे हैं। इसलिए आप चिल करें।”

सहवाग के इस ट्वीट पर भी लोगों के मजेदार कमेंट्स आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ढक्कन रिसर्च तो ठीक से कर लेता। करवा ली न बड़ी वाली बेइज्जती।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “कौन नशा करता है ये चिचा।”

वहीं एक अन्य ने मजे लेते हुए कहा, “और इनको कश्मीर चाहिए।”

राहुल गुप्ता नाम के यूजर ने लिखा, “ये बम गोले जिहाद की बात करने वाला भाला फेंकने का शौकीन कब से हो गया।”

कॉमनवेल्थ गेम्स में नहीं खेले थे नीरज

बता दें बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में नीरज चोपड़ा नहीं खेले थे। चोट की वजह से वो इस टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। हालाँकि, उनकी गैरमौजूदगी में पाकिस्तानी जेवलिन थ्रोअर अरशद नदीम ने 90.18 मीटर दूर भाला फेंका और गोल्ड मेडल हासिल किया। दूसरी ओर, वर्ल्ड चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा ने पाकिस्तानी अरशद को पीछे छोड़ते हुए सिल्वर जीता था, जबकि टोक्यो ओलिंपिक में चैंपियन रहे थे। टोक्यो ओलिंपिक में नीरज ने गोल्ड मेडल जीता था।

इंस्टाग्राम पर स्विमिंग सूट में तस्वीरें… पूर्व प्रोफेसर के समर्थन में आए सेंट जेवियर्स के छात्र, वीसी फेलिक्स राज के खिलाफ की कार्रवाई की माँग

कोलकाता की सेंट जेवियर्स यूनिवर्सिटी (St Xavier’s University Kolkata) विवादों में घिर गई है। यूनिवर्सिटी ने पूर्व सहायक प्रोफेसर को कथित तौर पर इंस्टाग्राम (Instagram) पर बिकनी में शेयर की गई तस्वीरों को लेकर इस्तीफा देने पर मजबूर किया था। विश्वविद्यालय के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय के खिलाफ आक्रोश फैल गया है। NEWS 18 के मुताबिक, पूर्व छात्र इसके कुलपति के खिलाफ याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।

‘फेलिक्स राज (वीसी- सेंट जेवियर्स कोलकाता) के खिलाफ तत्काल प्रभाव से अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करें’ शीर्षक से change.org याचिका पर 372 हस्ताक्षर किए गए हैं। इसे सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र गौरव बनर्जी ने शुरू किया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु (Bratya Basu) से माँग की है कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों को पूर्व प्रोफेसर से बिना शर्त माफी माँगनी चाहिए और वीसी फेलिक्स राज (VC Felix Raj) और समिति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

याचिका में यह भी कहा गया है कि पूर्व प्रोफेसर ने अपने इंस्टाग्राम पर स्विमिंग सूट पहने हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं। यह उनकी पर्सनल फोटो थी। किसी व्यक्ति के व्यक्तिगत हैंडल का विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा से कोई संबंध नहीं है और न ही यह अभिभावक को प्रभावित करता है। प्रोफेसर पर इस तरह के आरोप बेबुनियाद हैं। पूर्व छात्र ने विश्वविद्यालय के इस कदम की निंदा करते हुए कहा, “प्रत्येक व्यक्ति को खुद को व्यक्त करने का अधिकार है। इससे विश्वविद्यालय की छवि को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।” वह याचिका में कहता है कि ये शिक्षा के मूल सिद्धांत हैं जो हर विश्वविद्यालय में पढ़ाया जाना चाहिए। हाल ही हुई घटना विश्वविद्यालय की नैतिक पुलिसिंग को दर्शाता है।

बता दें कि बिकनी वाली फोटो के कारण महिला प्रोफेसर को कथित तौर पर कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से इस्तीफा देना पड़ा था। हाल में उन्हें 99 करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा गया है। यह नोटिस विश्वविद्यालय ने भेजा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला प्रोफेसर इस नोटिस को अदालत में चुनौती दे सकती हैं। सेंट जेवियर्स के कुलपति और अन्य अधिकारियों के साथ एक बैठक में प्रोफेसर से इस मामले पर स्पष्टीकरण माँगा गया था।

इसको लेकर उन्होंने कहा था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी छात्र उन तस्वीरों तक नहीं पहुँच सकता है, जो उन्होंने विश्वविद्यालय ज्वाइन करने से दो महीने पहले इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थीं, क्योंकि तब तक उनकी तस्वीरें अपने आप ट्रैश सेक्शन में चली जाती थीं। उन्होंने तर्क दिया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट है। इसलिए उनकी तस्वीरें उनके फॉओअर्स के अलावा कोई नहीं देख सकता। साथ ही पूर्व प्रोफेसर ने दावा किया था कि हो सकता है उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया हो और वहीं से उनकी निजी तस्वीरें लीक कर दी गई हों।

पशु तस्करी मामले में TMC के बाहुबली नेता और CM ममता बनर्जी के करीबी अनुब्रत मंडल गिरफ्तार: बॉडीगार्ड सैगल हुसैन की हो चुकी है पहले ही गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। टीचर भर्ती घोटाले (SSC Scam) में उनके मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) की गिरफ्तारी के बाद अब पशु तस्करी (Cattle Smuggling) मामले में उनकी पार्टी के नेता TMC नेता अनुब्रत मंडल (Anubrota Mondal) को गिरफ्तार किया गया है। 

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने बोलपुर में छापा मारकर मंडल को गिरफ्तार किया। मंडल ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के वीरभूम जिला अध्यक्ष हैं। गिरफ्तारी के बाद अनुब्रत मंडल का मेडिकल कराने के लिए एजेंसी उन्हें लेकर गई है।

अनुब्रत मंडल साल 1998 में तृणमूल कॉन्ग्रेस की स्थापना के दौरान से ही पार्टी में हैं और वे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी बताए जाते हैं। इतना ही नहीं, इलाके में उनकी पहचान एक बाहुबली नेता के रूप में भी है।

जिस मामले में CBI ने यह कार्रवाई की है, वह पशु तस्करी केस से जुड़ा है। इस मामले में मंडल के बॉडीगार्ड सैगल हुसैन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले दिनों सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए समन दिया था, लेकिन वे अस्वस्थ होने का कारण बताकर वहाँ नहीं पहुँचे थे।

सीबीआई मंडल को 10 समन भेज चुकी थी, लेकिन उन्होंने किसी का जवाब नहीं दिया था। हालाँकि, इससे पहले उनसे दो बार पूछताछ हो चुकी थी। जब उन्होंने समन का जवाब नहीं दिया, तब CBI ने बीरभूम जिले में उनके करीबियों के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। वहाँ से भारी संख्या में नकदी, मोबाइल फोन और कई अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए थे। 

भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए पशुओं की तस्करी का मामला सामने आने पर सीबीआई ने साल 2020 में केस दर्ज किया था। इस में BSF के कमांडेंट सतीश कुमार समेत कई लोगों का नाम दर्ज किया गया था। जाँच के दौरान अनुब्रत मंडल का भी नाम सामने आया। सीबीआई के मुताबिक, साल 2015-17 के बीच BSF को 20,000 से ज्यादा पशुओं के कटे सिर मिले थे। 

लाल सिंह चड्ढा को 2 स्टार, तरण आदर्श ने बताया ‘निराशाजनक’: MP के गृहमंत्री बोले- माफी माँगने वाली फिल्म ही क्यों बनाते हैं आमिर खान जैसे कलाकार

करीना कपूर ने पिछले दिनों कहा था कि फिल्म अच्छी हो तो सोशल मीडिया में बायकॉट का कोई असर उसके कारोबार पर नहीं पड़ता। अब इस कसौटी पर भी उनकी ताजा फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha)’ फिसड्डी दिख रही है। आमिर खान इस फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म गुरुवार (11 अगस्त 2022) को रिलीज हुई है। फिल्म को ज्यादातर नकारात्मक समीक्षा मिली है। आमिर खान के अभिनय की आलोचना की जा रही है।

ट्रेड ऐनालिस्ट तरण आदर्श ने इस फिल्म को ‘निराशाजनक’ बताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “आमिर खान की वापसी की गाड़ी लाल सिंह चड्ढा का ईंधन बीच में ही खत्म हो गया। फिल्म में रोमांचित करने वाली पटकथा का अभाव है। दूसरा हिस्सा और भी निराश करता है। कुछ शानदार क्षण हैं, लेकिन समग्रता में आग की कमी है।” उन्होंने फिल्म को 2 स्टार की रेटिंग दी है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी लाल सिंह चड्ढा से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है, “आमिर खान सहित कुछ फिल्म कलाकार, निर्माता-निर्देशक धर्म विशेष को सॉफ्ट टारगेट बनाकर ऐसा फिल्मांकन करते ही क्यों हैं कि बाद में उन्हें माफी माँगनी पड़ती है? हमेशा इस बात को ध्यान में रखना चाहिए कि किसी धर्म विशेष के प्रति उपहास की विषयवस्तु उनकी फिल्मों में नहीं आए।”

बता दें कि रिलीज के पहले ही दिन फिल्म लाल सिंह चड्ढा और रक्षाबंधन की शुरुआत बेहद धीमी रही है। बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ‘लाल सिंह चड्ढा’ को 15-20 फीसदी की ही शुरुआत मिली है। रक्षाबंधन का और भी बुरा हाल है। उसे 12-15 फीसदी की शुरुआत मिली है। शमशेरा के बुरी तरह फ्लॉप होने के बाद से बॉलीवुड ने दोनों फिल्मों से काफी उम्मीद लगा रखी है। हालाँकि शुरुआती ट्रेंड बता रहे हैं कि उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।

इंडस्ट्री को इस फिल्म से 25-30 करोड़ की नेट ओपनिंग डे की उम्मीद थी। कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा था कि लाल सिंह चड्ढा 17-20 करोड़ की ओपनिंग करेगी, लेकिन अब इसके 10-15 करोड़ तक ही अटकने की बात कही जा रही है। रक्षाबंधन की छुट्टी और लंबे वीकएंड की वजह से दोनों फिल्मों ने एडवांस बुकिंग से भी काफी आस लगा रखी थी। लेकिन वहाँ भी निराशा ही हाथ लगी। लाल सिंह चड्ढा की तो एडवांस बुकिंग फिल्म 83 और भूल भूलैया 2 से भी कम रही है। एडवांस बुकिंग सोमवार के बाद से ही रूक गई है।

दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए पीएम मोदी समेत 3 लोगों का नाम: मेक्सिको के राष्ट्रपति ने रखा ये प्रस्ताव

दुनिया भर में युद्ध रोकने के लिए मेक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुएल लोपेज ओब्रेडोर (Andres Manuel Lopez Obrador)) ने एक आयोग बनाने के लिए प्रस्ताव रखा है। विश्व शांति व समझौते को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाने वाला यह आयोग 5 साल के लिए एक शांति समझौता करेगा। ओब्रेडोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पोप फ्रांसिस और UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस अगले 5 सालों तक वैश्विक शांति का खाका पेश करें। इन तीनों की अगुवाई में एक समिति बनाई जाए।”

ओब्रेडोर के अनुसार, “प्रस्तावित संघर्ष विराम रूस-यूक्रेन संघर्ष, ताइवान, इजराइल और फिलिस्तीन के मामले में समझौतों तक पहुँचने में मदद करेगा और अधिक टकराव को बढ़ावा देने से रोकेगा।” उन्होंने अनुरोध किया है कि दुनिया भर की सभी सरकारों को संयुक्त राष्ट्र के समर्थन में शामिल होना चाहिए।

युद्ध खत्म करने का आह्वान करते हुए मेक्सिकन राष्ट्रपति ने चीन, रूस और US को शांति वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि तीनों देश उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे, एक मध्यस्थता को सुनेंगे और इसे स्वीकार करेंगे। ओब्रेडोर के शब्दों में, “कोई उन्हें बताए कि इन देशों के आपसी टकराव की वजह से एक साल से भी कम समय में दुनिया को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा है। गरीबी, महँगाई बढ़ी है। इस वजह से दुनिया भर मे ढेरों जानें गई हैं।”

मेक्सिको के राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई है कि मीडिया इस बारे में जानकारी फैलाने में उनकी मदद करेगा। कमीशन का लक्ष्य होगा कि वह दुनियाभर में युद्ध को रोकने के लिए एक प्रस्ताव पेश करेगा और कम से कम 5 साल के लिए एक शांति समझौता करेगा।

राष्ट्रपति ओब्रेडोर ने कहा, “मैं लिखित में प्रस्ताव दूँगा और इसे संयुक्त राष्ट्र में पेश करूँगा। मुझे उम्मीद है कि मीडिया इसे फैलाने में हमारी मदद करेगा, क्योंकि जब तक यह उनके लिए सुविधाजनक नहीं होता है, तो वे इस पर बोलते नहीं हैं। मेक्सिको के राष्ट्रपति ने प्रस्ताव दिया कि शीर्ष आयोग में पोप फ्रांसिस, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने चाहिए।”

मेक्सिको के राष्ट्रपति आगे कहते हैं, “ये तीनों नेता जल्द मिलेंगे और हर जगह युद्ध को रोकने का प्रस्ताव करेंगे कम से कम अगले 5 सालों तक वैश्विक शांति का खाका पेश करेंगे, ताकि दुनिया भर की सरकारें अपने लोगों का समर्थन करने के लिए खुद को समर्पित कर सकें, खासकर उन लोगों का जो युद्ध और उससे होने नुकसान सबसे ज्यादा पीड़ित हैं।”

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए बर्मिंघम गए पाकिस्तान के दो मुक्केबाज लापता, ऐसे ही 2 महीने पहले हंगरी से गायब हुआ था पाकिस्तानी तैराक

बर्मिंघम में हुआ कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 (Commonwealth Games) समाप्त हो चुका है। अब खबर आई है कि इसमें हिस्सा लेने गए पाकिस्तान के दो मुक्केबाज लापता हैं। पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ (पीबीएफ) ने बुधवार (10 अगस्त 2022) को मुक्केबाजों के लापता होने की पुष्टि की।

PBF के सचिव नासिर तांग ने बताया कि सुलेमान बलूच (Suleman Baloch) और नजीरुल्लाह (Nazeerullah) टीम के इस्लामाबाद रवाना होने से कुछ घंटे पहले गायब हो गए। दोनों मुक्केबाजों के यात्रा दस्तावेज पीबीएफ अधिकारियों के पास ही हैं। तांग ने कहा, ‘‘उनके पासपोर्ट सहित यात्रा दस्तावेज अभी भी पीबीएफ के उन अधिकारियों के पास हैं, जो मुक्केबाजी टीम के साथ राष्ट्रमंडल खेलों में गए थे।’’

उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन ने ब्रिटिश सरकार और लंदन के पुलिस अधिकारियों को सुलेमान और नजीरुल्लाह के लापता होने के बारे में सूचना दे दी है। PBF सचिव के अनुसार, उन्होंने मानक संचालन प्रक्रिया के तहत दोनों के दस्तावेजों को जब्त कर लिए हैं। इस बीच, पाकिस्तान ओलंपिक संघ (पीओए) ने मुक्केबाजों के लापता होने के मामले की जाँच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है।

बता दें कि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों का समापन 8 अगस्त को हुआ था। पाकिस्तान राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता में कोई भी पदक नहीं जीत पाया है। इसी साल जून में इसी तरह पाकिस्तान के तैराक फैजान अकबर हंगरी से गायब हुए थे। वे फिना विश्व चैंपियनशिप (FINA World Championships) में भाग लेने गए थे। लेकिन अकबर ने प्रतिस्पर्धा में भाग ही नहीं लिया। वे हंगरी के बुडापेस्ट पहुँचने के कुछ ही घंटों बाद अपने पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के साथ गायब हो गए थे। उनका अब तक पता नहीं चल सका है। रिपोर्ट्स में बताया गया था कि पाकिस्तान के गुजर खान में जन्मे 22 वर्षीय तैराक ने बुडापेस्ट पहुँचने के बाद एक होटल में आराम करने का फैसला किया और फिर गायब हो गए।

शादी की स्टीकर लगी 100+ गाड़ियों में रेड डालने पहुँचे 300 अधिकारी: महाराष्ट्र के उद्योगपतियों के घर से सोना-चाँदी सहित ₹390 करोड़ की संपत्ति जब्त

महाराष्ट्र के जालना जिले (Jalna, Maharashtra) में आयकर विभाग (IT) की छापेमारी के दौरान कुल 390 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब सम्पत्ति मिली है। बताया जा रहा है कि ये छापेमारी स्टील, कपड़ों और रियल एस्टेट का काम करने वाले उद्योगपतियों के ठिकानों पर हुई है। छापेमारी 1 अगस्त से 8 अगस्त के बीच हुई।

छापेमारी के दौरान 56 करोड़ रुपए कैश और 32 किलो सोना के अलावा हीरा, मोती, चाँदी एवं अन्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले। आयकर विभाग को नोटों को गिनने और सीज करने में लगभग 13 घंटों का समय लगा। नोटों की गिनती सुबह 11 बजे से शुरू हो कर रात 1 बजे तक चली। वायरल तस्वीरों में नोटों के कई बंडल दिखाई दे रहे है।

रिपोर्ट के मुताबिक, छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के लगभग 300 अधिकारी मौजूद थे। इस छापेमारी को आयकर विभाग की नासिक ब्रान्च ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मामले को गुप्त रखने के लिए रेड में स्थानीय पुलिस को शामिल नहीं किया गया था। छापेमारी में शामिल सभी अधिकारी 5 टीमों बँटे हुए थे।

रेड की तैयारी 5 दिनों से की जा रही थी। दावा है कि कालिका स्टील और साईं राम स्टील पर यह रेड डाली गई है। कालिका स्टील के मालिक का नाम घनश्याम गोयल बताया जा रहा है।आयकर विभाग ने इन कंपनियों के घरों, ऑफिसों और कारखानों को खंगाला। मामले की जाँच अभी भी जारी है।

एक रिपोर्ट में दावा है कि ये छापेमारी 3 अगस्त को की गई थी। इस छापेमारी के लिए आयकर विभाग के अधिकारी 100 से अधिक वाहनों से आए थे। इन कारों के शीशे पर राहुल वेड्स अंजलि नाम से शादी का स्टीकर लगा हुआ था। स्थानीय लोग भी इसे किसी शादी समारोह में जाने वाला काफिला समझ रहे थे। छापेमारी बेहद गुप्त तौर पर की गई थी। इस रेड में शामिल कई अधिकारियों को भी ये नहीं पता था कि वो कहाँ जा रहे हैं।

गौरतलब है कि 28 जुलाई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पश्चिम बंगाल में हुई छापेमारी में वहाँ के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करोड़ों रुपए कैश बरामद किए थे। इस छापेमारी के बाद पार्थ चटर्जी का मंत्री पद छिन गया था।