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रक्षाबंधन के दिन भी दर्शकों के लिए तरस रही ‘लाल सिंह चड्ढा’: स्वरा भास्कर ने लिखा- फिल्म का मजा बड़े पर्दे पर, लेकिन थिएटर पड़े हैं खाली

आमिर खान की लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) और अक्षय कुमार की रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) गुरुवार (11 अगस्त 2022) को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। सोशल मीडिया में दोनों फिल्मों के बायकॉट की बात हो रही थी। पहले दिन दोनों ही फिल्मों की शुरुआत बेहद धीमी रही है।

बॉक्स ऑफिस इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ‘लाल सिंह चड्ढा’ को 15-20 फीसदी की ही शुरुआत मिली है। रक्षाबंधन का और भी बुरा हाल है। उसे 12-15 फीसदी की शुरुआत मिली है। शमशेरा के बुरी तरह फ्लॉप होने के बाद से बॉलीवुड ने दोनों फिल्मों से काफी उम्मीद लगा रखी है। शुरुआती ट्रेंड बता रहे हैं कि उम्मीदों पर पानी फिर सकता है।

इंडस्ट्री को इस फिल्म से 25-30 करोड़ की नेट ओपनिंग डे की उम्मीद थी। कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा था कि लाल सिंह चड्ढा 17-20 करोड़ की ओपनिंग करेगी, लेकिन अब इसके 10-15 करोड़ तक ही अटकने की बात कही जा रही है। रक्षाबंधन की छुट्टी और लंबे वीकएंड की वजह से दोनों फिल्मों ने एडवांस बुकिंग से भी काफी आस लगा रखी थी। लेकिन वहाँ भी निराशा ही हाथ लगी।

लाल सिंह चड्ढा की एडवांस बुकिंग फिल्म 83 और भूल भूलैया 2 से भी कम रही है। एडवांस बुकिंग सोमवार के बाद से ही रूक गई है। ऐनालिस्ट तरण आदर्श ने कहा है कि अगर हम 10 महीने बाद भी ‘सूर्यवंशी’ के ओपनिंग डे के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाए हैं, तो वास्तव में हमें गंभीर आत्मनिरीक्षण की जरूरत है। अपनी फिल्मों के बेहतर न कर पाने की वजह के लिए फिजूल के बहाने बनाने का अब कोई मतलब नहीं है।

इन फिल्मों को लेकर दर्शकों की बेरुखी का अंदाज इस बात से भी लगाया जा सकता है कि रक्षाबंधन और लाल सिंह चड्ढा देखने के लिए ट्वीट करने पर अभिनेत्री स्वरा भास्कर को भारी फजीहत झेलनी पड़ी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “फिल्म का मजा तो बड़े पर्दे पर होता है। व्हाट्सएप अफवाहें छोड़ें, सपरिवार फिल्म बड़े पर्दे पर देखें। ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘रक्षाबंधन’ 11 अगस्त से थिएटर में… इन्हें थिएटर में ही देखें। ऑल द बेस्ट आनंद एल राय और आमिर खान।” स्वरा ने अपने ट्वीट के साथ दोनों ही फिल्मों के पोस्टर भी साझा किए हैं। इसके बाद उन्हें नेटिजन्स की नाराजगी झेलनी पड़ी है।

जिस तरह की शुरुआती रिपोर्टें आ रही हैं उससे जाहिर है कि लाल सिंह चड्ढा के प्रमोशन के लिए आमिर खान ने जो भी नुस्खे आजमाए, वह दर्शकों पर असर नहीं छोड़ पाई। लिहाजा थिएटर खाली पड़े हैं।

भोजन की थाली दिखा रोया सिपाही मनोज कुमार, वीडियो वायरल करने का चस्का, थाली से हटा दी थी सब्जी की कटोरी: 4 साल में 15 बार अनुशासनहीनता की सजा

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मनोज कुमार नाम के एक पुलिस कांस्टेबल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो खाने की थाली ले कर सड़क पर खड़ा दिखाई दे रहा। वीडियो में वो लोगों से पुलिस मेस में खराब खाना मिलने और अधिकारियों द्वारा अपनी शिकायत पर ध्यान न देने का आरोप लगा रहा है। वहीं पुलिस के मुताबिक कांस्टेबल मनोज अपने 4 साल के कैरियर में 15 बार अनुशासनहीनता के चलते दंडित हो चुका है। मामला 10 अगस्त 2022 (बुधवार) का है।

मामला जिले के पुलिस मुख्यालय दबरई का है। यहाँ एक साथ सैकड़ों कांस्टेबल बैरकों में रहते हैं। उन सभी के लिए सामूहिक खाना एक मेस में बनता है। लेकिन इस खाने की शिकयत अकेले सिपाही मनोज ने की है। कुछ ही देर में इस वीडियो ने राजनैतिक रंग ले लिया। कॉन्ग्रेस के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास ने इस वीडियो के माध्यम से प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है।

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के अक्षय यादव, आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश, पत्रकार वसीम अकरम त्यागी आदि ने इसी वीडियो को अपने-अपने शब्दों में योगी और मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया।

अकेले में बना वीडियो जब वायरल न हुआ तब उतरा सड़क पर

गौरतलब है कि सिपाही मनोज ने सबसे पहले एक वीडियो अकेले में अपनी बैरक से बनाया। उस वीडियो में सिपाही की थाली में दाल, चावल, रोटियॉँ और सब्ज़ी दिख रही है। जबकि लोगों के बीच दिखाई जा रही थाली से सिपाही मनोज ने सब्ज़ी वाली कटोरी हटा दी थी। अपने वीडियो में वो खाने की गुणवत्ता खराब बताते हुए लोगों से वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील करता दिखा। पुलिस के मुताबिक सिपाही ने अपने ही हैंडल से इसे ट्वीट भी किया। इस वीडियो पर फिरोजाबाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सीनियर अधिकारी को जाँच करने के आदेश दिए थे।

एक अन्य वीडियो में एक किराने की दुकान पर अपने उन साथियों से उलझते हुए भी वायरल हो रहा है जो उसे अपने साथ ले जाने के लिए आए थे। बाद में उसे अन्य पुलिसकर्मी जबरन बिठा कर साथ ले गए।

राहुल गाँधी, केजरीवाल और राकेश टिकैत को भी किया सम्बोधित

सिपाही मनोज कुमार ने अपने वीडियो में राहुल गाँधी और अरविन्द केजरीवाल को भी मेंशन किया है। केजरीवाल को कांस्टेबल ने बाकायदा टैग भी किया। इसी के साथ सिपाही ने अपने ट्वीट में राकेश टिकैत को किसानों का मसीहा बताया है।

चित्र साभार- ट्विटर

4 साल के कैरियर में 15 बार अनुशासनहीनता

एक अन्य वीडियो में सिपाही चलते ट्रैफिक के बीच सड़क के डिवाइडर पर हंगामा करते दिखाई दे रहा। इस मामले में फिरोजाबाद पुलिस द्वारा सिपाही मनोज को आदतन अनुशासनहीन और लापरवाह बताया गया है। हालाँकि, पुलिस ने मेस में खाने की क्वालिटी की जाँच के लिए सर्किल ऑफिसर (CO) को आदेश दिया है।

गौरतलब है कि पुलिस के मुताबिक कांस्टेबल मनोज साल 2018 में पुलिस सेवा में आया था। जॉइनिंग के महज एक साल बाद ही साल 2019 में वो बिना बताए गैर हाजिर रहने के चलते दंडित हुआ था। तब से महज 4 साल के कैरियर में वह अनुशासनहीनता और लापरवाही के मामले में 15 बार दंडित हो चुका है। सिपाही मनोज न्यायालय के समन सेल में पोस्टेड है। पुलिस ने मनोज के कैरियर की लिस्ट भी जारी की है।

साभार- फ़िरोज़ाबाद पुलिस

मुस्लिम भीड़ ने हिंदू परिवार के घर पर किया पथराव, घर में घुसकर बेटियों से अभद्रता: माँ से सीने पर तमंचा रख दी धमकी, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के हरदोई (Hardoi, Uttar Pradesh) में कुछ मुस्लिमों द्वारा एक हिन्दू परिवार पर हमला करने का मामला सामने आया है। इस हमले में खुलेआम हथियार लहराए गए और पीड़ित के घर पर पथराव किया। हिन्दू परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता करने की बात भी कही जा है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करके आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना 10 अगस्त 2022 (गुरुवार) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना पाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला इमाम चौक की है। यह मोहल्ला मुस्लिम बहुल कहा जाता है। यहाँ रस्तोगी परिवार के एक सदस्य की बाइक मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति से टकरा गई। इसको लेकर वह व्यक्ति विवाद करने लगा।

हालात को समझते हुए रस्तोगी परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसी बात से नाराज होकर फारुख और मुन्ना नाम के आरोपित सिद्धेश्वरी रस्तोगी के घर में तब घुस गए, जब वो अपनी 2 बेटियों के साथ थीं। आरोप है कि दोनों आरोपित उनकी बेटी को खींचने लगे और विरोध करने पर उनकी माँ के सीने पर तमंचा रख कर फायर कर दिया, जो मिस हो गया।

बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा होने लगे। इस दौरान फारुख और मुन्ना खुलेआम हाथों में हथियार लहराते हुए वहाँ से भाग गए। आरोपितों द्वारा खुलेआम हथियार लहराने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

पीड़िता के मुताबिक, हमलावरों में महरूफ, शमशाद के बेटे और कोई फौजी का व्यक्ति शामिल था। सिद्धेश्वरी ने बताया, “हमलावरों ने हमारी बेटी का हाथ पकड़ कर पूछा कि बोल तेरा हम क्या करें। फिर मेरे सीने पर हाथ रख कर बोले कि तुमको मार देंगे। हमारे बच्चे चिल्लाने लगे तब सब इकट्ठा हुए। इस दौरान आरोपितों ने फोन करके सबको बुला लिया।” वे लोग भी पथराव करने लगे। हमले के वायरल वीडियो में पीड़िता के घर पर कई लोग पत्थर बरसाते दिख रहे हैं। इसी के साथ उनके हाथों में डंडे भी दिखाई दे रहे हैं।

आरोप है कि हंगामे की सूचना पर मुस्लिम महिलाएँ भी अपने साथ भीड़ ले कर जमा हो गईं। बताया जा रहा है कि उन्होंने पीड़ित रस्तोगी परिवार पर पथराव किया। इस पथराव की सूचना पर पहुँची पुलिस को देख कर आरोपित भाग निकले।

मौके पर क्षेत्र के विधायक भी पहुँचे और उन्होंने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। क्षेत्र में पुलिस बल गश्त कर रहा है। मौके पर मौजूद हरदोई के पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने कहा कि हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर के उनकी तलाश की जा रही है।

33 हजार वोल्ट की तार से टच हुआ ताजिया, धमाके के साथ निकली चिंगारी: मोहर्रम जुलूस में शामिल 26 झुलसे, प्रयागराज की घटना

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मोहर्रम के जुलूस निकालते वक्त एक बड़ा हादसा हो गया। जिले के मांडा थाना क्षेत्र के कनेवरा गाँव में मंगलवार (9 अगस्त 2022) को मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसी दौरान ताजिया 33 हजार वोल्ट की हाई टेंशन तार से टच हो गया। इसके बाद धमाके के साथ चिंगारी निकली और ताजिए में करंट दौर गया। इससे जुलूस में शामिल 26 लोग झुलस गए। 

इस घटना के जुलूस में शामिल लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने झुलसे लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डीएम और एसएसपी ने भी अस्पताल पहुँचकर घायलों का हाल चाल जाना। पुलिस ने बताया कि मोहरर्म का जुलूस कर्बला के लिए जा रहा था। लेकिन घटना के बाद कर्बला में बिना दफनाए ही ताजिया वापस लेकर गाँव लेकर लौटना पड़ा।

अभी तक की जाँच में यह बात सामने आई है कि यह घटना लापरवाही की वजह से हुई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ताजिया जुलूस का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ दिख रहा है कि ताजियादारों को ऊँचाई के बारे में बखूबी मालूम था। लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया और आगे बढ़ गए। इसी दौरान ताजिया हाई वोल्टेज तार से छू गया और यह घटना घटी। 

कुछ लोगों ने तार के ढीले होने की बात भी पुलिस से कही। हालाँकि जब इसकी जाँच की गई तो पता चला कि तार सही हैं। इतना ही नहीं, ताजिया को जब वापस उसी रास्ते से निकाला गया तो वह तार के संपर्क में नहीं आया। डीएम संजय कुमार खत्री ने इस घटना की जाँच के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली का तार जमीन से 25 फीट की ऊँचाई पर है। ताजिया ले जाने में लापरवाही बरती गई है। इलाज की समुचित व्यवस्था करा दी गई है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी लोग खतरे से बाहर हैं।

गौरतलब है कि राजस्थान के उदयपुर में भी मंगलवार को मोहर्रम का जुलूस निकालते समय ताजिए में आग लग गई थी। आसपास के हिंदुओं ने फौरन इस पर काबू पा लिया था। एक हिंदू महिला ने जली हुई ताजिया की गुंबद को ढँकने के लिए अपनी साड़ी तक दे दी थी। बता दें कि यह वही जगह थी, जहाँ लगभग डेढ़ महीने पहले कन्हैया लाल की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। जिस जगह पर ताजिया में आग लगी, उससे सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर इस घटना को अंजाम दिया गया था।

सैनिटरी पैड पर भगवान श्रीकृष्ण क्यों? ‘मासूम सवाल’ के डायरेक्टर ने कहा- जरूरी है क्योंकि मासिक धर्म पर बनी है फिल्म, माफी माँगने से कर चुका है इनकार

सैनिटरी पैड पर भगवान श्रीकृष्ण को दिखाए जाने कोई लेकर फिल्म ‘मासूम सवाल’ (Masoom Sawal) विवादों में है। हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में ‘हिंदू राष्ट्र नवनिर्माण सेना’ के संस्थापक अमित राठौड़ ने इस फिल्म के निर्माता-निर्देशकों पर FIR भी दर्ज कराई है। फिल्म के डायरेक्टर संतोष उपाध्याय (Santosh Upadhyay) ने इसका बचाव किया है।

‘News18.com’ से बात करते हुए उपाध्याय ने बताया कि यह फिल्म इसलिए बनाई है ताकि मासिक धर्म और आस्था से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में लोग जागरुक हो सकें। ‘मासूम सवाल’ के बायकॉट और उसके पोस्टर पर कंट्रोवर्सी से बौखलाए उपाध्याय ने कहा, “अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर हमारे देश में बड़ा ही हो-हल्ला होता है। हम बॉलीवुड वालों और फिल्म बनाने वालों को अक्सर टारगेट किया जाता है। लोग अभिव्यक्ति की आजादी का नाजायज फायदा उठा रहे हैं। अगर कोई पोस्टर को जूम करके देखेगा तो उसे साफ़ नजर आ जाएगा कि फिल्म की मुख्य किरदार ‘नियती’ (नितांशी गोयल) ने कान्हा को अपने हाथों में पकड़ रखा है। सैनिटरी पैड बैकग्राउंड में है। न कि पैड पर कान्हा को दिखाया गया है।”

उन्होंने कहा, “पोस्टर में सैनिटरी पैड दिखाना इसलिए जरूरी है, क्योंकि यही फिल्म का विषय है। हम इसके इतर नहीं जा सकते, यदि हम ऐसा करते हैं तो फिल्म अपने विषय से भटक जाती।” इससे पहले उपाध्याय ने कहा था कि वे किसी भी कीमत पर माफ़ी नहीं माँगेंगे। भले ही उन्हें फाँसी पर क्यों न लटका दिया जाए।

बता दें कि सोशल मीडिया पर हाल में लोगों ने कहा था कि बॉलीवुड अपनी दुर्गति के बावजूद हिन्दू विरोध में डूबा हुआ है। इस पर फिल्म के निर्देशक संतोष उपाध्याय और अभिनेत्री एकावली खन्ना ने विरोध जताते हुए कहा था कि सैनिटरी पैड को दिखाने के पीछे वाजिब कारण है।

स्वतंत्रता दिवस से पहले उरी दोहराने की साजिश नाकाम: आर्मी कैंप में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 2 आत्मघाती आतंकी मार गिराए गए, 3 जवान बलिदान

स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू-कश्मीर में उरी जैसे आतंकी हमले को दोहराने की कोशिशों को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। राजौरी के दारहाल इलाके के परगल में आर्मी कैंप में घुसने की कोशिश कर रहे 2 आत्मघाती आतंकी मार गिराए गए हैं। इस दौरान सेना के तीन जवान वीरगति को प्राप्त हो गए और दो घायल हो गए। फिलहाल सेना का सर्च अभियान जारी है।

जम्मू जोन के एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया, “परगल में सेना के कैंप के फेंस को आतंकियों ने पार करने की कोशिश की। इस दौरान दोनों तरफ से गोलियाँ चलीं। दारहल थाने के 6 किमी के दायरे में तलाशी की जा रही है। 2 आतंकवादी मारे गए हैं।”

वहीं भारतीय सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में घायल सेना के जवानों में एक अधिकारी भी शामिल हैं। उनका इलाज चल रहा है। 16 कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इलाके को सैनिटाइज किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 2016 में इसी तरह से आतंकियों ने उरी में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया था। इस हमले में 19 जवान बलिदान हो गए थे। इस आतंकी हमले के बाद सेना ने पीओके में घुसकर आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया था।

परगल में आतंकी हमले को नाकाम किए जाने से पहले बडगाम जिले के वाटरहेल में बुधवार (10 अगस्त 2022) को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें सेना ने लश्कर-ए-तैयबा के तीन आंतकियों को ढेर कर दिया थो। मारे गए आतंकवादियों में एक राहुल भट और अमरीना भट्ट की हत्या में शामिल था। एडीजीपी (कश्मीर जोन) विजय कुमार ने ऑपरेशन खत्म होने के बाद ट्वीट करते हुए बताया, “आतंकवादी लतीफ राथर उर्फ अब्दुल्ला, राहुल भट और अमरीना भट्ट का हत्यारा, बुधवार को मारे गए तीन आतंकवादियों में शामिल था।”

बता दें कि आतंकियों ने 12 मई, 2022 को राहुल भट की चाडूरा तहसील कार्यालय में घुसकर हत्या कर दी थी। इसके बाद घाटी में कार्यरत हिन्दू कर्मचारियों ने कश्मीर से बाहर तैनाती की माँग की थी। वहीं 25 मई, 2022 को आतंकियों ने कश्मीरी अभिनेत्री अमरीना भट्ट की गोली मार कर हत्या कर दी थी। अमरीना भट्ट पर हमला बड़गाम के चाडूरा इलाके में हुआ था। 

‘जब हिजाब नहीं पहन सकते तो पूजा क्यों होगी’: कर्नाटक की यूनिवर्सिटी में ‘भारत माता पूजा’ रद्द, ‘हिंदू संस्कृति’ बता विरोध कर रहा था CFI

कर्नाटक की मंगलौर यूनिवर्सिटी में प्रस्तावित ‘भारत माता पूजा’ कार्यक्रम रद्द करनी पड़ी है। कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की छात्र शाखा कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) इसका विरोध कर रहा था। कार्यक्रम गुरुवार (11 अगस्त 2022) को होना था। इस कार्यक्रम के लिए मंगलौर यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट यूनियन ने जो पोस्टर जारी किया था उसको लेकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की गई। पोस्टर में भारत माता को हाथ में भगवा ध्वज लिए दिखाया गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CFI और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय कुलपति को कार्यक्रम रद्द करने के लिए ज्ञापन दिया था। इसमें कहा गया था कि भारत माता के हाथों में मौजूद ध्वज तिरंगा होना चाहिए न कि भगवा। कार्यक्रम को धार्मिक बताते हुए माहौल खराब होने की बात कही गई थी। बताया जा रहा है कि शिकायत को जायज मानते हुए यूनिवर्सिटी ने कार्यक्रम रद्द कर दिया। साथ ही कहा कि कार्य्रकम के लिए बने पोस्टर में भारत का मानचित्र भी अपने वास्तविक रूप में नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का ये भी कहना है कि इस कार्यक्रम से चल रही कक्षाएँ प्रभावित हो सकती थी।

SDPI कर्नाटक के मीडिया प्रभारी रियाज कदम्बू ने कहा है कि जब कॉलेज में हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है तो इस पूजा की अनुमति कैसे दी जा सकती है। वहीं दक्षिण कन्नड़ CFI के अध्यक्ष ताजुद्दीन ने कहा, “मैंगलोर यूनिवर्सिटी हिंदू संस्कृति के अनुसार भारत माता के नाम पर पूजा का आयोजन कर रहा था। हमारी माँग है कि जो लोग सरकारी कॉलेज में भगवा ध्वज के साथ भारत माता का जश्न मनाने के लिए धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।”

ताजुद्दीन ने कहा है कि ‘हर घर तिरंगा’ के नाम पर भारत माता की महिमा का जश्न क्यों मनाया जाएगा? भारत माता के हाथ में तिरंगे की जगह भगवा ध्वज कैसे हो सकता है? उल्लेखनीय है कि इस साल स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। हालाँकि आयोजकों ने इस पूजा को यूनिवर्सिटी में पहले से चली आ रही परम्परा बताया है। यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष धीरज सपलिगा के मुताबिक यह कार्यक्रम साल 2014 से आयोजित हो रहा है। इस बार भी 11 अगस्त को दोपहर 1.30 बजे से 2.30 बजे के बीच पूजा की प्रदान की गई थी।

‘मुझे घसीट कर कमरे के बाहर धकेल दिया, शरीर पर नहीं थे कोई कपड़े’: पूर्व फुटबॉलर पर एक्स का आरोप – हर समय चाहते थे सेक्स, 8 लड़कियों से अफेयर

फुटबाल टीम मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व स्टार फुटबॉलर रयान गिग्स की पूर्व प्रेमिका केट ग्रेविल ने उन पर यौन उत्पीड़न के साथ ही घरेलू हिंसा का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस को बताया कि रयान की कई महिलाओं से सम्बन्ध रहे हैं। उसने मुझे घसीट कर कमरे से बाहर कर दिया। उस वक्त मेरे शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था। उसने मेरी पीठ में लात मारी और मेरे सिर पर लैपटॉप फेंक दिया। यह वाकया तब हुआ जब केट ने रयान पर किसी दूसरी महिला के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया।

द सन की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में केट ने आज एक अदालत को बताया कि मुझे उसके साथ एक गुलाम की तरह महसूस हुआ। केट ग्रेविल ने कहा कि मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व स्टार ने उन्हें ऐसा महसूस कराया कि उन्हें वही करना होगा जो वो चाहते हैं। अन्यथा इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगे। आज रयान इसी मामले में मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट पहुँचे थे।

केट ने पुलिस को मैनचेस्टर स्टार के बारे में खुलासा करते हुए बताया, “रयान गिग्स हरदम सेक्स करना चाहते थे और एक घंटे में 50 बार कॉल करते थे।” वहीं केट ग्रीविल के एक 36 वर्षीय पीआर कार्यकारी ने दावा किया कि उसे पता चला कि गिग्स का आठ अलग-अलग लड़कियों के साथ रिलेशनशिप भी था। इसके बावजूद भी उनको हर समय सेक्स की तलब थी।

उन्होंने कहा, “मैंने सच्चाई का पता लगाने के लिए इसे अपना मिशन बना लिया। यही वह समय था जब मैंने उसके आईपैड की जाँच शुरू की। उस आईपैड पर मुझे जो मिला वह वास्तविकता से कहीं ज्यादा खराब था जिसकी आप कभी कल्पना नहीं कर सकते थे।”

मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट में अपने मुकदमे की सुनवाई के तीसरे दिन सबूत देते हुए, केट ने क्रिस डॉ क्यूसी से कहा, जिरह: “मैं एक कमजोर स्थिति में थी और उसने इसका फायदा उठाया।”

वहीं इस पूरे मामले में 48 वर्षीय गिग्स ने अगस्त 2017 और नवंबर 2020 के बीच केट द्वारा लगाए गए नियंत्रण और दुर्व्यवहार से इनकार किया है। वहीं केट ने उनपर हाथापाई का आरोप लगाया।

आरिफ खान ने अरिकान राणा बनकर हिन्दू युवती को फाँसा, शादी का झाँसा देकर कई बार बलात्कार: गर्भपात और मारपीट के भी आरोप

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक हिंदू युवती ने आरिफ खान नाम के एक मुस्लिम युवक पर लव जिहाद करने और झूठे नाम से फँसाने का मामला दर्ज कराया है। युवती का कहना है कि आरिफ खान ने ना सिर्फ उसे हिंदू नाम से प्रेमजाल में फँसाया, बल्कि उसके साथ कई दुष्कर्म किया और एक बार गर्भपात भी कराया।

युवती ने नोएडा के सेक्टर-49 पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि आरिफ खान ने अपना नाम अरिकान राणा बताकर उससे दोस्ती की। उसके बाद उसे अपने प्रेम जाल में फँसा लिया। फिर शादी का झाँसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

युवती का कहना है कि दुष्कर्म के बाद वह एक बार गर्भवती हो गई थी। इसके बाद उसने शादी का दबाव डाला तो वह उसे अपने अब्बा सलीम खान और अन्य लोगों से मुलाकात करवाई। इस दौरान उसके अब्बा ने शादी का झाँसा दिया और गर्भपात करा दिया।

युवती का आरोप है कि गर्भपात कराने के बाद आरिफ और उसके परिजन शादी से मुकर गए। युवती का यह भी कहना है कि अब आरिफ अपने परिजनों के साथ मिलकर उससे गाली-गलौच और मारपीट कर रहा है।

इस मामले में नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी पंकज कुमार ने बताया कि युवती मूलत: हरियाणा के गुरुग्राम जिले की रहने वाली है। युवती आरोप है कि आरिफ खान नाम के युवक ने शादी का झाँसा देकर नोएडा के सेक्टर-51 स्थित एक होटल में उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई।

पंकज कुमार का कहना है कि इस मामले में पहले गुरुग्राम के सेक्टर-5 थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। वहाँ से मुकदमा स्थानांतरित होकर नोएडा आया है। अब नोएडा पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

खुलेगा आमिर खान की ‘दंगल’ की चीन में ₹1400 करोड़ की कमाई का राज़? ED के पास शिकायत का ऐलान: ‘लाल सिंह चड्ढा’ की फर्जी बुकिंग के भी आरोप

आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस 2024 करोड़ रुपए बताया जाता है, जिसमें से 1400 करोड़ रुपए अकेले चीन से आए। इसके अलावा ताइवान और हॉन्गकॉन्ग से भी इस फिल्म की कमाई 60 करोड़ रुपए के करीब बताई जाती है। ‘लाल सिंह चड्ढा’ के समय हम ‘दंगल’ की बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि इसकी कमाई को लेकर ED (प्रवर्तन निदेशालय) के पास शिकायत पहुँचने वाली है। लोगों को शक है कि ये कमाई फर्जी है।

सोशल मीडिया में बातें चल रही हैं कि अक्सर काळा धन को सफ़ेद करने के लिए बॉलीवुड वाले फिल्मों के फर्जी कलेक्शंस का सहारा लेते हैं। ‘Legal Rights Observatory- LRO’ नामक संस्था ने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि वो आमिर खान की दंगल की 2000 करोड़ रुपए की कमाई के सम्बन्ध में ED और आयकर विभाग (IT) से शिकायत करेगी। बता दें कि ‘दंगल’ सहित आमिर खान द्वारा निर्मित कई फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस चीन में बंपर दिखाए गए हैं।

बता दें कि फ़िलहाल Xiaomi, Oppo और Vivo जैसी चीनी कंपनियाँ हजारों करोड़ रुपयों की टैक्स चोरी को लेकर सरकारी कार्रवाई का सामना कर रही हैं। ऐसे में LRO का कहना है कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि चीन में फिल्मों की रिलीज के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का धंधा हो रहा हो। साथ ही ‘लाल सिंह चड्ढा’ की बुकिंग फेक होने का आरोप लगाते हुए भी LRO ने फर्जी विदेशी करेंसी फ्लो पर लगाम लगाने के लिए जाँच एजेंसियों को पत्र लिखने का ऐलान किया है।

एक अन्य यूजर ने भी आमिर खान की फिल्मों के चीन में बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस को लेकर संदेह जताया है। जैसे, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ एक कम बजट वाली फिल्म थी जिसने भारत में मात्र 57 करोड़ रुपए कमाए, लेकिन चीन में इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 900 करोड़ रुपए दिखाया जाता है। जबकि दुनिया भर में भारत में 1429 करोड़ रुपए का भारी कारोबार करने वाली ‘बाहुबली 2’ ने चीन में मात्र 80 करोड़ रुपए ही कमाए थे।