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कर्नाटक में कुल्हाड़ी से BJYM नेता की हत्या के पीछे PFI और SDPI: केंद्रीय मंत्री ने बताया क्या कहती है शुरुआती जाँच, हिन्दू संगठनों ने किया बंद का ऐलान

कर्नाटक के मंगलूरु में भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव प्रवीण नेट्टारू की हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना राज्य के दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे इलाके में मंगलवार (26 जुलाई 2022) की रात करीब 9 बजे हुई, जब कुछ हमलावरों ने उनके ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। यह तब हुआ जब वह अपने पोल्ट्री फॉर्म से बाइक से घर जा रहे थे। हमलावरों ने उन्हें बाइक से खींचकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद शहर में तनाव बढ़ गया है और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हत्या के विरोध में दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे, पुत्तूर, सुल्या, कड़ाबा में बंद बुलाया गया है। वहीं घटना के बाद से ही भाजपा ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

प्रवीण की हत्या के मामले में PFI और SDPI पर संदेह जताया गया है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस को संदेह है कि हत्या बेल्लारी के मुस्लिम युवक मसूद की हत्या के बदले में की गई होगी। क्योंकि कुछ दिनों पहले एक युवक की हत्या हुई थी। कर्नाटक पुलिस ने भी मामले की जाँच के लिए 5 स्पेशल टीम का गठन किया है। इनमें से तीन टीमें केरल, मदिकेरी और हसन गईं हैं। बेल्लारे में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वहीं इस मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा, “प्रारंभिक रिपोर्ट और कुछ मीडिया रिपोर्ट एसडीपीआई और पीएफआई लिंक की तरफ इशारा करती हैं। उन्हें केरल में बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। कर्नाटक में हमारी सरकार कार्रवाई करेगी और दोषियों को सजा देगी।”

बता दें कि दूसरी ओर इलाके में भारी तनाव के बीच प्रवीण नेट्टारू का शव दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया स्थित उनके आवास पर ले जाया जा रहा है। इस दौरान इलाके में भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं विभिन्न हिन्दू संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।

वहीं घटना के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भाजपा नेता के परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने एक ट्ववीट में लिखा, “दक्षिण कन्नड़ जिले से हमारी पार्टी के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की बर्बर हत्या निंदनीय है। इस तरह के जघन्य कृत्य के अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के तहत दंडित किया जाएगा। प्रवीण की आत्मा को शांति मिले।”

गौरतलब है कि बेल्लारे पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जाँच शुरू कर दी है। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ता और हिन्दू संगठनों के लोग रात में ही सड़कों पर धरने पर बैठ गए हैं। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगाए।

वहीं दक्षिण कन्नड़ के एसपी सोनवणे ऋषिकेश ने बताया कि इस मामले में पड़ताल शुरू कर दी है। वारदात की जगह पर अगर कोई सीसीटीवी कैमरा है, तो उसकी फुटेज की मदद से हमलावरों की खोज की जाएगी। इसके अलावा कर्नाटक पुलिस बीजेपी के युवा नेता के करीबियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह अभी पता नहीं चल पाई है।

कर्नाटक में घटी ऐसी अन्य घटनाएँ

बता दें कि कर्नाटक में 23 जून, 2022 को बीजेपी नेता मोहम्मद अनवर की इसी तरह रात करीब साढ़े 9 बजे गौरी कलुवे इलाके में बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद अनवर चिकमंगलुर के अर्बन यूनिट के बीजेपी महासचिव के पद पर थे। इस मामले में भी बीजेपी के स्थानीय नेताओं ने अनवर की हत्या को साजिश करार दिया था। इस मामले में बीजेपी सांसद शोभा करंदलाजे ने हत्या के पीछे कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन PFI का हाथ होने का आरोप लगाया था।

इसी प्रकार बजरंग दल के 26 वर्षीय कार्यकर्ता हर्षा की इसी साल 20 फरवरी को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जाँच में सामने आया था कि हर्षा ने हाल में अपने फेसबुक प्रोफाइल पर हिजाब के ख़िलाफ़ और भगवा शॉल के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। घटना को 10 कट्टरपंथियों ने मिल कर अंजाम दिया था। कुछ दिन पहले हर्षा के दोस्त पर भी कट्टरपंथियों ने हमला किया था।

उधर तीसरे दिन सोनिया गाँधी से पूछताछ, इधर ट्रेनों को रोकने में जुटी कॉन्ग्रेस: दिल्ली में बढ़ाई गई ट्रैफिक पुलिस की संख्या

नेशनल हेराल्ड से जुड़े मामले में एक बार फिर से बुधवार (27 जुलाई, 2022) को कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी पूछताछ के लिए ई़डी के दफ्तर में हाजिर हुईं। सोनिया गाँधी के साथ उनकी बेटी प्रियंका गाँधी भी हैं। वहीं ईडी द्वारा सोनिया गाँधी से पूछताछ के विरोध में कॉन्ग्रेसी कार्यकर्ता उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। मुंबई में ट्रेनों को रोका जा रहा है, तो साथ में लोकतंत्र का रोना रोते हुए सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी बेटी प्रियंका गाँधी के साथ ईडी के दफ्तर पहुँच चुकी हैं। प्रवर्तन निदेशालय नेशनल हेराल्ड केस में उनसे इस बार तीसरे राउंड की पूछताछ कर रहा है।

पश्चिम रेलवे के पीआरओ के मुताबिक, मुंबई के बोरीवली में कुछ लोगों ने ट्रेन को रोकने की भी कोशिशे की थी, हालाँकि, वो इसमें नाकाम रहे। पुलिस ने सभी को ट्रैक से बाहर कर दिया।

इस बीच हालात को देखते हुए दिल्ली में पुलिस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है, “कृपया मोतीलाल नेहरू मार्ग, अकबर रोड, जनपथ, मान सिंह रोड, गोल मेथी जंक्शन, तुगलक रोड जंक्शन, क्लेरिजेस जंक्शन, क्यू-पॉइंट जंक्शन, सुनहरी मस्जिद जंक्शन, मौलाना आज़ाद रोड जंक्शन और मान सिंह रोड जंक्शन की तरफ 27 जुलाई को 9 बजे से 2 बजे के बीच जाने से बचें।”

दिल्ली पुलिस और यातायात कर्मियों को बड़ी संख्या में यहाँ पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जा सके। इन सभी इलाकों में मंगलवार शाम को ही दिल्ली पुलिस ने धारा 144 लगा दी थी।

कॉन्ग्रेस को खतरे में दिखा लोकतंत्र

वहीं अब जब सोनिया गाँधी से ईडी ने पूछताछ शुरु कर दी है तो कॉन्ग्रेस को लोकतंत्र खतरे में दिखाई देने लगा है। कॉन्ग्रेस ने बीजेपी सरकार पर लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष सिंह जडोऊ ने कहा कि इस समय केवल राहुल गाँधी ही हैं, जो कि सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं और इससे ये सरकार डरी हुई है।

सेक्स करने से हो सकता है मंकीपॉक्स? WHO ने बताया किन पुरुषों पर हमला करता है ये वायरस, घोषित की वैश्विक इमरजेंसी

भारत की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का बुधवार (27 जुलाई 2022) को एक और मरीज मिला। मरीज को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल भर्ती कराया गया है। इसी अस्पताल में मंकीपॉक्स का एक अन्य शख्स भी भर्ती है। बता दें, इससे पहले केरल में इस वायरस से संक्रमित लोग मिले थे। इसके अलावा, तेलंगाना में एक संदिग्ध मरीज का इलाज चल रहा है। बता दें कि अभी तक देश में मंकीपॉक्स के कुल 5 मामले सामने आ चुके हैं।

मंकीपॉक्स के खतरे और दर्ज मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार समेत कई राज्य अलर्ट पर हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद कई राज्यों में मंकीपॉक्स को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश में मंकीपॉक्स का अभी एक मामला भी दर्ज नहीं है लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार ने खतरा भाँपते हुए इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी है।

अस्पताल में बेड आरक्षित

उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश के बाद कोविड अस्पतालों में मंकीपॉक्स मरीजों के लिए दस-दस बेड आरक्षित कर दिए हैं। वहीं, प्रशासन मंकीपॉक्स को लेकर हो रही तैयारियों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये नजर रखेगा। 

बिहार में दिए गए निर्देश

इसके अलावा बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सभी जिलों के सिविल सर्जन व मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के साथ बैठक कर निर्देश दिए। निर्देशों में साफ कहा गया है कि, अगर किसी भी शख्स में लक्षण दिखते हैं तो उसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाए।

क्या सेक्स से फैलता है मंकीपॉक्स?

अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या मंकीपॉक्स शारीरिक संबंध बनाने से भी फैल सकता है। लोगों के इस भ्रम को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने दूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी केवल पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों में ही सामने आई है, खासकर उन लोगों में जिनके कई यौन साथी रहे हैं। 

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए यह आवश्यक है कि सभी देश पुरुषों के समुदायों के साथ मिलकर काम करें, जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं। प्रभावी जानकारी और सेवाओं को वितरित करते रहें और ऐसे उपायों को अपनाएँ जो प्रभावित समुदायों के स्वास्थ्य, मानवाधिकारों और गरिमा की रक्षा करते हैं।” बता दें कि WHO प्रमुख ने मौजूदा मंकीपॉक्स महामारी को एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल यानी ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है।

गौरतलब है कि इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने दावा किया था कि ये यौन संबंधों के जरिए भी फैल सकता है। इसमें कहा गया कि जब कोई स्वस्थ व्यक्ति, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है इस रोग के बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। वायरस त्वचा, रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट या आँख, नाक और मुँह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। मानव-से-मानव में ये आमतौर पर रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स के जरिए ही फैलता है।

WHO का कहना था कि पिछले दिनों यूरोप में हुई दो रेव पार्टी में सेक्सुअल एक्टीविटीज के कारण मंकीपॉक्स तेजी से फैला था। WHO के इमरजेंसी डिमार्टमेंट के हेड रहे डॉ डेविड हेमन ने कहा कि यौन संबंधों की वजह से इस बीमारी का फैलाव हुआ है।

WHO एक्सपर्ट ने कहा था कि स्पेन और बेल्जियम में आयोजित दो रेव पार्टी में समलैंगिकों और अन्य लोगों के बीच सेक्सुअल एक्टीविटीज की वजह से बीमारी का प्रसार हुआ। उन्होंने कहा कि मंकीपॉक्स तब फैल सकता है, जब संक्रमित के करीबी संपर्क में कोई आता है और यौन संबंधों की वजह से इस बीमारी का प्रसार और बढ़ जाता है। जर्मनी में भी मंकीपॉक्स के बढ़ने का कारण पार्टी को माना गया, जहाँ, सेक्सुअल एक्टीविटीज हुई थी।

मंकीपॉक्स के लक्षण

वायरस से संक्रमित व्यक्ति को बुखार, तेज सिरदर्द, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द, ऊर्जा की कमी और लिम्फैडेनोपैथी या लिम्फ नोड्स की सूजन का अनुभव हो सकता है। ये लक्षण पाँच दिनों तक रह सकते हैं। बुखार आने के एक से तीन दिन के बाद त्वचा फटने लगती है। चेहरे और शरीर के अंगों पर चकत्ते दिखाई देते हैं। मंकीपॉक्स के 95 प्रतिशत मामलों में चकत्ते चेहरे को प्रभावित करते हैं जबकि 75 प्रतिशत मामलों में यह हाथ की हथेलियों और पैरों के तलवों को प्रभावित करते हैं। 

मनी लॉन्ड्रिंग में ED को गिरफ़्तारी और जब्ती का पूरा अधिकार, आरोपित को FIR की कॉपी देना ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल-सिंघवी को लगा झटका

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार (27 जुलाई 2022) को एक महत्वपूर्ण फैसले में धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act – PMLA) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। पीएमएलए कानून के तहत छापेमारी, गिरफ्तारी, कुर्की और जब्ती को कानूनी दायरे में बताया।

कॉन्ग्रेस समेत कुल 241 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की जस्टिस एएम खानविलकर, दिनेश माहेश्वरी और सीटी रवि की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को इस कानून की तहत दी गई शक्तियों को सही ठहराया।

सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए कानून के तहत अपराध से बनाई गई आय, उसकी तलाशी और जब्ती, आरोपी की गिरफ्तारी की शक्ति जैसे PMLA के कड़े प्रावधानों को सही ठहराया। कोर्ट ने यह भी कहा कि FIR की तरह माने जाने वाले ECIR कॉपी को आरोपित को देना भी जरूरी नहीं है। ED द्वारा गिरफ्तारी के समय कारण बता देना ही इसके लिए काफी होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग एक स्वतंत्र अपराध है और इस कानून के सेक्शन 50 के तहत बयान लेने और आरोपी को बुलाने की शक्ति का अधिकार भी सही है। सुप्रीम कोर्ट में कहा कि इसके सेक्शन 5, सेक्शन 18, सेक्शन 19, सेक्शन 24 और सेक्शन 44 में जोड़ी गई उपधारा भी सही है। सुप्रीम कोर्ट ने इन 5 धाराओं को सही ठहराया है।

दरअसल, याचिकाकर्ताओं ने याचिका में कहा था कि जाँच एजेंसियाँ पुलिस शक्तियों का प्रयोग करती हैं, इसलिए उन्हें Cr.PC का पालन करने के लिए बाध्य होना चाहिए। इस मामले में कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे कई वरिष्ठ वकीलों ने अपना पक्ष रखा है।

बता दें कि भारत में मनी लॉन्ड्रिंग कानून-2002 में बना था। इसमें साल 2005, साल 2009 और साल 2012 में कुल तीन बार संशोधन किया जा चुका है। साल 2012 के आखिरी संशोधन 15 फरवरी 2013 से लागू हो गया था। पीएमएलए (संशोधन) अधिनियम, 2012 में अपराधों की सूची में धन को छुपाना, अपने पास रखना और धन का आपराधिक कामों में उपयोग इत्यादि को शामिल किया है।

केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया है कि पीएमएलए कानून 17 साल पहले लागू हुआ था। तब से अब तक इस कानून के तहत 5,422 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, इस मामले में अब तक सिर्फ 23 लोगों को ही दोषी ठहराया गया है। केंद्र सरकार के अनुसार, 31 मार्च 2022 तक ED ने इस कानून के तहत एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है और 992 मामलों में चार्जशीट दायर की है। 

नूँह की रोहिंग्या बस्तियों में पुलिस की छापेमारी, DSP पर डंपर चढ़ा कर मार डाला था: बिना दस्तावेज वाले 361 वाहन जब्त, 33 गाँवों में तलाशी अभियान

हरियाणा के मेवात जिले के नूँह में DSP सुरेंदर सिंह बिश्नोई की हत्या के बाद से जिलेभर में सर्च ऑपरेशन जारी है। इसी क्रम में हरियाणा पुलिस ने मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को नूँह में रोहिंग्या मुस्लिमों की झुग्गियों में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने 30 वाहन जब्त किए। इन वाहनों में 11 जुगाड़ से बनाई गई रेहड़ी रिक्शा और 17 बाइक भी शामिल हैं।

नूँह के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने कहा, “हमारे पास रोहिंग्याओं का सारा डेटाबेस है और हमने उनके शिविरों में एक विशेष तलाशी अभियान चलाया। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि इन शिविरों में कोई गलत तत्व तो पनाह नहीं ले रहा है। अपराधियों, खासकर जिले में अवैध खनन में शामिल तत्वों को पकड़ने के लिए हमारी छापेमारी जारी रहेगी।” सिंगला ने आगे कहा कि उन्होंने अब तक 33 गाँवों में तलाशी अभियान चलाया है और 361 संदिग्ध वाहनों को जब्त किया है।

रोहिंग्या मुस्लिमों के पास इन वाहनों के दस्तावेज नहीं थे। इसलिए, उन वाहनों को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी वाहन का कोई रोहिंग्या दस्तावेज लेकर पुलिस विभाग के पास आया और दस्तावेज सही पाए गए, तो उसे छोड़ दिया जाएगा, नहीं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक, नूँह, शाहपुर नंगली, पुन्हाना, चंदेनी और फिरोजपुर में स्थित रोहिंग्या शिविरों में पिछले कई महीनों से कुल 1771 रोहिंग्या मुस्लिम रह रहे हैं। 26 जुलाई को इन जगहों पर विशेष तलाशी अभियान चलाया गया।

गौरतलब है कि हरियाणा के नूँह में 19 जुलाई, 2022 को DSP सुरेंदर सिंह बिश्नोई पर खनन माफियाओं ने पत्थर से लदा डम्पर चढ़ा दिया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ये घटना उस वक्त हुई, जब पुलिस नूँह के पचगाँव की पहाड़ियों में अवैध खनन माफियाओं को पकड़ने गई थी। वह (DSP) इसी साल रिटायर होने वाले थे। खनन माफियाओं की हिस्ट्री में इसे जिले की अब तक कि सबसे बड़ी घटना माना जा रहा है।

सुरेंदर सिंह बिश्नोई की हत्या की खबर से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। इससे पहले सोनीपत में अवैध खनन करने वाले माफिया गिरोह ने स्पेशल इन्फोर्समेन्ट टीम पर हमला किया था। इस घटना में एक ASI की वर्दी फाड़ दी गई थी और एक सिपाही को पीटा गया था।

‘अल्लाह का पैगाम है – तेरा सिर भी तन से जुदा होगा’: जिस वकील ने अजमेर दरगाह के खादिम के खिलाफ की शिकायत, उसे कट्टरपंथियों की धमकी

मजहब के नाम पर हिंदुओं पर हमला बोलने वाले कट्टरपंथियों ने इस बार सुप्रीम कोर्ट के वकील को निशाना बनाया है। इन लोगों ने SC वकील विनीत जिंदल को घर पर पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी है। पत्र में कहा गया है कि वो लोग जल्द ही विनीत जिंदल का सिर तन से जुदा करेंगे।

इस पत्र के मिलने के बाद विनीत ने इसकी सूचना ट्विटर के माध्यम से दी। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “आज जिहादियों ने मेरा भी सिर तन से जुदा करने की धमकी दी है। मेरे व मेरे परिवार की जान को खतरा है। दिल्ली कमीश्नर और नॉर्थ वेस्ट दिल्ली के डीसीपी से आग्रह है कि वो इस पर कार्यवाही करें।”

देख सकते हैं कि जो पत्र विनीत को भेजा गया उसमें लिखा है, “अल्लाह का पैगाम है विनीत जिंदल, तेरा भी सिर तन से जुदा करेंगे जल्द ही।” 

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पत्र को मिलने के बाद जिंदल ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद उन्होंने इस केस को दर्ज कर लिया है। वकील ने बताया है कि उन्हें ये पत्र 26 जुलाई को रात के करीब 8 बजे मिला था। पत्र इतनी चालाकी से फेंका गया कि सीसीटीवी होने के बावजूद वह लोग सीसीटीवी में नहीं आए।

नवीन जिंदल ने अपने ट्वीट में इस मामले में हुई एफआईआर की कॉपी को शेयर करते हुए बताया कि उन्होंने अजमेर दरगाह से जुड़े खादिम और अंजुमन कमेटी के सचिव आदिल चिश्ती के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दी थी। अपने आवेदन में वह कहते हैं, “इससे पहले भी इसी तरह मुझे अमेरिका, ताइवान और कनाडा से मैसेज और कॉल पर धमकियाँ आईं। जिसके बारे में मैंने दिल्ली पुलिस को बताया था। कृपया करके अब इस मामले में संज्ञान लिया जाए।” 

रिपोर्ट्स बताती हैं विनीत जिंदल की पुरानी शिकायतों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें पहले ही प्रोटेक्शन दी हुई है। उनकी सुरक्षा में एक पीएसओ तैनात किया है। मगर अब वह इस नई धमकी के मद्देनजर सुरक्षा की गुहार लगा रहे है और कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

याद दिला दें इससे पहले बिहार के भागलपुर के बायपास थाना से एक मामला सामने आया था। वहाँ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विभाग-संयोजक कुणाल पांडे को गजवा-ए-हिन्द नामक ‘आतंकी संगठन’ ने जान से मारने की धमकी दी थी। पत्र में कहा गया था कि कुणाल ने कन्हैयालाल की हत्या के बाद जो विरोध किया उसका पता उन्हें चल गया है और अब वह लोग कुणाल को भी वैसे ही मारेंगे जैसे कन्हैया को मारा था।

रोती बहनों ने मरे हुए भाई की कलाई पर अंतिम बार बाँधी राखी, निशंक के अंतिम संस्कार से पहले का Video: मौत के बाद मैसेज आया था – सिर तन से जुदा

मध्य प्रदेश के भोपाल-नर्मदापुरम रेलवे ट्रैक पर मृत मिले B.tech के छात्र निशांक राठौर का सोमवार (25 जुलाई, 2022) को अंतिम संस्कार किया गया। इसके एक दिन बाद भाई-बहन के अंतिम मिलन का वीडियो सामने आने के बाद सभी की ऑंखें नम हो गई हैं। सोशल मीडिया पर राठौर की बहनों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों बहनों ने रोते हुए अपने मृत इकलौते भाई की कलाई पर राखी बाँधकर आखिरी बार रक्षाबंधन मनाया और उसे अंतिम विदाई दी। निशांक की बहन अंजली और दीक्षा दोनों ही भोपाल में रह कर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि छात्र निशांक राठौर के नाम से बनी इंस्टाग्राम ID से उसके पिता और दोस्तों के व्हाट्सएप पर घटना वाली रात ही एक स्क्रीनशॉट आया था। इसमें छात्र की फोटो के साथ लिखा था, “गुस्ताख-ए-नबी की एक ही सजा, सिर तन से जुदा।” इस पोस्ट ने मामले को और पेचीदा कर दिया। पहले तो पुलिस इसे आत्महत्या के रूप में देख रही थी, लेकिन अब इस पोस्ट ने मौत के राज को उलझा दिया है। बताया जा रहा है कि यह मैसेज छात्र की मौत के कुछ समय बाद ही मृतक के दोस्तों और पिता को मिला। उन्होंने तुरंत टीटी नगर थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। ठीक उसी समय रायसेन पुलिस को भी रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना मिली। मीडिया रिपोर्टों में दो वायरल मैसेज को लेकर बात की जा रही है। जिसमें से एक में निशांक राठौर नाम के स्टेटस पर धार्मिक पोस्ट होने की बात बताई जा रही है। हालाँकि इसकी पुष्टि होनी बाकी है।

मामले की जाँच जारी है। पुलिस निशांक राठौर हत्या मामले में हर एंगल से जाँच कर रही है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि निशंक ने शेयर बाजार और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया था और उसे नुकसान उठाना पड़ा था। इसके अलावा, उसने अपने कुछ दोस्तों से पैसे भी उधार लिए थे। लंबे समय से निशांक ने उधारी के पैसे वापस नहीं किए थे, जिसके चलते उसकी दोस्तों से बात भी नहीं हो रही थी। कुछ मीडिया हाउस उसकी (निशांक राठौर) हत्या पर पर्दा डालने के लिए ऐसी जानकारी साझा कर रहे हैं। छात्र के परिवार ने इन खबरों का विरोध किया है।

स्वराज्य‘ ने 20 वर्षीय निशांक राठौर के चचेरे भाई शिव राठौर को कोट करते हुए लिखा कि उनका भाई बहादुर था और उसे किसी बात का तनाव नहीं था। शिव राठौर ने कहा, “पुलिस मामले को घुमा रही है, सोची समझी साजिश के तहत उसकी हत्या गई।” शिव विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विभाग मंत्री भी हैं। निशंक के परिवार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह आत्महत्या नहीं कर सकता था। यह एक सुनियोजित हत्या थी। साथ ही परिवार के सदस्यों ने किसी भी तरह की आर्थिक तंगी होने से इनकार किया है।

निशंक अपने धार्मिक विचारों को लेकर मुखर थे और अक्सर धार्मिक कार्यों में हिस्सा लेते थे। शिव ने आगे कहा कि उनके परिवार ने राठौड़ समुदाय की ओर से एक ज्ञापन तैयार किया है। उनका परिवार अधिकारियों और नेताओं को यह ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहा है। वे अपने बेटे की मौत की गहन जाँच चाहते हैं और अधिकारियों से ‘ईशनिंदा के लिए हत्या‘ वाले एंगल को नहीं दबाने का अनुरोध करेंगे।

बता दें कि निशांक अपने माँ-बाप का इकलौता बेटा था। उसकी माँ का पहले ही देहांत हो गया था। उसकी दो बहने हैं। निशांक ओरियंटल कॉलेज में B.Tech 5th सेमेस्टर का स्टूडेंट था। वह दो साल तक इंद्रपुरी में हॉस्टल में रहा। हाल ही में हॉस्टल छोड़कर जवाहर चौक शास्त्री नगर में दोस्तों के साथ रह रहा था। निशांक ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में खुद को नोएडा में सॉफ्टवेयर डेवलपर बताया था। छात्र दो बहनों का इकलौता भाई था। पुलिस पूछताछ में पता चला कि छात्र के मोबाइल, इंस्टाग्राम, फेसबुक ID की जानकारी उसके एक दोस्त प्रखर को ही थी। पुलिस प्रखर से पूछताछ कर रही है।

लालू यादव के ‘हनुमान’ भोला यादव गिरफ्तार, रेलवे भर्ती घोटाले में कई ठिकानों पर CBI की छापेमारी: नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा है मामला

केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने बुधवार (27 जुलाई 2022) को बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पूर्व OSD भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि ये गिरफ्तारी रेलवे भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में हुई। सीबीआई ने बिहार के पटना और दरभंगा में चार ठिकानों पर छापे भी मारे हैं। 

सीबीआई ने 4 दिन पहले भोला यादव को आईआरसीटीसी घोटाला मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। लेकिन भोला यादव हाजिर नहीं हुए। इसके बाद बुधवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। भोला यादव 2004 से 2009 तक लालू यादव के ओएसडी रहे। लालू यादव उस वक्त केंद्रीय रेल मंत्री थे। उसी समय रेलवे भर्ती घोटाला हुआ था। आरोप है कि भोला यादव ही घोटाले का कथित सरगना है।

जमीन और प्लॉट के बदले दी गई नौकरी

मामला नौकरी के बदले जमीन लेने से जुड़ा का है। भोला यादव इस मामले में आरोपित है। आरोप है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए नौकरी लगवाने के बदले में जमीन और प्लॉट लिए थे। सीबीआई ने इसी मामले में जाँच के बाद पिछले दिनों लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

इससे पहले सीबीआई ने इस मामले में मई में लालू यादव से जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सीबीआई की यह कार्रवाई करीब 14 घंटे तक चली थी। ये छापेमारी लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती के पटना, गोपालगंज और दिल्ली स्थित जगहों पर की गई थी।

लालू यादव के हैं बेहद खास

भोला यादव राजद से विधायक और विधान पार्षद भी रहे हैं। वह लालू यादव के बेहद करीबी माने जाते हैं। कहा जाता है कि लालू प्रसाद का अधिकतर राज भोला यादव को पता है। वो लालू के साथ साए की तरह रहा करते हैं। लालू सबसे ज्यादा विश्वास भी भोला यादव पर ही करते हैं। भोला यादव को लालू यादव का ‘हनुमान’ कहा जाता है। वह चारा घोटाले समेत कई मामले में फँसे लालू यादव के साथ अदालत और अस्पताल हर जगह मौजूद रहते हैं। उन पर भी आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।

जिनके पूर्वज हिंदू उनकी घर वापसी के लिए VHP ने अभियान का किया ऐलान, लव जिहाद-धर्मांतरण के खिलाफ लड़ाई में 5 लाख लोग जोड़े जाएँगे

विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने ऐसे लोगों की घर वापसी के लिए अभियान चलाने का ऐलान किया है, जिनके पूर्वज हिंदू था। संगमनगरी प्रयागराज में पिछले दिनों हुए दो दिवसीय बैठक में इसका फैसला किया गया। बैठक में तय हुआ ऐसे लोग जो हिंदू धर्म छोड़कर गए हैं, उनसे संपर्क कर मूल धर्म के प्रति उनकी आस्था जागृत की जाएगी। उनकी घर वापसी के लिए अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में विश्व हिंदू परिषद ने धर्मांतरण को रोकने के लिए संगठन के कार्य घर-घर तक पहुँचाने का भी निर्णय लिया। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि हिंदू आस्था पर कुठाराघात की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से अब काशी प्रांत के सभी 19 जिलों में हित चिंतक अभियान चलाकर पाँच लाख लोगों को संगठन से जोड़ा जाएगा। संगठन का यह अभियान 6 नवंबर से 20 नवंबर तक चलेगा।

बैठक में धर्मांतरण के साथ ही लव जिहाद पर भी चर्चा हुई। इस दौरान चंपत राय ने कहा कि विहिप हिंदुओं को जोड़ने का लगातार प्रयास कर रहा है। हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। लव जिहाद की घटनाएँ बढ़ी हैं और धर्मांतरण के लिए लगातार प्रलोभन दिया जा रहा है। चंपत राय ने कहा कि इसे रोकने के लिए हमें आगे आना होगा।

गौरतलब है कि विश्व हिंदू परिषद की ये दो दिवसीय बैठक प्रयागराज के सहसों के आरडी कॉलेज में 23 और 24 जुलाई को आयोजित की गई थी। इस बैठक में चंपत राय ने संगठन के अन्य कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन के 60 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं। इस उपलक्ष्य में विहिप की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।

उन्होंने बताया कि राष्ट्र को अखंड बनाने के लिए 12 से 16 अगस्त तक संगठन की स्थापना दिवस के कार्यक्रम होंगे। 17 से 24 अगस्त तक काशी प्रांत की प्रत्येक बस्ती खंड में तमाम होंगे। इसके अलावा दुर्गा अष्टमी, गीता जयंती आदि कार्यक्रम भी संगठन की ओर से आयोजित किए जाएँगे। 

अब संभल में हुआ काँवड़ियों पर पथराव, छतों से थूक फेंके गए: विरोध करने पर झड़प, पुलिस ने दर्ज की FIR

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के खग्गूसराय में काँवड़ियों के साथ अभद्रता करने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार हरिद्वार से लौट रहे काँवड़ यात्रियों पर संभल में छतों से थूका गया, उनके ऊपर पत्थर फेंके गए और उनका रास्ता तक रोक दिया गया। जब काँवड़ियों ने इसका विरोध किया तो हंगामा शुरू हो गया। पुलिस के होने के बावजूद बवाल चला। दो पक्षों में झड़प हुई। काँवड़ियों ने आरोप लगाया कि समुदाय विशेष ने उनकी काँवड़ को खंडित किया।

आजतक की रिपोर्ट में देख सकते हैं कि कैसे काँवड़िए नाराज होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं पुलिस के आला अधिकारी उन्हें समझाने में लगे हैं। काँवड़िए बता रहे हैं कि वो लोग लौट रहे थे तो उनके ऊपर पत्थर फेंके गए। उन लोगों के मुताबिक उन्होंने अपने ऊपर हुए पथराव की वीडियो भी बनाई है।

भाजपा नेता राजेश सिंघल ने घटना को लेकर कहा, “कुछ अज्ञात सांप्रदायिक तत्वों द्वारा संभल के माहौल को बिगाड़ने की दृष्टि से काँवड़ के लोगों को रोका गया और उनके ऊपर पथराव किया गया।” 

सिंघल कहते हैं कि जब उन्हें इस बात का पता चला तो वह भी मौके पर पहुँचे और काँवड़ियों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद सभी काँवड़ियों को उनके गाँव तक प्रशासन द्वारा पहुँचाया गया। भाजपा नेता ने कहा कि काँवड़ियों ने आरोपितों की गिरफ्तारी की बात की है और वह भी चाहते हैं कि प्रशासन उन लोगों के विरुद्ध कदम उठाए जिन्होंने इस माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है।

संभल एसपी चक्रेश मिश्रा ने इस मामले में कहा कि काँवड़ियों द्वारा आरोप लगाया गया कि उनको ऐसा लगा कि छत पर से किसी ने पानी फेंका या थूक फेंका है। चूँकि उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी तो सबको समझाकर आगे बढ़ाया गया। लेकिन उनकी शिकायत पर आईपीसी की धारा 153 ए, 295, 336 में एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है।

काँवड़ियों पर हुए हमले की घटनाएँ

बता दें कि काँवड़ियों की काँवड़ खंडित करने का ये प्रयास पहला नहीं है। 19 जुलाई को मुस्लिम बहुल सीलमपुर इलाके में हरिद्वार से राजस्थान जा रहे काँवड़ यात्रा पर किसी ने मांस का टुकड़ा फेंक दिया था। घटना शाम के वक्त हुई, जिसके बाद काँवड़ यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं ने एक घंटे तक सड़क जाम कर दिया था। 

इसके बाद यूपी के मेरठ में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने के लिए मुस्लिम समुदायके युवकों ने काँवड़ियों पर थूक दिया। इससे काँवड़िए भड़क गए और युवक को जमकर कर पीट दिया। बाद में पुलिस ने मामले को शांत कराया। घटना 22 जुलाई को मेरठ में हुई। घटना के बाद काँवड़ियों ने सड़क जाम कर पुलिस से कार्रवाई की माँग की।

मुरादाबाद के इब्राहिमपुर गाँव में भी ऐसी ही घटना घटी जहाँ  मुस्लिम महिलाओं के एक समूह ने काँवड़ियों को इब्राहिमपुर में आगे बढ़ने से चारपाई लगाकर रोक दिया। उन्होंने सड़क पर खाट बिछा दी और माँग की कि काँवड़िए वापस जाएँ और निर्धारित मार्ग का पालन करें। यहाँ, महिलाओं ने जिन काँवड़ियों को रोका, वे उसी इब्राहिमपुर गाँव के ही थे।